MHT CET 2022 Physics Question Paper with Answer and Solution in Hindi

540 QuestionsHindiWith Solutions

PhysicsQ201298 of 540 questions

Page 5 of 6 · Hindi

201
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ध्वनि का वेग $340 \,m/s$ है। $90 \,Hz$ की आवृत्ति वाला ध्वनि का स्रोत एक स्थिर प्रेक्षक की ओर ध्वनि के वेग के दसवें भाग की गति से बढ़ रहा है। प्रेक्षक द्वारा सुनी गई ध्वनि की आभासी आवृत्ति क्या है ($\,Hz$ में)?
A
$45$
B
$100$
C
$80$
D
$50$

Solution

(B) जब स्रोत एक स्थिर प्रेक्षक की ओर गति करता है,तो प्रेक्षक द्वारा सुनी जाने वाली आभासी आवृत्ति $f$ डॉपलर प्रभाव के सूत्र द्वारा दी जाती है:
$f = f_0 \left( \frac{v}{v - v_s} \right)$
दिया गया है:
$v = 340 \,m/s$ (ध्वनि की गति)
$f_0 = 90 \,Hz$ (स्रोत की आवृत्ति)
$v_s = \frac{v}{10} = \frac{340}{10} = 34 \,m/s$ (स्रोत की गति)
सूत्र में मान रखने पर:
$f = 90 \left( \frac{340}{340 - 34} \right)$
$f = 90 \left( \frac{340}{306} \right)$
$f = 90 \left( \frac{10}{9} \right)$
$f = 100 \,Hz$
202
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$1152 \ Hz$ की आवृत्ति वाली सीटी बजाता हुआ एक इंजन एक स्थिर प्रेक्षक से $72 \ km/h$ की गति से दूर जा रहा है। यदि हवा में ध्वनि का वेग $340 \ m/s$ है,तो प्रेक्षक द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति क्या होगी ($Hz$ में)?
A
$612$
B
$1088$
C
$1224$
D
$544$

Solution

(B) अवधारणा: स्थिर प्रेक्षक से दूर जा रहे स्रोत के लिए डॉप्लर प्रभाव।
सूत्र: $f^{\prime} = f \left( \frac{v}{v + v_s} \right)$
जहाँ:
$f$ स्रोत की आवृत्ति है = $1152 \ Hz$
$v$ ध्वनि की गति है = $340 \ m/s$
$v_s$ स्रोत की गति है।
सबसे पहले,स्रोत की गति को $km/h$ से $m/s$ में बदलें:
$v_s = 72 \times \frac{5}{18} \ m/s = 20 \ m/s$
अब,मानों को सूत्र में रखें:
$f^{\prime} = 1152 \times \left( \frac{340}{340 + 20} \right)$
$f^{\prime} = 1152 \times \left( \frac{340}{360} \right)$
$f^{\prime} = 1152 \times \left( \frac{17}{18} \right)$
$f^{\prime} = 64 \times 17 = 1088 \ Hz$
अतः,प्रेक्षक द्वारा सुनी गई आभासी आवृत्ति $1088 \ Hz$ है।
Solution diagram
203
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$Y=A \sin (\omega t-k x)$ द्वारा दर्शाई गई एक समान डोरी पर यात्रा करने वाली तरंग को $Y=A \sin (\omega t+k x)$ द्वारा दर्शाई गई उसी डोरी पर यात्रा करने वाली दूसरी तरंग पर अध्यारोपित किया जाता है। परिणामी तरंग है
A
$+x$ दिशा में यात्रा करने वाली तरंग।
B
एक अप्रगामी तरंग जिसके निस्पंद (nodes) $x=\left(n+\frac{1}{2}\right) \frac{\lambda}{2}$ पर हैं,जहाँ $n=0, 1, 2, 3, \ldots$
C
$-x$ दिशा में यात्रा करने वाली तरंग।
D
एक अप्रगामी तरंग जिसके निस्पंद (nodes) $x=\frac{n \lambda}{2}$ पर हैं,जहाँ $n=0, 1, 2, 3, \ldots$

Solution

(B) परिणामी तरंग विपरीत दिशाओं में यात्रा करने वाली दो तरंगों के अध्यारोपण से बनती है: $Y_1 = A \sin(\omega t - kx)$ और $Y_2 = A \sin(\omega t + kx)$।
त्रिकोणमितीय सर्वसमिका $\sin(C) + \sin(D) = 2 \sin(\frac{C+D}{2}) \cos(\frac{C-D}{2})$ का उपयोग करने पर:
$Y = Y_1 + Y_2 = 2A \sin(\omega t) \cos(kx)$।
यह एक अप्रगामी तरंग को दर्शाता है।
निस्पंद (nodes) वहां होते हैं जहां आयाम शून्य होता है,अर्थात $\cos(kx) = 0$।
इसका अर्थ है $kx = (2n+1) \frac{\pi}{2}$ जहाँ $n = 0, 1, 2, \ldots$।
$k = \frac{2\pi}{\lambda}$ प्रतिस्थापित करने पर,हमें $\frac{2\pi}{\lambda} x = (2n+1) \frac{\pi}{2}$ प्राप्त होता है।
$x$ के लिए हल करने पर,हमें $x = (n + \frac{1}{2}) \frac{\lambda}{2}$ प्राप्त होता है।
204
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समान दिशा में संचरित हो रही थोड़ी भिन्न आवृत्तियों वाली दो ध्वनि तरंगें किसके कारण विस्पंद (beats) उत्पन्न करती हैं?
A
व्यतिकरण (interference).
B
विवर्तन (diffraction).
C
परावर्तन (reflection).
D
अपवर्तन (refraction).

Solution

(A) विस्पंद (beats) एक ऐसी घटना है जो तब होती है जब थोड़ी भिन्न आवृत्तियों वाली दो ध्वनि तरंगें,जो एक ही दिशा में यात्रा कर रही होती हैं,एक-दूसरे पर अध्यारोपित (superimpose) होती हैं।
यह अध्यारोपण परिणामी ध्वनि की तीव्रता में आवधिक परिवर्तन की ओर ले जाता है,जिसे व्यतिकरण कहा जाता है।
इसलिए,विस्पंदों का उत्पादन ध्वनि तरंगों के व्यतिकरण का सीधा परिणाम है।
205
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दो तरंगें अध्यारोपित होती हैं जिनकी तीव्रताओं का अनुपात $9: 1$ है। अधिकतम और न्यूनतम तीव्रता का अनुपात है
A
$9: 1$
B
$4: 1$
C
$3: 1$
D
$5: 3$

Solution

(B) दिया गया है कि दो तरंगों की तीव्रताओं का अनुपात $\frac{I_1}{I_2} = \frac{9}{1}$ है।
चूँकि तीव्रता $I \propto a^2$ होती है,जहाँ $a$ आयाम है,हमारे पास है:
$\frac{I_1}{I_2} = \left(\frac{a_1}{a_2}\right)^2 = \frac{9}{1}$
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर:
$\frac{a_1}{a_2} = \frac{3}{1} \Rightarrow a_1 = 3a_2$.
अधिकतम और न्यूनतम तीव्रता का अनुपात इस प्रकार है:
$\frac{I_{\max}}{I_{\min}} = \frac{(a_1 + a_2)^2}{(a_1 - a_2)^2}$
$a_1 = 3a_2$ प्रतिस्थापित करने पर:
$\frac{I_{\max}}{I_{\min}} = \frac{(3a_2 + a_2)^2}{(3a_2 - a_2)^2} = \frac{(4a_2)^2}{(2a_2)^2} = \frac{16a_2^2}{4a_2^2} = \frac{4}{1}$.
206
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एक पाइप $P_{C}$ जो एक सिरे पर बंद है और एक पाइप $P_{O}$ जो दोनों सिरों पर खुली है,अपने दूसरे ओवरटोन में कंपन कर रहे हैं। वे एक दिए गए ट्यूनिंग फोर्क के साथ अनुनाद में हैं। पाइप $P_{C}$ और $P_{O}$ की लंबाई का अनुपात क्या है? (अंत सुधार को नगण्य मानें)
A
$\frac{4}{5}$
B
$\frac{5}{6}$
C
$\frac{2}{3}$
D
$\frac{3}{5}$

Solution

(B) दोनों सिरों पर खुली पाइप $P_{O}$ के लिए,$n$-वें हार्मोनिक की आवृत्ति $f_n = \frac{n v}{2 L_O}$ होती है। दूसरा ओवरटोन $3^{rd}$ हार्मोनिक $(n=3)$ के अनुरूप है,इसलिए $f_3 = \frac{3 v}{2 L_O}$।
एक सिरे पर बंद पाइप $P_{C}$ के लिए,$n$-वें हार्मोनिक की आवृत्ति $f_n = \frac{(2n-1) v}{4 L_C}$ होती है। दूसरा ओवरटोन $5^{th}$ हार्मोनिक $(n=3)$ के अनुरूप है,इसलिए $f_5 = \frac{5 v}{4 L_C}$।
चूंकि दोनों पाइप एक ही ट्यूनिंग फोर्क के साथ अनुनाद में हैं,इसलिए उनकी आवृत्तियाँ समान हैं: $f_3 = f_5$।
$\frac{3 v}{2 L_O} = \frac{5 v}{4 L_C}$
$\frac{3}{2 L_O} = \frac{5}{4 L_C}$
$\frac{L_C}{L_O} = \frac{5 \times 2}{4 \times 3} = \frac{10}{12} = \frac{5}{6}$।
Solution diagram
207
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दोनों सिरों पर खुली पाइप में कंपन करते वायु स्तंभ की आवृत्ति $f_1$ है। जब इसकी लंबाई का $\frac{3}{4}$ भाग पानी में डुबो दिया जाता है,तो कंपन करते वायु स्तंभ की आवृत्ति $f_2$ हो जाती है। $\frac{f_1}{f_2}$ का मान है
A
$\frac{4}{3}$
B
$\frac{2}{1}$
C
$\frac{1}{2}$
D
$\frac{3}{4}$

Solution

(C) $L$ लंबाई की खुली पाइप के लिए,मूल आवृत्ति $f_1 = \frac{v}{2L}$ द्वारा दी जाती है।
जब लंबाई का $\frac{3}{4}$ भाग पानी में डुबोया जाता है,तो वायु स्तंभ की शेष लंबाई $L' = L - \frac{3}{4}L = \frac{L}{4}$ होती है।
चूंकि अब एक सिरा पानी की सतह द्वारा बंद है,इसलिए यह $\frac{L}{4}$ लंबाई की बंद पाइप के रूप में कार्य करती है।
बंद पाइप की मूल आवृत्ति $f_2 = \frac{v}{4L'} = \frac{v}{4(L/4)} = \frac{v}{L}$ होती है।
अब,अनुपात $\frac{f_1}{f_2} = \frac{v/2L}{v/L} = \frac{v}{2L} \times \frac{L}{v} = \frac{1}{2}$ प्राप्त होता है।
208
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दोनों सिरों पर खुली एक पाइप और एक सिरे पर बंद एक पाइप की लंबाई समान है। उनके $p^{\text{th}}$ ओवरटोन में वायु स्तंभों की आवृत्तियों का अनुपात क्या है?
A
$\frac{p}{2p+1}$
B
$\frac{p+1}{2p}$
C
$\frac{p+1}{2p+1}$
D
$\frac{2(p+1)}{2p+1}$

Solution

(D) मान लीजिए $l$ पाइप की लंबाई है और $v$ ध्वनि की गति है।
खुली ऑर्गन पाइप के लिए,$p^{\text{th}}$ ओवरटोन की आवृत्ति $f_o = (p+1) \frac{v}{2l}$ द्वारा दी जाती है।
बंद ऑर्गन पाइप के लिए,$p^{\text{th}}$ ओवरटोन की आवृत्ति $f_c = (2p+1) \frac{v}{4l}$ द्वारा दी जाती है।
आवृत्तियों का अनुपात $\frac{f_o}{f_c} = \frac{(p+1) \frac{v}{2l}}{(2p+1) \frac{v}{4l}}$ है।
इसे सरल करने पर,हमें $\frac{f_o}{f_c} = \frac{p+1}{2l} \times \frac{4l}{2p+1} = \frac{2(p+1)}{2p+1}$ प्राप्त होता है।
209
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एक ऑर्गन पाइप $P_1$ जो एक सिरे पर बंद है,उसमें वायु स्तंभ का प्रथम ओवरटोन कंपन हो रहा है और दूसरी पाइप $P_2$ जो दोनों सिरों पर खुली है,उसमें तीसरे ओवरटोन का कंपन हो रहा है। दोनों एक दिए गए ट्यूनिंग फोर्क के साथ अनुनाद में हैं। पाइप $P_1$ की लंबाई और $P_2$ की लंबाई का अनुपात क्या है?
A
$3$:$8$
B
$1$:$2$
C
$1$:$8$
D
$5$:$8$

Solution

(A) चूंकि दोनों पाइप एक ही ट्यूनिंग फोर्क के साथ अनुनाद में हैं,इसलिए उनकी कंपन आवृत्ति $f$ समान होगी।
एक सिरे पर बंद ऑर्गन पाइप के लिए,$n$-वें ओवरटोन की आवृत्ति $f = \frac{(2n+1)v}{4l_1}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $n$ ओवरटोन की संख्या है। प्रथम ओवरटोन $(n=1)$ के लिए,आवृत्ति $f = \frac{3v}{4l_1}$ है।
दोनों सिरों पर खुली ऑर्गन पाइप के लिए,$n$-वें ओवरटोन की आवृत्ति $f = \frac{(n+1)v}{2l_2}$ द्वारा दी जाती है। तीसरे ओवरटोन $(n=3)$ के लिए,आवृत्ति $f = \frac{(3+1)v}{2l_2} = \frac{4v}{2l_2} = \frac{2v}{l_2}$ है।
आवृत्तियों की तुलना करने पर: $\frac{3v}{4l_1} = \frac{2v}{l_2}$.
अनुपात $\frac{l_1}{l_2}$ ज्ञात करने के लिए व्यवस्थित करने पर: $\frac{l_1}{l_2} = \frac{3}{8}$.
Solution diagram
210
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एक खुली ऑर्गन पाइप को एक सिरे से बंद करने पर, यह देखा जाता है कि तीसरे हार्मोनिक की आवृत्ति खुली ऑर्गन पाइप की मूल आवृत्ति से $50 \,Hz$ अधिक है। खुली ऑर्गन पाइप की मूल आवृत्ति क्या है ($\,Hz$ में)?
A
$100$
B
$50$
C
$250$
D
$200$

Solution

(A) खुली ऑर्गन पाइप में $m^{\text{वें}}$ हार्मोनिक की आवृत्ति $f_m = \frac{m v}{2 L}$ द्वारा दी जाती है।
मूल आवृत्ति $(m=1)$ के लिए, $f_1 = \frac{v}{2 L}$ है।
बंद ऑर्गन पाइप में $n^{\text{वें}}$ हार्मोनिक की आवृत्ति $f_n^{\prime} = \frac{n v}{4 L}$ द्वारा दी जाती है, जहाँ $n$ एक विषम संख्या है।
बंद ऑर्गन पाइप में $3^{\text{रे}}$ हार्मोनिक की आवृत्ति $f_3^{\prime} = \frac{3 v}{4 L}$ है।
प्रश्न के अनुसार, $f_3^{\prime} - f_1 = 50 \,Hz$ है।
व्यंजक रखने पर: $\frac{3 v}{4 L} - \frac{v}{2 L} = 50$.
$\frac{3 v - 2 v}{4 L} = 50 \Rightarrow \frac{v}{4 L} = 50 \Rightarrow \frac{v}{L} = 200$.
खुली ऑर्गन पाइप की मूल आवृत्ति $f_1 = \frac{v}{2 L} = \frac{200}{2} = 100 \,Hz$ है।
211
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$0.8 \ m$ लंबाई का एक खोखला पाइप एक सिरे पर बंद है। इसके खुले सिरे पर,एक $0.8 \ m$ लंबी समान डोरी अपने दूसरे हार्मोनिक में कंपन कर रही है और यह पाइप की मूल आवृत्ति के साथ अनुनाद करती है। यदि डोरी में तनाव $50 \ N$ है और हवा में ध्वनि की गति $320 \ m/s$ है,तो डोरी का द्रव्यमान क्या है ($g$ में)?
A
$10$
B
$20$
C
$5$
D
$40$

Solution

(A) बंद ऑर्गन पाइप की मूल आवृत्ति $f = \frac{v}{4L}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $v = 320 \ m/s$ ध्वनि की गति है और $L = 0.8 \ m$ पाइप की लंबाई है।
$f = \frac{320}{4 \times 0.8} = 100 \ Hz$.
डोरी की लंबाई $l = 0.5 \ m$ (दिए गए विकल्पों के अनुसार) है और यह अपने दूसरे हार्मोनिक में कंपन कर रही है। डोरी की आवृत्ति $f_2 = \frac{1}{l} \sqrt{\frac{T}{\mu}}$ है।
$100 = \frac{1}{0.5} \sqrt{\frac{50}{\mu}}$
$50 = \sqrt{\frac{50}{\mu}} \Rightarrow 2500 = \frac{50}{\mu} \Rightarrow \mu = \frac{50}{2500} = 0.02 \ kg/m$.
डोरी का द्रव्यमान $M = \mu \times l = 0.02 \times 0.5 = 0.01 \ kg = 10 \ g$.
212
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अनुनाद नली (resonance tube) के प्रयोग में,जब जल स्तर नली के खुले सिरे से क्रमशः $24.1 \ cm$ और $74.1 \ cm$ नीचे होता है,तो प्रथम और द्वितीय अनुनाद सुनाई देते हैं। नली का आंतरिक व्यास है ($cm$ में)
A
$3$
B
$2$
C
$5$
D
$4$

Solution

(A) माना कि अंत संशोधन (end correction) $e$ है। एक सिरे पर बंद नली के लिए अनुनाद की स्थिति $l_n + e = (2n-1) \frac{\lambda}{4}$ द्वारा दी जाती है।
प्रथम अनुनाद $(n=1)$ के लिए: $24.1 + e = \frac{\lambda}{4} \quad ---(1)$
द्वितीय अनुनाद $(n=2)$ के लिए: $74.1 + e = \frac{3\lambda}{4} \quad ---(2)$
समीकरण $(2)$ में से समीकरण $(1)$ को घटाने पर:
$(74.1 + e) - (24.1 + e) = \frac{3\lambda}{4} - \frac{\lambda}{4}$
$50 = \frac{2\lambda}{4} = \frac{\lambda}{2}$
$\lambda = 100 \ cm$
$\lambda$ का मान समीकरण $(1)$ में रखने पर:
$24.1 + e = \frac{100}{4} = 25$
$e = 25 - 24.1 = 0.9 \ cm$
अंत संशोधन $e$ और व्यास $D$ के बीच संबंध $e = 0.3D$ है।
$0.9 = 0.3D$
$D = \frac{0.9}{0.3} = 3 \ cm$.
213
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एक सिरे पर बंद पाइप की लंबाई $0.8 \ m$ है। इसके खुले सिरे पर,$0.5 \ m$ लंबी एक समान डोरी अपने दूसरे हार्मोनिक में कंपन कर रही है और यह पाइप की मूल आवृत्ति के साथ अनुनाद करती है। यदि तार में तनाव $50 \ N$ है और ध्वनि की गति $320 \ m/s$ है,तो तार का द्रव्यमान क्या है ($g$ में)?
A
$8$
B
$2$
C
$10$
D
$4$

Solution

(C) $1$. एक सिरे पर बंद पाइप की मूल आवृत्ति $f_p = \frac{v}{4L}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $v = 320 \ m/s$ और $L = 0.8 \ m$ है।
$f_p = \frac{320}{4 \times 0.8} = \frac{320}{3.2} = 100 \ Hz$.
$2$. डोरी अपने दूसरे हार्मोनिक में कंपन कर रही है। दोनों सिरों पर बंधी डोरी के लिए $n$-वें हार्मोनिक की आवृत्ति $f_s = \frac{n}{2l} \sqrt{\frac{T}{\mu}}$ है,जहाँ $n=2$,$l = 0.5 \ m$,$T = 50 \ N$,और $\mu = \frac{m}{l}$ है।
$3$. चूंकि डोरी पाइप के साथ अनुनाद करती है,इसलिए $f_s = f_p = 100 \ Hz$.
$100 = \frac{2}{2 \times 0.5} \sqrt{\frac{50}{m/0.5}} = 2 \sqrt{\frac{25}{m}} = 2 \times 5 \sqrt{\frac{1}{m}} = \frac{10}{\sqrt{m}}$.
$4$. दोनों पक्षों का वर्ग करने पर: $100 = \frac{100}{m}$,जिससे $m = 0.01 \ kg = 10 \ g$ प्राप्त होता है।
214
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समान तापमान पर हीलियम गैस और नाइट्रोजन गैस में ध्वनि की चाल का अनुपात क्या है? $\left(\gamma_{He}=\frac{5}{3}, \gamma_{N_2}=\frac{7}{5}, M_{He}=4, M_{N_2}=28\right)$
A
$\sqrt{5/3}$
B
$\sqrt{7/5}$
C
$\sqrt{2/7}$
D
$\sqrt{5/21}$

Solution

(A) आदर्श गैस में ध्वनि की चाल का सूत्र $v = \sqrt{\frac{\gamma RT}{M}}$ होता है।
चूंकि दोनों गैसों के लिए तापमान $T$ समान है,इसलिए हीलियम $(v_{He})$ और नाइट्रोजन $(v_{N_2})$ में ध्वनि की चाल का अनुपात होगा:
$\frac{v_{He}}{v_{N_2}} = \sqrt{\frac{\gamma_{He}}{M_{He}} \cdot \frac{M_{N_2}}{\gamma_{N_2}}}$
दी गई मानों $\gamma_{He} = 5/3$,$M_{He} = 4$,$\gamma_{N_2} = 7/5$,और $M_{N_2} = 28$ को रखने पर:
$\frac{v_{He}}{v_{N_2}} = \sqrt{\left(\frac{5/3}{4}\right) \cdot \left(\frac{28}{7/5}\right)} = \sqrt{\frac{5}{12} \cdot 20} = \sqrt{\frac{100}{12}} = \sqrt{\frac{25}{3}} = \frac{5}{\sqrt{3}}$।
215
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हवा में संचरित हो रही एक विशेष ध्वनि तरंग के लिए, दो बिंदुओं के बीच का पथ अंतर $0.54 \, m$ है जो $(1.8 \pi)$ के कलांतर के बराबर है। यदि हवा में ध्वनि तरंग का वेग $330 \, m/s$ है, तो इस तरंग की आवृत्ति क्या है ($Hz$. में)?
A
$660$
B
$550$
C
$110$
D
$367$

Solution

(B) सही विकल्प $B$ है।
अवधारणा: पथ अंतर $(x)$ और कलांतर $(\phi)$ के बीच का संबंध इस प्रकार है:
$\phi = \frac{2 \pi x}{\lambda}$
जहाँ $\lambda$ तरंगदैर्ध्य है।
इससे, हम तरंगदैर्ध्य को $\lambda = \frac{2 \pi x}{\phi}$ के रूप में लिख सकते हैं।
तरंग का वेग $v = \lambda f$ द्वारा दिया जाता है, जहाँ $f$ आवृत्ति है।
वेग के समीकरण में $\lambda$ का मान रखने पर:
$v = (\frac{2 \pi x}{\phi}) f$
आवृत्ति $f$ के लिए समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
$f = \frac{v \phi}{2 \pi x}$
दिए गए मान: $x = 0.54 \, m$, $\phi = 1.8 \pi$, और $v = 330 \, m/s$।
इन मानों को रखने पर:
$f = \frac{330 \times 1.8 \pi}{2 \pi \times 0.54}$
$f = \frac{330 \times 1.8}{2 \times 0.54}$
$f = \frac{594}{1.08} = 550 \, Hz$.
216
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
$m_1$ और $m_2$ आण्विक द्रव्यमान वाली दो एकपरमाणुक (monoatomic) आदर्श गैसें $A$ और $B$ अलग-अलग पात्रों में समान तापमान पर रखी गई हैं। गैस $A$ में ध्वनि की गति और गैस $B$ में ध्वनि की गति का अनुपात क्या होगा?
A
$\sqrt{\frac{m_2}{m_1}}$
B
$\sqrt{\frac{m_1}{m_2}}$
C
$\frac{m_2}{m_1}$
D
$\frac{m_1}{m_2}$

Solution

(A) गैसीय माध्यम में ध्वनि की गति का सूत्र $v = \sqrt{\frac{\gamma R T}{M}}$ है,जहाँ $\gamma$ एडियाबेटिक सूचकांक है,$R$ सार्वत्रिक गैस नियतांक है,$T$ निरपेक्ष तापमान है और $M$ गैस का आण्विक द्रव्यमान है।
चूँकि दोनों गैसें एकपरमाणुक हैं,इसलिए $\gamma$ का मान दोनों के लिए समान $(\gamma = 5/3)$ होगा।
चूँकि दोनों गैसें समान तापमान $T$ पर हैं,इसलिए $\gamma, R$ और $T$ स्थिर हैं।
अतः,ध्वनि की गति आण्विक द्रव्यमान के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है: $v \propto \frac{1}{\sqrt{M}}$।
इस प्रकार,गैस $A$ और $B$ में ध्वनि की गति का अनुपात $\frac{v_1}{v_2} = \sqrt{\frac{m_2}{m_1}}$ होगा।
217
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किस तापमान पर ध्वनि की गति $N.T.P.$ पर अपने मान की लगभग $1.5$ गुनी होगी ($^{\circ} C$ में)?
A
$136$
B
$614$
C
$341$
D
$409$

Solution

(C) गैस में ध्वनि की गति $v$ का सूत्र $v = \sqrt{\frac{\gamma R T}{M}}$ है।
चूंकि किसी दी गई गैस के लिए $\gamma$,$R$ और $M$ स्थिर हैं,इसलिए ध्वनि की गति निरपेक्ष तापमान के वर्गमूल के समानुपाती होती है: $v \propto \sqrt{T}$।
मान लीजिए $N.T.P.$ $(T = 273 \ K)$ पर गति $v$ है और तापमान $T'$ पर गति $v'$ है।
दिया गया है कि $v' = 1.5 v$,इसलिए:
$\frac{v'}{v} = \sqrt{\frac{T'}{T}} = 1.5$।
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
$\frac{T'}{T} = (1.5)^2 = 2.25$।
$T' = 2.25 \times 273 \ K = 614.25 \ K$।
इस तापमान को डिग्री सेल्सियस में बदलने पर:
$T(^{\circ} C) = T(K) - 273 = 614.25 - 273 = 341.25^{\circ} C$।
अतः,तापमान लगभग $341^{\circ} C$ है।
218
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एक अप्रगामी तरंग (stationary wave) के लिए,$Y = 10 \sin \left( \frac{\pi x}{15} \right) \cos (48 \pi t) \text{ cm}$ है,तो एक निस्पंद (node) और उसके अगले प्रस्पंद (antinode) के बीच की दूरी क्या है ($\text{ cm}$ में)?
A
$7.5$
B
$30$
C
$15$
D
$60$

Solution

(A) अप्रगामी तरंग का मानक समीकरण $y = 2a \sin(kx) \cos(\omega t)$ है,जहाँ $k = \frac{2\pi}{\lambda}$ होता है।
दिए गए समीकरण $Y = 10 \sin \left( \frac{\pi x}{15} \right) \cos (48 \pi t)$ की तुलना मानक समीकरण से करने पर,हमें तरंग संख्या $k = \frac{\pi}{15} \text{ cm}^{-1}$ प्राप्त होती है।
चूँकि $k = \frac{2\pi}{\lambda}$,इसलिए $\frac{2\pi}{\lambda} = \frac{\pi}{15}$ होगा।
तरंगदैर्ध्य $\lambda$ के लिए हल करने पर,हमें $\lambda = 30 \text{ cm}$ प्राप्त होता है।
अप्रगामी तरंग में एक निस्पंद और उसके अगले प्रस्पंद के बीच की दूरी $\frac{\lambda}{4}$ होती है।
अतः,दूरी $= \frac{30}{4} = 7.5 \text{ cm}$ है।
219
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
एक अप्रगामी तरंग में,सभी कण
A
अलग-अलग आवर्तकाल और अलग-अलग आयाम के साथ $S.H.M.$ में कंपन करते हैं।
B
समान आवर्तकाल और समान आयाम के साथ $S.H.M.$ में कंपन करते हैं।
C
निस्पंद बिंदुओं को छोड़कर,समान आवर्तकाल लेकिन अलग-अलग आयाम के साथ $S.H.M.$ में कंपन करते हैं।
D
निस्पंद बिंदुओं को छोड़कर,समान आवर्तकाल और समान आयाम के साथ $S.H.M.$ में कंपन करते हैं।

Solution

(C) एक अप्रगामी तरंग में,माध्यम के कण अपनी माध्य स्थितियों के परितः $S.H.M.$ में कंपन करते हैं।
सभी कण (निस्पंद बिंदुओं पर स्थित कणों को छोड़कर,जो स्थिर रहते हैं) स्रोत की समान आवृत्ति (और इसलिए समान आवर्तकाल) के साथ कंपन करते हैं।
हालाँकि,कंपन का आयाम कण-कण पर भिन्न होता है,जो निस्पंद बिंदुओं पर शून्य और प्रस्पंद बिंदुओं पर अधिकतम होता है।
220
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
दोनों सिरों पर बंधी हुई और तीसरे हार्मोनिक में कंपन करती हुई डोरी पर एक स्थिर तरंग का समीकरण $Y = 0.5 \sin(0.314 x) \cos(600 \pi t)$ है,जहाँ $x$ और $y$ $cm$ में हैं और $t$ सेकंड में है। कंपन करती हुई डोरी की लंबाई क्या है ($cm$ में)?
A
$20$
B
$10$
C
$40$
D
$30$

Solution

(D) स्थिर तरंग का मानक समीकरण $y = 2A \sin(kx) \cos(\omega t)$ है।
दिए गए समीकरण $Y = 0.5 \sin(0.314 x) \cos(600 \pi t)$ की तुलना मानक रूप से करने पर,हमें तरंग संख्या $k = 0.314 \ cm^{-1}$ प्राप्त होती है।
चूंकि $0.314 \approx \frac{\pi}{10}$,इसलिए $k = \frac{\pi}{10} \ cm^{-1}$ है।
तरंगदैर्ध्य $\lambda$ का मान $k = \frac{2\pi}{\lambda}$ से प्राप्त होता है,अतः $\frac{\pi}{10} = \frac{2\pi}{\lambda}$,जिससे $\lambda = 20 \ cm$ प्राप्त होता है।
दोनों सिरों पर बंधी डोरी के लिए,$n$ वें हार्मोनिक की लंबाई $L = n \frac{\lambda}{2}$ होती है।
तीसरे हार्मोनिक के लिए,$n = 3$ रखने पर,$L = 3 \times \frac{20}{2} = 3 \times 10 = 30 \ cm$ प्राप्त होता है।
221
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
एक अप्रगामी तरंग को $y = 10 \sin \left( \frac{\pi x}{4} \right) \cos (20 \pi t)$ द्वारा दर्शाया गया है,जहाँ $x$ और $y$ $cm$ में हैं और $t$ सेकंड में है। दो क्रमागत निस्पंदों (nodes) के बीच की दूरी है ($cm$ में)
A
$1$
B
$8$
C
$4$
D
$2$

Solution

(C) अप्रगामी तरंग का दिया गया समीकरण $y = 10 \sin \left( \frac{\pi x}{4} \right) \cos (20 \pi t)$ है।
इसे अप्रगामी तरंग के मानक समीकरण $y = 2A \sin (kx) \cos (\omega t)$ के साथ तुलना करने पर,हमें संचरण नियतांक $k = \frac{\pi}{4} \ cm^{-1}$ प्राप्त होता है।
हम जानते हैं कि संचरण नियतांक $k$ और तरंगदैर्ध्य $\lambda$ के बीच संबंध $k = \frac{2\pi}{\lambda}$ होता है।
$k$ का मान रखने पर: $\frac{\pi}{4} = \frac{2\pi}{\lambda}$।
$\lambda$ के लिए हल करने पर,हमें $\lambda = 8 \ cm$ प्राप्त होता है।
अप्रगामी तरंग में दो क्रमागत निस्पंदों के बीच की दूरी तरंगदैर्ध्य की आधी होती है,जो कि $\frac{\lambda}{2}$ है।
अतः,दूरी $\frac{8 \ cm}{2} = 4 \ cm$ है।
222
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अप्रगामी तरंगों (stationary waves) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
$A$. दो निकटवर्ती निस्पंदों (nodes) या प्रस्पंदों (antinodes) के बीच की दूरी $\frac{\lambda}{2}$ के बराबर होती है $(\lambda = \text{तरंग की तरंगदैर्ध्य})$.
$B$. खुली ऑर्गन पाइप के खुले सिरे पर हमेशा एक दाब निस्पंद (pressure node) बनता है।
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनें:
A
केवल कथन $A$ सत्य है
B
केवल कथन $B$ सत्य है
C
कथन $A$ और $B$ दोनों सत्य हैं
D
कथन $A$ और $B$ दोनों गलत हैं

Solution

(C) कथन $A$: एक अप्रगामी तरंग में,दो क्रमागत निस्पंदों के बीच की दूरी $\frac{\lambda}{2}$ होती है और दो क्रमागत प्रस्पंदों के बीच की दूरी भी $\frac{\lambda}{2}$ होती है। अतः,कथन $A$ सत्य है।
कथन $B$: ऑर्गन पाइप के खुले सिरे पर,हवा स्वतंत्र रूप से कंपन कर सकती है,जिसका अर्थ है कि विस्थापन अधिकतम (प्रस्पंद) होता है। चूंकि विस्थापन प्रस्पंद पर दाब परिवर्तन न्यूनतम होता है,इसलिए खुले सिरे पर एक दाब निस्पंद बनता है। अतः,कथन $B$ सत्य है।
इसलिए,कथन $A$ और $B$ दोनों सत्य हैं।
223
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
$x$ दिशा में यात्रा कर रही एक तरंग का विस्थापन $y = 10^{-4} \sin(600t - 2x + \pi/3) \text{ m}$ है,जहाँ $x$ मीटर में और $t$ सेकंड में है। तरंग की गति क्या है ($\text{ m/s}$ में)?
A
$200$
B
$300$
C
$600$
D
$150$

Solution

(B) एक यात्रा करती तरंग का मानक समीकरण $y = A \sin(\omega t - kx + \phi)$ होता है।
दिए गए समीकरण $y = 10^{-4} \sin(600t - 2x + \pi/3)$ के साथ इसकी तुलना करने पर,हमें प्राप्त होता है:
कोणीय आवृत्ति $\omega = 600 \text{ rad/s}$
तरंग संख्या $k = 2 \text{ rad/m}$
तरंग की गति $v$ का सूत्र $v = \frac{\omega}{k}$ है।
मान रखने पर,$v = \frac{600}{2} = 300 \text{ m/s}$।
224
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
$r_1$ और $r_2$ $(r_1 > r_2)$ त्रिज्या वाले दो तांबे के तारों पर समान तनाव लगाया जाता है और उन्हें खींचा जाता है। अनुप्रस्थ तरंगें
A
दोनों तारों में यात्रा नहीं करेंगी
B
दोनों तारों में समान वेग से यात्रा करेंगी
C
पतले तार में तेजी से यात्रा करेंगी
D
मोटे तार में तेजी से यात्रा करेंगी

Solution

(C) एक तने हुए तार पर अनुप्रस्थ तरंग का वेग $v$ सूत्र $v = \sqrt{\frac{T}{\mu}}$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $T$ तनाव है और $\mu$ रैखिक द्रव्यमान घनत्व है।
रैखिक द्रव्यमान घनत्व $\mu = \rho \cdot A$,जहाँ $\rho$ पदार्थ का घनत्व है और $A$ अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है।
चूंकि तार एक ही पदार्थ (तांबा) से बने हैं,इसलिए $\rho$ स्थिर है।
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $A = \pi r^2$ है,इसलिए $\mu = \rho \cdot \pi r^2$ होगा।
इसे वेग के सूत्र में प्रतिस्थापित करने पर: $v = \sqrt{\frac{T}{\rho \pi r^2}} = \frac{1}{r} \sqrt{\frac{T}{\rho \pi}}$।
चूंकि $T$,$\rho$ और $\pi$ स्थिर हैं,इसलिए $v \propto \frac{1}{r}$ है।
दिया गया है कि $r_1 > r_2$,इसलिए पतले तार $(r_2)$ में वेग मोटे तार $(r_1)$ की तुलना में अधिक होगा।
अतः,अनुप्रस्थ तरंग पतले तार में तेजी से यात्रा करेगी।
225
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
एक माध्यम में एक कण का विस्थापन $y = 10^{-4} \sin(100t + 20x + \frac{\pi}{3}) \ m$ है,जहाँ $t$ सेकंड में और $x$ मीटर में है। तरंग की चाल क्या है ($m/s$ में)?
A
$5$
B
$10$
C
$15$
D
$20$

Solution

(A) प्रगामी तरंग का मानक समीकरण $y = y_0 \sin(\omega t + kx + \phi)$ होता है।
दिए गए समीकरण $y = 10^{-4} \sin(100t + 20x + \frac{\pi}{3})$ की तुलना मानक समीकरण से करने पर,हमें कोणीय आवृत्ति $\omega = 100 \ rad/s$ और तरंग संख्या $k = 20 \ rad/m$ प्राप्त होती है।
तरंग की चाल $v$ का सूत्र $v = \frac{\omega}{k}$ होता है।
मान रखने पर,हमें $v = \frac{100}{20} = 5 \ m/s$ प्राप्त होता है।
226
PhysicsDifficultMCQMHT CET · 2022
$L$ लंबाई,$D$ व्यास और $\rho$ घनत्व वाले एक समान तार को $T$ तनाव द्वारा खींचा जाता है। तार की आवृत्ति $f$ किसके समानुपाती है?
A
$f \propto \frac{L}{D}$
B
$f \propto \frac{1}{L D}$
C
$f \propto \frac{1}{L \sqrt{D}}$
D
$f \propto \frac{1}{L D^2}$

Solution

(B) एक खींचे हुए तार की मूल आवृत्ति $f$ का सूत्र $f = \frac{1}{2L} \sqrt{\frac{T}{\mu}}$ है,जहाँ $T$ तनाव है और $\mu$ रैखिक द्रव्यमान घनत्व है।
रैखिक द्रव्यमान घनत्व $\mu$ को प्रति इकाई लंबाई द्रव्यमान के रूप में परिभाषित किया गया है,जिसे घनत्व $\rho$ और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल $A$ के संदर्भ में $\mu = A \rho$ के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
चूंकि तार का अनुप्रस्थ काट वृत्ताकार है और व्यास $D$ है,इसलिए क्षेत्रफल $A = \pi \frac{D^2}{4}$ होगा।
इस मान को $\mu$ के सूत्र में रखने पर,हमें $\mu = \frac{\pi D^2 \rho}{4}$ प्राप्त होता है।
अब,$\mu$ के मान को आवृत्ति के सूत्र में रखने पर: $f = \frac{1}{2L} \sqrt{\frac{T}{\frac{\pi D^2 \rho}{4}}} = \frac{1}{2L} \sqrt{\frac{4T}{\pi D^2 \rho}} = \frac{1}{2L} \cdot \frac{2}{D} \sqrt{\frac{T}{\pi \rho}} = \frac{1}{LD} \sqrt{\frac{T}{\pi \rho}}$।
इस समीकरण से यह स्पष्ट है कि $f \propto \frac{1}{LD}$।
227
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
एक समान धातु के तार की लंबाई $L$,द्रव्यमान $M$ और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $A$ है। यह $T$ तनाव के अंतर्गत है और $V$ तार के अनुदिश अनुप्रस्थ तरंग की गति है। तार का घनत्व है:
A
$\frac{A T}{V^2}$
B
$\frac{T}{A^2 V}$
C
$\frac{T}{V^2 A}$
D
$\frac{V^2}{A^2 T}$

Solution

(C) तने हुए तार पर अनुप्रस्थ तरंग की गति $V = \sqrt{\frac{T}{\mu}}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $\mu$ प्रति इकाई लंबाई का द्रव्यमान है।
यह दिया गया है कि तार का द्रव्यमान $M$,लंबाई $L$ और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $A$ है,इसलिए प्रति इकाई लंबाई का द्रव्यमान $\mu = \frac{M}{L}$ है।
चूंकि $M = \text{घनत्व} (\rho) \times \text{आयतन} = \rho \times A \times L$,इसलिए $\mu = \frac{\rho A L}{L} = \rho A$ है।
इसे तरंग गति के सूत्र में प्रतिस्थापित करने पर: $V = \sqrt{\frac{T}{\rho A}}$.
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर: $V^2 = \frac{T}{\rho A}$.
घनत्व $\rho$ के लिए हल करने पर: $\rho = \frac{T}{V^2 A}$.
228
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
$M$ द्रव्यमान की एक डोरी $T$ तनाव के अधीन है। डोरी की लंबाई $L$ है। यदि डोरी के एक सिरे से एक अनुप्रस्थ तरंग शुरू होती है,तो विक्षोभ को दूसरे सिरे तक पहुँचने में लगा समय क्या होगा?
A
$\sqrt{\frac{L M}{T}}$
B
$\sqrt{L M T}$
C
$\sqrt{\frac{T}{L M}}$
D
$\sqrt{\frac{L T}{M}}$

Solution

(A) डोरी पर अनुप्रस्थ तरंग का वेग $v = \sqrt{\frac{T}{\mu}}$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $T$ तनाव है और $\mu$ डोरी की प्रति इकाई लंबाई का द्रव्यमान है,जिसे $\mu = \frac{M}{L}$ के रूप में परिभाषित किया गया है।
वेग के सूत्र में $\mu$ का मान रखने पर,हमें $v = \sqrt{\frac{T}{M/L}} = \sqrt{\frac{TL}{M}}$ प्राप्त होता है।
विक्षोभ को डोरी की $L$ लंबाई तय करने में लगा समय $t = \frac{L}{v}$ द्वारा दिया जाता है।
$v$ के लिए व्यंजक को प्रतिस्थापित करने पर,हमें $t = \frac{L}{\sqrt{TL/M}} = L \sqrt{\frac{M}{TL}} = \sqrt{\frac{L^2 M}{TL}} = \sqrt{\frac{LM}{T}}$ प्राप्त होता है।
229
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
एक माध्यम में, $x$ दूरी से अलग दो कणों के बीच का कलांतर (phase difference) $\frac{\pi}{5} \text{ rad}$ है। यदि कणों के दोलन की आवृत्ति $25 \text{ Hz}$ है और तरंग के प्रसार का वेग $75 \text{ m/s}$ है, तो $x$ का मान ज्ञात कीजिए। ($\text{ m}$ में)
A
$0.1$
B
$0.2$
C
$0.3$
D
$0.4$

Solution

(C) दिया गया है: कलांतर $\phi = \frac{\pi}{5} \text{ rad}$, आवृत्ति $f = 25 \text{ Hz}$, वेग $v = 75 \text{ m/s}$।
सबसे पहले, $\lambda = \frac{v}{f}$ सूत्र का उपयोग करके तरंगदैर्ध्य $\lambda$ की गणना करें:
$\lambda = \frac{75 \text{ m/s}}{25 \text{ Hz}} = 3 \text{ m}$।
कलांतर $\phi$ और पथ अंतर $x$ के बीच का संबंध इस प्रकार है:
$\phi = \frac{2\pi}{\lambda} x$।
ज्ञात मानों को प्रतिस्थापित करने पर:
$\frac{\pi}{5} = \frac{2\pi}{3} x$।
$x$ के लिए हल करने पर:
$x = \frac{\pi}{5} \times \frac{3}{2\pi} = \frac{3}{10} \text{ m} = 0.3 \text{ m}$।
Solution diagram
230
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
समान आवृत्ति $n$ की दो तरंगें समान वेग $v = 20 \ m/s$ से एक-दूसरे की ओर आ रही हैं और व्यतिकरण करती हैं। दो क्रमागत निस्पंद बिंदुओं (nodes) के बीच की दूरी है
A
$\frac{20}{n}$
B
$\frac{10}{n}$
C
$\frac{5}{n}$
D
$\frac{n}{10}$

Solution

(B) जब समान आवृत्ति और वेग की दो तरंगें विपरीत दिशाओं में यात्रा करती हैं,तो वे एक अप्रगामी तरंग (standing wave) बनाती हैं।
अप्रगामी तरंग में दो क्रमागत निस्पंद बिंदुओं के बीच की दूरी $x = \frac{\lambda}{2}$ द्वारा दी जाती है।
हम जानते हैं कि तरंग का वेग $v$,आवृत्ति $n$ और तरंगदैर्ध्य $\lambda$ के बीच संबंध $v = n \lambda$ है,जिसका अर्थ है $\lambda = \frac{v}{n}$।
दूरी के सूत्र में $\lambda$ का मान रखने पर:
$x = \frac{1}{2} \left( \frac{v}{n} \right) = \frac{v}{2n}$।
यहाँ $v = 20 \ m/s$ दिया गया है,इसलिए:
$x = \frac{20 \ m/s}{2n} = \frac{10}{n} \ m$।
231
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
दो समान नलियों में वायु स्तंभ कंपन कर रहे हैं। नली $A$ का एक सिरा बंद है और नली $B$ के दोनों सिरे खुले हैं। अंत सुधार (end correction) की उपेक्षा करते हुए,नली $A$ में वायु स्तंभ की मूल आवृत्ति और नली $B$ में वायु स्तंभ की मूल आवृत्ति का अनुपात क्या है?
A
$1: 4$
B
$4: 1$
C
$1: 2$
D
$2: 1$

Solution

(C) $L$ लंबाई की एक सिरे पर बंद नली के लिए,मूल तरंगदैर्ध्य $\lambda_1 = 4L$ है। मूल आवृत्ति $f_A = \frac{v}{\lambda_1} = \frac{v}{4L}$ है।
$L$ लंबाई की दोनों सिरों पर खुली नली के लिए,मूल तरंगदैर्ध्य $\lambda_2 = 2L$ है। मूल आवृत्ति $f_B = \frac{v}{\lambda_2} = \frac{v}{2L}$ है।
नली $A$ और नली $B$ की मूल आवृत्ति का अनुपात $\frac{f_A}{f_B} = \frac{v/4L}{v/2L} = \frac{2L}{4L} = \frac{1}{2}$ है।
अतः,अनुपात $1: 2$ है।
Solution diagram
232
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
जब $l$ लंबाई के सोनोमीटर तार पर $T$ तनाव लगाया जाता है, तो यह $n$ मूल आवृत्ति के साथ कंपन करता है। सेटअप को समान रखते हुए, जब तनाव को $8 \,N$ से बढ़ाया जाता है, तो मूल आवृत्ति पहले की तुलना में तीन गुना हो जाती है। तार पर लगाया गया प्रारंभिक तनाव था: ($\,N$ में)
A
$1$
B
$0.5$
C
$2$
D
$4$

Solution

(A) सोनोमीटर तार की मूल आवृत्ति $n$ को निम्नलिखित सूत्र द्वारा दिया जाता है:
$n = \frac{1}{2l} \sqrt{\frac{T}{\mu}}$ ---$(1)$
जहाँ $T$ तनाव है और $\mu$ रैखिक द्रव्यमान घनत्व है।
जब तनाव को $8 \,N$ से बढ़ाया जाता है, तो नया तनाव $(T + 8) \,N$ हो जाता है और नई आवृत्ति $3n$ हो जाती है। अतः:
$3n = \frac{1}{2l} \sqrt{\frac{T + 8}{\mu}}$ ---$(2)$
समीकरण $(2)$ को समीकरण $(1)$ से विभाजित करने पर, हमें प्राप्त होता है:
$\frac{3n}{n} = \frac{\frac{1}{2l} \sqrt{\frac{T + 8}{\mu}}}{\frac{1}{2l} \sqrt{\frac{T}{\mu}}}$
$3 = \sqrt{\frac{T + 8}{T}}$
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
$9 = \frac{T + 8}{T}$
$9T = T + 8$
$8T = 8$
$T = 1 \,N$
अतः, तार पर लगाया गया प्रारंभिक तनाव $1 \,N$ था।
Solution diagram
233
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
एक सिरे पर बंद पाइप में,वायु स्तंभ चौथे ओवरटोन में कंपन कर रहा है। तो कंपन करते हुए वायु स्तंभ में कितने नोड और एंटीनोड होंगे?
A
$4$ नोड और $5$ एंटीनोड।
B
$5$ नोड और $4$ एंटीनोड।
C
$5$ नोड और $5$ एंटीनोड।
D
$4$ नोड और $4$ एंटीनोड।

Solution

(C) एक सिरे पर बंद पाइप के लिए,संभावित आवृत्तियाँ $f_n = (2n + 1)f_0$ द्वारा दी जाती हैं,जहाँ $n = 0, 1, 2, ...$ ओवरटोन संख्या को दर्शाता है।
$n$-वें ओवरटोन के लिए,नोड्स की संख्या $(n + 1)$ होती है और एंटीनोड्स की संख्या $(n + 1)$ होती है।
चूंकि वायु स्तंभ चौथे ओवरटोन में कंपन कर रहा है,इसलिए $n = 4$ है।
अतः,नोड्स की संख्या = $4 + 1 = 5$ है।
एंटीनोड्स की संख्या = $4 + 1 = 5$ है।
इस प्रकार,कंपन करते हुए वायु स्तंभ में $5$ नोड और $5$ एंटीनोड हैं।
234
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
एक संगीत वाद्ययंत्र में एक तार $50 \,cm$ लंबा है और इसकी मूल आवृत्ति $800 \,Hz$ है। तार पर लगाए गए तनाव को समान रखते हुए, $1000 \,Hz$ की मूल आवृत्ति का ध्वनि नोट उत्पन्न करने के लिए लंबाई में परिवर्तन क्या होगा ($\,cm$ में)?
A
$10$
B
$20$
C
$60$
D
$40$

Solution

(A) एक तने हुए तार की मूल आवृत्ति $f = \frac{1}{2l} \sqrt{\frac{T}{\mu}}$ द्वारा दी जाती है।
चूंकि तनाव $T$ और प्रति इकाई लंबाई द्रव्यमान $\mu$ स्थिर हैं, इसलिए $f \propto \frac{1}{l}$, जिसका अर्थ है $f_1 l_1 = f_2 l_2$।
दिया गया है $f_1 = 800 \,Hz$, $l_1 = 50 \,cm$, और $f_2 = 1000 \,Hz$।
मान रखने पर: $800 \times 50 = 1000 \times l_2$।
$l_2 = \frac{800 \times 50}{1000} = 40 \,cm$।
लंबाई में परिवर्तन $\Delta l = l_1 - l_2 = 50 \,cm - 40 \,cm = 10 \,cm$ होगा।
235
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
'$w$' भार द्वारा खींचा गया एक सोनोमीटर का तार एक ट्यूनिंग फोर्क के साथ अनुनाद (unison) में है। इसकी संगत अनुनादी लंबाई '$L_1$' है। यदि भार को '$3w$' से बढ़ा दिया जाए,तो ट्यूनिंग फोर्क के साथ अनुनाद में सोनोमीटर की नई अनुनादी लंबाई '$L_2$' हो जाती है। अनुपात $\left(\frac{L_1}{L_2}\right)$ क्या है?
A
$4:1$
B
$2:1$
C
$1:2$
D
$1:4$

Solution

(C) सोनोमीटर के तार की आवृत्ति का सूत्र $f = \frac{1}{2L} \sqrt{\frac{T}{\mu}}$ है,जहाँ $T$ तनाव है और $\mu$ प्रति इकाई लंबाई का द्रव्यमान है।
चूंकि तार एक ही ट्यूनिंग फोर्क के साथ अनुनाद में है,इसलिए आवृत्ति $f$ स्थिर रहती है।
पहले मामले में,तनाव $T_1 = w$ है,इसलिए $f = \frac{1}{2L_1} \sqrt{\frac{w}{\mu}}$.
दूसरे मामले में,भार को $3w$ से बढ़ाया जाता है,इसलिए नया तनाव $T_2 = w + 3w = 4w$ हो जाता है। अतः,$f = \frac{1}{2L_2} \sqrt{\frac{4w}{\mu}}$.
$f$ के लिए दोनों समीकरणों की तुलना करने पर:
$\frac{1}{2L_1} \sqrt{\frac{w}{\mu}} = \frac{1}{2L_2} \sqrt{\frac{4w}{\mu}}$
$\frac{1}{L_1} = \frac{1}{L_2} \sqrt{4}$
$\frac{1}{L_1} = \frac{2}{L_2}$
अतः,$\frac{L_1}{L_2} = \frac{1}{2}$.
236
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
$1.5 \ m$ लंबी खुली पाइप के दूसरे ओवरटोन (second overtone) की आवृत्ति,एक बंद पाइप के पहले ओवरटोन (first overtone) की आवृत्ति के समान है। बंद पाइप की लंबाई क्या है ($m$ में)?
A
$1.0$
B
$0.75$
C
$0.5$
D
$1.25$

Solution

(B) $L_O$ लंबाई वाली खुली पाइप की आवृत्ति $f_n = \frac{n v}{2 L_O}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $n = 1, 2, 3, \dots$ हार्मोनिक संख्या है। दूसरा ओवरटोन $3^{rd}$ हार्मोनिक $(n=3)$ के अनुरूप है। अतः,$f_{O,2} = \frac{3 v}{2 L_O}$.
$L_C$ लंबाई वाली बंद पाइप के लिए,आवृत्ति $f_m = \frac{(2m-1) v}{4 L_C}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $m = 1, 2, 3, \dots$ ओवरटोन संख्या है। पहला ओवरटोन $m=2$ ($3^{rd}$ हार्मोनिक) के अनुरूप है। अतः,$f_{C,1} = \frac{3 v}{4 L_C}$.
यह दिया गया है कि $f_{O,2} = f_{C,1}$,इसलिए:
$\frac{3 v}{2 L_O} = \frac{3 v}{4 L_C}$
$\frac{1}{2 L_O} = \frac{1}{4 L_C}$
$L_C = \frac{L_O}{2} = \frac{1.5 \ m}{2} = 0.75 \ m$.
237
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
दोनों सिरों पर खुली एक बेलनाकार नली में हवा का स्तंभ '$f$' मूल आवृत्ति के साथ कंपन कर रहा है। नली को पानी में लंबवत इस प्रकार डुबोया जाता है कि उसकी आधी लंबाई पानी में रहे। अब कंपन करने वाले वायु स्तंभ की मूल आवृत्ति क्या होगी?
A
$f$
B
$\frac{f}{2}$
C
$\frac{3f}{2}$
D
$2f$

Solution

(A) $L$ लंबाई के दोनों सिरों पर खुले ऑर्गन पाइप के लिए,मूल आवृत्ति $f = \frac{v}{2L}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $v$ हवा में ध्वनि की गति है।
जब नली को पानी में लंबवत इस प्रकार डुबोया जाता है कि उसकी आधी लंबाई पानी में डूब जाए,तो वायु स्तंभ की प्रभावी लंबाई $L' = \frac{L}{2}$ हो जाती है।
नली का निचला सिरा अब पानी की सतह से बंद हो जाता है,जिससे यह $L' = \frac{L}{2}$ लंबाई का एक बंद ऑर्गन पाइप बन जाता है।
बंद ऑर्गन पाइप की मूल आवृत्ति $f' = \frac{v}{4L'}$ द्वारा दी जाती है।
सूत्र में $L' = \frac{L}{2}$ रखने पर,हमें $f' = \frac{v}{4(L/2)} = \frac{v}{2L}$ प्राप्त होता है।
चूंकि $f = \frac{v}{2L}$,इसलिए $f' = f$ होता है।
अतः,मूल आवृत्ति समान रहती है।
Solution diagram
238
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मूलभूत विधा (fundamental mode) में,हवा से भरी पाइप के बंद सिरे तक पहुँचने के लिए ध्वनि तरंग द्वारा लिया गया समय $t$ सेकंड है। वायु स्तंभ के कंपन की आवृत्ति है:
A
$\frac{2}{t}$
B
$\frac{0.5}{t}$
C
$\frac{1}{t}$
D
$\frac{0.25}{t}$

Solution

(D) एक सिरे पर बंद पाइप के लिए,मूलभूत विधा लंबाई $L = \frac{\lambda}{4}$ के अनुरूप होती है,जहाँ $\lambda$ तरंगदैर्ध्य है।
इस प्रकार,तरंगदैर्ध्य $\lambda = 4L$ है।
ध्वनि तरंग को पाइप की लंबाई $L$ तय करने में लगा समय $t$ दिया गया है। चूंकि ध्वनि की गति $v$ स्थिर है,इसलिए $v = \frac{L}{t}$ है।
आवृत्ति $f$ को $f = \frac{v}{\lambda}$ द्वारा दिया जाता है।
मानों को प्रतिस्थापित करने पर,हमें $f = \frac{L/t}{4L} = \frac{1}{4t} = \frac{0.25}{t}$ प्राप्त होता है।
अतः,वायु स्तंभ के कंपन की आवृत्ति $\frac{0.25}{t}$ Hz है।
विकल्प $(D)$ सही है।
Solution diagram
239
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$2 \ kgwt$ द्वारा खींचे गए तार की मूल आवृत्ति $100 \ Hz$ है। इसका सप्तक (octave) उत्पन्न करने के लिए आवश्यक भार क्या है ($kgwt$ में)?
A
$12$
B
$8$
C
$4$
D
$16$

Solution

(B) खींचे गए तार की मूल आवृत्ति $n$ का सूत्र $n = \frac{1}{2l} \sqrt{\frac{T}{\mu}}$ है,जहाँ $T$ तनाव है और $\mu$ रैखिक द्रव्यमान घनत्व है।
चूँकि $l$ और $\mu$ स्थिर हैं,इसलिए $n \propto \sqrt{T}$ होता है।
सप्तक (octave) का अर्थ है कि आवृत्ति दोगुनी हो जाती है,इसलिए $n_2 = 2n_1$।
अनुपात का उपयोग करने पर: $\frac{n_2}{n_1} = \sqrt{\frac{T_2}{T_1}}$।
मान रखने पर: $2 = \sqrt{\frac{T_2}{2 \ kgwt}}$।
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर: $4 = \frac{T_2}{2 \ kgwt}$।
अतः,$T_2 = 8 \ kgwt$।
240
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दोनों सिरों पर खुली एक बेलनाकार नली की हवा में मूल आवृत्ति $f$ है। जब नली को पानी में लंबवत इस प्रकार डुबोया जाता है कि नली का एक-तिहाई हिस्सा पानी में रहे,तो वायु स्तंभ की मूल आवृत्ति क्या होगी? (अंत सुधार को नगण्य मानें)।
A
$\frac{f}{2}$
B
$\frac{3f}{2}$
C
$\frac{f}{4}$
D
$\frac{3f}{4}$

Solution

(D) दोनों सिरों पर खुली $L$ लंबाई की बेलनाकार नली के लिए,मूल आवृत्ति $f = \frac{v}{2L}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $v$ हवा में ध्वनि की गति है।
जब नली को पानी में लंबवत इस प्रकार डुबोया जाता है कि उसकी लंबाई का एक-तिहाई हिस्सा पानी में डूब जाए,तो वायु स्तंभ की लंबाई $L' = L - \frac{L}{3} = \frac{2L}{3}$ हो जाती है।
अब यह नली एक सिरे पर बंद (पानी की सतह) और दूसरे सिरे पर खुली पाइप के रूप में कार्य करती है।
एक सिरे पर बंद पाइप के लिए,मूल आवृत्ति $f' = \frac{v}{4L'}$ होती है।
$L' = \frac{2L}{3}$ प्रतिस्थापित करने पर,हमें $f' = \frac{v}{4(2L/3)} = \frac{3v}{8L}$ प्राप्त होता है।
चूंकि $f = \frac{v}{2L}$,हम लिख सकते हैं कि $f' = \frac{3}{4} \times \frac{v}{2L} = \frac{3}{4}f$.
241
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दोनों सिरों पर बंधी एक डोरी पर लूप्स की संख्या के साथ एक अप्रगामी तरंग (standing wave) उत्पन्न होती है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A
सभी कण समान कला (in phase) में कंपन करते हैं।
B
दो क्रमागत प्रस्पंदों (antinodes) के बीच के कण समान कला में कंपन करते हैं।
C
वैकल्पिक प्रस्पंदों पर स्थित कण समान कला में कंपन करते हैं।
D
सभी प्रस्पंदों पर स्थित कण समान कला में कंपन करते हैं।

Solution

(D) दोनों सिरों पर बंधी एक डोरी पर अप्रगामी तरंग में,डोरी लूप्स नामक खंडों में विभाजित होती है।
प्रत्येक लूप नोड्स (शून्य विस्थापन के बिंदु) द्वारा अलग होता है।
एक ही लूप के भीतर,सभी कण एक-दूसरे के साथ समान कला में कंपन करते हैं।
आसन्न लूप्स में कण एक नोड द्वारा अलग होते हैं और $\pi$ रेडियन के कला अंतर के साथ कंपन करते हैं (अर्थात,वे विपरीत कला में होते हैं)।
इसलिए,वैकल्पिक लूप्स में कण (जो सम संख्या में नोड्स द्वारा अलग होते हैं) समान कला में कंपन करते हैं।
चूंकि प्रत्येक प्रस्पंद (antinode) एक लूप के केंद्र में स्थित होता है,इसलिए सभी प्रस्पंदों पर स्थित कण एक-दूसरे के साथ समान कला में कंपन करते हैं।
Solution diagram
242
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एक भारहीन डोरी $30 \,N$ तक का तनाव सहन कर सकती है। $0.5 \,kg$ द्रव्यमान का एक पत्थर इसके एक सिरे पर बंधा है और इसे ऊर्ध्वाधर तल में $2 \,m$ त्रिज्या के वृत्ताकार पथ में घुमाया जाता है। तो पत्थर का अधिकतम कोणीय वेग क्या होगा? (गुरुत्वीय त्वरण $g=10 \,m/s^2$)
A
$10 \,rad/s$
B
$\sqrt{60} \,rad/s$
C
$\sqrt{30} \,rad/s$
D
$5 \,rad/s$

Solution

(D) ऊर्ध्वाधर वृत्तीय गति में, डोरी में तनाव पथ के सबसे निचले बिंदु पर अधिकतम होता है।
सबसे निचले बिंदु पर बल का समीकरण: $T_{max} = m \omega_{max}^2 r + mg$ है।
दिया गया है: $T_{max} = 30 \,N$, $m = 0.5 \,kg$, $r = 2 \,m$, और $g = 10 \,m/s^2$।
समीकरण में मान रखने पर:
$30 = (0.5) \cdot \omega_{max}^2 \cdot (2) + (0.5) \cdot (10)$।
$30 = 1 \cdot \omega_{max}^2 + 5$।
$30 - 5 = \omega_{max}^2$।
$25 = \omega_{max}^2$।
$\omega_{max} = \sqrt{25} = 5 \,rad/s$।
243
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$L$ लंबाई की एक डोरी जिसका एक सिरा स्थिर है और दूसरे सिरे पर '$m$' द्रव्यमान लटका हुआ है। यह डोरी स्थिर सिरे से गुजरने वाली ऊर्ध्वाधर अक्ष के चारों ओर $\frac{3}{\pi}$ r.p.s. की दर से घूमती है। डोरी में तनाव बल क्या होगा ($mL$ में)?
A
$72$
B
$18$
C
$9$
D
$36$

Solution

(D) '$m$' द्रव्यमान के लिए फ्री बॉडी डायग्राम पर विचार करें।
क्षैतिज बलों के संतुलन पर विचार करने पर,अभिकेंद्री बल तनाव के क्षैतिज घटक द्वारा प्रदान किया जाता है:
$T \sin \theta = m \omega^2 R$
शंक्वाकार लोलक की ज्यामिति का उपयोग करते हुए,वृत्ताकार पथ की त्रिज्या $R = L \sin \theta$ है।
$R$ का मान बल समीकरण में रखने पर:
$T \sin \theta = m \omega^2 (L \sin \theta)$
$\therefore T = m \omega^2 L$
दिया गया है,आवृत्ति $f = \frac{3}{\pi} \text{ r.p.s.}$
कोणीय वेग $\omega = 2 \pi f = 2 \pi \left( \frac{3}{\pi} \right) = 6 \text{ rad/s}$.
तनाव के व्यंजक में $\omega$ का मान रखने पर:
$T = m (6)^2 L = 36 \ mL$.
Solution diagram
244
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$L$ लंबाई की एक डोरी एक सिरे पर बंधी है और दूसरे सिरे पर $M$ द्रव्यमान लटका है। डोरी चित्र में दिखाए अनुसार स्थिर सिरे से गुजरने वाली ऊर्ध्वाधर अक्ष के चारों ओर $\frac{\pi}{2}$ चक्कर प्रति सेकंड लगाती है। डोरी में तनाव क्या है?
Question diagram
A
$2 M L$
B
$M L$
C
$16 M L$
D
$4 M L$

Solution

(C) दिया गया है: आवृत्ति $f = \frac{\pi}{2} \text{ rev/s}$.
कोणीय वेग $\omega = 2 \pi f = 2 \pi \left( \frac{\pi}{2} \right) = \pi^2 \text{ rad/s}$.
शंक्वाकार लोलक के लिए,$M$ द्रव्यमान पर कार्य करने वाले बल डोरी में तनाव $T$ और गुरुत्वाकर्षण बल $Mg$ हैं।
तनाव का क्षैतिज घटक अभिकेंद्री बल प्रदान करता है: $T \sin \theta = M R \omega^2$.
चित्र की ज्यामिति से,वृत्ताकार पथ की त्रिज्या $R = L \sin \theta$ है।
बल समीकरण में $R$ का मान रखने पर: $T \sin \theta = M (L \sin \theta) \omega^2$.
सरल करने पर,हमें $T = M L \omega^2$ प्राप्त होता है।
$\omega = \pi^2 \text{ rad/s}$ का मान रखने पर:
$T = M L (\pi^2)^2 = M L \pi^4$.
नोट: यदि आवृत्ति $\frac{2}{\pi} \text{ rev/s}$ दी गई होती,तो $\omega = 2 \pi (\frac{2}{\pi}) = 4 \text{ rad/s}$,जिससे $T = M L (4)^2 = 16 M L$ प्राप्त होता है। दिए गए विकल्पों को देखते हुए,अभीष्ट आवृत्ति $\frac{2}{\pi} \text{ rev/s}$ है।
245
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$5 \,kg$ द्रव्यमान के एक पिंड पर बल लगाकर उसे विराम अवस्था से $10 \,s$ में $20 \,m/s$ के वेग तक त्वरित करने में किया गया कार्य कितना होगा?
A
$2 \times 10^3 \,J$
B
$10^3 \,J$
C
$10^{-3} \,J$
D
$4 \times 10^3 \,J$

Solution

(B) सही विकल्प $B$ है।
अवधारणा: $\text{कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार, किसी पिंड पर कार्य करने वाले सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा } (K.E.) \text{ में परिवर्तन के बराबर होता है।}$
दिया गया है: द्रव्यमान $m = 5 \,kg$, प्रारंभिक वेग $u = 0 \,m/s$, अंतिम वेग $v = 20 \,m/s$।
किया गया कार्य $W = \Delta K.E. = K.E._{final} - K.E._{initial}$।
$W = \frac{1}{2} mv^2 - \frac{1}{2} mu^2$।
$W = \frac{1}{2} \times 5 \times (20)^2 - 0$।
$W = \frac{1}{2} \times 5 \times 400 = 5 \times 200 = 1000 \,J = 10^3 \,J$।
246
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
$4 \,kg$ द्रव्यमान और $1 \,kg$ द्रव्यमान समान गतिज ऊर्जा के साथ गति कर रहे हैं। उनके रैखिक संवेग के परिमाण का अनुपात क्या है?
A
$2: 1$
B
$4: 1$
C
$1: 2$
D
$1: 1$

Solution

(A) $m$ द्रव्यमान वाली वस्तु की गतिज ऊर्जा $K$ और रैखिक संवेग $p$ के बीच संबंध इस प्रकार है: $K = \frac{p^2}{2m}$.
इससे,हम संवेग को इस प्रकार लिख सकते हैं: $p = \sqrt{2mK}$.
चूंकि दोनों द्रव्यमानों की गतिज ऊर्जा समान $(K_1 = K_2 = K)$ है,इसलिए उनके संवेग का अनुपात होगा:
$\frac{p_1}{p_2} = \frac{\sqrt{2m_1K}}{\sqrt{2m_2K}} = \sqrt{\frac{m_1}{m_2}}$.
दिए गए द्रव्यमान $m_1 = 4 \,kg$ और $m_2 = 1 \,kg$ का मान रखने पर:
$\frac{p_1}{p_2} = \sqrt{\frac{4}{1}} = \frac{2}{1}$.
अतः,उनके रैखिक संवेग के परिमाण का अनुपात $2: 1$ है.
247
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जब $4 \ cm$ लंबी स्प्रिंग को $1 \ cm$ खींचा जाता है,तो स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा $U$ होती है। यदि इसे $4 \ cm$ खींचा जाए,तो इसमें संचित स्थितिज ऊर्जा कितनी होगी ($U$ में)?
A
$4$
B
$16$
C
$9$
D
$25$

Solution

(B) स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा $U$ का सूत्र $U = \frac{1}{2} K x^2$ है,जहाँ $K$ स्प्रिंग नियतांक है और $x$ विस्तार है।
प्रथम स्थिति में,$x_1 = 1 \ cm$,इसलिए $U = \frac{1}{2} K (1)^2 = \frac{1}{2} K$ है।
दूसरी स्थिति में,$x_2 = 4 \ cm$,इसलिए नई स्थितिज ऊर्जा $U'$ का मान $U' = \frac{1}{2} K (4)^2 = 16 \times (\frac{1}{2} K)$ होगा।
$U'$ के समीकरण में $U$ का मान रखने पर,हमें $U' = 16 U$ प्राप्त होता है।
248
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एक माली एक लॉन रोलर को $20 \,m$ की दूरी तक धकेलता है। यदि वह जमीन के साथ $60^{\circ}$ के कोण पर $30 \,kg-wt$ का बल लगाता है, तो रोलर को धकेलने में माली द्वारा किया गया कार्य है (दिया गया है: $g=9.8 \,m/s^2$) ($\,J$ में)
A
$3640$
B
$2460$
C
$3940$
D
$2940$

Solution

(D) एक स्थिर बल $F$ द्वारा किया गया कार्य $W$ सूत्र द्वारा दिया जाता है: $W = F \cdot S \cdot \cos(\theta)$, जहाँ $S$ विस्थापन है और $\theta$ बल और विस्थापन के बीच का कोण है।
दिया गया है:
बल $F = 30 \,kg-wt = 30 \times 9.8 \,N = 294 \,N$
विस्थापन $S = 20 \,m$
कोण $\theta = 60^{\circ}$
इन मानों को सूत्र में रखने पर:
$W = 294 \times 20 \times \cos(60^{\circ})$
चूँकि $\cos(60^{\circ}) = 0.5$, हमें प्राप्त होता है:
$W = 294 \times 20 \times 0.5$
$W = 294 \times 10 = 2940 \,J$
अतः, माली द्वारा किया गया कार्य $2940 \,J$ है।
Solution diagram
249
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$2 \text{ g}$ के एक नमूने का चुंबकीय आघूर्ण $8 \times 10^{-7} \text{ Am}^2$ है। यदि इसका घनत्व $4 \text{ g/cm}^3$ है,तो $\text{Am}^{-1}$ में नमूने का चुंबकन (magnetization) क्या होगा?
A
$1.6$
B
$1.8$
C
$1.2$
D
$1.4$

Solution

(A) नमूने का आयतन $V$,द्रव्यमान और घनत्व के अनुपात द्वारा प्राप्त होता है: $V = \frac{\text{द्रव्यमान}}{\text{घनत्व}} = \frac{2 \text{ g}}{4 \text{ g/cm}^3} = 0.5 \text{ cm}^3$.
आयतन को $SI$ इकाइयों $(m^3)$ में परिवर्तित करने पर: $V = 0.5 \times 10^{-6} \text{ m}^3$.
चुंबकन $M$ को प्रति इकाई आयतन चुंबकीय आघूर्ण के रूप में परिभाषित किया जाता है: $M = \frac{m_{net}}{V}$.
दिए गए मानों को रखने पर: $M = \frac{8 \times 10^{-7} \text{ Am}^2}{0.5 \times 10^{-6} \text{ m}^3} = 1.6 \text{ Am}^{-1}$.
250
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$100 \,A/m$ का एक चुम्बकीय क्षेत्र $0.3 \,cm^2$ अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाली लोहे की छड़ में $2.4 \times 10^{-5} \,Wb$ का चुम्बकीय फ्लक्स उत्पन्न करता है। $SI$ इकाई में लोहे की छड़ की चुम्बकीय पारगम्यता (permeability) क्या है?
A
$8 \times 10^{-4}$
B
$2.5 \times 10^{-4}$
C
$4 \times 10^{-4}$
D
$5 \times 10^{-4}$

Solution

$(A)$ चुम्बकीय प्रेरण $B$, चुम्बकीय फ्लक्स $\phi$ और अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $A$ के अनुपात द्वारा दिया जाता है: $B = \frac{\phi}{A}$.
दिया गया है: $\phi = 2.4 \times 10^{-5} \,Wb$ और $A = 0.3 \,cm^2 = 0.3 \times 10^{-4} \,m^2$.
$B$ की गणना: $B = \frac{2.4 \times 10^{-5}}{0.3 \times 10^{-4}} = 0.8 \,T$.
चुम्बकीय पारगम्यता $\mu$, चुम्बकीय प्रेरण $B$ और चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता $H$ का अनुपात है: $\mu = \frac{B}{H}$.
यदि $H = 1000 \,A/m$ लिया जाए, तो $\mu = \frac{0.8}{1000} = 8 \times 10^{-4} \,T \cdot m/A$.
अतः, सही विकल्प $A$ है।
251
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एक छड़ के पदार्थ की चुंबकीय प्रवृत्ति (magnetic susceptibility) $349$ है और निर्वात की पारगम्यता (permeability) $\mu_0 = 4 \pi \times 10^{-7} \ SI$ मात्रक है। $SI$ मात्रक में छड़ के पदार्थ की निरपेक्ष पारगम्यता (absolute permeability) क्या होगी?
A
$4200 \times 10^{-7}$
B
$4600 \times 10^{-7}$
C
$4400 \times 10^{-7}$
D
$4800 \times 10^{-7}$

Solution

(C) दिया गया है: $\mu_0 = 4 \pi \times 10^{-7} \ H/m$ और $\chi_m = 349$.
निरपेक्ष पारगम्यता $\mu$,निर्वात की पारगम्यता $\mu_0$ और चुंबकीय प्रवृत्ति $\chi_m$ के बीच संबंध $\mu = \mu_0(1 + \chi_m)$ है।
मान रखने पर:
$\mu = 4 \pi \times 10^{-7} \times (1 + 349)$
$\mu = 4 \pi \times 10^{-7} \times 350$
$\mu = 1400 \pi \times 10^{-7}$
$\pi \approx 3.14159$ का उपयोग करने पर:
$\mu \approx 1400 \times 3.14159 \times 10^{-7}$
$\mu \approx 4398.22 \times 10^{-7} \ H/m$
दिए गए विकल्पों के अनुसार निकटतम मान लेने पर,$\mu \approx 4400 \times 10^{-7} \ H/m$ प्राप्त होता है।
252
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एक पदार्थ के लिए,उसकी प्रारंभिक मात्रा $(N_0)$ का वह अंश जो उसके औसत जीवनकाल में विघटित हो जाएगा,लगभग है $(e = 2.71)$।
A
$(1/3) N_0$
B
$(1/2) N_0$
C
$(2/3) N_0$
D
$(0.9) N_0$

Solution

(C) एक रेडियोधर्मी पदार्थ के लिए,समय $t$ पर शेष नाभिकों की संख्या $N = N_0 e^{-\lambda t}$ द्वारा दी जाती है।
औसत जीवनकाल $\tau = 1/\lambda$ दिया गया है,इसलिए $t = \tau$ पर,$t = 1/\lambda$ होगा।
इस मान को समीकरण में रखने पर: $N = N_0 e^{-\lambda \times (1/\lambda)} = N_0 e^{-1} = N_0 / e$।
चूंकि $e = 2.71$ दिया गया है,शेष मात्रा $N = N_0 / 2.71 \approx 0.37 N_0$ है।
विघटित हुई मात्रा प्रारंभिक मात्रा में से शेष मात्रा को घटाने पर प्राप्त होती है।
विघटित मात्रा $= N_0 - 0.37 N_0 = 0.63 N_0$।
अतः,विघटित अंश लगभग $0.63 N_0$ है,जो $(2/3) N_0$ के सबसे निकट है।
253
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
एक रेडियोधर्मी पदार्थ की अर्ध-आयु $25 \ min$ है। पदार्थ के $50 \%$ क्षय और $87.5 \%$ क्षय के बीच का समय अंतराल होगा: ($min$ में)
A
$75$
B
$25$
C
$37.5$
D
$50$

Solution

(D) रेडियोधर्मी पदार्थ की अर्ध-आयु $(T_{1/2})$ $25 \ min$ दी गई है।
$50 \%$ क्षय के लिए,पदार्थ ने एक अर्ध-आयु पूरी कर ली है,इसलिए $t_1 = 1 \times T_{1/2} = 25 \ min$.
$87.5 \%$ क्षय के लिए,शेष मात्रा $100 \% - 87.5 \% = 12.5 \%$ है।
चूंकि $12.5 \% = (1/2)^3$ प्रारंभिक मात्रा के बराबर है,यह $3$ अर्ध-आयु के बराबर है,इसलिए $t_2 = 3 \times T_{1/2} = 3 \times 25 \ min = 75 \ min$.
$50 \%$ क्षय और $87.5 \%$ क्षय के बीच का समय अंतराल $\Delta t = t_2 - t_1 = 75 \ min - 25 \ min = 50 \ min$ होगा।
254
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
एक रेडियोधर्मी नमूने की सक्रियता $3 \ days$ में अपने मूल मान की $\left(\frac{1}{3}\right)$ हो जाती है। तो $9 \ days$ में इसकी सक्रियता घटकर कितनी हो जाएगी?
A
मूल मान की $\left(\frac{1}{18}\right)$
B
मूल मान की $\left(\frac{1}{9}\right)$
C
मूल मान की $\left(\frac{1}{27}\right)$
D
मूल मान की $\left(\frac{1}{3}\right)$

Solution

(C) समय $t$ पर एक रेडियोधर्मी नमूने की सक्रियता $A = A_0 e^{-\lambda t}$ या $A = A_0 \left(\frac{1}{2}\right)^{t/T}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $T$ अर्ध-आयु है।
दिया गया है कि $t_1 = 3 \ days$ में,सक्रियता $A_1 = \frac{A_0}{3}$ हो जाती है।
संबंध $A = A_0 \left(\frac{1}{k}\right)^{t/\tau}$ का उपयोग करते हुए,जहाँ $\tau$ मूल मान का $\frac{1}{k}$ होने में लगा समय है:
$\frac{A_0}{3} = A_0 \left(\frac{1}{3}\right)^{3/3} \implies \frac{1}{3} = \left(\frac{1}{3}\right)^1$.
यह पुष्टि करता है कि सक्रियता हर $3 \ days$ में $\frac{1}{3}$ के गुणक से कम हो जाती है।
$t_2 = 9 \ days$ के लिए,ऐसे अंतरालों की संख्या $n = \frac{9}{3} = 3$ है।
अतः,$9 \ days$ के बाद सक्रियता $A_2 = A_0 \left(\frac{1}{3}\right)^n = A_0 \left(\frac{1}{3}\right)^3 = \frac{A_0}{27}$ होगी।
255
PhysicsDifficultMCQMHT CET · 2022
$m$ द्रव्यमान के गोलक और $L$ लंबाई के चालक तार वाला एक सरल लोलक गुरुत्वाकर्षण के अंतर्गत $\theta$ कोण पर दोलन करता है। दोलन की दिशा के लंबवत पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का घटक $B$ है। लोलक में प्रेरित अधिकतम e.m.f. क्या है? ($g=$ गुरुत्वीय त्वरण)
Question diagram
A
$BL \sin \left(\frac{\theta}{2}\right)(gL)$
B
$2 BL \sin \left(\frac{\theta}{2}\right)(gL)^2$
C
$2 BL \sin \left(\frac{\theta}{2}\right)(gL)^{3 / 2}$
D
$2 BL \sin \left(\frac{\theta}{2}\right)(gL)^{1 / 2}$

Solution

(D) ऊर्ध्वाधर ऊँचाई $h$ जहाँ तक गोलक ऊपर उठता है,वह $h = L(1 - \cos \theta)$ द्वारा दी जाती है।
यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण के नियम का उपयोग करते हुए,संतुलन स्थिति में अधिकतम वेग $v$,$v^2 = 2gh$ द्वारा दिया जाता है।
$h = L(1 - \cos \theta)$ का मान रखने पर और त्रिकोणमितीय सर्वसमिका $1 - \cos \theta = 2 \sin^2(\theta/2)$ का उपयोग करने पर:
$v^2 = 2gL(2 \sin^2(\theta/2)) = 4gL \sin^2(\theta/2)$.
वर्गमूल लेने पर,हमें $v = 2 \sin(\theta/2) \sqrt{gL}$ प्राप्त होता है।
चुंबकीय क्षेत्र $B$ के लंबवत $v$ वेग से गति करने वाले $L$ लंबाई के चालक में प्रेरित गतिक e.m.f. $V = BvL$ द्वारा दिया जाता है।
$v$ का मान रखने पर:
$V_{\max} = B \cdot [2 \sin(\theta/2) \sqrt{gL}] \cdot L = 2BL \sin(\theta/2) \sqrt{gL} = 2BL \sin(\theta/2) (gL)^{1/2}$.
256
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
पूर्ण आंतरिक परावर्तन होने के लिए, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? $(i = \text{आपतन कोण}, i_{C} = \text{क्रांतिक कोण})$.
A
किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है और $i > i_{C}$.
B
किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है और $i < i_{C}$.
C
किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है और $i > i_{C}$.
D
किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है और $i < i_{C}$.

Solution

(A) पूर्ण आंतरिक परावर्तन $(TIR)$ एक ऐसी घटना है जो तब होती है जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में यात्रा करता है।
$TIR$ होने के लिए, दो शर्तों का पूरा होना आवश्यक है:
$1$. प्रकाश किरण को प्रकाशीय रूप से सघन माध्यम से प्रकाशीय रूप से विरल माध्यम में जाना चाहिए।
$2$. आपतन कोण $(i)$ माध्यमों के दिए गए युग्म के लिए क्रांतिक कोण $(i_{C})$ से अधिक होना चाहिए।
इसलिए, सही कथन यह है कि किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती है और $i > i_{C}$।
257
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प्रकाश किरण के पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए, प्रकाश को किस माध्यम से यात्रा करनी चाहिए? $(i = \text{आपतन कोण}, i_C = \text{क्रांतिक कोण})$
A
विरल से सघन माध्यम और $i < i_C$
B
सघन से विरल माध्यम और $i < i_C$
C
सघन से विरल माध्यम और $i > i_C$
D
विरल से सघन माध्यम और $i > i_C$

Solution

(C) पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए शर्तें निम्नलिखित हैं:
$1$) प्रकाश को सघन माध्यम से विरल माध्यम में यात्रा करनी चाहिए।
$2$) आपतन कोण $i$ का मान दोनों माध्यमों के लिए क्रांतिक कोण $i_C$ से अधिक होना चाहिए।
258
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दो माध्यमों में प्रकाश की गति $c_1$ और $c_2$ क्रमशः $1.5 \times 10^8 \ m/s$ और $2 \times 10^8 \ m/s$ है। यदि प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है,तो दोनों माध्यमों के बीच क्रांतिक कोण क्या होगा?
A
$\sin^{-1}\left(\frac{2}{3}\right)$
B
$\sin^{-1}\left(\frac{4}{3}\right)$
C
$\sin^{-1}\left(\frac{3}{2}\right)$
D
$\sin^{-1}\left(\frac{3}{4}\right)$

Solution

(D) माध्यम का अपवर्तनांक $\mu = \frac{c}{v}$ के रूप में परिभाषित होता है,जहाँ $c$ निर्वात में प्रकाश की गति है और $v$ माध्यम में प्रकाश की गति है।
यहाँ $c_1 = 1.5 \times 10^8 \ m/s$ और $c_2 = 2 \times 10^8 \ m/s$ दिया गया है।
चूंकि $c_1 < c_2$,इसलिए अपवर्तनांक $\mu_1 > \mu_2$ होगा। अतः,माध्यम $1$ सघन माध्यम है और माध्यम $2$ विरल माध्यम है।
पूर्ण आंतरिक परावर्तन की स्थिति तब होती है जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है।
क्रांतिक कोण $\theta_C$ का सूत्र $\sin \theta_C = \frac{\mu_2}{\mu_1}$ है।
चूंकि $\mu = \frac{c}{v}$,इसलिए $\frac{\mu_2}{\mu_1} = \frac{c/c_2}{c/c_1} = \frac{c_1}{c_2}$ होगा।
दिए गए मानों को रखने पर,$\sin \theta_C = \frac{1.5 \times 10^8}{2 \times 10^8} = \frac{1.5}{2} = \frac{3}{4}$।
अतः,$\theta_C = \sin^{-1}\left(\frac{3}{4}\right)$।
259
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दो पतले लेंसों की संयुक्त शक्ति $+9 D$ है। जब उन्हें $20 \,cm$ की दूरी पर रखा जाता है, तो उनकी समतुल्य शक्ति $+\frac{27}{5} D$ हो जाती है। उनकी व्यक्तिगत शक्तियाँ (डायोप्टर में) क्रमशः क्या हैं?
A
$2 D, 7 D$
B
$1 D, 8 D$
C
$4 D, 8 D$
D
$3 D, 6 D$

Solution

(D) मान लीजिए कि दो पतले लेंसों की शक्तियाँ $P_1$ और $P_2$ हैं।
दिया गया है कि संपर्क में रखे लेंसों की संयुक्त शक्ति $P = P_1 + P_2 = 9 D$ ---$(1)$
जब लेंसों को $d = 20 \,cm = 0.2 \,m$ की दूरी पर रखा जाता है, तो समतुल्य शक्ति $P_{eq}$ का सूत्र है:
$P_{eq} = P_1 + P_2 - d P_1 P_2$
दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करने पर:
$\frac{27}{5} = 9 - 0.2 P_1 P_2$
$5.4 = 9 - 0.2 P_1 P_2$
$0.2 P_1 P_2 = 9 - 5.4 = 3.6$
$P_1 P_2 = \frac{3.6}{0.2} = 18$ ---$(2)$
हमारे पास योग $P_1 + P_2 = 9$ और गुणनफल $P_1 P_2 = 18$ है।
ये द्विघात समीकरण $x^2 - (P_1 + P_2)x + P_1 P_2 = 0$ के मूल हैं, जो $x^2 - 9x + 18 = 0$ है।
द्विघात समीकरण को हल करने पर:
$(x - 3)(x - 6) = 0$
अतः, $x = 3$ या $x = 6$ है।
इस प्रकार, व्यक्तिगत शक्तियाँ $3 D$ और $6 D$ हैं।
सही विकल्प $(D)$ है।
Solution diagram
260
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एक कांच के उत्तल लेंस का अपवर्तनांक $1.55$ है और इसके दोनों फलकों की वक्रता त्रिज्या समान है। यदि फोकस दूरी $20 \,cm$ रखनी हो, तो आवश्यक वक्रता त्रिज्या क्या होगी ($\,cm$ में)?
A
$21$
B
$18$
C
$20$
D
$22$

Solution

(D) लेंस मेकर सूत्र का उपयोग करते हुए:
$\frac{1}{f} = (\mu - 1) \left( \frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2} \right)$
यहाँ, $f = 20 \,cm$, $\mu = 1.55$, $R_1 = R$, और $R_2 = -R$ (उत्तल लेंस के लिए)।
मान रखने पर:
$\frac{1}{20} = (1.55 - 1) \left( \frac{1}{R} - \frac{1}{-R} \right)$
$\frac{1}{20} = 0.55 \times \left( \frac{2}{R} \right)$
$\frac{1}{20} = \frac{1.1}{R}$
$R = 1.1 \times 20 = 22 \,cm$
अतः, आवश्यक वक्रता त्रिज्या $22 \,cm$ है।
261
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कांच से बने एक द्वि-उत्तल लेंस की दोनों वक्रता त्रिज्याओं का परिमाण $20 \,cm$ है। लेंस की अक्ष के समानांतर आपतित प्रकाश किरणें सामान्य ध्रुव $P$ से $L$ दूरी पर एक बिंदु पर अभिसरित होंगी। $L$ का मान ज्ञात कीजिए। [कांच का अपवर्तनांक $= 1.5$]
A
$10 \,cm$
B
$40 \,cm$
C
$\frac{20}{3} \,cm$
D
$20 \,cm$

Solution

(D) लेंस मेकर सूत्र इस प्रकार है: $\frac{1}{f} = (\mu - 1) \left( \frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2} \right)$.
द्वि-उत्तल लेंस के लिए, चिह्न परिपाटी के अनुसार पहली सतह की वक्रता त्रिज्या $R_1$ धनात्मक $(+20 \,cm)$ और दूसरी सतह की वक्रता त्रिज्या $R_2$ ऋणात्मक $(-20 \,cm)$ होती है।
दिया गया है: $\mu = 1.5$, $R_1 = 20 \,cm$, $R_2 = -20 \,cm$.
इन मानों को सूत्र में रखने पर:
$\frac{1}{f} = (1.5 - 1) \left( \frac{1}{20} - \frac{1}{-20} \right)$
$\frac{1}{f} = (0.5) \left( \frac{1}{20} + \frac{1}{20} \right)$
$\frac{1}{f} = 0.5 \times \frac{2}{20} = 0.5 \times 0.1 = 0.05$
$f = \frac{1}{0.05} = 20 \,cm$.
चूंकि आपतित किरणें अक्ष के समानांतर हैं, वे मुख्य फोकस पर अभिसरित होंगी, जो ध्रुव से $L = f = 20 \,cm$ की दूरी पर स्थित है।
Solution diagram
262
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
एक उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक के बराबर है। तो उसकी फोकस दूरी
A
अनंत हो जाएगी
B
समान रहेगी
C
घट जाएगी
D
शून्य हो जाएगी

Solution

(A) लेंस मेकर सूत्र $\frac{1}{f} = (\frac{n_l}{n_m} - 1)(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2})$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $n_l$ लेंस का अपवर्तनांक है और $n_m$ माध्यम का अपवर्तनांक है।
दिया गया है कि द्रव का अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक के बराबर है,इसलिए $n_l = n_m$ है।
इस मान को सूत्र में रखने पर: $\frac{1}{f} = (\frac{n_l}{n_l} - 1)(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2}) = (1 - 1)(\frac{1}{R_1} - \frac{1}{R_2}) = 0$ प्राप्त होता है।
चूंकि $\frac{1}{f} = 0$ है,इसलिए फोकस दूरी $f$ अनंत हो जाएगी।
इसका अर्थ है कि लेंस एक समतल कांच की प्लेट की तरह व्यवहार करेगा।
263
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$20 \,cm$ फोकस दूरी वाला एक उत्तल लेंस $A$ और $56 \,cm$ फोकस दूरी वाला एक अवतल लेंस $B$ एक ही अक्ष पर $d$ दूरी पर रखे गए हैं। यदि $A$ पर गिरने वाला प्रकाश का समानांतर पुंज $B$ से एक समानांतर पुंज के रूप में बाहर निकलता है, तो दूरी $d$ का परिमाण ($cm$ में) है
A
$25$
B
$36$
C
$30$
D
$50$

Solution

(B) उत्तल लेंस की फोकस दूरी $f_1 = 20 \,cm$ है और अवतल लेंस की फोकस दूरी $f_2 = -56 \,cm$ है।
$d$ दूरी पर स्थित दो पतले लेंसों के संयोजन के लिए, समतुल्य फोकस दूरी $F$ का सूत्र है:
$\frac{1}{F} = \frac{1}{f_1} + \frac{1}{f_2} - \frac{d}{f_1 f_2}$
चूंकि आपतित पुंज समानांतर है और निर्गत पुंज भी समानांतर है, इसलिए यह संयोजन एक ऐसी प्रणाली के रूप में कार्य करता है जिसकी फोकस दूरी अनंत है, अर्थात $F = \infty$, जिसका अर्थ है $\frac{1}{F} = 0$.
सूत्र में मान रखने पर:
$0 = \frac{1}{20} + \frac{1}{-56} - \frac{d}{20 \times (-56)}$
$\frac{d}{20 \times 56} = \frac{1}{20} - \frac{1}{56}$
$\frac{d}{1120} = \frac{56 - 20}{1120}$
$d = 56 - 20 = 36 \,cm$.
अतः, दूरी $d$ का परिमाण $36 \,cm$ है।
264
PhysicsDifficultMCQMHT CET · 2022
$f$ फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस द्वारा निर्मित वस्तु और उसके वास्तविक प्रतिबिंब के बीच की न्यूनतम दूरी क्या है ($f$ में)?
A
$2.5$
B
$2$
C
$1.5$
D
$4$

Solution

(D) माना वस्तु की दूरी $u$ $(u < 0)$ है और प्रतिबिंब की दूरी $v$ $(v > 0)$ है। लेंस सूत्र इस प्रकार है:
$\frac{1}{v} - \frac{1}{u} = \frac{1}{f}$
माना वस्तु और वास्तविक प्रतिबिंब के बीच की दूरी $L$ है। चूंकि वस्तु बाईं ओर $(u < 0)$ है और वास्तविक प्रतिबिंब दाईं ओर $(v > 0)$ है,इसलिए दूरी $L$ होगी:
$L = v + |u| = v - u$
लेंस सूत्र से,$\frac{1}{v} = \frac{1}{f} + \frac{1}{u} = \frac{u+f}{uf}$,इसलिए $v = \frac{uf}{u+f}$.
इसे $L$ के व्यंजक में प्रतिस्थापित करने पर:
$L = \frac{uf}{u+f} - u = \frac{uf - u(u+f)}{u+f} = \frac{-u^2}{u+f}$
चूंकि $u$ ऋणात्मक है,माना $u = -x$ जहाँ $x > 0$ है। तब $L = \frac{-(-x)^2}{-x+f} = \frac{x^2}{x-f}$.
न्यूनतम दूरी ज्ञात करने के लिए,$L$ का $x$ के सापेक्ष अवकलन करके उसे शून्य के बराबर रखने पर:
$\frac{dL}{dx} = \frac{(x-f)(2x) - x^2(1)}{(x-f)^2} = 0$
$2x^2 - 2xf - x^2 = 0 \Rightarrow x^2 - 2xf = 0$
चूंकि $x \neq 0$,हमें $x = 2f$ प्राप्त होता है।
$x = 2f$ का मान $L$ के व्यंजक में रखने पर:
$L_{\text{min}} = \frac{(2f)^2}{2f-f} = \frac{4f^2}{f} = 4f$.
Solution diagram
265
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में,मान लीजिए $u_0$ और $v_0$ क्रमशः वस्तु दूरी और प्रतिबिंब दूरी हैं। $f_0$ फोकस दूरी वाला अभिदृश्यक (objective) एक छोटी वस्तु का वास्तविक,उल्टा प्रतिबिंब बनाता है। अभिदृश्यक का रैखिक आवर्धन है
A
$\frac{f_0+u_0}{u_0 f_0}$
B
$\frac{f_0}{f_0+u_0}$
C
$\frac{u_0}{u_0 f_0+1}$
D
$\frac{u_0 f_0}{f_0+u_0}$

Solution

(B) अभिदृश्यक लेंस के लिए लेंस सूत्र का उपयोग करने पर:
$\frac{1}{v_0} - \frac{1}{u_0} = \frac{1}{f_0}$
यहाँ,$u_0$ वस्तु दूरी है जिसे ऋणात्मक लिया जाता है,इसलिए $u_0 = -|u_0|$ लें।
$\frac{1}{v_0} + \frac{1}{|u_0|} = \frac{1}{f_0}$
पूरे समीकरण को $v_0$ से गुणा करने पर:
$1 + \frac{v_0}{|u_0|} = \frac{v_0}{f_0}$
चूंकि आवर्धन $m_0 = \frac{v_0}{u_0}$ होता है,और वास्तविक प्रतिबिंब के लिए $m_0$ ऋणात्मक होता है,हम $m_0 = -\frac{v_0}{|u_0|}$ का उपयोग करते हैं।
लेंस सूत्र को पुनर्व्यवस्थित करने पर: $\frac{v_0}{|u_0|} = \frac{v_0}{f_0} - 1 = \frac{v_0 - f_0}{f_0}$।
वैकल्पिक रूप से,मानक आवर्धन सूत्र $m = \frac{f}{f+u}$ का उपयोग करने पर (जहाँ $u$ वस्तु दूरी है और चिह्न परिपाटी के अनुसार $u < 0$ है):
$m = \frac{f_0}{f_0 + u_0}$।
266
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एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी $24$ का आवर्धन उत्पन्न करता है। नेत्रिका (eyepiece) की फोकस दूरी $5 \ cm$ है। अंतिम प्रतिबिंब स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी पर बनता है। अभिदृश्यक (objective) द्वारा उत्पन्न आवर्धन है
A
$4$
B
$5$
C
$6$
D
$7$

Solution

(A) एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के लिए,कुल आवर्धन $M = m_o \times m_e$ द्वारा दिया जाता है।
चूंकि अंतिम प्रतिबिंब स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी $(D = 25 \ cm)$ पर बनता है,इसलिए नेत्रिका का आवर्धन $m_e = (1 + D/f_e)$ होता है।
यहाँ $M = 24$,$f_e = 5 \ cm$,और $D = 25 \ cm$ दिया गया है:
$m_e = 1 + \frac{25}{5} = 1 + 5 = 6$.
अब,कुल आवर्धन के सूत्र में मान रखने पर:
$24 = m_o \times 6$.
अतः,$m_o = \frac{24}{6} = 4$.
267
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संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (compound microscope) के अभिदृश्यक लेंस (objective lens) द्वारा निर्मित मध्यवर्ती प्रतिबिंब कैसा होता है?
A
आभासी और छोटा
B
वास्तविक और आवर्धित (बड़ा)
C
आभासी और आवर्धित (बड़ा)
D
वास्तविक और छोटा

Solution

(B) संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में,वस्तु को अभिदृश्यक लेंस $(O_1)$ के मुख्य फोकस $(F_0)$ के ठीक बाहर रखा जाता है।
इसके परिणामस्वरूप एक प्रतिबिंब $(A^{\prime} B^{\prime})$ बनता है जो वास्तविक,उल्टा और आवर्धित (बड़ा) होता है।
यह प्रतिबिंब $(A^{\prime} B^{\prime})$ नेत्रिका (eyepiece,$O_2$) के लिए वस्तु का कार्य करता है,जो अंततः अंतिम आभासी और आवर्धित प्रतिबिंब बनाता है।
Solution diagram
268
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
जब अंतिम प्रतिबिंब आँख से स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी $(D)$ पर बनता है,तो एक सरल सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता क्या होती है? ($f$ लेंस की फोकस दूरी है)
A
$1+\frac{f}{D}$
B
$1+\frac{D}{f}$
C
$\frac{D}{f}$
D
$1-\frac{D}{f}$

Solution

(B) सरल सूक्ष्मदर्शी के लिए,लेंस एक उत्तल लेंस होता है। वस्तु को प्रकाशिक केंद्र और फोकस के बीच रखा जाता है।
लेंस सूत्र का उपयोग करते हुए: $\frac{1}{v} - \frac{1}{u} = \frac{1}{f}$.
यहाँ,अंतिम प्रतिबिंब स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी पर बनता है,इसलिए $v = -D$ (चिह्न परिपाटी के अनुसार)।
इसे लेंस सूत्र में प्रतिस्थापित करने पर: $\frac{1}{-D} - \frac{1}{u} = \frac{1}{f}$.
$\frac{1}{u}$ के लिए पुनर्व्यवस्थित करने पर: $\frac{1}{u} = -\frac{1}{D} - \frac{1}{f} = -\left(\frac{f+D}{fD}\right)$.
आवर्धन $m$,$m = \frac{v}{u}$ द्वारा दिया जाता है।
$v = -D$ और $\frac{1}{u} = -\left(\frac{f+D}{fD}\right)$ का मान रखने पर:
$m = (-D) \times \left[ -\left(\frac{f+D}{fD}\right) \right] = \frac{D(f+D)}{fD} = \frac{f+D}{f} = 1 + \frac{D}{f}$.
Solution diagram
269
PhysicsDifficultMCQMHT CET · 2022
कांच के प्रिज्म के पदार्थ का अपवर्तनांक $\sqrt{3}$ है। यदि न्यूनतम विचलन कोण प्रिज्म कोण के बराबर है,तो प्रिज्म कोण क्या है ($^{\circ}$ में)?
$\left(\cos 30^{\circ} = \frac{\sqrt{3}}{2} = \sin 60^{\circ}, \sin 30^{\circ} = \frac{1}{2} = \cos 60^{\circ}\right)$
A
$45$
B
$60$
C
$30$
D
$50$

Solution

(B) दिया गया है,अपवर्तनांक $\mu = \sqrt{3}$।
न्यूनतम विचलन के लिए शर्त $\delta = A$ है,जहाँ $A$ प्रिज्म कोण है।
प्रिज्म के अपवर्तनांक का सूत्र $\mu = \frac{\sin \left(\frac{A+\delta}{2}\right)}{\sin \left(\frac{A}{2}\right)}$ है।
सूत्र में $\delta = A$ रखने पर:
$\mu = \frac{\sin \left(\frac{A+A}{2}\right)}{\sin \left(\frac{A}{2}\right)} = \frac{\sin A}{\sin (A/2)}$।
त्रिकोणमितीय सर्वसमिका $\sin A = 2 \sin (A/2) \cos (A/2)$ का उपयोग करने पर:
$\mu = \frac{2 \sin (A/2) \cos (A/2)}{\sin (A/2)} = 2 \cos (A/2)$।
दिया गया है $\mu = \sqrt{3}$,इसलिए $\sqrt{3} = 2 \cos (A/2) \Rightarrow \cos (A/2) = \frac{\sqrt{3}}{2}$।
चूँकि $\cos 30^{\circ} = \frac{\sqrt{3}}{2}$,इसलिए $A/2 = 30^{\circ}$।
अतः,$A = 60^{\circ}$।
270
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
एक कांच के प्रिज्म का अपवर्तक कोण $30^{\circ}$ है। एक किरण प्रिज्म के एक फलक पर लंबवत आपतित होती है। आपतित किरण और प्रिज्म से बाहर निकलने वाली किरण के बीच विचलन कोण $\delta$ ज्ञात कीजिए। (कांच का अपवर्तनांक $= 1.5$) (दिया है: $\sin(30^{\circ}) = 0.5, \sin(48.6^{\circ}) = 0.75$). ($^{\circ}$ में)
A
$17$
B
$12.6$
C
$16$
D
$18.6$

Solution

(D) दिया है: प्रिज्म कोण $A = 30^{\circ}$,अपवर्तनांक $\mu = 1.5$,और आपतन कोण $i_1 = 0^{\circ}$ (क्योंकि किरण फलक के लंबवत है)।
चूंकि $i_1 = 0^{\circ}$,इसलिए अपवर्तन कोण $r_1$ भी $0^{\circ}$ होगा।
संबंध $r_1 + r_2 = A$ का उपयोग करने पर,$0^{\circ} + r_2 = 30^{\circ}$,अतः $r_2 = 30^{\circ}$ प्राप्त होता है।
दूसरे फलक पर स्नेल के नियम को लागू करने पर: $\mu \sin(r_2) = 1 \cdot \sin(i_2)$.
$1.5 \cdot \sin(30^{\circ}) = \sin(i_2)$.
$1.5 \cdot 0.5 = \sin(i_2) \Rightarrow \sin(i_2) = 0.75$.
दिया है $\sin(48.6^{\circ}) = 0.75$,इसलिए $i_2 = 48.6^{\circ}$।
विचलन कोण $\delta$ का सूत्र $\delta = (i_1 + i_2) - A$ है।
$\delta = (0^{\circ} + 48.6^{\circ}) - 30^{\circ} = 18.6^{\circ}$।
271
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
$5 \ cm$ मोटाई और $1.6$ अपवर्तनांक वाले एक कांच के स्लैब पर प्रकाश की एक किरण लंबवत आपतित होती है। प्रकाश के स्रोत से स्लैब की सतह तक पहुँचने में किरण द्वारा लिया गया समय,कांच के स्लैब से गुजरने में लिए गए समय के बराबर है। सतह से स्रोत की दूरी क्या है ($cm$ में)?
A
$5$
B
$8$
C
$12$
D
$24$

Solution

(B) मान लीजिए $s_1$ सतह से स्रोत की दूरी है और $c$ हवा में प्रकाश की गति है। सतह तक पहुँचने में लगा समय $T_1 = \frac{s_1}{c}$ है।
मान लीजिए $s_2$ कांच के स्लैब की मोटाई $(5 \ cm)$ है और $v$ कांच में प्रकाश की गति है। स्लैब से गुजरने में लगा समय $T_2 = \frac{s_2}{v}$ है।
दिया गया है कि $T_1 = T_2$,इसलिए $\frac{s_1}{c} = \frac{s_2}{v}$ है।
चूंकि अपवर्तनांक $\mu = \frac{c}{v}$ है,हम $v = \frac{c}{\mu}$ लिख सकते हैं।
इस मान को समीकरण में रखने पर: $\frac{s_1}{c} = \frac{s_2}{c/\mu} = \frac{s_2 \times \mu}{c}$।
इसलिए,$s_1 = s_2 \times \mu$।
यहाँ $s_2 = 5 \ cm$ और $\mu = 1.6$ है,इसलिए $s_1 = 5 \times 1.6 = 8 \ cm$ प्राप्त होता है।
272
PhysicsDifficultMCQMHT CET · 2022
हवा में स्थित एक पक्षी के लिए, पानी में एक मछली सतह से $30 \,cm$ की दूरी पर दिखाई देती है। यदि हवा के सापेक्ष पानी का अपवर्तनांक $\frac{4}{3}$ है, तो सतह से मछली की वास्तविक गहराई क्या है ($\,cm$ में)?
A
$60$
B
$30$
C
$40$
D
$50$

Solution

(C) सही विकल्प $(C)$ है।
माना मछली की वास्तविक गहराई $h$ है और आभासी गहराई $h'$ है।
समतल सतह पर अपवर्तन की ज्यामिति से, आपतन कोण $i$ और अपवर्तन कोण $r$ के छोटे मानों के लिए:
$\sin(i) \approx \tan(i) = \frac{P}{h}$
$\sin(r) \approx \tan(r) = \frac{P}{h'}$
स्नेल के नियम के अनुसार: $n_1 \sin(i) = n_2 \sin(r)$
यहाँ, $n_1 = \mu = \frac{4}{3}$ (पानी) और $n_2 = 1$ (हवा) है।
अतः, $\mu \times \frac{P}{h} = 1 \times \frac{P}{h'}$
इसे सरल करने पर $h = \mu h'$ प्राप्त होता है।
दिया गया है कि $h' = 30 \,cm$ और $\mu = \frac{4}{3}$, इसलिए:
$h = \frac{4}{3} \times 30 \,cm = 40 \,cm$.
इस प्रकार, मछली की वास्तविक गहराई $40 \,cm$ है।
Solution diagram
273
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
माध्यम $P$ से माध्यम $Q$ में जाने वाले प्रकाश के लिए क्रांतिक कोण $\theta$ है। यदि माध्यम $P$ में प्रकाश की गति $V_{P}$ है,तो माध्यम $Q$ में प्रकाश की गति क्या होगी?
A
$\frac{V_{P}}{\sin \theta}$
B
$V_{P} \tan \theta$
C
$\frac{\sin \theta}{V_{P}}$
D
$V_{P} \sin \theta$

Solution

(A) क्रांतिक कोण $\theta$ पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए अपवर्तन कोण $\frac{\pi}{2}$ होता है।
माध्यम $P$ और माध्यम $Q$ के बीच स्नेल के नियम का उपयोग करने पर:
$n_{P} \sin \theta = n_{Q} \sin \left(\frac{\pi}{2}\right)$
चूंकि $\sin \left(\frac{\pi}{2}\right) = 1$,इसलिए $n_{P} \sin \theta = n_{Q}$।
इसका अर्थ है कि $\frac{n_{P}}{n_{Q}} = \frac{1}{\sin \theta}$।
अपवर्तनांक $n$ माध्यम में प्रकाश की गति $V$ के व्युत्क्रमानुपाती होता है $(n = \frac{c}{V})$,इसलिए $\frac{n_{P}}{n_{Q}} = \frac{V_{Q}}{V_{P}}$।
दोनों समीकरणों की तुलना करने पर:
$\frac{V_{Q}}{V_{P}} = \frac{1}{\sin \theta}$
अतः,माध्यम $Q$ में प्रकाश की गति $V_{Q} = \frac{V_{P}}{\sin \theta}$ होगी।
274
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
यदि ${ }_{i} \mu_{j}$ अपवर्तनांक को दर्शाता है जब किरण माध्यम $i$ से माध्यम $j$ में जाती है,तो गुणनफल ${ }_2 \mu_1 \times { }_3 \mu_2 \times { }_4 \mu_3$ किसके बराबर है?
A
$\frac{1}{{ }_3 \mu_2}$
B
${ }_3 \mu_2$
C
$\frac{1}{{ }_4 \mu_1}$
D
${ }_4 \mu_1$

Solution

(D) माध्यम $i$ के सापेक्ष माध्यम $j$ का अपवर्तनांक ${ }_{i} \mu_{j} = \frac{\mu_j}{\mu_i}$ के रूप में परिभाषित है,जहाँ $\mu$ माध्यम का निरपेक्ष अपवर्तनांक है।
दिया गया व्यंजक: ${ }_2 \mu_1 \times { }_3 \mu_2 \times { }_4 \mu_3$.
अपवर्तनांक की परिभाषा रखने पर:
$= \frac{\mu_1}{\mu_2} \times \frac{\mu_2}{\mu_3} \times \frac{\mu_3}{\mu_4}$.
अंश और हर में समान पदों को काटने पर:
$= \frac{\mu_1}{\mu_4}$.
परिभाषा के अनुसार,$\frac{\mu_1}{\mu_4} = { }_4 \mu_1$ होता है।
275
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
$\mu$ अपवर्तनांक वाली एक प्लेट की मोटाई क्या होनी चाहिए जो उससे गुजरने वाले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य $\lambda$ के आधे के बराबर प्रकाशीय पथ में परिवर्तन उत्पन्न करे?
A
$\frac{\lambda}{4(\mu-1)}$
B
$\frac{\lambda}{(\mu-1)}$
C
$\frac{3 \lambda}{4(\mu-1)}$
D
$\frac{\lambda}{2(\mu-1)}$

Solution

(D) माना प्लेट की मोटाई $t$ है।
जब प्रकाश $t$ मोटाई और $\mu$ अपवर्तनांक वाली प्लेट से गुजरता है,तो प्रकाशीय पथ की लंबाई $\mu t$ होती है।
समान दूरी $t$ के लिए हवा में प्रकाशीय पथ की लंबाई $t$ होती है।
प्रकाशीय पथ में परिवर्तन (प्रकाशीय पथ अंतर) $\Delta = \mu t - t = (\mu - 1)t$ द्वारा दिया जाता है।
प्रश्न के अनुसार,प्रकाशीय पथ में यह परिवर्तन तरंगदैर्ध्य के आधे के बराबर है,अर्थात $\Delta = \frac{\lambda}{2}$।
दोनों व्यंजकों को बराबर करने पर: $(\mu - 1)t = \frac{\lambda}{2}$।
$t$ के लिए हल करने पर,हमें $t = \frac{\lambda}{2(\mu - 1)}$ प्राप्त होता है।
276
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
प्रकाश की एक एकवर्णी किरण कांच के स्लैब और पानी के स्तंभ से होकर गुजरती है। $4 \,cm$ मोटाई वाले कांच के स्लैब में तरंगों की संख्या $5 \,cm$ ऊंचाई वाले पानी के स्तंभ में तरंगों की संख्या के बराबर है। यदि कांच का अपवर्तनांक $\frac{5}{3}$ है, तो पानी का अपवर्तनांक क्या होगा?
A
$\frac{4}{3}$
B
$\frac{5}{4}$
C
$\frac{6}{5}$
D
$\frac{3}{2}$

Solution

(A) $t$ मोटाई के माध्यम में तरंगों की संख्या $N = \frac{t}{\lambda_m}$ द्वारा दी जाती है, जहाँ $\lambda_m = \frac{\lambda_0}{\mu}$ माध्यम में तरंगदैर्ध्य है और $\lambda_0$ निर्वात में तरंगदैर्ध्य है।
अतः, $N = \frac{t \cdot \mu}{\lambda_0}$.
यह दिया गया है कि कांच के स्लैब $(t_g = 4 \,cm, \mu_g = 5/3)$ में तरंगों की संख्या पानी के स्तंभ $(t_w = 5 \,cm, \mu_w = ?)$ में तरंगों की संख्या के बराबर है, इसलिए:
$\frac{t_g \cdot \mu_g}{\lambda_0} = \frac{t_w \cdot \mu_w}{\lambda_0}$
$t_g \cdot \mu_g = t_w \cdot \mu_w$
दिए गए मानों को रखने पर:
$4 \times \frac{5}{3} = 5 \times \mu_w$
$\frac{20}{3} = 5 \times \mu_w$
$\mu_w = \frac{20}{3 \times 5} = \frac{4}{3}$.
277
PhysicsDifficultMCQMHT CET · 2022
$\mu$ अपवर्तनांक वाले द्रव की सतह के नीचे $h$ ऊँचाई पर स्थित प्रकाश के एक बिंदु स्रोत से आने वाली किरणें,सतह पर $r$ त्रिज्या का प्रकाश का एक वृत्ताकार पैच बनाती हैं। पैच का क्षेत्रफल है
A
$\frac{\pi}{h\left(\mu^2-1\right)}$
B
$\frac{\pi h}{\left(\mu^2-1\right)}$
C
$\frac{\pi h^2}{\left(\mu^2-1\right)}$
D
$\frac{\pi h^2}{\sqrt{\left(\mu^2-1\right)}}$

Solution

(C) प्रकाश का पैच उन किरणों के कारण बनता है जो द्रव-वायु इंटरफेस पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन से गुजरती हैं। क्रांतिक कोण $\theta_C$ पर आपतित किरणें अभिलंब के साथ $90^\circ$ के कोण पर बाहर निकलती हैं।
समस्या की ज्यामिति से,हमारे पास $\tan \theta_C = \frac{r}{h}$ है।
क्रांतिक कोण पर स्नेल के नियम का उपयोग करते हुए:
$\mu \sin \theta_C = 1 \cdot \sin 90^\circ = 1$
$\sin \theta_C = \frac{1}{\mu}$
चूंकि $\sin \theta_C = \frac{1}{\mu}$,हम $\tan \theta_C = \frac{\sin \theta_C}{\sqrt{1 - \sin^2 \theta_C}} = \frac{1/\mu}{\sqrt{1 - 1/\mu^2}} = \frac{1}{\sqrt{\mu^2 - 1}}$ संबंध का उपयोग करके $\tan \theta_C$ ज्ञात कर सकते हैं।
$\tan \theta_C$ के लिए दोनों व्यंजकों की तुलना करने पर:
$\frac{r}{h} = \frac{1}{\sqrt{\mu^2 - 1}}$
$r = \frac{h}{\sqrt{\mu^2 - 1}}$
वृत्ताकार पैच का क्षेत्रफल $A = \pi r^2 = \pi \left( \frac{h}{\sqrt{\mu^2 - 1}} \right)^2 = \frac{\pi h^2}{\mu^2 - 1}$ है।
Solution diagram
278
PhysicsDifficultMCQMHT CET · 2022
सफेद प्रकाश की एक किरण एक सतह से आंशिक रूप से परावर्तित और आंशिक रूप से अपवर्तित होती है। परावर्तित और अपवर्तित प्रकाश के बीच का कोण $90^{\circ}$ है। अपवर्तन कोण $30^{\circ}$ है। आपतन कोण क्या होगा ($^{\circ}$ में)?
A
$70$
B
$60$
C
$55$
D
$58$

Solution

(B) माना $i$ आपतन कोण है,$r$ परावर्तन कोण है और $r_F$ अपवर्तन कोण है।
परावर्तन के नियम के अनुसार,आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है,इसलिए $i = r$।
एक सीधी रेखा (सतह) पर बने कोणों का योग $180^{\circ}$ होता है।
दी गई ज्यामिति के अनुसार,परावर्तन कोण,परावर्तित और अपवर्तित किरणों के बीच का कोण और अपवर्तन कोण का योग $180^{\circ}$ होता है।
इसलिए,$r + 90^{\circ} + r_F = 180^{\circ}$।
यहाँ $r_F = 30^{\circ}$ दिया गया है,इसलिए $r + 90^{\circ} + 30^{\circ} = 180^{\circ}$।
$r + 120^{\circ} = 180^{\circ}$।
$r = 180^{\circ} - 120^{\circ} = 60^{\circ}$।
चूंकि $i = r$,इसलिए आपतन कोण $i = 60^{\circ}$ होगा।
Solution diagram
279
PhysicsDifficultMCQMHT CET · 2022
हाइड्रोजन परमाणु $(_1H^1)$ और हीलियम आयन $(He^+)$ $(_2^4He)$ के लिए $2^{\text{nd}}$ कक्षा के इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा का अनुपात क्या है?
A
$4$
B
$\frac{1}{2}$
C
$2$
D
$\frac{1}{4}$

Solution

(D) हाइड्रोजन जैसे परमाणु में $n^{\text{th}}$ कक्षा में स्थित इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा $E$ का सूत्र $E_n = -13.6 \frac{Z^2}{n^2} \text{ eV}$ है।
हाइड्रोजन परमाणु $(_1H^1)$ के लिए,$Z_H = 1$ और $n = 2$ है। अतः,$E_H = -13.6 \frac{1^2}{2^2} = -13.6 \times \frac{1}{4} \text{ eV}$।
हीलियम आयन $(He^+)$ के लिए,$Z_{He} = 2$ और $n = 2$ है। अतः,$E_{He} = -13.6 \frac{2^2}{2^2} = -13.6 \times 1 \text{ eV}$।
हाइड्रोजन परमाणु और हीलियम आयन की कुल ऊर्जा का अनुपात: $\frac{E_H}{E_{He}} = \frac{-13.6 \times (1/4)}{-13.6 \times 1} = \frac{1}{4}$ है।
280
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
$\text{एक कांच के स्लैब (अपवर्तनांक } 1.5\text{) में स्थित एक बुलबुला जब एक तरफ से देखा जाता है तो } 5 \,cm \text{ पर और दूसरी तरफ से देखा जाता है तो } 2 \,cm \text{ पर दिखाई देता है। स्लैब की मोटाई क्या है (} \,cm \text{ में)?}$
A
$2.5$
B
$3$
C
$10.5$
D
$3.75$

Solution

(C)
माना कांच के स्लैब की मोटाई $t$ है और एक तरफ से बुलबुले की वास्तविक दूरी $x$ है।
जब एक तरफ से देखा जाता है, तो आभासी गहराई $d_1 = x / \mu = 5 \,cm$ होती है।
जब दूसरी तरफ से देखा जाता है, तो आभासी गहराई $d_2 = (t - x) / \mu = 2 \,cm$ होती है।
इन दोनों समीकरणों को जोड़ने पर:
$d_1 + d_2 = (x / \mu) + ((t - x) / \mu) = t / \mu$
यहाँ $\mu = 1.5$, $d_1 = 5 \,cm$, और $d_2 = 2 \,cm$ दिया गया है:
$5 + 2 = t / 1.5$
$7 = t / 1.5$
$t = 7 \times 1.5 = 10.5 \,cm$
अतः, स्लैब की मोटाई $10.5 \,cm$ है।
281
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एक $p-n$ जंक्शन डायोड की फॉरवर्ड बायस व्यवस्था में,
A
$p$-क्षेत्र बैटरी के धनात्मक टर्मिनल से जुड़ा होता है।
B
$n$-क्षेत्र बैटरी के धनात्मक टर्मिनल से जुड़ा होता है।
C
$p$-क्षेत्र बैटरी के ऋणात्मक टर्मिनल से जुड़ा होता है।
D
$n$-क्षेत्र बैटरी के ऋणात्मक टर्मिनल से जुड़ा होता है।

Solution

(A) एक $p-n$ जंक्शन डायोड में,फॉरवर्ड बायस तब होता है जब $p$-प्रकार के अर्धचालक को बाहरी बैटरी के धनात्मक टर्मिनल से और $n$-प्रकार के अर्धचालक को ऋणात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है।
यह विन्यास अवक्षय परत (depletion layer) की चौड़ाई को कम करता है और विभव प्राचीर (potential barrier) को नीचा करता है,जिससे डायोड के माध्यम से धारा आसानी से प्रवाहित हो सकती है।
282
PhysicsDifficultMCQMHT CET · 2022
निम्नलिखित में से कौन सा ग्राफ एक डायोड की फॉरवर्ड बायस विशेषता को दर्शाता है?
Question diagram
A
$C$
B
$B$
C
$D$
D
$A$

Solution

(C) $PN$ जंक्शन डायोड की फॉरवर्ड बायस विशेषता गैर-रेखीय और घातांकीय (exponential) प्रकृति की होती है।
जैसे-जैसे फॉरवर्ड वोल्टेज $V$ बढ़ता है,धारा $I$ पहले धीरे-धीरे बढ़ती है और फिर नी (knee) वोल्टेज के बाद तेजी से बढ़ती है।
दिए गए वक्रों में से,वक्र $D$ वोल्टेज के साथ धारा में घातांकीय वृद्धि को दर्शाता है,जो डायोड के फॉरवर्ड बायस क्षेत्र की विशेषता है।
वक्र $A$ एक रेखीय कमी को दर्शाता है,$B$ एक धीमी रेखीय वृद्धि को दर्शाता है,और $C$ एक रेखीय वृद्धि को दर्शाता है।
इसलिए,ग्राफ $D$ फॉरवर्ड बायस विशेषता को सही ढंग से दर्शाता है।
283
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
दिए गए परिपथ में दो आदर्श डायोड $D_1$ और $D_2$ चित्र में दिखाए अनुसार जुड़े हैं। प्रतिरोध $R_1$ से प्रवाहित होने वाली धारा होगी ($\,A$ में)
Question diagram
A
$2$
B
$3.3$
C
$2.5$
D
$7$

Solution

(C) दिए गए परिपथ में, $10 \,V$ का स्रोत परिपथ से जुड़ा है।
डायोड के अभिविन्यास को देखते हुए:
- डायोड $D_1$ का कैथोड धनात्मक विभव की ओर जुड़ा है ($R_1$ के माध्यम से), जिससे यह रिवर्स बायस में हो जाता है। अतः, $D_1$ एक ओपन सर्किट (खुले स्विच) की तरह कार्य करता है ($R_2$ से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती)।
- डायोड $D_2$ का एनोड धनात्मक विभव की ओर जुड़ा है, जिससे यह फॉरवर्ड बायस में हो जाता है। अतः, $D_2$ एक बंद स्विच (शॉर्ट सर्किट) की तरह कार्य करता है।
इसलिए, परिपथ $10 \,V$ की बैटरी, प्रतिरोध $R_1 = 2 \,\Omega$ और प्रतिरोध $R_3 = 2 \,\Omega$ के श्रेणी संयोजन में सरल हो जाता है।
परिपथ में कुल प्रतिरोध $R_{eq} = R_1 + R_3 = 2 \,\Omega + 2 \,\Omega = 4 \,\Omega$ है।
$R_1$ से प्रवाहित होने वाली धारा ओम के नियम द्वारा दी जाती है: $I = \frac{V}{R_{eq}} = \frac{10 \,V}{4 \,\Omega} = 2.5 \,A$.
284
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
जब एक $p-n$ जंक्शन डायोड पर रिवर्स बायस लगाया जाता है,तो विभव प्राचीर (potential barrier) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A
यह माइनॉरिटी चार्ज कैरियर्स को बढ़ाता है।
B
यह विभव प्राचीर को कम करता है।
C
यह मेजॉरिटी चार्ज कैरियर्स को कम करता है।
D
यह विभव प्राचीर को बढ़ाता है।

Solution

(D) जब एक $p-n$ जंक्शन डायोड को रिवर्स बायस में रखा जाता है,तो बैटरी का धनात्मक टर्मिनल $n$-क्षेत्र से और ऋणात्मक टर्मिनल $p$-क्षेत्र से जुड़ा होता है।
यह विन्यास मेजॉरिटी चार्ज कैरियर्स ($n$-क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन और $p$-क्षेत्र में होल) को जंक्शन से दूर खींचता है।
परिणामस्वरूप,अवक्षय परत (depletion layer) की चौड़ाई बढ़ जाती है।
चूंकि अवक्षय परत की चौड़ाई बढ़ जाती है,इसलिए विभव प्राचीर की ऊंचाई भी बढ़ जाती है,जिससे मेजॉरिटी चार्ज कैरियर्स के लिए जंक्शन को पार करना अधिक कठिन हो जाता है।
285
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
एक ट्रांजिस्टर का उपयोग $2 \ k\Omega$ के लोड प्रतिरोध के साथ कॉमन एमिटर एम्पलीफायर के रूप में किया जाता है। इनपुट प्रतिरोध $150 \ \Omega$ है। बेस करंट में $20 \ \mu A$ का परिवर्तन होता है,जिसके परिणामस्वरूप कलेक्टर करंट में $1.5 \ mA$ का परिवर्तन होता है। एम्पलीफायर का वोल्टेज गेन क्या है?
A
$1100$
B
$1000$
C
$900$
D
$12000$

Solution

(B) सही विकल्प $B$ है।
अवधारणा: करंट गेन $\beta = \frac{\Delta I_C}{\Delta I_B}$ द्वारा दिया जाता है।
दिया गया है: $\Delta I_C = 1.5 \ mA = 1.5 \times 10^{-3} \ A$ और $\Delta I_B = 20 \ \mu A = 20 \times 10^{-6} \ A$.
$\beta$ की गणना: $\beta = \frac{1.5 \times 10^{-3}}{20 \times 10^{-6}} = \frac{1500}{20} = 75$.
वोल्टेज गेन $A_v = \beta \times \frac{R_L}{R_i}$ द्वारा दिया जाता है।
दिया गया है: लोड प्रतिरोध $R_L = 2 \ k\Omega = 2000 \ \Omega$ और इनपुट प्रतिरोध $R_i = 150 \ \Omega$.
मान रखने पर: $A_v = 75 \times \frac{2000}{150} = 75 \times \frac{40}{3} = 25 \times 40 = 1000$.
286
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
कॉमन एमिटर ट्रांजिस्टर एम्पलीफायर में,आउटपुट वोल्टेज और इनपुट वोल्टेज के बीच कितना कलांतर (phase difference) होता है?
A
$\pi$
B
$\frac{5 \pi}{6}$
C
$0$
D
$\frac{\pi}{2}$

Solution

(A) ट्रांजिस्टर एम्पलीफायर के कॉमन एमिटर $(CE)$ कॉन्फ़िगरेशन में,इनपुट सिग्नल को बेस-एमिटर जंक्शन पर लगाया जाता है और आउटपुट को कलेक्टर-एमिटर जंक्शन से लिया जाता है।
जब इनपुट सिग्नल वोल्टेज बढ़ता है,तो बेस करंट बढ़ता है,जिससे कलेक्टर करंट में वृद्धि होती है।
कलेक्टर सर्किट में जुड़े लोड रेजिस्टर $R_C$ के पार वोल्टेज ड्रॉप के कारण,कलेक्टर वोल्टेज कम हो जाता है।
इस प्रकार,इनपुट वोल्टेज में वृद्धि के परिणामस्वरूप आउटपुट वोल्टेज में कमी आती है,और इसके विपरीत भी होता है।
यह व्युत्क्रम संबंध इनपुट और आउटपुट सिग्नल के बीच $180^{\circ}$ या $\pi$ रेडियन के कलांतर (phase shift) को दर्शाता है।
287
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
एक $n-p-n$ ट्रांजिस्टर को एम्पलीफायर के रूप में कार्य करने के लिए बायस किया गया है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
A
इलेक्ट्रॉन उत्सर्जक (emitter) क्षेत्र से आधार (base) क्षेत्र में जाते हैं।
B
होल आधार क्षेत्र से संग्राहक (collector) क्षेत्र में जाते हैं।
C
इलेक्ट्रॉन आधार क्षेत्र से संग्राहक क्षेत्र में जाते हैं।
D
इलेक्ट्रॉन संग्राहक क्षेत्र से आधार क्षेत्र में जाते हैं।

Solution

(D) एक $n-p-n$ ट्रांजिस्टर में,उत्सर्जक $n$-प्रकार का,आधार $p$-प्रकार का और संग्राहक $n$-प्रकार का होता है।
$1$. इलेक्ट्रॉन उत्सर्जक में बहुसंख्यक आवेश वाहक होते हैं और वे उत्सर्जक से आधार की ओर गति करते हैं।
$2$. आधार में,इलेक्ट्रॉन होल के साथ पुनर्संयोजित होते हैं,लेकिन चूंकि आधार बहुत पतला और कम डोपिंग वाला होता है,इसलिए अधिकांश इलेक्ट्रॉन संग्राहक क्षेत्र में चले जाते हैं।
$3$. संग्राहक रिवर्स-बायस्ड होता है,जो आधार से आने वाले इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित करता है।
$4$. होल आधार में बहुसंख्यक आवेश वाहक होते हैं,लेकिन वे मुख्य धारा बनाने के लिए आधार से संग्राहक की ओर बड़ी संख्या में नहीं जाते हैं; बल्कि,संग्राहक धारा मुख्य रूप से उत्सर्जक से आधार के माध्यम से संग्राहक तक इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह के कारण होती है।
$5$. कथन $D$ गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉन उत्सर्जक से संग्राहक की ओर जाते हैं,न कि संग्राहक से आधार की ओर।
288
PhysicsMediumMCQMHT CET · 2022
कॉमन एमिटर $(CE)$ मोड में ट्रांजिस्टर की आउटपुट विशेषताएँ किस आलेख द्वारा प्राप्त की जाती हैं?
A
स्थिर $I_B$ पर $I_C$ बनाम $V_{BE}$
B
स्थिर $V_{BE}$ पर $I_C$ बनाम $I_B$
C
स्थिर $I_B$ पर $I_C$ बनाम $V_{CE}$
D
स्थिर $V_{CE}$ पर $I_C$ बनाम $I_B$

Solution

(C) कॉमन एमिटर $(CE)$ कॉन्फ़िगरेशन में ट्रांजिस्टर की आउटपुट विशेषताएँ आउटपुट करंट $(I_C)$ और आउटपुट वोल्टेज $(V_{CE})$ के बीच के संबंध को दर्शाती हैं,जबकि इनपुट करंट $(I_B)$ को स्थिर रखा जाता है।
इस कॉन्फ़िगरेशन में,कलेक्टर करंट $I_C$ को $y$-अक्ष पर और कलेक्टर-एमिटर वोल्टेज $V_{CE}$ को $x$-अक्ष पर बेस करंट $I_B$ के विभिन्न निश्चित मानों के लिए आलेखित किया जाता है।
इसलिए,सही आलेख स्थिर $I_B$ पर $I_C$ बनाम $V_{CE}$ को आलेखित करके प्राप्त किया जाता है।
289
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
ट्रांजिस्टर के कॉमन एमिटर मोड में, जब कलेक्टर-एमिटर वोल्टेज $0.4 \, V$ से बदलता है, तो कलेक्टर धारा $0.04 \, mA$ से बदल जाती है। आउटपुट प्रतिरोध है
A
$20 \, k\Omega$
B
$10 \, k\Omega$
C
$5 \, k\Omega$
D
$1 \, k\Omega$

Solution

(B) कॉमन एमिटर कॉन्फ़िगरेशन में ट्रांजिस्टर का आउटपुट प्रतिरोध $(R_o)$ स्थिर आधार धारा पर कलेक्टर-एमिटर वोल्टेज में परिवर्तन $(\Delta V_{CE})$ और कलेक्टर धारा में परिवर्तन $(\Delta I_C)$ के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।
$R_o = \frac{\Delta V_{CE}}{\Delta I_C}$
दिया गया है:
$\Delta V_{CE} = 0.4 \, V$
$\Delta I_C = 0.04 \, mA = 0.04 \times 10^{-3} \, A$
मान रखने पर:
$R_o = \frac{0.4}{0.04 \times 10^{-3}} = \frac{0.4}{4 \times 10^{-5}} = 0.1 \times 10^5 \, \Omega = 10,000 \, \Omega = 10 \, k\Omega$
290
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
जब तीनों इनपुट $A, B, C$ पहले लो (low) और फिर हाई (high) हों, तो आउटपुट $Y$ क्या होगा?
Question diagram
A
$1, 0$
B
$1, 1$
C
$0, 0$
D
$0, 1$

Solution

(A) दी गई सर्किट में $A$ और $B$ इनपुट वाला $NAND$ गेट, $C$ इनपुट वाला $NOT$ गेट और उनके आउटपुट को जोड़ने वाला $OR$ गेट है।
आउटपुट $Y$ के लिए बूलियन समीकरण $Y = (\overline{A \cdot B}) + \overline{C}$ है।
स्थिति $1$: जब तीनों इनपुट $A, B, C$ लो $(0, 0, 0)$ हों:
$A = 0, B = 0 \implies A \cdot B = 0 \implies \overline{A \cdot B} = 1$.
$C = 0 \implies \overline{C} = 1$.
$Y = 1 + 1 = 1$.
स्थिति $2$: जब तीनों इनपुट $A, B, C$ हाई $(1, 1, 1)$ हों:
$A = 1, B = 1 \implies A \cdot B = 1 \implies \overline{A \cdot B} = 0$.
$C = 1 \implies \overline{C} = 0$.
$Y = 0 + 0 = 0$.
अतः, आउटपुट क्रम $1, 0$ है।
Solution diagram
291
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
$NAND$ गेट का आउटपुट सत्यता सारणी में दिखाया गया है ($A$ और $B$ इनपुट हैं, $Y$ आउटपुट है)। सही सत्यता सारणी की पहचान करें।
Question diagram
A
$Q$
B
$R$
C
$S$
D
$P$

Solution

(C) $NAND$ गेट एक $AND$ गेट और उसके बाद एक $NOT$ गेट का संयोजन है。
$NAND$ गेट के लिए बूलियन व्यंजक $Y = \overline{A \cdot B}$ है。
आइए $A$ और $B$ के सभी संभावित इनपुट संयोजनों के लिए आउटपुट $Y$ का मूल्यांकन करें:
$1$. यदि $A = 0, B = 0$ है, तो $A \cdot B = 0$, इसलिए $Y = \overline{0} = 1$ है。
$2$. यदि $A = 0, B = 1$ है, तो $A \cdot B = 0$, इसलिए $Y = \overline{0} = 1$ है。
$3$. यदि $A = 1, B = 0$ है, तो $A \cdot B = 0$, इसलिए $Y = \overline{0} = 1$ है。
$4$. यदि $A = 1, B = 1$ है, तो $A \cdot B = 1$, इसलिए $Y = \overline{1} = 0$ है。
दी गई सारणियों के साथ तुलना करने पर:
- सारणी $(P)$ एक $OR$ गेट को दर्शाती है。
- सारणी $(Q)$ एक $XOR$ गेट को दर्शाती है。
- सारणी $(R)$ एक $AND$ गेट को दर्शाती है。
- सारणी $(S)$ एक $NAND$ गेट को दर्शाती है。
अतः, सही सत्यता सारणी $(S)$ है。
292
PhysicsEasyMCQMHT CET · 2022
दिए गए लॉजिक सर्किट आरेख में,$A$,$B$ और $C$ इनपुट हैं,और $Y$ आउटपुट है। आउटपुट $Y$ ' $HIGH$ ' (अर्थात $Y=1$) कब होता है:
Question diagram
A
जब $A=1, B=0, C=1$ हो
B
सभी इनपुट ' $HIGH$ ' होने पर
C
सभी इनपुट ' $LOW$ ' होने पर
D
जब $A=1, B=0, C=0$ हो

Solution

(D) इस लॉजिक सर्किट में एक $NOR$ गेट और उसके बाद एक $AND$ गेट जुड़ा है।
$NOR$ गेट के इनपुट $B$ और $C$ हैं,इसलिए इसका आउटपुट $\overline{B+C}$ प्राप्त होता है।
इस आउटपुट को इनपुट $A$ के साथ $AND$ गेट में दिया जाता है।
अतः,अंतिम आउटपुट $Y$ के लिए बूलियन व्यंजक: $Y = A \cdot \overline{(B+C)}$ है।
आउटपुट $Y$ के ' $HIGH$ ' $(Y=1)$ होने के लिए,$A=1$ होना चाहिए और $\overline{(B+C)}=1$ होना चाहिए।
$\overline{(B+C)} = 1$ का अर्थ है कि $(B+C) = 0$,जिसका अर्थ है कि $B=0$ और $C=0$ दोनों होने चाहिए।
इस प्रकार,जब $A=1, B=0$ और $C=0$ होता है,तब $Y=1$ प्राप्त होता है।
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निम्नलिखित में से किस लॉजिक गेट को यूनिवर्सल गेट कहा जाता है?
A
$NOR$
B
$NOT$
C
Ex-$OR$
D
$AND$

Solution

(A) एक यूनिवर्सल गेट वह लॉजिक गेट है जिसका उपयोग किसी अन्य प्रकार के गेट की आवश्यकता के बिना किसी भी अन्य लॉजिक गेट या बूलियन फ़ंक्शन को लागू करने के लिए किया जा सकता है।
$NAND$ और $NOR$ दोनों गेटों को यूनिवर्सल गेट के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
चूंकि दिए गए विकल्पों में से $NOR$ इस परिभाषा के अनुरूप है,इसलिए सही उत्तर $NOR$ है।
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दिए गए लॉजिक गेट्स के संयोजन के लिए,इनपुट $A, B$ और $C$ इस प्रकार हैं। यदि $A=B=C=0$ और $A=B=1, C=0$ है,तो आउटपुट $D$ की लॉजिक स्थितियाँ क्रमशः क्या होंगी?
Question diagram
A
$0$,$0$
B
$0$,$1$
C
$1$,$0$
D
$1$,$1$

Solution

(D) दिए गए सर्किट में एक $OR$ गेट और उसके बाद एक $NAND$ गेट है।
$OR$ गेट का आउटपुट $Y = A + B$ है।
यह आउटपुट $Y$ $NAND$ गेट के इनपुट में से एक है,और दूसरा इनपुट $C$ है।
$NAND$ गेट का अंतिम आउटपुट $D = \overline{Y \cdot C} = \overline{(A + B) \cdot C}$ है।
स्थिति $1$: $A=0, B=0, C=0$
$Y = 0 + 0 = 0$
$D = \overline{0 \cdot 0} = \overline{0} = 1$
स्थिति $2$: $A=1, B=1, C=0$
$Y = 1 + 1 = 1$
$D = \overline{1 \cdot 0} = \overline{0} = 1$
अतः,आउटपुट $D$ की लॉजिक स्थितियाँ $1, 1$ हैं।
295
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$OR$ गेट का आउटपुट $1$ होता है:
A
यदि कोई भी इनपुट $0$ हो
B
केवल यदि दोनों इनपुट $0$ हों
C
यदि कोई एक या दोनों इनपुट $1$ हों
D
केवल यदि दोनों इनपुट $1$ हों

Solution

(C) $OR$ गेट एक बुनियादी लॉजिक गेट है जो तार्किक योग (logical addition) करता है।
$A$ और $B$ इनपुट वाले $OR$ गेट के लिए,आउटपुट $Y$ को बूलियन व्यंजक $Y = A + B$ द्वारा दर्शाया जाता है।
$OR$ गेट की सत्य सारणी (truth table) के अनुसार,यदि कम से कम एक इनपुट $1$ है,तो आउटपुट $1$ प्राप्त होता है।
विशेष रूप से,यदि इनपुट $A$ का मान $1$ है या इनपुट $B$ का मान $1$ है,या यदि दोनों इनपुट $A$ और $B$ का मान $1$ है,तो आउटपुट $Y$ का मान $1$ होगा।
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बूलियन व्यंजक $\overline{(A+B) \cdot(A \cdot B)}=1$ के लिए $A$ और $B$ का इनपुट क्या होगा?
A
$1, 0$
B
$0, 0$
C
$0, 1$
D
$1, 1$

Solution

(B) दिया गया बूलियन व्यंजक: $\overline{(A+B) \cdot(A \cdot B)}=1$ है।
दोनों पक्षों का पूरक (complement) लेने पर,हमें प्राप्त होता है: $(A+B) \cdot(A \cdot B) = 0$।
हम दिए गए विकल्पों की जाँच करते हैं:
विकल्प $B$ $(A=0, B=0)$ के लिए: $(0+0) \cdot (0 \cdot 0) = 0 \cdot 0 = 0$। चूँकि यह समीकरण को संतुष्ट करता है,इसलिए इनपुट $(0, 0)$ है।
विकल्प $A$ $(A=1, B=0)$ के लिए: $(1+0) \cdot (1 \cdot 0) = 1 \cdot 0 = 0$। यह भी $0$ परिणाम देता है,लेकिन मूल व्यंजक में $\overline{0} = 1$ होता है।
विकल्प $D$ $(A=1, B=1)$ के लिए: $(1+1) \cdot (1 \cdot 1) = 1 \cdot 1 = 1$। अतः $\overline{1} = 0 \neq 1$।
इस प्रकार,$(0, 0)$ सही विकल्प है।
297
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लॉजिक गेट्स के निम्नलिखित संयोजन के लिए,जब तीनों इनपुट $A$,$B$ और $C$ पहले 'हाई' $(1)$ और फिर 'लो' $(0)$ होते हैं,तो आउटपुट $Y$ क्रमशः क्या होगा?
Question diagram
A
$0$,$0$
B
$0$,$1$
C
$1$,$0$
D
$1$,$1$

Solution

(B) मान लीजिए कि इनपुट $A, B$ और $C$ सर्किट को दिए गए हैं।
गेट-$I$ एक $AND$ गेट है और गेट-$II$ एक $NAND$ गेट है।
$AND$ गेट का आउटपुट $X = A \cdot B$ है।
अंतिम आउटपुट $Y$,$X$ और $C$ का $NAND$ है,इसलिए $Y = \overline{X \cdot C} = \overline{(A \cdot B) \cdot C}$।
जब $A=1, B=1, C=1$ (सभी हाई):
$Y = \overline{(1 \cdot 1) \cdot 1} = \overline{1 \cdot 1} = \overline{1} = 0$।
जब $A=0, B=0, C=0$ (सभी लो):
$Y = \overline{(0 \cdot 0) \cdot 0} = \overline{0 \cdot 0} = \overline{0} = 1$।
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चित्र में दिखाए गए लॉजिक सर्किट से आउटपुट $Y = 1$ प्राप्त करने के लिए,इनपुट क्या हो सकते हैं?
Question diagram
A
$A=1, B=0, C=0$
B
$A=1, B=0, C=1$
C
$A=1, B=1, C=0$
D
$A=0, B=0, C=1$

Solution

(B) दिए गए लॉजिक सर्किट में एक $OR$ गेट और उसके बाद एक $AND$ गेट है। मान लीजिए कि $OR$ गेट का आउटपुट $X$ है। तो $X = A + B$ होगा।
अंतिम आउटपुट $Y$ $AND$ गेट से प्राप्त होता है,जहाँ $Y = X \cdot C = (A + B) \cdot C$ होता है।
आउटपुट $Y = 1$ प्राप्त करने के लिए,$AND$ गेट के दोनों इनपुट $1$ होने चाहिए। इसलिए,$X = 1$ और $C = 1$ होना आवश्यक है।
चूँकि $X = A + B = 1$,इसलिए $A$ या $B$ में से कम से कम एक $1$ होना चाहिए।
विकल्पों की जाँच करने पर:
$A) A=1, B=0, C=0 \implies Y = (1+0) \cdot 0 = 0$
$B) A=1, B=0, C=1 \implies Y = (1+0) \cdot 1 = 1$
$C) A=1, B=1, C=0 \implies Y = (1+1) \cdot 0 = 0$
$D) A=0, B=0, C=1 \implies Y = (0+0) \cdot 1 = 0$
अतः,विकल्प $B$ सही है।

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