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Mix Examples-Moving Charges and Magnetism Questions in Hindi

Class 12 Physics · Moving Charges and Magnetism · Mix Examples-Moving Charges and Magnetism

105+

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100%

With Solutions

Showing 50 of 105 questions in Hindi

1
DifficultMCQ
पारगम्यता (permeability) का $SI$ मात्रक क्या है?
A
हेनरी प्रति मीटर
B
टेस्ला मीटर प्रति एम्पियर
C
वेबर प्रति एम्पियर मीटर
D
उपर्युक्त सभी मात्रक सही हैं

Solution

(D) पारगम्यता $\mu$,चुंबकीय क्षेत्र $B$,चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता $H$ और चुंबकीय फ्लक्स $\Phi$ से संबंधित है।
संबंध $B = \mu H$ से,$\mu$ का मात्रक $\text{Tesla} / (\text{Ampere/metre}) = \text{Tesla metre per ampere}$ $(T \cdot m \cdot A^{-1})$ होता है।
चूंकि $1 \text{ Tesla} = 1 \text{ Weber/metre}^2$,इसलिए मात्रक $(\text{Weber/metre}^2) \cdot \text{metre} / \text{Ampere} = \text{Weber per ampere metre}$ $(Wb \cdot A^{-1} \cdot m^{-1})$ हो जाता है।
साथ ही,एक परिनालिका (solenoid) का प्रेरकत्व $L$,$L = \mu n^2 A l$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $\mu$ का मात्रक $\text{Henry/metre}$ $(H \cdot m^{-1})$ है।
अतः,दिए गए सभी मात्रक समान और सही हैं।
2
EasyMCQ
समान गति में स्थित विद्युत आवेश क्या उत्पन्न करता है?
A
केवल एक विद्युत क्षेत्र
B
केवल एक चुंबकीय क्षेत्र
C
विद्युत और चुंबकीय दोनों क्षेत्र
D
न तो विद्युत और न ही चुंबकीय क्षेत्र

Solution

(C) विराम अवस्था में स्थित विद्युत आवेश केवल विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है।
जब एक विद्युत आवेश समान गति में होता है,तो यह एक स्थिर धारा का निर्माण करता है।
एक स्थिर धारा अपने चारों ओर के स्थान में चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है,जो उस विद्युत क्षेत्र के अतिरिक्त होता है जो हमेशा आवेश के साथ जुड़ा होता है।
इसलिए,समान गति में स्थित आवेश विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र दोनों उत्पन्न करता है।
3
EasyMCQ
यदि कोई प्रेक्षक एक स्थिर इलेक्ट्रॉन के सापेक्ष गति कर रहा है,तो वह क्या देखता है?
A
केवल चुंबकीय क्षेत्र
B
केवल विद्युत क्षेत्र
C
$(a)$ और $(b)$ दोनों
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(C) एक स्थिर इलेक्ट्रॉन अपने विराम फ्रेम में एक विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है। जब कोई प्रेक्षक इलेक्ट्रॉन के सापेक्ष गति करता है,तो प्रेक्षक के सापेक्ष इलेक्ट्रॉन गतिमान प्रतीत होता है। एक गतिमान आवेश विद्युत धारा का निर्माण करता है,जो चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। इसलिए,प्रेक्षक विद्युत क्षेत्र (आवेश के कारण) और चुंबकीय क्षेत्र (आवेश की सापेक्ष गति के कारण) दोनों का अनुभव करता है।
4
MediumMCQ
जैसे-जैसे गर्म जंक्शन का तापमान बढ़ता है, थर्मो $e.m.f.$
A
हमेशा बढ़ता है
B
हमेशा घटता है
C
बढ़ या घट सकता है
D
हमेशा स्थिर रहता है

Solution

(C) थर्मो $e.m.f.$ $(E)$ और गर्म जंक्शन के तापमान $(T_h)$ के बीच का संबंध परवलयिक समीकरण $E = a(T_h - T_c) + \frac{1}{2}b(T_h - T_c)^2$ द्वारा दिया जाता है, जहाँ $T_c$ ठंडे जंक्शन का तापमान है।
चूंकि ग्राफ परवलयिक है, $e.m.f.$ तापमान के साथ तब तक बढ़ता है जब तक कि यह तटस्थ तापमान $(T_n)$ पर अधिकतम मान तक नहीं पहुंच जाता।
तटस्थ तापमान के बाद, जैसे-जैसे गर्म जंक्शन का तापमान और बढ़ता है, $e.m.f.$ घटने लगता है।
इसलिए, तटस्थ तापमान के सापेक्ष तापमान की सीमा के आधार पर थर्मो $e.m.f.$ बढ़ या घट सकता है।
5
EasyMCQ
वह तापमान जिस पर थर्मोकपल की थर्मो-इलेक्ट्रिक शक्ति शून्य हो जाती है,उसे क्या कहते हैं?
A
इंवर्जन तापमान
B
न्यूट्रल तापमान
C
जंक्शन तापमान
D
नल तापमान

Solution

(B) थर्मो-इलेक्ट्रिक शक्ति $P$ को तापमान $(\theta)$ के सापेक्ष थर्मो-इलेक्ट्रिक $EMF$ $(E)$ के परिवर्तन की दर के रूप में परिभाषित किया जाता है,जो $P = \frac{dE}{d\theta}$ द्वारा दिया जाता है।
न्यूट्रल तापमान $(t_n)$ पर,थर्मो-इलेक्ट्रिक $EMF$ $(E)$ अपने अधिकतम मान तक पहुँच जाता है।
चूंकि किसी फलन का उसके अधिकतम बिंदु पर अवकलज शून्य होता है,इसलिए न्यूट्रल तापमान पर थर्मो-इलेक्ट्रिक शक्ति $P$ शून्य हो जाती है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
6
DifficultMCQ
जब कोल्ड जंक्शन $0\,^{\circ}C$ पर होता है,तब एक थर्मोकपल का उदासीन (neutral) तापमान $350\,^{\circ}C$ होता है। जब कोल्ड जंक्शन को $30\,^{\circ}C$ के बाथ में डुबोया जाता है,तो व्युत्क्रमण (inversion) तापमान .............. $^{\circ}C$ होता है।
A
$700$
B
$600$
C
$350$
D
$670$

Solution

(D) उदासीन तापमान $(t_n)$,कोल्ड जंक्शन तापमान $(t_c)$,और व्युत्क्रमण तापमान $(t_i)$ के बीच का संबंध इस प्रकार है: $t_n = \frac{t_i + t_c}{2}$.
प्रारंभिक स्थिति दी गई है: $t_n = 350\,^{\circ}C$ जब $t_c = 0\,^{\circ}C$.
सूत्र $t_n = \frac{t_i + t_c}{2}$ का उपयोग करते हुए,हम थर्मोकपल का स्थिरांक गुण प्राप्त करते हैं: $350 = \frac{t_i + 0}{2}$,जिसका अर्थ है कि $t_c = 0\,^{\circ}C$ के लिए $t_i = 700\,^{\circ}C$ है।
हालाँकि,उदासीन तापमान $t_n$ एक दिए गए थर्मोकपल युग्म के लिए स्थिर रहता है। सूत्र को $t_i = 2t_n - t_c$ के रूप में पुनर्व्यवस्थित किया जा सकता है।
नए कोल्ड जंक्शन तापमान $t_c = 30\,^{\circ}C$ और स्थिरांक $t_n = 350\,^{\circ}C$ को प्रतिस्थापित करने पर:
$t_i = 2(350) - 30 = 700 - 30 = 670\,^{\circ}C$.
7
EasyMCQ
एक टेस्ला किसके बराबर होता है?
A
$10^7 \, \text{gauss}$
B
$10^{-4} \, \text{gauss}$
C
$10^4 \, \text{gauss}$
D
$10^{-8} \, \text{gauss}$

Solution

(C) $SI$ प्रणाली में चुंबकीय क्षेत्र की इकाई टेस्ला $(T)$ है।
$CGS$ प्रणाली में चुंबकीय क्षेत्र की इकाई गॉस $(G)$ है।
इन दोनों इकाइयों के बीच का संबंध $1 \, T = 10^4 \, G$ के रूप में परिभाषित है।
अतः,एक टेस्ला $10^4 \, \text{gauss}$ के बराबर होता है।
8
MediumMCQ
एक नियत वेग से गति करता हुआ प्रोटॉन अंतरिक्ष के एक क्षेत्र से बिना अपने वेग में किसी परिवर्तन के गुजरता है। यदि $\overrightarrow{E}$ और $\overrightarrow{B}$ क्रमशः विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों को दर्शाते हैं,तो इस क्षेत्र में क्या हो सकता है?
A
$E = 0, B = 0$
B
$E = 0, B \neq 0$
C
$E \neq 0, B \neq 0$
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) विद्युत क्षेत्र $\overrightarrow{E}$ और चुंबकीय क्षेत्र $\overrightarrow{B}$ की उपस्थिति में $\overrightarrow{v}$ वेग से गतिमान प्रोटॉन पर लगने वाला बल लॉरेंट्ज़ बल नियम द्वारा दिया जाता है: $\overrightarrow{F} = q(\overrightarrow{E} + \overrightarrow{v} \times \overrightarrow{B})$।
चूंकि प्रोटॉन नियत वेग से गति कर रहा है,इसलिए कुल बल $\overrightarrow{F}$ शून्य होना चाहिए।
स्थिति $1$: यदि $\overrightarrow{E} = 0$ और $\overrightarrow{B} = 0$ है,तो $\overrightarrow{F} = 0$ होगा। प्रोटॉन सीधी रेखा में गति जारी रखता है।
स्थिति $2$: यदि $\overrightarrow{E} = 0$ और $\overrightarrow{B} \neq 0$ है,तो बल $\overrightarrow{F} = q(\overrightarrow{v} \times \overrightarrow{B})$ होगा। यदि $\overrightarrow{B}$,$\overrightarrow{v}$ के समानांतर या प्रति-समानांतर है,तो $\overrightarrow{v} \times \overrightarrow{B} = 0$ होगा,अतः $\overrightarrow{F} = 0$ होगा।
स्थिति $3$: यदि $\overrightarrow{E} \neq 0$ और $\overrightarrow{B} \neq 0$ है,तो बल एक-दूसरे को निरस्त कर सकते हैं यदि $q\overrightarrow{E} = -q(\overrightarrow{v} \times \overrightarrow{B})$ अर्थात $\overrightarrow{E} = -(\overrightarrow{v} \times \overrightarrow{B})$ हो। यह वेग चयनकर्ता (velocity selector) का सिद्धांत है।
अतः,दी गई सभी स्थितियाँ संभव हैं।
9
EasyMCQ
एक ही दिशा में गतिमान इलेक्ट्रॉनों की दो समानांतर किरणें (beams) एक-दूसरे पर कैसा बल लगाती हैं?
A
कागज के तल में आकर्षण बल
B
कागज के तल में प्रतिकर्षण बल
C
कागज के तल के लंबवत ऊपर की ओर
D
कागज के तल के लंबवत नीचे की ओर

Solution

(B) जब इलेक्ट्रॉनों की दो किरणें एक-दूसरे के समानांतर और एक ही दिशा में गति करती हैं,तो प्रत्येक किरण एक धारावाही तार की तरह कार्य करती है। चूंकि इलेक्ट्रॉन एक ही दिशा में गति कर रहे हैं,इसलिए दोनों किरणों में पारंपरिक विद्युत धारा भी एक ही दिशा में होती है। दो समानांतर धारावाही चालकों के बीच चुंबकीय बल के नियम के अनुसार,समान दिशा में बहने वाली धाराएं एक-दूसरे को आकर्षित करती हैं। हालांकि,इलेक्ट्रॉन किरणों के लिए हमें स्थिर-वैद्युत बल पर भी विचार करना चाहिए। ऋणात्मक रूप से आवेशित इलेक्ट्रॉनों के बीच स्थिर-वैद्युत प्रतिकर्षण बल,चुंबकीय आकर्षण बल की तुलना में काफी अधिक शक्तिशाली होता है। इसलिए,एक ही दिशा में गतिमान दो समानांतर इलेक्ट्रॉन किरणों के बीच का परिणामी बल कागज के तल में प्रतिकर्षण बल होता है।
10
EasyMCQ
इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन की एक किरण (beam) एक-दूसरे के समानांतर एक ही दिशा में गति करती है। तो वे:
A
एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं
B
एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं
C
कोई संबंध नहीं है
D
न तो आकर्षित करते हैं और न ही प्रतिकर्षित

Solution

(A) $1$. इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन की गतिमान किरणें विद्युत धारा का निर्माण करती हैं। चूंकि वे एक ही दिशा में गति कर रहे हैं,इसलिए उनके बीच का चुंबकीय बल आकर्षक होता है।
$2$. हालाँकि,इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन आवेशित कण हैं। एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन के बीच का स्थिर-वैद्युत बल (electrostatic force) आकर्षक होता है क्योंकि उनके आवेश विपरीत होते हैं।
$3$. इस विशिष्ट स्थिति में,स्थिर-वैद्युत बल चुंबकीय बल की तुलना में काफी अधिक शक्तिशाली होता है।
$4$. इसलिए,इलेक्ट्रॉन किरण और प्रोटॉन किरण के बीच का कुल बल आकर्षक होता है।
11
DifficultMCQ
$r$ त्रिज्या वाली एक वृत्ताकार कुंडली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र,समान धारा के लिए उससे $r$ दूरी पर स्थित एक लंबे सीधे तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र का $\pi$ गुना है। चित्र तीन स्थितियाँ दर्शाता है: सभी स्थितियों में वृत्ताकार भाग की त्रिज्या $r$ है और सीधे तार अनंत लंबाई के हैं। समान धारा के लिए,स्थितियों $1$,$2$ और $3$ में केंद्र $P$ पर $B$ क्षेत्र का अनुपात ज्ञात कीजिए:
Question diagram
A
$\left( -\frac{\pi}{2} \right) : \left( \frac{\pi}{2} \right) : \left( \frac{3\pi}{4} - \frac{1}{2} \right)$
B
$\left( -\frac{\pi}{2} + 1 \right) : \left( \frac{\pi}{2} + 1 \right) : \left( \frac{3\pi}{4} + \frac{1}{2} \right)$
C
$-\frac{\pi}{2} : \frac{\pi}{2} : 3\frac{\pi}{4}$
D
$\left( -\frac{\pi}{2} - 1 \right) : \left( \frac{\pi}{2} - \frac{1}{4} \right) : \left( \frac{3\pi}{4} + \frac{1}{2} \right)$

Solution

(A) $r$ दूरी पर एक लंबे सीधे तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र $B_0 = \frac{\mu_0 i}{2\pi r}$ है। $r$ त्रिज्या के पूर्ण वृत्ताकार लूप के कारण क्षेत्र $B_{loop} = \frac{\mu_0 i}{2r} = \pi B_0$ है।
स्थिति $1$: क्षेत्र एक अर्ध-वृत्ताकार चाप और दो अर्ध-अनंत तारों के कारण है। तार विपरीत दिशाओं में क्षेत्र उत्पन्न करते हैं। कुल क्षेत्र $B_1 = \frac{1}{2} \left( \frac{\mu_0 i}{2r} \right) - \frac{\mu_0 i}{4\pi r} - \frac{\mu_0 i}{4\pi r} = \frac{\mu_0 i}{4\pi r} (\pi - 2)$ है।
स्थिति $2$: क्षेत्र एक अर्ध-वृत्ताकार चाप और दो अर्ध-अनंत तारों के कारण है। क्षेत्र जुड़ जाते हैं: $B_2 = \frac{1}{2} \left( \frac{\mu_0 i}{2r} \right) + \frac{\mu_0 i}{4\pi r} + \frac{\mu_0 i}{4\pi r} = \frac{\mu_0 i}{4\pi r} (\pi + 2)$ है।
स्थिति $3$: क्षेत्र $3/4$ वृत्ताकार चाप और दो अर्ध-अनंत तारों के कारण है। $B_3 = \frac{3}{4} \left( \frac{\mu_0 i}{2r} \right) + \frac{\mu_0 i}{4\pi r} + \frac{\mu_0 i}{4\pi r} = \frac{\mu_0 i}{4\pi r} (\frac{3\pi}{2} + 2)$ है।
दिशाओं और परिमाणों की तुलना करने पर,अनुपात $\left( -\frac{\pi}{2} \right) : \left( \frac{\pi}{2} \right) : \left( \frac{3\pi}{4} - \frac{1}{2} \right)$ प्राप्त होता है।
Solution diagram
12
MediumMCQ
दो सीधे लंबे चालक $AOB$ और $COD$ एक-दूसरे के लंबवत हैं और उनमें $i_1$ और $i_2$ धारा प्रवाहित हो रही है। $ACBD$ तल के लंबवत दिशा में बिंदु $O$ से $a$ दूरी पर स्थित बिंदु $P$ पर चुंबकीय प्रेरण का परिमाण क्या होगा?
A
$\frac{\mu_0}{2\pi a}(i_1 + i_2)$
B
$\frac{\mu_0}{2\pi a}(i_1 - i_2)$
C
$\frac{\mu_0}{2\pi a}(i_1^2 + i_2^2)^{1/2}$
D
$\frac{\mu_0}{2\pi a}\frac{i_1 i_2}{(i_1 + i_2)}$

Solution

(C) एक लंबे सीधे तार के कारण $a$ दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र का सूत्र $B = \frac{\mu_0 i}{2\pi a}$ होता है।
$i_1$ धारा वाले चालक $AOB$ के कारण बिंदु $P$ पर चुंबकीय क्षेत्र $B_1 = \frac{\mu_0 i_1}{2\pi a}$ है।
$i_2$ धारा वाले चालक $COD$ के कारण बिंदु $P$ पर चुंबकीय क्षेत्र $B_2 = \frac{\mu_0 i_2}{2\pi a}$ है।
चूंकि चालक एक-दूसरे के लंबवत हैं,इसलिए चुंबकीय क्षेत्र सदिश $B_1$ और $B_2$ भी एक-दूसरे के लंबवत होंगे।
बिंदु $P$ पर कुल चुंबकीय क्षेत्र $B_{net} = \sqrt{B_1^2 + B_2^2}$ होगा।
मान रखने पर,$B_{net} = \sqrt{\left(\frac{\mu_0 i_1}{2\pi a}\right)^2 + \left(\frac{\mu_0 i_2}{2\pi a}\right)^2}$.
$B_{net} = \frac{\mu_0}{2\pi a} \sqrt{i_1^2 + i_2^2} = \frac{\mu_0}{2\pi a}(i_1^2 + i_2^2)^{1/2}$.
Solution diagram
13
DifficultMCQ
$+q$ आवेश और $m$ द्रव्यमान का एक कण,एकसमान विद्युत क्षेत्र $E\hat i$ और एकसमान चुंबकीय क्षेत्र $B\hat k$ के प्रभाव में चित्र में दिखाए अनुसार $P$ से $Q$ तक गति करता है। $P$ और $Q$ पर वेग क्रमशः $v\hat i$ और $-2v\hat j$ हैं। निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Question diagram
A
$E = \frac{3}{4}\frac{mv^2}{qa}$
B
$P$ पर विद्युत क्षेत्र द्वारा किए गए कार्य की दर $\frac{3}{4}\frac{mv^3}{a}$ है
C
$Q$ पर दोनों क्षेत्रों द्वारा किए गए कार्य की दर शून्य है
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) बिंदु $P$ पर कण की गतिज ऊर्जा $K_P = \frac{1}{2}mv^2$ है।
बिंदु $Q$ पर कण की गतिज ऊर्जा $K_Q = \frac{1}{2}m(2v)^2 = 2mv^2$ है।
गतिज ऊर्जा में वृद्धि $\Delta K = K_Q - K_P = 2mv^2 - \frac{1}{2}mv^2 = \frac{3}{2}mv^2$ है।
यह वृद्धि विद्युत बल $F_e = qE$ द्वारा किए गए कार्य के कारण है क्योंकि कण $x$-अक्ष पर $2a$ दूरी तय करता है।
अतः,$W = qE(2a) = \frac{3}{2}mv^2$,जिससे $E = \frac{3}{4}\frac{mv^2}{qa}$ प्राप्त होता है। इसलिए,विकल्प $A$ सही है।
विद्युत क्षेत्र द्वारा किए गए कार्य की दर $P_e = \vec{F_e} \cdot \vec{v}$ है। बिंदु $P$ पर,$\vec{F_e} = qE\hat{i}$ और $\vec{v} = v\hat{i}$,इसलिए $P_e = (qE)(v) = q(\frac{3}{4}\frac{mv^2}{qa})v = \frac{3}{4}\frac{mv^3}{a}$। इसलिए,विकल्प $B$ सही है।
बिंदु $Q$ पर,वेग $\vec{v} = -2v\hat{j}$ है। विद्युत बल $\vec{F_e} = qE\hat{i}$ है। चूँकि $\vec{F_e} \perp \vec{v}$,विद्युत क्षेत्र द्वारा किए गए कार्य की दर $P_e = \vec{F_e} \cdot \vec{v} = 0$ है। चुंबकीय बल $\vec{F_m} = q(\vec{v} \times \vec{B})$ हमेशा वेग $\vec{v}$ के लंबवत होता है,इसलिए चुंबकीय क्षेत्र द्वारा किए गए कार्य की दर $P_m = \vec{F_m} \cdot \vec{v} = 0$ है। अतः,$Q$ पर कुल कार्य की दर $0+0=0$ है। इसलिए,विकल्प $C$ सही है।
अतः,सभी कथन सही हैं।
Solution diagram
14
EasyMCQ
$A$ और $B$ दो समानांतर चालक हैं जो एक ही दिशा में $i$ धारा प्रवाहित कर रहे हैं। $x$ और $y$ दो इलेक्ट्रॉन बीम हैं जो चित्र में दिखाए अनुसार एक ही दिशा में गति कर रहे हैं।
Question diagram
A
$A$ और $B$ के बीच प्रतिकर्षण होगा, और $x$ और $y$ के बीच आकर्षण होगा।
B
$A$ और $B$ के बीच आकर्षण होगा, और $x$ और $y$ के बीच प्रतिकर्षण होगा।
C
$A$ और $B$ के बीच प्रतिकर्षण होगा, और $x$ और $y$ के बीच भी प्रतिकर्षण होगा।
D
$A$ और $B$ के बीच आकर्षण होगा, और $x$ और $y$ के बीच भी आकर्षण होगा।

Solution

(B) $1$. चालक $A$ और $B$ के लिए: जब दो समानांतर चालक एक ही दिशा में धारा प्रवाहित करते हैं, तो वे चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं जिसके परिणामस्वरूप उनके बीच एक आकर्षण बल कार्य करता है। प्रति इकाई लंबाई बल $F/L = \frac{\mu_0 I_1 I_2}{2 \pi d}$ द्वारा दिया जाता है। चूंकि धाराएं एक ही दिशा में हैं, इसलिए बल आकर्षक होता है।
$2$. इलेक्ट्रॉन बीम $x$ और $y$ के लिए: इलेक्ट्रॉन ऋणावेशित कण होते हैं। जब वे एक ही दिशा में गति करते हैं, तो वे अपनी गति की विपरीत दिशा में धारा का निर्माण करते हैं। हालाँकि, क्योंकि वे दोनों ऋणावेशित हैं, वे एक-दूसरे पर एक मजबूत स्थिर-वैद्युत प्रतिकर्षण बल लगाते हैं। यद्यपि गतिमान इलेक्ट्रॉनों द्वारा निर्मित समानांतर धाराओं के बीच एक चुंबकीय आकर्षण बल होता है, लेकिन समान आवेशों के बीच स्थिर-वैद्युत प्रतिकर्षण बल अधिक प्रभावी होता है। इसलिए, दो समानांतर इलेक्ट्रॉन बीम के बीच का कुल बल प्रतिकर्षी होता है।
15
EasyMCQ
दो इंसुलेटेड छल्ले (rings),जिनमें से एक का व्यास दूसरे से थोड़ा छोटा है,को उनके उभयनिष्ठ व्यास के अनुदिश लटकाया गया है जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। प्रारंभ में,छल्लों के तल एक-दूसरे के लंबवत हैं। जब उनमें से प्रत्येक में एक स्थिर धारा प्रवाहित की जाती है,तो:
Question diagram
A
दोनों छल्ले घूमकर एक उभयनिष्ठ तल में आ जाते हैं
B
आंतरिक छल्ला अपनी प्रारंभिक स्थिति के परितः दोलन करता है
C
आंतरिक छल्ला स्थिर रहता है जबकि बाहरी छल्ला आंतरिक छल्ले के तल में आ जाता है
D
बाहरी छल्ला स्थिर रहता है जबकि आंतरिक छल्ला बाहरी छल्ले के तल में आ जाता है

Solution

(A) प्रत्येक धारावाही छल्ला एक चुंबकीय द्विध्रुव (magnetic dipole) के रूप में कार्य करता है,जिसका चुंबकीय आघूर्ण $\vec{\mu}$ उसके तल के लंबवत होता है।
जब छल्लों में धारा प्रवाहित की जाती है,तो वे दूसरे छल्ले के चुंबकीय क्षेत्र के कारण चुंबकीय बल आघूर्ण $\vec{\tau} = \vec{\mu} \times \vec{B}$ का अनुभव करते हैं।
यह बल आघूर्ण दोनों छल्लों के चुंबकीय आघूर्णों को एक ही दिशा में संरेखित करने का प्रयास करता है।
चूंकि चुंबकीय आघूर्ण छल्ले के तल के लंबवत होता है,इसलिए चुंबकीय आघूर्णों को संरेखित करने का अर्थ है कि दोनों छल्लों के तल तब तक घूमते रहेंगे जब तक कि वे एक ही तल में न आ जाएं,ताकि न्यूनतम स्थितिज ऊर्जा प्राप्त करने के लिए धाराएं एक ही दिशा में प्रवाहित हों।
अतः,दोनों छल्ले घूमकर एक उभयनिष्ठ तल में आ जाते हैं।
16
DifficultMCQ
प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन की दो समानांतर किरणें,जिनमें समान विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है,उन्हें $d$ की दूरी पर रखा गया है। प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन विपरीत दिशाओं में गति करते हैं। $P$ किरणों को जोड़ने वाली रेखा पर एक बिंदु है,जो प्रोटॉन किरण से $x$ दूरी पर है। $P$ पर चुंबकीय क्षेत्र $B$ है। यदि $B$ को $x$ के सापेक्ष आलेखित किया जाए,तो निम्नलिखित में से कौन सा ग्राफ परिणामी वक्र को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) मान लीजिए कि प्रोटॉन किरण $x = 0$ पर है और इलेक्ट्रॉन किरण $x = d$ पर है। दोनों किरणों में विद्युत धारा $I$ का परिमाण समान है।
प्रोटॉन किरण से $x$ दूरी पर स्थित बिंदु $P$ के लिए,प्रोटॉन किरण के कारण चुंबकीय क्षेत्र $B_p = \frac{\mu_0 I}{2 \pi x}$ (अंदर की ओर,$\otimes$) है।
इलेक्ट्रॉन किरण से $(d - x)$ दूरी पर इलेक्ट्रॉन किरण के कारण चुंबकीय क्षेत्र $B_e = \frac{\mu_0 I}{2 \pi (d - x)}$ (यह भी अंदर की ओर,$\otimes$ है,क्योंकि इलेक्ट्रॉन की धारा विपरीत दिशा में है) है।
कुल चुंबकीय क्षेत्र $B = B_p + B_e = \frac{\mu_0 I}{2 \pi} \left( \frac{1}{x} + \frac{1}{d - x} \right)$ है।
जैसे $x \to 0$,$B \to \infty$। जैसे $x \to d$,$B \to \infty$।
$x = d/2$ पर,$B$ न्यूनतम है।
यह एक $U$-आकार के वक्र के अनुरूप है जहाँ $B$ धनात्मक है और दोनों सीमाओं $x=0$ और $x=d$ पर अनंत की ओर जाता है। दिए गए विकल्पों में से,ग्राफ $(c)$ इस व्यवहार को दर्शाता है।
Solution diagram
17
MediumMCQ
$q$ आवेश और $m$ द्रव्यमान का एक कण $v$ वेग के साथ $x$-अक्ष के अनुदिश गति कर रहा है और नीचे दी गई आकृतियों में दिखाए अनुसार विद्युत क्षेत्र $E$ और चुंबकीय क्षेत्र $B$ के क्षेत्र में प्रवेश करता है। किस आकृति के लिए आवेश पर कुल बल शून्य हो सकता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) विद्युत क्षेत्र $\overrightarrow{E}$ और चुंबकीय क्षेत्र $\overrightarrow{B}$ के क्षेत्र में गतिमान आवेशित कण पर लगने वाला कुल बल लोरेंत्ज़ बल समीकरण द्वारा दिया जाता है: $\overrightarrow{F} = q(\overrightarrow{E} + \overrightarrow{v} \times \overrightarrow{B})$।
कुल बल शून्य होने के लिए,$\overrightarrow{F} = 0$ होना चाहिए,जिसका अर्थ है $\overrightarrow{E} = -(\overrightarrow{v} \times \overrightarrow{B})$।
इसका मतलब है कि विद्युत बल $\overrightarrow{F_e} = q\overrightarrow{E}$ और चुंबकीय बल $\overrightarrow{F_m} = q(\overrightarrow{v} \times \overrightarrow{B})$ परिमाण में समान और दिशा में विपरीत होने चाहिए।
आकृति $B$ में,वेग $\overrightarrow{v}$ $x$-अक्ष के अनुदिश है,चुंबकीय क्षेत्र $\overrightarrow{B}$ $z$-अक्ष के अनुदिश है,और विद्युत क्षेत्र $\overrightarrow{E}$ $y$-अक्ष के अनुदिश है।
चुंबकीय बल $\overrightarrow{F_m} = q(\overrightarrow{v} \times \overrightarrow{B})$ की दिशा $(\hat{i} \times \hat{k}) = -\hat{j}$ होगी,जो ऋणात्मक $y$-अक्ष के अनुदिश है।
विद्युत बल $\overrightarrow{F_e} = q\overrightarrow{E}$ धनात्मक $y$-अक्ष के अनुदिश है।
चूंकि बल दिशा में विपरीत हैं,यदि उनके परिमाण समान हैं $(|qE| = |qvB|)$,तो वे एक-दूसरे को निरस्त कर सकते हैं। अतः,आकृति $B$ में कुल बल शून्य हो सकता है।
18
MediumMCQ
यदि किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की प्रेरण $B$ है और ऊर्जा घनत्व $U$ है,तो निम्नलिखित में से कौन सा ग्राफ सही है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) चुंबकीय क्षेत्र $B$ का ऊर्जा घनत्व $U$ सूत्र $U = \frac{B^2}{2\mu_0}$ द्वारा दिया जाता है।
यहाँ,$U$ चुंबकीय क्षेत्र प्रेरण के वर्ग के सीधे आनुपातिक है $(U \propto B^2)$।
यह संबंध एक परवलय (parabola) को दर्शाता है जो मूल बिंदु $(0,0)$ से गुजरता है और $U$-अक्ष के सापेक्ष सममित है।
इसलिए,$U$ बनाम $B$ का ग्राफ मूल बिंदु से शुरू होने वाला ऊपर की ओर खुलने वाला परवलय है,जो विकल्प $A$ में दिए गए ग्राफ के अनुरूप है।
19
MediumMCQ
$R$ त्रिज्या वाले एक पतले बेलनाकार कोश से धारा प्रवाहित हो रही है। यदि कोश की अक्ष से $r$ दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र के कारण माध्यम में ऊर्जा घनत्व $U$ है,तो निम्नलिखित में से कौन सा ग्राफ सही है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) जब $R$ त्रिज्या वाले एक पतले बेलनाकार कोश से धारा $i$ प्रवाहित होती है,तो एम्पीयर के परिपथीय नियम के अनुसार,कोश के अंदर $(r < R)$ चुंबकीय क्षेत्र $B$ शून्य होता है।
चूंकि चुंबकीय ऊर्जा घनत्व $U$ का सूत्र $U = \frac{B^2}{2\mu_0}$ है,इसलिए $r < R$ के लिए $U = 0$ होता है।
कोश के बाहर के क्षेत्र $(r > R)$ के लिए,चुंबकीय क्षेत्र $B = \frac{\mu_0 i}{2\pi r}$ होता है।
इस मान को ऊर्जा घनत्व के सूत्र में रखने पर,हमें $U = \frac{1}{2\mu_0} \left( \frac{\mu_0 i}{2\pi r} \right)^2 = \frac{\mu_0 i^2}{8\pi^2 r^2}$ प्राप्त होता है।
अतः,$r > R$ के लिए $U \propto \frac{1}{r^2}$ और $r < R$ के लिए $U = 0$ होता है।
इस व्यवहार को दर्शाने वाला ग्राफ $r = 0$ से $r = R$ तक $U = 0$ और $r > R$ के लिए $U \propto r^{-2}$ के अनुसार एक वक्र दिखाता है। यह ग्राफ विकल्प $B$ में दर्शाया गया है।
20
EasyMCQ
चुंबकीय फ्लक्स घनत्व (या चुंबकीय प्रेरण) का मात्रक क्या है?
A
टेस्ला
B
वेबर/मीटर$^2$
C
न्यूटन/एम्पियर-मीटर
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) चुंबकीय फ्लक्स घनत्व $(B)$ को प्रति इकाई क्षेत्रफल चुंबकीय फ्लक्स के रूप में परिभाषित किया जाता है। चुंबकीय फ्लक्स का $SI$ मात्रक वेबर $(Wb)$ है। इसलिए,चुंबकीय फ्लक्स घनत्व का मात्रक $Wb/m^2$ है,जिसे टेस्ला $(T)$ के रूप में भी जाना जाता है।
लोरेंत्ज़ बल के नियम से,$F = IlB \sin(\theta)$ के अनुसार,$B = F / (Il)$ लिखा जा सकता है। अतः,इसका मात्रक न्यूटन प्रति एम्पियर-मीटर $(N/(A \cdot m))$ भी होता है।
चूंकि तीनों विकल्प एक ही भौतिक राशि को दर्शाते हैं,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
21
EasyMCQ
थॉमसन मास स्पेक्ट्रोग्राफ में,विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र कैसे लागू किए जाते हैं?
A
एक साथ,लंबवत
B
लंबवत लेकिन एक साथ नहीं
C
समांतर लेकिन एक साथ नहीं
D
एक साथ समांतर

Solution

(D) थॉमसन मास स्पेक्ट्रोग्राफ में,विद्युत क्षेत्र $\overrightarrow{E}$ और चुंबकीय क्षेत्र $\overrightarrow{B}$ एक-दूसरे के समांतर लागू किए जाते हैं। यह विन्यास फ्लोरोसेंट स्क्रीन पर विक्षेपण का अवलोकन करके धनात्मक आयनों को उनके आवेश-द्रव्यमान अनुपात $(q/m)$ के आधार पर अलग करने की अनुमति देता है। अतः,सही विकल्प $D$ है।
22
DifficultMCQ
एक थॉमसन मास स्पेक्ट्रोग्राफ में एकल आयनित आयनों और दूसरे थॉमसन मास स्पेक्ट्रोग्राफ में द्वि-आयनित आयनों द्वारा निर्मित परवलय (parabolas) को संपाती बनाने के लिए,विद्युत क्षेत्रों और चुंबकीय क्षेत्रों को क्रमशः $1 : 2$ और $3 : 2$ के अनुपात में रखा जाता है। तो आयनों के द्रव्यमान का अनुपात क्या है?
A
$3 : 4$
B
$1 : 3$
C
$9 : 4$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) थॉमसन के मास स्पेक्ट्रोग्राफ में,परवलय का समीकरण $y = \frac{k q}{m} x^2$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $k = \frac{B^2 L D}{E}$ है।
परवलयों के संपाती होने के लिए,दोनों स्थितियों में $\frac{k q}{m}$ का मान समान होना चाहिए।
माना एकल आयनित आयन का आवेश $q_1 = e$ और द्रव्यमान $m_1$ है,और द्वि-आयनित आयन का आवेश $q_2 = 2e$ और द्रव्यमान $m_2$ है।
विद्युत क्षेत्रों का अनुपात $\frac{E_1}{E_2} = \frac{1}{2}$ और चुंबकीय क्षेत्रों का अनुपात $\frac{B_1}{B_2} = \frac{3}{2}$ दिया गया है।
स्थिरांकों की तुलना करने पर: $\frac{B_1^2}{E_1 m_1} q_1 = \frac{B_2^2}{E_2 m_2} q_2$.
मान रखने पर: $\frac{(3/2)^2}{1/2 \cdot m_1} \cdot e = \frac{1^2}{1 \cdot m_2} \cdot 2e$.
$\frac{9/4}{1/2 \cdot m_1} = \frac{2}{m_2} \implies \frac{9}{2 m_1} = \frac{2}{m_2}$.
अतः,$\frac{m_1}{m_2} = \frac{9}{4}$.
23
MediumMCQ
समान लंबाई के तार से बने वृत्त और वर्ग के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र का अनुपात क्या होगा?
A
$\frac{\pi^2}{4\sqrt{2}}$
B
$\frac{\pi^2}{8\sqrt{2}}$
C
$\frac{\pi}{2\sqrt{2}}$
D
$\frac{\pi}{4\sqrt{2}}$

Solution

(B) मान लीजिए तार की लंबाई $L$ है। $r$ त्रिज्या वाले वृत्त के लिए,$L = 2\pi r$,इसलिए $r = \frac{L}{2\pi}$। केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र $B_c = \frac{\mu_0 i}{2r} = \frac{\mu_0 i}{2(L/2\pi)} = \frac{\mu_0 i \pi}{L}$ है।
$a$ भुजा वाले वर्ग के लिए,$L = 4a$,इसलिए $a = \frac{L}{4}$। एक भुजा के कारण केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र $B_s = \frac{\mu_0 i}{4\pi (a/2)} (\sin 45^\circ + \sin 45^\circ) = \frac{\mu_0 i}{2\pi a} (\frac{1}{\sqrt{2}} + \frac{1}{\sqrt{2}}) = \frac{\mu_0 i}{\pi a \sqrt{2}}$ है।
चूंकि वर्ग में $4$ भुजाएं होती हैं,कुल चुंबकीय क्षेत्र $B_{square} = 4 \times \frac{\mu_0 i}{\pi a \sqrt{2}} = \frac{4\mu_0 i}{\pi (L/4) \sqrt{2}} = \frac{16\mu_0 i}{\pi L \sqrt{2}}$ है।
अनुपात $\frac{B_c}{B_{square}} = \frac{\mu_0 i \pi / L}{16\mu_0 i / (\pi L \sqrt{2})} = \frac{\pi^2 \sqrt{2}}{16} = \frac{\pi^2}{8\sqrt{2}}$ होगा।
Solution diagram
24
MediumMCQ
एक धारावाही बंद लूप $PQRS$ को एक समान चुंबकीय क्षेत्र में रखा गया है। यदि खंडों $PS, SR$ और $RQ$ पर चुंबकीय बल क्रमशः $F_1, F_2$ और $F_3$ हैं और वे कागज के तल में और दिखाई गई दिशाओं में हैं,तो खंड $QP$ पर बल है
Question diagram
A
$\sqrt {{{\left( {F_3 - F_1} \right)}^2} + F_2^2} $
B
$F_1+F_2+F_3$
C
$-F_1+F_2+F_3$
D
$\sqrt {{{\left( {F_3 - F_1} \right)}^2} - F_2^2} $

Solution

(A) एक समान चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही बंद लूप पर कुल चुंबकीय बल शून्य होता है।
मान लीजिए खंड $QP$ पर बल $F_4$ है।
चूंकि लूप इन बलों के प्रभाव में संतुलन में है,इसलिए सभी बलों का सदिश योग शून्य होना चाहिए:
$\vec{F_1} + \vec{F_2} + \vec{F_3} + \vec{F_4} = 0$
$\vec{F_4} = -(\vec{F_1} + \vec{F_2} + \vec{F_3})$
बलों को क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर घटकों में विभाजित करने पर:
मान लीजिए क्षैतिज दिशा $x$-अक्ष (दाहिनी ओर धनात्मक) के अनुदिश है और ऊर्ध्वाधर दिशा $y$-अक्ष (ऊपर की ओर धनात्मक) के अनुदिश है।
$F_{4x} = -(F_{3x} + F_{2x} + F_{1x}) = -(F_3 + 0 - F_1) = F_1 - F_3$
$F_{4y} = -(F_{3y} + F_{2y} + F_{1y}) = -(0 - F_2 + 0) = F_2$
बल $F_4$ का परिमाण इस प्रकार है:
$F_4 = \sqrt{F_{4x}^2 + F_{4y}^2} = \sqrt{(F_1 - F_3)^2 + F_2^2} = \sqrt{(F_3 - F_1)^2 + F_2^2}$
Solution diagram
25
MediumMCQ
एक धारावाही बंद लूप जो समकोण समद्विबाहु त्रिभुज $ABC$ के रूप में है,उसे $AB$ के अनुदिश कार्य करने वाले एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में रखा गया है। यदि भुजा $BC$ पर चुंबकीय बल $\vec F$ है,तो भुजा $AC$ पर बल है
Question diagram
A
$-\sqrt{2} \vec F$
B
$-\vec F$
C
$\vec F$
D
$\sqrt{2} \vec F$

Solution

(B) एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में स्थित धारावाही बंद लूप पर कुल चुंबकीय बल हमेशा शून्य होता है।
मान लीजिए कि भुजाओं $AB,$ $BC,$ और $AC$ पर बल क्रमशः $\vec{F}_{AB},$ $\vec{F}_{BC},$ और $\vec{F}_{AC}$ हैं।
अध्यारोपण के सिद्धांत के अनुसार,$\vec{F}_{AB} + \vec{F}_{BC} + \vec{F}_{AC} = 0.$
चूंकि चुंबकीय क्षेत्र भुजा $AB$ के अनुदिश कार्य कर रहा है,इसलिए भुजा $AB$ के धारा अवयव $I\vec{dl}$ और चुंबकीय क्षेत्र $\vec{B}$ के बीच का कोण $0^\circ$ या $180^\circ$ है।
इसलिए,भुजा $AB$ पर चुंबकीय बल $\vec{F}_{AB} = I(\vec{L}_{AB} \times \vec{B}) = 0$ है।
इस मान को कुल बल के समीकरण में रखने पर: $0 + \vec{F}_{BC} + \vec{F}_{AC} = 0.$
दिया गया है कि $\vec{F}_{BC} = \vec{F},$ इसलिए हमें $\vec{F} + \vec{F}_{AC} = 0$ प्राप्त होता है।
अतः,$\vec{F}_{AC} = -\vec{F}$ होगा।
26
MediumMCQ
जब एक प्रोटॉन को एक कमरे में विरामावस्था से छोड़ा जाता है,तो यह पश्चिम की ओर $a_0$ के प्रारंभिक त्वरण के साथ शुरू होता है। जब इसे $v_0$ गति के साथ उत्तर की ओर प्रक्षेपित किया जाता है,तो यह पश्चिम की ओर $3a_0$ के प्रारंभिक त्वरण के साथ चलता है। कमरे में विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र हैं
A
$\frac{ma_0}{e}$ पश्चिम,$\frac{ma_0}{ev_0}$ ऊपर
B
$\frac{ma_0}{e}$ पश्चिम,$\frac{2ma_0}{ev_0}$ नीचे
C
$\frac{ma_0}{e}$ पूर्व,$\frac{3ma_0}{ev_0}$ ऊपर
D
$\frac{ma_0}{e}$ पूर्व,$\frac{3ma_0}{ev_0}$ नीचे

Solution

(B) $1$. जब प्रोटॉन विरामावस्था में होता है,तो उस पर कार्य करने वाला एकमात्र बल विद्युत बल $F_E = qE = eE$ है। दिया गया है कि त्वरण पश्चिम की ओर $a_0$ है,इसलिए $ma_0 = eE$,जिसका अर्थ है कि $E = \frac{ma_0}{e}$ पश्चिम की ओर है।
$2$. जब प्रोटॉन को $v_0$ गति के साथ उत्तर की ओर प्रक्षेपित किया जाता है,तो कुल बल विद्युत बल और चुंबकीय बल का सदिश योग होता है: $F_{net} = F_E + F_B = ma_{net}$.
$3$. कुल त्वरण पश्चिम की ओर $3a_0$ है। चूंकि $F_E$ पश्चिम की ओर $ma_0$ है,इसलिए चुंबकीय बल $F_B$ को पश्चिम की ओर $2ma_0$ होना चाहिए ताकि कुल बल पश्चिम की ओर $3a_0$ प्राप्त हो $(F_B = F_{net} - F_E = 3ma_0 - ma_0 = 2ma_0)$.
$4$. चुंबकीय बल $F_B = q(v \times B) = ev_0B \sin(\theta)$ द्वारा दिया जाता है। बल के पश्चिम की ओर और वेग के उत्तर की ओर होने के कारण,फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम के अनुसार चुंबकीय क्षेत्र $B$ नीचे की दिशा में होना चाहिए।
$5$. मानों की तुलना करने पर: $ev_0B = 2ma_0$,जिससे $B = \frac{2ma_0}{ev_0}$ नीचे की दिशा में प्राप्त होता है।
Solution diagram
27
MediumMCQ
एक इलेक्ट्रॉन समान आवेश घनत्व $\sigma$ वाले आवेशित समानांतर प्लेट संधारित्र के अंदर सीधी रेखा में गति करता है। प्लेटों के बीच की जगह में चित्रानुसार $B$ तीव्रता का एक समान चुंबकीय क्षेत्र है। गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव की उपेक्षा करते हुए,संधारित्र में इलेक्ट्रॉन की सीधी रेखा गति के लिए लिया गया समय क्या है?
Question diagram
A
$\frac{\sigma}{\varepsilon_0 l B}$
B
$\frac{\varepsilon_0 B}{\sigma}$
C
$\frac{\sigma}{\varepsilon_0 B}$
D
$\frac{\varepsilon_0 l B}{\sigma}$

Solution

(D) इलेक्ट्रॉन के सीधी रेखा में गति करने के लिए,विद्युत बल और चुंबकीय बल संतुलित होने चाहिए: $F_E = F_B$.
$eE = evB$,जहाँ $E$ विद्युत क्षेत्र है और $v$ वेग है।
चूँकि $E = \frac{\sigma}{\varepsilon_0}$,हमारे पास $\frac{\sigma}{\varepsilon_0} = vB$ है,जिसका अर्थ है $v = \frac{\sigma}{\varepsilon_0 B}$।
$l$ लंबाई तय करने में लगा समय $t = \frac{l}{v}$ है।
$v$ का मान रखने पर,हमें $t = \frac{l}{\frac{\sigma}{\varepsilon_0 B}} = \frac{\varepsilon_0 l B}{\sigma}$ प्राप्त होता है।
28
DifficultMCQ
दो समानांतर लंबे तारों में $i_1$ और $i_2$ धारा बह रही है,जहाँ $i_1 > i_2$ है। जब धाराएं एक ही दिशा में होती हैं,तो तारों के बीच मध्य बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र $10 \, \mu T$ होता है। जब $i_2$ की दिशा उलट दी जाती है,तो यह $40 \, \mu T$ हो जाता है। अनुपात $i_1/i_2$ है
A
$3 : 4$
B
$11 : 7$
C
$7 : 11$
D
$5 : 3$

Solution

(D) प्रारंभ में,जब तार चित्र $(A)$ में दिखाए अनुसार एक ही दिशा में धारा प्रवाहित करते हैं,तो तार $1$ और $2$ के कारण मध्य बिंदु $O$ पर चुंबकीय क्षेत्र विपरीत दिशाओं में होते हैं।
$B_1 = \frac{\mu_0}{4\pi} \cdot \frac{2i_1}{x}$ (अंदर की ओर)
$B_2 = \frac{\mu_0}{4\pi} \cdot \frac{2i_2}{x}$ (बाहर की ओर)
$O$ पर कुल चुंबकीय क्षेत्र $B_{net} = B_1 - B_2 = \frac{\mu_0}{4\pi} \cdot \frac{2}{x} (i_1 - i_2)$ है।
दिया गया है $B_{net} = 10 \, \mu T$,इसलिए $10 \times 10^{-6} = \frac{\mu_0}{4\pi} \cdot \frac{2}{x} (i_1 - i_2)$ ..... $(i)$
जब $i_2$ की दिशा चित्र $(B)$ में दिखाए अनुसार उलट दी जाती है,तो दोनों तारों के कारण $O$ पर चुंबकीय क्षेत्र एक ही दिशा (अंदर की ओर) में होते हैं।
$B_{net}' = B_1 + B_2 = \frac{\mu_0}{4\pi} \cdot \frac{2}{x} (i_1 + i_2)$ है।
दिया गया है $B_{net}' = 40 \, \mu T$,इसलिए $40 \times 10^{-6} = \frac{\mu_0}{4\pi} \cdot \frac{2}{x} (i_1 + i_2)$ ..... $(ii)$
समीकरण $(ii)$ को $(i)$ से विभाजित करने पर:
$\frac{i_1 + i_2}{i_1 - i_2} = \frac{40}{10} = 4$
$i_1 + i_2 = 4i_1 - 4i_2$
$5i_2 = 3i_1$
$\frac{i_1}{i_2} = \frac{5}{3}$
Solution diagram
29
DifficultMCQ
दो वृत्ताकार कुंडलियाँ $X$ और $Y$,जिनमें फेरों की संख्या समान है,समान दिशा में समान धारा प्रवाहित करती हैं और बिंदु $O$ पर समान घन कोण अंतरित करती हैं। यदि छोटी कुंडली $X$,$O$ और $Y$ के बीच में है,तो यदि हम बड़ी कुंडली $Y$ के कारण $O$ पर चुंबकीय प्रेरण को $B_Y$ और छोटी कुंडली $X$ के कारण $O$ पर चुंबकीय प्रेरण को $B_X$ के रूप में दर्शाते हैं,तो:
Question diagram
A
$\frac{B_Y}{B_X} = 1$
B
$\frac{B_Y}{B_X} = 2$
C
$\frac{B_Y}{B_X} = \frac{1}{2}$
D
$\frac{B_Y}{B_X} = \frac{1}{4}$

Solution

(C) $R$ त्रिज्या वाली वृत्ताकार कुंडली की अक्ष पर उसके केंद्र से $x$ दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र $B = \frac{\mu_0 N i R^2}{2(x^2 + R^2)^{3/2}}$ द्वारा दिया जाता है।
छोटी कुंडली $X$ के लिए,त्रिज्या $r$ है और $O$ से दूरी $x = d/2$ है। अतः,$B_X = \frac{\mu_0 N i r^2}{2((d/2)^2 + r^2)^{3/2}} = \frac{8\mu_0 N i r^2}{2(d^2+4r^2)^{3/2}}$.
बड़ी कुंडली $Y$ के लिए,त्रिज्या $2r$ है और $O$ से दूरी $x = d$ है। अतः,$B_Y = \frac{\mu_0 N i (2r)^2}{2(d^2 + 4r^2)^{3/2}} = \frac{4\mu_0 N i r^2}{2(d^2+4r^2)^{3/2}}$.
अतः,$\frac{B_Y}{B_X} = \frac{4}{8} = \frac{1}{2}$.
30
MediumMCQ
चित्र में दिखाए गए धारावाही लूप के कारण वृत्त के केंद्र $O$ पर कुल चुंबकीय क्षेत्र $(\theta < 180^\circ)$ है।
Question diagram
A
शून्य
B
कागज के लंबवत अंदर की ओर
C
कागज के लंबवत बाहर की ओर
D
यदि $\theta \le 90^\circ$ है तो कागज के लंबवत अंदर की ओर और यदि $90^\circ \le \theta < 180^\circ$ है तो कागज के लंबवत बाहर की ओर

Solution

(C) यह लूप दो भागों से बना है: एक वृत्ताकार चाप और एक सीधा तार।
बायो-सावर्ट नियम के अनुसार,केंद्र पर $\theta$ कोण बनाने वाली $R$ त्रिज्या की वृत्ताकार चाप के कारण चुंबकीय क्षेत्र $B_{arc} = \frac{\mu_0 i \theta}{4 \pi R}$ है। दाहिने हाथ के नियम का उपयोग करते हुए,दी गई वामावर्त धारा के लिए,क्षेत्र कागज के लंबवत बाहर की ओर निर्देशित होता है।
सीधे तार के लिए,केंद्र $O$ पर चुंबकीय क्षेत्र $B_{wire} = \frac{\mu_0 i}{4 \pi d} (\sin \alpha + \sin \beta)$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $d$ केंद्र $O$ से तार की लंबवत दूरी है। दाहिने हाथ के नियम का उपयोग करते हुए,इस सीधे तार के कारण क्षेत्र कागज के लंबवत अंदर की ओर निर्देशित होता है।
कुल चुंबकीय क्षेत्र $B_{net} = B_{arc} - B_{wire}$ है। चूंकि किसी भी $\theta < 180^\circ$ के लिए चाप की लंबाई जीवा से अधिक होती है,इसलिए चाप का चुंबकीय क्षेत्र हमेशा सीधे तार से अधिक होता है। अतः,कुल चुंबकीय क्षेत्र कागज के लंबवत बाहर की ओर निर्देशित होता है।
31
AdvancedMCQ
धनावेशित कणों की एक समान बीम,$d$ दूरी पर स्थित विपरीत दिशा में समान वेग से गति कर रही ऋणावेशित कणों की दूसरी बीम के समानांतर एक स्थिर वेग से गति कर रही है। दोनों बीम के बीच खींची गई लंबवत रेखा पर चुंबकीय क्षेत्र $B$ में परिवर्तन को किस ग्राफ द्वारा सबसे अच्छी तरह दर्शाया गया है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) मान लीजिए कि धनावेशित बीम $x = 0$ पर है और ऋणावेशित बीम $x = d$ पर है।
चूंकि धनात्मक आवेश एक दिशा में और ऋणात्मक आवेश विपरीत दिशा में गति कर रहे हैं,इसलिए इन बीमों द्वारा उत्पन्न धाराएं $I_1$ और $I_2$ एक ही दिशा में हैं।
पहली बीम से दूरी $x$ मानिए। पहली बीम के कारण चुंबकीय क्षेत्र $B_1 = \frac{\mu_0 I}{2\pi x}$ (पृष्ठ के अंदर की ओर) है।
दूसरी बीम के कारण $(d - x)$ दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र $B_2 = \frac{\mu_0 I}{2\pi (d - x)}$ (पृष्ठ के बाहर की ओर) है।
कुल चुंबकीय क्षेत्र $B = B_1 - B_2 = \frac{\mu_0 I}{2\pi} \left( \frac{1}{x} - \frac{1}{d - x} \right)$ है।
मध्य बिंदु $x = d/2$ पर,$B = \frac{\mu_0 I}{2\pi} \left( \frac{1}{d/2} - \frac{1}{d/2} \right) = 0$ होता है।
जैसे-जैसे $x \to 0$ होता है,$B \to \infty$ होता है,और जैसे-जैसे $x \to d$ होता है,$B \to -\infty$ होता है।
यह व्यवहार विकल्प $A$ में दिए गए ग्राफ द्वारा सही ढंग से दर्शाया गया है।
32
DifficultMCQ
$R$ त्रिज्या के एक खोखले चालक की अक्ष पर एक पतला,सीधा चालक स्थित है। दोनों समान दिशा में समान विद्युत धारा प्रवाहित करते हैं। चुंबकीय क्षेत्र $B$ को अक्ष से दूरी $r$ के विरुद्ध आलेखित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन सा परिणामी वक्र का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व करता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) मान लीजिए कि पतले चालक में धारा $I$ है और खोखले चालक में धारा $I$ है। दोनों धाराएं एक ही दिशा में हैं।
$r < R$ के लिए,चुंबकीय क्षेत्र $B$ केवल अक्ष पर स्थित पतले चालक के कारण है। एम्पीयर के परिपथीय नियम का उपयोग करते हुए,$\oint B \cdot dl = \mu_0 I_{enclosed}$,हमें $B(2\pi r) = \mu_0 I$ प्राप्त होता है,इसलिए $B = \frac{\mu_0 I}{2\pi r}$। अतः,$B \propto \frac{1}{r}$।
$r > R$ के लिए,$r$ त्रिज्या के एम्पीरियन लूप द्वारा परिबद्ध कुल धारा $I + I = 2I$ है। एम्पीयर के परिपथीय नियम का उपयोग करते हुए,$B(2\pi r) = \mu_0 (2I)$,इसलिए $B = \frac{\mu_0 (2I)}{2\pi r} = \frac{\mu_0 I}{\pi r}$। अतः,$B \propto \frac{1}{r}$।
$r = R$ पर,खोखले चालक के कारण चुंबकीय क्षेत्र अंदर $(r < R)$ शून्य है और पतले चालक के कारण क्षेत्र $\frac{\mu_0 I}{2\pi R}$ है। बाहर की ओर $(r > R)$,क्षेत्र दोनों चालकों के क्षेत्रों का योग है,जो $\frac{\mu_0 I}{2\pi R} + \frac{\mu_0 I}{2\pi R} = \frac{\mu_0 I}{\pi R}$ है।
इसलिए,चुंबकीय क्षेत्र $B$,$r = R$ पर $\frac{\mu_0 I}{2\pi R}$ से उछलकर $\frac{\mu_0 I}{\pi R}$ हो जाता है,और दोनों क्षेत्रों में $1/r$ निर्भरता का पालन करता है। यह उस ग्राफ के अनुरूप है जहां $r = R$ पर एक असतत उछाल (jump) है और दोनों खंड $1/r$ वक्र का पालन करते हैं।
33
AdvancedMCQ
$R$ त्रिज्या वाले एक लंबे पतली दीवार वाले पाइप में उसकी लंबाई के अनुदिश $I$ धारा प्रवाहित हो रही है। पाइप की परिधि पर धारा घनत्व समान है। दिखाए गए पाइप के चौथाई हिस्से के कारण पाइप के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र कितना होगा?
Question diagram
A
$\frac{{\mu _0}I\sqrt 2 }{4{\pi ^2}R}$
B
$\frac{{\mu _0}I}{{\pi ^2}R}$
C
$\frac{2{\mu _0}I\sqrt 2 }{{\pi ^2}R}$
D
कोई नहीं

Solution

(A) पाइप के एक छोटे अवयव पर विचार करें जो केंद्र पर $d\theta$ कोण बनाता है। इस अवयव में धारा $dI = \frac{I}{2\pi} d\theta$ है।
इस लंबी धारावाही पट्टी (अनंत तार के रूप में कार्य करने वाली) के कारण केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र $dB = \frac{\mu_0 (dI)}{2\pi R} = \frac{\mu_0 I}{4\pi^2 R} d\theta$ द्वारा दिया जाता है।
$dB$ की दिशा अवयव के त्रिज्या सदिश के लंबवत होती है। चौथाई हिस्से के लिए,कोण $\theta$ का मान $0$ से $\pi/2$ तक होता है। क्षेत्र को घटकों में विभाजित करने पर:
$dB_x = dB \sin\theta$ और $dB_y = -dB \cos\theta$.
इन घटकों का $0$ से $\pi/2$ तक समाकलन करने पर:
$B_x = \int_0^{\pi/2} \frac{\mu_0 I}{4\pi^2 R} \sin\theta d\theta = \frac{\mu_0 I}{4\pi^2 R} [-\cos\theta]_0^{\pi/2} = \frac{\mu_0 I}{4\pi^2 R}$.
$B_y = \int_0^{\pi/2} \frac{\mu_0 I}{4\pi^2 R} \cos\theta d\theta = \frac{\mu_0 I}{4\pi^2 R} [\sin\theta]_0^{\pi/2} = \frac{\mu_0 I}{4\pi^2 R}$.
परिणामी चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण $B = \sqrt{B_x^2 + B_y^2} = \sqrt{(\frac{\mu_0 I}{4\pi^2 R})^2 + (\frac{\mu_0 I}{4\pi^2 R})^2} = \frac{\mu_0 I \sqrt{2}}{4\pi^2 R}$ प्राप्त होता है।
Solution diagram
34
DifficultMCQ
दो बहुत लंबे सीधे समानांतर तार,जो $y-$अक्ष के समानांतर हैं,में क्रमशः $+y$ दिशा और $-y$ दिशा में $4I$ और $I$ धारा प्रवाहित हो रही है। तार क्रमशः $(d, 0, 0)$ और $(-d, 0, 0)$ बिंदुओं पर $x-$अक्ष से गुजरते हैं। जब कोई $x=-d$ से $x=+d$ तक $x-$अक्ष के अनुदिश चलता है,तो चुंबकीय क्षेत्र के $z-$घटक का ग्राफ सबसे अच्छी तरह किसके द्वारा दर्शाया गया है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) मान लीजिए कि बिंदु $P$,$(-d, 0, 0)$ पर स्थित तार से $x'$ दूरी पर है। $(d, 0, 0)$ पर स्थित तार से इसकी दूरी $(2d - x')$ होगी।
दाएं हाथ के नियम का उपयोग करते हुए,$(-d, 0, 0)$ पर स्थित तार में $-y$ दिशा में बहने वाली $I$ धारा के कारण बिंदु $P$ पर चुंबकीय क्षेत्र $B_1 = \frac{\mu_0 I}{2 \pi x'}$ (पृष्ठ के अंदर की ओर,यानी $-z$ दिशा में) है।
$(d, 0, 0)$ पर स्थित तार में $+y$ दिशा में बहने वाली $4I$ धारा के कारण चुंबकीय क्षेत्र $B_2 = \frac{\mu_0 (4I)}{2 \pi (2d - x')}$ (पृष्ठ के अंदर की ओर,यानी $-z$ दिशा में) है।
चूंकि दोनों क्षेत्र एक ही दिशा में हैं,इसलिए कुल क्षेत्र $B_z = -\frac{\mu_0}{2 \pi} \left( \frac{I}{x'} + \frac{4I}{2d - x'} \right)$ है।
जैसे-जैसे $x' \to 0$ या $x' \to 2d$ होता है,$B_z \to -\infty$ होता है। परिमाण $|B_z|$ का मान न्यूनतम तब होता है जब $\frac{d|B_z|}{dx'} = 0$ हो।
$\frac{d}{dx'} \left( \frac{1}{x'} + \frac{4}{2d - x'} \right) = -\frac{1}{(x')^2} + \frac{4}{(2d - x')^2} = 0 \Rightarrow (2d - x')^2 = 4(x')^2 \Rightarrow 2d - x' = 2x' \Rightarrow x' = \frac{2d}{3}$.
$x' = \frac{2d}{3}$ पर,क्षेत्र का परिमाण न्यूनतम है। ग्राफ तार की स्थितियों पर ऊर्ध्वाधर अनंतस्पर्शी (asymptotes) के साथ एक $U$-आकार का वक्र दिखाता है,जो विकल्प $C$ से मेल खाता है।
Solution diagram
35
AdvancedMCQ
एक इलेक्ट्रॉन को एक समान विद्युत क्षेत्र $E$ में क्षेत्र के लंबवत $v_0$ वेग के साथ प्रक्षेपित किया जाता है। पुनः इसे एक समान चुंबकीय क्षेत्र $B$ के लंबवत $v_0$ वेग के साथ प्रक्षेपित किया जाता है। यदि $r_1$ विद्युत क्षेत्र में प्रवेश करने के तुरंत बाद वक्रता की प्रारंभिक त्रिज्या है और $r_2$ चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करने के तुरंत बाद वक्रता की प्रारंभिक त्रिज्या है,तो अनुपात $r_1:r_2$ किसके बराबर है?
A
$\frac{Bv_0^2}{E}$
B
$\frac{B}{E}$
C
$\frac{Ev_0}{B}$
D
$\frac{Bv_0}{E}$

Solution

(D) विद्युत क्षेत्र के लिए:
इलेक्ट्रॉन पर बल $F = qE$ है।
यह बल अभिकेंद्री बल के रूप में कार्य करता है,इसलिए $F = \frac{mv_0^2}{r_1}$।
दोनों को बराबर करने पर,$qE = \frac{mv_0^2}{r_1}$,जिससे $r_1 = \frac{mv_0^2}{qE}$ प्राप्त होता है।
चुंबकीय क्षेत्र के लिए:
इलेक्ट्रॉन पर चुंबकीय बल $F = qv_0B$ है (क्योंकि वेग क्षेत्र के लंबवत है)।
यह बल अभिकेंद्री बल के रूप में कार्य करता है,इसलिए $F = \frac{mv_0^2}{r_2}$।
दोनों को बराबर करने पर,$qv_0B = \frac{mv_0^2}{r_2}$,जिससे $r_2 = \frac{mv_0}{qB}$ प्राप्त होता है।
अनुपात की गणना:
$\frac{r_1}{r_2} = \frac{\frac{mv_0^2}{qE}}{\frac{mv_0}{qB}} = \frac{mv_0^2}{qE} \times \frac{qB}{mv_0} = \frac{Bv_0}{E}$।
अतः,अनुपात $r_1:r_2$ का मान $\frac{Bv_0}{E}$ है।
Solution diagram
36
AdvancedMCQ
दो प्रोटॉन एक-दूसरे के समानांतर गति करते हैं,उनके बीच की दूरी $r$ बनाए रखते हैं,और दोनों समान वेग $\vec{v}$ से गति कर रहे हैं। तो उनके बीच के विद्युत बल और चुंबकीय बल का अनुपात क्या है?
A
$c^2 / v^2$
B
$2c^2 / v^2$
C
$c^2 / 2v^2$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) $r$ दूरी पर स्थित दो प्रोटॉन के बीच विद्युत बल $F_e$,कूलम्ब के नियम के अनुसार है: $F_e = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{q^2}{r^2}$।
समानांतर गति करने वाले दो आवेशों के बीच चुंबकीय बल $F_m = qvB$ है,जहाँ $B$ एक प्रोटॉन द्वारा दूसरे प्रोटॉन के स्थान पर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र है: $B = \frac{\mu_0}{4\pi} \frac{qv}{r^2}$।
अतः,$F_m = qv \left( \frac{\mu_0}{4\pi} \frac{qv}{r^2} \right) = \frac{\mu_0}{4\pi} \frac{q^2 v^2}{r^2}$।
विद्युत बल और चुंबकीय बल का अनुपात लेने पर:
$\frac{F_e}{F_m} = \frac{\frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{q^2}{r^2}}{\frac{\mu_0}{4\pi} \frac{q^2 v^2}{r^2}} = \frac{1}{\epsilon_0 \mu_0 v^2}$।
चूंकि प्रकाश की गति $c$ को $c = \frac{1}{\sqrt{\mu_0 \epsilon_0}}$ के रूप में परिभाषित किया गया है,इसलिए $c^2 = \frac{1}{\mu_0 \epsilon_0}$ होता है।
इस मान को अनुपात में रखने पर,हमें $\frac{F_e}{F_m} = \frac{c^2}{v^2}$ प्राप्त होता है।
37
DifficultMCQ
मास स्पेक्ट्रोमीटर एक ऐसा उपकरण है जो समान द्रव्यमान वाले कणों का चयन करता है। $q > 0$ विद्युत आवेश और $m$ द्रव्यमान वाला एक आयन स्रोत $S$ से विरामावस्था से शुरू होता है और $V$ विभवांतर के माध्यम से त्वरित होता है। यह चित्र में दिखाए अनुसार कागज के तल के लंबवत एकसमान चुंबकीय क्षेत्र $\vec B$ वाले क्षेत्र में एक छेद से होकर गुजरता है। कण चुंबकीय क्षेत्र द्वारा विक्षेपित होता है और ऊपरी छेद से $d$ दूरी पर निचले छेद से बाहर निकलता है। कण का द्रव्यमान है:
Question diagram
A
$\frac{qBd}{mV}$
B
$\frac{qB^2d^2}{4V}$
C
$\frac{qB^2d^2}{8V}$
D
$\frac{qBd}{2mV}$

Solution

(C) चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करने से ठीक पहले आवेशित कण की गति $v_0$ है।
कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार,प्राप्त गतिज ऊर्जा विद्युत क्षेत्र द्वारा किए गए कार्य के बराबर होती है:
$qV = \frac{1}{2}mv_0^2$
$v_0$ के लिए हल करने पर:
$v_0 = \sqrt{\frac{2qV}{m}}$
चुंबकीय क्षेत्र में वृत्तापीय पथ की त्रिज्या $r$ इस प्रकार दी जाती है:
$r = \frac{mv_0}{qB}$
चित्र से,छिद्रों के बीच की दूरी $d$ वृत्तापीय पथ का व्यास है,इसलिए $r = \frac{d}{2}$।
इस मान को त्रिज्या के सूत्र में रखने पर:
$\frac{d}{2} = \frac{m}{qB} \sqrt{\frac{2qV}{m}}$
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
$\frac{d^2}{4} = \frac{m^2}{q^2B^2} \cdot \frac{2qV}{m}$
व्यंजक को सरल करने पर:
$\frac{d^2}{4} = \frac{2mV}{qB^2}$
$m$ के लिए हल करने पर:
$m = \frac{qB^2d^2}{8V}$
38
AdvancedMCQ
विशिष्ट आवेश $(q/m)$ के एक कण को निर्देशांक मूलबिंदु से प्रारंभिक वेग $(u\hat{i} - v\hat{j})$ के साथ प्रक्षेपित किया जाता है। क्षेत्र में $+y$ दिशा के अनुदिश $E$ और $B$ परिमाण के एकसमान विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र मौजूद हैं। कण निश्चित रूप से मूलबिंदु पर वापस आ जाएगा यदि:
A
$[vB / 2\pi E]$ एक पूर्णांक है
B
$(u^2 + v^2)^{1/2} [B / \pi E]$ एक पूर्णांक है
C
$[vB / \pi E]$ एक पूर्णांक है
D
$[uB / \pi E]$ एक पूर्णांक है

Solution

(C) विद्युत क्षेत्र $\vec{E}$ $+y$ दिशा में है,इसलिए कण का त्वरण $a_y = (qE/m)$ है।
कण के मूलबिंदु पर वापस आने के लिए,किसी समय $t > 0$ पर $y$-अक्ष के अनुदिश उसका विस्थापन शून्य होना चाहिए।
$y$-अक्ष के अनुदिश गति के समीकरण का उपयोग करते हुए: $y = u_y t + \frac{1}{2} a_y t^2$।
$y = 0$ और $u_y = -v$ रखने पर,हमें प्राप्त होता है: $0 = -vt + \frac{1}{2} (qE/m) t^2$।
$t$ के लिए हल करने पर,हमें मिलता है: $t = \frac{2mv}{qE}$।
इस समय $t$ में,$y$-अक्ष के अनुदिश चुंबकीय क्षेत्र $\vec{B}$ के कारण कण को $x$-$z$ तल में पूर्णांक संख्या में चक्कर पूरे करने चाहिए।
चुंबकीय क्षेत्र में परिक्रमण का आवर्तकाल $T = \frac{2\pi m}{qB}$ है।
कण के मूलबिंदु पर वापस आने के लिए,समय $t$ को आवर्तकाल $T$ का एक पूर्णांक गुणज होना चाहिए,अर्थात $t = nT$ जहाँ $n = 1, 2, 3, \dots$ है।
$t$ और $T$ के व्यंजक रखने पर: $\frac{2mv}{qE} = n \left( \frac{2\pi m}{qB} \right)$।
इसे सरल करने पर,हमें प्राप्त होता है: $\frac{v}{E} = n \frac{\pi}{B}$,जिसका अर्थ है $\frac{vB}{\pi E} = n$।
अतः,$[vB / \pi E]$ एक पूर्णांक होना चाहिए।
Solution diagram
39
AdvancedMCQ
एक आवेशित कण हवा में यात्रा करते हुए अपनी प्रारंभिक दिशा के लंबवत एक समान चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करता है। कण का पथ चित्र में दिखाए गए पथ का अनुसरण करता हुआ देखा जाता है। कथनों $1-3$ में से कौन सा/से सही है/हैं?
$[1]$ जब कण हवा में यात्रा कर रहा था तब चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता बढ़ाई गई हो सकती है।
$[2]$ कण ने हवा को आयनित करके ऊर्जा खो दी।
$[3]$ कण ने हवा को आयनित करके आवेश खो दिया।
Question diagram
A
$1, 2, 3$ सही हैं
B
केवल $1, 2$ सही हैं
C
केवल $2, 3$ सही हैं
D
केवल $1$ सही है

Solution

(B) एक समान चुंबकीय क्षेत्र में आवेशित कण के वृत्ताकार पथ की त्रिज्या $r = \frac{mv}{qB}$ द्वारा दी जाती है।
चित्र से,जैसे-जैसे कण गति करता है,पथ की त्रिज्या $r$ कम हो रही है।
कथन $[1]$: यदि चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता $B$ बढ़ती है,तो त्रिज्या $r$ घटती है $(r \propto \frac{1}{B})$। अतः,यह एक संभावित व्याख्या है।
कथन $[2]$: जैसे-जैसे कण हवा के माध्यम से चलता है,वह हवा के अणुओं के साथ टकराव और आयनीकरण के कारण गतिज ऊर्जा $(K = \frac{1}{2}mv^2)$ खो देता है। चूंकि $r = \frac{\sqrt{2mK}}{qB}$,गतिज ऊर्जा $K$ में कमी से त्रिज्या $r$ में कमी आती है। अतः,यह एक संभावित व्याख्या है।
कथन $[3]$: यदि कण आवेश $q$ खो देता है,तो त्रिज्या $r$ बढ़ जाएगी $(r \propto \frac{1}{q})$,जो देखे गए पथ के विपरीत है। इसलिए,यह कथन गलत है।
अतः,कथन $[1]$ और $[2]$ सही हैं।
40
AdvancedMCQ
निम्नलिखित षट्कोणों में,जो दो अलग-अलग पदार्थों $P$ और $Q$ से बने हैं,विद्युत धारा क्रमशः $X$ और $Y$ बिंदुओं से प्रवेश करती है और बाहर निकलती है। किस स्थिति में इसके केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र शून्य नहीं है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) विद्युत धारा ले जाने वाले एक बंद लूप के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र शून्य होता है यदि धारा का वितरण सममित हो ताकि प्रत्येक खंड द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र दूसरे खंड द्वारा उत्पन्न समान और विपरीत क्षेत्र द्वारा रद्द हो जाए।
एक षट्कोण के लिए,केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र शून्य होता है यदि प्रत्येक खंड में धारा ऐसी हो कि शुद्ध चुंबकीय क्षेत्र सदिशों का योग शून्य हो।
यदि षट्कोण अलग-अलग प्रतिरोध वाले दो अलग-अलग पदार्थों $P$ और $Q$ से बना है,तो $X$ और $Y$ को जोड़ने वाले दो रास्तों के बीच धारा असमान रूप से विभाजित होगी।
यदि पदार्थों $P$ और $Q$ की व्यवस्था $X$ और $Y$ बिंदुओं के संबंध में सममित नहीं है,तो खंडों में धारा ऐसी नहीं होगी कि उनके चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे को रद्द कर दें।
विकल्प $A$ में,व्यवस्था सममित है। विकल्प $B$ में,व्यवस्था सममित है। विकल्प $C$ में,व्यवस्था सममित है। विकल्प $D$ में,$X$ और $Y$ बिंदुओं के संबंध में व्यवस्था सममित नहीं है क्योंकि दो रास्तों पर पदार्थों $P$ और $Q$ का वितरण अलग है,जिसके परिणामस्वरूप असमान धाराएं प्रवाहित होती हैं और केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र शून्य नहीं होता है।
41
DifficultMCQ
दिखाए गए अनुसार एकसमान,वर्गाकार फ्रेम से धारा प्रवाहित होती है। किस स्थिति में फ्रेम के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र शून्य नहीं है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) एक वर्गाकार फ्रेम के लिए जहाँ धारा विपरीत कोनों पर प्रवेश करती है और बाहर निकलती है (जैसा कि विकल्प $A$ और $B$ में है),धारा वितरण की समरूपता यह सुनिश्चित करती है कि केंद्र पर तार के प्रत्येक खंड द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे को रद्द कर देते हैं,जिसके परिणामस्वरूप शुद्ध चुंबकीय क्षेत्र $0$ होता है।
विकल्प $C$ में,धारा एक कोने पर प्रवेश करती है और निकटवर्ती कोने से बाहर निकलती है। धारा अलग-अलग लंबाई के दो रास्तों में विभाजित हो जाती है। मान लीजिए कुल धारा $I$ है। छोटे रास्ते में धारा $i_1 = \frac{3}{4}I$ है और लंबे रास्ते में $i_2 = \frac{1}{4}I$ है।
$L$ लंबाई के सीधे तार के खंड के कारण,जो $d = L/2$ की लंबवत दूरी पर $i$ धारा वहन करता है,केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र $B = \frac{\mu_0 i}{4\pi d}(\sin \theta_1 + \sin \theta_2)$ द्वारा दिया जाता है। वर्ग की प्रत्येक भुजा के लिए,$\theta_1 = \theta_2 = 45^\circ$ है।
चूंकि धाराएं $i_1$ और $i_2$ असमान हैं,इसलिए खंडों द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे को रद्द नहीं करते हैं। विशेष रूप से,खंडों का योगदान शून्य नहीं होता है क्योंकि केंद्र के संबंध में धारा वितरण असममित है। इसलिए,केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र शून्य नहीं है।
Solution diagram
42
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A
एक आवेशित कण एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में चुंबकीय बल रेखाओं के साथ $85^o$ के कोण पर प्रवेश करता है। कण का पथ एक वृत्त है।
B
एक इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन समान गतिज ऊर्जा के साथ एक ही दिशा में गति कर रहे हैं। जब वे अपनी गति की दिशा के लंबवत एकसमान चुंबकीय क्षेत्र से गुजरते हैं,तो वे वृत्ताकार पथ का वर्णन करते हैं।
C
चुंबकीय क्षेत्र में गति करने वाले आवेशित कण की ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता है,हालांकि उस पर चुंबकीय बल कार्य करता है।
D
$(B)$ और $(C)$ दोनों

Solution

(D) विकल्प $(A)$ गलत है क्योंकि $90^o$ के अलावा किसी अन्य कोण पर चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाला आवेशित कण एक हेलिकल (कुंडलाकार) पथ का अनुसरण करता है,न कि वृत्ताकार।
विकल्प $(B)$ सही है। जब एक आवेशित कण अपने वेग के लंबवत एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करता है,तो वह $F = q(v \times B)$ चुंबकीय बल का अनुभव करता है जो अभिकेंद्री बल के रूप में कार्य करता है,जिससे कण वृत्ताकार पथ में गति करता है। इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन दोनों वृत्ताकार पथ का अनुसरण करेंगे।
विकल्प $(C)$ सही है। गतिमान आवेशित कण पर कार्य करने वाला चुंबकीय बल हमेशा उसके वेग के लंबवत होता है $(F = q(v \times B))$। चूंकि बल विस्थापन के लंबवत है,इसलिए चुंबकीय बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है $(W = F \cdot ds = 0)$। कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार,कण की गतिज ऊर्जा स्थिर रहती है।
चूंकि $(B)$ और $(C)$ दोनों सही हैं,इसलिए विकल्प $(D)$ सही उत्तर है।
43
AdvancedMCQ
दो आवेशित कण $A$ और $B$,जिनमें से प्रत्येक का आवेश $+e$ है और द्रव्यमान क्रमशः $12 \, amu$ और $13 \, amu$ है,चित्र में दिखाए अनुसार वेग चयनकर्ता (velocity selector) से गुजरने के बाद कक्ष $X$ में एक वृत्तापीय प्रक्षेपवक्र का अनुसरण करते हैं। दोनों कण $1.5 \times 10^6 \, ms^{-1}$ की गति के साथ वेग चयनकर्ता में प्रवेश करते हैं। कक्ष $X$ और वेग चयनकर्ता के भीतर $1.0 \, T$ की तीव्रता का एक समान चुंबकीय क्षेत्र बनाए रखा जाता है,जो तल के अंदर ($-z$ दिशा) निर्देशित है।
Question diagram
A
वेग चयनकर्ता की चालक प्लेट पर विद्युत क्षेत्र $-10^6 \, NC^{-1} \hat{i}$ है।
B
वेग चयनकर्ता की चालक प्लेट पर विद्युत क्षेत्र $10^6 \, NC^{-1} \hat{i}$ है।
C
दोनों कणों के लिए वृत्तापीय पथों की त्रिज्याओं का अनुपात $r_A / r_B$,$12/13$ है।
D
दोनों कणों के लिए वृत्तापीय पथों की त्रिज्याओं का अनुपात $r_A / r_B$,$13/12$ है।

Solution

(C) वेग चयनकर्ता में,कण के बिना विक्षेपित हुए गुजरने के लिए विद्युत बल और चुंबकीय बल को संतुलित होना चाहिए: $qE = qvB$,इसलिए $E = vB$।
दिया गया है $v = 1.5 \times 10^6 \, ms^{-1}$ और $B = 1.0 \, T$,इसलिए $E = (1.5 \times 10^6)(1.0) = 1.5 \times 10^6 \, Vm^{-1}$।
चूंकि चुंबकीय बल $\vec{F}_m = q(\vec{v} \times \vec{B})$ $+x$ दिशा में कार्य करता है (दाएं हाथ के नियम का उपयोग करते हुए $\vec{v} = v\hat{j}$ और $\vec{B} = -B\hat{k}$ के लिए),इसलिए विद्युत बल को $-x$ दिशा में कार्य करना चाहिए। अतः,$\vec{E} = -1.5 \times 10^6 \hat{i} \, NC^{-1}$।
कक्ष $X$ में वृत्तापीय गति के लिए,त्रिज्या $r = \frac{mv}{qB}$ द्वारा दी जाती है।
चूंकि $v, q,$ और $B$ दोनों कणों के लिए समान हैं,इसलिए $r \propto m$।
अतः,$\frac{r_A}{r_B} = \frac{m_A}{m_B} = \frac{12}{13}$।
इस प्रकार,विकल्प $C$ सही है।
44
DifficultMCQ
$R$ त्रिज्या वाली एक अचालक डिस्क की सतह पर $Q$ आवेश समान रूप से वितरित है। डिस्क अपने तल के लंबवत और केंद्र से गुजरने वाली अक्ष के परितः $\omega$ कोणीय वेग से घूमती है। इस घूर्णन के परिणामस्वरूप डिस्क के केंद्र पर $B$ चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। यदि हम डिस्क पर रखे गए आवेश की मात्रा और उसके कोणीय वेग को स्थिर रखें और डिस्क की त्रिज्या को बदलें,तो डिस्क के केंद्र पर चुंबकीय प्रेरण में परिवर्तन को निम्नलिखित में से किस आकृति द्वारा दर्शाया जाएगा?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) डिस्क पर $x$ त्रिज्या और $dx$ मोटाई की एक छोटी रिंग पर विचार करें।
पृष्ठ आवेश घनत्व $\sigma = \frac{Q}{\pi R^2}$ है।
रिंग पर आवेश $dq = \sigma (2 \pi x dx) = \frac{Q}{\pi R^2} (2 \pi x dx) = \frac{2Qx dx}{R^2}$ है।
इस रिंग के $\omega$ कोणीय वेग से घूमने के कारण उत्पन्न धारा $di = \frac{dq}{T} = \frac{dq \omega}{2 \pi} = \frac{2Qx dx}{R^2} \cdot \frac{\omega}{2 \pi} = \frac{Q \omega x dx}{\pi R^2}$ है।
इस रिंग के कारण केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र $dB = \frac{\mu_0 di}{2x} = \frac{\mu_0}{2x} \cdot \frac{Q \omega x dx}{\pi R^2} = \frac{\mu_0 Q \omega}{2 \pi R^2} dx$ है।
$x = 0$ से $x = R$ तक समाकलन करने पर:
$B = \int_0^R \frac{\mu_0 Q \omega}{2 \pi R^2} dx = \frac{\mu_0 Q \omega}{2 \pi R^2} [x]_0^R = \frac{\mu_0 Q \omega}{2 \pi R^2} \cdot R = \frac{\mu_0 Q \omega}{2 \pi R}$ प्राप्त होता है।
अतः,$B \propto \frac{1}{R}$।
यह संबंध एक आयताकार अतिपरवलय (rectangular hyperbola) द्वारा दर्शाया जाता है,जो आकृति $A$ के अनुरूप है।
Solution diagram
45
DifficultMCQ
दो लंबे धारावाही पतले तार,जिनमें से प्रत्येक में धारा $I$ प्रवाहित हो रही है,$L$ लंबाई के कुचालक धागों द्वारा चित्र में दिखाए अनुसार संतुलन में रखे गए हैं,जहाँ धागे ऊर्ध्वाधर के साथ $\theta$ कोण बनाते हैं। यदि तारों का प्रति इकाई लंबाई द्रव्यमान $\lambda$ है,तो धारा $I$ का मान ज्ञात कीजिए ($g =$ गुरुत्वीय त्वरण)।
Question diagram
A
$2 \sin \theta \sqrt{\frac{\pi \lambda g L}{\mu_0 \cos \theta}}$
B
$2 \sqrt{\frac{\pi g L}{\mu_0} \tan \theta}$
C
$\sqrt{\frac{\pi \lambda g L}{\mu_0} \tan \theta}$
D
$\sin \theta \sqrt{\frac{\pi \lambda g L}{\mu_0 \cos \theta}}$

Solution

(A) मान लीजिए धारावाही तार की लंबाई $l$ है।
संतुलन की स्थिति में,तार पर कार्य करने वाले बल तनाव $T$,गुरुत्वाकर्षण बल $(\lambda l)g$ और चुंबकीय बल $F_B$ हैं।
दोनों तारों के बीच की दूरी $r = 2L \sin \theta$ है।
प्रति इकाई लंबाई चुंबकीय बल $\frac{F_B}{l} = \frac{\mu_0 I^2}{2 \pi r} = \frac{\mu_0 I^2}{2 \pi (2L \sin \theta)} = \frac{\mu_0 I^2}{4 \pi L \sin \theta}$ है।
बलों को ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज दिशाओं में वियोजित करने पर:
$T \cos \theta = \lambda l g$
$T \sin \theta = F_B = \frac{\mu_0 I^2 l}{4 \pi L \sin \theta}$
दोनों समीकरणों को विभाजित करने पर:
$\tan \theta = \frac{F_B}{\lambda l g} = \frac{\mu_0 I^2 l}{4 \pi L \sin \theta \cdot \lambda l g} = \frac{\mu_0 I^2}{4 \pi \lambda g L \sin \theta}$
$I$ के लिए हल करने पर:
$I^2 = \frac{4 \pi \lambda g L \sin \theta \tan \theta}{\mu_0} = \frac{4 \pi \lambda g L \sin^2 \theta}{\mu_0 \cos \theta}$
$I = 2 \sin \theta \sqrt{\frac{\pi \lambda g L}{\mu_0 \cos \theta}}$.
Solution diagram
46
DifficultMCQ
एक चालक $Z$-अक्ष के समानांतर $-1.5 \le Z < 1.5 \text{ m}$ के बीच स्थित है,जिसमें $-\hat{a}_z$ दिशा में $10.0 \text{ A}$ की स्थिर धारा बह रही है। दिए गए चुंबकीय क्षेत्र $\vec{B} = 3.0 \times 10^{-4} e^{-0.2x} \hat{a}_y \text{ T}$ के लिए,चालक को $5 \times 10^{-3} \text{ s}$ के समय अंतराल में $x = 0$ से $x = 2.0 \text{ m}$ तक स्थिर गति से ले जाने के लिए आवश्यक शक्ति ज्ञात कीजिए। मान लीजिए कि गति $X$-अक्ष के समानांतर है। ........... $\text{W}$
Question diagram
A
$2.97$
B
$14.85$
C
$29.7$
D
$1.57$

Solution

(A) चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर लगने वाला बल $\vec{F} = I(\vec{L} \times \vec{B})$ है।
यहाँ,$\vec{L} = 3 \hat{a}_z \text{ m}$ (चालक की लंबाई $-1.5$ से $1.5$ तक) और $I = 10 \text{ A}$,$-\hat{a}_z$ दिशा में है,इसलिए $\vec{I} = -10 \hat{a}_z \text{ A}$.
चुंबकीय क्षेत्र $\vec{B} = 3.0 \times 10^{-4} e^{-0.2x} \hat{a}_y \text{ T}$ है।
चुंबकीय बल $\vec{F} = I \vec{L} \times \vec{B} = (-10 \hat{a}_z) \times (3.0 \times 10^{-4} e^{-0.2x} \hat{a}_y) = -30 \times 10^{-4} e^{-0.2x} (\hat{a}_z \times \hat{a}_y) = 3.0 \times 10^{-3} e^{-0.2x} \hat{a}_x \text{ N}$.
चालक को स्थिर गति से ले जाने के लिए,एक बाहरी बल $\vec{F}_{ext} = -\vec{F} = -3.0 \times 10^{-3} e^{-0.2x} \hat{a}_x \text{ N}$ लागू करना होगा।
किया गया कार्य $W = \int_0^2 F_{ext} dx = \int_0^2 3.0 \times 10^{-3} e^{-0.2x} dx$.
$W = 3.0 \times 10^{-3} \left[ \frac{e^{-0.2x}}{-0.2} \right]_0^2 = \frac{3.0 \times 10^{-3}}{-0.2} (e^{-0.4} - 1) = 0.015 (1 - e^{-0.4}) \approx 0.01485 \text{ J}$.
शक्ति $P = \frac{W}{t} = \frac{0.01485}{5 \times 10^{-3}} = 2.97 \text{ W}$.
47
DifficultMCQ
धनात्मक $y-$ अक्ष की दिशा में $1\, T$ परिमाण का एक समान चुंबकीय क्षेत्र और $1\, V/m$ परिमाण का एक समान विद्युत क्षेत्र मौजूद है। $1\, kg$ द्रव्यमान और $1\, C$ आवेश वाला एक आवेशित कण $x-$ अक्ष की दिशा में $1\, m/s$ के वेग से गति कर रहा है और $t = 0$ पर मूल बिंदु पर है। समय $t = \pi$ सेकंड पर कण के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
A
$(0, 1, 2)$
B
$(0, -\pi^2/2, -2)$
C
$(2, \pi^2/2, 2)$
D
$(0, \pi^2/2, 2)$

Solution

(D) दिया गया है: $B = 1\, T$,$E = 1\, V/m$,$m = 1\, kg$,$q = 1\, C$,$\vec{v}_0 = 1\hat{i}\, m/s$। विद्युत क्षेत्र $y-$ अक्ष की दिशा में है,इसलिए $y-$ दिशा में त्वरण $a_y = \frac{qE}{m} = \frac{1 \times 1}{1} = 1\, m/s^2$ होगा। समय $t$ पर $y-$ दिशा में स्थिति $y(t) = v_{0y}t + \frac{1}{2}a_yt^2 = 0 + \frac{1}{2}(1)t^2 = \frac{t^2}{2}$ होगी। $t = \pi$ पर,$y = \frac{\pi^2}{2}$ प्राप्त होता है।
चुंबकीय क्षेत्र $y-$ अक्ष की दिशा में है। लोरेंत्ज़ बल $\vec{F} = q(\vec{v} \times \vec{B})$ के कारण $x-z$ तल में वृत्तीय गति होती है। इस वृत्तीय पथ की त्रिज्या $R = \frac{mv_{\perp}}{qB} = \frac{1 \times 1}{1 \times 1} = 1\, m$ है। कोणीय आवृत्ति $\omega = \frac{qB}{m} = 1\, rad/s$ है। $x-z$ तल में स्थिति $x(t) = R \sin(\omega t)$ और $z(t) = R(1 - \cos(\omega t))$ द्वारा दी जाती है (क्योंकि यह मूल बिंदु से $x$ की दिशा में वेग के साथ शुरू होता है)। $t = \pi$ पर,$x(\pi) = 1 \sin(\pi) = 0$ और $z(\pi) = 1(1 - \cos(\pi)) = 1(1 - (-1)) = 2$ प्राप्त होता है। अतः,निर्देशांक $(0, \pi^2/2, 2)$ होंगे।
Solution diagram
48
MediumMCQ
$q$ आवेश और $m$ द्रव्यमान का एक कण $v$ वेग के साथ $x-$ अक्ष के अनुदिश गति कर रहा है और नीचे दिए गए चित्रों में दिखाए अनुसार विद्युत क्षेत्र $E$ और चुंबकीय क्षेत्र $B$ के क्षेत्र में प्रवेश करता है। किस चित्र के लिए आवेश पर नेट बल शून्य हो सकता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) विद्युत और चुंबकीय दोनों क्षेत्रों की उपस्थिति में गतिमान आवेश पर लगने वाला नेट बल लोरेंत्ज़ बल समीकरण द्वारा दिया जाता है: $\vec{F} = q(\vec{E} + \vec{v} \times \vec{B})$.
नेट बल के शून्य होने के लिए,हमारे पास $\vec{F} = 0$ होना चाहिए,जिसका अर्थ है $\vec{E} = -(\vec{v} \times \vec{B})$.
इसका मतलब है कि विद्युत बल $\vec{F}_e = q\vec{E}$ और चुंबकीय बल $\vec{F}_m = q(\vec{v} \times \vec{B})$ परिमाण में समान और दिशा में विपरीत होने चाहिए।
चित्र $A$ में,वेग $\vec{v}$ $+x$ दिशा में है,और चुंबकीय क्षेत्र $\vec{B}$ $+y$ दिशा में है। चुंबकीय बल $\vec{F}_m = q(\vec{v} \times \vec{B})$ $+z$ दिशा में होगा (दाएं हाथ के नियम का उपयोग करके)।
विद्युत क्षेत्र $\vec{E}$ को $-z$ दिशा में दिखाया गया है। इस प्रकार,विद्युत बल $\vec{F}_e = q\vec{E}$ $-z$ दिशा में होगा।
चूंकि विद्युत बल और चुंबकीय बल विपरीत दिशाओं में हैं,यदि उनके परिमाण समान हैं तो वे एक-दूसरे को रद्द कर सकते हैं। इसलिए,चित्र $A$ में नेट बल शून्य हो सकता है।
49
DifficultMCQ
तीन अनंत तार अंतरिक्ष में तीन आयामों में ($x$,$y$ और $z$ अक्ष के अनुदिश) दिखाए गए अनुसार व्यवस्थित हैं। प्रत्येक तार में $i$ धारा प्रवाहित हो रही है। बिंदु $A(r, -r, 0)$ पर चुंबकीय क्षेत्र ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$-\frac{\mu_0 i}{2\pi r}\hat{i} - \frac{\mu_0 i}{2\pi r}\hat{j} - \frac{\mu_0 i}{\pi r}\hat{k}$
B
$-\frac{\mu_0 i}{4\pi r}\hat{i} + \frac{\mu_0 i}{4\pi r}\hat{j} - \frac{\mu_0 i}{\pi r}\hat{k}$
C
$\frac{\mu_0 i}{4\pi r}\hat{i} + \frac{\mu_0 i}{4\pi r}\hat{j} - \frac{\mu_0 i}{\pi r}\hat{k}$
D
$\frac{\mu_0 i}{2\pi r}\hat{i} + \frac{\mu_0 i}{2\pi r}\hat{j} - \frac{\mu_0 i}{\pi r}\hat{k}$

Solution

(C) एक अनंत तार के कारण $r$ दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र $B = \frac{\mu_0 i}{2\pi r}$ होता है।
$1$. $x$-अक्ष पर तार $(1)$ $+x$ दिशा में $i$ धारा ले जाता है। बिंदु $A(r, -r, 0)$ पर,तार से दूरी $r$ है और दिशा $-\hat{k}$ है। अतः,$\vec{B}_1 = -\frac{\mu_0 i}{2\pi r} \hat{k}$.
$2$. $y$-अक्ष पर तार $(2)$ $+y$ दिशा में $i$ धारा ले जाता है। बिंदु $A$ पर,दिशा $-\hat{k}$ है। अतः,$\vec{B}_2 = -\frac{\mu_0 i}{2\pi r} \hat{k}$.
$3$. $z$-अक्ष पर तार $(3)$ तल के बाहर ($+\hat{k}$ दिशा में) $i$ धारा ले जाता है। $z$-अक्ष से $A$ की दूरी $d = r\sqrt{2}$ है। चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण $B_3 = \frac{\mu_0 i}{2\pi (r\sqrt{2})}$ है। इसकी दिशा $\frac{\hat{i} + \hat{j}}{\sqrt{2}}$ है। अतः,$\vec{B}_3 = \frac{\mu_0 i}{4\pi r} \hat{i} + \frac{\mu_0 i}{4\pi r} \hat{j}$.
कुल चुंबकीय क्षेत्र: $\vec{B}_{net} = \vec{B}_1 + \vec{B}_2 + \vec{B}_3 = \frac{\mu_0 i}{4\pi r} \hat{i} + \frac{\mu_0 i}{4\pi r} \hat{j} - \frac{\mu_0 i}{\pi r} \hat{k}$.
Solution diagram
50
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A
धारा अवयव का चुंबकीय क्षेत्र स्थिति सदिश के लंबवत होता है।
B
बिंदु आवेश का विद्युत क्षेत्र स्थिति सदिश के अनुदिश होता है।
C
चुंबकीय मोनोपोल भौतिक रूप से मौजूद नहीं है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) $1$. बायो-सावर्ट नियम के अनुसार,धारा अवयव $I d\vec{l}$ के कारण चुंबकीय क्षेत्र $d\vec{B} = \frac{\mu_0}{4\pi} \frac{I d\vec{l} \times \vec{r}}{r^3}$ द्वारा दिया जाता है। क्रॉस प्रोडक्ट के कारण,$d\vec{B}$,$d\vec{l}$ और स्थिति सदिश $\vec{r}$ दोनों के लंबवत होता है। अतः,कथन $A$ सही है।
$2$. बिंदु आवेश $q$ का विद्युत क्षेत्र $\vec{E} = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{q}{r^2} \hat{r}$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $\hat{r}$ स्थिति सदिश की दिशा में इकाई सदिश है। अतः,विद्युत क्षेत्र स्थिति सदिश के अनुदिश होता है। कथन $B$ सही है।
$3$. प्रकृति में चुंबकीय मोनोपोल कभी नहीं देखे गए हैं; चुंबकीय क्षेत्र हमेशा द्विध्रुव या धारा लूप द्वारा उत्पन्न होते हैं। अतः,कथन $C$ सही है।
चूंकि सभी कथन सही हैं,इसलिए सही विकल्प $D$ है।

Moving Charges and Magnetism — Mix Examples-Moving Charges and Magnetism · Frequently Asked Questions

1Are these Moving Charges and Magnetism questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

Yes. Use the language tabs in the hero section or the sidebar to view the same questions and solutions in English, Hindi or Gujarati.

3How do I generate a question paper from this subtopic?

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