विद्युत आवेश की एकसमान गति से उत्पन होता है

  • A

    केवल वैद्युत क्षेत्र

  • B

    केवल चुम्बकीय क्षेत्र

  • C

    वैद्युत और चुम्बकीय क्षेत्र दोनों

  • D

    न तो वैद्युत क्षेत्र और न ही चुम्बकीय क्षेत्र

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किसी वान डे ग्राफ के प्रकार के जनित्र में एक गोलीय धातु कोश $15 \times 10^{6} V$ का एक इलेक्ट्रोड बनाना है। इलेक्ट्रोड के परिवेश की गैस की परावैध्यूत सामथ्य $5 \times 10^{7} V m ^{-1}$ है। गोलीय कोश की आवश्यक न्यूनतम त्रिज्या क्या है? (इस अभ्यास से आपको यह ज्ञान होगा कि एक छोटे गोलीय कोश से आप स्थिरवैध्यूत जनित्र, जिसमें उच्च विभव प्राप्त करने के लिए कम आवेश की आवश्यकता होती है, नहीं बना सकते।)

जब किसी उदासीन धातु प्लेट से ${10^{19}}$ इलेक्ट्रॉन निकाल लिये जाये तो इस पर विद्युत आवेश होगा

एक चालक पर $14.4 \times {10^{ - 19}}$ कूलॉम का धन आवेश है। चालक पर (दिया है : इलेक्ट्रॉन पर आवेश $ = 1.6 \times {10^{ - 19}}$ कूलॉम)

एक धातु के गोले $A$ को धनावेश दिया जाता है जबकि दूसरे अन्य एकसमान धातु के गोले को उतना ही ऋणावेश दिया जाता है दोनों के द्रव्यमान समान हैं तो

एक काँच की छड़ सिल्क से रगड़कर गोल्ड लीफ इलेक्ट्रॉस्कोप को आवेशित करने के काम आती है। तथा गोल्ड लीफ इलेक्ट्रोस्कोप की पत्तियाँ फैल जाती हैं। इस आवेशित इलेक्ट्रोस्कोप पर $X$-किरणें थोड़े समय के लिये आपतित की जाये तो