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Relation between Torque and Angular acceleration and it's Application Questions in Hindi

Class 11 Physics · System of Particles and Rotational Motion · Relation between Torque and Angular acceleration and it's Application

182+

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Hindi

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Showing 49 of 182 questions in Hindi

51
EasyMCQ
यदि किसी वस्तु पर अचर आघूर्ण (टॉर्क) कार्य करता है,तो वस्तु:
A
अपनी विरामावस्था या सीधी रेखा के अनुदिश एकसमान गति की अवस्था में बनी रहती है
B
में रेखीय त्वरण उत्पन्न हो जाता है
C
में कोणीय त्वरण उत्पन्न हो जाता है
D
अचर चाल से घूर्णन करती है

Solution

(C) न्यूटन के गति के दूसरे नियम के घूर्णी अनुरूप के अनुसार,किसी दृढ़ पिंड पर कार्य करने वाला आघूर्ण $\tau$ संबंध $\tau = I\alpha$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $I$ जड़त्व आघूर्ण है और $\alpha$ कोणीय त्वरण है।
चूंकि आघूर्ण $\tau$ अचर है और जड़त्व आघूर्ण $I$ वस्तु का एक गुण है,इसलिए कोणीय त्वरण $\alpha = \frac{\tau}{I}$ भी अचर होगा।
अतः,वस्तु में कोणीय त्वरण उत्पन्न हो जाता है।
52
DifficultMCQ
$31.4 \, N \cdot m$ का एक नियत बल आघूर्ण (टॉर्क) एक कीलकित पहिए पर आरोपित किया जाता है। यदि पहिए का कोणीय त्वरण $4\pi \, rad/s^2$ हो,तो पहिए का जड़त्व आघूर्ण ....... $kg \cdot m^2$ है। ($.5$ में)
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$5$

Solution

(A) बल आघूर्ण $(\tau)$,जड़त्व आघूर्ण $(I)$ और कोणीय त्वरण $(\alpha)$ के बीच का संबंध इस सूत्र द्वारा दिया जाता है: $\tau = I \alpha$.
जड़त्व आघूर्ण के लिए सूत्र को पुनर्व्यवस्थित करने पर: $I = \frac{\tau}{\alpha}$.
दिया गया है: $\tau = 31.4 \, N \cdot m$ और $\alpha = 4\pi \, rad/s^2$.
$\pi \approx 3.14$ का उपयोग करने पर,$\alpha = 4 \times 3.14 = 12.56 \, rad/s^2$.
मान रखने पर: $I = \frac{31.4}{12.56} = 2.5 \, kg \cdot m^2$.
अतः,जड़त्व आघूर्ण $2.5 \, kg \cdot m^2$ है।
53
EasyMCQ
यदि किसी निकाय पर कार्यरत बाह्य बल आघूर्ण $ \tau = 0 $ है, तो:
A
$ \omega = 0 $
B
$ \alpha = 0 $
C
$ J = 0 $
D
$ F = 0 $

Solution

(B) बल आघूर्ण और कोणीय त्वरण के बीच का संबंध $ \tau = I \alpha $ द्वारा दिया जाता है, जहाँ $ I $ जड़त्व आघूर्ण है और $ \alpha $ कोणीय त्वरण है।
दिया गया है कि बाह्य बल आघूर्ण $ \tau = 0 $ है।
चूंकि किसी भी वस्तु का जड़त्व आघूर्ण $ I $ शून्य नहीं हो सकता है, इसलिए $ \alpha = 0 $ होगा।
अतः, निकाय का कोणीय त्वरण शून्य है।
54
MediumMCQ
एक मोटर वाहन का इंजन $100 \, kW$ शक्ति उत्पन्न करता है। यदि यह $1800 \, rpm$ की चाल से घूर्णन करता है,तो इसके द्वारा प्रयुक्त बल आघूर्ण (टॉर्क) ...... $N-m$ है।
A
$350$
B
$440$
C
$531$
D
$628$

Solution

(C) दिया गया है: शक्ति $P = 100 \, kW = 100 \times 10^3 \, W$.
कोणीय चाल $n = 1800 \, rpm = \frac{1800}{60} \, rev/s = 30 \, rev/s$.
कोणीय वेग $\omega = 2\pi n = 2\pi \times 30 = 60\pi \, rad/s$.
शक्ति $P$,बल आघूर्ण $\tau$ और कोणीय वेग $\omega$ के बीच संबंध $P = \tau \omega$ है।
अतः,बल आघूर्ण $\tau = \frac{P}{\omega} = \frac{100 \times 10^3}{60\pi} \, N-m$.
मान की गणना करने पर: $\tau = \frac{100000}{188.495} \approx 530.5 \, N-m$,जो लगभग $531 \, N-m$ है।
55
MediumMCQ
एक पहिये पर लगने वाला नियत बल आघूर्ण इसके कोणीय संवेग को $4 \ s$ में $A_0$ से $4A_0$ कर देता है,तो बल आघूर्ण का परिमाण होगा:
A
$ \frac{3A_0}{4} $
B
$ A_0 $
C
$ 4A_0 $
D
$ 12A_0 $

Solution

(A) बल आघूर्ण $(\tau)$ और कोणीय संवेग $(L)$ के बीच का संबंध घूर्णन के लिए न्यूटन के दूसरे नियम द्वारा दिया जाता है: $\tau = \frac{dL}{dt}$।
यहाँ कोणीय संवेग में परिवर्तन $\Delta L = L_2 - L_1 = 4A_0 - A_0 = 3A_0$ है।
समय अंतराल $\Delta t = 4 \ s$ है।
अतः,नियत बल आघूर्ण का परिमाण $\tau = \frac{\Delta L}{\Delta t} = \frac{3A_0}{4}$ होगा।
56
EasyMCQ
यदि $I$,$\alpha$,और $\tau$ क्रमशः किसी वस्तु के जड़त्व आघूर्ण,कोणीय त्वरण तथा बल आघूर्ण (टॉर्क) हों और वस्तु किसी अक्ष के परित: $\omega$ कोणीय वेग से घूर्णन कर रही हो,तो:
A
$\tau = I\alpha$
B
$\tau = I\omega$
C
$I = \tau \omega$
D
$\alpha = \tau \omega$

Solution

(A) किसी स्थिर अक्ष के परित: घूर्णन करती हुई दृढ़ वस्तु के लिए,वस्तु पर कार्य करने वाला बल आघूर्ण $\tau$,उसके जड़त्व आघूर्ण $I$ और कोणीय त्वरण $\alpha$ से समीकरण $\tau = I\alpha$ द्वारा संबंधित होता है।
यह न्यूटन के गति के दूसरे नियम $F = ma$ का घूर्णी अनुरूप (rotational analogue) है।
57
MediumMCQ
$10 \ kg$ के एक द्रव्यमान को भारहीन छड़ के एक सिरे से बाँधकर $30 \ cm$ की त्रिज्या के वृत्त में $10 \ rad/s$ के कोणीय वेग से घुमाया जा रहा है। यदि इस पिण्ड को ब्रेक लगाकर $10 \ s$ में विराम अवस्था में लाया जाए,तो बल-आघूर्ण का मान ...... $N-m$ होगा।
A
$0.9$
B
$1.2$
C
$2.3$
D
$0.5$

Solution

(A) दिया गया है: द्रव्यमान $m = 10 \ kg$,त्रिज्या $r = 30 \ cm = 0.3 \ m$,प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_1 = 10 \ rad/s$,अंतिम कोणीय वेग $\omega_2 = 0 \ rad/s$,समय $t = 10 \ s$.
सबसे पहले,कोणीय त्वरण $\alpha$ की गणना करें:
$\alpha = \frac{\omega_2 - \omega_1}{t} = \frac{0 - 10}{10} = -1 \ rad/s^2$.
कोणीय त्वरण का परिमाण $|\alpha| = 1 \ rad/s^2$ है।
अब,द्रव्यमान का जड़त्व आघूर्ण $I$ ज्ञात करें:
$I = m r^2 = 10 \times (0.3)^2 = 10 \times 0.09 = 0.9 \ kg \cdot m^2$.
अंत में,बल-आघूर्ण $\tau$ की गणना करें:
$\tau = I |\alpha| = 0.9 \times 1 = 0.9 \ N \cdot m$.
58
MediumMCQ
एक पहिया जिसका जड़त्व आघूर्ण अपनी ऊर्ध्वाधर अक्ष के परितः $2 \; kg \cdot m^2$ है,इस अक्ष के परितः $60 \; rpm$ की दर से घूम रहा है। एक मिनट में पहिये के घूर्णन को रोकने के लिए आवश्यक बल आघूर्ण (टॉर्क) क्या होगा?
A
$ \frac{2\pi}{15} \; N \cdot m $
B
$ \frac{\pi}{12} \; N \cdot m $
C
$ \frac{\pi}{15} \; N \cdot m $
D
$ \frac{\pi}{18} \; N \cdot m $

Solution

(C) दिया गया है: जड़त्व आघूर्ण $I = 2 \; kg \cdot m^2$,प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_i = 60 \; rpm = \frac{60 \times 2\pi}{60} \; rad/s = 2\pi \; rad/s$,अंतिम कोणीय वेग $\omega_f = 0 \; rad/s$,समय $t = 1 \; minute = 60 \; s$.
कोणीय त्वरण $\alpha = \frac{\omega_f - \omega_i}{t} = \frac{0 - 2\pi}{60} = -\frac{\pi}{30} \; rad/s^2$.
बल आघूर्ण का परिमाण $\tau = |I \alpha| = 2 \times \left| -\frac{\pi}{30} \right| = \frac{2\pi}{30} = \frac{\pi}{15} \; N \cdot m$.
59
MediumMCQ
एक पहिया, जिसका जड़त्व आघूर्ण $5 \times 10^{-3} \ kg \ m^2$ है, $20 \ rev/s$ की दर से घूर्णन कर रहा है। पहिये को $10 \ s$ में रोकने के लिए आवश्यक बल आघूर्ण का मान $... \times 10^{-2} \ N \ m$ है। ($\pi$ में)
A
$2$
B
$2.5$
C
$4$
D
$4.5$

Solution

(A) दिया गया है: जड़त्व आघूर्ण $I = 5 \times 10^{-3} \ kg \ m^2$, प्रारंभिक आवृत्ति $n_1 = 20 \ rev/s$, अंतिम आवृत्ति $n_2 = 0 \ rev/s$, समय $t = 10 \ s$ है।
कोणीय त्वरण $\alpha$ का मान $\alpha = \frac{\omega_2 - \omega_1}{t} = \frac{2\pi(n_2 - n_1)}{t}$ से प्राप्त होता है।
मान रखने पर: $\alpha = \frac{2\pi(0 - 20)}{10} = -4\pi \ rad/s^2$ है।
बल आघूर्ण $\tau$ का परिमाण $\tau = I|\alpha|$ द्वारा दिया जाता है।
$\tau = (5 \times 10^{-3}) \times (4\pi) = 20\pi \times 10^{-3} = 2\pi \times 10^{-2} \ N \ m$ है।
अतः, आवश्यक मान $2\pi$ है।
60
DifficultMCQ
एक पहिए के केंद्र से जाने वाली अक्ष के परित: उसका जड़त्व आघूर्ण $200 \, kg \cdot m^2$ है। पहिए को घुमाने हेतु $1000 \, N \cdot m$ का नियत बल आघूर्ण लगाया जाता है। $3 \, s$ पश्चात् पहिए का कोणीय वेग ........ $rad/s$ होगा।
A
$15$
B
$10$
C
$5$
D
$1$

Solution

(A) दिया गया है: जड़त्व आघूर्ण $I = 200 \, kg \cdot m^2$,बल आघूर्ण $\tau = 1000 \, N \cdot m$,समय $t = 3 \, s$,प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_0 = 0 \, rad/s$।
संबंध $\tau = I \alpha$ का उपयोग करने पर,कोणीय त्वरण $\alpha$ है:
$\alpha = \frac{\tau}{I} = \frac{1000}{200} = 5 \, rad/s^2$।
घूर्णन गति के समीकरण $\omega = \omega_0 + \alpha t$ का उपयोग करने पर:
$\omega = 0 + (5 \times 3) = 15 \, rad/s$।
61
MediumMCQ
पृथ्वी के घूर्णन को एक दिन में रोकने के लिए विषुवत रेखा पर स्पर्शरेखीय दिशा में कितना नियत बल लगाना पड़ेगा?
A
$ 1.3 \times 10^{22} \, N $
B
$ 8.26 \times 10^{28} \, N $
C
$ 1.3 \times 10^{23} \, N $
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(A) पृथ्वी का प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_1 = \frac{2\pi}{T}$ rad/s है,जहाँ $T = 86400 \, s$ है। अंतिम कोणीय वेग $\omega_2 = 0$ है। लिया गया समय $t = 86400 \, s$ है।
कोणीय त्वरण $\alpha = \frac{\omega_2 - \omega_1}{t} = \frac{0 - \frac{2\pi}{86400}}{86400} = -\frac{2\pi}{(86400)^2} \, rad/s^2$ है।
आवश्यक बल आघूर्ण $\tau = I\alpha$ है,जहाँ $I = \frac{2}{5}MR^2$ पृथ्वी का जड़त्व आघूर्ण है।
स्पर्शरेखीय बल $F$ का बल आघूर्ण से संबंध $\tau = FR$ है,इसलिए $F = \frac{I\alpha}{R} = \frac{2}{5}MR\alpha$।
मान रखने पर: $M = 6 \times 10^{24} \, kg$,$R = 6.4 \times 10^6 \, m$,और $\alpha = \frac{2\pi}{(86400)^2}$।
$F = \frac{2}{5} \times (6 \times 10^{24}) \times (6.4 \times 10^6) \times \frac{2\pi}{(86400)^2} \approx 1.3 \times 10^{22} \, N$।
62
EasyMCQ
किसी पहिए का कोणीय संवेग $3$ सेकंड में $2L$ से $5L$ तक परिवर्तित होता है। पहिए पर कार्यरत बल आघूर्ण (टॉर्क) का मान है:
A
$L$
B
$L/2$
C
$L/3$
D
$L/5$

Solution

(A) किसी पिंड पर कार्यरत बल आघूर्ण $\tau$ उसके कोणीय संवेग $L$ के परिवर्तन की दर के बराबर होता है,जिसे सूत्र $\tau = \frac{dL}{dt}$ द्वारा दर्शाया जाता है।
दिया गया है:
प्रारंभिक कोणीय संवेग $L_1 = 2L$ है।
अंतिम कोणीय संवेग $L_2 = 5L$ है।
समय अंतराल $\Delta t = 3 \ s$ है।
इन मानों को सूत्र में प्रतिस्थापित करने पर:
$\tau = \frac{L_2 - L_1}{\Delta t} = \frac{5L - 2L}{3} = \frac{3L}{3} = L$.
अतः,पहिए पर कार्यरत बल आघूर्ण का मान $L$ है।
63
MediumMCQ
$30 \, N \cdot m$ का बल आघूर्ण,$2 \, kg \cdot m^2$ जड़त्व आघूर्ण वाले एक $5 \, kg$ के पहिए पर $10 \, s$ तक लगाया जाता है। $10 \, s$ में पहिए का कोणीय विस्थापन ....... रेडियन होगा।
A
$750$
B
$1500$
C
$3000$
D
$6000$

Solution

(A) दिया गया है: बल आघूर्ण $\tau = 30 \, N \cdot m$,जड़त्व आघूर्ण $I = 2 \, kg \cdot m^2$,समय $t = 10 \, s$,प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_0 = 0$।
सबसे पहले,$\tau = I\alpha$ संबंध का उपयोग करके कोणीय त्वरण $\alpha$ की गणना करें:
$\alpha = \frac{\tau}{I} = \frac{30}{2} = 15 \, rad/s^2$।
अब,कोणीय विस्थापन $\theta$ ज्ञात करने के लिए घूर्णन गति के समीकरण का उपयोग करें:
$\theta = \omega_0 t + \frac{1}{2} \alpha t^2$।
मान रखने पर:
$\theta = 0 \times 10 + \frac{1}{2} \times 15 \times (10)^2 = 0.5 \times 15 \times 100 = 750 \, rad$।
64
EasyMCQ
यदि किसी पिण्ड पर बल उसके द्रव्यमान केंद्र से दूर किसी बिंदु पर कार्य करता है,तो:
A
रेखीय त्वरण परिवर्तित होता है।
B
कोणीय त्वरण परिवर्तित होता है।
C
दोनों परिवर्तित होते हैं।
D
उपरोक्त में से कोई नहीं।

Solution

(C) जब किसी पिण्ड पर द्रव्यमान केंद्र के अलावा किसी अन्य बिंदु पर बल कार्य करता है,तो यह द्रव्यमान केंद्र के परितः नेट बल और नेट बल-आघूर्ण (टॉर्क) दोनों प्रदान करता है।
रेखीय गति के लिए न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार,$F = ma$,रेखीय त्वरण $a$ परिवर्तित होता है।
घूर्णन गति के लिए न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार,$\tau = I\alpha$,बल-आघूर्ण $\tau$ कोणीय त्वरण $\alpha$ में परिवर्तन उत्पन्न करता है।
अतः,रेखीय और कोणीय दोनों त्वरण परिवर्तित होते हैं।
65
DifficultMCQ
किसी अक्ष के परितः एक पिण्ड का जड़त्व आघूर्ण $1.2 \ kg \cdot m^2$ है। प्रारम्भ में पिण्ड स्थिर है। $1500 \ J$ की घूर्णी गतिज ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए,पिण्ड पर $25 \ rad/s^2$ का कोणीय त्वरण कितने समय ........ $(s)$ के लिए आरोपित करना होगा?
A
$4$
B
$2$
C
$8$
D
$10$

Solution

(B) घूर्णी गतिज ऊर्जा का सूत्र $K = \frac{1}{2} I \omega^2$ है।
यहाँ $K = 1500 \ J$ और $I = 1.2 \ kg \cdot m^2$ दिया गया है,अतः:
$1500 = \frac{1}{2} \times 1.2 \times \omega^2$
$1500 = 0.6 \times \omega^2$
$\omega^2 = \frac{1500}{0.6} = 2500$
$\omega = 50 \ rad/s$.
पिण्ड विराम अवस्था से चलना प्रारम्भ करता है,अतः प्रारम्भिक कोणीय वेग $\omega_0 = 0$ है।
गति के समीकरण $\omega = \omega_0 + \alpha t$ का उपयोग करने पर,जहाँ $\alpha = 25 \ rad/s^2$:
$50 = 0 + 25 \times t$
$t = \frac{50}{25} = 2 \ s$.
66
EasyMCQ
$5 \times 10^{-3} \ kg \cdot m^2$ जड़त्व आघूर्ण का एक पहिया $20 \ rev/s$ की दर से घूर्णन कर रहा है। इसे $20 \ s$ में विरामावस्था में लाने के लिए आवश्यक कोणीय मंदन का मान क्या होगा?
A
$\pi \ rad/s^2$
B
$2\pi \ rad/s^2$
C
$4\pi \ rad/s^2$
D
$8\pi \ rad/s^2$

Solution

(B) दिया गया है:
प्रारंभिक आवृत्ति $n_1 = 20 \ rev/s$
अंतिम आवृत्ति $n_2 = 0 \ rev/s$
समय $t = 20 \ s$
प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_1 = 2\pi n_1 = 2\pi \times 20 = 40\pi \ rad/s$
अंतिम कोणीय वेग $\omega_2 = 2\pi n_2 = 0 \ rad/s$
गति के समीकरण $\omega_2 = \omega_1 + \alpha t$ का उपयोग करने पर:
$0 = 40\pi + \alpha(20)$
$\alpha = -\frac{40\pi}{20} = -2\pi \ rad/s^2$
अतः,कोणीय मंदन का परिमाण $2\pi \ rad/s^2$ है।
67
MediumMCQ
$5 \times 10^{-3} \ kg \cdot m^2$ जड़त्व आघूर्ण का एक पहिया $20 \ rev/s$ की दर से घूर्णन कर रहा है। इसे $10 \ s$ में विरामावस्था में लाने के लिए आवश्यक बल आघूर्ण होगा:
A
$2\pi \times 10^{-2} \ N \cdot m$
B
$2\pi \times 10^{2} \ N \cdot m$
C
$4\pi \times 10^{-2} \ N \cdot m$
D
$4\pi \times 10^{2} \ N \cdot m$

Solution

(A) दिया गया है: जड़त्व आघूर्ण $I = 5 \times 10^{-3} \ kg \cdot m^2$,प्रारंभिक आवृत्ति $n_1 = 20 \ rev/s$,अंतिम आवृत्ति $n_2 = 0 \ rev/s$,समय $t = 10 \ s$ है।
प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_1 = 2\pi n_1 = 2\pi \times 20 = 40\pi \ rad/s$ है।
अंतिम कोणीय वेग $\omega_2 = 2\pi n_2 = 0 \ rad/s$ है।
कोणीय त्वरण $\alpha = \frac{\omega_2 - \omega_1}{t} = \frac{0 - 40\pi}{10} = -4\pi \ rad/s^2$ है।
आवश्यक बल आघूर्ण का परिमाण $\tau = I|\alpha|$ है।
$\tau = (5 \times 10^{-3}) \times 4\pi = 20\pi \times 10^{-3} = 2\pi \times 10^{-2} \ N \cdot m$।
68
AdvancedMCQ
एक असमान छड़ $OA$ जिसकी रैखिक द्रव्यमान घनत्व $\lambda = \lambda_0 x$ ($\lambda_0$ एक स्थिरांक है) है,को चित्र में दिखाए अनुसार $O$ पर हिंज जॉइंट और एक हल्की डोरी द्वारा छत से लटकाया गया है। डोरी काटने के तुरंत बाद छड़ का कोणीय त्वरण ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$\frac{2g}{L}$
B
$\frac{g}{L}$
C
$\frac{4g}{3L}$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) द्रव्यमान केंद्र $X_{cm}$ इस प्रकार है:
$X_{cm} = \frac{\int x dm}{\int dm} = \frac{\int_{0}^{L} x (\lambda_0 x) dx}{\int_{0}^{L} (\lambda_0 x) dx} = \frac{\lambda_0 [x^3/3]_0^L}{\lambda_0 [x^2/2]_0^L} = \frac{L^3/3}{L^2/2} = \frac{2L}{3}$.
छड़ का कुल द्रव्यमान $M$:
$M = \int_{0}^{L} \lambda_0 x dx = \frac{\lambda_0 L^2}{2}$.
हिंज $O$ के परितः जड़त्व आघूर्ण $I$:
$I = \int x^2 dm = \int_{0}^{L} x^2 (\lambda_0 x) dx = \lambda_0 \int_{0}^{L} x^3 dx = \frac{\lambda_0 L^4}{4}$.
डोरी काटने के तुरंत बाद,हिंज $O$ के परितः टॉर्क $\tau$ गुरुत्वाकर्षण के कारण द्रव्यमान केंद्र पर कार्य करता है:
$\tau = Mg \times X_{cm} = \left( \frac{\lambda_0 L^2}{2} \right) g \left( \frac{2L}{3} \right) = \frac{\lambda_0 g L^3}{3}$.
संबंध $\tau = I \alpha$ का उपयोग करते हुए:
$\frac{\lambda_0 g L^3}{3} = \left( \frac{\lambda_0 L^4}{4} \right) \alpha$.
$\alpha$ के लिए हल करने पर:
$\alpha = \frac{\lambda_0 g L^3}{3} \times \frac{4}{\lambda_0 L^4} = \frac{4g}{3L}$.
69
AdvancedMCQ
$l$ लंबाई की एक समान छड़,जो निचले सिरे पर कब्जेदार (hinged) है,ऊर्ध्वाधर तल में घूमने के लिए स्वतंत्र है। यदि छड़ को शुरुआत में ऊर्ध्वाधर रखा जाता है और फिर छोड़ दिया जाता है,तो जब यह क्षैतिज के साथ $45^{\circ}$ का कोण बनाती है,तो छड़ का कोणीय त्वरण क्या होगा? (दिया है: जड़त्व आघूर्ण $I = ml^2/3$)
A
$\frac{3g}{2\sqrt{2}l}$
B
$\frac{6g}{\sqrt{2}l}$
C
$\frac{\sqrt{2}g}{l}$
D
$\frac{2g}{l}$

Solution

(A) कब्जे (hinge) के परितः छड़ पर कार्य करने वाला टॉर्क $\tau = mg \cdot r_{\perp}$ है,जहाँ $r_{\perp}$ कब्जे से गुरुत्वाकर्षण बल की क्रिया रेखा की लंबवत दूरी है।
जब छड़ क्षैतिज के साथ $\theta$ कोण बनाती है,तो ऊर्ध्वाधर के साथ कोण $(90^{\circ} - \theta)$ होता है। द्रव्यमान केंद्र कब्जे से $l/2$ दूरी पर है।
लंबवत दूरी $r_{\perp} = \frac{l}{2} \cos(90^{\circ} - \theta) = \frac{l}{2} \sin \theta$ है।
न्यूटन के गति के दूसरे नियम के घूर्णी अनुरूप $\tau = I\alpha$ का उपयोग करते हुए,जहाँ $\alpha$ कोणीय त्वरण है।
$mg \left( \frac{l}{2} \sin \theta \right) = I \alpha$.
$I = \frac{ml^2}{3}$ दिया गया है,इसलिए:
$mg \frac{l}{2} \sin \theta = \left( \frac{ml^2}{3} \right) \alpha$.
$\alpha$ के लिए हल करने पर:
$\alpha = \frac{mg \frac{l}{2} \sin \theta}{\frac{ml^2}{3}} = \frac{3g \sin \theta}{2l}$.
$\theta = 45^{\circ}$ के लिए,$\sin 45^{\circ} = \frac{1}{\sqrt{2}}$.
$\alpha = \frac{3g}{2l} \cdot \frac{1}{\sqrt{2}} = \frac{3g}{2\sqrt{2}l}$.
70
MediumMCQ
$2 \ m$ त्रिज्या वाली एक घिरनी (pulley) को $F = (20t - 5t^2) \ N$ (जहाँ $t$ सेकंड में है) बल द्वारा स्पर्शरेखीय रूप से उसकी धुरी पर घुमाया जाता है। यदि घिरनी का उसकी घूर्णन अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $10 \ kg \cdot m^2$ है,तो गति की दिशा उलटने से पहले घिरनी द्वारा किए गए घूर्णनों की संख्या क्या है?
A
$3$ से अधिक लेकिन $6$ से कम
B
$6$ से अधिक लेकिन $9$ से कम
C
$9$ से अधिक
D
$3$ से कम

Solution

(A) घिरनी पर लगने वाला बल आघूर्ण (torque) $\tau = F \cdot R = (20t - 5t^2) \cdot 2 = 40t - 10t^2 \ N \cdot m$ है।
$\tau = I \alpha$ का उपयोग करते हुए,$\alpha = \frac{\tau}{I} = \frac{40t - 10t^2}{10} = 4t - t^2 \ rad/s^2$ प्राप्त होता है।
चूंकि $\alpha = \frac{d\omega}{dt}$,कोणीय वेग $\omega$ ज्ञात करने के लिए समाकलन (integration) करने पर:
$\omega = \int (4t - t^2) dt = 2t^2 - \frac{t^3}{3}$.
गति की दिशा तब बदलती है जब $\omega = 0$ ($t > 0$ के लिए):
$2t^2 - \frac{t^3}{3} = 0 \Rightarrow t^2(2 - \frac{t}{3}) = 0 \Rightarrow t = 6 \ s$.
अब,$t = 0$ से $t = 6$ तक $\omega$ का समाकलन करके कोणीय विस्थापन $\theta$ ज्ञात करते हैं:
$\theta = \int_0^6 (2t^2 - \frac{t^3}{3}) dt = [\frac{2t^3}{3} - \frac{t^4}{12}]_0^6 = \frac{2(216)}{3} - \frac{1296}{12} = 144 - 108 = 36 \ rad$.
घूर्णनों की संख्या $n = \frac{\theta}{2\pi} = \frac{36}{2\pi} = \frac{18}{\pi} \approx 5.73$.
चूंकि $5.73$,$3$ और $6$ के बीच है,इसलिए सही विकल्प $A$ है।
71
DifficultMCQ
वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक नया अंतरिक्ष स्टेशन बनाया है। अंतरिक्ष स्टेशन $R$ त्रिज्या वाले पहिये के आकार का है,जिसका लगभग सारा द्रव्यमान $M$ इसकी रिम (किनारे) पर है। जब चालक दल पहुंचता है,तो स्टेशन को ऐसी गति से घुमाया जाएगा कि रिम पर स्थित किसी वस्तु का त्रिज्यीय त्वरण $g$ हो जाए,जिससे पृथ्वी के सतह के गुरुत्वाकर्षण जैसी स्थिति उत्पन्न हो। यह स्टेशन की रिम पर लगे दो छोटे रॉकेटों द्वारा किया जाता है,जिनमें से प्रत्येक का थ्रस्ट $T$ न्यूटन है। वांछित स्थिति प्राप्त करने के लिए रॉकेट को कितने समय $t$ तक चलाना होगा?
A
$t=\frac{\sqrt{gR^3}M}{2T}$
B
$t=\frac{\sqrt{gR}M}{2T}$
C
$t=\sqrt{\frac{gR}{\pi}}\,\frac{M}{T}$
D
$t=\frac{\sqrt{gR}M}{\pi T}$

Solution

(B) अंतरिक्ष स्टेशन का उसके केंद्रीय अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $I = MR^2$ है।
दो रॉकेट,जिनमें से प्रत्येक केंद्र से $R$ दूरी पर $T$ का थ्रस्ट प्रदान करता है,कुल टॉर्क $\tau = 2TR$ उत्पन्न करते हैं।
कोणीय आवेग-संवेग प्रमेय के अनुसार,कोणीय आवेग कोणीय संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है: $\int \tau dt = L_f - L_i.$
मान लीजिए कि स्टेशन विरामावस्था से शुरू होता है $(L_i = 0)$,तो $2TRt = I\omega = MR^2\omega.$
पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का अनुकरण करने के लिए,रिम पर त्रिज्यीय त्वरण $g$ होना चाहिए,इसलिए $a_r = \omega^2R = g.$
कोणीय वेग के लिए हल करने पर,हमें $\omega = \sqrt{\frac{g}{R}}$ प्राप्त होता है।
$\omega$ का मान आवेग समीकरण में रखने पर: $2TRt = MR^2 \sqrt{\frac{g}{R}} = M\sqrt{gR^3}.$
समय $t$ के लिए हल करने पर,हमें $t = \frac{M\sqrt{gR^3}}{2TR} = \frac{M\sqrt{gR}}{2T}$ प्राप्त होता है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
Solution diagram
72
MediumMCQ
एक पहिया अपने केंद्र से गुजरने वाली धुरी के परितः $720$ चक्कर प्रति मिनट की गति से घूम रहा है। इस पर इसकी गति का विरोध करने वाला एक नियत बल-आघूर्ण (टॉर्क) $8$ सेकंड तक लगाया जाता है जब तक कि यह स्थिर न हो जाए। $8$ सेकंड में पहिए द्वारा लगाए गए चक्करों की संख्या है:
A
$48$
B
$72$
C
$96$
D
$120$

Solution

(A) प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_0 = 720 \text{ rpm} = \frac{720}{60} \text{ rev/s} = 12 \text{ rev/s}$.
अंतिम कोणीय वेग $\omega = 0 \text{ rev/s}$.
लिया गया समय $t = 8 \text{ s}$.
चूंकि टॉर्क नियत है,कोणीय त्वरण नियत रहेगा,इसलिए हम कुल विस्थापन (चक्करों की संख्या $\theta$) ज्ञात करने के लिए औसत कोणीय वेग के सूत्र का उपयोग कर सकते हैं:
$\theta = \left( \frac{\omega + \omega_0}{2} \right) \times t$
$\theta = \left( \frac{0 + 12}{2} \right) \times 8$
$\theta = 6 \times 8 = 48 \text{ चक्कर}$.
73
DifficultMCQ
एक निश्चित अक्ष के परितः घूमते हुए एक दृढ़ पिंड पर स्थित एक बिंदु के कोणीय त्वरण $\alpha$ का समय $t$ के साथ परिवर्तन चित्र में दर्शाया गया है। छड़ के घूर्णन की दिशा क्या है? (घड़ी की दिशा को ऋणात्मक मानें)
Question diagram
A
घड़ी की दिशा में
B
घड़ी की विपरीत दिशा में
C
$1$ और $2$ के अलावा कुछ भी
D
आंकड़े अपर्याप्त हैं

Solution

(D) कोणीय त्वरण $\alpha$ को समय $t$ के सापेक्ष कोणीय वेग $\omega$ के परिवर्तन की दर के रूप में परिभाषित किया जाता है,अर्थात $\alpha = \frac{d\omega}{dt}$।
दिए गए ग्राफ से,हम समय के साथ कोणीय त्वरण में परिवर्तन निर्धारित कर सकते हैं,लेकिन हमारे पास $t = 0$ पर प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_0$ के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
चूंकि घूर्णन की दिशा कोणीय वेग $\omega(t) = \omega_0 + \int \alpha dt$ के चिह्न पर निर्भर करती है,और $\omega_0$ अज्ञात है,इसलिए केवल दिए गए ग्राफ से घूर्णन की दिशा (घड़ी की दिशा या विपरीत दिशा) निर्धारित करना असंभव है।
अतः,घूर्णन की दिशा ज्ञात करने के लिए दिए गए आंकड़े अपर्याप्त हैं।
74
DifficultMCQ
एक बिलियर्ड बॉल को उसके केंद्र से $h$ दूरी पर एक क्यू (cue) द्वारा मारा जाता है। यह $v_0$ का रैखिक वेग प्राप्त करती है। मान लीजिए $m$ द्रव्यमान है और $r$ गेंद की त्रिज्या है। गेंद द्वारा प्राप्त कोणीय वेग क्या है?
A
$\frac{5v_0h}{2r^2}$
B
$\frac{2v_0h}{3r^2}$
C
$\frac{2v_0h}{5r^2}$
D
$\frac{2v_0h}{r^2}$

Solution

(A) क्यू (cue) द्वारा लगाया गया आवेग $J$ गेंद को रैखिक संवेग और कोणीय संवेग दोनों प्रदान करता है।
रैखिक संवेग: $J = mv_0$.
द्रव्यमान केंद्र के परितः कोणीय आवेग: $\tau \Delta t = J \times h = I \omega_0$.
$J = mv_0$ प्रतिस्थापित करने पर,हमें $mv_0h = I \omega_0$ प्राप्त होता है।
एक ठोस गोले का उसके केंद्र के परितः जड़त्व आघूर्ण $I = \frac{2}{5}mr^2$ होता है।
समीकरण में $I$ का मान रखने पर: $mv_0h = (\frac{2}{5}mr^2) \omega_0$.
$\omega_0$ के लिए हल करने पर: $\omega_0 = \frac{mv_0h}{\frac{2}{5}mr^2} = \frac{5v_0h}{2r^2}$.
75
DifficultMCQ
$m$ द्रव्यमान और $R$ त्रिज्या का एक पतला समान अर्धगोलाकार कटोरा एक चिकनी क्षैतिज सतह पर रखा है। अब कटोरे के किनारे के लंबवत एक क्षैतिज बल $F$ लगाया जाता है (चित्र देखें)। कटोरे का तात्क्षणिक कोणीय त्वरण होगा
Question diagram
A
$\frac{20F}{3MR}$
B
$\frac{10F}{3MR}$
C
$\frac{40F}{3MR}$
D
$\frac{6F}{5MR}$

Solution

(D) $R$ त्रिज्या वाले एक पतले समान अर्धगोलाकार कटोरे का द्रव्यमान केंद्र $(COM)$ उसके वृत्ताकार किनारे के केंद्र से $R/2$ की दूरी पर होता है।
जब किनारे पर एक क्षैतिज बल $F$ लगाया जाता है,तो $COM$ के परितः टॉर्क $\tau = F \cdot (R/2)$ द्वारा दिया जाता है।
अर्धगोलाकार कटोरे का उसके $COM$ से गुजरने वाली और किनारे के समानांतर अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $I_{COM} = I_{axis} - m(R/2)^2$ है,जहाँ $I_{axis} = (2/3)MR^2$ किनारे के केंद्र से गुजरने वाली अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण है।
अतः,$I_{COM} = \frac{2}{3}MR^2 - m\left(\frac{R}{2}\right)^2 = \frac{2}{3}MR^2 - \frac{1}{4}MR^2 = \frac{8-3}{12}MR^2 = \frac{5}{12}MR^2$.
संबंध $\tau = I_{COM} \cdot \alpha$ का उपयोग करते हुए:
$F \cdot \frac{R}{2} = \left(\frac{5}{12}MR^2\right) \alpha$
$\alpha = \frac{F \cdot R / 2}{5/12 \cdot MR^2} = \frac{F \cdot R}{2} \cdot \frac{12}{5MR^2} = \frac{6F}{5MR}$.
Solution diagram
76
DifficultMCQ
$2 \ m$ त्रिज्या वाली एक घिरनी को स्पर्शरेखीय रूप से लगाए गए बल $F = (20t - 5t^2) \ N$ (जहाँ $t$ सेकंड में मापा जाता है) द्वारा उसकी धुरी के परितः घुमाया जाता है। यदि घिरनी का उसकी घूर्णन अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $10 \ kg \ m^2$ है,तो गति की दिशा उलटने से पहले घिरनी द्वारा किए गए घूर्णनों की संख्या लगभग कितनी होगी ($.5$ में)?
A
$5$
B
$8$
C
$11$
D
$14$

Solution

(A) आघूर्ण $\tau$ को $\tau = F \cdot R = I \alpha$ द्वारा दिया जाता है।
दिया गया है $F = (20t - 5t^2) \ N$,$R = 2 \ m$,और $I = 10 \ kg \ m^2$.
$(20t - 5t^2) \cdot 2 = 10 \alpha \implies \alpha = 4t - t^2$.
कोणीय वेग $\omega$ ज्ञात करने के लिए $\alpha$ का समय के सापेक्ष समाकलन करने पर:
$\omega = \int (4t - t^2) dt = 2t^2 - \frac{t^3}{3}$.
कोणीय विस्थापन $\theta$ ज्ञात करने के लिए $\omega$ का समय के सापेक्ष समाकलन करने पर:
$\theta = \int (2t^2 - \frac{t^3}{3}) dt = \frac{2t^3}{3} - \frac{t^4}{12}$.
गति की दिशा तब उलटती है जब $\omega = 0$ होता है:
$2t^2 - \frac{t^3}{3} = 0 \implies t^2(2 - \frac{t}{3}) = 0 \implies t = 6 \ s$.
$t = 6 \ s$ पर कोणीय विस्थापन की गणना करने पर:
$\theta = \frac{2(6)^3}{3} - \frac{6^4}{12} = \frac{2 \cdot 216}{3} - \frac{1296}{12} = 144 - 108 = 36 \ rad$.
घूर्णनों की संख्या $N = \frac{\theta}{2\pi} = \frac{36}{2\pi} = \frac{18}{\pi} \approx 5.73$.
77
DifficultMCQ
$m$ द्रव्यमान और $2l$ लंबाई की एक समान छड़ एक त्रिकोणीय प्रिज्म पर संतुलित है। अब छड़ के एक सिरे से $l/2$ लंबाई काटी जाती है और उसे छोटे हिस्से के ऊपर इस तरह रखा जाता है कि सिरे मिल जाएं। प्रारंभिक कोणीय त्वरण है:
Question diagram
A
$\frac{3g}{5l}$
B
$\frac{2g}{3l}$
C
$\frac{3g}{7l}$
D
$\frac{5g}{7l}$

Solution

(A) मूल छड़ का द्रव्यमान $m$ और लंबाई $2l$ है। $l/2$ लंबाई (द्रव्यमान $m/4$) काटने के बाद,शेष छड़ की लंबाई $3l/2$ और द्रव्यमान $3m/4$ है। $l/2$ लंबाई का कटा हुआ टुकड़ा शेष छड़ के ऊपर रखा जाता है। धुरी (pivot) मूल छड़ के केंद्र में है।
धुरी के परितः जड़त्व आघूर्ण $I$ है:
$I = I_{\text{rod}} + I_{\text{piece}} = \left[ \frac{1}{12} \left( \frac{3m}{4} \right) \left( \frac{3l}{2} \right)^2 + \left( \frac{3m}{4} \right) \left( \frac{l}{4} \right)^2 \right] + \left[ \frac{1}{12} \left( \frac{m}{4} \right) \left( \frac{l}{2} \right)^2 + \left( \frac{m}{4} \right) \left( \frac{l}{4} \right)^2 \right]$
$= \frac{3m}{4} \left( \frac{3l^2}{16} + \frac{l^2}{16} \right) + \frac{m}{4} \left( \frac{l^2}{48} + \frac{l^2}{16} \right) = \frac{3m}{4} \left( \frac{4l^2}{16} \right) + \frac{m}{4} \left( \frac{4l^2}{48} \right) = \frac{3ml^2}{16} + \frac{ml^2}{48} = \frac{9ml^2 + ml^2}{48} = \frac{10ml^2}{48} = \frac{5ml^2}{24}$.
धुरी के परितः बल आघूर्ण $\tau$ है:
$\tau = \left( \frac{3m}{4} \right) g \left( \frac{l}{4} \right) - \left( \frac{m}{4} \right) g \left( \frac{l}{4} \right) = \frac{2mg}{4} \cdot \frac{l}{4} = \frac{mgl}{8}$.
$\tau = I\alpha$ का उपयोग करने पर:
$\frac{mgl}{8} = \left( \frac{5ml^2}{24} \right) \alpha \implies \alpha = \frac{mgl}{8} \cdot \frac{24}{5ml^2} = \frac{3g}{5l}$.
Solution diagram
78
MediumMCQ
विराम अवस्था में स्थित एक पहिये पर $50\, Nm$ का बल आघूर्ण (torque) कार्य करने पर वह $5\, s$ में $200\, rad$ घूम जाता है। उत्पन्न कोणीय त्वरण की गणना कीजिए। ........... $rad\, s^{-2}$.
A
$8$
B
$4$
C
$16$
D
$12$

Solution

(C) दिया गया है:
प्रारंभिक कोणीय वेग,$\omega_{0} = 0\, rad/s$ (क्योंकि पहिया विराम अवस्था में है)।
कोणीय विस्थापन,$\theta = 200\, rad$.
समय,$t = 5\, s$.
घूर्णी गति के लिए गति के समीकरण का उपयोग करने पर:
$\theta = \omega_{0} t + \frac{1}{2} \alpha t^{2}$
चूंकि $\omega_{0} = 0$,समीकरण सरल होकर हो जाता है:
$\theta = \frac{1}{2} \alpha t^{2}$
कोणीय त्वरण $\alpha$ के लिए समीकरण को व्यवस्थित करने पर:
$\alpha = \frac{2 \theta}{t^{2}}$
दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करने पर:
$\alpha = \frac{2 \times 200}{(5)^{2}} = \frac{400}{25} = 16\, rad/s^{2}$.
79
DifficultMCQ
$l$ लंबाई और $m$ द्रव्यमान की एक पतली एकसमान छड़ को क्षैतिज रूप से पकड़ा गया है,जिसका सिरा $B$ एक मेज के किनारे पर टिका (hinged) हुआ है। बिंदु $A$ को अचानक छोड़ दिया जाता है। छोड़ने के समय छड़ के द्रव्यमान केंद्र का त्वरण क्या है?
Question diagram
A
$\frac{3}{4} g$
B
$\frac{3}{7} g$
C
$\frac{2}{7} g$
D
$\frac{1}{7} g$

Solution

(A) हिंज बिंदु $B$ के परितः गुरुत्वाकर्षण के कारण लगने वाला टॉर्क $\tau$,जो द्रव्यमान केंद्र पर ($B$ से $l/2$ दूरी पर) कार्य करता है,$\tau = mg \times \frac{l}{2}$ है।
न्यूटन के दूसरे नियम के घूर्णन रूप का उपयोग करते हुए,$\tau = I\alpha$,जहाँ $I$ हिंज $B$ के परितः छड़ का जड़त्व आघूर्ण है $(I = \frac{ml^2}{3})$।
अतः,$\alpha = \frac{\tau}{I} = \frac{mg(l/2)}{ml^2/3} = \frac{3g}{2l}$।
द्रव्यमान केंद्र का रैखिक त्वरण $a = \alpha r$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $r = l/2$ हिंज से द्रव्यमान केंद्र की दूरी है।
इसलिए,$a = \left(\frac{3g}{2l}\right) \times \left(\frac{l}{2}\right) = \frac{3}{4} g$।
80
MediumMCQ
$M$ द्रव्यमान और $L$ लंबाई की एक समान छड़ को चित्र में दिखाए अनुसार एक सिरे पर टिकाया (hinge) गया है। प्रारंभ में,छड़ को एक द्रव्यमानहीन डोरी द्वारा क्षैतिज रखा जाता है। जब डोरी को काट दिया जाता है,तो छड़ का कोणीय त्वरण क्या होगा?
Question diagram
A
$\frac{6g}{L}$
B
$\frac{3g}{2L}$
C
$\frac{3g}{3L}$
D
$\frac{g}{6L}$

Solution

(B) जब डोरी को काट दिया जाता है,तो हिंज (hinge) के परितः छड़ पर कार्य करने वाला एकमात्र टॉर्क छड़ के द्रव्यमान केंद्र पर कार्य करने वाले गुरुत्वाकर्षण बल के कारण होता है।
हिंज के परितः टॉर्क $\tau = Mg \cdot \frac{L}{2}$ द्वारा दिया जाता है।
$M$ द्रव्यमान और $L$ लंबाई की एक समान छड़ का एक सिरे से गुजरने वाली अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $I = \frac{ML^2}{3}$ होता है।
न्यूटन के गति के दूसरे नियम के घूर्णी रूप का उपयोग करते हुए,$\tau = I \alpha$,जहाँ $\alpha$ कोणीय त्वरण है:
$Mg \cdot \frac{L}{2} = \left( \frac{ML^2}{3} \right) \alpha$
$\alpha$ के लिए हल करने पर:
$\alpha = \frac{MgL/2}{ML^2/3} = \frac{3g}{2L}$.
81
MediumMCQ
$3 \, kg$ द्रव्यमान और $40 \, cm$ त्रिज्या वाले एक खोखले बेलन के चारों ओर नगण्य द्रव्यमान की एक रस्सी लपेटी गई है। यदि रस्सी को $30 \, N$ के बल से खींचा जाता है,तो बेलन में उत्पन्न कोणीय त्वरण ........ $rad \, s^{-2}$ है।
A
$15$
B
$20$
C
$25$
D
$30$

Solution

(C) दिया गया है: खोखले बेलन का द्रव्यमान $M = 3 \, kg$।
खोखले बेलन की त्रिज्या $R = 40 \, cm = 0.4 \, m$।
अनुप्रयुक्त बल $F = 30 \, N$।
बल द्वारा उत्पन्न बलाघूर्ण $\tau = F \times R$ द्वारा दिया जाता है।
$\tau = 30 \, N \times 0.4 \, m = 12 \, Nm$।
खोखले बेलन का उसके केंद्रीय अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $I = MR^2$ होता है।
$I = 3 \, kg \times (0.4 \, m)^2 = 3 \times 0.16 = 0.48 \, kg \, m^2$।
संबंध $\tau = I \alpha$ का उपयोग करते हुए,जहाँ $\alpha$ कोणीय त्वरण है:
$\alpha = \frac{\tau}{I} = \frac{12 \, Nm}{0.48 \, kg \, m^2} = 25 \, rad \, s^{-2}$।
82
MediumMCQ
$20 \, kg$ द्रव्यमान और $20 \, cm$ त्रिज्या वाले एक माउंटेड फ्लाईव्हील (डिस्क) के रिम के चारों ओर एक डोरी लिपटी हुई है। डोरी पर $25 \, N$ का एक स्थिर खिंचाव लगाया जाता है। घर्षण और डोरी के द्रव्यमान की उपेक्षा करते हुए,पहिये का कोणीय त्वरण $rad/s^2$ में क्या होगा?
A
$50$
B
$25$
C
$12.5$
D
$6.25$

Solution

(C) दिया गया है: डिस्क का द्रव्यमान $M = 20 \, kg$,त्रिज्या $R = 20 \, cm = 0.2 \, m$,बल $F = 25 \, N$ है।
फ्लाईव्हील पर लगाया गया टॉर्क $\tau = F \times R$ द्वारा दिया जाता है।
$\tau = 25 \, N \times 0.2 \, m = 5 \, N \cdot m$ है।
डिस्क का उसके केंद्रीय अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $I = \frac{1}{2} M R^2$ होता है।
$I = \frac{1}{2} \times 20 \times (0.2)^2 = 10 \times 0.04 = 0.4 \, kg \cdot m^2$ है।
न्यूटन के गति के दूसरे नियम के घूर्णी रूप का उपयोग करते हुए,$\tau = I \alpha$,जहाँ $\alpha$ कोणीय त्वरण है:
$5 = 0.4 \times \alpha$ है।
$\alpha = \frac{5}{0.4} = 12.5 \, rad/s^2$ है।
Solution diagram
83
MediumMCQ
$0.4 \, kg \, m^2$ जड़त्व आघूर्ण और $0.2 \, m$ त्रिज्या वाला एक फ्लाईव्हील केंद्रीय अक्ष के परितः घूमने के लिए स्वतंत्र है। यदि इसके चारों ओर एक डोरी लपेटकर इसे $10 \, N$ के बल से खींचा जाता है,तो $4 \, s$ के बाद कोणीय वेग ......... $rad \, s^{-1}$ होगा।
A
$10$
B
$5$
C
$20$
D
$25$

Solution

(C) फ्लाईव्हील पर कार्य करने वाला टॉर्क $\tau$ का मान $\tau = F \times r$ द्वारा दिया जाता है।
यहाँ $F = 10 \, N$ और $r = 0.2 \, m$ दिया गया है,इसलिए $\tau = 10 \times 0.2 = 2 \, N \cdot m$ है।
संबंध $\tau = I \alpha$ से,जहाँ $I = 0.4 \, kg \cdot m^2$ जड़त्व आघूर्ण है और $\alpha$ कोणीय त्वरण है,हमें $\alpha = \frac{\tau}{I} = \frac{2}{0.4} = 5 \, rad \cdot s^{-2}$ प्राप्त होता है।
यह मानते हुए कि फ्लाईव्हील विरामावस्था से शुरू होता है $(\omega_1 = 0)$,$t = 4 \, s$ समय के बाद कोणीय वेग $\omega_2 = \omega_1 + \alpha t$ द्वारा दिया जाता है।
मान रखने पर,$\omega_2 = 0 + (5 \times 4) = 20 \, rad \cdot s^{-1}$ होगा।
84
MediumMCQ
यदि $I = 50\,kg-m^2$ है,तो इसे $10\,s$ में रोकने के लिए कितना टॉर्क ($N-m$ में) लगाया जाना चाहिए? इसकी प्रारंभिक कोणीय गति $20\,rad/s$ है।
A
$100$
B
$150$
C
$200$
D
$250$

Solution

(A) दिया गया है: जड़त्व आघूर्ण $I = 50\,kg-m^2$,प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_i = 20\,rad/s$,अंतिम कोणीय वेग $\omega_f = 0\,rad/s$,और समय $t = 10\,s$ है।
कोणीय त्वरण $\alpha$ इस प्रकार है: $\alpha = \frac{\omega_f - \omega_i}{t} = \frac{0 - 20}{10} = -2\,rad/s^2$ है।
टॉर्क $\tau$ का सूत्र $\tau = I \alpha$ है।
मान रखने पर: $\tau = 50 \times (-2) = -100\,N-m$ है।
वस्तु को रोकने के लिए आवश्यक टॉर्क का परिमाण $100\,N-m$ है।
85
MediumMCQ
मान लीजिए कि $m$ द्रव्यमान का एक कण मूल बिंदु $O$ के सापेक्ष स्थिति $\vec{r}$ पर रैखिक संवेग $\vec{p}$ रखता है। मान लीजिए $\vec{L}$ मूल बिंदु के सापेक्ष कण का कोणीय संवेग है। निम्नलिखित में से कौन सा समीकरण $\vec{r}, \vec{p}$ और $\vec{L}$ को सही ढंग से संबंधित करता है?
A
$\frac{d\vec{L}}{dt} + \vec{r} \times \frac{d\vec{p}}{dt} = 0$
B
$\frac{d\vec{L}}{dt} + \frac{d\vec{r}}{dt} \times \vec{p} = 0$
C
$\frac{d\vec{L}}{dt} - \frac{d\vec{r}}{dt} \times \vec{p} = 0$
D
$\frac{d\vec{L}}{dt} - \vec{r} \times \frac{d\vec{p}}{dt} = 0$

Solution

(D) कोणीय संवेग $\vec{L}$ को $\vec{L} = \vec{r} \times \vec{p}$ के रूप में परिभाषित किया गया है।
समय $t$ के सापेक्ष दोनों पक्षों का अवकलन करने पर,हमें प्राप्त होता है:
$\frac{d\vec{L}}{dt} = \frac{d}{dt}(\vec{r} \times \vec{p})$
क्रॉस उत्पाद के लिए गुणन नियम का उपयोग करने पर:
$\frac{d\vec{L}}{dt} = \left(\frac{d\vec{r}}{dt} \times \vec{p}\right) + \left(\vec{r} \times \frac{d\vec{p}}{dt}\right)$
चूंकि वेग $\vec{v} = \frac{d\vec{r}}{dt}$ और रैखिक संवेग $\vec{p} = m\vec{v}$ है,इसलिए पद $\frac{d\vec{r}}{dt} \times \vec{p}$ का मान $\vec{v} \times (m\vec{v}) = 0$ हो जाता है क्योंकि समानांतर सदिशों का क्रॉस उत्पाद शून्य होता है।
अतः,$\frac{d\vec{L}}{dt} = 0 + \vec{r} \times \frac{d\vec{p}}{dt}$.
पदों को पुनर्व्यवस्थित करने पर,हमें $\frac{d\vec{L}}{dt} - \vec{r} \times \frac{d\vec{p}}{dt} = 0$ प्राप्त होता है।
86
EasyMCQ
यदि $I, \alpha$ और $\tau$ किसी अक्ष के परितः $\omega$ कोणीय वेग से घूर्णन कर रहे पिंड का जड़त्व आघूर्ण,कोणीय त्वरण और बल आघूर्ण (टॉर्क) हैं,तो:
A
$\tau = I\alpha$
B
$\tau = I\omega$
C
$I = \tau\omega$
D
$\alpha = \tau\omega$

Solution

(A) न्यूटन के गति के दूसरे नियम $(F = ma)$ का घूर्णी अनुरूप बल आघूर्ण (टॉर्क),जड़त्व आघूर्ण और कोणीय त्वरण के बीच संबंध को दर्शाता है।
एक स्थिर अक्ष के परितः घूर्णन कर रहे एक दृढ़ पिंड के लिए,बल आघूर्ण $\tau$ को जड़त्व आघूर्ण $I$ और कोणीय त्वरण $\alpha$ के गुणनफल के रूप में परिभाषित किया जाता है।
गणितीय रूप से,इसे $\tau = I\alpha$ के रूप में व्यक्त किया जाता है।
अतः,सही संबंध $\tau = I\alpha$ है।
87
DifficultMCQ
चित्र $(a)$ में,मीटर स्केल का आधा भाग लकड़ी का है जबकि दूसरा आधा भाग स्टील का है। लकड़ी का भाग $O$ पर धुरी (pivot) पर टिका है। स्टील के भाग के अंत में एक बल $F$ लगाया जाता है। चित्र $(b)$ में,स्टील का भाग $O'$ पर धुरी पर टिका है और वही बल लकड़ी के अंत में लगाया जाता है (क्षैतिज तल में)। निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Question diagram
A
$(a)$ में अधिक कोणीय त्वरण उत्पन्न होगा
B
$(b)$ में अधिक कोणीय त्वरण उत्पन्न होगा
C
दोनों स्थितियों में समान कोणीय त्वरण उत्पन्न होगा
D
जानकारी अधूरी है

Solution

(B) कोणीय त्वरण $\alpha$ संबंध $\tau = I \alpha$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $\tau$ टॉर्क है और $I$ जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) है। अतः,$\alpha = \frac{\tau}{I}$।
दोनों स्थितियों में,टॉर्क $\tau = F \times L$ समान है,जहाँ $L$ स्केल की कुल लंबाई है।
मान लीजिए $m_w$ लकड़ी के आधे भाग का द्रव्यमान है और $m_s$ स्टील के आधे भाग का द्रव्यमान है। चूंकि स्टील लकड़ी से अधिक सघन है,इसलिए $m_s > m_w$।
स्थिति $(a)$ में,धुरी लकड़ी के भाग के केंद्र में है। जड़त्व आघूर्ण $I_a$,$O$ के परितः लकड़ी के भाग और $O$ के परितः स्टील के भाग के जड़त्व आघूर्ण का योग है।
स्थिति $(b)$ में,धुरी स्टील के भाग के केंद्र में है। जड़त्व आघूर्ण $I_b$,$O'$ के परितः स्टील के भाग और $O'$ के परितः लकड़ी के भाग के जड़त्व आघूर्ण का योग है।
चूंकि भारी द्रव्यमान (स्टील) स्थिति $(b)$ में धुरी के करीब है,इसलिए जड़त्व आघूर्ण $I_b$,$I_a$ से कम है $(I_b < I_a)$।
चूंकि $\alpha \propto \frac{1}{I}$,कम जड़त्व आघूर्ण के परिणामस्वरूप अधिक कोणीय त्वरण उत्पन्न होता है। इसलिए,$(b)$ में अधिक कोणीय त्वरण उत्पन्न होगा।
88
MediumMCQ
एक पहिये का जड़त्व आघूर्ण $5 \times 10^{-3} \, kg \, m^2$ है और यह $20 \, rev/sec$ की गति से घूम रहा है। इसे $10 \, sec$ में रोकने के लिए आवश्यक टॉर्क $............. \times 10^{-2} \, N-m$ है। ($\pi$ में)
A
$2$
B
$2.5$
C
$4$
D
$4.5$

Solution

(A) दिया गया है: जड़त्व आघूर्ण $I = 5 \times 10^{-3} \, kg \, m^2$, प्रारंभिक आवृत्ति $n = 20 \, rev/sec$, समय $t = 10 \, sec$, अंतिम कोणीय वेग $\omega_f = 0$ है।
प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_i = 2 \pi n = 2 \pi \times 20 = 40 \pi \, rad/sec$ है।
घूर्णन गति के समीकरण $\omega_f = \omega_i + \alpha t$ का उपयोग करने पर, $0 = 40 \pi + \alpha \times 10$ प्राप्त होता है।
अतः, कोणीय त्वरण $\alpha = -4 \pi \, rad/sec^2$ है।
आवश्यक टॉर्क का परिमाण $\tau = |I \alpha| = 5 \times 10^{-3} \times 4 \pi = 20 \pi \times 10^{-3} = 2 \pi \times 10^{-2} \, N-m$ है।
इसलिए, आवश्यक मान $2 \pi$ है।
89
MediumMCQ
$50\,cm$ लंबाई की एक छड़ एक सिरे पर कीलकित (pivoted) है। इसे इस प्रकार उठाया जाता है कि यह क्षैतिज के साथ $30^o$ का कोण बनाती है,जैसा कि दिखाया गया है,और फिर इसे विरामावस्था से छोड़ दिया जाता है। जब यह क्षैतिज स्थिति से गुजरती है,तो इसकी कोणीय चाल ($rad\,s^{-1}$ में) क्या होगी? $(g = 10\,ms^{-2})$
Question diagram
A
$\sqrt{\frac{30}{2}}$
B
$\sqrt{30}$
C
$\sqrt{\frac{20}{2}}$
D
$\frac{\sqrt{30}}{2}$

Solution

(B) माना छड़ की लंबाई $\ell = 0.5\,m$ है। छड़ का द्रव्यमान केंद्र कीलक (pivot) से $\frac{\ell}{2}$ दूरी पर है।
जब छड़ क्षैतिज के साथ $30^o$ के कोण पर होती है,तो द्रव्यमान केंद्र की क्षैतिज स्थिति से ऊर्ध्वाधर ऊंचाई $h = \frac{\ell}{2} \sin(30^o) = \frac{\ell}{2} \times \frac{1}{2} = \frac{\ell}{4}$ होती है।
यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार,स्थितिज ऊर्जा में कमी,घूर्णन गतिज ऊर्जा में वृद्धि के बराबर होती है:
$mg h = \frac{1}{2} I \omega^2$
जहाँ $I = \frac{m\ell^2}{3}$ कीलक के परितः छड़ का जड़त्व आघूर्ण है।
$mg \left( \frac{\ell}{4} \right) = \frac{1}{2} \left( \frac{m\ell^2}{3} \right) \omega^2$
$g \frac{\ell}{4} = \frac{\ell^2}{6} \omega^2$
$\omega^2 = \frac{6g}{4\ell} = \frac{3g}{2\ell}$
$g = 10\,ms^{-2}$ और $\ell = 0.5\,m$ का मान रखने पर:
$\omega^2 = \frac{3 \times 10}{2 \times 0.5} = \frac{30}{1} = 30$
$\omega = \sqrt{30}\,rad\,s^{-1}$.
90
DifficultMCQ
$3l$ लंबाई की एक कठोर द्रव्यमानहीन छड़ के दोनों सिरों पर दो द्रव्यमान जुड़े हुए हैं,जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। छड़ को क्षैतिज अक्ष पर बिंदु $P$ पर कीलकित (pivoted) किया गया है (चित्र देखें)। जब इसे प्रारंभिक क्षैतिज स्थिति से छोड़ा जाता है,तो इसका तात्कालिक कोणीय त्वरण क्या होगा?
Question diagram
A
$\frac{g}{13l}$
B
$\frac{g}{3l}$
C
$\frac{g}{2l}$
D
$\frac{7g}{3l}$

Solution

(A) कीलकित बिंदु $P$ के परितः कुल बलाघूर्ण (torque) $\tau$ दो द्रव्यमानों के कारण बलाघूर्ण के अंतर द्वारा दिया जाता है।
$\tau = (5M_0g)(l) - (2M_0g)(2l) = 5M_0gl - 4M_0gl = M_0gl$.
कीलकित बिंदु $P$ के परितः जड़त्व आघूर्ण $I$ दोनों द्रव्यमानों के जड़त्व आघूर्ण का योग है।
$I = (5M_0)(l)^2 + (2M_0)(2l)^2 = 5M_0l^2 + 8M_0l^2 = 13M_0l^2$.
कोणीय त्वरण $\alpha$ को $\alpha = \frac{\tau}{I}$ द्वारा दिया जाता है।
मान रखने पर,$\alpha = \frac{M_0gl}{13M_0l^2} = \frac{g}{13l}$.
91
DifficultMCQ
$0.3\, m$ लंबाई की एक आयताकार ठोस छड़ को क्षैतिज रूप से रखा गया है,जिसका एक सिरा $5\, m$ ऊंचे प्लेटफॉर्म के किनारे पर है। जब इसे छोड़ा जाता है,तो यह बहुत कम समय $\Delta t = 0.01\, s$ में मेज से फिसल जाती है,और अनिवार्य रूप से क्षैतिज बनी रहती है। जमीन से टकराते समय यह कितने कोण (रेडियन में) से घूम जाएगी?
Question diagram
A
$0.5$
B
$0.6$
C
$0.02$
D
$0.28$

Solution

(A) कोणीय आवेग,कोणीय संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है।
$\tau \Delta t = \Delta L$
मेज के किनारे को धुरी बिंदु के रूप में लेने पर,गुरुत्वाकर्षण के कारण टॉर्क $\tau = mg \frac{\ell}{2}$ है।
$mg \frac{\ell}{2} \Delta t = I \omega$
चूंकि छड़ किनारे के चारों ओर घूमती है,इसलिए इसका जड़त्व आघूर्ण $I = \frac{m\ell^2}{3}$ है।
$mg \frac{\ell}{2} \Delta t = \frac{m\ell^2}{3} \omega$
$\omega = \frac{3g \Delta t}{2\ell} = \frac{3 \times 10 \times 0.01}{2 \times 0.3} = \frac{0.3}{0.6} = 0.5\, rad/s$
छड़ द्वारा जमीन तक पहुँचने में लिया गया समय $t = \sqrt{\frac{2h}{g}} = \sqrt{\frac{2 \times 5}{10}} = 1\, s$ है।
इस समय के दौरान छड़ द्वारा घुमाया गया कोण $\theta = \omega t = 0.5 \times 1 = 0.5\, radian$ है।
92
DifficultMCQ
एक स्थिर क्षैतिज डिस्क अपनी धुरी पर घूमने के लिए स्वतंत्र है। जब उस पर एक टॉर्क लगाया जाता है,तो उसकी गतिज ऊर्जा $\theta$ के फलन के रूप में $K\theta^2$ दी जाती है,जहाँ $\theta$ वह कोण है जिससे वह घूमी है। यदि इसका जड़त्व आघूर्ण $I$ है,तो डिस्क का कोणीय त्वरण क्या होगा?
A
$\frac{K}{I}\theta$
B
$\frac{K}{2I}\theta$
C
$\frac{K}{4I}\theta$
D
$\frac{2K}{I}\theta$

Solution

(D) डिस्क की घूर्णन गतिज ऊर्जा $KE = \frac{1}{2}I\omega^2 = K\theta^2$ द्वारा दी जाती है।
इससे,हम कोणीय वेग $\omega$ को इस प्रकार व्यक्त कर सकते हैं:
$\omega^2 = \frac{2K\theta^2}{I} \implies \omega = \sqrt{\frac{2K}{I}}\theta \quad \dots(1)$
कोणीय त्वरण $\alpha$ समय के सापेक्ष कोणीय वेग में परिवर्तन की दर है:
$\alpha = \frac{d\omega}{dt} = \frac{d}{dt}\left( \sqrt{\frac{2K}{I}}\theta \right) = \sqrt{\frac{2K}{I}} \frac{d\theta}{dt}$
चूंकि $\frac{d\theta}{dt} = \omega,$ समीकरण $(1)$ से $\omega$ का मान रखने पर:
$\alpha = \sqrt{\frac{2K}{I}} \left( \sqrt{\frac{2K}{I}}\theta \right)$
$\alpha = \frac{2K}{I}\theta.$
93
MediumMCQ
एक पिंड का किसी दिए गए अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $1.5\, kg\, m^2$ है। प्रारंभ में पिंड विरामावस्था में है। $1200\, J$ की घूर्णन गतिज ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए,घूर्णन अक्ष के परितः $20\, rad/s^2$ का कोणीय त्वरण कितने समय (सेकंड) के लिए लगाया जाना चाहिए?
A
$2$
B
$5$
C
$2.5$
D
$3$

Solution

(A) दिया गया है: जड़त्व आघूर्ण $I = 1.5\, kg\, m^2$,घूर्णन गतिज ऊर्जा $K = 1200\, J$,कोणीय त्वरण $\alpha = 20\, rad/s^2$,प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_0 = 0$.
घूर्णन गतिज ऊर्जा का सूत्र $K = \frac{1}{2}I\omega^2$ है।
मान रखने पर: $1200 = \frac{1}{2} \times 1.5 \times \omega^2$.
$1200 = 0.75 \times \omega^2 \Rightarrow \omega^2 = \frac{1200}{0.75} = 1600$.
अतः,अंतिम कोणीय वेग $\omega = \sqrt{1600} = 40\, rad/s$.
घूर्णन गति के समीकरण का उपयोग करने पर: $\omega = \omega_0 + \alpha t$.
$40 = 0 + 20 \times t$.
$t = \frac{40}{20} = 2\, s$.
94
MediumMCQ
$5\,g$ द्रव्यमान और $1\,cm$ त्रिज्या वाली एक समान डिस्क को नगण्य द्रव्यमान की एक पतली छड़ी $AB$ से जोड़ा गया है,जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। निकाय शुरू में स्थिर है। $5\,s$ में $25$ चक्कर प्रति सेकंड की दर से $AB$ के परितः निकाय को घुमाने के लिए आवश्यक नियत टॉर्क लगभग कितना होगा?
Question diagram
A
$2.0\times 10^{-5}\,Nm$
B
$4.0\times 10^{-6}\,Nm$
C
$1.6\times 10^{-5}\,Nm$
D
$7.9\times 10^{-6}\,Nm$

Solution

(A) दिया गया है: द्रव्यमान $m = 5\,g = 5 \times 10^{-3}\,kg$,त्रिज्या $r = 1\,cm = 10^{-2}\,m$,समय $t = 5\,s$,अंतिम आवृत्ति $f = 25\,rev/s$.
कोणीय वेग $\omega = 2\pi f = 2 \times \pi \times 25 = 50\pi\,rad/s$.
अक्ष $AB$ (डिस्क के स्पर्शरेखा) के परितः डिस्क का जड़त्व आघूर्ण समांतर अक्ष प्रमेय द्वारा प्राप्त होता है: $I = I_{cm} + mr^2 = \frac{1}{2}mr^2 + mr^2 = \frac{3}{2}mr^2$.
संबंध $\tau = I\alpha$ का उपयोग करते हुए,जहाँ $\alpha = \frac{\omega}{t}$:
$\tau = I \times \frac{\omega}{t} = \left(\frac{3}{2}mr^2\right) \times \frac{\omega}{t}$.
मान रखने पर:
$\tau = \frac{3}{2} \times (5 \times 10^{-3}) \times (10^{-2})^2 \times \frac{50\pi}{5}$.
$\tau = \frac{3}{2} \times 5 \times 10^{-3} \times 10^{-4} \times 10\pi$.
$\tau = 7.5 \times 10^{-7} \times 10\pi = 7.5\pi \times 10^{-6} \approx 23.56 \times 10^{-6} = 2.356 \times 10^{-5}\,Nm$.
दिए गए विकल्पों के आधार पर,सबसे निकटतम मान $2.0 \times 10^{-5}\,Nm$ है।
95
DifficultMCQ
एक दृढ़ पिंड एक निश्चित अक्ष के परितः समय $t$ पर $(\alpha - \beta t)$ के बराबर परिवर्तनीय कोणीय वेग से घूमता है,जहाँ $\alpha$ और $\beta$ स्थिरांक हैं। विराम अवस्था में आने से पहले यह कितने कोण से घूमता है?
A
$\frac{\alpha^2}{2\beta}$
B
$\frac{\alpha^2 - \beta^2}{2\alpha}$
C
$\frac{\alpha^2 - \beta^2}{2\beta}$
D
$\frac{\alpha(\alpha - \beta)}{2}$

Solution

(A) कोणीय वेग $\omega(t) = \alpha - \beta t$ द्वारा दिया गया है।
पिंड विराम अवस्था में तब आता है जब $\omega(t) = 0$,जिसका अर्थ है $\alpha - \beta t = 0$,इसलिए विराम अवस्था में आने में लगा समय $t = \frac{\alpha}{\beta}$ है।
कोणीय विस्थापन $\theta$,समय के सापेक्ष कोणीय वेग का समाकलन है: $\theta = \int_{0}^{t} \omega(t) dt$.
$\omega(t)$ का व्यंजक प्रतिस्थापित करने पर: $\theta = \int_{0}^{\alpha/\beta} (\alpha - \beta t) dt$.
समाकलन करने पर,हमें प्राप्त होता है $\theta = [\alpha t - \frac{1}{2}\beta t^2]_{0}^{\alpha/\beta}$.
सीमाओं पर मान रखने पर: $\theta = \alpha(\frac{\alpha}{\beta}) - \frac{1}{2}\beta(\frac{\alpha}{\beta})^2 = \frac{\alpha^2}{\beta} - \frac{\alpha^2}{2\beta} = \frac{\alpha^2}{2\beta}$.
96
EasyMCQ
एक चक्की का पत्थर $600 \, rad/s$ की गति से घूम रहा है। इसके लिए $1.2 \, kW$ शक्ति का उपयोग किया जाता है। पत्थर पर प्रभावी टॉर्क $N-m$ में कितना होगा?
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(B) शक्ति $(P)$, टॉर्क $(\tau)$ और कोणीय वेग $(\omega)$ के बीच का संबंध इस सूत्र द्वारा दिया जाता है: $P = \tau \times \omega$.
दिया गया है:
शक्ति $(P) = 1.2 \, kW = 1200 \, W$.
कोणीय वेग $(\omega) = 600 \, rad/s$.
सूत्र में मान रखने पर:
$1200 = \tau \times 600$.
टॉर्क $(\tau)$ के लिए हल करने पर:
$\tau = \frac{1200}{600} = 2 \, N-m$.
अतः, पत्थर पर प्रभावी टॉर्क $2 \, N-m$ है।
97
DifficultMCQ
एक डिस्क $\omega_0$ कोणीय वेग के साथ घूम रही है। डिस्क को रोकने के लिए उस पर एक निरंतर मंदक टॉर्क लगाया जाता है। $n$ चक्करों के बाद कोणीय वेग $\frac{\omega_0}{2}$ हो जाता है। विराम अवस्था में आने से पहले यह और कितने चक्कर लगाएगी?
A
$n$
B
$2n$
C
$\frac{n}{2}$
D
$\frac{n}{3}$

Solution

(D) मंदक टॉर्क स्थिर है,इसलिए कोणीय मंदन $\alpha$ भी स्थिर रहेगा।
कोणीय गति के समीकरण $\omega^2 = \omega_0^2 - 2\alpha\theta$ का उपयोग करते हुए:
पहले $n$ चक्करों के लिए,कोणीय विस्थापन $\theta_1 = 2\pi n$ है। अंतिम कोणीय वेग $\frac{\omega_0}{2}$ है।
$\left(\frac{\omega_0}{2}\right)^2 = \omega_0^2 - 2\alpha(2\pi n) \implies \frac{\omega_0^2}{4} = \omega_0^2 - 4\pi n\alpha \implies 4\pi n\alpha = \frac{3\omega_0^2}{4} \implies \alpha = \frac{3\omega_0^2}{16\pi n} \quad ...(i)$
अगले $\theta_2$ चक्करों के लिए (जहाँ $\theta_2 = 2\pi n'$),डिस्क विराम अवस्था में आ जाती है $(\omega = 0)$:
$0^2 = \left(\frac{\omega_0}{2}\right)^2 - 2\alpha(2\pi n') \implies 0 = \frac{\omega_0^2}{4} - 4\pi n'\alpha \implies 4\pi n'\alpha = \frac{\omega_0^2}{4} \quad ...(ii)$
समीकरण $(ii)$ को समीकरण $(i)$ से विभाजित करने पर:
$\frac{4\pi n'\alpha}{4\pi n\alpha} = \frac{\omega_0^2 / 4}{3\omega_0^2 / 4} \implies \frac{n'}{n} = \frac{1}{3} \implies n' = \frac{n}{3}$.
अतः,डिस्क विराम अवस्था में आने से पहले $\frac{n}{3}$ और चक्कर लगाएगी।
98
MediumMCQ
निम्नलिखित आकृति में,$r_1 = 5 \, cm$ और $r_2 = 30 \, cm$ है। यदि पहिये का जड़त्व आघूर्ण $5100 \, kg \cdot m^2$ है,तो इसका कोणीय त्वरण क्या होगा?
Question diagram
A
$10^{-4} \, rad/s^2$
B
$10^{-3} \, rad/s^2$
C
$10^{-2} \, rad/s^2$
D
$10^{-1} \, rad/s^2$

Solution

(B) दिया गया है: $r_1 = 0.05 \, m$,$r_2 = 0.30 \, m$,$I = 5100 \, kg \cdot m^2$.
पहिये पर कार्य करने वाले बल:
$1$. $10 \, N$ का बल $r_2$ पर स्पर्शरेखीय रूप से कार्य करता है (दक्षिणावर्त टॉर्क)।
$2$. $9 \, N$ का बल $r_2$ पर स्पर्शरेखीय रूप से कार्य करता है (दक्षिणावर्त टॉर्क)।
$3$. $12 \, N$ का बल $r_1$ पर क्षैतिज के साथ $30^\circ$ के कोण पर कार्य करता है। इसका लंबवत घटक $12 \sin(30^\circ) = 12 \times 0.5 = 6 \, N$ है (वामावर्त टॉर्क)।
कुल टॉर्क $\tau_{net} = (10 \times 0.30) + (9 \times 0.30) - (6 \times 0.05) = 3.0 + 2.7 - 0.3 = 5.4 \, N \cdot m$.
$\tau_{net} = I \alpha$ का उपयोग करने पर:
$5.4 = 5100 \times \alpha$
$\alpha = \frac{5.4}{5100} = \frac{54}{51000} \approx 1.058 \times 10^{-3} \, rad/s^2$.
दिए गए विकल्पों के अनुसार,निकटतम मान $10^{-3} \, rad/s^2$ है।
99
MediumMCQ
$0.20\, kg-m^2$ जड़त्व आघूर्ण और $20\, cm$ त्रिज्या वाले एक पहिये के रिम पर एक डोरी लपेटी गई है। पहिया अपनी धुरी पर घूमने के लिए स्वतंत्र है और प्रारंभ में विराम अवस्था में है। अब डोरी को $20\, N$ के बल से खींचा जाता है। $5\, s$ के बाद पहिये का कोणीय वेग ....... $rad/s$ होगा।
Question diagram
A
$90$
B
$70$
C
$95$
D
$100$

Solution

(D) दिया गया है:
जड़त्व आघूर्ण $I = 0.20\, kg-m^2$
त्रिज्या $r = 20\, cm = 0.2\, m$
बल $F = 20\, N$
समय $t = 5\, s$
प्रारंभिक कोणीय वेग $\omega_0 = 0$
पहिये पर आरोपित बल आघूर्ण $\tau = r \times F = 0.2\, m \times 20\, N = 4\, N-m$ है।
संबंध $\tau = I \alpha$ का उपयोग करते हुए,कोणीय त्वरण $\alpha = \frac{\tau}{I} = \frac{4}{0.20} = 20\, rad/s^2$ है।
गति के समीकरण $\omega = \omega_0 + \alpha t$ का उपयोग करते हुए:
$\omega = 0 + (20)(5) = 100\, rad/s$.

System of Particles and Rotational Motion — Relation between Torque and Angular acceleration and it's Application · Frequently Asked Questions

1Are these System of Particles and Rotational Motion questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

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