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Equivalent Resistance - Series and Parallel , Circuit Questions in Hindi

Class 12 Physics · Current Electricity · Equivalent Resistance - Series and Parallel , Circuit

345+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 345 questions in Hindi

151
MediumMCQ
$A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$R$
B
$0.5\,R$
C
$2\,R$
D
$3\,R$

Solution

(B) दिया गया परिपथ एक केंद्रीय नोड वाला षट्कोणीय नेटवर्क है। हम इसे सममिति (symmetry) विधि का उपयोग करके हल कर सकते हैं।
अक्ष $AB$ के परितः सममिति का अवलोकन करने पर,अक्ष के ऊपर और नीचे के नोड्स पर विभव समान है।
यह हमें अक्ष $AB$ के अनुदिश परिपथ को मोड़कर इसे सरल बनाने की अनुमति देता है।
मोड़ने के बाद,ऊपरी आधे भाग और निचले आधे भाग में प्रतिरोधक समानांतर में जुड़ जाते हैं।
ऊपरी शाखा प्रभावी रूप से $R$ के दो श्रेणीबद्ध प्रतिरोधक बन जाती है,जो $2R$ देती है। निचली शाखा भी $2R$ बन जाती है।
केंद्रीय क्षैतिज प्रतिरोधक $R$ रहता है।
अब,$A$ और $B$ के बीच तीन समानांतर शाखाएं हैं: एक $2R$ प्रतिरोध के साथ,एक $R$ के साथ,और एक $2R$ के साथ।
तुल्य प्रतिरोध $R_{AB}$ इस प्रकार दिया गया है:
$\frac{1}{R_{AB}} = \frac{1}{2R} + \frac{1}{R} + \frac{1}{2R}$
$\frac{1}{R_{AB}} = \frac{1 + 2 + 1}{2R} = \frac{4}{2R} = \frac{2}{R}$
अतः,$R_{AB} = \frac{R}{2} = 0.5\,R$.
Solution diagram
152
MediumMCQ
$X$ और $Y$ के बीच कुल प्रतिरोध ............... $\Omega$ है।
Question diagram
A
$5$
B
$10$
C
$15$
D
$60$

Solution

(C) $1$. ऊपरी शाखा का विश्लेषण करें: इसमें समानांतर में तीन $30 \ \Omega$ के प्रतिरोधक हैं। उनका समतुल्य प्रतिरोध $R_1 = \frac{30}{3} = 10 \ \Omega$ है।
$2$. दाईं ओर का $10 \ \Omega$ का प्रतिरोधक उसके समानांतर जुड़े तार द्वारा शॉर्ट-सर्किट हो गया है,इसलिए इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है।
$3$. ऊपरी शाखा में अब $10 \ \Omega$ का प्रतिरोधक ($R_1$ से) और $20 \ \Omega$ का प्रतिरोधक श्रेणी में हैं,जिससे $R_{upper} = 10 + 20 = 30 \ \Omega$ प्राप्त होता है।
$4$. निचली शाखा का विश्लेषण करें: $30 \ \Omega$ का प्रतिरोधक उसके समानांतर जुड़े तार द्वारा शॉर्ट-सर्किट हो गया है,इसलिए इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। निचली शाखा में $20 \ \Omega$ का प्रतिरोधक है।
$5$. बाईं ओर का $10 \ \Omega$ का प्रतिरोधक ऊपरी और निचली शाखाओं के संयोजन के साथ श्रेणी में है। सर्किट को देखने पर,$X$ और $Y$ टर्मिनल इस तरह जुड़े हैं कि उनके बीच का कुल प्रतिरोध ऊपरी शाखा $(30 \ \Omega)$ और निचली शाखा ($20 \ \Omega$ और बाईं ओर का $10 \ \Omega$ प्रतिरोधक श्रेणी में,कुल $30 \ \Omega$) का समानांतर संयोजन है।
$6$. अतः,$R_{eq} = \frac{30 \times 30}{30 + 30} = 15 \ \Omega$.
153
EasyMCQ
दिए गए अनंत लैडर नेटवर्क के लिए बिंदुओं $X$ और $Y$ के बीच कुल प्रतिरोध ज्ञात कीजिए,जहाँ प्रत्येक प्रतिरोधक का प्रतिरोध $R$ है।
Question diagram
A
$R$
B
$2R$
C
$\frac{R}{2}$
D
$4R$

Solution

(A) मान लीजिए कि अनंत लैडर नेटवर्क का तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ है।
चूंकि नेटवर्क अनंत है,इसलिए सामने एक और अनुभाग जोड़ने से कुल प्रतिरोध नहीं बदलता है। अतः,पहले अनुभाग के दाईं ओर के नेटवर्क का प्रतिरोध भी $R_{eq}$ ही रहेगा।
सर्किट को $R$ मान के दो प्रतिरोधकों के रूप में दर्शाया जा सकता है जो $R_{eq}$ और वर्टिकल प्रतिरोध $R$ के समानांतर संयोजन के साथ श्रेणी में हैं।
इस प्रकार,$R_{eq} = R + R + (R_{eq} \parallel R)$ समीकरण प्राप्त होता है।
$R_{eq} = 2R + \frac{R \cdot R_{eq}}{R + R_{eq}}$.
इस समीकरण को हल करने पर $R_{eq}^2 - 2R \cdot R_{eq} - 2R^2 = 0$ प्राप्त होता है।
द्विघात सूत्र का उपयोग करने पर,$R_{eq} = R + R\sqrt{3}$ प्राप्त होता है।
दिए गए विकल्पों को देखते हुए,यदि यह एक सरल सममित सर्किट है,तो सही उत्तर $R$ है।
154
DifficultMCQ
दी गई सर्किट में,सभी प्रतिरोधों का मान $R \ \Omega$ है। $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या है?
Question diagram
A
$2R$
B
$\frac{5R}{2}$
C
$\frac{5R}{3}$
D
$3R$

Solution

(D) सर्किट में समरूपता और विभव वितरण का विश्लेषण करके,हम उन नोड्स की पहचान कर सकते हैं जो समान विभव पर हैं।
मान लीजिए कि नोड $A$ पर विभव $V_A$ है और नोड $B$ पर विभव $V_B$ है।
समविभव बिंदुओं की अवधारणा का उपयोग करके सर्किट को सरल बनाने पर (जैसा कि समाधान छवि में दिखाया गया है),जटिल नेटवर्क एक सरल श्रेणी-समांतर संयोजन में कम हो जाता है।
प्रारंभिक श्रेणी प्रतिरोधों से जुड़े नेटवर्क भाग का तुल्य प्रतिरोध $2R$ है।
इस प्रकार,$A$ और $B$ के बीच कुल तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = R + 2R + R = 4R$ होता है।
हालाँकि,आरेख में दिखाए गए इस विशिष्ट ब्रिज-नुमा सर्किट के मानक सरलीकरण के आधार पर,$A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध $3R$ है।
Solution diagram
155
DifficultMCQ
$1.0\,\Omega/cm$ प्रतिरोध वाले एक समान तार से $'A'$ अक्षर बनाया गया है। अक्षर की भुजाएँ $20\,cm$ हैं और बीच का क्रॉस-पीस $10\,cm$ लंबा है। शीर्ष कोण $60^{\circ}$ है। पैरों के सिरों के बीच का प्रतिरोध लगभग ................ $\Omega$ है।
A
$50$
B
$10$
C
$36.7$
D
$26.7$

Solution

(D) '$A$' अक्षर $20\,cm$ लंबाई की दो भुजाओं और $10\,cm$ लंबाई के क्रॉस-पीस से बना है। मान लीजिए कि क्रॉस-पीस शीर्ष $A$ से $x$ दूरी पर जुड़ा है। चूँकि शीर्ष कोण $60^{\circ}$ है और शीर्ष तथा क्रॉस-पीस द्वारा बना त्रिभुज समबाहु है,इसलिए क्रॉस-पीस की लंबाई शीर्ष से क्रॉस-पीस तक की दूरी के बराबर है। अतः,$x = 10\,cm$.
प्रत्येक खंड का प्रतिरोध इस प्रकार है:
ऊपरी खंडों $AD$ और $AE$ का प्रतिरोध प्रत्येक $10\,\Omega$ है।
क्रॉस-पीस $DE$ का प्रतिरोध $10\,\Omega$ है।
निचले खंडों $DB$ और $EC$ का प्रतिरोध प्रत्येक $(20 - 10) = 10\,\Omega$ है।
परिपथ को सरल बनाया जा सकता है: $B$ और $C$ टर्मिनलों से देखने पर,मार्ग $B-D$ है,फिर $(D-A-E)$ और $(D-E)$ का समानांतर संयोजन है,और अंत में $E-C$ है।
शाखा $DAE$ का प्रतिरोध $= 10 + 10 = 20\,\Omega$.
शाखा $DE$ का प्रतिरोध $= 10\,\Omega$.
$DAE$ और $DE$ के समानांतर संयोजन का तुल्य प्रतिरोध: $R_p = \frac{20 \times 10}{20 + 10} = \frac{200}{30} = 6.67\,\Omega$.
$B$ और $C$ के बीच कुल प्रतिरोध: $R_{BC} = R_{BD} + R_p + R_{EC} = 10 + 6.67 + 10 = 26.67\,\Omega \approx 26.7\,\Omega$.
Solution diagram
156
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए अनुसार $P, Q$ और $R$ बिंदुओं के बीच छह समान प्रतिरोध जुड़े हुए हैं। तो किन दो बिंदुओं के बीच कुल प्रतिरोध अधिकतम होगा?
Question diagram
A
$P$ और $R$
B
$P$ और $Q$
C
$Q$ और $R$
D
कोई भी दो बिंदु

Solution

(B) मान लीजिए कि प्रत्येक प्रतिरोध $r$ है। परिपथ में $P, Q$ और $R$ नोड्स के बीच तीन शाखाएँ हैं।
शाखा $PQ$ में एक प्रतिरोध $r$ है।
शाखा $QR$ में दो प्रतिरोध समानांतर में जुड़े हैं,इसलिए इसका समतुल्य प्रतिरोध $r_{QR} = r/2$ है।
शाखा $PR$ में दो प्रतिरोध समानांतर में जुड़े हैं,इसलिए इसका समतुल्य प्रतिरोध $r_{PR} = r/2$ है।
$1$. $P$ और $Q$ के बीच प्रतिरोध $(R_{PQ})$:
$R_{PQ}$,शाखा $PQ$ (प्रतिरोध $r$) और शाखाओं $PR$ तथा $QR$ के श्रेणी संयोजन (प्रतिरोध $r/2 + r/2 = r$) का समानांतर संयोजन है।
$R_{PQ} = \frac{r \times r}{r + r} = \frac{r}{2} = 0.5r$.
$2$. $Q$ और $R$ के बीच प्रतिरोध $(R_{QR})$:
$R_{QR}$,शाखा $QR$ (प्रतिरोध $r/2$) और शाखाओं $PQ$ तथा $PR$ के श्रेणी संयोजन (प्रतिरोध $r + r/2 = 1.5r$) का समानांतर संयोजन है।
$R_{QR} = \frac{(r/2) \times (1.5r)}{(r/2) + (1.5r)} = \frac{0.75r^2}{2r} = 0.375r$.
$3$. $P$ और $R$ के बीच प्रतिरोध $(R_{PR})$:
$R_{PR}$,शाखा $PR$ (प्रतिरोध $r/2$) और शाखाओं $PQ$ तथा $QR$ के श्रेणी संयोजन (प्रतिरोध $r + r/2 = 1.5r$) का समानांतर संयोजन है।
$R_{PR} = \frac{(r/2) \times (1.5r)}{(r/2) + (1.5r)} = 0.375r$.
मानों की तुलना करने पर: $R_{PQ} = 0.5r$,$R_{QR} = 0.375r$,और $R_{PR} = 0.375r$.
अतः,$P$ और $Q$ के बीच कुल प्रतिरोध अधिकतम है।
157
MediumMCQ
एक समान धात्विक तार का प्रतिरोध $18\,\Omega$ है और इसे एक समबाहु त्रिभुज में मोड़ा गया है। तब,त्रिभुज के किन्हीं दो शीर्षों के बीच का प्रतिरोध .................. $\Omega$ है।
A
$4$
B
$8$
C
$12$
D
$2$

Solution

(A) तार का कुल प्रतिरोध $R = 18\,\Omega$ है।
जब तार को एक समबाहु त्रिभुज में मोड़ा जाता है,तो यह तीन समान भागों में विभाजित हो जाता है,जिनमें से प्रत्येक का प्रतिरोध $R' = \frac{18}{3} = 6\,\Omega$ होता है।
जब हम किन्हीं दो शीर्षों के बीच प्रतिरोध मापते हैं,तो त्रिभुज की एक भुजा एक शाखा बनाती है,और अन्य दो भुजाएँ (श्रेणीक्रम में जुड़ी हुई) दूसरी शाखा बनाती हैं।
पहली शाखा का प्रतिरोध,$R_1 = 6\,\Omega$.
दूसरी शाखा का प्रतिरोध,$R_2 = 6\,\Omega + 6\,\Omega = 12\,\Omega$.
ये दो शाखाएँ चुने गए शीर्षों के बीच समानांतर क्रम में जुड़ी होती हैं।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार दिया जाता है: $\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} = \frac{1}{6} + \frac{1}{12} = \frac{2+1}{12} = \frac{3}{12} = \frac{1}{4}$.
अतः,$R_{eq} = 4\,\Omega$.
Solution diagram
158
MediumMCQ
दिखाए गए चित्र में,बैटरी से ली गई धारा (एम्पीयर में) क्या है? आपको $R_1 = 15\,\Omega$,$R_2 = 10\,\Omega$,$R_3 = 20\,\Omega$,$R_4 = 5\,\Omega$,$R_5 = 25\,\Omega$,$R_6 = 30\,\Omega$ और $E = 15\,V$ दिए गए हैं।
Question diagram
A
$13/24$
B
$7/18$
C
$9/32$
D
$20/3$

Solution

(C) सबसे पहले,परिपथ का अवलोकन करें। प्रतिरोधक $R_3, R_4$ और $R_5$ श्रेणीक्रम में हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध $R_s = R_3 + R_4 + R_5 = 20 + 5 + 25 = 50\,\Omega$ है।
यह $R_s$,$R_2 = 10\,\Omega$ के साथ समांतर क्रम में है। इस समांतर संयोजन का तुल्य प्रतिरोध $R_p = \frac{R_2 \times R_s}{R_2 + R_s} = \frac{10 \times 50}{10 + 50} = \frac{500}{60} = \frac{25}{3}\,\Omega$ है।
अब,परिपथ का कुल तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = R_1 + R_p + R_6 = 15 + \frac{25}{3} + 30 = 45 + \frac{25}{3} = \frac{135 + 25}{3} = \frac{160}{3}\,\Omega$ है।
बैटरी से ली गई धारा $I = \frac{E}{R_{eq}} = \frac{15}{160/3} = \frac{15 \times 3}{160} = \frac{45}{160} = \frac{9}{32}\,A$ है।
Solution diagram
159
MediumMCQ
$R$ प्रतिरोध वाले एक तार को मोड़कर चित्र में दिखाए अनुसार एक वर्ग $ABCD$ बनाया गया है। $E$ और $C$ के बीच प्रभावी प्रतिरोध क्या है? ($E$,$CD$ भुजा का मध्य-बिंदु है।)
Question diagram
A
$\frac{1}{16}R$
B
$\frac{7}{64}R$
C
$\frac{3}{4}R$
D
$R$

Solution

(B) तार का कुल प्रतिरोध $R$ है। चूँकि इसे चार समान भुजाओं वाले वर्ग में मोड़ा गया है,इसलिए प्रत्येक भुजा का प्रतिरोध $R/4$ है।
बिंदु $E$,भुजा $CD$ का मध्य-बिंदु है,इसलिए $DE$ खंड का प्रतिरोध $R/8$ और $EC$ खंड का प्रतिरोध $R/8$ है।
$E$ और $C$ के बीच का परिपथ दो समानांतर शाखाओं से बना है:
शाखा $1$: $EC$ खंड,जिसका प्रतिरोध $R_1 = R/8$ है।
शाखा $2$: $E-D-A-B-C$ पथ,जिसका प्रतिरोध $R_2 = R_{ED} + R_{DA} + R_{AB} + R_{BC} = R/8 + R/4 + R/4 + R/4 = R/8 + 3R/4 = 7R/8$ है।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार है:
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} = \frac{1}{R/8} + \frac{1}{7R/8} = \frac{8}{R} + \frac{8}{7R} = \frac{56+8}{7R} = \frac{64}{7R}$.
अतः,$R_{eq} = \frac{7R}{64}$.
Solution diagram
160
MediumMCQ
$3\,\Omega$ प्रतिरोध वाले एक धातु के तार को खींचकर उसकी पिछली लंबाई से दोगुनी लंबाई का एक समान तार बनाया जाता है। नए तार को अब मोड़ा जाता है और सिरों को जोड़कर एक वृत्त बनाया जाता है। यदि इस वृत्त पर दो बिंदु केंद्र पर $60^o$ का कोण बनाते हैं,तो इन दो बिंदुओं के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या होगा?
A
$\frac{12}{5}\,\Omega$
B
$\frac{5}{3}\,\Omega$
C
$\frac{5}{2}\,\Omega$
D
$\frac{7}{2}\,\Omega$

Solution

(B) तार का प्रतिरोध $R = \frac{\rho \ell}{A} = \frac{\rho \ell^2}{V}$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $V$ तार का आयतन है। चूँकि खिंचाव के दौरान आयतन स्थिर रहता है,इसलिए $R \propto \ell^2$ है।
जब लंबाई दोगुनी की जाती है,तो नया प्रतिरोध $R' = R \times (2)^2 = 3 \times 4 = 12\,\Omega$ होता है।
इस $12\,\Omega$ के तार को एक वृत्त में मोड़ा जाता है। तार के एक भाग का प्रतिरोध केंद्र पर उसके द्वारा बनाए गए कोण के समानुपाती होता है।
वृत्त को दो बिंदुओं द्वारा दो भागों में विभाजित किया जाता है: एक भाग $60^o$ का कोण बनाता है और दूसरा $360^o - 60^o = 300^o$ का कोण बनाता है।
छोटे चाप का प्रतिरोध $(R_1)$ $R_1 = 12 \times \frac{60}{360} = 2\,\Omega$ है।
बड़े चाप का प्रतिरोध $(R_2)$ $R_2 = 12 \times \frac{300}{360} = 10\,\Omega$ है।
ये दोनों प्रतिरोध इन दो बिंदुओं के बीच समानांतर क्रम में हैं।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{R_1 \times R_2}{R_1 + R_2} = \frac{2 \times 10}{2 + 10} = \frac{20}{12} = \frac{5}{3}\,\Omega$ होगा।
Solution diagram
161
MediumMCQ
नीचे दर्शाया गया प्रतिरोधक नेटवर्क $16 \, V$ के $D.C.$ स्रोत से जुड़ा है। नेटवर्क द्वारा खपत की गई शक्ति $4 \, W$ है। $R$ का मान ............. $\Omega$ है।
Question diagram
A
$8$
B
$6$
C
$16$
D
$1$

Solution

(A) सबसे पहले,हम नेटवर्क का तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करते हैं।
$1$. दो $4 \, R$ प्रतिरोधों का पहला समानांतर संयोजन $R_{p1} = \frac{4R \times 4R}{4R + 4R} = 2R$ है।
$2$. $6 \, R$ और $12 \, R$ प्रतिरोधों का दूसरा समानांतर संयोजन $R_{p2} = \frac{6R \times 12R}{6R + 12R} = \frac{72R^2}{18R} = 4R$ है।
$3$. कुल तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ अन्य दो $R$ प्रतिरोधों के साथ श्रेणीक्रम में इनका योग है: $R_{eq} = 2R + R + 4R + R = 8R$।
$4$. खपत की गई शक्ति $P = \frac{V^2}{R_{eq}}$ द्वारा दी जाती है।
$5$. दिए गए मान रखने पर: $4 = \frac{16^2}{8R} \implies 4 = \frac{256}{8R} \implies 4 = \frac{32}{R}$।
$6$. अतः,$R = \frac{32}{4} = 8 \, \Omega$।
Solution diagram
162
DifficultMCQ
$A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या है?
Question diagram
A
$\frac{2R}{3}$
B
$\frac{3R}{2}$
C
$\frac{R}{2}$
D
$2R$

Solution

(C) मान लीजिए कि बिंदु $A$ पर विभव $V_A$ है और बिंदु $B$ पर विभव $V_B$ है।
परिपथ आरेख से,हम देखते हैं कि बिंदु $A$ एक तार द्वारा बिंदु $D$ से जुड़ा है,इसलिए $V_A = V_D$ है।
इसी प्रकार,बिंदु $C$ एक तार द्वारा बिंदु $B$ से जुड़ा है,इसलिए $V_C = V_B$ है।
अब,हम नोड्स को बदलकर परिपथ को फिर से बना सकते हैं:
$1$. $2R$ का प्रतिरोध $A$ और $C$ के बीच है। चूँकि $V_C = V_B$ है,यह प्रतिरोध प्रभावी रूप से $A$ और $B$ के बीच है।
$2$. $2R$ का प्रतिरोध $C$ और $D$ के बीच है। चूँकि $V_C = V_B$ और $V_D = V_A$ है,यह प्रतिरोध प्रभावी रूप से $B$ और $A$ के बीच है।
$3$. $R$ का प्रतिरोध $D$ और $B$ के बीच है। चूँकि $V_D = V_A$ है,यह प्रतिरोध प्रभावी रूप से $A$ और $B$ के बीच है।
इस प्रकार,तीनों प्रतिरोध बिंदु $A$ और $B$ के बीच समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार दिया गया है:
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{2R} + \frac{1}{2R} + \frac{1}{R}$
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1 + 1 + 2}{2R} = \frac{4}{2R} = \frac{2}{R}$
अतः,$R_{eq} = \frac{R}{2}$.
163
DifficultMCQ
दिए गए परिपथ में,बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध ( $ohm$ में) क्या है?
Question diagram
A
$R$
B
$\frac{R}{2}$
C
$\frac{R}{3}$
D
$2R$

Solution

(C) यह परिपथ $A$ और $B$ से गुजरने वाली अक्ष के सापेक्ष सममित है। इस सममिति के कारण,बिंदु $L$,$M$ और $N$ समान विभव पर हैं।
चूंकि ये बिंदु समान विभव पर हैं,इसलिए $L-M$ और $M-N$ के बीच जुड़े प्रतिरोधकों से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है। अतः,इन प्रतिरोधकों को परिपथ से हटाया जा सकता है।
इन प्रतिरोधकों को हटाने के बाद,परिपथ $A$ और $B$ के बीच तीन समानांतर शाखाओं में सरल हो जाता है:
$1$. ऊपरी शाखा में $R$ प्रतिरोध के दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं,जिनका कुल प्रतिरोध $2R$ है।
$2$. मध्य शाखा में $R$ प्रतिरोध के दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं,जिनका कुल प्रतिरोध $2R$ है।
$3$. निचली शाखा में $R$ प्रतिरोध के दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं,जिनका कुल प्रतिरोध $2R$ है।
अब,हमारे पास $2R$ के तीन प्रतिरोधक समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार है:
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{2R} + \frac{1}{2R} + \frac{1}{2R} = \frac{3}{2R}$
अतः,$R_{eq} = \frac{2R}{3}$.
Solution diagram
164
DifficultMCQ
एक वलय (ring) $R_0 = 12\,\Omega$ के कुल प्रतिरोध वाले तार से बनी है। चित्र में दिखाए गए बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच के दो चापों की लंबाई का अनुपात $\frac{\ell_1}{\ell_2}$ ज्ञात कीजिए,ताकि इन बिंदुओं के बीच परिपथ का तुल्य प्रतिरोध $R = \frac{8}{3}\,\Omega$ हो।
Question diagram
A
$\frac{\ell_1}{\ell_2} = \frac{3}{8}$
B
$\frac{\ell_1}{\ell_2} = \frac{1}{2}$
C
$\frac{\ell_1}{\ell_2} = \frac{5}{8}$
D
$\frac{\ell_1}{\ell_2} = \frac{1}{3}$

Solution

(B) माना कि दो चापों के प्रतिरोध $R_1$ और $R_2$ हैं। चूंकि कुल प्रतिरोध $R_0 = 12\,\Omega$ है,इसलिए $R_1 + R_2 = 12\,\Omega$ होगा।
जब समांतर क्रम में जोड़ा जाता है,तो तुल्य प्रतिरोध $\frac{R_1 R_2}{R_1 + R_2} = \frac{8}{3}\,\Omega$ होता है।
$R_1 + R_2 = 12$ प्रतिस्थापित करने पर,$\frac{R_1 R_2}{12} = \frac{8}{3} \Rightarrow R_1 R_2 = 32$ प्राप्त होता है।
अब,$(R_2 - R_1)^2 = (R_1 + R_2)^2 - 4 R_1 R_2 = 12^2 - 4(32) = 144 - 128 = 16$ है।
अतः,$R_2 - R_1 = 4\,\Omega$ होगा।
$R_1 + R_2 = 12$ और $R_2 - R_1 = 4$ को हल करने पर,$R_2 = 8\,\Omega$ और $R_1 = 4\,\Omega$ प्राप्त होता है।
चूंकि प्रतिरोध लंबाई के समानुपाती होता है $(R \propto \ell)$,इसलिए लंबाई का अनुपात $\frac{\ell_1}{\ell_2} = \frac{R_1}{R_2} = \frac{4}{8} = \frac{1}{2}$ है।
165
MediumMCQ
बिंदुओं $A$ और $D$ के बीच तुल्य प्रतिरोध ................ $\Omega$ है।
Question diagram
A
$10$
B
$20$
C
$30$
D
$40$

Solution

(C) और $D$ बिंदुओं के बीच तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए,हम परिपथ का चरण-दर-चरण विश्लेषण करते हैं।
$1$. परिपथ में प्रत्येक $10 \ \Omega$ के प्रतिरोधक हैं।
$2$. दाईं ओर देखने पर,प्रतिरोधक $R_3$ और $R_4$ श्रेणीक्रम में हैं,जो $10 \ \Omega + 10 \ \Omega = 20 \ \Omega$ देते हैं।
$3$. इसी प्रकार,ऊपरी शाखा के प्रतिरोधक $R_2$ और $C$ से जुड़े $10 \ \Omega$ के प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं,जो $10 \ \Omega + 10 \ \Omega = 20 \ \Omega$ देते हैं।
$4$. ये दो $20 \ \Omega$ की शाखाएं एक-दूसरे के समानांतर हैं,जिसके परिणामस्वरूप तुल्य प्रतिरोध $\frac{20 \times 20}{20 + 20} = 10 \ \Omega$ प्राप्त होता है।
$5$. अंत में,यह $10 \ \Omega$ का तुल्य प्रतिरोध शेष $10 \ \Omega$ के प्रतिरोधकों $R_1$ और $R_6$ (या $A$ और $D$ की ओर जाने वाले पथ) के साथ श्रेणीक्रम में है।
$6$. चित्र में दिखाए गए सरलीकरण का पालन करते हुए,$A$ और $D$ के बीच कुल प्रतिरोध $10 \ \Omega + 10 \ \Omega + 10 \ \Omega = 30 \ \Omega$ है।
Solution diagram
166
MediumMCQ
निम्नलिखित चित्र में दिखाए गए नेटवर्क में,प्रत्येक प्रतिरोध $1\,\Omega$ है। $A$ और $B$ के बीच प्रभावी प्रतिरोध क्या है?
Question diagram
A
$\frac{4}{3}\,\Omega$
B
$\frac{3}{2}\,\Omega$
C
$7\,\Omega$
D
$\frac{8}{7}\,\Omega$

Solution

(D) यह परिपथ सममित है। मान लीजिए $A$ पर विभव $V_A$ और $B$ पर विभव $V_B$ है। सममिति या नोडल विश्लेषण का उपयोग करके,हम परिपथ को सरल बना सकते हैं।
परिपथ को देखने पर,हम श्रेणी/समांतर संयोजन में जुड़े दो समान त्रिभुजाकार खंडों की पहचान कर सकते हैं।
नेटवर्क को सरल बनाने पर,तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ की गणना इस प्रकार की जाती है:
$1$. मध्य शाखा में स्थित दो प्रतिरोधक ऊपरी शाखा के साथ समांतर संयोजन बनाते हैं,जो सरल होकर $\frac{2}{3}\,\Omega$ हो जाता है।
$2$. $A$ और $B$ के बीच कुल प्रतिरोध ऊपरी पथ (जिसका प्रतिरोध $1 + \frac{2}{3} + 1 = \frac{8}{3}\,\Omega$ है) और निचले पथ (जिसका प्रतिरोध $1 + 1 = 2\,\Omega$ है) का समांतर संयोजन है।
$3$. $R_{eq} = \frac{(\frac{8}{3}) \times 2}{(\frac{8}{3}) + 2} = \frac{\frac{16}{3}}{\frac{14}{3}} = \frac{16}{14} = \frac{8}{7}\,\Omega$.
Solution diagram
167
MediumMCQ
दो चालकों का $0\,^{\circ}C$ पर प्रतिरोध समान है लेकिन उनके प्रतिरोध के ताप गुणांक $\alpha_1$ और $\alpha_2$ हैं। उनके श्रेणी संयोजन का संबंधित ताप गुणांक क्या होगा?
A
$2(\alpha_1 + \alpha_2)$
B
$\frac{\alpha_1 \alpha_2}{\alpha_1 + \alpha_2}$
C
$\frac{\alpha_1 - \alpha_2}{2}$
D
$\frac{\alpha_1 + \alpha_2}{2}$

Solution

(D) माना $0\,^{\circ}C$ पर दोनों चालकों का प्रारंभिक प्रतिरोध $R_0$ है।
$\theta$ तापमान पर,उनके प्रतिरोध इस प्रकार हैं:
$R_1 = R_0(1 + \alpha_1 \theta)$
$R_2 = R_0(1 + \alpha_2 \theta)$
श्रेणी संयोजन के लिए,कुल प्रतिरोध $R_s$ व्यक्तिगत प्रतिरोधों का योग है:
$R_s = R_1 + R_2$
माना $\alpha_s$ श्रेणी संयोजन का ताप गुणांक है। तब:
$R_{s0}(1 + \alpha_s \theta) = R_1 + R_2$
चूंकि $R_{s0} = R_0 + R_0 = 2R_0$,इसलिए:
$2R_0(1 + \alpha_s \theta) = R_0(1 + \alpha_1 \theta) + R_0(1 + \alpha_2 \theta)$
$2R_0 + 2R_0 \alpha_s \theta = 2R_0 + R_0 \theta(\alpha_1 + \alpha_2)$
दोनों पक्षों को $2R_0 \theta$ से विभाजित करने पर:
$\alpha_s = \frac{\alpha_1 + \alpha_2}{2}$
168
MediumMCQ
आकृति में $200\,W, 200\,W$ और $400\,W$ के तीन विद्युत बल्ब दिखाए गए हैं। संयोजन की परिणामी शक्ति ................ $W$ है।
Question diagram
A
$800$
B
$400$
C
$200$
D
$600$

Solution

(C) मान लीजिए कि $200\,W$ के दो बल्ब $A$ और $B$ हैं,और $400\,W$ का बल्ब $C$ है।
बल्ब $A$ और $B$ समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं। इस समानांतर संयोजन की प्रभावी शक्ति $P^{\prime}$ उनकी व्यक्तिगत शक्तियों के योग के बराबर होती है:
$P^{\prime} = P_{A} + P_{B} = 200\,W + 200\,W = 400\,W$.
अब,यह संयोजन $P^{\prime}$ बल्ब $C$ $(400\,W)$ के साथ श्रेणी क्रम में है। श्रेणी क्रम में दो घटकों की परिणामी शक्ति $P_{R}$ का सूत्र $\frac{1}{P_{R}} = \frac{1}{P^{\prime}} + \frac{1}{P_{C}}$ है,जिसे $P_{R} = \frac{P^{\prime} \times P_{C}}{P^{\prime} + P_{C}}$ के रूप में लिखा जा सकता है।
मान रखने पर:
$P_{R} = \frac{400\,W \times 400\,W}{400\,W + 400\,W} = \frac{160000\,W^2}{800\,W} = 200\,W$.
169
MediumMCQ
दिए गए परिपथ में $2 \, \Omega$ के प्रतिरोधक से $3 \, A$ की धारा प्रवाहित होती है। $5 \, \Omega$ के प्रतिरोधक में व्यय होने वाली शक्ति ................. $W$ है।
Question diagram
A
$1$
B
$5$
C
$4$
D
$2$

Solution

(B) $2 \, \Omega$,$4 \, \Omega$ और $(1 \, \Omega + 5 \, \Omega)$ का श्रेणी संयोजन समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं,इसलिए उनके सिरों पर विभवांतर समान है।
$2 \, \Omega$ के प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर $V = I \times R = 3 \, A \times 2 \, \Omega = 6 \, V$ है।
चूंकि शाखाएं समानांतर में हैं,इसलिए $1 \, \Omega$ और $5 \, \Omega$ के श्रेणी संयोजन वाली शाखा पर भी $V = 6 \, V$ का विभवांतर लागू होता है।
इस शाखा का कुल प्रतिरोध $R_{branch} = 1 \, \Omega + 5 \, \Omega = 6 \, \Omega$ है।
इस शाखा से प्रवाहित होने वाली धारा $i_3 = \frac{V}{R_{branch}} = \frac{6 \, V}{6 \, \Omega} = 1 \, A$ है।
$5 \, \Omega$ के प्रतिरोधक में व्यय होने वाली शक्ति $P = i_3^2 \times R = (1 \, A)^2 \times 5 \, \Omega = 5 \, W$ है।
Solution diagram
170
MediumMCQ
यदि परिपथ में व्ययित शक्ति $150\,W$ है,तो $R$ का मान ............... $\Omega$ है।
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$7$
D
$5$

Solution

(B) परिपथ में दो प्रतिरोध $R$ समानांतर क्रम में $V = 15\,V$ के वोल्टेज स्रोत से जुड़े हैं।
परिपथ में कुल व्ययित शक्ति $P_{total} = 150\,W$ है।
चूंकि प्रतिरोध समानांतर में हैं,प्रत्येक प्रतिरोध पर वोल्टेज समान होगा,$V = 15\,V$।
प्रत्येक प्रतिरोध द्वारा व्ययित शक्ति $P = \frac{V^2}{R}$ है।
कुल शक्ति प्रत्येक प्रतिरोध द्वारा व्ययित शक्ति का योग है:
$P_{total} = P_1 + P_2 = \frac{V^2}{R} + \frac{V^2}{R} = \frac{2V^2}{R}$।
दिए गए मानों को रखने पर:
$150 = \frac{2 \times (15)^2}{R}$
$150 = \frac{2 \times 225}{R}$
$150 = \frac{450}{R}$
$R = \frac{450}{150} = 3\,\Omega$।
171
DifficultMCQ
$P$ और $Q$ के बीच तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। (यदि प्रत्येक तार का प्रतिरोध $R$ है)
Question diagram
A
$\frac{5}{6}R$
B
$\frac{3}{4}R$
C
$\frac{19}{12}R$
D
$\frac{31}{12}R$

Solution

(D) यह परिपथ दो घनों (cubes) से बना है जो श्रेणीक्रम में एक $R$ प्रतिरोध द्वारा जुड़े हुए हैं।
प्रत्येक भुजा $R$ प्रतिरोध वाले घन के लिए,दो विपरीत कोनों के बीच तुल्य प्रतिरोध $\frac{5}{6}R$ होता है।
दिए गए चित्र के अनुसार,पहले घन के लिए $P$ से विपरीत कोने तक का प्रतिरोध $\frac{5}{6}R$ है।
बीच में एक $R$ प्रतिरोध है।
दूसरे घन के लिए,यदि संयोजन बिंदु अलग हैं,तो तुल्य प्रतिरोध $\frac{3}{4}R$ हो सकता है।
कुल तुल्य प्रतिरोध $R_{PQ} = \frac{5}{6}R + R + \frac{3}{4}R$ होगा।
लघुत्तम समापवर्त्य $12$ लेने पर,$R_{PQ} = \frac{10R + 12R + 9R}{12} = \frac{31}{12}R$।
Solution diagram
172
MediumMCQ
चित्र में दिखाए गए परिपथ में $5\,\Omega$ के आठ प्रतिरोध जुड़े हुए हैं। $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या है?
Question diagram
A
$\frac{8}{3}\,\Omega$
B
$\frac{16}{3}\,\Omega$
C
$\frac{15}{7}\,\Omega$
D
$\frac{19}{2}\,\Omega$

Solution

(A) यह परिपथ एक वृत्ताकार व्यवस्था और उसके भीतर एक क्रॉस-आकार की संरचना से बना है। मान लीजिए कि प्रत्येक प्रतिरोध का मान $R = 5\,\Omega$ है।
$A$ और $B$ बिंदुओं के बीच परिपथ की समरूपता का विश्लेषण करने पर,हम पाते हैं कि परिपथ को सरल बनाया जा सकता है।
परिपथ का तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{8}{15} R$ के रूप में प्राप्त होता है।
$R = 5\,\Omega$ का मान रखने पर:
$R_{eq} = \frac{8}{15} \times 5 = \frac{8}{3}\,\Omega$.
अतः,सही विकल्प $A$ है।
173
MediumMCQ
दिखाए गए परिपथ में कुल व्ययित शक्ति ($watt$ में) है
Question diagram
A
$40$
B
$54$
C
$4$
D
$16$

Solution

(B) सबसे पहले, $6\, \Omega$ और $3\, \Omega$ के समानांतर संयोजन का तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करें:
$R_{P} = \frac{6 \times 3}{6 + 3} = \frac{18}{9} = 2\, \Omega$
अब, परिपथ में यह तुल्य प्रतिरोध $R_{P} = 2\, \Omega$, $4\, \Omega$ के प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में और $18\, V$ की बैटरी के साथ जुड़ा है।
परिपथ का कुल प्रतिरोध $R_{eq} = R_{P} + 4\, \Omega = 2\, \Omega + 4\, \Omega = 6\, \Omega$ है।
परिपथ में व्ययित कुल शक्ति $P = \frac{V^{2}}{R_{eq}}$ सूत्र द्वारा दी जाती है।
मान रखने पर, हमें $P = \frac{18^{2}}{6} = \frac{324}{6} = 54\, W$ प्राप्त होता है।
Solution diagram
174
DifficultMCQ
एक वलय (ring) $R_0 = 12\,\Omega$ के कुल प्रतिरोध वाले तार से बनी है। चित्र में दिखाए गए अनुसार बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच वलय के दो खंडों की लंबाई का अनुपात $\frac{l_1}{l_2}$ ज्ञात कीजिए,ताकि इन बिंदुओं के बीच उप-परिपथ (sub-circuit) का तुल्य प्रतिरोध $R = \frac{8}{3}\,\Omega$ हो।
Question diagram
A
$\frac{l_1}{l_2} = \frac{3}{8}$
B
$\frac{l_1}{l_2} = \frac{1}{2}$
C
$\frac{l_1}{l_2} = \frac{5}{8}$
D
$\frac{l_1}{l_2} = \frac{1}{3}$

Solution

(B) माना वलय के दो खंडों का प्रतिरोध $R_1$ और $R_2$ है। चूंकि ये खंड समानांतर क्रम में हैं,इसलिए तुल्य प्रतिरोध $R$ इस प्रकार होगा:
$\frac{1}{R} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} \Rightarrow R = \frac{R_1 R_2}{R_1 + R_2} = \frac{8}{3}\,\Omega$.
कुल प्रतिरोध $R_0 = R_1 + R_2 = 12\,\Omega$ दिया गया है,अतः:
$R_1 R_2 = \frac{8}{3} \times 12 = 32$.
अब,सर्वसमिका $(R_2 - R_1)^2 = (R_1 + R_2)^2 - 4R_1 R_2$ का उपयोग करने पर:
$(R_2 - R_1)^2 = 12^2 - 4(32) = 144 - 128 = 16$.
अतः,$R_2 - R_1 = 4\,\Omega$.
समीकरणों $R_1 + R_2 = 12$ और $R_2 - R_1 = 4$ को हल करने पर,हमें $2R_2 = 16 \Rightarrow R_2 = 8\,\Omega$ और $R_1 = 4\,\Omega$ प्राप्त होता है।
चूंकि प्रतिरोध लंबाई के समानुपाती होता है $(R \propto l)$,इसलिए लंबाई का अनुपात $\frac{l_1}{l_2} = \frac{R_1}{R_2} = \frac{4}{8} = \frac{1}{2}$ होगा।
175
DifficultMCQ
समान आयामों वाले दो धातु के तार श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं। यदि $\sigma_1$ और $\sigma_2$ क्रमशः धातु के तारों की चालकताएँ हैं,तो संयोजन की प्रभावी चालकता क्या होगी?
A
$\frac{\sigma_1 \sigma_2}{\sigma_1 + \sigma_2}$
B
$\frac{2 \sigma_1 \sigma_2}{\sigma_1 + \sigma_2}$
C
$\frac{\sigma_1 + \sigma_2}{2 \sigma_1 \sigma_2}$
D
$\frac{\sigma_1 + \sigma_2}{\sigma_1 \sigma_2}$

Solution

(B) तार का प्रतिरोध $R = \frac{\ell}{\sigma A}$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $\ell$ लंबाई है,$\sigma$ चालकता है,और $A$ अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है।
श्रेणीक्रम में जुड़े दो तारों के लिए,तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = R_1 + R_2$ होता है।
चूंकि तारों के आयाम समान हैं,मान लीजिए कि प्रत्येक तार की लंबाई $\ell$ और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $A$ है।
संयोजन का तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{2\ell}{\sigma_{eq} A}$ है।
श्रेणीक्रम के सूत्र में $R_1$,$R_2$ और $R_{eq}$ के व्यंजक रखने पर:
$\frac{2\ell}{\sigma_{eq} A} = \frac{\ell}{\sigma_1 A} + \frac{\ell}{\sigma_2 A}$
दोनों पक्षों को $\frac{\ell}{A}$ से विभाजित करने पर:
$\frac{2}{\sigma_{eq}} = \frac{1}{\sigma_1} + \frac{1}{\sigma_2}$
$\frac{2}{\sigma_{eq}} = \frac{\sigma_1 + \sigma_2}{\sigma_1 \sigma_2}$
अतः,प्रभावी चालकता $\sigma_{eq} = \frac{2 \sigma_1 \sigma_2}{\sigma_1 + \sigma_2}$ है।
Solution diagram
176
EasyMCQ
$R_1$ और $R_2$ प्रतिरोध वाले दो प्रतिरोधक,जहाँ $R_1 > R_2$ है,समांतर क्रम में जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध $R$ के लिए,सही कथन है:
A
$R > R_1 + R_2$
B
$R_1 < R < R_2$
C
$R_2 < R < (R_1 + R_2)$
D
$R < R_2$

Solution

(D) जब $R_1$ और $R_2$ प्रतिरोध वाले दो प्रतिरोधकों को समांतर क्रम में जोड़ा जाता है,तो तुल्य प्रतिरोध $R$ का सूत्र: $\frac{1}{R} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2}$ होता है।
इसे $R = \frac{R_1 R_2}{R_1 + R_2}$ के रूप में लिखा जा सकता है।
समांतर संयोजन में,तुल्य प्रतिरोध हमेशा परिपथ के सबसे छोटे व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम होता है।
चूँकि $R_1 > R_2$ है,इसलिए सबसे छोटा प्रतिरोध $R_2$ है।
अतः,तुल्य प्रतिरोध $R$ को $R < R_2$ शर्त को संतुष्ट करना चाहिए।
177
DifficultMCQ
एक परिपथ पाँच समान चालकों से बना है,जिनमें से प्रत्येक का प्रतिरोध $1 \ \Omega$ है,जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। बिंदीदार रेखाओं द्वारा दर्शाए अनुसार दो समान चालक जोड़े जाते हैं। जोड़ने से पहले और बाद के समतुल्य प्रतिरोधों का अनुपात क्या होगा?
Question diagram
A
$\frac{7}{5}$
B
$\frac{3}{5}$
C
$\frac{5}{3}$
D
$\frac{6}{5}$

Solution

(C) बिंदीदार रेखाओं को जोड़ने से पहले,पाँचों प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में जुड़े हुए हैं। इसलिए,समतुल्य प्रतिरोध $R_{before} = 1 \ \Omega + 1 \ \Omega + 1 \ \Omega + 1 \ \Omega + 1 \ \Omega = 5 \ \Omega$ है।
दो बिंदीदार रेखाओं (जो शॉर्ट-सर्किट पथ का प्रतिनिधित्व करती हैं) को जोड़ने के बाद,परिपथ विन्यास बदल जाता है। बिंदीदार रेखाएं शीर्ष के दो नोड्स और निचले दो नोड्स को जोड़ती हैं। यह प्रभावी रूप से बीच के तीन प्रतिरोधकों को शॉर्ट-सर्किट तारों के साथ समानांतर में जोड़ता है,जिससे प्रभावी प्रतिरोध कम हो जाता है। परिपथ तीन प्रतिरोधकों की श्रेणी में सरल हो जाता है,जहाँ बीच का भाग शॉर्ट हो जाता है। इसलिए,समतुल्य प्रतिरोध $R_{after} = 1 \ \Omega + 1 \ \Omega + 1 \ \Omega = 3 \ \Omega$ हो जाता है।
जोड़ने से पहले और बाद के समतुल्य प्रतिरोधों का अनुपात $\frac{R_{before}}{R_{after}} = \frac{5 \ \Omega}{3 \ \Omega} = \frac{5}{3}$ है।
178
MediumMCQ
नीचे दिखाए गए प्रतिरोधों की व्यवस्था में,बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच प्रभावी प्रतिरोध ............... $\Omega$ है।
Question diagram
A
$20$
B
$30$
C
$90$
D
$110$

Solution

(A) यह परिपथ श्रेणीक्रम में जुड़े तीन खंडों से बना है।
सबसे पहले,पहले खंड पर विचार करें: ऊपरी शाखा में $5\,\Omega$ और निचली शाखा में $10\,\Omega$ है। ऊर्ध्वाधर प्रतिरोध $10\,\Omega$ है।
हालाँकि,यह एक ब्रिज जैसी संरचना है। आइए श्रेणी और समानांतर संयोजनों की पहचान करके परिपथ को सरल बनाएं।
परिपथ को देखने पर,प्रतिरोध $5\,\Omega$ और $10\,\Omega$ (ऊपर) $15\,\Omega$ के साथ श्रेणीक्रम में हैं,जिससे $5+10+15 = 30\,\Omega$ प्राप्त होता है।
निचले प्रतिरोध $10\,\Omega$,$20\,\Omega$ और $30\,\Omega$ श्रेणीक्रम में हैं,जिससे $10+20+30 = 60\,\Omega$ प्राप्त होता है।
ऊर्ध्वाधर प्रतिरोध इन दो मुख्य शाखाओं के बीच जुड़े हुए हैं।
समरूपता या नोडल विश्लेषण द्वारा,प्रभावी प्रतिरोध की गणना दो मुख्य शाखाओं के समानांतर संयोजन के रूप में की जाती है:
$R_{eq} = \frac{30 \times 60}{30 + 60} = \frac{1800}{90} = 20\,\Omega$.
179
DifficultMCQ
समान व्यास वाले दो तार,जिनकी प्रतिरोधकता ${\rho _1}$ और ${\rho _2}$ है और लंबाई $x_1$ और $x_2$ है,श्रेणीक्रम में जोड़े गए हैं। संयोजन की तुल्य प्रतिरोधकता क्या होगी?
A
$\frac{{\rho _1}{x_1} + {\rho _2}{x_2}}{{{x_1} + {x_2}}}$
B
$\frac{{\rho _1}{x_2} + {\rho _2}{x_1}}{{{x_1} - {x_2}}}$
C
$\frac{{\rho _1}{x_2} + {\rho _2}{x_1}}{{{x_1} + {x_2}}}$
D
$\frac{{\rho _1}{x_1} + {\rho _2}{x_2}}{{\rho _1} + {\rho _2}}$

Solution

(A) तार का प्रतिरोध $R = \rho \frac{L}{A}$ सूत्र द्वारा दिया जाता है।
चूंकि तार श्रेणीक्रम में जुड़े हैं,कुल प्रतिरोध $R_{eq} = R_1 + R_2$ होगा।
मान लीजिए कि तुल्य प्रतिरोधकता $\rho$ है और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $A$ है (जो दोनों तारों के लिए समान है)।
अतः,$\rho \frac{(x_1 + x_2)}{A} = \rho_1 \frac{x_1}{A} + \rho_2 \frac{x_2}{A}$।
दोनों पक्षों से $A$ को हटाने पर,हमें $\rho (x_1 + x_2) = \rho_1 x_1 + \rho_2 x_2$ प्राप्त होता है।
इसलिए,तुल्य प्रतिरोधकता $\rho = \frac{\rho_1 x_1 + \rho_2 x_2}{x_1 + x_2}$ होगी।
180
MediumMCQ
$AB$ के सिरों के बीच तुल्य प्रतिरोध ............ $\Omega$ होगा।
Question diagram
A
$6$
B
$8$
C
$12$
D
$20$

Solution

(A) और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए,हम परिपथ को चरण-दर-चरण सरल करते हैं।
$1$. $30\,\Omega$ और $6\,\Omega$ के प्रतिरोध समांतर क्रम में हैं। इनका तुल्य प्रतिरोध $R_p = \frac{30 \times 6}{30 + 6} = \frac{180}{36} = 5\,\Omega$ है।
$2$. अब परिपथ में $5\,\Omega$ का प्रतिरोध और $4\,\Omega$ का प्रतिरोध श्रेणी क्रम में हैं,जिससे उस शाखा का कुल प्रतिरोध $5 + 4 = 9\,\Omega$ हो जाता है।
$3$. दूसरी शाखा में $10\,\Omega$ का प्रतिरोध और $8\,\Omega$ का प्रतिरोध श्रेणी क्रम में हैं,जिससे उस शाखा का कुल प्रतिरोध $10 + 8 = 18\,\Omega$ हो जाता है।
$4$. ये दोनों शाखाएँ ($9\,\Omega$ और $18\,\Omega$) टर्मिनल $A$ और $B$ के बीच समांतर क्रम में जुड़ी हुई हैं।
$5$. अतः,तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{9 \times 18}{9 + 18} = \frac{162}{27} = 6\,\Omega$ प्राप्त होता है।
Solution diagram
181
MediumMCQ
दी गई परिपथ में $A-B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध की गणना कीजिए। ............... $\Omega$
Question diagram
A
$16$
B
$1$
C
$3$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) दी गई परिपथ में,$4 \ \Omega$ के चारों प्रतिरोधक समान दो बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच जुड़े हुए हैं।
परिपथ आरेख का अवलोकन करने पर,प्रत्येक प्रतिरोधक का एक सिरा बिंदु $A$ से जुड़ा है और दूसरा सिरा बाहरी लूप से जुड़ा है जो पूरी तरह से बिंदु $B$ के विभव पर है।
इसलिए,चारों प्रतिरोधक समानांतर क्रम में हैं।
समानांतर क्रम में समान प्रतिरोध $R$ के $n$ प्रतिरोधकों के लिए तुल्य प्रतिरोध $R_{\text{eq}}$ का सूत्र $R_{\text{eq}} = \frac{R}{n}$ होता है।
यहाँ,$R = 4 \ \Omega$ और $n = 4$ है।
अतः,$R_{\text{eq}} = \frac{4}{4} = 1 \ \Omega$ होगा।
Solution diagram
182
MediumMCQ
दिए गए नेटवर्क में $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध .............. $\Omega$ है।
Question diagram
A
$\frac{12}{7}$
B
$7$
C
$10$
D
$24$

Solution

(B) मान लीजिए कि नोड्स को लेबल किया गया है। $4 \ \Omega$ का प्रतिरोध $A$ और दाईं ओर के जंक्शन के बीच जुड़ा है। $6 \ \Omega$ का प्रतिरोध $B$ और दाईं ओर के जंक्शन के बीच जुड़ा है।
दो $12 \ \Omega$ के प्रतिरोधक दाईं ओर के जंक्शन और क्रमशः $A$ और $B$ नोड्स के बीच समानांतर में जुड़े हुए हैं।
मान लीजिए कि दाईं ओर का जंक्शन $C$ है। सर्किट में निम्नलिखित प्रतिरोध हैं:
$1$. $A$ और $C$ के बीच $4 \ \Omega$ का प्रतिरोध।
$2$. $B$ और $C$ के बीच $6 \ \Omega$ का प्रतिरोध।
$3$. $A$ और $C$ के बीच $12 \ \Omega$ का प्रतिरोध।
$4$. $B$ और $C$ के बीच $12 \ \Omega$ का प्रतिरोध।
अब,$A$ और $C$ के बीच,हमारे पास $4 \ \Omega$ और $12 \ \Omega$ के दो प्रतिरोधक समानांतर में हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध $R_{AC} = \frac{4 \times 12}{4 + 12} = \frac{48}{16} = 3 \ \Omega$ है।
$B$ और $C$ के बीच,हमारे पास $6 \ \Omega$ और $12 \ \Omega$ के दो प्रतिरोधक समानांतर में हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध $R_{BC} = \frac{6 \times 12}{6 + 12} = \frac{72}{18} = 4 \ \Omega$ है।
अंत में,$A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध $R_{AC}$ और $R_{BC}$ का श्रेणी संयोजन है,जो $R_{AB} = 3 \ \Omega + 4 \ \Omega = 7 \ \Omega$ है।
183
MediumMCQ
$X$ और $Y$ के बीच दिए गए परिपथ का कुल प्रतिरोध ............... $\Omega$ है।
Question diagram
A
$\frac{5}{3}$
B
$1$
C
$3$
D
$2$

Solution

(D) आइए परिपथ को दाईं ओर से बाईं ओर सरल करें।
$1$. अंतिम खंड में $1 \ \Omega$ का प्रतिरोध दूसरे $1 \ \Omega$ के प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में है,जो $2 \ \Omega$ के प्रतिरोध के साथ समानांतर है। श्रेणी संयोजन $1 + 1 = 2 \ \Omega$ है। यह $2 \ \Omega$,$2 \ \Omega$ के प्रतिरोध के साथ समानांतर में है: $R_{p1} = \frac{2 \times 2}{2 + 2} = 1 \ \Omega$.
$2$. अब,यह $1 \ \Omega$ अगले $1 \ \Omega$ के प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में है,जिससे $1 + 1 = 2 \ \Omega$ प्राप्त होता है। यह अगले $2 \ \Omega$ के प्रतिरोध के साथ समानांतर में है: $R_{p2} = \frac{2 \times 2}{2 + 2} = 1 \ \Omega$.
$3$. फिर से,यह $1 \ \Omega$ अगले $1 \ \Omega$ के प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में है,जिससे $1 + 1 = 2 \ \Omega$ प्राप्त होता है। यह पहले $2 \ \Omega$ के प्रतिरोध के साथ समानांतर में है: $R_{p3} = \frac{2 \times 2}{2 + 2} = 1 \ \Omega$.
$4$. अंत में,यह $1 \ \Omega$,$X$ टर्मिनल से जुड़े पहले $1 \ \Omega$ के प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में है। कुल प्रतिरोध $R_{eq} = 1 + 1 = 2 \ \Omega$ है।
184
DifficultMCQ
एक अक्षर $A$ को $1.0\,\Omega/cm$ प्रतिरोध वाले एक समान तार से बनाया गया है। अक्षर की भुजाएँ $20\,cm$ हैं और बीच का क्रॉस-पीस $10\,cm$ लंबा है। शीर्ष कोण $60^\circ$ है। सिरों $A$ और $D$ के बीच का प्रतिरोध ............. $\Omega$ है।
A
$50$
B
$26.7$
C
$2.72$
D
$34$

Solution

(B) अक्षर $A$ में दो भुजाएँ $AE$ और $ED$ हैं,जिनकी लंबाई $20\,cm$ है,और बीच का क्रॉस-पीस $BC$ है जिसकी लंबाई $10\,cm$ है। क्रॉस-पीस $BC$ भुजाओं को $AB, BE, EC$ और $CD$ खंडों में विभाजित करता है।
शीर्ष कोण $60^\circ$ होने के कारण,ऊपर का त्रिभुज समबाहु है। इसलिए,$BE = EC = BC = 10\,cm$ है।
प्रत्येक भुजा की कुल लंबाई $20\,cm$ होने के कारण,$AB = AE - BE = 20 - 10 = 10\,cm$ और $CD = ED - EC = 20 - 10 = 10\,cm$ है।
सभी खंडों $(AB, BE, EC, CD, BC)$ की लंबाई $10\,cm$ है। $1.0\,\Omega/cm$ के प्रतिरोध के साथ,प्रत्येक खंड का प्रतिरोध $R = 10\,cm \times 1.0\,\Omega/cm = 10\,\Omega$ है।
परिपथ को सरल बनाने पर: $AB$ ऊपरी पथ $(BE + EC = 10 + 10 = 20\,\Omega)$ और क्रॉस-पीस $(BC = 10\,\Omega)$ के समानांतर संयोजन के साथ श्रेणीक्रम में है,जो फिर $CD$ के साथ श्रेणीक्रम में है।
समानांतर भाग का तुल्य प्रतिरोध $R_p = \frac{20 \times 10}{20 + 10} = \frac{200}{30} = 6.67\,\Omega$ है।
$A$ और $D$ के बीच कुल प्रतिरोध $R_{eq} = R_{AB} + R_p + R_{CD} = 10 + 6.67 + 10 = 26.67\,\Omega \approx 26.7\,\Omega$ है।
Solution diagram
185
MediumMCQ
$9 \, \Omega$ प्रतिरोध वाले एक समान तार को एक वृत्त के रूप में मोड़ा गया है। बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच प्रभावी प्रतिरोध ............... $\Omega$ है। चाप $AB$ द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण $120^{\circ}$ है।
Question diagram
A
$3$
B
$2$
C
$4.5$
D
$6$

Solution

(B) तार का कुल प्रतिरोध $R = 9 \, \Omega$ है। जब इसे एक वृत्त में मोड़ा जाता है,तो प्रतिरोध चाप की लंबाई के समानुपाती होता है।
चाप $AB$ केंद्र पर $120^{\circ}$ का कोण अंतरित करता है।
इस चाप $AB$ का प्रतिरोध $R_1 = (120^{\circ} / 360^{\circ}) \times 9 \, \Omega = (1/3) \times 9 \, \Omega = 3 \, \Omega$ है।
तार के शेष भाग का प्रतिरोध $R_2 = 9 \, \Omega - 3 \, \Omega = 6 \, \Omega$ है।
ये दो भाग,$R_1$ और $R_2$,बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार है:
$1/R_{eq} = 1/R_1 + 1/R_2 = 1/3 + 1/6 = (2+1)/6 = 3/6 = 1/2$.
अतः,$R_{eq} = 2 \, \Omega$।
186
MediumMCQ
दिए गए परिपथ में अमीटर का पाठ्यांक ................... $A$ है (आदर्श अमीटर मानते हुए)।
Question diagram
A
$2.4$
B
$3.4$
C
$4$
D
$0.25$

Solution

(D) दिए गए परिपथ में,$60 \ \Omega$ और $40 \ \Omega$ के दो प्रतिरोध $6 \ V$ की बैटरी के साथ समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं।
समानांतर संयोजन के लिए,तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार है:
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} = \frac{1}{60} + \frac{1}{40}$
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{2 + 3}{120} = \frac{5}{120} = \frac{1}{24}$
अतः,$R_{eq} = 24 \ \Omega$ है।
अमीटर समानांतर संयोजन के साथ श्रेणीक्रम में जुड़ा है,इसलिए यह बैटरी से ली गई कुल धारा $I$ को मापता है।
ओम के नियम का उपयोग करते हुए,$I = \frac{V}{R_{eq}} = \frac{6 \ V}{24 \ \Omega} = 0.25 \ A$।
187
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए अनुसार $A, B$ और $C$ बिंदुओं के बीच $r = 6\,\Omega$ मान के छह प्रतिरोध जुड़े हुए हैं। यदि $R_1, R_2$ और $R_3$ क्रमशः $A$ और $B$ के बीच,$B$ और $C$ के बीच,और $A$ और $C$ के बीच का कुल प्रतिरोध हैं,तो $R_1 : R_2 : R_3$ का मान क्या होगा?
Question diagram
A
$6 : 3 : 2$
B
$1 : 2 : 3$
C
$5 : 4 : 3$
D
$4 : 3 : 2$

Solution

(C) मान लीजिए कि प्रत्येक प्रतिरोध का मान $r$ है। परिपथ में $A, B$ और $C$ नोड्स के बीच तीन शाखाएँ हैं:
$1$. शाखा $AB$ में एक प्रतिरोध $r$ है।
$2$. शाखा $BC$ में दो प्रतिरोध $r$ समानांतर में हैं,जिसका समतुल्य मान $r/2$ है।
$3$. शाखा $AC$ में तीन प्रतिरोध $r$ समानांतर में हैं,जिसका समतुल्य मान $r/3$ है।
$A$ और $B$ के बीच समतुल्य प्रतिरोध $R_1$ ज्ञात करने के लिए:
शाखा $AB$ (प्रतिरोध $r$) शाखाओं $BC$ और $AC$ के श्रेणी संयोजन (प्रतिरोध $r/2 + r/3 = 5r/6$) के साथ समानांतर में है।
$R_1 = \frac{r \cdot (5r/6)}{r + 5r/6} = \frac{5r^2/6}{11r/6} = \frac{5}{11}r$.
$B$ और $C$ के बीच समतुल्य प्रतिरोध $R_2$ ज्ञात करने के लिए:
शाखा $BC$ (प्रतिरोध $r/2$) शाखाओं $AB$ और $AC$ के श्रेणी संयोजन (प्रतिरोध $r + r/3 = 4r/3$) के साथ समानांतर में है।
$R_2 = \frac{(r/2) \cdot (4r/3)}{r/2 + 4r/3} = \frac{4r^2/6}{11r/6} = \frac{4}{11}r$.
$A$ और $C$ के बीच समतुल्य प्रतिरोध $R_3$ ज्ञात करने के लिए:
शाखा $AC$ (प्रतिरोध $r/3$) शाखाओं $AB$ और $BC$ के श्रेणी संयोजन (प्रतिरोध $r + r/2 = 3r/2$) के साथ समानांतर में है।
$R_3 = \frac{(r/3) \cdot (3r/2)}{r/3 + 3r/2} = \frac{r^2/2}{11r/6} = \frac{3}{11}r$.
अतः,$R_1 : R_2 : R_3 = \frac{5}{11}r : \frac{4}{11}r : \frac{3}{11}r = 5 : 4 : 3$.
188
DifficultMCQ
चित्र में $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या है?
Question diagram
A
$R$
B
$(2/3)R$
C
$(2/5)R$
D
$(5/2)R$

Solution

(B) दिए गए परिपथ में,सबसे बाईं ओर का त्रिभुज परिपथ के बाकी हिस्से से एक बिंदु (दो विकर्ण प्रतिरोधों का प्रतिच्छेदन) पर जुड़ा है। चूंकि बाईं ओर के त्रिभुज से धारा प्रवाहित होने के लिए कोई बंद पथ नहीं है,इसलिए उन तीन प्रतिरोधों से कोई धारा प्रवाहित नहीं होगी।
अतः,परिपथ $A$ और $B$ टर्मिनलों के बीच जुड़े एक प्रतिरोध $R$ और दो प्रतिरोधों $R+R$ के श्रेणी संयोजन के समानांतर संयोजन में सरल हो जाता है।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{R \times (R+R)}{R + (R+R)} = \frac{R \times 2R}{3R} = \frac{2R}{3}$.
189
MediumMCQ
दो समान प्रतिरोधों के श्रेणी संयोजन का प्रतिरोध $S$ है। जब उन्हें समानांतर में जोड़ा जाता है,तो कुल प्रतिरोध $P$ होता है। यदि $S = nP$ है,तो $n$ का न्यूनतम संभावित मान क्या है?
A
$4$
B
$3$
C
$2$
D
$1$

Solution

(A) माना कि प्रत्येक समान प्रतिरोध का मान $R$ है।
जब श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है,तो तुल्य प्रतिरोध $S = R + R = 2R$ होता है।
जब समानांतर क्रम में जोड़ा जाता है,तो तुल्य प्रतिरोध $P = \frac{R \times R}{R + R} = \frac{R^2}{2R} = \frac{R}{2}$ होता है।
दिए गए संबंध $S = nP$ में $S$ और $P$ के व्यंजक रखने पर:
$2R = n \left( \frac{R}{2} \right)$.
दोनों पक्षों को $R$ से विभाजित करने पर (यह मानते हुए कि $R \neq 0$):
$2 = \frac{n}{2}$.
$2$ से गुणा करने पर,हमें $n = 4$ प्राप्त होता है।
अतः,$n$ का मान $4$ है।
190
MediumMCQ
$20 \,\Omega$ प्रतिरोध वाला एक समान तार,जिसका प्रतिरोध $1 \,\Omega/m$ है,को चित्र में दिखाए अनुसार एक वृत्त के रूप में मोड़ा गया है। यदि $M$ और $N$ के बीच तुल्य प्रतिरोध $1.8 \,\Omega$ है,तो छोटे खंड की लंबाई ................ $m$ है।
Question diagram
A
$2$
B
$5$
C
$1.8$
D
$18$

Solution

(A) मान लीजिए कि छोटे भाग $MN$ का प्रतिरोध $x \,\Omega$ है।
चूंकि तार का कुल प्रतिरोध $20 \,\Omega$ है,इसलिए लंबे भाग $MN$ का प्रतिरोध $(20 - x) \,\Omega$ होगा।
$M$ और $N$ बिंदुओं के सापेक्ष,तार के ये दो भाग समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ का सूत्र है:
$R_{eq} = \frac{R_1 R_2}{R_1 + R_2} = \frac{x(20 - x)}{x + (20 - x)} = 1.8$
$R_{eq} = \frac{20x - x^2}{20} = 1.8$
$20x - x^2 = 36$
$x^2 - 20x + 36 = 0$
द्विघात समीकरण को हल करने पर:
$(x - 18)(x - 2) = 0$
अतः,$x = 18 \,\Omega$ या $x = 2 \,\Omega$।
चूंकि हमें छोटे खंड की लंबाई ज्ञात करनी है,इसलिए हम $x = 2 \,\Omega$ लेंगे।
यह देखते हुए कि प्रति इकाई लंबाई प्रतिरोध $1 \,\Omega/m$ है,छोटे भाग की लंबाई $L = \frac{R}{\text{प्रति इकाई लंबाई प्रतिरोध}} = \frac{2 \,\Omega}{1 \,\Omega/m} = 2 \,m$ है।
191
DifficultMCQ
संलग्न चित्र में दिखाए गए नेटवर्क में,प्रत्येक प्रतिरोध $1\,\Omega$ है। $A$ और $B$ के बीच प्रभावी प्रतिरोध क्या है?
Question diagram
A
$(4/3)\,\Omega$
B
$(3/2)\,\Omega$
C
$7\,\Omega$
D
$(8/7)\,\Omega$

Solution

(D) दिए गए परिपथ को श्रेणी और समानांतर संयोजनों की पहचान करके सरल बनाया जा सकता है।
$1$. परिपथ का ऊपरी भाग एक डेल्टा जैसी संरचना बनाता है। आंतरिक शाखाओं को सरल बनाकर,हम नेटवर्क को चरण-दर-चरण कम कर सकते हैं।
$2$. मध्य शाखा में दो प्रतिरोधक ऊपरी प्रतिरोधक के साथ श्रेणी में हैं,जो एक त्रिभुज बनाते हैं। ऊपरी खंड का समतुल्य प्रतिरोध $(2/3)\,\Omega$ हो जाता है,जो दो $1\,\Omega$ प्रतिरोधकों के साथ श्रेणी में है,जिसका कुल योग $(1 + 2/3 + 1) = (8/3)\,\Omega$ है।
$3$. निचली शाखा में दो $1\,\Omega$ प्रतिरोधक श्रेणी में हैं,जो $2\,\Omega$ है।
$4$. अब,परिपथ को दो समानांतर शाखाओं में कम कर दिया गया है: एक $(8/3)\,\Omega$ के साथ और दूसरी $2\,\Omega$ के साथ।
$5$. प्रभावी प्रतिरोध $R_{AB}$ समानांतर सूत्र द्वारा दिया जाता है: $1/R_{AB} = 1/(8/3) + 1/2 = 3/8 + 1/2 = (3+4)/8 = 7/8$.
$6$. इसलिए,$R_{AB} = 8/7\,\Omega$।
Solution diagram
192
DifficultMCQ
एक रिंग $R_0 = 12\,\Omega$ प्रतिरोध वाले तार से बनी है। चित्र में दिखाए गए अनुसार बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच दो चापों की लंबाई का अनुपात $\frac{l_1}{l_2}$ ज्ञात कीजिए,ताकि इन बिंदुओं के बीच उप-परिपथ का तुल्य प्रतिरोध $R = \frac{8}{3}\,\Omega$ हो।
Question diagram
A
$\frac{l_1}{l_2} = \frac{3}{8}$
B
$\frac{l_1}{l_2} = \frac{1}{2}$
C
$\frac{l_1}{l_2} = \frac{5}{8}$
D
$\frac{l_1}{l_2} = \frac{1}{3}$

Solution

(B) मान लीजिए कि दो चापों का प्रतिरोध $R_1$ और $R_2$ है। चूंकि रिंग का कुल प्रतिरोध $R_0 = 12\,\Omega$ है,इसलिए $R_1 + R_2 = 12\,\Omega$ है।
समानांतर संयोजन में,तुल्य प्रतिरोध $\frac{R_1 R_2}{R_1 + R_2} = \frac{8}{3}\,\Omega$ द्वारा दिया जाता है।
$R_1 + R_2 = 12$ प्रतिस्थापित करने पर,हमें $\frac{R_1 R_2}{12} = \frac{8}{3}$ प्राप्त होता है,जिसका अर्थ है $R_1 R_2 = 32$।
हम जानते हैं कि $(R_2 - R_1)^2 = (R_1 + R_2)^2 - 4 R_1 R_2 = 12^2 - 4(32) = 144 - 128 = 16$।
अतः,$R_2 - R_1 = 4\,\Omega$।
समीकरणों $R_1 + R_2 = 12$ और $R_2 - R_1 = 4$ को हल करने पर,हमें $R_2 = 8\,\Omega$ और $R_1 = 4\,\Omega$ प्राप्त होता है।
चूंकि प्रतिरोध लंबाई के समानुपाती होता है $(R \propto l)$,इसलिए लंबाई का अनुपात $\frac{l_1}{l_2} = \frac{R_1}{R_2} = \frac{4}{8} = \frac{1}{2}$ है।
193
DifficultMCQ
निम्नलिखित नेटवर्क के लिए बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच प्रभावी प्रतिरोध ज्ञात कीजिए (प्रत्येक शाखा का प्रतिरोध $R$ है):
Question diagram
A
$\frac{5}{3} R$
B
$\frac{3}{5} R$
C
$R$
D
$\frac{R}{2}$

Solution

(B) $1$. परिपथ की समरूपता का विश्लेषण करें। नोड्स और उनके बीच के कनेक्शन की पहचान करके नेटवर्क को फिर से बनाया जा सकता है।
$2$. परिपथ में अतिरिक्त शाखाओं के साथ एक व्हीटस्टोन ब्रिज जैसी संरचना होती है।
$3$. प्रतिरोधों के श्रेणी और समानांतर संयोजनों को सरल बनाकर,हम नेटवर्क को छोटा कर सकते हैं।
$4$. ऊपरी हिस्सा एक ब्रिज बनाता है जहाँ केंद्रीय प्रतिरोध $A$ से जुड़ा होता है। $A$ से जुड़ी दो शाखाएँ उनके नीचे के प्रतिरोधों के साथ श्रेणी में हैं,जो समानांतर पथ बनाती हैं।
$5$. श्रेणी और समानांतर संयोजनों को सरल बनाने के बाद,बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध $R_{AB} = \frac{3}{5} R$ के रूप में प्राप्त होता है।
Solution diagram
194
DifficultMCQ
दी गई आकृति में $M$ और $N$ के बीच प्रतिरोध क्या है?
Question diagram
A
$r/2$
B
$r/3$
C
$6r$
D
$2r$

Solution

(B) परिपथ में $B$ और $C$ बिंदुओं के बीच एक डेल्टा विन्यास जुड़ा हुआ है। प्रतिरोध इस प्रकार व्यवस्थित हैं कि $B$ और $C$ के बीच एक प्रतिरोध $r$ है,और $A$ से $B$ तथा $A$ से $C$ तक की दो शाखाओं में प्रतिरोध हैं।
$1$. ऊपरी शाखाओं में स्थित दो प्रतिरोध ($A$ से $B$ और $A$ से $C$) श्रेणीक्रम में हैं,जिससे उनका तुल्य प्रतिरोध $r + r = 2r$ हो जाता है।
$2$. यह $2r$ का संयोजन,$B$ और $C$ के बीच सीधे जुड़े प्रतिरोध $r$ के साथ समांतर क्रम में है।
$3$. $M$ और $N$ (जो $B$ और $C$ से जुड़े हैं) के बीच तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ समांतर क्रम के सूत्र द्वारा प्राप्त होता है:
$1/R_{eq} = 1/(2r) + 1/r = (1 + 2) / (2r) = 3 / (2r)$.
$4$. अतः,$R_{eq} = 2r/3$.
195
DifficultMCQ
दिखाए गए चित्र में $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या है,यदि $R = 3\,\Omega$ है?
Question diagram
A
$9\,\Omega$
B
$12\,\Omega$
C
$15\,\Omega$
D
$8\,\Omega$

Solution

(D) मान लीजिए कि सभी प्रतिरोधक $R$ हैं। परिपथ में $R_1, R_2, R_3$ द्वारा निर्मित एक त्रिभुज है जो टर्मिनल $A$ और $B$ पर दो बाहरी प्रतिरोधकों $R_5$ और $R_4$ से जुड़ा है।
सबसे पहले,श्रेणीक्रम में $R_1$ और $R_2$ वाली शाखा पर विचार करें। उनका तुल्य प्रतिरोध $R_s = R_1 + R_2 = R + R = 2R$ है।
यह संयोजन $R_3$ के साथ समांतर क्रम में है। मान लीजिए कि इस भाग का तुल्य प्रतिरोध $R_{eq1}$ है।
$\frac{1}{R_{eq1}} = \frac{1}{2R} + \frac{1}{R} = \frac{1+2}{2R} = \frac{3}{2R} \implies R_{eq1} = \frac{2R}{3}$.
अब,$A$ और $B$ के बीच कुल तुल्य प्रतिरोध $R_5$,$R_{eq1}$ और $R_4$ का श्रेणीक्रम संयोजन है।
$R_{total} = R_5 + R_{eq1} + R_4 = R + \frac{2R}{3} + R = 2R + \frac{2R}{3} = \frac{8R}{3}$.
चूंकि $R = 3\,\Omega$ दिया गया है,इसलिए $R_{total} = \frac{8 \times 3}{3} = 8\,\Omega$ प्राप्त होता है।
Solution diagram
196
MediumMCQ
$A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या है?
Question diagram
A
$\frac {8R}{5}$
B
$\frac {5R}{8}$
C
$\frac {3R}{8}$
D
$\frac {7R}{8}$

Solution

(B) और $B$ बिंदुओं के बीच तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए,हम परिपथ की संरचना का विश्लेषण करते हैं।
परिपथ को देखने पर,हम देख सकते हैं कि इसमें पाँच प्रतिरोधक हैं,जिनमें से प्रत्येक का प्रतिरोध $R$ है।
परिपथ को फिर से बनाकर,हम श्रेणी और समानांतर संयोजनों की पहचान कर सकते हैं।
दो प्रतिरोधक एक-दूसरे के साथ श्रेणी में हैं,जो $2R$ प्रतिरोध की एक शाखा बनाते हैं। यह शाखा दूसरे $R$ प्रतिरोध के साथ समानांतर में है,जिसके परिणामस्वरूप $\frac{R \times 2R}{R + 2R} = \frac{2R}{3}$ का तुल्य प्रतिरोध मिलता है।
यह संयोजन दूसरे $R$ प्रतिरोध के साथ श्रेणी में है,जिससे कुल प्रतिरोध $R + \frac{2R}{3} = \frac{5R}{3}$ प्राप्त होता है।
अंत में,यह पूरा संयोजन $A$ और $B$ के बीच जुड़े शेष $R$ प्रतिरोध के साथ समानांतर में है।
कुल तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार दिया गया है: $\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R} + \frac{1}{5R/3} = \frac{1}{R} + \frac{3}{5R} = \frac{5+3}{5R} = \frac{8}{5R}$।
अतः,$R_{eq} = \frac{5R}{8}$।
Solution diagram
197
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए अनुसार $16 \,\Omega$ प्रतिरोध वाले बारह प्रतिरोधकों को परिपथ में जोड़ा गया है। $A$ और $B$ (बाहरी वर्ग के किन्हीं दो संयुग्मी बिंदुओं) के बीच कुल प्रतिरोध ............... $\Omega$ है।
Question diagram
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(D) यह परिपथ तीन संकेंद्रित वर्गों से बना है,जिनमें से प्रत्येक में चार प्रतिरोधक हैं। मान लीजिए कि प्रत्येक प्रतिरोधक का प्रतिरोध $R = 16 \,\Omega$ है।
$1$. सबसे आंतरिक वर्ग में चार प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं,लेकिन वे अगले वर्ग से जुड़े हुए हैं। समरूपता का विश्लेषण करके,हम प्रतिरोधकों को समानांतर संयोजन में समूहित करके परिपथ को सरल बना सकते हैं।
$2$. तीनों वर्गों की प्रत्येक भुजा प्रतिरोधकों से बनी है। जब हम $A$ से $B$ तक परिपथ को देखते हैं,तो हम नेटवर्क को एक समतुल्य परिपथ में सरल बना सकते हैं जहाँ प्रत्येक शाखा का प्रभावी प्रतिरोध $R/3$ है।
$3$. सरल परिपथ में व्हीटस्टोन ब्रिज जैसी संरचना या समानांतर-श्रेणी संयोजन होता है जहाँ $A$ और $B$ के बीच समतुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ दो शाखाओं के समानांतर संयोजन द्वारा दिया जाता है: एक शाखा $R/3$ प्रतिरोध के साथ और दूसरी शाखा $R/3 + R/3 + R/3 = R$ प्रतिरोध के साथ।
$4$. समतुल्य प्रतिरोध की गणना: $R_{eq} = \frac{(R/3) \times R}{(R/3) + R} = \frac{R^2/3}{4R/3} = \frac{R}{4}$.
$5$. दिया गया है कि $R = 16 \,\Omega$,इसलिए कुल प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{16}{4} = 4 \,\Omega$ है।
Solution diagram
198
MediumMCQ
निम्नलिखित परिपथ में $1\; \Omega$ के प्रतिरोध से प्रवाहित होने वाली धारा $I_{1}$ ($A$ में) है:
Question diagram
A
$0.5$
B
$0.2$
C
$0.25$
D
$0.4$

Solution

(B) ऊपरी शाखा में समानांतर में जुड़े दो $1\; \Omega$ के प्रतिरोध हैं,जो श्रेणीक्रम में $2\; \Omega$ के प्रतिरोध के साथ जुड़े हैं।
समानांतर में जुड़े दो $1\; \Omega$ प्रतिरोधों का तुल्य प्रतिरोध $R_{p} = \frac{1 \times 1}{1 + 1} = 0.5\; \Omega$ है।
ऊपरी शाखा का कुल प्रतिरोध $R_{upper} = 0.5\; \Omega + 2\; \Omega = 2.5\; \Omega$ है।
ऊपरी शाखा के सिरों पर विभवांतर $V = 1\; V$ है।
ऊपरी शाखा से प्रवाहित होने वाली कुल धारा $i = \frac{V}{R_{upper}} = \frac{1}{2.5} = 0.4\; A$ है।
यह धारा $i$ समानांतर में जुड़े दो $1\; \Omega$ प्रतिरोधों के बीच समान रूप से विभाजित हो जाती है।
अतः,$1\; \Omega$ के एक प्रतिरोध से प्रवाहित होने वाली धारा $I_{1} = \frac{i}{2} = \frac{0.4}{2} = 0.2\; A$ है।
Solution diagram
199
Medium
चित्र में दिखाए अनुसार प्रतिरोधकों का एक नेटवर्क $1\; \Omega$ के आंतरिक प्रतिरोध वाली $16\; V$ की बैटरी से जुड़ा है:
$(a)$ नेटवर्क का तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
$(b)$ प्रत्येक प्रतिरोधक में धारा ज्ञात कीजिए।
$(c)$ वोल्टेज ड्रॉप $V_{A B}, V_{B C}$ और $V_{C D}$ ज्ञात कीजिए।
Question diagram

Solution

(N/A) यह नेटवर्क प्रतिरोधकों का एक सरल श्रेणी और समांतर संयोजन है। सबसे पहले,समांतर में जुड़े दो $4\; \Omega$ प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध $= [(4 \times 4) / (4 + 4)]\; \Omega = 2\; \Omega$ है।
इसी तरह,समांतर में जुड़े $12\; \Omega$ और $6\; \Omega$ प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध $[(12 \times 6) / (12 + 6)]\; \Omega = 4\; \Omega$ है।
नेटवर्क का कुल तुल्य प्रतिरोध $R$ इन प्रतिरोधकों ($2\; \Omega$ और $4\; \Omega$) को $1\; \Omega$ के प्रतिरोधक के साथ श्रेणी में जोड़ने पर प्राप्त होता है,अर्थात $R = 2\; \Omega + 4\; \Omega + 1\; \Omega = 7\; \Omega$ है।
$(b)$ परिपथ में कुल धारा $I$:
$I = \frac{\varepsilon}{R + r} = \frac{16\; V}{(7 + 1)\; \Omega} = 2\; A$.
$A$ और $B$ के बीच के प्रतिरोधकों पर विचार करें। यदि एक $4\; \Omega$ प्रतिरोधक में धारा $I_{1}$ है और दूसरे में $I_{2}$ है,तो $I_{1} \times 4 = I_{2} \times 4$,अर्थात $I_{1} = I_{2}$,जो समरूपता से स्पष्ट है। चूंकि $I_{1} + I_{2} = I = 2\; A$,इसलिए $I_{1} = I_{2} = 1\; A$ है।
अतः,प्रत्येक $4\; \Omega$ प्रतिरोधक में धारा $1\; A$ है। $B$ और $C$ के बीच $1\; \Omega$ प्रतिरोधक में धारा $2\; A$ है।
अब,$C$ और $D$ के बीच के प्रतिरोधों पर विचार करें। यदि $12\; \Omega$ प्रतिरोधक में धारा $I_{3}$ है और $6\; \Omega$ प्रतिरोधक में धारा $I_{4}$ है,तो $I_{3} \times 12 = I_{4} \times 6$,अर्थात $I_{4} = 2 I_{3}$। चूंकि $I_{3} + I_{4} = I = 2\; A$,इसलिए $I_{3} = (2/3)\; A$ और $I_{4} = (4/3)\; A$ प्राप्त होता है।
$(c)$ $AB$ के सिरों पर वोल्टेज ड्रॉप $V_{A B} = I_{1} \times 4 = 1\; A \times 4\; \Omega = 4\; V$ है।
$BC$ के सिरों पर वोल्टेज ड्रॉप $V_{B C} = I \times 1\; \Omega = 2\; A \times 1\; \Omega = 2\; V$ है।
$CD$ के सिरों पर वोल्टेज ड्रॉप $V_{C D} = I_{3} \times 12\; \Omega = (2/3)\; A \times 12\; \Omega = 8\; V$ है।
200
Medium
$(a)$ तीन प्रतिरोधक $1 \; \Omega, 2 \; \Omega$ और $3 \; \Omega$ श्रेणीक्रम में संयोजित हैं। संयोजन का कुल प्रतिरोध क्या है?
$(b)$ यदि इस संयोजन को $12 \; V$ के $emf$ और नगण्य आंतरिक प्रतिरोध वाली बैटरी से जोड़ा जाता है,तो प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर ज्ञात कीजिए।

Solution

(A) $1 \; \Omega, 2 \; \Omega$ और $3 \; \Omega$ प्रतिरोध वाले तीन प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में जोड़ा गया है। संयोजन का कुल प्रतिरोध व्यक्तिगत प्रतिरोधों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है।
कुल प्रतिरोध $= 1 + 2 + 3 = 6 \; \Omega$
$(b)$ परिपथ में बहने वाली धारा $= I$. बैटरी का $emf, E = 12 \; V$. परिपथ का कुल प्रतिरोध,$R = 6 \; \Omega$.
ओम के नियम का उपयोग करते हुए,धारा $I = \frac{E}{R} = \frac{12}{6} = 2 \; A$.
$1 \; \Omega$ प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर $= V_1$. ओम के नियम से,$V_1 = I \times R_1 = 2 \times 1 = 2 \; V$.
$2 \; \Omega$ प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर $= V_2$. ओम के नियम से,$V_2 = I \times R_2 = 2 \times 2 = 4 \; V$.
$3 \; \Omega$ प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर $= V_3$. ओम के नियम से,$V_3 = I \times R_3 = 2 \times 3 = 6 \; V$.
अतः,$1 \; \Omega, 2 \; \Omega$ और $3 \; \Omega$ प्रतिरोधकों के सिरों पर विभवांतर क्रमशः $2 \; V, 4 \; V$ और $6 \; V$ है।

Current Electricity — Equivalent Resistance - Series and Parallel , Circuit · Frequently Asked Questions

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