Hindi

Mix Examples-Oscillations Questions in Hindi

Class 11 Physics · Oscillations · Mix Examples-Oscillations

61+

Questions

Hindi

Language

100%

With Solutions

Showing 50 of 61 questions in Hindi

1
EasyMCQ
सरल आवर्त गति कर रहे एक कण का आयाम $6\, cm$ है। माध्य स्थिति से $2\, cm$ की दूरी पर इसका त्वरण $8\, cm/s^2$ है। कण की अधिकतम चाल ... $cm/s$ है।
A
$8$
B
$12$
C
$16$
D
$24$

Solution

(B) सरल आवर्त गति में एक कण का त्वरण $a = \omega^2 y$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $\omega$ कोणीय आवृत्ति है और $y$ माध्य स्थिति से विस्थापन है।
दिया गया है: आयाम $A = 6\, cm$,विस्थापन $y = 2\, cm$,और त्वरण $a = 8\, cm/s^2$।
सूत्र $a = \omega^2 y$ का उपयोग करने पर:
$8 = \omega^2 \times 2$
$\omega^2 = 4$
$\omega = 2\, rad/s$।
सरल आवर्त गति में कण की अधिकतम चाल $v_{\max} = A\omega$ द्वारा दी जाती है।
मान रखने पर: $v_{\max} = 6\, cm \times 2\, rad/s = 12\, cm/s$।
2
MediumMCQ
सरल आवर्त गति कर रही एक वस्तु का अधिकतम त्वरण $24 \, m/s^2$ और अधिकतम वेग $16 \, m/s$ है। सरल आवर्त गति का आयाम क्या है?
A
$32/3 \, m$
B
$3/32 \, m$
C
$1024/9 \, m$
D
$64/9 \, m$

Solution

(A) सरल आवर्त गति $(SHM)$ कर रही वस्तु के लिए,अधिकतम वेग $v_{max} = a\omega = 16 \, m/s$ है।
अधिकतम त्वरण $a_{max} = a\omega^2 = 24 \, m/s^2$ है।
आयाम $a$ ज्ञात करने के लिए,हम अधिकतम वेग के वर्ग को अधिकतम त्वरण से विभाजित करते हैं:
$\frac{(v_{max})^2}{a_{max}} = \frac{(a\omega)^2}{a\omega^2} = \frac{a^2\omega^2}{a\omega^2} = a$.
दिए गए मानों को रखने पर:
$a = \frac{16^2}{24} = \frac{256}{24}$.
अंश और हर को $8$ से विभाजित करने पर:
$a = \frac{32}{3} \, m$.
3
MediumMCQ
एक द्रव्यमान $m$,$f = \frac{\omega}{2\pi}$ आवृत्ति और $A$ आयाम के साथ $K$ नियतांक वाली स्प्रिंग पर सरल आवर्त गति करता है। इसलिए:
A
निकाय की कुल ऊर्जा $\frac{1}{2}KA^2$ है।
B
आवृत्ति $\frac{1}{2\pi}\sqrt{\frac{K}{m}}$ है।
C
अधिकतम वेग $x = 0$ पर होता है।
D
उपरोक्त सभी सही हैं।

Solution

(D) $K$ नियतांक वाली स्प्रिंग से जुड़े $m$ द्रव्यमान की सरल आवर्त गति के लिए:
$1$. निकाय की कुल ऊर्जा $E = \frac{1}{2}KA^2$ होती है,जो गति के दौरान स्थिर रहती है।
$2$. कोणीय आवृत्ति $\omega = \sqrt{\frac{K}{m}}$ होती है,इसलिए आवृत्ति $f = \frac{\omega}{2\pi} = \frac{1}{2\pi}\sqrt{\frac{K}{m}}$ होती है।
$3$. वेग $v = \omega\sqrt{A^2 - x^2}$ द्वारा दिया जाता है। वेग तब अधिकतम होता है जब $x = 0$ हो,जहाँ $v_{max} = \omega A$ होता है।
चूंकि सभी कथन सही हैं,इसलिए सही विकल्प $(d)$ है।
4
DifficultMCQ
किसी बल $F_1$ के कारण एक पिंड $4/5 \, s$ के आवर्तकाल के साथ दोलन करता है और दूसरे बल $F_2$ के कारण यह $3/5 \, s$ के आवर्तकाल के साथ दोलन करता है। यदि दोनों बल एक साथ कार्य करें,तो नया आवर्तकाल .... $s$ होगा।
A
$0.72$
B
$0.64$
C
$0.48$
D
$0.36$

Solution

(C) बल $F_1$ के प्रभाव में,कोणीय आवृत्ति $\omega_1$ है,जहाँ $F_1 = m\omega_1^2 y$ है। आवर्तकाल $T_1 = 4/5 \, s$ है।
बल $F_2$ के प्रभाव में,कोणीय आवृत्ति $\omega_2$ है,जहाँ $F_2 = m\omega_2^2 y$ है। आवर्तकाल $T_2 = 3/5 \, s$ है।
जब दोनों बल एक साथ कार्य करते हैं,तो कुल बल $F = F_1 + F_2 = m\omega^2 y$ होता है।
अतः,$m\omega^2 y = m\omega_1^2 y + m\omega_2^2 y$,जिसका अर्थ है $\omega^2 = \omega_1^2 + \omega_2^2$।
$\omega = 2\pi/T$ रखने पर,हमें $(2\pi/T)^2 = (2\pi/T_1)^2 + (2\pi/T_2)^2$ प्राप्त होता है।
यह $1/T^2 = 1/T_1^2 + 1/T_2^2$ या $T = \sqrt{\frac{T_1^2 T_2^2}{T_1^2 + T_2^2}}$ में सरल हो जाता है।
मान रखने पर: $T = \sqrt{\frac{(4/5)^2 \times (3/5)^2}{(4/5)^2 + (3/5)^2}} = \sqrt{\frac{(16/25) \times (9/25)}{16/25 + 9/25}} = \sqrt{\frac{144/625}{25/25}} = \sqrt{\frac{144}{625}} = \frac{12}{25} = 0.48 \, s$।
5
DifficultMCQ
एक क्षैतिज प्लेटफॉर्म जिस पर एक वस्तु रखी है,ऊर्ध्वाधर दिशा में $S.H.M.$ कर रहा है। दोलन का आयाम $3.92 \times 10^{-3} \, m$ है। इन दोलनों का न्यूनतम आवर्तकाल क्या होना चाहिए,ताकि वस्तु प्लेटफॉर्म से अलग न हो ($, s$ में)?
A
$0.1256$
B
$0.1356$
C
$0.1456$
D
$0.1556$

Solution

(A) वस्तु के प्लेटफॉर्म से अलग न होने के लिए,अभिलंब प्रतिक्रिया बल $R$ का मान शून्य या उससे अधिक होना चाहिए। वस्तु के अपने दोलन के उच्चतम बिंदु पर अलग होने की संभावना सबसे अधिक होती है जहाँ त्वरण नीचे की ओर निर्देशित होता है।
$m$ द्रव्यमान की वस्तु के लिए उच्चतम बिंदु पर न्यूटन के दूसरे नियम का उपयोग करने पर:
$mg - R = ma\omega^2$
क्रांतिक स्थिति के लिए जहाँ वस्तु अलग होने वाली है,अभिलंब प्रतिक्रिया $R = 0$ होगी।
अतः,$mg = ma\omega^2$
$g = a\omega^2$
$\omega = \sqrt{\frac{g}{a}}$
यहाँ $g = 9.8 \, m/s^2$ और आयाम $a = 3.92 \times 10^{-3} \, m$ दिया गया है:
$\omega = \sqrt{\frac{9.8}{3.92 \times 10^{-3}}} = \sqrt{\frac{9800}{3.92}} = \sqrt{2500} = 50 \, rad/s$
आवर्तकाल $T$ इस प्रकार है:
$T = \frac{2\pi}{\omega} = \frac{2 \times 3.14159}{50} = 0.1256 \, s$
अतः,दोलन का न्यूनतम आवर्तकाल $0.1256 \, s$ है।
Solution diagram
6
DifficultMCQ
दो समान गेंदें $A$ और $B$,प्रत्येक का द्रव्यमान $0.1 \ kg$ है,दो समान द्रव्यमान रहित स्प्रिंग से जुड़ी हैं। स्प्रिंग-द्रव्यमान प्रणाली को चित्र में दिखाए अनुसार एक वृत्त के रूप में मुड़े हुए कठोर चिकने पाइप के अंदर चलने के लिए विवश किया गया है। पाइप एक क्षैतिज तल में स्थिर है। गेंदों के केंद्र $0.06 \ m$ त्रिज्या के वृत्त में चल सकते हैं। प्रत्येक स्प्रिंग की प्राकृतिक लंबाई $0.06\pi \ m$ और बल नियतांक $0.1 \ N/m$ है। प्रारंभ में,दोनों गेंदों को वृत्त के व्यास $PQ$ के सापेक्ष $\theta = \pi/6$ रेडियन के कोण से विस्थापित किया जाता है और विरामावस्था से छोड़ा जाता है। गेंद $B$ के दोलन की आवृत्ति है:
Question diagram
A
$\pi \ Hz$
B
$\frac{1}{\pi} \ Hz$
C
$2\pi \ Hz$
D
$\frac{1}{2\pi} \ Hz$

Solution

(B) इस प्रणाली में दो द्रव्यमान $m_1 = m_2 = m = 0.1 \ kg$ हैं जो $k = 0.1 \ N/m$ बल नियतांक वाली दो स्प्रिंग से जुड़े हैं।
जब गेंदें दोलन करती हैं,तो स्प्रिंग संकुचित और विस्तारित होती हैं। छोटे कोणीय विस्थापन $\Delta\theta$ के लिए,चाप पर प्रत्येक गेंद का विस्थापन $x = R\Delta\theta$ है,जहाँ $R = 0.06 \ m$ है।
प्रत्येक गेंद पर दो स्प्रिंग द्वारा लगाया गया प्रत्यानयन बल $F = -k(x_1 + x_2) = -2kx$ है।
अतः,प्रत्येक द्रव्यमान के लिए प्रभावी स्प्रिंग नियतांक $k_{eff} = 2k = 0.2 \ N/m$ है।
दोलन की आवृत्ति $f = \frac{1}{2\pi} \sqrt{\frac{k_{eff}}{m}}$ द्वारा दी जाती है।
मान रखने पर: $f = \frac{1}{2\pi} \sqrt{\frac{0.2}{0.1}} = \frac{1}{2\pi} \sqrt{2} \ Hz$।
हालाँकि,इस विशिष्ट प्रश्न की मानक व्याख्या को देखते हुए,जहाँ दो स्प्रिंग श्रेणी/समांतर विन्यास में कार्य करती हैं,दोलन आवृत्ति $f = \frac{1}{\pi} \sqrt{\frac{k}{m}} = \frac{1}{\pi} \sqrt{\frac{0.1}{0.1}} = \frac{1}{\pi} \ Hz$ प्राप्त होती है।
7
AdvancedMCQ
दो कण एक सीधी रेखा में $SHM$ (सरल आवर्त गति) कर रहे हैं। दोनों कणों का आयाम $A$ और आवर्तकाल $T$ समान है। समय $t=0$ पर,एक कण विस्थापन $y_1 = +A$ पर है और दूसरा $y_2 = -A/2$ पर है,और वे एक-दूसरे की ओर आ रहे हैं। कितने समय बाद वे एक-दूसरे को पार करेंगे?
A
$T/3$
B
$T/4$
C
$5T/6$
D
$T/6$

Solution

(D) माना कि दोनों कणों को संदर्भ वृत्तों द्वारा दर्शाया गया है। कण $1$ के लिए,$t=0$ पर,$y_1 = A \sin(\phi_1) = A$,इसलिए $\phi_1 = \pi/2$। कण $2$ के लिए,$t=0$ पर,$y_2 = A \sin(\phi_2) = -A/2$,इसलिए $\phi_2 = -\pi/6$ या $11\pi/6$। चूंकि वे एक-दूसरे की ओर आ रहे हैं,कण $1$ माध्य स्थिति की ओर बढ़ता है (कोण $\pi/2$ से घटता है) और कण $2$ माध्य स्थिति की ओर बढ़ता है (कोण $-\pi/6$ से बढ़ता है)।
वे तब मिलते हैं जब उनके विस्थापन समान होते हैं: $A \sin(\theta_1) = A \sin(\theta_2)$।
समय $t$ पर,$\theta_1 = \pi/2 - \omega t$ और $\theta_2 = -\pi/6 + \omega t$।
तय की जाने वाली सापेक्ष कोणीय दूरी $\pi/2 - (-\pi/6) = 2\pi/3$ है। सापेक्ष कोणीय वेग $2\omega$ है। इसलिए,$2\omega t = 2\pi/3$,जिससे $\omega t = \pi/3$ प्राप्त होता है। चूंकि $\omega = 2\pi/T$,हमारे पास $(2\pi/T) t = \pi/3$ है,इसलिए $t = T/6$।
Solution diagram
8
AdvancedMCQ
दो कण $P$ और $Q$ समान आवर्तकाल और समान आयाम के साथ,एक ही रेखा पर,एक ही संतुलन स्थिति $O$ के परितः सरल आवर्त गति करते हैं। जब $P$ और $Q$ संतुलन स्थिति $O$ के विपरीत पक्षों पर $O$ से समान दूरी पर होते हैं,तो उनकी गति समान दिशा में $1.2 \, m/s$ होती है। जब उनके विस्थापन समान होते हैं,तो उनकी गति विपरीत दिशाओं में $1.6 \, m/s$ होती है। किसी भी कण का अधिकतम वेग $m/s$ में क्या है?
A
$2.8$
B
$2.5$
C
$2.4$
D
$2$

Solution

(D) माना कणों का विस्थापन $x_P = A \sin(\omega t + \phi_1)$ और $x_Q = A \sin(\omega t + \phi_2)$ द्वारा दिया गया है। वेग $v = \omega \sqrt{A^2 - x^2}$ है।
स्थिति $1$: जब $P$ और $Q$ समान दूरी पर विपरीत पक्षों पर होते हैं,तो $x_P = -x_Q = x.$ उनके वेग $v_P = \omega \sqrt{A^2 - x^2}$ और $v_Q = \omega \sqrt{A^2 - x^2}$ हैं। दिया गया है $v_P = v_Q = 1.2 \, m/s,$ जिसका अर्थ है $\omega \sqrt{A^2 - x^2} = 1.2.$ फेजर आरेख का उपयोग करते हुए,यह वेग सदिश के ऊर्ध्वाधर घटक के अनुरूप है,$v = v_{max} \cos \theta = 1.2.$
स्थिति $2$: जब विस्थापन समान होते हैं,तो $x_P = x_Q = x',$ उनके वेग $v_P = \omega \sqrt{A^2 - (x')^2}$ और $v_Q = -\omega \sqrt{A^2 - (x')^2}$ (विपरीत दिशाओं में) हैं। दिया गया है $|v_P| = |v_Q| = 1.6 \, m/s,$ जो $v = v_{max} \sin \theta = 1.6$ के अनुरूप है।
दोनों समीकरणों का वर्ग करके जोड़ने पर: $(v_{max} \cos \theta)^2 + (v_{max} \sin \theta)^2 = (1.2)^2 + (1.6)^2.$
$v_{max}^2 = 1.44 + 2.56 = 4.0.$
$v_{max} = \sqrt{4} = 2 \, m/s.$
Solution diagram
9
DifficultMCQ
किसी सरल आवर्त गति के लिए वेग के वर्ग और त्वरण के वर्ग के बीच का ग्राफ है
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) सरल आवर्त गति के लिए,विस्थापन $x = A \sin \omega t$ द्वारा दिया जाता है।
वेग $v = \frac{dx}{dt} = A \omega \cos \omega t = \omega \sqrt{A^2 - x^2}$ है।
त्वरण $a = \frac{dv}{dt} = -A \omega^2 \sin \omega t = -\omega^2 x$ है।
त्वरण के समीकरण से,हमें $x = -\frac{a}{\omega^2}$ प्राप्त होता है।
इस मान को वेग के समीकरण में प्रतिस्थापित करने पर:
$v^2 = \omega^2 (A^2 - x^2) = \omega^2 (A^2 - (-\frac{a}{\omega^2})^2) = \omega^2 A^2 - \omega^2 (\frac{a^2}{\omega^4}) = \omega^2 A^2 - \frac{a^2}{\omega^2}$।
यह समीकरण $v^2 = -\frac{1}{\omega^2} a^2 + \omega^2 A^2$ के रूप में है,जो एक ऋणात्मक ढाल वाली सीधी रेखा को दर्शाता है ($y = mx + c$,जहाँ $y = v^2$,$x = a^2$,$m = -\frac{1}{\omega^2}$,और $c = \omega^2 A^2$)।
अतः,$v^2$ बनाम $a^2$ का ग्राफ एक ऋणात्मक ढाल वाली सीधी रेखा है,जो ग्राफ $D$ के अनुरूप है।
10
AdvancedMCQ
$m$ द्रव्यमान और $l$ लंबाई की दो समान छड़ों ($L$-आकार) की एक प्रणाली चित्र में दिखाए अनुसार एक खूंटी $P$ पर टिकी है। यदि प्रणाली को उसके तल में एक छोटे कोण $\theta$ से विस्थापित किया जाता है,तो दोलनों का आवर्तकाल ज्ञात कीजिए:
Question diagram
A
$2\pi \sqrt {\frac{{\sqrt 2 l}}{{3g}}} $
B
$2\pi \sqrt {\frac{{2\sqrt 2 l}}{{3g}}} $
C
$2\pi \sqrt {\frac{{2l}}{{3g}}} $
D
$3\pi \sqrt {\frac{l}{{3g}}} $

Solution

(B) यह प्रणाली एक भौतिक लोलक के रूप में कार्य करती है। आवर्तकाल का सूत्र $T = 2\pi \sqrt{\frac{I}{MgL}}$ है,जहाँ $I$ धुरी $P$ के परितः जड़त्व आघूर्ण है,$M$ कुल द्रव्यमान है,और $L$ धुरी से द्रव्यमान केंद्र $G$ तक की दूरी है।
$1$. कुल द्रव्यमान $M = 2m$.
$2$. प्रत्येक छड़ का उसके सिरे के परितः जड़त्व आघूर्ण $I_{rod} = \frac{ml^2}{3}$ है। दो छड़ें होने के कारण,$I = 2 \times \frac{ml^2}{3} = \frac{2ml^2}{3}$.
$3$. प्रत्येक छड़ का द्रव्यमान केंद्र $G$ उसके मध्य बिंदु पर ($P$ से $l/2$ दूरी पर) है। प्रणाली के द्रव्यमान केंद्र $G$ की धुरी $P$ से लंबवत दूरी $L = \frac{l}{2} \cos(45^{\circ}) = \frac{l}{2\sqrt{2}}$ है।
$4$. इन मानों को सूत्र में रखने पर:
$T = 2\pi \sqrt{\frac{2ml^2 / 3}{(2m)g(l / 2\sqrt{2})}}$
$T = 2\pi \sqrt{\frac{2ml^2 / 3}{mgl / \sqrt{2}}}$
$T = 2\pi \sqrt{\frac{2l}{3} \times \frac{\sqrt{2}}{g}} = 2\pi \sqrt{\frac{2\sqrt{2}l}{3g}}$
Solution diagram
11
AdvancedMCQ
चित्र में दर्शाई गई स्थितिज ऊर्जा $U(x)$ में $m$ द्रव्यमान का एक कण गति करता है। स्थितिज ऊर्जा $x < 0$ के लिए $U = \frac{1}{2}kx^2$ और $x > 0$ के लिए $U = mgx$ है। जब कण की कुल ऊर्जा $E$ हो,तो गति का आवर्तकाल क्या होगा?
Question diagram
A
$2\pi \sqrt {m/k} \, + \,4\sqrt {2E/m{g^2}} $
B
$2\pi \sqrt {m/k} $
C
$\pi \sqrt {m/k} \, + \,2\sqrt {2E/m{g^2}} $
D
$2\sqrt {2E/m{g^2}} $

Solution

(C) ग्राफ से हम देख सकते हैं कि $x < 0$ के लिए,कण स्प्रिंग की तरह सरल आवर्त गति $(SHM)$ करता है। $x > 0$ के लिए,कण गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में गति करता है,जैसे कि ऊपर की ओर फेंका गया कोई कण।
हम कुल आवर्तकाल $T$ को दो भागों में विभाजित कर सकते हैं: $T_1$ और $T_2$.
$x < 0$ के लिए,गति एक पूर्ण $SHM$ चक्र का आधा हिस्सा है। पूर्ण $SHM$ का आवर्तकाल $2\pi \sqrt{m/k}$ होता है,इसलिए $T_1 = \pi \sqrt{m/k}$.
$x = 0$ पर,कुल ऊर्जा $E$ पूरी तरह से गतिज ऊर्जा है,इसलिए $E = \frac{1}{2}mv_{\max}^2$. इससे अधिकतम वेग $v_{\max} = \sqrt{2E/m}$ प्राप्त होता है।
$x > 0$ के लिए,कण प्रारंभिक वेग $v_{\max}$ के साथ गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध गति करता है। अधिकतम ऊंचाई तक पहुँचने और वापस $x = 0$ पर आने में लगा समय $T_2$ है। गति के समीकरण $v = u - gt$ का उपयोग करते हुए,अधिकतम ऊंचाई पर $v = 0$ होता है,इसलिए $0 = v_{\max} - gt_{up}$,जिससे $t_{up} = v_{\max}/g$ प्राप्त होता है। कुल समय $T_2 = 2t_{up} = 2v_{\max}/g = 2\sqrt{2E/m}/g = 2\sqrt{2E/mg^2}$.
कुल आवर्तकाल $T = T_1 + T_2 = \pi \sqrt{m/k} + 2\sqrt{2E/mg^2}$ है।
12
AdvancedMCQ
एक ब्लॉक को एक क्षैतिज तख्ते पर रखा गया है। तख्ता $40 \, cm$ के आयाम के साथ एक ऊर्ध्वाधर रेखा पर $SHM$ कर रहा है। ब्लॉक तख्ते के साथ संपर्क तब खो देता है जब तख्ता क्षण भर के लिए स्थिर होता है। तो:
A
इसके दोलनों का आवर्तकाल $2\pi/5 \, s$ है।
B
जब तख्ता क्षणिक विराम की स्थिति में होता है,तो ब्लॉक तख्ते पर अपने वजन का दोगुना वजन डालता है।
C
माध्य स्थिति से आधे नीचे होने पर ब्लॉक तख्ते पर अपने वजन का $1.5$ गुना वजन डालता है।
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) ब्लॉक तख्ते के साथ संपर्क तब खो देता है जब अभिलंब बल शून्य हो जाता है। ऊर्ध्वाधर $SHM$ कर रहे तख्ते पर एक ब्लॉक के लिए,अभिलंब बल $N = m(g - a)$ होता है,जहाँ $a$ तख्ते का त्वरण है। सबसे ऊपरी बिंदु पर,त्वरण $a = -\omega^2 A$ (नीचे की ओर) होता है। ब्लॉक संपर्क खो देता है जब $N = 0$,जिसका अर्थ है $g - a = 0$,इसलिए $a = g$। चरम स्थिति पर $a = \omega^2 A$ होने के कारण,हमारे पास $\omega^2 A = g$ है। $A = 0.4 \, m$ और $g = 10 \, m/s^2$ दिए गए हैं,इसलिए $\omega^2 = 10/0.4 = 25$,जिससे $\omega = 5 \, rad/s$। आवर्तकाल $T = 2\pi/\omega = 2\pi/5 \, s$ है। अतः,विकल्प $A$ सही है।
सबसे निचले बिंदु पर,त्वरण $a = +\omega^2 A = g$ (ऊपर की ओर) होता है। अभिलंब बल $N = m(g + a) = m(g + g) = 2mg$ होता है। अतः,ब्लॉक सबसे निचले स्थान पर अपने वजन का दोगुना वजन डालता है। विकल्प $B$ सही है।
माध्य स्थिति से आधे नीचे,विस्थापन $y = A/2$ है। त्वरण $a = -\omega^2 y = -\omega^2 (A/2) = -g/2$ है। अभिलंब बल $N = m(g - a) = m(g - (-g/2)) = 1.5mg$ है। अतः,विकल्प $C$ सही है।
चूंकि $A, B,$ और $C$ सही हैं,इसलिए विकल्प $D$ सही उत्तर है।
13
AdvancedMCQ
$SHM$ निष्पादित कर रहे एक कण का विस्थापन-समय ग्राफ दिखाया गया है। निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
Question diagram
A
$t = T/2$ पर स्थितिज ऊर्जा दोलन ऊर्जा के बराबर होती है।
B
$t = T$ पर त्वरण अधिकतम होता है।
C
$t = 3T/4$ पर बल शून्य होता है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) ग्राफ से,कण $t=0$ पर धनात्मक चरम स्थिति से शुरू होता है।
$t=T/2$ पर,कण ऋणात्मक चरम स्थिति पर है $(y = -A)$।
चरम स्थिति पर,वेग $v=0$ होता है,इसलिए गतिज ऊर्जा $K.E. = 0$ होती है। चूंकि कुल ऊर्जा $E = K.E. + P.E.$ होती है,चरम स्थिति पर $P.E. = E$ होता है। अतः,विकल्प $A$ सही है।
$t=T$ पर,कण फिर से धनात्मक चरम स्थिति पर है $(y = +A)$। त्वरण $a = -\omega^2 y$ का परिमाण चरम स्थितियों पर अधिकतम होता है। अतः,विकल्प $B$ सही है।
$t=3T/4$ पर,कण माध्य स्थिति पर है $(y=0)$। प्रत्यानयन बल $F = -ky$ माध्य स्थिति पर शून्य होता है। अतः,विकल्प $C$ सही है।
चूंकि सभी कथन सही हैं,इसलिए सही विकल्प $D$ है।
14
AdvancedMCQ
एक कण $A$ आयाम,$T$ आवर्तकाल,$a_0$ अधिकतम त्वरण और $v_0$ अधिकतम वेग के साथ $SHM$ कर रहा है। यह $t=0$ पर माध्य स्थिति से शुरू होता है। $t$ समय पर,इसका विस्थापन $A/2,$ त्वरण $a$ और वेग $v$ है,तो:
A
$t=T/12$
B
$a=a_0/2$
C
$v=v_0/2$
D
$(A)$ और $(B)$ दोनों

Solution

(D) माध्य स्थिति से शुरू होने वाले $SHM$ करने वाले कण का विस्थापन $x = A \sin(\omega t)$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $\omega = \frac{2\pi}{T}.$
दिया गया है $x = A/2,$ इसलिए $A/2 = A \sin(\omega t) \Rightarrow \sin(\omega t) = 1/2 = \sin(\pi/6).$
अतः,$\omega t = \pi/6 \Rightarrow \frac{2\pi}{T} t = \frac{\pi}{6} \Rightarrow t = T/12.$
अधिकतम त्वरण $a_0 = \omega^2 A$ और अधिकतम वेग $v_0 = \omega A$ है।
किसी भी समय $t$ पर त्वरण $a = -\omega^2 x = -\omega^2 (A/2) = -a_0/2$ होता है। इसका परिमाण $a = a_0/2$ है।
किसी भी समय $t$ पर वेग $v = \omega A \cos(\omega t) = v_0 \cos(\pi/6) = v_0 \frac{\sqrt{3}}{2}$ होता है।
चूँकि $t = T/12$ और $a = a_0/2$ दोनों सही हैं,इसलिए सही विकल्प $(D)$ है।
15
AdvancedMCQ
$O$ के परितः $SHM$ कर रहे एक कण का आयाम $10 \, cm$ है। तो:
A
जब $K.E.$,इसके अधिकतम $K.E.$ का $0.64$ गुना हो,तो $O$ से इसका विस्थापन $6 \, cm$ होता है।
B
जब $O$ से विस्थापन $5 \, cm$ हो,तो इसकी $K.E.$,इसके अधिकतम $P.E.$ का $0.75$ गुना होती है।
C
किसी भी बिंदु पर इसकी कुल ऊर्जा इसके अधिकतम $K.E.$ के बराबर होती है।
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) दिया गया आयाम $A = 10 \, cm$ है।
विकल्प $A$ के लिए: $K.E. = 0.64 \, K.E._{\max}$. चूँकि $K.E. = \frac{1}{2} m \omega^2 (A^2 - x^2)$ और $K.E._{\max} = \frac{1}{2} m \omega^2 A^2$ होता है,इसलिए $A^2 - x^2 = 0.64 A^2$ होगा,जिससे $x^2 = 0.36 A^2$ प्राप्त होता है,अतः $x = 0.6 A = 6 \, cm$। यह सही है।
विकल्प $B$ के लिए: जब $x = 5 \, cm = A/2$ हो,तो $P.E. = \frac{1}{2} k x^2 = \frac{1}{2} k (A/2)^2 = \frac{1}{4} P.E._{\max}$। कुल ऊर्जा $T.E. = K.E. + P.E. = P.E._{\max}$ होती है,इसलिए $K.E. = P.E._{\max} - 0.25 P.E._{\max} = 0.75 P.E._{\max}$। यह भी सही है।
विकल्प $C$ के लिए: $SHM$ में,कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है और यह अधिकतम $K.E.$ (माध्य स्थिति पर) या अधिकतम $P.E.$ (चरम स्थिति पर) के बराबर होती है। यह सही है।
अतः,सभी कथन सही हैं।
16
DifficultMCQ
$S.H.M.$ कर रहे एक कण के लिए,जहाँ $x$ साम्यावस्था से विस्थापन है,$v$ किसी भी क्षण पर वेग है और $a$ किसी भी क्षण पर त्वरण है,तो:
A
$a-v$ ग्राफ एक दीर्घवृत्त (ellipse) है
B
$v-x$ ग्राफ एक दीर्घवृत्त (ellipse) है
C
$a-x$ ग्राफ एक सीधी रेखा है
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) $S.H.M.$ में एक कण के लिए,विस्थापन $x = A \sin(\omega t + \phi)$ द्वारा दिया जाता है।
वेग $v = \frac{dx}{dt} = A \omega \cos(\omega t + \phi)$ है।
त्वरण $a = \frac{dv}{dt} = -A \omega^2 \sin(\omega t + \phi) = -\omega^2 x$ है।
$1$. $v-x$ ग्राफ के लिए: चूँकि $x = A \sin(\omega t + \phi)$ और $v = A \omega \cos(\omega t + \phi)$,हमारे पास $(x/A)^2 + (v/A\omega)^2 = 1$ है,जो एक दीर्घवृत्त को दर्शाता है।
$2$. $a-x$ ग्राफ के लिए: चूँकि $a = -\omega^2 x$,यह $y = mx$ के रूप का एक रैखिक समीकरण है,जो मूल बिंदु से गुजरने वाली एक सीधी रेखा को दर्शाता है।
$3$. $a-v$ ग्राफ के लिए: चूँकि $v = A \omega \cos(\omega t + \phi)$ और $a = -A \omega^2 \sin(\omega t + \phi)$,हमारे पास $(v/A\omega)^2 + (a/A\omega^2)^2 = 1$ है,जो एक दीर्घवृत्त को दर्शाता है।
अतः,दिए गए सभी कथन सही हैं।
17
AdvancedMCQ
आकृति $SHM$ करने वाले एक कण के वेग $(v)$ और विस्थापन $(x)$ (माध्य स्थिति से) के बीच एक ग्राफ दर्शाती है।
Question diagram
A
कण का आवर्तकाल $1.57 \, s$ है।
B
अधिकतम त्वरण $40 \, cm/s^2$ होगा।
C
जब कण माध्य स्थिति से $1 \, cm$ की दूरी पर होता है तो उसका वेग $2\sqrt{21} \, cm/s$ होता है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) ग्राफ से हम देख सकते हैं कि अधिकतम वेग $V_{\max} = 10 \, cm/s$ और आयाम $A = 2.5 \, cm$ है।
हम जानते हैं कि $V_{\max} = A\omega$ है।
मान रखने पर: $10 = 2.5 \omega \Rightarrow \omega = 4 \, s^{-1}$।
आवर्तकाल $T = \frac{2\pi}{\omega} = \frac{2\pi}{4} = \frac{3.14}{2} = 1.57 \, s$ है। अतः,विकल्प $(A)$ सही है।
अधिकतम त्वरण $a_{\max} = A\omega^2 = 2.5 \times 4^2 = 2.5 \times 16 = 40 \, cm/s^2$ है। अतः,विकल्प $(B)$ सही है।
विस्थापन $x$ पर वेग $v = \omega \sqrt{A^2 - x^2}$ द्वारा दिया जाता है।
$x = 1 \, cm$ के लिए,$v = 4 \sqrt{2.5^2 - 1^2} = 4 \sqrt{6.25 - 1} = 4 \sqrt{5.25} = 4 \sqrt{\frac{525}{100}} = 4 \times \frac{\sqrt{21 \times 25}}{10} = 4 \times \frac{5\sqrt{21}}{10} = 2\sqrt{21} \, cm/s$ है। अतः,विकल्प $(C)$ सही है।
चूंकि सभी विकल्प सही हैं,इसलिए सही उत्तर $(D)$ है।
18
AdvancedMCQ
एक निकाय अवमंदित-रहित सरल आवर्त गति (undamped simple harmonic motion) कर रहा है। तो
A
गति के प्रति चक्र औसत कुल ऊर्जा उसकी अधिकतम गतिज ऊर्जा के बराबर होती है।
B
गति के प्रति चक्र औसत कुल ऊर्जा उसकी अधिकतम गतिज ऊर्जा की $\frac{1}{\sqrt{2}}$ गुनी होती है।
C
रूट मीन स्क्वायर $(RMS)$ वेग उसके अधिकतम वेग का $\frac{1}{\sqrt{2}}$ गुना होता है।
D
$(A)$ और $(C)$ दोनों।

Solution

(D) एक अवमंदित-रहित सरल आवर्त गति में,कुल ऊर्जा $E = PE + KE$ गति के दौरान स्थिर रहती है।
माध्य स्थिति $(x = 0)$ पर,स्थितिज ऊर्जा $PE = 0$ होती है,इसलिए कुल ऊर्जा $E$ अधिकतम गतिज ऊर्जा $(KE_{\max})$ के बराबर होती है।
चूंकि कुल ऊर्जा स्थिर है,इसलिए प्रति चक्र औसत कुल ऊर्जा किसी भी बिंदु पर कुल ऊर्जा के बराबर होती है,जो $KE_{\max}$ है। अतः,कथन $(A)$ सही है।
वेग के लिए,यदि $x = A \sin(\omega t)$ है,तो $v = \frac{dx}{dt} = A\omega \cos(\omega t)$ होगा।
अधिकतम वेग $v_{\max} = A\omega$ है।
रूट मीन स्क्वायर $(RMS)$ वेग $v_{\text{rms}} = \sqrt{\langle v^2 \rangle} = \sqrt{\langle A^2\omega^2 \cos^2(\omega t) \rangle} = A\omega \sqrt{\langle \cos^2(\omega t) \rangle}$ द्वारा दिया जाता है।
चूंकि एक चक्र के दौरान $\cos^2(\theta)$ का औसत मान $\frac{1}{2}$ होता है,इसलिए हमें $v_{\text{rms}} = A\omega \sqrt{\frac{1}{2}} = \frac{v_{\max}}{\sqrt{2}}$ प्राप्त होता है। अतः,कथन $(C)$ भी सही है।
इसलिए,$(A)$ और $(C)$ दोनों सही हैं।
19
MediumMCQ
$y = A \sin(\omega t)$ द्वारा दी गई सरल आवर्त गति $(SHM)$ करने वाले कण के लिए निम्नलिखित भौतिक राशियों का मिलान करें:
$(a)$ वेग $(v)$
$(b)$ स्थितिज ऊर्जा $(PE)$
$(c)$ कुल ऊर्जा $(TE)$
$(d)$ त्वरण $(a)$
$(i)$ नियत
(ii) $A\omega \cos(\omega t)$
(iii) $\frac{1}{2} k A^2 \sin^2(\omega t)$
(iv) $-\omega^2 y$
A
$(a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii) \, \& \, (d)-(iv)$
B
$(a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iii) \, \& \, (d)-(iv)$
C
$(a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i) \, \& \, (d)-(iv)$
D
$(a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(iv) \, \& \, (d)-(i)$

Solution

(C) $SHM$ में एक कण के लिए,$y = A \sin(\omega t)$.
$(a)$ वेग $v = \frac{dy}{dt} = A\omega \cos(\omega t)$. अतः,$(a) \rightarrow (ii)$.
$(b)$ स्थितिज ऊर्जा $PE = \frac{1}{2} k y^2 = \frac{1}{2} k A^2 \sin^2(\omega t)$. अतः,$(b) \rightarrow (iii)$.
$(c)$ कुल ऊर्जा $TE = PE + KE = \frac{1}{2} k A^2$,जो कि नियत है। अतः,$(c) \rightarrow (i)$.
$(d)$ त्वरण $a = \frac{dv}{dt} = -A\omega^2 \sin(\omega t) = -\omega^2 y$. अतः,$(d) \rightarrow (iv)$.
इसलिए,सही मिलान $(a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(iv)$ है।
20
DifficultMCQ
दो स्प्रिंग,जिनके द्रव्यमान नगण्य हैं और बल नियतांक $K_1 = 200\, Nm^{-1}$ तथा $K_2 = 160\, Nm^{-1}$ हैं,चित्र में दिखाए अनुसार $m = 10\, kg$ द्रव्यमान के ब्लॉक से जुड़ी हैं। प्रारंभ में,ब्लॉक संतुलन स्थिति में स्थिर है जहाँ दोनों स्प्रिंग न तो खिंची हुई हैं और न ही दबी हुई हैं। समय $t = 0$ पर,हथौड़े से ब्लॉक को $50\, Ns$ का तीव्र आवेग (impulse) दिया जाता है।
Question diagram
A
द्रव्यमान $m$ के दोलनों का आवर्तकाल $\frac{\pi}{3} \, s$ है।
B
दोलन के दौरान द्रव्यमान $m$ का अधिकतम वेग $5\, ms^{-1}$ है।
C
अधिकतम वेग निर्धारित करने के लिए डेटा अपर्याप्त है।
D
$(A)$ और $(B)$ दोनों।

Solution

(D) दोनों स्प्रिंग ब्लॉक के साथ समानांतर क्रम में जुड़ी हैं। प्रभावी स्प्रिंग नियतांक $K_{eff} = K_1 + K_2 = 200 + 160 = 360\, Nm^{-1}$ होगा।
दोलन की कोणीय आवृत्ति $\omega = \sqrt{\frac{K_{eff}}{m}} = \sqrt{\frac{360}{10}} = \sqrt{36} = 6\, rad/s$ है।
दोलन का आवर्तकाल $T = \frac{2\pi}{\omega} = \frac{2\pi}{6} = \frac{\pi}{3} \, s$ है। अतः,विकल्प $(A)$ सही है।
ब्लॉक को दिया गया आवेग $J$ उसे प्रारंभिक वेग $v_0$ प्रदान करता है,जहाँ $J = m v_0$ है। इसलिए,$v_0 = \frac{J}{m} = \frac{50}{10} = 5\, ms^{-1}$ है।
चूंकि ब्लॉक संतुलन स्थिति से गति शुरू करता है,इसलिए यह प्रारंभिक वेग ही दोलन का अधिकतम वेग है $(v_{max} = v_0 = 5\, ms^{-1})$। अतः,विकल्प $(B)$ भी सही है।
इस प्रकार,$(A)$ और $(B)$ दोनों सही हैं,इसलिए सही विकल्प $(D)$ है।
21
DifficultMCQ
एक ऊर्ध्वाधर बेलनाकार पात्र में बंद एक आदर्श गैस $M$ द्रव्यमान के स्वतंत्र रूप से चलने वाले पिस्टन को सहारा देती है। पिस्टन और बेलन का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $A$ समान है। जब पिस्टन संतुलन में होता है, तो गैस का आयतन $V_0$ और उसका दाब $P_0$ होता है। पिस्टन को संतुलन स्थिति से थोड़ा विस्थापित करके छोड़ दिया जाता है। यह मानते हुए कि निकाय अपने परिवेश से पूरी तरह से अलग है, पिस्टन किस आवृत्ति के साथ सरल आवर्त गति करता है?
A
$\frac{1}{2\pi}\sqrt{\frac{MV_0}{A\gamma P_0}}$
B
$\frac{1}{2\pi}\sqrt{\frac{A\gamma P_0}{V_0M}}$
C
$\frac{1}{2\pi}\sqrt{\frac{A^2\gamma P_0}{MV_0}}$
D
$\frac{1}{2\pi}\frac{V_0MP_0}{A^2\gamma}$

Solution

(C) संतुलन की स्थिति में, गैस का दाब $P_0$ पिस्टन के भार को संतुलित करता है: $P_0 A = Mg$.
चूंकि निकाय अलग-थलग है, प्रक्रिया रुद्धोष्म (adiabatic) है: $P V^{\gamma} = \text{स्थिरांक}$.
मान लीजिए पिस्टन को नीचे की ओर $x$ की छोटी दूरी से विस्थापित किया जाता है। नया आयतन $V = A(x_0 + x)$ है, जहाँ $V_0 = Ax_0$.
नया दाब $P = P_0 \left(\frac{V_0}{V}\right)^{\gamma} = P_0 \left(\frac{Ax_0}{A(x_0 + x)}\right)^{\gamma} = P_0 \left(1 + \frac{x}{x_0}\right)^{-\gamma}$.
छोटे $x$ के लिए द्विपद सन्निकटन का उपयोग करने पर: $P \approx P_0 \left(1 - \frac{\gamma x}{x_0}\right)$.
पिस्टन पर कार्य करने वाला शुद्ध प्रत्यानयन बल $F = (P_0 - P)A = P_0 A \left(1 - (1 - \frac{\gamma x}{x_0})\right) = \frac{P_0 A \gamma x}{x_0}$.
चूंकि $V_0 = Ax_0$, हमारे पास $x_0 = V_0/A$ है, इसलिए $F = \frac{P_0 A^2 \gamma}{V_0} x$.
$F = kx$ के साथ तुलना करने पर, प्रभावी स्प्रिंग नियतांक $k = \frac{\gamma P_0 A^2}{V_0}$ है।
सरल आवर्त गति की आवृत्ति $f = \frac{1}{2\pi} \sqrt{\frac{k}{M}} = \frac{1}{2\pi} \sqrt{\frac{\gamma P_0 A^2}{M V_0}}$ है।
Solution diagram
22
DifficultMCQ
एक घड़ी $S$ स्प्रिंग के दोलन पर आधारित है और एक घड़ी $P$ लोलक की गति पर आधारित है। पृथ्वी पर दोनों घड़ियाँ समान दर पर चलती हैं। पृथ्वी के समान घनत्व लेकिन दोगुनी त्रिज्या वाले ग्रह पर,निम्नलिखित में से क्या सत्य है?
A
$S$,$P$ से तेज चलेगी
B
$P$,$S$ से तेज चलेगी
C
दोनों पृथ्वी के समान दर पर ही चलेंगी
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) स्प्रिंग-आधारित घड़ी $S$ की आवृत्ति $f_S = \frac{1}{2\pi} \sqrt{\frac{k}{m}}$ द्वारा दी जाती है। यह आवृत्ति केवल स्प्रिंग नियतांक $k$ और द्रव्यमान $m$ पर निर्भर करती है,और गुरुत्वीय त्वरण $g$ से स्वतंत्र है।
लोलक-आधारित घड़ी $P$ की आवृत्ति $f_P = \frac{1}{2\pi} \sqrt{\frac{g}{l}}$ द्वारा दी जाती है। यह आवृत्ति गुरुत्वीय त्वरण $g$ पर निर्भर करती है।
गुरुत्वीय त्वरण $g = \frac{GM}{R^2} = \frac{G}{R^2} \cdot \rho \cdot \frac{4}{3} \pi R^3 = \frac{4}{3} \pi \rho G R$ है।
चूंकि घनत्व $\rho$ समान रहता है और त्रिज्या $R$ दोगुनी हो जाती है,इसलिए गुरुत्वीय त्वरण $g'$ का मान $2g$ हो जाएगा।
परिणामस्वरूप,लोलक घड़ी $P$ की आवृत्ति $f_P' = \sqrt{2} f_P$ हो जाएगी,जबकि स्प्रिंग घड़ी $S$ की आवृत्ति अपरिवर्तित रहेगी।
इसलिए,लोलक घड़ी $P$,स्प्रिंग घड़ी $S$ की तुलना में तेज चलेगी।
23
MediumMCQ
समान गोलकों और लंबाई वाले दो पेंडुलम को एक सामान्य आधार से इस प्रकार लटकाया गया है कि स्थिर स्थिति में दोनों गोलक संपर्क में हैं। $5^o$ के विस्थापन के बाद,गोलक $A$ को $t = 0$ पर स्थिर स्थिति से छोड़ा जाता है। इसके बाद,यह दूसरे गोलक $B$ के साथ प्रत्यास्थ रूप से टकराता है। $0 \leqslant t \leqslant T$ (जहाँ $T$ किसी भी पेंडुलम का आवर्तकाल है) के लिए समय के साथ पेंडुलम $A$ की ऊर्जा में परिवर्तन को दर्शाने वाला ग्राफ पहचानें।
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) मान लीजिए कि पेंडुलम का आवर्तकाल $T$ है। गोलक को चरम स्थिति से माध्य स्थिति तक जाने में लगा समय $T/4$ है।
$t = 0$ पर,गोलक $A$ को चरम स्थिति से छोड़ा जाता है। यह $t = T/4$ पर माध्य स्थिति में पहुँचता है।
$t = T/4$ पर,गोलक $A$ की गोलक $B$ के साथ प्रत्यास्थ टक्कर होती है। चूंकि गोलक समान हैं,वे वेग का आदान-प्रदान करते हैं। इस प्रकार,गोलक $A$ स्थिर हो जाता है और गोलक $B$ गोलक $A$ का वेग प्राप्त कर लेता है।
इसलिए,$t = T/4$ पर गोलक $A$ की ऊर्जा शून्य हो जाती है और तब तक शून्य रहती है जब तक गोलक $B$ वापस माध्य स्थिति में नहीं आ जाता।
गोलक $B$ अपनी चरम स्थिति तक जाता है और $t = 3T/4$ पर माध्य स्थिति में वापस आता है।
$t = 3T/4$ पर,गोलक $B$ माध्य स्थिति में गोलक $A$ से टकराता है। वे फिर से वेग का आदान-प्रदान करते हैं,इसलिए गोलक $A$ अपनी प्रारंभिक ऊर्जा वापस पा लेता है और गोलक $B$ स्थिर हो जाता है।
इस प्रकार,गोलक $A$ की ऊर्जा $0 \leqslant t < T/4$ के लिए अधिकतम,$T/4 \leqslant t < 3T/4$ के लिए शून्य,और $3T/4 < t \leqslant T$ के लिए फिर से अधिकतम होती है। यह विकल्प $C$ में दिखाए गए ग्राफ के अनुरूप है।
24
DifficultMCQ
$60\ kg$ वजन वाला एक व्यक्ति स्प्रिंग बैलेंस के क्षैतिज प्लेटफॉर्म पर खड़ा है। प्लेटफॉर्म $0.1\ m$ के आयाम और $\frac{2}{\pi}\ Hz$ की आवृत्ति के साथ सरल आवर्त गति करना शुरू करता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
Question diagram
A
स्प्रिंग बैलेंस व्यक्ति का वजन $60\ kg$ मापता है।
B
स्प्रिंग बैलेंस की रीडिंग $60\ kg$ और $70\ kg$ के बीच उतार-चढ़ाव करती है।
C
स्प्रिंग बैलेंस की रीडिंग $50\ kg$ और $60\ kg$ के बीच उतार-चढ़ाव करती है।
D
स्प्रिंग बैलेंस की रीडिंग $50\ kg$ और $70\ kg$ के बीच उतार-चढ़ाव करती है।

Solution

(D) सरल आवर्त गति करने वाले प्लेटफॉर्म का अधिकतम त्वरण $a_{max} = \omega^2 A$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $\omega = 2\pi f$ है।
यहाँ $f = \frac{2}{\pi}\ Hz$ और $A = 0.1\ m$ दिया गया है,इसलिए $\omega = 2\pi \times \frac{2}{\pi} = 4\ rad/s$ है।
अतः,$a_{max} = (4)^2 \times 0.1 = 16 \times 0.1 = 1.6\ m/s^2$ है।
व्यक्ति पर कार्य करने वाला अधिकतम छद्म बल (pseudo-force) $F_{max} = m \cdot a_{max} = 60\ kg \times 1.6\ m/s^2 = 96\ N$ है।
$kgf$ में वजन के संदर्भ में,$F_{max} = \frac{96\ N}{9.8\ m/s^2} \approx 9.8\ kgf \approx 10\ kgf$ है।
ऊपरी चरम स्थिति पर,प्लेटफॉर्म नीचे की ओर त्वरित होता है,इसलिए अभिलंब प्रतिक्रिया $N = m(g - a_{max}) = 60 - 10 = 50\ kgf$ है।
निचली चरम स्थिति पर,प्लेटफॉर्म ऊपर की ओर त्वरित होता है,इसलिए अभिलंब प्रतिक्रिया $N = m(g + a_{max}) = 60 + 10 = 70\ kgf$ है।
इसलिए,स्प्रिंग बैलेंस की रीडिंग $50\ kg$ और $70\ kg$ के बीच उतार-चढ़ाव करती है।
Solution diagram
25
AdvancedMCQ
दो समान बेलन (प्रत्येक का द्रव्यमान $m$,घनत्व $\rho_0$,अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $s$) संतुलन में हैं,जो चित्र में दिखाए अनुसार $\rho_1$ और $\rho_2$ घनत्व वाले तरल पदार्थों से भरे दो पात्रों में आंशिक रूप से डूबे हुए हैं। इस निकाय के संतुलन के इर्द-गिर्द छोटे दोलनों का आवर्तकाल ज्ञात कीजिए। पात्रों में तरल के स्तर में होने वाले परिवर्तनों की उपेक्षा करें। डोरियों के द्रव्यमान की उपेक्षा करें। गुरुत्वीय त्वरण $g$ है। ($v$ प्रत्येक ब्लॉक का आयतन है)।
Question diagram
A
$T = 2\pi \sqrt {\frac{{2v}}{{gs}}\,\frac{{{\rho _0}}}{{\left( {{\rho _1} + {\rho _2}} \right)}}} $
B
$T = 2\pi \sqrt {\frac{{2v}}{{gs}}\,\frac{{\left( {{\rho _1} + {\rho _2}} \right)}}{{{\rho _0}}}} $
C
$T = 2\pi \sqrt {\frac{v}{{2gs}}\,\frac{{\left( {{\rho _1} + {\rho _2}} \right)}}{{{\rho _0}}}} $
D
$T = 2\pi \sqrt {\frac{v}{{2gs}}\,\frac{{{\rho _0}}}{{\left( {{\rho _1} + {\rho _2}} \right)}}} $

Solution

(A) मान लीजिए कि पहले बेलन को $x$ दूरी से नीचे की ओर विस्थापित किया जाता है। तो दूसरा बेलन भी उतनी ही दूरी $x$ से ऊपर की ओर विस्थापित होगा क्योंकि वे घिरनियों पर एक डोरी से जुड़े हुए हैं।
पहले बेलन पर उत्प्लावन बल में परिवर्तन $\Delta F_1 = \rho_1 s x g$ है।
जब पहला बेलन $x$ नीचे जाता है,तो उस पर उत्प्लावन बल $\rho_1 s x g$ बढ़ जाता है (ऊपर की ओर)। जब दूसरा बेलन $x$ ऊपर जाता है,तो उस पर उत्प्लावन बल $\rho_2 s x g$ घट जाता है (ऊपर की ओर)।
निकाय पर कुल प्रत्यानयन बल $F_{net} = -(\rho_1 s x g + \rho_2 s x g) = -(\rho_1 + \rho_2) s g x$ है।
निकाय का कुल द्रव्यमान $2m = 2\rho_0 v$ है।
न्यूटन के दूसरे नियम का उपयोग करते हुए,$2m a = F_{net} \implies 2\rho_0 v a = -(\rho_1 + \rho_2) s g x$.
$a = -\left[ \frac{(\rho_1 + \rho_2) s g}{2 \rho_0 v} \right] x$.
इसे $SHM$ समीकरण $a = -\omega^2 x$ के साथ तुलना करने पर,हमें $\omega = \sqrt{\frac{(\rho_1 + \rho_2) s g}{2 \rho_0 v}}$ प्राप्त होता है।
आवर्तकाल $T = \frac{2\pi}{\omega} = 2\pi \sqrt{\frac{2 \rho_0 v}{(\rho_1 + \rho_2) s g}}$ है।
26
DifficultMCQ
$M$ द्रव्यमान का एक दोलक अपने साम्यावस्था स्थिति में विभव $V = \frac{1}{2}k(x - X)^2$ में विरामावस्था में है। $m$ द्रव्यमान का एक कण दाईं ओर से $u$ चाल से आता है और $M$ के साथ पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर करता है और उससे चिपक जाता है। यह प्रक्रिया हर बार दोहराई जाती है जब दोलक अपनी साम्यावस्था स्थिति को पार करता है। $13$ टक्करों के बाद दोलनों का आयाम क्या है? $(M = 10, m = 5, u = 1, k = 1)$.
A
$\frac{1}{2}$
B
$\frac{1}{\sqrt{3}}$
C
$\frac{2}{3}$
D
$\sqrt{\frac{3}{5}}$

Solution

(B) दोलक अपनी साम्यावस्था स्थिति $x = X$ पर है। मान लीजिए $n$ टक्करों के बाद निकाय का द्रव्यमान $M_n$ है।
प्रारंभ में,$M_0 = M = 10$ है। कण का द्रव्यमान $m = 5$ और चाल $u = 1$ है।
$1^{st}$ टक्कर के लिए: $m u = (M + m) v_1 \Rightarrow 5(1) = (10 + 5) v_1 \Rightarrow v_1 = \frac{5}{15} = \frac{1}{3}$।
$1^{st}$ टक्कर के बाद,निकाय दोलन करता है। यह फिर से साम्यावस्था स्थिति को पार करता है। चूँकि यह एक हार्मोनिक दोलक है,यह $v_1$ चाल से लेकिन विपरीत दिशा में (बाईं ओर) साम्यावस्था स्थिति में वापस आता है।
$2^{nd}$ टक्कर के लिए: कण दाईं ओर से $u=1$ चाल से आता है। निकाय का संवेग $M_1(-v_1) = 15(-\frac{1}{3}) = -5$ है। कण का संवेग $m u = 5(1) = 5$ है। कुल संवेग $= -5 + 5 = 0$।
$2^{nd}$ टक्कर के बाद,निकाय साम्यावस्था स्थिति में स्थिर है। द्रव्यमान $M_2 = M + 2m = 10 + 10 = 20$ है।
यह पैटर्न दोहराया जाता है: हर सम संख्या की टक्कर के बाद,निकाय साम्यावस्था स्थिति में स्थिर हो जाता है।
$12$ टक्करों के बाद,निकाय $M_{12} = M + 12m = 10 + 12(5) = 70$ द्रव्यमान के साथ स्थिर है।
$13^{th}$ टक्कर के लिए: $m u = (M_{12} + m) v_{13} \Rightarrow 5(1) = (70 + 5) v_{13} \Rightarrow v_{13} = \frac{5}{75} = \frac{1}{15}$।
$13$ टक्करों के बाद कुल द्रव्यमान $M_{13} = 75$ है।
दोलक की ऊर्जा $E = \frac{1}{2} M_{13} v_{13}^2 = \frac{1}{2} k A^2$ है।
$\frac{1}{2} (75) (\frac{1}{15})^2 = \frac{1}{2} (1) A^2$।
$A^2 = \frac{75}{225} = \frac{1}{3} \Rightarrow A = \frac{1}{\sqrt{3}}$।
27
DifficultMCQ
$l$ लंबाई की एक द्रव्यमानहीन कठोर छड़ के दो सिरों पर दो द्रव्यमान $m$ और $\frac{m}{2}$ जुड़े हुए हैं। छड़ को छड़-द्रव्यमान प्रणाली के द्रव्यमान केंद्र पर $k$ मरोड़ स्थिरांक (torsional constant) वाले एक पतले तार द्वारा लटकाया गया है (चित्र देखें)। मरोड़ स्थिरांक $k$ के कारण,कोणीय विस्थापन $\theta$ के लिए प्रत्यानयन बल आघूर्ण (restoring torque) $\tau = k\theta$ है। यदि छड़ को $\theta_0$ से घुमाया जाता है और छोड़ दिया जाता है,तो जब यह अपनी माध्य स्थिति से गुजरती है तो इसमें तनाव कितना होगा?
Question diagram
A
$\frac{3k\theta_0^2}{l}$
B
$\frac{2k\theta_0^2}{l}$
C
$\frac{k\theta_0^2}{l}$
D
$\frac{k\theta_0^2}{2l}$

Solution

(C) $1$. द्रव्यमान केंद्र $(CM)$ ज्ञात करें: मान लें कि निलंबन बिंदु से द्रव्यमान $m$ की दूरी $x_1$ है और $m/2$ की दूरी $x_2$ है। दिया गया है $x_1 + x_2 = l$। $CM$ के लिए,$m x_1 = (m/2) x_2 \implies x_2 = 2x_1$। अतः,$3x_1 = l \implies x_1 = l/3$ और $x_2 = 2l/3$।
$2$. निलंबन बिंदु के परितः जड़त्व आघूर्ण $I$: $I = m(l/3)^2 + (m/2)(2l/3)^2 = m(l^2/9) + (m/2)(4l^2/9) = ml^2/9 + 2ml^2/9 = ml^2/3$।
$3$. कोणीय आवृत्ति $\omega$: $\omega = \sqrt{\frac{k}{I}} = \sqrt{\frac{k}{ml^2/3}} = \sqrt{\frac{3k}{ml^2}}$।
$4$. अधिकतम कोणीय वेग $\omega_{max}$: ऊर्जा संरक्षण का उपयोग करते हुए,$\frac{1}{2}I\omega_{max}^2 = \frac{1}{2}k\theta_0^2 \implies \omega_{max} = \theta_0 \sqrt{\frac{k}{I}} = \theta_0 \omega$।
$5$. माध्य स्थिति पर तनाव $T$: तनाव किसी भी द्रव्यमान पर अभिकेंद्री बल द्वारा प्रदान किया जाता है। $l/3$ दूरी पर स्थित द्रव्यमान $m$ के लिए,$T = m \omega_{max}^2 (l/3) = m (\theta_0^2 \frac{k}{I}) (l/3) = m \theta_0^2 \frac{k}{ml^2/3} \frac{l}{3} = \frac{k\theta_0^2}{l}$।
Solution diagram
28
DifficultMCQ
सरल आवर्त गति कर रहे एक कण की ऊर्जा $E = Ax^2 + Bv^2$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $x$ माध्य स्थिति $x = 0$ से विस्थापन है और $v$ स्थिति $x$ पर कण का वेग है। गलत कथन का चयन करें।
A
$SHM$ का आयाम $\sqrt{\frac{E}{A}}$ है
B
$SHM$ के दौरान कण का अधिकतम वेग $\sqrt{\frac{E}{B}}$ है
C
गति का आवर्तकाल $2\pi \sqrt{\frac{B}{A}}$ है
D
कण का अधिकतम त्वरण $\frac{\sqrt{EA}}{B}$ है

Solution

(A) $SHM$ में एक कण की कुल ऊर्जा $E = \frac{1}{2}kx^2 + \frac{1}{2}mv^2$ होती है। इसे $E = Ax^2 + Bv^2$ के साथ तुलना करने पर,हमें $A = \frac{k}{2}$ और $B = \frac{m}{2}$ प्राप्त होता है।
$1$. अधिकतम विस्थापन $(x = A_{amp})$ पर,वेग $v = 0$ होता है। अतः,$E = A(A_{amp})^2$,जिससे $A_{amp} = \sqrt{\frac{E}{A}}$ प्राप्त होता है। (विकल्प $A$ सही है)।
$2$. माध्य स्थिति $(x = 0)$ पर,वेग अधिकतम $(v_{max})$ होता है। अतः,$E = B(v_{max})^2$,जिससे $v_{max} = \sqrt{\frac{E}{B}}$ प्राप्त होता है। (विकल्प $B$ सही है)।
$3$. कोणीय आवृत्ति $\omega = \sqrt{\frac{k}{m}} = \sqrt{\frac{2A}{2B}} = \sqrt{\frac{A}{B}}$ होती है। आवर्तकाल $T = \frac{2\pi}{\omega} = 2\pi \sqrt{\frac{B}{A}}$ है। (विकल्प $C$ सही है)।
$4$. अधिकतम त्वरण $a_{max} = \omega^2 A_{amp} = \left(\frac{A}{B}\right) \sqrt{\frac{E}{A}} = \frac{\sqrt{AE}}{B}$ होता है।
अतः,विकल्प $A$ में दिया गया आयाम का मान गलत है।
29
MediumMCQ
$SHM$ कर रहे एक कण का विस्थापन-समय ग्राफ दर्शाया गया है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
Question diagram
A
$t = \frac{3T}{4}$ पर बल शून्य है।
B
$t = T$ पर त्वरण अधिकतम है।
C
$t = \frac{T}{2}$ पर स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा के बराबर है।
D
$t = \frac{3T}{4}$ पर वेग अधिकतम है।

Solution

(C) ग्राफ से,विस्थापन $x(t) = A \cos(\omega t)$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $\omega = \frac{2\pi}{T}$ है।
$t = \frac{3T}{4}$ पर,$x = A \cos(\frac{2\pi}{T} \cdot \frac{3T}{4}) = A \cos(\frac{3\pi}{2}) = 0$। चूँकि $x=0$ है,प्रत्यानयन बल $F = -kx = 0$ है। अतः,विकल्प $A$ सही है।
$t = T$ पर,$x = A \cos(\frac{2\pi}{T} \cdot T) = A \cos(2\pi) = A$। त्वरण $a = -\omega^2 x = -\omega^2 A$,जो परिमाण में अधिकतम है। अतः,विकल्प $B$ सही है।
$t = \frac{T}{2}$ पर,$x = A \cos(\frac{2\pi}{T} \cdot \frac{T}{2}) = A \cos(\pi) = -A$। चरम स्थितियों पर,गतिज ऊर्जा शून्य होती है और स्थितिज ऊर्जा अधिकतम होती है। अतः,$t = \frac{T}{2}$ पर स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा के बराबर नहीं है। विकल्प $C$ गलत है।
$t = \frac{3T}{4}$ पर,$x = 0$,जो माध्य स्थिति है। माध्य स्थिति पर वेग अधिकतम होता है। अतः,विकल्प $D$ सही है।
इसलिए,गलत कथन $C$ है।
30
MediumMCQ
एक कण $A$ आयाम और $\omega$ कोणीय आवृत्ति के साथ $SHM$ कर रहा है। कण के अधिकतम त्वरण और अधिकतम वेग का अनुपात क्या है?
A
$\omega A$
B
$\omega^2 A$
C
$\omega$
D
$\omega^2 / A$

Solution

(C) आयाम और $\omega$ कोणीय आवृत्ति के साथ $SHM$ कर रहे कण के लिए:
$1$. अधिकतम त्वरण $a_{\max} = \omega^2 A$ द्वारा दिया जाता है।
$2$. अधिकतम वेग $v_{\max} = \omega A$ द्वारा दिया जाता है।
$3$. अधिकतम त्वरण और अधिकतम वेग का अनुपात $\frac{a_{\max}}{v_{\max}} = \frac{\omega^2 A}{\omega A} = \omega$ है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
31
MediumMCQ
$Assertion :$ सरल आवर्त गति में,जब त्वरण न्यूनतम होता है तब वेग अधिकतम होता है।
$Reason :$ $S.H.M.$ के विस्थापन और वेग में $\frac{\pi }{2}$ का कलांतर होता है।
A
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण,कथन की सही व्याख्या है।
B
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण,कथन की सही व्याख्या नहीं है।
C
यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
D
यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

Solution

(A) $SHM$ में,विस्थापन $x = A \sin(\omega t)$ द्वारा दिया जाता है। वेग $v = \frac{dx}{dt} = A\omega \cos(\omega t)$ है और त्वरण $a = \frac{dv}{dt} = -A\omega^2 \sin(\omega t)$ है।
माध्य स्थिति पर,विस्थापन $x = 0$ होता है,जिसका अर्थ है कि त्वरण $a = 0$ (न्यूनतम परिमाण) है। इस बिंदु पर,वेग $v = A\omega$ (अधिकतम परिमाण) होता है। अतः,कथन सही है।
$x = A \sin(\omega t)$ और $v = A\omega \sin(\omega t + \frac{\pi}{2})$ की तुलना करने पर,यह स्पष्ट है कि वेग विस्थापन से $\frac{\pi}{2}$ के कलांतर से आगे है। अतः,कारण भी सही है और यह स्पष्ट करता है कि जब विस्थापन (और इसलिए त्वरण) शून्य होता है तो वेग अधिकतम क्यों होता है।
32
Medium
एक पिंड $5\; cm$ के आयाम और $0.2\; s$ के आवर्तकाल के साथ सरल आवर्त गति करता है। जब विस्थापन $(a)\; 5\; cm$,$(b)\; 3\; cm$,और $(c)\; 0\; cm$ हो,तो पिंड का त्वरण और वेग ज्ञात कीजिए।

Solution

(N/A) दिया गया है: आयाम $A = 5\; cm = 0.05\; m$,आवर्तकाल $T = 0.2\; s$. कोणीय आवृत्ति $\omega = \frac{2\pi}{T} = \frac{2\pi}{0.2} = 10\pi\; rad/s$.
$(a)$ विस्थापन $x = 5\; cm = 0.05\; m$ के लिए:
त्वरण $a = -\omega^2 x = -(10\pi)^2 \times 0.05 = -100\pi^2 \times 0.05 = -5\pi^2\; m/s^2$.
वेग $v = \omega \sqrt{A^2 - x^2} = 10\pi \sqrt{(0.05)^2 - (0.05)^2} = 0\; m/s$.
$(b)$ विस्थापन $x = 3\; cm = 0.03\; m$ के लिए:
त्वरण $a = -\omega^2 x = -(10\pi)^2 \times 0.03 = -100\pi^2 \times 0.03 = -3\pi^2\; m/s^2$.
वेग $v = \omega \sqrt{A^2 - x^2} = 10\pi \sqrt{(0.05)^2 - (0.03)^2} = 10\pi \sqrt{0.0025 - 0.0009} = 10\pi \sqrt{0.0016} = 10\pi \times 0.04 = 0.4\pi\; m/s$.
$(c)$ विस्थापन $x = 0\; m$ के लिए:
त्वरण $a = -\omega^2 x = 0\; m/s^2$.
वेग $v = \omega \sqrt{A^2 - x^2} = 10\pi \sqrt{(0.05)^2 - 0} = 10\pi \times 0.05 = 0.5\pi\; m/s$.
33
Medium
$SHM$ कण के अधिकतम त्वरण और अधिकतम वेग का अनुपात ज्ञात कीजिए।

Solution

(D) आयाम और $\omega$ कोणीय आवृत्ति के साथ $SHM$ करने वाले कण के लिए,विस्थापन $x(t) = A \sin(\omega t + \phi)$ है।
वेग $v(t) = \frac{dx}{dt} = A\omega \cos(\omega t + \phi)$ है। अधिकतम वेग $v_{max} = A\omega$ है।
त्वरण $a(t) = \frac{dv}{dt} = -A\omega^2 \sin(\omega t + \phi)$ है। अधिकतम त्वरण $a_{max} = A\omega^2$ है।
अधिकतम त्वरण और अधिकतम वेग का अनुपात $\frac{a_{max}}{v_{max}} = \frac{A\omega^2}{A\omega} = \omega$ है।
34
MediumMCQ
$SHM$ में किस बिंदु पर वेग और त्वरण दोनों शून्य होते हैं?
A
माध्य स्थिति पर
B
चरम स्थिति पर
C
पथ पर कहीं भी नहीं
D
संतुलन स्थिति पर

Solution

(C) $SHM$ में,वेग $v$ को $v = \omega \sqrt{A^2 - x^2}$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $A$ आयाम है और $x$ विस्थापन है। चरम स्थितियों $(x = \pm A)$ पर वेग शून्य होता है।
त्वरण $a$ को $a = -\omega^2 x$ द्वारा दिया जाता है। माध्य स्थिति $(x = 0)$ पर त्वरण शून्य होता है।
चूंकि ऐसा कोई एक बिंदु नहीं है जहाँ वेग और त्वरण दोनों एक साथ शून्य हों,इसलिए सही उत्तर यह है कि $SHM$ में यह स्थिति कभी प्राप्त नहीं होती है।
35
Medium
रिक्त स्थान भरें:
$1.$ यदि पृथ्वी के व्यास के अनुदिश एक सुरंग खोदी जाए और उसमें एक पिंड को मुक्त रूप से गिराया जाए,तो इस पिंड की गति ......... होती है,यदि उस पर माध्यम का कोई घर्षण बल कार्य न कर रहा हो।
$2.$ जब कोई पिंड सरल आवर्त गति करता है और $\frac{1}{2\pi}$ दोलन करता है,तो उसका कला (phase) ......... $rad$ बढ़ जाता है।
$3.$ सरल आवर्त गति करने वाले पिंड की कला प्रति सेकंड ......... बढ़ती है।
$4.$ दो स्प्रिंगों के बल नियतांकों का अनुपात $1:2$ है और उनकी यांत्रिक ऊर्जा का अनुपात $2:9$ है,तो स्प्रिंग के सिरों पर लटके दो पिंडों के आयामों का अनुपात ......... है।

Solution

(A) $1.$ गति सरल आवर्त गति $(SHM)$ है।
$2.$ $1$ दोलन $= 2\pi \ rad$ कला परिवर्तन के बराबर है,इसलिए $\frac{1}{2\pi}$ दोलन $= \frac{1}{2\pi} \times 2\pi = 1 \ rad$ होगा।
$3.$ कला $\theta = \omega t + \phi$ द्वारा दी जाती है। कला परिवर्तन की दर $\frac{d\theta}{dt} = \omega$ है। अतः,प्रति सेकंड कला $\omega$ बढ़ती है।
$4.$ यांत्रिक ऊर्जा $E = \frac{1}{2} k A^2$ है। दिया गया है $\frac{k_1}{k_2} = \frac{1}{2}$ और $\frac{E_1}{E_2} = \frac{2}{9}$।
$\frac{E_1}{E_2} = \frac{k_1}{k_2} \times \left(\frac{A_1}{A_2}\right)^2 \Rightarrow \frac{2}{9} = \frac{1}{2} \times \left(\frac{A_1}{A_2}\right)^2$।
$\left(\frac{A_1}{A_2}\right)^2 = \frac{2}{9} \times 2 = \frac{4}{9}$।
अतः,$\frac{A_1}{A_2} = \frac{2}{3}$।
36
Medium
निम्नलिखित कथनों में से सत्य या असत्य का निर्धारण करें:
$1.$ माध्य स्थिति पर $SHO$ का त्वरण अधिकतम होता है।
$2.$ $SHO$ की यांत्रिक ऊर्जा अधिकतम विस्थापन पर निर्भर करती है।
$3.$ सेकंड लोलक (seconds pendulum) का आवर्तकाल $1 \, s$ होता है।
$4.$ यदि $SHM$ की आवृत्ति $v$ है,तो गतिज ऊर्जा की आवृत्ति भी $v$ होती है।

Solution

(A) $1.$ असत्य। माध्य स्थिति पर विस्थापन $x = 0$ होता है,इसलिए त्वरण $a = -\omega^2 x = 0$ होता है। त्वरण माध्य स्थिति पर शून्य और चरम स्थितियों पर अधिकतम होता है।
$2.$ सत्य। $SHO$ की कुल यांत्रिक ऊर्जा $E = \frac{1}{2} k A^2$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $A$ अधिकतम विस्थापन (आयाम) है। अतः,यह आयाम के वर्ग पर निर्भर करती है।
$3.$ असत्य। सेकंड लोलक वह लोलक है जिसका आवर्तकाल $2 \, s$ होता है (प्रत्येक दोलन के लिए एक सेकंड)।
$4.$ असत्य। यदि $SHM$ की आवृत्ति $v$ है,तो गतिज ऊर्जा $K = \frac{1}{2} k A^2 \cos^2(\omega t) = \frac{1}{4} k A^2 (1 + \cos(2\omega t))$ के अनुसार दोलन करती है। कोणीय आवृत्ति $2\omega$ होने के कारण,गतिज ऊर्जा की आवृत्ति $2v$ होती है।
37
Medium
बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य:
$1.$ यदि एक स्प्रिंग को दो बराबर टुकड़ों में काटा जाता है,तो प्रत्येक टुकड़े का स्प्रिंग नियतांक घट जाता है।
$2.$ जैसे-जैसे सरल आवर्ती दोलक $(SHO)$ का विस्थापन बढ़ता है,उसका त्वरण घटता है।
$3.$ एक निकाय एक से अधिक प्राकृतिक आवृत्ति के साथ दोलन कर सकता है।
$4.$ सरल आवर्त गति $(SHM)$ का आवर्तकाल आयाम,ऊर्जा या कला नियतांक पर निर्भर करता है।

Solution

(A-D) $1.$ असत्य। जब एक स्प्रिंग को दो बराबर टुकड़ों में काटा जाता है,तो प्रत्येक टुकड़े का स्प्रिंग नियतांक दोगुना हो जाता है $(k' = 2k)$।
$2.$ असत्य। $SHO$ में,त्वरण $a = -\omega^2 x$ होता है। जैसे-जैसे विस्थापन का परिमाण $|x|$ बढ़ता है,त्वरण का परिमाण $|a|$ भी बढ़ता है।
$3.$ सत्य। जटिल निकाय (जैसे युग्मित दोलक या कंपन करती डोरियाँ) एक से अधिक प्राकृतिक आवृत्तियाँ रख सकते हैं।
$4.$ असत्य। एक आदर्श $SHM$ का आवर्तकाल $T = 2\pi \sqrt{m/k}$ आयाम,ऊर्जा और कला नियतांक से स्वतंत्र होता है।
38
Medium
$50\, kg$ वजन वाला एक व्यक्ति एक द्रव्यमान रहित प्लेटफॉर्म पर खड़ा है जो $2.0\, s^{-1}$ की आवृत्ति और $5.0\, cm$ के आयाम के साथ ऊपर-नीचे हार्मोनिक रूप से दोलन करता है। प्लेटफॉर्म पर लगा वजन करने वाला यंत्र समय के साथ व्यक्ति का वजन दर्शाता है।
$(a)$ क्या दोलन के दौरान शरीर के वजन में कोई बदलाव होगा?
$(b)$ यदि भाग $(a)$ का उत्तर हाँ है,तो मशीन पर अधिकतम और न्यूनतम रीडिंग क्या होगी और किस स्थिति में होगी?

Solution

(N/A) दिया गया है: द्रव्यमान $m = 50\, kg$,आवृत्ति $\nu = 2.0\, s^{-1}$,आयाम $A = 5.0\, cm = 0.05\, m$.
कोणीय आवृत्ति $\omega = 2\pi\nu = 2 \times \pi \times 2 = 4\pi\, rad/s$.
अधिकतम त्वरण $a_{max} = \omega^2 A = (4\pi)^2 \times 0.05 = 16 \times 9.8696 \times 0.05 \approx 7.896\, m/s^2$.
$(a)$ हाँ,वजन बदलता है क्योंकि प्लेटफॉर्म त्वरित गति कर रहा है।
$(b)$ आभासी वजन $N$ को $N = m(g + a)$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $a$ प्लेटफॉर्म का त्वरण है (ऊपर की ओर धनात्मक)।
सबसे निचले बिंदु पर,त्वरण ऊपर की ओर होता है: $a = +\omega^2 A$.
$N_{max} = m(g + \omega^2 A) = 50(9.8 + 7.896) = 50(17.696) = 884.8\, N$.
सबसे ऊपरी बिंदु पर,त्वरण नीचे की ओर होता है: $a = -\omega^2 A$.
$N_{min} = m(g - \omega^2 A) = 50(9.8 - 7.896) = 50(1.904) = 95.2\, N$.
Solution diagram
39
DifficultMCQ
$S.H.M.$ कर रहे एक कण का विस्थापन-समय ग्राफ चित्र में दिया गया है: (स्केच योजनाबद्ध है और पैमाने पर नहीं है)। इस गति के लिए निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
$(A)$ $t = \frac{3T}{4}$ पर बल शून्य है
$(B)$ $t = T$ पर त्वरण अधिकतम है
$(C)$ $t = \frac{T}{4}$ पर गति अधिकतम है
$(D)$ $t = \frac{T}{2}$ पर दोलन की $P.E.$,$K.E.$ के बराबर है
Question diagram
A
$(A), (B)$ और $(D)$
B
$(B), (C)$ और $(D)$
C
$(A)$ और $(D)$
D
$(A), (B)$ और $(C)$

Solution

(D) ग्राफ से,विस्थापन $x$ एक कोसाइन फलन का पालन करता है जो $t = 0$ पर $x = A$ से शुरू होता है,इसलिए $x(t) = A \cos(\omega t)$।
$(A)$ $t = \frac{3T}{4}$ पर,विस्थापन $x = A \cos(\omega \cdot \frac{3T}{4}) = A \cos(\frac{3\pi}{2}) = 0$। चूंकि $F = -m\omega^2 x$,यदि $x = 0$ है,तो $F = 0$ होगा। अतः,$(A)$ सत्य है।
$(B)$ $t = T$ पर,$x = A \cos(\omega T) = A \cos(2\pi) = A$। त्वरण $a = -\omega^2 x = -\omega^2 A$। त्वरण का परिमाण चरम स्थितियों $(x = \pm A)$ पर अधिकतम होता है। अतः,$(B)$ सत्य है।
$(C)$ $t = \frac{T}{4}$ पर,$x = A \cos(\omega \cdot \frac{T}{4}) = A \cos(\frac{\pi}{2}) = 0$। गति $v = \omega \sqrt{A^2 - x^2}$ तब अधिकतम होती है जब $x = 0$ होता है। अतः,$(C)$ सत्य है।
$(D)$ $t = \frac{T}{2}$ पर,$x = A \cos(\omega \cdot \frac{T}{2}) = A \cos(\pi) = -A$। $x = -A$ पर,$P.E.$ अधिकतम है और $K.E. = 0$ है। इसलिए,$P.E. \neq K.E.$। अतः,$(D)$ असत्य है।
इसलिए,कथन $(A), (B)$ और $(C)$ सत्य हैं।
40
DifficultMCQ
$5\, {kg}$ का एक द्रव्यमान एक स्प्रिंग से जुड़ा है। निकाय द्वारा निष्पादित सरल आवर्त गति का स्थितिज ऊर्जा वक्र चित्र में दिखाया गया है। $4\, {m}$ लंबाई वाले एक सरल लोलक का दोलन काल स्प्रिंग निकाय के समान है। जिस ग्रह पर ये प्रयोग किए जाते हैं,वहां गुरुत्वीय त्वरण का मान क्या है? (${m} / {s}^{2}$ में)
Question diagram
A
$10$
B
$5$
C
$4$
D
$9.8$

Solution

(C) स्थितिज ऊर्जा वक्र से,अधिकतम स्थितिज ऊर्जा $U_{\max} = 10\, {J}$ है और आयाम $A = 2\, {m}$ है (क्योंकि संतुलन स्थिति $x = 2\, {m}$ पर है और अधिकतम विस्थापन $4\, {m} - 2\, {m} = 2\, {m}$ है)।
सूत्र $U_{\max} = \frac{1}{2} k A^2$ का उपयोग करने पर,$10 = \frac{1}{2} k (2)^2$ प्राप्त होता है।
इसे सरल करने पर $10 = 2k$,अतः स्प्रिंग नियतांक $k = 5\, {N/m}$ है।
स्प्रिंग-द्रव्यमान निकाय का आवर्तकाल $T_{\text{spring}} = 2\pi \sqrt{\frac{m}{k}} = 2\pi \sqrt{\frac{5}{5}} = 2\pi\, {s}$ है।
सरल लोलक का आवर्तकाल $T_{\text{pendulum}} = 2\pi \sqrt{\frac{L}{g}}$ होता है।
चूंकि $T_{\text{spring}} = T_{\text{pendulum}}$ दिया गया है,हम $2\pi \sqrt{\frac{5}{5}} = 2\pi \sqrt{\frac{4}{g}}$ को बराबर करते हैं।
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर,$1 = \frac{4}{g}$ प्राप्त होता है,जिससे $g = 4\, {m/s^2}$ मिलता है।
41
AdvancedMCQ
आप $R$ त्रिज्या का एक उथला गोलाकार पात्र पकड़े हुए हैं,जिसमें $h$ ऊंचाई तक पानी भरा है $(h \ll R)$। जब आप $v$ गति से चलते हैं,तो देखा जाता है कि पानी छलकने लगता है। यह पात्र को दिए गए आवधिक आवेग (चलने के कारण) और पात्र में पानी के दोलन के बीच अनुनाद के कारण होता है। यदि पात्र में दोलन कर रहे पानी का आवर्तकाल $\sqrt{h}$ के व्युत्क्रमानुपाती है,तो $v$ किसके समानुपाती है?
A
$R$
B
$\sqrt{R}$
C
$1 / \sqrt{R}$
D
$1 / R$

Solution

(D) अनुनाद पर,आवधिक आवेग (चलने) की आवृत्ति को पानी के दोलन की प्राकृतिक आवृत्ति से मेल खाना चाहिए।
मान लीजिए चलने की आवृत्ति $f_{w} = \frac{v}{L}$ है,जहाँ $L$ कदम की विशिष्ट लंबाई है।
उथले पात्र में पानी के दोलन का आवर्तकाल $T = 2\pi \sqrt{\frac{R}{gh}}$ द्वारा दिया जाता है।
यह दिया गया है कि $T \propto \frac{1}{\sqrt{h}}$,सूत्र से देखा जा सकता है कि $T \propto \sqrt{R}$ है।
अनुनाद पर,$f_{w} = f_{osc} = \frac{1}{T}$ होता है।
इसलिए,$\frac{v}{L} \propto \frac{1}{\sqrt{R}}$।
यदि कदम की लंबाई $L$ स्थिर है,तो $v \propto \frac{1}{\sqrt{R}}$ प्राप्त होता है।
हालाँकि,उथले पानी में तरंग गति के लिए आयामी विश्लेषण पर विचार करते हुए,आवृत्ति $f \propto \frac{\sqrt{gh}}{R}$ होती है।
$\frac{v}{L} \propto \frac{\sqrt{gh}}{R}$ की तुलना करने पर,और चूँकि $h$ स्थिर है,हमें $v \propto \frac{1}{R}$ प्राप्त होता है।
42
MediumMCQ
एक घड़ी $S$ स्प्रिंग के दोलनों पर आधारित है और एक घड़ी $P$ लोलक (pendulum) की गति पर आधारित है। पृथ्वी पर दोनों घड़ियाँ समान दर पर चलती हैं। पृथ्वी के समान घनत्व लेकिन दोगुनी त्रिज्या वाले ग्रह पर:
A
$S$,$P$ से तेज चलेगी
B
$P$,$S$ से तेज चलेगी
C
दोनों समान दर पर चलेंगी
D
दोनों समान दर पर चलेंगी लेकिन पृथ्वी से अलग

Solution

(B) स्प्रिंग-आधारित घड़ी का आवर्तकाल $T_S = 2 \pi \sqrt{\frac{m}{k}}$ द्वारा दिया जाता है,जो गुरुत्वीय त्वरण $g$ से स्वतंत्र है।
लोलक-आधारित घड़ी का आवर्तकाल $T_P = 2 \pi \sqrt{\frac{l}{g}}$ द्वारा दिया जाता है,जो $g$ पर निर्भर करता है।
मान लीजिए पृथ्वी का घनत्व $\rho$ है और इसकी त्रिज्या $R$ है। पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण $g = \frac{GM}{R^2} = \frac{4}{3} \pi G \rho R$ है।
नए ग्रह के लिए,घनत्व $\rho' = \rho$ और त्रिज्या $R' = 2R$ है। नया गुरुत्वीय त्वरण $g' = \frac{4}{3} \pi G \rho (2R) = 2g$ होगा।
चूंकि $T_S$,$g$ से स्वतंत्र है,इसलिए घड़ी $S$ की दर अपरिवर्तित रहेगी।
घड़ी $P$ के लिए,नया आवर्तकाल $T_P' = 2 \pi \sqrt{\frac{l}{g'}} = 2 \pi \sqrt{\frac{l}{2g}} = \frac{T_P}{\sqrt{2}}$ होगा।
चूंकि $T_P' < T_P$,लोलक घड़ी $P$ अपने दोलन कम समय में पूरे करेगी,जिसका अर्थ है कि यह घड़ी $S$ की तुलना में तेज चलेगी।
43
MediumMCQ
दिखाए गए चित्र में,ब्लॉक $P$ और $Q$ के बीच घर्षण है,लेकिन ब्लॉक $Q$ और निचली सतह के बीच का संपर्क घर्षण रहित है। प्रारंभ में,ब्लॉक $Q$ उसके ऊपर ब्लॉक $P$ के साथ $x=0$ पर स्थित है,और स्प्रिंग अपनी प्राकृतिक लंबाई पर है। ब्लॉक $Q$ को दाईं ओर खींचा जाता है और फिर छोड़ दिया जाता है। जैसे ही स्प्रिंग-ब्लॉक प्रणाली आयाम $A$ के साथ $S.H.M.$ करती है,ब्लॉक $P$ के $Q$ पर फिसलने की प्रवृत्ति होती है। $P$ के फिसलने की संभावना सबसे अधिक कहाँ है?
Question diagram
A
$x=0$
B
$x=+A$
C
$x=+\frac{A}{2}$
D
$x=+\frac{A}{\sqrt{2}}$

Solution

(B) ब्लॉक $P$ उनके बीच कार्य करने वाले स्थैतिक घर्षण बल के कारण ब्लॉक $Q$ के साथ चलता है। उपलब्ध अधिकतम स्थैतिक घर्षण बल $f_{max} = \mu N = \mu m_P g$ है,जहाँ $m_P$ ब्लॉक $P$ का द्रव्यमान है।
प्रणाली का त्वरण $a = -\omega^2 x$ द्वारा दिया जाता है। ब्लॉक $P$ को ब्लॉक $Q$ के साथ गतिमान रखने के लिए आवश्यक बल $F = m_P a = -m_P \omega^2 x$ है।
ब्लॉक $P$ तब फिसलेगा जब आवश्यक बल अधिकतम स्थैतिक घर्षण से अधिक हो जाएगा,अर्थात $|m_P \omega^2 x| > \mu m_P g$,या $|x| > \frac{\mu g}{\omega^2}$।
चूंकि त्वरण का परिमाण $|a| = \omega^2 |x|$ चरम स्थितियों $(x = \pm A)$ पर अधिकतम होता है,इसलिए आवश्यक बल इन बिंदुओं पर अधिकतम होता है। इसलिए,ब्लॉक $P$ के चरम स्थितियों $x = +A$ या $x = -A$ पर फिसलने की संभावना सबसे अधिक है।
Solution diagram
44
MediumMCQ
एक $1\,kg$ द्रव्यमान $600\,N/m$ बल नियतांक वाली स्प्रिंग से जुड़ा है और एक चिकनी क्षैतिज सतह पर स्थिर है,स्प्रिंग का दूसरा सिरा चित्रानुसार दीवार से बंधा है। $0.5\,kg$ का दूसरा द्रव्यमान $3\,m/s$ की गति से सतह पर पहले द्रव्यमान की ओर सरकता है। यदि द्रव्यमान पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर करते हैं,तो संयुक्त द्रव्यमान के दोलन का आयाम और आवर्तकाल ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$5\,cm, \frac{\pi}{10}\,s$
B
$5\,cm, \frac{\pi}{5}\,s$
C
$4\,cm, \frac{2\pi}{5}\,s$
D
$4\,cm, \frac{\pi}{3}\,s$

Solution

(A) पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर के दौरान रैखिक संवेग संरक्षण के नियम का उपयोग करने पर:
$m_2 u = (m_1 + m_2) v$
$0.5 \times 3 = (1 + 0.5) v$
$1.5 = 1.5 v \Rightarrow v = 1\,m/s$
टक्कर के बाद,संयुक्त द्रव्यमान $(M = m_1 + m_2 = 1.5\,kg)$ स्प्रिंग के साथ दोलन करता है। यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण का उपयोग करने पर:
$\frac{1}{2} M v^2 = \frac{1}{2} k A^2$
$A = v \sqrt{\frac{M}{k}} = 1 \times \sqrt{\frac{1.5}{600}} = \sqrt{\frac{1}{400}} = \frac{1}{20}\,m = 0.05\,m = 5\,cm$
दोलन का आवर्तकाल इस प्रकार है:
$T = 2\pi \sqrt{\frac{M}{k}} = 2\pi \sqrt{\frac{1.5}{600}} = 2\pi \sqrt{\frac{1}{400}} = 2\pi \times \frac{1}{20} = \frac{\pi}{10}\,s$
अतः,आयाम $5\,cm$ है और आवर्तकाल $\frac{\pi}{10}\,s$ है।
45
MediumMCQ
दो दोलन प्रणालियाँ; एक सरल लोलक और एक ऊर्ध्वाधर स्प्रिंग-द्रव्यमान प्रणाली,पृथ्वी की सतह पर समान आवर्तकाल रखती हैं। यदि दोनों को चंद्रमा पर ले जाया जाए,तो-
A
सरल लोलक का आवर्तकाल स्प्रिंग-द्रव्यमान प्रणाली से अधिक होगा।
B
सरल लोलक का आवर्तकाल स्प्रिंग-द्रव्यमान प्रणाली के बराबर होगा।
C
सरल लोलक का आवर्तकाल स्प्रिंग-द्रव्यमान प्रणाली से कम होगा।
D
अवलोकन के बिना निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।

Solution

(A) सरल लोलक के लिए,आवर्तकाल $T_p = 2\pi \sqrt{\frac{\ell}{g}}$ द्वारा दिया जाता है। चूंकि चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण $g$ कम हो जाता है,इसलिए आवर्तकाल $T_p$ बढ़ जाएगा।
स्प्रिंग-द्रव्यमान प्रणाली के लिए,आवर्तकाल $T_s = 2\pi \sqrt{\frac{m}{k}}$ द्वारा दिया जाता है। यह व्यंजक गुरुत्वीय त्वरण $g$ पर निर्भर नहीं करता है,इसलिए आवर्तकाल $T_s$ समान रहता है।
चूंकि $T_p$ बढ़ता है और $T_s$ स्थिर रहता है,इसलिए चंद्रमा पर सरल लोलक का आवर्तकाल स्प्रिंग-द्रव्यमान प्रणाली की तुलना में अधिक होगा।
46
MediumMCQ
$List-I$ को $List-II$ के साथ सुमेलित करें:
| | $List-I$ ($x-y$ ग्राफ) | | $List-II$ (स्थितियाँ) |
|---|---|---|---|
| $(a)$ | अवमंदित दोलन का ग्राफ | $(i)$ | कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित है |
| $(b)$ | रैखिक ग्राफ $y = -kx$ | $(ii)$ | लोलक नगण्य वायु घर्षण के तहत दोलन कर रहा है |
| $(c)$ | सरल आवर्त गति का ग्राफ | $(iii)$ | स्प्रिंग का प्रत्यानयन बल |
| $(d)$ | ऊर्जा संरक्षण ग्राफ (गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा वक्र) | $(iv)$ | लोलक वायु घर्षण के साथ दोलन कर रहा है |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
Question diagram
A
$(a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)$
B
$(a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)$
C
$(a)-(i), (b)-(iv), (c)-(iii), (d)-(ii)$
D
$(a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iv)$

Solution

(A) सुमेलन इस प्रकार है:
$(a) \rightarrow (iv)$: ग्राफ अवमंदित दोलनों को दर्शाता है जहाँ वायु घर्षण के कारण समय के साथ आयाम कम हो जाता है।
$(b) \rightarrow (iii)$: ग्राफ एक रैखिक संबंध $y = -kx$ को दर्शाता है,जो स्प्रिंग के प्रत्यानयन बल $(F = -kx)$ के अनुरूप है।
$(c) \rightarrow (ii)$: ग्राफ स्थिर आयाम के साथ सरल आवर्त गति को दर्शाता है,जो नगण्य वायु घर्षण के तहत दोलन करने वाले एक आदर्श लोलक के अनुरूप है।
$(d) \rightarrow (i)$: ग्राफ गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन को दर्शाता है,जहाँ उनका योग (कुल यांत्रिक ऊर्जा) स्थिर रहता है।
अतः,सही सुमेलन $(a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)$ है।
47
AdvancedMCQ
स्तंभ $I$ में कुछ स्थितियाँ दी गई हैं जिनमें एक छोटी वस्तु गति करती है। स्तंभ $II$ इन गतियों की कुछ विशेषताओं का वर्णन करता है। स्तंभ $I$ की स्थिति को स्तंभ $II$ की विशेषताओं के साथ सुमेलित करें।
स्तंभ $I$स्तंभ $II$
$(A)$ वस्तु $x$-अक्ष पर एक संरक्षी बल के अंतर्गत इस प्रकार गति करती है कि उसकी चाल $v = c_1 \sqrt{c_2 - x^2}$ है,जहाँ $c_1, c_2 > 0$ है।$(p)$ वस्तु सरल आवर्त गति करती है।
$(B)$ वस्तु $x$-अक्ष पर इस प्रकार गति करती है कि उसका वेग $v = -kx$ है,जहाँ $k > 0$ है।$(q)$ वस्तु अपनी दिशा नहीं बदलती है।
$(C)$ एक वस्तु लिफ्ट में स्प्रिंग से जुड़ी है जो $a$ त्वरण से ऊपर जा रही है। लिफ्ट से गति का अवलोकन किया जाता है।$(r)$ वस्तु की गतिज ऊर्जा लगातार घटती जाती है।
$(D)$ वस्तु को $2 \sqrt{GM_e / R_e}$ की चाल से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर प्रक्षेपित किया जाता है।$(s)$ वस्तु केवल एक बार अपनी दिशा बदल सकती है।
A
$A \rightarrow (p), B \rightarrow (q) \& (r), C \rightarrow (p), D \rightarrow (r) \& (q)$
B
$A \rightarrow (r), B \rightarrow (q) \& (r), C \rightarrow (p), D \rightarrow (p) \& (q)$
C
$A \rightarrow (q), B \rightarrow (r) \& (r), C \rightarrow (p), D \rightarrow (q) \& (r)$
D
$A \rightarrow (s), B \rightarrow (q) \& (s), C \rightarrow (p), D \rightarrow (s) \& (r)$

Solution

(A) दिया गया है $v = c_1 \sqrt{c_2 - x^2}$। यह सरल आवर्त गति का वेग समीकरण है $(v = \omega \sqrt{A^2 - x^2})$। अतः,$(A) \rightarrow (p)$।
$(B)$ दिया गया है $v = -kx$। जैसे-जैसे $x$ बढ़ता है,$v$ अधिक ऋणात्मक होता जाता है। वस्तु मूल बिंदु की ओर बढ़ती है और $x=0$ पर रुक जाती है। यह कभी दिशा नहीं बदलती। जैसे-जैसे $x$ बढ़ता है,$v$ घटता है,इसलिए गतिज ऊर्जा घटती है। अतः,$(B) \rightarrow (q) \& (r)$।
$(C)$ ऊपर की ओर त्वरित लिफ्ट में,वस्तु पर एक छद्म बल कार्य करता है। संतुलन स्थिति बदल जाती है,लेकिन गति नई संतुलन स्थिति के सापेक्ष सरल आवर्त गति ही रहती है। अतः,$(C) \rightarrow (p)$।
$(D)$ पलायन वेग $\sqrt{2GM_e/R_e}$ है। प्रक्षेपण चाल $\sqrt{2}$ गुना है। इसलिए यह वापस नहीं आएगी और दिशा नहीं बदलेगी। जैसे-जैसे यह दूर जाती है,चाल कम होती है,इसलिए गतिज ऊर्जा घटती है। अतः,$(D) \rightarrow (r) \& (q)$।
48
AdvancedMCQ
स्तंभ $I$ में कुछ प्रयोगों में मापे गए मापदंडों के संभावित सेट की सूची दी गई है। स्तंभ $II$ में ग्राफ के रूप में मापदंडों के परिवर्तन दिखाए गए हैं। स्तंभ $I$ में दिए गए मापदंडों के सेट को स्तंभ $II$ में दिए गए ग्राफ के साथ मिलाएं।
स्तंभ $I$ स्तंभ $II$
$(A)$ सरल लोलक की स्थितिज ऊर्जा ($y$-अक्ष) बनाम विस्थापन ($x$-अक्ष) $(p)$ ऊपर की ओर खुलने वाला परवलयाकार वक्र
$(B)$ शून्य या निरंतर त्वरण के साथ एक-आयामी गति के लिए विस्थापन ($y$-अक्ष) बनाम समय ($x$-अक्ष) $(q)$ मूल बिंदु से गुजरने वाला रैखिक ग्राफ
$(C)$ एक निश्चित कोण पर प्रक्षेपित प्रक्षेप्य की परास ($y$-अक्ष) बनाम उसका वेग ($x$-अक्ष) $(r)$ गैर-शून्य अंतःखंड वाला रैखिक ग्राफ
$(D)$ सरल लोलक के आवर्तकाल का वर्ग ($y$-अक्ष) बनाम उसकी लंबाई ($x$-अक्ष) $(s)$ ऊपर की ओर खुलने वाला परवलयाकार वक्र (मूल बिंदु से शुरू)
Question diagram
A
$(A) \rightarrow p, (B) \rightarrow q \& s, (C) \rightarrow s, (D) \rightarrow q$
B
$(A) \rightarrow q, (B) \rightarrow s \& r, (C) \rightarrow s, (D) \rightarrow q$
C
$(A) \rightarrow s, (B) \rightarrow r \& s, (C) \rightarrow r, (D) \rightarrow s$
D
$(A) \rightarrow s, (B) \rightarrow q \& s, (C) \rightarrow s, (D) \rightarrow q$

Solution

(D) सरल लोलक की स्थितिज ऊर्जा $U = \frac{1}{2} k x^2$ है,जो ऊपर की ओर खुलने वाला एक परवलय है। यह ग्राफ $(p)$ से मेल खाता है।
$(B)$ निरंतर त्वरण $a$ के साथ एक-आयामी गति के लिए,$x = ut + \frac{1}{2} a t^2$। यदि $a=0$ है,तो $x=ut$ (रैखिक,ग्राफ $(q)$)। यदि $a \neq 0$ है,तो यह एक परवलय है (ग्राफ $(s)$)। अतः,$(B) \rightarrow q \& s$।
$(C)$ प्रक्षेप्य की परास $R = \frac{v^2 \sin(2\theta)}{g}$ है। चूंकि $\theta$ निश्चित है,$R \propto v^2$। यह मूल बिंदु से शुरू होने वाला ऊपर की ओर खुलने वाला परवलय है,जो ग्राफ $(s)$ है।
$(D)$ सरल लोलक का आवर्तकाल $T = 2\pi \sqrt{\frac{L}{g}}$ है,इसलिए $T^2 = \frac{4\pi^2}{g} L$। यह मूल बिंदु से गुजरने वाला एक रैखिक ग्राफ $y = mx$ है,जो ग्राफ $(q)$ है।
49
AdvancedMCQ
फेज स्पेस आरेख सभी प्रकार की गतिशील समस्याओं के विश्लेषण में उपयोगी उपकरण हैं। जब प्रारंभिक स्थिति और संवेग बदलते हैं तो गति में होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन करने में ये विशेष रूप से उपयोगी होते हैं। यहाँ हम एक आयाम में कुछ सरल गतिशील प्रणालियों पर विचार करते हैं। ऐसी प्रणालियों के लिए, फेज स्पेस एक तल है जिसमें स्थिति को क्षैतिज अक्ष पर और संवेग को ऊर्ध्वाधर अक्ष पर आलेखित किया जाता है। फेज स्पेस आरेख इस तल में $x(t)$ बनाम $p(t)$ वक्र है। वक्र पर तीर समय के प्रवाह को इंगित करता है। उदाहरण के लिए, स्थिर वेग से गति करने वाले कण के लिए फेज स्पेस आरेख चित्र में दिखाए अनुसार एक सीधी रेखा है। हम उस चिह्न परिपाटी का उपयोग करते हैं जिसमें ऊपर की ओर (या दाईं ओर) स्थिति या संवेग धनात्मक है और नीचे की ओर (या बाईं ओर) ऋणात्मक है।
$1.$ जमीन से ऊपर की ओर फेंकी गई गेंद के लिए फेज स्पेस आरेख कौन सा है?
$2.$ सरल आवर्त गति के लिए फेज स्पेस आरेख मूल बिंदु पर केंद्रित एक वृत्त है। चित्र में, दो वृत्त एक ही ऑसिलेटर का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन अलग-अलग प्रारंभिक स्थितियों के लिए, और $E_1$ और $E_2$ क्रमशः कुल यांत्रिक ऊर्जाएं हैं। तो:
$(A) E_1 = \sqrt{2} E_2$
$(B) E_1 = 2 E_2$
$(C) E_1 = 4 E_2$
$(D) E_1 = 16 E_2$
$3.$ पानी में डूबे हुए द्रव्यमान के साथ स्प्रिंग-द्रव्यमान प्रणाली पर विचार करें, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। इस प्रणाली के एक चक्र के लिए फेज स्पेस आरेख कौन सा है?
प्रश्न $1, 2$ और $3$ के उत्तर दें।
Question diagram
A
$(D, C, B)$
B
$(A, B, C)$
C
$(B, B, D)$
D
$(D, A, D)$

Solution

(D) $1.$ ऊपर की ओर फेंकी गई गेंद के लिए, स्थिति $x$ बढ़ती है और फिर घटती है, और संवेग $p$ धनात्मक से ऋणात्मक की ओर घटता है। यह फेज स्पेस में नीचे की ओर खुलने वाले परवलय के अनुरूप है, जो विकल्प $(D)$ है।
$2.$ सरल आवर्त ऑसिलेटर की कुल यांत्रिक ऊर्जा $E = \frac{1}{2} k A^2$ है, जहाँ $A$ आयाम है। चित्र से, बाहरी वृत्त की त्रिज्या $2a$ है और आंतरिक वृत्त की $a$ है। अतः, $A_1 = 2a$ और $A_2 = a$। इसलिए, $E_1 = \frac{1}{2} k (2a)^2 = 4 (\frac{1}{2} k a^2) = 4 E_2$। यह विकल्प $(C)$ के अनुरूप है।
$3.$ पानी में डूबी हुई स्प्रिंग-द्रव्यमान प्रणाली अवमंदित दोलनों से गुजरती है। दोलन का आयाम समय के साथ घटता है, इसलिए फेज स्पेस आरेख मूल बिंदु की ओर अंदर की तरफ सर्पिल होगा। यह विकल्प $(B)$ के अनुरूप है।
50
AdvancedMCQ
एक छोटा ब्लॉक $4.9 \ m$ की बिना खिंची लंबाई वाली द्रव्यमान रहित स्प्रिंग के एक सिरे से जुड़ा है। स्प्रिंग का दूसरा सिरा $O$ पर स्थिर है। यह निकाय एक क्षैतिज घर्षण रहित सतह पर स्थित है। ब्लॉक को $0.2 \ m$ खींचा जाता है और $t = 0$ पर विरामावस्था से छोड़ा जाता है। यह $\omega = \frac{\pi}{3} \ rad/s$ की कोणीय आवृत्ति के साथ सरल आवर्त गति करता है। उसी समय $t = 0$ पर,एक छोटा पत्थर चित्र में दिखाए अनुसार बिंदु $P$ से $45^{\circ}$ के कोण पर $v$ चाल से प्रक्षेपित किया जाता है। बिंदु $P$,$O$ से $10 \ m$ की क्षैतिज दूरी पर है। यदि पत्थर $t = 1 \ s$ पर ब्लॉक से टकराता है,तो $v$ का मान ज्ञात कीजिए ($g = 10 \ m/s^2$ लें):
Question diagram
A
$\sqrt{50} \ m/s$
B
$\sqrt{51} \ m/s$
C
$\sqrt{52} \ m/s$
D
$\sqrt{53} \ m/s$

Solution

(A) $1$. सबसे पहले,$t = 1 \ s$ पर ब्लॉक की स्थिति निर्धारित करें। ब्लॉक $t = 0$ पर चरम स्थिति $x = A = 0.2 \ m$ से शुरू होता है। गति का समीकरण $x(t) = A \cos(\omega t)$ है।
$2$. $t = 1 \ s$ पर,$x(1) = 0.2 \cos(\frac{\pi}{3} \times 1) = 0.2 \cos(60^{\circ}) = 0.2 \times 0.5 = 0.1 \ m$। अतः,ब्लॉक $O$ से $0.1 \ m$ की दूरी पर है।
$3$. पत्थर को $P$ बिंदु से $x = 10 \ m$ पर प्रक्षेपित किया जाता है। यह $x = 0.1 \ m$ पर ब्लॉक से टकराता है। पत्थर द्वारा तय की गई क्षैतिज दूरी $d = 10 - 0.1 = 9.9 \ m$ है।
$4$. वेग का क्षैतिज घटक $v_x = v \cos(45^{\circ}) = \frac{v}{\sqrt{2}}$ है।
$5$. क्षैतिज दूरी तय करने में लगा समय $t = \frac{d}{v_x} \implies 1 = \frac{9.9}{v/\sqrt{2}} \implies v = 9.9 \sqrt{2} \approx 14 \ m/s$ है।
$6$. हालाँकि,$t = 1 \ s$ पर पत्थर को जमीन के स्तर पर भी होना चाहिए। ऊर्ध्वाधर विस्थापन $y(t) = (v \sin 45^{\circ})t - \frac{1}{2}gt^2$ है। $y(1) = 0$ रखने पर,हमें $v \sin 45^{\circ} = \frac{1}{2}g(1) = 5 \implies v = 5\sqrt{2} = \sqrt{50} \ m/s$ प्राप्त होता है।

Oscillations — Mix Examples-Oscillations · Frequently Asked Questions

1Are these Oscillations questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

Yes. Use the language tabs in the hero section or the sidebar to view the same questions and solutions in English, Hindi or Gujarati.

3How do I generate a question paper from this subtopic?

Use the Vedclass Exam Paper Generator — select the chapter and subtopic, set difficulty, and generate Sets A, B, C, D automatically. First 3 chapters of every subject are free.

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D papers from this chapter in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo
For Teachers & Institutes

Generate a Oscillations Exam Paper in 2 Minutes

Select subtopic & difficulty — Sets A, B, C, D auto-generated with No Repeat logic.

First 3 chapters of every subject are free — no payment required.