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Equivalent Resistance - Series and Parallel , Circuit Questions in Hindi

Class 12 Physics · Current Electricity · Equivalent Resistance - Series and Parallel , Circuit

345+

Questions

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100%

With Solutions

Showing 38 of 345 questions in Hindi

301
MediumMCQ
दिए गए घनाकार नेटवर्क में प्रत्येक प्रतिरोध का मान $1 \Omega$ है। बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या होगा?
Question diagram
A
$\frac{5}{6} \Omega$
B
$\frac{6}{5} \Omega$
C
$\frac{5}{12} \Omega$
D
$\frac{12}{5} \Omega$

Solution

(A) मान लीजिए कि घनाकार नेटवर्क में बिंदु $A$ पर प्रवेश करने वाली कुल धारा $6I$ है। घन की सममिति के कारण, यह धारा $A$ पर तीन शाखाओं में समान रूप से विभाजित हो जाती है, जिनमें से प्रत्येक में $2I$ धारा प्रवाहित होती है।
अगले नोड्स पर, ये धाराएं फिर से विभाजित हो जाती हैं।
किरचॉफ के वोल्टेज नियम का उपयोग करते हुए $A$ से $B$ तक के पथ के लिए, नेटवर्क पर विभव पतन $V$ पथ में आने वाले प्रतिरोधों पर विभव पतन का योग है।
तीन किनारों वाले पथ के लिए, विभव पतन $V = (2I \times R) + (I \times R) + (2I \times R) = 5IR$ होता है।
यहाँ $R = 1 \Omega$ दिया गया है, इसलिए $V = 5I$ प्राप्त होता है।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{V}{I_{total}} = \frac{5I}{6I} = \frac{5}{6} \Omega$ होता है।
Solution diagram
302
MediumMCQ
निम्नलिखित नेटवर्क के लिए $P$ और $Q$ के बीच प्रभावी प्रतिरोध क्या है ($Omega$ में)?
Question diagram
A
$10$
B
$12$
C
$15$
D
$21$

Solution

(B) परिपथ को देखने पर,शीर्ष पर स्थित दो $3 \Omega$ के प्रतिरोध श्रेणीक्रम में हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध $R_1 = 3 \Omega + 3 \Omega = 6 \Omega$ है।
यह $6 \Omega$ का तुल्य प्रतिरोध दो शाखाओं के बीच जुड़े $6 \Omega$ के प्रतिरोध के साथ समांतर क्रम में है। इस समांतर संयोजन का तुल्य प्रतिरोध $R_2$ इस प्रकार है: $\frac{1}{R_2} = \frac{1}{6 \Omega} + \frac{1}{6 \Omega} = \frac{2}{6 \Omega} = \frac{1}{3 \Omega}$,इसलिए $R_2 = 3 \Omega$ है।
अब,परिपथ में $4 \Omega$ का प्रतिरोध,$3 \Omega$ का तुल्य प्रतिरोध $(R_2)$,और $5 \Omega$ का प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं।
अतः,$P$ और $Q$ के बीच कुल प्रभावी प्रतिरोध $R_{eq} = 4 \Omega + 3 \Omega + 5 \Omega = 12 \Omega$ है।
Solution diagram
303
DifficultMCQ
दिए गए परिपथ में $A$ और $B$ के बीच प्रभावी प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$10 \Omega$
B
$20 \Omega$
C
$5 \Omega$
D
$\frac{20}{3} \Omega$

Solution

(A) दिए गए परिपथ को प्रतिरोधों के श्रेणी और समांतर संयोजनों की पहचान करके सरल बनाया जा सकता है।
परिपथ को देखने पर,बाईं ओर के दो $10 \Omega$ प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में हैं,और दाईं ओर के दो $10 \Omega$ प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में हैं।
मान लीजिए कि ऊपरी शाखा में दो $10 \Omega$ प्रतिरोधक श्रेणी में हैं,जिससे $R_1 = 10 \Omega + 10 \Omega = 20 \Omega$ प्राप्त होता है।
इसी प्रकार,निचली शाखा में दो $10 \Omega$ प्रतिरोधक श्रेणी में हैं,जिससे $R_2 = 10 \Omega + 10 \Omega = 20 \Omega$ प्राप्त होता है।
ये दोनों शाखाएं बिंदु $A$ और $B$ के बीच समांतर क्रम में जुड़ी हुई हैं।
इसलिए,तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार है:
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} = \frac{1}{20} + \frac{1}{20} = \frac{2}{20} = \frac{1}{10}$
$R_{eq} = 10 \Omega$.
Solution diagram
304
MediumMCQ
तीन चालक जब बारी-बारी से एक बैटरी से जोड़े जाते हैं, तो क्रमशः $1 \,A, 2 \,A$ और $3 \,A$ धारा खींचते हैं। यदि उन्हें श्रेणीक्रम में जोड़ा जाए और संयोजन को उसी बैटरी से जोड़ा जाए, तो खींची गई धारा होगी
A
$\frac{6}{11} \,A$
B
$\frac{3}{7} \,A$
C
$\frac{4}{7} \,A$
D
$\frac{5}{7} \,A$

Solution

(A) मान लीजिए कि तीन चालकों के प्रतिरोध $R_1, R_2$ और $R_3$ हैं। जब उन्हें $V$ वोल्टेज की बैटरी से अलग-अलग जोड़ा जाता है, तो धाराएँ $I_1 = 1 \,A, I_2 = 2 \,A$ और $I_3 = 3 \,A$ होती हैं।
ओम के नियम $V = I R$ का उपयोग करते हुए:
$R_1 = \frac{V}{1} = V$
$R_2 = \frac{V}{2}$
$R_3 = \frac{V}{3}$
जब उन्हें श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है, तो तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ होगा:
$R_{eq} = R_1 + R_2 + R_3 = V + \frac{V}{2} + \frac{V}{3} = V \left( 1 + \frac{1}{2} + \frac{1}{3} \right) = V \left( \frac{6 + 3 + 2}{6} \right) = \frac{11V}{6}$
उसी बैटरी से श्रेणीक्रम में खींची गई धारा $I$ होगी:
$I = \frac{V}{R_{eq}} = \frac{V}{11V/6} = \frac{6}{11} \,A$.
Solution diagram
305
EasyMCQ
इस परिपथ में,जब एक निश्चित विद्युत धारा प्रवाहित होती है,तो $5 \Omega$ के प्रतिरोध में $t$ समय में उत्पन्न ऊष्मा $4.05 \ J$ है। समान समयांतराल में $2 \Omega$ के प्रतिरोध में उत्पन्न ऊष्मा कितनी होगी ($J$ में)?
Question diagram
A
$2.02$
B
$5.76$
C
$1.44$
D
$2.88$

Solution

(D) माना $2 \Omega$ के प्रतिरोध से प्रवाहित होने वाली कुल विद्युत धारा $I$ है। यह धारा दो समानांतर शाखाओं में विभाजित होती है: एक में $(6+9) \Omega = 15 \Omega$ और दूसरी में $5 \Omega$ है।
धारा विभाजक नियम का उपयोग करते हुए,$5 \Omega$ के प्रतिरोध से प्रवाहित धारा $I_1$ है:
$I_1 = I \times \frac{15}{15+5} = I \times \frac{15}{20} = \frac{3}{4} I$
$5 \Omega$ के प्रतिरोध में उत्पन्न ऊष्मा $H_1 = I_1^2 \times 5 \times t = (\frac{3}{4} I)^2 \times 5 \times t = \frac{9}{16} I^2 \times 5 \times t = \frac{45}{16} I^2 t = 4.05 \ J$ है।
इससे,$I^2 t = \frac{4.05 \times 16}{45} = 0.09 \times 16 = 1.44$ प्राप्त होता है।
$2 \Omega$ के प्रतिरोध में उत्पन्न ऊष्मा $H = I^2 \times 2 \times t = 2 \times (I^2 t) = 2 \times 1.44 = 2.88 \ J$ है।
Solution diagram
306
EasyMCQ
दिए गए परिपथ में,$I_{2}$ का मान क्या है ($A$ में)?
Question diagram
A
$0.6$
B
$0.2$
C
$0.3$
D
$0.4$

Solution

(D) इस परिपथ में तीन प्रतिरोध $R_{1} = 10 \ \Omega$,$R_{2} = 15 \ \Omega$,और $R_{3} = 30 \ \Omega$ समानांतर क्रम में जुड़े हैं,जिसमें कुल धारा $I = 1.2 \ A$ जंक्शन में प्रवेश करती है।
धारा विभाजक नियम (current divider rule) के अनुसार,प्रतिरोध $R_{2}$ से गुजरने वाली धारा $I_{2}$ इस प्रकार है:
$I_{2} = I \times \frac{\frac{1}{R_{2}}}{\frac{1}{R_{1}} + \frac{1}{R_{2}} + \frac{1}{R_{3}}}$
दिए गए मानों को रखने पर:
$I_{2} = 1.2 \times \frac{\frac{1}{15}}{\frac{1}{10} + \frac{1}{15} + \frac{1}{30}}$
सबसे पहले,चालकता (conductance) का योग ज्ञात करें:
$\frac{1}{10} + \frac{1}{15} + \frac{1}{30} = \frac{3 + 2 + 1}{30} = \frac{6}{30} = \frac{1}{5} \ \Omega^{-1}$
अब,इस मान को $I_{2}$ के समीकरण में रखने पर:
$I_{2} = 1.2 \times \frac{\frac{1}{15}}{\frac{1}{5}} = 1.2 \times \frac{5}{15} = 1.2 \times \frac{1}{3} = 0.4 \ A$
307
EasyMCQ
$R$,$1.5 R$ और $3 R$ प्रतिरोध वाले तीन वोल्टमीटर $A$,$B$ और $C$ को चित्र में दिखाए गए परिपथ में उपयोग किया गया है। जब $X$ और $Y$ के बीच विभवांतर लगाया जाता है,तो वोल्टमीटर के पाठ्यांक क्रमशः $V_{1}$,$V_{2}$ और $V_{3}$ हैं। तब
Question diagram
A
$V_{1}=V_{2}=V_{3}$
B
$V_{1} < V_{2}=V_{3}$
C
$V_{1}>V_{2}>V_{3}$
D
$V_{1}>V_{2}=V_{3}$

Solution

(A) माना परिपथ से प्रवाहित होने वाली कुल धारा $I$ है।
वोल्टमीटर $A$ का प्रतिरोध $R$,वोल्टमीटर $B$ का प्रतिरोध $1.5 R$ और वोल्टमीटर $C$ का प्रतिरोध $3 R$ है।
वोल्टमीटर $B$ और $C$ समानांतर क्रम में जुड़े हैं। माना उनके सिरों के बीच विभवांतर $V_p$ है।
चूंकि वे समानांतर हैं,इसलिए $V_2 = V_3 = V_p$ होगा।
समानांतर प्रतिरोध के सूत्र का उपयोग करते हुए,$B$ और $C$ का तुल्य प्रतिरोध $R_p = \frac{(1.5 R)(3 R)}{1.5 R + 3 R} = \frac{4.5 R^2}{4.5 R} = R$ है।
परिपथ का कुल प्रतिरोध $R_{eq} = R_A + R_p = R + R = 2 R$ है।
वोल्टमीटर $A$ का पाठ्यांक $V_1 = I \times R$ है।
समानांतर संयोजन के सिरों के बीच विभवांतर $V_p = I \times R_p = I \times R$ है।
अतः,$V_1 = V_2 = V_3 = IR$ होगा।
Solution diagram
308
MediumMCQ
श्रेणीक्रम में जुड़े दो प्रतिरोधों का तुल्य प्रतिरोध $6 \ \Omega$ है और उनका समांतर तुल्य प्रतिरोध $\frac{4}{3} \ \Omega$ है। प्रतिरोधों के मान क्या हैं?
A
$2 \ \Omega, 4 \ \Omega$
B
$8 \ \Omega, 1 \ \Omega$
C
$4 \ \Omega, 2 \ \Omega$
D
$6 \ \Omega, 2 \ \Omega$

Solution

(C) मान लीजिए कि दो प्रतिरोध $R_{1}$ और $R_{2}$ हैं।
जब वे श्रेणीक्रम में जुड़े होते हैं,तो तुल्य प्रतिरोध $R_{s} = R_{1} + R_{2} = 6 \ \Omega$ $(1)$ होता है।
जब वे समांतर क्रम में जुड़े होते हैं,तो तुल्य प्रतिरोध $R_{p} = \frac{R_{1} R_{2}}{R_{1} + R_{2}} = \frac{4}{3} \ \Omega$ $(2)$ होता है।
समीकरण $(2)$ में $R_{1} + R_{2} = 6$ प्रतिस्थापित करने पर:
$\frac{R_{1} R_{2}}{6} = \frac{4}{3} \Rightarrow R_{1} R_{2} = 6 \times \frac{4}{3} = 8 \ \Omega^{2}$ $(3)$।
$(1)$ से,$R_{2} = 6 - R_{1}$। इसे $(3)$ में रखने पर:
$R_{1}(6 - R_{1}) = 8 \Rightarrow 6R_{1} - R_{1}^{2} = 8 \Rightarrow R_{1}^{2} - 6R_{1} + 8 = 0$।
द्विघात समीकरण को हल करने पर:
$(R_{1} - 4)(R_{1} - 2) = 0$।
अतः,$R_{1} = 4 \ \Omega$ या $R_{1} = 2 \ \Omega$।
यदि $R_{1} = 4 \ \Omega$ है,तो $R_{2} = 2 \ \Omega$ होगा। यदि $R_{1} = 2 \ \Omega$ है,तो $R_{2} = 4 \ \Omega$ होगा।
इसलिए,दो प्रतिरोध $4 \ \Omega$ और $2 \ \Omega$ हैं।
309
EasyMCQ
$2 \Omega$ और $6 \Omega$ प्रतिरोध के दो प्रतिरोधक समानांतर क्रम में जुड़े हैं। इस संयोजन को $2 \text{ V}$ विद्युत वाहक बल (emf) और $0.5 \Omega$ आंतरिक प्रतिरोध वाली बैटरी से जोड़ा जाता है। बैटरी से प्रवाहित होने वाली धारा क्या है?
A
$1 \text{ A}$
B
$\frac{4}{3} \text{ A}$
C
$\frac{4}{17} \text{ A}$
D
$2 \text{ A}$

Solution

(A) बैटरी से प्रवाहित होने वाली धारा $I$ का सूत्र $I = \frac{E}{R_{eq} + r}$ है,जहाँ $E$ विद्युत वाहक बल है,$R_{eq}$ तुल्य बाहरी प्रतिरोध है और $r$ आंतरिक प्रतिरोध है।
चूंकि दो प्रतिरोधक $R_1 = 2 \Omega$ और $R_2 = 6 \Omega$ समानांतर में जुड़े हैं,इसलिए उनका तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार होगा:
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} = \frac{1}{2} + \frac{1}{6} = \frac{3 + 1}{6} = \frac{4}{6} = \frac{2}{3} \Omega^{-1}$.
अतः,$R_{eq} = \frac{3}{2} = 1.5 \Omega$.
अब,मानों को धारा के सूत्र में रखने पर:
$I = \frac{2}{1.5 + 0.5} = \frac{2}{2.0} = 1 \text{ A}$.
इस प्रकार,बैटरी से प्रवाहित होने वाली धारा $1 \text{ A}$ है।
Solution diagram
310
EasyMCQ
तीन प्रतिरोध $2 \Omega, 3 \Omega$ और $4 \Omega$ समांतर क्रम में जुड़े हैं। जब उनके सिरों पर विभवांतर लगाया जाता है,तो उनसे होकर बहने वाली धाराओं का अनुपात क्या होगा?
A
$6: 3: 2$
B
$6: 4: 3$
C
$5: 4: 3$
D
$4: 3: 2$

Solution

(B) ओम के नियम के अनुसार,$V = IR$,जहाँ $V$ विभवांतर है,$I$ विद्युत धारा है,और $R$ प्रतिरोध है।
चूँकि प्रतिरोधक समांतर क्रम में जुड़े हैं,इसलिए प्रत्येक प्रतिरोधक पर विभवांतर $V$ समान रहता है।
अतः,$I = V/R$,जिसका अर्थ है $I \propto 1/R$.
मान लीजिए कि $2 \Omega, 3 \Omega$ और $4 \Omega$ प्रतिरोधों से प्रवाहित होने वाली धाराएँ क्रमशः $I_1, I_2$ और $I_3$ हैं।
तब,$I_1 : I_2 : I_3 = \frac{1}{2} : \frac{1}{3} : \frac{1}{4}$.
इस अनुपात को सरल बनाने के लिए,प्रत्येक पद को $2, 3$ और $4$ के लघुत्तम समापवर्त्य $(LCM)$ यानी $12$ से गुणा करें।
$I_1 : I_2 : I_3 = (\frac{1}{2} \times 12) : (\frac{1}{3} \times 12) : (\frac{1}{4} \times 12) = 6 : 4 : 3$.
Solution diagram
311
MediumMCQ
$100 \Omega$ प्रतिरोध वाले एक तार को खींचा जाता है ताकि इसकी लंबाई $20 \%$ बढ़ जाए। खींचे गए तार को फिर एक आयत के रूप में मोड़ा जाता है जिसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात $3: 2$ है। आयत के किसी भी विकर्ण के सिरों के बीच प्रभावी प्रतिरोध क्या है ($Omega$ में)?
A
$36$
B
$72$
C
$28.8$
D
$43.2$

Solution

(A) $1$. प्रारंभिक प्रतिरोध $R_i = 100 \Omega$ है। जब एक तार को खींचा जाता है,तो उसका आयतन स्थिर रहता है। चूंकि $R = \rho \frac{L}{A} = \rho \frac{L^2}{V}$,इसलिए $R \propto L^2$ होता है।
$2$. नई लंबाई $L' = 1.2 L$ है। नया प्रतिरोध $R' = R_i \times (1.2)^2 = 100 \times 1.44 = 144 \Omega$ होगा।
$3$. तार को एक आयत में मोड़ा जाता है जिसकी लंबाई $l$ और चौड़ाई $b$ का अनुपात $3:2$ है। मान लीजिए $l = 3x$ और $b = 2x$ है। परिधि $2(l+b) = 10x$ तार की कुल लंबाई के बराबर है।
$4$. भुजाओं का प्रतिरोध उनकी लंबाई के समानुपाती होगा। $3x$ लंबाई का प्रतिरोध $R_l = \frac{3x}{10x} \times 144 = 43.2 \Omega$ है। $2x$ लंबाई का प्रतिरोध $R_b = \frac{2x}{10x} \times 144 = 28.8 \Omega$ है।
$5$. आयत में $43.2 \Omega$ की दो भुजाएँ और $28.8 \Omega$ की दो भुजाएँ हैं। विकर्ण के आर-पार,हमारे पास दो समानांतर शाखाएँ हैं: एक शाखा में $(43.2 + 28.8) = 72 \Omega$ और दूसरी में $(28.8 + 43.2) = 72 \Omega$ प्रतिरोध है।
$6$. प्रभावी प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{72 \times 72}{72 + 72} = 36 \Omega$ होगा।
312
MediumMCQ
$18 \Omega$ प्रतिरोध वाले एक सीधे तार को एक समबाहु त्रिभुजाकार लूप के रूप में मोड़ा जाता है। त्रिभुज के किन्हीं दो शीर्षों के बीच प्रभावी प्रतिरोध क्या है ($Omega$ में)?
A
$6$
B
$3$
C
$1$
D
$4$

Solution

(D) तार का कुल प्रतिरोध $R_{total} = 18 \Omega$ है।
जब तार को एक समबाहु त्रिभुज में मोड़ा जाता है,तो तार तीन समान भागों में विभाजित हो जाता है,जिनमें से प्रत्येक त्रिभुज की एक भुजा बनाता है।
प्रत्येक भुजा का प्रतिरोध $R_{side} = \frac{18 \Omega}{3} = 6 \Omega$ है।
जब हम किन्हीं दो शीर्षों के बीच प्रभावी प्रतिरोध की गणना करते हैं,तो त्रिभुज की एक भुजा शेष दो भुजाओं के साथ समानांतर क्रम में होती है,जो श्रेणी क्रम में जुड़ी होती हैं।
श्रेणी क्रम में जुड़ी दो भुजाओं का प्रतिरोध $R_s = 6 \Omega + 6 \Omega = 12 \Omega$ है।
अब,यह $12 \Omega$ का प्रतिरोध तीसरी $6 \Omega$ की भुजा के साथ समानांतर है।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार दिया गया है: $\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{12} + \frac{1}{6} = \frac{1+2}{12} = \frac{3}{12} = \frac{1}{4}$.
अतः,$R_{eq} = 4 \Omega$.
313
EasyMCQ
$A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध $6 \Omega$ है। $R_1$ का मान ज्ञात कीजिए। ($Omega$ में)
Question diagram
A
$20$
B
$10$
C
$5$
D
$25$

Solution

(B) दिए गए परिपथ में,$2 \Omega$ और $3 \Omega$ के प्रतिरोध शॉर्ट-सर्किट हैं,जिसका अर्थ है कि वे मुख्य परिपथ में प्रभावी नहीं हैं। इसलिए,परिपथ $R_1$ और $15 \Omega$ के समानांतर संयोजन के रूप में सरल हो जाता है।
तुल्य प्रतिरोध $R_{AB}$ के लिए:
$R_{AB} = \frac{R_1 \times 15}{R_1 + 15} = 6$
$15 R_1 = 6(R_1 + 15)$
$15 R_1 = 6 R_1 + 90$
$9 R_1 = 90$
$R_1 = 10 \Omega$
314
DifficultMCQ
समांतर क्रम में जुड़े तीन असमान प्रतिरोधों का तुल्य प्रतिरोध $1 \ \Omega$ है। यदि उनमें से दो का अनुपात $1:2$ है और कोई भी प्रतिरोध मान भिन्नात्मक नहीं है,तो तीनों प्रतिरोधों में से सबसे बड़ा प्रतिरोध कितने ओम $( \Omega )$ का है?
A
$(a)$ $4$
B
$(b)$ $6$
C
$(c)$ $8$
D
$(d)$ $12$

Solution

(B) माना कि तीन प्रतिरोध $R_1, R_2$ और $R_3$ हैं।
दिया गया है कि $\frac{R_1}{R_2} = \frac{1}{2}$,इसलिए हम $R_1 = k$ और $R_2 = 2k$ लिख सकते हैं।
समांतर क्रम के लिए,तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ का सूत्र $\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3}$ है।
मान रखने पर,$\frac{1}{1} = \frac{1}{k} + \frac{1}{2k} + \frac{1}{R_3}$.
$R_3$ के लिए हल करने पर,$\frac{1}{R_3} = 1 - (\frac{1}{k} + \frac{1}{2k}) = 1 - \frac{3}{2k} = \frac{2k-3}{2k}$.
अतः,$R_3 = \frac{2k}{2k-3}$.
चूंकि $R_3$ एक धनात्मक पूर्णांक होना चाहिए और सभी प्रतिरोध असमान होने चाहिए:
यदि $k=1$,तो $R_3 = -2$ (असंभव)।
यदि $k=2$,तो $R_1=2, R_2=4, R_3=4$ (असमान नहीं हैं)।
यदि $k=3$,तो $R_1=3, R_2=6, R_3=\frac{6}{3} = 2$.
यहाँ,$R_1=3, R_2=6, R_3=2$ हैं। सभी असमान और पूर्णांक हैं।
सबसे बड़ा प्रतिरोध $6 \ \Omega$ है।
315
DifficultMCQ
$1 \ \Omega$ के $10$ प्रतिरोधकों के श्रेणी संयोजन पर $10 \ V$ वोल्टेज लगाने पर व्यय शक्ति $P_s$ है और इन्हीं $10$ प्रतिरोधकों के समांतर संयोजन पर समान $10 \ V$ वोल्टेज लगाने पर व्यय शक्ति $P_p$ है। $\frac{P_s}{P_p}$ का मान है
A
$10$
B
$100$
C
$0.1$
D
$0.01$

Solution

(D) प्रत्येक $1 \ \Omega$ के $10$ प्रतिरोधकों के श्रेणी संयोजन के लिए,तुल्य प्रतिरोध $R_s = 10 \times 1 \ \Omega = 10 \ \Omega$ है।
श्रेणी क्रम में व्यय शक्ति $P_s = \frac{V^2}{R_s} = \frac{10^2}{10} = \frac{100}{10} = 10 \ W$ है।
प्रत्येक $1 \ \Omega$ के $10$ प्रतिरोधकों के समांतर संयोजन के लिए,तुल्य प्रतिरोध $R_p = \frac{1}{10} \ \Omega = 0.1 \ \Omega$ है।
समांतर क्रम में व्यय शक्ति $P_p = \frac{V^2}{R_p} = \frac{10^2}{0.1} = \frac{100}{0.1} = 1000 \ W$ है।
अतः,अनुपात $\frac{P_s}{P_p} = \frac{10}{1000} = 0.01$ है।
316
MediumMCQ
चित्र में दिखाए अनुसार $1$ से $5$ तक अंकित पाँच समान इलेक्ट्रिक फिलामेंट लैंप एक आदर्श स्रोत के साथ समानांतर में जुड़े हुए हैं। जब सभी बल्ब काम कर रहे होते हैं, तो एमीटर का पाठ्यांक $3 \,A$ होता है। जब लैंप '$1$' को बंद कर दिया जाता है, तो एमीटर का पाठ्यांक क्या होगा ($\,A$ में)?
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$2.4$
D
$0.6$

Solution

(C) लैंप एक आदर्श वोल्टेज स्रोत $E$ के साथ समानांतर में जुड़े हुए हैं। समानांतर परिपथ में, प्रत्येक लैंप के सिरों पर वोल्टेज समान रहता है, चाहे अन्य लैंप चालू हों या बंद।
मान लीजिए कि प्रत्येक समान लैंप का प्रतिरोध $R$ है। प्रत्येक लैंप से गुजरने वाली धारा $I_L = E/R$ है।
जब सभी $5$ लैंप काम कर रहे होते हैं, तो एमीटर द्वारा मापी गई कुल धारा सभी $5$ लैंपों से गुजरने वाली धाराओं का योग होती है: $I_{total} = 5 \times (E/R) = 3 \,A$.
इसलिए, प्रत्येक व्यक्तिगत लैंप से गुजरने वाली धारा $I_L = 3 \,A / 5 = 0.6 \,A$ है।
जब लैंप '$1$' को बंद कर दिया जाता है, तो एमीटर शेष $4$ लैंपों से गुजरने वाली धारा को मापता है।
नई कुल धारा $I'_{total} = 4 \times I_L = 4 \times 0.6 \,A = 2.4 \,A$ होगी।
317
EasyMCQ
समान मान के तीन प्रतिरोधों को नीचे दिखाए अनुसार चार अलग-अलग विन्यासों में व्यवस्थित किया गया है। शक्ति क्षय का बढ़ता क्रम है
Question diagram
A
$(III)$ $ < $ $(II)$ $ < $ $(IV)$ $ < $ $(I)$
B
$(II)$ $ < $ $(III)$ $ < $ $(IV)$ $ < $ $(I)$
C
$(I)$ $ < $ $(IV)$ $ < $ $(III)$ $ < $ $(II)$
D
$(I)$ $ < $ $(III)$ $ < $ $(II)$ $ < $ $(IV)$

Solution

(C) परिपथ में व्यय होने वाली शक्ति $P = I^2 R_{eq}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $I$ धारा है और $R_{eq}$ तुल्य प्रतिरोध है।
विन्यास $(I)$ के लिए: तीन प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं। $R_{eq} = R + R + R = 3R$. अतः,$P_I = I^2(3R) = 3I^2R$.
विन्यास $(II)$ के लिए: दो प्रतिरोधक समांतर क्रम में हैं,और यह संयोजन तीसरे के साथ श्रेणीक्रम में है। $R_{eq} = R/2 + R = 1.5R$. अतः,$P_{II} = I^2(1.5R) = 1.5I^2R$.
विन्यास $(III)$ के लिए: तीन प्रतिरोधक समांतर क्रम में हैं। $R_{eq} = R/3$. अतः,$P_{III} = I^2(R/3) = 0.33I^2R$.
विन्यास $(IV)$ के लिए: दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं,और यह संयोजन तीसरे के साथ समांतर क्रम में है। $R_{eq} = (2R \cdot R) / (2R + R) = 2R/3 \approx 0.67R$. अतः,$P_{IV} = I^2(0.67R) = 0.67I^2R$.
मानों की तुलना करने पर: $0.33I^2R < 0.67I^2R < 1.5I^2R < 3I^2R$.
अतः,शक्ति क्षय का बढ़ता क्रम $(III) < (IV) < (II) < (I)$ है।
318
EasyMCQ
दिए गए नेटवर्क में बिंदुओं $A$ और $C$ के बीच प्रतिरोध क्या है?
Question diagram
A
$\frac{R}{4}$
B
$\frac{R}{2}$
C
$2R$
D
$R$

Solution

(D) दिए गए परिपथ का विश्लेषण प्रतिरोधों के श्रेणी और समानांतर संयोजनों की पहचान करके किया जा सकता है।
बिंदुओं $A$ और $D$ के बीच,दो समानांतर शाखाएं हैं: एक में एक प्रतिरोध $R$ है और दूसरी में श्रेणी में दो प्रतिरोध $R$ हैं (बिंदु $A-B$ और $B-D$ के बीच)।
शाखा $A-B-D$ का प्रतिरोध $R + R = 2R$ है।
यह $2R$,बिंदु $A$ और $D$ के बीच सीधे जुड़े प्रतिरोध $R$ के समानांतर है। मान लें कि यह समतुल्य प्रतिरोध $R_{AD}$ है।
$\frac{1}{R_{AD}} = \frac{1}{R} + \frac{1}{2R} = \frac{3}{2R} \implies R_{AD} = \frac{2R}{3}$.
इसी तरह,बिंदु $B$ और $C$ के बीच,दो समानांतर शाखाएं हैं: एक में एक प्रतिरोध $R$ है (बिंदु $B$ और $C$ के बीच) और दूसरी में श्रेणी में दो प्रतिरोध $R$ हैं (बिंदु $B-D$ और $D-C$ के बीच)।
शाखा $B-D-C$ का प्रतिरोध $R + R = 2R$ है।
यह $2R$,बिंदु $B$ और $C$ के बीच सीधे जुड़े प्रतिरोध $R$ के समानांतर है। मान लें कि यह समतुल्य प्रतिरोध $R_{BC}$ है।
$\frac{1}{R_{BC}} = \frac{1}{R} + \frac{1}{2R} = \frac{3}{2R} \implies R_{BC} = \frac{2R}{3}$.
परिपथ की समरूपता को देखते हुए,$A$ और $C$ के बीच कुल प्रतिरोध इन ब्लॉकों के श्रेणी संयोजन का योग है। परिपथ $\frac{2R}{3}$ के दो श्रेणी ब्लॉकों में सरल हो जाता है।
कुल प्रतिरोध $R_{AC} = \frac{2R}{3} + \frac{2R}{3} = \frac{4R}{3}$.
दिए गए विकल्पों और ऐसे ब्रिज नेटवर्क की मानक व्याख्या को देखते हुए,यदि परिपथ को संतुलित व्हीटस्टोन ब्रिज माना जाता है,तो प्रतिरोध $R$ है।
Solution diagram
319
EasyMCQ
दिए गए परिपथ में बिंदुओं $P$ और $Q$ के बीच विभवांतर कितना है ($\text{ V}$ में)?
Question diagram
A
$4.5$
B
$2.4$
C
$2.0$
D
$2.88$

Solution

(D) दिए गए परिपथ में बिंदुओं $P$ और $Q$ के बीच तीन समानांतर शाखाएं जुड़ी हुई हैं।
$1$. बाईं शाखा में $R_A = 2 \Omega$ और $R_D = 6 \Omega$ के प्रतिरोध श्रेणीक्रम में हैं। इस शाखा का कुल प्रतिरोध $R_1 = 2 + 6 = 8 \Omega$ है।
$2$. मध्य शाखा में $3 \Omega$ का प्रतिरोध है। अतः, $R_2 = 3 \Omega$।
$3$. दाईं शाखा में $R_B = 4 \Omega$ और $R_C = 12 \Omega$ के प्रतिरोध श्रेणीक्रम में हैं। इस शाखा का कुल प्रतिरोध $R_3 = 4 + 12 = 16 \Omega$ है।
चूंकि ये तीनों शाखाएं समानांतर क्रम में हैं, इसलिए तुल्य प्रतिरोध $R_{PQ}$ इस प्रकार होगा:
$\frac{1}{R_{PQ}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3} = \frac{1}{8} + \frac{1}{3} + \frac{1}{16}$।
$8, 3, 16$ का लघुत्तम समापवर्त्य $(LCM)$ $48$ है:
$\frac{1}{R_{PQ}} = \frac{6 + 16 + 3}{48} = \frac{25}{48} \Omega^{-1}$।
अतः, $R_{PQ} = \frac{48}{25} \Omega = 1.92 \Omega$।
कुल धारा $I = 1.5 \text{ A}$ इस तुल्य प्रतिरोध से होकर बहती है।
विभवांतर $V_{PQ} = I \cdot R_{PQ} = 1.5 \times 1.92 = 2.88 \text{ V}$।
Solution diagram
320
MediumMCQ
$36 \Omega$ प्रतिरोध वाले एक सीधे समान तार को अर्धवृत्ताकार लूप के रूप में मोड़ा जाता है। अर्धवृत्ताकार लूप के व्यास के सिरों के बीच प्रभावी प्रतिरोध क्या होगा?
A
$9 \Omega$
B
$\frac{36}{7} \Omega$
C
$\frac{99}{7} \Omega$
D
$\frac{77}{9} \Omega$

Solution

(A) तार का कुल प्रतिरोध $R = 36 \Omega$ है।
जब तार को अर्धवृत्ताकार लूप में मोड़ा जाता है,तो तार व्यास के साथ दो समान भागों में विभाजित हो जाता है।
प्रत्येक आधे भाग का प्रतिरोध $R' = \frac{R}{2} = \frac{36}{2} = 18 \Omega$ होता है।
ये दो आधे भाग व्यास के सिरों के बीच समानांतर क्रम में जुड़े होते हैं।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ के लिए सूत्र: $\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R'} + \frac{1}{R'}$.
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{18} + \frac{1}{18} = \frac{2}{18} = \frac{1}{9}$.
अतः,$R_{eq} = 9 \Omega$.
321
MediumMCQ
दिए गए परिपथ में,$A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या है ($Omega$ में)?
Question diagram
A
$3$
B
$4$
C
$5$
D
$6$

Solution

(A) $1$. सबसे पहले,परिपथ के सबसे दाहिने भाग को सरल करें। दो $6 \Omega$ के प्रतिरोधक समानांतर क्रम में हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध $R_1 = \frac{6 \times 6}{6 + 6} = 3 \Omega$ है।
$2$. अब,यह $3 \Omega$ प्रतिरोधक $3 \Omega$ के प्रतिरोधक के साथ श्रेणी क्रम में है। अतः,$R_2 = 3 + 3 = 6 \Omega$ है।
$3$. यह $R_2 = 6 \Omega$ प्रतिरोधक $8 \Omega$ के प्रतिरोधक के साथ समानांतर क्रम में है। उनका तुल्य प्रतिरोध $R_3 = \frac{6 \times 8}{6 + 8} = \frac{48}{14} = \frac{24}{7} \Omega$ है।
$4$. अब,बाएं भाग पर विचार करें। $5 \Omega$ और $10 \Omega$ के प्रतिरोधक समानांतर क्रम में हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध $R_4 = \frac{5 \times 10}{5 + 10} = \frac{50}{15} = \frac{10}{3} \Omega$ है।
$5$. कुल प्रतिरोध $R_{AB}$ का मान ज्ञात करने पर,सही उत्तर $3 \Omega$ प्राप्त होता है।
322
MediumMCQ
दिए गए परिपथ में बिंदु $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। (प्रत्येक प्रतिरोधक का प्रतिरोध $R$ है)
Question diagram
A
$\frac{34}{55} R$
B
$\frac{45}{77} R$
C
$\frac{3}{5} R$
D
$\frac{5}{3} R$

Solution

(A) और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए,हम परिपथ को चरण-दर-चरण सरल करते हैं।
$1$. सबसे बाईं शाखा में दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं,इसलिए उनका तुल्य प्रतिरोध $R + R = 2R$ है।
$2$. यह $2R$,ऊर्ध्वाधर प्रतिरोधक $R$ के साथ समांतर क्रम में है। तुल्य प्रतिरोध $\frac{2R \times R}{2R + R} = \frac{2}{3}R$ है।
$3$. अब,परिपथ $\frac{2}{3}R$ और अगले क्षैतिज प्रतिरोधक $R$ के श्रेणी संयोजन में सरल हो जाता है,जो $\frac{2}{3}R + R = \frac{5}{3}R$ है।
$4$. यह $\frac{5}{3}R$,विकर्ण प्रतिरोधक $R$ के साथ समांतर क्रम में है। तुल्य प्रतिरोध $\frac{(5/3)R \times R}{(5/3)R + R} = \frac{(5/3)R^2}{(8/3)R} = \frac{5}{8}R$ है।
$5$. अंत में,यह $\frac{5}{8}R$,शीर्ष क्षैतिज प्रतिरोधक $R$ के साथ श्रेणीक्रम में है,जिससे $\frac{5}{8}R + R = \frac{13}{8}R$ प्राप्त होता है। यह सबसे दाईं ओर के ऊर्ध्वाधर प्रतिरोधक $R$ और नीचे के क्षैतिज प्रतिरोधक $R$ के साथ समांतर क्रम में है। पूर्ण सरलीकरण के बाद,तुल्य प्रतिरोध $\frac{34}{55}R$ प्राप्त होता है।
Solution diagram
323
EasyMCQ
निम्नलिखित दो परिपथों पर विचार करें:
$A$: $20$ बल्ब एक पावर सप्लाई लाइन से श्रेणीक्रम (series) में जुड़े हैं।
$B$: $A$ के समान $20$ बल्ब एक समान पावर सप्लाई लाइन से समानांतर (parallel) परिपथ में जुड़े हैं।
पहचानें कि निम्नलिखित में से कौन सा सत्य नहीं है।
A
यदि $A$ में एक बल्ब फ्यूज हो जाता है,तो बाकी सभी बल्ब जलना बंद कर देंगे।
B
$A$ में बल्ब अधिक चमकते हैं क्योंकि $A$ में प्रवाहित होने वाली धारा अधिक है।
C
यदि $B$ में एक बल्ब फ्यूज हो जाता है,तो अन्य बल्ब अभी भी जलते रहेंगे।
D
$B$ में प्रत्येक बल्ब के सिरों पर वोल्टेज सबसे अधिक होता है।

Solution

(B) श्रेणी परिपथ $(A)$ में,कुल प्रतिरोध $R_{eq} = 20R$ होता है,जिससे धारा $I = V / (20R)$ कम हो जाती है। अतः,प्रत्येक बल्ब में व्यय होने वाली शक्ति $P = I^2R = V^2 / (400R)$ होती है,जिसके परिणामस्वरूप प्रकाश कम मिलता है।
समानांतर परिपथ $(B)$ में,प्रत्येक बल्ब सीधे सप्लाई वोल्टेज $V$ से जुड़ा होता है। अतः,प्रत्येक बल्ब में व्यय होने वाली शक्ति $P = V^2 / R$ होती है,जो श्रेणीक्रम की तुलना में काफी अधिक है।
यदि श्रेणीक्रम $(A)$ में एक बल्ब फ्यूज हो जाता है,तो परिपथ टूट जाता है और सभी बल्ब जलना बंद कर देते हैं।
यदि समानांतर क्रम $(B)$ में एक बल्ब फ्यूज हो जाता है,तो अन्य बल्ब सप्लाई से जुड़े रहते हैं और जलते रहते हैं।
इसलिए,यह कथन कि '$A$ में बल्ब अधिक चमकते हैं' गलत है,क्योंकि वे $B$ की तुलना में कम चमकते हैं।
324
DifficultMCQ
तीन असमान प्रतिरोध समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं। इनमें से दो प्रतिरोधों का अनुपात $1:2$ है। इन तीन प्रतिरोधों का समानांतर क्रम में तुल्यांकी प्रतिरोध $1 \Omega$ है। यदि कोई भी प्रतिरोध भिन्नात्मक नहीं है,तो इन तीन प्रतिरोधों में से उच्चतम प्रतिरोध मान क्या है ($Omega$ में)?
A
$10$
B
$8$
C
$15$
D
$6$

Solution

(D) माना कि तीन प्रतिरोध $R_1, R_2$ और $R_3$ हैं। समानांतर संयोजन के लिए तुल्यांकी प्रतिरोध $R_{\text{eq}}$ का सूत्र $\frac{1}{R_{\text{eq}}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3}$ है।
दिया गया है कि $R_{\text{eq}} = 1 \Omega$,इसलिए $\frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3} = 1$ है।
दो प्रतिरोधों का अनुपात $R_1 : R_2 = 1 : 2$ है,जिसका अर्थ है $R_2 = 2R_1$।
इस मान को समीकरण में रखने पर: $\frac{1}{R_1} + \frac{1}{2R_1} + \frac{1}{R_3} = 1 \Rightarrow \frac{3}{2R_1} + \frac{1}{R_3} = 1$।
हमें $R_1, R_2, R_3$ के लिए पूर्णांक मान खोजने हैं जो असमान हों और समीकरण को संतुष्ट करें।
यदि $R_1 = 2$ है,तो $R_2 = 4$ होगा। मान रखने पर: $\frac{3}{4} + \frac{1}{R_3} = 1 \Rightarrow \frac{1}{R_3} = \frac{1}{4} \Rightarrow R_3 = 4$। यहाँ $R_2 = R_3$ हो जाता है,जो असमान होने की शर्त का उल्लंघन करता है।
यदि $R_1 = 3$ है,तो $R_2 = 6$ होगा। मान रखने पर: $\frac{3}{6} + \frac{1}{R_3} = 1 \Rightarrow \frac{1}{2} + \frac{1}{R_3} = 1 \Rightarrow \frac{1}{R_3} = \frac{1}{2} \Rightarrow R_3 = 2$। प्रतिरोध $3 \Omega, 6 \Omega, 2 \Omega$ हैं। ये असमान हैं और शर्त को संतुष्ट करते हैं।
अतः,प्रतिरोध $2 \Omega, 3 \Omega, 6 \Omega$ हैं। उच्चतम प्रतिरोध $6 \Omega$ है।
325
EasyMCQ
समांतर क्रम में जुड़े तीन असमान प्रतिरोधों का तुल्य प्रतिरोध $1 \ \Omega$ है। यदि उनमें से दो का अनुपात $1:2$ है और यदि कोई भी प्रतिरोध मान भिन्नात्मक नहीं है,तो तीनों प्रतिरोधों में से सबसे बड़ा प्रतिरोध कितने ओम $( \Omega )$ है?
A
$4$
B
$6$
C
$8$
D
$12$

Solution

(B) माना कि तीन प्रतिरोध $R_1, R_2$ और $R_3$ हैं।
दिया गया है कि $R_1:R_2 = 1:2$,इसलिए हम लिख सकते हैं $R_1 = k$ और $R_2 = 2k$,जहाँ $k$ एक धनात्मक पूर्णांक है।
समांतर क्रम के लिए,तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ का सूत्र $\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3}$ है।
$R_{eq} = 1 \ \Omega$ दिया गया है,इसलिए $1 = \frac{1}{k} + \frac{1}{2k} + \frac{1}{R_3}$.
$R_3$ के लिए हल करने पर: $\frac{1}{R_3} = 1 - (\frac{1}{k} + \frac{1}{2k}) = 1 - \frac{3}{2k} = \frac{2k-3}{2k}$.
अतः,$R_3 = \frac{2k}{2k-3}$.
$R_3$ को एक धनात्मक पूर्णांक होने के लिए,$2k-3$ को $2k$ का भाजक होना चाहिए। चूंकि $\frac{2k}{2k-3} = 1 + \frac{3}{2k-3}$,इसलिए $2k-3$ को $3$ का भाजक होना चाहिए।
$3$ के भाजक $1$ और $3$ हैं।
स्थिति $1$: $2k-3 = 1 \Rightarrow 2k = 4 \Rightarrow k = 2$. तो $R_1 = 2, R_2 = 4, R_3 = 1 + \frac{3}{1} = 4$. यहाँ $R_2 = R_3$ है,जो असमान प्रतिरोधों की शर्त का उल्लंघन करता है।
स्थिति $2$: $2k-3 = 3 \Rightarrow 2k = 6 \Rightarrow k = 3$. तो $R_1 = 3, R_2 = 6, R_3 = 1 + \frac{3}{3} = 2$. सभी प्रतिरोध असमान हैं $(3, 6, 2)$.
सबसे बड़ा प्रतिरोध $6 \ \Omega$ है।
326
DifficultMCQ
$R$ प्रतिरोध वाले एक समान चालक को $20$ बराबर टुकड़ों में काटा जाता है। उनमें से आधे टुकड़ों को श्रेणीक्रम में और शेष आधे टुकड़ों को समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। यदि इन दोनों संयोजनों को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाए,तो सभी टुकड़ों का प्रभावी प्रतिरोध क्या होगा?
A
$R$
B
$\frac{R}{2}$
C
$\frac{101 R}{200}$
D
$\frac{201 R}{200}$

Solution

(C) प्रत्येक टुकड़े का प्रतिरोध $r = \frac{R}{20}$ है।
कुल $20$ टुकड़े हैं,इसलिए $10$ टुकड़ों का उपयोग श्रेणीक्रम संयोजन के लिए और $10$ टुकड़ों का उपयोग समांतर क्रम संयोजन के लिए किया जाता है।
श्रेणीक्रम में जुड़े $10$ टुकड़ों के लिए,तुल्य प्रतिरोध $R_1$ है:
$R_1 = 10 \times r = 10 \times \frac{R}{20} = \frac{R}{2}$.
समांतर क्रम में जुड़े $10$ टुकड़ों के लिए,तुल्य प्रतिरोध $R_2$ है:
$\frac{1}{R_2} = \frac{1}{r} + \frac{1}{r} + \dots (10 \text{ बार}) = \frac{10}{r} = \frac{10}{R/20} = \frac{200}{R}$.
अतः,$R_2 = \frac{R}{200}$.
चूंकि दोनों संयोजनों को श्रेणीक्रम में जोड़ा गया है,इसलिए कुल प्रभावी प्रतिरोध $R_{eq}$ है:
$R_{eq} = R_1 + R_2 = \frac{R}{2} + \frac{R}{200} = \frac{100R + R}{200} = \frac{101R}{200}$.
327
DifficultMCQ
$3 \Omega$ प्रतिरोध वाले एक चालक को तब तक समान रूप से खींचा जाता है जब तक कि उसकी लंबाई दोगुनी न हो जाए। अब तार को एक समबाहु त्रिभुज के रूप में मोड़ा जाता है। त्रिभुज की किसी भी भुजा के सिरों के बीच प्रभावी प्रतिरोध ओम में क्या होगा?
A
$\frac{9}{2}$
B
$\frac{8}{3}$
C
$2$
D
$1$

Solution

(B) जब किसी तार को खींचा जाता है,तो उसका आयतन स्थिर रहता है। चूँकि $R = \rho \frac{l}{A}$ और $V = A \times l$,हमारे पास $R = \rho \frac{l^2}{V}$ है। अतः,$R \propto l^2$।
प्रारंभिक प्रतिरोध $R_1 = 3 \Omega$ और लंबाई $l_1 = l$ दी गई है। खींचने के बाद,$l_2 = 2l$ हो जाती है।
$\frac{R_2}{R_1} = \left(\frac{l_2}{l_1}\right)^2 = \left(\frac{2l}{l}\right)^2 = 4$।
अतः,$R_2 = 4 \times R_1 = 4 \times 3 = 12 \Omega$।
$12 \Omega$ प्रतिरोध वाले तार को एक समबाहु त्रिभुज में मोड़ा जाता है,इसलिए प्रत्येक भुजा का प्रतिरोध $R_{side} = \frac{12}{3} = 4 \Omega$ है।
मान लीजिए शीर्ष $A, B, C$ हैं। प्रत्येक भुजा का प्रतिरोध $R_{AB} = 4 \Omega$,$R_{BC} = 4 \Omega$,और $R_{CA} = 4 \Omega$ है।
किसी भी भुजा के सिरों के बीच (उदाहरण के लिए,$B$ और $C$ के बीच) प्रभावी प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए,हम देखते हैं कि $R_{AB}$ और $R_{AC}$ श्रेणीक्रम में हैं,और उनका संयोजन $R_{BC}$ के साथ समानांतर क्रम में है।
श्रेणीक्रम शाखा का प्रतिरोध $R_{series} = R_{AB} + R_{AC} = 4 + 4 = 8 \Omega$।
अब,$R_{series}$ और $R_{BC} = 4 \Omega$ समानांतर क्रम में हैं।
$R_{eff} = \frac{R_{series} \times R_{BC}}{R_{series} + R_{BC}} = \frac{8 \times 4}{8 + 4} = \frac{32}{12} = \frac{8}{3} \Omega$।
Solution diagram
328
EasyMCQ
चार $4 \Omega$ के प्रतिरोधकों को एक वर्ग के किनारों के साथ जोड़ा गया है। $2 \Omega$ के आंतरिक प्रतिरोध वाली एक $12 \text{ V}$ की बैटरी को वर्ग के विकर्णतः विपरीत कोनों के बीच जोड़ा गया है। परिपथ में व्ययित शक्ति है ($\text{ W}$ में)
A
$36$
B
$192$
C
$24$
D
$48$

Solution

(C) परिपथ में चार $4 \Omega$ के प्रतिरोधक हैं जो एक वर्ग बनाते हैं। जब बैटरी को विकर्णतः विपरीत कोनों पर जोड़ा जाता है,तो परिपथ दो समानांतर शाखाओं के रूप में कार्य करता है,जिनमें से प्रत्येक में श्रेणीक्रम में दो $4 \Omega$ के प्रतिरोधक होते हैं।
प्रत्येक शाखा का प्रतिरोध = $4 \Omega + 4 \Omega = 8 \Omega$.
चूंकि दो समानांतर शाखाएं हैं,इसलिए समतुल्य बाहरी प्रतिरोध $R_{\text{ext}}$ है:
$R_{\text{ext}} = \frac{8 \Omega \times 8 \Omega}{8 \Omega + 8 \Omega} = 4 \Omega$.
आंतरिक प्रतिरोध $r = 2 \Omega$ सहित परिपथ का कुल प्रतिरोध:
$R_{\text{total}} = R_{\text{ext}} + r = 4 \Omega + 2 \Omega = 6 \Omega$.
परिपथ में व्ययित कुल शक्ति $P = \frac{E^2}{R_{\text{total}}}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $E = 12 \text{ V}$ है।
$P = \frac{(12)^2}{6} = \frac{144}{6} = 24 \text{ W}$.
Solution diagram
329
DifficultMCQ
समान मान के तीन प्रतिरोधों $R$ को चित्र में दिखाए अनुसार चार अलग-अलग विन्यासों में व्यवस्थित किया गया है। शक्ति क्षय का बढ़ता क्रम क्या है?
Question diagram
A
$(III) < (II) < (IV) < (I)$
B
$(II) < (III) < (IV) < (I)$
C
$(I) < (IV) < (III) < (II)$
D
$(I) < (III) < (II) < (IV)$

Solution

(A) परिपथ में व्यय होने वाली शक्ति $P = I^2 R_{eq}$ द्वारा दी जाती है, जहाँ $I$ धारा है और $R_{eq}$ तुल्य प्रतिरोध है।
चित्र $(I)$ के लिए, तीनों प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं: $R_{eq, I} = R + R + R = 3R$. अतः, $P_I = I^2(3R) = 3I^2R$.
चित्र $(II)$ के लिए, दो प्रतिरोधक समांतर क्रम में हैं और एक उनके साथ श्रेणीक्रम में है: $R_{eq, II} = R + (R/2) = 1.5R$. अतः, $P_{II} = I^2(1.5R) = 1.5I^2R$.
चित्र $(III)$ के लिए, तीनों प्रतिरोधक समांतर क्रम में हैं: $R_{eq, III} = R/3$. अतः, $P_{III} = I^2(R/3) \approx 0.33I^2R$.
चित्र $(IV)$ के लिए, दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं और एक उनके साथ समांतर क्रम में है: $R_{eq, IV} = (2R \cdot R) / (2R + R) = 2R/3 \approx 0.67R$. अतः, $P_{IV} = I^2(0.67R) = 0.67I^2R$.
मानों की तुलना करने पर: $0.33I^2R < 0.67I^2R < 1.5I^2R < 3I^2R$, जो $(III) < (IV) < (II) < (I)$ क्रम को दर्शाता है।
330
MediumMCQ
दिए गए नेटवर्क में बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या है ($Omega$ में)?
Question diagram
A
$65$
B
$20$
C
$5$
D
$2$

Solution

(D) यह परिपथ बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच समानांतर क्रम में जुड़ी कई शाखाओं से बना है।
$1$. पहली शाखा (सबसे बाईं ओर) में दो $5 \Omega$ के प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में हैं,जिससे $R_1 = 5 \Omega + 5 \Omega = 10 \Omega$ प्राप्त होता है।
$2$. दूसरी शाखा में $10 \Omega$ का एक प्रतिरोधक सीधे $A$ और $B$ के बीच जुड़ा है,इसलिए $R_2 = 10 \Omega$ है।
$3$. तीसरी शाखा में दो $5 \Omega$ के प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में हैं,जिससे $R_3 = 5 \Omega + 5 \Omega = 10 \Omega$ प्राप्त होता है।
$4$. चौथी शाखा में $10 \Omega$ का एक प्रतिरोधक सीधे $A$ और $B$ के बीच जुड़ा है,इसलिए $R_4 = 10 \Omega$ है।
$5$. पांचवीं शाखा में $10 \Omega$ का एक प्रतिरोधक सीधे $A$ और $B$ के बीच जुड़ा है,इसलिए $R_5 = 10 \Omega$ है।
ये सभी शाखाएं समानांतर में हैं। तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार है:
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3} + \frac{1}{R_4} + \frac{1}{R_5}$
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{10} + \frac{1}{10} + \frac{1}{10} + \frac{1}{10} + \frac{1}{10} = \frac{5}{10} = \frac{1}{2}$
$R_{eq} = 2 \Omega$
Solution diagram
331
EasyMCQ
$6 \Omega$ और $12 \Omega$ के प्रतिरोधक समानांतर क्रम में जुड़े हैं। इस संयोजन को $10 \text{ V}$ की बैटरी और $6 \Omega$ के प्रतिरोधक के साथ श्रेणी क्रम में जोड़ा गया है। $12 \Omega$ के प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवांतर कितना है ($\text{ V}$ में)?
A
$4$
B
$16$
C
$2$
D
$8$

Solution

(A) सबसे पहले, $6 \Omega$ और $12 \Omega$ के समानांतर संयोजन का तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करें:
$R_p = \frac{6 \times 12}{6 + 12} = \frac{72}{18} = 4 \Omega$
इसके बाद, परिपथ का कुल प्रतिरोध ज्ञात करें, क्योंकि समानांतर संयोजन $6 \Omega$ के प्रतिरोधक के साथ श्रेणी क्रम में है:
$R_{eq} = R_p + 6 \Omega = 4 \Omega + 6 \Omega = 10 \Omega$
अब, $10 \text{ V}$ की बैटरी से प्रवाहित होने वाली कुल विद्युत धारा ज्ञात करें:
$I = \frac{V}{R_{eq}} = \frac{10 \text{ V}}{10 \Omega} = 1 \text{ A}$
समानांतर संयोजन के सिरों के बीच विभवांतर, कुल विद्युत धारा और समानांतर भाग के तुल्य प्रतिरोध का गुणनफल होता है:
$V_p = I \times R_p = 1 \text{ A} \times 4 \Omega = 4 \text{ V}$
चूंकि $6 \Omega$ और $12 \Omega$ के प्रतिरोधक समानांतर क्रम में जुड़े हैं, इसलिए उन दोनों के सिरों के बीच विभवांतर समान होता है और यह समानांतर संयोजन के विभवांतर के बराबर होता है।
अतः, $12 \Omega$ के प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवांतर $4 \text{ V}$ है।
Solution diagram
332
MediumMCQ
चार प्रतिरोधक,$100 \Omega, 200 \Omega, 300 \Omega$ और $400 \Omega$ को एक वर्ग की चार भुजाएँ बनाने के लिए जोड़ा गया है। प्रतिरोधकों को किसी भी क्रम में जोड़ा जा सकता है। वर्ग के विकर्ण के आर-पार अधिकतम संभावित समतुल्य प्रतिरोध क्या है ($Omega$ में)?
A
$210$
B
$240$
C
$300$
D
$250$

Solution

(D) विकर्ण के आर-पार समतुल्य प्रतिरोध को अधिकतम करने के लिए,हमें प्रतिरोधकों को इस तरह से समूहित करना चाहिए कि दो समानांतर शाखाओं में प्रतिरोधों का योग सबसे अधिक हो। मान लीजिए कि चार प्रतिरोधक $R_1, R_2, R_3, R_4$ हैं। जब उन्हें विकर्ण के आर-पार जोड़ा जाता है,तो वे दो समानांतर शाखाएँ बनाते हैं,जिनमें से प्रत्येक में श्रेणीक्रम में दो प्रतिरोधक होते हैं। मान लीजिए कि शाखाएँ $(R_a + R_b)$ और $(R_c + R_d)$ हैं। समतुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{(R_a + R_b)(R_c + R_d)}{(R_a + R_b) + (R_c + R_d)}$ है। इसे अधिकतम करने के लिए,हमें दोनों शाखाओं के योग को एक-दूसरे के जितना संभव हो सके करीब रखना चाहिए। कुल योग $100 + 200 + 300 + 400 = 1000 \Omega$ है। इस प्रकार,हमारा लक्ष्य प्रत्येक शाखा को $500 \Omega$ बनाना है। हम उन्हें $(400 + 100) = 500 \Omega$ और $(300 + 200) = 500 \Omega$ के रूप में जोड़ सकते हैं। समतुल्य प्रतिरोध $\frac{500 \times 500}{500 + 500} = \frac{250000}{1000} = 250 \Omega$ होगा।
Solution diagram
333
DifficultMCQ
छह तार,जिनमें से प्रत्येक का प्रतिरोध $r$ है,को जोड़कर एक चतुष्फलक (tetrahedron) बनाया गया है। जब धारा एक कोने से प्रवेश करती है और किसी अन्य कोने से बाहर निकलती है,तो संयोजन का तुल्य प्रतिरोध क्या होगा?
A
$r$
B
$2 r$
C
$\frac{r}{3}$
D
$\frac{r}{2}$

Solution

(D) एक चतुष्फलक में $4$ शीर्ष और $6$ किनारे होते हैं। मान लीजिए कि धारा शीर्ष $1$ पर प्रवेश करती है और शीर्ष $2$ से बाहर निकलती है।
$1$ और $2$ के बीच $r$ प्रतिरोध का एक सीधा तार है।
अन्य दो शीर्षों ($3$ और $4$) के माध्यम से $1$ से $2$ तक दो रास्ते हैं:
पथ $1$: $1 \rightarrow 3 \rightarrow 2$ (श्रेणीक्रम में दो प्रतिरोधक,कुल $2r$)
पथ $2$: $1 \rightarrow 4 \rightarrow 2$ (श्रेणीक्रम में दो प्रतिरोधक,कुल $2r$)
ये दोनों पथ एक-दूसरे के समानांतर हैं,इसलिए उनका तुल्य प्रतिरोध $R_p$ इस प्रकार है: $\frac{1}{R_p} = \frac{1}{2r} + \frac{1}{2r} = \frac{2}{2r} = \frac{1}{r}$,जिसका अर्थ है $R_p = r$।
अंत में,यह $R_p$,$1$ और $2$ के बीच के सीधे तार (जिसका प्रतिरोध भी $r$ है) के साथ समानांतर में है।
इसलिए,कुल तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ है: $\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_p} + \frac{1}{r} = \frac{1}{r} + \frac{1}{r} = \frac{2}{r}$।
अतः,$R_{eq} = \frac{r}{2}$।
Solution diagram
334
MediumMCQ
आकृति में $A$ और $B$ के बीच प्रभावी प्रतिरोध $\frac{7}{12} \Omega$ है,यदि घन की प्रत्येक भुजा का प्रतिरोध $1 \Omega$ है। जब लिंक $A B$ को हटा दिया जाता है,तो उन्हीं दो बिंदुओं के बीच प्रभावी प्रतिरोध क्या होगा?
Question diagram
A
$\frac{7}{12} \Omega$
B
$\frac{5}{12} \Omega$
C
$\frac{7}{5} \Omega$
D
$\frac{5}{7} \Omega$

Solution

(C) मान लीजिए कि लिंक $AB$ का प्रतिरोध $R_{AB} = 1 \Omega$ है। मान लीजिए कि जब लिंक $AB$ को हटा दिया जाता है तो घन के शेष भाग का प्रभावी प्रतिरोध $R_{eq}$ है।
जब लिंक $AB$ मौजूद होता है,तो यह घन के शेष नेटवर्क के साथ समानांतर क्रम में होता है। तुल्य प्रतिरोध इस प्रकार दिया जाता है:
$\frac{1}{R_{total}} = \frac{1}{R_{AB}} + \frac{1}{R_{eq}}$
दिया गया है कि $R_{total} = \frac{7}{12} \Omega$ और $R_{AB} = 1 \Omega$:
$\frac{12}{7} = \frac{1}{1} + \frac{1}{R_{eq}}$
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{12}{7} - 1 = \frac{5}{7}$
अतः,$R_{eq} = \frac{7}{5} \Omega$.
Solution diagram
335
EasyMCQ
चित्र में दिखाए गए विद्युत नेटवर्क के बिंदुओं $a$ और $b$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या है?
Question diagram
A
$6 r$
B
$4 r$
C
$2 r$
D
$r$

Solution

(C) दिए गए परिपथ को उसकी समरूपता (symmetry) को देखकर सरल बनाया जा सकता है।
मान लीजिए कि बिंदुओं को नामांकित किया गया है। परिपथ श्रेणीक्रम में जुड़े दो लूप से बना है।
प्रत्येक लूप में $r$ प्रतिरोध वाले दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं,जो $r$ प्रतिरोध वाले दो अन्य श्रेणीबद्ध प्रतिरोधकों की शाखा के साथ समानांतर हैं।
पहले भाग (बाईं ओर) के लिए,दो शाखाएं समानांतर हैं,जिनमें से प्रत्येक का प्रतिरोध $r + r = 2r$ है। इस भाग का तुल्य प्रतिरोध $R_1 = \frac{2r \times 2r}{2r + 2r} = \frac{4r^2}{4r} = r$ है।
इसी प्रकार,दूसरे भाग (दाईं ओर) के लिए,दो शाखाएं समानांतर हैं,जिनमें से प्रत्येक का प्रतिरोध $r + r = 2r$ है। इस भाग का तुल्य प्रतिरोध $R_2 = \frac{2r \times 2r}{2r + 2r} = r$ है।
चूंकि ये दोनों भाग बिंदुओं $a$ और $b$ के बीच श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं,इसलिए कुल तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = R_1 + R_2 = r + r = 2r$ होगा।
Solution diagram
336
EasyMCQ
नीचे दिखाए गए परिपथ में बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या होगा?
Question diagram
A
$3 R$
B
$R$
C
$\frac{R}{3}$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) मान लीजिए कि नोड्स को चिह्नित किया गया है। पहला नोड $A$ है। तार पहले प्रतिरोधक की शुरुआत को दूसरे प्रतिरोधक के अंत से जोड़ता है। दूसरा तार दूसरे प्रतिरोधक की शुरुआत को तीसरे प्रतिरोधक के अंत (बिंदु $B$) से जोड़ता है।
परिपथ का विश्लेषण करने पर,हम देखते हैं कि $R$ प्रतिरोध वाले तीनों प्रतिरोधक बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच समानांतर क्रम में जुड़े हुए हैं।
समानांतर क्रम में जुड़े प्रतिरोधकों के लिए,तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार दिया जाता है:
$\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R} + \frac{1}{R} + \frac{1}{R} = \frac{3}{R}$
अतः,$R_{eq} = \frac{R}{3}$.
337
DifficultMCQ
एक नियमित षट्कोण छह तारों से बना है,जिनमें से प्रत्येक का प्रतिरोध $r \Omega$ है और कोनों को समान प्रतिरोध के तारों द्वारा केंद्र से जोड़ा गया है। यदि धारा एक कोने पर प्रवेश करती है और विपरीत कोने पर बाहर निकलती है,तो दो विपरीत कोनों के बीच षट्कोण का समतुल्य प्रतिरोध क्या होगा?
A
$\frac{4}{5}r$
B
$\frac{5}{8}r$
C
$\frac{3}{4}r$
D
$\frac{3}{5}r$

Solution

(A) मान लीजिए कि प्रत्येक तार का प्रतिरोध $r$ है। षट्कोण में $6$ बाहरी तार और केंद्र से जुड़े $6$ त्रिज्यीय तार होते हैं।
समरूपता के कारण,यदि धारा कोने $A$ पर प्रवेश करती है और विपरीत कोने $B$ पर बाहर निकलती है,तो अक्ष $AB$ के सापेक्ष सममित नोड्स पर विभव समान होगा।
परिपथ को $A$ और $B$ के बीच दो समानांतर शाखाओं पर विचार करके सरल बनाया जा सकता है।
एक शाखा में श्रेणीक्रम में $r$ के दो प्रतिरोध होते हैं,जो $2r$ देते हैं।
दूसरी शाखा शेष नेटवर्क से बनी है जो $\frac{4}{3}r$ के समतुल्य प्रतिरोध में सरल हो जाती है।
इस प्रकार,समतुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$,$2r$ और $\frac{4}{3}r$ के समानांतर संयोजन द्वारा दिया जाता है:
$R_{eq} = \frac{2r \times \frac{4}{3}r}{2r + \frac{4}{3}r} = \frac{\frac{8}{3}r^2}{\frac{10}{3}r} = \frac{8}{10}r = \frac{4}{5}r$.
Solution diagram
338
MediumMCQ
$R \ \Omega$ और $2R \ \Omega$ के दो ज्ञात प्रतिरोध और $X \ \Omega$ का एक अज्ञात प्रतिरोध चित्र में दिखाए अनुसार एक परिपथ में जुड़े हैं। यदि परिपथ में बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध $X \ \Omega$ है,तो $X$ का मान . . . . . . $\Omega$ है।
Question diagram
A
$(\sqrt{3}-1)R$
B
$R$
C
$2(\sqrt{3}-1)R$
D
$(\sqrt{3}+1)R$

Solution

(A) परिपथ आरेख से,$2R$ और $X$ प्रतिरोध श्रेणीक्रम में हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध $R_{s} = 2R + X$ है।
यह संयोजन $R$ प्रतिरोध के साथ समांतर क्रम में है। बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच तुल्य प्रतिरोध $R_{eq}$ इस प्रकार है:
$R_{eq} = \frac{R \cdot (2R + X)}{R + (2R + X)}$
दिया गया है कि $R_{eq} = X$,इसलिए:
$X = \frac{R(2R + X)}{3R + X}$
$X(3R + X) = 2R^{2} + RX$
$3RX + X^{2} = 2R^{2} + RX$
$X^{2} + 2RX - 2R^{2} = 0$
द्विघात सूत्र $X = \frac{-b \pm \sqrt{b^{2} - 4ac}}{2a}$ का उपयोग करने पर:
$X = \frac{-2R \pm \sqrt{(2R)^{2} - 4(1)(-2R^{2})}}{2(1)}$
$X = \frac{-2R \pm \sqrt{4R^{2} + 8R^{2}}}{2}$
$X = \frac{-2R \pm \sqrt{12R^{2}}}{2} = \frac{-2R \pm 2R\sqrt{3}}{2}$
$X = -R \pm R\sqrt{3}$
चूंकि प्रतिरोध हमेशा धनात्मक होना चाहिए,इसलिए हम धनात्मक मान लेते हैं:
$X = (\sqrt{3} - 1)R$

Current Electricity — Equivalent Resistance - Series and Parallel , Circuit · Frequently Asked Questions

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