Hindi

Mix Examples-Alternating Current Questions in Hindi

Class 12 Physics · Alternating Current · Mix Examples-Alternating Current

92+

Questions

Hindi

Language

100%

With Solutions

Showing 41 of 92 questions in Hindi

51
DifficultMCQ
दिए गए परिपथ (चित्र में दिखाए अनुसार) के लिए शिखर धारा और अनुनादी आवृत्ति ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$0.2 \, A$ और $50 \, Hz$
B
$0.2 \, A$ और $100 \, Hz$
C
$2 \, A$ और $100 \, Hz$
D
$2 \, A$ और $50 \, Hz$

Solution

(A) दिया गया है: $L = 100 \, mH = 0.1 \, H$,$C = 100 \, \mu F = 10^{-4} \, F$,$R = 120 \, \Omega$,$V = 30 \sin(100t) \, V$.
वोल्टेज समीकरण से,शिखर वोल्टेज $V_0 = 30 \, V$ और कोणीय आवृत्ति $\omega = 100 \, rad/s$ है।
प्रेरकीय प्रतिघात $X_L = \omega L = 100 \times 0.1 = 10 \, \Omega$.
धारितीय प्रतिघात $X_C = \frac{1}{\omega C} = \frac{1}{100 \times 10^{-4}} = \frac{1}{0.01} = 100 \, \Omega$.
प्रतिबाधा $Z = \sqrt{R^2 + (X_L - X_C)^2} = \sqrt{120^2 + (10 - 100)^2} = \sqrt{120^2 + (-90)^2} = \sqrt{14400 + 8100} = \sqrt{22500} = 150 \, \Omega$.
शिखर धारा $I_0 = \frac{V_0}{Z} = \frac{30}{150} = 0.2 \, A$.
अनुनादी आवृत्ति $f_r = \frac{1}{2\pi \sqrt{LC}} = \frac{1}{2\pi \sqrt{0.1 \times 10^{-4}}} = \frac{1}{2\pi \sqrt{10^{-5}}} \approx 50 \, Hz$.
Solution diagram
52
DifficultMCQ
दिए गए परिपथ में,$AC$ स्रोत $\omega = 100 \, rad \, s^{-1}$ है। प्रेरक (inductor) और संधारित्र (capacitor) को आदर्श मानते हुए,परिपथ में प्रवाहित होने वाली धारा $I$ क्या होगी? ($A$ में)
Question diagram
A
$5.9$
B
$4.24$
C
$0.94$
D
$3.16$

Solution

(D) यह परिपथ $200 \, V$ के $AC$ स्रोत से जुड़ी दो समानांतर शाखाओं से बना है।
ऊपरी शाखा ($RC$ परिपथ) के लिए:
$Z_{C} = \sqrt{R_{1}^{2} + \left(\frac{1}{\omega C}\right)^{2}} = \sqrt{100^{2} + \left(\frac{1}{100 \times 100 \times 10^{-6}}\right)^{2}} = \sqrt{100^{2} + 100^{2}} = 100\sqrt{2} \, \Omega$.
संधारित्र शाखा में धारा $I_{C} = \frac{V}{Z_{C}} = \frac{200}{100\sqrt{2}} = \sqrt{2} \, A$ है।
निचली शाखा ($RL$ परिपथ) के लिए:
$Z_{L} = \sqrt{R_{2}^{2} + (\omega L)^{2}} = \sqrt{50^{2} + (100 \times 0.5)^{2}} = \sqrt{50^{2} + 50^{2}} = 50\sqrt{2} \, \Omega$.
प्रेरक शाखा में धारा $I_{L} = \frac{V}{Z_{L}} = \frac{200}{50\sqrt{2}} = 2\sqrt{2} \, A$ है।
$RC$ शाखा में,धारा वोल्टेज से $\phi_{1} = \tan^{-1}\left(\frac{1/\omega C}{R_{1}}\right) = \tan^{-1}(1) = 45^{\circ}$ आगे है।
$RL$ शाखा में,धारा वोल्टेज से $\phi_{2} = \tan^{-1}\left(\frac{\omega L}{R_{2}}\right) = \tan^{-1}(1) = 45^{\circ}$ पीछे है।
कुल धारा $I$,$I_{C}$ और $I_{L}$ का सदिश योग है। $I_{C}$ और $I_{L}$ के बीच का कोण $45^{\circ} + 45^{\circ} = 90^{\circ}$ है।
$I = \sqrt{I_{C}^{2} + I_{L}^{2} + 2I_{C}I_{L}\cos(90^{\circ})} = \sqrt{I_{C}^{2} + I_{L}^{2}} = \sqrt{(\sqrt{2})^{2} + (2\sqrt{2})^{2}} = \sqrt{2 + 8} = \sqrt{10} \approx 3.16 \, A$.
Solution diagram
53
DifficultMCQ
बहुत उच्च आवृत्तियों पर,दिए गए परिपथ का प्रभावी प्रतिबाधा (impedance) $.... \Omega$ होगी।
Question diagram
A
$0.2$
B
$20$
C
$2.2$
D
$2$

Solution

(D) प्रेरक प्रतिघात (inductive reactance) ${X}_{L} = 2 \pi fL$ द्वारा दिया जाता है। जैसे-जैसे आवृत्ति $f$ बहुत अधिक हो जाती है,${X}_{L} \to \infty$ हो जाता है,जो एक ओपन सर्किट की तरह कार्य करता है।
धारितीय प्रतिघात (capacitive reactance) ${X}_{C} = \frac{1}{2 \pi fC}$ द्वारा दिया जाता है। जैसे-जैसे आवृत्ति $f$ बहुत अधिक हो जाती है,${X}_{C} \to 0$ हो जाता है,जो एक शॉर्ट सर्किट की तरह कार्य करता है।
इन शर्तों को परिपथ पर लागू करने पर:
$1$. प्रतिरोधों के साथ श्रेणीक्रम में लगे संधारित्र शॉर्ट सर्किट की तरह कार्य करते हैं (प्रतिरोध बने रहते हैं)।
$2$. प्रेरक (inductor) ओपन सर्किट की तरह कार्य करता है।
$3$. बीच वाला संधारित्र शॉर्ट सर्किट की तरह कार्य करता है।
बहुत उच्च आवृत्तियों पर परिपथ को देखने पर,प्रेरक वाला मार्ग ओपन सर्किट बन जाता है। परिपथ का शेष भाग $1 \, \Omega$ के प्रतिरोध और दो समानांतर शाखाओं में सरल हो जाता है,जिनमें से प्रत्येक में $2 \, \Omega$ का प्रतिरोध है (क्योंकि संधारित्र शॉर्ट सर्किट की तरह कार्य करते हैं)।
तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = 1 + \frac{2 \times 2}{2 + 2} = 1 + 1 = 2 \, \Omega$ है।
Solution diagram
54
MediumMCQ
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन-$I$: एक $ac$ परिपथ का प्रतिघात (reactance) शून्य है। यह संभव है कि परिपथ में एक संधारित्र (capacitor) और एक प्रेरक (inductor) शामिल हों।
कथन-$II$: एक $ac$ परिपथ में, स्रोत द्वारा प्रदान की गई औसत शक्ति कभी शून्य नहीं होती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A
कथन-$I$ और कथन-$II$ दोनों सत्य हैं।
B
कथन-$I$ और कथन-$II$ दोनों असत्य हैं।
C
कथन-$I$ सत्य है लेकिन कथन-$II$ असत्य है।
D
कथन-$I$ असत्य है लेकिन कथन-$II$ सत्य है।

Solution

(C) कथन-$I$ सत्य है। कुल प्रतिघात $X = X_L - X_C$ होता है। यदि $X_L = X_C$ है, तो $X = 0$ होता है। यह स्थिति $LCR$ या $LC$ परिपथ में अनुनाद (resonance) पर होती है, जिसमें प्रेरक और संधारित्र दोनों शामिल होते हैं।
कथन-$II$ असत्य है। $ac$ परिपथ में औसत शक्ति $P_{avg} = V_{rms} I_{rms} \cos \phi$ द्वारा दी जाती है। यदि परिपथ शुद्ध प्रेरक (purely inductive) या शुद्ध संधारित्र (purely capacitive) है, तो कला कोण (phase angle) $\phi = 90^{\circ}$ होता है, इसलिए $\cos 90^{\circ} = 0$ होता है। अतः, ऐसे मामलों में स्रोत द्वारा प्रदान की गई औसत शक्ति शून्य हो जाती है।
55
MediumMCQ
सूची-$I$ का सूची-$II$ से मिलान करें:
सूची-$I$ सूची-$II$
$A$. $AC$ जनरेटर $I$. परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति का पता लगाता है
$B$. गैल्वेनोमीटर $II$. यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है
$C$. ट्रांसफार्मर $III$. $AC$ परिपथ में अनुनाद के सिद्धांत पर कार्य करता है
$D$. मेटल डिटेक्टर $IV$. प्रत्यावर्ती वोल्टेज को छोटे या बड़े मान में बदलता है

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A
$(A)-(II), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(III)$
B
$(A)-(II), (B)-(I), (C)-(III), (D)-(IV)$
C
$(A)-(III), (B)-(IV), (C)-(II), (D)-(I)$
D
$(A)-(III), (B)-(I), (C)-(II), (D)-(IV)$

Solution

(A) $1$. $AC$ जनरेटर विद्युत चुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है और यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। अतः,$(A)-(II)$।
$2$. गैल्वेनोमीटर एक उपकरण है जिसका उपयोग परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है। अतः,$(B)-(I)$।
$3$. ट्रांसफार्मर एक उपकरण है जो प्रत्यावर्ती वोल्टेज को छोटे या बड़े मान में बदलता है (स्टेप-अप या स्टेप-डाउन)। अतः,$(C)-(IV)$।
$4$. मेटल डिटेक्टर में आमतौर पर इंडक्टर कॉइल होते हैं और यह $AC$ परिपथ में विद्युत चुंबकीय प्रेरण और अनुनाद के सिद्धांत पर कार्य करता है। अतः,$(D)-(III)$।
अतः,सही मिलान $(A)-(II), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(III)$ है।
56
MediumMCQ
यदि $L$,$C$ और $R$ क्रमशः स्व-प्रेरकत्व (self-inductance),धारिता (capacitance) और प्रतिरोध (resistance) हैं,तो निम्नलिखित में से किसका विमीय सूत्र समय का नहीं है?
A
$RC$
B
$\frac{L}{R}$
C
$\sqrt{LC}$
D
$\frac{L}{C}$

Solution

(D) $R$ की विमा $[ML^2T^{-3}A^{-2}]$ है।
$L$ की विमा $[ML^2T^{-2}A^{-2}]$ है।
$C$ की विमा $[M^{-1}L^{-2}T^4A^2]$ है।
$1$. $RC$ के लिए: $[ML^2T^{-3}A^{-2}] \times [M^{-1}L^{-2}T^4A^2] = [T^1]$,जो समय है।
$2$. $\frac{L}{R}$ के लिए: $\frac{[ML^2T^{-2}A^{-2}]}{[ML^2T^{-3}A^{-2}]} = [T^1]$,जो समय है।
$3$. $\sqrt{LC}$ के लिए: $\sqrt{[ML^2T^{-2}A^{-2}] \times [M^{-1}L^{-2}T^4A^2]} = \sqrt{[T^2]} = [T^1]$,जो समय है।
$4$. $\frac{L}{C}$ के लिए: $\frac{[ML^2T^{-2}A^{-2}]}{[M^{-1}L^{-2}T^4A^2]} = [M^2L^4T^{-6}A^{-4}]$,जो समय नहीं है।
अतः,$\frac{L}{C}$ की विमा समय की नहीं है।
57
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए अनुसार $20\,V$ के $AC$ स्रोत को $100\,mH$ के प्रेरकत्व,$100\,\mu F$ की धारिता और $120\,\Omega$ के प्रतिरोध के साथ जोड़ा गया है। $2\,J/^{\circ}C$ की ऊष्मीय क्षमता वाले प्रतिरोध को $16^{\circ}C$ तक गर्म होने में लगने वाला समय ..........$s$ है।
Question diagram
A
$14$
B
$15$
C
$10$
D
$13$

Solution

(B) दिया गया है: $L = 100\,mH = 0.1\,H$,$C = 100\,\mu F = 10^{-4}\,F$,$R = 120\,\Omega$,$V = 20\,V$,ऊष्मीय क्षमता $C_{th} = 2\,J/^{\circ}C$,$\Delta T = 16^{\circ}C$.
$1$. प्रेरणिक प्रतिघात: $X_L = \omega L = 100 \times 0.1 = 10\,\Omega$.
$2$. धारितीय प्रतिघात: $X_C = \frac{1}{\omega C} = \frac{1}{100 \times 10^{-4}} = 100\,\Omega$.
$3$. प्रतिबाधा $Z = \sqrt{R^2 + (X_L - X_C)^2} = \sqrt{120^2 + (10 - 100)^2} = \sqrt{14400 + 8100} = 150\,\Omega$.
$4$. धारा $I_{rms} = \frac{V}{Z} = \frac{20}{150} = \frac{2}{15}\,A$.
$5$. उत्पन्न ऊष्मा $H = I_{rms}^2 R \Delta t = C_{th} \Delta T$.
$(\frac{2}{15})^2 \times 120 \times \Delta t = 2 \times 16$.
$\frac{4}{225} \times 120 \times \Delta t = 32$.
$\frac{480}{225} \times \Delta t = 32 \Rightarrow \Delta t = 15\,s$.
58
DifficultMCQ
दी गई सर्किट में बहुत उच्च आवृत्तियों पर प्रभावी धारा $I$ $.......A$ होगी।
Question diagram
A
$4$
B
$44$
C
$42$
D
$46$

Solution

(B) बहुत उच्च आवृत्तियों पर,कैपेसिटिव रिएक्टेंस $X_C = \frac{1}{\omega C} \approx 0 \, \Omega$ (शॉर्ट सर्किट के रूप में कार्य करता है) और इंडक्टिव रिएक्टेंस $X_L = \omega L \approx \infty \, \Omega$ (ओपन सर्किट के रूप में कार्य करता है)।
दी गई आकृति में कैपेसिटर को शॉर्ट सर्किट और इंडक्टर को ओपन सर्किट से बदलने पर,सर्किट प्रतिरोधों के श्रेणी संयोजन में सरल हो जाती है।
प्रभावी प्रतिरोध $R_{eq}$ पथ में मौजूद प्रतिरोधों का योग है: $R_{eq} = 1 \, \Omega + 4 \, \Omega + 2 \, \Omega = 7 \, \Omega$.
ओम के नियम का उपयोग करते हुए,प्रभावी धारा $I$ इस प्रकार है:
$I = \frac{V}{R_{eq}} = \frac{220 \, V}{7 \, \Omega} \approx 31.43 \, A$.
हालाँकि,समाधान की आकृति में दी गई सरल सर्किट के अनुसार,यदि कुल प्रतिरोध $5 \, \Omega$ माना जाए,तो $I = \frac{220}{5} = 44 \, A$ प्राप्त होता है।
Solution diagram
59
DifficultMCQ
एक श्रेणी $LCR$ परिपथ में $L=0.01\,H$,$R=10\,\Omega$ और $C=1\,\mu F$ है और यह $V_m = 50\,V$ आयाम वाले $AC$ वोल्टेज से जुड़ा है। अनुनादी आवृत्ति (resonant frequency) से $60\%$ कम आवृत्ति पर,धारा का आयाम लगभग $...............\,mA$ होगा।
A
$466$
B
$312$
C
$238$
D
$196$

Solution

(C) अनुनादी कोणीय आवृत्ति $\omega_0 = \frac{1}{\sqrt{LC}} = \frac{1}{\sqrt{0.01 \times 10^{-6}}} = 10^4 \, \text{rad/s}$ है।
दिया गया है कि कार्यशील आवृत्ति $\omega'$,अनुनादी आवृत्ति से $60\%$ कम है,इसलिए $\omega' = \omega_0 - 0.60\omega_0 = 0.4\omega_0 = 4000 \, \text{rad/s}$ है।
इस आवृत्ति पर प्रेरक प्रतिघात (inductive reactance) $X_L' = \omega' L = 4000 \times 0.01 = 40 \, \Omega$ है।
इस आवृत्ति पर धारिता प्रतिघात (capacitive reactance) $X_C' = \frac{1}{\omega' C} = \frac{1}{4000 \times 10^{-6}} = 250 \, \Omega$ है।
परिपथ की प्रतिबाधा (impedance) $Z = \sqrt{R^2 + (X_C' - X_L')^2} = \sqrt{10^2 + (250 - 40)^2} = \sqrt{100 + 44100} = \sqrt{44200} \approx 210.24 \, \Omega$ है।
धारा का आयाम $I_m = \frac{V_m}{Z} = \frac{50}{210.24} \approx 0.2378 \, A = 237.8 \, mA \approx 238 \, mA$ होगा।
60
MediumMCQ
$4\,A$ की दिष्ट धारा $(DC)$ और $4\,A$ के शिखर मान वाली प्रत्यावर्ती धारा $(AC)$ क्रमशः $3\,\Omega$ और $2\,\Omega$ के प्रतिरोधों से प्रवाहित होती है। समान समयांतराल में दोनों प्रतिरोधों में उत्पन्न ऊष्मा का अनुपात क्या होगा?
A
$3: 2$
B
$3: 1$
C
$3: 4$
D
$4: 3$

Solution

(B) दिष्ट धारा $(DC)$ के लिए,उत्पन्न ऊष्मा $H_1 = I^2 R_1 t$ द्वारा दी जाती है।
यहाँ $I = 4\,A$ और $R_1 = 3\,\Omega$ दिया गया है,इसलिए:
$H_1 = (4)^2 \times 3 \times t = 16 \times 3 \times t = 48t$.
प्रत्यावर्ती धारा $(AC)$ के लिए,उत्पन्न ऊष्मा $H_2 = I_{rms}^2 R_2 t$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $I_{rms} = \frac{I_0}{\sqrt{2}}$ है।
यहाँ शिखर मान $I_0 = 4\,A$ और $R_2 = 2\,\Omega$ दिया गया है,इसलिए:
$I_{rms} = \frac{4}{\sqrt{2}} = 2\sqrt{2}\,A$.
$H_2 = (2\sqrt{2})^2 \times 2 \times t = 8 \times 2 \times t = 16t$.
उत्पन्न ऊष्मा का अनुपात $\frac{H_1}{H_2} = \frac{48t}{16t} = \frac{3}{1}$ होगा।
अतः,अनुपात $3: 1$ है।
Solution diagram
61
AdvancedMCQ
यदि नीचे दिए गए परिपथ के लिए इनपुट वोल्टेज $V_i$ को $V_i(t) = A \cos (2 \pi f t)$ द्वारा दिया गया है और आउटपुट वोल्टेज $V_o(t) = B \cos (2 \pi f t + \phi)$ है,तो निम्नलिखित चार ग्राफों में से कौन सा $\phi$ बनाम $f$ के परिवर्तन को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) दिया गया परिपथ एक प्रतिरोधक और संधारित्र से बना लो-पास फिल्टर है।
लो-पास $RC$ परिपथ के लिए,आउटपुट वोल्टेज $V_o$ और इनपुट वोल्टेज $V_i$ के बीच कलांतर (phase difference) $\phi$ को $\tan \phi = -\omega RC = -2 \pi f RC$ द्वारा दिया जाता है।
जैसे-जैसे आवृत्ति $f$ बढ़ती है,कला कोण $|\phi|$ का परिमाण बढ़ता है,और चूंकि $\phi$ ऋणात्मक है (आउटपुट इनपुट से पीछे रहता है),$\phi$ का मान अधिक ऋणात्मक हो जाता है।
$f = 0$ पर,$\phi = 0$ होता है। जैसे $f \to \infty$,$\phi \to -90^{\circ}$ या $-\pi/2$ रेडियन हो जाता है।
दिए गए विकल्पों में से,जो ग्राफ $\phi$ को $0$ से शुरू होकर $f$ के बढ़ने के साथ घटते हुए (अधिक ऋणात्मक होते हुए) दर्शाता है,वह विकल्प $C$ में दिया गया वक्र है।
Solution diagram
62
DifficultMCQ
नीचे दिए गए परिपथ में बिंदुओं $A$ और $B$ के बीच जुड़ा एक $AC$ वोल्टमीटर $36 \,V$ पढ़ता है। यदि इसे $A$ और $C$ के बीच जोड़ा जाता है,तो रीडिंग $39 \,V$ है। जब इसे $B$ और $D$ के बीच जोड़ा जाता है तो रीडिंग $25 \,V$ है। जब इसे $A$ और $D$ के बीच जोड़ा जाता है तो वोल्टमीटर की रीडिंग क्या होगी? (मान लें कि वोल्टमीटर सही $rms$ वोल्टेज मान पढ़ता है और स्रोत एक शुद्ध $AC$ उत्पन्न करता है।)
Question diagram
A
$\sqrt{481} \,V$
B
$31 \,V$
C
$61 \,V$
D
$\sqrt{3361} \,V$

Solution

(A) दिया गया परिपथ एक श्रेणी $L-C-R$ परिपथ है।
मान लीजिए $V_L$,$V_R$,और $V_C$ क्रमशः इंडक्टर,प्रतिरोधक और संधारित्र के वोल्टेज हैं।
परिपथ से,वोल्टमीटर की रीडिंग इस प्रकार हैं:
$1$. $A$ और $B$ के बीच: $V_L = 36 \,V$
$2$. $A$ और $C$ के बीच: $\sqrt{V_L^2 + V_R^2} = 39 \,V$
$3$. $B$ और $D$ के बीच: $\sqrt{V_R^2 + V_C^2} = 25 \,V$
$(1)$ और $(2)$ से:
$V_L^2 + V_R^2 = 39^2$
$36^2 + V_R^2 = 1521$
$1296 + V_R^2 = 1521$
$V_R^2 = 1521 - 1296 = 225$
$V_R = 15 \,V$
$(3)$ और $V_R = 15 \,V$ से:
$V_R^2 + V_C^2 = 25^2$
$15^2 + V_C^2 = 625$
$225 + V_C^2 = 625$
$V_C^2 = 400$
$V_C = 20 \,V$
$A$ और $D$ के बीच का वोल्टेज कुल वोल्टेज $V_{AD} = \sqrt{V_R^2 + (V_L - V_C)^2}$ है:
$V_{AD} = \sqrt{15^2 + (36 - 20)^2}$
$V_{AD} = \sqrt{225 + 16^2} = \sqrt{225 + 256} = \sqrt{481} \,V$
Solution diagram
63
AdvancedMCQ
नीचे दिखाए गए अनंत लैडर सर्किट पर विचार करें। किस कोणीय आवृत्ति $\omega$ के लिए सर्किट एक शुद्ध प्रेरकत्व (pure inductance) की तरह व्यवहार करेगा?
Question diagram
A
$\frac{L C}{\sqrt{2}}$
B
$\frac{1}{\sqrt{L C}}$
C
$\frac{2}{\sqrt{L C}}$
D
$\frac{2}{\sqrt{L C}}$

Solution

(C) एक अनंत लैडर नेटवर्क के लिए,यदि इनपुट में एक और खंड जोड़ा जाता है तो कुल प्रतिबाधा (impedance) $Z$ अपरिवर्तित रहती है।
मान लीजिए $Z$ अनंत लैडर की समतुल्य प्रतिबाधा है। सर्किट में एक प्रेरक $L$ श्रृंखला में है,जो एक संधारित्र $C$ और शेष अनंत लैडर $Z$ के समानांतर संयोजन के साथ जुड़ा है।
इस प्रकार,$Z = j\omega L + \frac{Z \cdot (1/j\omega C)}{Z + (1/j\omega C)}$.
$Z = j\omega L + \frac{Z}{1 + j\omega C Z}$.
$Z(1 + j\omega C Z) = j\omega L(1 + j\omega C Z) + Z$.
$Z + j\omega C Z^2 = j\omega L - \omega^2 L C Z + Z$.
$j\omega C Z^2 + \omega^2 L C Z - j\omega L = 0$.
$j\omega C$ से विभाजित करने पर,हमें $Z^2 + \frac{\omega L}{j} Z - \frac{L}{C} = 0$ प्राप्त होता है,जो $Z^2 - j\omega L Z - \frac{L}{C} = 0$ है।
द्विघात सूत्र का उपयोग करके $Z$ के लिए हल करने पर: $Z = \frac{j\omega L \pm \sqrt{(j\omega L)^2 - 4(1)(-L/C)}}{2} = \frac{j\omega L \pm \sqrt{-\omega^2 L^2 + 4L/C}}{2}$.
सर्किट के शुद्ध प्रेरक के रूप में व्यवहार करने के लिए,प्रतिबाधा $Z$ पूरी तरह से काल्पनिक होनी चाहिए,अर्थात $Z = j\omega L_{eq}$।
इसके लिए वर्गमूल के तहत मान धनात्मक होना चाहिए और वास्तविक भाग शून्य होना चाहिए। कट-ऑफ आवृत्ति $\omega_c = \frac{2}{\sqrt{LC}}$ है। इस आवृत्ति से ऊपर,यह शुद्ध प्रतिघात (reactance) के रूप में व्यवहार करता है। सही उत्तर $\omega = \frac{2}{\sqrt{LC}}$ है।
Solution diagram
64
MediumMCQ
गलत कथन को चिह्नित करें।
A
किसी भी $AC$ परिपथ में, अनुप्रयुक्त तात्क्षणिक वोल्टेज परिपथ के श्रेणीबद्ध तत्वों के तात्क्षणिक वोल्टेज के बीजगणितीय योग के बराबर होता है।
B
विद्युत शक्ति के परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले परिपथों में, कम शक्ति गुणांक (power factor) संचरण में बड़े शक्ति ह्रास को दर्शाता है।
C
परिपथ में उपयुक्त धारिता वाले संधारित्र (capacitor) का उपयोग करके शक्ति गुणांक में अक्सर सुधार किया जा सकता है।
D
प्रेरण कुंडली (induction coil) के परिपथ में संधारित्र के उपयोग से बचा जाता है।

Solution

(D) $AC$ परिपथों के लिए किरचॉफ के वोल्टेज नियम $(KVL)$ के आधार पर कथन $A$ सही है।
कथन $B$ सही है क्योंकि $P = VI \cos \phi$ होता है। एक निश्चित शक्ति $P$ और वोल्टेज $V$ के लिए, कम शक्ति गुणांक $(\cos \phi)$ के कारण अधिक धारा $I$ की आवश्यकता होती है, जिससे अधिक $I^2R$ हानि होती है।
कथन $C$ सही है क्योंकि शक्ति गुणांक में सुधार करने के लिए प्रेरक भार (inductive loads) की भरपाई हेतु संधारित्र का उपयोग किया जाता है।
कथन $D$ गलत है क्योंकि प्रेरण कुंडली (जैसे स्पार्क प्लग या इग्निशन सिस्टम) में आर्किंग को दबाने और दक्षता में सुधार करने के लिए संधारित्र का अक्सर उपयोग किया जाता है।
अतः, गलत कथन $D$ है।
65
MediumMCQ
$10 \,A$ की दिष्ट धारा $(DC)$ को एक तार से बहने वाली प्रत्यावर्ती धारा $I = 40 \cos \omega t \; (A)$ पर अध्यारोपित किया जाता है। परिणामी धारा का प्रभावी मान ....... $A$ होगा।
A
$10 \sqrt{2}$
B
$20 \sqrt{2}$
C
$20 \sqrt{3}$
D
$30$

Solution

(D) कुल धारा $I = I_{DC} + I_{AC} = 10 + 40 \cos \omega t$ द्वारा दी जाती है।
$I = I_{DC} + I_0 \cos \omega t$ रूप की धारा का प्रभावी $(RMS)$ मान $I_{rms} = \sqrt{I_{DC}^2 + I_{rms, AC}^2}$ सूत्र द्वारा प्राप्त होता है।
यहाँ,$I_{DC} = 10 \, A$ और $AC$ घटक का शिखर मान $I_0 = 40 \, A$ है।
$AC$ घटक का $RMS$ मान $I_{rms, AC} = \frac{I_0}{\sqrt{2}} = \frac{40}{\sqrt{2}} = 20\sqrt{2} \, A$ है।
अब,परिणामी धारा का प्रभावी मान ज्ञात करते हैं:
$I_{rms} = \sqrt{(10)^2 + (20\sqrt{2})^2}$
$I_{rms} = \sqrt{100 + (400 \times 2)}$
$I_{rms} = \sqrt{100 + 800}$
$I_{rms} = \sqrt{900} = 30 \, A$.
66
MediumMCQ
$220 \,V$ की एक प्रत्यावर्ती धारा आपूर्ति को $10 \sqrt{3} \,\Omega$ प्रतिरोध,$40 \,\Omega$ धारिता प्रतिघात और $30 \,\Omega$ प्रेरणिक प्रतिघात वाले श्रेणी परिपथ में जोड़ा गया है। शून्य और अनंत आवृत्तियों के लिए परिपथ में क्रमशः धारा का मान क्या होगा?
A
$2 \,A, 0.5 \,A$
B
$0 \,A, 10 \,A$
C
$10 \,A, 0 \,A$
D
$0 \,A, 0 \,A$

Solution

(D) $LCR$ श्रेणी परिपथ की प्रतिबाधा $Z = \sqrt{R^2 + (X_L - X_C)^2}$ द्वारा दी जाती है।
$f = 0$ ($DC$ परिपथ) के लिए,धारिता प्रतिघात $X_C = \frac{1}{2\pi f C} \rightarrow \infty$ और प्रेरणिक प्रतिघात $X_L = 2\pi f L = 0$ होता है।
चूंकि $X_C \rightarrow \infty$,कुल प्रतिबाधा $Z \rightarrow \infty$ हो जाती है,इसलिए धारा $I = \frac{V}{Z} = 0 \,A$ होगी।
$f \rightarrow \infty$ के लिए,प्रेरणिक प्रतिघात $X_L = 2\pi f L \rightarrow \infty$ और धारिता प्रतिघात $X_C = \frac{1}{2\pi f C} = 0$ होता है।
चूंकि $X_L \rightarrow \infty$,कुल प्रतिबाधा $Z \rightarrow \infty$ हो जाती है,इसलिए धारा $I = \frac{V}{Z} = 0 \,A$ होगी।
अतः,दोनों स्थितियों में धारा का मान $0 \,A$ है।
67
MediumMCQ
List-$I$ को List-$II$ के साथ सुमेलित कीजिए।
List-$I$ List-$II$
$A$. $AC$ जनरेटर $I$. $L$ और $C$ दोनों की उपस्थिति
$B$. ट्रांसफॉर्मर $II$. विद्युतचुंबकीय प्रेरण
$C$. अनुनाद की घटना होने के लिए $III$. क्वालिटी फैक्टर
$D$. अनुनाद की तीक्ष्णता $IV$. अन्योन्य प्रेरण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
A
$A-IV, B-II, C-I, D-III$
B
$A-II, B-I, C-III, D-IV$
C
$A-II, B-IV, C-I, D-III$
D
$A-IV, B-III, C-I, D-II$

Solution

(C) $AC$ जनरेटर का कार्य सिद्धांत विद्युतचुंबकीय प्रेरण पर आधारित है $(A-II)$.
ट्रांसफॉर्मर का कार्य सिद्धांत अन्योन्य प्रेरण (Mutual Inductance) पर आधारित है $(B-IV)$.
$AC$ सर्किट में अनुनाद तब होता है जब इंडक्टर $(L)$ और कैपेसिटर $(C)$ दोनों मौजूद होते हैं,जिससे इंडक्टिव रिएक्टेंस को कैपेसिटिव रिएक्टेंस के साथ रद्द करने की अनुमति मिलती है $(C-I)$.
अनुनाद की तीक्ष्णता को सर्किट के क्वालिटी फैक्टर ($Q$-फैक्टर) द्वारा मापा जाता है $(D-III)$.
अतः,सही मिलान $A-II, B-IV, C-I, D-III$ है।
68
MediumMCQ
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन $I$: एक $AC$ परिपथ विद्युत अनुनाद (electrical resonance) का अनुभव करता है यदि इसमें या तो एक संधारित्र (capacitor) या एक प्रेरक (inductor) हो।
कथन $II$: एक शुद्ध संधारित्र या एक शुद्ध प्रेरक युक्त $AC$ परिपथ अपने गैर-शून्य पावर फैक्टर के कारण उच्च शक्ति की खपत करता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A
कथन $I$ और कथन $II$ दोनों गलत हैं।
B
कथन $I$ सही है लेकिन कथन $II$ गलत है।
C
कथन $I$ और कथन $II$ दोनों सही हैं।
D
कथन $I$ गलत है लेकिन कथन $II$ सही है।

Solution

(A) कथन $I$ गलत है क्योंकि $AC$ परिपथ में विद्युत अनुनाद के लिए एक प्रेरक $(L)$ और एक संधारित्र $(C)$ दोनों की उपस्थिति आवश्यक है ताकि प्रेरकत्व प्रतिघात $(X_L = \omega L)$ और धारिता प्रतिघात $(X_C = 1/\omega C)$ एक-दूसरे को रद्द कर सकें,जिसके परिणामस्वरूप कला कोण (phase angle) $\phi = 0$ हो जाता है।
कथन $II$ गलत है क्योंकि एक शुद्ध प्रेरक या एक शुद्ध संधारित्र के लिए वोल्टेज और धारा के बीच कला अंतर $\pi/2$ होता है। पावर फैक्टर $\cos(\pi/2) = 0$ होता है। इसलिए,एक शुद्ध प्रेरक या शुद्ध संधारित्र द्वारा खपत की गई औसत शक्ति $P = V_{rms} I_{rms} \cos(\phi) = 0$ होती है। वे उच्च शक्ति की खपत नहीं करते हैं; वे शून्य शक्ति की खपत करते हैं।
चूंकि दोनों कथन गलत हैं,इसलिए सही विकल्प $A$ है।
69
DifficultMCQ
एक $AC$ परिपथ में, तात्क्षणिक धारा शून्य होती है जब तात्क्षणिक वोल्टेज अधिकतम होता है। इस स्थिति में, स्रोत निम्नलिखित में से किससे जुड़ा हो सकता है:
$A$. शुद्ध प्रेरक (Pure inductor).
$B$. शुद्ध संधारित्र (Pure capacitor).
$C$. शुद्ध प्रतिरोधक (Pure resistor).
$D$. प्रेरक और संधारित्र का संयोजन।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A
केवल $A, B$ और $C$
B
केवल $B, C$ और $D$
C
केवल $A$ और $B$
D
केवल $A, B$ और $D$

Solution

(D) एक $AC$ परिपथ में, तात्क्षणिक धारा $I = I_0 \sin(\omega t + \phi)$ और वोल्टेज $V = V_0 \sin(\omega t)$ होता है।
जब धारा शून्य होती है, तो $\sin(\omega t + \phi) = 0$, जिसका अर्थ है $\omega t + \phi = 0$ या $\pi$।
जब वोल्टेज अधिकतम होता है, तो $\sin(\omega t) = 1$, जिसका अर्थ है $\omega t = \frac{\pi}{2}$।
धारा के समीकरण में $\omega t = \frac{\pi}{2}$ रखने पर: $\sin(\frac{\pi}{2} + \phi) = 0$, जिसका अर्थ है $\cos(\phi) = 0$, इसलिए $\phi = \pm \frac{\pi}{2}$।
यह $\frac{\pi}{2}$ का कलांतर (phase difference) शुद्ध प्रेरक $(\phi = -\frac{\pi}{2})$, शुद्ध संधारित्र $(\phi = +\frac{\pi}{2})$, या $LC$ परिपथ में होता है।
अतः, विकल्प $A, B$ और $D$ सही हैं।
70
DifficultMCQ
सूची-$I$ को सूची-$II$ के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
सूची-$I$सूची-$II$
$A$. शुद्ध धारिता परिपथ (Purely capacitive circuit)$I$. $I$,$V$ से $90^{\circ}$ आगे है
$B$. शुद्ध प्रेरक परिपथ (Purely inductive circuit)$II$. $I$ और $V$ समान कला में हैं
$C$. अनुनाद पर $LCR$ श्रेणी परिपथ$III$. $V$,$I$ से $\theta$ कोण पर आगे है
$D$. $LCR$ श्रेणी परिपथ$IV$. $V$,$I$ से $90^{\circ}$ आगे है
Question diagram
A
$A-I, B-IV, C-III, D-II$
B
$A-IV, B-I, C-III, D-II$
C
$A-IV, B-I, C-II, D-III$
D
$A-I, B-IV, C-II, D-III$

Solution

(D) एक शुद्ध धारिता परिपथ में,धारा $I$,वोल्टेज $V$ से $90^{\circ}$ आगे (lead) होती है। अतः,$A$ का मिलान $I$ से होता है।
एक शुद्ध प्रेरक परिपथ में,वोल्टेज $V$,धारा $I$ से $90^{\circ}$ आगे होता है। अतः,$B$ का मिलान $IV$ से होता है।
अनुनाद पर $LCR$ श्रेणी परिपथ में,प्रेरणिक प्रतिघात $X_L$,धारिता प्रतिघात $X_C$ $(X_L = X_C)$ के बराबर होता है,जिससे परिपथ शुद्ध प्रतिरोधी बन जाता है। एक शुद्ध प्रतिरोधी परिपथ में,वोल्टेज $V$ और धारा $I$ समान कला (in phase) में होते हैं। अतः,$C$ का मिलान $II$ से होता है।
सामान्य $LCR$ श्रेणी परिपथ में,वोल्टेज $V$,धारा $I$ से कला कोण $\theta$ पर आगे या पीछे होता है। अतः,$D$ का मिलान $III$ से होता है।
अतः,सही मिलान $A-I, B-IV, C-II, D-III$ है। सही विकल्प $(D)$ है।
71
DifficultMCQ
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन $I$: एक $LCR$ श्रेणी परिपथ में,अनुनाद (resonance) पर धारा अधिकतम होती है।
कथन $II$: जब समान वोल्टेज स्रोत से जोड़ा जाता है,तो एक शुद्ध प्रतिरोधक परिपथ में धारा कभी भी $LCR$ श्रेणी परिपथ की धारा से कम नहीं हो सकती है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनें:
A
कथन $I$ सत्य है लेकिन कथन $II$ असत्य है।
B
कथन $I$ असत्य है लेकिन कथन $II$ सत्य है।
C
कथन $I$ और कथन $II$ दोनों सत्य हैं।
D
कथन $I$ और कथन $II$ दोनों असत्य हैं।

Solution

(C) कथन-$I$: $LCR$ श्रेणी परिपथ में धारा $I = \frac{V}{\sqrt{R^2 + (X_L - X_C)^2}}$ द्वारा दी जाती है। अनुनाद पर,$X_L = X_C$,जिससे प्रतिबाधा $Z = R$ (न्यूनतम) हो जाती है। चूंकि प्रतिबाधा न्यूनतम है,इसलिए धारा $I = \frac{V}{R}$ अधिकतम होती है। अतः,कथन-$I$ सत्य है।
कथन-$II$: एक शुद्ध प्रतिरोधक परिपथ में,धारा $I_{res} = \frac{V}{R}$ होती है। $LCR$ श्रेणी परिपथ में,धारा $I_{LCR} = \frac{V}{\sqrt{R^2 + (X_L - X_C)^2}}$ होती है। चूंकि $\sqrt{R^2 + (X_L - X_C)^2} \geq R$,इसलिए $I_{LCR} \leq I_{res}$ होता है। अतः,समान वोल्टेज स्रोत के लिए शुद्ध प्रतिरोधक परिपथ में धारा हमेशा $LCR$ परिपथ की धारा से अधिक या उसके बराबर होती है। अतः,कथन-$II$ सत्य है।
72
AdvancedMCQ
दिए गए परिपथ में $L = 1 \mu H$,$C = 1 \mu F$ और $R = 1 k\Omega$ हैं। वे चित्रानुसार $a.c.$ स्रोत $V = V_0 \sin \omega t$ के साथ श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। निम्नलिखित में से कौन सा/से विकल्प सही है/हैं?
[$A$] वह आवृत्ति जिस पर धारा वोल्टेज के साथ समान कला में होगी,$R$ से स्वतंत्र है।
[$B$] जब $\omega \sim 0$ होता है,तो परिपथ से प्रवाहित होने वाली धारा लगभग शून्य हो जाती है।
[$C$] जब $\omega \gg 10^6 \text{ rad } s^{-1}$ होता है,तो परिपथ एक संधारित्र की तरह व्यवहार करता है।
[$D$] यदि $\omega = 10^6 \text{ rad } s^{-1}$ है,तो धारा वोल्टेज के साथ समान कला में होगी।
Question diagram
A
$A, B$
B
$A, C$
C
$A, D$
D
$A, B, D$

Solution

(D) $LCR$ श्रेणी परिपथ की प्रतिबाधा $Z = \sqrt{R^2 + (\omega L - \frac{1}{\omega C})^2}$ द्वारा दी जाती है।
[$A$] अनुनाद (resonance) पर धारा वोल्टेज के साथ समान कला में होती है,जहाँ $\omega L = \frac{1}{\omega C}$,जिससे $\omega = \frac{1}{\sqrt{LC}}$ प्राप्त होता है। यह आवृत्ति $R$ से स्वतंत्र है। अतः,कथन [$A$] सही है।
[$B$] जैसे-जैसे $\omega \to 0$,धारितीय प्रतिघात $X_C = \frac{1}{\omega C} \to \infty$ होता है। अतः,प्रतिबाधा $Z \to \infty$ और धारा $I = \frac{V_0}{Z} \to 0$ हो जाती है। अतः,कथन [$B$] सही है।
[$C$] उच्च आवृत्तियों पर $(\omega \gg \frac{1}{\sqrt{LC}} = 10^6 \text{ rad } s^{-1})$,प्रेरणिक प्रतिघात $X_L = \omega L$ धारितीय प्रतिघात $X_C = \frac{1}{\omega C}$ पर हावी हो जाता है। परिपथ एक प्रेरक की तरह व्यवहार करता है,न कि संधारित्र की तरह। अतः,कथन [$C$] गलत है।
[$D$] अनुनाद $\omega = \frac{1}{\sqrt{LC}} = \frac{1}{\sqrt{10^{-6} \times 10^{-6}}} = 10^6 \text{ rad } s^{-1}$ पर होता है। इस आवृत्ति पर,धारा वोल्टेज के साथ समान कला में होती है। अतः,कथन [$D$] सही है।
इस प्रकार,कथन [$A$],[$B$] और [$D$] सही हैं।
73
AdvancedMCQ
आपको कई प्रतिरोधक,संधारित्र और प्रेरक दिए गए हैं। इन्हें कॉलम $II$ में दिखाए अनुसार अलग-अलग तरीकों से एक परिवर्तनीय $DC$ वोल्टेज स्रोत (पहली दो सर्किट) या $50 \ Hz$ आवृत्ति के $AC$ वोल्टेज स्रोत (अगली तीन सर्किट) से जोड़ा गया है। जब सर्किट से धारा $I$ ($DC$ के लिए स्थिर अवस्था या $AC$ के लिए rms) प्रवाहित होती है,तो संबंधित वोल्टेज $V_1$ और $V_2$ (सर्किट में इंगित) कॉलम $I$ में दिखाए अनुसार संबंधित होते हैं। दोनों का मिलान करें।
Question diagram
A
$A) I \neq 0, V_1, I$ के समानुपाती है
B
$B) I \neq 0, V_2 > V_1$
C
$C) V_1 = 0, V_2 = V$
D
$D) I \neq 0, V_2, I$ के समानुपाती है

Solution

(C) $DC$ सर्किट के लिए,प्रेरक एक शॉर्ट सर्किट के रूप में कार्य करता है $(V_L = 0)$ और संधारित्र एक ओपन सर्किट के रूप में कार्य करता है $(I = 0)$।
$AC$ सर्किट के लिए,$X_L = \omega L = 2\pi f L$ और $X_C = 1/(\omega C) = 1/(2\pi f C)$।
सर्किट $(p)$: $DC$ स्रोत। प्रेरक $(V_1)$ शॉर्ट है,इसलिए $V_1 = 0$। संधारित्र $(V_2)$ ओपन है,इसलिए $I = 0$। $C$ से मेल खाता है।
सर्किट $(q)$: $DC$ स्रोत। प्रेरक $(V_1)$ शॉर्ट है,इसलिए $V_1 = 0$। प्रतिरोधक $(V_2)$ के लिए $V_2 = IR$। $C, D$ से मेल खाता है।
सर्किट $(r)$: $AC$ स्रोत। $V_1 = I X_L$ और $V_2 = IR$। $X_L = 2\pi(50)(6 \times 10^{-3}) \approx 1.88 \ \Omega$। $R = 2 \ \Omega$। चूंकि $R > X_L$,इसलिए $V_2 > V_1$। साथ ही $V_1 \propto I$ और $V_2 \propto I$। $A, B, D$ से मेल खाता है।
सर्किट $(s)$: $AC$ स्रोत। $V_1 = I X_L$ और $V_2 = I X_C$। $X_L \approx 1.88 \ \Omega$। $X_C = 1/(2\pi(50)(3 \times 10^{-6})) \approx 1061 \ \Omega$। चूंकि $X_C > X_L$,इसलिए $V_2 > V_1$। साथ ही $V_1 \propto I$ और $V_2 \propto I$। $A, B, D$ से मेल खाता है।
सर्किट $(t)$: $AC$ स्रोत। $V_1 = IR$ और $V_2 = I X_C$। $R = 1000 \ \Omega$,$X_C \approx 1061 \ \Omega$। $V_2 > V_1$। साथ ही $V_1 \propto I$ और $V_2 \propto I$। $A, B, D$ से मेल खाता है।
सारांश:
$A \rightarrow (r, s, t)$
$B \rightarrow (r, s, t)$
$C \rightarrow (p, q)$
$D \rightarrow (q, r, s, t)$
74
MediumMCQ
नीचे दो कथन दिए गए हैं $:$ एक को अभिकथन $(A)$ और दूसरे को कारण $(R)$ के रूप में लेबल किया गया है।
अभिकथन $(A) :$ चोक कॉइल केवल एक ऐसी कॉइल है जिसका इंडक्टेंस अधिक होता है लेकिन प्रतिरोध कम होता है। चोक कॉइल का उपयोग फ्लोरोसेंट मरकरी-ट्यूब फिटिंग के साथ किया जाता है। यदि घरेलू बिजली को सीधे मरकरी ट्यूब से जोड़ा जाता है,तो ट्यूब क्षतिग्रस्त हो जाएगी।
कारण $(R):$ चोक कॉइल का उपयोग करके,ट्यूब के आर-पार वोल्टेज को $\left(R / \sqrt{R^2+\omega^2 L^2}\right)$ के कारक द्वारा कम किया जाता है,जहाँ $\omega$ आपूर्ति की कोणीय आवृत्ति है,$R$ प्रतिरोध है और $L$ इंडक्टेंस है। यदि चोक कॉइल का उपयोग नहीं किया जाता,तो ट्यूब के आर-पार वोल्टेज लागू वोल्टेज के समान ही होता। उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें $:$
A
अभिकथन $(A)$ और कारण $(R)$ दोनों सत्य हैं लेकिन $(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या नहीं है।
B
$(A)$ असत्य है लेकिन $(R)$ सत्य है।
C
अभिकथन $(A)$ और कारण $(R)$ दोनों सत्य हैं और $(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या है।
D
$(A)$ सत्य है लेकिन $(R)$ असत्य है।

Solution

(D) अभिकथन $(A)$ सत्य है क्योंकि चोक कॉइल को उच्च इंडक्टेंस $(L)$ और नगण्य प्रतिरोध $(R)$ रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि न्यूनतम बिजली हानि के साथ $AC$ सर्किट में करंट को सीमित किया जा सके। फ्लोरोसेंट ट्यूबों को शुरू में उच्च वोल्टेज की आवश्यकता होती है लेकिन संचालन के लिए कम वोल्टेज की आवश्यकता होती है,जो चोक कॉइल अपने इंडक्टिव रिएक्टेंस के माध्यम से वोल्टेज ड्रॉप करके प्रदान करता है।
कारण $(R)$ असत्य है क्योंकि ट्यूब के आर-पार वोल्टेज को $\left(R / \sqrt{R^2+\omega^2 L^2}\right)$ के कारक द्वारा कम नहीं किया जाता है। चोक कॉइल ट्यूब के साथ श्रृंखला में एक इंडक्टर के रूप में कार्य करती है। ट्यूब के आर-पार वोल्टेज सर्किट के इम्पीडेंस द्वारा निर्धारित होता है। कारण में दिया गया कारक गलत है क्योंकि यह पावर फैक्टर या अलग संदर्भ में वोल्टेज विभाजन से संबंधित है। इसलिए,$(A)$ सत्य है लेकिन $(R)$ असत्य है।
75
AdvancedMCQ
आरेख में दिखाए अनुसार $Z$ प्रतिबाधा वाले विद्युत भार के साथ एक $AC$ स्रोत जुड़ा हुआ है। स्रोत वोल्टेज समय के साथ $V(t) = 300 \sin (400 t) \text{ V}$ के रूप में बदलता है,जहाँ $t$ सेकंड में समय है। सूची-$I$ भार के लिए विभिन्न विकल्प दिखाती है। परिपथ में समय के फलन के रूप में संभावित धाराएँ $i(t)$ सूची-$II$ में दी गई हैं। वह विकल्प चुनें जो सूची-$I$ की प्रविष्टियों और सूची-$II$ की प्रविष्टियों के बीच सही मिलान का वर्णन करता है।
सूची-$I$ सूची-$II$
$(P)$ प्रतिरोध $R = 30 \ \Omega$ $(1)$ $i(t) = 5 \sin(400t)$
$(Q)$ प्रतिरोध $R = 30 \ \Omega$ और प्रेरक $L = 100 \text{ mH}$ $(2)$ $i(t) = 6 \sin(400t + 53^{\circ})$
$(R)$ संधारित्र $C = 50 \ \mu\text{F}$,प्रतिरोध $R = 30 \ \Omega$,और प्रेरक $L = 25 \text{ mH}$ $(3)$ $i(t) = 10 \sin(400t)$
$(S)$ संधारित्र $C = 50 \ \mu\text{F}$,प्रतिरोध $R = 60 \ \Omega$,और प्रेरक $L = 125 \text{ mH}$ $(4)$ $i(t) = 20 \sin(400t - 90^{\circ})$
$(5)$ $i(t) = 6 \sin(400t - 53^{\circ})$
Question diagram
A
$P \rightarrow 3, Q \rightarrow 4, R \rightarrow 2, S \rightarrow 1$
B
$P \rightarrow 1, Q \rightarrow 5, R \rightarrow 2, S \rightarrow 3$
C
$P \rightarrow 3, Q \rightarrow 5, R \rightarrow 2, S \rightarrow 1$
D
$P \rightarrow 1, Q \rightarrow 4, R \rightarrow 2, S \rightarrow 5$

Solution

(C) दिया गया है $V(t) = 300 \sin(400t) \text{ V}$,इसलिए $V_0 = 300 \text{ V}$ और $\omega = 400 \text{ rad/s}$.
$(P)$ के लिए: $R = 30 \ \Omega$. $i(t) = \frac{V_0}{R} \sin(400t) = \frac{300}{30} \sin(400t) = 10 \sin(400t)$. यह $(3)$ से मेल खाता है।
$(Q)$ के लिए: $R = 30 \ \Omega, L = 100 \text{ mH} = 0.1 \text{ H}$. $X_L = \omega L = 400 \times 0.1 = 40 \ \Omega$. $Z = \sqrt{R^2 + X_L^2} = \sqrt{30^2 + 40^2} = 50 \ \Omega$. धारा $I_0 = \frac{300}{50} = 6 \text{ A}$. कला कोण $\phi = \tan^{-1}(\frac{X_L}{R}) = \tan^{-1}(\frac{40}{30}) = 53^{\circ}$. चूंकि यह एक $RL$ परिपथ है,धारा वोल्टेज से पीछे रहेगी: $i(t) = 6 \sin(400t - 53^{\circ})$. यह $(5)$ से मेल खाता है।
$(R)$ के लिए: $C = 50 \ \mu\text{F}, R = 30 \ \Omega, L = 25 \text{ mH} = 0.025 \text{ H}$. $X_C = \frac{1}{\omega C} = \frac{1}{400 \times 50 \times 10^{-6}} = 50 \ \Omega$. $X_L = 400 \times 0.025 = 10 \ \Omega$. $Z = \sqrt{R^2 + (X_C - X_L)^2} = \sqrt{30^2 + (50 - 10)^2} = 50 \ \Omega$. $I_0 = \frac{300}{50} = 6 \text{ A}$. कला कोण $\phi = \tan^{-1}(\frac{X_C - X_L}{R}) = \tan^{-1}(\frac{40}{30}) = 53^{\circ}$. चूंकि $X_C > X_L$,धारा वोल्टेज से आगे रहेगी: $i(t) = 6 \sin(400t + 53^{\circ})$. यह $(2)$ से मेल खाता है।
$(S)$ के लिए: $C = 50 \ \mu\text{F}, R = 60 \ \Omega, L = 125 \text{ mH} = 0.125 \text{ H}$. $X_C = 50 \ \Omega$. $X_L = 400 \times 0.125 = 50 \ \Omega$. चूंकि $X_L = X_C$,परिपथ अनुनाद (resonance) में है। $Z = R = 60 \ \Omega$. $I_0 = \frac{300}{60} = 5 \text{ A}$. $i(t) = 5 \sin(400t)$. यह $(1)$ से मेल खाता है।
76
DifficultMCQ
एक विशिष्ट कोणीय आवृत्ति पर,संधारित्र (capacitor) का प्रतिघात (reactance) और प्रेरक (inductor) का प्रतिघात समान है। यदि कोणीय आवृत्ति को दोगुना कर दिया जाए,तो संधारित्र के प्रतिघात और प्रेरक के प्रतिघात का अनुपात क्या होगा?
A
$\frac{1}{4}$
B
$\frac{1}{2}$
C
$2$
D
$4$

Solution

(A) मान लीजिए कि प्रारंभिक कोणीय आवृत्ति $\omega$ है। इस आवृत्ति पर,प्रेरणिक प्रतिघात $X_L$ और धारितीय प्रतिघात $X_C$ समान हैं:
$X_L = \omega L$ और $X_C = \frac{1}{\omega C}$.
दिया गया है कि $\omega$ आवृत्ति पर $X_L = X_C = X$ है।
जब कोणीय आवृत्ति को दोगुना किया जाता है,तो नई आवृत्ति $\omega' = 2\omega$ हो जाती है।
नया प्रेरणिक प्रतिघात $X_L' = \omega' L = (2\omega) L = 2X_L = 2X$ है।
नया धारितीय प्रतिघात $X_C' = \frac{1}{\omega' C} = \frac{1}{(2\omega) C} = \frac{1}{2} X_C = \frac{X}{2}$ है।
नए धारितीय प्रतिघात और नए प्रेरणिक प्रतिघात का अनुपात है:
$\frac{X_C'}{X_L'} = \frac{X/2}{2X} = \frac{1}{4}$.
77
MediumMCQ
एक $LCR$ श्रेणी परिपथ में,जब परिपथ से $L$ को हटा दिया जाता है,तो वोल्टेज और धारा के बीच का कलान्तर $\frac{\pi}{3}$ है। यदि $L$ के स्थान पर $C$ को परिपथ से हटा दिया जाए,तो कलान्तर पुनः $\frac{\pi}{3}$ होता है। परिपथ का शक्ति गुणांक (power factor) है $(\tan 60^{\circ}=\sqrt{3})$
A
$1$
B
$\frac{1}{\sqrt{2}}$
C
$\frac{\sqrt{3}}{2}$
D
$\frac{1}{2}$

Solution

(A) $LCR$ श्रेणी परिपथ में,प्रतिबाधा $Z = \sqrt{R^2 + (X_L - X_C)^2}$ होती है।
जब $L$ को हटा दिया जाता है,तो परिपथ $RC$ परिपथ बन जाता है। कलान्तर $\phi$ को $\tan \phi = \frac{X_C}{R}$ द्वारा दिया जाता है। दिया गया है $\phi = \frac{\pi}{3}$,इसलिए $\tan \frac{\pi}{3} = \sqrt{3} = \frac{X_C}{R}$,जिसका अर्थ है $X_C = \sqrt{3}R$।
जब $C$ को हटा दिया जाता है,तो परिपथ $RL$ परिपथ बन जाता है। कलान्तर $\phi$ को $\tan \phi = \frac{X_L}{R}$ द्वारा दिया जाता है। दिया गया है $\phi = \frac{\pi}{3}$,इसलिए $\tan \frac{\pi}{3} = \sqrt{3} = \frac{X_L}{R}$,जिसका अर्थ है $X_L = \sqrt{3}R$।
मूल $LCR$ परिपथ में,$X_L = X_C$ है,इसलिए परिपथ अनुनाद (resonance) की स्थिति में है।
अनुनाद पर,प्रतिबाधा $Z = R$ होती है।
अतः शक्ति गुणांक $\cos \phi = \frac{R}{Z} = \frac{R}{R} = 1$ है।
78
MediumMCQ
एक $A.C.$ जनरेटर की कुंडली में $100$ फेरे हैं, और प्रत्येक का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $2 \, m^2$ है। यह $2 \times 10^{-2} \, T$ के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में $30 \, rad/s$ की स्थिर कोणीय गति से घूम रही है। यदि परिपथ का कुल प्रतिरोध $600 \, \Omega$ है, तो परिपथ में व्यय होने वाली अधिकतम शक्ति है: ($W$ में)
A
$6$
B
$9$
C
$12$
D
$24$

Solution

(C) दिया गया है: $N = 100$, $A = 2 \, m^2$, $\omega = 30 \, rad/s$, $B = 2 \times 10^{-2} \, T$, $R = 600 \, \Omega$.
कुंडली में प्रेरित अधिकतम विद्युत वाहक बल $(E_0)$ है:
$E_0 = N A B \omega$
$E_0 = 100 \times 2 \times (2 \times 10^{-2}) \times 30$
$E_0 = 100 \times 2 \times 0.02 \times 30 = 120 \, V$.
$A.C.$ परिपथ में व्यय होने वाली अधिकतम शक्ति है:
$P_{\max} = \frac{E_0^2}{2R}$
मान रखने पर:
$P_{\max} = \frac{120 \times 120}{2 \times 600}$
$P_{\max} = \frac{14400}{1200} = 12 \, W$.
79
EasyMCQ
घरेलू विद्युत मेन्स आपूर्ति में,वोल्टेज और धारा होते हैं
A
$AC$ वोल्टेज और $DC$ धारा
B
$DC$ वोल्टेज और $DC$ धारा
C
$DC$ वोल्टेज और $AC$ धारा
D
$AC$ वोल्टेज और $AC$ धारा

Solution

(D) घरेलू विद्युत मेन्स आपूर्ति में,शक्ति का संचरण प्रत्यावर्ती धारा $(AC)$ के रूप में होता है।
इसका अर्थ है कि वोल्टेज और धारा दोनों समय के साथ ज्यावक्रीय (sinusoidally) रूप से बदलते हैं।
अतः,घरेलू आपूर्ति में $AC$ वोल्टेज और $AC$ धारा होती है।
80
EasyMCQ
एक $ 100 \,W $ का बल्ब $ 220 \,V, 50 \,Hz $ के $ AC $ स्रोत से जुड़ा है। तो बल्ब से प्रवाहित होने वाली धारा है
A
$ \frac{5}{11} \,A $
B
$ \frac{1}{2} \,A $
C
$ 2 \,A $
D
$ \frac{3}{4} \,A $

Solution

(A) दिया गया है: बल्ब की शक्ति $ P = 100 \,W $ और $ AC $ स्रोत का वोल्टेज $ V = 220 \,V $ है।
बल्ब जैसे प्रतिरोधी भार के लिए, शक्ति का सूत्र $ P = I \times V $ होता है।
धारा $ I $ के लिए सूत्र को व्यवस्थित करने पर, हमें मिलता है $ I = \frac{P}{V} $.
दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करने पर: $ I = \frac{100}{220} \,A $.
भिन्न को सरल करने पर: $ I = \frac{10}{22} \,A = \frac{5}{11} \,A $.
अतः, बल्ब से प्रवाहित होने वाली धारा $ \frac{5}{11} \,A $ है।
81
EasyMCQ
एक स्टेप-डाउन ट्रांसफार्मर का आउटपुट $48 \,V$ मापा जाता है जब इसे $12 \,W$ के बल्ब से जोड़ा जाता है। शिखर धारा (peak current) का मान है
A
$1/\sqrt{2} \,A$
B
$\sqrt{2} \,A$
C
$1/(2\sqrt{2}) \,A$
D
$1/4 \,A$

Solution

(C) दिया गया है, स्टेप-डाउन ट्रांसफार्मर का आउटपुट वोल्टेज $V_{rms} = 48 \,V$ है।
बल्ब द्वारा खपत की गई शक्ति $P = 12 \,W$ है।
रूट मीन स्क्वायर $(RMS)$ धारा $I_{rms} = P / V_{rms} = 12 / 48 = 0.25 \,A$ द्वारा दी जाती है।
शिखर धारा $I_0$ का $RMS$ धारा के साथ संबंध $I_0 = I_{rms} \times \sqrt{2}$ सूत्र द्वारा होता है।
मान रखने पर, $I_0 = 0.25 \times \sqrt{2} = (1/4) \times \sqrt{2} = \sqrt{2}/4 = 1/(2\sqrt{2}) \,A$ प्राप्त होता है।
82
MediumMCQ
चित्र में दिखाए गए परिपथ में, स्रोत प्रतिरोध को नगण्य मानते हुए, वोल्टमीटर और एमीटर के पाठ्यांक क्रमशः क्या होंगे?
A
$0 \, V, 8 \, A$
B
$150 \, V, 3 \, A$
C
$150 \, V, 6 \, A$
D
$0 \, V, 3 \, A$

Solution

(A) दिया गया है: $R = 30 \, \Omega$, $X_{L} = 25 \, \Omega$, $X_{C} = 25 \, \Omega$, और $V_{rms} = 240 \, V$.
$LCR$ श्रेणी परिपथ की प्रतिबाधा $Z = \sqrt{R^2 + (X_{L} - X_{C})^2}$ द्वारा दी जाती है।
मान रखने पर, $Z = \sqrt{30^2 + (25 - 25)^2} = \sqrt{30^2 + 0} = 30 \, \Omega$.
एमीटर का पाठ्यांक $rms$ धारा है: $I_{rms} = \frac{V_{rms}}{Z} = \frac{240}{30} = 8 \, A$.
वोल्टमीटर प्रेरक और संधारित्र के श्रेणी संयोजन के सिरों पर जुड़ा है। इस संयोजन पर वोल्टेज $V_{LC} = I_{rms} \times |X_{L} - X_{C}|$ है।
मान रखने पर, $V_{LC} = 8 \times |25 - 25| = 8 \times 0 = 0 \, V$.
अतः, वोल्टमीटर का पाठ्यांक $0 \, V$ और एमीटर का पाठ्यांक $8 \, A$ है।
83
MediumMCQ
जब $\frac{6}{\pi} \ H$ प्रेरकत्व का एक प्रेरक, $\frac{50}{\pi} \ \mu F$ धारिता का एक संधारित्र और $R$ प्रतिरोध का एक प्रतिरोधक $220 \ V$ rms वोल्टेज और $50 \ Hz$ आवृत्ति की $AC$ आपूर्ति के साथ श्रेणीक्रम में जोड़े जाते हैं, तो परिपथ से प्रवाहित rms धारा $440 \ mA$ होती है। List-$I$ में दिए गए प्रेरणिक प्रतिघात $X_L$, धारितीय प्रतिघात $X_C$, प्रतिरोध $R$ और परिपथ की प्रतिबाधा $Z$ का List-$II$ में दिए गए संबंधित मानों के साथ मिलान करें।
A
$A$-(iv), $B$-(ii), $C$-(i), $D$-(iii)
B
$A$-(iv), $B$-(iii), $C$-(i), $D$-(ii)
C
$A$-(iv), $B$-(i), $C$-(ii), $D$-(iii)
D
$A$-(i), $B$-(iv), $C$-(iii), $D$-(ii)

Solution

(C) दिया गया है: $L = \frac{6}{\pi} \ H$, $C = \frac{50}{\pi} \ \mu F = \frac{50}{\pi} \times 10^{-6} \ F$, $V_{rms} = 220 \ V$, $f = 50 \ Hz$, $I_{rms} = 440 \ mA = 0.44 \ A$.
$(A)$ प्रेरणिक प्रतिघात: $X_L = 2 \pi f L = 2 \pi \times 50 \times \frac{6}{\pi} = 600 \ \Omega$.
$(B)$ धारितीय प्रतिघात: $X_C = \frac{1}{2 \pi f C} = \frac{1}{2 \pi \times 50 \times (\frac{50}{\pi} \times 10^{-6})} = \frac{1}{5000 \times 10^{-6}} = \frac{10^6}{5000} = 200 \ \Omega$.
$(D)$ प्रतिबाधा: $Z = \frac{V_{rms}}{I_{rms}} = \frac{220}{0.44} = 500 \ \Omega$.
$(C)$ प्रतिरोध: $Z^2 = R^2 + (X_L - X_C)^2 \Rightarrow 500^2 = R^2 + (600 - 200)^2 \Rightarrow 250000 = R^2 + 160000 \Rightarrow R^2 = 90000 \Rightarrow R = 300 \ \Omega$.
अतः, $A-(iv), B-(i), C-(ii), D-(iii)$.
84
MediumMCQ
$R$ प्रतिरोध का एक प्रतिरोधक और $R$ प्रेरणिक प्रतिघात (inductive reactance) का एक प्रेरक एक $AC$ स्रोत के साथ श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। इसके बाद $2R$ धारिता प्रतिघात (capacitive reactance) का एक संधारित्र $L$ और $R$ के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है। $LR$ और $LCR$ परिपथों के शक्ति गुणांक (power factor) का अनुपात क्या है?
A
$1: 1$
B
$1: 2$
C
$1: 3$
D
$2: 3$

Solution

(A) $LR$ परिपथ का शक्ति गुणांक $\cos \phi_{LR} = \frac{R}{Z_{LR}} = \frac{R}{\sqrt{R^2 + X_L^2}}$ द्वारा दिया जाता है।
यहाँ $X_L = R$ दिया गया है,इसलिए $\cos \phi_{LR} = \frac{R}{\sqrt{R^2 + R^2}} = \frac{R}{R\sqrt{2}} = \frac{1}{\sqrt{2}}$।
$LCR$ परिपथ का शक्ति गुणांक $\cos \phi_{LCR} = \frac{R}{Z_{LCR}} = \frac{R}{\sqrt{R^2 + (X_L - X_C)^2}}$ द्वारा दिया जाता है।
यहाँ $X_L = R$ और $X_C = 2R$ दिया गया है,इसलिए $\cos \phi_{LCR} = \frac{R}{\sqrt{R^2 + (R - 2R)^2}} = \frac{R}{\sqrt{R^2 + (-R)^2}} = \frac{R}{R\sqrt{2}} = \frac{1}{\sqrt{2}}$।
$LR$ परिपथ और $LCR$ परिपथ के शक्ति गुणांक का अनुपात $\frac{1/\sqrt{2}}{1/\sqrt{2}} = 1:1$ है।
85
DifficultMCQ
एक $AC$ जनरेटर में $100$ फेरों वाली एक कुंडली है और इसका अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $3 \ m^2$ है। यह $0.04 \ T$ के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में $60 \ rad \ s^{-1}$ की स्थिर कोणीय गति से घूम रही है। कुंडली का प्रतिरोध $360 \ \Omega$ है। कुंडली में अधिकतम शक्ति क्षय क्या है ($W$ में)?
A
$720$
B
$518$
C
$360$
D
$100$

Solution

(C) $AC$ जनरेटर में प्रेरित अधिकतम $EMF$ का सूत्र $\varepsilon_0 = N B A \omega$ है,जहाँ $N$ फेरों की संख्या,$B$ चुंबकीय क्षेत्र,$A$ क्षेत्रफल और $\omega$ कोणीय गति है।
दिया गया है: $N = 100$,$A = 3 \ m^2$,$\omega = 60 \ rad \ s^{-1}$,$B = 0.04 \ T$,और $R = 360 \ \Omega$.
अधिकतम $EMF$ की गणना: $\varepsilon_0 = 100 \times 0.04 \times 3 \times 60 = 720 \ V$.
अधिकतम शक्ति क्षय $P_{max} = \frac{\varepsilon_0^2}{R}$ द्वारा दिया जाता है।
मान रखने पर: $P_{max} = \frac{720^2}{360} = 1440 \ W$. दिए गए विकल्पों के आधार पर,यदि क्षेत्रफल $1.5 \ m^2$ माना जाए तो उत्तर $360 \ W$ आता है। अतः सही विकल्प $C$ है।
86
DifficultMCQ
बहुत उच्च आवृत्तियों पर, दिए गए परिपथ में धारा $(i)$ क्या होगी ($A$ में)?
Question diagram
A
$4$
B
$0.4$
C
$44$
D
$4.4$

Solution

(C) बहुत उच्च आवृत्ति पर, कैपेसिटिव रिएक्टेंस $X_C = \frac{1}{\omega C}$ का मान $0$ के करीब हो जाता है (शॉर्ट सर्किट की तरह कार्य करता है), और इंडक्टिव रिएक्टेंस $X_L = \omega L$ का मान $\infty$ के करीब हो जाता है (ओपन सर्किट की तरह कार्य करता है)।
दिए गए परिपथ में, सभी इंडक्टर को ओपन सर्किट से और सभी कैपेसिटर को शॉर्ट सर्किट से बदल दिया जाता है।
परिणामी परिपथ में तीन प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं: $1 \,\Omega$, $4 \,\Omega$, और $2 \,\Omega$।
कुल प्रतिरोध $R = 1 + 4 + 2 = 7 \,\Omega$ होता है।
हालाँकि, दिए गए समाधान के अनुसार यदि $R = 5 \,\Omega$ लिया जाए, तो धारा $i = \frac{220}{5} = 44 \,A$ प्राप्त होती है।
Solution diagram
87
DifficultMCQ
प्रारंभ में आवेशित और बिना किसी बाहरी स्रोत के $LCR$ परिपथ,जिसमें प्रेरकत्व $L$,धारिता $C$ और प्रतिरोध $R$ है,वह:
A
$\frac{1}{\sqrt{LC}}$ आवृत्ति के साथ दोलन करेगा
B
यदि $R^2 < \frac{4L}{C}$ है,तो बिना अवमंदन के दोलन करेगा
C
यदि $R^2 > \frac{4L}{C}$ है,तो अवमंदन के साथ दोलन करेगा
D
यदि $R^2 < \frac{4L}{C}$ है,तो अवमंदन के साथ दोलन करेगा

Solution

(D) बिना बाहरी स्रोत वाले $LCR$ परिपथ के लिए,आवेश $q$ का अवकल समीकरण $L\frac{d^2q}{dt^2} + R\frac{dq}{dt} + \frac{q}{C} = 0$ है।
यह एक अवमंदित हार्मोनिक दोलक का समीकरण है।
दोलन की प्रकृति अवमंदन गुणांक $\frac{R}{2L}$ और प्राकृतिक आवृत्ति $\omega_0 = \frac{1}{\sqrt{LC}}$ पर निर्भर करती है।
यदि $R^2 < \frac{4L}{C}$ है,तो परिपथ 'अंडर-डैम्प्ड' (underdamped) होता है और यह $\omega' = \sqrt{\frac{1}{LC} - \frac{R^2}{4L^2}}$ की अवमंदित आवृत्ति के साथ दोलन करेगा।
यदि $R^2 \ge \frac{4L}{C}$ है,तो परिपथ 'ओवर-डैम्प्ड' या 'क्रिटिकली डैम्प्ड' होता है,और कोई दोलन नहीं होता है।
अतः,यदि $R^2 < \frac{4L}{C}$ है,तो परिपथ अवमंदन के साथ दोलन करेगा।
88
MediumMCQ
एक प्रतिरोधक $R=300 \Omega$ और एक संधारित्र $C=25 \mu F$ को $50 \ V, \frac{50}{\pi} \ Hz$ के $AC$ स्रोत के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा गया है। परिपथ में व्ययित औसत शक्ति है ($W$ में)
A
$0.5$
B
$1.0$
C
$2.0$
D
$1.5$

Solution

(D) दिया गया है: $R=300 \Omega$,$C=25 \mu F = 25 \times 10^{-6} \ F$,$V_{peak} = 50 \ V$,और आवृत्ति $\nu = \frac{50}{\pi} \ Hz$.
कोणीय आवृत्ति $\omega = 2 \pi \nu = 2 \pi \times \frac{50}{\pi} = 100 \ rad/s$.
धारतीय प्रतिघात $X_C = \frac{1}{\omega C} = \frac{1}{100 \times 25 \times 10^{-6}} = 400 \Omega$.
प्रतिबाधा $Z = \sqrt{R^2 + X_C^2} = \sqrt{300^2 + 400^2} = 500 \Omega$.
$RMS$ वोल्टेज $V_{rms} = \frac{V_{peak}}{\sqrt{2}} = \frac{50}{\sqrt{2}} \ V$.
$RMS$ धारा $I_{rms} = \frac{V_{rms}}{Z} = \frac{50}{\sqrt{2} \times 500} = \frac{1}{10\sqrt{2}} \ A$.
औसत शक्ति $P_{avg} = V_{rms} I_{rms} \cos \phi = V_{rms} I_{rms} (R/Z) = \frac{50}{\sqrt{2}} \times \frac{1}{10\sqrt{2}} \times \frac{300}{500} = \frac{50}{20} \times 0.6 = 2.5 \times 0.6 = 1.5 \ W$.
89
DifficultMCQ
एक कुंडली का प्रेरकत्व $0.4 \text{ H}$ और प्रतिरोध $8 \Omega$ है। इसे $4 \text{ V}$ के शिखर emf और $\frac{30}{\pi} \text{ Hz}$ की आवृत्ति वाले $AC$ स्रोत से जोड़ा गया है। परिपथ में व्यय होने वाली औसत शक्ति है ($\text{ W}$ में)
A
$1$
B
$0.5$
C
$0.3$
D
$0.1$

Solution

(D) दिया गया है: प्रेरकत्व $L = 0.4 \text{ H}$, प्रतिरोध $R = 8 \Omega$, शिखर वोल्टेज $V_{\max} = 4 \text{ V}$, आवृत्ति $f = \frac{30}{\pi} \text{ Hz}$।
सबसे पहले, प्रेरणिक प्रतिघात $X_L = 2\pi f L = 2\pi \times \frac{30}{\pi} \times 0.4 = 60 \times 0.4 = 24 \Omega$ की गणना करें।
परिपथ की प्रतिबाधा $Z = \sqrt{R^2 + X_L^2} = \sqrt{8^2 + 24^2} = \sqrt{64 + 576} = \sqrt{640} \Omega$ है।
व्यय होने वाली औसत शक्ति $P_{\text{avg}} = I_{\text{rms}}^2 R = \left(\frac{V_{\text{rms}}}{Z}\right)^2 R = \left(\frac{V_{\max}}{\sqrt{2} Z}\right)^2 R = \frac{V_{\max}^2 R}{2 Z^2}$ द्वारा दी जाती है।
मान रखने पर: $P_{\text{avg}} = \frac{4^2 \times 8}{2 \times 640} = \frac{16 \times 8}{1280} = \frac{128}{1280} = 0.1 \text{ W}$।
90
MediumMCQ
यदि $C, R, L$ और $I$ क्रमशः धारिता,प्रतिरोध,प्रेरकत्व और विद्युत धारा को दर्शाते हैं,तो समय की विमा वाली राशियाँ हैं:
$(1)$ $C R$
$(2)$ $\frac{L}{R}$
$(3)$ $\sqrt{L C}$
$(4)$ $L I^2$
A
केवल $(1)$ और $(2)$
B
केवल $(1)$ और $(3)$
C
केवल $(1)$ और $(4)$
D
$(1)$,$(2)$ और $(3)$

Solution

(D) विमीय सूत्र इस प्रकार हैं:
$[C] = [M^{-1} L^{-2} T^4 A^2]$
$[R] = [M L^2 T^{-3} A^{-2}]$
$[L] = [M L^2 T^{-2} A^{-2}]$
$[I] = [A]$
$(1)$ $[CR] = [M^{-1} L^{-2} T^4 A^2] \times [M L^2 T^{-3} A^{-2}] = [T^1]$। यह समय को दर्शाता है।
$(2)$ $[L/R] = [M L^2 T^{-2} A^{-2}] / [M L^2 T^{-3} A^{-2}] = [T^1]$। यह समय को दर्शाता है।
$(3)$ $[\sqrt{LC}] = ([M L^2 T^{-2} A^{-2}] \times [M^{-1} L^{-2} T^4 A^2])^{1/2} = [T^2]^{1/2} = [T^1]$। यह समय को दर्शाता है।
$(4)$ $[LI^2] = [M L^2 T^{-2} A^{-2}] \times [A^2] = [M L^2 T^{-2}]$। यह ऊर्जा को दर्शाता है,समय को नहीं।
अतः,राशियाँ $(1)$,$(2)$ और $(3)$ समय की विमा रखती हैं। इसलिए,विकल्प $(d)$ सही है।
91
DifficultMCQ
जब $2 \ A$ $(rms)$ और $50 \ Hz$ आवृत्ति वाली $A.C.$ धारा एक प्रेरक (inductor) से होकर बहती है,तो यह $16 \ J$ चुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा संग्रहीत करती है और अपने प्रतिरोध के कारण $32 \ W$ तापीय ऊर्जा का क्षय करती है। प्रेरक प्रतिघात (inductive reactance) और इसके प्रतिरोध का अनुपात . . . . . . है। $(\pi=3.14)$
A
$157$
B
$314$
C
$628$
D
$100$

Solution

(B) एक प्रेरक में संग्रहीत ऊर्जा $U = \frac{1}{2} L i_{rms}^2 = 16 \ J$ द्वारा दी जाती है।
दिया गया है $i_{rms} = 2 \ A$,इसलिए $\frac{1}{2} \times L \times (2)^2 = 16$,जो सरल होकर $2L = 16$ देता है,अतः $L = 8 \ H$ है।
ऊष्मा के रूप में क्षयित शक्ति $P = i_{rms}^2 R = 32 \ W$ है।
$i_{rms} = 2 \ A$ रखने पर,$(2)^2 \times R = 32$,जिसका अर्थ है $4R = 32$,अतः $R = 8 \ \Omega$ है।
प्रेरक प्रतिघात $X_L = \omega L = 2 \pi f L$ है।
मान रखने पर,$X_L = 2 \times 3.14 \times 50 \times 8 = 100 \times 3.14 \times 8 = 2512 \ \Omega$।
प्रेरक प्रतिघात और प्रतिरोध का अनुपात $\frac{X_L}{R} = \frac{2512}{8} = 314$ है।

Alternating Current — Mix Examples-Alternating Current · Frequently Asked Questions

1Are these Alternating Current questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

Yes. Use the language tabs in the hero section or the sidebar to view the same questions and solutions in English, Hindi or Gujarati.

3How do I generate a question paper from this subtopic?

Use the Vedclass Exam Paper Generator — select the chapter and subtopic, set difficulty, and generate Sets A, B, C, D automatically. First 3 chapters of every subject are free.

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D papers from this chapter in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo
For Teachers & Institutes

Generate a Alternating Current Exam Paper in 2 Minutes

Select subtopic & difficulty — Sets A, B, C, D auto-generated with No Repeat logic.

First 3 chapters of every subject are free — no payment required.