Hindi

Textbook - Quadrilaterals Questions in Hindi

Class 9 Mathematics · Quadrilaterals · Textbook - Quadrilaterals

49+

Questions

Hindi

Language

100%

With Solutions

Showing 49 of 49 questions in Hindi

1
Medium
दर्शाइए कि एक आयत का प्रत्येक कोण एक समकोण होता है।

Solution

(N/A) आइए याद करें कि एक आयत क्या है।
एक आयत एक समांतर चतुर्भुज है जिसमें एक कोण समकोण होता है।
मान लीजिए $ABCD$ एक आयत है जिसमें $\angle A = 90^{\circ}$ है।
हमें यह दिखाना है कि $\angle B = \angle C = \angle D = 90^{\circ}$ है।
हमारे पास $AD \parallel BC$ है और $AB$ एक तिर्यक रेखा है।
अतः,$\angle A + \angle B = 180^{\circ}$ (तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतःकोण संपूरक होते हैं)।
परंतु,$\angle A = 90^{\circ}$ है।
इसलिए,$\angle B = 180^{\circ} - \angle A = 180^{\circ} - 90^{\circ} = 90^{\circ}$ है।
अब,$\angle C = \angle A$ और $\angle D = \angle B$ (समांतर चतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर होते हैं)।
अतः,$\angle C = 90^{\circ}$ और $\angle D = 90^{\circ}$ है।
इसलिए,एक आयत का प्रत्येक कोण एक समकोण होता है।
Solution diagram
2
Difficult
सिद्ध कीजिए कि एक समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे पर लंब होते हैं।

Solution

(N/A) समचतुर्भुज $ABCD$ पर विचार करें (चित्र देखें)।
आप जानते हैं कि $AB = BC = CD = DA$ (समचतुर्भुज की परिभाषा के अनुसार)।
अब,$\Delta AOD$ और $\Delta COD$ में,
$OA = OC$ (समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं)।
$OD = OD$ (उभयनिष्ठ भुजा)।
$AD = CD$ (समचतुर्भुज की भुजाएँ बराबर होती हैं)।
इसलिए,$\Delta AOD \cong \Delta COD$ ($SSS$ सर्वांगसमता नियम)।
इससे प्राप्त होता है,$\angle AOD = \angle COD$ ($CPCT$ - सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग)।
परंतु,$\angle AOD + \angle COD = 180^{\circ}$ (रैखिक युग्म)।
अतः,$2 \angle AOD = 180^{\circ}$।
या,$\angle AOD = 90^{\circ}$।
इस प्रकार,समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे पर लंब होते हैं।
Solution diagram
3
Difficult
$ABC$ एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें $AB = AC$ है। $AD$ बाह्य कोण $\angle PAC$ को समद्विभाजित करता है और $CD \parallel AB$ है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि $\angle DAC = \angle BCA$ है।
Question diagram

Solution

(N/A) $\Delta ABC$ में,हमें $AB = AC$ दिया गया है।
अतः,$\angle ABC = \angle ACB$ (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण)।
साथ ही,$\angle PAC = \angle ABC + \angle ACB$ (त्रिभुज के बहिष्कोण का गुणधर्म)।
चूंकि $\angle ABC = \angle ACB$,हम लिख सकते हैं:
$\angle PAC = \angle ACB + \angle ACB = 2 \angle ACB$ ........... $(1)$
अब,$AD$,$\angle PAC$ को समद्विभाजित करता है,जिसका अर्थ है:
$\angle PAC = 2 \angle DAC$ ........... $(2)$
समीकरण $(1)$ और $(2)$ से,हमें प्राप्त होता है:
$2 \angle DAC = 2 \angle ACB$
अतः,$\angle DAC = \angle ACB$ या $\angle DAC = \angle BCA$।
4
Easy
$ABC$ एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें $AB = AC$ है। $AD$ बाह्य कोण $PAC$ को समद्विभाजित करता है और $CD \parallel AB$ है (चित्र देखें)। दर्शाइए कि $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $\triangle ABC$ में $AB = AC$ है। इसलिए,$\angle ABC = \angle ACB$ है।
चूँकि $AD$ बाह्य कोण $PAC$ का समद्विभाजक है,इसलिए $\angle PAD = \angle CAD = \frac{1}{2} \angle PAC$ है।
हम जानते हैं कि त्रिभुज का बाह्य कोण उसके दो अंतः अभिमुख कोणों के योग के बराबर होता है। अतः,$\angle PAC = \angle ABC + \angle ACB$ है।
चूँकि $\angle ABC = \angle ACB$ है,इसलिए $\angle PAC = 2 \angle ACB$ है।
इसे समद्विभाजक समीकरण में प्रतिस्थापित करने पर: $\angle CAD = \frac{1}{2} (2 \angle ACB) = \angle ACB$ प्राप्त होता है।
ये रेखाओं $BC$ और $AD$ के लिए तिर्यक रेखा $AC$ द्वारा बनाए गए एकांतर अंतः कोण हैं। चूँकि एकांतर अंतः कोण बराबर हैं,इसलिए $BC \parallel AD$ है।
हमें दिया गया है कि $CD \parallel AB$ है।
चूँकि चतुर्भुज $ABCD$ की सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म समांतर हैं ($BC \parallel AD$ और $AB \parallel CD$),इसलिए $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
5
Difficult
दो समांतर रेखाएँ $l$ और $m$ एक तिर्यक रेखा $p$ द्वारा प्रतिच्छेदित होती हैं (आकृति देखें)। दर्शाइए कि अंतःकोणों के समद्विभाजकों द्वारा बना चतुर्भुज एक आयत है।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया गया है कि $l \parallel m$ और तिर्यक रेखा $p$ उन्हें क्रमशः $A$ और $C$ बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करती है।
$\angle PAC$ और $\angle ACQ$ के समद्विभाजक $B$ पर प्रतिच्छेद करते हैं,और $\angle SAC$ तथा $\angle ACR$ के समद्विभाजक $D$ पर प्रतिच्छेद करते हैं।
हमें दर्शाना है कि चतुर्भुज $ABCD$ एक आयत है।
चूँकि $l \parallel m$ और $p$ एक तिर्यक रेखा है,इसलिए $\angle PAC = \angle ACR$ (एकांतर अंतःकोण)।
अतः,$\frac{1}{2} \angle PAC = \frac{1}{2} \angle ACR$,जिसका अर्थ है कि $\angle BAC = \angle ACD$।
ये रेखाओं $AB$ और $DC$ के लिए $AC$ को तिर्यक रेखा मानते हुए एकांतर अंतःकोणों का एक युग्म बनाते हैं और ये बराबर भी हैं।
इसलिए,$AB \parallel DC$।
इसी प्रकार,$\angle ACB$ और $\angle CAD$ पर विचार करते हुए,हम दिखा सकते हैं कि $BC \parallel AD$।
चूँकि सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म समांतर हैं,इसलिए $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
अब,$\angle PAC + \angle CAS = 180^{\circ}$ (रैखिक युग्म)।
$2$ से भाग देने पर,$\frac{1}{2} \angle PAC + \frac{1}{2} \angle CAS = 90^{\circ}$,जिसका अर्थ है कि $\angle BAC + \angle CAD = 90^{\circ}$,अर्थात $\angle BAD = 90^{\circ}$।
चूँकि $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है जिसका एक कोण $90^{\circ}$ है,इसलिए यह एक आयत है।
6
Medium
सिद्ध कीजिए कि एक समांतर चतुर्भुज के कोणों के समद्विभाजक एक आयत बनाते हैं।

Solution

(N/A) माना $P, Q, R$ और $S$ समांतर चतुर्भुज $ABCD$ के कोणों $\angle A$ और $\angle B$,$\angle B$ और $\angle C$,$\angle C$ और $\angle D$,तथा $\angle D$ और $\angle A$ के समद्विभाजकों के प्रतिच्छेदन बिंदु हैं (आकृति देखें)।
$\Delta ASD$ में,चूंकि $DS$,$\angle D$ का समद्विभाजक है और $AS$,$\angle A$ का समद्विभाजक है,इसलिए:
$\angle DAS + \angle ADS = \frac{1}{2} \angle A + \frac{1}{2} \angle D = \frac{1}{2} (\angle A + \angle D)$
चूंकि $\angle A$ और $\angle D$ तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतःकोण हैं,इसलिए $\angle A + \angle D = 180^{\circ}$।
अतः,$\angle DAS + \angle ADS = \frac{1}{2} \times 180^{\circ} = 90^{\circ}$।
$\Delta ASD$ में त्रिभुज के कोण योग गुण का उपयोग करने पर:
$\angle DAS + \angle ADS + \angle DSA = 180^{\circ}$
$90^{\circ} + \angle DSA = 180^{\circ} \implies \angle DSA = 90^{\circ}$।
चूंकि $\angle PSR$ और $\angle DSA$ शीर्षाभिमुख कोण हैं,इसलिए $\angle PSR = 90^{\circ}$।
इसी प्रकार,यह दिखाया जा सकता है कि $\angle SPQ = 90^{\circ}$,$\angle PQR = 90^{\circ}$,और $\angle SRQ = 90^{\circ}$।
चूंकि चतुर्भुज $PQRS$ के सभी कोण $90^{\circ}$ हैं,इसलिए $PQRS$ एक आयत है।
Solution diagram
7
Medium
$ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है जिसमें $P$ और $Q$ क्रमशः सम्मुख भुजाओं $AB$ और $CD$ के मध्य-बिंदु हैं। यदि $AQ$,$DP$ को $S$ पर प्रतिच्छेद करता है और $BQ$,$CP$ को $R$ पर प्रतिच्छेद करता है,तो दर्शाइए कि: $APCQ$ एक समांतर चतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) चतुर्भुज $APCQ$ में,
$AP \parallel QC$ (चूंकि $AB \parallel CD$ और $P, Q$ क्रमशः $AB$ और $CD$ के मध्य-बिंदु हैं) ............ $(1)$
$AP = \frac{1}{2} AB$ और $CQ = \frac{1}{2} CD$ (दिया है कि $P$ और $Q$ मध्य-बिंदु हैं)
साथ ही,$AB = CD$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं)
चूंकि $AB = CD$,इसलिए $\frac{1}{2} AB = \frac{1}{2} CD$,जिसका अर्थ है कि $AP = QC$ ............ $(2)$
$(1)$ और $(2)$ से,चूंकि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है,इसलिए $APCQ$ एक समांतर चतुर्भुज है।
8
Easy
$ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है जिसमें $P$ और $Q$ क्रमशः सम्मुख भुजाओं $AB$ और $CD$ के मध्य-बिंदु हैं। यदि $AQ$,$DP$ को $S$ पर प्रतिच्छेद करता है और $BQ$,$CP$ को $R$ पर प्रतिच्छेद करता है,तो दर्शाइए कि $DPBQ$ एक समांतर चतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया गया है कि $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है,इसलिए $AB \,|| \,DC$ और $AB = DC$ है।
चूंकि $P$ और $Q$ क्रमशः $AB$ और $CD$ के मध्य-बिंदु हैं,इसलिए $PB = \frac{1}{2} AB$ और $DQ = \frac{1}{2} DC$ है।
चूंकि $AB = DC$ है,इसलिए $\frac{1}{2} AB = \frac{1}{2} DC$ होगा,जिसका अर्थ है कि $PB = DQ$ है।
साथ ही,चूंकि $AB \,|| \,DC$ है,इसलिए $PB \,|| \,DQ$ है।
चतुर्भुज $DPBQ$ में,सम्मुख भुजाओं का एक युग्म ($PB$ और $DQ$) बराबर और समांतर है।
अतः,$DPBQ$ एक समांतर चतुर्भुज है।
9
Easy
$ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है जिसमें $P$ और $Q$ सम्मुख भुजाओं $AB$ और $CD$ के मध्य-बिंदु हैं (आकृति देखें)। यदि $AQ$,$DP$ को $S$ पर प्रतिच्छेद करता है और $BQ$,$CP$ को $R$ पर प्रतिच्छेद करता है,तो दर्शाइए कि $PSQR$ एक समांतर चतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है,$P$,$AB$ का मध्य-बिंदु है और $Q$,$CD$ का मध्य-बिंदु है।
चूँकि $AB \,||\, CD$ और $AB = CD$ है,इसलिए $AP \,||\, QC$ और $AP = \frac{1}{2} AB = \frac{1}{2} CD = QC$ है।
चूँकि $AP \,||\, QC$ और $AP = QC$ है,इसलिए $APCQ$ एक समांतर चतुर्भुज है।
अतः,$AQ \,||\, PC$,जिसका अर्थ है कि $SQ \,||\, PR$ है।
इसी प्रकार,$PB \,||\, DQ$ और $PB = \frac{1}{2} AB = \frac{1}{2} CD = DQ$ है।
चूँकि $PB \,||\, DQ$ और $PB = DQ$ है,इसलिए $PBQD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
अतः,$DP \,||\, BQ$,जिसका अर्थ है कि $SP \,||\, QR$ है।
चूँकि सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म समांतर हैं ($SQ \,||\, PR$ और $SP \,||\, QR$),इसलिए $PSQR$ एक समांतर चतुर्भुज है।
10
MediumMCQ
एक चतुर्भुज के कोण $3 : 5 : 9 : 13$ के अनुपात में हैं। चतुर्भुज के सभी कोण ज्ञात कीजिए।
A
$36^{\circ}, 60^{\circ}, 108^{\circ}, 156^{\circ}$
B
$30^{\circ}, 50^{\circ}, 90^{\circ}, 130^{\circ}$
C
$40^{\circ}, 60^{\circ}, 100^{\circ}, 160^{\circ}$
D
$36^{\circ}, 56^{\circ}, 108^{\circ}, 160^{\circ}$

Solution

(A) माना कि चतुर्भुज के कोण $3x, 5x, 9x$ और $13x$ हैं।
चूंकि चतुर्भुज के सभी आंतरिक कोणों का योग $360^{\circ}$ होता है,इसलिए:
$3x + 5x + 9x + 13x = 360^{\circ}$
पदों को जोड़ने पर:
$30x = 360^{\circ}$
$x$ का मान ज्ञात करने पर:
$x = \frac{360^{\circ}}{30} = 12^{\circ}$
अब,प्रत्येक कोण की गणना करें:
$3x = 3 \times 12^{\circ} = 36^{\circ}$
$5x = 5 \times 12^{\circ} = 60^{\circ}$
$9x = 9 \times 12^{\circ} = 108^{\circ}$
$13x = 13 \times 12^{\circ} = 156^{\circ}$
अतः,चतुर्भुज के कोण $36^{\circ}, 60^{\circ}, 108^{\circ}$ और $156^{\circ}$ हैं।
11
Difficult
यदि एक समांतर चतुर्भुज के विकर्ण बराबर हैं,तो दर्शाइए कि वह एक आयत है।
Question diagram

Solution

(N/A) माना $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है जिसके विकर्ण बराबर हैं,अर्थात $AC = BD$ है।
$\Delta ABC$ और $\Delta BAD$ में:
$AC = BD$ [दिया है]
$BC = AD$ [समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं]
$AB = AB$ [उभयनिष्ठ भुजा]
अतः,$SSS$ सर्वांगसमता नियम द्वारा,$\Delta ABC \cong \Delta BAD$ है।
$CPCT$ द्वारा,हमें प्राप्त होता है $\angle ABC = \angle BAD$ ............. $(1)$
चूँकि $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है,$AD \parallel BC$ और $AB$ एक तिर्यक रेखा है। इसलिए,क्रमागत अंतःकोणों का योग $180^{\circ}$ होता है:
$\angle ABC + \angle BAD = 180^{\circ}$ [क्रमागत अंतःकोण संपूरक होते हैं] ............. $(2)$
$(1)$ और $(2)$ से,हमें प्राप्त होता है:
$\angle ABC + \angle ABC = 180^{\circ}$
$2 \angle ABC = 180^{\circ}$
$\angle ABC = 90^{\circ}$
चूँकि $ABCD$ एक ऐसा समांतर चतुर्भुज है जिसका एक कोण $90^{\circ}$ है,इसलिए यह एक आयत है।
Solution diagram
12
Medium
सिद्ध कीजिए कि यदि एक चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं,तो वह एक समचतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) माना $ABCD$ एक चतुर्भुज है जिसके विकर्ण $AC$ और $BD$ एक-दूसरे को बिंदु $O$ पर समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
$\Delta AOB$ और $\Delta AOD$ में:
$AO = AO$ (उभयनिष्ठ भुजा)
$OB = OD$ (दिया है कि $O$,$BD$ का मध्य-बिंदु है)
$\angle AOB = \angle AOD = 90^{\circ}$ (दिया है)
$SAS$ सर्वांगसमता कसौटी द्वारा,$\Delta AOB \cong \Delta AOD$ है।
अतः,$AB = AD$ (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं) ... $(1)$
इसी प्रकार,त्रिभुजों के अन्य युग्मों पर विचार करने पर:
$\Delta AOB$ और $\Delta COB$ में,हमें $AB = CB$ प्राप्त होता है ... $(2)$
$\Delta COB$ और $\Delta COD$ में,हमें $CB = CD$ प्राप्त होता है ... $(3)$
$\Delta COD$ और $\Delta AOD$ में,हमें $CD = AD$ प्राप्त होता है ... $(4)$
$(1), (2), (3)$ और $(4)$ से,हमें $AB = BC = CD = DA$ प्राप्त होता है।
चूँकि चतुर्भुज $ABCD$ की सभी भुजाएँ बराबर हैं,इसलिए यह एक समचतुर्भुज है।
Solution diagram
13
Difficult
सिद्ध कीजिए कि एक वर्ग के विकर्ण बराबर होते हैं और एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।

Solution

(N/A) माना एक वर्ग $ABCD$ है जिसके विकर्ण $AC$ और $BD$ बिंदु $O$ पर प्रतिच्छेद करते हैं।
$(i)$ यह सिद्ध करने के लिए कि विकर्ण बराबर हैं,अर्थात $AC = BD$:
$\Delta ABC$ और $\Delta BAD$ में:
$AB = BA$ [उभयनिष्ठ भुजा]
$BC = AD$ [वर्ग $ABCD$ की सम्मुख भुजाएँ]
$\angle ABC = \angle BAD = 90^{\circ}$ [वर्ग के सभी कोण $90^{\circ}$ होते हैं]
$\therefore \Delta ABC \cong \Delta BAD$ [$SAS$ कसौटी]
$\Rightarrow AC = BD$ ............. $(1)$
$(ii)$ यह सिद्ध करने के लिए कि $O$,$AC$ और $BD$ का मध्य-बिंदु है:
चूँकि $AD \parallel BC$ और $AC$ एक तिर्यक रेखा है,$\angle 1 = \angle 3$ [एकांतर अंतःकोण].
इसी प्रकार,$\angle 2 = \angle 4$ [एकांतर अंतःकोण].
$\Delta OAD$ और $\Delta OCB$ में:
$AD = CB$ [वर्ग $ABCD$ की सम्मुख भुजाएँ]
$\angle 1 = \angle 3$ [सिद्ध किया गया]
$\angle 2 = \angle 4$ [सिद्ध किया गया]
$\therefore \Delta OAD \cong \Delta OCB$ [$ASA$ कसौटी]
$\Rightarrow OA = OC$ और $OD = OB$
$\Rightarrow O$,$AC$ और $BD$ का मध्य-बिंदु है,अर्थात विकर्ण $AC$ और $BD$ एक-दूसरे को $O$ पर समद्विभाजित करते हैं। .......... $(2)$
$(iii)$ यह सिद्ध करने के लिए कि $AC \perp BD$:
$\Delta OBA$ और $\Delta ODA$ में:
$OB = OD$ [सिद्ध किया गया]
$BA = DA$ [वर्ग की सम्मुख भुजाएँ]
$OA = OA$ [उभयनिष्ठ]
$\therefore \Delta OBA \cong \Delta ODA$ [$SSS$ कसौटी]
$\Rightarrow \angle AOB = \angle AOD$
चूँकि $\angle AOB$ और $\angle AOD$ रैखिक युग्म बनाते हैं,$\angle AOB + \angle AOD = 180^{\circ}$.
$\Rightarrow \angle AOB = \angle AOD = 90^{\circ}$
$\Rightarrow AC \perp BD$ ............. $(3)$
$(1)$,$(2)$ और $(3)$ से,हम निष्कर्ष निकालते हैं कि वर्ग के विकर्ण बराबर होते हैं और एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
Solution diagram
14
Difficult
सिद्ध कीजिए कि यदि एक चतुर्भुज के विकर्ण बराबर हों और परस्पर समकोण पर समद्विभाजित करें,तो वह एक वर्ग होता है।

Solution

(N/A) माना $ABCD$ एक चतुर्भुज है जिसके विकर्ण $AC$ और $BD$ बराबर हैं $(AC = BD)$ और वे बिंदु $O$ पर समकोण पर समद्विभाजित करते हैं ($AO = OC$,$BO = OD$,और $\angle AOB = \angle BOC = \angle COD = \angle DOA = 90^{\circ}$)।
$1$. $ABCD$ एक समचतुर्भुज है,यह सिद्ध करने के लिए:
$\Delta AOD$ और $\Delta AOB$ में:
$AO = AO$ (उभयनिष्ठ)
$OD = OB$ (दिया है)
$\angle AOD = \angle AOB = 90^{\circ}$ (दिया है)
$SAS$ सर्वांगसमता कसौटी से,$\Delta AOD \cong \Delta AOB$।
अतः,$AD = AB$ $(CPCT)$।
इसी प्रकार,हम सिद्ध कर सकते हैं कि $AB = BC$,$BC = CD$,और $CD = DA$।
अतः,$AB = BC = CD = DA$। चूँकि सभी भुजाएँ बराबर हैं,$ABCD$ एक समचतुर्भुज है।
$2$. $ABCD$ एक वर्ग है,यह सिद्ध करने के लिए:
$\Delta ABC$ और $\Delta BAD$ में:
$AC = BD$ (दिया है)
$BC = AD$ (समचतुर्भुज की भुजाएँ बराबर होती हैं)
$AB = BA$ (उभयनिष्ठ)
$SSS$ सर्वांगसमता कसौटी से,$\Delta ABC \cong \Delta BAD$।
अतः,$\angle ABC = \angle BAD$ $(CPCT)$।
चूँकि $AD \parallel BC$ और $AB$ एक तिर्यक रेखा है,क्रमागत अंतःकोणों का योग $180^{\circ}$ होता है:
$\angle ABC + \angle BAD = 180^{\circ}$।
चूँकि $\angle ABC = \angle BAD$,इसलिए $2 \angle ABC = 180^{\circ}$,जिसका अर्थ है $\angle ABC = 90^{\circ}$।
वह समचतुर्भुज जिसका एक कोण $90^{\circ}$ हो,वर्ग कहलाता है। अतः,$ABCD$ एक वर्ग है।
Solution diagram
15
Medium
एक समांतर चतुर्भुज $ABCD$ का विकर्ण $AC$,$\angle A$ को समद्विभाजित करता है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि यह $\angle C$ को भी समद्विभाजित करता है।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है जिसमें विकर्ण $AC$,$\angle A$ को समद्विभाजित करता है। अतः,$\angle DAC = \angle BAC$।
सिद्ध करना है: $AC$,$\angle C$ को समद्विभाजित करता है,अर्थात $\angle DCA = \angle BCA$।
उपपत्ति:
$1$. चूँकि $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है,इसलिए $AB \parallel DC$ और $AC$ एक तिर्यक रेखा है।
अतः,$\angle BAC = \angle DCA$ (एकांतर अंतःकोण) ....... $(1)$
$2$. साथ ही,$BC \parallel AD$ और $AC$ एक तिर्यक रेखा है।
अतः,$\angle DAC = \angle BCA$ (एकांतर अंतःकोण) ....... $(2)$
$3$. चूँकि $AC$,$\angle A$ को समद्विभाजित करता है,इसलिए $\angle DAC = \angle BAC$ ....... $(3)$
$4$. समीकरण $(1)$,$(2)$ और $(3)$ से,हमें प्राप्त होता है:
$\angle DCA = \angle BCA$
अतः,$AC$,$\angle C$ को समद्विभाजित करता है।
16
Medium
एक समांतर चतुर्भुज $ABCD$ का विकर्ण $AC$ कोण $\angle A$ को समद्विभाजित करता है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि $ABCD$ एक समचतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: एक समांतर चतुर्भुज $ABCD$ जिसमें विकर्ण $AC$ कोण $\angle A$ को समद्विभाजित करता है। अतः,$\angle DAC = \angle BAC$.
सिद्ध करना है: $ABCD$ एक समचतुर्भुज है।
उपपत्ति:
$1$. चूँकि $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है,$AD \parallel BC$ और $AC$ एक तिर्यक रेखा है।
इसलिए,$\angle DAC = \angle BCA$ (एकांतर अंतःकोण)।
$2$. हमें दिया गया है कि $\angle DAC = \angle BAC$.
$3$. चरण $1$ और $2$ से,हमें प्राप्त होता है कि $\angle BAC = \angle BCA$.
$4$. $\Delta ABC$ में,चूँकि $\angle BAC = \angle BCA$,इन कोणों के सम्मुख भुजाएँ बराबर होनी चाहिए।
इसलिए,$BC = AB$ (समान कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं)।
$5$. समांतर चतुर्भुज में,सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं,इसलिए $AB = CD$ और $AD = BC$.
$6$. चूँकि $AB = BC$ और $AB = CD, BC = AD$,इसलिए $AB = BC = CD = DA$ है।
चूँकि समांतर चतुर्भुज $ABCD$ की सभी भुजाएँ बराबर हैं,इसलिए यह एक समचतुर्भुज है।
17
Medium
$ABCD$ एक समचतुर्भुज है। दर्शाइए कि विकर्ण $AC$,$\angle A$ और $\angle C$ को समद्विभाजित करता है और विकर्ण $BD$,$\angle B$ और $\angle D$ को समद्विभाजित करता है।

Solution

(N/A) $ABCD$ एक समचतुर्भुज है।
$AB = BC = CD = AD$
साथ ही,$AB \parallel CD$ और $AD \parallel BC$ है।
अब,$\triangle ADC$ में,$AD = CD$ (समचतुर्भुज की भुजाएँ)।
इसलिए,$\angle 1 = \angle 2$ (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं) ....... $(1)$
साथ ही,$CD \parallel AB$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ) और $AC$ एक तिर्यक रेखा है।
इसलिए,$\angle 2 = \angle 3$ (एकांतर अंतःकोण) ....... $(2)$
$(1)$ और $(2)$ से,हमें प्राप्त होता है कि $\angle 1 = \angle 3$।
इसी प्रकार,चूँकि $AD \parallel BC$ और $AC$ एक तिर्यक रेखा है,$\angle 1 = \angle 4$ (एकांतर अंतःकोण)।
अतः,$AC$,$\angle A$ और $\angle C$ को समद्विभाजित करता है।
इसी प्रकार,हम सिद्ध कर सकते हैं कि $BD$,$\angle B$ और $\angle D$ को समद्विभाजित करता है।
Solution diagram
18
Medium
$ABCD$ एक आयत है जिसमें विकर्ण $AC$,$\angle A$ और $\angle C$ दोनों को समद्विभाजित करता है। दर्शाइए कि $ABCD$ एक वर्ग है।

Solution

(N/A) हमें एक आयत $ABCD$ दिया गया है जिसमें $AC$,$\angle A$ और $\angle C$ दोनों को समद्विभाजित करता है।
अर्थात्,$\angle 1 = \angle 4$ और $\angle 2 = \angle 3$ ....... $(1)$
चूंकि आयत एक समांतर चतुर्भुज होता है,इसलिए $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
$\Rightarrow AB \parallel CD$ और $AC$ एक तिर्यक रेखा है।
$\therefore \angle 2 = \angle 4$ $[\text{एकांतर अंतःकोण}]$ .......... $(2)$
$(1)$ और $(2)$ से,हमें प्राप्त होता है कि $\angle 3 = \angle 4$।
$\Rightarrow AB = BC$ $[\because \Delta ABC \text{ में समान कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं}]$।
चूंकि $ABCD$ एक आयत है,इसलिए $AB = CD$ और $BC = AD$ होगा।
$\therefore AB = BC = CD = AD$।
अतः,$ABCD$ एक ऐसा आयत है जिसकी सभी भुजाएँ बराबर हैं,जिसका अर्थ है कि $ABCD$ एक वर्ग है।
Solution diagram
19
Medium
$ABCD$ एक आयत है जिसमें विकर्ण $AC$,$\angle A$ और $\angle C$ दोनों को समद्विभाजित करता है। दर्शाइए कि: विकर्ण $BD$,$\angle B$ और $\angle D$ दोनों को समद्विभाजित करता है।

Solution

(N/A) दिया है: $ABCD$ एक आयत है जिसमें विकर्ण $AC$,$\angle A$ और $\angle C$ को समद्विभाजित करता है।
$1$. चूँकि $ABCD$ एक आयत है,$AB \parallel DC$ और $AD \parallel BC$ है।
$2$. चूँकि $AC$,$\angle A$ को समद्विभाजित करता है,$\angle DAC = \angle BAC$ है। साथ ही,$\angle DAC = \angle BCA$ (एकांतर अंतःकोण)।
$3$. इसलिए,$\angle BAC = \angle BCA$ है। $\triangle ABC$ में,बराबर कोणों की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं,इसलिए $AB = BC$ है।
$4$. जिस आयत की आसन्न भुजाएँ बराबर होती हैं,वह एक वर्ग होता है। अतः,$ABCD$ एक वर्ग है।
$5$. एक वर्ग में,विकर्ण सम्मुख कोणों को समद्विभाजित करते हैं।
$6$. इसलिए,विकर्ण $BD$,$\angle B$ और $\angle D$ दोनों को समद्विभाजित करता है।
Solution diagram
20
Medium
समांतर चतुर्भुज $ABCD$ में,विकर्ण $BD$ पर दो बिंदु $P$ और $Q$ इस प्रकार लिए गए हैं कि $DP = BQ$ है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि: $\Delta APD \cong \Delta CQB$.
Question diagram

Solution

(N/A) हमारे पास समांतर चतुर्भुज $ABCD$ है। $BD$ एक विकर्ण है और $P$ तथा $Q$,$BD$ पर स्थित बिंदु हैं,जहाँ:
$DP = BQ$ [दिया है]
सिद्ध करना है कि $\Delta APD \cong \Delta CQB$:
चूँकि $AD \parallel BC$ और $BD$ एक तिर्यक रेखा है,$[\because ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है $]$
$\therefore \angle ADB = \angle CBD$ [एकांतर अंतःकोण]
$\Rightarrow \angle ADP = \angle CBQ$
अब,$\Delta APD$ और $\Delta CQB$ में,हमारे पास है:
$AD = CB$ [समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं]
$DP = BQ$ [दिया है]
$\angle ADP = \angle CBQ$ [ऊपर सिद्ध किया गया]
$\therefore SAS$ सर्वांगसमता कसौटी द्वारा,हमारे पास है:
$\Delta APD \cong \Delta CQB$.
Solution diagram
21
Medium
समांतर चतुर्भुज $ABCD$ में,विकर्ण $BD$ पर दो बिंदु $P$ और $Q$ इस प्रकार लिए गए हैं कि $DP = BQ$ है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि: $AP = CQ$।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है। $P$ और $Q$ विकर्ण $BD$ पर स्थित बिंदु हैं ताकि $DP = BQ$ हो।
सिद्ध करना है: $AP = CQ$।
उपपत्ति:
$\Delta APD$ और $\Delta CQB$ में:
$1$. $AD = CB$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं)
$2$. $\angle ADP = \angle CBQ$ (एकांतर अंतःकोण,क्योंकि $AD \parallel BC$ और $BD$ एक तिर्यक रेखा है)
$3$. $DP = BQ$ (दिया है)
अतः,$SAS$ सर्वांगसमता नियम द्वारा,$\Delta APD \cong \Delta CQB$।
चूंकि त्रिभुज सर्वांगसम हैं,इसलिए उनके संगत भाग बराबर होते हैं $(CPCT)$।
इस प्रकार,$AP = CQ$।
22
Medium
समांतर चतुर्भुज $ABCD$ में,विकर्ण $BD$ पर दो बिंदु $P$ और $Q$ इस प्रकार लिए गए हैं कि $DP = BQ$ है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि: $\Delta AQB \cong \Delta CPD$.
Question diagram

Solution

(N/A) हमारे पास समांतर चतुर्भुज $ABCD$ है। $BD$ एक विकर्ण है और $P$ तथा $Q$ इस प्रकार हैं कि:
$PD = QB$ [दिया है]
सिद्ध करना है कि $\Delta AQB \cong \Delta CPD$.
चूँकि $AB \parallel CD$ और $BD$ एक तिर्यक रेखा है,$[\because ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है$]$
$\therefore \angle ABD = \angle CDB$
$\Rightarrow \angle ABQ = \angle CDP$
अब,$\Delta AQB$ और $\Delta CPD$ में,हमारे पास है:
$QB = PD$ [दिया है]
$\angle ABQ = \angle CDP$ [ऊपर सिद्ध किया गया]
$AB = CD$ [समांतर चतुर्भुज $ABCD$ की सम्मुख भुजाएँ]
$\therefore \Delta AQB \cong \Delta CPD$ [$SAS$ सर्वांगसमता कसौटी द्वारा]
23
Medium
समांतर चतुर्भुज $ABCD$ में,विकर्ण $BD$ पर दो बिंदु $P$ और $Q$ इस प्रकार लिए गए हैं कि $DP = BQ$ है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि: $AQ = CP$।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है। $P$ और $Q$ विकर्ण $BD$ पर स्थित बिंदु हैं ताकि $DP = BQ$ हो।
सिद्ध करना है: $AQ = CP$।
उपपत्ति:
$\Delta AQB$ और $\Delta CPD$ में:
$1$. $AB = CD$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं)
$2$. $\angle ABQ = \angle CDP$ (एकांतर अंतःकोण,क्योंकि $AB \parallel CD$ और $BD$ एक तिर्यक रेखा है)
$3$. $BQ = DP$ (दिया है)
अतः,$SAS$ सर्वांगसमता कसौटी द्वारा,$\Delta AQB \cong \Delta CPD$।
चूँकि त्रिभुज सर्वांगसम हैं,इसलिए उनके संगत भाग बराबर होते हैं $(CPCT)$।
इस प्रकार,$AQ = CP$।
24
Medium
समांतर चतुर्भुज $ABCD$ में,विकर्ण $BD$ पर दो बिंदु $P$ और $Q$ इस प्रकार स्थित हैं कि $DP = BQ$ (आकृति देखिए)। दर्शाइए कि $APCQ$ एक समांतर चतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) हमारे पास समांतर चतुर्भुज $ABCD$ है। $BD$ एक विकर्ण है और बिंदु $P$ और $Q$ इस प्रकार हैं कि $DP = BQ$ [दिया है]।
सिद्ध करना है कि $APCQ$ एक समांतर चतुर्भुज है।
आइए $AC$ को मिलाएँ जो $BD$ को $O$ पर प्रतिच्छेद करता है।
चूँकि समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं,इसलिए $AO = CO$ और $BO = DO$ ... $(1)$।
हमें $DP = BQ$ दिया गया है ... $(2)$।
$BO = DO$ में से समीकरण $(2)$ को घटाने पर,हमें प्राप्त होता है:
$BO - BQ = DO - DP$
$QO = PO$ ... $(3)$।
अब,चतुर्भुज $APCQ$ में,विकर्ण $AC$ और $PQ$ एक-दूसरे को $O$ पर समद्विभाजित करते हैं (समीकरण $(1)$ और $(3)$ से)।
चूँकि जिस चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं,वह एक समांतर चतुर्भुज होता है। अतः $APCQ$ एक समांतर चतुर्भुज है।
Solution diagram
25
Medium
$ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है और $AP$ तथा $CQ$ शीर्षों $A$ और $C$ से विकर्ण $BD$ पर डाले गए लंब हैं (आकृति देखें)। दर्शाइए कि $\Delta APB \cong \Delta CQD$ है।
Question diagram

Solution

(N/A) $\Delta APB$ और $\Delta CQD$ में,हमारे पास है:
$1$. $\angle APB = \angle CQD = 90^{\circ}$ (दिया है,क्योंकि $AP \perp BD$ और $CQ \perp BD$)
$2$. $AB = CD$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं)
$3$. $\angle ABP = \angle CDQ$ (एकांतर अंतःकोण,क्योंकि $AB \parallel CD$ और $BD$ एक तिर्यक रेखा है)
अतः,$AAS$ (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता कसौटी द्वारा,हमारे पास है:
$\Delta APB \cong \Delta CQD$
26
Medium
$ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है और $AP$ तथा $CQ$ शीर्षों $A$ और $C$ से विकर्ण $BD$ पर डाले गए लंब हैं (आकृति देखिए)। दर्शाइए कि $AP = CQ$ है।
Question diagram

Solution

(N/A) $\Delta APB$ और $\Delta CQD$ में:
$1$. $\angle APB = \angle CQD = 90^\circ$ (दिया है कि $AP \perp BD$ और $CQ \perp BD$)
$2$. $AB = CD$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं)
$3$. $\angle ABP = \angle CDQ$ (एकांतर अंतःकोण,क्योंकि $AB \parallel CD$ और $BD$ एक तिर्यक रेखा है)
अतः,$AAS$ सर्वांगसमता कसौटी द्वारा,$\Delta APB \cong \Delta CQD$ है।
चूँकि त्रिभुज सर्वांगसम हैं,इसलिए उनके संगत भाग बराबर होते हैं $(CPCT)$।
अतः,$AP = CQ$।
27
Easy
$\Delta ABC$ और $\Delta DEF$ में,$AB = DE$,$AB \parallel DE$,$BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है। शीर्ष $A, B$ और $C$ को क्रमशः शीर्ष $D, E$ और $F$ से जोड़ा गया है। दर्शाइए कि चतुर्भुज $ABED$ एक समांतर चतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) यह सिद्ध करने के लिए कि $ABED$ एक समांतर चतुर्भुज है।
हम जानते हैं कि एक चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज होता है यदि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म समांतर और लंबाई में बराबर हो।
दिया है:
$AB = DE$
$AB \parallel DE$
चतुर्भुज $ABED$ में,हमारे पास सम्मुख भुजाओं का एक युग्म ($AB$ और $DE$) है जो समांतर और लंबाई में बराबर है।
अतः,$ABED$ एक समांतर चतुर्भुज है।
28
Easy
$\Delta ABC$ और $\Delta DEF$ में,$AB = DE$,$AB \parallel DE$,$BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है। शीर्ष $A, B$ और $C$ को क्रमशः शीर्ष $D, E$ और $F$ से जोड़ा गया है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि चतुर्भुज $BEFC$ एक समांतर चतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) यह सिद्ध करने के लिए कि $BEFC$ एक समांतर चतुर्भुज है।
दिया है कि $BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है।
एक चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज होता है यदि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर हो।
चूँकि $BEFC$ एक ऐसा चतुर्भुज है जिसमें सम्मुख भुजाओं का युग्म ($BC$ और $EF$) बराबर और समांतर है,
अतः,$BEFC$ एक समांतर चतुर्भुज है।
29
Medium
$\Delta ABC$ और $\Delta DEF$ में,$AB = DE$,$AB \parallel DE$,$BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है। शीर्ष $A, B$ और $C$ को क्रमशः शीर्ष $D, E$ और $F$ से जोड़ा गया है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि $AD \parallel CF$ और $AD = CF$ है।
Question diagram

Solution

(N/A) $AD \parallel CF$ और $AD = CF$ सिद्ध करने के लिए:
$1$. चतुर्भुज $ABED$ में,हमें दिया गया है कि $AB = DE$ और $AB \parallel DE$ है। चूँकि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है,इसलिए $ABED$ एक समांतर चतुर्भुज है।
अतः,$AD \parallel BE$ और $AD = BE$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर और समांतर होती हैं) ... $(1)$
$2$. चतुर्भुज $BEFC$ में,हमें दिया गया है कि $BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है। चूँकि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है,इसलिए $BEFC$ एक समांतर चतुर्भुज है।
अतः,$BE \parallel CF$ और $BE = CF$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर और समांतर होती हैं) ... $(2)$
$3$. समीकरण $(1)$ और $(2)$ से,हमारे पास $AD \parallel BE$ और $BE \parallel CF$ है,जिसका अर्थ है कि $AD \parallel CF$ है।
साथ ही,$AD = BE$ और $BE = CF$ है,जिसका अर्थ है कि $AD = CF$ है।
30
Easy
$\Delta ABC$ और $\Delta DEF$ में,$AB = DE$,$AB \parallel DE$,$BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है। शीर्ष $A, B$ और $C$ को क्रमशः शीर्ष $D, E$ और $F$ से जोड़ा गया है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि चतुर्भुज $ACFD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $\Delta ABC$ और $\Delta DEF$ में,$AB = DE$,$AB \parallel DE$,$BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है।
चरण $1$: चतुर्भुज $ABED$ पर विचार करें।
चूँकि $AB = DE$ और $AB \parallel DE$,सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है।
इसलिए,$ABED$ एक समांतर चतुर्भुज है।
इसका अर्थ है $AD = BE$ और $AD \parallel BE$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर और समांतर होती हैं)।
चरण $2$: चतुर्भुज $BCFE$ पर विचार करें।
चूँकि $BC = EF$ और $BC \parallel EF$,सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है।
इसलिए,$BCFE$ एक समांतर चतुर्भुज है।
इसका अर्थ है $BE = CF$ और $BE \parallel CF$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर और समांतर होती हैं)।
चरण $3$: चतुर्भुज $ACFD$ पर विचार करें।
चरण $1$ से,$AD \parallel BE$ और चरण $2$ से,$BE \parallel CF$ है। अतः,$AD \parallel CF$ है।
चरण $1$ से,$AD = BE$ और चरण $2$ से,$BE = CF$ है। अतः,$AD = CF$ है।
चूँकि चतुर्भुज $ACFD$ में सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है,इसलिए $ACFD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
31
Easy
$\Delta ABC$ और $\Delta DEF$ में,$AB = DE$,$AB \parallel DE$,$BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है। शीर्ष $A, B$ और $C$ को क्रमशः शीर्ष $D, E$ और $F$ से जोड़ा गया है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि $AC = DF$ है।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $AB = DE$,$AB \parallel DE$,$BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है।
चरण $1$: चतुर्भुज $ABED$ पर विचार करें। चूँकि $AB = DE$ और $AB \parallel DE$,सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है। इसलिए,$ABED$ एक समांतर चतुर्भुज है।
चरण $2$: चूँकि $ABED$ एक समांतर चतुर्भुज है,इसलिए $AD = BE$ और $AD \parallel BE$ होगा।
चरण $3$: चतुर्भुज $BCFE$ पर विचार करें। चूँकि $BC = EF$ और $BC \parallel EF$,सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है। इसलिए,$BCFE$ एक समांतर चतुर्भुज है।
चरण $4$: चूँकि $BCFE$ एक समांतर चतुर्भुज है,इसलिए $BE = CF$ और $BE \parallel CF$ होगा।
चरण $5$: चरण $2$ और चरण $4$ से,हमारे पास $AD = BE$ और $BE = CF$ है,जिसका अर्थ है कि $AD = CF$ है। साथ ही,$AD \parallel BE$ और $BE \parallel CF$ है,जिसका अर्थ है कि $AD \parallel CF$ है।
चरण $6$: चतुर्भुज $ACFD$ में,चूँकि $AD = CF$ और $AD \parallel CF$ है,इसलिए यह एक समांतर चतुर्भुज है।
चरण $7$: चूँकि $ACFD$ एक समांतर चतुर्भुज है,इसकी सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं। इसलिए,$AC = DF$ है।
32
Medium
$\Delta ABC$ और $\Delta DEF$ में,$AB = DE$,$AB \parallel DE$,$BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है। शीर्ष $A, B$ और $C$ को क्रमशः शीर्ष $D, E$ और $F$ से जोड़ा गया है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि $\Delta ABC \cong \Delta DEF$ है।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $AB = DE$,$AB \parallel DE$,$BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है।
चरण $1$: चूँकि $AB = DE$ और $AB \parallel DE$ है,इसलिए चतुर्भुज $ABED$ एक समांतर चतुर्भुज है। अतः,$AD = BE$ और $AD \parallel BE$ है।
चरण $2$: चूँकि $BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है,इसलिए चतुर्भुज $BEFC$ एक समांतर चतुर्भुज है। अतः,$BE = CF$ और $BE \parallel CF$ है।
चरण $3$: चरण $1$ और चरण $2$ से,हमारे पास $AD = BE$ और $BE = CF$ है,जिसका अर्थ है कि $AD = CF$ है। साथ ही,$AD \parallel CF$ है क्योंकि दोनों $BE$ के समांतर हैं।
चरण $4$: चूँकि $AD = CF$ और $AD \parallel CF$ है,इसलिए चतुर्भुज $ACFD$ एक समांतर चतुर्भुज है। अतः,$AC = DF$ है।
चरण $5$: $\Delta ABC$ और $\Delta DEF$ में:
$AB = DE$ (दिया है)
$BC = EF$ (दिया है)
$AC = DF$ (चरण $4$ में सिद्ध किया गया)
अतः,$SSS$ सर्वांगसमता कसौटी द्वारा,$\Delta ABC \cong \Delta DEF$ है।
33
Difficult
$ABCD$ एक समलंब चतुर्भुज है जिसमें $AB \parallel CD$ और $AD = BC$ है (आकृति देखें)। सिद्ध कीजिए कि $\angle A = \angle B$ है।
Question diagram

Solution

(N/A) हमें दिया गया है कि $AB \parallel CD$ और $AD = BC$ है।
सिद्ध करना है कि $\angle A = \angle B$ है।
$AB$ को $E$ तक बढ़ाइए और $CE \parallel AD$ खींचिए।
$\therefore AB \parallel DC \Rightarrow AE \parallel DC$ [दिया है]।
साथ ही $AD \parallel CE$ [रचना]।
$\therefore AECD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
$\Rightarrow AD = CE$ [समांतर चतुर्भुज $AECD$ की सम्मुख भुजाएँ]।
परंतु $AD = BC$ [दिया है]।
$\therefore BC = CE$ है।
अब,$\Delta BCE$ में,हमारे पास $BC = CE$ है।
$\Rightarrow \angle CBE = \angle CEB$ ......... $(1)$ [$\because$ त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं]।
साथ ही,$\angle ABC + \angle CBE = 180^{\circ}$ [रैखिक युग्म] ......... $(2)$ है।
और $\angle A + \angle CEB = 180^{\circ}$ [$\because$ समांतर चतुर्भुज के आसन्न कोण संपूरक होते हैं] ......... $(3)$ है।
$(2)$ और $(3)$ से,हमें प्राप्त होता है $\angle ABC + \angle CBE = \angle A + \angle CEB$ है।
परंतु $\angle CBE = \angle CEB$ [$(1)$ का उपयोग करने पर]।
$\therefore \angle ABC = \angle A$,या $\angle B = \angle A$ है।
34
Medium
$ABCD$ एक समलंब चतुर्भुज है जिसमें $AB \parallel CD$ और $AD = BC$ है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि $\angle C = \angle D$।
Question diagram

Solution

(N/A) सिद्ध करना है कि $\angle C = \angle D$।
रचना: $AB$ को $E$ तक बढ़ाइए और $C$ से होकर $AD$ के समांतर एक रेखा खींचिए जो बढ़ाई गई $AB$ को $E$ पर प्रतिच्छेद करे।
चूँकि $AD \parallel CE$ और $AE \parallel DC$,अतः $AECD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
इसलिए,$AD = CE$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)।
दिया है कि $AD = BC$,अतः $BC = CE$ होगा।
$\triangle BCE$ में,चूँकि $BC = CE$,अतः इन भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होंगे,इसलिए $\angle CBE = \angle CEB$।
साथ ही,$\angle ABC + \angle CBE = 180^{\circ}$ (रैखिक युग्म)।
चूँकि $AECD$ एक समांतर चतुर्भुज है,$\angle A = \angle ADC$ और $\angle D + \angle A = 180^{\circ}$ (क्रमागत अंतःकोण)।
साथ ही,$\angle CEB = \angle A$ (संगत कोण,क्योंकि $AD \parallel CE$)।
चूँकि $\angle D + \angle A = 180^{\circ}$ और $\angle C + \angle B = 180^{\circ}$,और समांतर चतुर्भुज तथा समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों का उपयोग करते हुए,हम निष्कर्ष निकालते हैं कि $\angle C = \angle D$।
35
Medium
$ABCD$ एक समलंब चतुर्भुज है जिसमें $AB \parallel CD$ और $AD = BC$ है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि $\Delta ABC \cong \Delta BAD$ है।
Question diagram

Solution

(N/A) $\Delta ABC \cong \Delta BAD$ सिद्ध करने के लिए:
रचना: $AB$ को बढ़ाइए और $C$ से होकर $DA$ के समांतर एक रेखा खींचिए जो बढ़ाई गई $AB$ को $E$ पर प्रतिच्छेद करे।
$1$. चूँकि $AD \parallel CE$ और $AE \parallel DC$,$AECD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
$2$. इसलिए,$AD = CE$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)।
$3$. दिया है $AD = BC$,अतः $BC = CE$। इस प्रकार,$\Delta BCE$ में $\angle CEB = \angle CBE$ (समान भुजाओं के सम्मुख कोण)।
$4$. साथ ही,$\angle ABC + \angle CBE = 180^{\circ}$ (रैखिक युग्म) और $\angle BAD + \angle ADC = 180^{\circ}$ (क्रमागत अंतःकोण)।
$5$. चूँकि $AD \parallel CE$,$\angle ADC + \angle DCE = 180^{\circ}$।
$6$. इनकी तुलना करने पर,हम सिद्ध कर सकते हैं कि $\angle ABC = \angle BAD$।
$7$. $\Delta ABC$ और $\Delta BAD$ में:
- $AB = BA$ (उभयनिष्ठ भुजा)
- $BC = AD$ (दिया है)
- $\angle ABC = \angle BAD$ (ऊपर सिद्ध किया गया)
$8$. $SAS$ सर्वांगसमता नियम द्वारा,$\Delta ABC \cong \Delta BAD$।
Solution diagram
36
Medium
$ABCD$ एक समलंब चतुर्भुज है जिसमें $AB \parallel CD$ और $AD = BC$ है (आकृति देखें)। दर्शाइए कि विकर्ण $AC =$ विकर्ण $BD$ है।
Question diagram

Solution

(A) दिया है: $ABCD$ एक समलंब चतुर्भुज है जिसमें $AB \parallel CD$ और $AD = BC$ है।
रचना: $AB$ को आगे बढ़ाएं और $C$ से $DA$ के समांतर एक रेखा खींचें जो बढ़ाए गए $AB$ को $E$ पर प्रतिच्छेद करे।
उपपत्ति:
$1$. चूंकि $AD \parallel CE$ (रचना से) और $AE \parallel DC$ (दिया है $AB \parallel DC$),अतः $AECD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
$2$. इसलिए,$AD = CE$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएं)। चूंकि $AD = BC$ (दिया है),इसलिए $BC = CE$ है।
$3$. $\Delta BCE$ में,$BC = CE$ है,अतः $\angle CBE = \angle CEB$ (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण)।
$4$. साथ ही,$\angle ABC + \angle CBE = 180^\circ$ (रैखिक युग्म)। चूंकि $\angle CEB = \angle CBE$,इसलिए $\angle ABC + \angle CEB = 180^\circ$ है।
$5$. $\Delta ABC$ और $\Delta BAD$ में:
- $AB = BA$ (उभयनिष्ठ भुजा)
- $AD = BC$ (दिया है)
- $\angle DAB = \angle CBA$ (समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज के गुणधर्म से)।
$6$. $SAS$ सर्वांगसमता नियम से,$\Delta ABC \cong \Delta BAD$ है।
$7$. इसलिए,$AC = BD$ ($CPCT$ द्वारा)।
37
Medium
$\Delta ABC$ में,$D$,$E$ और $F$ क्रमशः भुजाओं $AB$,$BC$ और $CA$ के मध्य-बिंदु हैं। दर्शाइए कि $D$,$E$ और $F$ को जोड़ने पर $\Delta ABC$ चार सर्वांगसम त्रिभुजों में विभाजित हो जाता है।
Question diagram

Solution

(N/A) चूँकि $D$ और $E$,$\Delta ABC$ की भुजाओं $AB$ और $BC$ के मध्य-बिंदु हैं,मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार,$DE \parallel AC$ और $DE = \frac{1}{2} AC = AF$ होगा।
इसी प्रकार,$DF \parallel BC$ और $EF \parallel AB$ होगा।
अतः,$AFDE$,$BDFE$ और $DFCE$ सभी समांतर चतुर्भुज हैं।
अब,$DE$ समांतर चतुर्भुज $BDFE$ का एक विकर्ण है,जो इसे दो सर्वांगसम त्रिभुजों में विभाजित करता है,इसलिए $\Delta BDE \cong \Delta FED$ होगा।
इसी प्रकार,$DF$ समांतर चतुर्भुज $AFDE$ का एक विकर्ण है,इसलिए $\Delta DAF \cong \Delta FED$ होगा।
साथ ही,$EF$ समांतर चतुर्भुज $DFCE$ का एक विकर्ण है,इसलिए $\Delta EFC \cong \Delta FED$ होगा।
चूँकि तीनों त्रिभुज $\Delta FED$ के सर्वांगसम हैं,अतः चारों त्रिभुज ($\Delta BDE, \Delta DAF, \Delta EFC$ और $\Delta FED$) एक-दूसरे के सर्वांगसम हैं।
38
Medium
$l, m$ और $n$ तीन समांतर रेखाएँ हैं जिन्हें तिर्यक रेखाएँ $p$ और $q$ इस प्रकार काटती हैं कि $l, m$ और $n$ रेखा $p$ पर बराबर अंतःखंड $AB$ और $BC$ काटती हैं (आकृति देखें)। दर्शाइए कि $l, m$ और $n$ रेखा $q$ पर भी बराबर अंतःखंड $DE$ और $EF$ काटती हैं।
Question diagram

Solution

(N/A) हमें दिया गया है कि $AB = BC$ और हमें सिद्ध करना है कि $DE = EF$ है।
आइए $A$ को $F$ से मिलाएँ जो $m$ को $G$ पर प्रतिच्छेद करती है।
चतुर्भुज $ADFC$ दो त्रिभुजों में विभाजित हो जाता है,जो $\Delta ACF$ और $\Delta AFD$ हैं।
$\Delta ACF$ में,यह दिया गया है कि $B, AC$ का मध्य-बिंदु है $(AB = BC)$ और $BG \parallel CF$ (क्योंकि $m \parallel n$ है)। मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम द्वारा,$G, AF$ का मध्य-बिंदु है।
अब,$\Delta AFD$ में,हमारे पास $G, AF$ का मध्य-बिंदु है और $GE \parallel AD$ (क्योंकि $m \parallel l$ है)। मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम द्वारा,$E, DF$ का मध्य-बिंदु है।
अतः,$DE = EF$ है।
दूसरे शब्दों में,$l, m$ और $n$ रेखा $q$ पर भी बराबर अंतःखंड काटती हैं।
39
Medium
$ABCD$ एक चतुर्भुज है जिसमें $P$,$Q$,$R$ और $S$ क्रमशः भुजाओं $AB$,$BC$,$CD$ और $DA$ के मध्य-बिंदु हैं (आकृति देखें)। $AC$ एक विकर्ण है। दर्शाइए कि: $SR \parallel AC$ और $SR = \frac{1}{2} AC$।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $ABCD$ एक चतुर्भुज है,$P$,$Q$,$R$,$S$ क्रमशः भुजाओं $AB$,$BC$,$CD$,$DA$ के मध्य-बिंदु हैं। $AC$ एक विकर्ण है।
सिद्ध करना है: $SR \parallel AC$ और $SR = \frac{1}{2} AC$।
उपपत्ति: $\Delta ACD$ में,हमारे पास है:
$S$,$AD$ का मध्य-बिंदु है।
$R$,$CD$ का मध्य-बिंदु है।
मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार,त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड तीसरी भुजा के समांतर होता है और उसका आधा होता है।
अतः,$\Delta ACD$ में,रेखाखंड $SR$ भुजाओं $AD$ और $CD$ के मध्य-बिंदुओं को मिलाता है।
इसलिए,$SR \parallel AC$ और $SR = \frac{1}{2} AC$ है।
40
Medium
$ABCD$ एक चतुर्भुज है जिसमें $P$,$Q$,$R$ और $S$ क्रमशः भुजाओं $AB$,$BC$,$CD$ और $DA$ के मध्य-बिंदु हैं (आकृति देखें)। $AC$ एक विकर्ण है। दर्शाइए कि: $PQ = SR$।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $P, Q, R, S$ चतुर्भुज $ABCD$ की भुजाओं $AB, BC, CD, DA$ के मध्य-बिंदु हैं। $AC$ एक विकर्ण है।
सिद्ध करना है: $PQ = SR$।
उपपत्ति:
$\triangle ABC$ में,$P$ भुजा $AB$ का मध्य-बिंदु है और $Q$ भुजा $BC$ का मध्य-बिंदु है।
मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार,त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड तीसरी भुजा के समांतर होता है और उसकी लंबाई तीसरी भुजा की आधी होती है।
अतः,$PQ \parallel AC$ और $PQ = \frac{1}{2} AC$ ........ $(1)$
$\triangle ADC$ में,$S$ भुजा $AD$ का मध्य-बिंदु है और $R$ भुजा $CD$ का मध्य-बिंदु है।
मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार,$SR \parallel AC$ और $SR = \frac{1}{2} AC$ ........ $(2)$
समीकरण $(1)$ और $(2)$ से,चूँकि $PQ$ और $SR$ दोनों $\frac{1}{2} AC$ के बराबर हैं,इसलिए $PQ = SR$ प्राप्त होता है।
41
Medium
$ABCD$ एक चतुर्भुज है जिसमें $P$,$Q$,$R$ और $S$ भुजाओं $AB$,$BC$,$CD$ और $DA$ के मध्य-बिंदु हैं (आकृति देखें)। $AC$ एक विकर्ण है। दर्शाइए कि: $PQRS$ एक समांतर चतुर्भुज है।
Question diagram

Solution

(N/A) यह सिद्ध करने के लिए कि $PQRS$ एक समांतर चतुर्भुज है।
$\Delta ABC$ में,$P$ और $Q$ भुजाओं $AB$ और $BC$ के मध्य-बिंदु हैं।
$\therefore PQ = \frac{1}{2} AC$ और $PQ \parallel AC$ .......... $(1)$
$\Delta ACD$ में,$S$ और $R$ भुजाओं $DA$ और $CD$ के मध्य-बिंदु हैं।
$\therefore SR = \frac{1}{2} AC$ और $SR \parallel AC$ .......... $(2)$
$(1)$ और $(2)$ से,हमें प्राप्त होता है
$PQ = \frac{1}{2} AC = SR$ और $PQ \parallel AC \parallel SR$
$\Rightarrow PQ = SR$ और $PQ \parallel SR$
अर्थात,चतुर्भुज $PQRS$ में सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है।
$\therefore PQRS$ एक समांतर चतुर्भुज है।
42
Difficult
$ABCD$ एक समचतुर्भुज है और $P, Q, R$ तथा $S$ क्रमशः भुजाओं $AB, BC, CD$ और $DA$ के मध्य-बिंदु हैं। दर्शाइए कि चतुर्भुज $PQRS$ एक आयत है।

Solution

(N/A) दिया है: $ABCD$ एक समचतुर्भुज है। $P, Q, R, S$ क्रमशः भुजाओं $AB, BC, CD, DA$ के मध्य-बिंदु हैं।
सिद्ध करना है: $PQRS$ एक आयत है।
रचना: $AC$ और $BD$ को मिलाइए।
उपपत्ति:
$1$. $\Delta ABC$ में,$P$ और $Q$ भुजाओं $AB$ और $BC$ के मध्य-बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार,$PQ \parallel AC$ और $PQ = \frac{1}{2} AC$ ... $(1)$.
$2$. $\Delta ADC$ में,$S$ और $R$ भुजाओं $AD$ और $CD$ के मध्य-बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार,$SR \parallel AC$ और $SR = \frac{1}{2} AC$ ... $(2)$.
$3$. $(1)$ और $(2)$ से,$PQ \parallel SR$ और $PQ = SR$ प्राप्त होता है। चूँकि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है,इसलिए $PQRS$ एक समांतर चतुर्भुज है।
$4$. समचतुर्भुज में,विकर्ण एक-दूसरे को $90^{\circ}$ पर समद्विभाजित करते हैं। मान लीजिए $AC$ और $BD$ बिंदु $O$ पर प्रतिच्छेद करते हैं। अतः,$AC \perp BD$.
$5$. चूँकि $PQ \parallel AC$ और $QR \parallel BD$,इसलिए $PQ$ और $QR$ के बीच का कोण $90^{\circ}$ होगा क्योंकि $AC$ और $BD$ के बीच का कोण $90^{\circ}$ है।
$6$. चूँकि $PQRS$ एक समांतर चतुर्भुज है जिसका एक कोण $90^{\circ}$ है,इसलिए $PQRS$ एक आयत है।
Solution diagram
43
Medium
$ABCD$ एक आयत है और $P$,$Q$,$R$ और $S$ क्रमशः भुजाओं $AB$,$BC$,$CD$ और $DA$ के मध्य-बिंदु हैं। दर्शाइए कि चतुर्भुज $PQRS$ एक समचतुर्भुज है।

Solution

(N/A) आयत $ABCD$ में,$P$,$AB$ का मध्य-बिंदु है,$Q$,$BC$ का मध्य-बिंदु है,$R$,$CD$ का मध्य-बिंदु है और $S$,$DA$ का मध्य-बिंदु है।
विकर्ण $AC$ खींचिए।
$\Delta ABC$ में,मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार:
$PQ = \frac{1}{2} AC$ और $PQ \parallel AC$ ......... $(1)$
$\Delta ACD$ में,मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार:
$SR = \frac{1}{2} AC$ और $SR \parallel AC$ ......... $(2)$
$(1)$ और $(2)$ से,हमें $PQ = SR$ और $PQ \parallel SR$ प्राप्त होता है।
इसी प्रकार,$BD$ को मिलाने पर,हमें $PS = QR$ और $PS \parallel QR$ प्राप्त होता है।
चूंकि चतुर्भुज $PQRS$ की सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म बराबर और समांतर हैं,इसलिए $PQRS$ एक समांतर चतुर्भुज है।
अब,$\Delta PAS$ और $\Delta PBQ$ में:
$\angle A = \angle B = 90^{\circ}$ (आयत के कोण)
$AP = BP$ ($P$,$AB$ का मध्य-बिंदु है)
$AS = BQ$ (आयत की बराबर सम्मुख भुजाओं $AD$ और $BC$ के आधे भाग)
$SAS$ सर्वांगसमता कसौटी से,$\Delta PAS \cong \Delta PBQ$.
अतः,$PS = PQ$ (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग)।
चूंकि $PQRS$ एक समांतर चतुर्भुज है जिसकी आसन्न भुजाएँ $PS = PQ$ बराबर हैं,इसलिए इसकी सभी भुजाएँ बराबर होंगी $(PQ = QR = RS = SP)$।
अतः,$PQRS$ एक समचतुर्भुज है।
Solution diagram
44
Medium
$ABCD$ एक समलंब चतुर्भुज है जिसमें $AB \parallel DC$ है,$BD$ एक विकर्ण है और $E$,$AD$ का मध्य-बिंदु है। $E$ से होकर $AB$ के समांतर एक रेखा खींची गई है जो $BC$ को $F$ पर प्रतिच्छेद करती है। दर्शाइए कि $F$,$BC$ का मध्य-बिंदु है।
Question diagram

Solution

(N/A) समलंब चतुर्भुज $ABCD$ में,$AB \parallel DC$ है। $E$,$AD$ का मध्य-बिंदु है। $EF$ को $AB$ के समांतर खींचा गया है। हमें सिद्ध करना है कि $F$,$BC$ का मध्य-बिंदु है।
$BD$ को मिलाइए।
$\Delta DAB$ में:
चूँकि $E$,$AD$ का मध्य-बिंदु है [दिया है] और $EG \parallel AB$ [चूँकि $EF \parallel AB$],मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम का उपयोग करने पर,$G$,$BD$ का मध्य-बिंदु है।
$\Delta BDC$ में:
चूँकि $G$,$BD$ का मध्य-बिंदु है [सिद्ध किया गया] और $GF \parallel DC$ [चूँकि $AB \parallel DC$ और $EF \parallel AB$,इसलिए $GF \parallel DC$],मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम का उपयोग करने पर,$F$,$BC$ का मध्य-बिंदु है।
45
Difficult
एक समांतर चतुर्भुज $ABCD$ में,$E$ और $F$ क्रमशः भुजाओं $AB$ और $CD$ के मध्य-बिंदु हैं (आकृति देखें)। दर्शाइए कि रेखाखंड $AF$ और $EC$ विकर्ण $BD$ को समत्रिभाजित करते हैं।
Question diagram

Solution

(N/A) दिया है: $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है जिसमें $E$ और $F$ क्रमशः $AB$ और $CD$ के मध्य-बिंदु हैं।
सिद्ध करना है: $AF$ और $EC$ विकर्ण $BD$ को समत्रिभाजित करते हैं,अर्थात $DP = PQ = QB$ है।
उपपत्ति:
चूंकि $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है,इसलिए $AB \parallel DC$ और $AB = DC$ है।
$E$ और $F$ मध्य-बिंदु हैं,इसलिए $AE = \frac{1}{2}AB$ और $FC = \frac{1}{2}DC$ है।
चूंकि $AB = DC$ है,इसलिए $AE = FC$ है।
साथ ही,$AB \parallel DC$ होने के कारण $AE \parallel FC$ है।
अतः,$AECF$ एक समांतर चतुर्भुज है (वह चतुर्भुज जिसकी सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर हो)।
इसलिए,$AF \parallel EC$ है।
$\Delta DQC$ में,$F$,$DC$ का मध्य-बिंदु है और $FP \parallel CQ$ है ($AF \parallel EC$ के कारण)। मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम से,$P$,$DQ$ का मध्य-बिंदु है,अतः $DP = PQ$ ... $(1)$ है।
$\Delta ABP$ में,$E$,$AB$ का मध्य-बिंदु है और $EQ \parallel AP$ है ($AF \parallel EC$ के कारण)। मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम से,$Q$,$BP$ का मध्य-बिंदु है,अतः $PQ = QB$ ... $(2)$ है।
$(1)$ और $(2)$ से,$DP = PQ = QB$ है।
अतः,$AF$ और $EC$ विकर्ण $BD$ को समत्रिभाजित करते हैं।
46
Medium
सिद्ध कीजिए कि एक चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

Solution

(N/A) माना $ABCD$ एक चतुर्भुज है जिसमें भुजाओं $AB$,$BC$,$CD$ और $DA$ के मध्य-बिंदु क्रमशः $P$,$Q$,$R$ और $S$ हैं। हमें सिद्ध करना है कि सम्मुख भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड,अर्थात् $PR$ और $SQ$,एक-दूसरे को $O$ पर समद्विभाजित करते हैं।
$PQ$,$QR$,$RS$ और $SP$ को मिलाइए। साथ ही,$AC$ और $BD$ को भी मिलाइए।
$\Delta ABC$ में,$P$ और $Q$ क्रमशः $AB$ और $BC$ के मध्य-बिंदु हैं।
मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार,$PQ \parallel AC$ और $PQ = \frac{1}{2} AC$ है।
$\Delta ADC$ में,$S$ और $R$ क्रमशः $AD$ और $CD$ के मध्य-बिंदु हैं।
मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार,$SR \parallel AC$ और $SR = \frac{1}{2} AC$ है।
उपरोक्त से,$PQ \parallel SR$ और $PQ = SR$ प्राप्त होता है।
चूँकि चतुर्भुज $PQRS$ की सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है,इसलिए $PQRS$ एक समांतर चतुर्भुज है।
हम जानते हैं कि समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
अतः,समांतर चतुर्भुज $PQRS$ के विकर्ण $PR$ और $SQ$ एक-दूसरे को $O$ पर समद्विभाजित करते हैं।
इस प्रकार,एक चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
Solution diagram
47
Medium
$\Delta ABC$ एक त्रिभुज है जो $C$ पर समकोण है। कर्ण $AB$ के मध्य-बिंदु $M$ से होकर जाने वाली और $BC$ के समानांतर एक रेखा $AC$ को $D$ पर प्रतिच्छेद करती है। दर्शाइए कि $D$,$AC$ का मध्य-बिंदु है।
Question diagram

Solution

(N/A) हमारे पास एक त्रिभुज $ABC$ है जिसमें $\angle C = 90^{\circ}$ है। $M$,$AB$ का मध्य-बिंदु है और $MD \parallel BC$ है।
सिद्ध करना है कि $D$,$AC$ का मध्य-बिंदु है।
$\Delta ACB$ में,हमारे पास है:
$M$,$AB$ का मध्य-बिंदु है। [दिया है]
$MD \parallel BC$ है। [दिया है]
अतः,मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम का उपयोग करते हुए,$D$,$AC$ का मध्य-बिंदु है।
Solution diagram
48
Medium
$ABC$ एक त्रिभुज है जो $C$ पर समकोण है। कर्ण $AB$ के मध्य-बिंदु $M$ से होकर जाने वाली और $BC$ के समांतर रेखा $AC$ को $D$ पर प्रतिच्छेद करती है। दर्शाइए कि $MD \perp AC$ है।

Solution

(N/A) हमारे पास एक त्रिभुज $ABC$ है जिसमें $\angle C = 90^{\circ}$ है। $M$,$AB$ का मध्य-बिंदु है और $MD \parallel BC$ है।
सिद्ध करना है: $MD \perp AC$.
चूंकि $MD \parallel BC$ और $AC$ एक तिर्यक रेखा है,
$\therefore \angle MDA = \angle BCA$ [संगत कोण].
परंतु $\angle BCA = 90^{\circ}$ [दिया है].
$\therefore \angle MDA = 90^{\circ}$.
$\Rightarrow MD \perp AC$.
Solution diagram
49
Difficult
$ABC$ एक त्रिभुज है जिसमें $C$ समकोण है। कर्ण $AB$ के मध्य-बिंदु $M$ से होकर जाने वाली और $BC$ के समांतर रेखा $AC$ को $D$ पर प्रतिच्छेद करती है। दर्शाइए कि $CM = MA = \frac{1}{2} AB$ है।

Solution

(N/A) दिया है: $\Delta ABC$ में,$\angle C = 90^{\circ}$,$M$,$AB$ का मध्य-बिंदु है और $MD \parallel BC$ है।
सिद्ध करना है: $CM = MA = \frac{1}{2} AB$.
उपपत्ति:
$1$. $\Delta ABC$ में,चूँकि $MD \parallel BC$ और $M$,$AB$ का मध्य-बिंदु है,मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम से,$D$,$AC$ का मध्य-बिंदु है। अतः,$AD = CD$.
$2$. अब,$\Delta ADM$ और $\Delta CDM$ में:
- $AD = CD$ (ऊपर सिद्ध किया गया)
- $\angle ADM = \angle CDM = 90^{\circ}$ (चूँकि $MD \parallel BC$ और $\angle ACB = 90^{\circ}$,संगत कोणों के कारण $\angle ADM = 90^{\circ}$)
- $DM = DM$ (उभयनिष्ठ भुजा)
$3$. $SAS$ सर्वांगसमता कसौटी से,$\Delta ADM \cong \Delta CDM$.
$4$. $c.p.c.t.$ द्वारा,$MA = MC$.
$5$. चूँकि $M$,$AB$ का मध्य-बिंदु है,इसलिए $MA = \frac{1}{2} AB$.
$6$. अतः,$CM = MA = \frac{1}{2} AB$।
Solution diagram

Quadrilaterals — Textbook - Quadrilaterals · Frequently Asked Questions

1Are these Quadrilaterals questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

Yes. Use the language tabs in the hero section or the sidebar to view the same questions and solutions in English, Hindi or Gujarati.

3How do I generate a question paper from this subtopic?

Use the Vedclass Exam Paper Generator — select the chapter and subtopic, set difficulty, and generate Sets A, B, C, D automatically. First 3 chapters of every subject are free.

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D papers from this chapter in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo
For Teachers & Institutes

Generate a Quadrilaterals Exam Paper in 2 Minutes

Select subtopic & difficulty — Sets A, B, C, D auto-generated with No Repeat logic.

First 3 chapters of every subject are free — no payment required.