(N/A) चूँकि $D$ और $E$,$\Delta ABC$ की भुजाओं $AB$ और $BC$ के मध्य-बिंदु हैं,मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार,$DE \parallel AC$ और $DE = \frac{1}{2} AC = AF$ होगा।
इसी प्रकार,$DF \parallel BC$ और $EF \parallel AB$ होगा।
अतः,$AFDE$,$BDFE$ और $DFCE$ सभी समांतर चतुर्भुज हैं।
अब,$DE$ समांतर चतुर्भुज $BDFE$ का एक विकर्ण है,जो इसे दो सर्वांगसम त्रिभुजों में विभाजित करता है,इसलिए $\Delta BDE \cong \Delta FED$ होगा।
इसी प्रकार,$DF$ समांतर चतुर्भुज $AFDE$ का एक विकर्ण है,इसलिए $\Delta DAF \cong \Delta FED$ होगा।
साथ ही,$EF$ समांतर चतुर्भुज $DFCE$ का एक विकर्ण है,इसलिए $\Delta EFC \cong \Delta FED$ होगा।
चूँकि तीनों त्रिभुज $\Delta FED$ के सर्वांगसम हैं,अतः चारों त्रिभुज ($\Delta BDE, \Delta DAF, \Delta EFC$ और $\Delta FED$) एक-दूसरे के सर्वांगसम हैं।