(N/A) सिद्ध करना है कि $\angle C = \angle D$।
रचना: $AB$ को $E$ तक बढ़ाइए और $C$ से होकर $AD$ के समांतर एक रेखा खींचिए जो बढ़ाई गई $AB$ को $E$ पर प्रतिच्छेद करे।
चूँकि $AD \parallel CE$ और $AE \parallel DC$,अतः $AECD$ एक समांतर चतुर्भुज है।
इसलिए,$AD = CE$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)।
दिया है कि $AD = BC$,अतः $BC = CE$ होगा।
$\triangle BCE$ में,चूँकि $BC = CE$,अतः इन भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होंगे,इसलिए $\angle CBE = \angle CEB$।
साथ ही,$\angle ABC + \angle CBE = 180^{\circ}$ (रैखिक युग्म)।
चूँकि $AECD$ एक समांतर चतुर्भुज है,$\angle A = \angle ADC$ और $\angle D + \angle A = 180^{\circ}$ (क्रमागत अंतःकोण)।
साथ ही,$\angle CEB = \angle A$ (संगत कोण,क्योंकि $AD \parallel CE$)।
चूँकि $\angle D + \angle A = 180^{\circ}$ और $\angle C + \angle B = 180^{\circ}$,और समांतर चतुर्भुज तथा समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों का उपयोग करते हुए,हम निष्कर्ष निकालते हैं कि $\angle C = \angle D$।