(N/A) दिया है: $\Delta ABC$ और $\Delta DEF$ में,$AB = DE$,$AB \parallel DE$,$BC = EF$ और $BC \parallel EF$ है।
चरण $1$: चतुर्भुज $ABED$ पर विचार करें।
चूँकि $AB = DE$ और $AB \parallel DE$,सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है।
इसलिए,$ABED$ एक समांतर चतुर्भुज है।
इसका अर्थ है $AD = BE$ और $AD \parallel BE$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर और समांतर होती हैं)।
चरण $2$: चतुर्भुज $BCFE$ पर विचार करें।
चूँकि $BC = EF$ और $BC \parallel EF$,सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है।
इसलिए,$BCFE$ एक समांतर चतुर्भुज है।
इसका अर्थ है $BE = CF$ और $BE \parallel CF$ (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर और समांतर होती हैं)।
चरण $3$: चतुर्भुज $ACFD$ पर विचार करें।
चरण $1$ से,$AD \parallel BE$ और चरण $2$ से,$BE \parallel CF$ है। अतः,$AD \parallel CF$ है।
चरण $1$ से,$AD = BE$ और चरण $2$ से,$BE = CF$ है। अतः,$AD = CF$ है।
चूँकि चतुर्भुज $ACFD$ में सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समांतर है,इसलिए $ACFD$ एक समांतर चतुर्भुज है।