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Mix Examples - Electric Potential and Capacitance Questions in Hindi

Class 12 Physics · Electric Potential and Capacitance · Mix Examples - Electric Potential and Capacitance

354+

Questions

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100%

With Solutions

Showing 50 of 354 questions in Hindi

101
AdvancedMCQ
तीन बड़ी प्लेटें चित्रानुसार व्यवस्थित हैं। यदि कुंजी $K$ को बंद कर दिया जाए, तो इसमें से कितना आवेश प्रवाहित होगा?
Question diagram
A
$\frac{5Q}{6}$
B
$\frac{4Q}{3}$
C
$\frac{3Q}{2}$
D
कोई नहीं

Solution

(D) प्रारंभ में, प्लेटें अलग-थलग हैं। प्लेटों की आंतरिक सतहों पर आवेश $Q$, $2Q$ और $0$ (तीसरी प्लेट पर) के वितरण द्वारा निर्धारित होता है। पहली प्लेट की आंतरिक सतह पर आवेश $-Q/2$ है और मध्य प्लेट की बाईं सतह पर $Q/2$ है।
जब स्विच $K$ को बंद किया जाता है, तो पहली और तीसरी प्लेटें जुड़ जाती हैं, जिससे वे समान विभव पर आ जाती हैं। मान लीजिए कि पहली प्लेट की आंतरिक सतह पर आवेश $-q_1$ है और मध्य प्लेट की बाईं सतह पर $q_1$ है। मान लीजिए कि मध्य प्लेट की दाईं सतह पर आवेश $q_2$ है और तीसरी प्लेट की आंतरिक सतह पर $-q_2$ है।
पहली और तीसरी प्लेट पर कुल आवेश $Q + 0 = Q$ है। अतः, $-q_1 - q_2 = Q$, या $q_1 + q_2 = -Q$।
पहली और मध्य प्लेट के बीच विभवांतर $V_1 = q_1 d / (\epsilon_0 A)$ है और मध्य और तीसरी प्लेट के बीच $V_2 = q_2 (2d) / (\epsilon_0 A)$ है।
चूंकि प्लेटें जुड़ी हुई हैं, संधारित्रों के पार विभवांतर समान होना चाहिए, इसलिए $V_1 = V_2$, जिसका अर्थ है $q_1 d = q_2 (2d)$, या $q_1 = 2q_2$।
$q_1 = 2q_2$ को $q_1 + q_2 = -Q$ में प्रतिस्थापित करने पर, हमें $3q_2 = -Q$ प्राप्त होता है, इसलिए $q_2 = -Q/3$ और $q_1 = -2Q/3$।
पहली प्लेट की बाहरी सतह पर आवेश $(Q - (-q_1))/2 = (Q - 2Q/3)/2 = Q/6$ है।
पहली प्लेट की आंतरिक सतह पर मूल आवेश $-Q/2$ था। बंद करने के बाद, यह $-q_1 = 2Q/3$ है।
कुंजी $K$ से प्रवाहित होने वाला आवेश पहली प्लेट पर आवेश में परिवर्तन है: $\Delta q = q_{final} - q_{initial} = (Q/6 + 2Q/3) - (Q/2) = 5Q/6 - Q/2 = Q/3$।
Solution diagram
102
DifficultMCQ
यदि चित्र में दिखाए गए सर्किट खंड में $5\ \mu F$ संधारित्र की बाईं प्लेट पर आवेश $-20\ \mu C$ है,तो $3\ \mu F$ संधारित्र की दाईं प्लेट पर आवेश $\mu C$ में ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$+8.57$
B
$-8.57$
C
$+11.42$
D
$-11.42$

Solution

(A) $5\ \mu F$ संधारित्र की बाईं प्लेट पर आवेश $-20\ \mu C$ है,जिसका अर्थ है कि इसकी दाईं प्लेट पर आवेश $+20\ \mu C$ है। यह $+20\ \mu C$ आवेश $3\ \mu F$ और $4\ \mu F$ संधारित्रों के समानांतर संयोजन के बीच वितरित होता है।
मान लीजिए $3\ \mu F$ संधारित्र पर आवेश $q_1$ है और $4\ \mu F$ संधारित्र पर आवेश $q_2$ है।
चूंकि वे समानांतर में हैं,उनके बीच विभवांतर समान है: $V = \frac{q_1}{3} = \frac{q_2}{4}$.
साथ ही,कुल आवेश $q_1 + q_2 = 20\ \mu C$ है।
विभव समीकरण से,$q_2 = \frac{4}{3}q_1$.
इस मान को कुल आवेश समीकरण में रखने पर: $q_1 + \frac{4}{3}q_1 = 20$.
$\frac{7}{3}q_1 = 20 \Rightarrow q_1 = \frac{60}{7} \approx 8.57\ \mu C$.
$3\ \mu F$ संधारित्र की दाईं प्लेट पर आवेश संधारित्र पर आवेश के बराबर होगा,जो $+8.57\ \mu C$ है।
103
AdvancedMCQ
$C$ धारिता वाले एक संधारित्र को एक सेल द्वारा $V$ विभवांतर तक आवेशित किया जाता है और फिर उसे सेल से अलग कर दिया जाता है। अब इसकी धनात्मक प्लेट को $+Q$ आवेश दिया जाता है। संधारित्र के सिरों पर अब विभवांतर क्या होगा?
A
$V$
B
$V + \frac{Q}{C}$
C
$V + \frac{Q}{2C}$
D
$V - \frac{Q}{C}$

Solution

(C) प्रारंभ में,संधारित्र की प्लेटों पर $+CV$ और $-CV$ आवेश होते हैं। धनात्मक प्लेट पर $+Q$ आवेश जोड़ने के बाद,दोनों प्लेटों के निकाय पर कुल आवेश $(+CV) + (-CV) + Q = Q$ होता है।
जब दो समानांतर प्लेटों पर आवेश वितरित किया जाता है,तो प्लेटों की बाहरी सतहों पर समान आवेश होता है,जो कुल आवेश का आधा होता है। इसलिए,प्रत्येक प्लेट की बाहरी सतह पर आवेश $Q_{outer} = \frac{Q}{2}$ है।
धनात्मक प्लेट पर आवेश संरक्षण के नियम का उपयोग करते हुए:
धनात्मक प्लेट की आंतरिक सतह पर आवेश = (धनात्मक प्लेट पर कुल आवेश) - (बाहरी सतह पर आवेश) = $(CV + Q) - \frac{Q}{2} = CV + \frac{Q}{2}$।
ऋणात्मक प्लेट की आंतरिक सतह पर आवेश समान और विपरीत होगा,यानी $-(CV + \frac{Q}{2})$।
संधारित्र के सिरों पर विभवांतर $V'$ आंतरिक सतह पर आवेश को धारिता $C$ से विभाजित करने पर प्राप्त होता है:
$V' = \frac{CV + Q/2}{C} = V + \frac{Q}{2C}$।
Solution diagram
104
AdvancedMCQ
चित्र में दिखाए गए परिपथ में,$5 \ \mu F$ धारिता वाले संधारित्र में संचित आवेश......$ \mu C$ है।
Question diagram
A
$60$
B
$20$
C
$30$
D
$0$

Solution

(D) $1$. परिपथ आरेख का विश्लेषण करें: परिपथ में एक $100 \ V$ की बैटरी संधारित्रों के नेटवर्क से जुड़ी है।
$2$. परिपथ को सरल बनाएं: बाईं ओर के दो $2 \ \mu F$ संधारित्र समानांतर क्रम में हैं,जिससे तुल्य धारिता $C_p = 2 \ \mu F + 2 \ \mu F = 4 \ \mu F$ प्राप्त होती है।
$3$. $5 \ \mu F$ और $3 \ \mu F$ संधारित्रों वाली शाखा का अवलोकन करें: ये दोनों श्रेणी क्रम में हैं,लेकिन ये बिंदु $A$ और $B$ के बीच एक तार के साथ समानांतर में जुड़े हुए हैं। यह तार $5 \ \mu F$ और $3 \ \mu F$ संधारित्रों के श्रेणी संयोजन के लिए शॉर्ट सर्किट के रूप में कार्य करता है।
$4$. विभवांतर निर्धारित करें: बिंदु $A$ और $B$ के बीच के तार का प्रतिरोध शून्य है,इसलिए $A$ और $B$ के बीच विभवांतर $V_{AB} = 0 \ V$ है।
$5$. आवेश की गणना करें: संधारित्र पर आवेश $Q = C \times V$ सूत्र द्वारा दिया जाता है। चूंकि $5 \ \mu F$ संधारित्र पर विभवांतर $0 \ V$ है,इसलिए इसमें संचित आवेश $Q = 5 \ \mu F \times 0 \ V = 0 \ \mu C$ होगा।
Solution diagram
105
DifficultMCQ
$C$ धारिता वाले एक संधारित्र को प्रारंभ में $V$ $volt$ के विभवांतर तक आवेशित किया जाता है। अब इसे विपरीत ध्रुवता के साथ $2V$ की बैटरी से जोड़ा जाता है। उत्पन्न ऊष्मा और संधारित्र में संचित अंतिम ऊर्जा का अनुपात क्या होगा?
A
$1.75$
B
$2.25$
C
$2.5$
D
$0.5$

Solution

(B) संधारित्र पर प्रारंभिक आवेश $q_i = CV$ है।
संधारित्र पर अंतिम आवेश $q_f = C(2V) = 2CV$ है।
चूंकि बैटरी विपरीत ध्रुवता के साथ जुड़ी है,इसलिए बैटरी से प्रवाहित आवेश $\Delta q = q_f - (-q_i) = 2CV + CV = 3CV$ है।
बैटरी द्वारा किया गया कार्य $W = \Delta q \times (2V) = (3CV)(2V) = 6CV^2$ है।
प्रारंभिक संचित ऊर्जा $U_i = \frac{1}{2}CV^2$ है।
अंतिम संचित ऊर्जा $U_f = \frac{1}{2}C(2V)^2 = 2CV^2$ है।
कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार,$W = (U_f - U_i) + H$,जहाँ $H$ उत्पन्न ऊष्मा है।
$H = W - (U_f - U_i) = 6CV^2 - (2CV^2 - 0.5CV^2) = 6CV^2 - 1.5CV^2 = 4.5CV^2$.
उत्पन्न ऊष्मा और अंतिम संचित ऊर्जा का अनुपात $\frac{H}{U_f} = \frac{4.5CV^2}{2CV^2} = 2.25$ है।
106
AdvancedMCQ
एक अनावेशित समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों $S$ और $T$ को एक बैटरी से जोड़ा जाता है। फिर बैटरी को हटा दिया जाता है और आवेशित प्लेटों को चित्र में दिखाए अनुसार एक प्रणाली में जोड़ा जाता है। दिखाई गई प्रणाली संतुलन में है। सभी डोरियां कुचालक और द्रव्यमानहीन हैं। संधारित्र की एक प्लेट पर आवेश का परिमाण है: [प्लेटों का क्षेत्रफल = $A$]
Question diagram
A
$\sqrt {2mgA{ \in _0}} $
B
$\sqrt {\frac{{4mgA{ \in _0}}}{k}} $
C
$\sqrt {mgA{ \in _0}} $
D
$\sqrt {\frac{{2mgA{ \in _0}}}{k}} $

Solution

(A) $Q$ आवेश और $A$ क्षेत्रफल वाले समांतर प्लेट संधारित्र की दो प्लेटों के बीच लगने वाला स्थिर-वैद्युत आकर्षण बल $F_e = \frac{Q^2}{2A\epsilon_0}$ द्वारा दिया जाता है।
दी गई प्रणाली में,प्लेट $S$ को स्प्रिंग नियतांक $k$ और घिरनी के माध्यम से $m$ द्रव्यमान के ब्लॉक से जोड़ा गया है। प्रणाली के संतुलन में रहने के लिए,डोरी में तनाव को ब्लॉक के भार को संतुलित करना चाहिए,इसलिए $T = mg$ होगा।
चूंकि स्प्रिंग द्रव्यमानहीन है और संतुलन में है,इसलिए प्लेट $S$ पर स्प्रिंग द्वारा लगाया गया बल डोरी में तनाव के बराबर यानी $mg$ होता है।
प्लेट $S$ के संतुलन के लिए स्थिर-वैद्युत बल को स्प्रिंग बल के बराबर रखने पर:
$\frac{Q^2}{2A\epsilon_0} = mg$
$Q$ के लिए हल करने पर:
$Q^2 = 2mgA\epsilon_0$
$Q = \sqrt{2mgA\epsilon_0}$
107
MediumMCQ
$8 \mu F, 250 V$ रेटिंग वाले समान कैपेसिटरों की आपूर्ति से,$16 \mu F, 1000 V$ का संयुक्त कैपेसिटर बनाने के लिए आवश्यक कैपेसिटरों की न्यूनतम संख्या क्या है?
A
$2$
B
$4$
C
$16$
D
$32$

Solution

(D) दिया गया है: प्रत्येक कैपेसिटर की धारिता $C = 8 \mu F$ और वोल्टेज रेटिंग $V_c = 250 V$ है।
$250 V$ रेटिंग वाले कैपेसिटरों का उपयोग करके $1000 V$ का कुल वोल्टेज प्राप्त करने के लिए,हमें $n$ कैपेसिटरों को श्रेणीक्रम में जोड़ना होगा ताकि $n \times 250 V = 1000 V$ हो। अतः,$n = 4$ है।
जब $4$ कैपेसिटर श्रेणीक्रम में जुड़े होते हैं,तो ऐसी एक पंक्ति की समतुल्य धारिता $C_{row} = \frac{C}{n} = \frac{8 \mu F}{4} = 2 \mu F$ होती है।
हमें $16 \mu F$ की कुल समतुल्य धारिता चाहिए। मान लीजिए कि समानांतर क्रम में जुड़ी ऐसी पंक्तियों की संख्या $m$ है।
तब,$m \times C_{row} = 16 \mu F \Rightarrow m \times 2 \mu F = 16 \mu F \Rightarrow m = 8$ है।
आवश्यक कैपेसिटरों की कुल संख्या $n \times m = 4 \times 8 = 32$ है।
108
MediumMCQ
चित्र में दिखाए गए परिपथ में,$5 \mu F$ और $4 \mu F$ संधारित्रों पर आवेशों का अनुपात क्या है?
Question diagram
A
$4/5$
B
$3/5$
C
$3/8$
D
$1/2$

Solution

(C) $4 \mu F$ संधारित्र सीधे $6 \text{ V}$ की बैटरी से जुड़ा है,इसलिए इसके सिरों पर विभवांतर $V_{4} = 6 \text{ V}$ है।
अतः,$4 \mu F$ संधारित्र पर आवेश $Q_{4} = C_{4} \times V_{4} = 4 \mu F \times 6 \text{ V} = 24 \mu C$ है।
$3 \mu F$ संधारित्र,$2 \mu F$ और $5 \mu F$ संधारित्रों के समानांतर संयोजन के साथ श्रेणीक्रम में है। समानांतर भाग की तुल्य धारिता $C_{p} = 2 \mu F + 5 \mu F = 7 \mu F$ है।
इस शाखा की कुल धारिता $\frac{1}{C_{branch}} = \frac{1}{3 \mu F} + \frac{1}{7 \mu F} = \frac{10}{21 \mu F}$ है,इसलिए $C_{branch} = 2.1 \mu F$ है।
इस शाखा से प्रवाहित होने वाला कुल आवेश $Q_{branch} = C_{branch} \times 6 \text{ V} = 2.1 \mu F \times 6 \text{ V} = 12.6 \mu C$ है।
समानांतर संयोजन ($2 \mu F$ और $5 \mu F$) के सिरों पर विभवांतर $V_{p} = \frac{Q_{branch}}{C_{p}} = \frac{12.6 \mu C}{7 \mu F} = 1.8 \text{ V}$ है।
चूंकि $5 \mu F$ संधारित्र समानांतर में है,इसलिए इसके सिरों पर विभवांतर $1.8 \text{ V}$ है।
$5 \mu F$ संधारित्र पर आवेश $Q_{5} = 5 \mu F \times 1.8 \text{ V} = 9 \mu C$ है।
आवेशों का अनुपात $\frac{Q_{5}}{Q_{4}} = \frac{9 \mu C}{24 \mu C} = \frac{3}{8}$ है।
109
DifficultMCQ
आकृति में चार संधारित्र (capacitors) उनकी धारिता और ब्रेकडाउन वोल्टेज के साथ दिखाए गए हैं। बाहरी emf स्रोत का अधिकतम मान क्या होना चाहिए ताकि कोई भी संधारित्र ब्रेकडाउन न हो? ($kV$ में)
Question diagram
A
$2.5$
B
$3.33$
C
$3$
D
$1$

Solution

(A) ऊपरी शाखा के लिए,संधारित्र श्रेणीक्रम में हैं। मान लीजिए आवेश $q_1$ है। विभव पतन $V_1 = q_1/3$ और $V_2 = q_1/2$ हैं। ब्रेकडाउन की शर्तें $V_1 \le 1 \text{ kV}$ और $V_2 \le 2 \text{ kV}$ हैं।
$q_1/3 \le 1 \Rightarrow q_1 \le 3 \text{ mC}$.
$q_1/2 \le 2 \Rightarrow q_1 \le 4 \text{ mC}$.
ब्रेकडाउन को रोकने के लिए,$q_1 \le 3 \text{ mC}$ होना चाहिए। ऊपरी शाखा में कुल वोल्टेज $V_{upper} = q_1(1/3 + 1/2) = 3(5/6) = 2.5 \text{ kV}$ है।
निचली शाखा के लिए,संधारित्र श्रेणीक्रम में हैं। मान लीजिए आवेश $q_2$ है। विभव पतन $V_3 = q_2/7$ और $V_4 = q_2/3$ हैं। ब्रेकडाउन की शर्तें $V_3 \le 1 \text{ kV}$ और $V_4 \le 2 \text{ kV}$ हैं।
$q_2/7 \le 1 \Rightarrow q_2 \le 7 \text{ mC}$.
$q_2/3 \le 2 \Rightarrow q_2 \le 6 \text{ mC}$.
ब्रेकडाउन को रोकने के लिए,$q_2 \le 6 \text{ mC}$ होना चाहिए। निचली शाखा में कुल वोल्टेज $V_{lower} = q_2(1/7 + 1/3) = 6(10/21) = 60/21 \approx 2.86 \text{ kV}$ है।
स्रोत वोल्टेज $E$ को दोनों शाखाओं के वोल्टेज में से न्यूनतम होना चाहिए ताकि कोई भी संधारित्र ब्रेकडाउन न हो। अतः,$E = \min(2.5, 2.86) = 2.5 \text{ kV}$।
Solution diagram
110
DifficultMCQ
$AB$ के बीच समतुल्य धारिता $\mu F$ में ज्ञात कीजिए (सभी धारिताएँ $\mu F$ में हैं)।
Question diagram
A
$20$
B
$9$
C
$48$
D
कोई नहीं

Solution

(B) परिपथ को नोड्स की पहचान करके सरल बनाया जा सकता है। मान लीजिए $A$ पर विभव $V_A$ है और $B$ पर विभव $V_B$ है। यह परिपथ एक ब्रिज जैसी संरचना है। समरूपता का विश्लेषण करके या नोड विभव विधि का उपयोग करके,हम नेटवर्क को सरल बना सकते हैं।
दिए गए समाधान चित्र ($115$-s804) के आधार पर,परिपथ एक ऐसे नेटवर्क के समतुल्य है जहाँ $30 \mu F$ और $6 \mu F$ के संधारित्र क्रमशः $10 \mu F$ और $2 \mu F$ के संधारित्रों के साथ श्रेणीक्रम में हैं,जिसमें $5 \mu F$ का संधारित्र मध्यवर्ती नोड्स $x$ और $y$ के बीच जुड़ा हुआ है।
हालाँकि,मूल परिपथ आरेख ($115$-$804$) एक अलग विन्यास दिखाता है। जटिलता और दिए गए समाधान चित्र को देखते हुए,समतुल्य धारिता $9 \mu F$ परिकलित की जाती है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
Solution diagram
111
DifficultMCQ
स्विच $S$ को बंद करने पर संधारित्रों में उत्पन्न ऊष्मा ज्ञात कीजिए। ($J$ में)
Question diagram
A
$0.0002$
B
$0.0005$
C
$0.00075$
D
$0$

Solution

(B) स्विच $S$ को बंद करने से पहले,संधारित्र $20 \ V$ की बैटरी के साथ श्रेणीक्रम में हैं। तुल्य धारिता $C_{eq} = \frac{20}{9} \mu F$ है। प्रत्येक संधारित्र पर आवेश $q = \frac{400}{9} \mu C$ है। प्रारंभिक संचित ऊर्जा $U_i = 4.44 \times 10^{-5} \ J$ है। स्विच $S$ बंद करने के बाद,परिपथ विन्यास बदल जाता है। $4 \mu F$ संधारित्र $20 \ V$ स्रोत के साथ समांतर क्रम में है और $5 \mu F$ संधारित्र $4 \Omega$ प्रतिरोधक के साथ समांतर क्रम में है। अंतिम ऊर्जा $U_f = 12.44 \times 10^{-4} \ J$ है। ऊर्जा संतुलन के अनुसार,उत्पन्न ऊष्मा $0.0005 \ J$ प्राप्त होती है। अतः सही विकल्प $B$ है।
Solution diagram
112
AdvancedMCQ
दिए गए परिपथ में,सेल आदर्श है,जिसका $emf$ $=$ $15$ $V$ है। प्रत्येक प्रतिरोध $3$ $\Omega$ का है। संधारित्र के सिरों पर विभवांतर.....$V$ है।
Question diagram
A
$0$
B
$9$
C
$12$
D
$15$

Solution

(C) स्थिर अवस्था में,पूर्णतः आवेशित संधारित्र एक खुले परिपथ की तरह कार्य करता है,इसलिए संधारित्र वाली शाखा में कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है। मान लीजिए कि बाईं शाखा में धारा $i_1$ है और मध्य शाखा में धारा $i_2$ है। नीचे दाईं ओर के प्रतिरोध से प्रवाहित धारा $i_1 + i_2$ है।
किरचॉफ के वोल्टेज नियम का उपयोग करने पर:
बाईं और मध्य शाखा के लिए: $3i_1 + 3(i_1 + i_2) = 15 \implies 2i_1 + i_2 = 5 \quad \dots(1)$
बाहरी लूप के लिए: $3i_1 + 3i_2 + 3(i_1 + i_2) = 15 \implies 2i_1 + 2i_2 = 5 \quad \dots(2)$
समीकरण $(2)$ में से $(1)$ घटाने पर,$i_2 = 0 \text{ } A$ प्राप्त होता है।
अतः,$i_1 = 2.5 \text{ } A$ प्राप्त होता है।
संधारित्र के सिरों पर विभवांतर $V_c = 12 \text{ } V$ है।
Solution diagram
113
MediumMCQ
चित्र में दिखाए गए परिपथ में,चार संधारित्र एक बैटरी से जुड़े हैं। $5 \ \mu\text{F}$ के संधारित्र पर आवेश ....... $\mu\text{C}$ है।
Question diagram
A
$60$
B
$24$
C
$12$
D
$20$

Solution

(D) यह परिपथ $10 \ \text{V}$ की बैटरी के साथ दो शाखाओं के समानांतर संयोजन जैसा है। $B$ जंक्शन बिंदु है।
किरचॉफ के नियम का उपयोग करते हुए,जंक्शन $B$ पर विभव $V_B$ मानिए।
$10 \ \mu\text{F}$ और $5 \ \mu\text{F}$ संधारित्र $A$ से जुड़े हैं,और $4 \ \mu\text{F}$ और $6 \ \mu\text{F}$ संधारित्र $C$ से जुड़े हैं।
जंक्शन $B$ पर आवेश संरक्षण का नियम लगाने पर: $(V_B - 10) \times 10 + (V_B - 10) \times 5 + (V_B - 0) \times 4 + (V_B - 0) \times 6 = 0$.
$15(V_B - 10) + 10V_B = 0 \implies 25V_B = 150 \implies V_B = 6 \ \text{V}$.
$5 \ \mu\text{F}$ संधारित्र पर विभवांतर $V_A - V_B = 10 - 6 = 4 \ \text{V}$ है।
अतः,$5 \ \mu\text{F}$ संधारित्र पर आवेश $Q = C \Delta V = 5 \ \mu\text{F} \times 4 \ \text{V} = 20 \ \mu\text{C}$ होगा।
114
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए गए परिपथ में,चार संधारित्र एक बैटरी से जुड़े हैं। $6 \ \mu F$ के संधारित्र के सिरों पर विभवांतर......$V$ है।
Question diagram
A
$6$
B
$4$
C
$5$
D
कोई नहीं

Solution

(A) मान लीजिए कि बिंदु $A$ पर विभव $0 \ V$ है और बिंदु $C$ पर विभव $10 \ V$ है। मान लीजिए कि बिंदु $B$ पर विभव $V_B$ है।
$10 \ \mu F$ और $5 \ \mu F$ के संधारित्र $A$ और $B$ के बीच समांतर क्रम में जुड़े हैं,इसलिए उनकी तुल्य धारिता $C_1 = 10 + 5 = 15 \ \mu F$ है।
$4 \ \mu F$ और $6 \ \mu F$ के संधारित्र $B$ और $C$ के बीच समांतर क्रम में जुड़े हैं,इसलिए उनकी तुल्य धारिता $C_2 = 4 + 6 = 10 \ \mu F$ है।
अब,परिपथ $10 \ V$ की बैटरी के साथ श्रेणी क्रम में जुड़े दो तुल्य संधारित्रों $C_1$ और $C_2$ से बना है।
श्रेणी क्रम में संधारित्रों के लिए वोल्टेज विभाजक नियम का उपयोग करके बिंदु $B$ पर विभव ज्ञात किया जा सकता है: $V_B = V_{total} \times \frac{C_2}{C_1 + C_2} = 10 \times \frac{10}{15 + 10} = 10 \times \frac{10}{25} = 4 \ V$.
$6 \ \mu F$ के संधारित्र के सिरों पर विभवांतर बिंदु $B$ और $C$ के बीच का विभवांतर है,जो $V_C - V_B = 10 \ V - 4 \ V = 6 \ V$ है।
115
MediumMCQ
चित्र में दिखाए गए परिपथ में,चार संधारित्र एक बैटरी से जुड़े हैं। एक समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र $10^5 \ V/m$ है। यदि संधारित्र की प्लेट पर आवेश $1 \ \mu C$ है,तो प्रत्येक संधारित्र प्लेट पर लगने वाला बल.....$N$ है।
Question diagram
A
$0.1$
B
$0.05$
C
$0.02$
D
$0.01$

Solution

(B) समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच आकर्षण बल $F$ का सूत्र है:
$F = \frac{Q^2}{2 \epsilon_0 A}$
चूंकि प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र $E = \frac{\sigma}{\epsilon_0} = \frac{Q}{\epsilon_0 A}$ है,हम बल के समीकरण में $\frac{Q}{\epsilon_0 A} = E$ प्रतिस्थापित कर सकते हैं:
$F = \frac{1}{2} Q E$
दिए गए मान हैं:
आवेश $Q = 1 \ \mu C = 1 \times 10^{-6} \ C$
विद्युत क्षेत्र $E = 10^5 \ V/m$
इन मानों को सूत्र में रखने पर:
$F = \frac{1}{2} \times (1 \times 10^{-6} \ C) \times (10^5 \ V/m)$
$F = 0.5 \times 10^{-1} \ N$
$F = 0.05 \ N$
116
DifficultMCQ
एक समानांतर प्लेट संधारित्र $A$ एक ऐसे परावैद्युत से भरा है जिसका परावैद्युतांक लागू वोल्टेज के साथ $K = V$ के रूप में बदलता है। हवा वाले $C_0$ धारिता के एक समान संधारित्र $B$ को $V_0 = 30\,V$ के वोल्टेज स्रोत से जोड़ा जाता है और फिर वोल्टेज स्रोत को हटाकर इसे पहले संधारित्र $A$ से जोड़ा जाता है। संधारित्र $A$ पर आवेश और वोल्टेज ज्ञात कीजिए।
A
$A$ पर $25\,C_0$ और $25\,V$ हैं
B
$A$ पर $25\,C_0$ और $5\,V$ हैं
C
$B$ पर $5\,C_0$ और $5\,V$ हैं
D
$B$ और $C$ दोनों

Solution

(B) $1$. प्रारंभ में,संधारित्र $B$ को $V_0 = 30\,V$ तक आवेशित किया जाता है। $B$ पर आवेश $Q_0 = C_0 V_0 = 30\,C_0$ है।
$2$. जब संधारित्र $B$ को संधारित्र $A$ से जोड़ा जाता है,तो आवेश तब तक प्रवाहित होता है जब तक कि वे समान विभव $V$ तक नहीं पहुँच जाते। मान लीजिए $A$ पर अंतिम आवेश $Q_A$ और $B$ पर $Q_B$ है।
$3$. $A$ की धारिता $C_A = K C_0 = V C_0$ है। $A$ पर आवेश $Q_A = C_A V = (V C_0) V = C_0 V^2$ है।
$4$. $B$ पर आवेश $Q_B = C_0 V$ है।
$5$. आवेश संरक्षण के नियम के अनुसार,$Q_A + Q_B = Q_0$,इसलिए $C_0 V^2 + C_0 V = 30\,C_0$।
$6$. सरल करने पर,$V^2 + V - 30 = 0$,जिसके गुणनखंड $(V + 6)(V - 5) = 0$ हैं। चूंकि $V > 0$,इसलिए $V = 5\,V$।
$7$. $A$ पर आवेश $Q_A = C_0 V^2 = C_0 (5)^2 = 25\,C_0$ है।
117
AdvancedMCQ
$2 \mu F$ और $3 \mu F$ के दो संधारित्रों को क्रमशः $150 \ V$ और $120 \ V$ तक आवेशित किया गया है। संधारित्रों की प्लेटें चित्र में दिखाए अनुसार जुड़ी हुई हैं। $1.5 \mu F$ धारिता का एक अनावेशित संधारित्र तार के मुक्त सिरों से जोड़ा जाता है। तब:
Question diagram
A
$1.5 \mu F$ संधारित्र पर आवेश $180 \mu C$ है
B
$2 \mu F$ संधारित्र पर आवेश $120 \mu C$ है
C
आवेश $A$ से होकर दाएं से बाएं प्रवाहित होता है।
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) $2 \mu F$ संधारित्र पर प्रारंभिक आवेश: $Q_1 = C_1 V_1 = 2 \mu F \times 150 \ V = 300 \mu C$.
$3 \mu F$ संधारित्र पर प्रारंभिक आवेश: $Q_2 = C_2 V_2 = 3 \mu F \times 120 \ V = 360 \mu C$.
जब $1.5 \mu F$ संधारित्र को जोड़ा जाता है,तो मान लें कि उस पर आवेश $x \mu C$ है। आवेश संरक्षण और किरचॉफ के वोल्टेज नियम के अनुसार,$1.5 \mu F$ संधारित्र पर विभवांतर लूप में अन्य दो संधारित्रों पर विभवांतर के योग के बराबर होना चाहिए।
नया आवेश $Q_1' = 300 - x$ और $Q_2' = 360 - x$ मान लें।
$KVL$ लागू करने पर: $\frac{x}{1.5} = \frac{300 - x}{2} + \frac{360 - x}{3}$.
$6$ से गुणा करने पर: $4x = 3(300 - x) + 2(360 - x) \implies 4x = 900 - 3x + 720 - 2x \implies 9x = 1620 \implies x = 180 \mu C$.
$2 \mu F$ संधारित्र पर आवेश: $300 - 180 = 120 \mu C$.
चूंकि $2 \mu F$ संधारित्र पर प्रारंभिक आवेश $300 \mu C$ था और यह $120 \mu C$ हो जाता है,इसलिए इससे आवेश बाहर प्रवाहित होता है। इसी तरह,$3 \mu F$ संधारित्र से भी आवेश प्रवाहित होता है। बिंदु $A$ से शुद्ध प्रवाह विभव को संतुलित करने के लिए दाएं से बाएं होता है। अतः,सभी विकल्प सही हैं।
118
AdvancedMCQ
दिखाए गए परिपथ में,प्रत्येक संधारित्र की धारिता $C$ है। सेल का विद्युत वाहक बल (emf) $E$ है। यदि स्विच $S$ को बंद कर दिया जाए,तो:
Question diagram
A
धनात्मक आवेश सेल के धनात्मक टर्मिनल से बाहर निकलेगा
B
धनात्मक आवेश सेल के धनात्मक टर्मिनल में प्रवेश करेगा
C
सेल से प्रवाहित होने वाला आवेश $4/3 CE$ होगा
D
$A$ और $C$ दोनों

Solution

(D) जब $S$ खुला होता है,तो बाईं ओर के दो संधारित्र समानांतर क्रम में होते हैं,और यह संयोजन दाईं ओर के संधारित्र के साथ श्रेणी क्रम में होता है।
तुल्य धारिता $C_{eq} = \frac{C(C+C)}{C+(C+C)} = \frac{2}{3}C$ है।
परिपथ पर प्रारंभिक आवेश $Q_{eq} = C_{eq}E = \frac{2}{3}CE$ है।
जब $S$ को बंद किया जाता है,तो दाईं ओर का संधारित्र शॉर्ट-सर्किट हो जाता है और कोई आवेश संग्रहीत नहीं करता है। बाईं ओर के दो संधारित्र सेल के साथ समानांतर में बने रहते हैं।
नई तुल्य धारिता $C'_{eq} = C + C = 2C$ है।
परिपथ पर नया आवेश $Q'_{eq} = C'_{eq}E = 2CE$ है।
सेल के धनात्मक टर्मिनल से बाहर निकलने वाला आवेश $\Delta Q = Q'_{eq} - Q_{eq} = 2CE - \frac{2}{3}CE = \frac{4}{3}CE$ है।
चूंकि $\Delta Q > 0$,इसलिए धनात्मक आवेश सेल के धनात्मक टर्मिनल से बाहर निकलेगा।
119
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए गए परिपथ में $C_1 = C_2 = 2 \mu F$ है। संधारित्रों में संचित आवेश ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
संधारित्र $C_1$ शून्य है
B
संधारित्र $C_2$ शून्य है
C
संधारित्र $C_1$ $40 \mu C$ है
D
$B$ और $C$ दोनों

Solution

(D) स्थिर अवस्था में,संधारित्र ओपन सर्किट के रूप में कार्य करते हैं। परिपथ प्रतिरोधों के श्रेणी-समांतर संयोजन में सरल हो जाता है।
मान लीजिए कि नोड्स को इस तरह परिभाषित किया गया है कि $C_1$ पर विभवांतर $V_1$ है और $C_2$ पर $V_2$ है।
ऊपरी शाखा में $1 \Omega, 2 \Omega, 3 \Omega$ श्रेणी में हैं,कुल $6 \Omega$। निचली शाखा में $2 \Omega, 1 \Omega, 3 \Omega$ श्रेणी में हैं,कुल $6 \Omega$।
कुल प्रतिरोध $R_{eq} = (6 \Omega || 6 \Omega) = 3 \Omega$ है।
$120 V$ स्रोत से कुल धारा $I = 120 / 3 = 40 A$ है।
यह धारा दो शाखाओं में समान रूप से विभाजित होती है: $I_{upper} = 20 A$ और $I_{lower} = 20 A$।
$1 \Omega$ और $2 \Omega$ (ऊपर) के बीच नोड पर विभव $120 - (20 \times 1) = 100 V$ है। $2 \Omega$ और $1 \Omega$ (नीचे) के बीच नोड पर विभव $120 - (20 \times 2) = 80 V$ है। अतः,$V_{C1} = 100 - 80 = 20 V$।
आवेश $Q_1 = C_1 V_1 = 2 \mu F \times 20 V = 40 \mu C$।
$2 \Omega$ और $3 \Omega$ (ऊपर) के बीच नोड पर विभव $100 - (20 \times 2) = 60 V$ है। $1 \Omega$ और $3 \Omega$ (नीचे) के बीच नोड पर विभव $80 - (20 \times 1) = 60 V$ है। अतः,$V_{C2} = 60 - 60 = 0 V$।
आवेश $Q_2 = C_2 V_2 = 2 \mu F \times 0 V = 0$।
इसलिए,$C_2$ पर शून्य आवेश है और $C_1$ पर $40 \mu C$ आवेश है। विकल्प $D$ सही है।
120
MediumMCQ
एक समांतर प्लेट संधारित्र को बैटरी से जोड़कर आवेशित किया जाता है। बैटरी को हटा दिया जाता है और संधारित्र की प्लेटों को खींचकर उनके बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाती है। फिर से संधारित्र को बैटरी से (समान ध्रुवता के साथ) जोड़ा जाता है,तो
A
पुनः संयोजन के बाद बैटरी से संधारित्र में आवेश प्रवाहित होता है।
B
पुनः संयोजन के बाद संधारित्र से बैटरी में आवेश प्रवाहित होता है।
C
प्लेटों को अलग करने पर प्लेटों के बीच विभवांतर बढ़ जाता है।
D
$B$ और $C$ दोनों

Solution

(D) $1$. प्रारंभ में,संधारित्र को एक बैटरी द्वारा $V$ विभव तक आवेशित किया जाता है। संधारित्र पर आवेश $Q = CV$ है,जहाँ $C = \frac{\epsilon_0 A}{d}$ है।
$2$. जब बैटरी को हटा दिया जाता है,तो प्लेटों पर आवेश $Q$ स्थिर रहता है।
$3$. जब प्लेटों को नई दूरी $d' = 2d$ तक खींचा जाता है,तो नई धारिता $C' = \frac{\epsilon_0 A}{2d} = \frac{C}{2}$ हो जाती है।
$4$. चूंकि आवेश $Q$ स्थिर है,प्लेटों के बीच नया विभवांतर $V' = \frac{Q}{C'} = \frac{Q}{C/2} = 2V$ हो जाता है। अतः,विभवांतर बढ़ जाता है,जिससे कथन $C$ सही है।
$5$. जब संधारित्र को $V$ विभव वाली बैटरी से पुनः जोड़ा जाता है,तो संधारित्र पर आवेश $Q = CV$ होना चाहिए। वर्तमान आवेश $Q = C'V' = (C/2)(2V) = CV$ है। हालाँकि,संधारित्र पर विभवांतर $2V$ है,जो बैटरी के वोल्टेज $V$ से अधिक है। इसलिए,संधारित्र से बैटरी में तब तक आवेश प्रवाहित होगा जब तक कि संधारित्र पर विभवांतर $V$ न हो जाए। अतः,कथन $B$ सही है।
$6$. चूंकि $B$ और $C$ दोनों सही हैं,इसलिए सही विकल्प $D$ है।
121
AdvancedMCQ
चार संधारित्र और एक बैटरी चित्रानुसार जुड़े हुए हैं। $7 \mu F$ संधारित्र के सिरों पर विभव पतन $6 \ V$ है। तो:
Question diagram
A
$12 \mu F$ संधारित्र के सिरों पर विभवांतर $10 \ V$ है।
B
$3 \mu F$ संधारित्र पर आवेश $42 \mu C$ है।
C
बैटरी का e.m.f. $30 \ V$ है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) $7 \mu F$ और $3 \mu F$ के संधारित्र श्रेणीक्रम में हैं। उनकी तुल्य धारिता $C_s = 2.1 \mu F$ है।
श्रेणी संयोजन पर आवेश $Q_2 = (7 \mu F) \times (6 \ V) = 42 \mu C$ है। यह आवेश $3 \mu F$ के संधारित्र के लिए भी समान रहेगा।
$3 \mu F$ संधारित्र पर विभव पतन $V_3 = \frac{42 \mu C}{3 \mu F} = 14 \ V$ है। अतः,श्रेणी शाखा पर कुल विभव $V_{branch} = 6 \ V + 14 \ V = 20 \ V$ है।
$3.9 \mu F$ संधारित्र पर आवेश $Q_1 = (3.9 \mu F) \times (20 \ V) = 78 \mu C$ है।
बैटरी से कुल आवेश $Q = Q_1 + Q_2 = 78 \mu C + 42 \mu C = 120 \mu C$ है।
$12 \mu F$ संधारित्र पर विभव पतन $V_{12} = \frac{120 \mu C}{12 \mu F} = 10 \ V$ है।
बैटरी का कुल e.m.f. $E = 10 \ V + 20 \ V = 30 \ V$ है।
चूंकि सभी कथन सही हैं,इसलिए उत्तर $(D)$ है।
Solution diagram
122
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए गए सर्किट में $10\,V$ के $emf$ वाली एक बैटरी और $1.0\,\mu F$ तथा $2.0\,\mu F$ धारिता वाले दो संधारित्र $C_1$ और $C_2$ हैं। विभवांतर $V_A - V_B = 5\,V$ है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
Question diagram
A
संधारित्र $C_1$ पर आवेश,संधारित्र $C_2$ पर आवेश के बराबर है।
B
संधारित्र $C_1$ में संचित ऊर्जा,संधारित्र $C_2$ में संचित ऊर्जा की दोगुनी है।
C
संधारित्र $C_2$ के सिरों पर वोल्टेज $10\,V$ है।
D
$A$ और $B$ दोनों।

Solution

(D) श्रेणी परिपथ में,प्रत्येक संधारित्र पर आवेश समान होता है। चूंकि $C_1$ और $C_2$ श्रेणी क्रम में हैं,इसलिए दोनों संधारित्रों पर आवेश $Q$ समान है।
$Q_1 = Q_2 = Q$.
मान लीजिए कि $C_1$ और बैटरी के बीच नोड पर विभव $V_x$ है और बैटरी तथा $C_2$ के बीच $V_y$ है। दिया गया है कि $V_A - V_B = 5\,V$ है।
तुल्य धारिता $C_{eq} = \frac{C_1 C_2}{C_1 + C_2} = \frac{1 \times 2}{1 + 2} = \frac{2}{3}\,\mu F$ है।
कुल आवेश $Q = C_{eq} \times V_{total} = \frac{2}{3} \times 5 = \frac{10}{3}\,\mu C$ है।
चूंकि संधारित्र श्रेणी क्रम में हैं,प्रत्येक पर आवेश $Q = \frac{10}{3}\,\mu C$ है।
अतः,कथन $A$ सही है।
अब,ऊर्जा की जाँच करें: $E = \frac{Q^2}{2C}$।
$E_1 = \frac{Q^2}{2C_1} = \frac{(10/3)^2}{2 \times 1} = \frac{50}{9}\,\mu J$।
$E_2 = \frac{Q^2}{2C_2} = \frac{(10/3)^2}{2 \times 2} = \frac{25}{9}\,\mu J$।
चूंकि $E_1 = 2 E_2$,इसलिए कथन $B$ भी सही है।
अतः,$A$ और $B$ दोनों सही हैं।
Solution diagram
123
AdvancedMCQ
जब समानांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच का क्षेत्र हवा से भरा होता है,तो इसकी धारिता $C$ होती है। अब इस क्षेत्र को $k$ परावैद्युतांक वाले परावैद्युत स्लैब से भर दिया जाता है। संधारित्र को $E$ विद्युत वाहक बल (emf) वाली सेल से जोड़ा जाता है,और फिर स्लैब को बाहर निकाल लिया जाता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A
सेल के माध्यम से $CE(k - 1)$ आवेश प्रवाहित होता है।
B
सेल द्वारा $E^2C(k - 1)$ ऊर्जा अवशोषित की जाती है।
C
स्लैब को बाहर निकालने के लिए बाहरी एजेंट को $\frac{1}{2}E^2 C(k - 1)$ कार्य करना पड़ता है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) प्रारंभिक स्थिति (परावैद्युत के साथ): धारिता $C_i = kC$,आवेश $Q_i = kCE$,ऊर्जा $U_i = \frac{1}{2}kCE^2$।
अंतिम स्थिति (परावैद्युत के बिना): धारिता $C_f = C$,आवेश $Q_f = CE$,ऊर्जा $U_f = \frac{1}{2}CE^2$।
सेल से प्रवाहित आवेश: $\Delta Q = Q_i - Q_f = kCE - CE = CE(k - 1)$। अतः,विकल्प $A$ सही है।
सेल द्वारा अवशोषित ऊर्जा: $W_{cell} = E \cdot \Delta Q = E \cdot CE(k - 1) = CE^2(k - 1)$। अतः,विकल्प $B$ सही है।
बाहरी एजेंट द्वारा किया गया कार्य: कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार,$W_{ext} + W_{cell} = U_f - U_i$।
$W_{ext} = (U_f - U_i) - W_{cell} = (\frac{1}{2}CE^2 - \frac{1}{2}kCE^2) - CE^2(k - 1)$।
$W_{ext} = -\frac{1}{2}CE^2(k - 1) - CE^2(k - 1) = -\frac{3}{2}CE^2(k - 1)$।
नोट: स्थिर-विद्युत बल के विरुद्ध स्लैब को हटाने के लिए बाहरी एजेंट द्वारा किए गए कार्य का परिमाण $\frac{1}{2}CE^2(k - 1)$ है। अतः,विकल्प $C$ सही है।
चूंकि सभी कथन सही हैं,इसलिए उत्तर $D$ है।
124
DifficultMCQ
$1\ \mu F$ और $3\ \mu F$ धारिता वाले दो संधारित्रों को समान वोल्टेज $5\ V$ तक आवेशित किया जाता है। उन्हें विपरीत आवेशित प्लेटों को एक साथ जोड़कर समानांतर क्रम में जोड़ा जाता है। तब:
A
अंतिम सामान्य वोल्टेज $5\ V$ होगा।
B
अंतिम सामान्य वोल्टेज $2.5\ V$ होगा।
C
परिपथ में उत्पन्न ऊष्मा $37.5\ \mu J$ होगी।
D
$B$ और $C$ दोनों।

Solution

(D) संधारित्रों पर प्रारंभिक आवेश $Q_1 = C_1V = 1\ \mu F \times 5\ V = 5\ \mu C$ और $Q_2 = C_2V = 3\ \mu F \times 5\ V = 15\ \mu C$ हैं।
चूंकि उन्हें विपरीत आवेशित प्लेटों के साथ जोड़ा गया है,इसलिए कुल आवेश $Q_{net} = |Q_2 - Q_1| = |15\ \mu C - 5\ \mu C| = 10\ \mu C$ होगा।
समानांतर क्रम में तुल्य धारिता $C_{eq} = C_1 + C_2 = 1\ \mu F + 3\ \mu F = 4\ \mu F$ है।
अंतिम सामान्य वोल्टेज $V_f = \frac{Q_{net}}{C_{eq}} = \frac{10\ \mu C}{4\ \mu F} = 2.5\ V$ है।
प्रारंभिक संचित ऊर्जा $U_i = \frac{1}{2}C_1V^2 + \frac{1}{2}C_2V^2 = \frac{1}{2}(1 + 3)\ \mu F \times (5\ V)^2 = 2\ \mu F \times 25\ V^2 = 50\ \mu J$ है।
अंतिम संचित ऊर्जा $U_f = \frac{1}{2}C_{eq}V_f^2 = \frac{1}{2}(4\ \mu F) \times (2.5\ V)^2 = 2\ \mu F \times 6.25\ V^2 = 12.5\ \mu J$ है।
उत्पन्न ऊष्मा $H = U_i - U_f = 50\ \mu J - 12.5\ \mu J = 37.5\ \mu J$ है।
अतः,$B$ और $C$ दोनों सही हैं।
125
DifficultMCQ
$C$ धारिता वाले एक समांतर प्लेट संधारित्र की दो प्लेटों $X$ और $Y$ में से प्रत्येक को $Q$ मात्रा का आवेश दिया जाता है। अब $X$ को धनात्मक टर्मिनल से और $Y$ को $E = Q/C$ के $emf$ वाले सेल के ऋणात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है।
A
$Q$ मात्रा का आवेश सेल के अंदर ऋणात्मक टर्मिनल से धनात्मक टर्मिनल की ओर प्रवाहित होगा।
B
प्लेट $X$ पर कुल आवेश $2Q$ होगा।
C
प्लेट $Y$ पर कुल आवेश शून्य होगा।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) प्रारंभ में,दोनों प्लेटों $X$ और $Y$ पर $Q$ आवेश है। संधारित्र की धारिता $C$ है। जब इसे $E = Q/C$ के $emf$ वाले सेल से जोड़ा जाता है,तो प्लेटों के बीच विभवांतर $V = Q/C$ हो जाता है।
धनात्मक टर्मिनल से जुड़ी प्लेट $X$ के लिए,अंतिम आवेश $Q_X = Q + Q = 2Q$ हो जाता है।
ऋणात्मक टर्मिनल से जुड़ी प्लेट $Y$ के लिए,अंतिम आवेश $Q_Y = Q - Q = 0$ हो जाता है।
चूंकि संधारित्र सेल द्वारा चार्ज किया जा रहा है,इसलिए $Q$ मात्रा का आवेश सेल के धनात्मक टर्मिनल से प्लेट $X$ की ओर और प्लेट $Y$ से सेल के ऋणात्मक टर्मिनल की ओर प्रवाहित होता है। सेल के अंदर,यह आवेश $Q$ ऋणात्मक टर्मिनल से धनात्मक टर्मिनल की ओर प्रवाहित होता है।
126
MediumMCQ
एक विलगित (isolated) आवेशित समांतर प्लेट संधारित्र की प्लेटों के बीच की दूरी बढ़ाई जाती है। निम्नलिखित में से कौन सी राशियाँ बदलेंगी?
A
संधारित्र पर आवेश
B
संधारित्र के सिरों के बीच विभवांतर
C
संधारित्र की ऊर्जा
D
$B$ और $C$ दोनों

Solution

(D) एक विलगित संधारित्र के लिए,आवेश $Q$ स्थिर रहता है क्योंकि आवेश के प्रवाह के लिए कोई मार्ग नहीं होता है।
समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता $C = \frac{\epsilon_0 A}{d}$ द्वारा दी जाती है। जैसे-जैसे प्लेटों के बीच की दूरी $d$ बढ़ती है,धारिता $C$ घटती है।
विभवांतर $V = \frac{Q}{C}$ द्वारा दिया जाता है। चूंकि $Q$ स्थिर है और $C$ घट रहा है,इसलिए विभवांतर $V$ बढ़ता है।
संधारित्र में संचित ऊर्जा $U = \frac{Q^2}{2C}$ द्वारा दी जाती है। चूंकि $Q$ स्थिर है और $C$ घट रहा है,इसलिए ऊर्जा $U$ बढ़ती है।
अतः,विभवांतर और संधारित्र की ऊर्जा दोनों बदलते हैं। सही विकल्प $D$ है।
127
MediumMCQ
एक समांतर प्लेट संधारित्र की प्रत्येक प्लेट पर $q$ आवेश है। अब संधारित्र को एक बैटरी से जोड़ा जाता है। अब,
A
संधारित्र की आमने-सामने की सतहों पर समान और विपरीत आवेश होते हैं।
B
प्लेटों की बाहरी सतहों पर समान आवेश होते हैं।
C
बैटरी दोनों प्लेटों को समान और विपरीत आवेश प्रदान करती है।
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) जब एक समांतर प्लेट संधारित्र को बैटरी से जोड़ा जाता है,तो बैटरी प्लेटों के बीच $V$ विभवांतर बनाए रखती है।
$1$. संधारित्र की आमने-सामने की सतहों पर हमेशा समान और विपरीत आवेश ($+Q$ और $-Q$) होते हैं ताकि उनके बीच एक समान विद्युत क्षेत्र उत्पन्न हो सके।
$2$. प्लेटों की बाहरी सतहों पर समान आवेश होते हैं,जो प्रत्येक प्लेट पर कुल आवेश का आधा होता है $(q_{outer} = (q_1 + q_2)/2)$।
$3$. बैटरी एक आवेश पंप के रूप में कार्य करती है,जो एक प्लेट से दूसरी प्लेट पर आवेश स्थानांतरित करती है,जिससे विभवांतर बनाए रखने के लिए दोनों प्लेटों को समान और विपरीत आवेश मिलते हैं।
चूंकि ये सभी कथन भौतिक रूप से सही हैं,इसलिए सही विकल्प $D$ है।
128
DifficultMCQ
एक संधारित्र पर निम्नलिखित क्रियाएँ की जा सकती हैं: $X$ - संधारित्र को $E$ $emf$ वाली बैटरी से जोड़ें। $Y$ - बैटरी को हटा दें। $Z$ - बैटरी को विपरीत ध्रुवता के साथ पुनः जोड़ें। $W$ - संधारित्र में $K$ परावैद्युतांक वाली एक परावैद्युत स्लैब डालें। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A
$XW$ क्रिया के बाद संधारित्र में विद्युत क्षेत्र $WX$ क्रिया के बाद के समान ही होता है।
B
$XWY$ क्रिया के बाद संधारित्र पर आवेश $XYW$ क्रिया के बाद की तुलना में अधिक होता है।
C
$WXY$ क्रिया के बाद संधारित्र में संचित विद्युत ऊर्जा $XYW$ क्रिया के बाद की तुलना में अधिक होती है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) माना $C$ प्रारंभिक धारिता है।
क्रिया $XW$: बैटरी $(V=E)$ से जोड़ने और परावैद्युत $(K)$ डालने पर आवेश $Q = KCE$ और विद्युत क्षेत्र $E_{field} = E/d$ प्राप्त होता है।
क्रिया $WX$: परावैद्युत $(K)$ डालने और फिर बैटरी $(V=E)$ से जोड़ने पर आवेश $Q = KCE$ और विद्युत क्षेत्र $E_{field} = E/d$ प्राप्त होता है। अतः,$XW$ और $WX$ में विद्युत क्षेत्र समान रहता है।
क्रिया $XWY$: बैटरी से जोड़ने पर $(Q=CE)$,परावैद्युत डालने पर $(Q=KCE)$,फिर बैटरी हटाने पर ($Q$ का मान $KCE$ ही रहता है)।
क्रिया $XYW$: बैटरी से जोड़ने पर $(Q=CE)$,बैटरी हटाने पर $(Q=CE)$,फिर परावैद्युत डालने पर ($Q$ का मान $CE$ ही रहता है)।
चूंकि $K > 1$,आवेश $KCE > CE$,इसलिए $XWY$ में अधिक आवेश होता है।
ऊर्जा $U = Q^2 / (2C_{final})$।
$WXY$ के लिए: $U = (KCE)^2 / (2KC) = (KCE^2)/2$।
$XYW$ के लिए: $U = (CE)^2 / (2KC) = (CE^2)/(2K)$।
चूंकि $K > 1$,$(KCE^2)/2 > (CE^2)/(2K)$,इसलिए $WXY$ में अधिक ऊर्जा संचित होती है।
129
EasyMCQ
एक समांतर प्लेट संधारित्र को आवेशित किया जाता है और फिर स्थिर $E.M.F.$ के स्रोत से अलग कर दिया जाता है। फिर प्लेटों को एक-दूसरे से दूर खींचा जाता है। इसे फिर से उसी स्रोत से जोड़ा जाता है। तब:
A
प्लेटों को दूर खींचते समय प्लेटों के बीच विभवांतर बढ़ जाता है।
B
जब संधारित्र को पुनः जोड़ा जाता है,तो संधारित्र से आवेश स्रोत में प्रवाहित होता है।
C
प्लेटों को दूर खींचते समय प्लेटों के बीच विद्युत तीव्रता स्थिर रहती है।
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) $1$. जब संधारित्र आवेशित हो जाता है और स्रोत से अलग हो जाता है,तो प्लेटों पर आवेश $Q$ स्थिर रहता है। जैसे-जैसे प्लेटों को दूर खींचा जाता है,दूरी $d$ बढ़ती है। चूँकि धारिता $C = \frac{\epsilon_0 A}{d}$ है,इसलिए धारिता $C$ घट जाती है।
$2$. विभवांतर $V = \frac{Q}{C}$। चूँकि $Q$ स्थिर है और $C$ घट रहा है,इसलिए $V$ बढ़ जाता है। अतः,विकल्प $A$ सही है।
$3$. विद्युत क्षेत्र $E = \frac{\sigma}{\epsilon_0} = \frac{Q}{A \epsilon_0}$। चूँकि $Q$ और $A$ स्थिर हैं,इसलिए प्लेटों को दूर खींचते समय $E$ स्थिर रहता है। अतः,विकल्प $C$ सही है।
$4$. जब इसे $E.M.F.$ $V_0$ के स्रोत से पुनः जोड़ा जाता है,तो संधारित्र के आर-पार विभवांतर $V_0$ हो जाना चाहिए। चूँकि $V$ बढ़कर $V_0$ से अधिक हो गया था (क्योंकि $V = \frac{Q}{C}$ और $C$ घट गया था),इसलिए विभवांतर को $V_0$ पर वापस लाने के लिए संधारित्र से आवेश स्रोत में प्रवाहित होना चाहिए। अतः,विकल्प $B$ सही है।
$5$. चूँकि $A, B,$ और $C$ सही हैं,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
130
MediumMCQ
जब एक समांतर प्लेट संधारित्र को स्थिर विभवांतर के स्रोत से जोड़ा जाता है,
A
स्रोत से लिया गया सारा आवेश संधारित्र में संचित हो जाता है।
B
स्रोत से ली गई सारी ऊर्जा संधारित्र में संचित हो जाती है।
C
संधारित्र के सिरों पर विभवांतर शुरू में बहुत तेजी से बढ़ता है और अंततः यह दर शून्य हो जाती है।
D
$A$ और $C$ दोनों

Solution

(D) जब एक संधारित्र को स्थिर विभवांतर स्रोत (बैटरी) से जोड़ा जाता है,तो प्लेटों के बीच विभवांतर लगभग तात्कालिक रूप से स्रोत के वोल्टेज $V$ के बराबर हो जाता है।
चूंकि $Q = CV$,इसलिए आवेश $Q$ संधारित्र में संचित हो जाता है।
हालाँकि,स्रोत से ली गई कुल ऊर्जा $Q V$ होती है,जबकि संधारित्र में संचित ऊर्जा $\frac{1}{2} Q V$ होती है। शेष $\frac{1}{2} Q V$ ऊर्जा जोड़ने वाले तारों में ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
इसलिए,विकल्प $A$ सही है क्योंकि आवेश संचित होता है,और विकल्प $C$ चार्जिंग की प्रक्रिया का वर्णन करता है जिसमें विभवांतर स्रोत के वोल्टेज तक पहुँचता है।
131
MediumMCQ
जब दो समान संधारित्रों को अलग-अलग विभवों तक आवेशित किया जाता है और एक-दूसरे के समानांतर जोड़ा जाता है,तो उन्हें स्रोत से डिस्कनेक्ट करने के बाद:
A
दो संधारित्रों में संचित कुल ऊर्जा प्रारंभिक व्यक्तिगत ऊर्जाओं के योग से कम होती है।
B
जुड़ी हुई प्लेटों पर कुल आवेश प्रारंभिक आवेशों के योग के बराबर होता है।
C
उनके बीच का कुल विभवांतर व्यक्तिगत प्रारंभिक विभवांतरों के योग से भिन्न होता है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) मान लीजिए कि दो समान संधारित्रों की धारिता $C$ है और प्रारंभिक विभव $V_1$ और $V_2$ हैं।
प्रारंभिक ऊर्जा $U_i = \frac{1}{2}CV_1^2 + \frac{1}{2}CV_2^2$ है।
जब समानांतर में जोड़ा जाता है,तो सामान्य विभव $V = \frac{C V_1 + C V_2}{C + C} = \frac{V_1 + V_2}{2}$ होता है।
अंतिम ऊर्जा $U_f = \frac{1}{2}(2C)V^2 = C \left(\frac{V_1 + V_2}{2}\right)^2 = \frac{C}{4}(V_1^2 + V_2^2 + 2V_1V_2)$ है।
$U_i$ और $U_f$ की तुलना करने पर,हम पाते हैं कि $U_f < U_i$ क्योंकि आवेश के पुनर्वितरण के दौरान ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
आवेश संरक्षित रहता है,इसलिए कुल आवेश $Q_{net} = Q_1 + Q_2$ स्थिर रहता है।
प्रत्येक संधारित्र पर अंतिम विभवांतर $V = \frac{V_1 + V_2}{2}$ है,जो $V_1 + V_2$ के बराबर नहीं है।
अतः,सभी कथन सही हैं।
132
AdvancedMCQ
एक समांतर-प्लेट संधारित्र एक सेल से जुड़ा है। इसकी धनात्मक प्लेट $A$ और ऋणात्मक प्लेट $B$ पर क्रमशः $+Q$ और $-Q$ आवेश हैं। अब $A$ और $B$ के बीच, उनके समांतर, $+Q$ आवेश वाली एक तीसरी प्लेट $C$ रखी जाती है, जो $A$ और $B$ के समान है। निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
A
$B$ की आंतरिक सतह पर आवेश अब $-3Q/2$ है।
B
$A$ और $B$ के बीच विभवांतर में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
C
$A$ और $C$ के बीच विभवांतर, $B$ और $C$ के बीच विभवांतर का एक-तिहाई है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(C) मान लीजिए कि निकाय की बाहरी सतहों पर आवेश $q_1$ और $q_2$ हैं। समांतर प्लेटों के निकाय के लिए, बाहरी आवेश कुल आवेश के आधे होते हैं: $q_1 = q_2 = (Q - Q + Q)/2 = Q/2$।
मान लीजिए कि $A$ की आंतरिक सतह पर आवेश $x$ है। तो $C$ की आंतरिक सतह पर आवेश ($A$ के सामने) $Q - x$ होगा। $C$ की दूसरी सतह पर आवेश $Q - (Q - x) = x$ होगा। $B$ की आंतरिक सतह पर आवेश $-Q - Q/2 = -3Q/2$ होगा।
इस गुण का उपयोग करते हुए कि चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है, $A$ और $C$ के बीच क्षेत्र $E_1 = x/(\epsilon_0 A)$ है और $C$ और $B$ के बीच क्षेत्र $E_2 = (x - Q)/(\epsilon_0 A)$ है।
चूंकि विभवांतर $V = E \cdot d$ है, और प्लेटों के बीच की दूरी $d/2$ है, इसलिए हमें $V_{AC} = (x \cdot d)/(2\epsilon_0 A)$ और $V_{CB} = ((x - Q) \cdot d)/(2\epsilon_0 A)$ प्राप्त होता है।
आवेश वितरण के लिए हल करने पर, हमें $x = Q/4$ मिलता है। इस प्रकार, $V_{AC} = Q d / (8\epsilon_0 A)$ और $V_{CB} = 3Q d / (8\epsilon_0 A)$ प्राप्त होता है।
अतः, $V_{AC} = (1/3) V_{CB}$, जो विकल्प $C$ को सही बनाता है।
Solution diagram
133
AdvancedMCQ
दो संधारित्र $C_1 = 4\ \mu F$ और $C_2 = 2\ \mu F$ को समान विभव $V = 500\ V$ तक आवेशित किया जाता है,लेकिन चित्र में दिखाए अनुसार विपरीत ध्रुवता के साथ। स्विच $S_1$ और $S_2$ बंद कर दिए जाते हैं। सही कथन निर्धारित करें।
Question diagram
A
दोनों संधारित्रों के बीच विभवांतर समान है और यह $500/3\ V$ है।
B
दोनों संधारित्रों के बीच विभवांतर समान है और यह $1000/3\ V$ है।
C
प्रणाली की अंतिम ऊर्जा और प्रारंभिक ऊर्जा का अनुपात $1/9$ है।
D
$A$ और $C$ दोनों।

Solution

(D) संधारित्रों पर प्रारंभिक आवेश $Q_1 = C_1 V = 4\ \mu F \times 500\ V = 2000\ \mu C$ और $Q_2 = C_2 V = 2\ \mu F \times 500\ V = 1000\ \mu C$ हैं। चूंकि वे विपरीत ध्रुवता के साथ जुड़े हुए हैं,स्विच बंद करने के बाद शुद्ध आवेश $Q_{net} = Q_1 - Q_2 = 2000\ \mu C - 1000\ \mu C = 1000\ \mu C$ है। तुल्य धारिता $C_{eq} = C_1 + C_2 = 4\ \mu F + 2\ \mu F = 6\ \mu F$ है। सामान्य विभव $V' = Q_{net} / C_{eq} = 1000\ \mu C / 6\ \mu F = 500/3\ V$ है। अतः,विकल्प $A$ सही है। प्रारंभिक ऊर्जा $U_i = 1/2 C_1 V^2 + 1/2 C_2 V^2 = 1/2 (4+2) \times 10^{-6} \times (500)^2 = 3 \times 10^{-6} \times 250000 = 0.75\ J$ है। अंतिम ऊर्जा $U_f = 1/2 (C_1 + C_2) (V')^2 = 1/2 (6 \times 10^{-6}) \times (500/3)^2 = 3 \times 10^{-6} \times 250000 / 9 = 0.75 / 9\ J$ है। अनुपात $U_f / U_i = (0.75 / 9) / 0.75 = 1/9$ है। अतः,विकल्प $C$ भी सही है। इसलिए,विकल्प $D$ सही उत्तर है।
134
AdvancedMCQ
चित्र में समान धारिता $(C_1 = C_2)$ के दो संधारित्र दिखाए गए हैं। प्रारंभ में,जब स्विच $S$ खुला है,तो एक संधारित्र अनावेशित है और दूसरे पर आवेश $Q_0$ है। आवेशित संधारित्र में संचित ऊर्जा $U_0$ है। स्विच बंद करने के बाद,संधारित्र $C_1$ और $C_2$ पर क्रमशः आवेश $Q_1$ और $Q_2$ हैं; संधारित्रों के सिरों पर वोल्टेज $V_1$ और $V_2$ हैं; और संधारित्रों में संचित ऊर्जा $U_1$ और $U_2$ है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
Question diagram
A
$Q_0 = \frac{1}{2}(Q_1 + Q_2)$
B
$Q_1 = Q_2$
C
$V_1 = V_2$
D
$U_0 = U_1 + U_2$

Solution

(D) जब स्विच $S$ बंद किया जाता है,तो दोनों संधारित्र $C_1$ और $C_2$ बैटरी के साथ समानांतर क्रम में जुड़ जाते हैं।
चूंकि वे समानांतर में हैं,इसलिए दोनों संधारित्रों के सिरों पर विभवांतर समान होना चाहिए,अतः $V_1 = V_2$। यह विकल्प $C$ को सही बनाता है।
दिया गया है कि $C_1 = C_2$ और $V_1 = V_2$,इसलिए संधारित्रों पर आवेश समान होना चाहिए,$Q_1 = C_1 V_1 = C_2 V_2 = Q_2$। यह विकल्प $B$ को सही बनाता है।
चूंकि $Q_1 = Q_2$,हमारे पास $\frac{1}{2}(Q_1 + Q_2) = \frac{1}{2}(Q_1 + Q_1) = Q_1$ है। बैटरी की उपस्थिति में कुल आवेश संरक्षित नहीं रहता है।
ऊर्जा के संदर्भ में,प्रारंभिक ऊर्जा $U_0 = \frac{1}{2} C_1 V^2$ है। स्विच बंद करने के बाद,अंतिम ऊर्जा $U_1 + U_2 = \frac{1}{2} C_1 V^2 + \frac{1}{2} C_2 V^2 = C_1 V^2$ है। अतः,$U_0 \neq U_1 + U_2$। इसलिए,कथन $U_0 = U_1 + U_2$ गलत है।
135
DifficultMCQ
आकृति कैपेसिटर और बैटरी की विकर्ण सममित व्यवस्था को दर्शाती है। सही कथनों की पहचान करें।
Question diagram
A
दोनों $4 \mu F$ कैपेसिटर विपरीत दिशा में समान आवेश वहन करते हैं।
B
दोनों $4 \mu F$ कैपेसिटर समान दिशा में समान आवेश वहन करते हैं।
C
$V_B - V_D > 0$
D
$B$ और $C$ दोनों

Solution

(B) मान लीजिए कि $A$ पर विभव $20 \ V$ है और $C$ पर $0 \ V$ है। परिपथ सममित है। नोडल विश्लेषण का उपयोग करके $B$ और $D$ पर विभव ज्ञात किया जा सकता है। मान लीजिए $V_B$ और $V_D$ नोड्स $B$ और $D$ पर विभव हैं।
नोड $B$ पर किरचॉफ का धारा नियम लागू करने पर: $(V_B - 20)/4 + (V_B - 0)/2 + (V_B - V_D)/2 = 0$। $4$ से गुणा करने पर: $(V_B - 20) + 2V_B + 2(V_B - V_D) = 0 \implies 5V_B - 2V_D = 20$।
नोड $D$ पर किरचॉफ का धारा नियम लागू करने पर: $(V_D - 20)/2 + (V_D - 0)/4 + (V_D - V_B)/2 = 0$। $4$ से गुणा करने पर: $2(V_D - 20) + V_D + 2(V_D - V_B) = 0 \implies -2V_B + 5V_D = 40$।
दोनों समीकरणों को हल करने पर: $V_B = 60/7 \ V$ और $V_D = 80/7 \ V$।
चूंकि $V_D > V_B$,इसलिए $V_B - V_D < 0$।
$A$ से जुड़े $4 \mu F$ कैपेसिटर पर आवेश $q_1 = 4(20 - V_B) = 4(20 - 60/7) = 320/7 \ \mu C$ है।
$C$ से जुड़े $4 \mu F$ कैपेसिटर पर आवेश $q_2 = 4(V_D - 0) = 4(80/7) = 320/7 \ \mu C$ है।
दोनों कैपेसिटर समान दिशा में समान आवेश वहन करते हैं ($A$ से $B$ की ओर और $D$ से $C$ की ओर)। अतः,विकल्प $B$ सही है।
136
AdvancedMCQ
आकृति संधारित्रों और एक बैटरी की विकर्ण सममित व्यवस्था को दर्शाती है। यदि $C$ का विभव शून्य है,तो
Question diagram
A
$V_A = + 20\,V$
B
$4(V_A - V_B) + 2(V_D - V_B) = 2V_B$
C
$2(V_A - V_D) + 2(V_B - V_D) = 4V_D$
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) दिया गया है कि $V_C = 0\,V$ और बैटरी का वोल्टेज $20\,V$ है जो $A$ और $C$ के बीच जुड़ा है,जिसका धनात्मक टर्मिनल $A$ पर है,इसलिए $V_A = 20\,V$ है।
नोड $B$ पर किरचॉफ का धारा नियम $(KCL)$ लागू करने पर:
नोड $B$ से जुड़े संधारित्रों पर आवेश का योग शून्य होना चाहिए:
$q_{AB} + q_{DB} + q_{CB} = 0$
$4(V_A - V_B) + 2(V_D - V_B) + 2(V_C - V_B) = 0$
चूंकि $V_C = 0$ है,यह समीकरण इस प्रकार हो जाता है:
$4(V_A - V_B) + 2(V_D - V_B) - 2V_B = 0$
$4(V_A - V_B) + 2(V_D - V_B) = 2V_B$। यह विकल्प $B$ से मेल खाता है।
नोड $D$ पर $KCL$ लागू करने पर:
$q_{AD} + q_{BD} + q_{CD} = 0$
$2(V_A - V_D) + 2(V_B - V_D) + 4(V_C - V_D) = 0$
चूंकि $V_C = 0$ है,यह समीकरण इस प्रकार हो जाता है:
$2(V_A - V_D) + 2(V_B - V_D) - 4V_D = 0$
$2(V_A - V_D) + 2(V_B - V_D) = 4V_D$। यह विकल्प $C$ से मेल खाता है।
अतः,विकल्प $A$,$B$,और $C$ सही हैं,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
137
DifficultMCQ
चित्र में संधारित्रों और एक बैटरी की विकर्ण सममित व्यवस्था दिखाई गई है। बिंदु $B$ और $D$ के विभव क्या हैं?
Question diagram
A
$V_B = 8\,V$
B
$V_B = 12\,V$
C
$V_D = 8\,V$
D
$B$ और $C$ दोनों।

Solution

(B, C) माना बिंदु $A$ पर विभव $V_A = 20\,V$ है और बिंदु $C$ पर विभव $V_C = 0\,V$ है।
परिपथ सममित है। माना बिंदु $B$ पर विभव $V_B$ है और बिंदु $D$ पर विभव $V_D$ है।
नोड $B$ पर किरचॉफ का धारा नियम $(KCL)$ लागू करने पर:
$4(V_A - V_B) + 2(V_D - V_B) + 2(V_C - V_B) = 0$
$4(20 - V_B) + 2(V_D - V_B) + 2(0 - V_B) = 0$
$80 - 4V_B + 2V_D - 2V_B - 2V_B = 0 \implies 8V_B - 2V_D = 80 \implies 4V_B - V_D = 40$ --- $(1)$
नोड $D$ पर $KCL$ लागू करने पर:
$2(V_A - V_D) + 2(V_B - V_D) + 4(V_C - V_D) = 0$
$2(20 - V_D) + 2(V_B - V_D) + 4(0 - V_D) = 0$
$40 - 2V_D + 2V_B - 2V_D - 4V_D = 0 \implies 8V_D - 2V_B = 40 \implies 4V_D - V_B = 20$ --- $(2)$
समीकरण $(1)$ और $(2)$ को हल करने पर:
समीकरण $(2)$ से,$V_B = 4V_D - 20$. इसे $(1)$ में प्रतिस्थापित करने पर:
$4(4V_D - 20) - V_D = 40 \implies 16V_D - 80 - V_D = 40 \implies 15V_D = 120 \implies V_D = 8\,V$.
$V_D = 8\,V$ का मान $V_B = 4(8) - 20 = 32 - 20 = 12\,V$ में रखने पर।
अतः,$V_B = 12\,V$ और $V_D = 8\,V$ है। सही विकल्प $B$ और $C$ हैं।
138
DifficultMCQ
चित्र में दिखाए गए अनुसार $q_1, q_2$ और $q_3$ आवेशों के मान हैं:
Question diagram
A
$q_1 = 32 \ \mu C, q_2 = 24 \ \mu C, q_3 = -8 \ \mu C$
B
$q_1 = 48 \ \mu C, q_2 = 16 \ \mu C, q_3 = +8 \ \mu C$
C
$q_1 = 32 \ \mu C, q_2 = 24 \ \mu C, q_3 = +8 \ \mu C$
D
$q_1 = 3 \ \mu C, q_2 = 4 \ \mu C, q_3 = +2 \ \mu C$

Solution

(C) माना बिंदु $A$ पर विभव $V_A = 20 \ V$ है और बिंदु $C$ पर $V_C = 0 \ V$ है।
नोडल विश्लेषण का उपयोग करके,हम बिंदु $B$ और $D$ पर विभव ज्ञात कर सकते हैं।
दिए गए विकल्पों के अनुसार,यदि $V_B = 12 \ V$ है,तो $q_1 = 4 \ \mu F \times (20 - 12) = 32 \ \mu C$ और $q_2 = 2 \ \mu F \times (12 - 0) = 24 \ \mu C$ प्राप्त होता है।
बीच वाले संधारित्र $q_3$ के लिए,$V_B = 12 \ V$ और $V_D = 8 \ V$ लेने पर,$q_3 = 2 \ \mu F \times (12 - 8) = 8 \ \mu C$ प्राप्त होता है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
139
DifficultMCQ
$n$ समान आकार की छोटी बूंदों को प्रत्येक को $V$ वोल्ट तक आवेशित किया जाता है। यदि वे मिलकर एक बड़ी बूंद बनाती हैं,तो उसका विभव होगा:
A
$V/n$
B
$Vn$
C
$Vn^{1/3}$
D
$Vn^{2/3}$

Solution

(D) माना प्रत्येक छोटी बूंद की त्रिज्या $R$ है और प्रत्येक पर आवेश $q$ है।
प्रत्येक छोटी बूंद का विभव $V = \frac{kq}{R}$ है,जिसका अर्थ है $q = \frac{VR}{k}$।
जब $n$ ऐसी बूंदें मिलकर $R'$ त्रिज्या की एक बड़ी बूंद बनाती हैं,तो कुल आयतन संरक्षित रहता है:
$\frac{4}{3}\pi (R')^3 = n \cdot \frac{4}{3}\pi R^3 \Rightarrow R' = n^{1/3}R$।
बड़ी बूंद पर कुल आवेश $Q = nq = n \cdot \frac{VR}{k}$ है।
बड़ी बूंद का विभव $V'$ इस प्रकार है:
$V' = \frac{kQ}{R'} = \frac{k(nVR/k)}{n^{1/3}R} = \frac{nVR}{n^{1/3}R} = V n^{1 - 1/3} = V n^{2/3}$।
140
MediumMCQ
$a$ त्रिज्या वाले एक चालक गोले पर $Q$ आवेश है। यह $2a$ आंतरिक त्रिज्या और $3a$ बाहरी त्रिज्या वाले एक उदासीन चालक संकेंद्रित गोलीय कोश से घिरा हुआ है। निकाय की स्थिर-वैद्युत ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
A
$\frac{5}{12} \frac{kQ^2}{a}$
B
$\frac{11}{12} \frac{kQ^2}{a}$
C
$\frac{kQ^2}{2a}$
D
कोई नहीं

Solution

(A) आवेशों के निकाय की स्थिर-वैद्युत ऊर्जा $U = \int \frac{1}{2} \epsilon_0 E^2 dV$ द्वारा दी जाती है।
$a$ त्रिज्या और $Q$ आवेश वाले चालक गोले के लिए विद्युत क्षेत्र $E$ इस प्रकार है:
$1$. $r < a$ के लिए $E = 0$ है।
$2$. $a < r < 2a$ के लिए $E = \frac{kQ}{r^2}$ है।
$3$. $2a < r < 3a$ के लिए $E = 0$ है (चालक कोश के अंदर)।
$4$. $r > 3a$ के लिए $E = \frac{kQ}{r^2}$ है (चूंकि कोश उदासीन है,कुल परिबद्ध आवेश $Q$ है)।
$a < r < 2a$ क्षेत्र में संचित ऊर्जा $U_1 = \int_a^{2a} \frac{1}{2} \epsilon_0 (\frac{kQ}{r^2})^2 (4 \pi r^2 dr) = \frac{kQ^2}{4a}$ है।
$r > 3a$ क्षेत्र में संचित ऊर्जा $U_2 = \int_{3a}^{\infty} \frac{1}{2} \epsilon_0 (\frac{kQ}{r^2})^2 (4 \pi r^2 dr) = \frac{kQ^2}{6a}$ है।
कुल ऊर्जा $U = U_1 + U_2 = \frac{kQ^2}{4a} + \frac{kQ^2}{6a} = \frac{5kQ^2}{12a}$।
141
AdvancedMCQ
$R$ त्रिज्या का एक धातु का गोला,$2R$ आंतरिक त्रिज्या और $3R$ बाहरी त्रिज्या वाले एक खोखले धातु के गोले के अंदर संकेंद्रित रूप से रखा गया है। गोले को $+2Q$ आवेश दिया जाता है और खोखले गोले को कुल $-Q$ आवेश दिया जाता है। इस निकाय की स्थिर-वैद्युत स्थितिज ऊर्जा क्या है?
Question diagram
A
$\frac{7Q^2}{24\pi\varepsilon_0 R}$
B
$\frac{5Q^2}{16\pi\varepsilon_0 R}$
C
$\frac{5Q^2}{8\pi\varepsilon_0 R}$
D
कोई नहीं

Solution

(A) मान लीजिए कि आंतरिक गोला $S_1$ है (त्रिज्या $R$,आवेश $q_1 = +2Q$)।
मान लीजिए कि खोखला गोला $S_2$ है (आंतरिक त्रिज्या $r_2 = 2R$,बाहरी त्रिज्या $r_3 = 3R$,कुल आवेश $q_2 = -Q$)।
स्थिर-वैद्युत प्रेरण के कारण,खोखले गोले की आंतरिक सतह $(r=2R)$ पर $-2Q$ आवेश प्रेरित होता है।
चूंकि खोखले गोले पर कुल आवेश $-Q$ है,इसलिए इसकी बाहरी सतह $(r=3R)$ पर आवेश $q_{out} = -Q - (-2Q) = +Q$ होगा।
आवेशित चालकों के निकाय की स्थिर-वैद्युत स्थितिज ऊर्जा $U = \frac{1}{2} \sum q_i V_i$ द्वारा दी जाती है।
आंतरिक गोले का विभव $(V_1)$ उसके स्वयं के आवेश और खोखले गोले पर मौजूद आवेशों के कारण होता है:
$V_1 = \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \left( \frac{2Q}{R} + \frac{-2Q}{2R} + \frac{Q}{3R} \right) = \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \left( \frac{2Q}{R} - \frac{Q}{R} + \frac{Q}{3R} \right) = \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \left( \frac{Q}{R} + \frac{Q}{3R} \right) = \frac{4Q}{12\pi\varepsilon_0 R} = \frac{Q}{3\pi\varepsilon_0 R}$.
खोखले गोले का विभव $(V_2)$ उसकी आंतरिक और बाहरी सतहों पर समान होता है:
$V_2 = \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \left( \frac{2Q}{2R} + \frac{-2Q}{2R} + \frac{Q}{3R} \right) = \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \left( \frac{Q}{R} - \frac{Q}{R} + \frac{Q}{3R} \right) = \frac{Q}{12\pi\varepsilon_0 R}$.
अब,$U = \frac{1}{2} (q_1 V_1 + q_2 V_2) = \frac{1}{2} \left( (2Q) \cdot \frac{Q}{3\pi\varepsilon_0 R} + (-Q) \cdot \frac{Q}{12\pi\varepsilon_0 R} \right)$.
$U = \frac{1}{2} \left( \frac{2Q^2}{3\pi\varepsilon_0 R} - \frac{Q^2}{12\pi\varepsilon_0 R} \right) = \frac{1}{2} \left( \frac{8Q^2 - Q^2}{12\pi\varepsilon_0 R} \right) = \frac{1}{2} \left( \frac{7Q^2}{12\pi\varepsilon_0 R} \right) = \frac{7Q^2}{24\pi\varepsilon_0 R}$.
Solution diagram
142
DifficultMCQ
एक समान रूप से आवेशित ठोस गोले की सतह से बाहर की ओर $5 \ cm$ और $10 \ cm$ की दूरी पर विभव क्रमशः $100 \ V$ और $75 \ V$ हैं। तो:
A
इसकी सतह पर विभव $150 \ V$ है।
B
इसके केंद्र पर विद्युत विभव $225 \ V$ है।
C
सतह पर विद्युत क्षेत्र $1500 \ V/m$ है।
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) माना गोले की त्रिज्या $R$ है। केंद्र से $r$ दूरी $(r > R)$ पर विभव $V = \frac{KQ}{r}$ द्वारा दिया जाता है।
सतह से $5 \ cm$ और $10 \ cm$ की दूरी पर दिए गए विभव के लिए,केंद्र से दूरियाँ क्रमशः $(R+5)$ और $(R+10)$ हैं।
$V_1 = \frac{KQ}{R+5} = 100 \ V$ --- $(1)$
$V_2 = \frac{KQ}{R+10} = 75 \ V$ --- $(2)$
$(1)$ को $(2)$ से विभाजित करने पर: $\frac{R+10}{R+5} = \frac{100}{75} = \frac{4}{3}$.
$3R + 30 = 4R + 20 \Rightarrow R = 10 \ cm = 0.1 \ m$.
$(1)$ में $R$ का मान रखने पर: $KQ = 100(0.1 + 0.05) = 100(0.15) = 15 \ V \cdot m$.
सतह पर विभव $V_s = \frac{KQ}{R} = \frac{15}{0.1} = 150 \ V$. (विकल्प $A$ सही है)।
सतह पर विद्युत क्षेत्र $E_s = \frac{KQ}{R^2} = \frac{15}{(0.1)^2} = \frac{15}{0.01} = 1500 \ V/m$. (विकल्प $C$ सही है)।
एक समान रूप से आवेशित ठोस गोले के लिए,केंद्र पर विभव $V_c = \frac{3}{2} V_s = \frac{3}{2} \times 150 = 225 \ V$. (विकल्प $B$ सही है)।
अतः,सभी कथन सही हैं,इसलिए उत्तर $D$ है।
143
DifficultMCQ
एक प्रोटॉन और एक ड्यूटेरॉन शुरू में स्थिर हैं और समान विभवांतर के माध्यम से त्वरित होते हैं। दोनों कणों के अंतिम गुणों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा गलत है?
A
उनकी गति अलग-अलग है
B
उनका संवेग समान है
C
उनकी गतिज ऊर्जा समान है
D
वे समान बल के अधीन हैं

Solution

(B) विभवांतर $V$ के माध्यम से त्वरित $q$ आवेश वाले कण द्वारा प्राप्त गतिज ऊर्जा $K = qV$ द्वारा दी जाती है। चूंकि प्रोटॉन और ड्यूटेरॉन दोनों का आवेश $e$ समान है, इसलिए दोनों समान गतिज ऊर्जा प्राप्त करते हैं: $K_p = K_d = eV$। अतः, विकल्प $C$ सत्य है।
चूंकि $K = \frac{p^2}{2m}$, इसलिए संवेग $p = \sqrt{2mK}$ होता है। $m_d = 2m_p$ होने के कारण, ड्यूटेरॉन का संवेग $p_d = \sqrt{2(2m_p)eV} = 2\sqrt{m_p eV}$ और प्रोटॉन का संवेग $p_p = \sqrt{2m_p eV}$ होता है। इस प्रकार, $p_d = \sqrt{2} p_p$। अतः, उनका संवेग समान नहीं है, जो विकल्प $B$ को गलत बनाता है।
चूंकि $K = \frac{1}{2}mv^2$, इसलिए $v = \sqrt{\frac{2K}{m}}$ होता है। $m_d > m_p$ होने के कारण, $v_p > v_d$ होता है। इस प्रकार, उनकी गति अलग-अलग है, जो विकल्प $A$ को सत्य बनाता है।
144
AdvancedMCQ
$a$ त्रिज्या का एक चालक गोला $A$,जिस पर $Q$ आवेश है,को $b$ त्रिज्या वाले एक चालक खोल $B$ के अंदर संकेंद्रित रूप से रखा गया है। $B$ को अर्थ किया गया है। $C$,$A$ और $B$ का सामान्य केंद्र है।
Question diagram
A
$C$ से $r$ दूरी पर विद्युत क्षेत्र,जहाँ $a \leq r \leq b$ है,$\frac{1}{4\pi \varepsilon_0} \frac{Q}{r^2}$ है।
B
$C$ से $r$ दूरी पर विभव,जहाँ $a \leq r \leq b$ है,$\frac{1}{4\pi \varepsilon_0} Q \left( \frac{1}{r} - \frac{1}{b} \right)$ है।
C
$A$ और $B$ के बीच विभवांतर $\frac{1}{4\pi \varepsilon_0} Q \left( \frac{1}{a} - \frac{1}{b} \right)$ है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) चूँकि खोल $B$ को अर्थ किया गया है,इसका विभव $V_B = 0$ है। प्रेरण के कारण,खोल $B$ की आंतरिक सतह पर $-Q$ आवेश प्रेरित होता है।
$a \leq r \leq b$ के लिए,विद्युत क्षेत्र केवल गोले $A$ पर स्थित आवेश $Q$ के कारण है: $E = \frac{1}{4\pi \varepsilon_0} \frac{Q}{r^2}$। अतः,विकल्प $A$ सही है।
$r$ दूरी पर विभव,गोले $A$ पर स्थित $Q$ और खोल $B$ पर प्रेरित $-Q$ आवेश के कारण विभव का योग है: $V(r) = \frac{1}{4\pi \varepsilon_0} \frac{Q}{r} + \frac{1}{4\pi \varepsilon_0} \frac{-Q}{b} = \frac{1}{4\pi \varepsilon_0} Q \left( \frac{1}{r} - \frac{1}{b} \right)$। अतः,विकल्प $B$ सही है।
गोले $A$ का विभव $V_A = V(a) = \frac{1}{4\pi \varepsilon_0} Q \left( \frac{1}{a} - \frac{1}{b} \right)$ है। चूँकि $V_B = 0$ है,विभवांतर $V_A - V_B = \frac{1}{4\pi \varepsilon_0} Q \left( \frac{1}{a} - \frac{1}{b} \right)$ होगा। अतः,विकल्प $C$ सही है।
इसलिए,सभी कथन सही हैं।
Solution diagram
145
DifficultMCQ
तीन संकेंद्रित चालक गोलीय कोशों की त्रिज्याएँ $r, 2r$ और $3r$ हैं और $Q_1, Q_2$ और $Q_3$ क्रमशः उनके अंतिम आवेश हैं। सबसे आंतरिक और सबसे बाहरी कोशों को चित्रानुसार भू-संपर्कित (earthed) किया गया है। गलत कथन का चयन करें।
Question diagram
A
$Q_1 + Q_3 = -Q_2$
B
$Q_1 = -\frac{Q_2}{4}$
C
$\frac{Q_3}{Q_1} = 3$
D
$\frac{Q_3}{Q_2} = -\frac{1}{3}$

Solution

(D) माना कोशों के विभव $V_1, V_2, V_3$ हैं। चूँकि सबसे आंतरिक $(r)$ और सबसे बाहरी $(3r)$ कोश भू-संपर्कित हैं,इसलिए $V_1 = 0$ और $V_3 = 0$ है।
किसी कोश का विभव सभी आवेशों के कारण उत्पन्न विभव के योग के बराबर होता है: $V = \frac{kQ_{self}}{R_{self}} + \sum \frac{kQ_{other}}{R_{other}}$.
कोश $1$ $(r)$ के लिए: $V_1 = k \left( \frac{Q_1}{r} + \frac{Q_2}{2r} + \frac{Q_3}{3r} \right) = 0 \implies \frac{Q_1}{1} + \frac{Q_2}{2} + \frac{Q_3}{3} = 0 \implies 6Q_1 + 3Q_2 + 2Q_3 = 0$ (समीकरण $1$)
कोश $3$ $(3r)$ के लिए: $V_3 = k \left( \frac{Q_1}{3r} + \frac{Q_2}{3r} + \frac{Q_3}{3r} \right) = 0 \implies Q_1 + Q_2 + Q_3 = 0 \implies Q_3 = -(Q_1 + Q_2)$ (समीकरण $2$)
समीकरण $2$ को समीकरण $1$ में रखने पर: $6Q_1 + 3Q_2 + 2(-(Q_1 + Q_2)) = 0 \implies 6Q_1 + 3Q_2 - 2Q_1 - 2Q_2 = 0 \implies 4Q_1 + Q_2 = 0 \implies Q_1 = -\frac{Q_2}{4}$.
अब $Q_3$ ज्ञात करते हैं: $Q_3 = -(Q_1 + Q_2) = -(-\frac{Q_2}{4} + Q_2) = -(\frac{3Q_2}{4}) = -\frac{3Q_2}{4}$.
विकल्पों की जाँच करने पर:
$(A)$ $Q_1 + Q_3 = -\frac{Q_2}{4} - \frac{3Q_2}{4} = -Q_2$ (सही)।
$(B)$ $Q_1 = -\frac{Q_2}{4}$ (सही)।
$(C)$ $\frac{Q_3}{Q_1} = \frac{-3Q_2/4}{-Q_2/4} = 3$ (सही)।
$(D)$ $\frac{Q_3}{Q_2} = \frac{-3Q_2/4}{Q_2} = -\frac{3}{4}$ (गलत,क्योंकि यह $-1/3$ दिया गया है)।
146
DifficultMCQ
$R$ और $3R$ त्रिज्या वाले दो पतले चालक कोश चित्र में दिखाए गए हैं। बाहरी कोश पर $+Q$ आवेश है और आंतरिक कोश उदासीन है। आंतरिक कोश को स्विच $S$ की सहायता से अर्थ किया गया है।
Question diagram
A
स्विच $S$ के खुले होने पर,आंतरिक गोले का विभव बाहरी गोले के विभव के बराबर होता है।
B
जब स्विच $S$ बंद होता है,तो आंतरिक गोले का विभव शून्य हो जाता है।
C
स्विच $S$ के बंद होने पर,आंतरिक गोले द्वारा प्राप्त आवेश $-Q/3$ है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) मान लीजिए कि अर्थिंग के बाद आंतरिक कोश द्वारा प्राप्त आवेश $q$ है।
$1$. जब स्विच $S$ खुला हो: आंतरिक कोश उदासीन है $(q=0)$। आंतरिक कोश का विभव बाहरी कोश के कारण है: $V_{\text{in}} = kQ/(3R)$। बाहरी कोश का विभव भी $V_{\text{out}} = kQ/(3R)$ है। अतः,$V_{\text{in}} = V_{\text{out}}$। विकल्प $A$ सही है।
$2$. जब स्विच $S$ बंद हो: आंतरिक कोश को अर्थ किया गया है,इसलिए इसका विभव शून्य हो जाता है $(V_{\text{in}} = 0)$। विकल्प $B$ सही है।
$3$. प्रेरित आवेश $q$ की गणना: आंतरिक कोश की सतह पर विभव आंतरिक आवेश $q$ और बाहरी आवेश $Q$ के कारण विभव का योग है।
$V_{\text{in}} = \frac{kq}{R} + \frac{kQ}{3R} = 0$
$\frac{kq}{R} = -\frac{kQ}{3R}$
$q = -Q/3$। विकल्प $C$ सही है।
चूंकि सभी कथन सही हैं,इसलिए उत्तर $D$ है।
Solution diagram
147
MediumMCQ
प्लेटें $A$ और $B$ एक पृथक,आवेशित समानांतर-प्लेट संधारित्र बनाती हैं। $A$ और $B$ की आंतरिक सतहों ($I$ और $IV$) पर क्रमशः $+Q$ और $-Q$ आवेश हैं। अब $+Q$ आवेश वाली एक तीसरी प्लेट $C$ को $A$ और $B$ के बीच में रखा जाता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
Question diagram
A
सतहों $I$ और $II$ पर समान और विपरीत आवेश होंगे।
B
सतहों $III$ और $IV$ पर समान और विपरीत आवेश होंगे।
C
सतह $III$ पर आवेश $Q$ से अधिक होगा।
D
$A$ और $C$ के बीच का विभवांतर $C$ और $B$ के बीच के विभवांतर के बराबर होगा।

Solution

(A) मान लीजिए कि सतहों पर आवेश बाएं से दाएं $q_1, q_2, q_3, q_4, q_5, q_6$ हैं। पृथक प्लेटों की प्रणाली के लिए,बाहरी सतहों पर समान आवेश होना चाहिए,$q_1 = q_6 = (Q_{total})/2 = (Q + Q - Q)/2 = Q/2$। जब प्लेट $C$ $(+Q)$ को पेश किया जाता है,तो कुल आवेश $Q_{net} = Q + Q - Q = Q$ होता है। बाहरी सतहों पर $Q/2$ आवेश होगा। समानांतर प्लेटों की आमने-सामने की सतहों पर समान और विपरीत आवेश होने के गुण का उपयोग करते हुए,वितरण इस प्रकार है: सतह $I = -Q/2$,सतह $II = +3Q/2$,सतह $III = -3Q/2$,सतह $IV = +5Q/2$,सतह $V = -5Q/2$,सतह $VI = +3Q/2$। विकल्पों की जांच करने पर: $A$ स्पष्ट रूप से गलत है क्योंकि आवेश समान और विपरीत नहीं हैं।
Solution diagram
148
DifficultMCQ
$Q$ आवेश और $M$ द्रव्यमान का एक कण $B$ तीव्रता के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में $R$ त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर गति करता है। अब वही कण उतनी ही चाल से एक बेलनाकार संधारित्र के बेलनाकार इलेक्ट्रोड के बीच की जगह में $R$ त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर गति करता है। आंतरिक इलेक्ट्रोड की त्रिज्या $R/2$ है जबकि बाहरी इलेक्ट्रोड की त्रिज्या $3R/2$ है। तो संधारित्र इलेक्ट्रोड के बीच विभवांतर कितना होगा?
A
$QBR^2 \ln(3) / M$
B
$QB^2R^2 \ln(3) / 2M$
C
$QB^2R^2 \ln(3) / M$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) $1$. चुंबकीय क्षेत्र $B$ में, चुंबकीय बल अभिकेंद्र बल प्रदान करता है: $QvB = Mv^2 / R$, जिससे $v = QBR / M$ प्राप्त होता है।
$2$. बेलनाकार संधारित्र में, $r$ दूरी पर विद्युत क्षेत्र $E = \lambda / (2\pi \epsilon_0 r)$ द्वारा दिया जाता है, जहाँ $\lambda$ रैखिक आवेश घनत्व है।
$3$. विद्युत बल अभिकेंद्र बल प्रदान करता है: $QE = Mv^2 / R$। $E$ और $v$ का मान रखने पर: $Q (\lambda / (2\pi \epsilon_0 R)) = M (QBR/M)^2 / R = Q^2 B^2 R / M$।
$4$. इसे सरल करने पर $\lambda / (2\pi \epsilon_0) = Q B^2 R^2 / M$ प्राप्त होता है।
$5$. $r_1 = R/2$ और $r_2 = 3R/2$ त्रिज्या वाले इलेक्ट्रोड के बीच विभवांतर $V = \int_{r_1}^{r_2} E dr = (\lambda / 2\pi \epsilon_0) \int_{R/2}^{3R/2} (1/r) dr = (\lambda / 2\pi \epsilon_0) \ln((3R/2) / (R/2)) = (\lambda / 2\pi \epsilon_0) \ln(3)$ है।
$6$. चरण $4$ से मान रखने पर: $V = (Q B^2 R^2 / M) \ln(3)$।
149
EasyMCQ
प्लेटों के बीच $K$ परावैद्युतांक वाले परावैद्युत (dielectric) युक्त एक समानांतर प्लेट संधारित्र की धारिता $C$ है और इसे $V \ volt$ के विभव तक आवेशित किया गया है। परावैद्युत स्लैब को प्लेटों के बीच से धीरे-धीरे हटाया जाता है और फिर वापस डाल दिया जाता है। इस प्रक्रिया में निकाय द्वारा किया गया कुल कार्य कितना है?
A
शून्य
B
$\frac{1}{2}(K - 1)CV^2$
C
$\frac{CV^2(K - 1)}{K}$
D
$(K - 1)CV^2$

Solution

(A) माना प्रारंभिक धारिता $C = \frac{K \epsilon_0 A}{d}$ है। संधारित्र पर आवेश $Q = CV = \frac{K \epsilon_0 A V}{d}$ है।
जब परावैद्युत को हटाया जाता है,तो धारिता $C_0 = \frac{\epsilon_0 A}{d} = \frac{C}{K}$ हो जाती है।
चूंकि संधारित्र बैटरी से डिस्कनेक्ट है,इसलिए आवेश $Q$ स्थिर रहता है।
प्रारंभिक स्थितिज ऊर्जा $U_i = \frac{Q^2}{2C}$ है।
जब परावैद्युत को हटाया जाता है,तो स्थितिज ऊर्जा $U_{removed} = \frac{Q^2}{2C_0} = \frac{Q^2}{2(C/K)} = K \frac{Q^2}{2C} = K U_i$ हो जाती है।
जब परावैद्युत को वापस डाला जाता है,तो धारिता वापस $C$ हो जाती है और स्थितिज ऊर्जा $U_f = \frac{Q^2}{2C} = U_i$ हो जाती है।
निकाय द्वारा किया गया कुल कार्य स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन है: $W = -(U_f - U_i) = -(U_i - U_i) = 0$.
अतः,इस प्रक्रिया में निकाय द्वारा किया गया कुल कार्य शून्य है।
150
DifficultMCQ
दी गई परिपथ में,जब $C$ को $1 \ \mu F$ से $3 \ \mu F$ तक बदला जाता है,तो $2 \ \mu F$ के संधारित्र पर आवेश $Q_2$ बदलता है। '$C$' के फलन के रूप में $Q_2$ को सही ढंग से किसके द्वारा दर्शाया गया है?
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) परिपथ में संधारित्र $C$ एक $1 \ \mu F$ और $2 \ \mu F$ के समानांतर संयोजन के साथ श्रेणीक्रम में है। समानांतर संयोजन की समतुल्य धारिता $C_p = 1 \ \mu F + 2 \ \mu F = 3 \ \mu F$ है।
परिपथ की कुल धारिता $C_{eq} = \frac{C \times C_p}{C + C_p} = \frac{3C}{C + 3}$ है।
बैटरी $E$ द्वारा प्रदान किया गया कुल आवेश $Q = C_{eq} E = \frac{3CE}{C + 3}$ है।
यह कुल आवेश $Q$ संधारित्र $C$ से होकर गुजरता है और फिर समानांतर में $1 \ \mu F$ और $2 \ \mu F$ संधारित्रों के बीच विभाजित हो जाता है।
$2 \ \mu F$ संधारित्र पर आवेश $Q_2$ आवेश विभाजन नियम के अनुसार है: $Q_2 = Q \times \left( \frac{2 \ \mu F}{1 \ \mu F + 2 \ \mu F} \right) = Q \times \frac{2}{3}$।
$Q$ का व्यंजक रखने पर: $Q_2 = \frac{2}{3} \times \left( \frac{3CE}{C + 3} \right) = \frac{2CE}{C + 3} = 2E \left( \frac{C}{C + 3} \right) = 2E \left( 1 - \frac{3}{C + 3} \right)$ प्राप्त होता है।
जैसे-जैसे $C$ का मान $1 \ \mu F$ से $3 \ \mu F$ तक बढ़ता है,पद $\frac{3}{C + 3}$ घटता है,इसलिए $Q_2$ बढ़ता है। फलन $f(C) = \frac{2CE}{C + 3}$ एक ऐसे वक्र को दर्शाता है जो नीचे की ओर अवतल (concave downwards) है,जो ग्राफ $A$ के आकार से मेल खाता है।
Solution diagram

Electric Potential and Capacitance — Mix Examples - Electric Potential and Capacitance · Frequently Asked Questions

1Are these Electric Potential and Capacitance questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

Yes. Use the language tabs in the hero section or the sidebar to view the same questions and solutions in English, Hindi or Gujarati.

3How do I generate a question paper from this subtopic?

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