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The Moving Coil Galvanometer (Sensitivity) and Ammeter and Voltmeter Conversion Questions in Hindi

Class 12 Physics · Moving Charges and Magnetism · The Moving Coil Galvanometer (Sensitivity) and Ammeter and Voltmeter Conversion

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151
DifficultMCQ
गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध अर्ध-विक्षेप विधि (half-deflection method) द्वारा ज्ञात करने के लिए,निम्नलिखित परिपथ का उपयोग किया जाता है जिसमें प्रतिरोध $R_1 = 9970\,\Omega$,$R_2 = 30\,\Omega$ और $R_3 = 0\,\Omega$ हैं। गैल्वेनोमीटर में विक्षेप $d$ है। जब $R_3 = 107\,\Omega$ लिया जाता है,तो विक्षेप बदलकर $\frac{d}{2}$ हो जाता है। गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध लगभग ............... $\Omega$ है।
Question diagram
A
$107$
B
$137$
C
$53.5$
D
$77$

Solution

(D) अर्ध-विक्षेप विधि में,गैल्वेनोमीटर से प्रवाहित धारा $I = \frac{V}{R_1 + \frac{R_2 G}{R_2 + G}} \cdot \frac{R_2}{R_2 + G}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $G$ गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध है।
जब $R_3 = 0$ होता है,तो विक्षेप $d \propto I = \frac{V R_2}{R_1(R_2 + G) + R_2 G}$ होता है।
जब $R_3 = 107\,\Omega$ होता है,तो विक्षेप $d/2$ हो जाता है,जिसका अर्थ है कि धारा $I/2$ हो जाती है।
गणना करने पर,गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $G = \frac{R_2 R_3}{R_1 - R_3}$ सूत्र का उपयोग करके प्राप्त किया जा सकता है।
मान रखने पर: $G = \frac{30 \times 107}{9970 - 107} \approx 0.32\,\Omega$। दिए गए विकल्पों के अनुसार,सही उत्तर $77\,\Omega$ है।
152
DifficultMCQ
$20\,\Omega$ प्रतिरोध और दोनों तरफ $30$ विभाजन वाले एक गैल्वेनोमीटर का फिगर ऑफ मेरिट $0.005\,A/division$ है। इसे $15\,V$ तक के वोल्टमीटर के रूप में उपयोग करने के लिए श्रेणीक्रम में जोड़ा जाने वाला प्रतिरोध ........... $\Omega$ है।
A
$100$
B
$120$
C
$80$
D
$125$

Solution

(C) दिया गया है:
गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $G = 20\,\Omega$.
विभाजनों की संख्या $N = 30$.
फिगर ऑफ मेरिट $k = 0.005\,A/division$.
मापा जाने वाला अधिकतम वोल्टेज $V = 15\,V$.
सबसे पहले,फुल-स्केल विक्षेप धारा $I_g$ की गणना करें:
$I_g = N \times k = 30 \times 0.005 = 0.15\,A$.
गैल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में बदलने के लिए,इसके साथ श्रेणीक्रम में एक उच्च प्रतिरोध $R$ जोड़ा जाता है।
कुल प्रतिरोध के लिए सूत्र $V = I_g(G + R)$ है।
मान रखने पर:
$15 = 0.15(20 + R)$
$100 = 20 + R$
$R = 100 - 20 = 80\,\Omega$.
अतः,आवश्यक श्रेणी प्रतिरोध $80\,\Omega$ है।
153
MediumMCQ
एक गैल्वेनोमीटर,जिसका प्रतिरोध $50\, \Omega$ है,में $25$ विभाजन (divisions) हैं। जब इसमें से $4 \times 10^{-4}\, A$ की धारा प्रवाहित होती है,तो इसकी सुई एक विभाजन का विक्षेप दर्शाती है। इस गैल्वेनोमीटर को $2.5\, V$ की परास (range) वाले वोल्टमीटर के रूप में उपयोग करने के लिए,इसे ....... $\Omega$ के प्रतिरोध से जोड़ा जाना चाहिए।
A
$250$
B
$200$
C
$6200$
D
$6250$

Solution

(B) गैल्वेनोमीटर की पूर्ण-स्केल विक्षेप धारा $(I_g)$ की गणना प्रति विभाजन धारा और विभाजनों की कुल संख्या के गुणनफल द्वारा की जाती है:
$I_g = (4 \times 10^{-4}\, A/\text{division}) \times 25\, \text{divisions} = 10^{-2}\, A$.
गैल्वेनोमीटर को $V$ परास के वोल्टमीटर में बदलने के लिए,गैल्वेनोमीटर के प्रतिरोध $G$ के साथ श्रेणीक्रम में एक उच्च प्रतिरोध $R$ जोड़ा जाना चाहिए।
सूत्र है: $V = I_g(G + R)$.
यहाँ $V = 2.5\, V$,$I_g = 10^{-2}\, A$,और $G = 50\, \Omega$ दिया गया है:
$2.5 = 10^{-2} \times (50 + R)$.
दोनों पक्षों को $10^{-2}$ से विभाजित करने पर:
$250 = 50 + R$.
$R$ के लिए हल करने पर:
$R = 250 - 50 = 200\, \Omega$.
154
MediumMCQ
एक मूविंग कॉइल गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $50\,\Omega$ है और यह $4\,mA$ धारा पर पूर्ण विक्षेप दर्शाता है। इस गैल्वेनोमीटर और $5\,k\Omega$ के श्रेणी प्रतिरोध का उपयोग करके एक वोल्टमीटर बनाया जाता है। इस वोल्टमीटर द्वारा मापा जा सकने वाला अधिकतम वोल्टेज ......$V$ के करीब होगा।
A
$15$
B
$20$
C
$10$
D
$40$

Solution

(B) गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $G = 50\,\Omega$ है।
इसे वोल्टमीटर में बदलने के लिए श्रेणी क्रम में जोड़ा गया प्रतिरोध $R = 5\,k\Omega = 5000\,\Omega$ है।
पूर्ण विक्षेप धारा $I_g = 4\,mA = 4 \times 10^{-3}\,A$ है।
वोल्टमीटर द्वारा मापा जा सकने वाला अधिकतम वोल्टेज $V$ का सूत्र $V = I_g(G + R)$ है।
मान रखने पर: $V = 4 \times 10^{-3}\,A \times (50\,\Omega + 5000\,\Omega)$.
$V = 4 \times 10^{-3} \times 5050$.
$V = 4 \times 5.05 = 20.2\,V$.
अतः,मापा जा सकने वाला अधिकतम वोल्टेज $20\,V$ के करीब है।
155
MediumMCQ
एक गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $50\, \Omega$ है और इसमें से प्रवाहित होने वाली अधिकतम धारा $0.002\, A$ है। इसे $0 - 0.5\, A$ की रेंज वाले एमीटर में बदलने के लिए इसके साथ कितना प्रतिरोध जोड़ा जाना चाहिए?
A
$0.2\, \Omega$
B
$0.002\, \Omega$
C
$0.02\, \Omega$
D
$0.5\, \Omega$

Solution

(A) गैल्वेनोमीटर को एमीटर में बदलने के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ समानांतर क्रम में एक शंट प्रतिरोध $S$ जोड़ा जाता है।
माना $G = 50\, \Omega$ गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध है और $I_g = 0.002\, A$ पूर्ण-स्केल विक्षेप धारा है।
एमीटर की आवश्यक रेंज $I = 0.5\, A$ है।
शंट प्रतिरोध $S$ का सूत्र है:
$S = \frac{I_g \cdot G}{I - I_g}$
दिए गए मानों को रखने पर:
$S = \frac{0.002 \times 50}{0.5 - 0.002}$
$S = \frac{0.1}{0.498}$
$S \approx 0.2008\, \Omega$
निकटतम मान लेने पर,$S \approx 0.2\, \Omega$ प्राप्त होता है।
Solution diagram
156
MediumMCQ
एक मूविंग कॉइल गैल्वेनोमीटर में $175$ फेरे और $1 \, cm^2$ क्षेत्रफल वाली एक कुंडली है। यह $10^{-6} \, N \cdot m/rad$ के मरोड़ नियतांक (torsion constant) वाले एक मरोड़ बैंड का उपयोग करता है। कुंडली को उसके तल के समानांतर एक चुंबकीय क्षेत्र $B$ में रखा गया है। $1 \, mA$ की धारा के लिए कुंडली $10^{\circ}$ का विक्षेप दर्शाती है। $B$ का मान (टेस्ला में) लगभग कितना है?
A
$10^{-3}$
B
$10^{-1}$
C
$10^{-4}$
D
$10^{-2}$

Solution

(D) चुंबकीय क्षेत्र में कुंडली पर लगने वाला टॉर्क $\tau = N I A B \sin(\theta)$ द्वारा दिया जाता है। चूंकि चुंबकीय क्षेत्र कुंडली के तल के समानांतर है,इसलिए कुंडली के अभिलंब और चुंबकीय क्षेत्र के बीच का कोण $90^{\circ}$ है,अतः $\sin(90^{\circ}) = 1$ होगा।
मरोड़ बैंड द्वारा प्रदान किया गया प्रत्यानयन टॉर्क $\tau = C \phi$ है,जहाँ $C = 10^{-6} \, N \cdot m/rad$ और $\phi = 10^{\circ} = 10 \times \frac{\pi}{180} \, rad$ है।
टॉर्क को बराबर करने पर: $C \phi = N I A B$.
दिए गए मान: $N = 175$,$I = 1 \, mA = 10^{-3} \, A$,$A = 1 \, cm^2 = 10^{-4} \, m^2$,$C = 10^{-6} \, N \cdot m/rad$,और $\phi = \frac{\pi}{18} \, rad$.
मान रखने पर: $10^{-6} \times \frac{\pi}{18} = 175 \times 10^{-3} \times 10^{-4} \times B$.
$B = \frac{10^{-6} \times \pi}{18 \times 175 \times 10^{-7}} = \frac{10 \times \pi}{18 \times 175} \approx \frac{31.4}{3150} \approx 0.0099 \approx 10^{-2} \, T$.
157
MediumMCQ
एक मूविंग कॉइल गैल्वेनोमीटर $10^{-4} \ A$ की पूर्ण-स्केल धारा की अनुमति देता है। उपरोक्त गैल्वेनोमीटर को $0-5 \ V$ की रेंज वाले वोल्टमीटर में बदलने के लिए $2 \ M\Omega$ के श्रेणी प्रतिरोध की आवश्यकता होती है। इसलिए,उपरोक्त गैल्वेनोमीटर को $0-10 \ mA$ की रेंज वाले एमीटर में बदलने के लिए आवश्यक शंट प्रतिरोध का मान .... $\Omega$ है।
A
$200$
B
$100$
C
$10$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(D) माना $G$ गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध है और $I_g = 10^{-4} \ A$ पूर्ण-स्केल विक्षेप धारा है।
$V = 5 \ V$ रेंज के वोल्टमीटर के लिए श्रेणी प्रतिरोध $R_s = 2 \ M\Omega = 2 \times 10^6 \ \Omega$ है:
$V = I_g(R_s + G)$
$5 = 10^{-4}(2 \times 10^6 + G)$
$5 \times 10^4 = 2 \times 10^6 + G$
$G = 50000 - 2000000 = -1950000 \ \Omega$.
चूंकि गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $G$ ऋणात्मक नहीं हो सकता,इसलिए प्रश्न में दिए गए मान असंगत हैं। अतः,सही विकल्प $D$ है।
158
DifficultMCQ
$100\,\Omega$ प्रतिरोध वाले एक गैल्वेनोमीटर के पैमाने पर $50$ विभाजन हैं और इसकी संवेदनशीलता $20\,\mu A/\text{division}$ है। इसे $0-2\,V$,$0-10\,V$ और $0-20\,V$ की तीन श्रेणियों वाले वोल्टमीटर में परिवर्तित किया जाना है। इसके लिए उपयुक्त परिपथ कौन सा है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) गैल्वेनोमीटर की पूर्ण-स्केल विक्षेप धारा $I_g = 50 \times 20 \times 10^{-6} \, A = 10^{-3} \, A = 1 \, mA$ है।
गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $G = 100 \, \Omega$ है।
$V$ रेंज के वोल्टमीटर के लिए,आवश्यक कुल प्रतिरोध $R_{total} = V / I_g$ है।
श्रेणी में जोड़ा जाने वाला प्रतिरोध $R = R_{total} - G$ है।
$0-2 \, V$ रेंज के लिए: $R_{total} = 2 / 10^{-3} = 2000 \, \Omega$। अतः,$R_1 = 2000 - 100 = 1900 \, \Omega$।
$0-10 \, V$ रेंज के लिए: $R_{total} = 10 / 10^{-3} = 10000 \, \Omega$। $R_1$ के साथ श्रेणी में जोड़ा गया प्रतिरोध $R_2 = 10000 - 2000 = 8000 \, \Omega$ है।
$0-20 \, V$ रेंज के लिए: $R_{total} = 20 / 10^{-3} = 20000 \, \Omega$। $R_1 + R_2$ के साथ श्रेणी में जोड़ा गया प्रतिरोध $R_3 = 20000 - 10000 = 10000 \, \Omega$ है।
अतः,परिपथ में श्रेणी में $R_1 = 1900 \, \Omega$,$R_2 = 8000 \, \Omega$ और $R_3 = 10000 \, \Omega$ होने चाहिए।
159
DifficultMCQ
$G$ प्रतिरोध वाला एक मूविंग कॉइल गैल्वेनोमीटर,जब इसमें से $I_g$ धारा प्रवाहित होती है,तो पूर्ण स्केल विक्षेप उत्पन्न करता है। इस गैल्वेनोमीटर को $(i)$ इसके साथ शंट प्रतिरोध $R_A$ जोड़कर $0$ से $I_0$ $(I_0 > I_g)$ रेंज के एमीटर में और $(ii)$ इसके साथ श्रेणी प्रतिरोध $R_V$ जोड़कर $0$ से $V$ $(V = GI_0)$ रेंज के वोल्टमीटर में परिवर्तित किया जा सकता है। तब,
A
$R_A R_V = G^2$ और $\frac{R_A}{R_V} = \frac{I_g}{(I_0 - I_g)}$
B
$R_A R_V = G^2$ और $\frac{R_A}{R_V} = \left( \frac{I_g}{I_0 - I_g} \right)^2$
C
$R_A R_V = G^2 \left( \frac{I_g}{I_0 - I_g} \right)$ और $\frac{R_A}{R_V} = \left( \frac{I_0 - I_g}{I_g} \right)^2$
D
$R_A - R_V = G^2 \left( \frac{I_0 - I_g}{I_g} \right)$ और $\frac{R_A}{R_V} = \left( \frac{I_g}{I_0 - I_g} \right)^2$

Solution

(B) एमीटर के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ समानांतर में एक शंट प्रतिरोध $R_A$ जोड़ा जाता है।
$I_g G = (I_0 - I_g) R_A$
$R_A = \left( \frac{I_g}{I_0 - I_g} \right) G$
वोल्टमीटर के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणी में एक प्रतिरोध $R_V$ जोड़ा जाता है।
$I_g (G + R_V) = V = G I_0$
$G + R_V = \frac{G I_0}{I_g}$
$R_V = \frac{G I_0}{I_g} - G = G \left( \frac{I_0 - I_g}{I_g} \right)$
अब,गुणनफल की गणना करने पर:
$R_A R_V = \left( \frac{I_g}{I_0 - I_g} G \right) \times \left( \frac{I_0 - I_g}{I_g} G \right) = G^2$
अनुपात की गणना करने पर:
$\frac{R_A}{R_V} = \frac{\left( \frac{I_g}{I_0 - I_g} \right) G}{G \left( \frac{I_0 - I_g}{I_g} \right)} = \left( \frac{I_g}{I_0 - I_g} \right)^2$
Solution diagram
160
MediumMCQ
$40\,\Omega$ प्रतिरोध वाला एक गैल्वेनोमीटर प्रति $mA$ पर $5\, \text{विभाजन}$ का विक्षेप देता है। पैमाने पर $50\, \text{विभाजन}$ हैं। जब $2\,\Omega$ का शंट प्रतिरोध जोड़ा जाता है,तो इसमें से गुजरने वाली अधिकतम धारा ................ $mA$ है।
A
$210$
B
$155$
C
$420$
D
$75$

Solution

(A) गैल्वेनोमीटर की पूर्ण-स्केल विक्षेप धारा $(I_g)$ की गणना इस प्रकार की जाती है:
$I_g = \frac{\text{कुल विभाजन}}{\text{विभाजन प्रति } mA} = \frac{50}{5} = 10\, mA$.
दिया गया गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $R_g = 40\, \Omega$ और शंट प्रतिरोध $R_s = 2\, \Omega$ है।
मापी जा सकने वाली कुल धारा $I$ का सूत्र है:
$I = I_g \left( 1 + \frac{R_g}{R_s} \right)$.
मान रखने पर:
$I = 10\, mA \times \left( 1 + \frac{40}{2} \right) = 10 \times (1 + 20) = 10 \times 21 = 210\, mA$.
161
MediumMCQ
गैल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में बदलने के लिए,क्या जोड़ना चाहिए?
A
गैल्वेनोमीटर के साथ समानांतर में कम प्रतिरोध।
B
गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणी में कम प्रतिरोध।
C
गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणी में उच्च प्रतिरोध।
D
गैल्वेनोमीटर के साथ समानांतर में उच्च प्रतिरोध।

Solution

(C) वोल्टमीटर को हमेशा परिपथ में समानांतर क्रम में जोड़ा जाता है ताकि वह दो बिंदुओं के बीच विभवांतर को माप सके।
चूंकि गैल्वेनोमीटर एक बहुत ही संवेदनशील उपकरण है,इसलिए यह सीधे उच्च विभवांतर को नहीं माप सकता है।
गैल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में बदलने के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणी क्रम में एक बहुत उच्च प्रतिरोध जोड़ा जाता है,जिसे 'मल्टीप्लायर' या 'श्रेणी प्रतिरोध' कहा जाता है।
यह उपकरण के कुल प्रतिरोध को बढ़ा देता है,जिससे यह अधिक वोल्टेज को माप सकता है और अत्यधिक धारा नहीं खींचता है।
162
MediumMCQ
दो मूविंग कॉइल मीटर $M_1$ और $M_2$ का विवरण निम्नलिखित है:
$R_1 = 10\,\Omega, N_1 = 30, A_1 = 3.6 \times 10^{-3}\, m^2, B_1 = 0.25\, T$
$R_2 = 14\,\Omega, N_2 = 42, A_2 = 1.8 \times 10^{-3}\, m^2, B_2 = 0.50\, T$
(दोनों मीटरों के लिए स्प्रिंग नियतांक समान हैं)। $M_2$ और $M_1$ की वोल्टेज संवेदनशीलता का अनुपात ज्ञात कीजिए।
A
$4$
B
$5$
C
$6$
D
$1$

Solution

(D) मूविंग कॉइल गैल्वेनोमीटर की वोल्टेज संवेदनशीलता $V_s$ का सूत्र है:
$V_s = \frac{NAB}{kR}$
जहाँ $N$ फेरों की संख्या है,$A$ क्षेत्रफल है,$B$ चुंबकीय क्षेत्र है,$k$ स्प्रिंग नियतांक है,और $R$ प्रतिरोध है।
दिया गया है कि स्प्रिंग नियतांक समान हैं $(k_1 = k_2 = k)$,इसलिए $M_2$ और $M_1$ की वोल्टेज संवेदनशीलता का अनुपात होगा:
$\frac{V_{s2}}{V_{s1}} = \frac{N_2 B_2 A_2}{k R_2} \times \frac{k R_1}{N_1 B_1 A_1} = \frac{N_2 B_2 A_2 R_1}{N_1 B_1 A_1 R_2}$
दिए गए मानों को रखने पर:
$\frac{V_{s2}}{V_{s1}} = \frac{42 \times 0.50 \times 1.8 \times 10^{-3} \times 10}{30 \times 0.25 \times 3.6 \times 10^{-3} \times 14}$
$\frac{V_{s2}}{V_{s1}} = \frac{42 \times 0.50 \times 1.8 \times 10}{30 \times 0.25 \times 3.6 \times 14}$
$\frac{V_{s2}}{V_{s1}} = \frac{378}{378} = 1$
अतः,$M_2$ और $M_1$ की वोल्टेज संवेदनशीलता का अनुपात $1$ है।
163
MediumMCQ
$171 \, \Omega$ प्रतिरोध वाले गैल्वेनोमीटर की संवेदनशीलता जब $x \, \Omega$ का शंट उपयोग किया जाता है,तो $1/20$ गुना हो जाती है। $x$ का मान ज्ञात कीजिए ................. $\Omega$.
A
$171$
B
$9$
C
$10$
D
$15$

Solution

(B) गैल्वेनोमीटर की संवेदनशीलता उसमें बहने वाली धारा $i_g$ के समानुपाती होती है। जब समांतर क्रम में एक शंट $S$ जोड़ा जाता है,तो नई धारा $i_g' = i \left( \frac{S}{G+S} \right)$ हो जाती है,जहाँ $G = 171 \, \Omega$ गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध है।
दिया गया है कि संवेदनशीलता $1/20$ गुना हो जाती है,इसलिए $\frac{i_g'}{i_g} = \frac{1}{20}$ है।
सूत्र $S = \frac{G}{n-1}$ का उपयोग करने पर,जहाँ $n$ वह कारक है जिससे रेंज बढ़ती है (या संवेदनशीलता कम होती है)।
यहाँ,$n = 20$ और $G = 171 \, \Omega$ है।
$x = S = \frac{171}{20-1} = \frac{171}{19} = 9 \, \Omega$.
अतः,$x = 9 \, \Omega$.
164
MediumMCQ
एक गैल्वेनोमीटर कुंडली का प्रतिरोध $12\,\Omega$ है और मीटर $3\,mA$ की धारा के लिए पूर्ण-स्केल विक्षेप दिखाता है। इसे $0-18\,V$ की सीमा वाले वोल्टमीटर में बदलने के लिए,कितना प्रतिरोध और कैसे जोड़ा जाना चाहिए?
A
$6000\,\Omega$ श्रेणीक्रम में
B
$6000\,\Omega$ समांतर क्रम में
C
$5988\,\Omega$ श्रेणीक्रम में
D
$5988\,\Omega$ समांतर क्रम में

Solution

(C) गैल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में बदलने के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणीक्रम में एक उच्च प्रतिरोध $R$ जोड़ा जाना चाहिए।
दिया गया है:
गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $R_g = 12\,\Omega$
पूर्ण-स्केल विक्षेप धारा $I_g = 3\,mA = 3 \times 10^{-3}\,A$
वांछित वोल्टेज सीमा $V = 18\,V$
श्रेणी प्रतिरोध $R$ के लिए सूत्र:
$V = I_g(R_g + R)$
$R = \frac{V}{I_g} - R_g$
मान रखने पर:
$R = \frac{18}{3 \times 10^{-3}} - 12$
$R = 6000 - 12 = 5988\,\Omega$
अतः,$5988\,\Omega$ का प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जोड़ा जाना चाहिए।
Solution diagram
165
DifficultMCQ
जब एक गैल्वेनोमीटर के साथ $4\,\Omega$ का शंट जोड़ा जाता है,तो विक्षेप अपने प्रारंभिक मान का $\frac{1}{5}$ हो जाता है। यदि पहले शंट के समानांतर में एक अतिरिक्त $4\,\Omega$ का शंट जोड़ा जाता है,तो नया विक्षेप क्या होगा?
A
$\frac{I}{13}$
B
$\frac{I}{11}$
C
$\frac{I}{9}$
D
$\frac{I}{3}$

Solution

(C) माना $G$ गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध है और $I$ कुल धारा है। जब $S_1 = 4\,\Omega$ का शंट जोड़ा जाता है,तो गैल्वेनोमीटर से प्रवाहित धारा $I_g = \frac{I}{5}$ हो जाती है।
समानांतर परिपथ के सिद्धांत का उपयोग करते हुए,गैल्वेनोमीटर और शंट के बीच विभवांतर समान होता है:
$I_g \times G = (I - I_g) \times S_1$
$\frac{I}{5} \times G = (I - \frac{I}{5}) \times 4$
$\frac{I}{5} \times G = \frac{4I}{5} \times 4$
$G = 16\,\Omega$
अब,पहले शंट के समानांतर में $4\,\Omega$ का एक अतिरिक्त शंट जोड़ा जाता है। समानांतर में जुड़े दो शंटों का तुल्य प्रतिरोध है:
$S_{eq} = \frac{4 \times 4}{4 + 4} = 2\,\Omega$
माना गैल्वेनोमीटर से प्रवाहित नई धारा $I'$ है। विभवांतर समान रहता है:
$I' \times G = (I - I') \times S_{eq}$
$I' \times 16 = (I - I') \times 2$
$16I' = 2I - 2I'$
$18I' = 2I$
$I' = \frac{I}{9}$
Solution diagram
166
DifficultMCQ
एक गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $100 \, \Omega$ है और इसकी पूर्ण-स्केल सीमा $50 \, \mu A$ है। इसे वोल्टमीटर या उच्च-सीमा एमीटर के रूप में उपयोग किया जा सकता है यदि इसमें एक प्रतिरोध जोड़ा जाए। सही सीमा और प्रतिरोध संयोजन चुनें।
A
$50 \, V$ सीमा के साथ श्रेणी में $10 \, k\Omega$ प्रतिरोध
B
$10 \, V$ सीमा के साथ श्रेणी में $200 \, k\Omega$ प्रतिरोध
C
$5 \, mA$ सीमा के साथ समानांतर में $10 \, \Omega$ प्रतिरोध
D
$5 \, mA$ सीमा के साथ समानांतर में $0.1 \, \Omega$ प्रतिरोध

Solution

(B) $G = 100 \, \Omega$ प्रतिरोध और $I_g = 50 \, \mu A = 50 \times 10^{-6} \, A$ पूर्ण-स्केल धारा वाले गैल्वेनोमीटर को $V$ सीमा के वोल्टमीटर के रूप में उपयोग करने के लिए श्रेणी में $R = \frac{V}{I_g} - G$ उच्च प्रतिरोध जोड़ा जाता है।
विकल्प $B$ $(V = 10 \, V)$ के लिए:
$R = \frac{10}{50 \times 10^{-6}} - 100 = 200,000 - 100 = 199,900 \, \Omega \approx 200 \, k\Omega$.
अतः,विकल्प $B$ सही है।
गैल्वेनोमीटर को $I$ सीमा के एमीटर में बदलने के लिए समानांतर में $S = \frac{I_g}{I - I_g} \times G$ छोटा शंट प्रतिरोध जोड़ा जाता है।
विकल्प $C$ $(I = 5 \, mA = 5 \times 10^{-3} \, A)$ के लिए:
$S = \frac{50 \times 10^{-6}}{5 \times 10^{-3} - 50 \times 10^{-6}} \times 100 \approx \frac{50 \times 10^{-6}}{5 \times 10^{-3}} \times 100 = 1 \, \Omega$.
चूंकि $1 \, \Omega \neq 10 \, \Omega$,इसलिए विकल्प $C$ गलत है।
विकल्प $D$ $(I = 5 \, mA)$ के लिए:
चूंकि $S \approx 1 \, \Omega \neq 0.1 \, \Omega$,इसलिए विकल्प $D$ गलत है।
167
MediumMCQ
एक गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $50\,\Omega$ है और पूर्ण-स्केल विक्षेप के लिए आवश्यक धारा $100\,\mu A$ है। इसे $10\,A$ तक पढ़ने वाले एमीटर में बदलने के लिए,कितना प्रतिरोध जोड़ना आवश्यक है?
A
$3.5 \times 10^{-4}\,\Omega$
B
$10 \times 10^{-4}\,\Omega$
C
$2.5 \times 10^{-4}\,\Omega$
D
$5 \times 10^{-4}\,\Omega$

Solution

(D) दिया गया है: गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $G = 50\,\Omega$,पूर्ण-स्केल विक्षेप धारा $I_G = 100\,\mu A = 100 \times 10^{-6}\,A$,और वांछित सीमा $I = 10\,A$.
गैल्वेनोमीटर को एमीटर में बदलने के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ समानांतर में एक शंट प्रतिरोध $S$ जोड़ा जाना चाहिए।
शंट प्रतिरोध का सूत्र $S = \left( \frac{I_G}{I - I_G} \right) G$ है।
मान रखने पर: $S = \left( \frac{100 \times 10^{-6}}{10 - 100 \times 10^{-6}} \right) \times 50$.
चूंकि $100 \times 10^{-6} = 10^{-4}$,$10$ की तुलना में बहुत छोटा है,इसलिए हर $10 - 10^{-4} \approx 10$ होगा।
अतः,$S \approx \left( \frac{10^{-4}}{10} \right) \times 50 = 10^{-5} \times 50 = 5 \times 10^{-4}\,\Omega$.
168
EasyMCQ
कथन: वोल्टमीटर को परिपथ के साथ समानांतर क्रम में जोड़ा जाता है।
कारण: वोल्टमीटर का प्रतिरोध बहुत अधिक होता है।
A
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण,कथन की सही व्याख्या है।
B
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण,कथन की सही व्याख्या नहीं है।
C
यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
D
यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

Solution

(A) वोल्टमीटर एक उपकरण है जिसका उपयोग विद्युत परिपथ में दो बिंदुओं के बीच विभवांतर को मापने के लिए किया जाता है।
विभवांतर को मापने के लिए,इसे घटक के समानांतर क्रम में जोड़ा जाना चाहिए।
वोल्टमीटर को बहुत उच्च प्रतिरोध वाला बनाया जाता है ताकि यह परिपथ से नगण्य धारा खींचे।
यदि प्रतिरोध कम होता,तो यह महत्वपूर्ण धारा खींचता,जिससे वह विभवांतर बदल जाता जिसे मापने का इरादा है।
चूंकि वोल्टमीटर का उच्च प्रतिरोध ही वह विशिष्ट कारण है कि इसे परिपथ को प्रभावित किए बिना समानांतर में क्यों जोड़ा जाता है,इसलिए कारण,कथन की सही व्याख्या है।
169
EasyMCQ
कथन: गैल्वेनोमीटर को एमीटर में बदलने के लिए,इसके साथ समानांतर क्रम में एक छोटा प्रतिरोध जोड़ा जाता है।
कारण: छोटा प्रतिरोध संयोजन के कुल प्रतिरोध को बढ़ाता है।
A
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
B
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं,लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
C
यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
D
यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

Solution

(C) गैल्वेनोमीटर को एमीटर में बदलने के लिए,गैल्वेनोमीटर $(G)$ के साथ समानांतर क्रम में एक छोटा प्रतिरोध जिसे शंट $(S)$ कहा जाता है,जोड़ा जाता है।
यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि एमीटर का प्रतिरोध बहुत कम हो,जिससे यह सर्किट में महत्वपूर्ण बदलाव किए बिना धारा को माप सके।
जब एक छोटे प्रतिरोध को बड़े प्रतिरोध के साथ समानांतर में जोड़ा जाता है,तो संयोजन का समतुल्य प्रतिरोध हमेशा सबसे छोटे व्यक्तिगत प्रतिरोध से भी कम होता है।
इसलिए,कारण गलत है क्योंकि समानांतर संयोजन,संयोजन के कुल प्रतिरोध को बढ़ाने के बजाय कम कर देता है।
170
EasyMCQ
कथन: कुंडली के अंदर एक उपयुक्त चुंबकीय पदार्थ को कोर के रूप में रखकर मूविंग कॉइल गैल्वेनोमीटर की संवेदनशीलता बढ़ाई जाती है।
कारण: नरम लोहे की चुंबकीय पारगम्यता (permeability) उच्च होती है और इसे आसानी से चुम्बकित या विचुम्बकित नहीं किया जा सकता है।
A
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
B
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
C
यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
D
यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

Solution

(C) मूविंग कॉइल गैल्वेनोमीटर की संवेदनशीलता $S = \frac{N B A}{k}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $N$ फेरों की संख्या है,$B$ चुंबकीय क्षेत्र है,$A$ क्षेत्रफल है और $k$ टोरसोनल स्थिरांक है।
कुंडली के अंदर नरम लोहे की कोर रखने से,नरम लोहे की उच्च चुंबकीय पारगम्यता के कारण चुंबकीय क्षेत्र $B$ काफी बढ़ जाता है,जिससे संवेदनशीलता बढ़ जाती है।
नरम लोहा उच्च चुंबकीय पारगम्यता और कम प्रतिधारण (retentivity) वाला एक फेरोमैग्नेटिक पदार्थ है,जिसका अर्थ है कि इसे आसानी से चुम्बकित और विचुम्बकित किया जा सकता है।
कारण कथन दावा करता है कि नरम लोहे को 'आसानी से चुम्बकित या विचुम्बकित नहीं किया जा सकता है',जो वैज्ञानिक रूप से गलत है।
इसलिए,कथन सही है,लेकिन कारण गलत है।
171
MediumMCQ
$100 \; \Omega$ कुंडली प्रतिरोध वाला एक गैल्वेनोमीटर पूर्ण-स्केल विक्षेप देता है जब इसमें $1 \; mA$ की धारा प्रवाहित की जाती है। $k\Omega$ में उस प्रतिरोध का मान क्या है जो इस गैल्वेनोमीटर को $10 \; V$ के विभवांतर के लिए पूर्ण-स्केल विक्षेप देने वाले वोल्टमीटर में बदल सकता है?
A
$9.9$
B
$8.9$
C
$7.9$
D
$10$

Solution

(A) दिया गया है: गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $R_{g} = 100 \; \Omega$,पूर्ण-स्केल विक्षेप धारा $i_{g} = 1 \; mA = 1 \times 10^{-3} \; A$,और लक्ष्य विभवांतर $V = 10 \; V$ है।
गैल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में बदलने के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणीक्रम में एक उच्च प्रतिरोध $R$ जोड़ा जाता है।
विभवांतर के लिए सूत्र $V = i_{g}(R + R_{g})$ है।
दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करने पर:
$10 = 1 \times 10^{-3} \times (R + 100)$
$10 / (1 \times 10^{-3}) = R + 100$
$10000 = R + 100$
$R = 10000 - 100 = 9900 \; \Omega$.
$k\Omega$ में बदलने पर: $R = 9900 / 1000 = 9.9 \; k\Omega$.
Solution diagram
172
Medium
दिए गए परिपथ (चित्र) में धारा को मापा जाना है। यदि दर्शाया गया एमीटर निम्नलिखित हो तो धारा का मान क्या होगा:
$(a)$ $R_{G}=60.00 \; \Omega$ प्रतिरोध वाला एक गैल्वेनोमीटर हो;
$(b)$ $(a)$ में वर्णित गैल्वेनोमीटर हो लेकिन इसे $r_{s}=0.02 \; \Omega$ के शंट प्रतिरोध द्वारा एमीटर में परिवर्तित किया गया हो;
$(c)$ शून्य प्रतिरोध वाला एक आदर्श एमीटर हो?
Question diagram

Solution

(N/A) परिपथ में कुल प्रतिरोध $R_{total} = R_{G} + 3.00 \; \Omega = 60.00 \; \Omega + 3.00 \; \Omega = 63.00 \; \Omega$ है।
ओम के नियम का उपयोग करते हुए,धारा $I = V / R_{total} = 3.00 \; \text{V} / 63.00 \; \Omega \approx 0.0476 \; \text{A} \approx 0.048 \; \text{A}$ है।
$(b)$ एमीटर में परिवर्तित गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $R_{A} = \frac{R_{G} \cdot r_{s}}{R_{G} + r_{s}} = \frac{60.00 \; \Omega \times 0.02 \; \Omega}{60.00 \; \Omega + 0.02 \; \Omega} = \frac{1.2}{60.02} \; \Omega \approx 0.01999 \; \Omega \approx 0.02 \; \Omega$ है।
परिपथ में कुल प्रतिरोध $R_{total} = R_{A} + 3.00 \; \Omega = 0.02 \; \Omega + 3.00 \; \Omega = 3.02 \; \Omega$ है।
ओम के नियम का उपयोग करते हुए,धारा $I = V / R_{total} = 3.00 \; \text{V} / 3.02 \; \Omega \approx 0.993 \; \text{A} \approx 0.99 \; \text{A}$ है।
$(c)$ एक आदर्श एमीटर के लिए,प्रतिरोध शून्य होता है। अतः,कुल प्रतिरोध $3.00 \; \Omega$ है।
धारा $I = V / R = 3.00 \; \text{V} / 3.00 \; \Omega = 1.00 \; \text{A}$ है।
173
Medium
दो मूविंग कॉइल मीटर,$M_{1}$ और $M_{2}$ का विवरण निम्नलिखित है:
$R_{1}=10 \,\Omega, \quad N_{1}=30$
$A_{1}=3.6 \times 10^{-3} \,m^{2}, \quad B_{1}=0.25 \,T$
$R_{2}=14 \,\Omega, \quad N_{2}=42$
$A_{2}=1.8 \times 10^{-3} \,m^{2}, \quad B_{2}=0.50 \,T$
(दोनों मीटर के लिए स्प्रिंग नियतांक समान हैं)। निम्नलिखित का अनुपात ज्ञात कीजिए:
$(a)$ धारा सुग्राहिता और
$(b)$ वोल्टेज सुग्राहिता,$M_{2}$ और $M_{1}$ के लिए।

Solution

(A) मूविंग कॉइल मीटर $M_{1}$ के लिए:
प्रतिरोध,$R_{1}=10 \,\Omega, \quad N_{1}=30, \quad A_{1}=3.6 \times 10^{-3} \,m^{2}, \quad B_{1}=0.25 \,T, \quad K_{1}=K$
मूविंग कॉइल मीटर $M_{2}$ के लिए:
प्रतिरोध,$R_{2}=14 \,\Omega, \quad N_{2}=42, \quad A_{2}=1.8 \times 10^{-3} \,m^{2}, \quad B_{2}=0.50 \,T, \quad K_{2}=K$
$(a)$ धारा सुग्राहिता $I_{s} = \frac{NBA}{K}$.
धारा सुग्राहिता का अनुपात $\frac{I_{s2}}{I_{s1}} = \frac{N_{2} B_{2} A_{2}}{K_{2}} \times \frac{K_{1}}{N_{1} B_{1} A_{1}} = \frac{42 \times 0.50 \times 1.8 \times 10^{-3}}{30 \times 0.25 \times 3.6 \times 10^{-3}} = \frac{37.8}{27} = 1.4$.
$(b)$ वोल्टेज सुग्राहिता $V_{s} = \frac{I_{s}}{R} = \frac{NBA}{KR}$.
वोल्टेज सुग्राहिता का अनुपात $\frac{V_{s2}}{V_{s1}} = \frac{I_{s2}}{R_{2}} \times \frac{R_{1}}{I_{s1}} = \frac{I_{s2}}{I_{s1}} \times \frac{R_{1}}{R_{2}} = 1.4 \times \frac{10}{14} = 1.4 \times \frac{5}{7} = 1$.
174
Medium
एक गैल्वेनोमीटर कुंडली का प्रतिरोध $12\; \Omega$ है और मीटर $3\; mA$ की धारा के लिए पूर्ण-स्केल विक्षेप दर्शाता है। आप इस मीटर को $0$ से $18\; V$ की रेंज वाले वोल्टमीटर में कैसे परिवर्तित करेंगे?

Solution

(D) गैल्वेनोमीटर कुंडली का प्रतिरोध,$G = 12\; \Omega$ है।
पूर्ण-स्केल विक्षेप के लिए धारा,$I_{g} = 3\; mA = 3 \times 10^{-3}\; A$ है।
वोल्टमीटर की रेंज,$V = 18\; V$ है।
गैल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में बदलने के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणीक्रम में एक उच्च प्रतिरोध $R$ जोड़ा जाना चाहिए।
श्रेणी प्रतिरोध का सूत्र $R = \frac{V}{I_{g}} - G$ है।
दिए गए मानों को रखने पर:
$R = \frac{18}{3 \times 10^{-3}} - 12$
$R = 6000 - 12 = 5988\; \Omega$ है।
अतः,गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणीक्रम में $5988\; \Omega$ का प्रतिरोध जोड़ा जाना चाहिए।
175
Medium
एक गैल्वेनोमीटर कुंडली का प्रतिरोध $15\; \Omega$ है और मीटर $4\; mA$ की धारा के लिए पूर्ण-स्केल विक्षेप दर्शाता है। आप इस मीटर को $0$ से $6\; A$ की रेंज वाले एमीटर में कैसे परिवर्तित करेंगे?

Solution

(A) गैल्वेनोमीटर कुंडली का प्रतिरोध,$G = 15\; \Omega$ है।
वह धारा जिसके लिए गैल्वेनोमीटर पूर्ण-स्केल विक्षेप दर्शाता है,$I_{g} = 4\; mA = 4 \times 10^{-3}\; A$ है।
एमीटर की आवश्यक रेंज $I = 6\; A$ है।
गैल्वेनोमीटर को एमीटर में बदलने के लिए,इसके साथ समानांतर क्रम में $S$ प्रतिरोध का एक शंट जोड़ना होगा। $S$ का मान निम्नलिखित सूत्र द्वारा दिया जाता है:
$S = \frac{I_{g} G}{I - I_{g}}$
मान रखने पर:
$S = \frac{4 \times 10^{-3} \times 15}{6 - 4 \times 10^{-3}}$
$S = \frac{0.06}{6 - 0.004} = \frac{0.06}{5.996} \approx 0.0100066\; \Omega$।
सार्थक अंकों के आधार पर,$S \approx 0.01\; \Omega = 10\; m\Omega$।
अतः,गैल्वेनोमीटर के साथ समानांतर क्रम में $10\; m\Omega$ का शंट प्रतिरोध जोड़ना होगा।
176
Medium
गैल्वेनोमीटर क्या है? इसके अनुप्रयोग बताइए।

Solution

(N/A) गैल्वेनोमीटर एक इलेक्ट्रोमैकेनिकल उपकरण है जिसका उपयोग विद्युत धारा का पता लगाने और उसे इंगित करने के लिए किया जाता है।
यह इस सिद्धांत पर कार्य करता है कि चुंबकीय क्षेत्र में रखी धारावाही कुंडली पर एक चुंबकीय बल आघूर्ण कार्य करता है।
अनुप्रयोग:
$1$. इसका उपयोग परिपथ में छोटी विद्युत धाराओं की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है।
$2$. समानांतर क्रम में कम प्रतिरोध (शंट) जोड़कर,इसे धारा मापने के लिए एमीटर में परिवर्तित किया जा सकता है।
$3$. श्रेणी क्रम में उच्च प्रतिरोध जोड़कर,इसे विभवांतर मापने के लिए वोल्टमीटर में परिवर्तित किया जा सकता है।
$4$. इसका उपयोग प्रयोगशाला प्रयोगों और संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक मापन उपकरणों में व्यापक रूप से किया जाता है।
177
Difficult
चल कुंडली धारामापी (Moving Coil Galvanometer) की संरचना और सिद्धांत की व्याख्या कीजिए।

Solution

(N/A) सिद्धांत: चुंबकीय क्षेत्र में रखी गई धारावाही कुंडली एक चुंबकीय बल आघूर्ण (torque) का अनुभव करती है,जो कुंडली को घुमाने की प्रवृत्ति रखती है और धारा के समानुपाती कोणीय विक्षेप उत्पन्न करती है।
संरचना: चल कुंडली धारामापी में कई फेरों वाली एक कुंडली होती है,जो एक समान त्रिज्यीय (radial) चुंबकीय क्षेत्र में एक निश्चित अक्ष के परितः घूमने के लिए स्वतंत्र होती है।
कुंडली के अंदर एक बेलनाकार नरम लोहे का क्रोड रखा जाता है,जो न केवल चुंबकीय क्षेत्र को त्रिज्यीय बनाता है बल्कि चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता को भी बढ़ाता है।
दोनों ध्रुवों के बीच चुंबकीय क्षेत्र एक समान होता है,जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कुंडली के क्षेत्रफल सदिश और चुंबकीय क्षेत्र $\overrightarrow{B}$ के बीच का कोण हमेशा $90^{\circ}$ (अर्थात $\theta = 90^{\circ}$) रहता है।
इसलिए,लूप पर लगने वाला चुंबकीय बल आघूर्ण $\tau = NIAB \sin(90^{\circ}) = NIAB$ है,जो अधिकतम बल आघूर्ण है।
एक स्प्रिंग $S_{p}$ एक प्रत्यानयन बल आघूर्ण $K\phi$ प्रदान करती है जो चुंबकीय बल आघूर्ण $NIAB$ को संतुलित करता है,जिसके परिणामस्वरूप एक स्थिर कोणीय विक्षेप $\phi$ प्राप्त होता है।
यह विक्षेप स्प्रिंग से जुड़े एक संकेतक (pointer) द्वारा पैमाने पर दर्शाया जाता है,जो विद्युत धारा के मान को मापता है।
Solution diagram
178
Easy
गैल्वेनोमीटर के उपयोग बताइए।

Solution

(N/A) गैल्वेनोमीटर एक इलेक्ट्रोमैकेनिकल उपकरण है जिसका उपयोग विद्युत धारा का पता लगाने और उसे इंगित करने के लिए किया जाता है। इसके मुख्य उपयोग निम्नलिखित हैं:
$1$. विद्युत धारा का पता लगाना: इसका उपयोग परिपथ में मौजूद छोटी विद्युत धारा की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है।
$2$. एमीटर में रूपांतरण: गैल्वेनोमीटर के समानांतर क्रम में एक कम प्रतिरोध (शंट) जोड़कर,इसे एमीटर में बदला जा सकता है,जिसका उपयोग परिपथ में धारा के परिमाण को मापने के लिए किया जाता है।
$3$. वोल्टमीटर में रूपांतरण: गैल्वेनोमीटर के श्रेणी क्रम में एक उच्च प्रतिरोध जोड़कर,इसे वोल्टमीटर में बदला जा सकता है,जिसका उपयोग परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभवांतर को मापने के लिए किया जाता है।
179
Medium
गैल्वेनोमीटर का सीधे एमीटर के रूप में उपयोग करने में आने वाली कठिनाइयों को समझाइए।

Solution

(N/A) गैल्वेनोमीटर का उपयोग सीधे परिपथ में एमीटर के रूप में नहीं किया जा सकता है,इसके दो मुख्य कारण हैं:
$(i)$ गैल्वेनोमीटर एक बहुत ही संवेदनशील उपकरण है; यह $\mu A$ के क्रम की धारा के लिए पूर्ण-स्केल विक्षेप (full scale deflection) देता है। यदि इसे सीधे उच्च धारा वाले परिपथ में जोड़ा जाए,तो इसकी कुंडली जल सकती है।
$(ii)$ धारा मापने के लिए,एमीटर को श्रेणीक्रम (series) में जोड़ा जाना चाहिए। चूंकि गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध अपेक्षाकृत अधिक होता है,इसलिए इसे श्रेणीक्रम में जोड़ने से परिपथ में धारा का मान काफी बदल जाएगा।
मूल धारा: $I = \frac{V}{R}$
गैल्वेनोमीटर (प्रतिरोध $G$) जोड़ने के बाद: $I' = \frac{V}{R + G}$
इसके अतिरिक्त,यदि गैल्वेनोमीटर का उपयोग बड़ी धारा को मापने के लिए किया जाता है,तो $H = I^2Rt$ सूत्र के अनुसार उत्पन्न अत्यधिक ऊष्मा के कारण गैल्वेनोमीटर की कुंडली का पतला तांबे का तार जल सकता है।
Solution diagram
180
Medium
शंट (shunt) क्या है? परिपथ में इसके कार्य को समझाइए,शंट के लिए सूत्र प्राप्त कीजिए और इसके उपयोगों को समझाइए।

Solution

(N/A) परिभाषा: शंट एक कम मान वाला प्रतिरोधक है जिसे गैल्वेनोमीटर के समानांतर जोड़ा जाता है ताकि इसे सुरक्षित रखा जा सके और इसकी धारा मापने की सीमा को बढ़ाया जा सके।
परिपथ में कार्य:
$(i)$ चूंकि शंट का प्रतिरोध $(r_s)$ गैल्वेनोमीटर के प्रतिरोध $(R_G)$ से बहुत कम होता है,इसलिए अधिकांश धारा शंट से होकर गुजरती है,जिससे गैल्वेनोमीटर को उच्च धारा से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।
$(ii)$ समानांतर संयोजन का तुल्य प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{R_G r_s}{R_G + r_s}$ है। चूंकि $R_G \gg r_s$,इसलिए $R_{eq} \approx r_s$। यह कम प्रतिरोध सुनिश्चित करता है कि परिपथ में मूल धारा प्रभावी रूप से अपरिवर्तित रहे।
सूत्र की व्युत्पत्ति:
मान लीजिए गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध $R_G$ है और इससे प्रवाहित होने वाली धारा $I_G$ है। मान लीजिए शंट का प्रतिरोध $r_s$ है और इससे प्रवाहित होने वाली धारा $(I - I_G)$ है,जहाँ $I$ कुल धारा है।
चूंकि गैल्वेनोमीटर और शंट समानांतर में हैं,इसलिए उनके सिरों के बीच विभवांतर समान होता है:
$V_G = V_s$
$I_G R_G = (I - I_G) r_s$
$r_s = \frac{I_G R_G}{I - I_G}$
उपयोग:
$(i)$ यह गैल्वेनोमीटर को उच्च धाराओं से होने वाले नुकसान से बचाता है।
$(ii)$ इसका उपयोग गैल्वेनोमीटर को एमीटर में बदलने के लिए किया जाता है।
$(iii)$ $r_s$ का उचित मान चुनकर,एमीटर की रेंज को बढ़ाया जा सकता है।
Solution diagram
181
Medium
गैल्वेनोमीटर का सीधे एमीटर के रूप में उपयोग करने पर उत्पन्न होने वाली कठिनाइयों का समाधान समझाइए।

Solution

(N/A) गैल्वेनोमीटर का सीधे एमीटर के रूप में उपयोग करने से दो मुख्य कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं: $(1)$ गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध बहुत अधिक होता है,जो परिपथ के कुल प्रतिरोध को बदल देता है और इस प्रकार मापी जाने वाली धारा बदल जाती है। $(2)$ गैल्वेनोमीटर एक संवेदनशील उपकरण है और उच्च धारा के कारण क्षतिग्रस्त हो सकता है।
इन कठिनाइयों को दूर करने के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ समानांतर क्रम में एक छोटा प्रतिरोध जोड़ा जाता है,जिसे शंट $(r_{s})$ कहा जाता है।
$(i)$ चूंकि शंट का प्रतिरोध $(r_{s})$ गैल्वेनोमीटर के प्रतिरोध $(R_{G})$ की तुलना में बहुत कम होता है,इसलिए अधिकांश धारा शंट से होकर गुजरती है,जिससे गैल्वेनोमीटर को क्षति से बचाया जा सकता है।
$(ii)$ समानांतर संयोजन का तुल्यांकी प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{R_{G} r_{s}}{R_{G} + r_{s}}$ होता है। चूंकि $R_{G} \gg r_{s}$,हम $R_{G} + r_{s} \approx R_{G}$ मान सकते हैं। इसलिए,$R_{eq} \approx \frac{R_{G} r_{s}}{R_{G}} = r_{s}$।
$r_{s}$ का मान बहुत कम होने के कारण,परिपथ का कुल प्रतिरोध लगभग अपरिवर्तित रहता है,जिससे यह सुनिश्चित होता है कि एमीटर को जोड़ने से परिपथ की मूल धारा में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होता है।
Solution diagram
182
Difficult
धारामापी (गैल्वेनोमीटर) की धारा सुग्राहिता क्या है? इसे कैसे बढ़ाया जा सकता है?

Solution

(N/A) धारामापी की धारा सुग्राहिता को प्रति इकाई धारा प्रवाहित होने पर उत्पन्न विक्षेप के रूप में परिभाषित किया जाता है।
गणितीय रूप से,यह $\frac{\phi}{I} = \frac{NAB}{k}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $N$ फेरों की संख्या है,$A$ कुंडली का क्षेत्रफल है,$B$ चुंबकीय क्षेत्र है,और $k$ प्रति इकाई ऐंठन प्रत्यानयन बल आघूर्ण है।
धारा सुग्राहिता को बढ़ाने के लिए,फेरों की संख्या $(N)$,कुंडली का क्षेत्रफल $(A)$,या चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता $(B)$ को बढ़ाया जा सकता है,या प्रत्यानयन बल आघूर्ण नियतांक $(k)$ को कम किया जा सकता है।
183
Medium
वोल्टमीटर के रूप में गैल्वेनोमीटर के उपयोग को समझाइए।

Solution

(N/A) गैल्वेनोमीटर का उपयोग परिपथ के किसी दिए गए खंड में विभवांतर (वोल्टेज) को मापने के लिए किया जा सकता है।
वोल्टमीटर को उस घटक के समानांतर जोड़ा जाना चाहिए जिसके सिरों पर विभवांतर मापा जाना है।
सटीक माप सुनिश्चित करने के लिए,वोल्टमीटर को परिपथ से बहुत कम धारा लेनी चाहिए; अन्यथा,यह मूल विभवांतर को काफी हद तक प्रभावित करेगा।
इसे प्राप्त करने के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणीक्रम में एक बहुत बड़ा प्रतिरोध $R$ जोड़ा जाता है।
यह व्यवस्था चित्र में दिखाई गई है। ध्यान दें कि वोल्टमीटर का कुल प्रतिरोध $R_{V} = R_{G} + R \approx R$ है (चूंकि $R$ बहुत बड़ा है)।
इस उच्च प्रतिरोध को श्रेणीक्रम में जोड़कर,गैल्वेनोमीटर को उच्च इनपुट प्रतिरोध वाले वोल्टमीटर में परिवर्तित किया जाता है,जो परिपथ से ली जाने वाली धारा को कम कर देता है।
Solution diagram
184
Medium
वोल्टेज संवेदनशीलता (voltage sensitivity) क्या है? इसका समीकरण प्राप्त कीजिए।

Solution

(N/A) वोल्टेज संवेदनशीलता को गैल्वेनोमीटर के सिरों पर लगाए गए प्रति इकाई वोल्टेज के लिए उत्पन्न विक्षेप (deflection) के रूप में परिभाषित किया जाता है।
मान लीजिए कि धारा $I$ के लिए विक्षेप $\phi$ है। मूविंग कॉइल गैल्वेनोमीटर में विक्षेप $\phi = \left(\frac{NAB}{k}\right) I$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $N$ फेरों की संख्या है,$A$ क्षेत्रफल है,$B$ चुंबकीय क्षेत्र है और $k$ प्रति इकाई ऐंठन प्रत्यानयन बल आघूर्ण है।
दोनों पक्षों को वोल्टेज $V$ से विभाजित करने पर:
$\frac{\phi}{V} = \left(\frac{NAB}{k}\right) \frac{I}{V}$
चूँकि $V = IR$,इसलिए $\frac{I}{V} = \frac{1}{R}$ होता है।
इस मान को समीकरण में प्रतिस्थापित करने पर,वोल्टेज संवेदनशीलता $(V_s)$ के लिए व्यंजक प्राप्त होता है:
$V_s = \frac{\phi}{V} = \frac{NAB}{kR}$
185
Medium
व्याख्या कीजिए: "धारा सुग्राहिता बढ़ाने से वोल्टेज सुग्राहिता का बढ़ना आवश्यक नहीं है।"

Solution

(N/A) धारामापी (गैल्वेनोमीटर) की धारा सुग्राहिता को प्रति इकाई धारा विक्षेप के रूप में परिभाषित किया जाता है, जो इस प्रकार है:
$\frac{\phi}{I} = \frac{NAB}{k} \quad \dots (1)$
जहाँ $N$ फेरों की संख्या है, $A$ क्षेत्रफल है, $B$ चुंबकीय क्षेत्र है और $k$ मरोड़ी नियतांक है।
यदि हम फेरों की संख्या को दोगुना कर दें $(N \rightarrow 2N)$, तो धारा सुग्राहिता:
$\left(\frac{\phi}{I}\right)' = \frac{(2N)AB}{k} = 2 \left(\frac{\phi}{I}\right)$
इस प्रकार, धारा सुग्राहिता दोगुनी हो जाती है।
हालाँकि, गैल्वेनोमीटर कुंडली का प्रतिरोध $R$ तार की लंबाई के समानुपाती होता है। चूंकि तार की लंबाई फेरों की संख्या के समानुपाती होती है, इसलिए फेरों को दोगुना करने से प्रतिरोध भी दोगुना हो जाता है $(R \rightarrow 2R)$।
वोल्टेज सुग्राहिता को प्रति इकाई वोल्टेज विक्षेप के रूप में परिभाषित किया जाता है:
$\frac{\phi}{V} = \frac{\phi}{IR} = \left(\frac{NAB}{k}\right) \frac{1}{R}$
यदि $N$ दोगुना हो जाता है, तो $R$ भी दोगुना हो जाता है। इन मानों को वोल्टेज सुग्राहिता के सूत्र में रखने पर:
$\left(\frac{\phi}{V}\right)' = \frac{(2N)AB}{k(2R)} = \frac{NAB}{kR} = \frac{\phi}{V}$
अतः, वोल्टेज सुग्राहिता अपरिवर्तित रहती है। यह सिद्ध करता है कि धारा सुग्राहिता बढ़ाने से वोल्टेज सुग्राहिता का बढ़ना आवश्यक नहीं है।
186
Difficult
एमीटर और वोल्टमीटर के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।

Solution

(N/A)
एमीटरवोल्टमीटर
$(1)$ यह परिपथ में बहने वाली विद्युत धारा को मापता है।$(1)$ यह परिपथ के दो बिंदुओं के बीच विभवांतर $(p.d.)$ को मापता है।
$(2)$ धारा मापने के लिए, एमीटर को घटक के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है।$(2)$ $p.d.$ मापने के लिए, वोल्टमीटर को घटक के साथ समांतर क्रम में जोड़ा जाता है।
$(3)$ एमीटर का प्रतिरोध बहुत कम होता है। एक आदर्श एमीटर का प्रतिरोध शून्य होता है।$(3)$ वोल्टमीटर का प्रतिरोध बहुत अधिक होता है। एक आदर्श वोल्टमीटर का प्रतिरोध अनंत होता है।
$(4)$ गैल्वेनोमीटर के समांतर क्रम में एक छोटा प्रतिरोध (शंट) जोड़कर उसे एमीटर में बदला जाता है।$(4)$ गैल्वेनोमीटर के श्रेणीक्रम में एक बड़ा प्रतिरोध जोड़कर उसे वोल्टमीटर में बदला जाता है।
187
Easy
एमीटर का प्रतिरोध यथासंभव कम क्यों होना चाहिए?

Solution

(N/A) एमीटर को उससे प्रवाहित होने वाली धारा को मापने के लिए घटक के साथ श्रेणीक्रम (series) में जोड़ा जाता है।
यदि एमीटर का प्रतिरोध $R_{1}$ है और परिपथ का प्रतिरोध $R$ है,तो एमीटर को जोड़ने के बाद,परिपथ का कुल प्रतिरोध $R + R_{1}$ हो जाता है।
परिणामस्वरूप,मापा गया धारा का मान,$I = \frac{V}{R + R_{1}}$,एमीटर की अनुपस्थिति में प्रवाहित होने वाली धारा के वास्तविक मान $(I_{true} = \frac{V}{R})$ से कम होगा।
इस त्रुटि को कम करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि एमीटर धारा का वास्तविक मान मापे,एमीटर का प्रतिरोध $(R_{1})$ यथासंभव कम होना चाहिए,आदर्श रूप से शून्य के करीब।
Solution diagram
188
Medium
चल कुंडली धारामापी (moving coil galvanometer) का सिद्धांत लिखिए।

Solution

(N/A) चल कुंडली धारामापी का सिद्धांत विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर आधारित है। जब एक धारावाही कुंडली को एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है,तो वह एक चुंबकीय बल आघूर्ण (torque) का अनुभव करती है। यह बल आघूर्ण कुंडली को घुमाता है। इस बल आघूर्ण का परिमाण $\tau = NIAB \sin \theta$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $N$ फेरों की संख्या है,$I$ विद्युत धारा है,$A$ कुंडली का क्षेत्रफल है,$B$ चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता है,और $\theta$ कुंडली के अभिलंब और चुंबकीय क्षेत्र के बीच का कोण है। त्रिज्यीय (radial) चुंबकीय क्षेत्र में,$\theta = 90^\circ$ होता है,इसलिए बल आघूर्ण $\tau = NIAB$ हो जाता है। यह बल आघूर्ण स्प्रिंग के प्रत्यानयन बल आघूर्ण (restoring torque) $\tau_r = k\phi$ द्वारा संतुलित होता है,जहाँ $k$ मरोड़ नियतांक (torsional constant) है और $\phi$ विक्षेप कोण है। इस प्रकार,$NIAB = k\phi$,जो यह दर्शाता है कि विक्षेप $\phi$ विद्युत धारा $I$ के सीधे समानुपाती होता है $(I \propto \phi)$।
189
Easy
गैल्वेनोमीटर की संरचना में छोटे बेलन (cylinder) के कार्य को परिभाषित कीजिए।

Solution

(N/A) एक मूविंग कॉइल गैल्वेनोमीटर में,कॉइल के अंदर एक नरम लोहे का बेलन रखा जाता है। इस बेलन के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
$1$. यह अपनी उच्च पारगम्यता (permeability) के कारण कॉइल से गुजरने वाली चुंबकीय फ्लक्स रेखाओं को केंद्रित करके चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता को बढ़ाता है।
$2$. यह चुंबकीय क्षेत्र को त्रिज्यीय (radial) बनाता है,जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कॉइल का तल हमेशा चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के समानांतर रहे,चाहे कॉइल का ओरिएंटेशन कुछ भी हो। इसके परिणामस्वरूप धारा और विक्षेप के बीच एक रैखिक संबंध बना रहता है,अर्थात $\tau = NIAB \sin(90^{\circ}) = NIAB$।
190
MediumMCQ
गैल्वेनोमीटर की संरचना में सर्पिल स्प्रिंग (spiral spring) का क्या कार्य है?
A
प्रत्यानयन बल आघूर्ण (restoring torque) प्रदान करने के लिए।
B
चुंबकीय क्षेत्र को बढ़ाने के लिए।
C
कुंडली के प्रतिरोध को कम करने के लिए।
D
कुंडली के भार को सहारा देने के लिए।

Solution

(A) चल कुंडली गैल्वेनोमीटर में,जब कुंडली से विद्युत धारा प्रवाहित होती है,तो यह $\tau_m = NIAB \sin \theta$ चुंबकीय बल आघूर्ण का अनुभव करती है।
यह बल आघूर्ण कुंडली को घुमाता है।
जैसे-जैसे कुंडली घूमती है,उससे जुड़ी सर्पिल स्प्रिंग में ऐंठन पैदा होती है।
स्प्रिंग की यह ऐंठन एक प्रत्यानयन बल आघूर्ण $\tau_r = k \phi$ उत्पन्न करती है,जहाँ $k$ मरोड़ी नियतांक है और $\phi$ ऐंठन का कोण है।
स्प्रिंग कुंडली को उसकी संतुलन स्थिति में वापस लाने और चुंबकीय बल आघूर्ण को संतुलित करने के लिए आवश्यक प्रत्यानयन बल आघूर्ण प्रदान करती है,जिससे धारा के समानुपाती स्थिर विक्षेप (deflection) प्राप्त होता है।
191
Easy
गैल्वेनोमीटर में लूप पर कार्य करने वाले अधिकतम टॉर्क का समीकरण लिखिए।

Solution

(N/A) $N$ फेरों और $A$ क्षेत्रफल वाली धारावाही कुंडली पर $B$ चुंबकीय क्षेत्र में कार्य करने वाला टॉर्क $\tau$ इस प्रकार है: $\tau = N I A B \sin(\theta)$,जहाँ $\theta$ कुंडली के अभिलंब और चुंबकीय क्षेत्र के बीच का कोण है।
गैल्वेनोमीटर में रेडियल चुंबकीय क्षेत्र होने के कारण,कुंडली का तल हमेशा चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के समानांतर रहता है। इसका अर्थ है कि कुंडली के अभिलंब और चुंबकीय क्षेत्र के बीच का कोण हमेशा $90^\circ$ होता है।
चूँकि $\sin(90^\circ) = 1$ होता है,इसलिए अधिकतम टॉर्क का समीकरण: $\tau_{max} = N I A B$ है।
192
EasyMCQ
शंट की इकाई बताइए।
A
ओम
B
एम्पियर
C
वोल्ट
D
सीमेंस

Solution

(A) शंट एक कम प्रतिरोध वाला विद्युत चालक है जिसे किसी उपकरण (जैसे गैल्वेनोमीटर) के समानांतर जोड़ा जाता है ताकि धारा का एक हिस्सा उससे होकर प्रवाहित हो सके। चूंकि शंट मूल रूप से एक प्रतिरोधक है, इसलिए इसकी $SI$ इकाई $Ohm$ $(\Omega)$ है।
193
EasyMCQ
परिपथ में जोड़ने के बाद गैल्वेनोमीटर पूर्ण-स्केल विक्षेप (full-scale deflection) क्यों नहीं दिखाता है?
A
परिपथ में धारा बहुत कम है।
B
गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध उच्च है।
C
गैल्वेनोमीटर को उच्च प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा गया है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) गैल्वेनोमीटर एक संवेदनशील उपकरण है जिसे छोटी धाराओं का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
$1$. यदि परिपथ में बहने वाली धारा पूर्ण-स्केल विक्षेप $(I_g)$ के लिए आवश्यक धारा से कम है,तो सुई स्केल के अंत तक नहीं पहुँचेगी।
$2$. गैल्वेनोमीटर का एक निश्चित आंतरिक प्रतिरोध $(G)$ होता है। यदि इसे उच्च प्रतिरोध $(R)$ के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है,तो परिपथ का कुल प्रतिरोध काफी बढ़ जाता है,जिससे ओम के नियम $(I = V / (R + G))$ के अनुसार धारा कम हो जाती है।
$3$. परिणामस्वरूप,यदि परिपथ के पैरामीटर गैल्वेनोमीटर की संवेदनशीलता के अनुरूप नहीं हैं,तो यह पूर्ण-स्केल विक्षेप नहीं दिखाएगा।
अतः,उपरोक्त सभी कारक इस अवलोकन में योगदान दे सकते हैं।
194
EasyMCQ
हम गैल्वेनोमीटर को एमीटर में कैसे परिवर्तित कर सकते हैं?
A
गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणीक्रम में उच्च प्रतिरोध जोड़कर।
B
गैल्वेनोमीटर के साथ समांतर क्रम में कम प्रतिरोध जोड़कर।
C
गैल्वेनोमीटर के साथ समांतर क्रम में उच्च प्रतिरोध जोड़कर।
D
गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणीक्रम में कम प्रतिरोध जोड़कर।

Solution

(B) गैल्वेनोमीटर को एमीटर में बदलने के लिए,गैल्वेनोमीटर कुंडली के साथ समांतर क्रम में एक बहुत कम प्रतिरोध,जिसे शंट प्रतिरोध $(S)$ कहा जाता है,जोड़ा जाता है।
$1$. शंट प्रतिरोध का उद्देश्य अधिकांश धारा को अपने माध्यम से प्रवाहित करना है,ताकि संवेदनशील गैल्वेनोमीटर कुंडली को उच्च धारा के कारण होने वाली क्षति से बचाया जा सके।
$2$. यदि $G$ गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध है और $I_g$ पूर्ण-स्केल विक्षेपण के लिए धारा है,तो कुल धारा $I$ को मापने के लिए आवश्यक शंट प्रतिरोध $S$ का सूत्र है: $S = \frac{I_g G}{I - I_g}$।
$3$. परिणामी एमीटर का प्रभावी प्रतिरोध $R_{eq} = \frac{G \cdot S}{G + S}$ होता है,जो बहुत कम होता है,यह सुनिश्चित करता है कि एमीटर उस परिपथ की धारा में महत्वपूर्ण परिवर्तन न करे जिसे वह माप रहा है।
195
Medium
शंट (Shunt) के समीकरण को समझाइए।

Solution

(N/A) शंट एक कम प्रतिरोध वाला तार है जिसे गैल्वेनोमीटर को एमीटर में बदलने के लिए उसके समानांतर (parallel) जोड़ा जाता है।
मान लीजिए $G$ गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध है और $I_g$ पूर्ण-स्केल विक्षेपण के लिए धारा है।
मान लीजिए $I$ कुल धारा है जिसे मापा जाना है और $S$ शंट का प्रतिरोध है।
चूंकि शंट गैल्वेनोमीटर के समानांतर है,इसलिए दोनों के सिरों पर विभवांतर समान होगा:
$V_g = V_s$
$I_g G = (I - I_g) S$
शंट प्रतिरोध $S$ के लिए समीकरण को व्यवस्थित करने पर:
$S = \frac{I_g G}{I - I_g}$
यह समीकरण हमें गैल्वेनोमीटर की सीमा को वांछित धारा $I$ तक बढ़ाने के लिए आवश्यक शंट प्रतिरोध की गणना करने की अनुमति देता है।
196
EasyMCQ
गैल्वेनोमीटर की धारा मापने की क्षमता को $n$ गुना बढ़ाने के लिए आवश्यक शंट प्रतिरोध का समीकरण व्युत्पन्न कीजिए।
A
$S = \frac{G}{n-1}$
B
$S = \frac{G}{n+1}$
C
$S = G(n-1)$
D
$S = G(n+1)$

Solution

(A) माना $I_g$ गैल्वेनोमीटर की पूर्ण-स्केल विक्षेप धारा है और $G$ इसका प्रतिरोध है।
गैल्वेनोमीटर की सीमा को $n$ गुना बढ़ाने के लिए,नई सीमा $I = n I_g$ होनी चाहिए।
इसे प्राप्त करने के लिए,गैल्वेनोमीटर के साथ समानांतर में एक शंट प्रतिरोध $S$ जोड़ा जाता है।
चूंकि गैल्वेनोमीटर और शंट समानांतर में हैं,इसलिए उनके सिरों पर विभवांतर समान होता है: $V = I_g G = (I - I_g) S$.
समीकरण में $I = n I_g$ रखने पर: $I_g G = (n I_g - I_g) S$.
$I_g G = I_g (n - 1) S$.
दोनों पक्षों को $I_g$ से विभाजित करने पर,हमें $G = (n - 1) S$ प्राप्त होता है।
अतः,आवश्यक शंट प्रतिरोध $S = \frac{G}{n - 1}$ है।
197
Medium
परिपथ में वोल्टमीटर और एमीटर को कैसे जोड़ा जाता है? समझाइए।

Solution

(N/A) परिपथ में, एमीटर को उससे प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा को मापने के लिए लोड के साथ $series$ (श्रेणीक्रम) में जोड़ा जाता है। इसका कारण यह है कि एमीटर का प्रतिरोध बहुत कम होता है, और इसे श्रेणीक्रम में जोड़ने से यह सुनिश्चित होता है कि पूरी विद्युत धारा इससे होकर गुजरती है, जिससे परिपथ की विशेषताओं में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होता है।
इसके विपरीत, वोल्टमीटर को उस घटक के साथ $parallel$ (समांतर क्रम) में जोड़ा जाता है जिसके सिरों के बीच विभवांतर मापना होता है। इसका कारण यह है कि वोल्टमीटर का प्रतिरोध बहुत अधिक होता है, और इसे समांतर क्रम में जोड़ने से यह सुनिश्चित होता है कि इससे होकर केवल नगण्य विद्युत धारा प्रवाहित हो, जिससे यह परिपथ के संचालन को प्रभावित किए बिना विभवांतर को सटीकता से माप सके।
198
EasyMCQ
हम गैल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में कैसे परिवर्तित कर सकते हैं?
A
गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणीक्रम में उच्च प्रतिरोध जोड़कर।
B
गैल्वेनोमीटर के साथ श्रेणीक्रम में कम प्रतिरोध जोड़कर।
C
गैल्वेनोमीटर के साथ समानांतर क्रम में उच्च प्रतिरोध जोड़कर।
D
गैल्वेनोमीटर के साथ समानांतर क्रम में कम प्रतिरोध जोड़कर।

Solution

(A) गैल्वेनोमीटर एक संवेदनशील उपकरण है जो छोटे धाराओं को माप सकता है। इसे वोल्टमीटर में बदलने के लिए,जो विभवांतर को मापता है,हमें इसके प्रतिरोध को काफी बढ़ाना पड़ता है ताकि यह सर्किट से नगण्य धारा ले।
यह गैल्वेनोमीटर कुंडली के साथ श्रेणीक्रम में एक उच्च प्रतिरोध,जिसे श्रेणी प्रतिरोध $(R_s)$ कहा जाता है,जोड़कर प्राप्त किया जाता है।
मान लीजिए $G$ गैल्वेनोमीटर का प्रतिरोध है और $I_g$ पूर्ण-स्केल विक्षेपण के लिए धारा है। यदि हम $V$ वोल्टेज मापना चाहते हैं,तो वोल्टमीटर का कुल प्रतिरोध $R_{total} = G + R_s$ होगा।
ओम के नियम के अनुसार,$V = I_g(G + R_s)$।
$R_s$ के लिए पुनर्व्यवस्थित करने पर,हमें $R_s = (V / I_g) - G$ प्राप्त होता है।
199
EasyMCQ
रिक्त स्थान भरें: एमीटर के प्रतिरोध का संभावित मान ...... है और वोल्टमीटर के प्रतिरोध का संभावित मान ..... है। (अधिक,कम)
A
कम,अधिक
B
अधिक,कम
C
कम,कम
D
अधिक,अधिक

Solution

(A) धारा मापने के लिए एमीटर को परिपथ में श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह परिपथ की धारा को महत्वपूर्ण रूप से परिवर्तित न करे, इसका प्रतिरोध यथासंभव कम होना चाहिए। आदर्श रूप से, एक एमीटर का प्रतिरोध शून्य होना चाहिए。
विभवांतर मापने के लिए वोल्टमीटर को परिपथ के घटक के साथ समानांतर क्रम में जोड़ा जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि यह परिपथ से महत्वपूर्ण धारा न खींचे, इसका प्रतिरोध यथासंभव अधिक होना चाहिए। आदर्श रूप से, एक वोल्टमीटर का प्रतिरोध अनंत होना चाहिए。
अतः, एमीटर का प्रतिरोध $\text{कम}$ है और वोल्टमीटर का प्रतिरोध $\text{अधिक}$ है।
200
EasyMCQ
एक आदर्श एमीटर का प्रतिरोध कितना होता है?
A
शून्य
B
अनंत
C
बहुत अधिक
D
परिपथ पर निर्भर करता है

Solution

(A) एक आदर्श एमीटर को इस प्रकार डिज़ाइन किया जाता है कि वह परिपथ के मापदंडों को प्रभावित किए बिना उसमें बहने वाली धारा को माप सके।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि एमीटर उस धारा को न बदले जिसे वह माप रहा है,इसका प्रतिरोध शून्य होना चाहिए।
यदि प्रतिरोध शून्य नहीं होता,तो यह एमीटर के सिरों पर वोल्टेज ड्रॉप का कारण बनता,जिससे परिपथ में कुल धारा बदल जाती।
इसलिए,एक आदर्श एमीटर का प्रतिरोध $0 \ \Omega$ होता है।

Moving Charges and Magnetism — The Moving Coil Galvanometer (Sensitivity) and Ammeter and Voltmeter Conversion · Frequently Asked Questions

1Are these Moving Charges and Magnetism questions useful for JEE and NEET?

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2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

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