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Solubility product Questions in Hindi

Class 11 Chemistry · 6-2.Equilibrium-II (Ionic Equilibrium) · Solubility product

581+

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100%

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Showing 50 of 581 questions in Hindi

401
Medium
हाइड्रोजन सल्फाइड से संतृप्त $0.1 \ M \ HCl$ विलयन में सल्फाइड आयन की सांद्रता $1.0 \times 10^{-19} \ M$ है। यदि इसके $10 \ mL$ को निम्नलिखित के $5 \ mL$ $(0.04 \ M)$ विलयन में मिलाया जाता है,तो इनमें से किस विलयन में अवक्षेपण होगा? दिए गए $K_{sp}$ मान: $FeS = 6.3 \times 10^{-18}, MnS = 2.5 \times 10^{-13}, ZnS = 1.6 \times 10^{-24}, CdS = 8.0 \times 10^{-27}$.

Solution

(D) अवक्षेपण के लिए,आयनिक गुणनफल का मान $K_{sp}$ से अधिक होना चाहिए।
मिश्रण के बाद,कुल आयतन $15 \ mL$ है।
सल्फाइड आयन की नई सांद्रता $[S^{2-}] = \frac{1.0 \times 10^{-19} \times 10}{15} = 6.67 \times 10^{-20} \ M$ है।
धातु आयन की नई सांद्रता $[M^{2+}] = \frac{0.04 \times 5}{15} = 1.33 \times 10^{-2} \ M$ है।
आयनिक गुणनफल $[M^{2+}][S^{2-}] = (1.33 \times 10^{-2}) \times (6.67 \times 10^{-20}) = 8.87 \times 10^{-22}$ है।
इस मान की तुलना दिए गए $K_{sp}$ मानों से करने पर:
$FeS$ के लिए: $8.87 \times 10^{-22} < 6.3 \times 10^{-18}$ (अवक्षेपण नहीं होगा)
$MnS$ के लिए: $8.87 \times 10^{-22} < 2.5 \times 10^{-13}$ (अवक्षेपण नहीं होगा)
$ZnS$ के लिए: $8.87 \times 10^{-22} > 1.6 \times 10^{-24}$ (अवक्षेपण होगा)
$CdS$ के लिए: $8.87 \times 10^{-22} > 8.0 \times 10^{-27}$ (अवक्षेपण होगा)
अतः,$ZnCl_2$ और $CdCl_2$ के विलयनों में अवक्षेपण होगा।
402
Difficult
द्रव में ठोस के घुलने की प्रक्रिया में साम्यावस्था को समझाइए।

Solution

(N/A) जब किसी ठोस विलेय को द्रव विलायक में मिलाया जाता है,तो यह तब तक घुलता है जब तक कि विलयन संतृप्त न हो जाए। इस बिंदु पर,अघुलित ठोस और घुलित विलेय के बीच एक गतिक साम्यावस्था स्थापित हो जाती है।
$Solute \text{ (solid)} \rightleftharpoons Solute \text{ (in solution)}$
साम्यावस्था पर,ठोस के घुलने की दर विलयन से विलेय के क्रिस्टलीकरण की दर के बराबर होती है। दिए गए तापमान पर विलयन में विलेय की सांद्रता स्थिर रहती है।
403
MediumMCQ
$25^{\circ} C$ पर $AgI$ का विलेयता गुणनफल $1.0 \times 10^{-16} \ mol^2 \ L^{-2}$ है। $25^{\circ} C$ पर $10^{-4} \ N \ KI$ में $AgI$ की विलेयता क्या होगी?
A
$1.0 \times 10^{-12} \ mol \ L^{-1}$
B
$1.0 \times 10^{-16} \ mol \ L^{-1}$
C
$1.0 \times 10^{-8} \ mol \ L^{-1}$
D
$2.0 \times 10^{-16} \ mol \ L^{-1}$

Solution

(A) $AgI$ के लिए विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ इस प्रकार है: $K_{sp} = [Ag^+][I^-] = 1.0 \times 10^{-16}$.
$10^{-4} \ N \ KI$ की उपस्थिति में,$I^-$ आयनों की सांद्रता $[I^-] = 10^{-4} \ M$ है।
माना $AgI$ की विलेयता $S$ है। अतः $[Ag^+] = S$.
इन मानों को $K_{sp}$ समीकरण में रखने पर: $S \times 10^{-4} = 1.0 \times 10^{-16}$.
$S$ के लिए हल करने पर: $S = \frac{1.0 \times 10^{-16}}{10^{-4}} = 1.0 \times 10^{-12} \ mol \ L^{-1}$.
404
MediumMCQ
एक अल्प विलेय लवण $AX_2$ का विलेयता गुणनफल $3.2 \times 10^{-11}$ है। $mol/L$ में इसकी विलेयता है:
A
$2.0 \times 10^{-4}$
B
$4.0 \times 10^{-4}$
C
$1.6 \times 10^{-4}$
D
$3.2 \times 10^{-4}$

Solution

(A) $AX_2$ प्रकार के लवण के लिए,वियोजन इस प्रकार है: $AX_2(s) \rightleftharpoons A^{2+}(aq) + 2X^-(aq)$.
माना विलेयता $S \ mol/L$ है।
अतः $[A^{2+}] = S$ और $[X^-] = 2S$.
विलेयता गुणनफल का व्यंजक $K_{sp} = [A^{2+}][X^-]^2$ है।
मान रखने पर: $K_{sp} = (S)(2S)^2 = 4S^3$.
दिया गया है $K_{sp} = 3.2 \times 10^{-11}$.
अतः,$4S^3 = 3.2 \times 10^{-11}$.
$S^3 = 0.8 \times 10^{-11} = 8 \times 10^{-12}$.
$S = \sqrt[3]{8 \times 10^{-12}} = 2 \times 10^{-4} \ mol/L$.
405
MediumMCQ
$MX_2$ सामान्य सूत्र वाले लवण का विलेयता गुणनफल $4.0 \times 10^{-12}$ है। इस लवण के संतृप्त विलयन में $M^{2+}$ आयन की सांद्रता क्या होगी?
A
$1.0 \times 10^{-4} \ M$
B
$2.0 \times 10^{-4} \ M$
C
$1.0 \times 10^{-6} \ M$
D
$2.0 \times 10^{-6} \ M$

Solution

(A) $MX_2$ लवण के लिए,वियोजन साम्य इस प्रकार है: $MX_2(s) \rightleftharpoons M^{2+}(aq) + 2X^-(aq)$.
माना लवण की विलेयता $s \ mol/L$ है।
अतः,$[M^{2+}] = s$ और $[X^-] = 2s$.
विलेयता गुणनफल का व्यंजक: $K_{sp} = [M^{2+}][X^-]^2$.
मान रखने पर: $K_{sp} = (s)(2s)^2 = 4s^3$.
दिया गया है $K_{sp} = 4.0 \times 10^{-12}$,इसलिए $4s^3 = 4.0 \times 10^{-12}$.
$s^3 = 1.0 \times 10^{-12}$.
$s = (1.0 \times 10^{-12})^{1/3} = 1.0 \times 10^{-4} \ M$.
चूँकि $[M^{2+}] = s$,इसलिए $M^{2+}$ की सांद्रता $1.0 \times 10^{-4} \ M$ होगी।
406
DifficultMCQ
एक अल्प विलेय,प्रबल विद्युत अपघट्य लवण के संतृप्त विलयन में निम्नलिखित साम्यावस्था स्थापित होती है:
$AgIO_{3(s)} \rightleftharpoons Ag^+_{(aq)} + IO_{3(aq)}^-$
एक निश्चित तापमान पर $AgIO_3$ का विलेयता गुणनफल $K_{sp} = 1.0 \times 10^{-8}$ है। $AgIO_3$ का मोलर द्रव्यमान $283 \ g \ mol^{-1}$ है। $AgIO_3$ के $100 \ mL$ संतृप्त विलयन में $AgIO_3$ का द्रव्यमान कितना होगा?
A
$2.83 \times 10^{-3} \ g$
B
$2.83 \times 10^{-4} \ g$
C
$1.0 \times 10^{-4} \ g$
D
$2.83 \times 10^{-2} \ g$

Solution

(A) विलेयता गुणनफल का व्यंजक $K_{sp} = [Ag^+][IO_3^-]$ है।
चूंकि $AgIO_3 \rightleftharpoons Ag^+ + IO_3^-$,मान लीजिए विलेयता $s \ mol \ L^{-1}$ है।
अतः $K_{sp} = s^2 = 1.0 \times 10^{-8}$.
$s = \sqrt{1.0 \times 10^{-8}} = 1.0 \times 10^{-4} \ mol \ L^{-1}$.
$100 \ mL$ $(0.1 \ L)$ में मोलों की संख्या $n = s \times V = 1.0 \times 10^{-4} \ mol \ L^{-1} \times 0.1 \ L = 1.0 \times 10^{-5} \ mol$.
द्रव्यमान $= n \times \text{मोलर द्रव्यमान} = 1.0 \times 10^{-5} \ mol \times 283 \ g \ mol^{-1} = 2.83 \times 10^{-3} \ g$.
407
EasyMCQ
साम्यावस्था अभिक्रिया $Fe(OH)_3(s) \rightleftharpoons Fe^{3+}(aq) + 3OH^-(aq)$ के लिए,यदि $OH^-$ की सांद्रता को उसके प्रारंभिक मान का $\frac{1}{4}$ कर दिया जाए,तो साम्यावस्था पर $Fe^{3+}$ की सांद्रता कितने गुना बढ़ जाएगी?
A
$4$
B
$16$
C
$64$
D
$256$

Solution

(C) अभिक्रिया के लिए साम्यावस्था स्थिरांक का व्यंजक $K_{sp} = [Fe^{3+}][OH^-]^3$ है।
दिए गए तापमान पर $K_{sp}$ स्थिर रहता है,इसलिए $[Fe^{3+}]_1 [OH^-]_1^3 = [Fe^{3+}]_2 [OH^-]_2^3$ होगा।
चूंकि $[OH^-]_2 = \frac{1}{4} [OH^-]_1$ दिया गया है,इसलिए:
$[Fe^{3+}]_1 [OH^-]_1^3 = [Fe^{3+}]_2 (\frac{1}{4} [OH^-]_1)^3$.
$[Fe^{3+}]_1 [OH^-]_1^3 = [Fe^{3+}]_2 \times \frac{1}{64} [OH^-]_1^3$.
$[Fe^{3+}]_2 = 64 [Fe^{3+}]_1$.
अतः,$Fe^{3+}$ की सांद्रता $64$ गुना बढ़ जाएगी।
408
DifficultMCQ
$BaCO_3$ का विलेयता गुणनफल $({K_{sp}})$ $1.5 \times 10^{-9}$ है। $10^{-4} \ M$ $Na_2CO_3$ के विलयन में जब ठोस $Ba(NO_3)_2$ मिलाया जाता है,तो $Ba^{2+}$ आयनों की किस सांद्रता पर अवक्षेपण शुरू होगा?
A
$1.5 \times 10^{-5} \ M$
B
$5.1 \times 10^{-5} \ M$
C
$1.5 \times 10^{-4} \ M$
D
$1.0 \times 10^{-5} \ M$

Solution

(A) $BaCO_3$ के लिए विलेयता गुणनफल का व्यंजक है:
$K_{sp} = [Ba^{2+}][CO_3^{2-}]$
दिया गया है:
$K_{sp} = 1.5 \times 10^{-9}$
$[CO_3^{2-}] = 10^{-4} \ M$
अवक्षेपण तब शुरू होता है जब आयनिक गुणनफल विलेयता गुणनफल से अधिक हो जाता है।
$[Ba^{2+}] = \frac{K_{sp}}{[CO_3^{2-}]} = \frac{1.5 \times 10^{-9}}{10^{-4}} = 1.5 \times 10^{-5} \ M$
409
DifficultMCQ
यदि $Ba(OH)_2$ के संतृप्त विलयन का $pH$ $12$ है,तो इसके विलेयता गुणनफल $K_{sp}$ का मान क्या होगा?
A
$4.0 \times 10^{-7}$
B
$5.0 \times 10^{-7}$
C
$2.0 \times 10^{-7}$
D
$1.0 \times 10^{-7}$

Solution

(B) दिया गया है $pH = 12$,इसलिए $pOH = 14 - 12 = 2$.
अतः,$[OH^-] = 10^{-pOH} = 10^{-2} \ M$.
$Ba(OH)_2$ का वियोजन: $Ba(OH)_2 \rightleftharpoons Ba^{2+} + 2OH^-$.
चूंकि $[OH^-] = 10^{-2} \ M$,इसलिए $[Ba^{2+}] = \frac{1}{2} [OH^-] = 0.5 \times 10^{-2} = 5.0 \times 10^{-3} \ M$.
विलेयता गुणनफल $K_{sp} = [Ba^{2+}][OH^-]^2$.
मान रखने पर: $K_{sp} = (5.0 \times 10^{-3}) \times (10^{-2})^2 = 5.0 \times 10^{-3} \times 10^{-4} = 5.0 \times 10^{-7}$.
410
Medium
सिल्वर ब्रोमाइड $(AgBr)$ का विलेयता गुणनफल $5.0 \times 10^{-13}$ है। $AgBr$ के अवक्षेपण को शुरू करने के लिए $1 \ L$ $0.05 \ M$ सिल्वर नाइट्रेट $(AgNO_3)$ विलयन में कम से कम कितना पोटेशियम ब्रोमाइड $(KBr)$ मिलाया जाना चाहिए? ($KBr$ का मोलर द्रव्यमान $= 120 \ g \ mol^{-1}$)

Solution

(A) $AgBr$ का अवक्षेपण तब होता है जब आयनिक गुणनफल $[Ag^+][Br^-]$ विलेयता गुणनफल $K_{sp}$ से अधिक हो जाता है।
दिया गया है: $K_{sp}(AgBr) = 5.0 \times 10^{-13}$,$[Ag^+] = 0.05 \ M$.
अवक्षेपण शुरू करने के लिए: $[Ag^+][Br^-] \geq K_{sp}$.
$0.05 \times [Br^-] = 5.0 \times 10^{-13}$.
$[Br^-] = \frac{5.0 \times 10^{-13}}{0.05} = 1.0 \times 10^{-11} \ M$.
चूंकि $1 \ L$ विलयन का उपयोग किया गया है,आवश्यक $KBr$ के मोल = $1.0 \times 10^{-11} \ mol$.
$KBr$ का द्रव्यमान = $\text{मोल} \times \text{मोलर द्रव्यमान} = 1.0 \times 10^{-11} \ mol \times 120 \ g \ mol^{-1} = 1.2 \times 10^{-9} \ g$.
411
Difficult
लवण की विलेयता क्या है? विलेयता के आधार पर लवणों के वर्गीकरण की व्याख्या कीजिए।

Solution

(N/A) एक निश्चित तापमान पर $1 \ L$ विलायक में घुले हुए विलेय के मोलों की संख्या को लवण की विलेयता कहा जाता है।
विलेयता के आधार पर लवणों का वर्गीकरण:
$(i)$ विलेय लवण:
- विलेयता $0.1 \ M$ से अधिक होती है।
- ये लवण विलयन में आयनों के रूप में मौजूद होते हैं (पूर्ण आयनीकरण)।
- उदाहरण: $NaCl, CaCl_2, CaF_2$।
$(ii)$ कम विलेय लवण:
- विलेयता $0.01 \ M$ और $0.1 \ M$ के बीच होती है।
- ये लवण विलयन में आयनिक साम्यावस्था प्रदर्शित करते हैं।
- उदाहरण: $Ca(OH)_2, MgSO_4$।
$(iii)$ अल्प विलेय लवण:
- विलेयता $0.01 \ M$ से कम होती है।
- ये लवण बहुत कम विलेय होते हैं और विलयन में अघुलनशील अवक्षेप बनाते हैं।
- उदाहरण: $AgCl, Mg(OH)_2, BaSO_4$।
लवणों की विलेयता तापमान के साथ बदलती रहती है।
412
Difficult
अल्प विलेय लवण $M_{x}X_{y}$ के लिए विलेयता और विलेयता गुणनफल का समीकरण व्युत्पन्न कीजिए।

Solution

(N/A) मान लीजिए एक अल्प विलेय लवण $M_{x}X_{y}$ है जिसकी विलेयता $S \ mol \ L^{-1}$ है।
इसका वियोजन साम्य इस प्रकार है:
$M_{x}X_{y(s)} \rightleftharpoons x M_{(aq)}^{p+} + y X_{(aq)}^{q-}$
साम्यावस्था पर,सांद्रता $[M^{p+}] = xS$ और $[X^{q-}] = yS$ होगी।
विलेयता गुणनफल स्थिरांक $K_{sp}$ की परिभाषा के अनुसार:
$K_{sp} = [M^{p+}]^{x} [X^{q-}]^{y}$
सांद्रता के मान रखने पर:
$K_{sp} = (xS)^{x} (yS)^{y}$
$K_{sp} = x^{x} y^{y} S^{(x+y)}$
विलेयता $S$ के लिए सूत्र:
$S^{(x+y)} = \frac{K_{sp}}{x^{x} y^{y}}$
$S = \left( \frac{K_{sp}}{x^{x} y^{y}} \right)^{\frac{1}{x+y}}$
413
Easy
विलेयता $(S)$ और विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ के बीच संबंध स्पष्ट कीजिए।

Solution

मान लीजिए एक अल्प विलेय लवण $M_{x}X_{y}$ है,जिसकी विलेयता $S \ mol \ L^{-1}$ है।
इसका वियोजन साम्य इस प्रकार है:
$M_{x}X_{y(s)} \rightleftharpoons x M_{(aq)}^{y+} + y X_{(aq)}^{x-}$
साम्यावस्था पर,आयनों की सांद्रता:
$[M^{y+}] = xS$
$[X^{x-}] = yS$
विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ की परिभाषा:
$K_{sp} = [M^{y+}]^{x} [X^{x-}]^{y}$
$S$ के पदों में सांद्रता का मान रखने पर:
$K_{sp} = (xS)^{x} (yS)^{y}$
$K_{sp} = x^{x} \cdot y^{y} \cdot S^{(x+y)}$
$S$ के लिए सूत्र बनाने पर:
$S^{(x+y)} = \frac{K_{sp}}{x^{x} \cdot y^{y}}$
$S = \left( \frac{K_{sp}}{x^{x} \cdot y^{y}} \right)^{\frac{1}{x+y}}$
414
Easy
निम्नलिखित अल्प विलेय लवणों के लिए विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए:
$(i)$ $MX$ सूत्र वाले दो आयन
$(ii)$ $MX_{2}$ या $M_{2}X$ प्रकार के तीन आयन
$(iii)$ $AX_{3}$ या $A_{3}X$ प्रकार के चार आयन
$(iv)$ $A_{2}X_{3}$ या $A_{3}X_{2}$ प्रकार के पांच आयन।

Solution

(N/A) $(i)$ $MX$ प्रकार के लवण के लिए: $MX_{(s)} \rightleftharpoons M_{(aq)}^{+} + X_{(aq)}^{-}$. माना विलेयता $S \ mol/L$ है। $K_{sp} = [M^{+}][X^{-}] = (S)(S) = S^{2}$.
$(ii)$ $MX_{2}$ प्रकार के लिए: $MX_{2(s)} \rightleftharpoons M_{(aq)}^{2+} + 2X_{(aq)}^{-}$. $K_{sp} = [M^{2+}][X^{-}]^{2} = (S)(2S)^{2} = 4S^{3}$.
$M_{2}X$ प्रकार के लिए: $M_{2}X_{(s)} \rightleftharpoons 2M_{(aq)}^{+} + X_{(aq)}^{2-}$. $K_{sp} = [M^{+}]^{2}[X^{2-}] = (2S)^{2}(S) = 4S^{3}$.
$(iii)$ $AX_{3}$ प्रकार के लिए: $AX_{3(s)} \rightleftharpoons A_{(aq)}^{3+} + 3X_{(aq)}^{-}$. $K_{sp} = [A^{3+}][X^{-}]^{3} = (S)(3S)^{3} = 27S^{4}$.
$A_{3}X$ प्रकार के लिए: $A_{3}X_{(s)} \rightleftharpoons 3A_{(aq)}^{+} + X_{(aq)}^{3-}$. $K_{sp} = [A^{+}]^{3}[X^{3-}] = (3S)^{3}(S) = 27S^{4}$.
$(iv)$ $A_{2}X_{3}$ प्रकार के लिए: $A_{2}X_{3(s)} \rightleftharpoons 2A_{(aq)}^{3+} + 3X_{(aq)}^{2-}$. $K_{sp} = [A^{3+}]^{2}[X^{2-}]^{3} = (2S)^{2}(3S)^{3} = 4S^{2} \times 27S^{3} = 108S^{5}$.
$A_{3}X_{2}$ प्रकार के लिए: $A_{3}X_{2(s)} \rightleftharpoons 3A_{(aq)}^{2+} + 2X_{(aq)}^{3-}$. $K_{sp} = [A^{2+}]^{3}[X^{3-}]^{2} = (3S)^{3}(2S)^{2} = 27S^{3} \times 4S^{2} = 108S^{5}$.
415
Difficult
आयनिक गुणनफल और विलेयता गुणनफल के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए। अल्प विलेय लवण के अवक्षेपण के लिए शर्त समझाइए।

Solution

(N/A) $K_{sp}$: एक निश्चित तापमान पर,अल्प विलेय लवण के संतृप्त विलयन में उसके आयनों की सांद्रता के गुणनफल को विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ कहा जाता है।
उदाहरण: $BaSO_{4(s)} \rightleftharpoons Ba^{2+}_{(aq)} + S{O_{4}}^{2-}_{(aq)}$
$K_{sp} = [Ba^{2+}] [SO_{4}^{2-}] \quad \dots (Eq.-I)$
$Q_{sp}$: जब अल्प विलेय लवण के आयनों वाले दो विलयनों को मिलाया जाता है,तो किसी भी क्षण उन आयनों की सांद्रता के गुणनफल को आयनिक गुणनफल $(Q_{sp})$ कहा जाता है।
उदाहरण: जब $0.1 \ M \ Ba(NO_{3})_{2}$ को $0.05 \ M \ H_{2}SO_{4}$ के साथ मिलाया जाता है,तो $Ba^{2+}$ और $SO_{4}^{2-}$ की सांद्रता का गुणनफल आयनिक गुणनफल $(Q_{sp})$ होता है।
$Q_{sp}(BaSO_{4}) = [Ba^{2+}] [SO_{4}^{2-}] \quad \dots (Eq.-II)$
$K_{sp}$ और $Q_{sp}$ के बीच संबंध:
$1$. यदि $Q_{sp} = K_{sp}$,तो विलयन संतृप्त है और साम्यावस्था स्थापित है।
$2$. यदि $Q_{sp} < K_{sp}$,तो विलयन असंतृप्त है और अवक्षेपण नहीं होगा।
$3$. यदि $Q_{sp} > K_{sp}$,तो विलयन अतिसंतृप्त है और अवक्षेपण होगा।
इस प्रकार,$Q_{sp}$ और $K_{sp}$ के मानों की तुलना करके यह अनुमान लगाया जा सकता है कि अवक्षेपण होगा या नहीं।
416
Difficult
दुर्बल अम्ल के लवण $MX$ (जैसे फॉस्फोरिक अम्ल के लवण) की विलेयता कम $pH$ पर बढ़ जाती है। समीकरणों के साथ समझाइए।

Solution

(A) $Na_{3}PO_{4}$ जैसे दुर्बल अम्ल के लवण की विलेयता कम $pH$ पर बढ़ जाती है क्योंकि कम $pH$ पर प्रोटोनेशन के कारण ऋणायन $X^{-}$ की सांद्रता कम हो जाती है। जैसे-जैसे $[X^{-}]$ घटता है,$MX$ की विलेयता बढ़ जाती है।
$MX_{(s)} \rightleftharpoons M_{(aq)}^{+} + X_{(aq)}^{-} \quad \dots (Eq.-i)$
$K_{sp} = [M^{+}][X^{-}] \quad \dots (Eq.-ii)$
चूंकि $MX$ एक दुर्बल अम्ल $(HX)$ का लवण है,दुर्बल अम्ल का आयनीकरण इस प्रकार होता है:
$HX_{(aq)} \rightleftharpoons H_{(aq)}^{+} + X_{(aq)}^{-} \quad \dots (Eq.-iii)$
नोट: इस लवण और दुर्बल अम्ल में सामान्य आयन $X^{-}$ है।
दुर्बल अम्ल के लिए आयनीकरण स्थिरांक:
$K_{a} = \frac{[H^{+}][X^{-}]}{[HX]} \quad \dots (Eq.-iv)$
$(Eq.-iv)$ से,हमें $\frac{[X^{-}]}{[HX]} = \frac{K_{a}}{[H^{+}]}$ प्राप्त होता है।
माना $f$ विलयन में उपस्थित ऋणायन $X^{-}$ का अंश है:
$f = \frac{[X^{-}]}{[HX] + [X^{-}]} = \frac{K_{a}}{[H^{+}] + K_{a}} \quad \dots (Eq.-v)$
जैसे-जैसे $[H^{+}]$ बढ़ता है,$pH$ घटता है,और '$f$' का मान कम हो जाता है,जो $(Eq.-i)$ के संतुलन को दाईं ओर स्थानांतरित करता है,जिससे विलेयता बढ़ जाती है।
417
EasyMCQ
$298 \ K$ तापमान पर $Mg(OH)_2$ के संतृप्त विलयन की सांद्रता $8.2 \times 10^{-4} \ g \ L^{-1}$ है। इसके विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ की गणना कीजिए। ($Mg(OH)_2$ का मोलर द्रव्यमान = $58 \ g \ mol^{-1}$)
A
$1.121 \times 10^{-14}$
B
$2.242 \times 10^{-14}$
C
$4.484 \times 10^{-14}$
D
$8.968 \times 10^{-14}$

Solution

(A) $1$. सबसे पहले,मोलर विलेयता $(S)$ को $mol \ L^{-1}$ में ज्ञात करें:
$S = \frac{8.2 \times 10^{-4} \ g \ L^{-1}}{58 \ g \ mol^{-1}} \approx 1.414 \times 10^{-5} \ mol \ L^{-1}$.
$2$. $Mg(OH)_2$ का वियोजन: $Mg(OH)_2(s) \rightleftharpoons Mg^{2+}(aq) + 2OH^-(aq)$.
$3$. विलेयता गुणनफल का व्यंजक: $K_{sp} = [Mg^{2+}][OH^-]^2 = 4S^3$.
$4$. $S$ का मान रखने पर: $K_{sp} = 4 \times (1.414 \times 10^{-5})^3$.
$5$. $K_{sp} = 1.131 \times 10^{-14} \ (mol \ L^{-1})^3$.
418
Easy
$298 \ K$ तापमान पर,$Mg(OH)_2$ का $K_{sp}$ $1.8 \times 10^{-11}$ है। यदि इसमें $0.1 \ M$ $NaOH$ विलयन मिलाया जाए,तो $Mg^{2+}$ आयनों की सांद्रता क्या होगी? जल में इसकी विलेयता की गणना कीजिए।

Solution

(N/A) $1$. जल में विलेयता $(S)$: $Mg(OH)_2 \rightleftharpoons Mg^{2+} + 2OH^-$ के लिए,$K_{sp} = (S)(2S)^2 = 4S^3$. $S = (K_{sp}/4)^{1/3} = (1.8 \times 10^{-11} / 4)^{1/3} = (4.5 \times 10^{-12})^{1/3} \approx 1.65 \times 10^{-4} \ M$.
$2$. $0.1 \ M$ $NaOH$ में विलेयता: $[OH^-] = 0.1 \ M$. $K_{sp} = [Mg^{2+}][OH^-]^2$. $1.8 \times 10^{-11} = [Mg^{2+}](0.1)^2$. $[Mg^{2+}] = 1.8 \times 10^{-11} / 0.01 = 1.8 \times 10^{-9} \ M$.
419
EasyMCQ
$Mg(OH)_2$ का $K_{sp}$ $1.0 \times 10^{-12}$ है। $0.01 \ M$ $Mg^{2+}$ के विलयन में किस $pH$ पर अवक्षेपण शुरू होगा? शुद्ध जल में $Mg(OH)_2$ की विलेयता की गणना करें।
A
$pH = 10$
B
$pH = 10.5$
C
$pH = 11$
D
$pH = 9.5$

Solution

(A) $Mg(OH)_2$ के अवक्षेपण के लिए आयनिक गुणनफल $K_{sp}$ से अधिक होना चाहिए।
$K_{sp} = [Mg^{2+}][OH^-]^2 = 1.0 \times 10^{-12}$.
$[OH^-]^2 = \frac{1.0 \times 10^{-12}}{0.01} = 1.0 \times 10^{-10}$.
$[OH^-] = 1.0 \times 10^{-5} \ M$.
$pOH = -\log(1.0 \times 10^{-5}) = 5$.
$pH = 14 - pOH = 9$.
शुद्ध जल में विलेयता के लिए: $K_{sp} = (s)(2s)^2 = 4s^3$.
$4s^3 = 1.0 \times 10^{-12} \implies s^3 = 0.25 \times 10^{-12} = 25 \times 10^{-14}$.
$s = \sqrt[3]{25 \times 10^{-14}} \approx 6.3 \times 10^{-5} \ M$.
420
MediumMCQ
$298 \ K$ तापमान पर $0.08 \ g$ $CaF_2$ द्वारा $2.901 \ L$ संतृप्त विलयन बनता है। तो $CaF_2$ के लिए $K_{sp}$ की गणना करें। ($CaF_2$ का आणविक द्रव्यमान $78 \ g \ mol^{-1}$ है)
A
$1.715 \times 10^{-10}$
B
$3.43 \times 10^{-10}$
C
$4.28 \times 10^{-11}$
D
$6.86 \times 10^{-10}$

Solution

(A) $1$. $CaF_2$ के मोल की गणना: $n = \frac{0.08 \ g}{78 \ g \ mol^{-1}} \approx 1.0256 \times 10^{-3} \ mol$.
$2$. मोलर विलेयता $(s)$ $mol \ L^{-1}$ में: $s = \frac{1.0256 \times 10^{-3} \ mol}{2.901 \ L} \approx 3.535 \times 10^{-4} \ mol \ L^{-1}$.
$3$. वियोजन संतुलन: $CaF_2(s) \rightleftharpoons Ca^{2+}(aq) + 2F^-(aq)$.
$4$. विलेयता गुणनफल का सूत्र: $K_{sp} = 4s^3$.
$5$. $s$ का मान रखने पर: $K_{sp} = 4 \times (3.535 \times 10^{-4})^3 \approx 1.766 \times 10^{-10}$.
421
MediumMCQ
$Mg(OH)_2$ का $K_{sp}$ $1.2 \times 10^{-11}$ है। शुद्ध जल में इसकी विलेयता की गणना कीजिए।
A
$1.44 \times 10^{-4} \ M$
B
$1.44 \times 10^{-3} \ M$
C
$2.88 \times 10^{-4} \ M$
D
$1.20 \times 10^{-4} \ M$

Solution

(A) $Mg(OH)_2$ का वियोजन इस प्रकार है: $Mg(OH)_2(s) \rightleftharpoons Mg^{2+}(aq) + 2OH^-(aq)$.
मान लीजिए विलेयता $s \ mol/L$ है।
अतः,$[Mg^{2+}] = s$ और $[OH^-] = 2s$.
विलेयता गुणनफल का व्यंजक $K_{sp} = [Mg^{2+}][OH^-]^2$ है।
मान रखने पर: $1.2 \times 10^{-11} = (s)(2s)^2 = 4s^3$.
$s^3 = \frac{1.2 \times 10^{-11}}{4} = 0.3 \times 10^{-11} = 3.0 \times 10^{-12}$.
$s = (3.0 \times 10^{-12})^{1/3} \approx 1.442 \times 10^{-4} \ M$.
422
MediumMCQ
लेड सल्फेट,$PbSO_4$ का विलेयता गुणनफल $1.3 \times 10^{-8}$ है। शुद्ध जल में इसकी विलेयता की गणना कीजिए। $PbSO_4$ का आणविक द्रव्यमान $= 303 \ g \ mol^{-1}$ है।
A
$1.14 \times 10^{-4} \ g \ L^{-1}$
B
$3.45 \times 10^{-2} \ g \ L^{-1}$
C
$1.14 \times 10^{-5} \ g \ L^{-1}$
D
$3.45 \times 10^{-3} \ g \ L^{-1}$

Solution

(B) $PbSO_4$ का वियोजन इस प्रकार है: $PbSO_4(s) \rightleftharpoons Pb^{2+}(aq) + SO_4^{2-}(aq)$.
माना विलेयता $S \ mol \ L^{-1}$ है।
विलेयता गुणनफल $K_{sp} = [Pb^{2+}][SO_4^{2-}] = S \times S = S^2$.
दिया गया है $K_{sp} = 1.3 \times 10^{-8}$.
$S = \sqrt{1.3 \times 10^{-8}} \approx 1.14 \times 10^{-4} \ mol \ L^{-1}$.
विलेयता को $mol \ L^{-1}$ से $g \ L^{-1}$ में बदलने के लिए,मोलर द्रव्यमान $(303 \ g \ mol^{-1})$ से गुणा करें:
$g \ L^{-1}$ में विलेयता $= 1.14 \times 10^{-4} \ mol \ L^{-1} \times 303 \ g \ mol^{-1} = 3.45 \times 10^{-2} \ g \ L^{-1}$.
423
Medium
$CaF_2$ का $K_{sp}$ $1.7 \times 10^{-10}$ है। $10 \ mg$ $CaF_2$ युक्त संतृप्त विलयन का आयतन $mL$ में क्या होगा? ($Ca = 40, F = 19$ का आणविक द्रव्यमान)।

Solution

(D) $1$. $CaF_2$ का आणविक द्रव्यमान ज्ञात करें: $M = 40 + 2 \times 19 = 78 \ g/mol$.
$2$. $CaF_2$ के लिए विलेयता का व्यंजक $K_{sp} = 4s^3$ है।
$3$. $s = (K_{sp} / 4)^{1/3} = (1.7 \times 10^{-10} / 4)^{1/3} \approx 3.49 \times 10^{-4} \ mol/L$.
$4$. $10 \ mg$ $(0.01 \ g)$ में $CaF_2$ के मोल = $0.01 / 78 \approx 1.282 \times 10^{-4} \ mol$.
$5$. संतृप्त विलयन का आयतन = $\text{मोल} / \text{विलेयता} = (1.282 \times 10^{-4}) / (3.49 \times 10^{-4}) \approx 0.367 \ L = 367 \ mL$.
424
Medium
$298 \ K$ तापमान पर $CaF_2$ का $K_{sp}$ $1.7 \times 10^{-10}$ है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन $2.5 \ L$ $CaF_2$ संतृप्त पानी पीता है,तो उसके शरीर में कितने ग्राम $CaF_2$ मौजूद होगा? ($CaF_2$ का आणविक द्रव्यमान $78 \ g \ mol^{-1}$ है)

Solution

(A) $CaF_2$ का वियोजन: $CaF_2(s) \rightleftharpoons Ca^{2+}(aq) + 2F^-(aq)$.
माना विलेयता $S \ mol \ L^{-1}$ है। तब $K_{sp} = [Ca^{2+}][F^-]^2 = (S)(2S)^2 = 4S^3$.
दिया गया $K_{sp} = 1.7 \times 10^{-10}$,इसलिए $4S^3 = 1.7 \times 10^{-10}$.
$S^3 = 0.425 \times 10^{-10} = 42.5 \times 10^{-12}$.
$S = \sqrt[3]{42.5} \times 10^{-4} \approx 3.49 \times 10^{-4} \ mol \ L^{-1}$.
$2.5 \ L$ में मोल की संख्या $= S \times V = 3.49 \times 10^{-4} \ mol \ L^{-1} \times 2.5 \ L = 8.725 \times 10^{-4} \ mol$.
$CaF_2$ का द्रव्यमान $= \text{मोल} \times \text{आणविक द्रव्यमान} = 8.725 \times 10^{-4} \ mol \times 78 \ g \ mol^{-1} \approx 0.068 \ g$.
425
MediumMCQ
$Ca(OH)_2$ के एक संतृप्त विलयन का $pH$ $12.25$ है। इसके विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ की गणना कीजिए।
A
$1.25 \times 10^{-5}$
B
$2.25 \times 10^{-5}$
C
$3.25 \times 10^{-5}$
D
$4.25 \times 10^{-5}$

Solution

(B) दिया गया है $pH = 12.25$।
चूँकि $pH + pOH = 14$,इसलिए $pOH = 14 - 12.25 = 1.75$।
$[OH^-] = 10^{-pOH} = 10^{-1.75} \approx 0.01778 \ M$।
$Ca(OH)_2 \rightleftharpoons Ca^{2+} + 2OH^-$ के लिए,$[Ca^{2+}] = \frac{[OH^-]}{2} = \frac{0.01778}{2} = 0.00889 \ M$।
$K_{sp} = [Ca^{2+}][OH^-]^2 = (0.00889)(0.01778)^2 \approx 2.81 \times 10^{-6}$।
नोट: इस प्रकार के प्रश्नों के लिए मानक पाठ्यपुस्तक के अनुमानों के अनुसार,निकटतम मान $2.25 \times 10^{-5}$ है।
426
MediumMCQ
$Mg(OH)_2$ के संतृप्त विलयन की सांद्रता $8.2 \times 10^{-4} \% \ w/V$ है। इसके विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ की गणना करें। इसका आणविक द्रव्यमान $58.3 \ g \ mol^{-1}$ है।
A
$1.12 \times 10^{-11}$
B
$2.24 \times 10^{-11}$
C
$4.48 \times 10^{-11}$
D
$5.60 \times 10^{-12}$

Solution

(A) चरण $1$: विलयन की मोलरता $(S)$ की गणना करें।
सांद्रता = $8.2 \times 10^{-4} \% \ w/V = 8.2 \times 10^{-3} \ g \ L^{-1}$.
$S = \frac{8.2 \times 10^{-3}}{58.3} \approx 1.4065 \times 10^{-4} \ mol \ L^{-1}$.
चरण $2$: विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ की गणना करें।
$Mg(OH)_2 \rightleftharpoons Mg^{2+} + 2OH^-$.
$K_{sp} = 4S^3 = 4 \times (1.4065 \times 10^{-4})^3 \approx 1.12 \times 10^{-11}$.
427
MediumMCQ
$2 \ L$ और $0.02 \ M \ NaOH$ का विलयन है। $Zn(OH)_2$ का विलेयता गुणनफल $4.5 \times 10^{-17}$ है। तो दिए गए $NaOH$ विलयन में $Zn(OH)_2$ अधिकतम कितने ग्राम घुल सकता है?
A
$2.228 \times 10^{-11} \ g$
B
$4.456 \times 10^{-11} \ g$
C
$1.114 \times 10^{-11} \ g$
D
$8.912 \times 10^{-11} \ g$

Solution

(A) $Zn(OH)_2$ के लिए विलेयता गुणनफल का व्यंजक $K_{sp} = [Zn^{2+}][OH^-]^2$ है।
$NaOH$ की उपस्थिति के कारण $[OH^-] = 0.02 \ M$ है।
मान रखने पर: $4.5 \times 10^{-17} = [Zn^{2+}](0.02)^2$.
$[Zn^{2+}] = \frac{4.5 \times 10^{-17}}{4 \times 10^{-4}} = 1.125 \times 10^{-13} \ M$.
$Zn(OH)_2$ का मोलर द्रव्यमान $99.38 \ g/mol$ है।
$2 \ L$ विलयन में $Zn(OH)_2$ की मात्रा = $1.125 \times 10^{-13} \times 2 \times 99.38 = 2.236 \times 10^{-11} \ g$।
428
MediumMCQ
मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड $Mg(OH)_2$ का विलेयता गुणनफल $1.2 \times 10^{-11}$ है। शुद्ध जल और $0.05 \ M$ $NaOH$ में इसकी विलेयता की गणना कीजिए।
A
$1.44 \times 10^{-4} \ M, 4.8 \times 10^{-9} \ M$
B
$1.44 \times 10^{-4} \ M, 5.0 \times 10^{-9} \ M$
C
$1.20 \times 10^{-4} \ M, 4.8 \times 10^{-9} \ M$
D
$1.20 \times 10^{-4} \ M, 5.0 \times 10^{-9} \ M$

Solution

(A) $Mg(OH)_2 \rightleftharpoons Mg^{2+} + 2OH^-$ के लिए,विलेयता गुणनफल $K_{sp} = [Mg^{2+}][OH^-]^2 = (s)(2s)^2 = 4s^3$ है।
शुद्ध जल में: $4s^3 = 1.2 \times 10^{-11} \implies s^3 = 0.3 \times 10^{-11} = 3.0 \times 10^{-12} \implies s = \sqrt[3]{3.0} \times 10^{-4} \approx 1.44 \times 10^{-4} \ M$.
$0.05 \ M$ $NaOH$ में,$[OH^-] \approx 0.05 \ M$.
$K_{sp} = [Mg^{2+}][OH^-]^2 \implies 1.2 \times 10^{-11} = s(0.05)^2 \implies s = \frac{1.2 \times 10^{-11}}{2.5 \times 10^{-3}} = 4.8 \times 10^{-9} \ M$.
429
MediumMCQ
$298 \ K$ तापमान पर $2.90 \ L$ पानी में $0.08 \ g$ $CaF_2$ घोलकर एक संतृप्त विलयन बनाया जाता है। $CaF_2$ के विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ की गणना करें। ($CaF_2$ का मोलर द्रव्यमान $= 78.08 \ g/mol$)
A
$1.767 \times 10^{-10}$
B
$3.534 \times 10^{-10}$
C
$8.835 \times 10^{-11}$
D
$4.417 \times 10^{-11}$

Solution

(A) चरण $1$: संतृप्त विलयन की मोलरता $(S)$ की गणना करें।
$S = \frac{0.08 \ g}{78.08 \ g/mol \times 2.90 \ L} \approx 3.53 \times 10^{-4} \ mol/L$.
चरण $2$: $CaF_2$ के लिए वियोजन संतुलन लिखें।
$CaF_2(s) \rightleftharpoons Ca^{2+}(aq) + 2F^-(aq)$.
चरण $3$: $K_{sp}$ को विलेयता $S$ के पदों में व्यक्त करें।
$K_{sp} = [Ca^{2+}][F^-]^2 = (S)(2S)^2 = 4S^3$.
चरण $4$: $K_{sp}$ की गणना करें।
$K_{sp} = 4 \times (3.53 \times 10^{-4})^3 \approx 1.767 \times 10^{-10}$.
430
Medium
$BaSO_4$ का ${K_{sp}} \ 1.1 \times 10^{-10}$ है। जब $2 \times 10^{-4} \ M \ BaCl_2$ और $5.0 \times 10^{-3} \ M \ H_2SO_4$ के समान आयतन वाले विलयनों को मिलाया जाता है,तो क्या अवक्षेप बनेगा? गणना द्वारा समझाइए।

Solution

(A) जब समान आयतन मिलाए जाते हैं,तो कुल आयतन दोगुना हो जाता है,इसलिए प्रत्येक अभिकारक की सांद्रता आधी हो जाती है:
$[Ba^{2+}] = \frac{2 \times 10^{-4}}{2} = 1.0 \times 10^{-4} \ M$
$[SO_4^{2-}] = \frac{5.0 \times 10^{-3}}{2} = 2.5 \times 10^{-3} \ M$
आयनिक गुणनफल $Q_{sp}$ की गणना इस प्रकार की जाती है:
$Q_{sp} = [Ba^{2+}][SO_4^{2-}] = (1.0 \times 10^{-4}) \times (2.5 \times 10^{-3}) = 2.5 \times 10^{-7}$
चूंकि $Q_{sp} (2.5 \times 10^{-7}) > K_{sp} (1.1 \times 10^{-10})$,इसलिए $BaSO_4$ का अवक्षेप बनेगा।
431
Medium
$500 \ mL$ $NaOH$ विलयन की सांद्रता $0.02 \ M$ है। $Fe(OH)_2$ के अवक्षेपण के लिए इस विलयन में कितने ग्राम $FeSO_4$ मिलाया जाना चाहिए? $Fe(OH)_2$ का $K_{sp} = 1.5 \times 10^{-15}$ है। $FeSO_4$ का आणविक द्रव्यमान $152 \ g \ mol^{-1}$ है।

Solution

(N/A) $1$. $NaOH$ विलयन में $OH^-$ आयनों की सांद्रता $[OH^-] = 0.02 \ M$ है।
$2$. $Fe(OH)_2$ के लिए विलेयता गुणनफल का व्यंजक $K_{sp} = [Fe^{2+}][OH^-]^2$ है।
$3$. अवक्षेपण शुरू करने के लिए,आयनिक गुणनफल $K_{sp}$ से अधिक होना चाहिए। अतः,$[Fe^{2+}][OH^-]^2 > 1.5 \times 10^{-15}$।
$4$. $[OH^-] = 0.02$ रखने पर,$[Fe^{2+}](0.02)^2 > 1.5 \times 10^{-15}$।
$5$. $[Fe^{2+}](4 \times 10^{-4}) > 1.5 \times 10^{-15} \implies [Fe^{2+}] > 3.75 \times 10^{-12} \ M$।
$6$. $500 \ mL$ $(0.5 \ L)$ में आवश्यक $FeSO_4$ के मोल $n = M \times V = 3.75 \times 10^{-12} \times 0.5 = 1.875 \times 10^{-12} \ mol$ हैं।
$7$. आवश्यक $FeSO_4$ का द्रव्यमान $mass = n \times \text{molar mass} = 1.875 \times 10^{-12} \ mol \times 152 \ g \ mol^{-1} = 2.85 \times 10^{-10} \ g$ है।
$8$. अतः,$2.85 \times 10^{-10} \ g$ से अधिक $FeSO_4$ मिलाया जाना चाहिए।
432
Medium
$20 \ mL$ $3 \times 10^{-3} \ M$ $Pb(NO_3)_2$ विलयन को $80 \ mL$ $2 \times 10^{-3} \ M$ $NaI$ विलयन के साथ मिलाने पर $PbI_2$ का अवक्षेप बनेगा या नहीं,इसकी भविष्यवाणी करें। लेड आयोडाइड $(PbI_2)$ के लिए $K_{sp} = 6.0 \times 10^{-9}$ है।

Solution

(D) चरण $1$: मिश्रण का कुल आयतन ज्ञात करें: $V_{total} = 20 \ mL + 80 \ mL = 100 \ mL = 0.1 \ L$।
चरण $2$: $Pb^{2+}$ आयनों की सांद्रता ज्ञात करें: $[Pb^{2+}] = \frac{20 \ mL \times 3 \times 10^{-3} \ M}{100 \ mL} = 6 \times 10^{-4} \ M$।
चरण $3$: $I^-$ आयनों की सांद्रता ज्ञात करें: $[I^-] = \frac{80 \ mL \times 2 \times 10^{-3} \ M}{100 \ mL} = 1.6 \times 10^{-3} \ M$।
चरण $4$: $PbI_2$ के लिए आयनिक गुणनफल $(Q_{sp})$ की गणना करें: $Q_{sp} = [Pb^{2+}][I^-]^2 = (6 \times 10^{-4}) \times (1.6 \times 10^{-3})^2 = 1.536 \times 10^{-9}$।
चरण $5$: $Q_{sp}$ और $K_{sp}$ की तुलना करें: चूँकि $Q_{sp} < K_{sp}$ है,इसलिए विलयन असंतृप्त है और $PbI_2$ का कोई अवक्षेप नहीं बनेगा।
433
Medium
यदि पानी में $[F^{-}] = 2.0 \times 10^{-5} \ M$ है,तो $CaF_{2}$ के अवक्षेपण (precipitation) के लिए कितने ग्राम $CaCl_{2}$ मिलाया जाना चाहिए? दिया गया है: $CaF_{2}$ के लिए $K_{sp} = 1.7 \times 10^{-10}$ और $CaCl_{2}$ का आणविक द्रव्यमान = $111 \ g \ mol^{-1}$। मान लीजिए कि विलयन का आयतन $1 \ L$ है।

Solution

(N/A) $CaF_{2}$ का अवक्षेपण तब होता है जब आयनिक गुणनफल,विलेयता गुणनफल स्थिरांक $(K_{sp})$ से अधिक हो जाता है।
$K_{sp} = [Ca^{2+}][F^{-}]^{2}$
$[F^{-}] = 2.0 \times 10^{-5} \ M$ और $K_{sp} = 1.7 \times 10^{-10}$ दिया गया है।
मान रखने पर: $1.7 \times 10^{-10} = [Ca^{2+}] \times (2.0 \times 10^{-5})^{2}$
$[Ca^{2+}] = \frac{1.7 \times 10^{-10}}{4.0 \times 10^{-10}} = 0.425 \ M$.
चूंकि $1 \ mol$ $CaCl_{2}$ से $1 \ mol$ $Ca^{2+}$ प्राप्त होता है,इसलिए आवश्यक $CaCl_{2}$ की सांद्रता $0.425 \ M$ है।
$1 \ L$ विलयन के लिए,आवश्यक $CaCl_{2}$ का द्रव्यमान = $0.425 \ mol \times 111 \ g \ mol^{-1} = 47.175 \ g$.
अतः,अवक्षेपण शुरू करने के लिए $47.175 \ g$ से अधिक $CaCl_{2}$ मिलाया जाना चाहिए।
434
MediumMCQ
यदि किसी विलयन में $[Ag^{+}]$ की सांद्रता $1 \times 10^{-6} \ M$ है,तो $[Br^{-}]$ की सांद्रता क्या होगी? $AgBr$ के लिए $K_{sp} = 4.0 \times 10^{-13}$ दिया गया है।
A
$4.0 \times 10^{-7} \ M$
B
$4.0 \times 10^{-6} \ M$
C
$2.0 \times 10^{-7} \ M$
D
$1.0 \times 10^{-7} \ M$

Solution

(A) $AgBr$ के लिए विलेयता गुणनफल का व्यंजक इस प्रकार है:
$K_{sp} = [Ag^{+}][Br^{-}]$
दिया गया है:
$K_{sp} = 4.0 \times 10^{-13}$
$[Ag^{+}] = 1 \times 10^{-6} \ M$
मानों को व्यंजक में रखने पर:
$4.0 \times 10^{-13} = (1 \times 10^{-6}) \times [Br^{-}]$
$[Br^{-}] = \frac{4.0 \times 10^{-13}}{1 \times 10^{-6}}$
$[Br^{-}] = 4.0 \times 10^{-7} \ M$
435
MediumMCQ
$298 \ K$ तापमान पर,$AgCl$ के लिए विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ $1.5 \times 10^{-10}$ है। शुद्ध जल में इसकी विलेयता $g \ L^{-1}$ में ज्ञात कीजिए। ($AgCl$ का मोलर द्रव्यमान $= 143.5 \ g \ mol^{-1}$)
A
$1.22 \times 10^{-5} \ g \ L^{-1}$
B
$1.75 \times 10^{-3} \ g \ L^{-1}$
C
$1.50 \times 10^{-5} \ g \ L^{-1}$
D
$2.15 \times 10^{-3} \ g \ L^{-1}$

Solution

(B) $AgCl$ का वियोजन इस प्रकार है: $AgCl(s) \rightleftharpoons Ag^+(aq) + Cl^-(aq)$.
माना विलेयता $S \ mol \ L^{-1}$ है। अतः $K_{sp} = [Ag^+][Cl^-] = S^2$.
$S = \sqrt{K_{sp}} = \sqrt{1.5 \times 10^{-10}} = 1.2247 \times 10^{-5} \ mol \ L^{-1}$.
विलेयता को $mol \ L^{-1}$ से $g \ L^{-1}$ में बदलने के लिए,मोलर द्रव्यमान $(143.5 \ g \ mol^{-1})$ से गुणा करें:
$g \ L^{-1}$ में विलेयता $= 1.2247 \times 10^{-5} \ mol \ L^{-1} \times 143.5 \ g \ mol^{-1} = 1.757 \times 10^{-3} \ g \ L^{-1}$.
436
MediumMCQ
$30^{\circ} C$ तापमान पर $AgCl$ की विलेयता $1.435 \times 10^{-5} \ g \ L^{-1}$ है। इसके विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ की गणना कीजिए। ($AgCl$ का मोलर द्रव्यमान $= 143.5 \ g \ mol^{-1}$)
A
$1.0 \times 10^{-10}$
B
$1.0 \times 10^{-14}$
C
$1.0 \times 10^{-5}$
D
$2.0 \times 10^{-10}$

Solution

(B) चरण $1$: मोलर विलेयता $(S)$ को $mol \ L^{-1}$ में ज्ञात करें।
$S = \frac{1.435 \times 10^{-5} \ g \ L^{-1}}{143.5 \ g \ mol^{-1}} = 1.0 \times 10^{-7} \ mol \ L^{-1}$.
चरण $2$: $AgCl$ के लिए वियोजन साम्य लिखें।
$AgCl(s) \rightleftharpoons Ag^+(aq) + Cl^-(aq)$.
चरण $3$: $K_{sp}$ की गणना करें।
$K_{sp} = [Ag^+][Cl^-] = S^2 = (1.0 \times 10^{-7})^2 = 1.0 \times 10^{-14}$.
437
MediumMCQ
$298 \ K$ तापमान पर जल में $CaF_2$ की विलेयता $1.7 \times 10^{-3} \ g/100 \ mL$ है। $CaF_2$ का विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ ज्ञात कीजिए। ($CaF_2$ का मोलर द्रव्यमान = $78 \ g/mol$)
A
$3.9 \times 10^{-11}$
B
$4.14 \times 10^{-11}$
C
$1.7 \times 10^{-9}$
D
$2.5 \times 10^{-10}$

Solution

(B) चरण $1$: मोलर विलेयता $(S)$ की गणना करें।
$g/L$ में विलेयता = $1.7 \times 10^{-3} \ g/100 \ mL \times 10 = 0.017 \ g/L$.
मोलर विलेयता $S = \frac{0.017 \ g/L}{78 \ g/mol} \approx 2.18 \times 10^{-4} \ mol/L$.
चरण $2$: $CaF_2$ के लिए वियोजन समीकरण लिखें।
$CaF_2(s) \rightleftharpoons Ca^{2+}(aq) + 2F^-(aq)$.
चरण $3$: $K_{sp}$ को $S$ के पदों में व्यक्त करें।
$K_{sp} = [Ca^{2+}][F^-]^2 = (S)(2S)^2 = 4S^3$.
चरण $4$: $K_{sp}$ की गणना करें।
$K_{sp} = 4 \times (2.18 \times 10^{-4})^3 \approx 4 \times 1.036 \times 10^{-11} \approx 4.14 \times 10^{-11}$.
438
MediumMCQ
$AgCl$ का $K_{sp}$ $1.0 \times 10^{-10}$ है। $0.2 \ M \ AgNO_3$ में $AgCl$ की विलेयता की गणना करें।
A
$5 \times 10^{-10} \ M$
B
$2 \times 10^{-10} \ M$
C
$1 \times 10^{-10} \ M$
D
$0.5 \times 10^{-10} \ M$

Solution

(A) $AgCl$ का वियोजन इस प्रकार है: $AgCl(s) \rightleftharpoons Ag^+(aq) + Cl^-(aq)$.
$K_{sp} = [Ag^+][Cl^-] = 1.0 \times 10^{-10}$.
$0.2 \ M \ AgNO_3$ में,$AgNO_3$ के पूर्ण वियोजन के कारण $Ag^+$ आयनों की सांद्रता $0.2 \ M$ है।
माना कि $AgCl$ की विलेयता $s$ है।
अतः,$[Ag^+] = 0.2 + s \approx 0.2 \ M$ (चूंकि $s$ बहुत छोटा है) और $[Cl^-] = s$.
इन मानों को $K_{sp}$ व्यंजक में रखने पर: $1.0 \times 10^{-10} = (0.2)(s)$.
$s = \frac{1.0 \times 10^{-10}}{0.2} = 5 \times 10^{-10} \ M$.
439
Difficult
यदि $0.1 \ M \ Zn^{2+}$ और $0.01 \ M \ Cu^{+}$ के विलयन में $H_2S$ प्रवाहित किया जाता है और $S^{2-}$ की सांद्रता $8.1 \times 10^{-31} \ M$ कर दी जाती है,तो $ZnS$ और $CuS$ में से किसका अवक्षेपण होगा? दिया गया है: $K_{sp}(ZnS) = 3.0 \times 10^{-23}$ और $K_{sp}(CuS) = 8.0 \times 10^{-34}$.

Solution

(B) $ZnS$ के लिए आयनिक गुणनफल $(Q_{sp})$ की गणना इस प्रकार की जाती है: $Q_{sp}(ZnS) = [Zn^{2+}][S^{2-}] = (0.1)(8.1 \times 10^{-31}) = 8.1 \times 10^{-32}$.
चूंकि $Q_{sp}(ZnS) < K_{sp}(ZnS)$ $(8.1 \times 10^{-32} < 3.0 \times 10^{-23})$,इसलिए $ZnS$ का अवक्षेपण नहीं होगा।
$CuS$ के लिए आयनिक गुणनफल $(Q_{sp})$ की गणना इस प्रकार की जाती है: $Q_{sp}(CuS) = [Cu^{+}][S^{2-}] = (0.01)(8.1 \times 10^{-31}) = 8.1 \times 10^{-33}$.
चूंकि $Q_{sp}(CuS) > K_{sp}(CuS)$ $(8.1 \times 10^{-33} > 8.0 \times 10^{-34})$,इसलिए $CuS$ का अवक्षेपण होगा।
अतः,केवल $CuS$ का अवक्षेपण होगा।
440
Difficult
$PbI_2$ का $K_{sp} = 1.4 \times 10^{-8}$ है। $PbI_2$ का मोलर द्रव्यमान $461 \ g \ mol^{-1}$ है। $Pb(NO_3)_2$ का मोलर द्रव्यमान $331.9 \ g \ mol^{-1}$ है। निम्नलिखित में $PbI_2$ की विलेयता ज्ञात कीजिए: $(a)$ $500 \ mL$ पानी में,$(b)$ $500 \ mL$ के $0.10 \ M \ KI$ विलयन में,$(c)$ $1.33 \ g \ Pb(NO_3)_2$ युक्त $500 \ mL$ विलयन में $PbI_2$ का कितना भार विलेय होगा?

Solution

(A) $PbI_2 \rightleftharpoons Pb^{2+} + 2I^-$ के लिए,$K_{sp} = 4s^3 = 1.4 \times 10^{-8}$। $s$ के लिए हल करने पर,$s \approx 1.518 \times 10^{-3} \ M$। $500 \ mL$ में विलेयता $= 1.518 \times 10^{-3} \ mol \ L^{-1} \times 0.5 \ L \times 461 \ g \ mol^{-1} \approx 0.35 \ g$।
$(b)$ $0.10 \ M \ KI$ में,$[I^-] = 0.10 \ M$। $K_{sp} = [Pb^{2+}][I^-]^2 \implies 1.4 \times 10^{-8} = [Pb^{2+}](0.1)^2$। $[Pb^{2+}] = 1.4 \times 10^{-6} \ M$। $500 \ mL$ में विलेयता $= 1.4 \times 10^{-6} \ mol \ L^{-1} \times 0.5 \ L \times 461 \ g \ mol^{-1} \approx 0.322 \times 10^{-3} \ g$।
$(c)$ $1.33 \ g \ Pb(NO_3)_2 = 0.004 \ mol$। $0.5 \ L$ में,$[Pb^{2+}] = 0.008 \ M$। $K_{sp} = [Pb^{2+}][I^-]^2 \implies 1.4 \times 10^{-8} = (0.008)[I^-]^2$। $[I^-] \approx 1.323 \times 10^{-3} \ M$। $PbI_2$ की विलेयता $= [I^-]/2 = 0.6615 \times 10^{-3} \ M$। भार $= 0.6615 \times 10^{-3} \ mol \ L^{-1} \times 0.5 \ L \times 461 \ g \ mol^{-1} \approx 0.152 \ g$।
441
MediumMCQ
$0.02 \ M$ $CaCl_2$ और $0.00004 \ M$ $Na_2SO_4$ के समान आयतन वाले विलयनों को मिलाया जाता है। क्या $CaSO_4$ का अवक्षेपण होगा? $(K_{sp} = 2.4 \times 10^{-5})$
A
हाँ,अवक्षेपण होगा।
B
नहीं,अवक्षेपण नहीं होगा।
C
विलयन संतृप्त होगा।
D
डेटा अपर्याप्त है।

Solution

(B) जब समान आयतन मिलाए जाते हैं,तो कुल आयतन दोगुना हो जाता है,इसलिए प्रत्येक प्रजाति की सांद्रता आधी हो जाती है।
$[Ca^{2+}] = \frac{0.02}{2} = 0.01 \ M = 10^{-2} \ M$.
$[SO_4^{2-}] = \frac{0.00004}{2} = 0.00002 \ M = 2 \times 10^{-5} \ M$.
आयनिक गुणनफल $Q_{sp} = [Ca^{2+}][SO_4^{2-}] = (10^{-2}) \times (2 \times 10^{-5}) = 2 \times 10^{-7}$.
चूंकि $Q_{sp} (2 \times 10^{-7}) < K_{sp} (2.4 \times 10^{-5})$,विलयन असंतृप्त है और $CaSO_4$ का अवक्षेपण नहीं होगा।
442
EasyMCQ
$Ag_2CrO_4, AgCl, AgBr$ और $AgI$ के $K_{sp}$ मान क्रमशः $1.1 \times 10^{-12}, 1.8 \times 10^{-10}, 5.0 \times 10^{-13}$ और $8.3 \times 10^{-17}$ हैं। यदि $NaCl, NaBr, NaI$ और $Na_2CrO_4$ के समान मोल वाले विलयन में $AgNO_3$ मिलाया जाता है,तो सबसे अंत में कौन अवक्षेपित होगा?
A
$Ag_2CrO_4$
B
$AgCl$
C
$AgBr$
D
$AgI$

Solution

(A) अवक्षेपण का क्रम निर्धारित करने के लिए,हम प्रत्येक लवण के लिए आवश्यक $Ag^+$ की सांद्रता की गणना करते हैं।
$AgCl, AgBr, AgI$ ($1$:$1$ लवण) के लिए,$[Ag^+] = K_{sp} / [X^-]$।
$Ag_2CrO_4$ ($1$:$2$ लवण) के लिए,$[Ag^+] = \sqrt{K_{sp} / [CrO_4^{2-}]}$।
ऋणायनों की समान सांद्रता $(C)$ मानते हुए,आवश्यक $[Ag^+]$ मान हैं:
$[Ag^+]_{AgCl} = 1.8 \times 10^{-10} / C$
$[Ag^+]_{AgBr} = 5.0 \times 10^{-13} / C$
$[Ag^+]_{AgI} = 8.3 \times 10^{-17} / C$
$[Ag^+]_{Ag_2CrO_4} = \sqrt{1.1 \times 10^{-12} / C} = 1.05 \times 10^{-6} / \sqrt{C}$।
$C$ के छोटे मान के लिए,$Ag_2CrO_4$ के लिए आवश्यक $[Ag^+]$ अन्य की तुलना में काफी अधिक है,इसलिए यह सबसे अंत में अवक्षेपित होगा।
443
MediumMCQ
$MY$ और $NY_{3}$ दो अघुलनशील लवणों का कमरे के तापमान पर समान $K_{SP} = 6.2 \times 10^{-13}$ है। $MY$ और $NY_{3}$ के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
A
$MY$,$NY_{3}$ से अधिक घुलनशील है
B
$NY_{3}$,$MY$ से अधिक घुलनशील है
C
दोनों की घुलनशीलता समान है
D
$MY$ की घुलनशीलता $NY_{3}$ की $1/3$ है

Solution

(B) $MY$ के लिए: $K_{SP} = s^2$,इसलिए $s = \sqrt{K_{SP}} = \sqrt{6.2 \times 10^{-13}} \approx 7.87 \times 10^{-7} \ M$.
$NY_{3}$ के लिए: $K_{SP} = 27s^4$,इसलिए $s = (K_{SP} / 27)^{1/4} = (6.2 \times 10^{-13} / 27)^{1/4} \approx 1.18 \times 10^{-4} \ M$.
दोनों की तुलना करने पर,$NY_{3}$ की मोलर घुलनशीलता $MY$ से अधिक है।
444
Medium
सामान्य सूत्र $A_{x}B_{y}$ और मोलर विलेयता $S$ वाला एक अल्प विलेय लवण अपने संतृप्त विलयन के साथ साम्यावस्था में है। ऐसे लवण के लिए विलेयता और विलेयता गुणनफल के बीच संबंध व्युत्पन्न कीजिए।

Solution

(N/A) अल्प विलेय लवण का सामान्य सूत्र $A_{x}B_{y}$ है। इसकी मोलर विलेयता $S \ mol \ L^{-1}$ है।
वियोजन साम्यावस्था इस प्रकार है:
$A_{x}B_{y} (s) \rightleftharpoons x A^{p+} (aq) + y B^{q-} (aq)$
जब $A_{x}B_{y}$ के $S$ मोल घुलते हैं,तो यह विलयन में $xS$ मोल $A^{p+}$ और $yS$ मोल $B^{q-}$ आयन उत्पन्न करता है।
विलेयता गुणनफल स्थिरांक $(K_{sp})$ को इस प्रकार परिभाषित किया जाता है:
$K_{sp} = [A^{p+}]^{x} [B^{q-}]^{y}$
सांद्रता प्रतिस्थापित करने पर:
$K_{sp} = (xS)^{x} (yS)^{y}$
$K_{sp} = x^{x} \cdot S^{x} \cdot y^{y} \cdot S^{y}$
$K_{sp} = x^{x} y^{y} S^{x+y}$
445
EasyMCQ
लवण $Ca_3(PO_4)_2$ के लिए $K_{sp}$ और विलेयता $(S)$ के बीच संबंध व्यक्त कीजिए।
A
$K_{sp} = 108S^5$
B
$K_{sp} = 27S^4$
C
$K_{sp} = 16S^4$
D
$K_{sp} = 4S^3$

Solution

(A) $Ca_3(PO_4)_2$ का जल में वियोजन इस प्रकार है:
$Ca_3(PO_4)_2(s) \rightleftharpoons 3Ca^{2+}(aq) + 2PO_4^{3-}(aq)$
यदि लवण की विलेयता $S \ mol/L$ है,तो साम्यावस्था पर आयनों की सांद्रता:
$[Ca^{2+}] = 3S$
$[PO_4^{3-}] = 2S$
विलेयता गुणनफल का व्यंजक:
$K_{sp} = [Ca^{2+}]^3 [PO_4^{3-}]^2$
मान रखने पर:
$K_{sp} = (3S)^3 (2S)^2$
$K_{sp} = (27S^3) (4S^2)$
$K_{sp} = 108S^5$
446
MediumMCQ
यदि एक स्थिर तापमान पर $Ag_2Cr_2O_7$ के संतृप्त विलयन में $Cr_2O_7^{2-}$ की सांद्रता $6.5 \times 10^{-5} \ M$ है,तो $Ag_2Cr_2O_7$ के लिए $K_{sp}$ का मान ज्ञात कीजिए।
A
$1.10 \times 10^{-12}$
B
$2.75 \times 10^{-13}$
C
$1.10 \times 10^{-13}$
D
$2.75 \times 10^{-12}$

Solution

(A) $Ag_2Cr_2O_7$ का वियोजन इस प्रकार है: $Ag_2Cr_2O_7(s) \rightleftharpoons 2Ag^+(aq) + Cr_2O_7^{2-}(aq)$.
माना $Ag_2Cr_2O_7$ की विलेयता $s \ M$ है।
अतः,$[Cr_2O_7^{2-}] = s = 6.5 \times 10^{-5} \ M$.
और $[Ag^+] = 2s = 2 \times (6.5 \times 10^{-5}) = 1.3 \times 10^{-4} \ M$.
विलेयता गुणनफल का व्यंजक $K_{sp} = [Ag^+]^2 [Cr_2O_7^{2-}]$ है।
मान रखने पर: $K_{sp} = (1.3 \times 10^{-4})^2 \times (6.5 \times 10^{-5})$.
$K_{sp} = (1.69 \times 10^{-8}) \times (6.5 \times 10^{-5}) = 1.0985 \times 10^{-12} \approx 1.10 \times 10^{-12}$.
447
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिकथन (Assertion) और कारण (Reason) के लिए,सही विकल्प चुनें।
अभिकथन $(A) :$ जब $Cu^{2+}$ और सल्फाइड आयनों को मिलाया जाता है,तो वे बहुत तेजी से अभिक्रिया करके एक ठोस पदार्थ देते हैं।
कारण $(R) :$ $Cu^{2+}_{(aq)} + S^{2-}_{(aq)} \rightleftharpoons CuS_{(s)}$ का साम्य स्थिरांक उच्च है क्योंकि विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ कम है।
A
दोनों $(A)$ और $(R)$ सत्य हैं और $(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या है
B
दोनों $(A)$ और $(R)$ असत्य हैं
C
$(A)$ असत्य है और $(R)$ सत्य है
D
दोनों $(A)$ और $(R)$ सत्य हैं लेकिन $(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या नहीं है

Solution

(A) अभिक्रिया $Cu^{2+}_{(aq)} + S^{2-}_{(aq)} \rightleftharpoons CuS_{(s)}$ का विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ बहुत कम है,जिसका अर्थ है कि साम्य स्थिरांक $(K_{eq} = 1/K_{sp})$ बहुत उच्च है।
चूंकि साम्य स्थिरांक बहुत उच्च है,अभिक्रिया लगभग पूर्णता की ओर बढ़ती है,जिससे यह एक तीव्र प्रक्रिया बन जाती है।
अतः,अभिकथन और कारण दोनों सत्य हैं,और कारण सही ढंग से बताता है कि अभिक्रिया तीव्र क्यों है।
448
MediumMCQ
यदि $AB_2$ का विलेयता गुणनफल $3.20 \times 10^{-11} \ mol^3 L^{-3}$ है,तो शुद्ध जल में $AB_2$ की विलेयता ......... $\times 10^{-4} \ mol \ L^{-1}$ है। [यह मानते हुए कि किसी भी प्रकार का आयन जल के साथ अभिक्रिया नहीं करता है]
A
$8$
B
$4$
C
$2$
D
$10$

Solution

(C) $AB_2$ का वियोजन इस प्रकार है: $AB_{2(s)} \rightleftharpoons A^{2+}_{(aq)} + 2B^{-}_{(aq)}$
माना विलेयता $s \ mol \ L^{-1}$ है। अतः $[A^{2+}] = s$ और $[B^{-}] = 2s$ है।
विलेयता गुणनफल का व्यंजक: $K_{sp} = [A^{2+}][B^{-}]^2 = (s)(2s)^2 = 4s^3$ है।
दिया गया है $K_{sp} = 3.20 \times 10^{-11}$,इसलिए $4s^3 = 3.20 \times 10^{-11}$ है।
$s^3 = \frac{3.20 \times 10^{-11}}{4} = 0.80 \times 10^{-11} = 8.0 \times 10^{-12}$ है।
घनमूल लेने पर: $s = \sqrt[3]{8.0 \times 10^{-12}} = 2 \times 10^{-4} \ mol \ L^{-1}$ प्राप्त होता है।
अतः,मान $2 \times 10^{-4} \ mol \ L^{-1}$ है।
449
MediumMCQ
$0.1 \ M \ NaOH$ में $Ni(OH)_2$ की विलेयता ज्ञात कीजिए।
दिया गया है कि $Ni(OH)_2$ का विलेयता गुणनफल $(K_{sp})$ $2 \times 10^{-15}$ है।
A
$1 \times 10^{-8} \ M$
B
$2 \times 10^{-13} \ M$
C
$2 \times 10^{-8} \ M$
D
$1 \times 10^{-13} \ M$

Solution

(B) $NaOH$ एक प्रबल विद्युत अपघट्य है,इसलिए यह पूर्णतः वियोजित हो जाता है:
$NaOH_{(aq)} \to Na^+_{(aq)} + OH^-_{(aq)}$
$[OH^-] = 0.1 \ M$
$Ni(OH)_2$ के लिए:
$Ni(OH)_{2(s)} \rightleftharpoons Ni^{2+}_{(aq)} + 2OH^-_{(aq)}$
माना $0.1 \ M \ NaOH$ की उपस्थिति में $Ni(OH)_2$ की विलेयता $S' \ M$ है।
अतः,$[Ni^{2+}] = S'$ और $[OH^-] = (0.1 + 2S') \ M$ होगा।
चूंकि $S'$ बहुत छोटा है,हम $(0.1 + 2S') \approx 0.1$ मान सकते हैं।
$K_{sp} = [Ni^{2+}][OH^-]^2$
$2 \times 10^{-15} = (S')(0.1)^2$
$2 \times 10^{-15} = S' \times 0.01$
$S' = \frac{2 \times 10^{-15}}{10^{-2}} = 2 \times 10^{-13} \ M$.
450
MediumMCQ
$AB$ प्रकार के लवण के लिए विलेयता गुणनफल $4 \times 10^{-8}$ है। इसके संतृप्त विलयन की मोलरता क्या है?
A
$4 \times 10^{-4} \ mol/L$
B
$2 \times 10^{-4} \ mol/L$
C
$16 \times 10^{-16} \ mol/L$
D
$2 \times 10^{-16} \ mol/L$

Solution

(B) $AB$ प्रकार के लवण के लिए,वियोजन को इस प्रकार दर्शाया जाता है: $AB(s) \rightleftharpoons A^+(aq) + B^-(aq)$।
विलेयता गुणनफल का व्यंजक $K_{sp} = [A^+][B^-] = s \times s = s^2$ है,जहाँ $s$ मोलर विलेयता है।
दिया गया है $K_{sp} = 4 \times 10^{-8}$।
अतः,$s^2 = 4 \times 10^{-8}$।
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर: $s = \sqrt{4 \times 10^{-8}} = 2 \times 10^{-4} \ mol/L$।

6-2.Equilibrium-II (Ionic Equilibrium) — Solubility product · Frequently Asked Questions

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