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Physiology of digestion Questions in Hindi

Class 11 Biology · Digestion and Absorption · Physiology of digestion

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100%

With Solutions

Showing 49 of 255 questions in Hindi

101
EasyMCQ
आहार नली में होने वाले लयबद्ध पेशीय संकुचन को ...... के रूप में जाना जाता है।
A
संकुचन
B
शिथिलन
C
क्रमाकुंचन
D
मेटाक्रोनल

Solution

(C) आहार नली में भोजन को आगे बढ़ाने के लिए होने वाले लयबद्ध पेशीय संकुचन और शिथिलन की प्रक्रिया को $Peristalsis$ (क्रमाकुंचन) कहा जाता है।
102
MediumMCQ
यदि किसी कारणवश जठर उपकला (gut epithelium) की पार्श्विका कोशिकाएं (parietal cells) आंशिक रूप से निष्क्रिय हो जाएं,तो निम्नलिखित में से क्या होने की संभावना है?
A
आमाशय का $pH$ अचानक गिर जाएगा।
B
स्टीएप्सिन अधिक प्रभावी हो जाएगा।
C
पेप्सिन द्वारा प्रोटीन का प्रोटीओस और पेप्टोन में पर्याप्त जल-अपघटन (hydrolysis) नहीं होगा।
D
अग्न्याशयी एंजाइम,विशेष रूप से ट्रिप्सिन और लाइपेज,ठीक से कार्य नहीं कर पाएंगे।

Solution

(C) आमाशय की परत में स्थित पार्श्विका कोशिकाएं (जिन्हें ऑक्सीन्टिक कोशिकाएं भी कहा जाता है) $HCl$ (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) और आंतरिक कारक (intrinsic factor) के स्राव के लिए जिम्मेदार होती हैं।
$HCl$ निष्क्रिय प्रो-एंजाइम पेप्सिनोजेन को सक्रिय एंजाइम पेप्सिन में बदलने के लिए आवश्यक है।
पेप्सिन आमाशय के अम्लीय वातावरण में प्रोटीन को प्रोटीओस और पेप्टोन में पचाने के लिए मुख्य एंजाइम है।
यदि पार्श्विका कोशिकाएं निष्क्रिय हो जाती हैं,तो $HCl$ का स्राव कम हो जाता है,जिससे आमाशय का $pH$ बढ़ जाता है (अम्लता कम हो जाती है)।
परिणामस्वरूप,पेप्सिनोजेन पेप्सिन में सक्रिय नहीं होगा और प्रोटीन का पाचन गंभीर रूप से बाधित हो जाएगा।
103
MediumMCQ
यदि जठर ग्रंथियों की पार्श्वीय कोशिकाओं (parietal cells) के स्राव को एक अवरोधक द्वारा रोक दिया जाए,तो क्या होगा?
A
$HCl$ की अनुपस्थिति में निष्क्रिय पेप्सिनोजेन सक्रिय पेप्सिन एंजाइम में परिवर्तित नहीं होगा।
B
ग्रहणी (duodenum) के श्लेष्म से एंटेरोकाइनेज मुक्त नहीं होगा और ट्रिप्सिनोजेन ट्रिप्सिन में परिवर्तित नहीं होगा।
C
जठर रस में काइमोसिन की कमी होगी।
D
जठर रस में पेप्सिनोजेन की कमी होगी।

Solution

(A) जठर ग्रंथियों की पार्श्वीय कोशिकाएं (जिन्हें ऑक्सीन्टिक कोशिकाएं भी कहा जाता है) $HCl$ (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) और कैसल के आंतरिक कारक (intrinsic factor) के स्राव के लिए जिम्मेदार होती हैं।
$HCl$ अम्लीय $pH$ (लगभग $1.8$) प्रदान करके प्रोएंजाइम पेप्सिनोजेन को उसके सक्रिय रूप पेप्सिन में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यदि किसी अवरोधक द्वारा $HCl$ के स्राव को रोक दिया जाता है,तो निष्क्रिय पेप्सिनोजेन का सक्रिय पेप्सिन में रूपांतरण नहीं होगा।
इसलिए,पेट में प्रोटीन का पाचन गंभीर रूप से प्रभावित होगा।
104
MediumMCQ
प्रोटीन का पाचन होकर वे अमीनो एसिड में ....... में परिवर्तित होते हैं।
A
मुखगुहा
B
आमाशय
C
आंत
D
मलाशय

Solution

(C) प्रोटीन का पाचन आमाशय (जठर) में शुरू होता है,जहाँ पेप्सिन प्रोटीन पर कार्य करके उन्हें प्रोटियोज़ और पेप्टोन में बदल देता है। हालाँकि,प्रोटीन का अमीनो एसिड में अंतिम विखंडन छोटी आंत में होता है। छोटी आंत में,अग्न्याशय के एंजाइम जैसे ट्रिप्सिन,काइमोट्रिप्सिन और कार्बोक्सीपेप्टिडेज़,साथ ही आंतों के पेप्टिडेज़ (अमीनोपेप्टिडेज़ और डाइपेप्टिडेज़),प्रोटीन के टुकड़ों पर कार्य करके पाचन की प्रक्रिया को पूरा करते हैं,जिसके परिणामस्वरूप अमीनो एसिड का निर्माण होता है।
105
EasyMCQ
पित्त रस किसका पायसीकरण (emulsification) करता है?
A
प्रोटीन
B
वसा
C
कार्बोहाइड्रेट
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) पित्त रस,जो यकृत द्वारा स्रावित होता है और पित्ताशय में संग्रहीत होता है,में पित्त लवण (जैसे सोडियम ग्लाइकोकोलेट और सोडियम टॉरोकोलेट) होते हैं।
ये पित्त लवण पायसीकरण की प्रक्रिया द्वारा लिपिड के पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पायसीकरण वसा के बड़े गोलकों को छोटे बूंदों में तोड़ने की प्रक्रिया है,जिससे लाइपेज एंजाइम की क्रिया के लिए सतह का क्षेत्रफल बढ़ जाता है।
इसलिए,पित्त रस विशेष रूप से वसा पर कार्य करता है।
106
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा आमाशय से सबसे पहले खाली होगा?
A
बीयर
B
प्रोटीन
C
वसा
D
कार्बोहाइड्रेट

Solution

(A) आमाशय से भोजन के खाली होने की दर भोजन की रासायनिक संरचना और भौतिक अवस्था पर निर्भर करती है।
तरल पदार्थ ठोस पदार्थों की तुलना में तेजी से खाली होते हैं।
तरल पदार्थों में,जिनकी कैलोरी घनत्व कम होती है और रासायनिक संरचना सरल होती है,वे अधिक तेजी से खाली होते हैं।
बीयर एक तरल है जिसका कैलोरी घनत्व प्रोटीन,वसा या कार्बोहाइड्रेट जैसे जटिल पोषक तत्वों की तुलना में काफी कम होता है,इसलिए यह ठोस भोजन या पोषक तत्वों से भरपूर तरल पदार्थों की तुलना में बहुत तेजी से आमाशय से पाइलोरिक वाल्व के माध्यम से ग्रहणी (duodenum) में प्रवेश करता है।
107
MediumMCQ
पित्त का मुख्य कार्य क्या है?
A
एंजाइम की क्रिया द्वारा वसा का पाचन करना।
B
पाचन के लिए वसा का पायसीकरण (Emulsification) करना।
C
अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना।
D
प्रोटीन के पाचन का नियमन करना।

Solution

(B) पित्त,जो यकृत द्वारा स्रावित होता है और पित्ताशय में संग्रहीत होता है,में कोई पाचक एंजाइम नहीं होते हैं। इसका मुख्य कार्य वसा का पायसीकरण (Emulsification) करना है। पायसीकरण वसा के बड़े गोलकों को छोटी बूंदों में तोड़ने की प्रक्रिया है,जो लाइपेज एंजाइम की क्रिया के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाती है। यह छोटी आंत में वसा के पाचन को काफी सुगम बनाता है।
108
EasyMCQ
कार्बोहाइड्रेट का पाचन ....... द्वारा होता है।
A
एमाइलेज
B
लाइपेज
C
इरेप्सिन
D
पेप्सिन

Solution

(A) कार्बोहाइड्रेट का पाचन मुख्य रूप से $Amylase$ एंजाइम द्वारा किया जाता है।
$1$. मुखगुहा में $Salivary \ amylase$ (टायलिन) स्टार्च पर कार्य करता है।
$2$. छोटी आंत में $Pancreatic \ amylase$ स्टार्च का पाचन करता है।
$Lipase$ वसा के पाचन के लिए,$Pepsin$ प्रोटीन के पाचन के लिए और $Erepsin$ पेप्टाइड्स के पाचन के लिए जिम्मेदार है।
अतः,सही विकल्प $A$ है।
109
EasyMCQ
आमाशय (जठर) में पहुँचने वाले दूषित भोजन में उपस्थित बैक्टीरिया को किसके द्वारा नष्ट किया जाता है?
A
पेप्सिन
B
रेनिन
C
सोडियम बाइकार्बोनेट
D
HCl

Solution

(D) आमाशय जठर रस का स्राव करता है,जिसमें $HCl$ (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) होता है।
$HCl$ कम $pH$ (लगभग $1.8$) वाला अम्लीय वातावरण बनाता है।
यह अत्यधिक अम्लीय वातावरण पेप्सिनोजेन को पेप्सिन में सक्रिय करने के लिए आवश्यक है और यह एक शक्तिशाली जीवाणुनाशक (bactericidal) एजेंट के रूप में भी कार्य करता है,जो भोजन में मौजूद अधिकांश बैक्टीरिया और रोगजनकों को नष्ट कर देता है।
110
MediumMCQ
खरगोश और अन्य शाकाहारी जानवरों में सेल्युलोज का पाचन ...... में होता है।
A
कृमिरूप परिशेषिका (Vermiform appendix)
B
कोलन
C
अंधनाल (Caecum)
D
क्षुद्रांत्र (Ileum)

Solution

(C) खरगोश जैसे शाकाहारी जानवरों में, आहार मुख्य रूप से सेल्युलोज से बना होता है।
सेल्युलोज एक जटिल कार्बोहाइड्रेट है जिसे पचाने के लिए सूक्ष्मजीवी किण्वन (microbial fermentation) की आवश्यकता होती है।
$\text{अंधनाल}$ $(Caecum)$ छोटी और बड़ी आंत के जंक्शन पर स्थित एक बड़ी, थैली जैसी संरचना है।
इसमें सहजीवी सूक्ष्मजीव होते हैं जो सेल्युलेज एंजाइम का उत्पादन करते हैं, जो सेल्युलोज को सरल अवशोषणीय रूपों में तोड़ते हैं।
इसलिए, सेल्युलोज का पाचन मुख्य रूप से $\text{अंधनाल}$ $(Caecum)$ में होता है।
111
EasyMCQ
खरगोश के आमाशय (stomach) की $pH$ लगभग ...... होती है।
A
$7$
B
$3$
C
$8$
D
$11$

Solution

(B) खरगोश का आमाशय,कई स्तनधारियों की तरह,जठर ग्रंथियों से युक्त होता है जो हाइड्रोक्लोरिक एसिड $(HCl)$ का स्राव करती हैं।
यह एसिड आमाशय में अम्लीय वातावरण बनाता है,जो पेप्सिनोजेन को पेप्सिन में सक्रिय करने और प्रोटीन के पाचन के लिए आवश्यक है।
खरगोश के आमाशय की $pH$ आमतौर पर $1$ से $3$ के बीच होती है,इसलिए दिए गए विकल्पों में से $3$ सबसे उपयुक्त विकल्प है।
112
MediumMCQ
यदि एक खरगोश बड़ी मात्रा में चना खाता है,तो उसके पाचन की शुरुआत कहाँ से होगी?
A
मुख
B
आमाशय
C
ग्रहणी
D
क्षुद्रांत्र

Solution

(A) चने में मुख्य रूप से स्टार्च (कार्बोहाइड्रेट) और प्रोटीन होता है। कार्बोहाइड्रेट का पाचन मुख में लार एमाइलेज (टायलिन) की क्रिया द्वारा शुरू होता है,जो स्टार्च को माल्टोज जैसी सरल शर्करा में तोड़ देता है। इसलिए,चने के पाचन की शुरुआत मुख से होती है।
113
MediumMCQ
पित्त रस का कौन सा भाग पाचन में उपयोगी है?
A
पित्त लवण
B
पित्त वर्णक
C
पित्त मैट्रिक्स
D
उपरोक्त सभी

Solution

(A) पित्त में पित्त वर्णक ($bilirubin$ और $biliverdin$),पित्त लवण,कोलेस्ट्रॉल और फॉस्फोलिपिड्स होते हैं,लेकिन इसमें कोई एंजाइम नहीं होते हैं।
पित्त लवण (सोडियम ग्लाइकोकोलेट और सोडियम टॉरोकोलेट) वसा के पायसीकरण (emulsification) के लिए आवश्यक हैं,जो वसा के बड़े गोलकों को छोटी बूंदों में तोड़ते हैं,जिससे लाइपेज एंजाइम की क्रिया के लिए सतह का क्षेत्रफल बढ़ जाता है।
पित्त वर्णक उत्सर्जी उत्पाद हैं और पाचन में भाग नहीं लेते हैं।
इसलिए,पित्त लवण पित्त का एकमात्र घटक है जो पाचन की प्रक्रिया में उपयोगी है।
114
EasyMCQ
....... में कार्बोहाइड्रेट,प्रोटीन और वसा का पाचन पूर्ण होता है।
A
आमाशय
B
यकृत
C
छोटी आंत
D
बड़ी आंत

Solution

(C) छोटी आंत वह स्थान है जहाँ सभी प्रमुख पोषक तत्वों के पाचन के अंतिम चरण पूर्ण होते हैं।
छोटी आंत में,अग्न्याशय रस और आंतों के रस (सकस एंटेरिकस) में विभिन्न एंजाइम जैसे अग्न्याशय एमाइलेज,ट्रिप्सिन,काइमोट्रिप्सिन,कार्बोक्सीपेप्टिडेज़ और लाइपेज होते हैं।
ये एंजाइम जटिल कार्बोहाइड्रेट को मोनोसेकेराइड में,प्रोटीन को अमीनो एसिड में और वसा को फैटी एसिड और ग्लिसरॉल में तोड़ते हैं।
इसलिए,कार्बोहाइड्रेट,प्रोटीन और वसा का पूर्ण पाचन छोटी आंत में होता है।
115
MediumMCQ
प्रोटीन का पाचन ....... में पूर्ण होता है।
A
आमाशय
B
ग्रहणी
C
क्षुद्रांत्र
D
ग्रहणी और क्षुद्रांत्र

Solution

(D) प्रोटीन का पाचन आमाशय में पेप्सिन की क्रिया से शुरू होता है।
हालाँकि,प्रोटीन पाचन की प्रक्रिया छोटी आंत में,विशेष रूप से ग्रहणी (Duodenum) और क्षुद्रांत्र (Ileum) में पूर्ण होती है।
ग्रहणी में,ट्रिप्सिन,काइमोट्रिप्सिन और कार्बोक्सीपेप्टिडेज़ जैसे अग्न्याशयी एंजाइम प्रोटीन को छोटे पेप्टाइड्स में तोड़ते हैं।
अंत में,क्षुद्रांत्र में,आंतों के एंजाइम (अमीनोपेप्टिडेज़ और डाइपेप्टिडेज़) इन पेप्टाइड्स को अमीनो एसिड में तोड़ देते हैं,जिनका बाद में अवशोषण होता है।
116
EasyMCQ
भोजन ग्रहण करने की प्रक्रिया को ..... कहा जाता है।
A
अंतर्ग्रहण
B
बहिःक्षेपण
C
पाचन
D
पोषण

Solution

(A) शरीर में भोजन लेने की प्रक्रिया को $\text{अंतर्ग्रहण}$ (Ingestion) कहा जाता है।
$\text{बहिःक्षेपण}$ (Egestion) शरीर से अपचित भोजन के कचरे को बाहर निकालने की प्रक्रिया है।
$\text{पाचन}$ (Digestion) जटिल खाद्य पदार्थों को सरल अवशोषणीय रूपों में तोड़ने की प्रक्रिया है।
$\text{पोषण}$ (Nutrition) विकास और ऊर्जा के लिए भोजन प्राप्त करने और उसका उपयोग करने की समग्र प्रक्रिया है।
117
EasyMCQ
पाचन की प्रक्रिया $......$ द्वारा पूरी की जाती है।
A
यांत्रिक प्रक्रियाएं
B
रासायनिक प्रक्रियाएं
C
विद्युतीय प्रक्रियाएं
D
$A$ और $B$ दोनों

Solution

(D) मनुष्यों में पाचन की प्रक्रिया यांत्रिक और रासायनिक दोनों प्रक्रियाओं द्वारा पूरी की जाती है।
यांत्रिक प्रक्रियाओं में मुख में भोजन को चबाना और आमाशय में भोजन को मथना (churning) शामिल है।
रासायनिक प्रक्रियाओं में भोजन के घटकों पर विभिन्न एंजाइमों और पाचक रसों की क्रिया द्वारा उन्हें सरल अवशोषणीय रूपों में तोड़ना शामिल है।
118
EasyMCQ
अग्न्याशयी रस (Pancreatic juice) . . . . . . के पाचन में भूमिका निभाता है।
A
प्रोटीन,कार्बोहाइड्रेट और वसा
B
प्रोटीन और वसा
C
प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट
D
केवल प्रोटीन

Solution

(A) अग्न्याशयी रस में विभिन्न एंजाइम होते हैं जो भोजन के सभी प्रमुख घटकों के पाचन के लिए आवश्यक होते हैं।
$1$. प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम (जैसे ट्रिप्सिन,काइमोट्रिप्सिन और कार्बोक्सीपेप्टिडेज़) प्रोटीन को पेप्टाइड्स और अमीनो एसिड में पचाते हैं।
$2$. अग्न्याशयी एमाइलेज कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च) को डाइसैकेराइड्स में पचाता है।
$3$. अग्न्याशयी लाइपेज वसा (ट्राइग्लिसराइड्स) को फैटी एसिड और ग्लिसरॉल में पचाता है।
इसलिए,अग्न्याशयी रस प्रोटीन,कार्बोहाइड्रेट और वसा तीनों पर कार्य करता है।
119
MediumMCQ
ट्रिप्सिन,पेप्सिन से इस मायने में भिन्न है कि यह ...... का पाचन करता है।
A
आमाशय में क्षारीय माध्यम में कार्बोहाइड्रेट
B
आमाशय में क्षारीय माध्यम में प्रोटीन
C
आमाशय में
D
ग्रहणी (duodenum) में क्षारीय माध्यम में प्रोटीन

Solution

(D) ट्रिप्सिन अग्न्याशय द्वारा स्रावित एक प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम है,जो एक निष्क्रिय प्रो-एंजाइम ट्रिप्सिनोजेन के रूप में मुक्त होता है।
यह ग्रहणी (duodenum) में एंटरोकाइनेज द्वारा सक्रिय होता है।
पेप्सिन के विपरीत,जो आमाशय के अम्लीय वातावरण $(pH \approx 1.8)$ में कार्य करता है,ट्रिप्सिन छोटी आंत (ग्रहणी) के क्षारीय वातावरण में कार्य करता है जहाँ $pH$ लगभग $7.8$ से $8.4$ होता है।
इसलिए,ट्रिप्सिन ग्रहणी में क्षारीय माध्यम में प्रोटीन का पाचन करता है।
120
MediumMCQ
पित्त निम्नलिखित में से किसका विघटन प्रेरित करता है?
A
प्रोटीन
B
वसा
C
कार्बोहाइड्रेट
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) पित्त,जो यकृत द्वारा निर्मित होता है और पित्ताशय में संग्रहीत होता है,में पित्त लवण (जैसे सोडियम ग्लाइकोकोलेट और सोडियम टॉरोकोलेट) होते हैं। ये लवण वसा के पायसीकरण (emulsification) के लिए आवश्यक हैं। पायसीकरण वसा के बड़े गोलकों को छोटी बूंदों में तोड़ने की प्रक्रिया है,जो लाइपेज एंजाइम की क्रिया के लिए सतह के क्षेत्रफल को काफी बढ़ा देती है। इसलिए,पित्त मुख्य रूप से वसा के विघटन (पायसीकरण) को प्रेरित करता है।
121
MediumMCQ
भोजन का सर्वाधिक पाचन ... में होता है।
A
आमाशय (Stomach)
B
मध्यांत्र (Jejunum)
C
कोलन (Colon)
D
ग्रहणी (Duodenum)

Solution

(B) छोटी आंत भोजन के पाचन और अवशोषण का प्राथमिक स्थल है।
छोटी आंत के भीतर,$Duodenum$ (ग्रहणी) प्रारंभिक भाग है जहाँ पित्त,अग्न्याशय के रस और आंतों के एंजाइमों की क्रिया के कारण अधिकांश रासायनिक पाचन होता है।
हालाँकि,$Jejunum$ (मध्यांत्र) छोटी आंत का मध्य भाग है जहाँ अधिकांश रासायनिक पाचन पूरा हो जाता है और पोषक तत्वों का अवशोषण सबसे अधिक कुशलता से होता है।
इसलिए,भोजन का अधिकतम पाचन और अवशोषण छोटी आंत में होता है,विशेष रूप से $Jejunum$ और $Duodenum$ क्षेत्रों में,लेकिन $Jejunum$ को उस स्थान के रूप में जाना जाता है जहाँ यह प्रक्रिया सबसे व्यापक होती है।
122
EasyMCQ
कौन सा एंजाइम इमल्सीफाइड वसा को फैटी एसिड और ग्लिसरॉल में बदलने के लिए उत्प्रेरित करता है?
A
पेप्सिन
B
लाइपेज
C
एमाइलेज
D
सुक्रेज

Solution

(B) वसा का पाचन मुख्य रूप से छोटी आंत में होता है।
पित्त लवण (bile salts) वसा की बड़ी गोलिकाओं को छोटी बूंदों में इमल्सीफाई करते हैं,जिससे एंजाइम की क्रिया के लिए सतह का क्षेत्रफल बढ़ जाता है।
इसके बाद $Lipase$ (विशेष रूप से अग्न्याशय लाइपेज) इन इमल्सीफाइड वसा पर कार्य करके उन्हें फैटी एसिड और ग्लिसरॉल में तोड़ देता है।
$Pepsin$ प्रोटीन पाचन में,$Amylase$ कार्बोहाइड्रेट पाचन में और $Sucrase$ सुक्रोज के अपघटन में शामिल होता है।
123
EasyMCQ
स्तनधारियों में दूध का पाचन ...... की क्रिया द्वारा होता है।
A
रेनिन
B
एमाइलेज
C
आंतों के बैक्टीरिया
D
इनवर्टेज

Solution

(A) स्तनधारियों में दूध का पाचन मुख्य रूप से $Rennin$ (जिसे $Chymosin$ भी कहा जाता है) एंजाइम द्वारा सुगम होता है।
यह एंजाइम युवा स्तनधारियों (शिशुओं) के पेट में जठर ग्रंथियों द्वारा स्रावित होता है।
$Rennin$ दूध के प्रोटीन $Casein$ पर कार्य करता है और इसे अघुलनशील $Paracasein$ (कैल्शियम पैराकैसिनेट) में परिवर्तित करता है,जिसे बाद में $Pepsin$ द्वारा तोड़ा जाता है।
अतः,सही विकल्प $A$ है।
124
MediumMCQ
$Hydra$ में पाचन की प्रक्रिया है:
A
कोशिकीय अंतःपाचन
B
कोशिकाबाह्य पाचन
C
अंतरकोशिकीय पाचन
D
कोशिकाबाह्य और कोशिकीय अंतःपाचन दोनों

Solution

(D) $Hydra$ में पाचन एक दो-चरणीय प्रक्रिया है।
सबसे पहले,कोशिकाबाह्य पाचन जठर-संवहनी गुहा (gastrovascular cavity) में होता है जहाँ भोजन पर एंजाइमों का स्राव किया जाता है।
दूसरे,आंशिक रूप से पचे हुए भोजन को कोशिकाओं द्वारा ग्रहण करने के बाद जठर-त्वचा (gastrodermal) कोशिकाओं की खाद्य रिक्तिकाओं में कोशिकीय अंतःपाचन होता है।
अतः,$Hydra$ में कोशिकाबाह्य और कोशिकीय अंतःपाचन दोनों प्रकार का पाचन पाया जाता है।
125
MediumMCQ
दूध के पाचन का अंतिम उत्पाद क्या है?
A
फ्रुक्टोज़
B
ग्लूकोज़
C
गैलेक्टोज़
D
$(B)$ और $(C)$ दोनों

Solution

(D) दूध में लैक्टोज़ नामक एक डाइसैकेराइड शर्करा होती है।
लैक्टोज़ दो मोनोसैकेराइड इकाइयों से बनी होती है: ग्लूकोज़ और गैलेक्टोज़।
छोटी आंत में मौजूद लैक्टेज़ एंजाइम लैक्टोज़ को उसके घटक मोनोसैकेराइड्स,यानी ग्लूकोज़ और गैलेक्टोज़ में हाइड्रोलाइज़ (जल-अपघटन) करता है।
इसलिए,दूध के पाचन के अंतिम उत्पाद ग्लूकोज़ और गैलेक्टोज़ हैं।
126
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यकृत-अग्न्याशय वाहिनी (hepatopancreatic duct) के ग्रहणी (duodenum) में खुलने वाले छिद्र की रक्षा करता है?
A
जठरनिर्गमी अवरोधिनी (Pyloric sphincter)
B
ओडी की अवरोधिनी (Sphincter of Oddi)
C
अर्धचंद्राकार कपाट (Semilunar valve)
D
इलियोसीकल कपाट (Ileocaecal valve)

Solution

(B) सही उत्तर $B$ है। $Sphincter$ \text{ of } $Oddi$ (ओडी की अवरोधिनी) एक पेशीय कपाट है जो यकृत-अग्न्याशय वाहिनी के माध्यम से ग्रहणी में पाचक रसों (पित्त और अग्न्याशय रस) के प्रवाह को नियंत्रित करता है। यह सुनिश्चित करता है कि ये स्राव केवल पाचन के लिए आवश्यक होने पर ही छोटी आंत में प्रवेश करें।
127
MediumMCQ
मनुष्यों में दूध के पाचन का प्रारंभिक चरण किसके द्वारा किया जाता है?
A
लाइपेज
B
ट्रिप्सिन
C
रेनिन
D
पेप्सिन

Solution

(C) सही उत्तर $C$ है।
$\text{रेनिन}$ (जिसे $\text{काइमोसिन}$ के रूप में भी जाना जाता है) एक प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम है जो जठर ग्रंथियों के उपकला में मौजूद पेप्टिक कोशिकाओं (मुख्य कोशिकाओं) द्वारा स्रावित होता है।
यह मुख्य रूप से मानव शिशुओं और बछड़ों के जठर रस में पाया जाता है ताकि दूध के पाचन में सहायता मिल सके।
वयस्कों में $\text{रेनिन}$ का स्राव अनुपस्थित होता है।
$\text{रेनिन}$ दूध के प्रोटीन $\text{केसीन}$ पर कार्य करता है और इसे $\text{पैराकेसीन}$ (कैल्शियम पैराकेसिनेट) में परिवर्तित करता है, जिससे दूध का थक्का जम जाता है, जिससे यह पेट में अधिक समय तक रह पाता है ताकि $\text{पेप्सिन}$ द्वारा इसका आगे पाचन हो सके।
128
MediumMCQ
एक मनुष्य द्वारा खाए गए उबले हुए आलू पर, मुख से शुरू होकर आहार नली में नीचे की ओर बढ़ते हुए कौन से एंजाइम कार्य करते हैं?
A
$Pancreatic amylase \to Salivary amylase \to Lipases$
B
$Disaccharidase like maltase \to Lipases \to Nucleases$
C
$Salivary amylase \to Pancreatic amylase \to Disaccharidases$
D
$Salivary maltase \to Carboxy peptidase \to Trypsinogen$

Solution

(C) सही उत्तर $C$ है। उबले हुए आलू में स्टार्च होता है, जो एक पॉलीसैकेराइड है।
$1$. मुख गुहा में, भोजन लार के साथ मिश्रित होता है। लार में लार एमाइलेज (टायलिन) नामक एंजाइम होता है, जो स्टार्च को माल्टोज, आइसोमाल्टोज और छोटे डेक्सट्रिन में परिवर्तित करता है।
$Starch \xrightarrow[\text{Salivary amylase}]{} \text{Maltose} + \text{Isomaltose} + \alpha\text{-Dextrins}$.
$2$. अग्न्याशयी रस, जो छोटी आंत में प्रवेश करता है, में स्टार्च को पचाने वाला एंजाइम होता है जिसे अग्न्याशयी एमाइलेज कहा जाता है। यह एंजाइम शेष स्टार्च को माल्टोज, आइसोमाल्टोज और $\alpha$-डेक्सट्रिन में तोड़ देता है।
$Starch \xrightarrow[\text{Pancreatic } \alpha\text{-amylase}]{} \text{Maltose} + \text{Isomaltose} + \alpha\text{-Dextrins}$.
$3$. अंत में, छोटी आंत के आंतों के रस में मौजूद डाइसैकेराइडेज जैसे कि माल्टेज, माल्टोज जैसे डाइसैकेराइड्स को सरल मोनोसैकेराइड्स (ग्लूकोज) में तोड़ देते हैं।
129
MediumMCQ
एक छोटा शिशु पूरी तरह से माँ के दूध पर निर्भर हो सकता है जो सफेद रंग का होता है,लेकिन शिशु जो मल त्याग करता है वह काफी पीला होता है। इस पीले रंग का कारण क्या है?
A
पित्त रस के माध्यम से गुजरने वाले पित्त वर्णक
B
अपचित दूध प्रोटीन कैसीन
C
ग्रहणी में डाला गया अग्नाशयी रस
D
आंतों का रस

Solution

(A) मल का पीला रंग पित्त वर्णकों (bile pigments),विशेष रूप से बिलीरुबिन (bilirubin) की उपस्थिति के कारण होता है,जो पीले रंग का होता है।
पित्त वर्णक हीमोग्लोबिन के टूटने से बनने वाले उत्सर्जी उत्पाद हैं।
पित्त यकृत द्वारा निर्मित एक कड़वे स्वाद वाला,हरे-पीले रंग का क्षारीय तरल है,जो पित्ताशय में जमा होता है और ग्रहणी में स्रावित होता है।
केवल माँ का दूध पीने वाले शिशुओं में भी,ये वर्णक संसाधित और उत्सर्जित होते हैं,जिसके परिणामस्वरूप मल का रंग पीला होता है।
130
MediumMCQ
मनुष्यों में निम्नलिखित में से खाद्य घटकों की कौन सी जोड़ी आमाशय (stomach) में पूरी तरह से अपाचित अवस्था में पहुँचती है?
A
स्टार्च और वसा
B
वसा और सेलुलोज
C
स्टार्च और सेलुलोज
D
प्रोटीन और स्टार्च

Solution

(B) सही उत्तर $B$ है।
$1$. लार में लार एमाइलेज होता है,जो मुख में स्टार्च का पाचन शुरू करता है। इसलिए,स्टार्च आमाशय में पूरी तरह से अपाचित नहीं पहुँचता है।
$2$. लार में कोई लाइपेज नहीं होता है,और आमाशय में वसा का पायसीकरण करने वाले कारकों (पित्त लवण) का अभाव होता है,इसलिए वसा छोटी आंत तक पहुँचने तक काफी हद तक अपाचित रहती है।
$3$. मनुष्यों में सेलुलोज को पचाने के लिए आवश्यक सेल्युलेज एंजाइम का अभाव होता है; इसलिए,सेलुलोज पाचन तंत्र से पूरी तरह से अपाचित होकर गुजरता है।
$4$. प्रोटीन का पाचन आमाशय में पेप्सिन और हाइड्रोक्लोरिक एसिड की क्रिया के कारण शुरू होता है।
अतः,वसा और सेलुलोज आमाशय में अपाचित अवस्था में पहुँचते हैं।
131
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा दिए गए सबस्ट्रेट पर क्रिया के स्थान,उस पर कार्य करने वाले एंजाइम और अंतिम उत्पाद का सही मिलान है?
A
छोटी आंत : प्रोटीन $\xrightarrow{Pepsin}$ अमीनो एसिड
B
आमाशय : वसा $\xrightarrow{Lipase}$ मिसेल्स
C
ग्रहणी : ट्राइग्लिसराइड्स $\xrightarrow{Trypsin}$ मोनोग्लिसराइड्स
D
छोटी आंत : स्टार्च $\xrightarrow{\alpha-Amylase}$ डाइसैकेराइड (माल्टोज़)

Solution

(D) सही विकल्प $D$ है।
छोटी आंत में,अग्नाशयी रस में अग्नाशयी $\alpha$-एमाइलेज होता है।
यह एंजाइम स्टार्च और ग्लाइकोजन को माल्टोज़ जैसे डाइसैकेराइड्स में हाइड्रोलाइज़ करता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है: $\text{स्टार्च/ग्लाइकोजन} \xrightarrow{\text{अग्नाशयी } \alpha\text{-एमाइलेज}} \text{माल्टोज़} + \text{आइसोमाल्टोज़} + \text{लिमिट डेक्सट्रिन्स}$।
विकल्प $A$ गलत है क्योंकि $Pepsin$ आमाशय में कार्य करता है।
विकल्प $B$ गलत है क्योंकि $Lipase$ मुख्य रूप से छोटी आंत में कार्य करता है।
विकल्प $C$ गलत है क्योंकि $Trypsin$ प्रोटीन पर कार्य करता है,ट्राइग्लिसराइड्स पर नहीं।
132
MediumMCQ
यदि जठर ग्रंथियों की पार्श्विका (parietal) कोशिकाओं के स्राव को एक अवरोधक (inhibitor) द्वारा रोक दिया जाए,तो क्या होगा?
A
$HCl$ स्राव की अनुपस्थिति में,निष्क्रिय पेप्सिनोजेन सक्रिय एंजाइम पेप्सिन में परिवर्तित नहीं होता है।
B
ग्रहणी श्लेष्म (duodenal mucosa) से एंटरोकाइनेज मुक्त नहीं होगा और इसलिए ट्रिप्सिनोजेन ट्रिप्सिन में परिवर्तित नहीं होगा।
C
जठर रस में काइमोसिन की कमी हो जाएगी।
D
जठर रस में पेप्सिनोजेन की कमी हो जाएगी।

Solution

(A) जठर ग्रंथियों की पार्श्विका कोशिकाएं (जिन्हें ऑक्सीन्टिक कोशिकाएं भी कहा जाता है) $HCl$ (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) का स्राव करती हैं।
$HCl$ की उपस्थिति में,पेप्सिनोजेन (एक प्रो-एंजाइम),जो पेप्सिन एंजाइम का एक निष्क्रिय अग्रदूत है,अपने सक्रिय रूप यानी पेप्सिन में परिवर्तित हो जाता है।
सक्रिय पेप्सिन फिर ऑटो-कैटालिसिस के माध्यम से अधिक पेप्सिनोजेन को पेप्सिन में परिवर्तित करता है।
यह पेप्सिन एंजाइम पेट का मुख्य प्रोटीज या प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम है।
$\text{पेप्सिनोजेन (निष्क्रिय रूप)} \xrightarrow{HCl} \text{पेप्सिन (सक्रिय रूप)}$
इसलिए,यदि $HCl$ का स्राव अवरुद्ध हो जाता है,तो निष्क्रिय पेप्सिनोजेन सक्रिय एंजाइम पेप्सिन में परिवर्तित नहीं होगा।
133
EasyMCQ
डाई- और मोनोग्लिसराइड्स के पाचन से क्या प्राप्त होता है....
A
अमीनो एसिड $+$ ग्लिसरॉल
B
मोनोसैकेराइड $+$ ग्लिसराइड
C
फैटी एसिड $+$ ग्लिसरॉल
D
पेंटोज शर्करा $+$ फॉस्फेट

Solution

(C) छोटी आंत में,लाइपेज एंजाइम वसा पर कार्य करता है।
लाइपेज ट्राइग्लिसराइड्स को डाइग्लिसराइड्स और मोनोग्लिसराइड्स में तोड़ते हैं।
इसके बाद,आंतों के रस में मौजूद एंजाइम,जैसे कि लाइपेज,डाई- और मोनोग्लिसराइड्स पर कार्य करके उन्हें उनके अंतिम अवशोषणीय रूपों में तोड़ देते हैं।
डाई- और मोनोग्लिसराइड्स के पाचन के अंतिम उत्पाद फैटी एसिड और ग्लिसरॉल हैं।
134
EasyMCQ
आहार नली के किस भाग में काइम (chyme) का पाचन और पोषक तत्वों का अवशोषण होता है?
A
आमाशय
B
छोटी आंत
C
बड़ी आंत
D
गुदा नली

Solution

(B) छोटी आंत पाचन को पूरा करने और पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए प्राथमिक स्थान है।
आमाशय में भोजन के काइम (chyme) में परिवर्तित होने के बाद,यह छोटी आंत में प्रवेश करता है।
छोटी आंत में,पित्त रस,अग्न्याशय रस और आंत्र रस (succus entericus) काइम पर कार्य करते हैं,जिससे कार्बोहाइड्रेट,प्रोटीन और वसा का पाचन पूर्ण होता है।
पाचित अंतिम उत्पाद फिर आंतों के श्लेष्म (mucosa) के माध्यम से रक्त और लसीका में अवशोषित हो जाते हैं,जो मुख्य रूप से जेजुनम (jejunum) और इलियम (ileum) में होता है।
135
MediumMCQ
निम्नलिखित का मिलान करें:
स्तंभ-$I$स्तंभ-$II$
$(a)$ न्यूक्लिएज$(i)$ न्यूक्लियोटाइड
$(b)$ न्यूक्लियोटाइडेज$(ii)$ मोनोग्लिसराइड्स
$(c)$ न्यूक्लियोसाइडेज$(iii)$ न्यूक्लिक एसिड
$(d)$ लाइपेज$(iv)$ न्यूक्लियोसाइड
A
$(a - iv), (b - iii), (c - ii), (d - i)$
B
$(a - iii), (b - iv), (c - i), (d - ii)$
C
$(a - iii), (b - ii), (c - i), (d - iv)$
D
$(a - iii), (b - i), (c - iv), (d - ii)$

Solution

(B) सही मिलान इस प्रकार है:
$(a)$ न्यूक्लिएज न्यूक्लिक एसिड पर कार्य करके उन्हें न्यूक्लियोटाइड में तोड़ते हैं। अतः, $(a - iii)$.
$(b)$ न्यूक्लियोटाइडेज न्यूक्लियोटाइड पर कार्य करके उन्हें न्यूक्लियोसाइड में तोड़ते हैं। अतः, $(b - iv)$.
$(c)$ न्यूक्लियोसाइडेज न्यूक्लियोसाइड पर कार्य करके उन्हें शर्करा और नाइट्रोजनस बेस में तोड़ते हैं। अतः, $(c - i)$.
$(d)$ लाइपेज वसा पर कार्य करके उन्हें मोनोग्लिसराइड्स में तोड़ते हैं। अतः, $(d - ii)$.
इसलिए, सही क्रम $(a - iii), (b - iv), (c - i), (d - ii)$ है।
136
MediumMCQ
मनुष्यों में भोजन के पाचन और अवशोषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
A
फ्रुक्टोज और अमीनो एसिड $Na^+$ जैसे वाहक आयनों की मदद से आंतों के श्लेष्म के माध्यम से अवशोषित होते हैं।
B
काइलोमाइक्रोन छोटे लिपोप्रोटीन कण होते हैं जो आंत से रक्त केशिकाओं में ले जाए जाते हैं।
C
हमारे मुंह में लार एमाइलेज द्वारा लगभग $30\%$ स्टार्च का जलविघटन होता है।
D
हमारे पेट में ऑक्सीन्टिक कोशिकाएं प्रोएंजाइम पेप्सिनोजेन का स्राव करती हैं।

Solution

(C) विकल्प $A$ गलत है क्योंकि फ्रुक्टोज का अवशोषण सुगम विसरण (facilitated diffusion) द्वारा होता है,न कि $Na^+$ आधारित परिवहन द्वारा।
विकल्प $B$ गलत है क्योंकि काइलोमाइक्रोन का परिवहन लैक्टियल (लसीका वाहिकाओं) में होता है,न कि सीधे रक्त केशिकाओं में।
विकल्प $C$ सही है क्योंकि मुख गुहा में लार एमाइलेज द्वारा लगभग $30\%$ स्टार्च का माल्टोज़ में जलविघटन होता है।
विकल्प $D$ गलत है क्योंकि ऑक्सीन्टिक कोशिकाएं (पार्श्विका कोशिकाएं) $HCl$ और आंतरिक कारक का स्राव करती हैं,जबकि मुख्य कोशिकाएं (पेप्टिक कोशिकाएं) प्रोएंजाइम पेप्सिनोजेन का स्राव करती हैं।
137
EasyMCQ
जल,सरल शर्करा और अल्कोहल आदि का अवशोषण यहाँ होता है।
A
मुख
B
बड़ी आंत
C
आमाशय
D
ग्रसनी

Solution

(C) आमाशय कुछ पदार्थों के अवशोषण के लिए एक प्राथमिक स्थल है।
जल,सरल शर्करा और अल्कोहल का अवशोषण आमाशय की परत में होता है।
यद्यपि छोटी आंत पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए मुख्य अंग है,लेकिन आमाशय अपनी श्लेष्म संरचना के कारण विशेष रूप से इन पदार्थों के अवशोषण की सुविधा प्रदान करता है।
138
MediumMCQ
आहार नाल का कौन सा भाग कार्बोहाइड्रेट के पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
A
मुख और आमाशय
B
मुख और बड़ी आंत
C
मुख और छोटी आंत
D
छोटी आंत और बड़ी आंत

Solution

(C) कार्बोहाइड्रेट का पाचन मुख से शुरू होता है। लार ग्रंथियां लार का स्राव करती हैं,जिसमें लार एमाइलेज (टायलिन) नामक एंजाइम होता है। यह एंजाइम स्टार्च को माल्टोज़ में तोड़ता है।
आमाशय से गुजरने के बाद (जहाँ कार्बोहाइड्रेट का कोई महत्वपूर्ण पाचन नहीं होता है),भोजन छोटी आंत में प्रवेश करता है। छोटी आंत में,अग्नाशयी एमाइलेज स्टार्च का पाचन जारी रखता है,और आंतों के एंजाइम (जैसे माल्टेज़,लैक्टेज़ और सुक्रेज़) डाइसैकेराइड्स को ग्लूकोज,गैलेक्टोज और फ्रुक्टोज जैसे मोनोसैकेराइड्स में तोड़ देते हैं। इसलिए,मुख और छोटी आंत कार्बोहाइड्रेट पाचन के लिए प्राथमिक स्थल हैं।
139
MediumMCQ
आमाशय (जठर) में पाचन के लिए क्या सही है?
A
स्टार्च $\xrightarrow[{pH\, 6.8}]{{\text{एमाइलेज}}} $ माल्टोज़
B
प्रोटीन $\xrightarrow[{pH\, 6.8}]{{\text{पेप्सिन}}}$ प्रोटियोज़ $+$ पेप्टोन्स
C
पेप्टोन्स,प्रोटियोज़ $\xrightarrow{{\text{ट्रिप्सिन}}}$ डाइपेप्टाइड
D
प्रोटीन $\xrightarrow[{pH\, 1.8}]{{\text{पेप्सिन}}}$ प्रोटियोज़ $+$ पेप्टोन्स

Solution

(D) आमाशय में, जठर ग्रंथियां जठर रस का स्राव करती हैं जिसमें निष्क्रिय एंजाइम पेप्सिनोजेन होता है।
यह पेप्सिनोजेन हाइड्रोक्लोरिक एसिड $(HCl)$ की उपस्थिति में लगभग $1.8$ के अम्लीय $pH$ पर सक्रिय एंजाइम पेप्सिन में परिवर्तित हो जाता है।
पेप्सिन प्रोटीन पर कार्य करके उन्हें प्रोटियोज़ और पेप्टोन्स में परिवर्तित करता है।
अतः, अभिक्रिया $Protein \xrightarrow[{pH\, 1.8}]{{Pepsin}} Proteoses + Peptones$ आमाशय में पाचन के लिए सही है।
140
MediumMCQ
सकस एंटेरिकस (आंत्र रस) का लाइपेज लिपिड को किसमें परिवर्तित करता है?
A
फैटी एसिड $+$ शर्करा
B
शर्करा $+$ नाइट्रोजन बेस
C
डाई और मोनोग्लिसराइड्स
D
न्यूक्लियोटाइड्स

Solution

(C) सकस एंटेरिकस,जिसे आंत्र रस (intestinal juice) के रूप में भी जाना जाता है,में आंतों के लाइपेज सहित विभिन्न एंजाइम होते हैं। लाइपेज इमल्सीफाइड वसा (लिपिड) पर कार्य करके उन्हें सरल रूपों में तोड़ता है। विशेष रूप से,आंतों का लाइपेज ट्राइग्लिसराइड्स को डाइग्लिसराइड्स,मोनोग्लिसराइड्स और अंततः फैटी एसिड और ग्लिसरॉल में परिवर्तित करता है। दिए गए विकल्पों में से,लिपिड का डाई और मोनोग्लिसराइड्स में रूपांतरण छोटी आंत में लाइपेज द्वारा मध्यस्थता वाले लिपिड पाचन के प्रारंभिक चरण का प्रतिनिधित्व करता है।
141
MediumMCQ
वसा का पायसीकरण (Emulsification) ..... की अनुपस्थिति में नहीं होता है।
A
लाइपेज
B
पित्त वर्णक
C
पित्त लवण
D
अग्न्याशयी रस

Solution

(C) पायसीकरण वसा के बड़े गोलकों को छोटे बूंदों में तोड़ने की प्रक्रिया है,जो एंजाइमों की क्रिया के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाती है। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से पित्त रस में मौजूद पित्त लवणों (जैसे सोडियम ग्लाइकोकोलेट और सोडियम टॉरोकोलेट) द्वारा सुगम होती है। पित्त लवणों की अनुपस्थिति में,वसा का पायसीकरण नहीं हो सकता है,जो उनके पाचन में काफी बाधा डालता है। इसलिए,सही उत्तर $C$ है।
142
MediumMCQ
प्रोटीन का पाचन मुख्य रूप से कहाँ होता है?
A
आमाशय
B
क्षुद्रांत्र
C
मलाशय
D
ग्रहणी

Solution

(A) प्रोटीन का पाचन आमाशय (Stomach) में शुरू होता है,जहाँ $HCl$ की उपस्थिति में $pepsin$ एंजाइम प्रोटीन पर कार्य करके उसे प्रोटियोज़ और पेप्टोन में तोड़ देता है।
हालाँकि ग्रहणी (Duodenum) में भी अग्न्याशय के एंजाइमों जैसे $trypsin$,$chymotrypsin$ और $carboxypeptidase$ द्वारा पाचन जारी रहता है,लेकिन प्रोटीन पाचन का प्रारंभिक और मुख्य स्थल आमाशय है।
143
MediumMCQ
वसा का अधिकांश पाचन ....... में होता है।
A
मलाशय
B
आमाशय
C
ग्रहणी
D
छोटी आंत

Solution

(D) वसा का पाचन आमाशय में बहुत कम मात्रा में शुरू होता है,लेकिन वसा का अधिकांश पाचन $Small \ intestine$ (छोटी आंत) में होता है।
विशेष रूप से,$Duodenum$ (ग्रहणी - छोटी आंत का पहला भाग) यकृत से पित्त प्राप्त करता है,जो वसा का पायसीकरण (emulsification) करता है,और अग्न्याशय का लाइपेज एंजाइम पायसीकृत वसा को फैटी एसिड और ग्लिसरॉल में तोड़ देता है।
इसलिए,छोटी आंत वसा के पाचन के लिए प्राथमिक स्थल है।
144
MediumMCQ
रेनिन (Rennin) किस पर कार्य करता है?
A
दूध,$pH$ $7.2-8.2$ पर कैसीन का कैल्शियम पैराकेसीनेट में रूपांतरण
B
आमाशय में प्रोटीन
C
आंत में वसा
D
दूध,$pH$ $1-3$ पर कैसीन का कैल्शियम पैराकेसीनेट में रूपांतरण

Solution

(D) रेनिन (जिसे काइमोसिन भी कहा जाता है) शिशुओं के जठर रस में पाया जाने वाला एक प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम है।
यह दूध के प्रोटीन कैसीन पर कार्य करता है।
कैल्शियम आयनों की उपस्थिति में,यह घुलनशील कैसीन को अघुलनशील कैल्शियम पैराकेसीनेट में परिवर्तित करता है (दूध का दही में जमना)।
यह अभिक्रिया आमाशय के अम्लीय वातावरण में,आमतौर पर $1-3$ के $pH$ रेंज में होती है।
145
EasyMCQ
आंत में भोजन के अवशोषण में शामिल उपकला कोशिकाओं की सतह पर . . . . . . होते हैं।
A
पिनोसाइटिक वेसिकल्स
B
सूक्ष्म रसांकुर (Microvilli)
C
जाइमोजेन कणिकाएं
D
फैगोसाइटिक वेसिकल्स

Solution

(B) आंत के श्लेष्म (mucosa) की उपकला कोशिकाएं,विशेष रूप से एंटरोसाइट्स,पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए जिम्मेदार होती हैं।
कुशल अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाने हेतु,इन कोशिकाओं की ऊपरी सतह पर असंख्य सूक्ष्म प्रवर्ध होते हैं जिन्हें $Microvilli$ (सूक्ष्म रसांकुर) कहा जाता है।
ये $Microvilli$ एक ब्रश बॉर्डर बनाते हैं,जो छोटी आंत की अवशोषण क्षमता को काफी बढ़ा देते हैं।
146
MediumMCQ
यदि जठर ग्रंथियों की पार्श्विका (पराइटल) कोशिकाओं के स्राव को एक अवरोधक द्वारा रोक दिया जाए,तो क्या होगा?
A
जठर रस में काइमोसिन की कमी होगी।
B
जठर रस में पेप्सिनोजेन की कमी होगी।
C
$HCl$ के स्राव के अभाव में,निष्क्रिय पेप्सिनोजेन सक्रिय एंजाइम पेप्सिन में परिवर्तित नहीं होगा।
D
ग्रहणी (डुओडेनम) के श्लेष्म से एंटरोकाइनेज मुक्त नहीं होगा और इसलिए ट्रिप्सिनोजेन ट्रिप्सिन में परिवर्तित नहीं होगा।

Solution

(C) जठर ग्रंथियों की पार्श्विका कोशिकाएं (जिन्हें ऑक्सीन्टिक कोशिकाएं भी कहा जाता है) $HCl$ (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) और कैसल के आंतरिक कारक (Intrinsic factor) के स्राव के लिए जिम्मेदार होती हैं।
$HCl$ पेट में अम्लीय माध्यम ($pH$ $1.8$) प्रदान करके एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है,जो निष्क्रिय प्रो-एंजाइम पेप्सिनोजेन को सक्रिय प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम पेप्सिन में बदलने के लिए आवश्यक है।
यदि पार्श्विका कोशिकाओं का स्राव अवरुद्ध हो जाता है,तो $HCl$ का उत्पादन नहीं होगा।
परिणामस्वरूप,निष्क्रिय पेप्सिनोजेन का सक्रिय पेप्सिन में रूपांतरण बाधित हो जाएगा,जिससे पेट में प्रोटीन का पाचन प्रभावित होगा।
147
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प क्रियाधार (सब्सट्रेट),उस पर कार्य करने वाले एंजाइम,कार्य स्थल और अंतिम उत्पाद का सही मिलान है?
A
ग्रहणी (Duodenum): ट्राइग्लिसराइड्स,लाइपेज,मोनोग्लिसराइड्स
B
छोटी आंत: स्टार्च,एमाइलेज,डाइसैकेराइड (माल्टोज़)
C
छोटी आंत: प्रोटीन,पेप्सिन,अमीनो एसिड
D
आमाशय: वसा,लाइपेज,मिसेल्स

Solution

(A) ग्रहणी में,$Lipase$ एंजाइम $Triglycerides$ पर कार्य करके उन्हें $Monoglycerides$ और फैटी एसिड में तोड़ता है।
विकल्प $A$ सही ढंग से स्थान (ग्रहणी),क्रियाधार $(Triglycerides)$ और अंतिम उत्पाद $(Monoglycerides)$ को दर्शाता है।
विकल्प $B$ गलत है क्योंकि एमाइलेज द्वारा स्टार्च का पाचन मुख्य रूप से मुखगुहा और ग्रहणी में होता है,केवल छोटी आंत में नहीं।
विकल्प $C$ गलत है क्योंकि $Pepsin$ आमाशय में कार्य करता है,छोटी आंत में नहीं।
विकल्प $D$ गलत है क्योंकि $Micelles$ का निर्माण पित्त लवणों की सहायता से छोटी आंत में होता है,आमाशय में नहीं।
148
MediumMCQ
मनुष्यों में निम्नलिखित में से भोजन के घटकों का कौन सा युग्म आमाशय (जठर) में पूरी तरह से अपाचित अवस्था में पहुँचता है?
A
स्टार्च और वसा
B
वसा और सेलुलोज
C
स्टार्च और सेलुलोज
D
प्रोटीन और स्टार्च

Solution

(B) मनुष्यों में पाचन की प्रक्रिया मुखगुहा से शुरू होती है।
मुख में लार एमाइलेज (टायलिन) स्टार्च पर कार्य करता है और इसे माल्टोज में तोड़ देता है।
इसलिए,स्टार्च का मुख में आंशिक पाचन हो जाता है और यह पूरी तरह से अपाचित अवस्था में आमाशय तक नहीं पहुँचता है।
वसा और सेलुलोज का मुख में रासायनिक पाचन नहीं होता है।
वसा के पाचन के लिए पित्त लवण और लाइपेज (जो छोटी आंत में कार्य करते हैं) की आवश्यकता होती है।
सेलुलोज एक जटिल कार्बोहाइड्रेट है जिसे मानव एंजाइमों द्वारा पचाया नहीं जा सकता है।
इस प्रकार,वसा और सेलुलोज दोनों आमाशय में अपाचित अवस्था में पहुँचते हैं।
149
MediumMCQ
एक नवजात शिशु पूरी तरह से माँ के दूध पर निर्भर है,जो सफेद रंग का होता है। हालाँकि,शिशु द्वारा त्यागा गया मल पीले रंग का होता है। इस पीले रंग का कारण क्या है?
A
पित्त वर्णकों की उपस्थिति
B
अपचित दूध का प्रोटीन कैसीन
C
ग्रहणी में स्रावित अग्न्याशयी रस
D
आंत्र रस

Solution

(A) नवजात शिशु के मल का पीला रंग मुख्य रूप से पित्त वर्णकों (बिलीरुबिन और बिलीवर्डिन) की उपस्थिति के कारण होता है।
भले ही बच्चा सफेद दूध का सेवन करता है,लेकिन यकृत पाचन तंत्र में पित्त का स्राव करता है।
ये पित्त वर्णक लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने से उत्पन्न चयापचय अपशिष्ट उत्पाद हैं।
जैसे-जैसे वे जठरांत्र संबंधी मार्ग से गुजरते हैं,आंतों के बैक्टीरिया द्वारा उनमें रासायनिक परिवर्तन होते हैं,जिसके परिणामस्वरूप मल का विशिष्ट पीला रंग दिखाई देता है।

Digestion and Absorption — Physiology of digestion · Frequently Asked Questions

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