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pH of strong Acids and strong Bases Questions in Hindi

Class 11 Chemistry · 6-2.Equilibrium-II (Ionic Equilibrium) · pH of strong Acids and strong Bases

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Showing 50 of 226 questions in Hindi

151
Medium
निम्नलिखित विलयनों के लिए $pH$ की गणना कीजिए:
$(a)$ $0.002 \ M \ HNO_3$
$(b)$ $0.06 \ M \ H_2SO_4$

Solution

(N/A) $HNO_3$ के लिए,जो एक प्रबल मोनोप्रोटिक अम्ल है,$[H^+] = [HNO_3] = 0.002 \ M$.
$pH = -\log[H^+] = -\log(2 \times 10^{-3}) = 3 - \log 2 = 3 - 0.3010 = 2.699$.
$(b)$ $H_2SO_4$ के लिए,जो एक प्रबल डाइप्रोटिक अम्ल है,$[H^+] = 2 \times [H_2SO_4] = 2 \times 0.06 = 0.12 \ M$.
$pH = -\log[H^+] = -\log(0.12) = -\log(1.2 \times 10^{-1}) = 1 - \log 1.2 = 1 - 0.0792 = 0.9208$.
152
Difficult
निम्नलिखित विलयनों में हाइड्रोजन आयन $[H^+]$ की सांद्रता की गणना कीजिए: $(a)$ $0.001 \ M \ HNO_3$ $(b)$ $0.0001 \ M \ KOH$.

Solution

(A) $HNO_3$ एक प्रबल अम्ल है,इसलिए $[H^+] = [HNO_3] = 0.001 \ M = 1.0 \times 10^{-3} \ M$.
$(b)$ $KOH$ एक प्रबल क्षार है,इसलिए $[OH^-] = [KOH] = 0.0001 \ M = 1.0 \times 10^{-4} \ M$.
जल के आयनिक गुणनफल का उपयोग करते हुए,$K_w = [H^+][OH^-] = 1.0 \times 10^{-14}$.
$[H^+] = \frac{K_w}{[OH^-]} = \frac{1.0 \times 10^{-14}}{1.0 \times 10^{-4}} = 1.0 \times 10^{-10} \ M$.
153
MediumMCQ
$0.837 \ g$ $Ba(OH)_2$ को $100 \ mL$ विलयन में घोला जाता है। विलयन की $pH$ की गणना करें। (परमाणु द्रव्यमान: $Ba = 137, O = 16, H = 1$)
A
$12.91$
B
$13.09$
C
$1.09$
D
$12.00$

Solution

(A) $1$. $Ba(OH)_2$ का मोलर द्रव्यमान ज्ञात करें: $137 + 2 \times (16 + 1) = 171 \ g/mol$.
$2$. $Ba(OH)_2$ के मोलों की संख्या ज्ञात करें: $n = \frac{0.837 \ g}{171 \ g/mol} = 0.00489 \ mol$.
$3$. $Ba(OH)_2$ की मोलरता ज्ञात करें: $M = \frac{0.00489 \ mol}{0.1 \ L} = 0.0489 \ M$.
$4$. चूंकि $Ba(OH)_2$ एक प्रबल क्षार है,$[OH^-] = 2 \times [Ba(OH)_2] = 2 \times 0.0489 = 0.0978 \ M$.
$5$. $pOH$ ज्ञात करें: $pOH = -\log(0.0978) \approx 1.01$.
$6$. $pH$ ज्ञात करें: $pH = 14 - pOH = 14 - 1.01 = 12.99 \approx 12.91$.
154
MediumMCQ
$200 \ mL$ विलयन में $0.37 \ g$ $Ca(OH)_2$ का $pH$ परिकलित कीजिए। (परमाणु द्रव्यमान: $Ca = 40, O = 16, H = 1$)
A
$12.6$
B
$1.4$
C
$11.6$
D
$2.4$

Solution

(A) $1$. $Ca(OH)_2$ का मोलर द्रव्यमान: $40 + 2 \times (16 + 1) = 74 \ g/mol$.
$2$. $Ca(OH)_2$ के मोलों की संख्या: $n = \frac{0.37 \ g}{74 \ g/mol} = 0.005 \ mol$.
$3$. $Ca(OH)_2$ की मोलरता: $M = \frac{0.005 \ mol}{0.2 \ L} = 0.025 \ M$.
$4$. $Ca(OH)_2$ एक प्रबल क्षार है,यह $Ca(OH)_2 \rightarrow Ca^{2+} + 2OH^-$ के रूप में वियोजित होता है।
$5$. $OH^-$ आयनों की सांद्रता: $[OH^-] = 2 \times 0.025 \ M = 0.05 \ M$.
$6$. $pOH$ की गणना: $pOH = -\log[OH^-] = -\log(0.05) \approx 1.301$.
$7$. $pH$ की गणना: $pH = 14 - pOH = 14 - 1.301 = 12.699 \approx 12.7$.
155
EasyMCQ
$1.0 \times 10^{-8} \ M \ NaOH$ विलयन का $pH$ परिकलित कीजिए।
A
$6.00$
B
$7.02$
C
$8.00$
D
$6.98$

Solution

(B) $NaOH$ जैसे प्रबल क्षार के लिए,$OH^-$ आयनों की सांद्रता $1.0 \times 10^{-8} \ M$ है।
हालाँकि,हमें जल के स्वतः-आयनन से प्राप्त $OH^-$ आयनों के योगदान पर भी विचार करना चाहिए,जो $1.0 \times 10^{-7} \ M$ है।
कुल $[OH^-] = 1.0 \times 10^{-8} + 1.0 \times 10^{-7} = 1.1 \times 10^{-7} \ M$ है।
$pOH = -\log[OH^-] = -\log(1.1 \times 10^{-7}) = 7 - \log(1.1) \approx 6.959$।
चूँकि $pH + pOH = 14$,इसलिए $pH = 14 - 6.959 = 7.041$।
दिए गए विकल्पों के अनुसार निकटतम मान $7.02$ है।
156
EasyMCQ
$pH = 5.0$ वाले एक विलयन को $100$ गुना तनु किया जाता है। तनु विलयन का $pH$ ज्ञात कीजिए।
A
$6.0$
B
$7.0$
C
$5.0$
D
$6.96$

Solution

(D) $H^+$ आयनों की प्रारंभिक सांद्रता $[H^+]_1 = 10^{-pH} = 10^{-5} \ M$ है।
विलयन को $100$ गुना तनु करने पर,नई सांद्रता $[H^+]_2 = \frac{10^{-5}}{100} = 10^{-7} \ M$ हो जाती है।
चूंकि जब अम्ल की सांद्रता बहुत कम होती है तो पानी से प्राप्त $H^+$ $(10^{-7} \ M)$ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है,इसलिए कुल $[H^+]$ का मान $[H^+]_{total} = [H^+]_{acid} + [H^+]_{water} = 10^{-7} + 10^{-7} = 2 \times 10^{-7} \ M$ होगा।
$pH$ की गणना $pH = -\log[H^+]_{total} = -\log(2 \times 10^{-7}) = 7 - \log 2 = 7 - 0.301 = 6.699 \approx 6.7$ के अनुसार की जाती है।
157
EasyMCQ
$25 \ mL$ $0.1 \ M$ $HCl$ विलयन को $500 \ mL$ तक तनु किया जाता है। तनु विलयन की $pH$ की गणना कीजिए। ($.3$ में)
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(B) तनुकरण सूत्र $M_1V_1 = M_2V_2$ का उपयोग करने पर:
$0.1 \ M \times 25 \ mL = M_2 \times 500 \ mL$
$M_2 = \frac{0.1 \times 25}{500} = 0.005 \ M$
चूंकि $HCl$ एक प्रबल अम्ल है,$[H^+] = [HCl] = 0.005 \ M = 5 \times 10^{-3} \ M$.
$pH = -\log[H^+] = -\log(5 \times 10^{-3}) = 3 - \log 5 = 3 - 0.698 = 2.302$.
158
Medium
$10.06$ $pH$ वाले $1 \ L$ $NaOH$ विलयन को बनाने के लिए कितने ग्राम $NaOH$ की आवश्यकता होगी?

Solution

(N/A) $1$. विलयन का $pH$ $10.06$ है। चूंकि $NaOH$ एक प्रबल क्षार है,हम $pH + pOH = 14$ संबंध का उपयोग करके $pOH$ की गणना करते हैं।
$2$. $pOH = 14 - 10.06 = 3.94$.
$3$. हाइड्रॉक्साइड आयनों की सांद्रता $[OH^-] = 10^{-pOH} = 10^{-3.94} \approx 1.148 \times 10^{-4} \ M$.
$4$. $NaOH$ का पूर्ण वियोजन होता है,इसलिए $NaOH$ की मोलरता $[OH^-]$ के बराबर यानी $1.148 \times 10^{-4} \ mol/L$ होगी।
$5$. $NaOH$ का मोलर द्रव्यमान $40 \ g/mol$ है।
$6$. $NaOH$ का द्रव्यमान $= \text{मोलरता} \times \text{आयतन} \times \text{मोलर द्रव्यमान} = 1.148 \times 10^{-4} \times 1 \times 40 = 4.592 \times 10^{-3} \ g$.
159
EasyMCQ
$50 \ mL$ $0.01 \ M$ $Ba(OH)_2$ विलयन में $50 \ mL$ जल मिलाया जाता है। परिणामी विलयन का $pH$ ज्ञात कीजिए।
A
$12.0$
B
$12.3$
C
$11.7$
D
$12.7$

Solution

(A) $1$. $Ba(OH)_2$ के प्रारंभिक मोल = $0.01 \ M \times 0.050 \ L = 5 \times 10^{-4} \ mol$।
$2$. चूंकि $Ba(OH)_2$ एक प्रबल क्षार है,यह $Ba(OH)_2 \rightarrow Ba^{2+} + 2OH^-$ के अनुसार वियोजित होता है।
$3$. $OH^-$ के मोल = $2 \times Ba(OH)_2$ के मोल = $2 \times 5 \times 10^{-4} = 10^{-3} \ mol$।
$4$. जल मिलाने के बाद विलयन का कुल आयतन = $50 \ mL + 50 \ mL = 100 \ mL = 0.1 \ L$।
$5$. $OH^-$ की सांद्रता = $\frac{10^{-3} \ mol}{0.1 \ L} = 0.01 \ M = 10^{-2} \ M$।
$6$. $pOH = -\log[OH^-] = -\log(10^{-2}) = 2$।
$7$. $pH = 14 - pOH = 14 - 2 = 12.0$।
160
DifficultMCQ
$50 \ mL$ जल को $50 \ mL$ $0.01 \ M$ $Ba(OH)_2$ के साथ मिलाया जाता है। इसके $pH$ की गणना करें।
A
$12.0$
B
$12.3$
C
$11.7$
D
$12.7$

Solution

(A) चरण $1$: विलयन के कुल आयतन की गणना करें। $V_{total} = 50 \ mL + 50 \ mL = 100 \ mL = 0.1 \ L$.
चरण $2$: $Ba(OH)_2$ के मोलों की गणना करें। $n = M \times V = 0.01 \ mol/L \times 0.05 \ L = 5 \times 10^{-4} \ mol$.
चरण $3$: $OH^-$ आयनों की सांद्रता की गणना करें। चूंकि $Ba(OH)_2 \rightarrow Ba^{2+} + 2OH^-$,इसलिए $OH^-$ के मोल $2 \times (5 \times 10^{-4}) = 10^{-3} \ mol$ हैं।
$[OH^-] = \frac{10^{-3} \ mol}{0.1 \ L} = 0.01 \ M = 10^{-2} \ M$.
चरण $4$: $pOH$ की गणना करें। $pOH = -\log[OH^-] = -\log(10^{-2}) = 2$.
चरण $5$: $pH$ की गणना करें। $pH = 14 - pOH = 14 - 2 = 12.0$.
161
MediumMCQ
$0.0035 \ M \ Ba(OH)_2$ विलयन का $pH$ परिकलित कीजिए।
A
$11.84$
B
$10.50$
C
$2.16$
D
$12.15$

Solution

(A) $Ba(OH)_2$ एक प्रबल क्षार है और यह पूर्णतः वियोजित होता है: $Ba(OH)_2 \rightarrow Ba^{2+} + 2OH^-$.
$OH^-$ आयनों की सांद्रता $[OH^-] = 2 \times [Ba(OH)_2] = 2 \times 0.0035 \ M = 0.007 \ M$ है।
अब,$pOH = -\log[OH^-] = -\log(0.007) = -\log(7 \times 10^{-3}) = 3 - \log(7) \approx 3 - 0.845 = 2.155$.
चूँकि $pH + pOH = 14$,इसलिए $pH = 14 - 2.155 = 11.845 \approx 11.84$.
162
MediumMCQ
$pH = 2.25$ वाले $300 \ mL \ HCl$ विलयन को पूर्णतः उदासीन करने के लिए आवश्यक $0.1 \ M \ NaOH$ का आयतन ज्ञात कीजिए। ($mL$ में)
A
$16.9$
B
$1.69$
C
$169$
D
$0.169$

Solution

(A) $1$. $HCl$ के लिए $pH = 2.25$ दिया गया है। $H^+$ आयनों की सांद्रता $[H^+] = 10^{-pH} = 10^{-2.25}$ है।
$2$. $[H^+] = 10^{0.75} \times 10^{-3} \approx 5.623 \times 10^{-3} \ M$.
$3$. चूँकि $HCl$ एक प्रबल अम्ल है,$[HCl] = [H^+] = 5.623 \times 10^{-3} \ M$.
$4$. उदासीनीकरण अभिक्रिया $HCl + NaOH \rightarrow NaCl + H_2O$ है। स्टोइकोमेट्री $1:1$ है,इसलिए $n_{HCl} = n_{NaOH}$ होगा।
$5$. $n_{HCl} = M_{HCl} \times V_{HCl} = (5.623 \times 10^{-3} \ M) \times (0.300 \ L) = 1.687 \times 10^{-3} \ mol$.
$6$. $V_{NaOH} = \frac{n_{NaOH}}{M_{NaOH}} = \frac{1.687 \times 10^{-3} \ mol}{0.1 \ M} = 0.01687 \ L = 16.87 \ mL \approx 16.9 \ mL$.
163
DifficultMCQ
$300 \ mL$ $0.05 \ M \ H_2SO_4$ और $150 \ mL$ $0.05 \ M \ KOH$ के मिश्रित विलयन का $pH$ ज्ञात कीजिए। ($.301$ में)
A
$1$
B
$2$
C
$0$
D
$3$

Solution

(A) $1$. $H_2SO_4$ से $H^+$ आयनों के मिलीमोल की गणना करें: $n(H^+) = 2 \times M \times V = 2 \times 0.05 \ M \times 300 \ mL = 30 \ mmol$.
$2$. $KOH$ से $OH^-$ आयनों के मिलीमोल की गणना करें: $n(OH^-) = M \times V = 0.05 \ M \times 150 \ mL = 7.5 \ mmol$.
$3$. उदासीनीकरण के बाद शेष $H^+$ की गणना करें: $n(H^+)_{rem} = 30 - 7.5 = 22.5 \ mmol$.
$4$. विलयन का कुल आयतन ज्ञात करें: $V_{total} = 300 \ mL + 150 \ mL = 450 \ mL$.
$5$. $H^+$ की सांद्रता ज्ञात करें: $[H^+] = \frac{22.5 \ mmol}{450 \ mL} = 0.05 \ M$.
$6$. $pH$ की गणना करें: $pH = -\log[H^+] = -\log(0.05) = 1.301$.
164
MediumMCQ
$1 \times 10^{-4} \ M \ H_2SO_4$ विलयन का $pH$ क्या है?
A
$3.70$
B
$4.00$
C
$3.40$
D
$2.00$

Solution

(A) $H_2SO_4$ एक प्रबल द्वि-प्रोटिक अम्ल है जो जल में पूर्णतः वियोजित होकर निम्न प्रकार से आयनित होता है:
$H_2SO_4 \rightarrow 2H^+ + SO_4^{2-}$
चूँकि $H_2SO_4$ की सांद्रता $1 \times 10^{-4} \ M$ है,अतः $H^+$ आयनों की सांद्रता होगी:
$[H^+] = 2 \times [H_2SO_4] = 2 \times 1 \times 10^{-4} \ M = 2 \times 10^{-4} \ M$
$pH$ की गणना इस प्रकार की जाती है:
$pH = -\log[H^+] = -\log(2 \times 10^{-4})$
$pH = -(\log 2 + \log 10^{-4}) = -(0.301 - 4) = 3.699 \approx 3.70$
165
MediumMCQ
$pH = 1$ वाले $1 \ L$ जलीय $HCl$ विलयन में कितने लीटर पानी मिलाने पर विलयन का $pH = 2$ हो जाएगा ($L$ में)?
A
$1$
B
$9$
C
$10$
D
$0.9$

Solution

(B) $pH = 1$ के लिए,$[H^+]_1 = 10^{-1} = 0.1 \ M$.
$pH = 2$ के लिए,$[H^+]_2 = 10^{-2} = 0.01 \ M$.
तनुकरण सूत्र $M_1V_1 = M_2V_2$ का उपयोग करने पर:
$0.1 \ M \times 1 \ L = 0.01 \ M \times V_2$.
$V_2 = \frac{0.1}{0.01} = 10 \ L$.
मिलाए जाने वाले पानी का आयतन $V_2 - V_1 = 10 \ L - 1 \ L = 9 \ L$ होगा।
166
MediumMCQ
$1 \ L$ $HCl$ के जलीय विलयन का $pH = 1$ है। इस विलयन का $pH = 2$ करने के लिए कितने लीटर पानी मिलाने की आवश्यकता होगी ($L$ में)?
A
$1$
B
$2$
C
$9$
D
$10$

Solution

(C) प्रारंभिक विलयन के लिए: $pH_1 = 1$,इसलिए $[H^+]_1 = 10^{-pH_1} = 10^{-1} \ M$.
आयतन $V_1 = 1 \ L$.
$H^+$ के मोलों की संख्या = $M_1 \times V_1 = 10^{-1} \times 1 = 0.1 \ mol$.
अंतिम विलयन के लिए: $pH_2 = 2$,इसलिए $[H^+]_2 = 10^{-pH_2} = 10^{-2} \ M$.
माना अंतिम आयतन $V_2$ है।
चूंकि $H^+$ के मोलों की संख्या स्थिर रहती है: $M_1 \times V_1 = M_2 \times V_2$.
$0.1 \times 1 = 0.01 \times V_2$.
$V_2 = 10 \ L$.
मिलाए जाने वाले पानी का आयतन = $V_2 - V_1 = 10 \ L - 1 \ L = 9 \ L$.
167
MediumMCQ
$0.01 \ M \ HCl$ और $0.1 \ M \ NaOH$ के समान आयतन को मिलाने पर प्राप्त मिश्रण का $pH$ ज्ञात कीजिए।
A
$1.3$
B
$12.65$
C
$1.0$
D
$13.0$

Solution

(B) माना प्रत्येक विलयन का आयतन $V \ L$ है।
मिश्रण का कुल आयतन = $2V \ L$ है।
$HCl$ से $H^+$ के मोल = $0.01 \times V = 0.01V \ mol$ है।
$NaOH$ से $OH^-$ के मोल = $0.1 \times V = 0.1V \ mol$ है।
चूंकि $OH^-$ आधिक्य में है,शेष $OH^-$ के मोल = $0.1V - 0.01V = 0.09V \ mol$ है।
मिश्रण में $[OH^-]$ की सांद्रता = $\frac{0.09V}{2V} = 0.045 \ M$ है।
$pOH = -\log[OH^-] = -\log(0.045) = 1.347$ है।
$pH = 14 - pOH = 14 - 1.347 = 12.653 \approx 12.65$ है।
168
MediumMCQ
एक बीकर में $100 \ mL$ $0.1 \ M$ $HCl$ लिया जाता है और इसमें $2 \ mL$ के चरणों में $100 \ mL$ $0.1 \ M$ $NaOH$ मिलाया जाता है और $pH$ को लगातार मापा जाता है। निम्नलिखित में से कौन सा ग्राफ $pH$ में परिवर्तन को सही ढंग से दर्शाता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) यह अनुमापन एक प्रबल अम्ल $(HCl)$ और एक प्रबल क्षार $(NaOH)$ के बीच है।
प्रारंभ में,बीकर में $HCl$ होता है,जो एक प्रबल अम्ल है,इसलिए प्रारंभिक $pH$ कम ($1$ के आसपास) होता है।
जैसे-जैसे $NaOH$ मिलाया जाता है,$H^+$ आयन $OH^-$ आयनों द्वारा उदासीन हो जाते हैं,जिससे $pH$ धीरे-धीरे बढ़ता है।
तुल्यता बिंदु (equivalence point) के पास,$pH$ में बहुत तीव्र वृद्धि होती है क्योंकि $H^+$ आयनों की सांद्रता में भारी परिवर्तन होता है।
तुल्यता बिंदु के बाद,अतिरिक्त $NaOH$ के कारण विलयन क्षारीय हो जाता है,और $pH$ एक उच्च मान पर स्थिर हो जाता है।
ग्राफ $C$ प्रबल अम्ल-प्रबल क्षार अनुमापन के लिए इस विशिष्ट सिग्मोइडल वक्र को सही ढंग से दर्शाता है,जहाँ तुल्यता बिंदु पर $pH = 7$ से होकर $pH$ तेजी से बढ़ता है।
169
MediumMCQ
यह मानते हुए कि $Ba(OH)_{2}$ दी गई स्थितियों में जलीय घोल में पूरी तरह से आयनित हो जाता है,$298 \, K$ पर $0.005 \, M$ $Ba(OH)_{2}$ के जलीय घोल में $H_{3}O^{+}$ आयनों की सांद्रता $..... \times 10^{-12} \, mol \, L^{-1}$ है। (निकटतम पूर्णांक)
A
$2$
B
$1$
C
$3$
D
$4$

Solution

(B) $Ba(OH)_{2}$ एक प्रबल क्षार है और यह इस प्रकार पूरी तरह से वियोजित होता है: $Ba(OH)_{2} \rightarrow Ba^{2+} + 2OH^{-}$.
$Ba(OH)_{2}$ की दी गई सांद्रता = $0.005 \, M$.
इसलिए,$[OH^{-}] = 2 \times 0.005 \, M = 0.01 \, M = 10^{-2} \, M$.
$298 \, K$ पर,जल का आयनिक गुणनफल $K_{w} = [H_{3}O^{+}][OH^{-}] = 10^{-14}$ होता है।
$[OH^{-}]$ का मान रखने पर:
$[H_{3}O^{+}] = \frac{10^{-14}}{10^{-2}} = 10^{-12} \, M$.
अतः,सांद्रता $1 \times 10^{-12} \, mol \, L^{-1}$ है।
170
EasyMCQ
$0.001 \ M \ NaOH$ विलयन का $pH$ मान $..... .$ है।
A
$7$
B
$14$
C
$3$
D
$11$

Solution

(D) $NaOH$ एक प्रबल क्षार है,इसलिए यह पूर्णतः $NaOH \rightarrow Na^{+} + OH^{-}$ के रूप में वियोजित होता है।
$NaOH$ की सांद्रता $= 0.001 \ M = 10^{-3} \ M$ दी गई है।
अतः,$[OH^{-}] = 10^{-3} \ M$.
$pOH = -\log[OH^{-}] = -\log(10^{-3}) = 3$.
$25^{\circ}C$ पर $pH + pOH = 14$ होने के कारण,
$pH = 14 - pOH = 14 - 3 = 11$.
171
MediumMCQ
$200 \ mL$ $0.01 \ M \ HCl$ को $400 \ mL$ $0.01 \ M \ H_{2}SO_{4}$ के साथ मिलाया जाता है। मिश्रण का $pH$ क्या है?
A
$1.14$
B
$1.78$
C
$2.34$
D
$3.02$

Solution

(B) $HCl$ से $H^{+}$ आयनों के कुल मोल $n_{1} = M \times V = 0.01 \times 0.2 = 0.002 \ mol$ हैं।
$H_{2}SO_{4}$ से $H^{+}$ आयनों के कुल मोल $n_{2} = M \times V \times 2 = 0.01 \times 0.4 \times 2 = 0.008 \ mol$ हैं।
$H^{+}$ के कुल मोल = $0.002 + 0.008 = 0.01 \ mol$.
मिश्रण का कुल आयतन = $200 \ mL + 400 \ mL = 600 \ mL = 0.6 \ L$.
$[H^{+}]$ की सांद्रता = $\frac{0.01 \ mol}{0.6 \ L} = \frac{1}{60} \ M$.
$pH = -\log[H^{+}] = -\log(\frac{1}{60}) = \log(60) \approx 1.78$.
172
DifficultMCQ
$(i) \ 0.1 \ M \ HCl_{(aq)}$,$(ii) \ 0.1 \ M \ KOH$,$(iii)$ टमाटर का रस और $(iv)$ शुद्ध जल के $pH$ मान निम्नलिखित क्रम का पालन करते हैं।
A
$i < iii < iv < ii$
B
$iii < i < iv < ii$
C
$i < ii < iii < iv$
D
$iv < iii < ii < i$

Solution

(A) $pH$ मानों को इस प्रकार निर्धारित किया जाता है:
$(i)$ $0.1 \ M \ HCl$ एक प्रबल अम्ल है,इसलिए इसका $pH = -\log[H^+] = -\log(0.1) = 1$ है।
(ii) $0.1 \ M \ KOH$ एक प्रबल क्षार है,इसलिए इसका $pOH = -\log[OH^-] = 1$ है,जिसका अर्थ है कि $pH = 14 - 1 = 13$ है।
(iii) टमाटर का रस अम्लीय होता है,जिसका $pH$ आमतौर पर $4.0 - 4.5$ की सीमा में होता है।
(iv) शुद्ध जल उदासीन होता है,जिसका $pH = 7.0$ ($25^{\circ}C$ पर) होता है।
इन मानों की तुलना करने पर: $1 (i) < 4.0-4.5 (iii) < 7.0 (iv) < 13 (ii)$।
अतः,सही क्रम $i < iii < iv < ii$ है।
173
MediumMCQ
$HCl$ के $10 \ mL$ जलीय विलयन का $pH$ $4$ है। इस विलयन का $pH$ $4$ से $5$ तक बदलने के लिए इसमें मिलाए जाने वाले पानी की मात्रा $..... \ mL$ है।
A
$30$
B
$60$
C
$90$
D
$120$

Solution

(C) दिया गया है,
$pH_1 = 4$,अतः $[H^+]_1 = 10^{-4} \ M$.
प्रारंभिक आयतन $V_1 = 10 \ mL$.
तनुकरण के बाद,$pH_2 = 5$,अतः $[H^+]_2 = 10^{-5} \ M$.
तनुकरण सूत्र $M_1 V_1 = M_2 V_2$ का उपयोग करने पर:
$10^{-4} \times 10 = 10^{-5} \times V_2$
$V_2 = \frac{10^{-4} \times 10}{10^{-5}} = 100 \ mL$.
मिलाए जाने वाले पानी का आयतन = $V_2 - V_1 = 100 \ mL - 10 \ mL = 90 \ mL$.
174
DifficultMCQ
$pH$ $12$ का $100 \ mL$ जलीय विलयन बनाने के लिए आवश्यक कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड के मिलीमोल $x \times 10^{-1}$ हैं। $x$ का मान $..............$ है। (निकटतम पूर्णांक)। पूर्ण वियोजन मानिए।
A
$5$
B
$4$
C
$3$
D
$2$

Solution

(A) दिया गया है $pH = 12$,इसलिए $pOH = 14 - 12 = 2$।
$[OH^-] = 10^{-2} \ M$।
चूंकि $Ca(OH)_2$ का पूर्ण वियोजन होता है,$[Ca(OH)_2] = \frac{[OH^-]}{2} = \frac{10^{-2}}{2} = 5 \times 10^{-3} \ M$।
मिलीमोल की संख्या $= \text{मोलरता} \times \text{आयतन } (mL) = (5 \times 10^{-3}) \times 100 = 0.5 \ \text{मिलीमोल}$।
इसे $5 \times 10^{-1}$ के रूप में लिखा जा सकता है।
अतः $x = 5$।
175
DifficultMCQ
$600 \, mL$ $0.01 \, M \, HCl$ को $400 \, mL$ $0.01 \, M \, H_2SO_4$ के साथ मिलाया जाता है। मिश्रण का $pH$ $....... \times 10^{-2}$ है। (निकटतम पूर्णांक) [दिया गया है: $\log 2 = 0.30, \quad \log 3 = 0.48, \quad \log 5 = 0.69, \quad \log 7 = 0.84, \quad \log 11 = 1.04$]
A
$185$
B
$186$
C
$184$
D
$183$

Solution

(B) $H^{+}$ के कुल मिलीमोल $= (600 \times 0.01) + (400 \times 0.01 \times 2) = 6 + 8 = 14 \, mmol$.
कुल आयतन $= 600 + 400 = 1000 \, mL$.
$[H^{+}]$ की सांद्रता $= \frac{14 \, mmol}{1000 \, mL} = 0.014 \, M = 1.4 \times 10^{-2} \, M$.
$pH = -\log[H^{+}] = -\log(1.4 \times 10^{-2}) = 2 - \log(1.4) = 2 - \log(14/10) = 2 - (\log 2 + \log 7 - 1) = 2 - (0.30 + 0.84 - 1) = 2 - 0.14 = 1.86$.
अतः,$pH = 1.86 = 186 \times 10^{-2}$.
176
MediumMCQ
एक विश्लेषक $pH = 1$ वाले $1 \ L \ HCl$ के विलयन को $pH = 2$ वाले $HCl$ के विलयन में परिवर्तित करना चाहता है। इस तनुकरण के लिए आवश्यक पानी का आयतन $...... \ mL$ है। (निकटतम पूर्णांक)
A
$8000$
B
$9000$
C
$7000$
D
$6000$

Solution

(B) $pH = 1$ के लिए,$HCl$ की सांद्रता $[H^+]_1 = 10^{-pH} = 10^{-1} \ M = 0.1 \ M$ है।
$pH = 2$ के लिए,$HCl$ की सांद्रता $[H^+]_2 = 10^{-pH} = 10^{-2} \ M = 0.01 \ M$ है।
तनुकरण सूत्र $M_1 \times V_1 = M_2 \times V_2$ का उपयोग करने पर:
$0.1 \ M \times 1 \ L = 0.01 \ M \times V_2$.
$V_2 = \frac{0.1}{0.01} \ L = 10 \ L$.
मिलाए जाने वाले पानी का आयतन $V_{added} = V_2 - V_1 = 10 \ L - 1 \ L = 9 \ L$ है।
चूंकि $1 \ L = 1000 \ mL$,इसलिए मिलाए गए पानी का आयतन $9 \times 1000 \ mL = 9000 \ mL$ है।
177
MediumMCQ
$298 \ K$ पर $pH = 10.0$ प्राप्त करने के लिए $1.0 \ L$ जल में $Mg(OH)_2$ (मोलर द्रव्यमान $= 58 \ g/mol$) के $x \ mg$ को घोलना आवश्यक है। $x$ का मान $........... mg$ ($\text{निकटतम}$ $\text{पूर्णांक}$) है। ($\text{दिया}$ $\text{गया}$ $\text{है}$: $Mg(OH)_2$ जल में पूर्णतः वियोजित होता है)
A
$3$
B
$13$
C
$23$
D
$33$

Solution

(A) $pH = 10.0$ दिया गया है,अतः $pOH = 14 - 10 = 4.0$।
हाइड्रॉक्साइड आयनों की सांद्रता $[OH^-] = 10^{-pOH} = 10^{-4} \ M$ है।
$Mg(OH)_2$ का वियोजन $Mg(OH)_2 \rightarrow Mg^{2+} + 2OH^-$ के अनुसार होता है,इसलिए आवश्यक $Mg(OH)_2$ की सांद्रता $[Mg(OH)_2] = \frac{[OH^-]}{2} = \frac{10^{-4}}{2} = 5 \times 10^{-5} \ M$ है।
$1.0 \ L$ विलयन के लिए,$Mg(OH)_2$ के मोल $= 5 \times 10^{-5} \ mol$।
$Mg(OH)_2$ का द्रव्यमान $= \text{मोल} \times \text{मोलर द्रव्यमान} = 5 \times 10^{-5} \ mol \times 58 \ g/mol = 2.9 \times 10^{-3} \ g$।
$mg$ में बदलने पर: $2.9 \times 10^{-3} \ g \times 1000 \ mg/g = 2.9 \ mg$।
$x$ का निकटतम पूर्णांक मान $3$ है।
178
MediumMCQ
$pH \ 1.0$ वाले $HCl$ के जलीय विलयन को समान आयतन का जल मिलाकर तनु किया जाता है (जल के वियोजन को नगण्य मानते हुए)। $HCl$ विलयन का $pH$ होगा (दिया गया है: $\log 2 = 0.30$):
A
$0.5$ तक कम हो जाएगा
B
$1.3$ तक बढ़ जाएगा
C
समान रहेगा
D
$2$ तक बढ़ जाएगा

Solution

(B) $pH = 1.0$ वाले $HCl$ के जलीय विलयन के लिए,हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता $[H^{+}] = 10^{-1} \ M = 0.1 \ M$ है।
जब समान आयतन का जल मिलाया जाता है,तो कुल आयतन दोगुना $(2V)$ हो जाता है।
चूंकि $HCl$ के मोलों की संख्या स्थिर रहती है,इसलिए नई सांद्रता $[H^{+}]_{new}$ मूल सांद्रता की आधी हो जाती है: $[H^{+}]_{new} = \frac{0.1 \ M}{2} = 0.05 \ M = 5 \times 10^{-2} \ M$।
नया $pH$ इस प्रकार परिकलित किया जाता है: $pH = -\log[H^{+}]_{new} = -\log(5 \times 10^{-2}) = -(\log 5 + \log 10^{-2}) = -(\log(10/2) - 2) = -(1 - 0.30 - 2) = -(-1.3) = 1.3$।
अतः,$pH$ बढ़कर $1.3$ हो जाएगा।
179
MediumMCQ
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन-$I$: $25^{\circ} C$ पर $1.0 \times 10^{-8} \ M$ $HCl$ विलयन का $pH$ $8$ है।
कथन-$II$: $HCl$ एक प्रबल अम्ल है और $H^{+}$ सांद्रता के ऋणात्मक लघुगणक को $pH$ कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए:
A
कथन-$I$ और कथन-$II$ दोनों गलत हैं
B
कथन-$I$ और कथन-$II$ दोनों सही हैं
C
कथन-$I$ गलत है लेकिन कथन-$II$ सही है
D
कथन-$I$ सही है लेकिन कथन-$II$ गलत है

Solution

(C) कथन-$I$ गलत है। $HCl$ $(1.0 \times 10^{-8} \ M)$ जैसे प्रबल अम्ल के बहुत तनु विलयन के लिए,जल के स्वतः-आयनन से प्राप्त $H^{+}$ आयनों के योगदान को नगण्य नहीं माना जा सकता है।
कुल $[H^{+}] = [H^{+}]_{HCl} + [H^{+}]_{water} = 10^{-8} + 10^{-7} \approx 1.1 \times 10^{-7} \ M$.
अतः,$pH = -\log(1.1 \times 10^{-7}) \approx 6.96$,जो $8$ नहीं है।
कथन-$II$ सही है। $HCl$ एक प्रबल अम्ल है जो जल में पूर्णतः वियोजित हो जाता है,और $pH$ की परिभाषा वास्तव में $-\log[H^{+}]$ है।
180
MediumMCQ
$10^{-8} \ M \ HCl$ विलयन का $pH$ क्या है?
A
$8$
B
$7$
C
$< 7$
D
$> 8$

Solution

(C) $10^{-8} \ M \ HCl$ के अत्यंत तनु विलयन के लिए,जल के स्वतः-आयनीकरण से प्राप्त $H^+$ आयनों के योगदान को नकारा नहीं जा सकता है।
कुल $[H^+] = [H^+]_{HCl} + [H^+]_{H_2O}$।
चूंकि $[H^+]_{HCl} = 10^{-8} \ M$ और $[H^+]_{H_2O} \approx 10^{-7} \ M$ है,इसलिए कुल $[H^+]$ का मान $10^{-7} \ M$ से थोड़ा अधिक होगा।
अतः,$pH = -\log[H^+] < -\log(10^{-7}) = 7$।
इस प्रकार,$10^{-8} \ M \ HCl$ विलयन का $pH$ $7$ से थोड़ा कम होता है।
181
EasyMCQ
$298 \ K$ पर $500 \ mL$ विलयन बनाने के लिए पानी में $4 \ g$ $NaOH$ मिलाया जाता है। विलयन का $pH$ क्या है? ($NaOH$ का मोलर द्रव्यमान = $40 \ g \ mol^{-1}$)
A
$8.6990$
B
$10.3010$
C
$10.6990$
D
$13.3010$

Solution

(D) चरण $1$: $NaOH$ के मोलों की संख्या ज्ञात करें। $n = \frac{\text{द्रव्यमान}}{\text{मोलर द्रव्यमान}} = \frac{4 \ g}{40 \ g \ mol^{-1}} = 0.1 \ mol$.
चरण $2$: विलयन की मोलरता $(M)$ ज्ञात करें। $M = \frac{n}{V(L)} = \frac{0.1 \ mol}{0.5 \ L} = 0.2 \ M$.
चरण $3$: चूंकि $NaOH$ एक प्रबल क्षार है,$[OH^-] = [NaOH] = 0.2 \ M$.
चरण $4$: $pOH$ ज्ञात करें। $pOH = -\log[OH^-] = -\log(0.2) = 0.6990$.
चरण $5$: $pH$ ज्ञात करें। $pH = 14 - pOH = 14 - 0.6990 = 13.3010$.
182
EasyMCQ
$0.002 \ M$ $KOH$ विलयन का $pH$ परिकलित कीजिए।
A
$10.4$
B
$11.3$
C
$12.4$
D
$13.2$

Solution

(B) $KOH$ एक प्रबल क्षार है,अतः यह पूर्णतः वियोजित हो जाता है: $[OH^-] = [KOH] = 0.002 \ M$.
$pOH = -\log_{10}[OH^-] = -\log_{10}(2 \times 10^{-3}) = 3 - \log_{10}(2) = 3 - 0.301 = 2.699 \approx 2.7$.
$298 \ K$ पर $pH + pOH = 14$ संबंध का उपयोग करने पर:
$pH = 14 - 2.7 = 11.3$.
183
DifficultMCQ
$Ca(OH)_2$ के $1 \ mM$ विलयन का $pOH$ क्या है?
A
$2.7$
B
$10.3$
C
$12.3$
D
$11.3$

Solution

(A) विलयन की सांद्रता $1 \ mM = 10^{-3} \ M$ है।
चूँकि $Ca(OH)_2$ एक प्रबल क्षार है,यह पूर्णतः वियोजित होता है: $Ca(OH)_2 \rightarrow Ca^{2+} + 2OH^-$.
प्रत्येक $1 \text{ मोल}$ $Ca(OH)_2$ के लिए,$2 \text{ मोल}$ $OH^-$ आयन उत्पन्न होते हैं।
अतः,$[OH^-] = 2 \times 10^{-3} \ M$.
$pOH = -\log_{10} [OH^-] = -\log_{10} (2 \times 10^{-3})$.
$pOH = -(\log_{10} 2 + \log_{10} 10^{-3}) = -(0.301 - 3) = 2.699 \approx 2.7$.
184
MediumMCQ
$H_2SO_4$ के सेंटीमोलर विलयन का $pH$ क्या है?
A
$1.7$
B
$2$
C
$3.2$
D
$4.5$

Solution

(A) $H_2SO_4$ एक प्रबल द्वि-क्षारकीय अम्ल है,इसलिए यह पूर्णतः $H_2SO_4 \rightarrow 2H^+ + SO_4^{2-}$ के रूप में वियोजित होता है।
सेंटीमोलर विलयन के लिए,सांद्रता $C = 0.01 \ M = 10^{-2} \ M$ है।
$H^+$ आयनों की सांद्रता $[H^+] = 2 \times C = 2 \times 10^{-2} \ M$ है।
$pH = -\log_{10} [H^+] = -\log_{10} (2 \times 10^{-2})$.
$pH = -(\log_{10} 2 + \log_{10} 10^{-2}) = -(\log_{10} 2 - 2) = 2 - \log_{10} 2$.
$\log_{10} 2 \approx 0.3010$ का उपयोग करने पर,$pH = 2 - 0.3010 = 1.699 \approx 1.7$ प्राप्त होता है।
185
DifficultMCQ
एक प्रबल मोनोएसिडिक क्षार के जलीय विलयन की सांद्रता $1 \times 10^{-4} \ M$ है। $25^{\circ} C$ पर $pH$ का मान क्या होगा?
A
$7$
B
$4$
C
$3$
D
$10$

Solution

(D) एक प्रबल मोनोएसिडिक क्षार के लिए,हाइड्रॉक्साइड आयनों की सांद्रता $[OH^-] = 1 \times 10^{-4} \ M$ है।
$pOH = -\log_{10}[OH^-]$
$pOH = -\log_{10}(1 \times 10^{-4}) = 4$
चूंकि $25^{\circ} C$ पर $pH + pOH = 14$ होता है,
$pH = 14 - pOH = 14 - 4 = 10$.
186
DifficultMCQ
$0.01 \ M$ सल्फ्यूरिक एसिड का $pH$ परिकलित कीजिए।
A
$1.699$
B
$2$
C
$0.699$
D
$3.398$

Solution

(A) $H_2SO_4$ एक प्रबल द्वि-प्रोटिक अम्ल है जो जल में पूर्णतः वियोजित हो जाता है:
$H_2SO_{4(aq)} + 2H_2O_{(l)} \longrightarrow 2H_3O^{+}_{(aq)} + SO_{4(aq)}^{2-}$
चूंकि यह एक प्रबल अम्ल है,हाइड्रोनियम आयनों की सांद्रता अम्ल की सांद्रता की दोगुनी होती है:
$[H_3O^{+}] = 2 \times c = 2 \times 0.01 \ M = 0.02 \ M = 2 \times 10^{-2} \ M$
$pH$ की गणना इस प्रकार की जाती है:
$pH = -\log_{10}[H_3O^{+}]$
$pH = -\log_{10}(2 \times 10^{-2})$
$pH = -(\log_{10}2 + \log_{10}10^{-2})$
$pH = -(0.3010 - 2)$
$pH = 2 - 0.3010 = 1.699$
187
MediumMCQ
$1.36 \times 10^{-2} \ M$ परक्लोरिक एसिड के विलयन का $pH$ परिकलित कीजिए।
A
$1.43$
B
$1.86$
C
$2.43$
D
$2.86$

Solution

(B) परक्लोरिक एसिड $(HClO_4)$ एक प्रबल मोनोबेसिक एसिड है,इसलिए यह जल में पूर्णतः वियोजित हो जाता है।
$[H_3O^{+}] = [HClO_4] = 1.36 \times 10^{-2} \ M$
$pH = -\log_{10}[H_3O^{+}]$
$pH = -\log_{10}(1.36 \times 10^{-2})$
$pH = -(\log_{10} 1.36 + \log_{10} 10^{-2})$
$pH = -\log_{10} 1.36 - (-2)$
$pH = 2 - 0.1335$
$pH = 1.8665 \approx 1.87$
दिए गए विकल्पों के अनुसार,निकटतम मान $1.86$ है।
188
MediumMCQ
$0.005 \ M \ NaOH$ विलयन का $pH$ क्या है?
A
$2.30$
B
$12.6$
C
$11.7$
D
$3.2$

Solution

(C) $NaOH \longrightarrow Na^{+} + OH^{-}$
चूँकि $NaOH$ एक प्रबल क्षार है,$[OH^{-}] = [NaOH] = 0.005 \ M = 5 \times 10^{-3} \ M$.
$pOH = -\log_{10}[OH^{-}]$
$pOH = -\log_{10}(5 \times 10^{-3}) = -(\log_{10} 5 + \log_{10} 10^{-3})$
$pOH = -(0.699 - 3) = -(-2.301) = 2.301$.
हम जानते हैं कि $298 \ K$ पर $pH + pOH = 14$ होता है।
$pH = 14 - 2.301 = 11.699 \approx 11.7$.
189
MediumMCQ
$4.62 \times 10^{-4} \ M \ H^{+}$ आयनों वाले विलयन का $pH$ क्या है?
A
$8.62$
B
$4.64$
C
$5.66$
D
$3.34$

Solution

(D) $pH = -\log_{10}[H^{+}]$
$= -\log_{10}(4.62 \times 10^{-4})$
$= -(\log_{10} 4.62 + \log_{10} 10^{-4})$
$= -(0.6646 - 4)$
$= 3.3354 \approx 3.34$
190
EasyMCQ
$0.01 \ M$ प्रबल द्वि-क्षारकीय अम्ल का $pH$ परिकलित कीजिए।
A
$5.5$
B
$2.5$
C
$2.0$
D
$1.7$

Solution

(D) एक प्रबल द्वि-क्षारकीय अम्ल के लिए,हाइड्रोनियम आयनों की सांद्रता $[H_3O^{+}] = 2 \times c$ द्वारा दी जाती है।
$[H_3O^{+}] = 2 \times 0.01 \ M = 0.02 \ M = 2 \times 10^{-2} \ M$.
$pH$ की गणना $pH = -\log_{10}[H_3O^{+}]$ सूत्र का उपयोग करके की जाती है।
$pH = -\log_{10}(2 \times 10^{-2})$.
$pH = -(\log_{10} 2 + \log_{10} 10^{-2})$.
$pH = -0.3010 + 2$.
$pH = 1.699 \approx 1.7$.
191
DifficultMCQ
$2.6 \times 10^{-8} \ M \ H^{+}$ आयन विलयन का $pH$ क्या है?
$(\log 2.6 = 0.4150)$
A
$7.6$
B
$6.9$
C
$10.6$
D
$8.4$

Solution

(B) $pH$ का सूत्र $pH = -\log [H^{+}]$ है।
चूंकि $[H^{+}]$ की सांद्रता बहुत कम $(< 10^{-7} \ M)$ है,इसलिए जल के स्वतः-आयनन से प्राप्त $H^{+}$ $(1.0 \times 10^{-7} \ M)$ पर विचार करना आवश्यक है।
$[H^{+}]_{total} = [H^{+}]_{acid} + [H^{+}]_{water} = 2.6 \times 10^{-8} + 1.0 \times 10^{-7} \ M$.
समान घात में बदलने पर: $[H^{+}]_{total} = 0.26 \times 10^{-7} + 1.0 \times 10^{-7} = 1.26 \times 10^{-7} \ M$.
अब,$pH = -\log(1.26 \times 10^{-7}) = 7 - \log(1.26)$.
दिया गया है $\log 2.6 = 0.4150$,अतः $\log 1.26 = \log(2.6 / 2) = \log 2.6 - \log 2 = 0.4150 - 0.3010 \approx 0.114$.
$pH = 7 - 0.114 = 6.886 \approx 6.9$.
192
MediumMCQ
$1 \ mM$ $NaOH$ विलयन का $pH$ क्या है?
A
$13$
B
$11$
C
$3$
D
$12$

Solution

(B) $NaOH$ एक प्रबल क्षार है और यह पूर्णतः $NaOH \rightarrow Na^+ + OH^-$ के रूप में वियोजित होता है।
$NaOH$ की सांद्रता $= 1 \ mM = 1 \times 10^{-3} \ M$ है।
अतः,$[OH^-] = 1 \times 10^{-3} \ M$ होगा।
$pOH = -\log[OH^-] = -\log(10^{-3}) = 3$।
चूँकि $25^{\circ}C$ पर $pH + pOH = 14$ होता है,
$pH = 14 - pOH = 14 - 3 = 11$।
193
MediumMCQ
$2.5 \times 10^{-3} \ mol \ dm^{-3}$ $H^{+}$ आयन सांद्रता वाले विलयन का $pH$ क्या होगा? (दिया गया है: $\log 2.5 = 0.3979$)
A
$2.6$
B
$3.6$
C
$3.9$
D
$5.2$

Solution

(A) विलयन का $pH$ ज्ञात करने का सूत्र: $pH = -\log [H^{+}]$ है।
दिया गया है: $[H^{+}] = 2.5 \times 10^{-3} \ mol \ dm^{-3}$।
मान रखने पर: $pH = -\log (2.5 \times 10^{-3})$।
नियम $\log (a \times b) = \log a + \log b$ का उपयोग करने पर: $pH = -(\log 2.5 + \log 10^{-3})$।
$pH = -(\log 2.5 - 3)$।
$pH = 3 - \log 2.5$।
दिया गया है $\log 2.5 = 0.3979$,इसलिए $pH = 3 - 0.3979 = 2.6021$।
एक दशमलव स्थान तक पूर्णांकित करने पर,$pH$ लगभग $2.6$ है।
194
MediumMCQ
$0.02 \ M \ NaOH$ विलयन का $pH$ क्या है?
A
$10.3$
B
$11.3$
C
$11.7$
D
$12.3$

Solution

(D) $NaOH$ एक प्रबल क्षार है,इसलिए यह जल में पूर्णतः वियोजित हो जाता है: $[NaOH] = [OH^-] = 0.02 \ M = 2 \times 10^{-2} \ M$.
$pOH = -\log[OH^-] = -\log(2 \times 10^{-2}) = 2 - \log 2 = 2 - 0.301 = 1.699 \approx 1.7$.
$25^{\circ}C$ पर $pH + pOH = 14$ संबंध का उपयोग करने पर:
$pH = 14 - pOH = 14 - 1.7 = 12.3$.
195
MediumMCQ
$0.005 \ M \ H_2SO_4$ विलयन का $pH$ क्या है?
A
$5$
B
$2.3$
C
$3.3$
D
$2$

Solution

(D) $H_2SO_4 \longrightarrow 2H^{+} + SO_4^{2-}$
$[H_2SO_4] = 0.005 \ M$
$[H^{+}] = 2 \times 0.005 = 0.01 \ M$
$pH = -\log[H^{+}] = -\log(0.01)$
$pH = 2$
196
DifficultMCQ
पानी में $10^{-8} \ M$ $HCl$ के विलयन का $pH$ क्या है?
A
$8$
B
$7$ और $8$ के बीच
C
$6$ और $7$ के बीच
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) अत्यंत तनु अम्ल विलयन के लिए,जल के स्वतः-आयनीकरण से प्राप्त $H^+$ आयनों के योगदान को नकारा नहीं जा सकता।
$H^+$ आयनों की कुल सांद्रता इस प्रकार है:
$[H^+]_{total} = [H^+]_{HCl} + [H^+]_{water} = 10^{-8} \ M + 10^{-7} \ M$.
$[H^+]_{total} = (0.1 \times 10^{-7} + 1 \times 10^{-7}) \ M = 1.1 \times 10^{-7} \ M$.
अब,$pH$ की गणना करें:
$pH = -\log[H^+]_{total} = -\log(1.1 \times 10^{-7})$.
$pH = 7 - \log(1.1) \approx 7 - 0.0414 = 6.9586$.
अतः,$pH$ का मान $6$ और $7$ के बीच है।
197
EasyMCQ
$pH = 1$ वाले $H_2SO_4$ के जलीय विलयन की नॉर्मलता (normality) क्या है ($N$ में)?
A
$0.1$
B
$0.05$
C
$1$
D
$0.5$

Solution

(A) $H_2SO_4$ का वियोजन इस प्रकार है: $H_2SO_4 \rightarrow 2H^+ + SO_4^{2-}$.
दिया गया है $pH = 1$,इसलिए $[H^+] = 10^{-pH} = 10^{-1} = 0.1 \ M$.
चूंकि $1 \ mol$ $H_2SO_4$ से $2 \ mol$ $H^+$ प्राप्त होते हैं,इसलिए $H_2SO_4$ की मोलरता $(M)$ = $[H^+] / 2 = 0.1 / 2 = 0.05 \ M$.
नॉर्मलता $(N)$ = $\text{मोलरता} \times n\text{-कारक}$.
$H_2SO_4$ के लिए $n\text{-कारक} = 2$ है।
अतः,$N = 0.05 \times 2 = 0.1 \ N$.
198
EasyMCQ
$10^{-2} \ M \ HCl$ की हाइड्रॉक्सिल आयन सांद्रता क्या है?
A
$1 \times 10^{1} \ mol \ dm^{-3}$
B
$1 \times 10^{-12} \ mol \ dm^{-3}$
C
$1 \times 10^{-1} \ mol \ dm^{-3}$
D
$1 \times 10^{-14} \ mol \ dm^{-3}$

Solution

(B) $HCl$ जैसे प्रबल अम्ल के लिए,हाइड्रोजन आयन की सांद्रता $[H^+] = 10^{-2} \ M$ है।
जल के आयनिक गुणनफल का उपयोग करते हुए,$K_w = [H^+][OH^-] = 10^{-14}$ ($298 \ K$ पर)।
मान रखने पर: $[10^{-2}][OH^-] = 10^{-14}$।
अतः,$[OH^-] = \frac{10^{-14}}{10^{-2}} = 10^{-12} \ mol \ dm^{-3}$।
199
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किसका $pH$ सबसे अधिक है?
A
$1 \ M \ NaOH$
B
$1 \ M \ H_2SO_4$
C
$0.1 \ M \ NaOH$
D
$1 \ M \ HCl$

Solution

(A) जलीय विलयन के लिए,$pH$ पैमाना $0$ से $14$ तक होता है। अम्लीय विलयनों का $pH < 7$,उदासीन विलयनों का $pH = 7$ और क्षारीय विलयनों का $pH > 7$ होता है।
दिए गए विकल्पों में,$H_2SO_4$ और $HCl$ प्रबल अम्ल हैं,जबकि $NaOH$ एक प्रबल क्षार है। इसलिए,क्षारीय विलयनों का $pH$ अम्लीय विलयनों से अधिक होगा।
दो क्षारीय विलयनों ($1 \ M \ NaOH$ और $0.1 \ M \ NaOH$) की तुलना करने पर:
$1 \ M \ NaOH$ के लिए: $[OH^-] = 1 \ M$. अतः,$pOH = -\log(1) = 0$. चूंकि $pH + pOH = 14$,इसलिए $pH = 14 - 0 = 14$.
$0.1 \ M \ NaOH$ के लिए: $[OH^-] = 0.1 \ M$. अतः,$pOH = -\log(0.1) = 1$. चूंकि $pH + pOH = 14$,इसलिए $pH = 14 - 1 = 13$.
मानों की तुलना करने पर,$1 \ M \ NaOH$ का $pH$ सबसे अधिक है।
200
DifficultMCQ
$10^{-8} \ M \ HCl$ विलयन का $pH$ है
A
$8$
B
$6.9586$
C
$8$ से अधिक
D
$7$ से थोड़ा अधिक

Solution

(B) चूंकि $HCl$ एक अम्ल है,इसलिए इसका $pH$ $7$ से कम होना चाहिए।
प्रबल अम्लों के बहुत तनु विलयनों के लिए,जल के स्वतः-आयनन से प्राप्त $H^+$ आयनों के योगदान को नगण्य नहीं माना जा सकता है।
$HCl$ से,$[H^+]_{acid} = 10^{-8} \ M$.
जल से,$[H^+]_{water} = 10^{-7} \ M$.
कुल $[H^+] = 10^{-8} + 10^{-7} = 10^{-8}(1 + 10) = 11 \times 10^{-8} \ M$.
$pH = -\log[H^+] = -\log(11 \times 10^{-8}) = -(\log 11 + \log 10^{-8}) = -(1.0414 - 8) = 6.9586$.

6-2.Equilibrium-II (Ionic Equilibrium) — pH of strong Acids and strong Bases · Frequently Asked Questions

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