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Metabolic basis for living and Living State Questions in Hindi

Class 11 Biology · Biomolecules · Metabolic basis for living and Living State

27+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 27 of 27 questions in Hindi

1
MediumMCQ
जब एक स्वतःस्फूर्त प्रक्रिया होती है, तो निकाय (system) की मुक्त ऊर्जा का क्या होता है?
A
घटती है
B
बढ़ती है
C
समान रहती है
D
घट या बढ़ सकती है

Solution

(A) स्थिर तापमान और दबाव पर होने वाली किसी भी स्वतःस्फूर्त प्रक्रिया के लिए, गिब्स मुक्त ऊर्जा में परिवर्तन $(\Delta G)$ ऋणात्मक होना चाहिए।
इसका अर्थ है कि जैसे-जैसे प्रक्रिया संतुलन की ओर बढ़ती है, निकाय की मुक्त ऊर्जा घटती है।
इसलिए, सही विकल्प $A$ है।
2
MediumMCQ
जब एक स्वतःप्रवर्तित (spontaneous) प्रक्रिया होती है,तो निकाय (system) की मुक्त ऊर्जा का क्या होता है?
A
घटती है
B
बढ़ती है
C
समान रहती है
D
बढ़ या घट सकती है

Solution

(A) एक स्वतःप्रवर्तित प्रक्रिया वह प्रक्रिया है जो निरंतर बाहरी ऊर्जा इनपुट के बिना होती है। ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम के अनुसार,स्थिर तापमान और दबाव पर होने वाली किसी भी स्वतःप्रवर्तित प्रक्रिया के लिए,निकाय की गिब्स मुक्त ऊर्जा $(G)$ में कमी आनी चाहिए। गणितीय रूप से,इसे $\Delta G < 0$ के रूप में व्यक्त किया जाता है। इसलिए,एक स्वतःप्रवर्तित प्रक्रिया के दौरान निकाय की मुक्त ऊर्जा घटती है।
3
MediumMCQ
जीवंत स्थिर अवस्था में एक स्व-नियामक तंत्र होता है,जिसे क्या कहा जाता है?
A
फीडबैक तंत्र
B
होमियोथर्म्स
C
समयुग्मजी (Homozygous)
D
समस्थापन (Homeostasis)

Solution

(D) जीवंत स्थिर अवस्था एक स्व-नियामक तंत्र द्वारा बनाए रखी जाती है जिसे $Homeostasis$ (समस्थापन) कहा जाता है।
$Homeostasis$ का अर्थ है किसी जीव या कोशिका की अपनी शारीरिक प्रक्रियाओं को समायोजित करके आंतरिक संतुलन बनाए रखने की क्षमता।
इस प्रक्रिया में विभिन्न फीडबैक तंत्र शामिल होते हैं जो आंतरिक वातावरण में होने वाले परिवर्तनों का पता लगाते हैं और स्थिरता को बहाल करने के लिए प्रतिक्रियाएं शुरू करते हैं।
इसलिए,इस स्व-नियामक अवस्था के लिए $Homeostasis$ सही शब्द है।
4
EasyMCQ
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार,ब्रह्मांड में ऊर्जा की कुल मात्रा
A
स्थिर रहती है
B
कम-ज्यादा होती रहती है
C
हमेशा बढ़ती रहती है
D
हमेशा घटती रहती है

Solution

(A) ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम,जिसे ऊर्जा संरक्षण का नियम भी कहा जाता है,यह बताता है कि ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है।
इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
इसलिए,ब्रह्मांड जैसे विलगित निकाय (isolated system) की कुल ऊर्जा स्थिर रहती है।
5
MediumMCQ
एंजाइम,विटामिन और हार्मोन को जैविक रसायनों की एक ही श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है क्योंकि वे सभी:
A
जीवित जीवों के शरीर में संश्लेषित होते हैं
B
ऑक्सीडेटिव चयापचय को बढ़ाते हैं
C
संयुग्मी प्रोटीन हैं
D
चयापचय के नियमन में मदद करते हैं

Solution

(D) एंजाइम,विटामिन और हार्मोन आवश्यक जैविक अणु हैं जो चयापचय प्रक्रियाओं के नियामक के रूप में कार्य करते हैं।
एंजाइम जैविक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करते हैं,विटामिन अक्सर सह-एंजाइम (co-enzymes) के लिए सह-कारक (co-factors) या अग्रदूत के रूप में कार्य करते हैं,और हार्मोन रासायनिक संदेशवाहकों के रूप में कार्य करते हैं जो शारीरिक गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं।
सामूहिक रूप से,उन्हें एक समूह में रखा जाता है क्योंकि वे एक जीवित जीव के भीतर विभिन्न चयापचय मार्गों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
6
MediumMCQ
किसने पहचाना कि जीवन अणुओं की परस्पर क्रियाओं के कारण है और यह किसी एक अणु का गुण नहीं है?
A
डार्विन
B
वाइसमैन
C
एल. पॉलिंग
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) जीवन अणुओं की परस्पर क्रियाओं का एक उभरता हुआ गुण है। यह अवधारणा $L. Pauling$ और $Zuckerkandl$ द्वारा आणविक विकास के संदर्भ में प्रस्तावित की गई थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जैविक गुण कोशिका के भीतर अणुओं के जटिल संगठन और उनकी परस्पर क्रिया से उत्पन्न होते हैं,न कि किसी एक अकेले अणु के गुण के रूप में।
7
MediumMCQ
जीवित प्रणालियों में ऊर्जा के ह्रास की भरपाई के लिए किस प्रकार की ऊर्जा की आवश्यकता होती है?
A
ऊष्मीय ऊर्जा
B
मुक्त ऊर्जा
C
प्रकाश ऊर्जा
D
यांत्रिक ऊर्जा

Solution

(B) जीवित प्रणालियाँ खुली प्रणालियाँ हैं जिन्हें अपनी अत्यधिक व्यवस्थित स्थिति को बनाए रखने और जैविक कार्य करने के लिए निरंतर ऊर्जा इनपुट की आवश्यकता होती है।
ऊष्मागतिकी के नियमों के अनुसार,चयापचय प्रक्रियाओं के दौरान ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है (एन्ट्रॉपी बढ़ती है)।
इस नुकसान की भरपाई करने और आंतरिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए,जीवित जीव $Gibbs$ मुक्त ऊर्जा $(G)$ का उपयोग करते हैं।
मुक्त ऊर्जा,ऊर्जा का वह हिस्सा है जो जैविक प्रणाली के भीतर स्थिर तापमान और दबाव पर कार्य करने के लिए उपलब्ध होता है।
8
MediumMCQ
किसके बढ़ने और किसके घटने से जीव की कार्यक्षमता कम हो जाती है?
A
संचित ऊर्जा,प्राप्त ऊर्जा
B
एन्ट्रॉपी,मुक्त ऊर्जा
C
संचित ऊर्जा,एन्ट्रॉपी
D
व्यय ऊर्जा,अनुकूलन

Solution

(B) जैविक प्रणालियों में,जीव की कार्यक्षमता ऊष्मागतिकी (thermodynamics) के सिद्धांतों द्वारा नियंत्रित होती है।
ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम के अनुसार,एन्ट्रॉपी $(S)$ एक प्रणाली में अव्यवस्था या यादृच्छिकता की डिग्री का प्रतिनिधित्व करती है।
एन्ट्रॉपी $(S)$ में वृद्धि ऊर्जा की गुणवत्ता में कमी और अव्यवस्था की ओर बढ़ने का संकेत देती है,जो जैविक प्रक्रियाओं की दक्षता को कम करती है।
इसके विपरीत,मुक्त ऊर्जा $(G)$ उपयोगी कार्य करने के लिए उपलब्ध ऊर्जा है।
मुक्त ऊर्जा $(G)$ में कमी जीव की आवश्यक चयापचय कार्यों को करने की क्षमता को सीमित करती है,जिससे उसकी समग्र कार्यक्षमता कम हो जाती है।
इसलिए,एन्ट्रॉपी के बढ़ने और मुक्त ऊर्जा के घटने से जीव की कार्यक्षमता कम हो जाती है।
9
MediumMCQ
सजीव तंत्र में एंट्रॉपी की वृद्धि को रोकने के लिए क्या आवश्यक है?
A
ऊर्जा रूपांतरण
B
भोजन से प्राप्त मुक्त ऊर्जा
C
ऊष्मीय ऊर्जा
D
एंट्रॉपी में कमी

Solution

(B) सजीव तंत्र खुली प्रणालियाँ हैं जो अपने पर्यावरण के साथ लगातार ऊर्जा और पदार्थ का आदान-प्रदान करके कम एंट्रॉपी (उच्च व्यवस्था) की स्थिति बनाए रखती हैं।
ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम के अनुसार,एक विलगित प्रणाली में एंट्रॉपी हमेशा बढ़ती है।
इसका मुकाबला करने के लिए,सजीव जीव चयापचय कार्यों को करने के लिए मुक्त ऊर्जा (आमतौर पर भोजन से प्राप्त) का उपभोग करते हैं,जो उनकी आंतरिक व्यवस्था को बनाए रखता है और तंत्र के भीतर एंट्रॉपी की वृद्धि को रोकता है।
10
MediumMCQ
यदि रासायनिक रूप से अधिकतम अस्थिरता की स्थिति बनी रहती है,तो एन्ट्रॉपी...
A
बढ़ती है।
B
घटती है।
C
स्थिर रहती है।
D
घटती-बढ़ती रहती है।

Solution

(A) ऊष्मागतिकी (thermodynamics) में,एन्ट्रॉपी किसी प्रणाली की अव्यवस्था या यादृच्छिकता का माप है। ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम के अनुसार,किसी भी स्वतःस्फूर्त प्रक्रिया के लिए,एक पृथक प्रणाली की कुल एन्ट्रॉपी हमेशा बढ़ती है। अधिकतम रासायनिक अस्थिरता की स्थिति एक ऐसी प्रणाली को दर्शाती है जो संतुलन से दूर है। जैसे-जैसे प्रणाली स्थिरता प्राप्त करने के लिए संतुलन की ओर बढ़ती है,प्रणाली की एन्ट्रॉपी तब तक बढ़ती है जब तक कि वह संतुलन पर अधिकतम न हो जाए। इसलिए,यदि अधिकतम रासायनिक अस्थिरता की स्थिति संतुलन की ओर संक्रमण करना जारी रखती है,तो एन्ट्रॉपी बढ़ती है।
11
MediumMCQ
सजीव शरीर के तंत्रों में उत्पन्न अव्यवस्था के परिमाण को क्या कहा जाता है?
A
असंगति
B
मुक्त ऊर्जा
C
एन्थैल्पी
D
एन्ट्रॉपी

Solution

(D) ऊष्मागतिकी (thermodynamics) और जैविक तंत्रों में,$Entropy$ (एन्ट्रॉपी) को किसी तंत्र के भीतर अव्यवस्था या यादृच्छिकता (randomness) के माप के रूप में परिभाषित किया जाता है। सजीव जीव लगातार ऊर्जा का उपभोग करके उच्च स्तर की व्यवस्था बनाए रखते हैं ताकि ब्रह्मांड में बढ़ती हुई $Entropy$ (अव्यवस्था) की प्राकृतिक प्रवृत्ति का सामना किया जा सके,जैसा कि ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम में वर्णित है।
12
MediumMCQ
दक्षता में कब कमी आती है?
A
जब मुक्त ऊर्जा घटती है
B
जब मुक्त ऊर्जा स्थिर हो जाती है
C
जब मुक्त ऊर्जा बढ़ती है
D
जब मुक्त ऊर्जा स्थिर रहती है

Solution

(C) दक्षता $(\eta)$ को उपयोगी कार्य और कुल ऊर्जा इनपुट के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है। ऊष्मागतिक प्रणालियों में, दक्षता मुक्त ऊर्जा $(\Delta G)$ में परिवर्तन से संबंधित होती है। जब मुक्त ऊर्जा बढ़ती है (अर्थात, ऊर्जा का उपभोग होता है या गैर-स्वतः प्रक्रिया में संग्रहीत होती है), तो इनपुट ऊर्जा के सापेक्ष शुद्ध उपयोगी कार्य आउटपुट कम हो जाता है, जिससे समग्र दक्षता में कमी आती है। इसलिए, दक्षता तब कम होती है जब मुक्त ऊर्जा बढ़ती है।
13
MediumMCQ
जीवित तंत्र के कार्य के लिए उपलब्ध ऊर्जा को क्या कहा जाता है?
A
मुक्त-ऊर्जा
B
यांत्रिक-ऊर्जा
C
रासायनिक-ऊर्जा
D
प्रकाश-ऊर्जा

Solution

(A) स्थिर तापमान और दबाव पर एक जैविक तंत्र में कार्य करने के लिए उपलब्ध ऊर्जा को गिब्स मुक्त ऊर्जा (Gibbs free energy) कहा जाता है,जिसे सामान्यतः मुक्त ऊर्जा के रूप में जाना जाता है। जीवित जीव इस ऊर्जा का उपयोग चयापचय प्रक्रियाओं को संचालित करने,होमोस्टैसिस बनाए रखने और कोशिकीय कार्य करने के लिए करते हैं।
14
MediumMCQ
सजीव तंत्र में होने वाली अव्यवस्था का माप क्या कहलाता है....
A
विभेदन
B
एन्ट्रॉपी
C
मृत्यु
D
वृद्धावस्था

Solution

(B) ऊष्मागतिकी (thermodynamics) और जैविक प्रणालियों में,$Entropy$ (एन्ट्रॉपी) को किसी प्रणाली के भीतर अव्यवस्था या यादृच्छिकता (randomness) की डिग्री के माप के रूप में परिभाषित किया गया है।
सजीव जीव अपने पर्यावरण से लगातार ऊर्जा प्राप्त करके कम एन्ट्रॉपी (उच्च व्यवस्था) की स्थिति बनाए रखते हैं,ताकि अव्यवस्था की ओर बढ़ने की प्राकृतिक प्रवृत्ति का मुकाबला किया जा सके।
इसलिए,किसी प्रणाली में अव्यवस्था के माप को $Entropy$ कहा जाता है।
15
MediumMCQ
जीवित तंत्र में अव्यवस्था का माप क्या कहलाता है .......
A
एन्थैल्पी
B
एन्ट्रॉपी
C
ऊर्जा
D
एंटीबायोटिक

Solution

(B) ऊष्मागतिकी और जैविक प्रणालियों में,एन्ट्रॉपी को एक प्रणाली के भीतर अव्यवस्था या यादृच्छिकता के माप के रूप में परिभाषित किया जाता है। जीवित जीव प्राकृतिक रूप से बढ़ती हुई अव्यवस्था का मुकाबला करने के लिए अपने पर्यावरण से लगातार ऊर्जा प्राप्त करके कम एन्ट्रॉपी (उच्च व्यवस्था) की स्थिति बनाए रखते हैं।
16
MediumMCQ
सही कथन चुनिए।
A
जीवित अवस्था कार्य करने में सक्षम होने के लिए एक गैर-संतुलन स्थिर अवस्था (non-equilibrium steady state) है।
B
चूंकि जीवित जीव लगातार काम करते हैं,वे संतुलन तक नहीं पहुँच सकते।
C
जीवित अवस्था और चयापचय (metabolism) पर्यायवाची हैं।
D
सभी सही हैं।

Solution

(D) जीवित अवस्था को एक गैर-संतुलन स्थिर अवस्था के रूप में परिभाषित किया गया है क्योंकि जीवित जीवों को अपनी संरचना और कार्य को बनाए रखने के लिए लगातार काम करना पड़ता है।
यदि कोई प्रणाली संतुलन तक पहुँच जाती है,तो वह और अधिक कार्य नहीं कर सकती है,जिससे जीव की मृत्यु हो जाएगी।
चयापचय शरीर में होने वाली सभी रासायनिक प्रतिक्रियाओं का योग है,और यही वह प्रक्रिया है जो इस गैर-संतुलन अवस्था को बनाए रखती है।
इसलिए,जीवन को बनाए रखने के संदर्भ में जीवित अवस्था और चयापचय अनिवार्य रूप से पर्यायवाची हैं।
अतः,दिए गए सभी कथन वैज्ञानिक रूप से सटीक हैं,इसलिए सही विकल्प $D$ है।
17
MediumMCQ
एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में रक्त में ग्लूकोज की सांद्रता ...$A$... होती है जबकि हार्मोन की सांद्रता ...$B$... होती है। रिक्त स्थानों को सही विकल्पों से भरें।
A
$A-4.2-6.1\ mmol/L, B-\text{nanograms}/mL$
B
$A-\text{nanograms}/mL, B-4.5-5.0\ mM$
C
$A-5.0-5.5\ mM, B-\text{nanograms}/mL$
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(A) एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में,रक्त में ग्लूकोज की सांद्रता $4.2-6.1\ mmol/L$ (या लगभग $4.5-5.0\ mM$) की सीमा के भीतर बनी रहती है।
इसके विपरीत,हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो रक्त में अत्यंत कम सांद्रता में मौजूद होते हैं,जिन्हें आमतौर पर $\text{nanograms}/mL$ $(ng/mL)$ में मापा जाता है।
इसलिए,विकल्प $A$ $NCERT$ पाठ्यपुस्तक के 'सजीव अवस्था' (Living State) के संदर्भ में ग्लूकोज और हार्मोन दोनों के लिए शारीरिक सीमाओं को सही ढंग से पहचानता है।
18
MediumMCQ
गलत वाक्य चुनिए।
A
कुछ न्यूक्लिक एसिड जो एंजाइम की तरह व्यवहार करते हैं,उन्हें राइबोजाइम कहा जाता है।
B
किसी भी प्रोटीन की तरह एंजाइम में भी तृतीयक और चतुर्थक संरचना होती है।
C
यदि $P$,$S$ से निचले स्तर पर है,तो अभिक्रिया एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
D
चयापचय (metabolism) के बिना जीवित अवस्था संभव है।

Solution

(D) सही उत्तर $D$ है।
$1$. राइबोजाइम वास्तव में $RNA$ अणु होते हैं जिनमें उत्प्रेरक गतिविधि होती है,इसलिए विकल्प $A$ सही है।
$2$. एंजाइम वे प्रोटीन हैं जो जटिल $3D$ संरचनाओं में मुड़े होते हैं,जिसमें तृतीयक और कभी-कभी चतुर्थक स्तर शामिल होते हैं,इसलिए विकल्प $B$ सही है।
$3$. ऊर्जा प्रोफाइल आरेख में,यदि उत्पाद $(P)$ की स्थितिज ऊर्जा सबस्ट्रेट $(S)$ से कम है,तो ऊर्जा मुक्त होती है,जो एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को दर्शाती है,इसलिए विकल्प $C$ सही है।
$4$. चयापचय एक जीवित जीव में होने वाली सभी रासायनिक अभिक्रियाओं का कुल योग है। जीवित अवस्था को चयापचय मार्गों के माध्यम से जैव अणुओं के निरंतर बदलाव द्वारा परिभाषित किया जाता है; इसलिए,चयापचय के बिना जीवित अवस्था असंभव है। अतः,विकल्प $D$ गलत है।
19
Easy
वैज्ञानिक कारण दीजिए: एन्ट्रॉपी सजीवों में मृत्यु का कारण बनती है।

Solution

(N/A) सजीव खुली प्रणालियाँ हैं जो अपने पर्यावरण के साथ लगातार ऊर्जा और पदार्थ का आदान-प्रदान करके कम एन्ट्रॉपी (उच्च व्यवस्था) की स्थिति बनाए रखते हैं।
ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम ($2^{nd}$ law of thermodynamics) के अनुसार,एक विलगित निकाय की एन्ट्रॉपी समय के साथ हमेशा बढ़ती है।
सजीवों में,चयापचय प्रक्रियाओं को कोशिकीय संरचना को बनाए रखने और क्षति की मरम्मत के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
जैसे-जैसे जीव की आयु बढ़ती है,एन्ट्रॉपी में होने वाली प्राकृतिक वृद्धि का मुकाबला करने के लिए ऊर्जा का कुशलतापूर्वक उपयोग करने की उसकी क्षमता कम हो जाती है।
अंततः,जैविक प्रणाली के भीतर अव्यवस्था (एन्ट्रॉपी) का संचय जीव की होमोस्टैसिस बनाए रखने की क्षमता से अधिक हो जाता है,जिससे महत्वपूर्ण कार्यों का विघटन होता है और अंततः मृत्यु हो जाती है।
20
Easy
जीवन का चयापचय आधार क्या है? चर्चा कीजिए।

Solution

(N/A) $\rightarrow$ चयापचय पथ सरल संरचना से अधिक जटिल संरचना (जैसे,एसिटिक एसिड का कोलेस्ट्रॉल में परिवर्तन) या जटिल संरचना से सरल पदार्थों (जैसे,हमारी कंकाल मांसपेशियों में ग्लूकोज का लैक्टिक एसिड में परिवर्तन) की ओर ले जाते हैं।
$\rightarrow$ पहले प्रकार की अभिक्रियाओं को उपचय (anabolic) पथ कहा जाता है। बाद वाली अभिक्रियाएं अपचय (catabolic) पथ का निर्माण करती हैं।
$\rightarrow$ उपचय पथ ऊर्जा का उपभोग करते हैं; उदाहरण के लिए,अमीनो एसिड से प्रोटीन के निर्माण के लिए ऊर्जा इनपुट की आवश्यकता होती है। अपचय पथ ऊर्जा की रिहाई की ओर ले जाते हैं; उदाहरण के लिए,जब ग्लूकोज हमारी कंकाल मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड में परिवर्तित होता है,तो ऊर्जा मुक्त होती है।
$\rightarrow$ ग्लूकोज से लैक्टिक एसिड तक का चयापचय पथ $10$ चयापचय चरणों में होता है जिसे ग्लाइकोलाइसिस कहा जाता है।
$\rightarrow$ जीवित जीव क्षरण के दौरान मुक्त हुई इस ऊर्जा को पकड़ लेते हैं और इसे रासायनिक बंधों के रूप में संग्रहीत करते हैं।
$\rightarrow$ आवश्यकता पड़ने पर,इस बंध ऊर्जा का उपयोग जीवों द्वारा किए जाने वाले जैवसंश्लेषण,परासरणी और यांत्रिक कार्यों के लिए किया जाता है।
$\rightarrow$ जीवित प्रणालियों में ऊर्जा मुद्रा का सबसे महत्वपूर्ण रूप $ATP$ (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में बंध ऊर्जा है।
21
Easy
"सजीव अवस्था एक गैर-संतुलन स्थिर अवस्था है।" व्याख्या कीजिए।

Solution

(N/A) $\rightarrow$ सजीवों में हजारों रासायनिक यौगिक, जिन्हें मेटाबोलाइट्स (metabolites) कहा जाता है, विशिष्ट सांद्रता में मौजूद होते हैं।
$\rightarrow$ उदाहरण के लिए, एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में रक्त में ग्लूकोज की सांद्रता $4.5-5.0 \; mM$ होती है, जबकि हार्मोन नैनोग्राम सांद्रता में होते हैं।
$\rightarrow$ जैविक तंत्र एक स्थिर अवस्था में मौजूद होते हैं जो इन जैव अणुओं की सांद्रता द्वारा पहचाने जाते हैं, जिन्हें मेटाबॉलिक फ्लक्स (metabolic flux) के माध्यम से बनाए रखा जाता है।
$\rightarrow$ कोई भी रासायनिक या भौतिक प्रक्रिया स्वतः ही संतुलन की ओर बढ़ती है। हालाँकि, सजीवों की स्थिर अवस्था एक गैर-संतुलन अवस्था है।
$\rightarrow$ भौतिकी से यह ज्ञात है कि संतुलन पर स्थित तंत्र कार्य नहीं कर सकते हैं।
$\rightarrow$ चूंकि सजीवों को जीवित रहने के लिए निरंतर कार्य करना पड़ता है, इसलिए वे संतुलन तक नहीं पहुँच सकते। अतः, कार्य करने में सक्षम होने के लिए सजीव अवस्था एक गैर-संतुलन स्थिर अवस्था है।
$\rightarrow$ सजीव प्रक्रिया संतुलन में गिरने से बचने का एक निरंतर प्रयास है, जो ऊर्जा इनपुट द्वारा प्राप्त किया जाता है। चयापचय (metabolism) इस ऊर्जा उत्पादन के लिए तंत्र प्रदान करता है।
$\rightarrow$ इसलिए, चयापचय के बिना सजीव अवस्था का अस्तित्व संभव नहीं है।
22
MediumMCQ
क्या जैव अणु ($DNA$,प्रोटीन) निर्जलीय (anhydrous) स्थितियों में जैविक सक्रियता प्रदर्शित करते हैं?
A
हाँ,वे सक्रियता दिखाते हैं।
B
नहीं,वे सक्रियता नहीं दिखाते हैं।
C
वे केवल उच्च तापमान पर सक्रियता दिखाते हैं।
D
वे केवल प्रकाश की उपस्थिति में सक्रियता दिखाते हैं।

Solution

(B) नहीं,$DNA$ और प्रोटीन जैसे जैव अणु निर्जलीय स्थितियों में जैविक सक्रियता प्रदर्शित नहीं कर सकते हैं।
जल एक विलायक के रूप में कार्य करता है और जैव रासायनिक अभिक्रियाओं के होने के लिए आवश्यक माध्यम प्रदान करता है।
जल की अनुपस्थिति (निर्जलीय स्थितियों) में,इन अणुओं का संरचनात्मक विन्यास अक्सर खो जाता है या निष्क्रिय अवस्था में स्थिर हो जाता है।
इसलिए,इन अणुओं की जैविक सक्रियता को बनाए रखने के लिए जल आवश्यक है और जीवन के लिए अपरिहार्य है।
23
Medium
'जीवंत अवस्था कार्य करने में सक्षम होने के लिए एक गैर-संतुलन स्थिर अवस्था है' - इस कथन पर टिप्पणी कीजिए।

Solution

(N/A) सजीव कभी भी संतुलन की स्थिति में नहीं होते हैं,क्योंकि संतुलन में स्थित कोई भी तंत्र कार्य नहीं कर सकता है।
जीवित जीव एक ऐसी स्थिर अवस्था में मौजूद होते हैं जो विभिन्न जैव-अणुओं की सांद्रता द्वारा अभिलक्षित होती है।
ये जैव-अणु निरंतर चयापचय प्रवाह (metabolic flux) में होते हैं,जिसका अर्थ है कि वे लगातार संश्लेषित और विघटित होते रहते हैं।
कोई भी रासायनिक या भौतिक प्रक्रिया स्वतः ही संतुलन की ओर बढ़ती है।
चूंकि जीवित जीवों को जीवित रहने के लिए लगातार कार्य करना पड़ता है,इसलिए वे संतुलन की स्थिति तक नहीं पहुँच सकते हैं।
अतः,कार्य करने में सक्षम होने के लिए जीवंत अवस्था एक गैर-संतुलन स्थिर अवस्था है।
24
EasyMCQ
जीवंत स्थिर अवस्था में एक स्व-नियामक तंत्र होता है जिसे क्या कहा जाता है?
A
फीडबैक तंत्र
B
समतापी (Homeotherms)
C
समयुग्मजी (Homozygous)
D
समस्थापन (Homeostasis)

Solution

(D) जीवंत स्थिर अवस्था का अर्थ है किसी जीव के भीतर एक निरंतर आंतरिक वातावरण को बनाए रखना। यह स्व-नियामक तंत्र जो जीवित जीवों को बाहरी परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद एक स्थिर आंतरिक वातावरण बनाए रखने की अनुमति देता है,उसे समस्थापन (Homeostasis) कहा जाता है।
25
MediumMCQ
कोशिका-मुक्त तंत्रों में शरीर के बाहर होने वाली अभिक्रियाओं के लिए सही विकल्प चुनें।
A
ये अभिक्रियाएं न तो जीवित हैं और न ही निर्जीव।
B
इन्हें जैविक प्रक्रियाएं कहा जाता है।
C
इन अभिक्रियाओं को $vitro$ मे कहा जाता है।
D
उपरोक्त सभी।
26
MediumMCQ
शरीर में होने वाली चयापचय (metabolic) प्रक्रियाओं के लिए असंगत कथन का चयन करें।
A
चयापचय प्रक्रियाएं उत्प्रेरक के बिना भी पूर्ण हो सकती हैं।
B
चयापचय प्रक्रियाओं में उपयोग किए जाने वाले उत्प्रेरक प्रोटीन होते हैं।
C
चयापचय प्रक्रियाएं कोशिका-मुक्त तंत्र में भी हो सकती हैं।
D
शरीर में जैव-अणुओं का रूपांतरण चयापचय प्रक्रियाओं द्वारा होता है।

Solution

(A) चयापचय प्रक्रियाएं जीवित जीवों के भीतर होने वाली अत्यधिक विनियमित रासायनिक प्रतिक्रियाएं हैं।
$1$. सभी चयापचय प्रतिक्रियाएं एंजाइमों द्वारा उत्प्रेरित होती हैं।
$2$. एंजाइम प्रोटीन होते हैं (राइबोजाइम जैसे दुर्लभ अपवादों को छोड़कर) जो इन प्रतिक्रियाओं को गति प्रदान करते हैं।
$3$. इन उत्प्रेरकों के बिना,चयापचय प्रतिक्रियाएं अत्यंत धीमी होंगी और जीवन को बनाए रखने के लिए अपर्याप्त होंगी।
$4$. इसलिए,यह कथन कि चयापचय प्रक्रियाएं उत्प्रेरक के बिना हो सकती हैं,गलत है।
$5$. चयापचय प्रतिक्रियाएं वास्तव में कोशिका-मुक्त तंत्र (in vitro) में हो सकती हैं और इनमें जैव-अणुओं का रूपांतरण शामिल होता है।
27
MediumMCQ
जीवंत अवस्था $.............$ है।
A
एक असंतुलित स्थिर अवस्था
B
एक असंतुलित अस्थायी अवस्था
C
एक संतुलित स्थिर अवस्था
D
एक संतुलित अस्थायी अवस्था

Solution

(A) जीवंत अवस्था को एक असंतुलित स्थिर अवस्था के रूप में परिभाषित किया गया है।
जीवित जीव एक स्थिर अवस्था में मौजूद होते हैं क्योंकि वे कार्य करने और अपनी संरचना को बनाए रखने के लिए लगातार अपने पर्यावरण से ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
यदि कोई तंत्र संतुलन प्राप्त कर लेता है,तो इसका मतलब है कि तंत्र ने कार्य करना बंद कर दिया है और वह अनिवार्य रूप से मृत है।
इसलिए,जीवित रहने के लिए,जीवों को लगातार संतुलन तक पहुँचने से बचना चाहिए,जो निरंतर चयापचय प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।

Biomolecules — Metabolic basis for living and Living State · Frequently Asked Questions

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