(N/A) $\rightarrow$ चयापचय पथ सरल संरचना से अधिक जटिल संरचना (जैसे,एसिटिक एसिड का कोलेस्ट्रॉल में परिवर्तन) या जटिल संरचना से सरल पदार्थों (जैसे,हमारी कंकाल मांसपेशियों में ग्लूकोज का लैक्टिक एसिड में परिवर्तन) की ओर ले जाते हैं।
$\rightarrow$ पहले प्रकार की अभिक्रियाओं को उपचय (anabolic) पथ कहा जाता है। बाद वाली अभिक्रियाएं अपचय (catabolic) पथ का निर्माण करती हैं।
$\rightarrow$ उपचय पथ ऊर्जा का उपभोग करते हैं; उदाहरण के लिए,अमीनो एसिड से प्रोटीन के निर्माण के लिए ऊर्जा इनपुट की आवश्यकता होती है। अपचय पथ ऊर्जा की रिहाई की ओर ले जाते हैं; उदाहरण के लिए,जब ग्लूकोज हमारी कंकाल मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड में परिवर्तित होता है,तो ऊर्जा मुक्त होती है।
$\rightarrow$ ग्लूकोज से लैक्टिक एसिड तक का चयापचय पथ $10$ चयापचय चरणों में होता है जिसे ग्लाइकोलाइसिस कहा जाता है।
$\rightarrow$ जीवित जीव क्षरण के दौरान मुक्त हुई इस ऊर्जा को पकड़ लेते हैं और इसे रासायनिक बंधों के रूप में संग्रहीत करते हैं।
$\rightarrow$ आवश्यकता पड़ने पर,इस बंध ऊर्जा का उपयोग जीवों द्वारा किए जाने वाले जैवसंश्लेषण,परासरणी और यांत्रिक कार्यों के लिए किया जाता है।
$\rightarrow$ जीवित प्रणालियों में ऊर्जा मुद्रा का सबसे महत्वपूर्ण रूप $ATP$ (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में बंध ऊर्जा है।