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Osmosis and Plasmolysis Questions in Hindi

Class 11 Biology · Transport in Plants · Osmosis and Plasmolysis

135+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 135 questions in Hindi

51
MediumMCQ
यदि एक गमले में लगे पौधे के चारों ओर यूरिया की अधिक मात्रा डाल दी जाए,तो क्या होगा?
A
यह तेजी से बढ़ेगा
B
यह अप्रभावित रहेगा
C
जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) के कारण यह मुरझा जाएगा
D
प्रजनन वृद्धि रुक जाएगी

Solution

(C) जब गमले में लगे पौधे की मिट्टी में यूरिया की अधिक मात्रा डाली जाती है,तो यह मिट्टी के पानी में घुलकर जड़ों के चारों ओर एक अत्यधिक सांद्र (हाइपरटोनिक) घोल बना लेता है।
परासरण के सिद्धांत के अनुसार,पानी कम विलेय सांद्रता वाले क्षेत्र (जड़ कोशिकाओं के अंदर) से उच्च विलेय सांद्रता वाले क्षेत्र (मिट्टी का घोल) की ओर गति करता है।
परिणामस्वरूप,पौधे की जड़ें मिट्टी में पानी खो देती हैं,जिसे बहिःपरासरण (exosmosis) या जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) कहा जाता है।
पानी की इस कमी के कारण पौधा मुरझा जाता है और अंततः सूख जाता है।
52
MediumMCQ
जब एक पादप कोशिका को कोशिका रस (cell sap) की तुलना में अल्पपरासारी (hypotonic) घोल में रखा जाता है,तो निम्नलिखित में से कौन सी स्थिति लागू नहीं होगी?
A
कोशिका रस का जल विभव (water potential) बढ़ जाएगा
B
कोशिका रस का चूषण दाब (suction pressure) कम हो जाएगा
C
कोशिका स्फीत (turgid) हो जाएगी
D
कोशिका का भित्ति दाब (wall pressure) विफल हो जाएगा

Solution

(D) जब एक पादप कोशिका को अल्पपरासारी घोल में रखा जाता है,तो अंतःपरासरण (endosmosis) की प्रक्रिया द्वारा पानी कोशिका के अंदर प्रवेश करता है।
जैसे-जैसे पानी अंदर आता है,कोशिका रस अधिक तनु हो जाता है,जिससे उसका जल विभव बढ़ जाता है।
कोशिका फूलती है और कोशिका भित्ति के विरुद्ध स्फीति दाब (turgor pressure) लगाती है,जिससे कोशिका स्फीत हो जाती है।
परिणामस्वरूप,जैसे-जैसे कोशिका पूरी तरह से स्फीत होती है,चूषण दाब (या विसरण दाब न्यूनता) कम हो जाता है।
हालाँकि,भित्ति दाब वह दबाव है जो कोशिका भित्ति द्वारा फूलते हुए जीवद्रव्य के विरुद्ध लगाया जाता है,जो कोशिका के स्फीत होने के साथ बढ़ता है।
इसलिए,यह कथन कि 'कोशिका का भित्ति दाब विफल हो जाएगा' गलत है।
53
MediumMCQ
उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग पौधों की मृत्यु का कारण बनता है क्योंकि उर्वरक
A
नाजुक मूल रोमों की दीवार को नुकसान पहुँचाते हैं
B
नाइट्रोजन युक्त आयनों के अवशोषण को रोकते हैं
C
मृदा बैक्टीरिया को विषाक्त करके मृदा पर्यावरण को बिगाड़ते हैं
D
पानी का निर्जलीकरण (dehydration) करते हैं

Solution

(D) उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग मृदा विलयन में घुले हुए लवणों की सांद्रता को बढ़ा देता है।
यह कोशिका रस की तुलना में मूल कोशिकाओं के बाहर एक हाइपरटोनिक (अतिपरासरी) वातावरण बनाता है।
परिणामस्वरूप,बहिःपरासरण (exosmosis) की प्रक्रिया द्वारा पानी मूल रोम कोशिकाओं से बाहर मिट्टी में चला जाता है।
इससे पादप कोशिकाओं का निर्जलीकरण हो जाता है,जिससे पौधा मुरझा जाता है और अंततः मर जाता है।
54
DifficultMCQ
जब एक कोशिका को $0.5 \ M$ सुक्रोज विलयन में डुबोया जाता है तो कोई प्रभाव नहीं पड़ता है,लेकिन जब उसी कोशिका को $0.5 \ M$ $NaCl$ विलयन में डुबोया जाता है,तो कोशिका:
A
आकार में बढ़ेगी
B
आकार में घटेगी
C
स्फीत (turgid) हो जाएगी
D
जीवद्रव्यकुंचित (plasmolysed) हो जाएगी

Solution

(D) सुक्रोज एक अनपघट्य (non-electrolyte) है,इसलिए $0.5 \ M$ सुक्रोज विलयन की परासरणी सांद्रता $0.5 \ Osm$ होती है। चूंकि इसका कोशिका पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है,इसका मतलब है कि कोशिका की आंतरिक परासरणी सांद्रता भी $0.5 \ Osm$ (समपरासरी स्थिति) है।
$NaCl$ एक विद्युत अपघट्य है जो $Na^+$ और $Cl^-$ आयनों में वियोजित हो जाता है। इसलिए,$0.5 \ M$ $NaCl$ विलयन की परासरणी सांद्रता लगभग $1.0 \ Osm$ $(0.5 \times 2)$ होती है।
चूंकि $NaCl$ विलयन $(1.0 \ Osm)$ कोशिका के आंतरिक वातावरण $(0.5 \ Osm)$ की तुलना में अतिपरासरी (hypertonic) है,इसलिए परासरण द्वारा पानी कोशिका से बाहर निकल जाएगा।
जैसे ही पानी कोशिका से बाहर निकलता है,जीवद्रव्य कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाता है,जिसे जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) कहा जाता है।
55
MediumMCQ
जब कुछ समुद्री जीवों को आसुत जल (distilled water) में रखा जाता है,तो वे अंततः मर जाते हैं। इसका सबसे संभावित कारण क्या हो सकता है?
A
ऊतकों से पानी की हानि
B
ऊतकों में पानी की अधिकता
C
लवणों की हानि
D
कुछ झिल्लियों की पारगम्यता का खो जाना

Solution

(B) जब किसी समुद्री जीव को आसुत जल (एक अल्पपरासारी या हाइपोटोनिक विलयन) में रखा जाता है,तो जीव के शरीर के अंदर के तरल पदार्थों की सांद्रता आसुत जल की सांद्रता की तुलना में काफी अधिक होती है।
परासरण दाब में अंतर के कारण,अंतःपरासरण (endosmosis) की प्रक्रिया होती है,जिससे पानी के अणु जीव की कोशिकाओं के अंदर प्रवेश करने लगते हैं।
पानी के इस अत्यधिक प्रवेश के कारण कोशिकाएं फूल जाती हैं और अंततः,अत्यधिक आंतरिक दबाव के कारण कोशिकाएं फट जाती हैं,जिससे जीव की मृत्यु हो जाती है।
56
MediumMCQ
कोशिका से बहिःपरासरण (exosmosis) द्वारा पानी कब बाहर आता है?
A
बाहरी घोल की तुलना में कोशिका रस की सांद्रता कम होती है।
B
बाहरी घोल की तुलना में कोशिका रस की सांद्रता अधिक होती है।
C
बाहरी घोल और कोशिका रस की सांद्रता लगभग समान होती है।
D
कोशिका में पानी की मात्रा अधिक होती है।

Solution

(A) बहिःपरासरण वह प्रक्रिया है जिसमें पानी कोशिका से बाहर निकल जाता है जब उसे अतिपरासारी (hypertonic) घोल में रखा जाता है।
अतिपरासारी घोल में,बाहरी घोल की सांद्रता कोशिका रस (कोशिका द्रव्य/रसधानी) की सांद्रता से अधिक होती है।
परासरण प्रवणता के कारण,पानी के अणु अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च जल विभव वाले क्षेत्र (कोशिका के अंदर) से निम्न जल विभव वाले क्षेत्र (कोशिका के बाहर) की ओर गति करते हैं।
अतः,बहिःपरासरण तब होता है जब बाहरी घोल की सांद्रता कोशिका रस की सांद्रता से अधिक होती है,या दूसरे शब्दों में,जब कोशिका रस की सांद्रता बाहरी घोल से कम होती है।
57
MediumMCQ
जब एक कोशिका को हाइपरटोनिक विलयन में रखा जाता है,तो वह जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) से गुजरती है। उस समय कोशिका भित्ति और कोशिका झिल्ली के बीच क्या पाया जाता है?
A
हाइपरटोनिक विलयन
B
हवा
C
हाइपोटोनिक विलयन
D
आइसोटोनिक विलयन

Solution

(A) जब एक पादप कोशिका को हाइपरटोनिक विलयन (कोशिका रस की तुलना में उच्च विलेय सांद्रता वाला विलयन) में रखा जाता है,तो परासरण (osmosis) के कारण पानी कोशिका से बाहर निकल जाता है।
पानी की इस हानि के कारण जीवद्रव्य कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाता है,जिसे जीवद्रव्यकुंचन कहा जाता है।
जैसे-जैसे कोशिका झिल्ली कोशिका भित्ति से दूर होती है,उनके बीच के स्थान में बाहरी हाइपरटोनिक विलयन भर जाता है।
अतः,सही उत्तर हाइपरटोनिक विलयन है।
58
MediumMCQ
यदि हम थिसल फनल की नली में मौजूद घोल पर ऊपर से दबाव डालें, तो हम परासरण द्वारा पानी के प्रवेश को रोक सकते हैं। वह दबाव जिस पर अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से पानी का प्रवेश रुक जाता है, उसे ........ कहा जाता है।
A
बहिःपरासरण
B
अंतःपरासरण
C
परासरण दाब
D
स्फीति दाब

Solution

(C) परासरण दाब को घोल पर लगाए गए उस बाहरी दबाव के रूप में परिभाषित किया जाता है जो अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से विलायक (पानी) की शुद्ध गति को रोकता है।
जब सांद्र घोल से भरी थिसल फनल को पानी में रखा जाता है, तो परासरण के कारण पानी फनल में प्रवेश करता है।
नली में मौजूद घोल पर पर्याप्त दबाव डालकर, हम परासरण क्षमता का मुकाबला कर सकते हैं और पानी के प्रवाह को रोक सकते हैं।
परासरण प्रवाह को रोकने के लिए आवश्यक इस विशिष्ट दबाव को $\text{परासरण दाब}$ (Osmotic pressure) कहा जाता है।
59
MediumMCQ
"जब प्रक्रिया अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा दो भिन्न सांद्रता वाले विलयनों के बीच विसरण द्वारा दर्शाई जाती है, तो परासरण होता है।" इस कथन में क्या त्रुटि है?
A
पानी के प्रवाह की दिशा स्पष्ट नहीं की गई है।
B
'विसरण' शब्द के स्थान पर 'शुद्ध संचलन' (net movement) शब्द का उपयोग होना चाहिए।
C
सांद्रता प्रवणता (concentration gradient) को सही ढंग से परिभाषित नहीं किया गया है।
D
अर्धपारगम्य झिल्ली की भूमिका को गलत तरीके से दर्शाया गया है।

Solution

(A) "परासरण अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से दो अलग-अलग सांद्रता वाले विलयनों के बीच पानी का विसरण है" यह कथन तकनीकी रूप से अस्पष्ट है क्योंकि यह पानी के प्रवाह की दिशा को निर्दिष्ट नहीं करता है। परासरण को विशेष रूप से पानी के अणुओं के उच्च जल विभव (या कम विलेय सांद्रता) वाले क्षेत्र से अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से निम्न जल विभव (या उच्च विलेय सांद्रता) वाले क्षेत्र की ओर शुद्ध संचलन (net movement) के रूप में परिभाषित किया गया है। केवल "भिन्न सांद्रता" कहने से प्रवाह की दिशा का पता नहीं चलता, जो कि परिभाषा का एक महत्वपूर्ण घटक है।
60
MediumMCQ
परासरण (Osmosis) निम्नलिखित में से किसके संचलन को दर्शाता है?
A
विलेय कणों का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर संचलन।
B
विलायक अणुओं का उच्च जल विभव से निम्न जल विभव की ओर संचलन।
C
अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से विलेय कणों का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर संचलन।
D
विलायक अणुओं का निम्न जल विभव से उच्च जल विभव की ओर संचलन।

Solution

(B) परासरण विसरण का एक विशेष प्रकार है जिसमें जल (विलायक) के अणु एक अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से गति करते हैं।
ऊष्मागतिकी परिभाषा के अनुसार,जल हमेशा उच्च जल विभव (मुक्त जल के अणुओं की उच्च सांद्रता) वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव (मुक्त जल के अणुओं की निम्न सांद्रता) वाले क्षेत्र की ओर गति करता है।
यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक कि संतुलन स्थापित न हो जाए।
अतः,सही विवरण विलायक अणुओं का उच्च जल विभव से निम्न जल विभव की ओर संचलन है।
61
MediumMCQ
जब किसी पौधे को अत्यधिक उर्वरक देने के कारण वह मर जाता है,तो इसका कारण यह है कि उर्वरक के कारण:
A
नाजुक मूलरोम (root hair) की कोशिका भित्ति को नुकसान होता है।
B
नाइट्रोजन आयनों के संचय के कारण अवशोषण की प्रक्रिया रुक जाती है।
C
बहिःपरासरण (Exosmosis) होता है,जिससे पौधे में निर्जलीकरण (Dehydration) हो जाता है।
D
मृदा पर्यावरण में बैक्टीरिया की मात्रा कम हो जाती है।

Solution

(C) जब मिट्टी में अत्यधिक उर्वरक मिलाया जाता है,तो मिट्टी के घोल में विलेय (solutes) की सांद्रता जड़ की कोशिकाओं के अंदर की सांद्रता से काफी अधिक हो जाती है। यह जड़ों के बाहर एक अतिपरासारी (hypertonic) वातावरण बनाता है। परिणामस्वरूप,बहिःपरासरण की प्रक्रिया के माध्यम से पानी जड़ की कोशिकाओं से बाहर मिट्टी में निकल जाता है। पानी की इस कमी के कारण जड़ की कोशिकाओं का जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) हो जाता है,जिससे पौधा मुरझा जाता है और अंततः गंभीर निर्जलीकरण के कारण मर जाता है।
62
MediumMCQ
निकटवर्ती जाइलम से पानी किस प्रक्रिया द्वारा फ्लोएम में प्रवेश करता है?
A
परासरण
B
स्फीति दाब
C
परासरण और स्फीति दाब दोनों
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(A) फ्लोएम में भोजन का स्थानांतरण 'दाब प्रवाह परिकल्पना' (Pressure Flow Hypothesis) द्वारा समझाया जाता है।
$1$. स्रोत (Source) पर,प्रकाश संश्लेषण द्वारा ग्लूकोज तैयार होता है और इसे सुक्रोज में बदल दिया जाता है।
$2$. सुक्रोज को सक्रिय रूप से साथी कोशिकाओं (companion cells) में और फिर जीवित फ्लोएम चालनी नलिका कोशिकाओं में स्थानांतरित किया जाता है।
$3$. यह प्रक्रिया फ्लोएम में अतिपरासरी (hypertonic) स्थिति पैदा करती है।
$4$. परासरण प्रवणता के कारण,निकटवर्ती जाइलम से पानी परासरण की प्रक्रिया द्वारा फ्लोएम में चला जाता है।
$5$. जैसे-जैसे परासरणी दाब बढ़ता है,फ्लोएम रस कम दाब वाले क्षेत्रों (सिंक) की ओर प्रवाहित होता है।
63
EasyMCQ
जब कोशिका सिकुड़ती है, तो इस प्रक्रिया को किस नाम से जाना जाता है?
A
हाइपोटोनिक घोल
B
परासरण
C
अंतःपरासरण
D
जीवद्रव्यकुंचन

Solution

(D) जब एक पादप कोशिका को हाइपरटोनिक (अधिसान्द्र) घोल में रखा जाता है, तो परासरण के कारण पानी कोशिका से बाहर निकल जाता है। इसके परिणामस्वरूप जीवद्रव्य कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाता है, जिसे $\text{जीवद्रव्यकुंचन}$ (Plasmolysis) कहा जाता है। $\text{जीवद्रव्यकुंचन}$ तब होता है जब पानी कोशिका से बाहर निकलता है, जिससे कोशिका झिल्ली कोशिका भित्ति से अलग हो जाती है।
64
MediumMCQ
मूलरोम द्वारा मृदा जल का अवशोषण कब होता है?
A
मृदा में विलेय पदार्थों की सांद्रता अधिक हो।
B
मूलरोम में विलेय पदार्थों की सांद्रता अधिक हो।
C
मृदा जल और विलेय पदार्थों की सांद्रता समान हो।
D
सक्रिय अवशोषण की प्रक्रिया हो रही हो।

Solution

(B) मूलरोम द्वारा जल का अवशोषण मुख्य रूप से परासरण (Osmosis) के माध्यम से होता है। परासरण जल का उच्च जल विभव (कम विलेय सांद्रता) वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव (उच्च विलेय सांद्रता) वाले क्षेत्र की ओर एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से संचलन है। मृदा से मूलरोम में जल के प्रवेश के लिए,मूलरोम के अंदर का जल विभव मृदा जल की तुलना में कम होना चाहिए। यह तब प्राप्त होता है जब मूलरोम के अंदर विलेय पदार्थों (लवण/खनिज) की सांद्रता मृदा की तुलना में अधिक होती है,जिससे एक प्रवणता (gradient) बनती है जो जल को अंदर खींचती है।
65
EasyMCQ
अल्पपरासारी $(hypotonic)$ विलयन को इस प्रकार परिभाषित किया जाता है . . .
A
वह विलयन जिसकी सांद्रता दूसरे विलयन की तुलना में कम होती है।
B
वह विलयन जिसकी सांद्रता दूसरे विलयन के समान होती है।
C
वह विलयन जिसकी सांद्रता दूसरे विलयन की तुलना में अधिक होती है।
D
वह विलयन जो अर्धपारगम्य झिल्ली से गुजर सकता है।

Solution

(A) अल्पपरासारी $(hypotonic)$ विलयन वह विलयन है जिसकी विलेय सांद्रता दूसरे विलयन (आमतौर पर कोशिका का कोशिकाद्रव्य) की तुलना में कम होती है।
जब किसी कोशिका को अल्पपरासारी विलयन में रखा जाता है,तो परासरण $(osmosis)$ के कारण पानी कोशिका के अंदर चला जाता है,जिससे कोशिका फूल जाती है।
अतः,विकल्प $A$ सही परिभाषा है।
66
MediumMCQ
बाह्य माध्यम से मूलरोम (root hairs) द्वारा जल का अवशोषण किसके माध्यम से होता है?
A
हाइपरटोनिक विलयन
B
आइसोटोनिक विलयन
C
श्यान विलयन
D
हाइपोटोनिक विलयन

Solution

(D) मूलरोम द्वारा जल का अवशोषण परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया के माध्यम से होता है।
मिट्टी (बाह्य माध्यम) से मूलरोम कोशिकाओं में जल के प्रवेश के लिए,मूलरोम कोशिकाओं के अंदर का जल विभव (Water potential) मिट्टी की तुलना में कम होना चाहिए।
इसका अर्थ है कि मिट्टी का विलयन मूलरोम की कोशिका रस के सापेक्ष $Hypotonic$ (अल्पपरासारी) विलयन होना चाहिए।
$Hypotonic$ विलयन में विलेय की सांद्रता कम और जल विभव अधिक होता है,जिससे जल अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से कोशिका के अंदर प्रवेश कर जाता है।
67
MediumMCQ
मूलरोम द्वारा जल का अवशोषण कब होता है?
A
जब कोशिका रस में विलेय की सांद्रता बढ़ जाती है।
B
जब वे निरंतर श्वसन करते हैं।
C
जब वे अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा मृदा कणों से स्वतंत्र हो जाते हैं।
D
जब मृदा कणों में लवण की सांद्रता बढ़ जाती है।

Solution

(A) मूलरोम द्वारा जल का अवशोषण मुख्य रूप से परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया द्वारा होता है।
परासरण वह प्रक्रिया है जिसमें जल उच्च जल विभव वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव वाले क्षेत्र की ओर एक अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से गति करता है।
जब मूलरोम की कोशिका रस में विलेय (लवण/खनिज) की सांद्रता बढ़ती है,तो कोशिका के अंदर जल विभव कम हो जाता है।
यह एक प्रवणता (Gradient) बनाता है जो जल को मृदा से मूलरोम की कोशिकाओं में प्रवेश करने की अनुमति देता है।
68
MediumMCQ
जब दो असमान सांद्रता वाले विलयनों के बीच चर्मपत्र (parchment paper) रखा जाता है,तब.....
A
तनु विलयन सांद्र विलयन की ओर विसरित होता है।
B
सांद्र विलयन तनु विलयन की ओर विसरित होता है।
C
तनु विलयन से विलायक सांद्र विलयन की ओर विसरित होता है।
D
सांद्र विलयन से विलायक तनु विलयन की ओर विसरित होता है।

Solution

(C) चर्मपत्र (parchment paper) एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के रूप में कार्य करता है।
परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया में,विलायक के अणु (आमतौर पर पानी) एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च विलायक सांद्रता वाले क्षेत्र (तनु विलयन) से कम विलायक सांद्रता वाले क्षेत्र (सांद्र विलयन) की ओर गति करते हैं।
इसलिए,विलायक तनु विलयन से सांद्र विलयन की ओर विसरित होता है।
69
MediumMCQ
थिसल फनल प्रयोग में अंतःपरासरण (endosmosis) के कारण क्या होता है?
A
स्टेम में घोल का स्तर निशान से नीचे गिर जाएगा।
B
स्टेम में घोल का स्तर निशान से ऊपर उठ जाएगा।
C
बीकर में पानी की मात्रा बढ़ जाएगी।
D
बीकर में घोल का स्तर स्थिर रहेगा।

Solution

(B) थिसल फनल प्रयोग में,फनल के मुख पर एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली बांधी जाती है,जिसे सांद्र शर्करा के घोल से भरकर शुद्ध पानी वाले बीकर में रखा जाता है।
अंतःपरासरण (endosmosis) के कारण,पानी के अणु बीकर (अल्पपरासरी घोल) से अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से फनल (अतिपरासरी घोल) के अंदर चले जाते हैं।
जैसे-जैसे पानी फनल में प्रवेश करता है,फनल के अंदर घोल का आयतन बढ़ जाता है,जिससे स्टेम में घोल का स्तर शुरुआती निशान से ऊपर उठ जाता है।
70
MediumMCQ
कोशिकाओं में पानी का प्रवेश क्या कहलाता है?
A
पिनोसाइटोसिस (द्रव भक्षण)
B
फैगोसाइटोसिस (ठोस भक्षण)
C
एक्सोसाइटोसिस (बहिःस्राव)
D
परासरण

Solution

(D) एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से पानी के अणुओं का उच्च जल विभव वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव वाले क्षेत्र की ओर गति करना $Osmosis$ (परासरण) कहलाता है।
$Pinocytosis$ का अर्थ है बाह्य कोशिकीय द्रव का अंतर्ग्रहण (कोशिका का पीना)।
$Phagocytosis$ का अर्थ है ठोस कणों का अंतर्ग्रहण (कोशिका का खाना)।
$Exocytosis$ कोशिका से पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया है।
71
EasyMCQ
विसरण द्वारा जल की गति को क्या कहा जाता है?
A
परासरण
B
स्थानांतरण
C
रसारोहण
D
सुसाध्य विसरण

Solution

(A) एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से पानी के अणुओं की उच्च जल विभव वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव वाले क्षेत्र की ओर गति को $Osmosis$ (परासरण) कहा जाता है। चूंकि परासरण पानी से जुड़ी विसरण की एक विशेष प्रक्रिया है,इसलिए यह सही उत्तर है।
72
MediumMCQ
विसरण द्वारा जल के संचलन को क्या कहा जाता है?
A
साधारण विसरण
B
साध्य विसरण
C
परासरण
D
सक्रिय परिवहन

Solution

(C) अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से जल के अणुओं का उच्च जल विभव वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव वाले क्षेत्र की ओर होने वाले संचलन को $Osmosis$ (परासरण) कहा जाता है। यद्यपि विसरण कणों का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर सामान्य संचलन है,झिल्ली के आर-पार जल के विशिष्ट विसरण को $Osmosis$ कहा जाता है।
73
MediumMCQ
परासरण (Osmosis) के लिए क्या सही है?
A
विलेय के कण उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गति करते हैं।
B
विलायक उच्च जल विभव से निम्न जल विभव की ओर गति करता है।
C
विलेय के कण अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गति करते हैं।
D
विलायक के कण निम्न जल विभव से उच्च जल विभव की ओर गति करते हैं।

Solution

(B) परासरण विलायक के अणुओं (आमतौर पर पानी) की एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च विलेय सांद्रता (या निम्न जल विभव) वाले क्षेत्र की ओर होने वाली स्वतः शुद्ध गति है,जो निम्न विलेय सांद्रता (या उच्च जल विभव) वाले क्षेत्र से होती है।
अतः,सही कथन यह है कि विलायक के अणु अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च जल विभव वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव वाले क्षेत्र की ओर गति करते हैं।
74
MediumMCQ
परासरण (Osmosis) के लिए क्या सही है?
A
विलेय का कम सांद्रता से उच्च सांद्रता की ओर प्रवाह।
B
विलायक का उच्च जल विभव से निम्न जल विभव की ओर प्रवाह।
C
अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से विलेय का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर संचलन।
D
विलायक का निम्न जल विभव से उच्च जल विभव की ओर संचलन।

Solution

(B) परासरण एक चयनात्मक पारगम्य झिल्ली के माध्यम से विलायक के अणुओं (आमतौर पर पानी) का उच्च विलेय सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर स्वतः शुद्ध संचलन है।
जल विभव के संदर्भ में,पानी हमेशा एक अर्धपारगम्य झिल्ली के पार उच्च जल विभव (कम ऋणात्मक या शून्य) वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव (अधिक ऋणात्मक) वाले क्षेत्र की ओर गति करता है।
इसलिए,सही कथन यह है कि परासरण में विलायक का उच्च जल विभव से निम्न जल विभव की ओर प्रवाह होता है।
75
EasyMCQ
जब कोशिका (या ऊतक) को ......... विलयन में रखा जाता है, तो पानी का अंदर या बाहर की ओर कोई शुद्ध प्रवाह (net flow) नहीं होता है।
A
अल्पपरासारी (Hypotonic)
B
अतिपरासारी (Hypertonic)
C
समपरासारी (Isotonic)
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(C) $\text{समपरासारी}$ $(Isotonic)$ विलयन वह होता है जिसमें विलेय की सांद्रता कोशिका के कोशिकाद्रव्य के बराबर होती है。
$\text{समपरासारी}$ वातावरण में, कोशिका के अंदर और बाहर जल विभव $(water \text{ } potential)$ समान होता है。
इसलिए, कोशिका झिल्ली के आर-पार पानी का कोई शुद्ध संचलन नहीं होता है, जिसका अर्थ है कि कोशिका में प्रवेश करने वाले पानी की मात्रा कोशिका से बाहर निकलने वाले पानी की मात्रा के बराबर होती है。
परिणामस्वरूप, कोशिका के आयतन या आकार में कोई परिवर्तन नहीं होता है。
76
EasyMCQ
विसरण द्वारा जल की गति को क्या कहा जाता है?
A
परासरण (Osmosis)
B
सक्रिय परिवहन (Active transport)
C
सुसाध्य परिवहन (Facilitated transport)
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से विसरण की प्रक्रिया द्वारा जल के अणुओं का उच्च जल विभव वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव वाले क्षेत्र की ओर गति करना $Osmosis$ (परासरण) कहलाता है।
$1$. $Osmosis$ विसरण का एक विशेष प्रकार है जिसमें केवल विलायक के अणु (जल) ही गति करते हैं।
$2$. $Active$ $transport$ (सक्रिय परिवहन) में अणुओं को सांद्रता प्रवणता के विरुद्ध ले जाने के लिए ऊर्जा $(ATP)$ की आवश्यकता होती है।
$3$. $Facilitated$ $transport$ (सुसाध्य परिवहन) में ऊर्जा के व्यय के बिना विशेष झिल्ली प्रोटीन की मदद से अणुओं का झिल्ली के आर-पार परिवहन होता है।
77
MediumMCQ
जब एक पादप कोशिका को हाइपोटोनिक विलयन में रखा जाता है,तो जल के प्रवाह की दिशा क्या होगी?
A
जल दोनों दिशाओं में बहेगा
B
जल कोशिका से बाहर बहेगा
C
जल कोशिका के अंदर बहेगा
D
जल किसी भी दिशा में नहीं बहेगा

Solution

(C) हाइपोटोनिक विलयन वह होता है जिसमें कोशिका के कोशिकाद्रव्य की तुलना में विलेय की सांद्रता कम होती है।
परासरण के सिद्धांत के अनुसार,जल अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च जल विभव (कम विलेय सांद्रता) वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव (उच्च विलेय सांद्रता) वाले क्षेत्र की ओर गति करता है।
चूंकि आसपास का विलयन हाइपोटोनिक है,इसलिए कोशिका के बाहर जल विभव कोशिका के अंदर की तुलना में अधिक होता है।
अतः,जल बाहर से कोशिका के अंदर की ओर गति करेगा,जिससे कोशिका फूल जाएगी और स्फीत (turgid) हो जाएगी।
78
Medium
निम्नलिखित के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए: विसरण और परासरण।

Solution

विसरण और परासरण
विसरणपरासरण
$(1)$ विसरण कणों, आयनों और अणुओं का उनकी सांद्रता प्रवणता के साथ होने वाला निष्क्रिय संचलन है।$(1)$ परासरण वह प्रक्रिया है जिसमें विलायक (जल) का विसरण एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से होता है।
$(2)$ यह ठोस, द्रव और गैसों में हो सकता है।$(2)$ यह द्रव माध्यम में होता है।
$(3)$ इसमें अर्ध-पारगम्य झिल्ली की आवश्यकता नहीं होती है।$(3)$ इसमें अर्ध-पारगम्य झिल्ली की आवश्यकता होती है।
79
Medium
सुस्पष्ट नामांकित चित्रों की सहायता से पादपों में जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए और उपयुक्त उदाहरण दीजिए।
Question diagram

Solution

(N/A) जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) को पादप कोशिका के जीवद्रव्य (protoplast) के उसकी कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ने के रूप में परिभाषित किया जाता है,जो तब होता है जब कोशिका को अतिपरासारी (hypertonic) विलयन में रखा जाता है।
$1$. क्रियाविधि: जब एक पादप कोशिका को अतिपरासारी विलयन (कोशिका रस की तुलना में अधिक विलेय सांद्रता वाला विलयन) में रखा जाता है,तो परासरण (osmosis) के कारण पानी कोशिका से बाहर निकल जाता है।
$2$. प्रक्रिया: जैसे-जैसे पानी कोशिका से बाहर निकलता है,जीवद्रव्य सिकुड़ जाता है और कठोर कोशिका भित्ति से दूर हो जाता है। कोशिका भित्ति और प्लाज्मा झिल्ली के बीच का यह स्थान बाहरी अतिपरासारी विलयन से भर जाता है।
$3$. उदाहरण: इस प्रक्रिया को प्याज की झिल्ली को अत्यधिक सांद्र नमक या चीनी के घोल में रखकर सूक्ष्मदर्शी के नीचे स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
Solution diagram
80
Medium
समझाइए कि यदि एक पादप कोशिका को उच्च जल विभव वाले विलयन में रखा जाए तो क्या होगा।

Solution

(N/A) जब एक पादप कोशिका को उच्च जल विभव वाले विलयन (अल्पपरासरी विलयन) में रखा जाता है,तो जल के अणु परासरण की प्रक्रिया द्वारा बाहरी विलयन से कोशिका के अंदर प्रवेश करते हैं।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जल हमेशा उच्च जल विभव वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव वाले क्षेत्र की ओर गति करता है।
जैसे-जैसे जल कोशिका में प्रवेश करता है,जीवद्रव्य (protoplast) फूल जाता है और कठोर कोशिका भित्ति पर दबाव डालता है,जिसे स्फीति दाब (turgor pressure) कहा जाता है।
कठोर कोशिका भित्ति की उपस्थिति के कारण,पादप कोशिका फटती नहीं है; इसके बजाय,यह स्फीत (turgid) हो जाती है।
81
Medium
वर्णन करें: परासरण (Osmosis)।

Solution

(N/A) $ \Rightarrow $ परिभाषा: परासरण विलायक (आमतौर पर पानी) के अणुओं का एक चयनात्मक पारगम्य झिल्ली के माध्यम से कम सांद्रता वाले घोल से उच्च सांद्रता वाले घोल की ओर होने वाला स्वतः शुद्ध संचलन है, जो दोनों तरफ विलेय की सांद्रता को बराबर करने की प्रवृत्ति रखता है।
$ \Rightarrow $ संचलन की दिशा: पानी एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च जल विभव (तनु घोल) वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव (सांद्र घोल) वाले क्षेत्र की ओर गति करता है।
$ \Rightarrow $ पादप कोशिका की विशेषताएं:
- पादप कोशिकाएं कोशिका झिल्ली और कोशिका भित्ति से घिरी होती हैं।
- कोशिका भित्ति पानी और घोल में मौजूद पदार्थों के लिए स्वतंत्र रूप से पारगम्य है और यह संचलन के लिए बाधा नहीं है।
- पादप कोशिकाओं में, रसधानी और उसकी झिल्ली (टोनोप्लास्ट), कोशिका झिल्ली के साथ मिलकर कोशिका के अंदर या बाहर अणुओं के संचलन के महत्वपूर्ण निर्धारक हैं।
$ \Rightarrow $ मुख्य सिद्धांत:
- परासरण एक प्रेरक बल की प्रतिक्रिया में स्वतः होता है।
- परासरण की शुद्ध दिशा और दर दबाव प्रवणता और सांद्रता प्रवणता दोनों पर निर्भर करती है।
- पानी अपने उच्च रासायनिक विभव (उच्च सांद्रता) वाले क्षेत्र से निम्न रासायनिक विभव वाले क्षेत्र की ओर तब तक गति करता है जब तक कि संतुलन प्राप्त न हो जाए।
- संतुलन पर, दोनों कक्षों में समान जल विभव होता है।
$ \Rightarrow $ थिसल फनल प्रयोग:
- एक थिसल फनल को सांद्र सुक्रोज घोल से भरा जाता है और इसके मुख को अर्ध-पारगम्य झिल्ली (जैसे, अंडे की झिल्ली) से ढक दिया जाता है।
- इसे शुद्ध पानी वाले बीकर में रखा जाता है।
- परासरण के कारण पानी फनल में प्रवेश करता है, जिससे फनल में घोल का स्तर बढ़ जाता है।
- यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक संतुलन प्राप्त नहीं हो जाता।
$ \Rightarrow $ परासरण दाब (Osmotic Pressure):
- अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से पानी के प्रवेश को रोकने के लिए घोल पर बाहरी दबाव लगाया जा सकता है।
- पानी के प्रवेश को पूरी तरह से रोकने के लिए आवश्यक दबाव को परासरण दाब कहा जाता है।
- संख्यात्मक रूप से, परासरण दाब परासरण विभव (osmotic potential) के बराबर होता है, लेकिन विपरीत चिह्न के साथ (परासरण दाब धनात्मक होता है, जबकि परासरण विभव ऋणात्मक होता है)।
Solution diagram
82
Medium
व्याख्या कीजिए: जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis).

Solution

(N/A) जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis) वह प्रक्रिया है जिसमें कोशिका से पानी बाहर निकल जाने के कारण पादप कोशिका की कोशिका झिल्ली उसकी कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाती है।
यह घटना तब होती है जब एक जीवित पादप कोशिका को अतिपरासारी (hypertonic) विलयन (कोशिका द्रव्य की तुलना में उच्च विलेय सांद्रता वाला विलयन) में रखा जाता है।
इसे समझने के लिए,हमें कोशिका द्रव्य के सापेक्ष उनके परासरण दाब के आधार पर तीन प्रकार के विलयनों पर विचार करना चाहिए:
$1$. समपरासारी (Isotonic) विलयन: बाहरी विलयन का परासरण दाब कोशिका द्रव्य के समान होता है। पानी का कोई शुद्ध संचलन नहीं होता है।
$2$. अल्पपरासारी (Hypotonic) विलयन: बाहरी विलयन कोशिका द्रव्य की तुलना में अधिक तनु होता है। पानी कोशिका के अंदर जाता है,जिससे कोशिका फूल जाती है।
$3$. अतिपरासारी (Hypertonic) विलयन: बाहरी विलयन कोशिका द्रव्य की तुलना में अधिक सांद्र होता है। पानी कोशिका से बाहर निकलता है,जिससे कोशिका सिकुड़ जाती है।
जब कोशिका को अतिपरासारी विलयन में रखा जाता है,तो पानी पहले कोशिका द्रव्य से और फिर रिक्तिका (vacuole) से बाहर निकलता है,जिससे जीवद्रव्य (protoplast) कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाता है,जिसे जीवद्रव्यकुंचन कहा जाता है।
Solution diagram
83
Medium
उदाहरण और नामांकित चित्र के साथ पादप कोशिका के जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis) की प्रक्रिया/तंत्र का वर्णन करें।
Question diagram

Solution

(N/A) जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis) वह प्रक्रिया है जिसमें पादप कोशिकाएं एक अतिपरासारी (hypertonic) घोल में पानी खो देती हैं,जिससे जीवद्रव्य (protoplast) कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाता है।
$1$. घोल के प्रकार:
- समपरासारी (Isotonic) घोल: एक बाहरी घोल जो कोशिका द्रव्य के परासरण दाब को संतुलित करता है।
- अल्पपरासारी (Hypotonic) घोल: एक बाहरी घोल जो कोशिका द्रव्य की तुलना में अधिक तनु (dilute) होता है,जिससे पानी कोशिका के अंदर प्रवेश करता है।
- अतिपरासारी (Hypertonic) घोल: एक बाहरी घोल जो कोशिका द्रव्य की तुलना में अधिक सांद्र होता है,जिससे पानी कोशिका से बाहर निकल जाता है।
$2$. जीवद्रव्यकुंचन की प्रक्रिया:
- जब एक जीवित पादप कोशिका को अतिपरासारी घोल में रखा जाता है,तो परासरण के कारण पानी कोशिका से बाहर निकल जाता है।
- पानी पहले कोशिका द्रव्य से और फिर रिक्तिका (vacuole) से बाहर निकलता है।
- जैसे-जैसे पानी बाहर निकलता है,कोशिका झिल्ली कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाती है,इस स्थिति को जीवद्रव्यकुंचन कहा जाता है।
- जब कोशिका भित्ति और सिकुड़े हुए जीवद्रव्य के बीच की जगह बाहरी अतिपरासारी घोल से भर जाती है,तो कोशिका को जीवद्रव्यकुंचित कहा जाता है।
$3$. चित्र:
$(A)$ जीवद्रव्यकुंचित कोशिका (पानी बाहर निकल रहा है)
$(B)$ श्लथ (Flaccid) कोशिका (पानी का कोई शुद्ध संचलन नहीं)
$(C)$ स्फीत (Turgid) कोशिका (पानी अंदर आ रहा है)
Solution diagram
84
MediumMCQ
प्लाज्मोलाइज्ड (जीवद्रव्यकुंचित) कोशिका में कोशिका भित्ति और सिकुड़े हुए जीवद्रव्य (प्रोटोप्लास्ट) के बीच के स्थान में क्या होता है?
A
आइसोटोनिक घोल
B
हाइपरटोनिक घोल
C
हाइपोटोनिक घोल
D
शुद्ध पानी

Solution

(B) $\Rightarrow$ जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis) तब होता है जब एक पादप कोशिका को हाइपरटोनिक घोल (कोशिका द्रव्य की तुलना में उच्च विलेय सांद्रता वाला घोल) में रखा जाता है।
$\Rightarrow$ बहिःपरासरण (Exosmosis) के कारण,पानी कोशिका से बाहर निकल जाता है,जिससे जीवद्रव्य (प्रोटोप्लास्ट) कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाता है।
$\Rightarrow$ कोशिका भित्ति और सिकुड़े हुए जीवद्रव्य के बीच के स्थान में बाहरी हाइपरटोनिक घोल भर जाता है,जो पारगम्य कोशिका भित्ति के माध्यम से कोशिका में प्रवेश कर चुका होता है।
85
MediumMCQ
अंडे से अर्धपारगम्य झिल्ली (semi-permeable membrane) कैसे प्राप्त की जा सकती है?
A
अंडे को उबालकर
B
तनु $HCl$ में कवच को घोलकर
C
कवच को हाथ से हटाकर
D
अंडे को खारे पानी में भिगोकर

Solution

(B) अंडे से अर्धपारगम्य झिल्ली प्राप्त करने के लिए,सबसे पहले अंडे के एक सिरे पर एक छोटा छेद करें और अंडे की सारी जर्दी और एल्ब्यूमिन (अंडे का सफेद और पीला भाग) को बाहर निकाल दें।
इसके बाद,अंडे के कवच को कुछ घंटों के लिए तनु $HCl$ (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) के घोल में रखें।
$HCl$ अंडे के कैल्शियम कार्बोनेट कवच को घोल देता है,जिससे कवच के अंदर मौजूद पतली और अखंड अर्धपारगम्य झिल्ली शेष रह जाती है।
86
MediumMCQ
कोशिका के सापेक्ष विलेय की सांद्रता के आधार पर विलयन के प्रकारों की व्याख्या कीजिए।
A
समपरासारी (Isotonic) विलयन
B
अल्पपरासारी (Hypotonic) विलयन
C
अतिपरासारी (Hypertonic) विलयन
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) कोशिका के कोशिकाद्रव्य के सापेक्ष विलेय की सांद्रता के आधार पर विलयनों को तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:
$1$. $Isotonic$ (समपरासारी) विलयन: वह विलयन जिसमें बाहरी विलेय की सांद्रता कोशिका के अंदर की सांद्रता के बराबर होती है। इसमें जल का कोई शुद्ध संचलन नहीं होता है।
$2$. $Hypotonic$ (अल्पपरासारी) विलयन: वह विलयन जिसमें बाहरी विलेय की सांद्रता कोशिका के अंदर की सांद्रता से कम होती है। जल कोशिका के अंदर प्रवेश करता है,जिससे कोशिका फूल जाती है।
$3$. $Hypertonic$ (अतिपरासारी) विलयन: वह विलयन जिसमें बाहरी विलेय की सांद्रता कोशिका के अंदर की सांद्रता से अधिक होती है। जल कोशिका से बाहर निकल जाता है,जिससे कोशिका सिकुड़ जाती है या जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) की स्थिति उत्पन्न होती है।
87
Medium
अंतर स्पष्ट कीजिए:
$(1)$ साधारण विसरण और सुसाध्य विसरण
$(2)$ जीवद्रव्यकुंचन और जीवद्रव्यविकुंचन

Solution

(N/A) $(1)$ साधारण विसरण और सुसाध्य विसरण के बीच अंतर:
साधारण विसरणसुसाध्य विसरण
$(1)$ इस गति के लिए प्रोटीन की आवश्यकता नहीं होती है।$(1)$ विशेष झिल्ली प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
$(2)$ यह अवरोधकों के प्रति संवेदनशील नहीं है।$(2)$ यह अवरोधकों के प्रति संवेदनशील है।
$(3)$ यह चयनात्मक नहीं है।$(3)$ यह अत्यधिक चयनात्मक है।
$(4)$ इसमें सिमपोर्ट या एंटीपोर्ट जैसी कोई विशिष्ट परिवहन क्रियाविधि शामिल नहीं होती है।$(4)$ इसमें सिमपोर्ट,यूनिपोर्ट या एंटीपोर्ट जैसी विशिष्ट क्रियाविधियाँ देखी जाती हैं।

$(2)$ जीवद्रव्यकुंचन और जीवद्रव्यविकुंचन के बीच अंतर:
जीवद्रव्यकुंचनजीवद्रव्यविकुंचन
$(1)$ जीवित पादप कोशिकाओं को अतिपरासारी विलयन में रखा जाता है।$(1)$ जीवद्रव्यकुंचित कोशिकाओं को अल्पपरासारी विलयन में रखा जाता है।
$(2)$ इसमें बहिःपरासरण होता है।$(2)$ इसमें अंतःपरासरण होता है।
$(3)$ कोशिकाद्रव्य सिकुड़ जाता है और कोशिका भित्ति से अलग हो जाता है।$(3)$ कोशिकाद्रव्य फैल जाता है और वापस कोशिका भित्ति की ओर आ जाता है।
$(4)$ कोशिका अपनी स्फीति खो देती है।$(4)$ कोशिका अपनी स्फीति पुनः प्राप्त कर लेती है।
88
Medium
निम्नलिखित शब्दों की परिभाषा/व्याख्या दीजिए:
$(1)$ परासरण (Osmosis)
$(2)$ परासरणी दाब (Osmotic pressure)

Solution

(N/A) $(1)$ परासरण विलायक के अणुओं (आमतौर पर पानी) का एक अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च जल विभव (कम विलेय सांद्रता) वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव (उच्च विलेय सांद्रता) वाले क्षेत्र की ओर होने वाला स्वतः शुद्ध विसरण है।
$(2)$ परासरणी दाब वह न्यूनतम दाब है जिसे किसी विलयन पर लगाया जाना आवश्यक है ताकि अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से शुद्ध विलायक के अंतःप्रवाह को रोका जा सके। यह परासरण द्वारा शुद्ध विलायक को ग्रहण करने की विलयन की प्रवृत्ति का एक माप है।
89
Medium
परिभाषा / व्याख्या:
$(1)$ जीवद्रव्यकुंचन (Plasmolysis)
$(2)$ जीवद्रव्यविकुंचन (Deplasmolysis)

Solution

(N/A) $(1)$ जब किसी पादप कोशिका को अतिपरासारी (hypertonic) विलयन में रखा जाता है,तो बहिःपरासरण (exosmosis) के कारण पानी की हानि होती है,जिससे जीवद्रव्य कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाता है; इसे जीवद्रव्यकुंचन कहते हैं।
$(2)$ जीवद्रव्यविकुंचन वह प्रक्रिया है जिसमें जीवद्रव्यकुंचित कोशिका को अल्पपरासारी (hypotonic) विलयन में रखने पर पानी कोशिका के अंदर प्रवेश करता है,जिससे कोशिका झिल्ली और कोशिकांग अपनी सामान्य स्थिति में वापस आ जाते हैं।
90
Medium
जब ताजे एकत्रित किए गए $Spirogyra$ तंतु को $10\%$ पोटेशियम नाइट्रेट के घोल में रखा जाता है,तो यह देखा जाता है कि जीवद्रव्य (protoplasm) का आकार सिकुड़ जाता है।
$(a)$ इस घटना को क्या कहा जाता है?
$(b)$ यदि तंतु को आसुत जल (distilled water) में वापस डाल दिया जाए तो क्या होगा?

Solution

(N/A) इस घटना को जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) कहा जाता है। जब $Spirogyra$ तंतु को $10\%$ पोटेशियम नाइट्रेट के घोल (अतिपरासारी विलयन) में रखा जाता है,तो परासरण (osmosis) के कारण पानी कोशिका से बाहर निकल जाता है,जिससे जीवद्रव्य कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाता है।
$(b)$ यदि तंतु को वापस आसुत जल (अल्पपरासारी विलयन) में डाल दिया जाए,तो पानी परासरण द्वारा वापस कोशिका के अंदर चला जाएगा। इससे कोशिका अपनी स्फीति (turgidity) को पुनः प्राप्त कर लेगी और अपनी मूल स्थिति में वापस आ जाएगी,इस प्रक्रिया को जीवद्रव्य विकुंचन (deplasmolysis) कहा जाता है।
91
MediumMCQ
जब एक ताजे एकत्रित $Spirogyra$ तंतु को $10\%$ पोटेशियम नाइट्रेट के घोल में रखा जाता है,तो यह देखा जाता है कि प्रोटोप्लाज्म आकार में सिकुड़ जाता है। यदि तंतु को आसुत जल (distilled water) में वापस डाल दिया जाए तो क्या होगा?
A
प्रोटोप्लाज्म सिकुड़ा हुआ ही रहेगा।
B
डीप्लाज्मोलिसिस (deplasmolysis) के कारण प्रोटोप्लाज्म फूल जाएगा और अपने मूल आकार में वापस आ जाएगा।
C
तंतु तुरंत फट जाएगा।
D
तंतु पूरी तरह से घुल जाएगा।

Solution

(B) जब $Spirogyra$ के तंतु को $10\%$ पोटेशियम नाइट्रेट के घोल (हाइपरटोनिक घोल) में रखा जाता है,तो बहिःपरासरण (exosmosis) के कारण कोशिका से पानी बाहर निकल जाता है,जिससे प्रोटोप्लाज्म कोशिका भित्ति से दूर सिकुड़ जाता है,इस प्रक्रिया को प्लाज्मोलिसिस कहा जाता है।
जब इस प्लाज्मोलिसिस वाले तंतु को आसुत जल (हाइपोटोनिक घोल) में स्थानांतरित किया जाता है,तो अंतःपरासरण (endosmosis) के कारण पानी कोशिका में प्रवेश करता है।
इससे प्रोटोप्लाज्म फूल जाता है और अपने मूल आकार में वापस आ जाता है,इस प्रक्रिया को डीप्लाज्मोलिसिस कहा जाता है।
92
MediumMCQ
टेनिस के लॉन में खरपतवार को मारने के लिए नमक डाला जाता है। टेनिस के लॉन में नमक डालने से घास को प्रभावित किए बिना खरपतवार को मारने में कैसे मदद मिलती है?
A
यह मिट्टी की जल क्षमता को बढ़ाता है।
B
यह खरपतवार में बहिःपरासरण (exosmosis) का कारण बनता है,जिससे जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) होता है।
C
यह केवल घास को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है।
D
यह एक शाकनाशी के रूप में कार्य करता है जो केवल खरपतवार के लिए विशिष्ट है।

Solution

(B) मिट्टी पर नमक डालने से पौधों की जड़ों के चारों ओर एक हाइपरटोनिक (अतिपरासारी) वातावरण बन जाता है।
मिट्टी में नमक की उच्च सांद्रता के कारण,मिट्टी की जल क्षमता पौधे की कोशिकाओं की तुलना में कम हो जाती है।
इसके कारण बहिःपरासरण (exosmosis) की प्रक्रिया द्वारा पानी पौधे की कोशिकाओं से बाहर निकलकर मिट्टी में चला जाता है।
परिणामस्वरूप,पादप कोशिकाओं में जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) होता है,जिससे खरपतवार मुरझा जाते हैं और अंततः मर जाते हैं।
घास अक्सर नमक की विशिष्ट सांद्रता के प्रति अधिक सहनशील होती है या इसका प्रबंधन इस तरह किया जाता है कि नमक का छिड़काव केवल खरपतवार तक ही सीमित रहे,जिससे लॉन की घास को कोई महत्वपूर्ण नुकसान नहीं होता है।
93
Medium
'एक्वापोरिन्स' (Aquaporins) क्या हैं? एक्वापोरिन्स की उपस्थिति परासरण (Osmosis) को कैसे प्रभावित करती है?

Solution

(N/A) $\Rightarrow$ एक्वापोरिन्स कोशिका झिल्ली में मौजूद अभिन्न प्रोटीन (integral membrane proteins) हैं जो चैनल के रूप में कार्य करते हैं। वे कोशिका झिल्ली के आर-पार पानी के अणुओं के तीव्र परिवहन को सुगम बनाते हैं।
$\Rightarrow$ एक्वापोरिन्स की उपस्थिति परासरण की दर को काफी बढ़ा देती है। यद्यपि पानी लिपिड बाइलेयर के माध्यम से साधारण विसरण द्वारा धीरे-धीरे गति कर सकता है,एक्वापोरिन्स एक विशेष मार्ग प्रदान करते हैं जो पानी को बहुत तेजी से गुजरने की अनुमति देता है। यह प्रभावी रूप से कोशिका के लिए एक 'प्लंबिंग सिस्टम' के रूप में कार्य करता है जो पानी की गति को चयनात्मक रूप से नियंत्रित करता है।
94
EasyMCQ
इनमें से कौन सा अर्धपारगम्य झिल्ली $(SP)$ है और कौन सा चयनात्मक पारगम्य $(SL)$ है? : जंतु मूत्राशय
A
अर्धपारगम्य झिल्ली $(SP)$
B
चयनात्मक पारगम्य $(SL)$
C
दोनों $(SP)$ और $(SL)$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) जंतु मूत्राशय अर्धपारगम्य झिल्ली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
$\Rightarrow$ अर्धपारगम्य झिल्ली विलायक के अणुओं (जैसे पानी) को गुजरने देती है जबकि विलेय के अणुओं को गुजरने से रोकती है।
$\Rightarrow$ इसके विपरीत,एक चयनात्मक पारगम्य झिल्ली (जैसे कोशिका झिल्ली) विलायक के अणुओं के अलावा विशिष्ट विलेय के अणुओं के मार्ग को सक्रिय रूप से नियंत्रित करती है।
$\Rightarrow$ इसलिए,जंतु मूत्राशय को अर्धपारगम्य झिल्ली के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
95
EasyMCQ
इनमें से कौन सी अर्धपारगम्य झिल्ली $(SP)$ है और कौन सी चयनात्मक पारगम्य $(SL)$ है? : चर्मपत्र झिल्ली (Parchment membrane).
A
चर्मपत्र झिल्ली अर्धपारगम्य $(SP)$ है
B
चर्मपत्र झिल्ली चयनात्मक पारगम्य $(SL)$ है
C
चर्मपत्र झिल्ली अपारगम्य है
D
चर्मपत्र झिल्ली पारगम्य है

Solution

(A) अर्धपारगम्य झिल्ली $(SP)$ केवल विलायक के अणुओं (जैसे पानी) को अपने माध्यम से गुजरने देती है जबकि विलेय के कणों को रोक देती है।
चर्मपत्र झिल्ली अर्धपारगम्य झिल्ली $(SP)$ का एक उत्कृष्ट उदाहरण है क्योंकि यह पानी के अणुओं को गुजरने देती है लेकिन बड़े विलेय अणुओं की गति को सीमित करती है।
इसके विपरीत,एक चयनात्मक पारगम्य $(SL)$ झिल्ली,जैसे कि प्लाज्मा झिल्ली,विलायक के अलावा विशिष्ट विलेय पदार्थों को भी गुजरने देती है।
96
EasyMCQ
इनमें से कौन सा अर्धपारगम्य झिल्ली $(SP)$ है और कौन सा चयनात्मक पारगम्य $(SL)$ है? : अंडे की झिल्ली
A
अर्धपारगम्य झिल्ली $(SP)$
B
चयनात्मक पारगम्य झिल्ली $(SL)$
C
दोनों $(SP)$ और $(SL)$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) अंडे की झिल्ली को एक अर्धपारगम्य झिल्ली माना जाता है।
यह विलायक के अणुओं (जैसे पानी) को अपने माध्यम से गुजरने देती है लेकिन विलेय के अणुओं को गुजरने से रोकती है।
इसलिए,अंडे की झिल्ली को अर्धपारगम्य झिल्ली $(SP)$ के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
97
MediumMCQ
सही विकल्प चुनें:
$(1)$ जल के परिवहन के लिए $Apoplast$ (अपद्रव्यपथ) / $Symplast$ (संद्रव्यपथ) मार्ग में कोई बाधा नहीं होती है।
$(2)$ यदि बाहरी घोल कोशिकाद्रव्य की तुलना में कम सांद्रित है,तो इसे $Hypotonic$ (अल्पपरासारी) / $Hypertonic$ (अतिपरासारी) कहा जाता है।
A
$Apoplast$,$Hypotonic$
B
$Symplast$,$Hypertonic$
C
$Apoplast$,$Hypertonic$
D
$Symplast$,$Hypotonic$

Solution

(A) $(1)$ $Apoplast$ (अपद्रव्यपथ) पादप के निर्जीव भागों जैसे कोशिका भित्ति और अंतःकोशिकीय स्थानों से बना होता है। $Apoplast$ के माध्यम से जल का संचलन सामूहिक प्रवाह द्वारा होता है और इसमें कोई झिल्ली बाधा नहीं होती है,जबकि $Symplast$ (संद्रव्यपथ) मार्ग में जल को कोशिका झिल्ली को पार करना पड़ता है।
$(2)$ जब घोल की सांद्रता कोशिकाद्रव्य की सांद्रता से कम होती है,तो इसे $Hypotonic$ (अल्पपरासारी) घोल कहा जाता है,जिसके कारण परासरण द्वारा जल कोशिका के अंदर प्रवेश करता है।
98
MediumMCQ
परासरण (Osmosis) विसरण का एक विशेष प्रकार है,जिसमें जल कोशिका झिल्ली के आर-पार विसरित होता है। परासरण की दर और दिशा दोनों $....$ पर निर्भर करते हैं।
A
दाब प्रवणता और सांद्रता प्रवणता
B
तापमान और दाब प्रवणता
C
सांद्रता प्रवणता और तापमान
D
केवल दाब प्रवणता

Solution

(A) परासरण अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च जल विभव वाले क्षेत्र से निम्न जल विभव वाले क्षेत्र में विलायक के अणुओं (जल) की गति है।
$\Rightarrow$ परासरण की शुद्ध दिशा और दर दाब प्रवणता और सांद्रता प्रवणता (विलेय विभव) दोनों पर निर्भर करती है।
99
MediumMCQ
एक फूल वाले पौधे को मिट्टी के गमले में लगाया जाता है और पानी दिया जाता है। पौधे को तेजी से बढ़ाने के लिए इसमें यूरिया मिलाया जाता है,लेकिन कुछ समय बाद पौधा मर जाता है। यह $..........$ के कारण हो सकता है।
A
अत्यधिक पानी
B
बहिःपरासरण (Exosmosis)
C
अंतःपरासरण (Endosmosis)
D
गुरुत्वानुवर्तन (Geotropism)

Solution

(B) मिट्टी में यूरिया मिलाने से जड़ों के चारों ओर एक अतिपरासारी (hypertonic) वातावरण बन जाता है।
मूल रोमों की कोशिका रस की तुलना में मिट्टी के घोल में विलेय (यूरिया) की सांद्रता अधिक होने के कारण,पानी जड़ की कोशिकाओं से बाहर मिट्टी में चला जाता है।
इस प्रक्रिया को बहिःपरासरण (exosmosis) कहा जाता है।
परिणामस्वरूप,पौधे की कोशिकाएं पानी खो देती हैं,जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) हो जाता है और अंततः पौधा मर जाता है।
100
MediumMCQ
भोजन को सामान्य परिस्थितियों की तुलना में कोल्ड हाउस (ठंडे वातावरण) में अधिक समय तक रखा जा सकता है क्योंकि:
A
कीट प्रवेश नहीं कर सकते।
B
बैक्टीरिया का गुणन रुक जाता है।
C
बैक्टीरिया का गुणन कम हो जाता है।
D
कम तापमान पर जीवद्रव्यकुंचन (plasmolysis) होता है।

Solution

(C) भोजन को सामान्य परिस्थितियों की तुलना में कोल्ड हाउस में अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है क्योंकि कम तापमान सूक्ष्मजीवों की चयापचय गतिविधियों को काफी धीमा कर देता है,जिससे बैक्टीरिया का गुणन कम हो जाता है। यह भोजन को जल्दी खराब होने से बचाता है।

Transport in Plants — Osmosis and Plasmolysis · Frequently Asked Questions

1Are these Transport in Plants questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

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