NEET 2021 Biology Question Paper with Answer and Solution in Hindi

100 QuestionsHindiWith Solutions

BiologyQ199 of 100 questions

Page 1 of 2 · Hindi

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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन, पादपों में द्वितीयक उपापचयज (secondary metabolites) नहीं हैं?
A
मार्फीन,कोडीन
B
विनब्लेस्टीन,करक्यूमिन
C
एमीनो अम्ल,ग्लूकोज
D
रबर,गोंद

Solution

(C) द्वितीयक उपापचयज वे रासायनिक यौगिक हैं जो पौधों द्वारा उत्पादित होते हैं और जीवन के बुनियादी कार्यों (वृद्धि, विकास या प्रजनन) के लिए आवश्यक नहीं होते हैं, लेकिन वे शाकाहारी जीवों या रोगजनकों के खिलाफ रक्षा जैसे पारिस्थितिक लाभ प्रदान करते हैं。
प्राथमिक उपापचयज, जैसे $Amino \text{ } acids$, $Glucose$ (शर्करा), और $Nucleotides$, जीवन की बुनियादी चयापचय प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक होते हैं。
$Morphine$, $Codeine$, $Vinblastine$, $Curcumin$, $Rubber$, और $Gums$ सभी द्वितीयक उपापचयजों के उदाहरण हैं。
अतः, $Amino \text{ } acids$ और $Glucose$ प्राथमिक उपापचयज हैं, द्वितीयक उपापचयज नहीं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
जेमी (Gemmae) किसमें पाये जाते हैं?
A
मॉस में
B
टेरिडोफाइट्स में
C
कुछ लिवरवर्ट्स में
D
कुछ अनावृतबीजियों में

Solution

(C) जेमी लिवरवर्ट्स,जैसे कि $Marchantia$ में पाई जाने वाली विशिष्ट अलैंगिक प्रजनन संरचनाएं हैं।
ये हरे,बहुकोशिकीय,अलैंगिक कलिकाएं होती हैं जो थैली पर स्थित छोटे पात्रों में विकसित होती हैं,जिन्हें जेमी कप कहा जाता है।
जब ये जनक पादप से अलग हो जाते हैं,तो ये जेमी अंकुरित होकर नए पादप बनाते हैं।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
अर्धसूत्री विभाजन की किस अवस्था में गुणसूत्रबिन्दु (centromere) का विभाजन होता है?
A
मध्यावस्था-$I$
B
मध्यावस्था-$II$
C
पश्चावस्था-$II$
D
अंत्यावस्था-$II$

Solution

(C) अर्धसूत्री विभाजन एक न्यूनकारी विभाजन है जो दो चरणों में पूरा होता है: अर्धसूत्री विभाजन-$I$ और अर्धसूत्री विभाजन-$II$।
अर्धसूत्री विभाजन-$I$ में,समजात गुणसूत्र अलग होते हैं,लेकिन गुणसूत्रबिन्दु (centromere) अक्षुण्ण रहते हैं।
पश्चावस्था-$II$ (Anaphase-$II$) में,प्रत्येक गुणसूत्र का गुणसूत्रबिन्दु विभाजित हो जाता है,जिससे अर्ध-गुणसूत्र (sister chromatids) अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं।
अतः,गुणसूत्रबिन्दु का विभाजन पश्चावस्था-$II$ की एक मुख्य विशेषता है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सूची-$I$ को सूची-$II$ के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-$I$ सूची-$II$
$(a)$ वातरंध्र (Lenticels) $(i)$ कागजन (Phellogen)
$(b)$ कार्क कैंबियम (Cork cambium) $(ii)$ सुबेरिन निक्षेपण
$(c)$ द्वितीयक वल्कुट (Secondary cortex) $(iii)$ गैसों का आदान-प्रदान
$(d)$ कार्क (Cork) $(iv)$ काग-अस्तर (Phelloderm)

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
A
$(a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)$
B
$(a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)$
C
$(a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)$
D
$(a)-(i), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(iv)$

Solution

(A) सही मिलान इस प्रकार है:
$(a)$ वातरंध्र (Lenticels) छाल में मौजूद छिद्र होते हैं जो $(iii)$ गैसों का आदान-प्रदान करने में मदद करते हैं।
$(b)$ कार्क कैंबियम को $(i)$ कागजन (Phellogen) के रूप में भी जाना जाता है।
$(c)$ द्वितीयक वल्कुट (Secondary cortex) को $(iv)$ काग-अस्तर (Phelloderm) कहा जाता है।
$(d)$ कार्क (Cork) कोशिकाएं मृत होती हैं और उनकी कोशिका भित्ति में $(ii)$ सुबेरिन निक्षेपण पाया जाता है।
अतः,सही क्रम $(a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
पर्यावरण के प्रत्युत्तर में पादप विभिन्न पथों का अनुसरण करते हैं या विभिन्न प्रकार की संरचनाओं के निर्माण के लिए जीवन की विभिन्न अवस्थाओं का अनुसरण करते हैं। इस क्षमता को क्या कहा जाता है?
A
प्रत्यास्थता
B
सुघट्यता (Plasticity)
C
नम्यता
D
परिपक्वता

Solution

(B) पादप पर्यावरण या जीवन की अवस्थाओं के प्रत्युत्तर में अपने विकासात्मक पथों को बदलने की क्षमता प्रदर्शित करते हैं,जिससे विभिन्न प्रकार की संरचनाओं का निर्माण होता है। इस घटना को $Plasticity$ (सुघट्यता) कहा जाता है।
उदाहरण के लिए,$Larkspur$,$Buttercup$ और $Cotton$ में पाई जाने वाली विषमपर्णता (heterophylly) सुघट्यता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है,जिसमें किशोर अवस्था में उत्पन्न पत्तियां परिपक्व अवस्था में उत्पन्न पत्तियों से आकार में भिन्न होती हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सूची-$I$ को सूची-$II$ से सुमेलित कीजिए।
सूची-$I$सूची-$II$
$(a)$ क्रिस्टी$(i)$ गुणसूत्र में प्राथमिक संकीर्णन
$(b)$ थायलेकॉयड$(ii)$ गॉल्जी उपकरण में डिस्क आकार की थैलियां
$(c)$ गुणसूत्रबिंदु$(iii)$ सूत्रकणिका में अंतर्वलित
$(d)$ सिस्टर्नी$(iv)$ लवक की पीठिका में चपटी झिल्लीनूमा थैलियां

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(iv)-(iii)-(ii)-(i)$
B
$(iii)-(iv)-(i)-(ii)$
C
$(i)-(iv)-(iii)-(ii)$
D
$(ii)-(iii)-(iv)-(i)$

Solution

(B) सही मिलान इस प्रकार है:
$(a)$ क्रिस्टी: ये सूत्रकणिका (माइटोकॉन्ड्रिया) की आंतरिक झिल्ली के अंतर्वलन हैं जो जैव रासायनिक प्रतिक्रियाओं के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाते हैं। अतः,$(a)-(iii)$.
$(b)$ थायलेकॉयड: ये लवक (क्लोरोप्लास्ट) की पीठिका (स्ट्रोमा) में पाई जाने वाली चपटी,डिस्क जैसी झिल्लीनुमा थैलियां हैं,जो प्रकाश-निर्भर प्रतिक्रियाओं का स्थान हैं। अतः,$(b)-(iv)$.
$(c)$ गुणसूत्रबिंदु (सेंट्रोमियर): यह गुणसूत्र पर प्राथमिक संकीर्णन क्षेत्र है जहाँ कोशिका विभाजन के दौरान तर्कु तंतु जुड़ते हैं। अतः,$(c)-(i)$.
$(d)$ सिस्टर्नी: ये चपटी,डिस्क के आकार की थैलियां हैं जो गॉल्जी उपकरण का निर्माण करती हैं। अतः,$(d)-(ii)$.
अतः,सही क्रम $(a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सूची-$I$ को सूची-$II$ के साथ सुमेलित कीजिए।
सूची-$I$सूची-$II$
$(a)$ ससंजन (Cohesion)$(i)$ द्रव अवस्था में अपेक्षाकृत अधिक आकर्षण
$(b)$ आसंजन (Adhesion)$(ii)$ जल अणुओं के बीच पारस्परिक आकर्षण
$(c)$ पृष्ठ तनाव (Surface tension)$(iii)$ द्रव अवस्था में जल हानि
$(d)$ बिन्दु स्राव (Guttation)$(iv)$ ध्रुवीय पृष्ठों की ओर आकर्षण

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
A
$(iii)-(i)-(iv)-(ii)$
B
$(iv)-(iii)-(ii)-(i)$
C
$(ii)-(iv)-(i)-(iii)$
D
$(ii)-(i)-(iv)-(iii)$

Solution

$(C)$ ससंजन का अर्थ है जल के अणुओं के बीच पारस्परिक आकर्षण।
$(b)$ आसंजन का अर्थ है जल के अणुओं का ध्रुवीय सतहों की ओर आकर्षण।
$(c)$ पृष्ठ तनाव यह बताता है कि जल के अणु गैसीय अवस्था की तुलना में द्रव अवस्था में एक-दूसरे की ओर अधिक आकर्षित क्यों होते हैं।
$(d)$ बिन्दु स्राव पत्तियों के सिरों से द्रव रूप में जल की हानि की प्रक्रिया है।
अतः, सही मिलान $(a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)$ है।
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BiologyDifficultMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
A
सूक्ष्मकाय (Microbodies),पादपों और जन्तुओं दोनों में पाए जाते हैं।
B
परिपक्व चालनी नलिका तत्वों में एक स्पष्ट केन्द्रक और सामान्य कोशिकाद्रव्यीय अंगिकाएं होती हैं।
C
परिकेन्द्रकी अवकाश (Perinuclear space),केन्द्रक के अन्दर उपस्थित पदार्थों और कोशिकाद्रव्य में उपस्थित पदार्थों के बीच अवरोध का काम करता है।
D
केन्द्रक छिद्र,केन्द्रक और कोशिकाद्रव्य के बीच दोनों दिशाओं में प्रोटीन और $RNA$ अणुओं के लिए एक पथ की भांति कार्य करते हैं।

Solution

(B) सही उत्तर $B$ है।
आवृतबीजी पादपों में परिपक्व चालनी नलिका तत्व विशिष्ट कोशिकाएं होती हैं जो भोजन के कुशल परिवहन की सुविधा के लिए परिपक्वता पर अपना केन्द्रक,राइबोसोम,रिक्तिकाएं और अन्य अंगिकाएं खो देती हैं।
इसलिए,यह कथन कि उनमें एक स्पष्ट केन्द्रक और सामान्य कोशिकाद्रव्यीय अंगिकाएं होती हैं,गलत है।
सूक्ष्मकाय (जैसे कि परऑक्सिसोम) पादप और जंतु दोनों कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
परिकेन्द्रकी अवकाश (दो केन्द्रक झिल्लियों के बीच का स्थान) केन्द्रकद्रव्य और कोशिकाद्रव्य के बीच एक अवरोध के रूप में कार्य करता है।
केन्द्रक छिद्र जटिल संरचनाएं हैं जो केन्द्रक और कोशिकाद्रव्य के बीच दोनों दिशाओं में $RNA$ और प्रोटीन की आवाजाही को नियंत्रित करती हैं।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
सूची-$I$ को सूची-$II$ के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-$I$ सूची-$II$
$(a)$ सक्रिय रूप से विभाजित होने की क्षमता वाली कोशिकाएं $(i)$ संवहन ऊतक
$(b)$ एक ऊतक जिसमें सभी कोशिकाएं संरचना और कार्य में समान होती हैं $(ii)$ विभज्योतक
$(c)$ विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं वाला ऊतक $(iii)$ स्क्लेराइड
$(d)$ अत्यधिक मोटी भित्ति और संकरी गुहिका वाली मृत कोशिकाएं $(iv)$ सरल ऊतक

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
A
$(a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)$
B
$(a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)$
C
$(a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)$
D
$(a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(iv), (d)-(i)$

Solution

(C) सक्रिय रूप से विभाजित होने की क्षमता वाली कोशिकाओं को विभज्योतक $(ii)$ कहा जाता है।
$(b)$ एक ऊतक जिसमें सभी कोशिकाएं संरचना और कार्य में समान होती हैं,उसे सरल ऊतक $(iv)$ कहा जाता है।
$(c)$ विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं वाले ऊतक को जटिल ऊतक कहते हैं,जैसे संवहन ऊतक $(i)$ (जाइलम और फ्लोएम)।
$(d)$ अत्यधिक मोटी भित्ति और संकरी गुहिका वाली मृत कोशिकाएं स्क्लेराइड $(iii)$ होती हैं।
अतः सही मिलान $(a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन से शैवाल कैराजीन (carrageen) उत्पन्न करते हैं?
A
हरित शैवाल
B
भूरे शैवाल
C
लाल शैवाल
D
नील-हरित शैवाल

Solution

(C) कैराजीन एक प्रकार का फाइकोकोलाइड है,जो समुद्री शैवाल की कोशिका भित्ति से प्राप्त एक जिलेटिन जैसा पदार्थ है।
विशेष रूप से,कैराजीन लाल शैवाल (Rhodophyceae) की कोशिका भित्ति से प्राप्त किया जाता है।
इन पदार्थों का उपयोग खाद्य और दवा उद्योगों में गाढ़ा करने वाले और स्थिर करने वाले एजेंटों के रूप में व्यापक रूप से किया जाता है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
$Selaginella$ और $Salvinia$ जैसे कुछ वंश दो प्रकार के बीजाणु उत्पादित करते हैं। ऐसे पादपों को क्या कहा जाता है?
A
समबीजाणुक (Homosporous)
B
विषमबीजाणुक (Heterosporous)
C
समबीजाणुक (Isosporous)
D
विषमबीजाणुक (Heterosorous)

Solution

(B) जो पादप दो अलग-अलग प्रकार के बीजाणु,अर्थात् लघुबीजाणु (microspores) और गुरुबीजाणु (megaspores) उत्पन्न करते हैं,उन्हें विषमबीजाणुक (heterosporous) पादप कहा जाता है।
$Selaginella$ और $Salvinia$ टेरिडोफाइट्स के उत्कृष्ट उदाहरण हैं जो विषमबीजाणुकता (heterospory) प्रदर्शित करते हैं।
इस घटना को उच्च पादपों में बीज स्वभाव (seed habit) के लिए एक अग्रदूत माना जाता है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
द्विसंधी (Diadelphous) पुंकेसर किसमें पाए जाते हैं?
A
गुड़हल (चाइना रोज)
B
नींबू
C
मटर
D
गुड़हल और नींबू

Solution

(C) पुष्पीय पादपों में, पुंकेसर के तंतुओं के जुड़ने के आधार पर उन्हें विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है।
$1$. एकसंधी (Monadelphous): पुंकेसर एक ही समूह में जुड़े होते हैं (उदाहरण: गुड़हल)।
$2$. द्विसंधी (Diadelphous): पुंकेसर दो समूहों में जुड़े होते हैं (उदाहरण: मटर, जिसमें $9$ पुंकेसर एक समूह में और $1$ पुंकेसर मुक्त होता है)।
$3$. बहुसंधी (Polyadelphous): पुंकेसर दो से अधिक समूहों में जुड़े होते हैं (उदाहरण: नींबू)।
अतः, द्विसंधी पुंकेसर फैबेसी (Fabaceae) कुल की विशेषता है, जो विशेष रूप से मटर $(Pisum \text{ } sativum)$ में देखे जाते हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
जब गुणसूत्रबिन्दु (centromere),गुणसूत्र की दो बराबर भुजाओं के मध्य में स्थित होता है,तब इसे क्या कहा जाता है?
A
उपमध्यकेन्द्री (Submetacentric)
B
अंतकेन्द्री (Telocentric)
C
मध्यकेन्द्री (Metacentric)
D
अग्रबिन्दुक (Acrocentric)

Solution

(C) गुणसूत्रबिन्दु की स्थिति के आधार पर गुणसूत्रों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
$1$. मध्यकेन्द्री (Metacentric): गुणसूत्रबिन्दु मध्य में स्थित होता है,जिससे दो बराबर भुजाएँ बनती हैं।
$2$. उपमध्यकेन्द्री (Submetacentric): गुणसूत्रबिन्दु मध्य से थोड़ा हटकर होता है,जिससे एक छोटी और एक लंबी भुजा बनती है।
$3$. अग्रबिन्दुक (Acrocentric): गुणसूत्रबिन्दु सिरे के निकट स्थित होता है,जिससे एक अत्यंत छोटी और एक बहुत लंबी भुजा बनती है।
$4$. अंतकेन्द्री (Telocentric): गुणसूत्रबिन्दु गुणसूत्र के अंतिम सिरे पर स्थित होता है।
अतः,जब गुणसूत्रबिन्दु दो बराबर भुजाओं के मध्य में होता है,तो इसे मध्यकेन्द्री (Metacentric) कहा जाता है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से किस शैवाल में संचित खाद्य पदार्थ के रूप में मैनीटाल होता है?
A
Gracilaria
B
Ectocarpus
C
Volvox
D
Ulothrix

Solution

(B) शैवाल में संचित खाद्य पदार्थ उनके वर्ग के अनुसार भिन्न होता है:
$1$. Phaeophyceae (भूरे शैवाल) में भोजन जटिल कार्बोहाइड्रेट के रूप में,आमतौर पर मैनीटाल या लैमिनारिन के रूप में संचित होता है।
$2$. Ectocarpus,Phaeophyceae वर्ग का शैवाल है।
$3$. Gracilaria,Rhodophyceae (लाल शैवाल) वर्ग का है,जो फ्लोरिडियन स्टार्च के रूप में भोजन संचित करता है।
$4$. Volvox और Ulothrix,Chlorophyceae (हरे शैवाल) वर्ग के हैं,जो स्टार्च के रूप में भोजन संचित करते हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सोरघम (ज्वार) में $CO_{2}$ स्थिरीकरण का प्रथम स्थायी उत्पाद है:
A
पाइरुविक अम्ल
B
ऑक्जेलोएसेटिक अम्ल
C
सक्सिनिक अम्ल
D
फॉस्फोग्लिसरिक अम्ल

Solution

(B) सोरघम एक $C_{4}$ पादप है।
$C_{4}$ पादपों में,प्राथमिक $CO_{2}$ ग्राही फॉस्फोइनोलपाइरुवेट $(PEP)$ होता है,जो एक $3$-कार्बन यौगिक है।
यह अभिक्रिया $PEP$ कार्बोक्सिलेज एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है।
$C_{4}$ चक्र के दौरान बनने वाला प्रथम स्थायी उत्पाद ऑक्जेलोएसेटिक अम्ल $(OAA)$ है,जो एक $4$-कार्बन यौगिक है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
प्रकाशकालिता (photoperiodism) के दौरान पौधों में प्रकाश ग्रहण करने का स्थान कौन सा है?
A
प्ररोहाग्र (Shoot apex)
B
तना
C
कक्षस्थ कलिका
D
पत्ती

Solution

(D) प्रकाशकालिता (photoperiodism) रात की लंबाई या अंधेरे की अवधि के प्रति जीवों की शारीरिक प्रतिक्रिया है।
पौधों में,प्रकाश/अंधेरे की अवधि को ग्रहण करने का स्थान पत्ती है।
यद्यपि पुष्पन (flowering) की प्रक्रिया प्ररोहाग्र पर होती है,लेकिन प्रकाश उद्दीपन पत्तियों द्वारा ग्रहण किया जाता है,जो फिर एक हार्मोनल पदार्थ (फ्लोरिजन) उत्पन्न करती हैं जो पुष्पन शुरू करने के लिए प्ररोहाग्र तक जाता है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
खेत में खरपतवार को नष्ट करने के लिए उपयोग किया जाने वाला पादप हार्मोन है:
A
$IAA$
B
$NAA$
C
$2,4-D$
D
$IBA$

Solution

(C) पादप हार्मोन $2,4-D$ ($2$,$4$-डाइक्लोरोफिनोक्सीएसेटिक एसिड) एक कृत्रिम ऑक्सिन है।
इसका उपयोग व्यापक रूप से गेहूं और मक्का जैसी एकबीजपत्री फसलों के खेतों में द्विबीजपत्री खरपतवारों को मारने के लिए शाकनाशी के रूप में किया जाता है।
यह परिपक्व एकबीजपत्री पौधों को प्रभावित नहीं करता है,जिससे यह एक चयनात्मक खरपतवार नाशक बन जाता है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
स्तंभ $- I$ का मिलान स्तंभ $- II$ से कीजिए।
स्तंभ $- I$स्तंभ $- II$
$(a)$ Nitrococcus$(i)$ विनाइट्रीकरण (Denitrification)
$(b)$ Rhizobium$(ii)$ अमोनिया का नाइट्राइट में रूपांतरण
$(c)$ Thiobacillus$(iii)$ नाइट्राइट का नाइट्रेट में रूपांतरण
$(d)$ Nitrobacter$(iv)$ वायुमंडलीय नाइट्रोजन का अमोनिया में रूपांतरण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)$
B
$(a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)$
C
$(a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)$
D
$(a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)$

Solution

$(A)$ सही मिलान इस प्रकार है:
$(a)$ Nitrococcus: यह एक नाइट्रीकारी जीवाणु है जो अमोनिया को नाइट्राइट में परिवर्तित करता है। अतः, $(a)-(ii)$।
$(b)$ Rhizobium: यह एक सहजीवी नाइट्रोजन-स्थिरीकरण जीवाणु है जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में परिवर्तित करता है। अतः, $(b)-(iv)$।
$(c)$ Thiobacillus: यह एक विनाइट्रीकारी जीवाणु है जो नाइट्रेट को वापस वायुमंडलीय नाइट्रोजन में परिवर्तित करता है (विनाइट्रीकरण)। अतः, $(c)-(i)$।
$(d)$ Nitrobacter: यह एक नाइट्रीकारी जीवाणु है जो नाइट्राइट को नाइट्रेट में परिवर्तित करता है। अतः, $(d)-(iii)$।
इसलिए, सही क्रम $(a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सूची-$I$ का सूची-$II$ के साथ मिलान कीजिए।
सूची-$I$सूची-$II$
$(a)$ $S$ प्रावस्था$(i)$ प्रोटीन का संश्लेषण होता है
$(b)$ $G_2$ प्रावस्था$(ii)$ निष्क्रिय प्रावस्था
$(c)$ शांत अवस्था $(G_0)$$(iii)$ समसूत्री विभाजन और $DNA$ प्रतिकृति की शुरुआत के बीच का अंतराल
$(d)$ $G_1$ प्रावस्था$(iv)$ $DNA$ प्रतिकृति

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(iii)-(ii)-(i)-(iv)$
B
$(iv)-(ii)-(iii)-(i)$
C
$(iv)-(i)-(ii)-(iii)$
D
$(ii)-(iv)-(iii)-(i)$

Solution

(C) सही मिलान इस प्रकार है:
$(a)$ $S$ प्रावस्था: इस प्रावस्था में $DNA$ की प्रतिकृति होती है। अतः, $(a)-(iv)$।
$(b)$ $G_2$ प्रावस्था: इस प्रावस्था में समसूत्री विभाजन की तैयारी के लिए प्रोटीन का संश्लेषण होता है। अतः, $(b)-(i)$।
$(c)$ शांत अवस्था $(G_0)$: इस अवस्था में कोशिकाएं चयापचय रूप से सक्रिय रहती हैं लेकिन विभाजित नहीं होती हैं, जिसे अक्सर निष्क्रिय प्रावस्था कहा जाता है। अतः, $(c)-(ii)$।
$(d)$ $G_1$ प्रावस्था: यह समसूत्री विभाजन और $DNA$ प्रतिकृति की शुरुआत के बीच का अंतराल है। अतः, $(d)-(iii)$।
अतः, सही क्रम $(a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)$ है।
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निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A
दो कोशिकाओं के संलयन को केंद्रक संलयन (Karyogamy) कहा जाता है।
B
दो गतिशील या अगतिशील युग्मकों के बीच जीवद्रव्य के संलयन को प्लाज्मोगैमी कहा जाता है।
C
जीव जो जीवित पौधों पर निर्भर होते हैं,उन्हें मृतोपजीवी (saprophytes) कहा जाता है।
D
कुछ जीव वायुमंडलीय नाइट्रोजन को विशेष कोशिकाओं में स्थिर कर सकते हैं जिन्हें शीथ कोशिकाएं कहा जाता है।

Solution

(B) सही कथन $B$ है।
$1$. प्लाज्मोगैमी को दो गतिशील या अगतिशील युग्मकों के बीच जीवद्रव्य के संलयन के रूप में परिभाषित किया गया है।
$2$. केंद्रक संलयन (Karyogamy) दो केंद्रकों का संलयन है,न कि दो कोशिकाओं का।
$3$. जो जीव मृत कार्बनिक पदार्थों पर निर्भर होते हैं उन्हें मृतोपजीवी कहा जाता है,न कि जीवित पौधों पर निर्भर रहने वालों को (उन्हें परजीवी कहा जाता है)।
$4$. वायुमंडलीय नाइट्रोजन स्थिरीकरण हेटरोसिस्ट नामक विशेष कोशिकाओं में होता है,न कि शीथ कोशिकाओं में।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021

स्तंभ $- I$ को स्तंभ $- II$ से सुमेलित कीजिए।

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।

$(a) -(b)- (c)- (d)$

Question diagram
A

$(iii)- (iv) -(ii)- (i)$

B

$(i) -(ii) -(iii) -(iv)$

C

$(i) -(ii) -(iii) -(iv)$

D

$(iv)- (ii) -(i) -(iii)$

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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
A
अचक्रीय फोटोफॉस्फोराइलेशन के दौरान $ATP$ और $NADPH + H^+$ दोनों का संश्लेषण होता है।
B
स्ट्रोमा लैमेला में केवल $PS-I$ होता है और इसमें $NADP$ रिडक्टेस का अभाव होता है।
C
ग्राना लैमेला में $PS-I$ और $PS-II$ दोनों होते हैं।
D
चक्रीय फोटोफॉस्फोराइलेशन में $PS-I$ और $PS-II$ दोनों शामिल होते हैं।

Solution

(D) अचक्रीय फोटोफॉस्फोराइलेशन में,$PS-II$ और $PS-I$ दोनों श्रृंखला में कार्य करते हैं,जिसके परिणामस्वरूप $ATP$ और $NADPH + H^+$ दोनों का उत्पादन होता है।
स्ट्रोमा लैमेला में $PS-II$ और $NADP$ रिडक्टेस एंजाइम का अभाव होता है,इसलिए वे केवल $PS-I$ से जुड़े चक्रीय फोटोफॉस्फोराइलेशन को करते हैं।
ग्राना लैमेला में $PS-I$ और $PS-II$ दोनों होते हैं,जो अचक्रीय इलेक्ट्रॉन प्रवाह की अनुमति देते हैं।
चक्रीय फोटोफॉस्फोराइलेशन में केवल $PS-I$ शामिल होता है,$PS-II$ नहीं। इसलिए,यह कथन कि चक्रीय फोटोफॉस्फोराइलेशन में $PS-I$ और $PS-II$ दोनों शामिल होते हैं,गलत है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
A
वायवीय श्वसन के दौरान,ऑक्सीजन की भूमिका अंतिम चरण तक सीमित होती है।
B
$ETC$ (इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला) में,$NADH+H^{+}$ का एक अणु $2$ $ATP$ अणु देता है,और $FADH_{2}$ का एक अणु $3$ $ATP$ अणु देता है।
C
$ATP$ का संश्लेषण कॉम्प्लेक्स $V$ के माध्यम से होता है।
D
श्वसन में ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाएं प्रोटॉन प्रवणता (proton gradient) उत्पन्न करती हैं।

Solution

(B) सही उत्तर $B$ है।
इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला $(ETC)$ में,$NADH+H^{+}$ के एक अणु के ऑक्सीकरण से $3$ $ATP$ अणुओं का उत्पादन होता है,जबकि $FADH_{2}$ के एक अणु के ऑक्सीकरण से $2$ $ATP$ अणुओं का उत्पादन होता है।
विकल्प $B$ इसके विपरीत बताता है,इसलिए यह गलत है।
ऑक्सीजन $ETC$ के अंत में (अंतिम चरण में) अंतिम इलेक्ट्रॉन स्वीकर्ता के रूप में कार्य करता है।
कॉम्प्लेक्स $V$ ($ATP$ सिंथेज़) प्रोटॉन प्रवणता का उपयोग करके $ATP$ के संश्लेषण के लिए जिम्मेदार है।
प्रोटॉन प्रवणता $ETC$ में ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाओं के दौरान मुक्त ऊर्जा द्वारा उत्पन्न होती है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सूची-$I$ का मिलान सूची-$II$ से कीजिए।
सूची-$I$ सूची-$II$
$(a)$ प्रोटीन $(i)$ $C=C$ द्वि-आबंध
$(b)$ असंतृप्त वसा अम्ल $(ii)$ फॉस्फोडाइएस्टर आबंध
$(c)$ न्यूक्लिक अम्ल $(iii)$ ग्लाइकोसिडिक आबंध
$(d)$ पॉलीसैकेराइड $(iv)$ पेप्टाइड आबंध

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(iv)-(i)-(ii)-(iii)$
B
$(i)-(iv)-(iii)-(ii)$
C
$(ii)-(i)-(iv)-(iii)$
D
$(iv)-(iii)-(i)-(ii)$

Solution

(A) सही मिलान इस प्रकार है:
$(a)$ प्रोटीन: प्रोटीन अमीनो एसिड के बहुलक (polymers) हैं जो $(iv)$ पेप्टाइड आबंध द्वारा जुड़े होते हैं।
$(b)$ असंतृप्त वसा अम्ल: इनमें उनकी हाइड्रोकार्बन श्रृंखला में एक या अधिक $(i)$ $C=C$ द्वि-आबंध होते हैं।
$(c)$ न्यूक्लिक अम्ल: न्यूक्लिक अम्ल में न्यूक्लियोटाइड $(ii)$ फॉस्फोडाइएस्टर आबंध द्वारा जुड़े होते हैं।
$(d)$ पॉलीसैकेराइड: पॉलीसैकेराइड में मोनोसैकेराइड $(iii)$ ग्लाइकोसिडिक आबंध द्वारा जुड़े होते हैं।
अतः,सही क्रम $(a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सही युग्म का चयन करें।
A
घास की पत्तियों की बाह्यत्वचा में बड़ी रंगहीन खाली कोशिकाएं $-$ सहायक कोशिकाएं
B
द्विबीजपत्री पत्तियों में,संवहनी बंडल बड़ी मोटी भित्ति वाली कोशिकाओं से घिरे होते हैं $-$ संयोजी ऊतक
C
मज्जा किरणों की कोशिकाएं जो एधा वलय का हिस्सा बनाती हैं $-$ अंतरापूलीय एधा
D
बाह्यत्वचा को तोड़कर छाल में लेंस के आकार का छिद्र बनाने वाली ढीली मृदूतकीय कोशिकाएं $-$ स्पंजी मृदूतक

Solution

(C) विकल्प $A$ गलत है क्योंकि घास की पत्तियों की बाह्यत्वचा में बड़ी रंगहीन खाली कोशिकाओं को बुलीफॉर्म कोशिकाएं कहा जाता है।
विकल्प $B$ गलत है क्योंकि द्विबीजपत्री पत्तियों में,संवहनी बंडल मोटी भित्ति वाली कोशिकाओं की एक परत से घिरे होते हैं जिसे बंडल शीथ कहा जाता है,न कि संयोजी ऊतक।
विकल्प $C$ सही है क्योंकि मज्जा किरणों की कोशिकाएं जो विभज्योतक होकर एधा वलय का हिस्सा बनती हैं,उन्हें अंतरापूलीय एधा के रूप में जाना जाता है।
विकल्प $D$ गलत है क्योंकि छाल में लेंस के आकार के छिद्र बनाने के लिए बाह्यत्वचा को तोड़ने वाली ढीली मृदूतकीय कोशिकाओं को पूरक कोशिकाएं कहा जाता है,जो वातरंध्र (lenticels) का निर्माण करती हैं।
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निम्नलिखित में से कौन सा कथन चिकनी पेशी (smooth muscle) की प्रकृति का गलत प्रतिनिधित्व करता है?
A
इन पेशियों में कोई धारियां (striations) नहीं होती हैं।
B
ये अनैच्छिक पेशियां हैं।
C
कोशिकाओं के बीच संचार इंटरकलेटेड डिस्क (intercalated discs) द्वारा किया जाता है।
D
ये पेशियां रक्त वाहिकाओं की दीवार में मौजूद होती हैं।

Solution

(C) चिकनी पेशियां अरेखित (non-striated) और अनैच्छिक पेशियां होती हैं जो रक्त वाहिकाओं,पेट और आंत जैसे आंतरिक अंगों की दीवारों में पाई जाती हैं।
इंटरकलेटेड डिस्क (intercalated discs) विशेष जंक्शन हैं जो विशेष रूप से हृदय की पेशियों में पाए जाते हैं,जो हृदय के तीव्र संचार और समन्वित संकुचन की अनुमति देते हैं।
इसलिए,यह कथन कि चिकनी पेशी कोशिकाओं के बीच संचार इंटरकलेटेड डिस्क द्वारा किया जाता है,गलत है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
अंतःझिल्ली तंत्र (endomembrane system) में शामिल कोशिकांग कौन से हैं?
A
अंतःद्रव्यी जालिका,माइटोकॉन्ड्रिया,राइबोसोम और लाइसोसोम
B
अंतःद्रव्यी जालिका,गॉल्जी काय,लाइसोसोम और रसधानी
C
गॉल्जी काय,माइटोकॉन्ड्रिया,राइबोसोम और लाइसोसोम
D
गॉल्जी काय,अंतःद्रव्यी जालिका,माइटोकॉन्ड्रिया और लाइसोसोम

Solution

(B) अंतःझिल्ली तंत्र उन कोशिकांगों से बना होता है जिनके कार्य समन्वित होते हैं।
इनमें अंतःद्रव्यी जालिका $(ER)$,गॉल्जी काय,लाइसोसोम और रसधानी शामिल हैं।
चूंकि माइटोकॉन्ड्रिया और राइबोसोम के कार्य उपरोक्त घटकों के साथ समन्वित नहीं होते हैं,इसलिए उन्हें अंतःझिल्ली तंत्र का हिस्सा नहीं माना जाता है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
Succus entericus को क्या कहा जाता है?
A
अग्न्याशयी रस
B
आंत्र रस
C
जठर रस
D
काइम (Chyme)

Solution

(B) $Succus \ entericus$ आंत्र रस (intestinal juice) के लिए वैज्ञानिक नाम है।
यह छोटी आंत की ग्रंथियों,विशेष रूप से $Lieberkühn$ की गर्तिकाओं और ब्रूनर की ग्रंथियों द्वारा स्रावित होता है।
इसमें विभिन्न एंजाइम जैसे डाइसैकेराइडेज (जैसे,माल्टेज,लैक्टेज,सुक्रेज),डाइपेप्टाइडेज,लाइपेज और न्यूक्लियोसिडेज होते हैं,जो छोटी आंत में भोजन के पाचन के अंतिम चरणों को पूरा करते हैं।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन सा $Muscidae$ कुल (family) से संबंधित है?
A
जुगनू (Fire fly)
B
टिड्डा (Grasshopper)
C
तिलचट्टा (Cockroach)
D
घरेलू मक्खी (House fly)

Solution

(D) $Muscidae$ कुल में सामान्य घरेलू मक्खी शामिल है।
$1$. घरेलू मक्खी,जिसे वैज्ञानिक रूप से $Musca$ $domestica$ कहा जाता है,$Muscidae$ कुल और $Diptera$ गण (order) से संबंधित है।
$2$. जुगनू $Lampyridae$ कुल में आता है।
$3$. टिड्डा $Acrididae$ कुल में आता है।
$4$. तिलचट्टा $Blattidae$ कुल में आता है।
अतः,सही विकल्प $D$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
तारककेंद्र (centriole) का द्विगुणन किस अवस्था के दौरान होता है?
A
$S-$अवस्था
B
पूर्वावस्था (Prophase)
C
मध्यावस्था (Metaphase)
D
$G_{2}$ अवस्था

Solution

(A) जंतु कोशिकाओं में,तारककेंद्र (centriole) कोशिका विभाजन के दौरान तर्कु उपकरण (spindle apparatus) के निर्माण में शामिल एक महत्वपूर्ण कोशिकांग है।
कोशिका चक्र की $S-$अवस्था (संश्लेषण अवस्था) के दौरान,केंद्रक में $DNA$ का प्रतिकृतियन (replication) होता है।
साथ ही,कोशिकाद्रव्य में तारककेंद्र की जोड़ी का भी द्विगुणन होता है ताकि प्रत्येक संतति कोशिका को तारककेंद्र की एक जोड़ी प्राप्त हो सके।
अतः,तारककेंद्र के द्विगुणन के लिए सही अवस्था $S-$अवस्था है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
न्यूरोमस्कुलर जंक्शन को प्रभावित करने वाला दीर्घकालिक ऑटोइम्यून विकार, जो कंकाल की मांसपेशियों की थकान, कमजोरी और पक्षाघात का कारण बनता है, उसे क्या कहा जाता है?
A
गठिया (Arthritis)
B
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी
C
मायस्थेनिया ग्रेविस
D
गाउट

Solution

(C) $Myasthenia \text{ } gravis$ एक दीर्घकालिक ऑटोइम्यून विकार है।
यह न्यूरोमस्कुलर जंक्शन को प्रभावित करता है, जो वह स्थान है जहाँ एक मोटर न्यूरॉन मांसपेशी फाइबर के साथ संचार करता है।
इस स्थिति में, एंटीबॉडी न्यूरोमस्कुलर जंक्शन पर एसिटाइलकोलाइन रिसेप्टर्स को अवरुद्ध या नष्ट कर देती हैं।
यह मांसपेशियों को तंत्रिका से संकेत प्राप्त करने से रोकता है, जिससे कंकाल की मांसपेशियों में थकान, कमजोरी और अंततः पक्षाघात (paralysis) हो जाता है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सूची-$I$ का मिलान सूची-$II$ से कीजिए।
सूची-$I$सूची-$II$
$(a)$ खंडीभवन (Metamerism)$(i)$ सीलेन्ट्रेटा
$(b)$ नाल तंत्र (Canal system)$(ii)$ टीनोफोरा
$(c)$ कंकत पट्टिकाएं (Comb plates)$(iii)$ एनेलिडा
$(d)$ दंश कोशिकाएं (Cnidoblasts)$(iv)$ पोरिफेरा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(iv)-(iii)-(i)-(ii)$
B
$(iii)-(iv)-(ii)-(i)$
C
$(iii)-(iv)-(i)-(ii)$
D
$(iv)-(i)-(ii)-(iii)$

Solution

(B) सही मिलान इस प्रकार है:
$(a)$ खंडीभवन (Metamerism) एनेलिडा $(iii)$ संघ की एक विशेषता है।
$(b)$ नाल तंत्र (Canal system) पोरिफेरा $(iv)$ संघ की एक विशेषता है।
$(c)$ कंकत पट्टिकाएं (Comb plates) गमन में सहायता के लिए टीनोफोरा $(ii)$ संघ में उपस्थित होती हैं।
$(d)$ दंश कोशिकाएं (Cnidoblasts) सीलेन्ट्रेटा (Cnidaria) $(i)$ संघ की विशेषता हैं।
अतः,सही क्रम $(a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(ii), (d)-(i)$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए।
$(a)$ मेटाजेनेसिस (Metagenesis) हेल्मिन्थ्स में देखा जाता है।
$(b)$ इकाइनोडर्म्स त्रिकोरकी (triploblastic) और प्रगुही (coelomate) प्राणी हैं।
$(c)$ गोल कृमियों में अंग-तंत्र स्तर का शारीरिक संगठन होता है।
$(d)$ टीनोफोरा में उपस्थित कंकत पट्टिकाएं (comb plates) पाचन में सहायता करती हैं।
$(e)$ जल संवहनी तंत्र (water vascular system) इकाइनोडर्म्स की विशेषता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(c), (d)$ और $(e)$ सही हैं
B
$(a), (b)$ और $(c)$ सही हैं
C
$(a), (d)$ और $(e)$ सही हैं
D
$(b), (c)$ और $(e)$ सही हैं

Solution

(D) कथन $(a)$ गलत है क्योंकि मेटाजेनेसिस नाइडेरिया (जैसे,ओबेलिया) में देखा जाता है,हेल्मिन्थ्स में नहीं।
कथन $(b)$ सही है क्योंकि इकाइनोडर्म्स त्रिकोरकी और प्रगुही प्राणी हैं।
कथन $(c)$ सही है क्योंकि गोल कृमियों (एस्केल्मिन्थिस) में अंग-तंत्र स्तर का शारीरिक संगठन पाया जाता है।
कथन $(d)$ गलत है क्योंकि टीनोफोरा में कंकत पट्टिकाएं प्रचलन में सहायता करती हैं,पाचन में नहीं।
कथन $(e)$ सही है क्योंकि जल संवहनी तंत्र इकाइनोडर्म्स की एक अनूठी विशेषता है।
अतः,कथन $(b), (c)$ और $(e)$ सही हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
फ्रूट फ्लाई की प्रत्येक कोशिका में $8$ गुणसूत्र $(2n)$ होते हैं। समसूत्री विभाजन (Mitosis) की अंतरावस्था (Interphase) के दौरान,यदि $G_1$ चरण में गुणसूत्रों की संख्या $8$ है,तो $S$ चरण के बाद गुणसूत्रों की संख्या क्या होगी?
A
$8$
B
$16$
C
$4$
D
$32$

Solution

(A) कोशिका चक्र में,$S$ चरण (संश्लेषण चरण) $DNA$ के प्रतिकृतियन (replication) द्वारा पहचाना जाता है।
इस चरण के दौरान,प्रति कोशिका $DNA$ की मात्रा दोगुनी हो जाती है ($2C$ से $4C$),लेकिन गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है।
चूंकि $G_1$ चरण में गुणसूत्रों की संख्या $8$ है,इसलिए $S$ चरण के बाद भी गुणसूत्रों की संख्या $8$ ही रहेगी क्योंकि सिस्टर क्रोमैटिड्स सेंट्रोमियर पर जुड़े रहते हैं।
अतः,सही उत्तर $8$ है।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
ओडी की अवरोधिनी (Sphincter of Oddi) कहाँ स्थित होती है?
A
इलियो-सीकल जंक्शन
B
यकृत-अग्न्याशय वाहिनी और ग्रहणी का जंक्शन
C
जठर-ग्रासनली जंक्शन
D
जेजुनम और ग्रहणी का जंक्शन

Solution

(B) ओडी की अवरोधिनी (जिसे हेपेटो-पैंक्रियाटिक स्फिंक्टर भी कहा जाता है) एक पेशीय वाल्व है जो एम्प्युला ऑफ वेटर के माध्यम से ग्रहणी (duodenum) में पाचक रसों (पित्त और अग्न्याशय रस) के प्रवाह को नियंत्रित करता है।
यह उस जंक्शन पर स्थित होता है जहाँ यकृत-अग्न्याशय वाहिनी (hepato-pancreatic duct) ग्रहणी में खुलती है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
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BiologyDifficultMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से किस जीव में खोखली और वायुवीय (pneumatic) लंबी हड्डियाँ पाई जाती हैं?
A
नियोफ्रॉन (Neophron)
B
हेमिडेक्टाइलस (Hemidactylus)
C
मैक्रोपस (Macropus)
D
ऑर्निथोरिंकस (Ornithorhynchus)

Solution

(A) खोखली और वायुवीय (pneumatic) लंबी हड्डियों की उपस्थिति पक्षियों (वर्ग $Aves$) का एक विशिष्ट अनुकूलन है,जो उड़ान के लिए शरीर के वजन को कम करने में मदद करती है।
दिए गए विकल्पों में से,$Neophron$ (गिद्ध) $Aves$ वर्ग का प्राणी है।
$Hemidactylus$ (छिपकली) एक सरीसृप है,$Macropus$ (कंगारू) एक स्तनधारी है,और $Ornithorhynchus$ (प्लेटिपस) एक अंडा देने वाला स्तनधारी है। इनमें से किसी में भी वायुवीय हड्डियाँ नहीं पाई जाती हैं।
37
BiologyMediumMCQNEET · 2021
कूपिकाओं (विसरण का स्थान) पर ऑक्सीजन $(O_{2})$ और कार्बन डाइऑक्साइड $(CO_{2})$ का आंशिक दाब ($mm \ Hg$ में) कितना होता है?
A
$pO_{2} = 104$ और $pCO_{2} = 40$
B
$pO_{2} = 40$ और $pCO_{2} = 45$
C
$pO_{2} = 95$ और $pCO_{2} = 40$
D
$pO_{2} = 159$ और $pCO_{2} = 0.3$

Solution

(A) मानव श्वसन तंत्र में,गैसों का विनिमय कूपिकाओं में दाब प्रवणता के आधार पर सरल विसरण द्वारा होता है।
कूपिकाओं में ऑक्सीजन का आंशिक दाब $(pO_{2})$ $104 \ mm \ Hg$ होता है।
कूपिकाओं में कार्बन डाइऑक्साइड का आंशिक दाब $(pCO_{2})$ $40 \ mm \ Hg$ होता है।
ये मान कूपिकाओं से रक्त में $O_{2}$ के विसरण और रक्त से कूपिकाओं में $CO_{2}$ के विसरण को सुगम बनाते हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
कूपिकाओं (alveoli) में ऑक्सीहीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आवश्यक अनुकूल परिस्थितियों का चयन करें।
A
उच्च $pO_{2}$,कम $pCO_{2}$,कम $H^{+}$,कम तापमान
B
कम $pO_{2}$,उच्च $pCO_{2}$,अधिक $H^{+}$,उच्च तापमान
C
उच्च $pO_{2}$,उच्च $pCO_{2}$,कम $H^{+}$,उच्च तापमान
D
कम $pO_{2}$,कम $pCO_{2}$,अधिक $H^{+}$,उच्च तापमान

Solution

(A) कूपिकाओं में,ऑक्सीजन का आंशिक दबाव $(pO_{2})$ उच्च होता है और कार्बन डाइऑक्साइड का आंशिक दबाव $(pCO_{2})$ कम होता है।
ये स्थितियाँ ऑक्सीहीमोग्लोबिन बनाने के लिए हीमोग्लोबिन के साथ ऑक्सीजन के जुड़ने के लिए आदर्श हैं।
इसके अतिरिक्त,$H^{+}$ आयनों की कम सांद्रता (उच्च $pH$) और कम तापमान हीमोग्लोबिन के साथ ऑक्सीजन के जुड़ाव को और बढ़ावा देते हैं।
इसलिए,कूपिकाओं में अनुकूल स्थितियाँ उच्च $pO_{2}$,कम $pCO_{2}$,कम $H^{+}$ और कम तापमान हैं।
39
BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित का मिलान करें:
सूची-$I$ सूची-$II$
$(a)$ Physalia $(i)$ Pearl oyster
$(b)$ Limulus $(ii)$ Portuguese Man of War
$(c)$ Ancylostoma $(iii)$ Living fossil
$(d)$ Pinctada $(iv)$ Hookworm

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।
A
$(ii)-(iii)-(i)-(iv)$
B
$(iv)-(i)-(iii)-(ii)$
C
$(ii)-(iii)-(iv)-(i)$
D
$(i)-(iv)-(iii)-(ii)$

Solution

(C) सही मिलान इस प्रकार है:
$1$. $(a)$ Physalia को सामान्यतः Portuguese Man of War के रूप में जाना जाता है।
$2$. $(b)$ Limulus को King crab के रूप में जाना जाता है,जो एक जीवित जीवाश्म (Living fossil) है।
$3$. $(c)$ Ancylostoma को सामान्यतः Hookworm के रूप में जाना जाता है।
$4$. $(d)$ Pinctada को सामान्यतः Pearl oyster के रूप में जाना जाता है।
अतः,सही मिलान $(a)-(ii), (b)-(iii), (c)-(iv), (d)-(i)$ है।
इस प्रकार,सही विकल्प $C$ है।
40
BiologyEasyMCQNEET · 2021
कौन सा एंजाइम निष्क्रिय फाइब्रिनोजेन को फाइब्रिन में बदलने के लिए जिम्मेदार है?
A
थ्रोम्बिन
B
रेनिन
C
एपिनेफ्रीन
D
थ्रोम्बोकाइनेज

Solution

(A) रक्त के थक्के जमने (coagulation) की प्रक्रिया के दौरान,चोट या आघात उन कारकों को उत्तेजित करता है जो प्रतिक्रियाओं की एक श्रृंखला को सक्रिय करते हैं।
$1$. $Thrombokinase$ एंजाइम कॉम्प्लेक्स की उपस्थिति में निष्क्रिय $Prothrombin$ से $Thrombin$ एंजाइम बनता है।
$2$. $Thrombin$ फिर एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है और निष्क्रिय,घुलनशील प्लाज्मा प्रोटीन $Fibrinogen$ को अघुलनशील $Fibrin$ धागों में परिवर्तित करता है।
$3$. ये $Fibrin$ धागे एक जाल बनाते हैं जो रक्त कोशिकाओं को फंसाकर थक्का (clot) बनाते हैं।
अतः,$Fibrinogen$ को $Fibrin$ में बदलने के लिए जिम्मेदार सही एंजाइम $Thrombin$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
गलत युग्म की पहचान कीजिए।
A
एल्कलॉइड्स $-$ कोडीन
B
टॉक्सिन $-$ एब्रिन
C
लेक्टिन्स $-$ कॉनकेनावेलिन $A$
D
ड्रग्स $-$ रिसिन

Solution

(D) द्वितीयक उपापचयज (Secondary metabolites) वे रासायनिक यौगिक हैं जो पौधों,कवक या सूक्ष्मजीवों द्वारा निर्मित होते हैं जो जीवित रहने के लिए आवश्यक नहीं हैं लेकिन पारिस्थितिक लाभ प्रदान करते हैं।
$1$. एल्कलॉइड्स में कोडीन और मॉर्फिन जैसे यौगिक शामिल हैं।
$2$. टॉक्सिन में एब्रिन और रिसिन शामिल हैं।
$3$. लेक्टिन्स में कॉनकेनावेलिन $A$ शामिल है।
$4$. ड्रग्स में विनब्लास्टिन और करक्यूमिन शामिल हैं।
दिए गए विकल्पों में,रिसिन को टॉक्सिन के रूप में वर्गीकृत किया गया है,न कि ड्रग के रूप में। इसलिए,'ड्रग्स $-$ रिसिन' का युग्म गलत है।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
अर्धसूत्रीविभाजन (meiotic prophase) की किस अवस्था में कायाज्मा (chiasmata) का उपांतिभवन (terminalisation) उसकी विशिष्ट विशेषता के रूप में दिखाई देता है?
A
लेप्टोटीन
B
जायगोटीन
C
डयाकिनेसिस
D
पैकीटीन

Solution

(C) अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ की पूर्वावस्था (prophase-$I$) पाँच उप-अवस्थाओं में विभाजित है: $\text{लेप्टोटीन}$, $\text{जायगोटीन}$, $\text{पैकीटीन}$, $\text{डिप्लोटीन}$ और $\text{डयाकिनेसिस}$।
$1$. $\text{लेप्टोटीन}$: गुणसूत्र संघनित होकर धागे के समान दिखाई देते हैं।
$2$. $\text{जायगोटीन}$: समजात गुणसूत्रों के बीच सूत्रयुग्मन (synapsis) होता है।
$3$. $\text{पैकीटीन}$: गैर-बहिन अर्धगुणसूत्रों (non-sister chromatids) के बीच क्रॉसिंग ओवर होता है।
$4$. $\text{डिप्लोटीन}$: सिनेप्टोनेमल कॉम्प्लेक्स का विघटन होता है और समजात गुणसूत्र क्रॉसिंग ओवर के स्थानों को छोड़कर अलग हो जाते हैं, जिससे $Chiasmata$ बनते हैं।
$5$. $\text{डयाकिनेसिस}$: यह अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ की पूर्वावस्था की अंतिम अवस्था है। इस अवस्था की विशिष्ट विशेषता $chiasmata$ का $terminalisation$ (उपांतिभवन) है। गुणसूत्र पूरी तरह से संघनित हो जाते हैं और समजात गुणसूत्रों को अलग करने के लिए तर्कु (spindle) का निर्माण होता है।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
$AB$ रक्त समूह वाले व्यक्तियों को "सार्वत्रिक प्राप्तकर्ता" (Universal recipients) कहा जाता है। इसका कारण है:
A
$RBCs$ की सतह पर $A$ और $B$ प्रतिजनों (antigens) की अनुपस्थिति
B
प्लाज्मा में $A$ और $B$ प्रतिजनों की अनुपस्थिति
C
$RBCs$ पर एंटीबॉडी, एंटी-$A$ और एंटी-$B$ की उपस्थिति
D
प्लाज्मा में एंटीबॉडी, एंटी-$A$ और एंटी-$B$ की अनुपस्थिति

Solution

(D) $ABO$ रक्त समूह प्रणाली में, $AB$ रक्त समूह वाले व्यक्तियों के $RBCs$ की सतह पर $A$ और $B$ दोनों प्रतिजन (antigens) मौजूद होते हैं。
चूंकि उनकी अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली $A$ और $B$ दोनों प्रतिजनों को 'स्वयं' के रूप में पहचानती है, इसलिए वे अपने रक्त प्लाज्मा में एंटी-$A$ या एंटी-$B$ एंटीबॉडी का उत्पादन नहीं करते हैं。
परिणामस्वरूप, वे किसी भी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (agglutination) को ट्रिगर किए बिना $A$, $B$, $AB$ या $O$ रक्त प्रकार वाले व्यक्तियों से रक्त प्राप्त कर सकते हैं。
इसलिए, प्लाज्मा में एंटी-$A$ और एंटी-$B$ एंटीबॉडी की अनुपस्थिति के कारण उन्हें "सार्वत्रिक प्राप्तकर्ता" के रूप में जाना जाता है。
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
$R.B.C.$ निर्माण को उत्तेजित करने वाला एरिथ्रोपोइटिन हार्मोन किसके द्वारा उत्पादित होता है?
A
अग्न्याशय की अल्फा कोशिकाएं
B
रोस्ट्रल एडेनोहाइपोफिसिस की कोशिकाएं
C
अस्थि मज्जा की कोशिकाएं
D
वृक्क की जक्स्टाग्लोमेरुलर कोशिकाएं

Solution

(D) एरिथ्रोपोइटिन एक ग्लाइकोप्रोटीन हार्मोन है जो एरिथ्रोपोएसिस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है,जो लाल रक्त कोशिकाओं $(R.B.C.)$ के निर्माण की प्रक्रिया है।
यह हार्मोन मुख्य रूप से रक्त में ऑक्सीजन के निम्न स्तर या हाइपोक्सिया के जवाब में वृक्क (किडनी) की जक्स्टाग्लोमेरुलर कोशिकाओं (विशेष रूप से इंटरस्टिशियल फाइब्रोब्लास्ट्स) द्वारा संश्लेषित और स्रावित होता है।
एक बार रक्तप्रवाह में मुक्त होने के बाद,यह अस्थि मज्जा तक पहुंचता है,जहां यह एरिथ्रोइड प्रोजेनिटर कोशिकाओं को परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं में विभेदित और प्रसारित होने के लिए उत्तेजित करता है।
इसलिए,सही उत्तर वृक्क की जक्स्टाग्लोमेरुलर कोशिकाएं है।
45
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कॉकरोच के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा लक्षण गलत है?
A
मध्य आंत्र और पश्च आंत्र के जंक्शन पर जठरीय अंधांत्र (gastric caeca) का एक वलय मौजूद होता है।
B
हाइपोफैरिक्स मुखांगों द्वारा घिरी हुई गुहा के भीतर स्थित होता है।
C
मादाओं में,$7^{\text{th}}-9^{\text{th}}$ स्टर्ना मिलकर एक जनन थैली (genital pouch) बनाते हैं।
D
$10^{\text{th}}$ उदर खंड दोनों लिंगों में एक जोड़ी गुदा शूक (anal cerci) धारण करता है।

Solution

(A) सही उत्तर $A$ है।
कॉकरोच में,अग्र आंत्र और मध्य आंत्र के जंक्शन पर $6-8$ अंध नलिकाओं का एक वलय होता है जिसे यकृत या जठरीय अंधांत्र (gastric caeca) कहा जाता है,न कि मध्य आंत्र और पश्च आंत्र के जंक्शन पर।
विकल्प $B$ सही है: हाइपोफैरिक्स जीभ के रूप में कार्य करता है और मुखांगों द्वारा घिरी हुई गुहा के भीतर स्थित होता है।
विकल्प $C$ सही है: मादा कॉकरोच में,$7^{\text{th}}$ स्टर्नम नाव के आकार का होता है और $8^{\text{th}}$ व $9^{\text{th}}$ स्टर्ना के साथ मिलकर एक जनन थैली बनाता है।
विकल्प $D$ सही है: नर और मादा दोनों कॉकरोच में $10^{\text{th}}$ उदर खंड में एक जोड़ी संयुक्त तंतुमय संरचनाएं होती हैं जिन्हें गुदा शूक (anal cerci) कहा जाता है।
46
BiologyMediumMCQNEET · 2021
'लिपिड्स' के संदर्भ में निम्नलिखित कथन दिए गए हैं।
$(a)$ केवल एकल बंध वाले लिपिड्स को असंतृप्त वसा अम्ल (unsaturated fatty acids) कहा जाता है।
$(b)$ लेसिथिन एक फॉस्फोलिपिड है।
$(c)$ ट्राईहाइड्रॉक्सी प्रोपेन ग्लिसरॉल है।
$(d)$ पामिटिक एसिड में कार्बोक्सिल कार्बन सहित $20$ कार्बन परमाणु होते हैं।
$(e)$ एराकिडोनिक एसिड में $16$ कार्बन परमाणु होते हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।
A
केवल $(a)$ और $(b)$
B
केवल $(c)$ और $(d)$
C
केवल $(b)$ और $(c)$
D
केवल $(b)$ और $(e)$

Solution

(C) प्रत्येक कथन का विश्लेषण करते हैं:
$(a)$ केवल एकल बंध वाले लिपिड्स को संतृप्त वसा अम्ल (saturated fatty acids) कहा जाता है,असंतृप्त नहीं। अतः,कथन $(a)$ गलत है।
$(b)$ लेसिथिन कोशिका झिल्ली में पाया जाने वाला एक प्रसिद्ध फॉस्फोलिपिड है। अतः,कथन $(b)$ सही है।
$(c)$ ग्लिसरॉल को रासायनिक रूप से ट्राईहाइड्रॉक्सी प्रोपेन $(CH_2OH-CHOH-CH_2OH)$ के रूप में जाना जाता है। अतः,कथन $(c)$ सही है।
$(d)$ पामिटिक एसिड में $16$ कार्बन परमाणु होते हैं,$20$ नहीं। अतः,कथन $(d)$ गलत है।
$(e)$ एराकिडोनिक एसिड में $20$ कार्बन परमाणु होते हैं,$16$ नहीं। अतः,कथन $(e)$ गलत है।
इसलिए,कथन $(b)$ और $(c)$ सही हैं।
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ऊतकों में पदार्थों के रिसाव को रोकने और आयनों तथा अणुओं के तीव्र स्थानांतरण के माध्यम से पड़ोसी कोशिकाओं के साथ संचार की सुविधा प्रदान करने वाले कोशिका संधियों (cell junctions) के प्रकारों की पहचान करें।
A
क्रमशः गैप जंक्शन और एडहेरिंग जंक्शन।
B
क्रमशः टाइट जंक्शन और गैप जंक्शन।
C
क्रमशः एडहेरिंग जंक्शन और टाइट जंक्शन।
D
क्रमशः एडहेरिंग जंक्शन और गैप जंक्शन।

Solution

(B) $1$. टाइट जंक्शन (Tight junctions): ये संधियाँ आसन्न कोशिकाओं के बीच एक सील बनाकर ऊतक में पदार्थों के रिसाव को रोकने में मदद करती हैं।
$2$. एडहेरिंग जंक्शन (Adhering junctions): ये पड़ोसी कोशिकाओं को एक साथ रखने के लिए सीमेंटिंग का कार्य करती हैं।
$3$. गैप जंक्शन (Gap junctions): ये पड़ोसी कोशिकाओं के कोशिका द्रव्य को जोड़कर उनके बीच संचार की सुविधा प्रदान करती हैं,जिससे आयनों,छोटे अणुओं और कभी-कभी बड़े अणुओं का तीव्र स्थानांतरण संभव हो पाता है।
अतः,सही क्रम टाइट जंक्शन और गैप जंक्शन है।
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पेशीय संकुचन के दौरान निम्नलिखित में से कौन सी घटनाएँ होती हैं?
$(a)$ $'H'$ ज़ोन गायब हो जाता है
$(b)$ $'A'$ बैंड चौड़ा हो जाता है
$(c)$ $'I'$ बैंड की चौड़ाई कम हो जाती है
$(d)$ मायोसिन $ATP$ का जलअपघटन करता है,जिससे $ADP$ और $Pi$ मुक्त होते हैं
$(e)$ एक्टिन से जुड़ी $Z$-रेखाएँ अंदर की ओर खिंचती हैं
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।
A
केवल $(a), (c), (d), (e)$
B
केवल $(a), (b), (c), (d)$
C
केवल $(b), (c), (d), (e)$
D
केवल $(b), (d), (e), (a)$

Solution

(A) पेशीय संकुचन के स्लाइडिंग फिलामेंट सिद्धांत के अनुसार:
$1$. $'H'$ ज़ोन गायब हो जाता है क्योंकि एक्टिन तंतु मायोसिन तंतुओं के ऊपर सरकते हैं।
$2$. $'A'$ बैंड (एनिसोट्रोपिक बैंड) अपनी लंबाई बनाए रखता है क्योंकि यह मायोसिन तंतुओं की लंबाई को दर्शाता है,जो छोटे नहीं होते हैं।
$3$. $'I'$ बैंड (आइसोट्रोपिक बैंड) की चौड़ाई कम हो जाती है क्योंकि एक्टिन तंतु सार्कोमियर के केंद्र की ओर खिंचते हैं।
$4$. मायोसिन सिर $ATP$ का $ADP$ और $Pi$ में जलअपघटन करते हैं,जो पावर स्ट्रोक के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं।
$5$. एक्टिन तंतुओं से जुड़ी $Z$-रेखाएँ सार्कोमियर के केंद्र की ओर अंदर की तरफ खिंचती हैं,जिससे सार्कोमियर छोटा हो जाता है।
अतः,घटनाएँ $(a), (c), (d),$ और $(e)$ सही हैं।
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केंचुए के मुखाग्र (prostomium) के बारे में निम्नलिखित कथन दिए गए हैं।
$(a)$ यह मुख के लिए एक आवरण के रूप में कार्य करता है।
$(b)$ यह मिट्टी में दरारें खोलने में मदद करता है जिसमें यह रेंग सकता है।
$(c)$ यह संवेदी संरचनाओं में से एक है।
$(d)$ यह शरीर का पहला खंड है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।
A
$(a), (b)$ और $(c)$ सही हैं
B
$(a), (b)$ और $(d)$ सही हैं
C
$(a), (b), (c)$ और $(d)$ सही हैं
D
$(b)$ और $(c)$ सही हैं

Solution

(A) मुखाग्र (prostomium) एक छोटा मांसल लोब है जो केंचुए के मुख के ऊपर स्थित होता है।
कथन $(a)$ सही है क्योंकि यह मुख के लिए एक आवरण के रूप में कार्य करता है।
कथन $(b)$ सही है क्योंकि इसका उपयोग मिट्टी में दरारें खोलने के लिए एक कील (wedge) के रूप में किया जाता है।
कथन $(c)$ सही है क्योंकि मुखाग्र संवेदी कार्य करता है।
कथन $(d)$ गलत है क्योंकि केंचुए का पहला शरीर खंड 'परिस्टोमियम' (मुख खंड) है,न कि मुखाग्र। मुखाग्र पहले खंड के आगे स्थित एक मुख-पूर्व लोब है।
अतः,कथन $(a), (b)$ और $(c)$ सही हैं।
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कथन $(A):$ एक व्यक्ति अधिक ऊंचाई पर जाता है और 'एल्टीट्यूड सिकनेस' (ऊंचाई की बीमारी) का अनुभव करता है,जिसमें सांस लेने में कठिनाई और दिल की धड़कन बढ़ना जैसे लक्षण होते हैं।
कारण $(R):$ अधिक ऊंचाई पर कम वायुमंडलीय दबाव के कारण,शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।
A
$(A)$ और $(R)$ दोनों सही हैं और $(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या है
B
$(A)$ और $(R)$ दोनों सही हैं लेकिन $(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या नहीं है
C
$(A)$ सही है लेकिन $(R)$ गलत है
D
$(A)$ गलत है लेकिन $(R)$ सही है

Solution

(A) अधिक ऊंचाई पर वायुमंडलीय दबाव कम हो जाता है,जिससे ऑक्सीजन का आंशिक दबाव $(pO_2)$ कम हो जाता है।
इस कम $pO_2$ के कारण,शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है,जिससे 'एल्टीट्यूड सिकनेस' के लक्षण जैसे मतली,थकान,दिल की धड़कन बढ़ना और सांस लेने में कठिनाई होती है।
अतः,कथन $(A)$ और कारण $(R)$ दोनों सही हैं,और $(R)$,$(A)$ की सही व्याख्या है।
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सूची-$I$ को सूची-$II$ के साथ सुमेलित कीजिए।
सूची-$I$सूची-$II$
$(a)$ जीवद्रव्य (Protoplast) संलयन$(i)$ पूर्णशक्तता (Totipotency)
$(b)$ पादप ऊतक संवर्धन$(ii)$ पोमेटो
$(c)$ विभज्योतक (Meristem) संवर्धन$(iii)$ सोमाक्लोन
$(d)$ सूक्ष्मप्रवर्धन (Micropropagation)$(iv)$ विषाणु मुक्त पादप

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(iii), (iv), (ii), (i)$
B
$(ii), (i), (iv), (iii)$
C
$(iii), (iv), (i), (ii)$
D
$(iv), (iii), (ii), (i)$

Solution

(B) जीवद्रव्य संलयन: दो अलग-अलग पादप प्रजातियों के जीवद्रव्य (protoplasts) के संलयन से कायिक संकर (somatic hybrids) प्राप्त होते हैं,जैसे 'पोमेटो' (आलू और टमाटर का संकर)। अतः,$(a)-(ii)$।
$(b)$ पादप ऊतक संवर्धन: यह तकनीक पादप कोशिका की पूर्ण पादप को पुनर्जीवित करने की क्षमता पर निर्भर करती है,जिसे पूर्णशक्तता (totipotency) कहा जाता है। अतः,$(b)-(i)$।
$(c)$ विभज्योतक संवर्धन: संक्रमित पादपों में भी विभज्योतक (meristem) विषाणु मुक्त होते हैं। इसलिए,विषाणु मुक्त पादप प्राप्त करने के लिए विभज्योतक संवर्धन का उपयोग किया जाता है। अतः,$(c)-(iv)$।
$(d)$ सूक्ष्मप्रवर्धन: इस विधि का उपयोग कम समय में हजारों पादप उत्पन्न करने के लिए किया जाता है,जो मूल पादप के आनुवंशिक रूप से समान होते हैं,जिन्हें सोमाक्लोन कहा जाता है। अतः,$(d)-(iii)$।
सही मिलान $(a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)$ है।
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समीकरण $GPP - R = NPP$ में $R$ किसे निरूपित करता है?
A
विकिरण ऊर्जा
B
श्वसन हानि
C
पर्यावरणीय कारक
D
मंदक कारक

Solution

(B) पारिस्थितिक तंत्र की उत्पादकता के अध्ययन में,$GPP$ का अर्थ सकल प्राथमिक उत्पादकता (Gross Primary Productivity) है,जो प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बनिक पदार्थों के उत्पादन की कुल दर है।
$NPP$ का अर्थ शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता (Net Primary Productivity) है,जो परपोषियों द्वारा उपभोग के लिए उपलब्ध बायोमास की मात्रा है।
$R$ श्वसन हानि (Respiration losses) को दर्शाता है,जो पौधों द्वारा अपनी चयापचय गतिविधियों के लिए उपयोग की जाने वाली ऊर्जा है।
यह संबंध $NPP = GPP - R$ के रूप में परिभाषित है।
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निम्नलिखित में से कौन सा कारक एक समष्टि में फाउंडर प्रभाव (founder effect) उत्पन्न करता है?
A
प्राकृतिक चयन
B
आनुवंशिक पुनर्योगजन
C
आनुवंशिक विचलन (Genetic drift)
D
उत्परिवर्तन

Solution

(C) फाउंडर प्रभाव (founder effect) एक ऐसी घटना है जो तब होती है जब व्यक्तियों का एक छोटा समूह एक नई कॉलोनी स्थापित करने के लिए एक बड़ी समष्टि से अलग हो जाता है।
चूंकि नया समूह छोटा होता है,इसलिए इसमें मूल समष्टि की पूर्ण आनुवंशिक विविधता नहीं होती है।
एक छोटी समष्टि में यादृच्छिक घटनाओं के कारण एलील आवृत्तियों में यह परिवर्तन $Genetic \ drift$ (आनुवंशिक विचलन) का एक विशिष्ट प्रकार है।
इसलिए,फाउंडर प्रभाव के लिए $Genetic \ drift$ मुख्य कारक है।
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अन्तरजातीय परजीविता को किस प्रकार निरूपित किया जा सकता है?
A
जाति $A (+);$ जाति $B (+)$
B
जाति $A (-);$ जाति $B (0)$
C
जाति $A (-);$ जाति $B (-)$
D
जाति $A (+);$ जाति $B (-)$

Solution

(D) अन्तरजातीय परजीविता एक प्रकार की पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक जाति (परजीवी) को लाभ होता है जबकि दूसरी जाति (परपोषी/यजमान) को हानि होती है।
इस क्रिया में,परजीवी $(A)$ पोषण और आश्रय प्राप्त करता है,जिसे धनात्मक चिह्न $(+)$ द्वारा दर्शाया जाता है।
परपोषी $(B)$ को हानि होती है क्योंकि वह पोषक तत्वों को खो देता है और रोगों या कम फिटनेस से ग्रस्त हो सकता है,जिसे ऋणात्मक चिह्न $(-)$ द्वारा दर्शाया जाता है।
अतः,परजीविता को जाति $A (+)$ और जाति $B (-)$ के रूप में निरूपित किया जाता है।
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एक प्रारूपिक परिपक्व आवृतबीजी भ्रूणकोष निम्नलिखित में से कौन सा होता है?
A
$7$-केन्द्रकीय और $8$-कोशिकीय
B
$8$-केन्द्रकीय और $7$-कोशिकीय
C
$7$-केन्द्रकीय और $7$-कोशिकीय
D
$8$-केन्द्रकीय और $8$-कोशिकीय

Solution

(B) एक प्रारूपिक परिपक्व आवृतबीजी भ्रूणकोष (पॉलीगोनम प्रकार) $8$-केन्द्रकीय और $7$-कोशिकीय होता है।
इसमें निम्नलिखित संरचनाएं होती हैं:
$1$. निभागी सिरे (chalazal end) पर तीन प्रतिव्यासांत (antipodal) कोशिकाएं।
$2$. बीजांडद्वारी सिरे (micropylar end) पर दो सहायक कोशिकाएं और एक अंड कोशिका (अंड समुच्चय)।
$3$. एक बड़ी केंद्रीय कोशिका जिसमें दो ध्रुवीय केंद्रक होते हैं,जो बाद में संलयित होकर एक द्विगुणित द्वितीयक केंद्रक बनाते हैं।
इस प्रकार,कुल $8$ केंद्रक होते हैं,लेकिन वे $7$ कोशिकाओं में व्यवस्थित होते हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
पुनर्योगज $DNA$ प्रौद्योगिकी की शुद्धीकरण प्रक्रिया में,शीतल इथेनॉल मिलाने से क्या अवक्षेपित होता है?
A
$RNA$
B
$DNA$
C
हिस्टोन
D
पॉलिसैकेराइड

Solution

(B) पुनर्योगज $DNA$ प्रौद्योगिकी की प्रक्रिया में,आनुवंशिक सामग्री के पृथक्करण में विशिष्ट एंजाइमों का उपयोग करके प्रोटीन,$RNA$ और पॉलिसैकेराइड जैसे अवांछित कोशिकीय घटकों को हटाया जाता है।
एक बार जब घोल में शुद्ध $DNA$ प्राप्त हो जाता है,तो इसे शीतल इथेनॉल मिलाकर अवक्षेपित किया जाता है।
इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप $DNA$ निलंबन में महीन धागों के समूह के रूप में दिखाई देता है,जिसे स्पूलिंग द्वारा हटाया जा सकता है।
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एक पादप के परागकोश से परागकणों का एक भिन्न पादप के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरण के लिए कौन सा शब्द प्रयुक्त होता है,जिसमें परागण के दौरान वर्तिकाग्र पर आनुवंशिक रूप से भिन्न प्रकार के परागकण लाए जाते हैं?
A
सजातपुष्पी परागण (Geitonogamy)
B
पर-परागण (Xenogamy)
C
उन्मील परागणी (Chasmogamy)
D
अनुन्मील्य परागणी (Cleistogamy)

Solution

(B) एक पादप के परागकोश से परागकणों का दूसरे भिन्न पादप के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरण $Xenogamy$ (पर-परागण) कहलाता है।
$Xenogamy$ में,परागकण आनुवंशिक रूप से भिन्न पादप से आते हैं,जिससे संतति में आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है।
$Geitonogamy$ में एक ही पादप के एक पुष्प के परागकोश से दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर परागकणों का स्थानांतरण होता है,जो आनुवंशिक रूप से स्व-परागण के समान है।
$Chasmogamy$ और $Cleistogamy$ परागण के दौरान पुष्प की स्थिति (खुला या बंद) को संदर्भित करते हैं,न कि परागकणों के आनुवंशिक स्रोत को।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन सा पादप उभयलिंगाश्रयी (monoecious) है?
A
Carica papaya
B
Marchantia polymorpha
C
Chara
D
Cycas circinalis

Solution

(C) एक उभयलिंगाश्रयी (monoecious) पादप वह है जिसमें नर और मादा दोनों प्रजनन संरचनाएं एक ही पादप पर मौजूद होती हैं।
दिए गए विकल्पों में:
$1$. $Carica$ $papaya$ (पपीता) एकलिंगाश्रयी (dioecious) है,जिसका अर्थ है कि नर और मादा फूल अलग-अलग पौधों पर होते हैं।
$2$. $Marchantia$ $polymorpha$ एकलिंगाश्रयी है,क्योंकि नर और मादा थैली अलग-अलग होते हैं।
$3$. $Chara$ एक उभयलिंगाश्रयी शैवाल है,जिसमें नर प्रजनन अंग (पुंधानी - antheridium) और मादा प्रजनन अंग (स्त्रीधानी - oogonium) दोनों एक ही पादप शरीर पर उपस्थित होते हैं।
$4$. $Cycas$ $circinalis$ एकलिंगाश्रयी है,जिसमें नर और मादा शंकु अलग-अलग पौधों पर होते हैं।
अतः,$Chara$ सही उत्तर है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
मूल सिद्धान्त (सेन्ट्रल डोग्मा) का पूर्ण प्रवाह चित्र है:
Question diagram
A
$(a)-$प्रतिकृतिकरण (Replication); $(b)-$अनुलेखन (Transcription); $(c)-$अनुवादन (Translation); $(d)-$प्रोटीन
B
$(a)-$रूपांतरण (Transformation); $(b)-$प्रतिकृतिकरण; $(c)-$अनुलेखन; $(d)-$अनुवादन
C
$(a)-$प्रतिकृतिकरण; $(b)-$अनुलेखन; $(c)-$रूपांतरण; $(d)-$प्रोटीन
D
$(a)-$अनुवादन; $(b)-$रूपांतरण; $(c)-$प्रतिकृतिकरण; $(d)-$प्रोटीन

Solution

(A) आण्विक जीवविज्ञान का सेन्ट्रल डोग्मा एक जैविक प्रणाली के भीतर आनुवंशिक जानकारी के प्रवाह का वर्णन करता है।
$1$. $(a)$ प्रतिकृतिकरण (Replication) को दर्शाता है,जहाँ $DNA$ अपनी स्वयं की प्रतिलिपि बनाता है।
$2$. $(b)$ अनुलेखन (Transcription) को दर्शाता है,जहाँ $DNA$ का उपयोग $mRNA$ को संश्लेषित करने के लिए किया जाता है।
$3$. $(c)$ अनुवादन (Translation) को दर्शाता है,जहाँ $mRNA$ का उपयोग पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला या प्रोटीन $(d)$ को संश्लेषित करने के लिए किया जाता है।
अतः,सही क्रम $(a)-$प्रतिकृतिकरण,$(b)-$अनुलेखन,$(c)-$अनुवादन,$(d)-$प्रोटीन है।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
पादप कोशिकाओं में किसके द्वारा उत्परिवर्तन (mutation) प्रेरित किया जा सकता है?
A
काइनेटिन
B
गामा किरणें
C
अवरक्त किरणें
D
जिएटिन

Solution

(B) उत्परिवर्तन प्रजनन (Mutation breeding) पादप प्रजनन में आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक तकनीक है।
$Gamma$ किरणें आयनकारी विकिरण हैं जिनका उपयोग पादप कोशिकाओं में उत्परिवर्तन प्रेरित करने के लिए उत्परिवर्तनजन (mutagens) के रूप में किया जाता है।
ये विकिरण $DNA$ अनुक्रम में परिवर्तन का कारण बनते हैं,जिससे नए लक्षणों का विकास हो सकता है।
काइनेटिन और जिएटिन साइटोकाइनिन (पादप वृद्धि हार्मोन) के प्रकार हैं और इनका उपयोग उत्परिवर्तनजन के रूप में नहीं किया जाता है।
अवरक्त किरणें (Infrared rays) गैर-आयनकारी होती हैं और उनमें $DNA$ में उत्परिवर्तन प्रेरित करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं होती है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
A
समुद्र में जीवभार (biomass) का पिरामिड सामान्यतः उल्टा होता है।
B
समुद्र में जीवभार (biomass) का पिरामिड सामान्यतः सीधा होता है।
C
ऊर्जा का पिरामिड हमेशा सीधा होता है।
D
घास के मैदान के पारिस्थितिक तंत्र में संख्या का पिरामिड सीधा होता है।

Solution

(B) समुद्री पारिस्थितिक तंत्र में,प्राथमिक उत्पादकों (फाइटोप्लांकटन) का कुल जीवभार उपभोक्ताओं (जूप्लांकटन और मछलियों) की तुलना में बहुत कम होता है क्योंकि उनका जीवनकाल छोटा होता है और वे तेजी से उपभोग कर लिए जाते हैं। इसलिए,समुद्र में जीवभार का पिरामिड सामान्यतः उल्टा होता है। विकल्प $B$ में दिया गया कथन कि 'समुद्र में जीवभार का पिरामिड सामान्यतः सीधा होता है' गलत है। ऊर्जा का पिरामिड हमेशा सीधा होता है क्योंकि ऊर्जा के प्रवाह के दौरान प्रत्येक पोषण स्तर पर ऊर्जा का ह्रास होता है। घास के मैदान के पारिस्थितिक तंत्र में,संख्या का पिरामिड सीधा होता है क्योंकि उत्पादकों की संख्या उपभोक्ताओं की तुलना में काफी अधिक होती है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
प्रकृति में अंतराजातीय प्रतिस्पर्धा के बावजूद, प्रतिस्पर्धा करने वाली जातियों ने अपनी उत्तरजीविता के लिए कौन सी विधि का विकास किया होगा?
A
सहोपकारिता
B
स्पर्धा निर्मुक्त
C
संसाधन विभाजन
D
भक्षण

Solution

(C) प्रकृति में, जब दो जातियाँ एक ही सीमित संसाधन के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं, तो वे अक्सर अपनी उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के लिए सीधी प्रतिस्पर्धा से बचने की विधियाँ विकसित कर लेती हैं।
इस घटना को $Resource \text{ } partitioning$ (संसाधन विभाजन) के रूप में जाना जाता है।
भोजन के लिए अलग-अलग समय या अलग-अलग चारा खोजने के तरीके चुनकर, जातियाँ एक ही आवास में एक-दूसरे को विलुप्त किए बिना सह-अस्तित्व में रह सकती हैं।
यह अवधारणा $Robert \text{ } MacArthur$ द्वारा 'वॉर्बलर्स' (warblers) पक्षियों के अध्ययन के माध्यम से प्रसिद्ध रूप से प्रदर्शित की गई थी, जिसमें दिखाया गया था कि एक ही पेड़ पर रहने वाली पाँच निकट संबंधी जातियाँ अपनी चारा खोजने की गतिविधियों में व्यवहारिक अंतर के माध्यम से प्रतिस्पर्धा से बचने में सक्षम थीं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
जेल पर रखे,एथिडियम ब्रोमाइड से अभिरंजित डी.एन.ए. $(DNA)$ रज्जुकों को जब यू.वी. $(UV)$ विकिरण के अंतर्गत देखा जाता है,तब वे कैसे दिखते हैं?
A
पीली पट्टियां
B
चमकीली नारंगी पट्टियां
C
गहरी लाल पट्टियां
D
चमकीली नीली पट्टियां

Solution

(B) जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस की प्रक्रिया में,$DNA$ के टुकड़ों को उनके आकार के आधार पर अलग किया जाता है।
इन $DNA$ टुकड़ों को देखने के लिए,जेल को एथिडियम ब्रोमाइड $(EtBr)$ नामक एक फ्लोरोसेंट डाई (अभिरंजक) से रंगा जाता है।
जब इस जेल को अल्ट्रावायलेट $(UV)$ विकिरण के संपर्क में लाया जाता है,तो $EtBr$ $DNA$ के बीच में समाहित हो जाता है और प्रतिदीप्ति (fluorescence) उत्पन्न करता है।
परिणामस्वरूप,$UV$ प्रकाश के अंतर्गत $DNA$ के टुकड़े चमकीली नारंगी पट्टियों के रूप में दिखाई देते हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
जब किसी रोग को ठीक करने के लिए जीन का प्रवर्धन (amplification) करते हुए एक जीन को लक्षित किया जाता है,तब इस प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
A
बायोपाइरेसी
B
जीन चिकित्सा (Gene therapy)
C
आणविक निदान
D
सुरक्षा परीक्षण

Solution

(B) जीन चिकित्सा (Gene therapy) उन विधियों का एक समूह है जो किसी बच्चे या भ्रूण में निदान किए गए जीन दोष को सुधारने की अनुमति देता है। इसमें,किसी बीमारी के इलाज के लिए व्यक्ति की कोशिकाओं और ऊतकों में जीन डाले जाते हैं। आनुवंशिक दोष के सुधार में व्यक्ति या भ्रूण में एक सामान्य जीन का प्रवेश शामिल है ताकि वह गैर-कार्यात्मक जीन के कार्य को संभाल सके और उसकी भरपाई कर सके।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से,पॉलिमरेज शृंखला अभिक्रिया $(PCR)$ के चरणों का कौन सा सही अनुक्रम है?
A
प्रसार (Extension),निष्क्रियकरण (Denaturation),तापानुशीलन (Annealing)
B
निष्क्रियकरण (Denaturation),प्रसार (Extension),तापानुशीलन (Annealing)
C
निष्क्रियकरण (Denaturation),तापानुशीलन (Annealing),प्रसार (Extension)
D
तापानुशीलन (Annealing),निष्क्रियकरण (Denaturation),प्रसार (Extension)

Solution

(C) पॉलिमरेज शृंखला अभिक्रिया $(PCR)$ $DNA$ के एक विशिष्ट खंड को प्रवर्धित (amplify) करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक तकनीक है। इसमें तीन मुख्य चरण शामिल हैं जो चक्रों में दोहराए जाते हैं:
$1$. निष्क्रियकरण (Denaturation): दोहरी शृंखला वाले $DNA$ को दो शृंखलाओं में अलग करने के लिए उच्च तापमान (आमतौर पर $94-95^{\circ}C$ के आसपास) पर गर्म किया जाता है।
$2$. तापानुशीलन (Annealing): तापमान कम किया जाता है (आमतौर पर $50-65^{\circ}C$) ताकि प्राइमर्स एकल-शृंखला वाले $DNA$ टेम्पलेट पर पूरक अनुक्रमों से जुड़ सकें।
$3$. प्रसार (Extension): तापमान को $Taq$ $DNA$ पॉलिमरेज एंजाइम के लिए अनुकूलित किया जाता है (आमतौर पर $72^{\circ}C$),ताकि वह प्राइमर्स में न्यूक्लियोटाइड्स जोड़कर नई $DNA$ शृंखला का संश्लेषण कर सके।
अतः,सही अनुक्रम निष्क्रियकरण,तापानुशीलन और प्रसार है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन सा $PCR$ (पॉलिमरेज शृंखला अभिक्रिया) का एक अनुप्रयोग नहीं है?
A
आणविक निदान
B
पृथक किए गए प्रोटीन का शुद्धीकरण
C
जीन प्रवर्धन
D
जीन उत्परिवर्तन का पता लगाना

Solution

(B) $PCR$ (पॉलिमरेज शृंखला अभिक्रिया) एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग $DNA$ के एक विशिष्ट खंड को इन-विट्रो (in-vitro) प्रवर्धित करने के लिए किया जाता है。
इसके मुख्य अनुप्रयोग निम्नलिखित हैं:
$1$. $\text{जीन}$ $\text{प्रवर्धन}$ ($Gene$ $amplification$): $DNA$ के एक विशिष्ट अनुक्रम की लाखों प्रतियां बनाना。
$2$. $\text{आणविक}$ $\text{निदान}$ ($Molecular$ $diagnosis$): रोगियों में रोगजनकों (जैसे वायरस या बैक्टीरिया) का पता लगाना, भले ही उनकी सांद्रता बहुत कम हो。
$3$. $\text{जीन}$ $\text{उत्परिवर्तन}$ $\text{का}$ $\text{पता}$ $\text{लगाना}$ ($Detection$ of $gene$ $mutations$): बीमारियों से जुड़े विशिष्ट आनुवंशिक परिवर्तनों या उत्परिवर्तनों की पहचान करना。
$4$. $DNA$ $\text{फिंगरप्रिंटिंग}$ और $\text{फोरेंसिक}$ $\text{विश्लेषण}$。
पृथक किए गए प्रोटीन का शुद्धीकरण डाउनस्ट्रीम प्रोसेसिंग की एक तकनीक है, न कि $PCR$ का अनुप्रयोग।
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किसी दिये गये समय में मृदा में उपस्थित कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस और कैल्शियम जैसे पोषकों की मात्रा को क्या कहा जाता है?
A
स्थायी अवस्था (Standing state)
B
स्थायी फसल (Standing crop)
C
चरम समुदाय (Climax community)
D
चरम अवस्था (Climax state)

Solution

(A) किसी दिये गये समय में मृदा या जल में उपस्थित अकार्बनिक पोषकों (जैसे कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस और कैल्शियम) की मात्रा को $Standing \text{ } state$ (स्थायी अवस्था) कहा जाता है।
इसके विपरीत, किसी पारिस्थितिक तंत्र में किसी समय पर उपस्थित जीवित जैवभार (कार्बनिक पदार्थ) की मात्रा को $Standing \text{ } crop$ (स्थायी फसल) कहा जाता है।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
जनकों द्वारा युग्मकों का उत्पादन,युग्मनज का निर्माण,$F_{1}$ और $F_{2}$ पादपों को किस आरेख द्वारा समझा जा सकता है?
A
बुलेट स्क्वायर
B
पंच स्क्वायर
C
प्यूनेट स्क्वायर
D
नेट स्क्वायर

Solution

(C) $Punnett$ $square$ (प्यूनेट स्क्वायर) एक आरेखीय निरूपण है जिसका उपयोग आनुवंशिक संकरण में संतति के सभी संभावित जीनप्रारूपों (genotypes) की प्रायिकता की गणना करने के लिए किया जाता है।
इसे ब्रिटिश आनुवंशिकीविद् $Reginald$ $C.$ $Punnett$ द्वारा विकसित किया गया था।
यह आरेख युग्मक निर्माण के दौरान एलील के पृथक्करण और निषेचन के दौरान उनके यादृच्छिक संलयन से युग्मनज बनने की प्रक्रिया को समझने में मदद करता है,जो बाद में $F_{1}$ और $F_{2}$ पीढ़ी के पादपों में विकसित होते हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
घातांकीय वृद्धि समीकरण $N_{t}=N_{0} e^{rt}$ में,$e$ क्या दर्शाता है?
A
संख्या लघुगणक का आधार
B
घातांकीय लघुगणक का आधार
C
प्राकृतिक लघुगणक का आधार
D
ज्यामितीय लघुगणक का आधार

Solution

(C) घातांकीय वृद्धि समीकरण $N_{t} = N_{0} e^{rt}$ द्वारा दिया जाता है।
इस समीकरण में,$N_{t}$ समय $t$ पर जनसंख्या घनत्व है,$N_{0}$ समय शून्य पर जनसंख्या घनत्व है,$r$ प्राकृतिक वृद्धि की आंतरिक दर है,और $t$ समय अवधि है।
प्रतीक $e$ प्राकृतिक लघुगणक (natural logarithms) का आधार दर्शाता है,जो एक अपरिमेय गणितीय स्थिरांक है जिसका मान लगभग $2.71828$ होता है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सही कथन की पहचान करें।
A
कैपिंग में,$hnRNA$ के $3^{\prime}$ सिरे पर मिथाइल ग्वानोसिन ट्राइफॉस्फेट जोड़ा जाता है।
B
जीवाणुओं में ट्रांसक्रिप्शन की प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए $RNA$ पॉलीमरेज़ $Rho$ कारक के साथ जुड़ता है।
C
ट्रांसक्रिप्शन इकाई में कोडिंग स्ट्रैंड की प्रतिलिपि $mRNA$ में बनाई जाती है।
D
विभाजित जीन (स्प्लिट जीन) व्यवस्था प्रोकैरियोट्स की विशेषता है।

Solution

(B) विकल्प $B$ सही है। जीवाणुओं में,ट्रांसक्रिप्शन की प्रक्रिया तब समाप्त होती है जब $RNA$ पॉलीमरेज़ एंजाइम $Rho$ कारक ($ρ$ कारक) का सामना करता है,जो $DNA$ टेम्पलेट से $RNA$ पॉलीमरेज़ को अलग करने में मदद करता है।
विकल्प $A$ गलत है क्योंकि कैपिंग में,मिथाइल ग्वानोसिन ट्राइफॉस्फेट को $hnRNA$ के $5^{\prime}$ सिरे पर जोड़ा जाता है,न कि $3^{\prime}$ सिरे पर।
विकल्प $C$ गलत है क्योंकि ट्रांसक्रिप्शन के दौरान टेम्पलेट स्ट्रैंड (कोडिंग स्ट्रैंड नहीं) की प्रतिलिपि $mRNA$ में बनाई जाती है।
विकल्प $D$ गलत है क्योंकि विभाजित जीन व्यवस्था (इंट्रॉन और एक्सॉन की उपस्थिति) यूकेरियोट्स की विशेषता है,न कि प्रोकैरियोट्स की।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
प्लाज्मिड $pBR322$ में $amp^R$ जीन के भीतर $PstI$ रिस्ट्रिक्शन एंजाइम साइट होती है,जो एम्पिसिलिन प्रतिरोध प्रदान करती है। यदि इस एंजाइम का उपयोग $\beta$-गैलेक्टोसिडेज उत्पादन के लिए एक जीन डालने के लिए किया जाता है और पुनर्संयोजित प्लाज्मिड को $E. coli$ स्ट्रेन में डाला जाता है,तो:
A
यह मेजबान कोशिका को एम्पिसिलिन प्रतिरोध प्रदान करने में सक्षम नहीं होगा।
B
रूपांतरित कोशिकाओं में एम्पिसिलिन का विरोध करने के साथ-साथ $\beta$-गैलेक्टोसिडेज का उत्पादन करने की क्षमता होगी।
C
यह मेजबान कोशिका के लिसिस (विघटन) का कारण बनेगा।
D
यह दोहरी क्षमता वाला एक नया प्रोटीन बनाने में सक्षम होगा।

Solution

(A) प्लाज्मिड $pBR322$ में दो एंटीबायोटिक प्रतिरोधी जीन होते हैं: $amp^R$ (एम्पिसिलिन प्रतिरोध) और $tet^R$ (टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोध)।
$PstI$ रिस्ट्रिक्शन साइट पर विदेशी $DNA$ खंड का निवेशन,जो $amp^R$ जीन के भीतर स्थित है,$amp^R$ जीन के निवेशन निष्क्रियकरण (insertional inactivation) का कारण बनता है।
इस निष्क्रियकरण के कारण,पुनर्संयोजित प्लाज्मिड मेजबान $E. coli$ कोशिका को एम्पिसिलिन प्रतिरोध प्रदान करने की अपनी क्षमता खो देता है।
इसलिए,रूपांतरित कोशिकाएं एम्पिसिलिन के प्रति संवेदनशील होंगी लेकिन वे $\beta$-गैलेक्टोसिडेज के लिए डाले गए जीन को व्यक्त करने में सक्षम होंगी।
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BiologyDifficultMCQNEET · 2021
$DNA$ फिंगरप्रिंटिंग में $DNA$ अनुक्रम के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में अंतर की पहचान करना शामिल है,जिन्हें कहा जाता है:
A
सैटेलाइट $DNA$
B
पुनरावृत्त $DNA$ (Repetitive $DNA$)
C
सिंगल न्यूक्लियोटाइड्स
D
पॉलीमॉर्फिक $DNA$

Solution

(B) $DNA$ फिंगरप्रिंटिंग एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग $DNA$ के विशिष्ट क्षेत्रों का विश्लेषण करके व्यक्तियों की पहचान करने के लिए किया जाता है,जिन्हें पुनरावृत्त $DNA$ (Repetitive $DNA$) के रूप में जाना जाता है।
इन क्षेत्रों में न्यूक्लियोटाइड्स के छोटे अनुक्रम होते हैं जो कई बार दोहराए जाते हैं,जिन्हें अक्सर वेरिएबल नंबर टैंडम रिपीट्स $(VNTRs)$ कहा जाता है।
ये अनुक्रम उच्च स्तर की बहुरूपता (polymorphism) प्रदर्शित करते हैं,जिसका अर्थ है कि वे व्यक्तियों के बीच काफी भिन्न होते हैं,जो अद्वितीय पहचान की अनुमति देते हैं।
हालाँकि सैटेलाइट $DNA$ वह श्रेणी है जिससे ये पुनरावृत्त अनुक्रम संबंधित हैं,फिंगरप्रिंटिंग के लिए विश्लेषण किए गए विशिष्ट क्षेत्र पुनरावृत्त $DNA$ अनुक्रम ही हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
आजकल कैंसर का कारण बनने वाले उत्परिवर्तित जीन का पता लगाने के लिए रेडियोधर्मी प्रोब को कोशिकाओं के क्लोन में उसके पूरक $DNA$ के साथ संकरण (hybridize) करने की अनुमति देकर,और उसके बाद ऑटोरेडियोग्राफी का उपयोग करके उसका पता लगाना संभव है क्योंकि:
A
उत्परिवर्तित जीन फोटोग्राफिक फिल्म पर आंशिक रूप से दिखाई देता है।
B
उत्परिवर्तित जीन फोटोग्राफिक फिल्म पर पूरी तरह और स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
C
उत्परिवर्तित जीन फोटोग्राफिक फिल्म पर दिखाई नहीं देता है क्योंकि प्रोब में इसके साथ कोई पूरकता नहीं होती है।
D
उत्परिवर्तित जीन फोटोग्राफिक फिल्म पर दिखाई नहीं देता है क्योंकि प्रोब में इसके साथ पूरकता होती है।

Solution

(C) उत्परिवर्तित जीनों का पता लगाने के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीक आणविक संकरण (molecular hybridization) के सिद्धांत पर आधारित है।
$1$. रेडियोधर्मी प्रोब एक एकल-स्ट्रैंडेड $DNA$ या $RNA$ अणु होता है जिसे रेडियोधर्मी समस्थानिक (isotope) के साथ टैग किया जाता है।
$2$. इस प्रोब को सामान्य जीन अनुक्रम के पूरक होने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
$3$. जब इस प्रोब को कोशिकाओं के क्लोन में पेश किया जाता है,तो यह कोशिकाओं में मौजूद सामान्य जीन अनुक्रम के साथ संकरण (जुड़) जाएगा।
$4$. हालाँकि,यदि कोई जीन उत्परिवर्तित है,तो उत्परिवर्तित जीन का अनुक्रम सामान्य जीन से भिन्न होगा।
$5$. इस अंतर के कारण,रेडियोधर्मी प्रोब उत्परिवर्तित जीन के साथ एक स्थिर हाइब्रिड नहीं बना पाएगा।
$6$. परिणामस्वरूप,जब कोशिकाओं को फोटोग्राफिक फिल्म (ऑटोरेडियोग्राफी) पर उजागर किया जाता है,तो सामान्य जीन रेडियोधर्मी संकेतों के रूप में दिखाई देंगे,जबकि उत्परिवर्तित जीन फिल्म पर दिखाई नहीं देगा क्योंकि प्रोब इसके साथ जुड़ने में विफल रहा।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सुकेन्द्रकी (eukaryotes) जीवों में अनुलेखन (transcription) की प्रक्रिया में $RNA$ पॉलीमरेज़ $III$ की क्या भूमिका है?
A
$rRNAs$ $(28S, 18S$ और $5.8S)$ का अनुलेखन करता है
B
$tRNA, 5S$ $rRNA$ और $snRNA$ का अनुलेखन करता है
C
$mRNA$ के पूर्वगामी (precursor) का अनुलेखन करता है
D
केवल $snRNAs$ का अनुलेखन करता है

Solution

(B) सुकेन्द्रकी जीवों में,अनुलेखन की प्रक्रिया में तीन प्रकार के $RNA$ पॉलीमरेज़ शामिल होते हैं:
$1$. $RNA$ पॉलीमरेज़ $I$ $rRNAs$ ($28S, 18S$ और $5.8S$) का अनुलेखन करता है।
$2$. $RNA$ पॉलीमरेज़ $II$ $mRNA$ के पूर्वगामी का अनुलेखन करता है,जिसे विषमकेन्द्रकी $RNA$ $(hnRNA)$ कहा जाता है।
$3$. $RNA$ पॉलीमरेज़ $III$ $tRNA, 5S$ $rRNA$ और स्मॉल न्यूक्लियर $RNA$ $(snRNA)$ के अनुलेखन के लिए उत्तरदायी है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से किन परिवारों के जोड़ों के कुछ सदस्यों में,परागकण मुक्त होने के बाद महीनों तक अपनी जीवनक्षमता बनाए रखते हैं?
A
Poaceae; Rosaceae
B
Poaceae; Leguminosae
C
Poaceae; Solanaceae
D
Rosaceae; Leguminosae

Solution

(D) वह अवधि जिसके लिए परागकण जीवनक्षम (viable) रहते हैं,अत्यधिक परिवर्तनशील होती है और प्रचलित तापमान और आर्द्रता पर निर्भर करती है।
चावल और गेहूं जैसे कुछ अनाजों में,परागकण मुक्त होने के $30$ मिनट के भीतर अपनी जीवनक्षमता खो देते हैं।
इसके विपरीत,$Solanaceae$,$Rosaceae$ और $Leguminosae$ परिवारों के कुछ सदस्यों में,परागकण कई महीनों तक अपनी जीवनक्षमता बनाए रखते हैं।
इसलिए,दिए गए विकल्पों में से,$Rosaceae$ और $Leguminosae$ का जोड़ा उन परिवारों का सही प्रतिनिधित्व करता है जिनमें परागकण महीनों तक जीवनक्षम रह सकते हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सूची-$I$ का मिलान सूची-$II$ से कीजिए।
सूची-$I$ सूची-$II$
$(a)$ वॉल्ट्स (Vaults) $(i)$ गर्भाशय ग्रीवा के माध्यम से शुक्राणुओं का प्रवेश अवरुद्ध होता है
$(b)$ $IUDs$ $(ii)$ शुक्रवाहक (Vas deferens) को हटाना
$(c)$ नसबंदी (Vasectomy) $(iii)$ गर्भाशय के भीतर शुक्राणुओं का भक्षण (Phagocytosis)
$(d)$ ट्यूबेक्टोमी (Tubectomy) $(iv)$ डिंबवाहिनी (Fallopian tube) को हटाना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(iv)-(ii)-(i)-(iii)$
B
$(i)-(iii)-(ii)-(iv)$
C
$(ii)-(iv)-(iii)-(i)$
D
$(iii)-(i)-(iv)-(ii)$

Solution

(B) सही मिलान इस प्रकार हैं:
$(a)$ वॉल्ट्स अवरोधक विधियाँ हैं जो गर्भाशय ग्रीवा के माध्यम से शुक्राणुओं के प्रवेश को रोकती हैं। अतः,$(a)-(i)$।
$(b)$ $IUDs$ (अंतर्गर्भाशयी उपकरण) जैसे कि लिप्स लूप,गर्भाशय के भीतर शुक्राणुओं के भक्षण (Phagocytosis) को बढ़ाते हैं। अतः,$(b)-(iii)$।
$(c)$ नसबंदी (Vasectomy) पुरुषों में शल्य चिकित्सा द्वारा नसबंदी की एक विधि है जिसमें शुक्रवाहक (Vas deferens) के एक छोटे हिस्से को हटा दिया जाता है या बांध दिया जाता है। अतः,$(c)-(ii)$।
$(d)$ ट्यूबेक्टोमी महिलाओं में शल्य चिकित्सा द्वारा नसबंदी की एक विधि है जिसमें डिंबवाहिनी (Fallopian tube) के एक छोटे हिस्से को हटा दिया जाता है या बांध दिया जाता है। अतः,$(d)-(iv)$।
अतः,सही क्रम $(a)-(i), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(iv)$ है,जो विकल्प $(B)$ के अनुरूप है।
77
BiologyEasyMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन सा हार्मोन-मोचक $IUD$ का एक उदाहरण है?
A
$CuT$
B
$LNG-20$
C
$Cu-7$
D
Multiload $375$

Solution

(B) अंतःगर्भाशयी युक्तियाँ $(IUDs)$ प्रभावी गर्भनिरोधक विधियाँ हैं। इन्हें तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
$1$. गैर-औषधीय $IUDs$: उदाहरण के लिए,लिपेस लूप।
$2$. कॉपर-मोचक $IUDs$: ये गर्भाशय के भीतर शुक्राणुओं के भक्षण को बढ़ाते हैं और शुक्राणुओं की गतिशीलता और निषेचन क्षमता को दबाते हैं। उदाहरणों में $CuT$,$Cu-7$ और Multiload $375$ शामिल हैं।
$3$. हार्मोन-मोचक $IUDs$: ये गर्भाशय को आरोपण के लिए अनुपयुक्त बनाते हैं और गर्भाशय ग्रीवा को शुक्राणुओं के लिए प्रतिकूल बनाते हैं। उदाहरणों में प्रोजेस्टासर्ट और $LNG-20$ शामिल हैं।
अतः,$LNG-20$ एक हार्मोन-मोचक $IUD$ है।
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BiologyDifficultMCQNEET · 2021
यदि एडेनिन $DNA$ अणु का $30\%$ बनाता है,तो इसमें थाइमिन,ग्वानिन और साइटोसिन का प्रतिशत क्या होगा?
A
$T: 20\%, G: 30\%, C: 20\%$
B
$T: 20\%, G: 20\%, C: 30\%$
C
$T: 30\%, G: 20\%, C: 20\%$
D
$T: 20\%, G: 25\%, C: 25\%$

Solution

(C) चारगाफ के नियम के अनुसार,एडेनिन $(A)$ की मात्रा थाइमिन $(T)$ की मात्रा के बराबर होती है,और ग्वानिन $(G)$ की मात्रा साइटोसिन $(C)$ की मात्रा के बराबर होती है।
यह दिया गया है कि एडेनिन $(A)$ = $30\%$,इसलिए थाइमिन $(T)$ भी $30\%$ होगा।
$A + T$ का कुल प्रतिशत $30\% + 30\% = 60\%$ है।
$G + C$ के लिए शेष प्रतिशत $100\% - 60\% = 40\%$ है।
चूंकि $G = C$,इसलिए प्रत्येक $40\% / 2 = 20\%$ होना चाहिए।
अतः,$T = 30\%, G = 20\%, C = 20\%$।
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BiologyDifficultMCQNEET · 2021
स्तनधारियों में शुक्राणु बंधन के लिए रिसेप्टर्स कहाँ उपस्थित होते हैं?
A
कोरोना रेडिएटा
B
विटलाइन झिल्ली
C
पेरिविटलाइन स्थान
D
ज़ोना पेलुसिडा

Solution

(D) स्तनधारियों में,अंडाणु कई परतों से घिरा होता है। सबसे बाहरी परत कोरोना रेडिएटा होती है,जिसके बाद ज़ोना पेलुसिडा होती है,जो एक मोटी,गैर-कोशिकीय ग्लाइकोप्रोटीन परत है।
ज़ोना पेलुसिडा में विशिष्ट रिसेप्टर्स (जैसे $ZP3$ प्रोटीन) होते हैं जो शुक्राणु की पहचान और बंधन के लिए आवश्यक होते हैं।
यह बंधन प्रक्रिया शुक्राणु में एक्रोसोम प्रतिक्रिया को ट्रिगर करती है,जिससे वह ज़ोना पेलुसिडा को भेदकर अंडाणु की प्लाज्मा झिल्ली तक पहुँच पाता है।
अतः,सही उत्तर $D$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन सा फसलों में बायोफोर्टिफिकेशन (Biofortification) का उद्देश्य नहीं है?
A
प्रोटीन की मात्रा में सुधार करना
B
रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करना
C
विटामिन की मात्रा में सुधार करना
D
सूक्ष्म पोषक तत्वों और खनिजों की मात्रा में सुधार करना

Solution

(B) बायोफोर्टिफिकेशन फसलों के पोषण मूल्य को बढ़ाने के लिए प्रजनन की प्रक्रिया है।
इसमें प्रोटीन की मात्रा,विटामिन की मात्रा और सूक्ष्म पोषक तत्वों तथा खनिजों की मात्रा में सुधार करना शामिल है।
रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करना रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए पादप प्रजनन का एक उद्देश्य है,न कि विशेष रूप से बायोफोर्टिफिकेशन का।
अतः,सही उत्तर $B$ है।
81
BiologyMediumMCQNEET · 2021
$PCR$ का उपयोग करके जीन प्रवर्धन (gene amplification) की प्रक्रिया के दौरान,यदि शुरुआत में बहुत उच्च तापमान बनाए नहीं रखा जाता है,तो $PCR$ के निम्नलिखित में से किस चरण पर सबसे पहले प्रभाव पड़ेगा?
A
एनिलिंग (Annealing)
B
एक्सटेंशन (Extension)
C
डीनेचुरेशन (Denaturation)
D
लाइगेशन (Ligation)

Solution

(C) $PCR$ (पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन) प्रक्रिया में तीन मुख्य चरण होते हैं: $1$. डीनेचुरेशन,$2$. एनिलिंग,और $3$. एक्सटेंशन।
पहले चरण,डीनेचुरेशन में,डबल-स्ट्रैंडेड $DNA$ टेम्पलेट को बहुत उच्च तापमान (लगभग $94-98^{\circ}C$) पर गर्म किया जाता है ताकि पूरक बेस जोड़े के बीच के हाइड्रोजन बॉन्ड को तोड़कर दोनों स्ट्रैंड्स को अलग किया जा सके।
यदि शुरुआत में यह उच्च तापमान बनाए नहीं रखा जाता है,तो $DNA$ स्ट्रैंड्स अलग नहीं होंगे,और बाद के चरण (एनिलिंग और एक्सटेंशन) नहीं हो पाएंगे।
इसलिए,डीनेचुरेशन वह पहला चरण है जो सबसे पहले प्रभावित होगा।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
डॉब्सन इकाइयों $(DU)$ का उपयोग किसकी मोटाई मापने के लिए किया जाता है?
A
$CFCs$
B
समताप मंडल (Stratosphere)
C
ओजोन
D
क्षोभ मंडल (Troposphere)

Solution

(C) पृथ्वी की सतह से वायुमंडल के शीर्ष तक हवा के एक स्तंभ में ओजोन परत की मोटाई को डॉब्सन इकाइयों $(DU)$ में मापा जाता है।
एक डॉब्सन इकाई मानक तापमान और दबाव $(STP)$ पर ओजोन की $0.01 \ mm$ मोटाई के बराबर होती है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
83
BiologyMediumMCQNEET · 2021
प्रोकैरियोट्स में ट्रांसक्रिप्शन की प्रक्रिया में दीक्षा (Initiation),बढ़ाव (Elongation) और समापन (Termination) को उत्प्रेरित करने की क्षमता रखने वाला "एकमात्र एंजाइम" कौन सा है?
A
$DNA$ निर्भर $DNA$ पॉलीमरेज़
B
$DNA$ निर्भर $RNA$ पॉलीमरेज़
C
$DNA$ लाइगेज़
D
$DNase$

Solution

(B) प्रोकैरियोट्स में,ट्रांसक्रिप्शन की प्रक्रिया $DNA$ निर्भर $RNA$ पॉलीमरेज़ नामक एक ही प्रकार के एंजाइम द्वारा पूरी की जाती है।
यह एंजाइम ट्रांसक्रिप्शन के तीनों चरणों के लिए जिम्मेदार है:
$1$. दीक्षा (Initiation): एंजाइम सिग्मा $(\sigma)$ कारक की मदद से $DNA$ टेम्पलेट पर प्रमोटर साइट से जुड़ता है।
$2$. बढ़ाव (Elongation): एंजाइम $RNA$ श्रृंखला बनाने के लिए राइबोन्यूक्लियोटाइड्स के पॉलीमराइजेशन को सुगम बनाता है।
$3$. समापन (Termination): टर्मिनेटर अनुक्रम तक पहुँचने पर,एंजाइम रो $(\rho)$ कारक की मदद से $DNA$ टेम्पलेट से अलग हो जाता है।
इसलिए,$DNA$ निर्भर $RNA$ पॉलीमरेज़ पूरी प्रक्रिया के लिए आवश्यक एकमात्र एंजाइम है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
$DNA$ के भीतर विशिष्ट स्थानों पर कट लगाने के लिए एंडोन्यूक्लिएज द्वारा पहचानी जाने वाली विशिष्ट पहचान अनुक्रम क्या है?
A
डिजनरेट प्राइमर अनुक्रम
B
ओकाजाकी अनुक्रम
C
पैलिंड्रोमिक न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम
D
Poly$(A)$ टेल अनुक्रम

Solution

(C) रिस्ट्रिक्शन एंडोन्यूक्लिएज वे एंजाइम हैं जो $DNA$ में विशिष्ट बेस पेयर अनुक्रमों को पहचानते हैं और उन स्थानों पर $DNA$ को काटते हैं।
इन विशिष्ट अनुक्रमों को पैलिंड्रोमिक न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम के रूप में जाना जाता है।
$DNA$ में एक पैलिंड्रोमिक अनुक्रम बेस पेयर का वह अनुक्रम है जो दोनों स्ट्रैंड्स पर एक ही तरह से पढ़ा जाता है,यदि पढ़ने की दिशा समान रखी जाए (उदाहरण के लिए,$5' - GAATTC - 3'$ और $3' - CTTAAG - 5'$)।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
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BiologyEasyMCQNEET · 2021
सूची-$I$ का सूची-$II$ के साथ मिलान करें:
सूची-$I$ सूची-$II$
$(a)$ Aspergillus niger $(i)$ एसिटिक एसिड
$(b)$ Acetobacter aceti $(ii)$ लैक्टिक एसिड
$(c)$ Clostridium butylicum $(iii)$ साइट्रिक एसिड
$(d)$ Lactobacillus $(iv)$ ब्यूटिरिक एसिड

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A
$(iii)-(i)-(iv)-(ii)$
B
$(i)-(ii)-(iii)-(iv)$
C
$(ii)-(iii)-(i)-(iv)$
D
$(iv)-(ii)-(i)-(iii)$

Solution

(A) सही मिलान इस प्रकार है:
$1$. $Aspergillus niger$ एक कवक है जिसका उपयोग व्यावसायिक रूप से $\text{साइट्रिक एसिड}$ के उत्पादन के लिए किया जाता है (मिलान $a-iii$)।
$2$. $Acetobacter aceti$ एक जीवाणु है जिसका उपयोग $\text{एसिटिक एसिड}$ के उत्पादन के लिए किया जाता है (मिलान $b-i$)।
$3$. $Clostridium butylicum$ एक जीवाणु है जिसका उपयोग $\text{ब्यूटिरिक एसिड}$ के उत्पादन के लिए किया जाता है (मिलान $c-iv$)।
$4$. $Lactobacillus$ एक जीवाणु है जिसका उपयोग $\text{लैक्टिक एसिड}$ के उत्पादन के लिए किया जाता है (मिलान $d-ii$)।
अतः, सही क्रम $(a-iii, b-i, c-iv, d-ii)$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
एक नर और मादा के बीच संकरण में, जो दोनों सिकल सेल एनीमिया जीन के लिए विषमयुग्मजी (heterozygous) हैं, संतति का कितना प्रतिशत रोगग्रस्त होगा? ( $ \%$ में)
A
$50$
B
$75$
C
$25$
D
$100$

Solution

(C) सिकल सेल एनीमिया एक अलिंगसूत्री अप्रभावी विकार है।
मान लीजिए कि सामान्य एलील $Hb^A$ है और सिकल सेल एलील $Hb^S$ है।
दोनों जनक विषमयुग्मजी हैं, जिसका अर्थ है कि उनका जीनप्ररूप $Hb^A Hb^S$ है।
संकरण: $Hb^A Hb^S \times Hb^A Hb^S$ है।
पुनेट स्क्वायर के परिणाम इस प्रकार हैं:
$1$ $Hb^A Hb^A$ (सामान्य)
$2$ $Hb^A Hb^S$ (वाहक/विषमयुग्मजी)
$1$ $Hb^S Hb^S$ (रोगग्रस्त)
अतः, $4$ में से $1$ संतति रोगग्रस्त होगी।
प्रतिशत = $(1/4) \times 100 = 25\%$।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
यौन संचारित रोग (Venereal diseases) निम्नलिखित में से किसके माध्यम से फैल सकते हैं:
$(a)$ स्टरलाइज्ड (जंतु रहित) सुइयों का उपयोग
$(b)$ संक्रमित व्यक्ति के रक्त आधान (Transfusion) द्वारा
$(c)$ संक्रमित माता से भ्रूण में
$(d)$ चूमने (Kissing) द्वारा
$(e)$ आनुवंशिकता (Inheritance) द्वारा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।
A
केवल $(a), (b)$ और $(c)$
B
केवल $(b), (c)$ और $(d)$
C
केवल $(b)$ और $(c)$
D
केवल $(a)$ और $(c)$

Solution

(C) यौन संचारित रोग (STIs) मुख्य रूप से यौन संपर्क के माध्यम से फैलते हैं।
हालाँकि,कुछ संक्रमण (जैसे $HIV$,जो यौन रूप से संचारित हो सकता है) अन्य माध्यमों से भी फैल सकते हैं:
$1$. $(b)$ संक्रमित व्यक्ति के रक्त आधान द्वारा: यह रक्त जनित रोगजनकों के संचरण का एक ज्ञात तरीका है।
$2$. $(c)$ संक्रमित माता से भ्रूण में: गर्भावस्था या प्रसव के दौरान वर्टिकल ट्रांसमिशन (ऊर्ध्वाधर संचरण) होता है।
स्टरलाइज्ड सुइयों का उपयोग $(a)$ करने से संक्रमण को रोका जाता है,इसलिए यह संचरण का तरीका नहीं है। चूमना $(d)$ और आनुवंशिकता $(e)$ इन रोगों के फैलने के सामान्य तरीके नहीं हैं।
अतः,सही विकल्प $(b)$ और $(c)$ हैं।
88
BiologyDifficultMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से किस $RNA$ की आवश्यकता प्रोटीन संश्लेषण के लिए नहीं होती है?
A
$mRNA$
B
$tRNA$
C
$rRNA$
D
$siRNA$

Solution

(D) प्रोटीन संश्लेषण (अनुवाद) के लिए तीन मुख्य प्रकार के $RNA$ की आवश्यकता होती है:
$1$. $mRNA$ (मेसेंजर $RNA$): आनुवंशिक कोड ले जाने वाले टेम्पलेट के रूप में कार्य करता है।
$2$. $tRNA$ (ट्रांसफर $RNA$): अमीनो एसिड को राइबोसोम तक लाता है।
$3$. $rRNA$ (राइबोसोमल $RNA$): राइबोसोम का संरचनात्मक और उत्प्रेरक केंद्र बनाता है।
$siRNA$ (स्मॉल इंटरफेरिंग $RNA$) $RNA$ इंटरफेरेंस $(RNAi)$ में शामिल होता है,जो जीन साइलेंसिंग की एक प्रक्रिया है,और यह मानक प्रोटीन संश्लेषण मशीनरी का हिस्सा नहीं है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
रोग के प्रभावी उपचार के लिए,प्रारंभिक निदान और इसकी पैथोफिज़ियोलॉजी को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। निम्नलिखित में से कौन सी आणविक नैदानिक तकनीक प्रारंभिक पहचान के लिए बहुत उपयोगी है?
A
वेस्टर्न ब्लॉटिंग तकनीक
B
सदर्न ब्लॉटिंग तकनीक
C
$ELISA$ तकनीक
D
हाइब्रिडाइजेशन तकनीक

Solution

(C) रोगों के प्रभावी उपचार के लिए प्रारंभिक निदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
$ELISA$ (एंजाइम-लिंक्ड इम्यूनोसॉरबेंट एसे) एक अत्यधिक संवेदनशील आणविक नैदानिक तकनीक है जिसका उपयोग रोगजनकों या रोगों की प्रारंभिक पहचान के लिए किया जाता है।
यह एंटीजन-एंटीबॉडी इंटरैक्शन के सिद्धांत पर काम करता है।
$ELISA$ में,किसी रोगजनक द्वारा संक्रमण का पता एंटीजन (प्रोटीन,ग्लाइकोप्रोटीन,आदि) की उपस्थिति से या रोगजनक के खिलाफ संश्लेषित एंटीबॉडी का पता लगाकर लगाया जा सकता है।
इसलिए,$ELISA$ का उपयोग प्रारंभिक निदान के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
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BiologyDifficultMCQNEET · 2021
इंसुलिन के संबंध में सही विकल्प चुनें।
$(a)$ परिपक्व इंसुलिन में $C$-पेप्टाइड मौजूद नहीं होता है।
$(b)$ $rDNA$ तकनीक द्वारा उत्पादित इंसुलिन में $C$-पेप्टाइड होता है।
$(c)$ प्रो-इंसुलिन में $C$-पेप्टाइड होता है।
$(d)$ इंसुलिन की $A$-पेप्टाइड और $B$-पेप्टाइड श्रृंखलाएं डाइसल्फाइड पुलों द्वारा जुड़ी होती हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।
A
केवल $(b)$ और $(d)$
B
केवल $(b)$ और $(c)$
C
केवल $(a), (c)$ और $(d)$
D
केवल $(a)$ और $(d)$

Solution

(C) $1$. परिपक्व इंसुलिन दो छोटी पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाओं,श्रृंखला $A$ और श्रृंखला $B$ से बना होता है,जो डाइसल्फाइड पुलों द्वारा आपस में जुड़ी होती हैं। अतः,कथन $(d)$ सही है।
$2$. इंसुलिन एक प्रो-हार्मोन (प्रो-इंसुलिन) के रूप में संश्लेषित होता है,जिसमें $C$-पेप्टाइड नामक एक अतिरिक्त खंड होता है। इंसुलिन में परिपक्व होने के दौरान इस $C$-पेप्टाइड को हटा दिया जाता है। अतः,कथन $(a)$ सही है और कथन $(c)$ भी सही है।
$3$. $rDNA$ तकनीक द्वारा उत्पादित इंसुलिन (जैसे,ह्यूमुलिन) $E. coli$ में अलग $A$ और $B$ श्रृंखलाओं के रूप में संश्लेषित होता है,जिन्हें बाद में जोड़कर परिपक्व इंसुलिन बनाया जाता है। इसमें $C$-पेप्टाइड नहीं होता है। अतः,कथन $(b)$ गलत है।
$4$. इसलिए,कथन $(a), (c)$ और $(d)$ सही हैं।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
एडेनोसिन डीएमिनेज की कमी का परिणाम क्या होता है?
A
प्रतिरक्षा प्रणाली की शिथिलता
B
पार्किंसंस रोग
C
पाचन संबंधी विकार
D
एडिसन रोग

Solution

(A) एडेनोसिन डीएमिनेज $(ADA)$ एक एंजाइम है जो प्रतिरक्षा प्रणाली के उचित कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है।
इस एंजाइम की कमी से गंभीर संयुक्त इम्यूनोडेफिशिएंसी $(SCID)$ होती है।
$SCID$ में,शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली संक्रमणों से प्रभावी ढंग से लड़ने में असमर्थ होती है क्योंकि $T$-लिम्फोसाइट्स और $B$-लिम्फोसाइट्स ठीक से काम नहीं करते हैं।
इसलिए,$ADA$ की कमी प्रतिरक्षा प्रणाली की शिथिलता का कारण बनती है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
निम्नलिखित में से कौन सा मल्टीपल ओव्यूलेशन एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी $(MOET)$ का चरण नहीं है?
A
गाय को सुपर ओव्यूलेशन के लिए $LH$ जैसी गतिविधि वाला हार्मोन दिया जाता है
B
गाय एक बार में लगभग $6-8$ अंडे देती है
C
गाय को कृत्रिम गर्भाधान द्वारा निषेचित किया जाता है
D
निषेचित अंडों को $8-32$ कोशिका अवस्था में सरोगेट माताओं में स्थानांतरित किया जाता है

Solution

(A) मल्टीपल ओव्यूलेशन एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी $(MOET)$ पशुधन सुधार के लिए एक कार्यक्रम है।
इस प्रक्रिया में,गाय को कूपिक परिपक्वता और सुपर ओव्यूलेशन को प्रेरित करने के लिए $FSH$ (फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन) जैसी गतिविधि वाले हार्मोन दिए जाते हैं।
सामान्य रूप से प्रति चक्र एक अंडे के बजाय,गाय $6-8$ अंडे उत्पन्न करती है।
पशु को या तो एक उत्कृष्ट सांड के साथ संभोग कराया जाता है या कृत्रिम रूप से गर्भाधान कराया जाता है।
$8-32$ कोशिका अवस्था वाले भ्रूणों को गैर-सर्जिकल तरीके से प्राप्त किया जाता है और सरोगेट माताओं में स्थानांतरित किया जाता है।
विकल्प $A$ गलत है क्योंकि उपयोग किए गए हार्मोन में $FSH$ जैसी गतिविधि होती है,न कि $LH$ जैसी।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सूची $- I$ का मिलान सूची $- II$ से कीजिए।
सूची $- I$ सूची $- II$
$(a)$ अनुकूली विकिरण (Adaptive radiation) $(i)$ शाकनाशियों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के कारण प्रतिरोधी किस्मों का चयन
$(b)$ अभिसारी विकास (Convergent evolution) $(ii)$ मनुष्य और व्हेल के अग्रपाद की अस्थियाँ
$(c)$ अपसारी विकास (Divergent evolution) $(iii)$ तितली और पक्षी के पंख
$(d)$ मानवजनित क्रियाओं द्वारा विकास $(iv)$ डार्विन फिंच

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)$
B
$(a)-(iii), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iv)$
C
$(a)-(ii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(iii)$
D
$(a)-(i), (b)-(iv), (c)-(iii), (d)-(ii)$

Solution

(A) अनुकूली विकिरण एक दिए गए भौगोलिक क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के विकास की प्रक्रिया है जो एक बिंदु से शुरू होकर अन्य भौगोलिक क्षेत्रों (आवासों) में फैलती है,उदाहरण के लिए,डार्विन फिंच $(iv)$।
$(b)$ अभिसारी विकास तब होता है जब विभिन्न संरचनाएं समान कार्य के लिए विकसित होती हैं और समान दिखाई देती हैं,उदाहरण के लिए,तितली और पक्षी के पंख $(iii)$।
$(c)$ अपसारी विकास तब होता है जब संरचनाओं का मूल समान होता है लेकिन वे अलग-अलग कार्य करती हैं (समजात अंग),उदाहरण के लिए,मनुष्य और व्हेल के अग्रपाद की अस्थियाँ $(ii)$।
$(d)$ मानवजनित क्रियाओं द्वारा विकास मानवीय गतिविधियों के कारण प्रजातियों में होने वाले परिवर्तनों को संदर्भित करता है,जैसे कि शाकनाशियों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के कारण प्रतिरोधी किस्मों का चयन $(i)$।
अतः,सही मिलान $(a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)$ है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
हिस्टोन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
A
हिस्टोन $8$ अणुओं की एक इकाई बनाने के लिए संगठित होते हैं।
B
हिस्टोन का $pH$ थोड़ा अम्लीय होता है।
C
हिस्टोन अमीनो एसिड $-$ लाइसिन और आर्जिनिन से भरपूर होते हैं।
D
हिस्टोन की साइड चेन में धनात्मक आवेश होता है।

Solution

(B) हिस्टोन क्षारीय (basic) प्रोटीन होते हैं जो धनात्मक रूप से आवेशित होते हैं।
ये क्षारीय अमीनो एसिड,विशेष रूप से लाइसिन और आर्जिनिन से भरपूर होते हैं।
ये प्रोटीन $8$ अणुओं की एक इकाई बनाने के लिए संगठित होते हैं जिसे हिस्टोन ऑक्टामर कहा जाता है।
चूंकि ये क्षारीय प्रोटीन हैं,इसलिए इनका $pH$ क्षारीय होता है,न कि अम्लीय।
इसलिए,यह कथन कि हिस्टोन का $pH$ थोड़ा अम्लीय होता है,गलत है।
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BiologyDifficultMCQNEET · 2021
गर्भावस्था के अंतिम चरण के दौरान निम्नलिखित में से कौन सा रिलैक्सिन हार्मोन का स्राव करता है?
A
ग्राफियन पुटिका
B
कॉर्पस ल्यूटियम
C
भ्रूण
D
गर्भाशय

Solution

(B) गर्भावस्था के दौरान,$Corpus \ luteum$ (पीत पिंड) अंतिम चरणों में $Relaxin$ हार्मोन का स्राव करने के लिए जिम्मेदार प्राथमिक संरचना है।
$Relaxin$ पेल्विक लिगामेंट्स को ढीला करने और प्रसव (बच्चे के जन्म) की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए जन्म नली को चौड़ा करने में मदद करता है।
हालांकि अपरा (placenta) भी $hCG$,$hPL$,$estrogen$ और $progesterone$ जैसे विभिन्न हार्मोन का उत्पादन करती है,लेकिन मनुष्यों में $Relaxin$ विशेष रूप से $Corpus \ luteum$ द्वारा स्रावित होता है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सूची $- I$ का मिलान सूची $- II$ से कीजिए।
सूची $- I$सूची $- II$
$(a)$ फाइलेरियासिस$(i)$ हीमोफिलस इन्फ्लुएंजी
$(b)$ अमीबायसिस$(ii)$ ट्राइकोफायटन
$(c)$ निमोनिया$(iii)$ वुचेरेरिया बैन्क्रोफ्टी
$(d)$ दाद (रिंगवॉर्म)$(iv)$ एंटअमीबा हिस्टोलिटिका
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(iv)-(i)-(iii)-(ii)$
B
$(iii)-(iv)-(i)-(ii)$
C
$(i)-(ii)-(iv)-(iii)$
D
$(ii)-(iii)-(i)-(iv)$

Solution

(B) सही मिलान इस प्रकार हैं:
$(a)$ फाइलेरियासिस फाइलेरिया कृमि $Wuchereria \text{ } bancrofti$ के कारण होता है। अतः, $(a)-(iii)$।
$(b)$ अमीबायसिस प्रोटोजोआ परजीवी $Entamoeba \text{ } histolytica$ के कारण होता है। अतः, $(b)-(iv)$।
$(c)$ निमोनिया $Streptococcus \text{ } pneumoniae$ और $Haemophilus \text{ } influenzae$ जैसे जीवाणुओं के कारण होता है। अतः, $(c)-(i)$।
$(d)$ दाद (रिंगवॉर्म) एक कवक संक्रमण है जो $Trichophyton$, $Microsporum$ और $Epidermophyton$ जैसी प्रजातियों के कारण होता है। अतः, $(d)-(ii)$।
अतः, सही क्रम $(a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)$ है।
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BiologyDifficultMCQNEET · 2021
मनुष्यों में प्रसव (parturition) की शुरुआत के लिए इनमें से कौन सा एक महत्वपूर्ण घटक नहीं है?
A
एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन अनुपात में वृद्धि
B
प्रोस्टाग्लैंडिंस का संश्लेषण
C
ऑक्सीटोसिन का स्राव
D
प्रोलैक्टिन का स्राव

Solution

(D) प्रसव एक जटिल न्यूरोएंडोक्राइन तंत्र द्वारा प्रेरित होता है।
$1$. प्रसव के संकेत पूरी तरह से विकसित भ्रूण और अपरा (placenta) से उत्पन्न होते हैं,जो गर्भाशय में हल्के संकुचन को प्रेरित करते हैं जिसे 'फीटल इजेक्शन रिफ्लेक्स' कहा जाता है।
$2$. यह मातृ पीयूष ग्रंथि (pituitary gland) से ऑक्सीटोसिन के स्राव को ट्रिगर करता है,जो गर्भाशय की मांसपेशियों पर कार्य करता है और गर्भाशय के मजबूत संकुचन का कारण बनता है।
$3$. एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का अनुपात बढ़ जाता है,जो ऑक्सीटोसिन के प्रति गर्भाशय की संवेदनशीलता को बढ़ाता है।
$4$. प्रोस्टाग्लैंडिंस का भी संश्लेषण होता है,जो गर्भाशय के संकुचन को और अधिक उत्तेजित करने में मदद करते हैं।
$5$. प्रोलैक्टिन मुख्य रूप से प्रसव के बाद दूध उत्पादन (लैक्टोजेनेसिस) के लिए जिम्मेदार है और यह प्रसव की शुरुआत में शामिल नहीं है।
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BiologyMediumMCQNEET · 2021
सूची-$I$ का मिलान सूची-$II$ से कीजिए।
सूची-$I$ सूची-$II$
$(a)$ एलन का नियम $(i)$ कंगारू चूहा
$(b)$ शारीरिक अनुकूलन $(ii)$ मरुस्थलीय छिपकली
$(c)$ व्यवहारिक अनुकूलन $(iii)$ गहरे समुद्र की मछली
$(d)$ जैव-रासायनिक अनुकूलन $(iv)$ ध्रुवीय सील

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
A
$(iv)-(ii)-(iii)-(i)$
B
$(iv)-(i)-(iii)-(ii)$
C
$(iv)-(i)-(ii)-(iii)$
D
$(iv)-(iii)-(ii)-(i)$

Solution

(B) एलन का नियम बताता है कि ठंडी जलवायु वाले स्तनधारियों में ऊष्मा की हानि को कम करने के लिए कान और अंग छोटे होते हैं,जिसका उदाहरण ध्रुवीय सील $(iv)$ है।
$(b)$ शारीरिक अनुकूलन: उत्तरी अमेरिकी रेगिस्तान में पाया जाने वाला कंगारू चूहा $(i)$ अपने शरीर के भीतर वसा के ऑक्सीकरण द्वारा अपनी पानी की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है,जो एक उत्कृष्ट शारीरिक अनुकूलन है।
$(c)$ व्यवहारिक अनुकूलन: मरुस्थलीय छिपकली $(ii)$ ठंड होने पर धूप में बैठकर और गर्मी होने पर छाया में जाकर अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है,जो एक व्यवहारिक प्रतिक्रिया है।
$(d)$ जैव-रासायनिक अनुकूलन: समुद्र में बहुत गहराई पर रहने वाली मछलियाँ $(iii)$ अत्यधिक उच्च दबाव की स्थिति में जीवित रहने के लिए विशेष एंजाइम और जैव-रासायनिक मार्ग रखती हैं।
अतः,सही मिलान $(a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)$ है।
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BiologyDifficultMCQNEET · 2021
कथन $I :$ कोडॉन $'AUG'$ मेथियोनीन और फेनिलएलनिन के लिए कूटलेखन करता है।
कथन $II :$ $'AAA'$ और $'AAG'$ दोनों कोडॉन अमीनो एसिड लाइसिन के लिए कूटलेखन करते हैं।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।
A
कथन $I$ और कथन $II$ दोनों सत्य हैं
B
कथन $I$ और कथन $II$ दोनों असत्य हैं
C
कथन $I$ सही है लेकिन कथन $II$ असत्य है
D
कथन $I$ गलत है लेकिन कथन $II$ सत्य है

Solution

(D) कथन $I$ गलत है क्योंकि कोडॉन $'AUG'$ केवल मेथियोनीन के लिए कूटलेखन करता है। यह एक प्रारंभिक कोडॉन (initiation codon) के रूप में भी कार्य करता है। फेनिलएलनिन के लिए $'UUU'$ और $'UUC'$ कूटलेखन करते हैं।
कथन $II$ सही है क्योंकि $'AAA'$ और $'AAG'$ दोनों अपह्रसित (degenerate) कोडॉन हैं जो अमीनो एसिड लाइसिन के लिए कूटलेखन करते हैं।
अतः,कथन $I$ गलत है और कथन $II$ सत्य है।

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