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Hybridisation and Geometry Questions in Hindi

Class 12 Chemistry · Coordination Compounds · Hybridisation and Geometry

436+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 436 questions in Hindi

201
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से किस संकुल की आकृति दूसरों से भिन्न है?
A
$[Zn(NH_3)_4]^{2+}$
B
$[Ni(CO)_4]$
C
$[Cu(CN)_4]^{3-}$
D
$[Cu(NH_3)_4]^{2+}$

Solution

(D) आकृति निर्धारित करने के लिए,हम प्रत्येक संकुल के संकरण का विश्लेषण करते हैं:
$1$. $[Zn(NH_3)_4]^{2+}$: $Zn^{2+}$ का विन्यास $d^{10}$ है। यह $sp^3$ संकरण से गुजरता है,जिसके परिणामस्वरूप चतुष्फलकीय ज्यामिति प्राप्त होती है।
$2$. $[Ni(CO)_4]$: $Ni$ की ऑक्सीकरण अवस्था $0$ है $(3d^8 4s^2)$। $CO$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो इलेक्ट्रॉनों के युग्मन का कारण बनता है। यह $sp^3$ संकरण से गुजरता है,जिसके परिणामस्वरूप चतुष्फलकीय ज्यामिति प्राप्त होती है।
$3$. $[Cu(CN)_4]^{3-}$: $Cu^+$ का विन्यास $d^{10}$ है। यह $sp^3$ संकरण से गुजरता है,जिसके परिणामस्वरूप चतुष्फलकीय ज्यामिति प्राप्त होती है।
$4$. $[Cu(NH_3)_4]^{2+}$: $Cu^{2+}$ का विन्यास $d^9$ है। यह $dsp^2$ संकरण से गुजरता है,जिसके परिणामस्वरूप वर्ग समतलीय ज्यामिति प्राप्त होती है।
अतः,$[Cu(NH_3)_4]^{2+}$ की आकृति वर्ग समतलीय है,जबकि अन्य चतुष्फलकीय हैं।
202
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किसमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिकतम है?
A
$d^4$ (लो स्पिन)
B
$d^8$ (हाई स्पिन)
C
$d^6$ (हाई स्पिन)
D
कोई नहीं

Solution

(C) अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या निर्धारित करने के लिए,हम अष्टफलकीय क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का विश्लेषण करते हैं:
$1$. $d^4$ (लो स्पिन) के लिए: विन्यास $t_{2g}^4 e_g^0$ है। अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $2$ है।
$2$. $d^8$ (हाई स्पिन) के लिए: विन्यास $t_{2g}^6 e_g^2$ है। अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $2$ है।
$3$. $d^6$ (हाई स्पिन) के लिए: विन्यास $t_{2g}^4 e_g^2$ है। अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $4$ है।
इनकी तुलना करने पर,$d^6$ (हाई स्पिन) में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिकतम $(4)$ है।
203
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी संकरण अवस्था लो स्पिन अष्टफलकीय संकुल के साथ जुड़ी हुई है?
A
$dsp^2$
B
$sp^3d^2$
C
$d^2sp^3$
D
$sp^3d$

Solution

(C) अष्टफलकीय संकुलों में,समन्वय संख्या $6$ होती है।
लो स्पिन संकुल तब बनते हैं जब प्रबल क्षेत्र के लिगेंड आंतरिक $d$-कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन करते हैं।
इसके लिए संकरण में $(n-1)d$ कक्षकों का उपयोग आवश्यक है,जिसके परिणामस्वरूप $d^2sp^3$ संकरण होता है।
$sp^3d^2$ संकरण हाई स्पिन बाह्य कक्षक संकुलों के अनुरूप होता है।
204
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस संकुल की ज्यामिति वर्ग पिरामिडी (square pyramidal) होती है?
A
$Tetracarbonylnickel(0)$
B
$Hexaamminecobalt(II)$ नाइट्रेट
C
$Pentacarbonyliron(0)$
D
$Bis(acetylacetonato)oxovanadium(IV)$

Solution

(D) संकुल की ज्यामिति उसकी समन्वय संख्या और लिगेंड की प्रकृति पर निर्भर करती है।
$Tetracarbonylnickel(0)$ $([Ni(CO)_4])$ की समन्वय संख्या $4$ है और इसकी ज्यामिति चतुष्फलकीय होती है।
$Hexaamminecobalt(II)$ नाइट्रेट $([Co(NH_3)_6](NO_3)_2)$ की समन्वय संख्या $6$ है और इसकी ज्यामिति अष्टफलकीय होती है।
$Pentacarbonyliron(0)$ $([Fe(CO)_5])$ की समन्वय संख्या $5$ है और इसकी ज्यामिति त्रिकोणीय द्विपिरामिडी होती है।
$Bis(acetylacetonato)oxovanadium(IV)$ $([VO(acac)_2])$ की समन्वय संख्या $5$ है और इसकी ज्यामिति वर्ग पिरामिडी होती है,जिसमें ऑक्सो समूह $(O^{2-})$ शीर्ष स्थिति पर होता है।
205
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा एक वर्ग समतलीय (square planar) संकुल नहीं है?
A
$[AgF_4]^-$
B
$[AuCl_4]^-$
C
$[RhCl(PPh_3)_3]$
D
$[NiCl_2(PMe_3)_2]$

Solution

(D) $1$. $[AgF_4]^-$: $Ag(III)$ एक $d^8$ धातु आयन है,जो आमतौर पर वर्ग समतलीय संकुल बनाता है।
$2$. $[AuCl_4]^-$: $Au(III)$ एक $d^8$ धातु आयन है,जो वर्ग समतलीय संकुल बनाता है।
$3$. $[RhCl(PPh_3)_3]$: यह एक $16$-इलेक्ट्रॉन $Rh(I)$ संकुल है,जो वर्ग समतलीय होता है (विल्किंसन उत्प्रेरक)।
$4$. $[NiCl_2(PMe_3)_2]$: $Ni(II)$ एक $d^8$ आयन है। हालांकि कई $Ni(II)$ संकुल वर्ग समतलीय होते हैं,लेकिन ज्यामिति लिगेंड क्षेत्र की प्रबलता पर निर्भर करती है। $[NiCl_2(PMe_3)_2]$ के लिए,$PMe_3$ लिगेंड के त्रिविम बाधा (steric bulk) और $Cl^-$ लिगेंड की दुर्बल क्षेत्र प्रकृति के कारण यह संकुल चतुष्फलकीय (tetrahedral) होता है।
206
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा वर्ग समतलीय (square planar) संकुल नहीं है?
A
$[Cu(CN)_4]^{-2}$
B
$[PtCl_4]^{-2}$
C
$[Cu(H_2O)_4]^{+2}$
D
$[Ni(Cl)_4]^{-2}$

Solution

(D) ज्यामिति निर्धारित करने के लिए,हम केंद्रीय धातु आयन के संकरण को देखते हैं:
$1$. $[Cu(CN)_4]^{-2}$: $Cu^{+2}$ का विन्यास $d^9$ है। यह $dsp^2$ संकरण करता है,जिससे वर्ग समतलीय ज्यामिति प्राप्त होती है।
$2$. $[PtCl_4]^{-2}$: $Pt^{+2}$ एक $5d$ श्रेणी का तत्व है,जो हमेशा वर्ग समतलीय संकुल बनाता है।
$3$. $[Cu(H_2O)_4]^{+2}$: इस संकुल की ज्यामिति विकृत अष्टफलकीय (Jahn-Teller distortion) होती है।
$4$. $[Ni(Cl)_4]^{-2}$: $Ni^{+2}$ का विन्यास $d^8$ है। $Cl^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,इसलिए यह $sp^3$ संकरण करता है,जिससे चतुष्फलकीय (tetrahedral) ज्यामिति प्राप्त होती है।
अतः,$[Ni(Cl)_4]^{-2}$ एक चतुष्फलकीय संकुल है।
207
DifficultMCQ
$NH_3, [PtCl_4]^{2-}, PCl_5$ और $BCl_3$ में केंद्रीय परमाणु का संकरण क्रमशः ....... होगा।
A
$dsp^2, dsp^3, sp^3, sp^2$
B
$sp^3, dsp^2, sp^3d, sp^2$
C
$dsp^3, sp^2, sp^3, dsp^2$
D
$dsp^3, sp^3, sp^2, dsp^3$

Solution

(B) $1$. $NH_3$ के लिए: केंद्रीय परमाणु $N$ के पास $5$ संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं। यह $H$ के साथ $3$ बंध बनाता है और $1$ एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म रखता है। स्टेरिक संख्या = $3 + 1 = 4$,अतः संकरण $sp^3$ है।
$2$. $[PtCl_4]^{2-}$ के लिए: $Pt$ $+2$ ऑक्सीकरण अवस्था में है ($d^8$ विन्यास)। यह एक वर्ग समतलीय संकुल बनाता है,अतः संकरण $dsp^2$ है।
$3$. $PCl_5$ के लिए: $P$ के पास $5$ संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं और यह $Cl$ के साथ $5$ बंध बनाता है। स्टेरिक संख्या = $5$,अतः संकरण $sp^3d$ है।
$4$. $BCl_3$ के लिए: $B$ के पास $3$ संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं और यह $Cl$ के साथ $3$ बंध बनाता है। स्टेरिक संख्या = $3$,अतः संकरण $sp^2$ है।
अतः,सही क्रम $sp^3, dsp^2, sp^3d, sp^2$ है।
208
MediumMCQ
अष्टफलकीय ज्यामिति में,$d^2sp^3$ संकरण में $d$-कक्षकों का कौन सा युग्म शामिल होता है?
A
$d_{xy}, d_{yz}$
B
$d_{x^2-y^2}, d_{z^2}$
C
$d_{xz}, d_{x^2-y^2}$
D
$d_{z^2}, d_{xz}$

Solution

(B) $d^2sp^3$ संकरण में,शामिल दो $d$-कक्षक आंतरिक $d$-कक्षक होते हैं,जो $d_{x^2-y^2}$ और $d_{z^2}$ कक्षक हैं।
ये कक्षक अक्षों के अनुदिश निर्देशित होते हैं और इनका उपयोग अष्टफलकीय संकुल बनाने के लिए किया जाता है।
209
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा वर्ग समतलीय (square planar) संकुल आयन है?
A
$[PtCl_4]^{2-}$
B
$[PtClBr(H_2O)_2]$
C
$[Pt(NH_3)(Py)(H_2O)I]^{+1}$
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) इन सभी संकुलों में केंद्रीय धातु आयन $Pt^{2+}$ है,जिसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $d^8$ है।
$d^8$ धातु आयनों के लिए,क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन ऊर्जा आमतौर पर इतनी अधिक होती है कि यह इलेक्ट्रॉनों के युग्मन का कारण बनती है,जिससे $dsp^2$ संकरण होता है।
$dsp^2$ संकरण के परिणामस्वरूप वर्ग समतलीय ज्यामिति प्राप्त होती है।
अतः,दिए गए सभी संकुल,$[PtCl_4]^{2-}$,$[PtClBr(H_2O)_2]$,और $[Pt(NH_3)(Py)(H_2O)I]^{+1}$,वर्ग समतलीय ज्यामिति प्रदर्शित करते हैं।
210
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A
$[CoF_6]^{3-}$ और $[Co(NH_3)_6]^{3+}$ दोनों अनुचुंबकीय संकुल हैं।
B
$[CoF_6]^{3-}$ और $[Co(NH_3)_6]^{3+}$ दोनों उच्च चक्रण (high spin) संकुल हैं।
C
$[CoF_6]^{3-}$ अष्टफलकीय है जबकि $[Co(NH_3)_6]^{3+}$ की आकृति पंचकोणीय पिरामिड है।
D
$[CoF_6]^{3-}$ बाह्य कक्षक संकुल है जबकि $[Co(NH_3)_6]^{3+}$ आंतरिक कक्षक संकुल है।

Solution

(D) $[CoF_6]^{3-}$ में,$Co$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+3$ $(3d^6)$ है। $F^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,इसलिए यह बाह्य कक्षक संकुल $(sp^3d^2)$ बनाता है जो अनुचुंबकीय है।
$[Co(NH_3)_6]^{3+}$ में,$Co$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+3$ $(3d^6)$ है। $NH_3$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,इसलिए यह इलेक्ट्रॉनों का युग्मन करता है,और आंतरिक कक्षक संकुल $(d^2sp^3)$ बनाता है जो प्रतिचुंबकीय है।
अतः,यह कथन कि $[CoF_6]^{3-}$ बाह्य कक्षक संकुल है और $[Co(NH_3)_6]^{3+}$ आंतरिक कक्षक संकुल है,सही है।
211
AdvancedMCQ
गलत मिलान का चयन करें।
A
$[Cu(CN)_4]^{3-} \Rightarrow \text{रंगहीन, चतुष्फलकीय, प्रतिचुंबकीय}$
B
$[Cu(NH_3)_4]^{2+} \Rightarrow \text{रंगीन, वर्ग समतलीय}$
C
$[Pt(NH_3)_2Cl_2] \Rightarrow \text{प्रतिचुंबकीय, वर्ग समतलीय, ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करता है}$
D
$[Ni(dmg)_2] \Rightarrow \text{रंगीन, चतुष्फलकीय, } H^{-} \text{ बंध उपस्थित}$

Solution

(D) $[Cu(CN)_4]^{3-}$ में,$Cu$ $+1$ ऑक्सीकरण अवस्था में है ($3d^{10}$ विन्यास)। यह रंगहीन,चतुष्फलकीय और प्रतिचुंबकीय है। यह सही है।
$[Cu(NH_3)_4]^{2+}$ में,$Cu$ $+2$ ऑक्सीकरण अवस्था में है ($3d^9$ विन्यास)। $d-d$ संक्रमण के कारण यह रंगीन है और इसकी ज्यामिति वर्ग समतलीय है। यह सही है।
$[Pt(NH_3)_2Cl_2]$ में,$Pt^{2+}$ एक $5d^8$ धातु आयन है,जो वर्ग समतलीय संकुल बनाता है। यह प्रतिचुंबकीय है और ज्यामितीय समावयवता (cis-trans) प्रदर्शित करता है। यह सही है।
$[Ni(dmg)_2]$ में,$Ni^{2+}$ एक $3d^8$ आयन है। यह वर्ग समतलीय संकुल बनाता है (चतुष्फलकीय नहीं) और प्रतिचुंबकीय होता है। इसमें अंतःआणविक हाइड्रोजन बंध उपस्थित होता है। अतः,'चतुष्फलकीय' कथन गलत है।
212
MediumMCQ
संकुल $[HgI_3]^{-}$ के बारे में क्या गलत है?
A
त्रिकोणीय समतलीय आकार
B
$sp^2$ संकरण
C
प्रतिचुंबकीय (Diamagnetic)
D
$A$ और $B$ दोनों

Solution

(D) संकुल $[HgI_3]^{-}$ में $Hg^{2+}$ आयन शामिल है। $Hg^{2+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Xe] 4f^{14} 5d^{10}$ है।
चूंकि $d$-कक्षक पूरी तरह से भरे हुए हैं,इसलिए केंद्रीय धातु आयन $sp^2$ संकरण में भाग नहीं लेता है।
वास्तव में,$[HgI_3]^{-}$ त्रिकोणीय समतलीय ज्यामिति अपनाता है,लेकिन यह $sp^2$ संकरण के कारण नहीं है।
चूंकि $A$ और $B$ दोनों कथन गलत हैं,इसलिए विकल्प $D$ सही उत्तर है।
213
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से किस संकुल का संकरण सही ढंग से सुमेलित है?
A
$AuCl_4^- - sp^3$
B
$[Co(oxalato)_3]^{3-} - sp^3d^2$
C
$RhCl(PPh_3)_3 - dsp^2$
D
$[Fe(NH_3)_6]^{2+} - d^2sp^3$

Solution

(C) प्रत्येक संकुल का विश्लेषण करते हैं:
$1$. $AuCl_4^-$: $Au^{3+}$ एक $5d^8$ आयन है। यह $dsp^2$ संकरण के साथ वर्ग समतलीय संकुल बनाता है।
$2$. $[Co(oxalato)_3]^{3-}$: $Co^{3+}$ एक $3d^6$ आयन है। ऑक्सालेट एक प्रबल क्षेत्र लिगैंड है,जो $d^2sp^3$ संकरण के साथ आंतरिक कक्षक संकुल बनाता है।
$3$. $RhCl(PPh_3)_3$: यह विल्किंसन उत्प्रेरक है। $Rh^+$ एक $4d^8$ आयन है,जो $dsp^2$ संकरण के साथ वर्ग समतलीय संकुल बनाता है।
$4$. $[Fe(NH_3)_6]^{2+}$: $Fe^{2+}$ एक $3d^6$ आयन है। $NH_3$,$Fe^{2+}$ के लिए प्रबल क्षेत्र लिगैंड के रूप में कार्य करता है,जिसके परिणामस्वरूप $d^2sp^3$ संकरण होता है। हालाँकि,विकल्प $C$,$Rh(I)$ वर्ग समतलीय संकुलों के लिए $dsp^2$ का सबसे मानक निरूपण है।
214
EasyMCQ
$[Ni(CO)_4]$ द्वारा प्रदर्शित ज्यामिति है
A
चतुष्फलकीय
B
वर्ग समतलीय
C
रेखीय
D
अष्टफलकीय

Solution

(A) $[Ni(CO)_4]$ में,$Ni$ की ऑक्सीकरण अवस्था $0$ है।
$Ni$ $(Z=28)$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^8 4s^2$ है।
प्रबल क्षेत्र लिगेंड $(CO)$ की उपस्थिति के कारण,इलेक्ट्रॉन युग्मित हो जाते हैं,जिससे $3d^{10}$ विन्यास प्राप्त होता है।
$4s$ और $4p$ कक्षक $sp^3$ संकरण से गुजरते हैं।
इसलिए,$[Ni(CO)_4]$ की ज्यामिति चतुष्फलकीय है।
215
DifficultMCQ
$[Fe(H_2O)_5NO]^{2+}$ के बारे में क्या सही नहीं है?
A
धातु की ऑक्सीकरण संख्या $+1$ है
B
धातु की समन्वय संख्या $6$ है
C
यह एक चतुष्फलकीय संकुल है
D
लिगेंड $NO$ इकाई धनात्मक आवेश वहन करता है

Solution

(C) $[Fe(H_2O)_5NO]^{2+}$ संकुल में,$NO$ लिगेंड $NO^+$ के रूप में मौजूद है।
$Fe$ की ऑक्सीकरण अवस्था की गणना: $x + 5(0) + 1 = +2$,इसलिए $x = +1$।
समन्वय संख्या $5 + 1 = 6$ है।
चूंकि समन्वय संख्या $6$ है,इसलिए ज्यामिति अष्टफलकीय है,चतुष्फलकीय नहीं।
अतः,यह कथन कि यह एक चतुष्फलकीय संकुल है,गलत है।
216
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किस बाह्य कक्षक संकुल (outer orbital complex) में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिकतम है?
A
$d^4$ (अष्टफलकीय)
B
$d^9$ (अष्टफलकीय)
C
$d^7$ (अष्टफलकीय)
D
$d^5$ (अष्टफलकीय)

Solution

(D) बाह्य कक्षक अष्टफलकीय संकुल में,लिगेंड दुर्बल क्षेत्र के लिगेंड होते हैं,जिसका अर्थ है कि वे $d$-कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन नहीं करते हैं।
$d^4$ विन्यास के लिए: $t_{2g}^3 e_g^1$,अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = $4$.
$d^9$ विन्यास के लिए: $t_{2g}^6 e_g^3$,अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = $1$.
$d^7$ विन्यास के लिए: $t_{2g}^5 e_g^2$,अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = $3$.
$d^5$ विन्यास के लिए: $t_{2g}^3 e_g^2$,अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या = $5$.
अतः,$d^5$ विन्यास में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिकतम $(5)$ है।
217
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा आयन संकुल में केवल $4$ समन्वय संख्या प्रदर्शित करता है?
A
$Pt^{2+}$
B
$Cr^{3+}$
C
$Fe^{3+}$
D
$Pt^{4+}$

Solution

(A) संकुल में धातु आयन की समन्वय संख्या उसके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और लिगेंड की प्रकृति पर निर्भर करती है।
$Pt^{2+}$ ($d^8$ धातु आयन) आमतौर पर $4$ समन्वय संख्या के साथ वर्ग समतलीय संकुल बनाता है।
$Cr^{3+}$ और $Fe^{3+}$ क्रमशः $d^3$ और $d^5$ आयन हैं,जो आमतौर पर $6$ समन्वय संख्या के साथ अष्टफलकीय संकुल बनाते हैं।
$Pt^{4+}$ एक $d^6$ आयन है जो आमतौर पर $6$ समन्वय संख्या के साथ अष्टफलकीय संकुल बनाता है।
अतः,$Pt^{2+}$ सही उत्तर है।
218
MediumMCQ
$CuSO_4 \cdot 5H_2O$ के क्रिस्टल में कॉपर परमाणु ..... द्वारा समन्वित होता है।
A
$4$ पानी के अणु
B
$5$ पानी के अणु
C
$1$ सल्फेट आयन
D
$1$ पानी का अणु

Solution

(A) $CuSO_4 \cdot 5H_2O$ की क्रिस्टल संरचना में,कॉपर आयन $(Cu^{2+})$ वर्गाकार समतलीय ज्यामिति में $4$ पानी के अणुओं द्वारा समन्वित होता है।
पांचवां पानी का अणु क्रिस्टल जालक में हाइड्रोजन बंधन द्वारा जुड़ा होता है,जबकि सल्फेट आयन $(SO_4^{2-})$ भी समन्वय क्षेत्र में भाग लेता है।
219
MediumMCQ
टेट्रासायनोनिकलेट $(II)$ संकुल आयन ..... ज्यामिति रखता है।
A
रैखिक
B
चतुष्फलकीय
C
वर्ग समतलीय
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) यह संकुल आयन $[Ni(CN)_4]^{2-}$ है।
इस संकुल में $Ni$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+2$ है,जो $[Ar] 3d^8$ इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के अनुरूप है।
$CN^-$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो $3d$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों के युग्मन का कारण बनता है।
इसके परिणामस्वरूप $dsp^2$ संकरण होता है।
$dsp^2$ संकरण वर्ग समतलीय ज्यामिति को दर्शाता है।
220
MediumMCQ
$[Cu(NH_3)_4]^{2+}$ आयन (टेट्राएमीनकॉपर$(II)$ आयन) की ज्यामिति ................ है।
A
चतुष्फलकीय
B
अष्टफलकीय
C
वर्ग समतलीय
D
त्रिकोणीय पिरामिडी

Solution

(C) $[Cu(NH_3)_4]^{2+}$ संकुल में,केंद्रीय धातु आयन $Cu^{2+}$ है।
$Cu^{2+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^9$ है।
यद्यपि $NH_3$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,इस संकुल की ज्यामिति $dsp^2$ संकरण के कारण वर्ग समतलीय होती है।
यह $3d$ कक्षक से एक इलेक्ट्रॉन के $4p$ कक्षक में जाने के कारण होता है,जो $dsp^2$ संकरण को सुगम बनाता है।
221
MediumMCQ
$[CoF_6]^{3-}$ में केंद्रीय धातु आयन का संकरण .... है।
A
$d^2sp^3$
B
$d^3sp^2$
C
$dsp^3$
D
$sp^3d^2$

Solution

(D) $[CoF_6]^{3-}$ में $Co$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+3$ है। $Co$ का परमाणु क्रमांक $27$ है,इसलिए इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^7 4s^2$ है।
$Co^{3+}$ के लिए,विन्यास $[Ar] 3d^6$ है।
$F^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,इसलिए यह $3d$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन नहीं करता है।
अतः,$3d$ इलेक्ट्रॉन अयुग्मित रहते हैं और संकरण में बाहरी $4d$ कक्षक भाग लेते हैं।
इसलिए,संकरण $sp^3d^2$ है।
222
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से किस संकुल की ज्यामिति वर्ग समतलीय (square planar) है और इसमें $dsp^2$ संकरण पाया जाता है?
A
$[Ni(CN)_4]^{2-}$
B
$[Cu(NH_3)_4]^{2+}$
C
$[PtCl_4]^{2-}$
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) $1$. $[Ni(CN)_4]^{2-}$: $Ni^{2+}$ का विन्यास $3d^8$ है। $CN^-$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो इलेक्ट्रॉनों का युग्मन (pairing) कराता है। यह $dsp^2$ संकरण दर्शाता है,जिससे वर्ग समतलीय ज्यामिति प्राप्त होती है।
$2$. $[Cu(NH_3)_4]^{2+}$: $Cu^{2+}$ का विन्यास $3d^9$ है। अयुग्मित इलेक्ट्रॉन $4p_z$ कक्षक में होता है,और चार लिगेंड $dsp^2$ संकर कक्षकों का उपयोग करके बंध बनाते हैं,जिससे वर्ग समतलीय ज्यामिति प्राप्त होती है।
$3$. $[PtCl_4]^{2-}$: $Pt^{2+}$ एक $5d^8$ आयन है। $Pt$ एक $5d$ श्रेणी का तत्व है,इसलिए यह लिगेंड की प्रबलता की परवाह किए बिना हमेशा $dsp^2$ संकरण के साथ वर्ग समतलीय संकुल बनाता है।
चूंकि तीनों संकुल $dsp^2$ संकरण और वर्ग समतलीय ज्यामिति प्रदर्शित करते हैं,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
223
DifficultMCQ
$[Fe(CN)_6]^{4-}$ संकुल के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?
A
प्रतिचुंबकीय
B
अष्टफलकीय
C
$d^2sp^3$ संकरण
D
सभी सही हैं
224
MediumMCQ
$[Co(NH_3)_6]^{3+}$ संकुल के संदर्भ में कौन सा कथन सही नहीं है?
A
इसकी ज्यामिति अष्टफलकीय है।
B
इसमें $d^2sp^3$ संकरण होता है।
C
यह प्रतिचुंबकीय है।
D
इनमें से कोई नहीं।
225
MediumMCQ
$[PtCl_6]^{2-}$ आयन में देखा जाने वाला संकरण ....... है।
A
$sp^3d^2$
B
$d^2sp^3$
C
$sp^3d$
D
$dsp^2$

Solution

(A) $[PtCl_6]^{2-}$ आयन में,केंद्रीय धातु परमाणु $Pt^{4+}$ है।
$Pt$ एक $5d$ श्रेणी की संक्रमण धातु $(5d^8 6s^2)$ है।
$Pt^{4+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Xe] 4f^{14} 5d^6$ है।
चूंकि $Cl^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,यह $5d$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन नहीं करता है।
इसलिए,$5d$ कक्षक $6$ इलेक्ट्रॉनों द्वारा भरे रहते हैं और संकरण में बाहरी $6s$,$6p$ और $6d$ कक्षक भाग लेते हैं।
अतः,संकरण $sp^3d^2$ होता है,जो अष्टफलकीय ज्यामिति प्रदान करता है।
226
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा संकुल $d^2sp^3$ संकरण प्रदर्शित नहीं करता है?
A
$[CoF_6]^{3-}$
B
$[Co(NH_3)_6]^{3+}$
C
$[Fe(CN)_6]^{3-}$
D
$[Cr(NH_3)_6]^{3+}$

Solution

(A) $1$. $[CoF_6]^{3-}$ में,$Co$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+3$ है। $Co^{3+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^6$ है। $F^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,इसलिए यह इलेक्ट्रॉनों का युग्मन नहीं करता है। अतः,यह $sp^3d^2$ संकरण (बाह्य कक्षक संकुल) प्रदर्शित करता है।
$2$. $[Co(NH_3)_6]^{3+}$ में,$Co^{3+}$ का विन्यास $[Ar] 3d^6$ है। $NH_3$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो $3d$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन करता है,जिससे $d^2sp^3$ संकरण होता है।
$3$. $[Fe(CN)_6]^{3-}$ में,$Fe^{3+}$ का विन्यास $[Ar] 3d^5$ है। $CN^-$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो युग्मन करता है,जिससे $d^2sp^3$ संकरण होता है।
$4$. $[Cr(NH_3)_6]^{3+}$ में,$Cr^{3+}$ का विन्यास $[Ar] 3d^3$ है। यह $d^2sp^3$ संकरण बनाने के लिए दो $3d$ कक्षकों,एक $4s$ कक्षक और तीन $4p$ कक्षकों का उपयोग करता है।
$5$. अतः,$[CoF_6]^{3-}$ एकमात्र संकुल है जो $d^2sp^3$ के बजाय $sp^3d^2$ संकरण प्रदर्शित करता है।
227
DifficultMCQ
$[Cu(NH_3)_4]^{2+}$ संकुल आयन ........ रखता है।
A
एक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन के साथ चतुष्फलकीय ज्यामिति
B
एक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन के साथ वर्ग समतलीय ज्यामिति
C
सभी युग्मित इलेक्ट्रॉनों के साथ चतुष्फलकीय ज्यामिति
D
सभी युग्मित इलेक्ट्रॉनों के साथ वर्ग समतलीय ज्यामिति

Solution

(B) $[Cu(NH_3)_4]^{2+}$ में,$Cu$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+2$ है। $Cu^{2+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^9$ है।
$NH_3$ (एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड) की उपस्थिति में,$3d$ इलेक्ट्रॉन इस प्रकार व्यवस्थित होते हैं कि एक इलेक्ट्रॉन $3d$ कक्षक में अयुग्मित रहता है।
इसमें $dsp^2$ संकरण शामिल है,जो वर्ग समतलीय ज्यामिति के अनुरूप है।
अतः,संकुल में एक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन के साथ वर्ग समतलीय ज्यामिति होती है।
228
DifficultMCQ
संकुल आयन $[Co(C_2O_4)_3]^{3-}$ में निम्नलिखित में से कौन सा संकरण होता है?
A
$sp^3d^2$
B
$d^2sp^3$
C
$sp^2d^3$
D
$d^3sp^2$

Solution

(B) $1$. संकुल आयन $[Co(C_2O_4)_3]^{3-}$ में,केंद्रीय धातु परमाणु $Co^{3+}$ है।
$2$. $Co$ का परमाणु क्रमांक $27$ है,इसलिए $Co^{3+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^6$ है।
$3$. लिगेंड $C_2O_4^{2-}$ (ऑक्सालेट) एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो $3d$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन (pairing) करता है।
$4$. प्रबल क्षेत्र लिगेंड की उपस्थिति के कारण,$3d$ कक्षकों में मौजूद $6$ इलेक्ट्रॉन युग्मित होकर $3$ कक्षकों को भर देते हैं,जिससे $2$ खाली $3d$ कक्षक बच जाते हैं।
$5$. ये $2$ खाली $3d$ कक्षक,एक $4s$ और तीन $4p$ कक्षकों के साथ मिलकर $d^2sp^3$ संकरण करते हैं और $3$ द्विदंतुक ऑक्सालेट लिगेंडों से $6$ इलेक्ट्रॉन युग्मों को समायोजित करने के लिए $6$ समान संकर कक्षक बनाते हैं।
229
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा संकुल $dsp^2$ संकरण प्रदर्शित करता है?
A
$[NiCl_4]^{2-}$
B
$[Ni(CN)_4]^{2-}$
C
$[Zn(NH_3)_4]^{2+}$
D
$[FeF_6]^{3-}$

Solution

(B) $1$. $[Ni(CN)_4]^{2-}$ में,$Ni$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+2$ है। $Ni^{2+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^8$ है।
$2$. $CN^-$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो $3d$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों के युग्मन का कारण बनता है।
$3$. इसके परिणामस्वरूप एक रिक्त $3d$ कक्षक,एक $4s$ कक्षक और दो $4p$ कक्षक प्राप्त होते हैं,जो $dsp^2$ संकरण करके वर्ग समतलीय ज्यामिति बनाते हैं।
$4$. $[NiCl_4]^{2-}$ और $[Zn(NH_3)_4]^{2+}$ में $sp^3$ संकरण (चतुष्फलकीय) होता है,जबकि $[FeF_6]^{3-}$ में $sp^3d^2$ संकरण (अष्टफलकीय) होता है।
230
MediumMCQ
हेक्साफ्लोरोफेरेट $(II)$ आयन एक बाह्य कक्षक संकुल है। इसमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या ............. होगी।
A
$1$
B
$5$
C
$4$
D
अनिश्चित

Solution

(C) हेक्साफ्लोरोफेरेट $(II)$ आयन का सूत्र $[FeF_6]^{4-}$ है।
इस संकुल में $Fe$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+2$ है।
$Fe^{2+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^6$ है।
चूंकि $F^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,यह $3d$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन नहीं करता है।
अतः,$3d$ कक्षकों में $5$ इलेक्ट्रॉन $t_{2g}$ और $e_g$ सेट में इस प्रकार व्यवस्थित होते हैं: $t_{2g}^4 e_g^2$।
अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $4$ है।
231
DifficultMCQ
$Ni(CO)_4$ में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या .......... है।
A
$0$
B
$1$
C
$2$
D
$3$

Solution

(A) $Ni(CO)_4$ में $Ni$ की ऑक्सीकरण अवस्था $0$ है। $Ni$ $(Z=28)$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^8 4s^2$ है।
चूंकि $CO$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,यह इलेक्ट्रॉनों का युग्मन (pairing) करता है।
$4s$ के इलेक्ट्रॉन $3d$ कक्षक में चले जाते हैं,जिससे $3d$ उपकोश पूर्णतः भर जाता है $(3d^{10})$।
अतः,अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $0$ है।
232
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
A
$[Ni(CO)_4]$ $-$ चतुष्फलकीय,अनुचुंबकीय
B
$[Ni(CN)_4]^{2-}$ $-$ वर्ग समतलीय,प्रतिचुंबकीय
C
$[Ni(CO)_4]$ $-$ चतुष्फलकीय,प्रतिचुंबकीय
D
$[NiCl_4]^{2-}$ $-$ चतुष्फलकीय,अनुचुंबकीय

Solution

(A) $1$. $[Ni(CO)_4]$ के लिए: $Ni$ की ऑक्सीकरण अवस्था $0$ है $(3d^8 4s^2)$। $CO$ एक प्रबल लिगेंड है,जो इलेक्ट्रॉनों के युग्मन का कारण बनता है। संकरण $sp^3$ है,जिससे ज्यामिति चतुष्फलकीय और प्रकृति प्रतिचुंबकीय होती है।
$2$. $[Ni(CN)_4]^{2-}$ के लिए: $Ni$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+2$ है $(3d^8)$। $CN^-$ एक प्रबल लिगेंड है,जो युग्मन का कारण बनता है। संकरण $dsp^2$ है,जिससे ज्यामिति वर्ग समतलीय और प्रकृति प्रतिचुंबकीय होती है।
$3$. $[NiCl_4]^{2-}$ के लिए: $Ni$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+2$ है $(3d^8)$। $Cl^-$ एक दुर्बल लिगेंड है,कोई युग्मन नहीं होता है। संकरण $sp^3$ है,जिससे ज्यामिति चतुष्फलकीय और प्रकृति अनुचुंबकीय होती है।
$4$. विकल्प $A$ गलत है क्योंकि $[Ni(CO)_4]$ प्रतिचुंबकीय है,अनुचुंबकीय नहीं।
233
DifficultMCQ
$K_3[CoF_6]$ एक उच्च-स्पिन संकुल है। इस संकुल में $Co$ की संकरण अवस्था ..................... होगी।
A
$sp^3d$
B
$sp^3d^2$
C
$d^2sp^3$
D
$dsp^2$

Solution

(B) $1$. $K_3[CoF_6]$ में $Co$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+3$ है।
$2$. $Co^{3+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^6$ है।
$3$. $F^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,इसलिए यह $3d$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन नहीं करता है।
$4$. चूंकि यह $6$ समन्वय संख्या वाला एक अष्टफलकीय संकुल है,इसलिए इसमें बाहरी $4d$ कक्षकों का संकरण होता है।
$5$. अतः,संकरण $sp^3d^2$ है।
234
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से किस संकुल में बाह्य कक्षक संकरण (outer orbital hybridization) होता है?
A
$[Zn(NH_3)_6]^{2+}$
B
$[Co(NH_3)_6]^{3+}$
C
$[Cr(NH_3)_6]^{3+}$
D
$[V(NH_3)_6]^{3+}$

Solution

(A) बाह्य कक्षक संकरण में संकरण के लिए बाह्य $d$-कक्षकों (अर्थात $nd$ कक्षक) का उपयोग होता है,जो सामान्यतः $sp^3d^2$ होता है।
$[Zn(NH_3)_6]^{2+}$ में,$Zn$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+2$ है। $Zn^{2+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^{10}$ है।
चूंकि $3d$ उपकोश पूरी तरह से भरा हुआ है,इसलिए $NH_3$ लिगेंड को संकुल बनाने के लिए $4s$,$4p$ और $4d$ कक्षकों का उपयोग करना पड़ता है।
अतः,यह $sp^3d^2$ संकरण दर्शाता है,जो एक बाह्य कक्षक संकुल है।
इसके विपरीत,$[Co(NH_3)_6]^{3+}$,$[Cr(NH_3)_6]^{3+}$ और $[V(NH_3)_6]^{3+}$ में संकरण के लिए आंतरिक $d$-कक्षकों $(3d)$ का उपयोग होता है ($d^2sp^3$ संकरण)।
235
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा संकुल आंतरिक कक्षक संकरण प्रदर्शित नहीं करता है?
A
$[CoF_6]^{3-}$
B
$[Co(NH_3)_6]^{3+}$
C
$[Fe(CN)_6]^{3-}$
D
$[Cr(NH_3)_6]^{3+}$

Solution

(A) $1$. आंतरिक कक्षक संकुल संकरण के लिए $(n-1)d$ कक्षकों का उपयोग करते हैं (जैसे,$d^2sp^3$)।
$2$. बाह्य कक्षक संकुल संकरण के लिए $nd$ कक्षकों का उपयोग करते हैं (जैसे,$sp^3d^2$)।
$3$. $[CoF_6]^{3-}$ में,$F^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,इसलिए यह इलेक्ट्रॉनों का युग्मन नहीं करता है। इसका संकरण $sp^3d^2$ (बाह्य कक्षक) है।
$4$. $[Co(NH_3)_6]^{3+}$,$[Fe(CN)_6]^{3-}$ और $[Cr(NH_3)_6]^{3+}$ में,लिगेंड प्रबल हैं या इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $d^2sp^3$ (आंतरिक कक्षक) संकरण की अनुमति देता है।
$5$. अतः,$[CoF_6]^{3-}$ वह संकुल है जो आंतरिक कक्षक संकरण प्रदर्शित नहीं करता है।
236
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा विन्यास बाह्य कक्षक अष्टफलकीय संकुल प्रदर्शित करेगा?
A
$d^6$ (उच्च चक्रण)
B
$d^4$ (निम्न चक्रण)
C
$d^8$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) एक बाह्य कक्षक अष्टफलकीय संकुल तब बनता है जब धातु आयन संकरण के लिए बाह्य $d$-कक्षकों (अर्थात $4d$-कक्षकों) का उपयोग करता है,जिसके परिणामस्वरूप $sp^3d^2$ संकरण होता है।
यह आमतौर पर दुर्बल क्षेत्र लिगेंड्स के साथ होता है।
$d^4, d^5, d^6$ विन्यासों के लिए,यदि लिगेंड दुर्बल है,तो इलेक्ट्रॉन युग्मित नहीं होते हैं,जिससे उच्च चक्रण संकुल बनते हैं जो बाह्य कक्षक संकुल होते हैं।
विशेष रूप से,$d^4, d^5, d^6$ (उच्च चक्रण) विन्यास $sp^3d^2$ संकरण प्रदान करते हैं।
दिए गए विकल्पों में से,$d^6$ (उच्च चक्रण) बाह्य कक्षक संकुल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है (जैसे,$[FeF_6]^{3-}$)।
237
DifficultMCQ
आयरन पेंटाकार्बोनिल,$Fe(CO)_5$,की संरचना ................. है।
A
वर्ग समतलीय
B
त्रिकोणीय द्विपिरामिडीय
C
अष्टफलकीय
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) आयरन पेंटाकार्बोनिल,$Fe(CO)_5$,में केंद्रीय धातु परमाणु $Fe$ का विन्यास $d^8$ होता है।
इस संकुल में,$Fe$ परमाणु $dsp^3$ संकरण दर्शाता है।
$VSEPR$ सिद्धांत और संयोजकता आबंध सिद्धांत के अनुसार,$dsp^3$ संकरण त्रिकोणीय द्विपिरामिडीय ज्यामिति के अनुरूप होता है।
अतः,$Fe(CO)_5$ की संरचना त्रिकोणीय द्विपिरामिडीय है।
238
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से किन प्रजातियों में केंद्रीय परमाणु के लिए वर्ग समतलीय (square planar) ज्यामिति है?
$(i)$ $XeF_4$
$(ii)$ $SF_4$
$(iii)$ $[NiCl_4]^{2-}$
$(iv)$ $[PtCl_4]^{2-}$
A
$(i)$ और $(iv)$
B
$(i)$ और $(ii)$
C
$(ii)$ और $(iii)$
D
$(iii)$ और $(iv)$

Solution

(A) ज्यामिति निर्धारित करने के लिए,हम केंद्रीय परमाणु के संकरण और एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्मों (lone pairs) का विश्लेषण करते हैं:
$1$. $XeF_4$: $Xe$ के पास $8$ संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं। यह $F$ के साथ $4$ बंध बनाता है और इसमें $2$ एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म होते हैं। स्टेरिक संख्या = $4 + 2 = 6$ ($sp^3d^2$ संकरण)। $2$ एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्मों के कारण,यह वर्ग समतलीय ज्यामिति अपनाता है।
$2$. $SF_4$: $S$ के पास $6$ संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं। यह $F$ के साथ $4$ बंध बनाता है और इसमें $1$ एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म होता है। स्टेरिक संख्या = $4 + 1 = 5$ ($sp^3d$ संकरण)। यह सी-सॉ (see-saw) ज्यामिति अपनाता है।
$3$. $[NiCl_4]^{2-}$: $Ni^{2+}$ एक $d^8$ आयन है। दुर्बल क्षेत्र लिगेंड $(Cl^-)$ के साथ,यह $sp^3$ संकरण से गुजरता है,जिसके परिणामस्वरूप चतुष्फलकीय ज्यामिति प्राप्त होती है।
$4$. $[PtCl_4]^{2-}$: $Pt^{2+}$ एक $5d$ श्रेणी का धातु आयन है। यह उच्च क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन के कारण वर्ग समतलीय संकुल बनाता है,जिसके परिणामस्वरूप $dsp^2$ संकरण होता है।
अतः,वर्ग समतलीय ज्यामिति वाली प्रजातियां $(i)$ $XeF_4$ और $(iv)$ $[PtCl_4]^{2-}$ हैं।
239
MediumMCQ
अभिकथन : $[FeF_6]^{3-}$ एक निम्न चक्रण (low spin) संकुल है।
कारण : निम्न चक्रण संकुलों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या कम होती है।
A
यदि अभिकथन और कारण दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है।
B
यदि अभिकथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।
C
यदि अभिकथन सही है लेकिन कारण गलत है।
D
यदि अभिकथन और कारण दोनों गलत हैं।

Solution

(D) $[FeF_6]^{3-}$ में,$Fe$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+3$ ($3d^5$ विन्यास) है।
$F^{-}$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,जो इलेक्ट्रॉनों के युग्मन का कारण नहीं बनता है।
इसलिए,यह $5$ अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों के साथ एक उच्च चक्रण (high spin) संकुल बनाता है।
अतः,अभिकथन गलत है,जबकि कारण निम्न चक्रण संकुलों की परिभाषा के अनुसार एक सही कथन है।
240
AdvancedMCQ
अम्लीकृत जलीय विलयन में एल्युमिनियम क्लोराइड एक संकुल $A$ बनाता है,जिसमें $Al$ का संकरण $B$ है। $A$ और $B$ क्रमशः क्या हैं?
A
$[Al(H_{2}O)_{6}]^{3+}, sp^{3}d^{2}$
B
$[Al(H_{2}O)_{4}]^{3+}, sp^{3}$
C
$[Al(H_{2}O)_{4}]^{3+}, dsp^{2}$
D
$[Al(H_{2}O)_{6}]^{3+}, d^{2}sp^{3}$

Solution

(A) $AlCl_{3}$ अम्लीकृत जलीय विलयन में जलयोजन (hydration) द्वारा अष्टफलकीय संकुल $[Al(H_{2}O)_{6}]^{3+}$ बनाता है।
$Al^{3+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ne] \ 3s^{0} \ 3p^{0} \ 3d^{0}$ है।
छह जल लिगेंडों को समायोजित करने के लिए,$Al^{3+}$ आयन एक $3s$,तीन $3p$ और दो $3d$ कक्षकों का उपयोग करता है,जिसके परिणामस्वरूप $sp^{3}d^{2}$ संकरण होता है।
अतः,$A = [Al(H_{2}O)_{6}]^{3+}$ और $B = sp^{3}d^{2}$ है।
241
MediumMCQ
संकुल $[Ni(CO)_4]$ की ज्यामिति और चुंबकीय व्यवहार क्या हैं?
A
वर्ग समतलीय ज्यामिति और प्रतिचुंबकीय
B
चतुष्फलकीय ज्यामिति और प्रतिचुंबकीय
C
वर्ग समतलीय ज्यामिति और अनुचुंबकीय
D
चतुष्फलकीय ज्यामिति और अनुचुंबकीय

Solution

(B) $Ni$ का परमाणु क्रमांक $28$ है। $Ni$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^8 4s^2$ है।
संकुल $[Ni(CO)_4]$ में,$Ni$ की ऑक्सीकरण अवस्था $0$ है।
$CO$ एक प्रबल क्षेत्र लिगैंड $(SFL)$ है,जो $3d$ कक्षक में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन करता है।
$4s$ इलेक्ट्रॉन $3d$ कक्षक में चले जाते हैं,और $4s$ तथा $4p$ कक्षक $sp^3$ संकरण करते हैं।
चूंकि सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित हैं,इसलिए संकुल प्रतिचुंबकीय है।
$sp^3$ संकरण के कारण इसकी ज्यामिति चतुष्फलकीय होती है।
242
DifficultMCQ
$Ni$ और $Fe$ धातुओं के $(ML_5)$ संकुलों की ज्यामिति क्रमशः आदर्श वर्ग पिरामिडीय और त्रिकोणीय द्विपिरामिडीय है। इन दो संकुलों में $90^{\circ}$,$120^{\circ}$ और $180^{\circ}$ के $L-M-L$ कोणों का योग है
A
$24$
B
$20$
C
$26$
D
$28$

Solution

(B) $1$. वर्ग पिरामिडीय ज्यामिति $(ML_5)$ के लिए ($Ni$ संकुल):
- $90^{\circ}$ के $8$ कोण होते हैं।
- $180^{\circ}$ के $2$ कोण होते हैं।
- कुल कोण = $8 + 2 = 10$।
$2$. त्रिकोणीय द्विपिरामिडीय ज्यामिति $(ML_5)$ के लिए ($Fe$ संकुल):
- $90^{\circ}$ के $6$ कोण होते हैं।
- $120^{\circ}$ के $3$ कोण होते हैं।
- $180^{\circ}$ का $1$ कोण होता है।
- कुल कोण = $6 + 3 + 1 = 10$।
$3$. सभी कोणों का योग = $10 + 10 = 20$।
243
EasyMCQ
$[MnBr_4]^{2-}$ का स्पिन-ओनली चुंबकीय आघूर्ण $5.9 \ BM$ है। इस संकुल आयन की ज्यामिति की भविष्यवाणी कीजिए।
A
चतुष्फलकीय
B
वर्ग समतलीय
C
अष्टफलकीय
D
रेखीय

Solution

(A) $[MnBr_4]^{2-}$ में $Mn$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+2$ है। $Mn^{2+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^5$ है।
चूंकि समन्वय संख्या $4$ है,इसलिए ज्यामिति चतुष्फलकीय $(sp^3)$ या वर्ग समतलीय $(dsp^2)$ हो सकती है।
$5.9 \ BM$ का चुंबकीय आघूर्ण $n = 5$ अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों के अनुरूप है,जिसकी गणना $\mu = \sqrt{n(n+2)} \ BM$ सूत्र द्वारा की जाती है।
$Mn^{2+}$ $(3d^5)$ में $5$ अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होने का अर्थ है कि यह एक उच्च-स्पिन संकुल है।
अतः,ज्यामिति चतुष्फलकीय होनी चाहिए,क्योंकि वर्ग समतलीय ज्यामिति में इलेक्ट्रॉनों के युग्मित होने से चुंबकीय आघूर्ण कम हो जाता है।
244
Medium
संयोजकता आबंध सिद्धांत (valence bond theory) के आधार पर समझाइए कि $[Ni(CN)_4]^{2-}$ आयन,जिसकी संरचना वर्ग समतलीय (square planar) है,प्रतिचुंबकीय (diamagnetic) है और $[NiCl_4]^{2-}$ आयन,जिसकी ज्यामिति चतुष्फलकीय (tetrahedral) है,अनुचुंबकीय (paramagnetic) है।

Solution

(N/A) दोनों संकुलों में,$Ni$ $+2$ ऑक्सीकरण अवस्था में है,जो $d^8$ इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के अनुरूप है।
$[Ni(CN)_4]^{2-}$ के लिए:
$CN^-$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है। यह दो अयुग्मित $3d$ इलेक्ट्रॉनों के युग्मन (pairing) का कारण बनता है। इसके परिणामस्वरूप $dsp^2$ संकरण होता है,जिससे वर्ग समतलीय ज्यामिति प्राप्त होती है। चूंकि सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित हैं,इसलिए संकुल प्रतिचुंबकीय है।
$[NiCl_4]^{2-}$ के लिए:
$Cl^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है। यह दो अयुग्मित $3d$ इलेक्ट्रॉनों का युग्मन नहीं करा पाता है। इसलिए,संकुल $sp^3$ संकरण से गुजरता है,जिसके परिणामस्वरूप चतुष्फलकीय ज्यामिति प्राप्त होती है। दो अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण,यह संकुल अनुचुंबकीय है।
245
Medium
$[NiCl_{4}]^{2-}$ अनुचुंबकीय (paramagnetic) है जबकि $[Ni(CO)_{4}]$ प्रतिचुंबकीय (diamagnetic) है,हालांकि दोनों चतुष्फलकीय (tetrahedral) हैं। क्यों?

Solution

(N/A) हालांकि $[NiCl_{4}]^{2-}$ और $[Ni(CO)_{4}]$ दोनों चतुष्फलकीय हैं,फिर भी उनके चुंबकीय गुण भिन्न हैं। यह लिगेंड्स की प्रकृति में अंतर के कारण है।
$[NiCl_{4}]^{2-}$ में,$Ni$ $+2$ ऑक्सीकरण अवस्था में है और इसका विन्यास $3d^{8}$ है। $Cl^{-}$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है और यह अयुग्मित $3d$ इलेक्ट्रॉनों का युग्मन नहीं करता है। इसलिए,$[NiCl_{4}]^{2-}$ अनुचुंबकीय है।
$[Ni(CO)_{4}]$ में,$Ni$ शून्य ऑक्सीकरण अवस्था में है,अर्थात इसका विन्यास $3d^{8}4s^{2}$ है।
$CO$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है। इसलिए,यह अयुग्मित $3d$ इलेक्ट्रॉनों का युग्मन करता है। साथ ही,यह $4s$ इलेक्ट्रॉनों को $3d$ कक्षक में स्थानांतरित कर देता है,जिससे $sp^{3}$ संकरण होता है। चूंकि इस मामले में कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन मौजूद नहीं है,इसलिए $[Ni(CO)_{4}]$ प्रतिचुंबकीय है।
Solution diagram
246
Medium
समझाइए कि $[Co(NH_{3})_{6}]^{3+}$ एक आंतरिक कक्षक संकुल क्यों है जबकि $[Ni(NH_{3})_{6}]^{2+}$ एक बाह्य कक्षक संकुल है।

Solution

(N/A)
$[Co(NH_{3})_{6}]^{3+}$$[Ni(NH_{3})_{6}]^{2+}$
कोबाल्ट की ऑक्सीकरण अवस्था $= +3$निकेल की ऑक्सीकरण अवस्था $= +2$
कोबाल्ट आयन $(Co^{3+})$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $= 3d^{6}$निकेल आयन $(Ni^{2+})$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $= 3d^{8}$
$NH_{3}$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो $3d$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन करता है। यह $d^{2}sp^{3}$ संकरण के लिए दो $3d$ कक्षकों को उपलब्ध कराता है। अतः,यह एक आंतरिक कक्षक संकुल है।$NH_{3}$ के लिगेंड होने के बावजूद,$3d^{8}$ विन्यास में युग्मन के बाद केवल एक $3d$ कक्षक खाली रहता है। अतः,यह $d^{2}sp^{3}$ संकरण नहीं कर सकता है और इसके बजाय $4d$ कक्षकों का उपयोग करके $sp^{3}d^{2}$ संकरण करता है। अतः,यह एक बाह्य कक्षक संकुल है।
247
Medium
वर्ग समतलीय $[Pt(CN)_{4}]^{2-}$ आयन में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या का अनुमान लगाइए।

Solution

(0) $[Pt(CN)_{4}]^{2-}$ संकुल में,केंद्रीय धातु आयन $Pt^{2+}$ है।
$Pt$ की परमाणु संख्या $78$ है। $Pt$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Xe] 4f^{14} 5d^{9} 6s^{1}$ है।
$Pt^{2+}$ के लिए,विन्यास $[Xe] 4f^{14} 5d^{8}$ है।
$CN^{-}$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो $dsp^{2}$ संकरण की सुविधा के लिए $5d$ कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों के युग्मन को प्रेरित करता है,जो वर्ग समतलीय ज्यामिति की विशेषता है।
युग्मन के बाद,$5d$ कक्षकों में सभी $8$ इलेक्ट्रॉन युग्मित हो जाते हैं।
अतः,अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $0$ है।
248
Easy
संयोजकता आबंध सिद्धांत (valence bond theory) के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता (coordination entities) में आबंधन की प्रकृति की चर्चा कीजिए:
$(i)$ $[Fe(CN)_6]^{4-}$
$(ii)$ $[FeF_6]^{3-}$
$(iii)$ $[Co(C_2O_4)_3]^{3-}$
$(iv)$ $[CoF_6]^{3-}$

Solution

(N/A) $(i)$ $[Fe(CN)_6]^{4-}$: आयरन $+2$ ऑक्सीकरण अवस्था में है $(Fe^{2+}: 3d^6)$। $CN^-$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,जो $3d$ इलेक्ट्रॉनों का युग्मन करता है। यह $d^2sp^3$ संकरण दर्शाता है। संकुल अष्टफलकीय और प्रतिचुंबकीय है।
$(ii)$ $[FeF_6]^{3-}$: आयरन $+3$ ऑक्सीकरण अवस्था में है $(Fe^{3+}: 3d^5)$। $F^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,इसलिए युग्मन नहीं होता है। यह $sp^3d^2$ संकरण दर्शाता है। संकुल अष्टफलकीय और अनुचुंबकीय है।
$(iii)$ $[Co(C_2O_4)_3]^{3-}$: कोबाल्ट $+3$ ऑक्सीकरण अवस्था में है $(Co^{3+}: 3d^6)$। ऑक्सालेट $(C_2O_4^{2-})$ एक द्विदंतुक लिगेंड है। यह $d^2sp^3$ संकरण के साथ अष्टफलकीय संकुल बनाता है। संकुल अष्टफलकीय और प्रतिचुंबकीय है।
$(iv)$ $[CoF_6]^{3-}$: कोबाल्ट $+3$ ऑक्सीकरण अवस्था में है $(Co^{3+}: 3d^6)$। $F^-$ एक दुर्बल क्षेत्र लिगेंड है,इसलिए युग्मन नहीं होता है। यह $sp^3d^2$ संकरण दर्शाता है। संकुल अष्टफलकीय और अनुचुंबकीय है।
249
MediumMCQ
$[Ni(CO)_4]$ की ज्यामिति क्या है?
A
चतुष्फलकीय (Tetrahedral)
B
वर्ग समतलीय (Square planar)
C
अष्टफलकीय (Octahedral)
D
त्रिकोणीय द्विपिरामिडीय (Trigonal bipyramidal)

Solution

(A) $[Ni(CO)_4]$ में,$Ni$ की ऑक्सीकरण अवस्था $0$ है। $Ni$ $(Z=28)$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ar] 3d^8 4s^2$ है। चूँकि $CO$ एक प्रबल क्षेत्र लिगेंड है,यह $3d$ कक्षक में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन करता है। $4s$ के इलेक्ट्रॉन $3d$ कक्षक में चले जाते हैं,जिससे $3d^{10}$ विन्यास प्राप्त होता है। संकरण $sp^3$ है,जो चतुष्फलकीय ज्यामिति को दर्शाता है।
250
EasyMCQ
$[Co(H_2O)_6]Cl_3$ संकुल का रंग क्या है?
A
गुलाबी
B
बैंगनी
C
पीला
D
हरा

Solution

(A) $[Co(H_2O)_6]Cl_3$ संकुल में $[Co(H_2O)_6]^{3+}$ आयन होता है।
इस संकुल में $Co$ की ऑक्सीकरण अवस्था $+3$ है।
$Co^{3+}$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $3d^6$ है।
$H_2O$ के दुर्बल क्षेत्र लिगेंड के रूप में उपस्थित होने के कारण,यह उच्च-चक्रण (high-spin) अष्टफलकीय संकुल बनाता है।
यह संकुल गुलाबी रंग का होता है।

Coordination Compounds — Hybridisation and Geometry · Frequently Asked Questions

1Are these Coordination Compounds questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

Yes. Use the language tabs in the hero section or the sidebar to view the same questions and solutions in English, Hindi or Gujarati.

3How do I generate a question paper from this subtopic?

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