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Conductor and Conductance and Cell constant Questions in Hindi

Class 12 Chemistry · Electrochemistry · Conductor and Conductance and Cell constant

419+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 419 questions in Hindi

201
MediumMCQ
सेल स्थिरांक (cell constant) कैसे निर्धारित किया जाता है?
A
ज्ञात चालकता वाले विलयन युक्त सेल का प्रतिरोध मापकर।
B
अज्ञात चालकता वाले विलयन युक्त सेल का प्रतिरोध मापकर।
C
इलेक्ट्रोड की लंबाई और क्षेत्रफल मापकर।
D
सेल के सिरों के बीच विभवांतर मापकर।

Solution

(A) सेल स्थिरांक $(G^*)$ को इलेक्ट्रोड के बीच की दूरी $(l)$ और इलेक्ट्रोड के अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल $(A)$ के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है,अर्थात $G^* = l/A$।
चूंकि कई सेलों के लिए $l$ और $A$ को सटीक रूप से मापना कठिन होता है,इसलिए सेल स्थिरांक को ज्ञात चालकता $(\kappa)$ वाले मानक विलयन,जैसे $KCl$ विलयन,से भरे सेल का प्रतिरोध $(R)$ मापकर निर्धारित किया जाता है।
संबंध इस प्रकार है: $\kappa = G^* / R$,जिसका अर्थ है $G^* = \kappa \times R$।
202
Medium
$AC$ और $DC$ धारा में से,विद्युत अपघट्य विलयन की चालकता निर्धारित करने के लिए किस धारा का उपयोग किया जाता है? क्यों?

Solution

(N/A) विद्युत अपघट्य विलयन की चालकता निर्धारित करने के लिए $DC$ (दिष्ट धारा) के बजाय $AC$ (प्रत्यावर्ती धारा) का उपयोग किया जाता है।
इसका कारण यह है कि $DC$ विद्युत अपघटन का कारण बनता है,जिससे इलेक्ट्रोड के पास विलयन की सांद्रता में परिवर्तन हो जाता है।
सांद्रता में इस परिवर्तन के कारण ध्रुवीकरण (polarization) प्रभाव उत्पन्न होते हैं,जिससे विलयन का सही प्रतिरोध मापना कठिन हो जाता है।
$AC$ सांद्रता में इन परिवर्तनों और ध्रुवीकरण को रोकता है,जिससे विलयन की चालकता का सटीक मापन संभव हो पाता है।
203
MediumMCQ
चालकता सेल के इलेक्ट्रोड पर $Pt$ कणों की एक पतली परत बनाने से हमें क्या लाभ मिलता है?
A
यह इलेक्ट्रोड के सतह क्षेत्र को बढ़ाता है।
B
यह सेल के प्रतिरोध को कम करता है।
C
यह इलेक्ट्रोड के क्षरण को रोकता है।
D
यह इलेक्ट्रोड को निष्क्रिय बनाता है।

Solution

(A) चालकता सेल में,इलेक्ट्रोड आमतौर पर सूक्ष्म रूप से विभाजित प्लैटिनम ब्लैक के साथ लेपित प्लैटिनम $(Pt)$ से बने होते हैं।
$Pt$ कणों की यह परत इलेक्ट्रोड के प्रभावी सतह क्षेत्र को काफी बढ़ा देती है।
सतह क्षेत्र को बढ़ाकर,इलेक्ट्रोड-इलेक्ट्रोलाइट इंटरफेस पर ध्रुवीकरण प्रभाव को कम किया जाता है,जो इलेक्ट्रोलाइटिक चालकता के अधिक सटीक और स्थिर माप को सुनिश्चित करता है।
204
MediumMCQ
$0.0129 \ S \ cm^{-1}$ का मान $S \ m^{-1}$ में कितना होगा ($S \ m^{-1}$ में)?
A
$0.129$
B
$1.29$
C
$12.9$
D
$129$

Solution

(B) $S \ cm^{-1}$ को $S \ m^{-1}$ में बदलने के लिए,हम रूपांतरण कारक $1 \ cm = 10^{-2} \ m$ का उपयोग करते हैं।
अतः,$1 \ cm^{-1} = (10^{-2} \ m)^{-1} = 10^2 \ m^{-1} = 100 \ m^{-1}$।
दिया गया मान: $0.0129 \ S \ cm^{-1}$।
गणना: $0.0129 \ S \ cm^{-1} = 0.0129 \times 100 \ S \ m^{-1} = 1.29 \ S \ m^{-1}$।
205
Medium
चालकता सेल का उपयोग करके चालकता की गणना करने के लिए सूत्र लिखिए।

Solution

(N/A) चालकता $(\kappa)$ की गणना निम्नलिखित सूत्र का उपयोग करके की जाती है: $\kappa = G \times G^*$।
यहाँ,$G$ चालकत्व है,जो प्रतिरोध का व्युत्क्रम है $(G = \frac{1}{R})$,और $G^*$ सेल स्थिरांक है,जिसे इलेक्ट्रोड के बीच की दूरी $(l)$ और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल $(A)$ के अनुपात के रूप में परिभाषित किया गया है,अर्थात $G^* = \frac{l}{A}$।
206
MediumMCQ
$0.01\, S\, m^2\, mol^{-1} = $ ....... $S\, cm^2\, mol^{-1}$
A
$1$
B
$10$
C
$100$
D
$0.1$

Solution

(C) हम जानते हैं कि $1\, m = 100\, cm$ होता है।
अतः,$1\, m^2 = (100\, cm)^2 = 10000\, cm^2 = 10^4\, cm^2$।
दिया गया मान $0.01\, S\, m^2\, mol^{-1}$ है।
रूपांतरण कारक को प्रतिस्थापित करने पर: $0.01 \times 10^4\, S\, cm^2\, mol^{-1}$।
$= 10^{-2} \times 10^4\, S\, cm^2\, mol^{-1} = 10^2\, S\, cm^2\, mol^{-1} = 100\, S\, cm^2\, mol^{-1}$।
207
EasyMCQ
एक बेलनाकार चालक की त्रिज्या $(r)$ और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल $(A)$ के बीच गणितीय संबंध क्या है?
A
$A = \pi r$
B
$A = \pi r^2$
C
$A = 2 \pi r$
D
$A = \pi r^3$

Solution

(B) एक बेलनाकार चालक का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $(A)$ उसके अनुप्रस्थ काट द्वारा निर्मित वृत्त का क्षेत्रफल होता है।
$r$ त्रिज्या वाले वृत्त के लिए,क्षेत्रफल का सूत्र $A = \pi r^2$ होता है।
208
EasyMCQ
चालकता $G$,विशिष्ट चालकता $k$ के बराबर कब होती है?
A
जब सेल स्थिरांक $1 \ cm^{-1}$ हो
B
जब अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $1 \ cm^2$ और लंबाई $1 \ cm$ हो
C
जब विलयन का आयतन $1 \ cm^3$ हो
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) चालकता $(G)$ और विशिष्ट चालकता $(k)$ के बीच संबंध सूत्र $G = k \times (A/l)$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $A$ अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है और $l$ चालक की लंबाई है।
$G = k$ होने के लिए,सेल स्थिरांक $(l/A)$ का मान $1 \ cm^{-1}$ होना चाहिए।
यह तब होता है जब अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल $A = 1 \ cm^2$ और लंबाई $l = 1 \ cm$ हो।
चूंकि ये स्थितियां इकाई आयतन के विलयन को परिभाषित करती हैं,इसलिए आयतन $1 \ cm^3$ होता है।
अतः,दिए गए सभी विकल्प सही हैं।
209
Medium
$\Lambda _m = \frac{\kappa \times 1000}{C}$ को परिभाषित करें,जहाँ $C$,$mol \ L^{-1}$ में सांद्रता है और $\kappa$,$S \ cm^{-1}$ में चालकता है।

Solution

(N/A) पद $\Lambda _m$ एक विद्युत अपघट्य विलयन की मोलर चालकता को दर्शाता है।
इसे $V \ mL$ आयतन के विलयन में एक मोल विद्युत अपघट्य को घोलने पर उत्पन्न सभी आयनों की चालकता शक्ति के रूप में परिभाषित किया जाता है।
दिए गए सूत्र में,$\kappa$ चालकता (विशिष्ट चालकता) $S \ cm^{-1}$ में है,$C$ मोलर सांद्रता $mol \ L^{-1}$ में है,और $1000$ का गुणांक सांद्रता को $mol \ L^{-1}$ से $mol \ cm^{-3}$ में बदलने के लिए उपयोग किया जाता है (क्योंकि $1 \ L = 1000 \ cm^3$)।
210
MediumMCQ
विलयन की सांद्रता और मोलर चालकता $(\Lambda_m)$ के बीच क्या संबंध है?
A
सांद्रता बढ़ने पर $\Lambda_m$ बढ़ती है।
B
सांद्रता बढ़ने पर $\Lambda_m$ घटती है।
C
सांद्रता बढ़ने पर $\Lambda_m$ स्थिर रहती है।
D
$\Lambda_m$ सांद्रता से स्वतंत्र है।

Solution

(B) मोलर चालकता $(\Lambda_m)$ को $V$ आयतन के विलयन में एक मोल विद्युत अपघट्य को घोलने पर उत्पन्न सभी आयनों की चालकता के रूप में परिभाषित किया जाता है।
जैसे-जैसे विलयन की सांद्रता बढ़ती है,प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या तो बढ़ती है,लेकिन एक मोल विद्युत अपघट्य वाले विलयन का आयतन कम हो जाता है।
आयतन में कमी और उच्च सांद्रता पर अंतर-आयनिक आकर्षण बढ़ने के कारण,आयनों की गतिशीलता कम हो जाती है।
परिणामस्वरूप,विलयन की सांद्रता बढ़ने पर मोलर चालकता $(\Lambda_m)$ घट जाती है।
211
DifficultMCQ
निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य $(T)$ या असत्य $(F)$ की पहचान करें :
$(i)$ जैसे विलयन की सांद्रता अधिक होती है,चालकता कम होती है।
$(ii)$ जैसे विलयन की सांद्रता कम होती है,चालकता अधिक होती है।
$(iii)$ जैसे तापमान कम होता है,चालकता अधिक होती है।
A
$(i) T, (ii) F, (iii) T$
B
$(i) F, (ii) T, (iii) F$
C
$(i) F, (ii) F, (iii) T$
D
$(i) F, (ii) F, (iii) F$

Solution

(D) $(i)$ चालकता $(\kappa)$ को $1 \ cm^3$ विलयन की चालकता के रूप में परिभाषित किया जाता है। जैसे-जैसे सांद्रता बढ़ती है,प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या बढ़ती है,इसलिए चालकता बढ़ती है। अतः,कथन $(i)$ असत्य है।
$(ii)$ जैसे-जैसे सांद्रता घटती है,प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या घटती है,इसलिए चालकता घटती है। अतः,कथन $(ii)$ असत्य है।
$(iii)$ जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है,आयनों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है और विलायक की श्यानता घटती है,जिससे आयनों की गतिशीलता बढ़ती है,जिससे चालकता बढ़ती है। इसके विपरीत,यदि तापमान कम है,तो चालकता कम होती है। अतः,कथन $(iii)$ असत्य है।
इसलिए,सभी कथन असत्य हैं।
212
DifficultMCQ
निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य $(T)$ या असत्य $(F)$ की पहचान करें :
$(i)$ जैसे विलयन का तापमान अधिक होता है,वैसे ही चालकता अधिक होती है।
$(ii)$ $Cu$ की चालकता $\propto$ तापमान।
$(iii)$ जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है,$Cu$ की चालकता घटती है।
A
$(i) T, (ii) T, (iii) T$
B
$(i) T, (ii) F, (iii) T$
C
$(i) F, (ii) T, (iii) F$
D
$(i) F, (ii) F, (iii) T$

Solution

(B) $(i)$ विद्युत अपघट्य विलयनों के लिए,तापमान बढ़ने पर चालकता बढ़ती है क्योंकि आयनों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है और विलायक की श्यानता कम हो जाती है,जिससे आयनिक गतिशीलता बढ़ जाती है। अतः,कथन $(i)$ $T$ है।
$(ii)$ $Cu$ एक धात्विक चालक है। धात्विक चालकों के लिए,तापमान बढ़ने पर धातु आयनों के कंपन के कारण इलेक्ट्रॉनों का प्रकीर्णन बढ़ जाता है,इसलिए चालकता तापमान के व्युत्क्रमानुपाती होती है। अतः,कथन $(ii)$ $F$ है।
$(iii)$ जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है,$Cu$ जैसे धात्विक चालकों का प्रतिरोध बढ़ता है,जिसका अर्थ है कि चालकता घटती है। अतः,कथन $(iii)$ $T$ है।
अतः,सही क्रम $(i) T, (ii) F, (iii) T$ है।
213
MediumMCQ
$298 \ K$ पर $NaCl$ के लिए $\Lambda _m^o$ का मान क्या है?
A
$126.4 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
B
$390.5 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
C
$426.2 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
D
$91.0 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$

Solution

(A) $NaCl$ के लिए अनंत तनुता पर मोलर चालकता $\Lambda _m^o$ की गणना कोहलराश के आयनों के स्वतंत्र अभिगमन के नियम का उपयोग करके की जा सकती है।
$\Lambda _m^o (NaCl) = \lambda ^o (Na^+) + \lambda ^o (Cl^-)$.
$298 \ K$ पर मानक मान:
$\lambda ^o (Na^+) = 50.1 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
$\lambda ^o (Cl^-) = 76.3 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
अतः,$\Lambda _m^o (NaCl) = 50.1 + 76.3 = 126.4 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$.
214
Medium
विद्युत अपघट्य विलयन के प्रतिरोध को मापने के लिए प्रत्यावर्ती धारा $(AC)$ का उपयोग क्यों किया जाता है?

Solution

(N/A) विद्युत अपघट्य सेल में विद्युत अपघटन की प्रक्रिया को रोकने के लिए प्रत्यावर्ती धारा $(AC)$ का उपयोग किया जाता है। यदि दिष्ट धारा $(DC)$ का उपयोग किया जाता है,तो यह इलेक्ट्रोड की ओर आयनों के प्रवास का कारण बनता है और रासायनिक परिवर्तन करता है,जिससे विलयन की सांद्रता बदल जाती है। $AC$ का उपयोग करने से धारा की दिशा तेजी से बदलती है,जो आयनों के शुद्ध प्रवास को रोकती है और विलयन की सांद्रता को स्थिर रखती है,जिससे प्रतिरोध का सटीक मापन संभव हो पाता है।
215
Medium
दो विद्युत अपघट्यों $A$ और $B$ के विलयनों को तनु किया जाता है। $B$ की $\Lambda_m$ $1.5$ गुना बढ़ जाती है जबकि $A$ की $\Lambda_m$ $25$ गुना बढ़ जाती है। दोनों में से कौन सा प्रबल विद्युत अपघट्य है? अपने उत्तर का औचित्य सिद्ध कीजिए।

Solution

(B) एक प्रबल विद्युत अपघट्य है क्योंकि तनुकरण पर आयनों की संख्या समान रहती है,केवल अंतर-आयनिक आकर्षण कम होता है,इसलिए $\Lambda_m$ में वृद्धि कम होती है।
$A$ एक दुर्बल विद्युत अपघट्य है क्योंकि यह पूर्ण आयनीकरण नहीं देता है। तनुकरण पर,वियोजन की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है,जिससे आयनों की संख्या में बड़ी वृद्धि होती है,जो इसकी $\Lambda_m$ मान में भारी वृद्धि ($25$ गुना) का कारण बनती है।
अतः,$B$ प्रबल विद्युत अपघट्य है।
216
MediumMCQ
जलीय विलयन में,पानी मिलाने पर विद्युत अपघट्य की विशिष्ट चालकता कैसे बदलती है?
A
यह बढ़ती है।
B
यह घटती है।
C
यह स्थिर रहती है।
D
यह पहले बढ़ती है फिर घटती है।

Solution

(B) विलयन को तनु करने पर विशिष्ट चालकता (kappa) घटती है।
विद्युत अपघट्य विलयन में पानी मिलाने पर,प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या कम हो जाती है।
चूंकि विशिष्ट चालकता को विलयन के $1 \ cm^3$ की चालकता के रूप में परिभाषित किया गया है,इसलिए प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या में कमी के कारण विशिष्ट चालकता कम हो जाती है।
217
MediumMCQ
मान लीजिए $C_{NaCl}$ और $C_{BaSO_4}$ तापमान $T$ पर $NaCl$ और $BaSO_4$ के संतृप्त जलीय विलयनों के लिए मापी गई चालकता ($S$ में) हैं। निम्नलिखित में से कौन सा गलत है?
A
दोनों लवणों के आयनों की आयनिक गतिशीलता $T$ के साथ बढ़ती है।
B
दिए गए $T$ पर $C_{NaCl} \gg C_{BaSO_4}$।
C
$T_2 > T_1$ के लिए $C_{NaCl}(T_2) > C_{NaCl}(T_1)$।
D
$T_2 > T_1$ के लिए $C_{BaSO_4}(T_2) > C_{BaSO_4}(T_1)$।

Solution

(D) संतृप्त विलयन की चालकता आयनिक गतिशीलता और लवण की घुलनशीलता दोनों पर निर्भर करती है।
$NaCl$ के लिए,जो अत्यधिक घुलनशील है,घुलनशीलता तापमान के साथ काफी नहीं बदलती है,लेकिन आयनिक गतिशीलता $T$ के साथ बढ़ती है,इसलिए $C_{NaCl}$ बढ़ता है।
$BaSO_4$ के लिए,हालांकि आयनिक गतिशीलता $T$ के साथ बढ़ती है,$BaSO_4$ की घुलनशीलता बहुत कम है और इसका घुलना ऊष्माशोषी है। तापमान बढ़ने पर $BaSO_4$ की घुलनशीलता बढ़ती है,इसलिए आयनों की संख्या और आयनिक गतिशीलता दोनों बढ़ते हैं। अतः,$C_{BaSO_4}$ तापमान के साथ बढ़ता है।
218
MediumMCQ
जलीय विलयन में एक विद्युत अपघट्य $X$ की सांद्रता के साथ मोलर चालकता में परिवर्तन को दी गई आकृति में दर्शाया गया है।
विद्युत अपघट्य $X$ है:
Question diagram
A
$CH_{3}COOH$
B
$KNO_{3}$
C
$HCl$
D
$NaCl$

Solution

(A) दिया गया ग्राफ सांद्रता में कमी के साथ (जैसे-जैसे $\sqrt{c}$ शून्य के करीब आता है) मोलर चालकता में तीव्र वृद्धि दर्शाता है। यह व्यवहार एक दुर्बल विद्युत अपघट्य की विशेषता है,जिसमें तनुकरण पर वियोजन की मात्रा काफी बढ़ जाती है।
दिए गए विकल्पों में से,$CH_{3}COOH$ एक दुर्बल विद्युत अपघट्य है,जबकि $KNO_{3}$,$HCl$,और $NaCl$ प्रबल विद्युत अपघट्य हैं जो कोहलराश समीकरण: $\Lambda_{m} = \Lambda_{m}^{\circ} - A\sqrt{c}$ के अनुसार रैखिक परिवर्तन दिखाते हैं।
अतः,सही विद्युत अपघट्य $CH_{3}COOH$ है।
219
MediumMCQ
एक दुर्बल मोनोबेसिक अम्ल के $0.05 \, M$ विलयन की चालकता $10^{-3} \, S \, cm^{-1}$ है। यदि दुर्बल अम्ल के लिए $\lambda_{m}^{\infty} = 500 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$ है,तो दुर्बल मोनोबेसिक अम्ल का $K_{a}$ ज्ञात कीजिए।
A
$8 \times 10^{-5}$
B
$4 \times 10^{-6}$
C
$16 \times 10^{-7}$
D
$14 \times 10^{-8}$

Solution

(A) सबसे पहले,मोलर चालकता $(\lambda_{m})$ की गणना करें: $\lambda_{m} = \frac{1000 \times \kappa}{M}$
$\lambda_{m} = \frac{1000 \times 10^{-3}}{0.05} = 20 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$
इसके बाद,वियोजन की मात्रा $(\alpha)$ ज्ञात करें: $\alpha = \frac{\lambda_{m}}{\lambda_{m}^{\infty}} = \frac{20}{500} = 0.04$
अंत में,वियोजन स्थिरांक $(K_{a})$ की गणना करें: $K_{a} = C \alpha^{2}$
$K_{a} = 0.05 \times (0.04)^{2} = 0.05 \times 0.0016 = 8 \times 10^{-5}$
220
DifficultMCQ
$KCl$ के $5.0 \, mmol \, dm^{-3}$ जलीय विलयन की चालकता $0.55 \, mS$ है,जब इसे $1.3 \, cm^{-1}$ के सेल स्थिरांक वाले सेल में मापा जाता है। इस विलयन की मोलर चालकता ....... $mS \, m^{2} \, mol^{-1}$ है। (निकटतम पूर्णांक में पूर्णांकित करें)
A
$133$
B
$195$
C
$143$
D
$241$

Solution

(C) दिया गया है: सांद्रता $(C) = 5.0 \, mmol \, dm^{-3} = 5.0 \times 10^{-3} \, mol \, L^{-1} = 5.0 \, mol \, m^{-3}$.
चालकता $(G) = 0.55 \, mS = 0.55 \times 10^{-3} \, S$.
सेल स्थिरांक $(G^*) = 1.3 \, cm^{-1} = 130 \, m^{-1}$.
विशिष्ट चालकता $(\kappa) = G \times G^* = 0.55 \, mS \times 130 \, m^{-1} = 71.5 \, mS \, m^{-1} = 0.0715 \, S \, m^{-1}$.
मोलर चालकता $(\lambda_m) = \frac{\kappa}{C} = \frac{0.0715 \, S \, m^{-1}}{5.0 \, mol \, m^{-3}} = 0.0143 \, S \, m^2 \, mol^{-1} = 14.3 \, mS \, m^2 \, mol^{-1}$.
निकटतम पूर्णांक में पूर्णांकित करने पर,मान $14$ है।
221
DifficultMCQ
$0.14 \, S m^{-1}$ चालकता वाला एक $KCl$ विलयन एक चालकता सेल में $4.19 \, \Omega$ का प्रतिरोध दर्शाता है। यदि उसी सेल को $HCl$ विलयन से भरा जाता है,तो प्रतिरोध घटकर $1.03 \, \Omega$ हो जाता है। $HCl$ विलयन की चालकता $....... \, \times 10^{-2} \, S m^{-1}$ है। (निकटतम पूर्णांक में पूर्णांकित करें)।
A
$28$
B
$107$
C
$67$
D
$57$

Solution

(D) चालकता $\kappa$,प्रतिरोध $R$ और सेल स्थिरांक $G^{*}$ से इस सूत्र द्वारा संबंधित है: $\kappa = \frac{1}{R} \cdot G^{*}$
समान चालकता सेल के लिए,$G^{*}$ स्थिर रहता है,इसलिए $\kappa \cdot R = G^{*} = \text{स्थिरांक}$.
$KCl$ विलयन के लिए: $\kappa_{KCl} \cdot R_{KCl} = 0.14 \times 4.19 = 0.5866 \, S$.
$HCl$ विलयन के लिए: $\kappa_{HCl} \cdot R_{HCl} = 0.5866 \, S$.
$\kappa_{HCl} = \frac{0.5866}{1.03} \approx 0.5695 \, S m^{-1}$.
आवश्यक इकाइयों में परिवर्तित करने पर: $0.5695 \, S m^{-1} = 56.95 \times 10^{-2} \, S m^{-1}$.
निकटतम पूर्णांक में पूर्णांकित करने पर,हमें $57 \times 10^{-2} \, S m^{-1}$ प्राप्त होता है।
222
MediumMCQ
बेरियम क्लोराइड,सल्फ्यूरिक एसिड और हाइड्रोक्लोरिक एसिड की अनंत तनुता पर मोलर चालकता क्रमशः $280$,$860$ और $426 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$ है। बेरियम सल्फेट की अनंत तनुता पर मोलर चालकता $...... \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$ है (निकटतम पूर्णांक में पूर्णांकित करें)।
A
$102$
B
$328$
C
$488$
D
$288$

Solution

(D) कोह्लराउश के आयनों के स्वतंत्र अभिगमन के नियम के अनुसार:
$\Lambda_{m}^{\infty}(BaSO_{4}) = \lambda_{m}^{\infty}(Ba^{2+}) + \lambda_{m}^{\infty}(SO_{4}^{2-})$
हम इसे दिए गए विद्युत अपघट्यों के संदर्भ में व्यक्त कर सकते हैं:
$\Lambda_{m}^{\infty}(BaSO_{4}) = \Lambda_{m}^{\infty}(BaCl_{2}) + \Lambda_{m}^{\infty}(H_{2}SO_{4}) - 2\Lambda_{m}^{\infty}(HCl)$
दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करने पर:
$\Lambda_{m}^{\infty}(BaSO_{4}) = 280 + 860 - 2(426)$
$= 1140 - 852$
$= 288 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$
223
DifficultMCQ
नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन $I :$ $KCl$ (प्रबल विद्युत अपघट्य) की सीमांत मोलर चालकता $CH_{3}COOH$ (दुर्बल विद्युत अपघट्य) की तुलना में अधिक है।
कथन $II :$ विद्युत अपघट्य की सांद्रता में कमी के साथ मोलर चालकता घटती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
A
कथन $I$ सत्य है लेकिन कथन $II$ असत्य है।
B
कथन $I$ असत्य है लेकिन कथन $II$ सत्य है।
C
कथन $I$ और कथन $II$ दोनों सत्य हैं।
D
कथन $I$ और कथन $II$ दोनों असत्य हैं।

Solution

(D) कथन $I$: सीमांत मोलर चालकता $(\Lambda_{m}^{\infty})$ घटक आयनों की आयनिक चालकताओं का योग है। $CH_{3}COOH$ के लिए,$\Lambda_{m}^{\infty} = \lambda^{\infty}(H^{+}) + \lambda^{\infty}(CH_{3}COO^{-}) \approx 349.8 + 40.9 = 390.7 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$। $KCl$ के लिए,$\Lambda_{m}^{\infty} = \lambda^{\infty}(K^{+}) + \lambda^{\infty}(Cl^{-}) \approx 73.5 + 76.3 = 149.8 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$। चूंकि $390.7 > 149.8$,इसलिए कथन $I$ असत्य है।
कथन $II$: मोलर चालकता $(\Lambda_{m})$ को $\Lambda_{m} = \frac{\kappa}{c}$ के रूप में परिभाषित किया गया है। जैसे-जैसे सांद्रता $(c)$ घटती है,तनुता बढ़ती है। प्रबल और दुर्बल दोनों विद्युत अपघट्यों के लिए,सांद्रता में कमी से मोलर चालकता में वृद्धि होती है क्योंकि अंतर-आयनिक आकर्षण कम हो जाते हैं (प्रबल विद्युत अपघट्यों के लिए) या वियोजन की मात्रा बढ़ जाती है (दुर्बल विद्युत अपघट्यों के लिए)। अतः,कथन $II$ असत्य है।
224
EasyMCQ
$298 \, K$ पर $0.001 \, M \, KCl$ युक्त $1.14 \, cm^{-1}$ सेल स्थिरांक वाले चालकता सेल का प्रतिरोध $1500 \, \Omega$ है। $298 \, K$ पर $0.001 \, M \, KCl$ विलयन की मोलर चालकता $S \, cm^{2} \, mol^{-1}$ में क्या होगी? (पूर्णांक उत्तर)
A
$760$
B
$76$
C
$7.6$
D
$141$

Solution

(A) चालकता $\kappa = \frac{1}{R} \times \left(\frac{\ell}{A}\right)$ द्वारा दी जाती है।
यहाँ $R = 1500 \, \Omega$ और सेल स्थिरांक $\frac{\ell}{A} = 1.14 \, cm^{-1}$ है।
$\kappa = \frac{1}{1500} \times 1.14 = 7.6 \times 10^{-4} \, S \, cm^{-1}$.
मोलर चालकता $\wedge_{m} = \frac{1000 \times \kappa}{C}$ सूत्र का उपयोग करने पर.
$\wedge_{m} = \frac{1000 \times 7.6 \times 10^{-4}}{0.001} = \frac{0.76}{0.001} = 760 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$.
225
EasyMCQ
List-$I$ को List-$II$ के साथ सुमेलित करें:
List-$I$ (पैरामीटर) List-$II$ (इकाई)
$a$. सेल स्थिरांक $i$. $S\, cm^{2}\, mol^{-1}$
$b$. मोलर चालकता $ii$. विमाहीन
$c$. चालकता $iii$. $m^{-1}$
$d$. विद्युत अपघट्य के वियोजन की मात्रा $iv$. $\Omega^{-1}\, m^{-1}$

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
A
$a-iii, b-i, c-iv, d-ii$
B
$a-iii, b-i, c-ii, d-iv$
C
$a-i, b-iv, c-iii, d-ii$
D
$a-ii, b-i, c-iii, d-iv$

Solution

(A) सेल स्थिरांक को इलेक्ट्रोड के बीच की दूरी $(\ell)$ और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल $(A)$ के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है,इसलिए इसकी इकाई $m^{-1}$ है।
मोलर चालकता $(\Lambda_{m})$ को एक मोल विद्युत अपघट्य से उत्पन्न सभी आयनों की चालकता के रूप में परिभाषित किया जाता है,जिसकी इकाई $S\, m^{2}\, mol^{-1}$ (या $S\, cm^{2}\, mol^{-1}$) होती है।
चालकता $(\kappa)$ प्रतिरोधकता का व्युत्क्रम है,जिसकी इकाई $\Omega^{-1}\, m^{-1}$ या $S\, m^{-1}$ है।
वियोजन की मात्रा $(\alpha)$ वियोजित मोलों की संख्या और कुल मोलों की संख्या का अनुपात है,जो एक विमाहीन राशि है।
अतः,सही मिलान $a-iii, b-i, c-iv, d-ii$ है।
226
DifficultMCQ
यदि $0^{\circ} \, C$ पर मरकरी की चालकता $1.07 \times 10^{6} \, S \, m^{-1}$ है और मरकरी युक्त सेल का प्रतिरोध $0.243 \, \Omega$ है,तो सेल का सेल स्थिरांक $x \times 10^{4} \, m^{-1}$ है। $x$ का मान ...... है। (निकटतम पूर्णांक)
A
$260$
B
$39$
C
$26$
D
$13$

Solution

(C) दिया गया है: चालकता $\kappa = 1.07 \times 10^{6} \, S \, m^{-1}$ और प्रतिरोध $R = 0.243 \, \Omega$।
चालकता $(\kappa)$,चालकत्व $(G)$ और सेल स्थिरांक $(G^{*})$ के बीच संबंध $\kappa = G \times G^{*}$ है।
चूंकि $G = \frac{1}{R}$,इसलिए $\kappa = \frac{1}{R} \times G^{*}$।
सेल स्थिरांक के लिए सूत्र: $G^{*} = \kappa \times R$।
मान रखने पर: $G^{*} = (1.07 \times 10^{6} \, S \, m^{-1}) \times (0.243 \, \Omega) = 0.26001 \times 10^{6} \, m^{-1}$।
$x \times 10^{4} \, m^{-1}$ के रूप में व्यक्त करने पर: $G^{*} = 26.001 \times 10^{4} \, m^{-1}$।
अतः,$x$ का मान $26$ है।
227
MediumMCQ
$0.007 \ M$ एसिटिक अम्ल की मोलर चालकता $20 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}$ है। एसिटिक अम्ल का वियोजन स्थिरांक क्या है? ($\times 10^{-5} \ mol \ L^{-1}$ में)
$[\Lambda_{H^{+}}^{\circ}=350 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}, \Lambda_{CH_{3}COO^{-}}^{\circ}=50 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}]$
A
$175$
B
$2.50$
C
$1.75$
D
$250$

Solution

(C) सबसे पहले,एसिटिक अम्ल की सीमांत मोलर चालकता की गणना करें:
$\Lambda_{m}^{\circ}(CH_{3}COOH) = \Lambda_{H^{+}}^{\circ} + \Lambda_{CH_{3}COO^{-}}^{\circ} = 350 + 50 = 400 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}$
इसके बाद,वियोजन की मात्रा $(\alpha)$ की गणना करें:
$\alpha = \frac{\Lambda_{m}}{\Lambda_{m}^{\circ}} = \frac{20}{400} = 0.05$
अंत में,वियोजन स्थिरांक $(K_{a})$ की गणना $K_{a} = C \alpha^{2} / (1 - \alpha)$ सूत्र का उपयोग करके करें। चूंकि $\alpha$ बहुत छोटा है,हम $K_{a} \approx C \alpha^{2}$ का उपयोग करते हैं:
$K_{a} = 0.007 \times (0.05)^{2}$
$K_{a} = 7 \times 10^{-3} \times 25 \times 10^{-4}$
$K_{a} = 175 \times 10^{-7} = 1.75 \times 10^{-5} \ mol \ L^{-1}$
अतः,उत्तर $1.75$ है।
228
EasyMCQ
दिया गया है कि $\Lambda_{m}^{\infty} = 133.4 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1} (AgNO_{3})$; $\Lambda_{m}^{\infty} = 149.9 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1} (KCl)$ और $\Lambda_{m}^{\infty} = 144.9 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1} (KNO_{3})$,तो $AgCl$ के लिए अनंत तनुता पर मोलर चालकता $....... \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$ है।
A
$140$
B
$138$
C
$134$
D
$132$

Solution

(B) कोलरॉश के आयनों के स्वतंत्र अभिगमन के नियम के अनुसार,$AgCl$ के लिए अनंत तनुता पर मोलर चालकता की गणना इस प्रकार की जा सकती है:
$\Lambda_{m}^{\infty}(AgCl) = \Lambda_{m}^{\infty}(Ag^{+}) + \Lambda_{m}^{\infty}(Cl^{-})$
दिए गए मानों का उपयोग करते हुए:
$\Lambda_{m}^{\infty}(AgCl) = \Lambda_{m}^{\infty}(AgNO_{3}) + \Lambda_{m}^{\infty}(KCl) - \Lambda_{m}^{\infty}(KNO_{3})$
मान रखने पर:
$= 133.4 + 149.9 - 144.9$
$= 283.3 - 144.9$
$= 138.4 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$
निकटतम पूर्णांक में,मान $138 \, S \, cm^{2} \, mol^{-1}$ है।
229
MediumMCQ
$298 \, K$ पर $0.01 \, M \, KCl$ विलयन युक्त चालकता सेल का प्रतिरोध $1750 \, \Omega$ है। यदि $298 \, K$ पर $0.01 \, M \, KCl$ विलयन की चालकता $0.152 \times 10^{-3} \, S \, cm^{-1}$ है,तो चालकता सेल का सेल स्थिरांक $.......... \, \times 10^{-3} \, cm^{-1}$ है।
A
$452$
B
$312$
C
$266$
D
$199$

Solution

(C) चालकता $(k)$,प्रतिरोध $(R)$ और सेल स्थिरांक $(G^*)$ के बीच संबंध इस प्रकार है:
$k = \frac{1}{R} \times G^*$
दिया गया है:
$R = 1750 \, \Omega$
$k = 0.152 \times 10^{-3} \, S \, cm^{-1}$
मान रखने पर:
$0.152 \times 10^{-3} = \frac{1}{1750} \times G^*$
$G^* = 0.152 \times 10^{-3} \times 1750$
$G^* = 266 \times 10^{-3} \, cm^{-1}$
230
MediumMCQ
$NaI$,$NaNO_3$ और $AgNO_3$ की सीमांत मोलर चालकताएँ क्रमशः $12.7$,$12.0$ और $13.3 \, mS \, m^2 \, mol^{-1}$ हैं ($25^{\circ} C$ पर)। इस तापमान पर $AgI$ की सीमांत मोलर चालकता $.... \, mS \, m^2 \, mol^{-1}$ है।
A
$15.0$
B
$14.0$
C
$8.9$
D
$12.3$

Solution

(B) कोहलराश के आयनों के स्वतंत्र अभिगमन के नियम के अनुसार,किसी विद्युत अपघट्य की सीमांत मोलर चालकता उसके घटक आयनों की सीमांत मोलर चालकताओं के योग के बराबर होती है।
$\lambda_{m}^{\infty}(AgI) = \lambda_{m}^{\infty}(Ag^+) + \lambda_{m}^{\infty}(I^-)$
हम इसे दिए गए मानों का उपयोग करके इस प्रकार लिख सकते हैं:
$\lambda_{m}^{\infty}(AgI) = \lambda_{m}^{\infty}(AgNO_3) + \lambda_{m}^{\infty}(NaI) - \lambda_{m}^{\infty}(NaNO_3)$
दिए गए मानों को प्रतिस्थापित करने पर:
$\lambda_{m}^{\infty}(AgI) = 13.3 + 12.7 - 12.0$
$\lambda_{m}^{\infty}(AgI) = 26.0 - 12.0$
$\lambda_{m}^{\infty}(AgI) = 14.0 \, mS \, m^2 \, mol^{-1}$
231
MediumMCQ
$20 \ mL$ $NaCl$ विलयन में $10 \ moles$ वाले चालकता सेल की मोलर चालकता $\Lambda_{m1}$ है और $80 \ mL$ $NaCl$ विलयन में $20 \ moles$ वाले दूसरे समान सेल की मोलर चालकता $\Lambda_{m2}$ है। यदि इन दोनों सेलों द्वारा प्रदर्शित चालकता $(\kappa)$ समान है,तो $\Lambda_{m2}$ और $\Lambda_{m1}$ के बीच का संबंध $........$ है।
A
$\Lambda_{m2} = 2 \Lambda_{m1}$
B
$\Lambda_{m2} = \Lambda_{m1} / 2$
C
$\Lambda_{m2} = \Lambda_{m1}$
D
$\Lambda_{m2} = 4 \Lambda_{m1}$

Solution

(A) मोलर चालकता का सूत्र $\Lambda_{m} = \kappa \times \frac{1000}{M}$ है,जहाँ $M$ विलयन की मोलरता है।
चूंकि चालकता $\kappa$ समान है,इसलिए $\Lambda_{m} \propto \frac{1}{M}$ होगा।
दोनों विलयनों के लिए मोलरता की गणना करें:
$M_1 = \frac{10 \ mol}{20 \ mL} = 0.5 \ mol/mL$.
$M_2 = \frac{20 \ mol}{80 \ mL} = 0.25 \ mol/mL$.
अब,अनुपात ज्ञात करें:
$\frac{\Lambda_{m2}}{\Lambda_{m1}} = \frac{M_1}{M_2} = \frac{0.5}{0.25} = 2$.
अतः,$\Lambda_{m2} = 2 \Lambda_{m1}$.
232
DifficultMCQ
$129 \; m^{-1}$ के सेल स्थिरांक वाले एक चालकता सेल में $74.5 \; ppm$ $KCl$ का विलयन भरने पर प्रतिरोध $100 \; \Omega$ प्राप्त होता है (विलयन $1$)। जब उसी सेल में $149 \; ppm$ $KCl$ का विलयन भरा जाता है,तो प्रतिरोध $50 \; \Omega$ प्राप्त होता है (विलयन $2$)। विलयन $1$ और विलयन $2$ की मोलर चालकता का अनुपात $\frac{\wedge_{1}}{\wedge_{2}} = x \times 10^{-3}$ है। $x$ का मान ज्ञात कीजिए (निकटतम पूर्णांक)। दिया गया है: $KCl$ का मोलर द्रव्यमान $74.5 \; g \; mol^{-1}$ है।
A
$1000$
B
$2000$
C
$3000$
D
$4000$

Solution

(A) सेल स्थिरांक $G^* = \frac{\ell}{A} = 129 \; m^{-1} = 1.29 \; cm^{-1}$.
चालकता $\kappa = \frac{G^*}{R}$.
विलयन $1$ $(74.5 \; ppm)$ के लिए: $\kappa_1 = \frac{1.29}{100} \; S \; cm^{-1}$.
सांद्रता $C_1 \propto 74.5 \; ppm$.
विलयन $2$ $(149 \; ppm)$ के लिए: $\kappa_2 = \frac{1.29}{50} \; S \; cm^{-1}$.
सांद्रता $C_2 \propto 149 \; ppm$.
चूंकि $ppm$ मोलरता $(M)$ के समानुपाती है,$\frac{C_1}{C_2} = \frac{74.5}{149} = \frac{1}{2}$.
मोलर चालकता $\wedge_m = \frac{1000 \kappa}{C}$.
$\frac{\wedge_1}{\wedge_2} = \frac{\kappa_1}{\kappa_2} \times \frac{C_2}{C_1} = \frac{1.29/100}{1.29/50} \times \frac{149}{74.5} = \frac{50}{100} \times 2 = 1$.
दिया गया है $\frac{\wedge_1}{\wedge_2} = x \times 10^{-3} = 1$.
अतः,$x = 1000$.
233
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से,वह आलेख जो $0.05 \ M \ H_2SO_4$ का $0.1 \ M \ NH_4OH$ के साथ चालकतामितीय अनुमापन को सही ढंग से दर्शाता है,वह है
A
आलेख $(a)$
Option A
B
आलेख $(b)$
Option B
C
आलेख $(c)$
Option C
D
आलेख $(d)$
Option D

Solution

(B) चालकतामितीय अनुमापन का सिद्धांत इस तथ्य पर आधारित है कि अनुमापन के दौरान एक आयन दूसरे आयन द्वारा प्रतिस्थापित हो जाता है और इन दोनों आयनों की आयनिक चालकता भिन्न होती है।
$0.05 \ M \ H_2SO_4$ का $0.1 \ M \ NH_4OH$ के साथ चालकतामितीय अनुमापन में,प्रारंभ में अत्यधिक गतिशील $H^+$ आयन $OH^-$ आयनों द्वारा उदासीन होकर $H_2O$ बनाते हैं और उनके स्थान पर कम गतिशील $NH_4^+$ आयन आ जाते हैं। इससे तुल्यांक बिंदु तक चालकता में कमी आती है।
तुल्यांक बिंदु के बाद,अतिरिक्त दुर्बल विद्युत-अपघट्य $NH_4OH$ मिलाने से चालकता में कोई विशेष वृद्धि नहीं होती है क्योंकि यह दुर्बल रूप से वियोजित होता है।
अतः,वह आलेख जो चालकता में कमी और उसके बाद लगभग स्थिर चालकता दर्शाता है,सही निरूपण है।
234
MediumMCQ
$298 \ K$ पर दिए गए विद्युत अपघट्यों की सीमांत मोलर चालकता का क्रम क्या है: $\lambda^{\circ}_{(K^{+})} = 73.5, \lambda^{\circ}_{(Cl^{-})} = 76.3, \lambda^{\circ}_{(Ca^{2+})} = 119.0, \lambda^{\circ}_{(SO_{4}^{2-})} = 160.0 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}$.
A
$KCl < CaCl_{2} < K_{2}SO_{4}$
B
$KCl < K_{2}SO_{4} < CaCl_{2}$
C
$K_{2}SO_{4} < CaCl_{2} < KCl$
D
$CaCl_{2} < K_{2}SO_{4} < KCl$

Solution

(A) कोलराउस के नियम का उपयोग करके दिए गए विद्युत अपघट्यों की सीमांत मोलर चालकता की गणना इस प्रकार है:
$\lambda^{\circ}_{KCl} = \lambda^{\circ}_{K^{+}} + \lambda^{\circ}_{Cl^{-}} = 73.5 + 76.3 = 149.8 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}$
$\lambda^{\circ}_{CaCl_{2}} = \lambda^{\circ}_{Ca^{2+}} + 2\lambda^{\circ}_{Cl^{-}} = 119.0 + 2 \times 76.3 = 271.6 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}$
$\lambda^{\circ}_{K_{2}SO_{4}} = 2\lambda^{\circ}_{K^{+}} + \lambda^{\circ}_{SO_{4}^{2-}} = 2 \times 73.5 + 160.0 = 307.0 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}$
मानों की तुलना करने पर,क्रम इस प्रकार है: $\lambda^{\circ}_{KCl} < \lambda^{\circ}_{CaCl_{2}} < \lambda^{\circ}_{K_{2}SO_{4}}$.
235
DifficultMCQ
$298 \ K$ पर $0.02 \ M$ जलीय एसिटिक अम्ल विलयन की विशिष्ट चालकता $(\kappa) 1.65 \times 10^{-4} \ S \ cm^{-1}$ है। एसिटिक अम्ल के वियोजन की मात्रा ज्ञात कीजिए। [दिया गया है: $H^{+}$ की अनंत तनुता पर तुल्यांकी चालकता $= 349.1 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}$ और $CH_{3}COO^{-} = 40.9 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}$]
A
$0.021$
B
$0.21$
C
$0.012$
D
$0.12$

Solution

(A) दिया गया है,विशिष्ट चालकता $(\kappa) = 1.65 \times 10^{-4} \ S \ cm^{-1}$ और मोलरता $(M) = 0.02 \ M$।
मोलर चालकता $(\lambda_{m})$ की गणना इस प्रकार की जाती है:
$\lambda_{m} = \frac{1000 \times \kappa}{M} = \frac{1000 \times 1.65 \times 10^{-4}}{0.02} = 8.25 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}$।
अनंत तनुता पर मोलर चालकता $(\lambda_{m}^{\infty})$ है:
$\lambda_{m}^{\infty} = \lambda_{m(H^{+})}^{\infty} + \lambda_{m(CH_{3}COO^{-})}^{\infty} = 349.1 + 40.9 = 390 \ S \ cm^{2} \ mol^{-1}$।
वियोजन की मात्रा $(\alpha)$ इस प्रकार है:
$\alpha = \frac{\lambda_{m}}{\lambda_{m}^{\infty}} = \frac{8.25}{390} \approx 0.0211$।
236
DifficultMCQ
अनंत तनुता पर $HCl$,$NaCl$,$CH_{3}COOH$ और $CH_{3}COONa$ की मोलर चालकता का क्रम है:
A
$HCl > NaCl > CH_{3}COONa > CH_{3}COOH$
B
$CH_{3}COONa > HCl > NaCl > CH_{3}COOH$
C
$HCl > NaCl > CH_{3}COOH > CH_{3}COONa$
D
$CH_{3}COOH > CH_{3}COONa > HCl > NaCl$

Solution

(A) अनंत तनुता पर मोलर चालकता $(\Lambda_{m}^{\circ})$ विलयन में आयनों की गतिशीलता पर निर्भर करती है।
$HCl$ एक प्रबल अम्ल है और यह $H^{ }$ और $Cl^{-}$ आयनों में पूर्णतः वियोजित हो जाता है। $H^{ }$ आयनों की आयनिक गतिशीलता सबसे अधिक होती है।
$NaCl$ एक प्रबल विद्युत अपघट्य है,जो $Na^{ }$ और $Cl^{-}$ आयनों में वियोजित होता है।
$CH_{3}COONa$ एक प्रबल विद्युत अपघट्य है,जो $CH_{3}COO^{-}$ और $Na^{ }$ आयनों में वियोजित होता है।
$CH_{3}COOH$ एक दुर्बल अम्ल है और इसका केवल आंशिक वियोजन होता है,जिसके कारण प्रबल विद्युत अपघट्यों की तुलना में विलयन में आयनों की संख्या कम होती है।
चूंकि $HCl$ अत्यधिक गतिशील $H^{ }$ आयन प्रदान करता है,इसलिए इसकी मोलर चालकता सबसे अधिक होती है।
$NaCl$ की चालकता $CH_{3}COONa$ से अधिक होती है क्योंकि $Cl^{-}$ आयन की गतिशीलता $CH_{3}COO^{-}$ आयन से अधिक होती है।
$CH_{3}COOH$ के दुर्बल वियोजन के कारण इसकी मोलर चालकता सबसे कम होती है।
अतः,सही क्रम $HCl > NaCl > CH_{3}COONa > CH_{3}COOH$ है।
237
MediumMCQ
यदि अनंत तनुता पर $NaCl$,$KCl$,और $NaOH$ की मोलर चालकता ($S \ cm^2 \ mol^{-1}$ में) क्रमशः $126$,$150$,और $250$ है,तो $KOH$ की मोलर चालकता ($S \ cm^2 \ mol^{-1}$ में) क्या होगी?
A
$526$
B
$226$
C
$26$
D
$274$

Solution

(D) कोलरॉश के आयनों के स्वतंत्र अभिगमन के नियम के अनुसार,अनंत तनुता पर $KOH$ के लिए मोलर चालकता को इस प्रकार व्यक्त किया जा सकता है:
$\lambda^{\infty}_{KOH} = \lambda^{\infty}_{K^+} + \lambda^{\infty}_{OH^-}$
दिए गए मान:
$\lambda^{\infty}_{NaCl} = \lambda^{\infty}_{Na^+} + \lambda^{\infty}_{Cl^-} = 126 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
$\lambda^{\infty}_{KCl} = \lambda^{\infty}_{K^+} + \lambda^{\infty}_{Cl^-} = 150 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
$\lambda^{\infty}_{NaOH} = \lambda^{\infty}_{Na^+} + \lambda^{\infty}_{OH^-} = 250 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
$\lambda^{\infty}_{KOH}$ प्राप्त करने के लिए,हम यह संक्रिया करते हैं:
$\lambda^{\infty}_{KOH} = \lambda^{\infty}_{KCl} + \lambda^{\infty}_{NaOH} - \lambda^{\infty}_{NaCl}$
$\lambda^{\infty}_{KOH} = 150 + 250 - 126$
$\lambda^{\infty}_{KOH} = 400 - 126 = 274 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
अतः,सही विकल्प $D$ है।
238
MediumMCQ
विद्युत अपघट्य (आयनिक) विलयन की चालकता के बारे में गलत कथन कौन सा है?
A
यह विलायक की श्यानता (viscosity) से स्वतंत्र है
B
यह आयनों के आकार और उनके विलायकन (solvation) पर निर्भर करता है
C
यह विद्युत अपघट्य की सांद्रता में वृद्धि के साथ बढ़ती है
D
यह तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है

Solution

(A) सही उत्तर $A$ है।
विद्युत अपघट्य विलयन की चालकता विलायक की प्रकृति और उसकी श्यानता पर निर्भर करती है।
239
MediumMCQ
निम्नलिखित आकृति दो विद्युत अपघट्यों की मोलर चालकता की सांद्रता पर निर्भरता दर्शाती है। $\Lambda_m^0$ सीमित मोलर चालकता है। निम्नलिखित में से गलत कथन/कथनों की संख्या $...........$ है।
$(A)$ विद्युत अपघट्य $A$ के लिए $\Lambda_m^0$ को एक्स्ट्रापोलेशन (extrapolation) द्वारा प्राप्त किया जाता है।
$(B)$ विद्युत अपघट्य $B$ के लिए,$\Lambda_m$ बनाम $\sqrt{c}$ ग्राफ एक सीधी रेखा है जिसका अंतःखंड $\Lambda_m^0$ के बराबर है।
$(C)$ अनंत तनुता पर,विद्युत अपघट्य $B$ के लिए वियोजन की मात्रा का मान शून्य के करीब पहुंच जाता है।
$(D)$ किसी भी विद्युत अपघट्य $A$ या $B$ के लिए $\Lambda_m^0$ की गणना व्यक्तिगत आयनों के लिए $\lambda^0$ का उपयोग करके की जा सकती है।
Question diagram
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(B) विद्युत अपघट्य $B$ एक प्रबल विद्युत अपघट्य है और विद्युत अपघट्य $A$ एक दुर्बल विद्युत अपघट्य है।
कथन $(A)$ गलत है क्योंकि दुर्बल विद्युत अपघट्य $(A)$ के लिए $\Lambda_m^0$ को एक्स्ट्रापोलेशन द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता है; इसकी गणना कोलराउस के नियम का उपयोग करके की जाती है।
कथन $(B)$ सही है क्योंकि प्रबल विद्युत अपघट्य डेबाई-ह्यूकेल-ओनसेगर समीकरण का पालन करते हैं: $\Lambda_m = \Lambda_m^0 - A\sqrt{c}$,जो एक सीधी रेखा है।
कथन $(C)$ गलत है क्योंकि अनंत तनुता पर,किसी भी विद्युत अपघट्य के लिए वियोजन की मात्रा $(\alpha)$ $1$ (या $100\%$) के करीब पहुंच जाती है,न कि शून्य के।
कथन $(D)$ सही है क्योंकि कोलराउस का आयनों के स्वतंत्र अभिगमन का नियम बताता है कि $\Lambda_m^0$ की गणना किसी भी विद्युत अपघट्य के लिए उसके व्यक्तिगत आयनों की सीमित मोलर चालकता का उपयोग करके की जा सकती है।
अतः,कथन $(A)$ और $(C)$ गलत हैं। कुल गलत कथनों की संख्या $2$ है।
240
MediumMCQ
एक इलेक्ट्रोलाइट के $0.8 \ M$ विलयन की प्रतिरोधकता $5 \times 10^{-3} \ \Omega \ cm$ है। इसकी मोलर चालकता $..... \times 10^4 \ \Omega^{-1} \ cm^2 \ mol^{-1}$ है। (निकटतम पूर्णांक)
A
$24$
B
$23$
C
$25$
D
$22$

Solution

(C) मोलर चालकता का सूत्र $\Lambda_{m} = \frac{\kappa \times 1000}{M}$ है।
दिया गया है कि चालकता $\kappa = \frac{1}{\rho}$,जहाँ $\rho = 5 \times 10^{-3} \ \Omega \ cm$ है।
मान रखने पर: $\Lambda_{m} = \frac{1}{5 \times 10^{-3}} \times \frac{1000}{0.8}$.
$\Lambda_{m} = 200 \times 1250 = 250,000 \ \Omega^{-1} \ cm^2 \ mol^{-1}$.
आवश्यक रूप में व्यक्त करने पर: $250,000 = 25 \times 10^4 \ \Omega^{-1} \ cm^2 \ mol^{-1}$.
अतः,निकटतम पूर्णांक $25$ है।
241
MediumMCQ
एक निश्चित तापमान पर $0.0025 \ M$ एसिटिक एसिड की विशिष्ट चालकता $5 \times 10^{-5} \ S \ cm^{-1}$ है। एसिटिक एसिड का वियोजन स्थिरांक $...... \times 10^{-7}$ है। (निकटतम पूर्णांक) $CH_3COOH$ की सीमांत मोलर चालकता $400 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$ मानिए।
A
$65$
B
$64$
C
$66$
D
$63$

Solution

(D) मोलर चालकता $\wedge_m$ की गणना इस प्रकार है: $\wedge_m = \frac{k \times 1000}{C}$
दिया गया है $k = 5 \times 10^{-5} \ S \ cm^{-1}$ और $C = 0.0025 \ M$।
$\wedge_m = \frac{5 \times 10^{-5} \times 1000}{0.0025} = 20 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$।
वियोजन की मात्रा $\alpha = \frac{\wedge_m}{\wedge_m^\circ} = \frac{20}{400} = 0.05$।
वियोजन स्थिरांक $K_a = \frac{C \alpha^2}{1 - \alpha}$।
चूंकि $\alpha$ बहुत छोटा है,$1 - \alpha \approx 1$,इसलिए $K_a \approx C \alpha^2 = 0.0025 \times (0.05)^2 = 6.25 \times 10^{-6} = 62.5 \times 10^{-7}$।
निकटतम पूर्णांक में,उत्तर $63 \times 10^{-7}$ है।
242
MediumMCQ
निम्नलिखित में से सही कथनों की संख्या $...........$ है।
$(A)$ प्रबल और दुर्बल दोनों विद्युत अपघट्यों के लिए सांद्रता में कमी के साथ चालकता हमेशा घटती है।
$(B)$ विलयन में धारा का वहन करने वाले प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या तनुकरण पर बढ़ती है।
$(C)$ सांद्रता में कमी के साथ मोलर चालकता बढ़ती है।
$(D)$ मोलर चालकता में परिवर्तन प्रबल और दुर्बल विद्युत अपघट्यों के लिए अलग-अलग होता है।
$(E)$ दुर्बल विद्युत अपघट्यों के लिए,तनुकरण के साथ मोलर चालकता में परिवर्तन वियोजन की मात्रा में कमी के कारण होता है।
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$1$

Solution

(B) चालकता $(\kappa)$ तनुकरण के साथ घटती है क्योंकि प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या कम हो जाती है। यह प्रबल और दुर्बल दोनों विद्युत अपघट्यों के लिए सत्य है। कथन $(A)$ सही है।
$(B)$ तनुकरण पर,विलयन का आयतन बढ़ता है,इसलिए प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या कम हो जाती है। कथन $(B)$ गलत है।
$(C)$ मोलर चालकता $(\Lambda_m)$ सांद्रता में कमी (तनुकरण) के साथ बढ़ती है क्योंकि एक मोल विद्युत अपघट्य युक्त कुल आयतन बढ़ जाता है। कथन $(C)$ सही है।
$(D)$ प्रबल विद्युत अपघट्यों के लिए,$\Lambda_m$ तनुकरण के साथ धीरे-धीरे बढ़ती है,जबकि दुर्बल विद्युत अपघट्यों के लिए,यह वियोजन की मात्रा में वृद्धि के कारण तेजी से बढ़ती है। कथन $(D)$ सही है।
$(E)$ दुर्बल विद्युत अपघट्यों के लिए,तनुकरण के साथ मोलर चालकता में परिवर्तन वियोजन की मात्रा $(\alpha)$ में वृद्धि के कारण होता है,न कि कमी के कारण। कथन $(E)$ गलत है।
सही कथन $(A)$,$(C)$,और $(D)$ हैं। अतः,सही कथनों की कुल संख्या $3$ है।
243
DifficultMCQ
$25^{\circ} C$ पर $KCl$ के सेंटिमोलर विलयन की चालकता $0.0210 \, \Omega^{-1} cm^{-1}$ है और $25^{\circ} C$ पर विलयन युक्त सेल का प्रतिरोध $60 \, \Omega$ है। सेल स्थिरांक का मान $......... \, cm^{-1}$ है।
A
$3.34$
B
$1.34$
C
$3.28$
D
$1.26$

Solution

(D) चालकता $(k)$,चालकत्व $(G)$ और सेल स्थिरांक $(G^*)$ के बीच संबंध इस प्रकार है:
$k = G \times G^*$
चूंकि चालकत्व $G = \frac{1}{R}$,जहाँ $R$ प्रतिरोध है:
$k = \frac{1}{R} \times G^*$
सेल स्थिरांक $(G^*)$ के लिए सूत्र को व्यवस्थित करने पर:
$G^* = k \times R$
दिया गया है:
$k = 0.0210 \, \Omega^{-1} cm^{-1}$
$R = 60 \, \Omega$
गणना:
$G^* = 0.0210 \, \Omega^{-1} cm^{-1} \times 60 \, \Omega = 1.26 \, cm^{-1}$
244
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से उस कारक की पहचान करें जो किसी विलयन की विद्युत अपघट्य चालकता को प्रभावित नहीं करता है।
A
मिलाए गए विद्युत अपघट्य की प्रकृति।
B
उपयोग किए गए इलेक्ट्रोड की प्रकृति।
C
विद्युत अपघट्य की सांद्रता।
D
उपयोग किए गए विलायक की प्रकृति।

Solution

(B) किसी विलयन की विद्युत अपघट्य चालकता विद्युत अपघट्य की प्रकृति (वियोजन की मात्रा),विद्युत अपघट्य की सांद्रता,तापमान और विलायक की प्रकृति (श्यानता और परावैद्युतांक) पर निर्भर करती है।
उपयोग किए गए इलेक्ट्रोड की प्रकृति विलयन की चालकता को प्रभावित नहीं करती है,क्योंकि चालकता विद्युत अपघट्य विलयन का एक गुण है।
245
DifficultMCQ
$298.15 \ K$ पर कुछ पदार्थों की चालकता के मान $S \ m^{-1}$ में $2.1 \times 10^3$,$1.0 \times 10^{-16}$,$1.2 \times 10$,$3.91$,$1.5 \times 10^{-2}$,$1 \times 10^{-1}$,$1.0 \times 10^3$ हैं। इन पदार्थों में चालकों की संख्या कितनी है............
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(B) उच्च चालकता वाले पदार्थों (आमतौर पर $> 10^2 \ S \ m^{-1}$) को चालक के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
$S \ m^{-1}$ में दिए गए मान हैं: $2.1 \times 10^3$,$1.0 \times 10^{-16}$,$1.2 \times 10$,$3.91$,$1.5 \times 10^{-2}$,$1 \times 10^{-1}$,$1.0 \times 10^3$।
$1$. $2.1 \times 10^3$ (चालक)
$2$. $1.0 \times 10^{-16}$ (कुचालक)
$3$. $1.2 \times 10$ (अर्धचालक)
$4$. $3.91$ (अर्धचालक)
$5$. $1.5 \times 10^{-2}$ (अर्धचालक)
$6$. $1 \times 10^{-1}$ (अर्धचालक)
$7$. $1.0 \times 10^3$ (चालक)
यहाँ $2$ पदार्थ उच्च चालकता मान वाले हैं ($2.1 \times 10^3$ और $1.0 \times 10^3$)।
अतः,चालकों की संख्या $2$ है।
246
MediumMCQ
एक प्रबल विद्युत अपघट्य के लिए,मोलर चालकता बनाम (सांद्रता)$^{1/2}$ का आलेख एक सीधी रेखा है,जिसका ढाल ऋणात्मक है। ढाल की सही इकाई क्या है?
A
$S \ cm^2 \ mol^{-3/2} \ L^{1/2}$
B
$S \ cm^2 \ mol^{-1} \ L^{1/2}$
C
$S \ cm^2 \ mol^{-3/2} \ L$
D
$S \ cm^2 \ mol^{-3/2} \ L^{-1/2}$

Solution

(A) प्रबल विद्युत अपघट्य के लिए कोलराउस समीकरण है: $\Lambda_{m} = \Lambda_{m}^{\circ} - A \sqrt{C}$।
यहाँ,$\Lambda_{m}$ मोलर चालकता है,$C$ सांद्रता है,और $A$ एक स्थिरांक है।
$\Lambda_{m}$ की इकाई $S \ cm^2 \ mol^{-1}$ है।
$\sqrt{C}$ की इकाई $(mol \ L^{-1})^{1/2} = mol^{1/2} \ L^{-1/2}$ है।
चूँकि ढाल $A = \frac{\Lambda_{m}}{\sqrt{C}}$,इसलिए $A$ की इकाई $\frac{S \ cm^2 \ mol^{-1}}{mol^{1/2} \ L^{-1/2}} = S \ cm^2 \ mol^{-3/2} \ L^{1/2}$ होगी।
247
MediumMCQ
एक द्विसंयोजक धनायन और द्विसंयोजक ऋणायन की मोलर आयनिक चालकताएँ क्रमशः $57 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$ और $73 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$ हैं। इन आयनों वाले विद्युत अपघट्य के विलयन की मोलर चालकता क्या होगी?
A
$65 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
B
$130 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
C
$187 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
D
$260 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$

Solution

(B) कोलरॉश के स्वतंत्र आयनों के अभिगमन के नियम के अनुसार,अनंत तनुता पर किसी विद्युत अपघट्य की मोलर चालकता उसके घटक आयनों की मोलर आयनिक चालकताओं के योग के बराबर होती है।
एक विद्युत अपघट्य $CA$ के लिए जहाँ $C$ एक द्विसंयोजक धनायन $(C^{2+})$ है और $A$ एक द्विसंयोजक ऋणायन $(A^{2-})$ है,मोलर चालकता इस प्रकार है:
$\Lambda_m^\circ = \lambda_+ + \lambda_-$
दिया गया है:
$\lambda_{C^{2+}} = 57 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
$\lambda_{A^{2-}} = 73 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
अतः:
$\Lambda_m^\circ = 57 + 73 = 130 \ S \ cm^2 \ mol^{-1}$
248
MediumMCQ
एक चालकता सेल जिसमें दो इलेक्ट्रोड (छायांकित पक्ष) हैं,एक दुर्बल विद्युत अपघट्य के अनंत तनु जलीय विलयन से आधा भरा हुआ है। यदि स्थिर तापमान पर अधिक पानी मिलाकर आयतन दोगुना कर दिया जाए,तो सेल की मोलर चालकता -
Question diagram
A
तेजी से बढ़ेगी
B
समान रहेगी
C
तेजी से घटेगी
D
विद्युत अपघट्य के प्रकार पर निर्भर करेगी

Solution

(B) अनंत तनुता पर मोलर चालकता,जिसे $\Lambda_m^\circ$ के रूप में दर्शाया जाता है,मोलर चालकता का वह सीमांत मान है जब विद्युत अपघट्य की सांद्रता शून्य के करीब पहुंच जाती है (अर्थात अनंत तनुता पर)।
चूंकि विलयन पहले से ही अनंत तनु है,इसलिए दुर्बल विद्युत अपघट्य के वियोजन की मात्रा पहले से ही अपने अधिकतम मान पर है।
पहले से ही अनंत तनु विलयन में और अधिक पानी मिलाने से आयनों की सांद्रता या वियोजन की मात्रा में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
इसलिए,मोलर चालकता स्थिर रहती है और इसमें कोई परिवर्तन नहीं होता है।
249
MediumMCQ
इलेक्ट्रोलाइट्स $A$ और $B$ के लिए मोलर चालकता को $C^{1/2}$ के विरुद्ध नीचे दिखाए अनुसार आलेखित किया गया है। इलेक्ट्रोलाइट्स $A$ और $B$ क्रमशः हैं:
Question diagram
A
दुर्बल इलेक्ट्रोलाइट,दुर्बल इलेक्ट्रोलाइट
B
प्रबल इलेक्ट्रोलाइट,प्रबल इलेक्ट्रोलाइट
C
दुर्बल इलेक्ट्रोलाइट,प्रबल इलेक्ट्रोलाइट
D
प्रबल इलेक्ट्रोलाइट,दुर्बल इलेक्ट्रोलाइट

Solution

(C) प्रबल इलेक्ट्रोलाइट्स के लिए,मोलर चालकता $(\Lambda_m)$ कोहलराश समीकरण के अनुसार $C^{1/2}$ के साथ रैखिक रूप से बदलती है: $\Lambda_m = \Lambda_m^0 - A \sqrt{C}$। इसे सीधी रेखा $B$ द्वारा दर्शाया गया है।
दुर्बल इलेक्ट्रोलाइट्स के लिए,तनुकरण के साथ ($C^{1/2}$ में कमी) मोलर चालकता में तेजी से वृद्धि होती है,जो वियोजन की मात्रा में वृद्धि के कारण होती है,जैसा कि वक्र $A$ द्वारा दिखाया गया है।
250
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा समीकरण एक दुर्बल विद्युत अपघट्य के लिए सांद्रता के संबंध में मोलर चालकता में परिवर्तन को दर्शाता है,जहाँ प्रतीकों के सामान्य अर्थ हैं?
A
$\Lambda_{m}^2 C + K_{a} \Lambda_{m} - K_{a} \Lambda_{m}^{\circ} = 0$
B
$\Lambda_{m} - \Lambda_{m}^{\circ} + AC^{\frac{1}{2}} = 0$
C
$\Lambda_{m} - \Lambda_{m}^{\circ} - AC^{\frac{1}{2}} = 0$
D
$\Lambda_{m}^2 C + K_{a} \Lambda_{m} \Lambda_{m}^{\circ} - K_{a} (\Lambda_{m}^{\circ})^2 = 0$

Solution

(D) एक दुर्बल विद्युत अपघट्य $HA \rightleftharpoons H^{+} + A^{-}$ के लिए,वियोजन स्थिरांक $K_{a} = \frac{\alpha^2 C}{1 - \alpha}$ है।
चूँकि $\alpha = \frac{\Lambda_{m}}{\Lambda_{m}^{\circ}}$,मान प्रतिस्थापित करने पर:
$K_{a} = \frac{(\Lambda_{m} / \Lambda_{m}^{\circ})^2 C}{1 - (\Lambda_{m} / \Lambda_{m}^{\circ})} = \frac{\Lambda_{m}^2 C}{\Lambda_{m}^{\circ}(\Lambda_{m}^{\circ} - \Lambda_{m})}$.
इसे पुनर्व्यवस्थित करने पर: $K_{a} \Lambda_{m}^{\circ}(\Lambda_{m}^{\circ} - \Lambda_{m}) = \Lambda_{m}^2 C$.
$K_{a} (\Lambda_{m}^{\circ})^2 - K_{a} \Lambda_{m} \Lambda_{m}^{\circ} = \Lambda_{m}^2 C$.
अतः,सही समीकरण $\Lambda_{m}^2 C + K_{a} \Lambda_{m} \Lambda_{m}^{\circ} - K_{a} (\Lambda_{m}^{\circ})^2 = 0$ है।

Electrochemistry — Conductor and Conductance and Cell constant · Frequently Asked Questions

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2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

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