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Communication Questions in Hindi

Class 12 Physics · Communication · Communication

453+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 453 questions in Hindi

101
EasyMCQ
प्रकाश तरंग के मॉड्यूलेशन के लिए कैरियर प्रकाश तरंग की कौन सी विशेषता बदली जाती है?
A
आयाम
B
आवृत्ति
C
कला
D
तीव्रता

Solution

(D) ऑप्टिकल संचार में,प्रकाश तरंग के मॉड्यूलेशन में जानकारी को एन्कोड करने के लिए उसके एक पैरामीटर को बदला जाता है। ऑप्टिकल फाइबर संचार में उपयोग की जाने वाली सबसे सामान्य विधि तीव्रता मॉड्यूलेशन $(IM)$ है,जिसमें मॉड्यूलेटिंग सिग्नल के अनुसार प्रकाश तरंग की तीव्रता को बदला जाता है। इसलिए,जो विशेषता बदली जाती है वह प्रकाश तरंग की तीव्रता है।
102
EasyMCQ
$100\%$ मॉड्यूलेशन के लिए,मॉड्यूलेटेड तरंग के न्यूनतम आयाम $(E_{min})$ का मान कितना होना चाहिए?
A
$0$
B
$1$
C
$2$
D
$3$

Solution

(A) मॉड्यूलेशन इंडेक्स $\mu$ को $\mu = \frac{E_{max} - E_{min}}{E_{max} + E_{min}}$ के रूप में परिभाषित किया जाता है।
$100\%$ मॉड्यूलेशन के लिए,मॉड्यूलेशन इंडेक्स $\mu = 1$ होता है।
इस मान को सूत्र में रखने पर: $1 = \frac{E_{max} - E_{min}}{E_{max} + E_{min}}$।
इसका अर्थ है कि $E_{max} + E_{min} = E_{max} - E_{min}$।
दोनों पक्षों से $E_{max}$ घटाने पर,हमें $E_{min} = -E_{min}$ प्राप्त होता है,जिसका अर्थ है कि $2E_{min} = 0$।
अतः,$E_{min} = 0$।
103
EasyMCQ
सैटेलाइट कम्युनिकेशन में $6\,\text{GHz}$ आवृत्ति........... के लिए और $4\,\text{GHz}$ आवृत्ति........... के लिए उपयोग की जाती है।
A
$up\,\text{link}, down\,\text{link}$
B
$down\,\text{link}, up\,\text{link}$
C
मॉड्यूलेशन,डिमॉड्यूलेशन
D
डिमॉड्यूलेशन,मॉड्यूलेशन

Solution

(A) सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम में,पृथ्वी स्टेशन से सैटेलाइट तक भेजे जाने वाले सिग्नल को $up\,\text{link}$ कहा जाता है। वायुमंडलीय क्षीणन (attenuation) को दूर करने के लिए आमतौर पर $6\,\text{GHz}$ जैसी उच्च आवृत्ति का उपयोग किया जाता है।
सैटेलाइट से वापस पृथ्वी स्टेशन तक भेजे जाने वाले सिग्नल को $down\,\text{link}$ कहा जाता है। सैटेलाइट पर बिजली की आवश्यकता को कम करने के लिए आमतौर पर $4\,\text{GHz}$ जैसी कम आवृत्ति का उपयोग किया जाता है।
इसलिए,$6\,\text{GHz}$ आवृत्ति का उपयोग $up\,\text{link}$ के लिए और $4\,\text{GHz}$ आवृत्ति का उपयोग $down\,\text{link}$ के लिए किया जाता है।
104
EasyMCQ
ऑडियो सिग्नल की बैंडविड्थ लगभग कितनी होती है?
A
$20 \, Hz$
B
$20 \, kHz$
C
$20 \, MHz$
D
$20 \, GHz$

Solution

(B) मनुष्यों के लिए श्रव्य आवृत्ति सीमा आमतौर पर $20 \, Hz$ से $20 \, kHz$ तक मानी जाती है।
इसलिए,ऑडियो सिग्नल की बैंडविड्थ $20 \, kHz - 20 \, Hz \approx 20 \, kHz$ होती है।
यह सीमा ऑडियो संचार प्रणालियों के लिए मानक है।
105
EasyMCQ
ऑप्टिकल फाइबर में सिग्नल क्षीणन (attenuation) के मुख्य कारण क्या हैं?
A
अवशोषण
B
प्रकीर्णन
C
$A$ और $B$ दोनों
D
न तो अवशोषण और न ही प्रकीर्णन

Solution

(C) ऑप्टिकल फाइबर में सिग्नल क्षीणन का अर्थ है प्रकाश के फाइबर से गुजरते समय उसकी ऑप्टिकल शक्ति में होने वाली कमी।
इस क्षीणन के लिए जिम्मेदार मुख्य तंत्र हैं:
$1$. अवशोषण: यह कांच में मौजूद अशुद्धियों (जैसे $OH^-$ आयन) और पदार्थ के आंतरिक गुणों के कारण होता है,जो प्रकाश ऊर्जा को ऊष्मा में परिवर्तित कर देते हैं।
$2$. प्रकीर्णन: यह मुख्य रूप से रेले प्रकीर्णन (Rayleigh scattering) के कारण होता है,जो निर्माण प्रक्रिया के दौरान कांच के पदार्थ के घनत्व और अपवर्तनांक में सूक्ष्म विविधताओं के कारण उत्पन्न होता है।
अतः,अवशोषण और प्रकीर्णन दोनों ही ऑप्टिकल फाइबर में सिग्नल क्षीणन के मुख्य कारण हैं।
106
EasyMCQ
यदि जमीन पर स्थित एक रिसीविंग स्टेशन $10 \text{ MHz}$ की आवृत्ति प्राप्त कर रहा है, तो संचरण का प्रकार क्या है?
A
ग्राउंड वेव संचरण
B
ग्राउंड वेव और स्काई वेव दोनों प्रकार का संचरण
C
स्काई वेव संचरण
D
ग्राउंड वेव और स्काई वेव दोनों में से कोई नहीं

Solution

(C) ग्राउंड वेव संचरण के लिए आवृत्ति सीमा आमतौर पर $2 \text{ MHz}$ तक होती है।
स्काई वेव संचरण के लिए आवृत्ति सीमा आमतौर पर $3 \text{ MHz}$ से $30 \text{ MHz}$ के बीच होती है।
चूंकि दी गई आवृत्ति $10 \text{ MHz}$ है, जो $3 \text{ MHz}$ से $30 \text{ MHz}$ की सीमा के अंतर्गत आती है, इसलिए संचरण का प्रकार स्काई वेव संचरण है।
अतः, सही विकल्प $C$ है।
107
EasyMCQ
आवृत्ति मॉड्यूलेशन में ........
A
वाहक तरंग का आयाम मॉड्यूलेटिंग सिग्नल की आवृत्ति के अनुसार बदलता है।
B
वाहक तरंग की आवृत्ति मॉड्यूलेटिंग सिग्नल के आयाम के अनुसार बदलती है।
C
वाहक तरंग की आवृत्ति मॉड्यूलेटिंग सिग्नल की आवृत्ति के अनुसार बदलती है।
D
वाहक तरंग का आयाम मॉड्यूलेटिंग सिग्नल के आयाम के अनुसार बदलता है।

Solution

(B) आवृत्ति मॉड्यूलेशन $(FM)$ में,वाहक तरंग (carrier wave) की आवृत्ति को मॉड्यूलेटिंग सिग्नल (संदेश सिग्नल) के तात्कालिक आयाम के अनुसार बदला जाता है।
जबकि वाहक तरंग की आवृत्ति बदलती है,इसका आयाम स्थिर रहता है।
इसलिए,सही कथन यह है कि वाहक तरंग की आवृत्ति मॉड्यूलेटिंग सिग्नल के आयाम के अनुसार बदलती है।
108
EasyMCQ
रेडियो तरंगों के एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचरण के लिए किस प्रकार के संचार मोड का उपयोग किया जाता है?
A
ग्राउंड वेव संचरण
B
स्पेस वेव संचरण
C
स्काई वेव संचरण
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) रेडियो तरंगें अपनी आवृत्ति सीमा के आधार पर विभिन्न तरीकों से एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचरित हो सकती हैं:
$1$. ग्राउंड वेव संचरण: कम आवृत्तियों ($2 \text{ MHz}$ तक) के लिए उपयोग किया जाता है, जहाँ तरंगें पृथ्वी की वक्रता का अनुसरण करती हैं।
$2$. स्काई वेव संचरण: मध्यम और उच्च आवृत्तियों ($3 \text{ MHz}$ से $30 \text{ MHz}$) के लिए उपयोग किया जाता है, जहाँ तरंगें आयनमंडल द्वारा परावर्तित होती हैं।
$3$. स्पेस वेव संचरण: बहुत उच्च आवृत्तियों ($30 \text{ MHz}$ से अधिक) के लिए उपयोग किया जाता है, जहाँ तरंगें ट्रांसमिटिंग और रिसीविंग एंटेना के बीच सीधी रेखा (लाइन-ऑफ-साइट) में यात्रा करती हैं।
चूंकि ये तीनों विधियाँ रेडियो तरंग संचरण के मानक तरीके हैं, इसलिए सही उत्तर $D$ है।
109
EasyMCQ
कोएक्सियल (समाक्षीय) केबल सिस्टम की बैंडविड्थ लगभग........ $MHz$ होती है।
A
$1$
B
$2$
C
$250$
D
$1000$

Solution

(C) कोएक्सियल केबल का उपयोग संचार प्रणालियों में उच्च-आवृत्ति संकेतों के संचरण के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
अपनी संरचना के कारण,वे ट्विस्टेड पेयर केबल की तुलना में बहुत अधिक बैंडविड्थ प्रदान करते हैं।
कोएक्सियल केबल सिस्टम की विशिष्ट बैंडविड्थ लगभग $250 \ MHz$ से $750 \ MHz$ होती है।
दिए गए विकल्पों में से,$250 \ MHz$ भौतिकी की पाठ्यपुस्तकों में कोएक्सियल केबल की बैंडविड्थ से संबंधित मानक मान है।
110
EasyMCQ
यदि $f_m$,$FM$ के लिए मॉड्यूलेशन आवृत्ति है,तो मॉड्यूलेशन सूचकांक ..... के समानुपाती होता है।
A
$f_m$
B
${f_m}^2$
C
$1/f_m$
D
$1/{f_m}^2$

Solution

(C) फ्रीक्वेंसी मॉड्यूलेशन $(FM)$ के लिए मॉड्यूलेशन सूचकांक $\beta$ को $\beta = \frac{\Delta f}{f_m}$ के रूप में परिभाषित किया जाता है,जहाँ $\Delta f$ आवृत्ति विचलन है और $f_m$ मॉड्यूलेशन आवृत्ति है।
इस सूत्र से यह स्पष्ट है कि मॉड्यूलेशन सूचकांक $\beta$,मॉड्यूलेशन आवृत्ति $f_m$ के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
अतः,$\beta \propto \frac{1}{f_m}$.
111
EasyMCQ
दो-तार ट्रांसमिशन लाइन या समाक्षीय (coaxial) केबल की तुलना में ऑप्टिकल फाइबर संचार के लाभ . . . . . . हैं।
A
कम बैंडविड्थ, कम ट्रांसमिशन लॉस
B
बड़ी बैंडविड्थ, अधिक ट्रांसमिशन लॉस
C
बड़ी बैंडविड्थ, कम ट्रांसमिशन लॉस
D
कम बैंडविड्थ, अधिक ट्रांसमिशन लॉस

Solution

(C) ऑप्टिकल फाइबर संचार पारंपरिक धातु केबलों जैसे दो-तार लाइनों या समाक्षीय केबलों की तुलना में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है।
$1$. $\text{बड़ी}$ $\text{बैंडविड्थ}$: ऑप्टिकल फाइबर प्रकाश तरंगों (उच्च आवृत्ति) का उपयोग करते हैं, जो तांबे के तारों में विद्युत संकेतों की तुलना में बहुत अधिक डेटा ट्रांसमिशन क्षमता प्रदान करते हैं।
$2$. $\text{कम}$ $\text{ट्रांसमिशन}$ $\text{लॉस}$: ऑप्टिकल फाइबर में क्षीणन (सिग्नल का नुकसान) अत्यंत कम होता है, जिससे सिग्नल बार-बार रिपीटर की आवश्यकता के बिना लंबी दूरी तक यात्रा कर सकते हैं।
अतः, सही संयोजन बड़ी बैंडविड्थ और कम ट्रांसमिशन लॉस है।
112
EasyMCQ
$UHF$ रेंज की आवृत्तियों का संचरण......... द्वारा किया जाता है।
A
ग्राउंड वेव
B
स्काई वेव
C
स्पेस वेव
D
ऑप्टिकल फाइबर

Solution

(C) $UHF$ (अल्ट्रा हाई फ्रीक्वेंसी) रेंज $300 \ MHz$ से $3000 \ MHz$ के बीच होती है।
ये आवृत्तियाँ आयनमंडल द्वारा परावर्तित नहीं होती हैं (स्काई वेव के लिए उपयुक्त नहीं हैं) और पृथ्वी की सतह द्वारा अत्यधिक अवशोषण के कारण ग्राउंड वेव संचरण के लिए भी उपयुक्त नहीं हैं।
इसलिए,$UHF$ तरंगों का संचरण स्पेस वेव (लाइन-ऑफ-साइट संचार) के माध्यम से किया जाता है,जिसमें ट्रांसमिटिंग और रिसीविंग एंटेना के बीच सीधा संचरण होता है।
113
EasyMCQ
रेडियो प्रसारण में,ध्वनि तरंगों का संचरण किस प्रकार का होता है.............
A
$ASK$
B
$FSK$
C
$AM$
D
$FM$

Solution

(C) रेडियो प्रसारण में,ध्वनि तरंगों को लंबी दूरी तक भेजने के लिए मॉड्यूलेशन का उपयोग किया जाता है।
सामान्यतः,रेडियो प्रसारण में एम्प्लिट्यूड मॉड्यूलेशन $(AM)$ या फ्रीक्वेंसी मॉड्यूलेशन $(FM)$ का उपयोग किया जाता है।
हालाँकि,जब सामान्य रूप से 'रेडियो प्रसारण' शब्द का उपयोग किया जाता है,तो यह मुख्य रूप से $AM$ (एम्प्लिट्यूड मॉड्यूलेशन) को संदर्भित करता है,जिसका उपयोग लंबी दूरी के प्रसारण के लिए किया जाता है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
114
EasyMCQ
संचार प्रणालियों में हमें मॉड्यूलेशन की आवश्यकता क्यों होती है,इसके लिए निम्नलिखित में से कौन सा कारण सही नहीं है?
A
एंटीना का आकार कम करने के लिए।
B
ट्रांसमीटर और रिसीवर के बीच समय अंतराल को कम करने के लिए।
C
फ्रैक्शनल बैंडविड्थ (सिग्नल बैंडविड्थ और कैरियर आवृत्ति का अनुपात) को कम करने के लिए।
D
सिग्नलों के मल्टीप्लेक्सिंग की अनुमति देने के लिए।

Solution

(B) मॉड्यूलेशन मुख्य रूप से तीन कारणों से आवश्यक है:
$1$. एंटीना का आकार कम करने के लिए: एंटीना का आकार $\lambda/4$ के क्रम का होना चाहिए। कम आवृत्ति वाले ऑडियो सिग्नलों के लिए $\lambda$ बहुत बड़ा होता है,जिसके लिए अव्यावहारिक रूप से बड़े एंटीना की आवश्यकता होती है। मॉड्यूलेशन सिग्नल को उच्च आवृत्ति पर स्थानांतरित करता है,जिससे $\lambda$ कम हो जाता है और इस प्रकार एंटीना का आकार छोटा हो जाता है।
$2$. फ्रैक्शनल बैंडविड्थ को कम करने के लिए: सिग्नल बैंडविड्थ और कैरियर आवृत्ति का अनुपात कम होने से एंटीना और ट्यूनिंग सर्किट का डिज़ाइन आसान हो जाता है।
$3$. मल्टीप्लेक्सिंग के लिए: अलग-अलग सिग्नलों को अलग-अलग कैरियर आवृत्तियों पर मॉड्यूलेट करके,एक ही चैनल पर एक साथ कई सिग्नल भेजे जा सकते हैं।
विकल्प $B$ गलत है क्योंकि मॉड्यूलेशन ट्रांसमीटर और रिसीवर के बीच समय अंतराल (प्रसार विलंब) को कम नहीं करता है; यह सिग्नल की गति (आमतौर पर प्रकाश की गति) और उनके बीच की दूरी द्वारा निर्धारित होता है।
115
EasyMCQ
स्पेस वेव संचरण किस आवृत्ति सीमा के लिए संभव है?
A
$HF$ (हाई फ्रीक्वेंसी)
B
$VHF$ (वेरी हाई फ्रीक्वेंसी)
C
$UHF$ (अल्ट्रा हाई फ्रीक्वेंसी)
D
$SHF$ (सुपर हाई फ्रीक्वेंसी)

Solution

(B) स्पेस वेव संचरण में विद्युत चुम्बकीय तरंगों का संचरण सीधे ट्रांसमिटिंग एंटीना से रिसीविंग एंटीना तक होता है,जिसे आमतौर पर लाइन-ऑफ-साइट संचार कहा जाता है।
यह संचरण मोड $30 \ MHz$ से अधिक आवृत्तियों के लिए प्रभावी है।
विशेष रूप से,इसका उपयोग $VHF$ $(30-300 \ MHz)$,$UHF$ $(300-3000 \ MHz)$ और $SHF$ $(3-30 \ GHz)$ श्रेणियों के लिए किया जाता है।
दिए गए विकल्पों में से,$VHF$,$UHF$ और $SHF$ तीनों स्पेस वेव संचरण का उपयोग करते हैं। हालाँकि,मानक भौतिकी पाठ्यक्रम में,$VHF$ इस प्रकार के संचरण के लिए सबसे अधिक उद्धृत सीमा है।
116
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प मानव-निर्मित सिग्नल है?
A
बिजली की चमक
B
ट्यूबलाइट की चमक
C
सूर्य से आने वाली विकिरण
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(B) सिग्नल एक समय के साथ बदलने वाली राशि है जो जानकारी ले जाती है।
बिजली की चमक (विकल्प $A$) और सूर्य से आने वाली विकिरण (विकल्प $C$) प्राकृतिक घटनाएं हैं।
ट्यूबलाइट की चमक (विकल्प $B$) मानव-निर्मित उपकरणों द्वारा विद्युत परिपथ का उपयोग करके उत्पन्न की जाती है,इसलिए यह एक मानव-निर्मित सिग्नल है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
117
EasyMCQ
दो कंप्यूटरों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान किस प्रकार के सिग्नल द्वारा होता है?
A
एनालॉग
B
डिजिटल
C
एम्प्लीट्यूड मॉड्यूलेशन $(AM)$
D
फ्रीक्वेंसी मॉड्यूलेशन $(FM)$

Solution

(B) कंप्यूटर सूचनाओं को बाइनरी अंकों ($0$ और $1$) के रूप में संसाधित और संग्रहीत करते हैं।
इसलिए,दो कंप्यूटरों के बीच डेटा का आदान-प्रदान डिजिटल सिग्नल का उपयोग करके किया जाता है।
डिजिटल सिग्नल डेटा को असतत मानों (discrete values) की एक श्रृंखला के रूप में दर्शाते हैं,जो कंप्यूटर संचार के लिए मानक विधि है।
118
EasyMCQ
को-एक्सियल केबल का अभिलक्षणिक प्रतिबाधा (characteristic impedance) .......... की सीमा में होता है।
A
$10$ $\Omega$ से $20$ $\Omega$
B
$20$ $\Omega$ से $30$ $\Omega$
C
$30$ $\Omega$ से $60$ $\Omega$
D
$50$ $\Omega$ से $70$ $\Omega$

Solution

(D) को-एक्सियल केबल की अभिलक्षणिक प्रतिबाधा $(Z_0)$ उसके भौतिक आयामों और आंतरिक तथा बाहरी चालकों के बीच के कुचालक पदार्थ के परावैद्युत स्थिरांक (dielectric constant) द्वारा निर्धारित की जाती है।
दूरसंचार और रेडियो फ्रीक्वेंसी अनुप्रयोगों में उपयोग किए जाने वाले मानक को-एक्सियल केबल की अभिलक्षणिक प्रतिबाधा आमतौर पर $50$ $\Omega$ से $75$ $\Omega$ के बीच होती है।
विशेष रूप से,$50$ $\Omega$ डेटा ट्रांसमिशन और रेडियो फ्रीक्वेंसी उपकरणों के लिए मानक है,जबकि $75$ $\Omega$ वीडियो और टेलीविजन संकेतों के लिए मानक है।
इसलिए,दिए गए विकल्पों में से $50$ $\Omega$ से $70$ $\Omega$ की सीमा सबसे सटीक विकल्प है।
119
EasyMCQ
किन तरंगों का संचरण एंटीना द्वारा अधिक कुशलता से किया जा सकता है?
A
कम आवृत्ति वाले
B
उच्च आवृत्ति वाले
C
अधिक तरंगदैर्ध्य वाले
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(B) एंटीना द्वारा विद्युत चुम्बकीय तरंगों के विकिरण की दक्षता सिग्नल की तरंगदैर्ध्य के सापेक्ष उसके आकार पर निर्भर करती है। प्रभावी संचरण के लिए,एंटीना की लंबाई $L$ सिग्नल की तरंगदैर्ध्य $\lambda$ के तुलनीय होनी चाहिए (उदाहरण के लिए,$L = \lambda/4$)। चूंकि $\lambda = c/f$,जहां $c$ प्रकाश की गति है और $f$ आवृत्ति है,इसलिए उच्च आवृत्ति $f$ के परिणामस्वरूप तरंगदैर्ध्य $\lambda$ छोटी होती है। छोटी तरंगदैर्ध्य के कारण एंटीना का आकार छोटा और व्यावहारिक रखा जा सकता है। इसलिए,उच्च आवृत्ति वाली तरंगों को अधिक कुशलता से प्रसारित किया जा सकता है।
120
EasyMCQ
कम आवृत्ति वाले संकेतों को उच्च आवृत्ति वाली वाहक तरंगों (carrier waves) पर अध्यारोपित करने की प्रक्रिया को .......... कहा जाता है।
A
ट्रांसमिशन
B
डिमोड्यूलेशन
C
मॉड्यूलेशन
D
रेक्टिफिकेशन

Solution

(C) कम आवृत्ति वाले सूचना संकेत (बेसबैंड सिग्नल) को उच्च आवृत्ति वाली वाहक तरंग पर अध्यारोपित करने की प्रक्रिया को मॉड्यूलेशन कहा जाता है।
यह प्रक्रिया संकेतों को लंबी दूरी तक कुशलतापूर्वक भेजने के लिए आवश्यक है,क्योंकि उच्च आवृत्ति वाली तरंगें अधिक दूरी तक यात्रा कर सकती हैं और इनके लिए छोटे आकार के एंटीना की आवश्यकता होती है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
121
EasyMCQ
ट्यूनिंग फोर्क (स्वर कांटा) द्वारा उत्पन्न ध्वनि एक ..... है।
A
डिजिटल सिग्नल
B
एनालॉग सिग्नल
C
डिजिटल और एनालॉग दोनों सिग्नल
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) ट्यूनिंग फोर्क एक निरंतर ध्वनि तरंग उत्पन्न करता है जो समय के साथ सुचारू रूप से बदलती है।
चूंकि ध्वनि तरंग का आयाम और आवृत्ति लगातार बदलते रहते हैं,इसलिए यह एक एनालॉग सिग्नल का प्रतिनिधित्व करता है।
दूसरी ओर,डिजिटल सिग्नल असतत (discrete) होते हैं और डेटा को मानों के अनुक्रम (आमतौर पर $0$ और $1$) के रूप में दर्शाते हैं।
इसलिए,ट्यूनिंग फोर्क द्वारा उत्पन्न ध्वनि एक एनालॉग सिग्नल है।
122
EasyMCQ
आयनोस्फीयर का अपवर्तनांक:
A
आयनोस्फीयर की निचली परत से ऊपरी परत की ओर जाने पर बढ़ता है।
B
आयनोस्फीयर की निचली परत से ऊपरी परत की ओर जाने पर घटता है।
C
पूरे आयनोस्फीयर में समान रहता है।
D
$1$ के बराबर होता है।

Solution

(B) आयनोस्फीयर का अपवर्तनांक $(\mu)$, इलेक्ट्रॉन घनत्व $(N)$ और रेडियो तरंग की आवृत्ति $(f)$ पर निर्भर करता है। यह संबंध $\mu = \sqrt{1 - \frac{81N}{f^2}}$ द्वारा दिया जाता है।
जैसे-जैसे हम आयनोस्फीयर की निचली परत से ऊपरी परत की ओर बढ़ते हैं, इलेक्ट्रॉन घनत्व $(N)$ बढ़ता जाता है।
चूंकि $\mu = \sqrt{1 - \frac{81N}{f^2}}$, इसलिए $N$ में वृद्धि होने से $\mu$ का मान घट जाता है।
अतः, आयनोस्फीयर की निचली परत से ऊपरी परत की ओर जाने पर अपवर्तनांक घटता है।
123
EasyMCQ
टीवी ट्रांसमिशन में ऑडियो सिग्नल ........ मॉड्यूलेटेड और वीडियो सिग्नल ........ मॉड्यूलेटेड होता है।
A
फेज,फ्रीक्वेंसी
B
एम्प्लीट्यूड,फ्रीक्वेंसी
C
फ्रीक्वेंसी,एम्प्लीट्यूड
D
एम्प्लीट्यूड,फेज

Solution

(C) मानक टेलीविजन ट्रांसमिशन सिस्टम में,ऑडियो सिग्नल को उच्च गुणवत्ता वाली ध्वनि सुनिश्चित करने और शोर (नॉइज़) के हस्तक्षेप को कम करने के लिए फ्रीक्वेंसी मॉड्यूलेशन $(FM)$ का उपयोग करके मॉड्यूलेट किया जाता है।
वीडियो सिग्नल को एम्प्लीट्यूड मॉड्यूलेशन $(AM)$ (विशेष रूप से वेस्टिजियल साइडबैंड मॉड्यूलेशन,जो $AM$ का एक रूप है) का उपयोग करके मॉड्यूलेट किया जाता है ताकि दृश्य जानकारी के लिए आवश्यक बड़ी बैंडविड्थ को कुशलतापूर्वक प्रसारित किया जा सके।
इसलिए,ऑडियो सिग्नल फ्रीक्वेंसी मॉड्यूलेटेड और वीडियो सिग्नल एम्प्लीट्यूड मॉड्यूलेटेड होता है।
124
EasyMCQ
यदि मॉड्युलेटेड तरंग का आयाम और सिग्नल का आयाम समान है, तो मॉड्युलेशन इंडेक्स .....$\%$ है।
A
$10$
B
$25$
C
$50$
D
$100$

Solution

(D) मॉड्युलेशन इंडेक्स $\mu$ को मॉड्युलेटिंग सिग्नल के आयाम $(A_m)$ और वाहक तरंग (carrier wave) के आयाम $(A_c)$ के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।
गणितीय रूप से, $\mu = \frac{A_m}{A_c}$।
यहाँ दिया गया है कि मॉड्युलेटेड सिग्नल का आयाम और वाहक तरंग का आयाम समान है, इसलिए $A_m = A_c$।
अतः, $\mu = \frac{A_m}{A_m} = 1$।
इसे प्रतिशत में व्यक्त करने के लिए, हम इसे $100$ से गुणा करते हैं।
इस प्रकार, मॉड्युलेशन इंडेक्स $1 \times 100 = 100\%$ है।
125
EasyMCQ
$..........$ का उपयोग रिसीवर अनुभाग में संकेतों की मात्रा को कम करने के लिए किया जाता है।
A
मॉड्यूलेटर
B
फिल्टर सर्किट
C
डिमोड्यूलेटर
D
एम्पलीफायर

Solution

(B) संचार प्रणाली में,रिसीवर अनुभाग अक्सर वांछित संकेत के साथ अवांछित शोर या संकेत प्राप्त करता है। एक फिल्टर सर्किट को विशेष रूप से कुछ आवृत्तियों को गुजरने देने और अवांछित संकेतों या शोर की मात्रा को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसलिए,रिसीवर अनुभाग में अवांछित संकेतों की मात्रा को कम करने के लिए फिल्टर सर्किट का उपयोग किया जाता है।
126
MediumMCQ
स्काईवेव संचरण के लिए कौन सी आवृत्ति सीमा उपयुक्त है?
A
$1 \text{ kHz}$ से $500 \text{ kHz}$
B
$2 \text{ MHz}$ से $20 \text{ MHz}$
C
$2 \text{ MHz}$ से $2 \text{ GHz}$
D
$30 \text{ MHz}$ से अधिक

Solution

(B) स्काईवेव संचरण में रेडियो तरंगों का आयनमंडल (ionosphere) द्वारा पृथ्वी की सतह पर परावर्तन होता है।
यह संचरण विधि लगभग $2 \text{ MHz}$ से $30 \text{ MHz}$ की आवृत्ति के लिए प्रभावी है।
$2 \text{ MHz}$ से कम आवृत्तियाँ आयनमंडल द्वारा अवशोषित कर ली जाती हैं,जबकि $30 \text{ MHz}$ से अधिक आवृत्तियाँ (जैसे कि स्पेस वेव संचरण में उपयोग की जाती हैं) आयनमंडल को भेदकर अंतरिक्ष में निकल जाती हैं।
इसलिए,$2 \text{ MHz}$ से $20 \text{ MHz}$ की सीमा स्काईवेव संचरण के लिए उपयुक्त है।
127
EasyMCQ
यदि $3 \ kHz$ आवृत्ति के सिग्नल को एम्प्लीट्यूड मॉड्यूलेशन द्वारा प्रसारित करना है,तो कैरियर तरंग की आवृत्ति के रूप में निम्नलिखित में से किसे चुना जाना चाहिए?
A
$30 \ Hz$
B
$300 \ Hz$
C
$3000 \ Hz$
D
$3 \ MHz$

Solution

(D) एम्प्लीट्यूड मॉड्यूलेशन में,कैरियर तरंग की आवृत्ति $(f_c)$ को मॉड्यूलेटिंग सिग्नल की आवृत्ति $(f_m)$ से काफी अधिक होना चाहिए ताकि कुशल प्रसारण सुनिश्चित हो सके और साइडबैंड्स के ओवरलैपिंग से बचा जा सके।
दिया गया है,$f_m = 3 \ kHz = 3000 \ Hz$।
दिए गए विकल्पों की तुलना करने पर,$30 \ Hz$,$300 \ Hz$ और $3000 \ Hz$ सिग्नल आवृत्ति से कम या उसके बराबर हैं।
$3 \ MHz = 3000 \ kHz$,$3 \ kHz$ से काफी अधिक है।
इसलिए,कैरियर आवृत्ति $3 \ MHz$ होनी चाहिए।
128
EasyMCQ
एक कैरियर वेव (वाहक तरंग) पर सिग्नल की आवृत्ति को अध्यारोपित करने की प्रक्रिया को ....... कहा जाता है।
A
ट्रांसमिशन
B
रिसेप्शन
C
मॉड्यूलेशन
D
डिटेक्शन

Solution

(C) कम आवृत्ति वाले संदेश सिग्नल (सूचना) को उच्च आवृत्ति वाली कैरियर वेव (वाहक तरंग) पर अध्यारोपित करने की प्रक्रिया को $Modulation$ (मॉड्यूलेशन) कहा जाता है। यह प्रक्रिया सिग्नल को लंबी दूरी के संचरण के लिए उपयुक्त बनाने के लिए की जाती है,क्योंकि उच्च आवृत्ति वाली तरंगें अधिक दूरी तय कर सकती हैं और इनके लिए छोटे आकार के एंटीना की आवश्यकता होती है। इसलिए,सही विकल्प $C$ है।
129
EasyMCQ
को-एक्सियल केबल की बैंडविड्थ लगभग ........ होती है।
A
$6 \ MHz$
B
$100 \ MHz$
C
$750 \ MHz$
D
$100 \ GHz$

Solution

(C) को-एक्सियल केबल एक प्रकार की ट्रांसमिशन लाइन है जिसमें एक आंतरिक कंडक्टर होता है जो एक ट्यूबलर इंसुलेटिंग परत और एक ट्यूबलर कंडक्टिंग शील्ड से घिरा होता है।
अपनी संरचना के कारण,यह ट्विस्टेड पेयर केबल की तुलना में बहुत अधिक बैंडविड्थ प्रदान करती है।
को-एक्सियल केबल की सामान्य बैंडविड्थ लगभग $750 \ MHz$ होती है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
130
EasyMCQ
ब्रॉडकास्टिंग के लिए $AM$ (एम्प्लिट्यूड मॉड्यूलेशन) का उपयोग किया जाता है क्योंकि...
A
इसमें अन्य मॉड्यूलेशन सिस्टम की तुलना में अधिक शोर प्रतिरोधक क्षमता होती है।
B
इसके उपयोग के लिए अन्य मॉड्यूलेशन सिस्टम की तुलना में कम ट्रांसमिशन पावर की आवश्यकता होती है।
C
यह रिसीवर की जटिलता को कम करता है।
D
अन्य मॉड्यूलेशन सिस्टम विश्वसनीय ट्रांसमिशन के लिए आवश्यक बैंडविड्थ प्रदान नहीं करते हैं।

Solution

(C) ब्रॉडकास्टिंग में,$AM$ (एम्प्लिट्यूड मॉड्यूलेशन) का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है क्योंकि यह बहुत ही सरल और सस्ते रिसीवर के डिजाइन को संभव बनाता है। $AM$ सिग्नल का डिटेक्शन एक साधारण एनवेलप डिटेक्टर (जैसे कि डायोड और $RC$ सर्किट) का उपयोग करके किया जा सकता है,जो $FM$ या अन्य जटिल मॉड्यूलेशन योजनाओं की तुलना में रिसीवर की लागत और जटिलता को काफी कम कर देता है। इसलिए,विकल्प $C$ सही कारण है।
131
EasyMCQ
ऊर्जा को एक रूप से दूसरे रूप में बदलने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
A
ट्रांसफॉर्मर
B
ट्रांसड्यूसर
C
ट्रांसमीटर
D
रिसीवर

Solution

(B) $Transducer$ (ट्रांसड्यूसर) एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो ऊर्जा को एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित करता है। इसके सामान्य उदाहरणों में माइक्रोफोन (ध्वनि ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलना) और लाउडस्पीकर (विद्युत ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में बदलना) शामिल हैं। इसलिए,सही विकल्प $B$ है।
132
EasyMCQ
सामान्यतः प्रेषण एंटीना........ होता है।
A
ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज प्रकार का
B
क्षैतिज प्रकार का
C
सभी दिशाओं में तरंगें भेजने वाला (Omnidirectional)
D
ऊर्ध्वाधर प्रकार का

Solution

(D) ग्राउंड वेव संचरण के लिए,विद्युतचुंबकीय तरंग का विद्युत क्षेत्र सदिश पृथ्वी की सतह के लंबवत होना चाहिए ताकि विद्युत क्षेत्र शॉर्ट-सर्किट न हो। चूंकि विद्युत क्षेत्र ऊर्ध्वाधर (vertical) होता है,इसलिए एंटीना का ऊर्ध्वाधर होना आवश्यक है। अतः,प्रेषण एंटीना सामान्यतः ऊर्ध्वाधर प्रकार के होते हैं।
133
EasyMCQ
ऑडियो सिग्नल को सीधे प्रसारित नहीं किया जा सकता है क्योंकि $.......$
A
सिग्नल में बहुत अधिक शोर (noise) होता है।
B
सिग्नल लंबी दूरी पर क्षीण (attenuated) हो जाते हैं।
C
ट्रांसमिटिंग एंटीना की आवश्यक लंबाई बहुत छोटी होती है।
D
ट्रांसमिटिंग एंटीना की आवश्यक लंबाई बहुत बड़ी होती है,जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

Solution

(D) ऑडियो सिग्नल की आवृत्ति बहुत कम होती है (आमतौर पर $20 \ Hz$ से $20 \ kHz$)।
एंटीना की लंबाई $(L)$ सिग्नल की तरंग दैर्ध्य $(\lambda)$ के क्रम की होनी चाहिए,अर्थात $L \approx \lambda / 4$।
तरंग दैर्ध्य $\lambda = c / f$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $c$ प्रकाश की गति $(3 \times 10^8 \ m/s)$ है।
यदि हम $15 \ kHz$ की आवृत्ति लेते हैं,तो $\lambda = (3 \times 10^8) / (15 \times 10^3) = 20,000 \ m = 20 \ km$।
इसलिए,एंटीना की आवश्यक लंबाई $L = 20,000 / 4 = 5,000 \ m = 5 \ km$ होनी चाहिए।
इतनी बड़ी लंबाई का एंटीना बनाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है,इसलिए ऑडियो सिग्नल को सीधे प्रसारित नहीं किया जा सकता है।
134
MediumMCQ
रडार की अधिकतम सीमा $(R_{max})$ किसके समानुपाती होती है?
A
अधिकतम प्रेषित शक्ति (transmitted power) के घनमूल के समानुपाती
B
अधिकतम प्रेषित शक्ति के चतुर्थ मूल के समानुपाती
C
अधिकतम प्रेषित शक्ति के वर्गमूल के समानुपाती
D
अधिकतम प्रेषित शक्ति से स्वतंत्र

Solution

(B) रडार की अधिकतम सीमा रडार रेंज समीकरण द्वारा दी जाती है:
$R_{max} = \left( \frac{P_t A^2 S}{4\pi \lambda^2 P_{min}} \right)^{1/4}$
जहाँ:
$P_t$ = अधिकतम प्रेषित शक्ति (transmitted power)
$A$ = प्राप्त करने वाले एंटीना का प्रभावी क्षेत्रफल
$S$ = लक्ष्य का रडार क्रॉस-सेक्शन
$\lambda$ = रडार सिग्नल की तरंगदैर्ध्य
$P_{min}$ = रिसीवर की न्यूनतम पता लगाने योग्य शक्ति
इस समीकरण से यह स्पष्ट है कि $R_{max} \propto (P_t)^{1/4}$।
अतः,अधिकतम सीमा अधिकतम प्रेषित शक्ति के चतुर्थ मूल के समानुपाती होती है।
135
EasyMCQ
माइक्रोफोन के आउटपुट में प्राप्त सिग्नल किस प्रकार का होता है?
A
एनालॉग
B
डिजिटल
C
एम्प्लिट्यूड मॉड्यूलेटेड
D
फ्रीक्वेंसी मॉड्यूलेटेड

Solution

(A) माइक्रोफोन एक ट्रांसड्यूसर है जो ध्वनि ऊर्जा (यांत्रिक तरंगों) को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। माइक्रोफोन द्वारा उत्पन्न विद्युत सिग्नल ध्वनि तरंगों के अनुसार समय के साथ लगातार बदलता रहता है। ऐसा सिग्नल,जो समय के साथ लगातार बदलता है,उसे एनालॉग सिग्नल के रूप में जाना जाता है। इसलिए,माइक्रोफोन का आउटपुट एक एनालॉग सिग्नल होता है।
136
EasyMCQ
रेडियो तरंगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने के लिए किस प्रकार के संचरण का उपयोग किया जाता है?
A
ग्राउंड वेव संचरण
B
स्काई वेव संचरण
C
स्पेस वेव संचरण
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) रेडियो तरंगों को उनकी आवृत्ति सीमा के आधार पर विभिन्न संचरण विधियों का उपयोग करके एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जा सकता है।
$1$. ग्राउंड वेव संचरण का उपयोग कम आवृत्ति ($2 \text{ MHz}$ तक) के संकेतों के लिए किया जाता है।
$2$. स्काई वेव संचरण का उपयोग मध्यम और उच्च आवृत्ति ($3 \text{ MHz}$ से $30 \text{ MHz}$ के बीच) के संकेतों को आयनमंडल से परावर्तित करके भेजने के लिए किया जाता है।
$3$. स्पेस वेव संचरण का उपयोग बहुत उच्च आवृत्ति $(VHF)$ और अल्ट्रा-हाई फ्रीक्वेंसी $(UHF)$ संकेतों ($30 \text{ MHz}$ से ऊपर) के लिए लाइन-ऑफ-साइट संचार के माध्यम से किया जाता है।
चूंकि तीनों विधियों का उपयोग रेडियो तरंग संचरण के लिए किया जाता है, इसलिए सही उत्तर $D$ है।
137
EasyMCQ
वीडियो सिग्नल की बैंडविड्थ लगभग ........ होती है।
A
$2.4 \text{ MHz}$
B
$4.2 \text{ MHz}$
C
$20 \text{ kHz}$
D
$6 \text{ MHz}$

Solution

(B) चलती छवियों (moving pictures) को प्रसारित करने के लिए वीडियो सिग्नल के लिए आवश्यक बैंडविड्थ लगभग $4.2 \text{ MHz}$ होती है। टेलीविजन प्रसारण में उच्च गुणवत्ता वाली छवि के संचरण को सुनिश्चित करने के लिए यह एक मानक मान है।
138
EasyMCQ
ध्वनि तरंगों को विद्युत तरंगों में बदलने के बाद उनका सीधा प्रसारण नहीं किया जा सकता क्योंकि...
A
वे ध्वनि की गति से यात्रा करती हैं।
B
आवृत्ति स्थिर नहीं होती है।
C
वायुमंडल द्वारा उनका भारी मात्रा में अवशोषण होता है।
D
एंटीना की ऊंचाई बार-बार बदलनी पड़ती है।

Solution

(C) ध्वनि तरंगें कम आवृत्ति वाली तरंगें होती हैं (आमतौर पर $20 \ Hz$ से $20 \ kHz$)।
विद्युत चुम्बकीय तरंगों के कुशल प्रसारण के लिए,एंटीना की लंबाई कम से कम $\lambda/4$ होनी चाहिए,जहाँ $\lambda$ तरंगदैर्ध्य है।
$15 \ kHz$ की आवृत्ति के लिए,तरंगदैर्ध्य $\lambda = c/f = (3 \times 10^8 \ m/s) / (15 \times 10^3 \ Hz) = 20 \ km$ होती है।
इसके लिए आवश्यक एंटीना की ऊंचाई $\lambda/4 = 5 \ km$ होगी,जिसे व्यावहारिक रूप से बनाना असंभव है।
इसके अलावा,कम आवृत्ति वाली तरंगें वायुमंडल द्वारा भारी मात्रा में अवशोषित कर ली जाती हैं।
इसलिए,प्रसारण के लिए ध्वनि तरंगों को उच्च आवृत्ति वाली वाहक तरंगों (carrier waves) पर मॉड्युलेट किया जाता है।
139
EasyMCQ
रेडियो और टेलीविजन प्रसारण के लिए,किस प्रकार के संकेतों (सिग्नलों) का उपयोग जानकारी ले जाने के लिए किया जाता है?
A
एनालॉग संकेत
B
एनालॉग और डिजिटल दोनों प्रकार के संकेत
C
डिजिटल संकेत
D
न तो एनालॉग और न ही डिजिटल संकेत

Solution

(A) पारंपरिक रेडियो और टेलीविजन प्रसारण में,जानकारी प्रसारित करने के लिए एनालॉग संकेतों का उपयोग किया जाता है। एनालॉग संकेत एक निरंतर तरंग है जो समय के साथ बदलती रहती है। हालांकि आधुनिक प्रणालियाँ डिजिटल की ओर बढ़ रही हैं,लेकिन भौतिकी पाठ्यक्रम के संदर्भ में मानक रेडियो और टेलीविजन प्रसारण के लिए एनालॉग संकेतों का ही उल्लेख किया जाता है।
140
EasyMCQ
एक एम्प्लीट्यूड मॉड्यूलेटेड वेव के लिए ऑडियो आवृत्ति $500 \, \text{cycles/second}$ है, तो वास्तविक कैरियर आवृत्ति कितने $\text{cycles/sec}$ होगी?
A
$50$
B
$100$
C
$500$
D
$50,000$

Solution

(D) एम्प्लीट्यूड मॉड्यूलेशन में, कुशल संचरण और सिग्नल प्रोसेसिंग सुनिश्चित करने के लिए कैरियर आवृत्ति $(f_c)$ का मॉड्यूलेटिंग (ऑडियो) आवृत्ति $(f_m)$ से काफी अधिक होना आवश्यक है।
आमतौर पर, कैरियर आवृत्ति को मॉड्यूलेटिंग आवृत्ति से कम से कम $100$ गुना अधिक चुना जाता है।
दिया गया है कि $f_m = 500 \, \text{Hz}$।
दिए गए विकल्पों में से, $50,000 \, \text{Hz}$ $(50 \, \text{kHz})$ ही एकमात्र ऐसा मान है जो $f_c \gg f_m$ की शर्त को पूरा करता है।
इसलिए, सही कैरियर आवृत्ति $50,000 \, \text{cycles/sec}$ है।
141
EasyMCQ
एंटेना द्वारा विकिरित प्रभावी शक्ति एंटेना की लंबाई के किस अनुपात में होती है?
A
एंटेना की लंबाई के व्युत्क्रमानुपाती
B
एंटेना की लंबाई के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती
C
एंटेना की लंबाई के समानुपाती
D
एंटेना की लंबाई के वर्ग के समानुपाती

Solution

(D) $l$ लंबाई वाले एंटेना के लिए जो $\lambda$ तरंगदैर्ध्य का सिग्नल विकिरित करता है,विकिरित शक्ति $P$ का संबंध $P \propto (l/\lambda)^2$ द्वारा दिया जाता है।
दी गई आवृत्ति के लिए तरंगदैर्ध्य $\lambda$ स्थिर होने के कारण,विकिरित शक्ति $P$ एंटेना की लंबाई के वर्ग के समानुपाती होती है,अर्थात $P \propto l^2$।
अतः,सही विकल्प $D$ है।
142
EasyMCQ
आयाम मॉडुलन (amplitude modulation) में,$.......$ तरंग का आयाम $.......$ तरंग के तात्क्षणिक मान के समानुपाती बदलता है।
A
वाहक (carrier),मॉड्युलेटेड
B
मॉड्युलेटिंग,वाहक (carrier)
C
मॉड्युलेटिंग,मॉड्युलेटेड
D
वाहक (carrier),मॉड्युलेटिंग

Solution

(D) आयाम मॉडुलन $(AM)$ में,उच्च-आवृत्ति वाली वाहक तरंग (carrier wave) का आयाम निम्न-आवृत्ति वाले मॉड्युलेटिंग सिग्नल (या संदेश सिग्नल) के तात्क्षणिक मान के अनुसार बदलता है।
अतः,वाहक तरंग का आयाम मॉड्युलेटिंग तरंग के तात्क्षणिक मान के समानुपाती बदलता है।
143
DifficultMCQ
जब आपतन कोण का मान $74^{\circ}$ है,तो $F$ परत की क्रांतिक आवृत्ति $50 \text{ MHz}$ है। तो अधिकतम उपयोगी आवृत्ति $(MUF)$ $\text{ MHz}$ में क्या होगी ($.5$ में)?
A
$181$
B
$191$
C
$199$
D
$171$

Solution

(A) अधिकतम उपयोगी आवृत्ति $(MUF)$ का सूत्र है: $\text{MUF} = f_c \sec(i)$,जहाँ $f_c$ क्रांतिक आवृत्ति है और $i$ आपतन कोण है।
दिया गया है: $f_c = 50 \text{ MHz}$ और $i = 74^{\circ}$.
$\text{MUF} = 50 \times \sec(74^{\circ})$.
चूँकि $\cos(74^{\circ}) \approx 0.2756$,इसलिए $\sec(74^{\circ}) = \frac{1}{\cos(74^{\circ})} \approx \frac{1}{0.2756} \approx 3.628$.
$\text{MUF} = 50 \times 3.628 = 181.4 \text{ MHz}$.
दिए गए विकल्पों के अनुसार निकटतम मान $181.5 \text{ MHz}$ है।
144
EasyMCQ
ऑप्टिकल फाइबर की बैंडविड्थ लगभग ........ होती है।
A
$6 \ MHz$
B
$100 \ MHz$
C
$250 \ MHz$
D
$100 \ GHz$

Solution

(D) ऑप्टिकल फाइबर अपनी अत्यधिक उच्च बैंडविड्थ क्षमता के कारण आधुनिक संचार प्रणालियों में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं।
ये प्रकाश की आवृत्ति सीमा में कार्य करते हैं,जो रेडियो तरंगों या माइक्रोवेव की तुलना में बहुत अधिक होती है।
ऑप्टिकल फाइबर की बैंडविड्थ आमतौर पर $100 \ GHz$ या उससे अधिक की सीमा में होती है,जो भारी मात्रा में डेटा के संचरण की अनुमति देती है।
इसलिए,सही विकल्प $D$ है।
145
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प संचार प्रणाली का मूल घटक नहीं है?
A
ट्रांसमीटर
B
रिसीवर
C
ट्रांसमिशन चैनल
D
शोर (Noise)

Solution

(D) एक बुनियादी संचार प्रणाली तीन आवश्यक तत्वों से बनी होती है: ट्रांसमीटर,ट्रांसमिशन चैनल और रिसीवर।
शोर (Noise) एक बाहरी और अवांछित संकेत है जो संचार प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है,लेकिन इसे प्रणाली का कार्यात्मक घटक नहीं माना जाता है।
146
EasyMCQ
यदि $TV$ प्रसारण की सीमा (range) को दोगुना करना है,तो ट्रांसमिटिंग एंटीना की ऊँचाई कितनी होनी चाहिए?
A
दोगुनी
B
आधी
C
चार गुनी
D
कोई परिवर्तन नहीं

Solution

(C) $h$ ऊँचाई वाले ट्रांसमिटिंग एंटीना की सीमा $d$ का सूत्र है: $d = \sqrt{2Rh}$,जहाँ $R$ पृथ्वी की त्रिज्या है।
इस संबंध से,हम देख सकते हैं कि $d \propto \sqrt{h}$ है।
यदि सीमा को दोगुना करना है,तो मान लीजिए नई सीमा $d' = 2d$ और नई ऊँचाई $h'$ है।
तब,$d' = \sqrt{2Rh'} \implies 2d = \sqrt{2Rh'}$.
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर,हमें $4d^2 = 2Rh'$ प्राप्त होता है।
चूँकि $d^2 = 2Rh$,हम इस मान को समीकरण में प्रतिस्थापित करते हैं: $4(2Rh) = 2Rh'$.
$8Rh = 2Rh' \implies h' = 4h$.
अतः,ट्रांसमिटिंग एंटीना की ऊँचाई को चार गुना करना होगा।
147
EasyMCQ
व्यावसायिक $FM$ रेडियो प्रसारण के लिए आवृत्ति सीमा ....... है।
A
$88 \, \text{MHz} \, \text{to} \, 108 \, \text{MHz}$
B
$88 \, \text{kHz} \, \text{to} \, 108 \, \text{kHz}$
C
$8 \, \text{MHz} \, \text{to} \, 88 \, \text{MHz}$
D
$88 \, \text{GHz} \, \text{to} \, 108 \, \text{GHz}$

Solution

(A) व्यावसायिक $FM$ (फ्रीक्वेंसी मॉड्यूलेशन) रेडियो प्रसारण वेरी हाई फ्रीक्वेंसी $(VHF)$ बैंड में कार्य करता है।
संचार भौतिकी के मानकों के अनुसार, व्यावसायिक $FM$ रेडियो के लिए आवंटित आवृत्ति सीमा $88 \, \text{MHz}$ से $108 \, \text{MHz}$ है।
अतः, सही विकल्प $A$ है।
148
EasyMCQ
$Twisted\, pair\, wire$ का उपयोग करके किस आवृत्ति सीमा के संकेतों को प्रसारित किया जा सकता है?
A
$0$ से $5\, MHz$
B
$10$ से $100\, MHz$
C
$100\, kHz$ से $5\, MHz$
D
$5\, MHz$ से $20\, MHz$

Solution

(A) $Twisted\, pair\, wire$ दो इंसुलेटेड तांबे के तारों से बना होता है जो विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप को कम करने के लिए एक साथ मुड़े होते हैं।
इसका उपयोग आमतौर पर टेलीफोन लाइनों और लोकल एरिया नेटवर्क $(LAN)$ के लिए किया जाता है।
$Twisted\, pair\, wire$ की विशिष्ट बैंडविड्थ सीमित होती है,और इसका उपयोग आमतौर पर $0$ से $5\, MHz$ की आवृत्ति सीमा में संकेतों को प्रसारित करने के लिए किया जाता है।
149
EasyMCQ
ऑप्टिकल संचार के लिए किस प्रकार के माध्यम का उपयोग किया जाता है?
A
गाइडेड माध्यम
B
गाइडेड और अनगाइडेड दोनों माध्यम
C
अनगाइडेड माध्यम
D
न तो गाइडेड और न ही अनगाइडेड माध्यम

Solution

(A) ऑप्टिकल संचार में आमतौर पर ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से प्रकाश संकेतों का संचरण शामिल होता है। एक ऑप्टिकल फाइबर एक भौतिक पथ के रूप में कार्य करता है जो प्रकाश को ट्रांसमीटर से रिसीवर तक निर्देशित करता है। चूंकि सिग्नल एक भौतिक संरचना (फाइबर) के भीतर सीमित होता है,इसलिए इसे गाइडेड माध्यम के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
150
EasyMCQ
ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से संचार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?
A
ऑप्टिकल फाइबर का ट्रांसमिशन लॉस बहुत कम होता है।
B
ऑप्टिकल फाइबर का कोर समांगी होता है और इसके चारों ओर एक उपयुक्त क्लैडिंग होती है।
C
ऑप्टिकल फाइबर के अपवर्तनांक अलग-अलग हो सकते हैं।
D
ऑप्टिकल फाइबर बाहरी विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप (electromagnetic interference) से प्रभावित हो सकते हैं।

Solution

(D) ऑप्टिकल फाइबर पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
ये कांच या प्लास्टिक से बने होते हैं और विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप से मुक्त होते हैं क्योंकि ये विद्युत संकेतों के बजाय प्रकाश संकेतों को प्रसारित करते हैं।
इसलिए,यह कथन कि ऑप्टिकल फाइबर बाहरी विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप से प्रभावित हो सकते हैं,गलत है।
कम ट्रांसमिशन लॉस,समांगी कोर और क्लैडिंग,तथा अलग-अलग अपवर्तनांक के संबंध में अन्य सभी कथन ऑप्टिकल फाइबर की सही विशेषताएं हैं।

Communication — Communication · Frequently Asked Questions

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