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Mendel's law of inheritance Questions in Hindi

Class 12 Biology · Principles of Inheritance and Variation · Mendel's law of inheritance

71+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 71 questions in Hindi

1
EasyMCQ
मेंडल के निष्कर्षों को नियमों के रूप में किसने प्रस्तुत किया था?
A
बेटसन
B
कोरेंस
C
पुनेट
D
जोहानसन

Solution

(B) कोरेंस ने मेंडल के दो सामान्यीकरणों को आनुवंशिकता के दो नियमों में परिवर्तित किया था।
ये पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment) हैं।
2
MediumMCQ
युग्मनज (zygote) में,यदि एलील के दो वैकल्पिक रूप मौजूद हैं,तो वयस्क में अभिव्यक्ति आमतौर पर किस लक्षण द्वारा निर्धारित होती है?
A
अप्रभावी (Recessive)
B
प्रभावी (Dominant)
C
मध्यवर्ती (Intermediate)
D
एपिस्टेटिक (Epistatic)

Solution

(B) प्रभाविता के नियम (Law of Dominance) के अनुसार,एक विषमयुग्मजी जीव में जहाँ दो अलग-अलग एलील (जीन के वैकल्पिक रूप) मौजूद होते हैं,वह एलील जो वयस्क के लक्षणप्रारूप (phenotype) में स्वयं को अभिव्यक्त करता है,उसे $Dominant$ (प्रभावी) एलील कहा जाता है। दूसरा एलील,जिसकी अभिव्यक्ति दब जाती है,उसे $Recessive$ (अप्रभावी) एलील कहा जाता है। इसलिए,वयस्क में देखी जाने वाली अभिव्यक्ति मुख्य रूप से $Dominant$ (प्रभावी) लक्षण होती है।
3
MediumMCQ
यदि दो विपरीत एलील एक साथ आते हैं,और एक एलील दूसरे को छिपाकर अपनी रूपात्मक अभिव्यक्ति प्रदर्शित करता है,तो इस तथ्य को किस नियम के रूप में वर्णित किया जाता है?
A
वंशागति (Inheritance)
B
प्रभाविता का नियम (Dominance)
C
सीमाकारी कारक (Limiting factor)
D
पृथक्करण का नियम (Segregation)

Solution

(B) प्रभाविता का नियम बताता है कि एक विषमयुग्मजी जीव में,जब दो विपरीत एलील एक साथ मौजूद होते हैं,तो एक एलील अपना लक्षण प्रदर्शित करता है (प्रभावी) और दूसरे एलील की अभिव्यक्ति को छिपा देता है (अप्रभावी)। यह घटना बताती है कि $F_1$ पीढ़ी में केवल एक जनक का ही लक्षणप्रारूप (phenotype) क्यों दिखाई देता है।
4
EasyMCQ
मेंडल ने प्रतिपादित किए
A
वंशागति के दो सिद्धांत
B
वंशागति के तीन सिद्धांत
C
वंशागति के चार सिद्धांत
D
वंशागति के पांच सिद्धांत

Solution

(B) मेंडल ने मटर के पौधों पर अपने प्रयोगों के आधार पर वंशागति के तीन प्रमुख सिद्धांत (या नियम) प्रतिपादित किए:
$1$. प्रभाविता का नियम: विषमयुग्मजी स्थिति में,केवल प्रभावी एलील ही स्वयं को अभिव्यक्त करता है।
$2$. पृथक्करण का नियम: युग्मक निर्माण के दौरान एलील अलग हो जाते हैं ताकि प्रत्येक युग्मक में एक लक्षण के लिए केवल एक ही एलील हो।
$3$. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम: लक्षणों की एक जोड़ी की वंशागति,लक्षणों की दूसरी जोड़ी की वंशागति से स्वतंत्र होती है।
5
MediumMCQ
मेंडल ने कुछ नियम प्रतिपादित किए जिन्हें किस रूप में जाना जाता है?
A
जर्मप्लाज्म के नियम
B
जातियों की उत्पत्ति के नियम
C
पुनरावृत्ति के नियम
D
वंशागति के नियम

Solution

(D) ग्रेगर मेंडल ने मटर के पौधों पर अपने प्रयोगों के आधार पर आनुवंशिकता के मूलभूत सिद्धांतों का प्रतिपादन किया। इन सिद्धांतों को सामूहिक रूप से $Laws$ $of$ $Inheritance$ (वंशागति के नियम) के रूप में जाना जाता है। विशेष रूप से,इनमें प्रभाविता का नियम,पृथक्करण का नियम और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम शामिल हैं।
6
MediumMCQ
मेंडल का प्रथम नियम क्या है?
A
वंशागति का नियम
B
विभिन्नता का नियम
C
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
D
पृथक्करण का नियम

Solution

(D) सही उत्तर $D$ है। मेंडल ने मटर के पौधों पर अपने प्रयोगों के आधार पर वंशागति के दो मुख्य नियम दिए थे। प्रथम नियम $Law \text{ of } Segregation$ (पृथक्करण का नियम) है, जिसे युग्मकों की शुद्धता का नियम भी कहा जाता है। यह नियम बताता है कि युग्मक निर्माण के दौरान एलील एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं। दूसरा नियम $Law \text{ of } Independent \text{ Assortment}$ (स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम) है।
7
MediumMCQ
जब विषमयुग्मजी (heterozygous) लंबे पौधों का स्व-परागण कराया जाता है,तो लंबे और बौने पौधे प्राप्त होते हैं। इसे किसके द्वारा समझाया गया है?
A
युग्मकों की शुद्धता का नियम
B
पृथक्करण का नियम (Law of Segregation)
C
बीजाणुओं में विभाजन
D
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम

Solution

(B) जब विषमयुग्मजी लंबे पौधों $(Tt)$ का स्व-परागण कराया जाता है,तो वे $3:1$ के लक्षणप्ररूपी अनुपात (लंबे और बौने) में संतति उत्पन्न करते हैं।
यह इसलिए होता है क्योंकि युग्मक निर्माण के दौरान जीन युग्म के दो एलील एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं,जिससे प्रत्येक युग्मक में केवल एक ही एलील जाता है।
इस घटना को पृथक्करण का नियम या युग्मकों की शुद्धता का नियम कहा जाता है।
8
MediumMCQ
मेंडल का पृथक्करण का नियम (Principle of Segregation) उद्यान मटर में एलील्स (alleles) के पृथक्करण पर आधारित था,जो कब होता है?
A
परागण
B
भ्रूणीय विकास
C
बीज निर्माण
D
युग्मक निर्माण

Solution

(D) सही उत्तर $D$ है। मेंडल का पृथक्करण का नियम बताता है कि एलील के जोड़े युग्मक निर्माण (अर्धसूत्रीविभाजन) की प्रक्रिया के दौरान अलग हो जाते हैं। प्रत्येक युग्मक को जोड़े का केवल एक एलील प्राप्त होता है। इसके बाद निषेचन के दौरान युग्मकों के यादृच्छिक संलयन द्वारा युग्मित स्थिति को बहाल किया जाता है।
9
MediumMCQ
एक व्यक्ति का जीनप्रारूप (genotype) $RrBb$ है। स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (law of independent assortment) के आधार पर यह कितने प्रकार के युग्मक उत्पन्न करेगा?
A
$16$
B
$9$
C
$8$
D
$4$

Solution

(D) स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम के अनुसार,$n$ विषमयुग्मजी (heterozygous) जीन युग्म वाले व्यक्ति द्वारा उत्पन्न विभिन्न प्रकार के युग्मकों की संख्या $2^n$ सूत्र द्वारा दी जाती है।
$RrBb$ जीनप्रारूप में,$2$ विषमयुग्मजी जीन युग्म हैं $(n = 2)$।
अतः,उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार के युग्मकों की संख्या $2^2 = 4$ है।
ये चार प्रकार के युग्मक $RB, Rb, rB,$ और $rb$ हैं।
10
MediumMCQ
यदि एक द्विसंकर क्रॉस में, मेंडल ने ऐसे दो लक्षणों का उपयोग किया होता जो सहलग्न (linked) थे, तो उसे अपने किस नियम के आधार पर परिणामों की व्याख्या करने में कठिनाई होती?
A
पृथक्करण का नियम (Law of segregation)
B
बहुकारक परिकल्पना का नियम (Law of multiple factor hypothesis)
C
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of independent assortment)
D
प्रभाविता का नियम (Law of dominance)

Solution

(C) $\text{स्वतंत्र}$ $\text{अपव्यूहन}$ $\text{का}$ $\text{नियम}$ बताता है कि जब दो जोड़ी लक्षण एक संकर में संयोजित होते हैं, तो एक जोड़ी लक्षणों का पृथक्करण दूसरी जोड़ी के लक्षणों से स्वतंत्र होता है。
सहलग्नता (Linkage) वह घटना है जिसमें एक ही गुणसूत्र पर स्थित जीन एक साथ वंशागत होते हैं, जो स्वतंत्र अपव्यूहन के सिद्धांत का उल्लंघन करता है。
इसलिए, यदि मेंडल ने सहलग्न जीन का उपयोग किया होता, तो उन्होंने देखा होता कि लक्षण स्वतंत्र रूप से अपव्यूहित नहीं होते हैं, जिससे उनके परिणामों को $\text{स्वतंत्र}$ $\text{अपव्यूहन}$ $\text{के}$ $\text{नियम}$ के आधार पर समझाना कठिन हो जाता。
11
MediumMCQ
यदि लंबाई के लिए विषमयुग्मजी (heterozygous) पौधे का स्व-परागण (selfing) कराया जाता है,तो $F_2$ पीढ़ी में लंबे और बौने दोनों प्रकार के पौधे प्राप्त होते हैं। यह किस सिद्धांत को सिद्ध करता है?
A
प्रभाविता
B
पृथक्करण (Segregation)
C
स्वतंत्र अपव्यूहन (Independent assortment)
D
अपूर्ण प्रभाविता

Solution

(B) जब एक विषमयुग्मजी लंबे पौधे $(Tt)$ का स्व-परागण कराया जाता है,तो संकरण $Tt \times Tt$ होता है।
पृथक्करण के नियम के अनुसार,युग्मक निर्माण के दौरान $T$ और $t$ एलील अलग हो जाते हैं।
परिणामी $F_2$ पीढ़ी के जीनप्रारूप $1 TT$ (समयुग्मजी लंबे),$2 Tt$ (विषमयुग्मजी लंबे),और $1 tt$ (समयुग्मजी बौने) होते हैं।
इसका लक्षणप्रारूप अनुपात $3$ लंबे : $1$ बौना होता है।
$F_2$ पीढ़ी में बौने लक्षण का पुनः प्रकट होना,जो $F_1$ पीढ़ी में छिपा हुआ था,पृथक्करण के नियम की पुष्टि करता है।
Solution diagram
12
AdvancedMCQ
यदि मेंडल ने $14$ के बजाय $12$ गुणसूत्रों वाले पौधे का उपयोग करके सात लक्षणों का अध्ययन किया होता,तो उनका निष्कर्ष किस प्रकार भिन्न होता?
A
वह गुणसूत्र का मानचित्रण कर सकते थे
B
उन्होंने सम्मिश्रण या अपूर्ण प्रभाविता की खोज की होती
C
उन्होंने स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम की खोज नहीं की होती
D
उन्होंने लिंग-सहलग्नता की खोज की होती

Solution

(C) मेंडल ने मटर के पौधों में $7$ लक्षणों का अध्ययन किया,जिनमें $14$ गुणसूत्र $(2n = 14)$ होते हैं।
ये $7$ लक्षण गुणसूत्रों के $7$ जोड़ों पर इस प्रकार स्थित थे कि प्रत्येक लक्षण या तो एक अलग गुणसूत्र पर था या एक ही गुणसूत्र पर बहुत दूर था,जिससे वे स्वतंत्र रूप से अपव्यूहित (assort) हो सके।
यदि पौधे में केवल $12$ गुणसूत्र $(2n = 12)$ होते,तो गुणसूत्रों के केवल $6$ जोड़े होते।
चूंकि $7$ लक्षण हैं और गुणसूत्रों के केवल $6$ जोड़े हैं,इसलिए कम से कम दो लक्षणों को एक ही गुणसूत्र जोड़े पर स्थित होना पड़ता।
यदि दो लक्षण एक ही गुणसूत्र पर स्थित होते हैं,तो वे सहलग्न (linked) होते हैं और स्वतंत्र अपव्यूहन नहीं दिखाते हैं।
इसलिए,मेंडल स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (Law of Independent Assortment) को प्रतिपादित नहीं कर पाते।
13
MediumMCQ
मेंडल का स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of independent assortment) किसके लिए लागू होता है?
A
सभी जीवों के सभी जीन के लिए
B
केवल मटर के पौधे के सभी जीन के लिए
C
केवल सभी सहलग्न (linked) जीन के लिए
D
केवल सभी गैर-सहलग्न (non-linked) जीन के लिए

Solution

(D) मेंडल का स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम बताता है कि जब दो जोड़ी लक्षणों को संकरण में संयोजित किया जाता है,तो एक लक्षण की जोड़ी का पृथक्करण दूसरी जोड़ी के लक्षणों से स्वतंत्र होता है।
यह नियम केवल उन जीनों पर लागू होता है जो अलग-अलग गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं या एक ही गुणसूत्र पर इतनी दूर स्थित होते हैं कि वे सहलग्नता (linkage) नहीं दर्शाते हैं।
सहलग्न जीन स्वतंत्र रूप से अपव्यूहित नहीं होते हैं क्योंकि वे एक साथ वंशागत होते हैं।
इसलिए,स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम केवल सभी गैर-सहलग्न जीनों पर लागू होता है।
14
MediumMCQ
मेंडल के नियम किसके लिए मान्य हैं?
A
अलैंगिक प्रजनन
B
लैंगिक प्रजनन
C
कायिक प्रजनन
D
उपरोक्त सभी

Solution

(B) मेंडल के वंशागति के नियम (प्रभाविता का नियम,पृथक्करण का नियम और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम) अर्धसूत्रीविभाजन के दौरान गुणसूत्रों के व्यवहार और युग्मकों के संलयन पर आधारित हैं।
ये प्रक्रियाएं लैंगिक प्रजनन की मूलभूत विशेषताएं हैं,जिसमें आनुवंशिक रूप से विविध संतानों को उत्पन्न करने के लिए अगुणित युग्मकों का निर्माण और संलयन शामिल होता है।
अलैंगिक और कायिक प्रजनन में समसूत्रीविभाजन शामिल होता है,जहाँ संतानें जनक के आनुवंशिक रूप से समान क्लोन होती हैं,इसलिए मेंडल के पृथक्करण और स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम वहां लागू नहीं होते हैं।
15
MediumMCQ
मेंडल का पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) किस पर लागू होता है?
A
केवल द्विसंकर क्रॉस (Dihybrid cross)
B
केवल एकसंकर क्रॉस (Monohybrid cross)
C
द्विसंकर और एकसंकर दोनों क्रॉस
D
द्विसंकर लेकिन एकसंकर नहीं

Solution

(C) मेंडल का पृथक्करण का नियम बताता है कि एक जीन युग्म के दो एलील (alleles) युग्मकों के निर्माण के दौरान एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं,ताकि प्रत्येक युग्मक में दो एलीलों में से केवल एक ही एलील जाए।
यह नियम वंशागति का एक मूलभूत सिद्धांत है और यह सभी लैंगिक रूप से प्रजनन करने वाले जीवों पर लागू होता है,चाहे वह एक जीन की वंशागति (एकसंकर क्रॉस) हो या दो या दो से अधिक जीनों की वंशागति (द्विसंकर या बहुसंकर क्रॉस) का अध्ययन किया जा रहा हो।
इसलिए,यह एकसंकर और द्विसंकर दोनों क्रॉस पर लागू होता है।
16
MediumMCQ
मेंडल के वंशागति के नियम अभी भी मान्य माने जाते हैं क्योंकि:
A
वे लैंगिक प्रजनन करने वाले पौधों में होते हैं।
B
वे अलैंगिक प्रजनन करने वाले पौधों में होते हैं।
C
वे ऊपर बताए गए दोनों प्रकार के पौधों में होते हैं।
D
वे असंगजनन (apomictic) द्वारा प्रजनन करने वाले पौधों में होते हैं।

Solution

(A) मेंडल के वंशागति के नियम (पृथक्करण का नियम और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम) अर्धसूत्रीविभाजन के दौरान गुणसूत्रों के व्यवहार और युग्मकों के संलयन पर आधारित हैं। ये प्रक्रियाएं लैंगिक प्रजनन के लिए मौलिक हैं। चूंकि लैंगिक प्रजनन में युग्मकों का निर्माण और युग्मनज बनाने के लिए उनका संलयन शामिल होता है,इसलिए लैंगिक रूप से प्रजनन करने वाले जीवों में एलील्स का पृथक्करण और उनका स्वतंत्र अपव्यूहन देखा जाता है। इसलिए,मेंडल के नियम लैंगिक प्रजनन करने वाले पौधों पर लागू होते हैं।
17
MediumMCQ
$AaBb$ जनक द्वारा उत्पन्न $ab$ युग्मकों का प्रतिशत क्या होगा ($\%$ में)?
A
$12.5$
B
$25$
C
$50$
D
$75$

Solution

(B) स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (Law of Independent Assortment) के अनुसार,एक $AaBb$ जनक चार प्रकार के युग्मक समान अनुपात में उत्पन्न करता है।
ये युग्मक $AB$,$Ab$,$aB$ और $ab$ हैं।
चूंकि चार प्रकार के युग्मक हैं,इसलिए प्रत्येक प्रकार के उत्पन्न होने की प्रायिकता $1/4$ या $25\%$ है।
अतः,$ab$ युग्मकों का प्रतिशत $25\%$ होगा।
18
MediumMCQ
परीक्षण संकरण (Test cross) में क्या शामिल है?
A
$F_1$ संकरण का द्वि-अप्रभावी जीनप्रारूप के साथ संकरण
B
दो $F_1$ संकरों के बीच संकरण
C
$F_1$ पीढ़ी के जीव का अप्रभावी जनक के साथ संकरण
D
दो जीनप्रारूपों का प्रभावी लक्षण के साथ संकरण

Solution

(C) परीक्षण संकरण (Test cross) $F_1$ पीढ़ी के जीव का उसके अप्रभावी जनक के साथ किया गया संकरण है। इस विधि का उपयोग अज्ञात जीनप्रारूप (genotype) वाले जीव के जीनप्रारूप को निर्धारित करने के लिए किया जाता है। यदि $F_1$ जीव विषमयुग्मजी (heterozygous) है,तो अप्रभावी जनक के साथ संकरण करने पर संतति में $1:1$ का अनुपात प्राप्त होता है।
19
MediumMCQ
मेंडल का पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) किस प्रक्रिया के दौरान कारकों (एलील्स) के अलग होने पर आधारित है?
A
युग्मक निर्माण
B
बीज निर्माण
C
परागण
D
भ्रूणीय विकास

Solution

(A) मेंडल का पृथक्करण का नियम यह बताता है कि युग्मक निर्माण की प्रक्रिया के दौरान एक जीन युग्म के दोनों एलील्स एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं।
यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक युग्मक को दो एलील्स में से केवल एक ही एलील प्राप्त हो।
अतः,सही प्रक्रिया युग्मक निर्माण है।
20
EasyMCQ
मेंडल के पृथक्करण के नियम (Law of Segregation) के अनुसार,$F_2$ पीढ़ी का लक्षणप्ररूपी अनुपात (phenotypic ratio) ................. होगा।
A
$1:2:1$
B
$3:1$
C
$1:1$
D
$2:1$

Solution

(B) मेंडल का पृथक्करण का नियम बताता है कि युग्मकों के निर्माण के दौरान एक जीन युग्म के दो एलील (alleles) एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं।
एक संकर क्रॉस (monohybrid cross) में,जब $F_1$ संकर (विषमयुग्मजी,$Aa$) का स्व-परागण कराया जाता है,तो $F_2$ पीढ़ी में $AA$,$Aa$,और $aa$ जीनप्ररूपी $1:2:1$ के अनुपात में प्राप्त होते हैं।
हालाँकि,$AA$ और $Aa$ का लक्षणप्ररूपी (phenotype) समान (प्रभावी लक्षण) होता है।
इसलिए,$F_2$ पीढ़ी में देखा गया लक्षणप्ररूपी अनुपात $3:1$ (तीन प्रभावी : एक अप्रभावी) होता है।
21
MediumMCQ
युग्मविकल्पी (alleles) का विसंयोजन एक यादृच्छिक प्रक्रिया है और इसलिए युग्मकों (gametes) में किसी एक युग्मविकल्पी के होने की संभावना कितनी होती है ($\%$ में)?
A
$25$
B
$50$
C
$75$
D
$100$

Solution

(B) मेंडल के विसंयोजन के नियम (Law of Segregation) के अनुसार,युग्मकों के निर्माण के दौरान एक जीन युग्म के दोनों युग्मविकल्पी एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं।
चूंकि यह प्रक्रिया यादृच्छिक है,इसलिए प्रत्येक युग्मक के पास दोनों में से किसी भी एक युग्मविकल्पी को प्राप्त करने की समान संभावना होती है।
अतः,एक युग्मक में किसी विशिष्ट युग्मविकल्पी के होने की संभावना $50\%$ होती है।
22
EasyMCQ
मेंडल के वंशागति के नियम उन पौधों पर लागू होते हैं जो......
A
अलैंगिक प्रजनन करते हैं।
B
लैंगिक प्रजनन करते हैं।
C
कायिक प्रजनन करते हैं।
D
उपर्युक्त सभी विधियों द्वारा प्रजनन करते हैं।

Solution

(B) मेंडल के वंशागति के नियम,जैसे कि पृथक्करण का नियम और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम,अर्धसूत्रीविभाजन के दौरान गुणसूत्रों के व्यवहार और निषेचन के दौरान युग्मकों के संलयन पर आधारित हैं।
ये प्रक्रियाएं लैंगिक प्रजनन की मूलभूत विशेषताएं हैं।
अलैंगिक और कायिक प्रजनन में समसूत्री विभाजन होता है और इसमें युग्मकों का निर्माण और संलयन शामिल नहीं होता है,जो कि मेंडल द्वारा वर्णित एलील्स के पृथक्करण और पुनर्संयोजन के लिए आवश्यक है।
इसलिए,मेंडल के नियम केवल उन जीवों पर लागू होते हैं जो लैंगिक प्रजनन करते हैं।
23
MediumMCQ
जब एक संकरण में लक्षणों के दो जोड़े संयोजित होते हैं, तो एक जोड़े के लक्षणों का पृथक्करण दूसरे जोड़े के लक्षणों से स्वतंत्र होता है। इसे ..... के रूप में जाना जाता है।
A
प्रभाविता का नियम
B
पृथक्करण का नियम
C
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
D
युग्मकों का नियम

Solution

(C) यह कथन $Law \text{ of } Independent \text{ Assortment}$ (स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम) का वर्णन करता है।
मेंडल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम के अनुसार, जब एक संकरण में लक्षणों के दो जोड़े संयोजित होते हैं, तो एक जोड़े के लक्षणों का पृथक्करण दूसरे जोड़े के लक्षणों से स्वतंत्र होता है।
यह सिद्धांत द्विसंकर क्रॉस (dihybrid cross) में देखा जाता है जहाँ एक जीन की वंशागति दूसरे जीन की वंशागति को प्रभावित नहीं करती है।
24
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा मेंडल के प्रभाविता के नियम की व्याख्या नहीं करता है?
A
$F_2$ पीढ़ी में कारक कोई मिश्रण नहीं दर्शाते हैं और दोनों लक्षण पुनः प्राप्त हो जाते हैं।
B
कारक जोड़ों में पाए जाते हैं।
C
किसी विशिष्ट लक्षण को नियंत्रित करने वाली स्वतंत्र इकाइयों को कारक कहा जाता है।
D
कारकों के एक जोड़े में,एक प्रभावी और दूसरा अप्रभावी होता है।

Solution

(A) मेंडल का प्रभाविता का नियम बताता है कि एक विषमयुग्मजी जीव में,एक एलील (प्रभावी) दूसरे (अप्रभावी) की अभिव्यक्ति को छिपा देता है।
विकल्प $A$ पृथक्करण के नियम (या युग्मकों की शुद्धता) का वर्णन करता है,जो यह बताता है कि लक्षण मिश्रित क्यों नहीं होते हैं और $F_2$ पीढ़ी में दोनों लक्षण पुनः प्राप्त हो जाते हैं।
विकल्प $B$,$C$ और $D$ वे मूलभूत सिद्धांत हैं जो सीधे तौर पर प्रभाविता के नियम का समर्थन करते हैं।
25
MediumMCQ
यदि मेंडल ने लक्षणों की वंशागति के अध्ययन के लिए सहलग्न जीनों (linked genes) को चुना होता, तो उन्होंने निम्नलिखित में से किस नियम की खोज नहीं की होती?
A
पृथक्करण का नियम
B
प्रभाविता का नियम
C
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
D
इकाई लक्षण का नियम

Solution

(C) मेंडल का $\text{स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम}$ यह बताता है कि दो (या अधिक) अलग-अलग जीनों के एलील एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से युग्मकों में अलग होते हैं। यह नियम इस अवलोकन पर आधारित है कि विभिन्न लक्षणों के लिए जीन अलग-अलग गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं या एक ही गुणसूत्र पर बहुत दूर स्थित होते हैं। यदि जीन सहलग्न (linked) होते (एक ही गुणसूत्र पर पास-पास स्थित होते), तो वे एक साथ वंशागति में जाते, जो स्वतंत्र अपव्यूहन के सिद्धांत का उल्लंघन करता। इसलिए, यदि मेंडल ने सहलग्न जीनों को चुना होता, तो वे $\text{स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम}$ को प्रतिपादित नहीं कर पाते।
26
MediumMCQ
अप्रभावी लक्षण वह है जो -
A
केवल विषमयुग्मजी अवस्था में ही अभिव्यक्त होता है।
B
केवल समयुग्मजी अवस्था में ही अभिव्यक्त होता है।
C
विषमयुग्मजी अवस्था में मिश्रित हो जाता है।
D
हमेशा अशुद्ध होता है।

Solution

(B) आनुवंशिकी में,अप्रभावी लक्षण वह लक्षण है जो प्रभावी एलील की उपस्थिति में छिप जाता है। मेंडल के प्रभाविता के नियम के अनुसार,एक अप्रभावी लक्षण केवल तभी अभिव्यक्त हो सकता है जब जीव उस लक्षण के लिए समयुग्मजी हो (अर्थात,इसमें अप्रभावी एलील की दो प्रतियां हों,जैसे $aa$)। विषमयुग्मजी अवस्था में (जैसे $Aa$),प्रभावी एलील अप्रभावी एलील की अभिव्यक्ति को रोक देता है,जिससे अप्रभावी लक्षण दिखाई नहीं देता है। इसलिए,सही विकल्प $B$ है।
27
MediumMCQ
यदि मेंडल ने उद्यान मटर में सात के बजाय आठ लक्षणों का चयन किया होता,तो किस नियम का उल्लंघन होता?
A
प्रभाविता का नियम
B
पृथक्करण का नियम
C
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
D
युग्मकों की शुद्धता का नियम

Solution

(C) मेंडल ने उद्यान मटर में $7$ जोड़ी विपरीत लक्षणों का चयन किया था। ये $7$ लक्षण $4$ अलग-अलग गुणसूत्रों पर स्थित थे। स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम यह बताता है कि युग्मक निर्माण के दौरान विभिन्न जीनों के विकल्प (alleles) एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से अलग होते हैं। यह नियम केवल तभी सत्य होता है जब जीन अलग-अलग गुणसूत्रों पर स्थित हों या एक ही गुणसूत्र पर बहुत दूर स्थित हों। यदि मेंडल ने $8$ लक्षणों का चयन किया होता,तो यह अत्यधिक संभावित है कि उनमें से कम से कम दो जीन सहलग्न (linked) होते (अर्थात एक ही गुणसूत्र पर स्थित होते)। सहलग्न जीन स्वतंत्र रूप से अपव्यूहित नहीं होते हैं,इसलिए वे स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम का उल्लंघन करते हैं।
28
MediumMCQ
जब $F_1$ पीढ़ी के विषमयुग्मजी लंबे मटर के पौधे स्व-परागण के बाद लंबे और बौने दोनों लक्षणप्रारूप (phenotypes) उत्पन्न करते हैं,तो यह किस सिद्धांत को सिद्ध करता है?
A
प्रभाविता
B
पृथक्करण
C
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
D
आनुवंशिकता और युग्मकों की शुद्धता

Solution

(B) एक समयुग्मजी लंबे $(TT)$ और एक समयुग्मजी बौने $(tt)$ मटर के पौधे के बीच एकसंकर संकरण की $F_1$ पीढ़ी में सभी पौधे विषमयुग्मजी लंबे $(Tt)$ प्राप्त होते हैं।
जब ये $F_1$ पौधे $(Tt)$ स्व-परागण करते हैं,तो युग्मक निर्माण के दौरान $T$ और $t$ एलील एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं।
यह पृथक्करण सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक युग्मक को एक लक्षण के लिए केवल एक एलील प्राप्त होता है,जिसे 'पृथक्करण का नियम' या 'युग्मकों की शुद्धता का नियम' कहा जाता है।
परिणामस्वरूप,$F_2$ पीढ़ी में लंबे और बौने दोनों लक्षणप्रारूप $3:1$ के अनुपात में दिखाई देते हैं,जो यह सिद्ध करता है कि एलील आपस में मिश्रित नहीं होते और शुद्ध बने रहते हैं।
29
MediumMCQ
एक पादप विषमयुग्मजी है और इसे $Bb$ के रूप में दर्शाया गया है। यह दो प्रकार के युग्मक $B$ और $b$ उत्पन्न करता है। $b$ युग्मक की प्रायिकता क्या है?
A
$1/2$
B
$1/1$
C
$0/1$
D
$1/4$

Solution

(A) $Bb$ जीनप्रारूप वाले विषमयुग्मजी जीव में,मेंडल के पृथक्करण के नियम के अनुसार अर्धसूत्रीविभाजन के दौरान एलील अलग हो जाते हैं।
चूंकि दो एलील $B$ और $b$ मौजूद हैं,वे समान आवृत्ति के साथ अलग-अलग युग्मकों में जाते हैं।
इसलिए,$50\%$ युग्मक $B$ एलील ले जाएंगे और $50\%$ युग्मक $b$ एलील ले जाएंगे।
अतः,$b$ युग्मक उत्पन्न होने की प्रायिकता $1/2$ या $0.5$ है।
30
MediumMCQ
मेंडल ने वंशागति के कितने नियम प्रतिपादित किए थे?
A
एक
B
दो
C
चार
D
तीन

Solution

(D) ग्रेगर मेंडल ने मटर के पौधों पर अपने प्रयोगों के आधार पर वंशागति के $3$ मुख्य नियम प्रतिपादित किए थे। ये हैं:
$1$. प्रभाविता का नियम: विषमयुग्मजी अवस्था में,प्रभावी एलील स्वयं को अभिव्यक्त करता है।
$2$. पृथक्करण का नियम (युग्मकों की शुद्धता का नियम): युग्मक निर्माण के दौरान एलील अलग हो जाते हैं ताकि प्रत्येक युग्मक में एक लक्षण के लिए केवल एक ही एलील हो।
$3$. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम: जब दो या दो से अधिक लक्षणों को एक साथ माना जाता है,तो एक लक्षण की वंशागति दूसरे लक्षण की वंशागति को प्रभावित नहीं करती है।
31
MediumMCQ
$3:1$ का लक्षणप्ररूपी अनुपात निम्नलिखित में से क्या सिद्ध करता है?
A
प्रभाविता
B
पृथक्करण
C
जीन विनिमय
D
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम

Solution

(B) $3:1$ का लक्षणप्ररूपी अनुपात एकसंकर संकरण की $F_2$ पीढ़ी में देखा जाता है।
यह अनुपात 'पृथक्करण के नियम' (Law of Segregation) का सीधा परिणाम है,जो बताता है कि युग्मक निर्माण के दौरान जीन युग्म के एलील एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं,ताकि प्रत्येक युग्मक में केवल एक ही एलील जाए।
चूंकि विषमयुग्मजी अवस्था में प्रभावी एलील अप्रभावी एलील की अभिव्यक्ति को छिपा देता है,इसलिए प्रत्येक $1$ अप्रभावी लक्षणप्ररूप के लिए $3$ प्रभावी लक्षणप्ररूप दिखाई देते हैं।
32
MediumMCQ
मेंडल का $9:3:3:1$ अनुपात ...... के कारण होता है।
A
पृथक्करण का नियम
B
युग्मकों की शुद्धता का नियम
C
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
D
इकाई कारक का नियम

Solution

(C) $9:3:3:1$ का लक्षणप्ररूपी अनुपात द्विसंकर क्रॉस में देखा जाता है,जिसमें दो जोड़ी विपरीत लक्षणों की वंशागति शामिल होती है।
मेंडल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम के अनुसार,जब दो जोड़ी लक्षण एक संकर में संयोजित होते हैं,तो एक जोड़ी लक्षणों का पृथक्करण दूसरी जोड़ी लक्षणों से स्वतंत्र होता है।
यह स्वतंत्र अपव्यूहन समान अनुपात में चार प्रकार के युग्मकों के निर्माण की ओर ले जाता है,जिसके परिणामस्वरूप $F_2$ पीढ़ी में $9:3:3:1$ का अनुपात प्राप्त होता है।
33
MediumMCQ
मेंडल का पृथक्करण का नियम बताता है कि युग्मक हमेशा क्या प्राप्त करते हैं?
A
कारकों का एक जोड़ा
B
युग्मक का एक चौथाई भाग
C
कारकों के जोड़े में से केवल एक कारक
D
कारकों का कोई भी जोड़ा

Solution

(C) मेंडल का पृथक्करण का नियम,जिसे 'युग्मकों की शुद्धता का नियम' भी कहा जाता है,यह बताता है कि युग्मकों के निर्माण के दौरान,एक जीन जोड़े के दो एलील (कारक) एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं ताकि प्रत्येक युग्मक को दो कारकों में से केवल एक ही कारक प्राप्त हो। यह सुनिश्चित करता है कि युग्मक किसी विशेष लक्षण के लिए शुद्ध होते हैं।
34
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
A
युग्मकों के निर्माण के दौरान लक्षणों का पृथक्करण होता है।
B
सभी लक्षण वास्तविक प्रभाविता प्रदर्शित करते हैं।
C
विषमयुग्मजी अवस्था के दौरान लक्षण हमेशा मिश्रित हो जाते हैं।
D
मेंडेलियन विकार एक या अधिक गुणसूत्रों की कमी या अधिकता के परिणामस्वरूप होते हैं।

Solution

(A) मेंडल के पृथक्करण के नियम (Law of Segregation) के अनुसार,युग्मकों के निर्माण के दौरान एक जीन युग्म के दो एलील एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं,जिससे प्रत्येक युग्मक को दो में से केवल एक ही एलील प्राप्त होता है।
विकल्प $A$ सही है क्योंकि यह पृथक्करण के नियम का वर्णन करता है।
विकल्प $B$ गलत है क्योंकि अपूर्ण प्रभाविता और सह-प्रभाविता सामान्य अपवाद हैं।
विकल्प $C$ गलत है क्योंकि एलील मिश्रित नहीं होते; वे अलग बने रहते हैं।
विकल्प $D$ गलत है क्योंकि मेंडेलियन विकार एक एकल जीन में उत्परिवर्तन (mutation) के कारण होते हैं,जबकि गुणसूत्रीय विकार गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन के कारण होते हैं।
35
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसे मेंडल के प्रभाविता के नियम के आधार पर नहीं समझाया जा सकता है?
A
किसी विशेष लक्षण को नियंत्रित करने वाली असतत इकाई को कारक कहा जाता है।
B
कारकों के एक जोड़े में से एक प्रभावी होता है,और दूसरा अप्रभावी होता है।
C
युग्मविकल्पी (Alleles) कोई सम्मिश्रण नहीं दिखाते हैं और $F_2$ पीढ़ी में दोनों लक्षण वैसे ही वापस आ जाते हैं।
D
कारक जोड़ों में होते हैं।

Solution

(C) सही उत्तर $(c)$ है।
मेंडल के प्रभाविता के नियम के अनुसार,विषमयुग्मजी (heterozygous) व्यक्तियों में,एक लक्षण दो विपरीत कारकों द्वारा दर्शाया जाता है जिन्हें युग्मविकल्पी (alleles) कहा जाता है जो जोड़ों में होते हैं।
दो विपरीत युग्मविकल्पियों में से,केवल एक ही व्यक्ति में अपना प्रभाव व्यक्त करने में सक्षम होता है,जिसे प्रभावी कारक या प्रभावी युग्मविकल्पी कहा जाता है।
दूसरा युग्मविकल्पी,जो विषमयुग्मजी व्यक्ति में अपना प्रभाव नहीं दिखाता है,उसे अप्रभावी कारक या अप्रभावी युग्मविकल्पी कहा जाता है।
विकल्प $(c)$ को प्रभाविता के नियम के आधार पर नहीं समझाया जा सकता है।
इसे पृथक्करण के नियम (या युग्मकों की शुद्धता के नियम) द्वारा समझाया जाता है,जो बताता है कि युग्मविकल्पी कोई सम्मिश्रण नहीं दिखाते हैं और $F_2$ पीढ़ी में दोनों लक्षण वैसे ही वापस आ जाते हैं।
36
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा जीन के लिए सही नहीं है?
A
जोड़ों में होते हैं
B
युग्मक निर्माण के समय अलग हो जाते हैं
C
स्वतंत्र जोड़े एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से अलग होते हैं
D
एक जोड़ा दूसरे जोड़े से स्वतंत्र रूप से अलग होता है

Solution

(D) मेंडल के वंशागति के नियमों के अनुसार,द्विगुणित जीवों में जीन (या कारक) जोड़ों में होते हैं। युग्मक निर्माण के दौरान,एक जीन जोड़े के दो एलील एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं ताकि प्रत्येक युग्मक को दो में से केवल एक ही एलील प्राप्त हो। इसे 'पृथक्करण का नियम' (Law of Segregation) कहा जाता है। इसके अलावा,'स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम' (Law of Independent Assortment) बताता है कि जब दो लक्षणों के जोड़े एक संकर में संयोजित होते हैं,तो एक लक्षण के जोड़े का पृथक्करण दूसरे लक्षण के जोड़े से स्वतंत्र होता है। विकल्प $A$,$B$,और $C$ इन नियमों के आधार पर सही कथन हैं। विकल्प $D$ भी स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम का ही एक रूप है,जो कि सही है। मेंडल के आनुवंशिकी के संदर्भ में,दिए गए सभी कथन सही हैं।
37
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा मेंडल के प्रभाविता के नियम (Law of Dominance) से मेल नहीं खाता है?
A
लक्षण कारकों (factors) नामक असतत इकाइयों द्वारा नियंत्रित होते हैं।
B
कारक जोड़े में होते हैं।
C
कारकों के एक असमान जोड़े में,जोड़े का एक सदस्य दूसरे पर प्रभावी होता है।
D
युग्मक निर्माण के दौरान एक जोड़े के एलील (alleles) एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं।

Solution

(D) मेंडल का प्रभाविता का नियम बताता है कि एक विषमयुग्मजी जीव में,एक एलील (प्रभावी) दूसरे (अप्रभावी) की अभिव्यक्ति को छिपा देता है।
विकल्प $A$,$B$ और $C$ प्रभाविता के नियम के मौलिक सिद्धांत हैं।
विकल्प $D$ पृथक्करण के नियम (Law of Segregation) का वर्णन करता है,जो बताता है कि युग्मक निर्माण के दौरान एलील अलग हो जाते हैं ताकि प्रत्येक युग्मक में एक लक्षण के लिए केवल एक एलील हो।
इसलिए,विकल्प $D$ प्रभाविता के नियम से मेल नहीं खाता है।
38
DifficultMCQ
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment) केवल तभी संभव है जब:
A
विभिन्न लक्षणों के लिए दोनों जीन एक ही क्रोमैटिड्स पर हों
B
विभिन्न लक्षणों के लिए दोनों जीन सहलग्न (linked) जीन हों
C
दोनों जीन विनिमय (crossing over) प्रदर्शित करते हों
D
विभिन्न लक्षणों के लिए दोनों जीन अलग-अलग समजात गुणसूत्रों पर हों

Solution

(D) स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम यह बताता है कि जब दो जोड़ी लक्षणों को एक संकर में संयोजित किया जाता है,तो एक जोड़ी लक्षणों का पृथक्करण दूसरी जोड़ी के लक्षणों से स्वतंत्र होता है।
यह नियम केवल तभी सही होता है जब विभिन्न लक्षणों को नियंत्रित करने वाले जीन अलग-अलग समजात गुणसूत्रों पर स्थित हों।
यदि जीन एक ही गुणसूत्र पर होते,तो वे सहलग्न (linked) होते और एक साथ वंशागत होने की प्रवृत्ति रखते,जो स्वतंत्र अपव्यूहन के सिद्धांत का उल्लंघन करता।
इसलिए,सही स्थिति यह है कि विभिन्न लक्षणों के लिए जीन अलग-अलग समजात गुणसूत्रों पर स्थित होने चाहिए।
39
MediumMCQ
विभिन्न समजात गुणसूत्रों के जोड़ों पर स्थित जीनों के लिए कौन सा कथन सही है?
A
जीनों की इस प्रकार की वंशागति सहलग्नता (linkage) को दर्शाती है।
B
ये जीन क्रॉसिंग ओवर के दौरान पुनर्संयोजित और विनिमय होते हैं।
C
ये जीन युग्मक निर्माण के दौरान स्वतंत्र रूप से पृथक होते हैं।
D
ये जीन हमेशा प्रभावी होते हैं।

Solution

(C) विभिन्न समजात गुणसूत्रों के जोड़ों पर स्थित जीन मेंडल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम का पालन करते हैं।
इस नियम के अनुसार,युग्मकों के निर्माण के दौरान विभिन्न जीनों के एलील एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से पृथक होते हैं।
सहलग्नता (विकल्प $A$) तब होती है जब जीन एक ही गुणसूत्र पर स्थित होते हैं।
क्रॉसिंग ओवर (विकल्प $B$) में समजात गुणसूत्रों के नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच खंडों का आदान-प्रदान होता है,जो विभिन्न गुणसूत्रों पर स्थित जीनों के लिए प्राथमिक परिणाम नहीं है।
प्रभाविता (विकल्प $D$) एलील्स का एक गुण है,न कि उनके गुणसूत्रीय स्थान का परिणाम।
अतः,सही कथन यह है कि ये जीन युग्मक निर्माण के दौरान स्वतंत्र रूप से पृथक होते हैं।
40
MediumMCQ
$A$- गुणसूत्रों का स्वतंत्र युग्म एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से पृथक होता है।
$R$- जीन का एक युग्म दूसरे युग्म से स्वतंत्र रूप से पृथक होता है।
A
$A$ और $R$ दोनों सही हैं।
B
$A$ और $R$ दोनों गलत हैं।
C
$A$ सही है,$R$ गलत है।
D
$A$ गलत है,$R$ सही है।

Solution

(A) मेंडल का स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम बताता है कि जब दो लक्षणों के युग्मों को एक संकर में संयोजित किया जाता है,तो एक लक्षण युग्म का पृथक्करण दूसरे लक्षण युग्म से स्वतंत्र होता है।
यह नियम अर्धसूत्रीविभाजन के दौरान गुणसूत्रों के व्यवहार पर आधारित है।
चूंकि जीन गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं,इसलिए अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ (पश्चावस्था-$I$) के दौरान गुणसूत्रों के समजात युग्मों का स्वतंत्र पृथक्करण उन पर स्थित जीनों के स्वतंत्र अपव्यूहन की ओर ले जाता है।
अतः,गुणसूत्रों के संबंध में अभिकथन $(A)$ और जीनों के संबंध में कारण $(R)$ दोनों वैज्ञानिक रूप से सही हैं और दो जीनों की वंशागति के मूल सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
41
MediumMCQ
मेंडल का अंतिम नियम कौन सा है?
A
पृथक्करण का नियम
B
प्रभाविता का नियम
C
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
D
बहुजीनी वंशागति

Solution

(C) मेंडल ने मटर के पौधों पर अपने प्रयोगों के आधार पर वंशागति के तीन मुख्य नियम प्रस्तावित किए थे:
$1$. प्रभाविता का नियम: यह बताता है कि विषमयुग्मजी स्थिति में,एक एलील दूसरे की उपस्थिति को छिपा देता है।
$2$. पृथक्करण का नियम: यह बताता है कि युग्मक निर्माण के दौरान एलील एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं।
$3$. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम: यह मेंडल द्वारा प्रस्तावित तीसरा और अंतिम नियम है। यह बताता है कि दो (या अधिक) अलग-अलग जीनों के एलील युग्मकों में एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से व्यवस्थित होते हैं। यह नियम द्विसंकर क्रॉस में देखा जाता है।
42
MediumMCQ
उस कारक को क्या कहते हैं जो दूसरे कारक की उपस्थिति में अपना प्रभाव प्रदर्शित नहीं कर सकता?
A
सहप्रभाविता
B
प्रभावी
C
संपूरक
D
अप्रभावी

Solution

(D) आनुवंशिकी में,वह कारक (या एलील) जो किसी प्रभावी एलील की उपस्थिति में अपना फेनोटाइप व्यक्त करने में विफल रहता है,उसे $Recessive$ (अप्रभावी) कारक कहा जाता है। मेंडल के प्रभाविता के नियम के अनुसार,विषमयुग्मजी स्थिति में,जो एलील स्वयं को व्यक्त करता है उसे $Dominant$ (प्रभावी) एलील कहा जाता है,जबकि जो एलील छिपा रहता है उसे $Recessive$ (अप्रभावी) एलील कहा जाता है।
43
MediumMCQ
यदि मेंडल ने अपने सात लक्षणों के लिए $14$ गुणसूत्रों के बजाय $12$ गुणसूत्रों वाले पौधे का अध्ययन किया होता,तो उनके निष्कर्ष में क्या अंतर होता?
A
उन्होंने गुणसूत्र मानचित्र बनाए होते।
B
उन्होंने सम्मिश्रण (blending) या अपूर्ण प्रभाविता की खोज की होती।
C
उन्होंने स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment) नहीं खोजा होता।
D
उन्होंने लिंग-सहलग्न जीनों की खोज नहीं की होती।

Solution

(C) मेंडल ने मटर के पौधों में $7$ जोड़ी विपरीत लक्षणों का अध्ययन किया था,जिनमें $14$ गुणसूत्र $(2n = 14)$ होते हैं।
यदि पौधे में केवल $12$ गुणसूत्र $(2n = 12)$ होते,तो इसका अर्थ यह होता कि उसमें गुणसूत्रों के केवल $6$ जोड़े होते।
चूंकि मेंडल ने $7$ लक्षणों का अध्ययन किया था,इसलिए उनमें से कम से कम दो लक्षण एक ही गुणसूत्र जोड़े पर स्थित होते।
एक ही गुणसूत्र पर स्थित जीन 'सहलग्न' (linked) होते हैं और वे स्वतंत्र रूप से अपव्यूहित नहीं होते हैं।
इसलिए,यदि मेंडल ने $12$ गुणसूत्रों वाले पौधे का अध्ययन किया होता,तो उन्होंने कुछ लक्षणों के लिए 'सहलग्नता' (linkage) देखी होती और वे 'स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम' प्रतिपादित नहीं कर पाते।
44
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसे मेंडल के प्रभाविता के नियम द्वारा नहीं समझाया जा सकता है?
A
विशिष्ट लक्षणों को नियंत्रित करने वाली इकाइयों को कारक कहा जाता है।
B
कारकों के असमान जोड़े में,एक कारक दूसरे पर प्रभावी होता है।
C
कारक कोई मिश्रण नहीं दिखाते हैं और दोनों लक्षण $F_2$ पीढ़ी में पुनः प्राप्त हो जाते हैं।
D
कारक जोड़े में होते हैं।

Solution

(C) मेंडल का प्रभाविता का नियम बताता है कि एक विषमयुग्मजी जीव में,एक एलील (प्रभावी) दूसरे (अप्रभावी) की अभिव्यक्ति को छिपा देता है।
विकल्प $A$ 'कारकों' को स्वतंत्र इकाइयों के रूप में वर्णित करता है,जो मेंडल की एक अवधारणा है।
विकल्प $B$ प्रभाविता के नियम की सीधी परिभाषा है।
विकल्प $D$ यह अवधारणा है कि कारक जोड़े में होते हैं।
विकल्प $C$ पृथक्करण के नियम (या युग्मकों की शुद्धता के नियम) का वर्णन करता है,जो बताता है कि कारक मिश्रित नहीं होते हैं और दोनों लक्षण $F_2$ पीढ़ी में फिर से दिखाई देते हैं। इसलिए,यह अवलोकन पृथक्करण के नियम द्वारा समझाया गया है,न कि प्रभाविता के नियम द्वारा।
45
Medium
प्रभाविता का नियम (Law of Dominance) और पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) समझाइए।

Solution

(N/A) प्रभाविता का नियम:
$(i)$ लक्षण 'कारकों' (factors) नामक असतत इकाइयों द्वारा नियंत्रित होते हैं।
$(ii)$ कारक जोड़ों में होते हैं।
$(iii)$ कारकों के एक असमान जोड़े में,एक सदस्य दूसरे पर प्रभावी (dominant) होता है,जबकि दूसरा अप्रभावी (recessive) होता है।
प्रभाविता का नियम एकसंकर संकरण में $F_1$ पीढ़ी में केवल एक पैतृक लक्षण की अभिव्यक्ति और $F_2$ पीढ़ी में दोनों की अभिव्यक्ति को समझाने के लिए उपयोग किया जाता है। यह $F_2$ पीढ़ी में प्राप्त $3:1$ के अनुपात को भी स्पष्ट करता है।
पृथक्करण का नियम:
यह नियम इस तथ्य पर आधारित है कि एलील (alleles) कोई मिश्रण नहीं दिखाते हैं और दोनों लक्षण $F_2$ पीढ़ी में पुनः प्राप्त हो जाते हैं,भले ही उनमें से एक $F_1$ चरण में दिखाई न दे।
यद्यपि जनकों में दो एलील होते हैं,युग्मक निर्माण के दौरान,एक जोड़े के कारक या एलील एक-दूसरे से अलग (segregate) हो जाते हैं ताकि एक युग्मक को दो कारकों में से केवल एक ही प्राप्त हो। एक समयुग्मजी जनक सभी समान युग्मक उत्पन्न करता है,जबकि एक विषमयुग्मजी जनक समान अनुपात में दो प्रकार के युग्मक उत्पन्न करता है।
46
Medium
$F_1$ संतति और समयुग्मजी अप्रभावी जनक के बीच के संकरण को क्या कहा जाता है? यह कैसे उपयोगी है?

Solution

(N/A) $F_1$ संतति और समयुग्मजी अप्रभावी जनक के बीच के संकरण को परीक्षण संकरण (test cross) कहा जाता है।
यह प्रभावी लक्षण प्रदर्शित करने वाले जीव के जीनप्रारूप (genotype) को निर्धारित करने के लिए उपयोगी है। अज्ञात जीनप्रारूप वाले व्यक्ति (जो प्रभावी लक्षण प्रदर्शित करता है) का समयुग्मजी अप्रभावी जनक के साथ संकरण कराकर,हम संतति के लक्षणप्रारूप (phenotype) अनुपात का अवलोकन कर सकते हैं।
यदि सभी संतति प्रभावी लक्षण प्रदर्शित करती हैं,तो अज्ञात जनक समयुग्मजी प्रभावी है। यदि संतति में प्रभावी और अप्रभावी लक्षण $1:1$ के अनुपात में दिखाई देते हैं,तो अज्ञात जनक विषमयुग्मजी है।
Solution diagram
47
MediumMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) के दौरान,किसी लक्षण के लिए एलील अलग हो जाते हैं या पृथक हो जाते हैं और केवल एक एलील ही युग्मक (gamete) में जाता है। निषेचन के दौरान किसी विशिष्ट एलील के संतति में जाने की प्रायिकता क्या होती है?
A
$25$%
B
$50$%
C
$100$%
D
$1$:$1$:$1$

Solution

(B) मेंडल के पृथक्करण के नियम (Law of Segregation) के अनुसार,युग्मकों के निर्माण (अर्धसूत्रीविभाजन) के दौरान एक जीन युग्म के दोनों एलील एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं।
प्रत्येक युग्मक को दो एलीलों में से केवल एक ही एलील प्राप्त होता है।
इसलिए,किसी भी दिए गए लक्षण के लिए,किसी विशिष्ट युग्मक में एक विशेष एलील के उपस्थित होने की प्रायिकता $50$% होती है।
परिणामस्वरूप,जब निषेचन होता है,तो एक विषमयुग्मजी (heterozygous) जनक से किसी विशिष्ट एलील के संतति में जाने की प्रायिकता $50$% होती है।
48
MediumMCQ
पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) क्या दर्शाता है?
A
लक्षण कारकों द्वारा नियंत्रित होते हैं।
B
विषम कारकों के जोड़े में,एक कारक प्रभावी और दूसरा कारक अप्रभावी होता है।
C
युग्मविकल्पी (Alleles) बिना मिश्रित हुए साथ रहते हैं,और युग्मक निर्माण के दौरान उनमें से केवल एक ही कारक युग्मक में प्रवेश करता है।
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(D) पृथक्करण का नियम,जिसे मेंडल का प्रथम नियम भी कहा जाता है,यह बताता है कि युग्मकों के निर्माण के दौरान एक जीन जोड़ी के दो युग्मविकल्पी (alleles) एक-दूसरे से अलग (पृथक) हो जाते हैं।
यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक युग्मक में प्रत्येक लक्षण के लिए केवल एक ही युग्मविकल्पी होता है।
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
$1$. लक्षण 'कारकों' (जिन्हें अब जीन कहा जाता है) नामक इकाइयों द्वारा नियंत्रित होते हैं।
$2$. कारक हमेशा जोड़े में होते हैं।
$3$. विषम कारकों के जोड़े में,एक कारक दूसरे पर प्रभावी होता है (प्रभाविता का नियम)।
$4$. युग्मक निर्माण के दौरान,कारकों का पृथक्करण होता है ताकि प्रत्येक युग्मक को दो में से केवल एक ही कारक प्राप्त हो,और वे आपस में मिश्रित नहीं होते हैं।
अतः,दिए गए सभी कथन मेंडल के एक संकर क्रॉस (monohybrid cross) से प्राप्त सिद्धांतों का सही निरूपण करते हैं।
49
MediumMCQ
मेंडल के अनुसार,दो लक्षणों के लिए जीन कहाँ स्थित होते हैं?
A
एक ही गुणसूत्र पर
B
दो अलग-अलग गुणसूत्रों पर
C
किसी भी गुणसूत्र पर
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(B) मेंडल का स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment) बताता है कि दो (या अधिक) अलग-अलग जीनों के एलील (alleles) युग्मकों में एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से अलग होते हैं। दूसरे शब्दों में,एक जीन के लिए युग्मक को मिलने वाला एलील दूसरे जीन के लिए मिलने वाले एलील को प्रभावित नहीं करता है। यह सिद्धांत तब सही होता है जब दो लक्षणों के जीन अलग-अलग गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं या एक ही गुणसूत्र पर बहुत दूर स्थित होते हैं। मटर के पौधों पर मेंडल के प्रयोग (जैसे बीज का आकार और बीज का रंग) इस स्वतंत्र वंशागति को प्रदर्शित करते हैं,जिसका अर्थ है कि इन लक्षणों के जीन अलग-अलग गुणसूत्रों पर स्थित थे।
50
MediumMCQ
एलील्स (युग्मविकल्पी) के पृथक्करण की प्रक्रिया किस चरण में होती है?
A
पूर्वावस्था
B
मध्यावस्था
C
पश्चावस्था
D
संकरण के दौरान

Solution

(C) एलील्स के पृथक्करण की प्रक्रिया अर्धसूत्रीविभाजन की $Anaphase-I$ (पश्चावस्था-$I$) के दौरान होती है।
इस चरण के दौरान,समजात गुणसूत्र अलग हो जाते हैं और विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं,जिससे एक जीन जोड़ी के एलील्स अलग-अलग युग्मकों में विभाजित हो जाते हैं।
यह मेंडल के पृथक्करण के नियम (Law of Segregation) का भौतिक आधार है।

Principles of Inheritance and Variation — Mendel's law of inheritance · Frequently Asked Questions

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