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Alkene Questions in Hindi

Class 11 Chemistry · Hydrocarbons · Alkene

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Showing 50 of 1080 questions in Hindi

201
MediumMCQ
पेरोक्साइड की उपस्थिति में प्रोपीन की $HI$ के साथ अभिक्रिया से प्राप्त उत्पाद..... है।
A
आइसोप्रोपिल आयोडाइड
B
$2$-आयोडोप्रोपीन
C
$2$-आयोडोप्रोपेन
D
$1$-आयोडोप्रोपेन

Solution

(C) पेरोक्साइड की उपस्थिति में प्रोपीन $(CH_3-CH=CH_2)$ और $HI$ की अभिक्रिया एक इलेक्ट्रॉनस्नेही योगज अभिक्रिया है।
हालाँकि,पेरोक्साइड प्रभाव (खराश प्रभाव या प्रति-मार्कोवनिकोव योग) केवल $HBr$ पर लागू होता है।
$HI$ पेरोक्साइड प्रभाव नहीं दिखाता है क्योंकि आयोडीन रेडिकल के जुड़ने का चरण ऊष्माशोषी और उत्क्रमणीय होता है।
इसलिए,यह अभिक्रिया मार्कोवनिकोव के नियम का पालन करती है,जहाँ इलेक्ट्रॉनस्नेही $H^+$ अधिक हाइड्रोजन वाले कार्बन पर जुड़ता है और नाभिकस्नेही $I^-$ कम हाइड्रोजन वाले कार्बन पर जुड़ता है।
अतः,मुख्य उत्पाद $2$-आयोडोप्रोपेन $(CH_3-CH(I)-CH_3)$ है।
202
DifficultMCQ
$1$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सीन $B_2H_6$ के साथ अभिक्रिया करता है। इसके बाद उत्पाद को $H_2O_2$ और $NaOH$ के साथ उपचारित किया जाता है। अभिक्रिया का उत्पाद क्या होगा?
Question diagram
A
$1$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सानोल
B
$2$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सानोल
C
$(\pm)$ ट्रांस-$2$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सानोल
D
सिस-$2$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सानोल

Solution

(D) $1$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सीन की $B_2H_6$ के साथ अभिक्रिया और उसके बाद $H_2O_2/OH^-$ के साथ ऑक्सीकरण एक हाइड्रोबोरेशन-ऑक्सीकरण अभिक्रिया है।
यह अभिक्रिया द्वि-आबंध पर जल के एंटी-मार्कोवनिकोव योग का पालन करती है।
हाइड्रोबोरेशन एक सिन-योग है,जिसका अर्थ है कि $H$ और $OH$ समूह द्वि-आबंध के एक ही तरफ जुड़ते हैं।
$1$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सीन में,$OH$ समूह कम प्रतिस्थापित कार्बन $(C_2)$ पर जुड़ता है और $H$ परमाणु अधिक प्रतिस्थापित कार्बन $(C_1)$ पर जुड़ता है।
चूंकि योग सिन है,इसलिए $H$ और $OH$ समूह वलय के एक ही तरफ होंगे,जिसके परिणामस्वरूप सिस-$2$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सानोल प्राप्त होता है।
203
DifficultMCQ
$CCl_4$ में प्रोपीन की $N$-ब्रोमोसक्सिनिमाइड $(NBS)$ के साथ अभिक्रिया करने पर क्या प्राप्त होता है?
A
$1, 2$-डाइब्रोमोप्रोपेन
B
$3$-ब्रोमोप्रोपीन
C
$1$-ब्रोमोप्रोपेन
D
$2$-ब्रोमोप्रोपेन

Solution

(B) $NBS$ ($N$-ब्रोमोसक्सिनिमाइड) एलाइलिक ब्रोमीनीकरण के लिए उपयोग किया जाने वाला एक अभिकर्मक है।
$CCl_4$ में प्रोपीन $(CH_3-CH=CH_2)$ की $NBS$ के साथ अभिक्रिया में,एलाइलिक स्थिति पर स्थित हाइड्रोजन परमाणु ब्रोमीन परमाणु द्वारा प्रतिस्थापित हो जाता है।
अभिक्रिया: $CH_3-CH=CH_2 + NBS \xrightarrow{CCl_4} Br-CH_2-CH=CH_2 + \text{succinimide}$.
प्राप्त उत्पाद $3$-ब्रोमोप्रोपीन (जिसे एलाइल ब्रोमाइड भी कहा जाता है) है।
204
MediumMCQ
$CCl_4$ में $Br_2$ के साथ प्रोपीन की अभिक्रिया से क्या प्राप्त होता है?
A
$1,2$-डाइब्रोमोप्रोपेन
B
ट्रांस-$1,2$-डाइब्रोमोप्रोपेन
C
$1,2$-डाइब्रोमोप्रोपीन
D
$3$-ब्रोमोप्रोपेन

Solution

(A) कार्बन टेट्राक्लोराइड $(CCl_4)$ की उपस्थिति में प्रोपीन $(CH_3-CH=CH_2)$ और ब्रोमीन $(Br_2)$ के बीच की अभिक्रिया एक इलेक्ट्रॉनस्नेही योगज अभिक्रिया है।
ब्रोमीन अणु द्वि-आबंध पर जुड़कर एक विसिनल डाइहैलाइड बनाता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है:
$CH_3-CH=CH_2 + Br_2 \xrightarrow{CCl_4} CH_3-CH(Br)-CH_2Br$
प्राप्त उत्पाद $1,2$-डाइब्रोमोप्रोपेन है।
205
MediumMCQ
एथिलीन $Br_2$ के साथ अभिक्रिया करके $1, 2$-डाइब्रोमोएथेन देता है। किस मध्यवर्ती के निर्माण के कारण प्रति (एंटी) योग होता है?
A
$CH_2Br-CH_2^+$
B
चक्रीय ब्रोमोनियम आयन
Option B
C
$BrCH=CH^+$
D
ब्रोमीन प्रतिस्थापित चक्रीय ब्रोमोनियम आयन
Option D

Solution

(B) एथिलीन की $Br_2$ के साथ अभिक्रिया एक चक्रीय ब्रोमोनियम आयन मध्यवर्ती के निर्माण के माध्यम से होती है।
जब $Br_2$ एथिलीन के द्वि-आबंध के पास आता है,तो इलेक्ट्रॉन-समृद्ध द्वि-आबंध एक ब्रोमीन परमाणु पर आक्रमण करता है,और दूसरे को ब्रोमाइड आयन $(Br^-)$ के रूप में विस्थापित कर देता है।
इसके परिणामस्वरूप तीन-सदस्यीय चक्रीय ब्रोमोनियम आयन का निर्माण होता है।
इसके बाद ब्रोमाइड आयन $(Br^-)$ का नाभिकरागी आक्रमण चक्रीय ब्रोमोनियम आयन की विपरीत दिशा से होता है,जो प्रति (एंटी) योग की ओर ले जाता है।
206
MediumMCQ
पेरोक्साइड की उपस्थिति में,हाइड्रोजन क्लोराइड $(HCl)$ और हाइड्रोजन आयोडाइड $(HI)$ एल्कीन के साथ एंटी-मार्कोवनिकोव योग नहीं देते हैं क्योंकि:
A
दोनों अत्यधिक आयनिक हैं।
B
एक ऑक्सीकरण कारक है और दूसरा अपचायक है।
C
दोनों मामलों में एक चरण ऊष्माशोषी $(endothermic)$ होता है।
D
दोनों मामलों में सभी चरण ऊष्माक्षेपी $(exothermic)$ होते हैं।
207
EasyMCQ
'असममित एथिलीनिक द्वि-आबंध वाले दो कार्बन में से कम हाइड्रोजन वाले कार्बन के साथ अभिकर्मक का अधिक विद्युत ऋणात्मक घटक जुड़ता है।' इस नियम को..... के रूप में जाना जाता है।
A
बेयर का नियम
B
पेरोक्साइड प्रभाव
C
मार्कोनीकॉफ का नियम
D
पेल्स का नियम

Solution

(C) $Markownikoff$ के नियम के अनुसार,जब एक असममित अभिकर्मक (जैसे $HX$,$H_2O$,आदि) एक असममित एल्कीन में जुड़ता है,तो अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग द्वि-आबंध के उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिसके पास हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है।
208
MediumMCQ
$3$-फेनिलप्रोपीन की $HBr$ के साथ अभिक्रिया (मुख्य उत्पाद के रूप में) क्या देती है?
A
$C_6H_5CH(Br)CH_2CH_3$
B
$C_6H_5CH_2CH(Br)CH_3$
C
$C_6H_5CH_2CH_2CH_2Br$
D
$C_6H_5CH(Br)CH=CH_2$

Solution

(B) $3$-फेनिलप्रोपीन $(C_6H_5CH_2CH=CH_2)$ की $HBr$ के साथ अभिक्रिया मार्कोवनिकोव नियम का पालन करती है।
पहले चरण में,इलेक्ट्रोफाइल $H^+$ टर्मिनल कार्बन $(C_3)$ पर आक्रमण करता है ताकि एक अधिक स्थिर कार्बोकेशन बन सके।
प्राप्त मध्यवर्ती एक द्वितीयक बेंजिलिक कार्बोकेशन $(C_6H_5CH_2CH^+CH_3)$ है,जो फेनिल रिंग के साथ अनुनाद द्वारा स्थिर होता है।
इसके बाद,न्यूक्लियोफाइल $Br^-$ कार्बोकेशन पर आक्रमण करके मुख्य उत्पाद $1$-फेनिल-$2$-ब्रोमोप्रोपेन $(C_6H_5CH_2CH(Br)CH_3)$ बनाता है।
209
MediumMCQ
प्रोपीन की $HOCl$ के साथ अभिक्रिया प्रथम चरण में निम्नलिखित में से किसके योग से होती है?
A
प्रथम चरण में $H^{+}$
B
प्रथम चरण में $Cl^{+}$
C
प्रथम चरण में $OH^{-}$
D
एक ही चरण में $Cl^{+}$ और $OH^{-}$

Solution

(B) प्रोपीन $(CH_3-CH=CH_2)$ की $HOCl$ (हाइपोक्लोरस अम्ल) के साथ अभिक्रिया एक इलेक्ट्रॉनस्नेही योगज अभिक्रिया है।
$HOCl$ वियोजित होकर इलेक्ट्रॉनस्नेही $Cl^{+}$ और नाभिकस्नेही $OH^{-}$ प्रदान करता है।
प्रथम चरण में,इलेक्ट्रॉनस्नेही $Cl^{+}$ प्रोपीन के द्वि-आबंध पर आक्रमण करके एक चक्रीय क्लोरोनियम आयन मध्यवर्ती बनाता है।
अतः,अभिक्रिया प्रथम चरण में $Cl^{+}$ के योग से आगे बढ़ती है।
210
MediumMCQ
एसिटोन निम्नलिखित में से किसके ओजोनोलिसिस से बनता है?
A
$1$-ब्यूटीन
B
$2$-ब्यूटीन
C
आइसोब्यूटिलीन ($2$-मिथाइलप्रोपीन)
D
ब्यूटाइन

Solution

(C) एल्केन्स का ओजोनोलिसिस $C=C$ द्वि-आबंध के विखंडन द्वारा कार्बोनिल यौगिक बनाता है।
एसिटोन $(CH_3COCH_3)$ तीन कार्बन परमाणुओं वाला एक कीटोन है।
एसिटोन बनने के लिए,एल्कीन में $(CH_3)_2C=$ समूह होना चाहिए।
आइसोब्यूटिलीन $(CH_2=C(CH_3)_2)$ का ओजोनोलिसिस करने पर एसिटोन $(CH_3COCH_3)$ और फॉर्मेल्डिहाइड $(HCHO)$ प्राप्त होता है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
211
DifficultMCQ
यौगिक $X$ का ओजोनोलिसिस और उसके बाद रिडक्शन करने पर दो मोल समान एल्डिहाइड प्राप्त होते हैं। $X$ क्या है?
A
$2$-ब्यूटीन
B
$1,3$-ब्यूटाडाईन
C
$1$-ब्यूटीन
D
आइसोब्यूटीन

Solution

(A) एल्कीन का ओजोनोलिसिस और उसके बाद $Zn/H_2O$ के साथ रिडक्शन करने पर $C=C$ द्वि-आबंध टूट जाता है और प्रत्येक कार्बन परमाणु पर एक ऑक्सीजन परमाणु जुड़ जाता है।
यदि उत्पाद के रूप में दो मोल समान एल्डिहाइड प्राप्त होते हैं,तो एल्कीन सममित (symmetric) होनी चाहिए।
$2$-ब्यूटीन $(CH_3-CH=CH-CH_3)$ के लिए,ओजोनोलिसिस से प्राप्त होता है:
$CH_3-CH=CH-CH_3 + O_3 \rightarrow 2CH_3CHO$ (एसिटाल्डिहाइड)।
अतः,$X$,$2$-ब्यूटीन है।
212
MediumMCQ
$cis-2-butene$ की ठंडे तनु $KMnO_4$ के साथ अभिक्रिया कराने पर क्या बनता है?
A
$meso-2,3-butanediol$
B
$(\pm)-2,3-butanediol$
C
$2,3-butanediol$
D
$1,2-butanediol$

Solution

(A) $cis-2-butene$ की ठंडे तनु $KMnO_4$ (बेयर अभिकर्मक) के साथ अभिक्रिया में द्वि-आबंध का $syn$-हाइड्रॉक्सिलेशन होता है।
चूंकि यह योग $syn$ है और अभिकारक $cis-2-butene$ है,इसलिए प्राप्त उत्पाद $meso-2,3-butanediol$ है।
213
MediumMCQ
जब $CH_2 = CH(CH_2)_2COOH$ की अभिक्रिया $HBr$ के साथ होती है,तो कौन सा उत्पाद बनता है?
A
$CH_3-CH(Br)-(CH_2)_2COOH$
B
$CH_2(Br)-CH_2-(CH_2)_2COOH$
C
$CH_3-CH_2-CH(Br)-CH_2COOH$
D
$CH_3-CH_2-CH_2-CH(Br)COOH$

Solution

(A) $CH_2 = CH(CH_2)_2COOH$ की $HBr$ के साथ अभिक्रिया मार्कोवनिकोव नियम का पालन करती है।
मार्कोवनिकोव नियम के अनुसार,अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग $(Br^-)$ द्वि-आबंध वाले उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिसके पास हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है।
दिए गए अणु $CH_2 = CH(CH_2)_2COOH$ में,द्वि-आबंध $C_1$ और $C_2$ के बीच है।
$C_1$ के पास $2$ हाइड्रोजन हैं और $C_2$ के पास $1$ हाइड्रोजन है।
इसलिए,$Br^-$ परमाणु $C_2$ से जुड़ेगा और $H^+$ परमाणु $C_1$ से जुड़ेगा।
प्राप्त उत्पाद $CH_3-CH(Br)-(CH_2)_2COOH$ है।
214
DifficultMCQ
$40^{\circ}C$ पर $1,3$-ब्यूटाडाईन के एक अणु के साथ $HBr$ का एक अणु अभिक्रिया करके क्या उत्पाद बनाता है?
A
$1$-ब्रोमो-$2$-ब्यूटीन (ऊष्मागतिक नियंत्रण के तहत)
B
$3$-ब्रोमो-$1$-ब्यूटीन (गतिक नियंत्रण के तहत)
C
$1$-ब्रोमो-$2$-ब्यूटीन (गतिक नियंत्रण के तहत)
D
$3$-ब्रोमो-$1$-ब्यूटीन (ऊष्मागतिक नियंत्रण के तहत)

Solution

(A) $40^{\circ}C$ पर $1,3$-ब्यूटाडाईन और $HBr$ की अभिक्रिया ऊष्मागतिक उत्पाद देती है।
ऊष्मागतिक नियंत्रण के तहत,अधिक स्थिर $1,4$-योग उत्पाद,$1$-ब्रोमो-$2$-ब्यूटीन,मुख्य उत्पाद होता है।
कम तापमान (जैसे $-80^{\circ}C$) पर,गतिक उत्पाद $3$-ब्रोमो-$1$-ब्यूटीन प्रमुख होता है।
215
EasyMCQ
कौन सा अभिकर्मक प्रोपीन को $1$-प्रोपेनॉल में परिवर्तित करता है?
A
$H_2O, H_2SO_4$
B
$B_2H_6, H_2O_2, OH^-$
C
$Hg(OAc)_2, NaBH_4/H_2O$
D
$Aq. KOH$

Solution

(B) प्रोपीन $(CH_3-CH=CH_2)$ का $1$-प्रोपेनॉल $(CH_3-CH_2-CH_2-OH)$ में रूपांतरण के लिए पानी का एंटी-मार्कोवनिकोव योग आवश्यक है।
यह प्रक्रिया हाइड्रोबोरोनेशन-ऑक्सीकरण के माध्यम से $B_2H_6$ और उसके बाद $OH^-$ की उपस्थिति में $H_2O_2$ का उपयोग करके की जाती है।
216
DifficultMCQ
एक प्रकाशिक सक्रिय हाइड्रोकार्बन $(X)$ का उत्प्रेरकीय हाइड्रोजनीकरण करने पर एक प्रकाशिक निष्क्रिय यौगिक $(Y), C_6H_{14}$ प्राप्त होता है। हाइड्रोकार्बन $(X)$ क्या है?
A
$3$-मिथाइल-$1$-पेन्टीन
B
$3$-मिथाइल-$2$-पेन्टीन
C
$2$-मिथाइल-$1$-ब्यूटीन
D
$3$-मिथाइलसाइक्लोपेन्टीन

Solution

(A) $(Y)$ का आणविक सूत्र $C_6H_{14}$ है,जो एक एल्केन है। चूँकि $(X)$ एक हाइड्रोकार्बन है जो हाइड्रोजनीकरण के बाद $C_6H_{14}$ देता है,इसलिए $(X)$ का सूत्र $C_6H_{12}$ वाला एल्कीन है।
$(X)$ प्रकाशिक रूप से सक्रिय है,जिसका अर्थ है कि इसमें एक कायरल केंद्र होना चाहिए। $3$-मिथाइल-$1$-पेन्टीन $(CH_2=CH-CH(CH_3)-CH_2-CH_3)$ में,$3$ स्थिति वाला कार्बन कायरल है क्योंकि यह एक हाइड्रोजन,एक मिथाइल समूह,एक एथिल समूह और एक विनाइल समूह से जुड़ा है।
उत्प्रेरकीय हाइड्रोजनीकरण पर,$3$-मिथाइल-$1$-पेन्टीन $3$-मिथाइलपेन्टेन बनाता है। $3$-मिथाइलपेन्टेन में,$3$ स्थिति वाला कार्बन दो समान एथिल समूहों $(-CH_2CH_3)$ से जुड़ा होता है,जिससे यह अकायरल (प्रकाशिक निष्क्रिय) हो जाता है।
217
MediumMCQ
$1$-ब्यूटेनॉल को सांद्र $H_2SO_4$ के साथ गर्म करने पर प्राप्त मुख्य उत्पाद क्या है?
A
ट्रांस-$2$-ब्यूटीन
B
सिस-$2$-ब्यूटीन
C
$1$-ब्यूटीन
D
$1,3$-ब्यूटाडाईन

Solution

(A) $1$-ब्यूटेनॉल $(CH_3CH_2CH_2CH_2OH)$ का सांद्र $H_2SO_4$ के साथ निर्जलीकरण $E1$ क्रियाविधि द्वारा होता है।
सबसे पहले,हाइड्रॉक्सिल समूह प्रोटोनेट होकर एक अच्छा लिविंग ग्रुप बनाता है,जो निकलकर प्राथमिक कार्बोकेशन $(CH_3CH_2CH_2CH_2^+)$ बनाता है।
यह प्राथमिक कार्बोकेशन $1,2$-हाइड्राइड शिफ्ट के माध्यम से अधिक स्थिर द्वितीयक कार्बोकेशन $(CH_3CH_2CH^+CH_3)$ में पुनर्व्यवस्थित हो जाता है।
द्वितीयक कार्बोकेशन से प्रोटॉन के निष्कासन से मुख्य उत्पाद के रूप में $2$-ब्यूटीन प्राप्त होता है,जो मुख्य रूप से अधिक स्थिर ट्रांस-$2$-ब्यूटीन समावयवी के रूप में होता है।
218
MediumMCQ
$CH_2 = CH_2 \xrightarrow[KOH/H_2O]{KMnO_4} X = ......$
A
एथिलीन ग्लाइकोल
B
ग्लूकोज
C
एथेनॉल
D
उपरोक्त सभी

Solution

(A) एथीन $(CH_2 = CH_2)$ की ठंडे,तनु क्षारीय पोटेशियम परमैंगनेट $(KMnO_4)$ विलयन के साथ अभिक्रिया को बेयर अभिकर्मक परीक्षण के रूप में जाना जाता है।
यह अभिक्रिया द्वि-आबंध के हाइड्रॉक्सिलेशन के परिणामस्वरूप एक विसिनल डायोल बनाती है।
$CH_2 = CH_2 + H_2O + [O] \xrightarrow{KMnO_4/OH^-} HO-CH_2-CH_2-OH$ (एथिलीन ग्लाइकोल)।
अतः,उत्पाद $X$ एथिलीन ग्लाइकोल है।
219
MediumMCQ
मार्कोवनिकोव के नियम के अनुसार,$1$-ब्यूटीन की पानी के साथ अभिक्रिया करने पर क्या उत्पाद प्राप्त होता है?
A
प्राथमिक अल्कोहल
B
द्वितीयक अल्कोहल
C
तृतीयक अल्कोहल
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) अम्ल उत्प्रेरक $(H^+)$ की उपस्थिति में $1$-ब्यूटीन $(CH_3-CH_2-CH=CH_2)$ की पानी के साथ अभिक्रिया मार्कोवनिकोव के नियम का पालन करती है।
मार्कोवनिकोव के नियम के अनुसार,अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग $(OH^-)$ उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिसके पास हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है।
$1$-ब्यूटीन में,द्वि-आबंध $C_1$ और $C_2$ के बीच होता है। $C_2$ के पास एक हाइड्रोजन परमाणु है,जबकि $C_1$ के पास दो हैं।
इसलिए,$OH$ समूह $C_2$ से जुड़ता है,जिसके परिणामस्वरूप $2$-ब्यूटेनॉल $(CH_3-CH_2-CH(OH)-CH_3)$ का निर्माण होता है।
चूंकि $OH$ समूह एक द्वितीयक कार्बन परमाणु से जुड़ा है,इसलिए उत्पाद एक द्वितीयक अल्कोहल है।
220
DifficultMCQ
$cis-2-butene$ की $CCl_4$ में $Br_2$ के साथ अभिक्रिया करने पर मुख्य उत्पाद क्या बनता है?
A
$1-bromo-2-butene$
B
$2,3-dibromobutane$
C
$meso-2,3-dibromobutane$
D
$(\pm)-2,3-dibromobutane$

Solution

(C) $Br_2$ की एल्कीन के साथ अभिक्रिया में एक चक्रीय ब्रोमोनियम आयन मध्यवर्ती बनता है।
$cis-2-butene$ के मामले में,$Br_2$ का $anti$-योग $meso-2,3-dibromobutane$ समावयवी बनाता है क्योंकि अणु में सममिति का तल (plane of symmetry) होता है।
221
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक $HBr$ के साथ अभिक्रिया करते समय मार्कोवनिकोव नियम का पालन नहीं करता है?
A
प्रोपीन
B
ब्यूट-$1$-ईन
C
ब्यूट-$2$-ईन
D
पेंट-$2$-ईन

Solution

(C) मार्कोवनिकोव नियम के अनुसार,जब एक असममित अभिकर्मक एक असममित एल्कीन में जुड़ता है,तो अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिसमें कम हाइड्रोजन परमाणु होते हैं।
ब्यूट-$2$-ईन $(CH_3-CH=CH-CH_3)$ एक सममित एल्कीन है।
चूंकि यह सममित है,इसलिए $HBr$ के योग से समान उत्पाद प्राप्त होता है,चाहे ब्रोमीन परमाणु किसी भी कार्बन से जुड़े।
इसलिए,मार्कोवनिकोव नियम की अवधारणा ब्यूट-$2$-ईन जैसे सममित एल्कीन पर लागू नहीं होती है।
222
DifficultMCQ
एक हाइड्रोकार्बन $C_6H_{10}$ उत्प्रेरकीय हाइड्रोजनीकरण पर $H_2$ के केवल एक अणु को अवशोषित करता है। ओजोनोलिसिस करने पर,यह $CHO(CH_2)_4CHO$ देता है। हाइड्रोकार्बन क्या है?
A
साइक्लोहेक्सिन
B
$1,5$-हेक्साडाइन
C
$1,3$-साइक्लोहेक्साडाइन
D
$1$-मिथाइलसाइक्लोपेंटिन

Solution

(A) $1$. आण्विक सूत्र $C_6H_{10}$ सामान्य सूत्र $C_nH_{2n-2}$ के अनुरूप है,जो दर्शाता है कि इसमें या तो एक त्रि-आबंध या दो द्वि-आबंध या एक द्वि-आबंध वाली वलय हो सकती है।
$2$. चूँकि यह $H_2$ के केवल एक अणु को अवशोषित करता है,इसमें निश्चित रूप से एक द्वि-आबंध होना चाहिए।
$3$. हाइड्रोकार्बन का ओजोनोलिसिस $CHO(CH_2)_4CHO$ (हेक्सेनडायल) देता है। यह इंगित करता है कि मूल अणु एक द्वि-आबंध वाला चक्रीय यौगिक था।
$4$. एक द्वि-आबंध वाला चक्रीय $C_6$ हाइड्रोकार्बन साइक्लोहेक्सिन है। साइक्लोहेक्सिन का ओजोनोलिसिस द्वि-आबंध को तोड़कर $CHO(CH_2)_4CHO$ देता है।
223
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया के लिए एंटी-मार्कोवनिकोव योग सबसे उपयुक्त है?
A
$C_2H_4 + HCl$
B
$C_3H_6 + Br_2$
C
$C_3H_6 + HBr$
D
$C_3H_8 + Cl_2$

Solution

(C) एंटी-मार्कोवनिकोव योग (जिसे पेरोक्साइड प्रभाव या खाराश प्रभाव भी कहा जाता है) विशेष रूप से कार्बनिक पेरोक्साइड की उपस्थिति में प्रोपीन $(C_3H_6)$ जैसे असममित एल्कीन में $HBr$ के योग में देखा जाता है।
इस अभिक्रिया में,ब्रोमीन परमाणु उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिसके पास अधिक हाइड्रोजन परमाणु होते हैं।
$C_3H_6 + HBr \xrightarrow{\text{peroxide}} CH_3-CH_2-CH_2Br$ ($1$-ब्रोमोप्रोपेन)।
$HCl$ और $HI$ जैसे अन्य हाइड्रोजन हैलाइड अभिक्रिया के चरणों की ऊर्जा के कारण यह प्रभाव नहीं दिखाते हैं।
224
MediumMCQ
पेरोक्साइड की उपस्थिति में हाइड्रोजन क्लोराइड या हाइड्रोजन आयोडाइड एल्कीन के साथ एंटी-मार्कोवनिकोव योग नहीं देते हैं,क्योंकि...
A
दोनों प्रबल आयनिक हैं।
B
एक ऑक्सीकरण कारक है और दूसरा अपचायक है।
C
दोनों मामलों में एक चरण ऊष्माशोषी है।
D
दोनों मामलों में सभी चरण ऊष्माक्षेपी हैं।
225
MediumMCQ
एथिल आयोडाइड की अल्कोहलिक $KOH$ के साथ अभिक्रिया से उत्पन्न गैस,जो क्षारीय $KMnO_4$ विलयन के रंग को उड़ा देती है,वह........ है।
A
$CH_4$
B
$C_2H_6$
C
$C_2H_4$
D
$C_2H_2$

Solution

(C) एथिल आयोडाइड $(C_2H_5I)$ की अल्कोहलिक $KOH$ के साथ अभिक्रिया में विहाइड्रोहैलोजनीकरण (विलोपन अभिक्रिया) होता है,जिससे एथीन $(C_2H_4)$ प्राप्त होता है।
$C_2H_5I + KOH (\text{alc.}) \rightarrow C_2H_4 + KI + H_2O$
एथीन $(C_2H_4)$ एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है जिसमें द्वि-आबंध होता है।
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन बेयर अभिकर्मक (क्षारीय $KMnO_4$ विलयन) के साथ अभिक्रिया करके एथिलीन ग्लाइकॉल बनाते हैं,जिसके कारण $KMnO_4$ का बैंगनी रंग गायब हो जाता है।
226
DifficultMCQ
अभिक्रिया $CH_3CH_2CH=CH_2$ $\xrightarrow{1. Hg(OAc)_2, H_2O}$ $\xrightarrow{2. NaBD_4}$ का उत्पाद क्या है?
A
$CH_3CH_2CH(OH)CH_2D$
B
$CH_3CH_2CH(D)CH_2OH$
C
$CH_3CH_2CD(OH)CH_3$
D
$CH_3CH_2CD_2CH_2OH$

Solution

(A) यह अभिक्रिया ऑक्सीमर्क्यूरेशन-डीमर्क्यूरेशन प्रक्रिया है।
$1$. $Hg(OAc)_2$ और $H_2O$ के साथ ऑक्सीमर्क्यूरेशन से $OH$ समूह अधिक प्रतिस्थापित कार्बन पर (मार्कोवनिकोव नियम के अनुसार) और $HgOAc$ कम प्रतिस्थापित कार्बन पर जुड़ता है।
$2$. $NaBD_4$ के साथ डीमर्क्यूरेशन से $HgOAc$ समूह का स्थान ड्यूटेरियम $(D)$ परमाणु ले लेता है।
$3$. यह अभिक्रिया मार्कोवनिकोव नियम का पालन करती है,जिससे $OH$ समूह $C-2$ पर और $D$ परमाणु $C-1$ पर जुड़ता है।
$4$. अंतिम उत्पाद $CH_3CH_2CH(OH)CH_2D$ है।
227
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया के लिए मार्कोवनिकोव का नियम सबसे उपयुक्त है?
A
$C_2H_4 + HCl$
B
$C_3H_6 + Br_2$
C
$C_3H_6 + HBr$
D
$C_2H_4 + I_2$

Solution

(C) मार्कोवनिकोव का नियम बताता है कि एक असममित एल्कीन में ध्रुवीय अभिकर्मक (जैसे $HX$) के योग में,अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग द्वि-आबंध के उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिसके पास हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है।
$C_2H_4$ एक सममित एल्कीन है,इसलिए यह मार्कोवनिकोव के नियम का पालन नहीं करता है।
$C_3H_6$ (प्रोपीन) एक असममित एल्कीन है।
$Br_2$ और $I_2$ सममित अभिकर्मक हैं,इसलिए वे मार्कोवनिकोव के नियम का पालन नहीं करते हैं।
$HBr$ एक असममित अभिकर्मक है।
इसलिए,$C_3H_6$ और $HBr$ के बीच की अभिक्रिया सही विकल्प है जहाँ मार्कोवनिकोव का नियम लागू होता है।
228
DifficultMCQ
अभिक्रिया $CH_3CH=CH_2 + H_2O + [O]$ $\xrightarrow{KMnO_4/Acid} CH_3-CH(OH)-CH_2(OH)$ $\xrightarrow{[O]} X + HCOOH$ में $X$ क्या है?
A
$CH_3CH_2COOH$
B
$CH_3COOH$
C
$CH_3CH_2CHO$
D
$CH_3CH_2OH$

Solution

(B) यह अभिक्रिया अम्लीय माध्यम में $KMnO_4$ का उपयोग करके प्रोपेन$-1,2-$डायोल के ऑक्सीडेटिव विदलन (oxidative cleavage) को दर्शाती है।
प्रारंभिक चरण में प्रोपीन का हाइड्रॉक्सिलेशन होकर प्रोपेन$-1,2-$डायोल $(CH_3-CH(OH)-CH_2OH)$ बनता है।
$KMnO_4$ के साथ प्रोपेन$-1,2-$डायोल का आगे ऑक्सीकरण होने पर दो हाइड्रॉक्सिल युक्त कार्बन के बीच का $C-C$ बंध टूट जाता है।
$CH_3-CH(OH)-CH_2OH$ के विदलन से एसिटिक एसिड $(CH_3COOH)$ और फॉर्मिक एसिड $(HCOOH)$ प्राप्त होते हैं।
अतः,$X$ का मान $CH_3COOH$ है।
229
EasyMCQ
पेरोक्साइड की उपस्थिति में कौन सा हाइड्रोजन हैलाइड एंटी-मार्कोवनिकोव नियम के अनुसार प्रोपीन के साथ योगात्मक अभिक्रिया देता है?
A
$HF$
B
$HCl$
C
$HBr$
D
$HI$

Solution

(C) पेरोक्साइड की उपस्थिति में असममित एल्कीन के साथ हाइड्रोजन हैलाइड का योग एंटी-मार्कोवनिकोव नियम (पेरोक्साइड प्रभाव या खराश प्रभाव) का पालन करता है।
यह प्रभाव केवल $HBr$ के साथ देखा जाता है।
$HF$ और $HCl$ के लिए बंध वियोजन ऊर्जा बहुत अधिक होती है,जिससे मुक्त मूलक क्रियाविधि आगे नहीं बढ़ पाती है।
$HI$ के लिए आयोडीन मुक्त मूलक $(I^{\bullet})$ बनता है,लेकिन यह द्वि-आबंध पर जुड़ने के बजाय दूसरे आयोडीन मूलक के साथ जुड़कर $I_2$ बना लेता है।
इसलिए,केवल $HBr$ ही यह अभिक्रिया देता है।
230
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में उत्पाद में एक कायरल केंद्र होता है?
A
$CH_3CH = CH_2 + HBr \rightarrow$
B
$CH_2 = CH_2 + HOBr \rightarrow$
C
$CH_3CH_2CH = CH_2 + HBr \xrightarrow{H_2O_2}$
D
$CH_3CH_2CH = CH_2 + HBr \rightarrow$

Solution

(D) $1$. अभिक्रिया $A$ में,$CH_3CH=CH_2 + HBr \rightarrow CH_3CH(Br)CH_3$ ($2$-ब्रोमोप्रोपेन) प्राप्त होता है,जो अकायरल है।
$2$. अभिक्रिया $B$ में,$CH_2=CH_2 + HOBr \rightarrow HO-CH_2-CH_2-Br$ ($2$-ब्रोमोएथेनॉल) प्राप्त होता है,जो अकायरल है।
$3$. अभिक्रिया $C$ में,$CH_3CH_2CH=CH_2 + HBr \xrightarrow{H_2O_2} CH_3CH_2CH_2CH_2Br$ ($1$-ब्रोमोब्यूटेन) प्राप्त होता है,जो अकायरल है।
$4$. अभिक्रिया $D$ में,$CH_3CH_2CH=CH_2 + HBr \rightarrow CH_3CH_2CH(Br)CH_3$ ($2$-ब्रोमोब्यूटेन) प्राप्त होता है। ब्रोमीन परमाणु से जुड़ा कार्बन परमाणु चार अलग-अलग समूहों $(-H, -Br, -CH_3, -CH_2CH_3)$ से जुड़ा होता है,जिससे यह एक कायरल केंद्र बन जाता है।
231
EasyMCQ
$RCH = CH_2$ की अभिक्रिया $B_2H_6$ के साथ और उसके बाद क्षारीय $H_2O_2$ के साथ ऑक्सीकरण करने पर क्या उत्पाद प्राप्त होता है?
A
$RCH(OH)CH_2OH$
B
$RCOCH_3$
C
$RCH_2CH_2OH$
D
$RCH_2CHO$

Solution

(C) एल्कीन की $B_2H_6$ और उसके बाद क्षारीय $H_2O_2$ के साथ अभिक्रिया को हाइड्रोबोरेशन-ऑक्सीकरण कहा जाता है।
यह अभिक्रिया एंटी-मार्कोवनिकोव नियम का पालन करती है,जिसमें $OH$ समूह कम प्रतिस्थापित कार्बन परमाणु पर जुड़ता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है: $RCH = CH_2 + B_2H_6$ $\rightarrow (RCH_2CH_2)_3B$ $\xrightarrow{H_2O_2/OH^-} RCH_2CH_2OH$।
अतः,मुख्य उत्पाद प्राथमिक अल्कोहल $RCH_2CH_2OH$ है।
232
MediumMCQ
जब यौगिक $CH_3-C(CH_3)=CH-CH_3$ की अभिक्रिया $NaIO_4/KMnO_4$ की उपस्थिति में कराई जाती है,तो क्या उत्पाद प्राप्त होता है?
A
$CH_3CHO + CO_2$
B
$CH_3COCH_3$
C
$CH_3COCH_3 + CH_3COOH$
D
$CH_3COCH_3 + CH_3CHO$

Solution

(D) $KMnO_4$ की उत्प्रेरक मात्रा की उपस्थिति में $NaIO_4$ के साथ एल्कीन की अभिक्रिया द्वि-आबंध के ऑक्सीडेटिव विदलन (oxidative cleavage) की एक विधि है।
दिए गए यौगिक $CH_3-C(CH_3)=CH-CH_3$ ($2$-मिथाइलब्यूट$-2-$ईन) के लिए:
$1$. द्वि-आबंध $C_2$ और $C_3$ कार्बन के बीच टूटता है।
$2$. $C_2$ कार्बन दो मिथाइल समूहों से जुड़ा है,जिससे एसीटोन $(CH_3COCH_3)$ बनता है।
$3$. $C_3$ कार्बन एक हाइड्रोजन और एक मिथाइल समूह से जुड़ा है,जिससे एसीटैल्डिहाइड $(CH_3CHO)$ बनता है।
अतः,अभिक्रिया इस प्रकार है: $CH_3-C(CH_3)=CH-CH_3 \xrightarrow{NaIO_4/KMnO_4} CH_3COCH_3 + CH_3CHO$.
233
MediumMCQ
प्रयोगशाला में $Baeyer's$ अभिकर्मक का उपयोग किसके लिए किया जाता है?
A
द्वि-बंध की उपस्थिति की जांच करने के लिए
B
ग्लूकोज की उपस्थिति की जांच करने के लिए
C
अपचयन (Reduction)
D
ऑक्सीकरण (Oxidation)

Solution

(A) $Baeyer's$ अभिकर्मक पोटेशियम परमैंगनेट $(KMnO_4)$ का एक क्षारीय घोल है।
इसका उपयोग प्रयोगशाला में कार्बनिक यौगिकों में असंतृप्ति (द्वि-बंध या त्रि-बंध) की उपस्थिति का परीक्षण करने के लिए किया जाता है।
जब एक एल्कीन $Baeyer's$ अभिकर्मक के साथ प्रतिक्रिया करता है,तो $KMnO_4$ का बैंगनी रंग गायब हो जाता है और मैंगनीज डाइऑक्साइड $(MnO_2)$ का भूरा अवक्षेप बनता है,जो द्वि-बंध की उपस्थिति को दर्शाता है।
234
MediumMCQ
जब आइसोब्यूटिलीन $HOCl$ के साथ अभिक्रिया करता है,तो क्या उत्पाद बनता है?
A
$(CH_3)_2C(OH)CH_2Cl$
B
$(CH_3)_2C(Cl)CH_2OH$
C
$CH_3CH(CH_2Cl)CH_2OH$
D
$CH_3COCH_3 + CH_3Cl$

Solution

(A) आइसोब्यूटिलीन $(CH_3)_2C=CH_2$ की $HOCl$ (हाइपोक्लोरस एसिड) के साथ अभिक्रिया एक इलेक्ट्रॉनस्नेही योगज अभिक्रिया है।
$HOCl$,$OH^-$ और $Cl^+$ में वियोजित होता है।
इलेक्ट्रॉनस्नेही $Cl^+$ द्वि-आबंध पर आक्रमण करके अधिक स्थायी कार्बोनियम आयन बनाता है।
आइसोब्यूटिलीन में,तृतीयक कार्बोनियम आयन $(CH_3)_2C^+-CH_2Cl$ प्राथमिक की तुलना में अधिक स्थायी होता है।
इसके बाद,नाभिकस्नेही $OH^-$ तृतीयक कार्बोनियम आयन पर आक्रमण करके अंतिम उत्पाद $1$-क्लोरो-$2$-मिथाइलप्रोपेन-$2$-ऑल,यानी $(CH_3)_2C(OH)CH_2Cl$ बनाता है।
235
MediumMCQ
$CH_3CH=CH_2$ $\xrightarrow{Cl_2, 700 \ K} A$ $\xrightarrow{Na_2CO_3, 420 \ K, 12 \ atm} B$ $\xrightarrow[(ii) NaOH]{(i) HOCl} C$. अभिक्रिया अनुक्रम को ध्यान में रखते हुए,उत्पाद $C$ क्या होगा?
A
$CH_2(OH)-CH_2(OH)$
B
$CH_3-CH(OH)-COCl$
C
$HOCH_2-CH=CH_2$
D
$CH_3-CH(OH)-COOH$

Solution

(A) चरण $1$: $700 \ K$ पर प्रोपीन की $Cl_2$ के साथ अभिक्रिया एक एलीलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया है। $CH_3-CH=CH_2 + Cl_2 \xrightarrow{700 \ K} ClCH_2-CH=CH_2 (A) + HCl$.
चरण $2$: $420 \ K$ और $12 \ atm$ पर एलील क्लोराइड $(A)$ की $Na_2CO_3$ के साथ अभिक्रिया एक जल-अपघटन अभिक्रिया है। $ClCH_2-CH=CH_2 + Na_2CO_3 + H_2O \rightarrow HOCH_2-CH=CH_2 (B) + NaCl + NaHCO_3$.
चरण $3$: एलील अल्कोहल $(B)$ की $HOCl$ और उसके बाद $NaOH$ के साथ अभिक्रिया क्लोरोहाइड्रिन बनाती है,जो अंततः ग्लिसरॉल $(CH_2(OH)-CH(OH)-CH_2(OH))$ प्रदान करती है।
236
MediumMCQ
एक कार्बनिक यौगिक के ओजोनोलिसिस से उत्पादों में से एक के रूप में फॉर्मेल्डिहाइड प्राप्त होता है। यह किसकी उपस्थिति को इंगित करता है?
A
आइसोप्रोपिल समूह
B
एसिटिलीनिक ट्रिपल बॉन्ड
C
दो एथिलीनिक डबल बॉन्ड
D
विनाइल समूह

Solution

(D) एल्कीन का ओजोनोलिसिस कार्बोनिल यौगिक बनाने के लिए $C=C$ डबल बॉन्ड का विदलन करता है।
यदि उत्पादों में से एक फॉर्मेल्डिहाइड $(HCHO)$ है,तो इसका तात्पर्य यह है कि मूल यौगिक में एक टर्मिनल डबल बॉन्ड,विशेष रूप से $CH_2=C<$ समूह होना चाहिए।
इस संरचनात्मक इकाई को विनाइल समूह $(CH_2=CH-)$ या टर्मिनल मेथिलीन समूह के रूप में जाना जाता है।
इसलिए,ओजोनोलिसिस के दौरान फॉर्मेल्डिहाइड का निर्माण टर्मिनल विनाइल समूह की उपस्थिति के लिए एक विशिष्ट परीक्षण है।
237
MediumMCQ
जब $1$-ब्यूटीन को $Al_2(SO_4)_3$ के साथ $500 \ K$ पर गर्म किया जाता है,तो कौन सा उत्पाद बनता है?
A
$CH_3CH_2CH_2CH_3$
B
$CH_2 = CH - CH = CH_2$
C
$(CH_3)_2C = CH_2$
D
$(C_4H_8)_n$

Solution

(C) जब $1$-ब्यूटीन $(CH_3CH_2CH=CH_2)$ को $Al_2(SO_4)_3$ के साथ $500 \ K$ पर गर्म किया जाता है,तो यह अधिक स्थिर एल्कीन बनाने के लिए समावयवीकरण (isomerization) से गुजरता है।
टर्मिनल एल्कीन $1$-ब्यूटीन अधिक स्थिर शाखित एल्कीन,$2$-मिथाइलप्रोपीन (आइसोब्यूटिलीन) में परिवर्तित हो जाता है,जो $(CH_3)_2C=CH_2$ है।
238
MediumMCQ
एल्कीन के अम्ल-उत्प्रेरित जलयोजन (acid-catalyzed hydration) में,एथीन के अलावा,निम्नलिखित में से किसका निर्माण होता है?
A
द्वितीयक या तृतीयक अल्कोहल
B
प्राथमिक अल्कोहल
C
द्वितीयक और तृतीयक अल्कोहल का मिश्रण
D
प्राथमिक और द्वितीयक अल्कोहल

Solution

(A) एल्कीन का अम्ल-उत्प्रेरित जलयोजन $Markovnikov$ के नियम का पालन करता है।
एथीन के अलावा अन्य एल्कीन (जैसे,प्रोपीन) के लिए,जल का योग इस प्रकार होता है कि हाइड्रॉक्सिल समूह $(-OH)$ अधिक प्रतिस्थापित कार्बन परमाणु से जुड़ता है।
यह एल्कीन की संरचना के आधार पर द्वितीयक या तृतीयक अल्कोहल के निर्माण की ओर ले जाता है।
उदाहरण के लिए,प्रोपीन $(CH_3-CH=CH_2)$ अम्ल की उपस्थिति में जल के साथ अभिक्रिया करके प्रोपेन$-2-$ओल बनाता है,जो एक द्वितीयक अल्कोहल है।
239
MediumMCQ
$CH_3-CH=C(CH_3)_2 + HCl \to$ अभिक्रिया में उत्पाद क्या होगा?
A
$CH_3-CH_2-C(Cl)(CH_3)_2$
B
$CH_3-CHCl-CH(CH_3)_2$
C
$CH_3-CH_2-CH(CH_3)-CH_2Cl$
D
$Cl-CH_2-CH_2-CH(CH_3)-CH_3$

Solution

(A) यह अभिक्रिया $Markovnikov$ के नियम का पालन करती है,जहाँ इलेक्ट्रोफाइल $H^+$ उस कार्बन परमाणु पर जुड़ता है जिसके पास अधिक हाइड्रोजन परमाणु होते हैं,और न्यूक्लियोफाइल $Cl^-$ अधिक प्रतिस्थापित कार्बन परमाणु पर जुड़ता है (जो अधिक स्थिर कार्बोकेशन बनाता है)।
$1$. अभिकारक $2-methylbut-2-ene$ है।
$2$. $HCl$ के योग से मुख्य उत्पाद के रूप में $2-chloro-2-methylbutane$ प्राप्त होता है।
$3$. इसकी संरचना $CH_3-CH_2-C(Cl)(CH_3)_2$ है।
240
DifficultMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया पर विचार करें: $CH_2 = CH_2 \xrightarrow[H_2O, NaOH]{dilute \ KMnO_4} HOCH_2 - CH_2OH$. उत्पाद में प्राप्त दो ऑक्सीजन परमाणुओं के लिए कौन सा कथन गलत है?
A
दोनों $KMnO_4$ से प्राप्त होते हैं।
B
दोनों $H_2O$ से प्राप्त होते हैं।
C
दोनों $NaOH$ से प्राप्त होते हैं।
D
एक $KMnO_4$ से और दूसरा $NaOH$ से प्राप्त होता है।

Solution

(B) एथीन और तनु क्षारीय $KMnO_4$ (बेयर अभिकर्मक) की अभिक्रिया एक $syn$-हाइड्रॉक्सिलेशन अभिक्रिया है।
इस क्रियाविधि में,द्वि-आबंध पर जुड़ने वाले दोनों ऑक्सीजन परमाणु परमैंगनेट आयन $(MnO_4^-)$ से प्राप्त होते हैं।
अतः,यह कथन कि दोनों ऑक्सीजन परमाणु $KMnO_4$ से प्राप्त होते हैं,सही है।
कथन $B$,$C$ और $D$ गलत हैं क्योंकि वे सुझाव देते हैं कि ऑक्सीजन परमाणु $H_2O$ या $NaOH$ से आते हैं।
241
MediumMCQ
$1,2$-डाइब्रोमो इथेन की जिंक धातु के साथ उच्च तापमान पर अभिक्रिया करने पर प्राप्त उत्पाद ........ है।
A
इथेन
B
इथीन
C
ब्रोमोइथीन
D
ब्रोमोइथेन

Solution

(B) $1,2$-डाइब्रोमो इथेन $(BrCH_2-CH_2Br)$ की अल्कोहलिक विलयन में जिंक डस्ट के साथ अभिक्रिया एक वि-हैलोजनीकरण (dehalogenation) अभिक्रिया है।
इस अभिक्रिया में,जिंक निकटवर्ती कार्बन परमाणुओं से दो ब्रोमीन परमाणुओं को हटा देता है,जिसके परिणामस्वरूप उनके बीच एक द्वि-आबंध बनता है।
रासायनिक समीकरण है: $BrCH_2-CH_2Br + Zn \rightarrow CH_2=CH_2 + ZnBr_2$.
अतः,प्राप्त उत्पाद इथीन $(CH_2=CH_2)$ है।
242
MediumMCQ
$HCl$ प्रति-मार्कोनिकोव नियम का पालन नहीं करता है,क्योंकि...
A
यह एक प्रबल अम्ल है।
B
यह गैसीय अवस्था में है।
C
इसकी बंध वियोजन ऊर्जा अधिक है।
D
यह ठोस अवस्था में है।

Solution

(C) प्रति-मार्कोनिकोव योग (पेरोक्साइड प्रभाव) केवल कार्बनिक पेरोक्साइड की उपस्थिति में $HBr$ के साथ देखा जाता है।
इसका कारण यह है कि $H-Cl$ बंध बहुत मजबूत $(431 \ kJ \ mol^{-1})$ होता है,और मुक्त मूलकों द्वारा $HCl$ के समांगी विखंडन (homolytic cleavage) के लिए एन्थैल्पी परिवर्तन ऊष्माशोषी होता है,जिससे अभिक्रिया ऊर्जा की दृष्टि से प्रतिकूल हो जाती है।
इसके विपरीत,$H-Br$ बंध कमजोर होता है,जिससे ब्रोमीन मुक्त मूलक बनते हैं जो प्रति-मार्कोनिकोव योग को सुगम बनाते हैं।
243
MediumMCQ
जब यौगिक $CH_3-C(CH_3)=CH-CH_3$ की अभिक्रिया $NaIO_4$ की उपस्थिति में $KMnO_4$ के साथ कराई जाती है,तो क्या उत्पाद प्राप्त होता है?
A
$CH_3COCH_3$
B
$CH_3COCH_3 + CH_3COOH$
C
$CH_3COCH_3 + CH_3CHO$
D
$CH_3CHO + CO_2$

Solution

(B) $NaIO_4$ की उपस्थिति में $KMnO_4$ के साथ एल्कीन की अभिक्रिया ऑक्सीडेटिव क्लीवेज (oxidative cleavage) है,जो ओजोनोलिसिस के समान है।
इस अभिक्रिया में,द्वि-आबंध टूट जाता है और द्वि-आबंध के प्रत्येक कार्बन परमाणु का ऑक्सीकरण कार्बोनिल समूह में हो जाता है।
एल्कीन $CH_3-C(CH_3)=CH-CH_3$ के लिए:
$1$. $C_2$ और $C_3$ के बीच का बंध टूट जाता है।
$2$. $C_2$ परमाणु (जो दो मिथाइल समूहों से जुड़ा है) का ऑक्सीकरण एसीटोन $(CH_3COCH_3)$ में होता है।
$3$. $C_3$ परमाणु (जो एक हाइड्रोजन और एक मिथाइल समूह से जुड़ा है) का ऑक्सीकरण एसीटैल्डिहाइड $(CH_3CHO)$ में होता है,जो $KMnO_4$ की उपस्थिति में आगे ऑक्सीकृत होकर एसिटिक एसिड $(CH_3COOH)$ बनाता है।
अतः,उत्पाद $CH_3COCH_3$ और $CH_3COOH$ हैं।
244
MediumMCQ
एथीन की $Br_2$ के साथ योगात्मक अभिक्रिया का उत्पाद...... है।
A
$1,2$-डाइब्रोमो एथेन
B
$1$-ब्रोमो-$2$-क्लोरो एथेन
C
$1,2$-डाइब्रोमो एथेन और $1$-ब्रोमो-$2$-क्लोरो एथेन दोनों
D
$1,1,1$-ट्राइब्रोमो एथेन

Solution

(A) $CCl_4$ जैसे अक्रिय विलायक में एथीन $(CH_2=CH_2)$ की ब्रोमीन $(Br_2)$ के साथ अभिक्रिया एक इलेक्ट्रॉनस्नेही योगात्मक अभिक्रिया है।
द्वि-आबंध टूट जाता है और प्रत्येक कार्बन परमाणु के साथ एक ब्रोमीन परमाणु जुड़ जाता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है: $CH_2=CH_2 + Br_2 \xrightarrow{CCl_4} CH_2Br-CH_2Br$।
प्राप्त उत्पाद $1,2$-डाइब्रोमो एथेन है।
245
MediumMCQ
$CH_3-CH=CH_2 \xrightarrow{NOCl}$ अभिक्रिया का उत्पाद क्या है?
A
$CH_3-CH(Cl)-CH_2(NO)$
B
$CH_3-CH(NO)-CH_2(Cl)$
C
$CH_3-CH_2-CH_2-Cl$
D
$NO-CH_2-CH_2-CH_2-Cl$

Solution

(A) $NOCl$ (टिल्डन अभिकर्मक) की एल्कीन के साथ अभिक्रिया मार्कोवनिकोव नियम का पालन करती है।
$NOCl$,$NO^+$ (इलेक्ट्रॉनरागी) और $Cl^-$ (नाभिकरागी) में वियोजित होता है।
प्रोपीन $(CH_3-CH=CH_2)$ में,$NO^+$ का इलेक्ट्रॉनरागी योग टर्मिनल कार्बन $(CH_2)$ पर होता है जिससे अधिक स्थिर द्वितीयक कार्बोकैटायन $(CH_3-CH^+-CH_2-NO)$ बनता है।
इसके बाद,नाभिकरागी $Cl^-$ कार्बोकैटायन पर आक्रमण करके $CH_3-CH(Cl)-CH_2(NO)$ बनाता है।
246
DifficultMCQ
किस एल्कीन के ओजोनोलिसिस से $CH_3CH_2CHO$ और $CH_3COCH_3$ प्राप्त होते हैं?
A
$CH_3CH_2CH = C(CH_3)_2$
B
$CH_3CH_2CH = CHCH_2CH_3$
C
$CH_3CH_2CH = CHCH_3$
D
$CH_3CH = C(CH_3)_2$

Solution

(A) एल्कीन का ओजोनोलिसिस $C=C$ द्वि-आबंध के विदलन द्वारा कार्बोनिल यौगिक बनाता है।
दिए गए उत्पाद प्रोपेनल $(CH_3CH_2CHO)$ और प्रोपेनोन $(CH_3COCH_3)$ हैं।
मूल एल्कीन ज्ञात करने के लिए,कार्बोनिल समूहों से ऑक्सीजन परमाणुओं को हटा दें और कार्बन परमाणुओं को द्वि-आबंध के साथ जोड़ें:
$CH_3CH_2CH = O + O = C(CH_3)_2 \rightarrow CH_3CH_2CH = C(CH_3)_2$.
मूल एल्कीन $2\text{-मिथाइलपेंट-2-ईन}$ $(CH_3CH_2CH = C(CH_3)_2)$ है।
247
MediumMCQ
यदि ओजोनोलिसिस के उत्पाद एसीटोन और फॉर्मेल्डिहाइड हैं,तो प्रारंभिक पदार्थ क्या होगा?
A
$CH_3-C(CH_3)=C(CH_3)-CH_3$
B
$CH_3-C(CH_3)=CH-CH_3$
C
$CH_3-C(CH_3)=CH_2$
D
$CH_3-C(CH_3)=CH-C_2H_5$

Solution

(C) एल्कीन का ओजोनोलिसिस $C=C$ द्वि-आबंध के विखंडन द्वारा कार्बोनिल यौगिक बनाता है।
एसीटोन $CH_3-CO-CH_3$ है और फॉर्मेल्डिहाइड $H-CHO$ है।
इन उत्पादों से ऑक्सीजन परमाणुओं को हटाकर और कार्बोनिल कार्बन को द्वि-आबंध द्वारा जोड़ने पर हमें एल्कीन की संरचना प्राप्त होती है:
$(CH_3)_2C=O + O=CH_2 \rightarrow (CH_3)_2C=CH_2$.
प्रारंभिक पदार्थ $2-\text{methylpropene}$ है,जो $CH_3-C(CH_3)=CH_2$ है।
248
MediumMCQ
आइसोब्यूटीन की $HBr$ के साथ अभिक्रिया से क्या प्राप्त होता है?
A
$tert$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड
B
आइसोब्यूटाइल ब्रोमाइड
C
$tert$-ब्यूटाइल अल्कोहल
D
आइसोब्यूटाइल अल्कोहल

Solution

(A) आइसोब्यूटीन $(CH_3)_2C=CH_2$ की $HBr$ के साथ अभिक्रिया मार्कोवनिकोव नियम का पालन करती है।
इस अभिक्रिया में,इलेक्ट्रोफाइल $H^+$ द्वि-आबंध पर आक्रमण करके अधिक स्थिर $3^{\circ}$ कार्बोनियम आयन,$(CH_3)_3C^+$ बनाता है।
इसके बाद,न्यूक्लियोफाइल $Br^-$ कार्बोनियम आयन पर आक्रमण करके $2$-ब्रोमो-$2$-मिथाइलप्रोपेन बनाता है,जिसे सामान्यतः $tert$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड कहा जाता है।
249
MediumMCQ
$Ni$ उत्प्रेरक की उपस्थिति में $trans-2$-ब्यूटीन की $D_2$ के साथ अभिक्रिया करने पर क्या उत्पाद प्राप्त होता है?
A
$(\pm)-2,3$-डाई ड्यूटेरियो ब्यूटेन
B
$meso-2,3$-डाई ड्यूटेरियो ब्यूटेन
C
$1,4$-डाई ड्यूटेरियो-trans$-2-$ब्यूटीन
D
$2,3$-डाई ड्यूटेरियो ब्यूटेन

Solution

(B) $Ni$,$Pd$ या $Pt$ उत्प्रेरक का उपयोग करके एल्कीन का उत्प्रेरकीय हाइड्रोजनीकरण द्वि-आबंध पर हाइड्रोजन (या ड्यूटेरियम) के $syn$-योग द्वारा होता है।
$trans-2$-ब्यूटीन के लिए,$D_2$ का योग एक ही तरफ से होता है ($syn$-योग)।
चूंकि प्रारंभिक पदार्थ $trans-2$-ब्यूटीन है,इसलिए $D_2$ के $syn$-योग के परिणामस्वरूप $meso-2,3$-डाई ड्यूटेरियो ब्यूटेन का निर्माण होता है।
ऐसा इसलिए है क्योंकि परिणामी अणु में सममिति का तल होता है,जो इसे एक $meso$ यौगिक बनाता है।
250
MediumMCQ
एथिलीन,कार्बन मोनोऑक्साइड और पानी के मिश्रण को उच्च तापमान पर गर्म करने पर क्या प्राप्त होता है?
A
$C_4H_8O_2$
B
$C_2H_5COOH$
C
$CH_3COOH$
D
$CH_2=CH-COOH$

Solution

(B) एथिलीन,कार्बन मोनोऑक्साइड और पानी की उच्च तापमान और दबाव पर अभिक्रिया से प्रोपियोनिक एसिड प्राप्त होता है।
रासायनिक समीकरण: $C_2H_4 + CO + H_2O \xrightarrow{\text{High temp.}} C_2H_5COOH$.
प्राप्त उत्पाद प्रोपियोनिक एसिड $(C_2H_5COOH)$ है।

Hydrocarbons — Alkene · Frequently Asked Questions

1Are these Hydrocarbons questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

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