एक सरल आवर्त दोलक $(SHO)$ अपने आधे आवर्तकाल में कितने आयाम के बराबर दूरी तय करता है ($\text{आयाम}$ में)?

  • A
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  • B
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    $3$
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भौतिकी में आवर्ती $\text{sine}$ और $\text{cosine}$ फलनों का क्या महत्व है?

$SHM$ में एक कण का विस्थापन $x = 5 \sin(\pi t)$ द्वारा दिया गया है,जहाँ $x$ $cm$ में है। कण को माध्य स्थिति से अधिकतम विस्थापन तक पहुँचने में कितना समय लगेगा ($, s$ में)?

एक कण $y$-अक्ष पर $y=0$ के परितः $SHM$ कर रहा है। किसी क्षण पर इसकी स्थिति $y = (7 \, m) \sin(\pi t)$ द्वारा दी गई है। $0$ से $0.5 \, s$ के समयांतराल के लिए इसका औसत वेग ........... $m/s$ है।

$0.4 \text{ kg}$ द्रव्यमान का एक कण $0.4 \text{ m}$ आयाम के साथ सरल आवर्त गति करता है। जब यह माध्य स्थिति से गुजरता है,तो इसकी गतिज ऊर्जा $256 \times 10^{-3} \text{ J}$ होती है। यदि दोलन की प्रारंभिक कला $\pi / 4$ है,तो इसकी गति का समीकरण क्या होगा?

एक रैखिक सरल आवर्त गति $(SHM)$ में:
$(A)$ प्रत्यानयन बल विस्थापन के सीधे आनुपातिक होता है।
$(B)$ त्वरण और विस्थापन दिशा में विपरीत होते हैं।
$(C)$ माध्य स्थिति पर वेग अधिकतम होता है।
$(D)$ चरम बिंदुओं पर त्वरण न्यूनतम होता है।
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