चित्रानुसार, चार आवेशों को वर्ग $ABCD$ के कोनों पर रखा गया है। केन्द्र $O$ पर रखे आवेश पर बल हैं
शून्य
विकर्ण $AC$ के अनुदिश
विकर्ण $BD$ के अनुदिश
भुजा $AB$ के लम्बवत्
एक उदासीन धात्विक गोले से जब ${10^{14}}$ इलेक्ट्रॉन हटाये जाते हैं, तो गोले पर आवेश हो जाता है
दो समान आवेश $Q$ परस्पर कुछ दूरी पर रखे हैं इनको मिलाने वाली रेखा के केन्द्र पर $q$ आवेश रखा गया है। तीनों आवेशों का निकाय सन्तुलन में होगा यदि $q$ का मान हो
एक धनात्मक आवेशित लम्बे सीधे तार द्वारा $r$ दूरी पर विद्युत क्षेत्र का मान $r^{-1}$ के समानुपाती है। ऐसे एक लम्बे सीधे तार के चारों ओर दो इलेक्ट्रान $1 \,\mathring A$ और $2 \,\mathring A$ त्रिज्या वाली वृतीय कक्षाओं में परिक्रमण करते है। इनके आवर्तकाल का अनुपात निम्न है
दो छोटी गोलाकार गेंदें प्रत्येक पर $Q = 10\,\mu C$ आवेश है, को दो समान लम्बाई प्रत्येक $1$ मीटर, के कुचालक धागों द्वारा छत के किसी बिन्दु से लटकाई गयी है। यह पाया गया है कि साम्यावस्था में धागों के मध्य चित्रानुसार ${60^o}$ का कोण है। धागों में तनाव.......$N$ है (दिया है : $\frac{1}{{(4\pi {\varepsilon _0})}} = 9 \times {10^9}\,Nm/{C^2}$)