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Properties Questions in Hindi

Class 12 Chemistry · 8-1.Aldehydes and Ketones · Properties

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Showing 49 of 1739 questions in Hindi

1301
DifficultMCQ
एक एरोमैटिक यौगिक '$X$' जिसका आणविक सूत्र $C_9H_{10}O$ है,निम्नलिखित रासायनिक परीक्षण देता है :
$(i)$ $2,4-DNP$ अभिक्रिया दर्शाता है
$(ii)$ टॉलेन अभिकर्मक को अपचयित करता है
$(iii)$ कैनिज़ारो अभिक्रिया देता है और
$(iv)$ तीव्र ऑक्सीकरण पर $1,2$-बेंजीनडाइकार्बोक्सिलिक अम्ल प्राप्त होता है।
$X$ है :
A
$2$-एथिलबेंज़ैल्डिहाइड
B
$3$-एथिलबेंज़ैल्डिहाइड
C
$2$-मिथाइलऐसीटोफिनोन
D
$3$-एथिलबेंज़ैल्डिहाइड

Solution

(A) आणविक सूत्र $C_9H_{10}O$ और दिए गए परीक्षण निम्नलिखित संकेत देते हैं:
$(i)$ $2,4-DNP$ परीक्षण कार्बोनिल समूह की उपस्थिति दर्शाता है।
$(ii)$ टॉलेन अभिकर्मक का अपचयन एल्डिहाइड समूह $(-CHO)$ की उपस्थिति की पुष्टि करता है।
$(iii)$ कैनिज़ारो अभिक्रिया उन एल्डिहाइडों में होती है जिनमें $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु नहीं होते हैं।
$(iv)$ तीव्र ऑक्सीकरण द्वारा $1,2$-बेंजीनडाइकार्बोक्सिलिक अम्ल (थैलिक अम्ल) का प्राप्त होना यह दर्शाता है कि यौगिक एक ऑर्थो-प्रतिस्थापित बेंजीन व्युत्पन्न है।
अतः,$2$-एथिलबेंज़ैल्डिहाइड सभी शर्तों को पूरा करता है।
1302
MediumMCQ
निम्नलिखित कार्बोनिल यौगिकों की न्यूक्लियोफाइल के साथ अभिक्रियाशीलता का क्रम क्या होगा?
$(I)$ $HCHO$
$(II)$ $CH_3CHO$
$(III)$ $(CH_3)_2CO$
$(IV)$ $(Me_3C)_2CO$
A
$I > II > III > IV$
B
$IV > III > II > I$
C
$II > I > IV > III$
D
$III > II > I > IV$

Solution

(A) कार्बोनिल यौगिकों की न्यूक्लियोफिलिक योगात्मक अभिक्रियाओं के प्रति अभिक्रियाशीलता दो कारकों पर निर्भर करती है: इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव और त्रिविम बाधा (steric hindrance)।
$1$. इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव: एल्काइल समूह इलेक्ट्रॉन-दाता ($+I$ प्रभाव) होते हैं,जो कार्बोनिल कार्बन की इलेक्ट्रोफिलिसिटी को कम करते हैं।
$2$. त्रिविम बाधा: कार्बोनिल कार्बन से जुड़े एल्काइल समूहों का आकार बढ़ने पर,न्यूक्लियोफाइल का आक्रमण अधिक कठिन हो जाता है।
यौगिकों की तुलना:
$(I)$ $HCHO$: कोई एल्काइल समूह नहीं,सबसे कम त्रिविम बाधा,उच्चतम इलेक्ट्रोफिलिसिटी।
$(II)$ $CH_3CHO$: एक मिथाइल समूह।
$(III)$ $(CH_3)_2CO$: दो मिथाइल समूह।
$(IV)$ $(Me_3C)_2CO$: दो बहुत बड़े tert-butyl समूह,अधिकतम त्रिविम बाधा।
अतः,अभिक्रियाशीलता का क्रम $I > II > III > IV$ है।
1303
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में उत्पाद के निर्माण के दौरान कार्बन$-$कार्बन बंध नहीं बनता है?
A
राइमर$-$टीमैन अभिक्रिया
B
वुर्ट्ज़ अभिक्रिया
C
कैनिज़ारो अभिक्रिया
D
फ्रीडल$-$क्राफ्ट्स अभिक्रिया

Solution

(C) $Cannizzaro$ अभिक्रिया में,$\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु रहित एल्डिहाइड सांद्र क्षार की उपस्थिति में असमानुपातन (disproportionation) द्वारा कार्बोक्सिलिक अम्ल का लवण और अल्कोहल बनाते हैं। इस प्रक्रिया में कोई नया $C-C$ बंध नहीं बनता है।
$Reimer-Tiemann$ अभिक्रिया में,फिनोल रिंग और डाइक्लोरोकार्बीन के बीच $C-C$ बंध बनता है।
$Wurtz$ अभिक्रिया में,दो एल्किल हैलाइड अभिक्रिया करके उच्च एल्केन बनाते हैं,जिससे एक नया $C-C$ बंध बनता है।
$Friedel-Crafts$ अभिक्रिया में,एक एल्किल या एसाइल समूह एरोमैटिक रिंग से जुड़ता है,जिससे नया $C-C$ बंध बनता है।
1304
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसे आयोडोफॉर्म अभिक्रिया द्वारा विभेदित किया जा सकता है?
A
एथिल अल्कोहल और अन्य $1^{\circ}$ अल्कोहल
B
$HCHO$ और $CH_3CHO$
C
$CH_3CHO$ और $CH_3CH_2CHO$
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) आयोडोफॉर्म अभिक्रिया उन यौगिकों द्वारा दी जाती है जिनमें $CH_3CO-$ समूह या $CH_3CH(OH)-$ समूह होता है।
$(1)$ एथिल अल्कोहल $(CH_3CH_2OH)$ धनात्मक आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है,जबकि अन्य $1^{\circ}$ अल्कोहल (जैसे $CH_3CH_2CH_2OH$) नहीं देते हैं।
$(2)$ $CH_3CHO$ में $CH_3CO-$ समूह होता है और यह धनात्मक परीक्षण देता है,जबकि $HCHO$ नहीं देता है।
$(3)$ $CH_3CHO$ धनात्मक परीक्षण देता है,जबकि $CH_3CH_2CHO$ नहीं देता है।
चूंकि सभी दिए गए युग्मों को आयोडोफॉर्म अभिक्रिया द्वारा विभेदित किया जा सकता है,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
1305
MediumMCQ
कॉलम-$I$ को कॉलम-$II$ के साथ सुमेलित कीजिए।
कॉलम-$I$ कॉलम-$II$
$A$. एसीटोफिनोन और बेंजोफिनोन $P$. $NaHCO_3$
$B$. फिनोल और बेंजोइक एसिड $Q$. $NaHSO_3$
$C$. प्रोपेनोन और इथेनल $R$. $I_2 / NaOH$
$D$. एसीटोन और एसीटोफिनोन $S$. फेहलिंग विलयन
A
$A$ $\rightarrow P, B$ $\rightarrow Q, C$ $\rightarrow R, D$ $\rightarrow S$
B
$A$ $\rightarrow R, B$ $\rightarrow P, C$ $\rightarrow S, D$ $\rightarrow Q$
C
$A$ $\rightarrow R, B$ $\rightarrow P, C$ $\rightarrow Q, D$ $\rightarrow S$
D
$A$ $\rightarrow Q, B$ $\rightarrow P, C$ $\rightarrow S, D$ $\rightarrow R$

Solution

(B) . एसीटोफिनोन $(CH_3COC_6H_5)$ में मिथाइल कीटोन समूह होता है और यह $I_2 / NaOH$ के साथ सकारात्मक आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है,जबकि बेंजोफिनोन $(C_6H_5COC_6H_5)$ नहीं देता है। अतः,$A \rightarrow R$.
$B$. बेंजोइक एसिड फिनोल की तुलना में अधिक प्रबल एसिड है और $NaHCO_3$ के साथ प्रतिक्रिया करके $CO_2$ गैस मुक्त करता है,जबकि फिनोल नहीं करता है। अतः,$B \rightarrow P$.
$C$. इथेनल $(CH_3CHO)$ फेहलिंग परीक्षण देता है,जबकि प्रोपेनोन (कीटोन) नहीं देता है। अतः,$C \rightarrow S$.
$D$. एसीटोन $(CH_3COCH_3)$ एक छोटा कीटोन है और $NaHSO_3$ के साथ प्रतिक्रिया करके क्रिस्टलीय बाइसल्फाइट उत्पाद बनाता है,जबकि एसीटोफिनोन त्रिविम बाधा के कारण यह उत्पाद नहीं बनाता है। अतः,$D \rightarrow Q$.
अतः,सही मिलान $A$ $\rightarrow R, B$ $\rightarrow P, C$ $\rightarrow S, D$ $\rightarrow Q$ है।
1306
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा $50 \% \text{ aq. } NaOH$ के साथ उपचारित करने पर संगत अल्कोहल और कार्बोक्सिलिक एसिड का लवण देता है?
A
$C_6H_5CHO$
B
$CH_3CH_2CH_2CHO$
C
$CH_3COCH_3$
D
$CH_3CHO$

Solution

(A) जिन एल्डिहाइड में $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु नहीं होते हैं,वे सांद्र क्षार $(50 \% \text{ aq. } NaOH)$ के साथ उपचारित करने पर कैनिज़ारो अभिक्रिया देते हैं।
इस अभिक्रिया में,एल्डिहाइड का एक अणु संगत अल्कोहल में अपचयित हो जाता है,जबकि दूसरा अणु कार्बोक्सिलिक एसिड के लवण में ऑक्सीकृत हो जाता है।
$C_6H_5CHO$ (बेंज़ल्डिहाइड) में $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु नहीं होते हैं और इसलिए यह कैनिज़ारो अभिक्रिया देता है:
$2C_6H_5CHO + NaOH (50 \% \text{ aq.}) \rightarrow C_6H_5CH_2OH + C_6H_5COONa$
1307
MediumMCQ
दिए गए यौगिक को निम्नलिखित में से किस अभिकर्मक द्वारा उत्पाद में परिवर्तित किया जा सकता है?
Question diagram
A
$Red \ P + HI$
B
वोल्फ-किश्नर अपचयन
C
क्लेमेन्सन अपचयन
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) दी गई अभिक्रिया साइक्लोपेंटेनोन का साइक्लोपेंटेन में अपचयन दर्शाती है।
कार्बोनिल समूहों $(C=O)$ को निम्नलिखित विधियों का उपयोग करके एल्केन $(CH_2)$ में अपचयित किया जा सकता है:
$1$. $Red \ P + HI$: यह एक प्रबल अपचायक है जो कार्बोनिल यौगिकों को एल्केन में अपचयित करता है।
$2$. वोल्फ-किश्नर अपचयन: इसमें हाइड्रैजीन $(NH_2NH_2)$ का उपयोग क्षार $(KOH)$ और एथिलीन ग्लाइकोल जैसे विलायक की उपस्थिति में किया जाता है।
$3$. क्लेमेन्सन अपचयन: इसमें जिंक अमलगम $(Zn-Hg)$ का उपयोग सांद्र $HCl$ की उपस्थिति में किया जाता है।
चूंकि ये तीनों विधियाँ कीटोन के एल्केन में अपचयन के लिए मानक अभिक्रियाएं हैं,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
1308
MediumMCQ
कॉलम $I$ में दिए गए उदाहरणों को कॉलम $II$ में दी गई अभिक्रिया के नाम से सुमेलित करें और सही मिलान की पहचान करें।
कॉलम $I$ $(\text{उदाहरण})$ कॉलम $II$ $(\text{अभिक्रिया})$
$a$. $CH_3COCl + H_2 \xrightarrow{Pd-C/BaSO_4} CH_3CHO$ स्टीफन अभिक्रिया
$b$. $C_6H_5CHO \xrightarrow{NaOH, \Delta} C_6H_5CH_2OH + C_6H_5COO^-Na^+$ कैनिज़ारो अभिक्रिया
$c$. $C_6H_6 + CH_3COCl \xrightarrow{AlCl_3} C_6H_5COCH_3$ फ्रीडल-क्राफ्ट्स एसाइलेशन
$d$. $R-CH_2-COOH \xrightarrow[H_2O]{Br_2/Red P} R-CH(Br)-COOH$ $HVZ$ अभिक्रिया
$e$. $CH_3-CN \xrightarrow[\text{(ii) } H_2O/H^+]{\text{(i) } SnCl_2/HCl} CH_3CHO$ स्टीफन अभिक्रिया
$f$. $2 CH_3CHO \xrightarrow[\Delta]{NaOH} CH_3-CH=CHCHO$ एल्डोल संघनन
A
$b, c, d, f$
B
$b, d, f$
C
$a, b, d, f$
D
$b, c, d, e, f$

Solution

(B) प्रत्येक अभिक्रिया का मूल्यांकन करते हैं:
$a$. $CH_3COCl + H_2 \xrightarrow{Pd-C/BaSO_4} CH_3CHO$ रोज़नमुंड अपचयन है,स्टीफन अभिक्रिया नहीं।
$b$. $C_6H_5CHO$ की $NaOH$ के साथ अभिक्रिया कैनिज़ारो अभिक्रिया है। (सही)
$c$. $C_6H_6 + CH_3COCl \xrightarrow{AlCl_3} C_6H_5COCH_3$ फ्रीडल-क्राफ्ट्स एसाइलेशन है,एल्काइलेशन नहीं। (गलत लेबल)
$d$. $R-CH_2-COOH \xrightarrow[H_2O]{Br_2/Red P} R-CH(Br)-COOH$ हेल-वोलहार्ड-ज़ेलिंस्की $(HVZ)$ अभिक्रिया है। (सही)
$e$. $CH_3-CN \xrightarrow[\text{(ii) } H_2O/H^+]{\text{(i) } SnCl_2/HCl} CH_3CHO$ स्टीफन अभिक्रिया है। (सही,लेकिन विकल्पों में सही मिलान के रूप में नहीं दिया गया है)
$f$. $2 CH_3CHO \xrightarrow[\Delta]{NaOH} CH_3-CH=CHCHO$ एल्डोल संघनन है। (सही)
सही मिलान $(b, d, f)$ को देखते हुए,विकल्प $B$ सही उत्तर है।
1309
MediumMCQ
कम से कम एक $\alpha-H$ परमाणु युक्त एल्डिहाइड या कीटोन तनु $NaOH$ के साथ अभिक्रिया करके $\beta-$हाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड या $\beta-$हाइड्रॉक्सी कीटोन बनाता है। इस अभिक्रिया को $—$ कहा जाता है।
A
एल्डोल संघनन
B
एल्डोल अभिक्रिया
C
कैनिज़ारो अभिक्रिया
D
$HVZ$ अभिक्रिया

Solution

(B) कम से कम एक $\alpha-H$ परमाणु वाले एल्डिहाइड और कीटोन तनु क्षार ($NaOH$ या $KOH$) की उपस्थिति में अभिक्रिया करके $\beta-$हाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड (एल्डोल) या $\beta-$हाइड्रॉक्सी कीटोन (कीटोल) बनाते हैं। इस अभिक्रिया को एल्डोल अभिक्रिया के रूप में जाना जाता है। जब इस उत्पाद को गर्म किया जाता है,तो यह निर्जलीकरण के माध्यम से $\alpha, \beta-$असंतृप्त कार्बोनिल यौगिक बनाता है,जिसे एल्डोल संघनन कहा जाता है। चूंकि प्रश्न $\beta-$हाइड्रॉक्सी उत्पाद के निर्माण का वर्णन करता है,इसलिए इसे विशेष रूप से एल्डोल अभिक्रिया कहा जाता है।
1310
MediumMCQ
मिथाइल कीटोन को हेलोफॉर्म अभिक्रिया का उपयोग करके ऑक्सीकृत किया जा सकता है। ऑक्सीकृत उत्पाद (कार्बोक्सिलेट आयन) में $:-$
A
मिथाइल कीटोन से $1$ कार्बन अधिक
B
मिथाइल कीटोन से $2$ कार्बन अधिक
C
मिथाइल कीटोन से $1$ कार्बन कम
D
मिथाइल कीटोन से $2$ कार्बन कम

Solution

(C) हेलोफॉर्म अभिक्रिया मिथाइल कीटोन $(R-CO-CH_3)$ की एक विशिष्ट अभिक्रिया है।
इस अभिक्रिया में,मिथाइल समूह $(-CH_3)$ को हेलोफॉर्म ($CHX_3$,जहाँ $X = Cl, Br, I$) में परिवर्तित किया जाता है।
अणु का शेष भाग कार्बोक्सिलेट आयन $(R-COO^-)$ में ऑक्सीकृत हो जाता है।
चूंकि मूल कीटोन से मिथाइल समूह निकल जाता है,इसलिए प्राप्त कार्बोक्सिलेट आयन में मूल मिथाइल कीटोन की तुलना में एक कार्बन परमाणु कम होता है।
1311
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है?
A
$>C=O \xrightarrow{\text{क्लेमेंसन अपचयन}} >CH_2$
B
$>C=O \xrightarrow{\text{वोल्फ-किश्नर अपचयन}} >CH-OH$
C
$-COCl \xrightarrow{\text{रोज़नमुंड अपचयन}} -CHO$
D
$-C \equiv N \xrightarrow[(ii) H_2O]{(i) \text{स्टीफन अपचयन}} -CHO$

Solution

(B) में,क्लेमेंसन अपचयन $(Zn-Hg/HCl)$ कार्बोनिल समूह $(>C=O)$ को मेथिलीन समूह $(>CH_2)$ में अपचयित करता है। यह सही सुमेलित है।
$B$ में,वोल्फ-किश्नर अपचयन $(NH_2NH_2/KOH, \Delta)$ कार्बोनिल समूह $(>C=O)$ को मेथिलीन समूह $(>CH_2)$ में अपचयित करता है,न कि अल्कोहल $(>CH-OH)$ में। इसलिए,यह गलत सुमेलित है।
$C$ में,रोज़नमुंड अपचयन $(H_2/Pd-BaSO_4)$ एसिड क्लोराइड $(-COCl)$ को एल्डिहाइड $(-CHO)$ में अपचयित करता है। यह सही सुमेलित है।
$D$ में,स्टीफन अपचयन ($SnCl_2/HCl$ और उसके बाद $H_2O$) नाइट्राइल $(-C \equiv N)$ को एल्डिहाइड $(-CHO)$ में अपचयित करता है। यह सही सुमेलित है।
1312
MediumMCQ
$\alpha-H$ युक्त एल्डिहाइड और कीटोन तनु $NaOH$ के साथ अभिक्रिया करके $\beta-hydroxy$ एल्डिहाइड या $\beta-hydroxy$ कीटोन देते हैं। इस अभिक्रिया को क्या कहते हैं $-$
A
एल्डोल संघनन (Aldol condensation)
B
एल्डोल अभिक्रिया (Aldol reaction)
C
कैनिज़ारो अभिक्रिया (Cannizzaro reaction)
D
$HVZ$ अभिक्रिया

Solution

(A) कम से कम एक $\alpha-hydrogen$ परमाणु वाले एल्डिहाइड या कीटोन की तनु क्षार ($NaOH$ या $KOH$) के साथ अभिक्रिया से $\beta-hydroxy$ एल्डिहाइड (एल्डोल) या $\beta-hydroxy$ कीटोन (कीटोल) प्राप्त होते हैं। इस अभिक्रिया को $Aldol$ $reaction$ या $Aldol$ $condensation$ कहा जाता है।
1313
MediumMCQ
नीचे दी गई कैनिज़ारो अभिक्रिया में,सबसे धीमा चरण है $:-$
$2Ph-CHO \xrightarrow{\stackrel{\ominus}{O}H} PhCH_2OH + PhCO_2^{\ominus}$
A
कार्बोनिल समूह पर $\stackrel{\ominus}{O}H$ का आक्रमण
B
कार्बोनिल समूह पर हाइड्राइड आयन का स्थानांतरण
C
कार्बोक्सिलिक एसिड से प्रोटॉन का निष्कर्षण
D
$PhCH_2-OH$ का डीप्रोटोनेशन

Solution

(B) कैनिज़ारो अभिक्रिया की क्रियाविधि में निम्नलिखित चरण शामिल हैं:
$1$. बेंजालडिहाइड के एक अणु के कार्बोनिल कार्बन पर $\stackrel{\ominus}{O}H$ का न्यूक्लियोफिलिक आक्रमण,जिससे एक डाइहाइड्रॉक्सीअल्कोक्साइड मध्यवर्ती बनता है।
$2$. डाइहाइड्रॉक्सीअल्कोक्साइड मध्यवर्ती से बेंजालडिहाइड के दूसरे अणु के कार्बोनिल कार्बन पर हाइड्राइड आयन $(H^{\ominus})$ का स्थानांतरण। यह दर-निर्धारक चरण (सबसे धीमा चरण) है क्योंकि इसमें $C-H$ बंध का टूटना शामिल है।
$3$. परिणामी कार्बोक्सिलिक एसिड और अल्कोक्साइड आयन के बीच तीव्र प्रोटॉन विनिमय,जिससे कार्बोक्सिलेट आयन और अल्कोहल बनते हैं।
1314
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया और उसके बाद जल-अपघटन करने पर तृतीयक अल्कोहल बनाता है?
A
मेथेनल
B
एथेनल
C
प्रोपेनल
D
प्रोपेनोन

Solution

(D) ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(R'MgX)$ की कार्बोनिल यौगिकों के साथ अभिक्रिया निम्नलिखित नियमों का पालन करती है:
$1$. मेथेनल $(HCHO)$ के साथ अभिक्रिया प्राथमिक अल्कोहल $(R'CH_2OH)$ देती है।
$2$. अन्य एल्डिहाइड $(RCHO)$ के साथ अभिक्रिया द्वितीयक अल्कोहल $(R'RCHOH)$ देती है।
$3$. कीटोन $(RR'CO)$ के साथ अभिक्रिया तृतीयक अल्कोहल $(RR'R''COH)$ देती है।
दिए गए विकल्पों में से,$A$,$B$,और $C$ एल्डिहाइड हैं,जबकि $D$ (प्रोपेनोन,$CH_3COCH_3$) एक कीटोन है।
अतः,प्रोपेनोन की ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया और उसके बाद जल-अपघटन करने पर तृतीयक अल्कोहल प्राप्त होता है।
1315
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया और उसके बाद जल-अपघटन करने पर द्वितीयक अल्कोहल बनाता है?
A
$HCHO$
B
$CH_3CHO$
C
$CH_3COCH_3$
D
$CH_3CH_2COCH_3$

Solution

(B) ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(R-MgX)$ की कार्बोनिल यौगिकों के साथ अभिक्रिया निम्नलिखित सामान्य नियमों का पालन करती है:
$1$. फॉर्मेल्डिहाइड $(HCHO)$ ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया करके प्राथमिक $(1^{\circ})$ अल्कोहल बनाता है।
$2$. अन्य एल्डिहाइड $(R'-CHO)$ ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया करके द्वितीयक $(2^{\circ})$ अल्कोहल बनाते हैं।
$3$. कीटोन $(R'-CO-R'')$ ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया करके तृतीयक $(3^{\circ})$ अल्कोहल बनाते हैं।
दिए गए विकल्पों में से:
- $HCHO$ फॉर्मेल्डिहाइड है (प्राथमिक अल्कोहल बनाता है)।
- $CH_3CHO$ एसीटैल्डिहाइड है (एक एल्डिहाइड,जो द्वितीयक अल्कोहल बनाता है)।
- $CH_3COCH_3$ एसीटोन है (एक कीटोन,जो तृतीयक अल्कोहल बनाता है)।
- $CH_3CH_2COCH_3$ ब्यूटेनोन है (एक कीटोन,जो तृतीयक अल्कोहल बनाता है)।
अतः,$CH_3CHO$ ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया करके द्वितीयक अल्कोहल उत्पन्न करता है।
1316
MediumMCQ
जब फॉर्मेल्डिहाइड शुष्क ईथर में $CH_3MgBr$ के साथ अभिक्रिया करता है,तो किस प्रकार का उत्पाद प्राप्त होता है?
A
एल्डिहाइड के समान कार्बन परमाणुओं की संख्या वाला प्राथमिक अल्कोहल।
B
एल्डिहाइड से एक कार्बन परमाणु अधिक वाला प्राथमिक अल्कोहल।
C
एल्डिहाइड से एक कार्बन परमाणु अधिक वाला द्वितीयक अल्कोहल।
D
एल्डिहाइड से दो कार्बन परमाणु अधिक वाला तृतीयक अल्कोहल।

Solution

(B) फॉर्मेल्डिहाइड $(HCHO)$ की शुष्क ईथर की उपस्थिति में ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(CH_3MgBr)$ के साथ अभिक्रिया इस प्रकार होती है:
$1$. ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक से $CH_3^-$ समूह का फॉर्मेल्डिहाइड के इलेक्ट्रोफिलिक कार्बोनिल कार्बन पर न्यूक्लियोफिलिक आक्रमण एक योगात्मक उत्पाद $H_3C-CH_2-OMgBr$ बनाता है।
$2$. इसके बाद इस मध्यवर्ती का अम्लीय जल-अपघटन $(H^+/H_2O)$ करने पर इथेनॉल $(CH_3CH_2OH)$ प्राप्त होता है,जो एक प्राथमिक $(1^\circ)$ अल्कोहल है।
$3$. फॉर्मेल्डिहाइड में $1$ कार्बन परमाणु होता है और प्राप्त इथेनॉल में $2$ कार्बन परमाणु होते हैं।
$4$. अतः,उत्पाद एल्डिहाइड से एक कार्बन परमाणु अधिक वाला प्राथमिक अल्कोहल है।
1317
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में अभिकारक '$A$' की पहचान कीजिए।
Question diagram
A
$HCHO$
B
$CH_3CHO$
C
$CH_2OH-CH_2OH$
D
$CH_3COOH$

Solution

(B) दी गई अभिक्रिया एक ग्रिगनार्ड अभिकर्मक $(CH_3MgBr)$ की कार्बोनिल यौगिक $(A)$ के साथ अभिक्रिया है,जिससे द्वितीयक अल्कोहल $(CH_3-CH(OH)-CH_3)$ प्राप्त होता है।
$1$. $CH_3MgBr$ की फॉर्मेल्डिहाइड $(HCHO)$ के साथ अभिक्रिया प्राथमिक अल्कोहल देती है।
$2$. $CH_3MgBr$ की एसीटैल्डिहाइड $(CH_3CHO)$ के साथ अभिक्रिया द्वितीयक अल्कोहल (प्रोपेन$-2-$ऑल) देती है।
$3$. $CH_3MgBr$ की कीटोन (जैसे एसीटोन) के साथ अभिक्रिया तृतीयक अल्कोहल देती है।
अतः,अभिकारक '$A$' एसीटैल्डिहाइड $(CH_3CHO)$ है।
1318
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के अनुक्रम में यौगिक '$A$' की पहचान कीजिए।
$A$ $\xrightarrow[\text{Dry ether}]{C_2H_5MgBr} B$ $\xrightarrow{H_2O/H^{+}} \text{3-Methylpentan-3-ol}$
A
प्रोपेनल
B
प्रोपेनोन
C
ब्यूटेनल
D
ब्यूटेनोन

Solution

(D) ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(C_2H_5MgBr)$ की कीटोन $(A)$ के साथ अभिक्रिया और उसके बाद अम्लीय जल-अपघटन $(H_2O/H^+)$ करने पर एक तृतीयक अल्कोहल प्राप्त होता है।
दिया गया उत्पाद $\text{3-Methylpentan-3-ol}$ है,जिसकी संरचना $CH_3-CH_2-C(OH)(CH_3)-CH_2-CH_3$ है।
ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $C_2H_5MgBr$ एक एथिल समूह $(C_2H_5)$ प्रदान करता है।
उत्पाद के तृतीयक कार्बन से एथिल समूह को हटाने पर,कार्बोनिल कार्बन से जुड़े एक मिथाइल और एक प्रोपाइल समूह वाला कीटोन प्राप्त होता है,जो $CH_3-CH_2-C(=O)-CH_3$ है,जिसे $\text{Butanone}$ कहा जाता है।
अतः,यौगिक $A$ $\text{Butanone}$ है।
1319
EasyMCQ
निम्नलिखित रूपांतरण के लिए उपयोग किए जाने वाले अपचायक (reducing agent) की पहचान करें:
$R-CHO \rightarrow R-CH_2-OH$
A
$Na$ / शुष्क ईथर
B
$K_2Cr_2O_7$ / तनु $H_2SO_4$
C
$LiAlH_4$ / $H_3O^+$
D
$Sn$ / $HCl$

Solution

(C) एल्डिहाइड $(R-CHO)$ का प्राथमिक अल्कोहल $(R-CH_2-OH)$ में रूपांतरण एक अपचयन (reduction) अभिक्रिया है।
$LiAlH_4$ (लिथियम एल्युमिनियम हाइड्राइड) एक प्रबल अपचायक है जो एल्डिहाइड को प्राथमिक अल्कोहल में अपचयित करता है।
अभिक्रिया: $R-CHO \xrightarrow{LiAlH_4 / H_3O^+} R-CH_2-OH$.
1320
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में यौगिक $A$ की पहचान कीजिए: $A + CH_3MgBr$ $\xrightarrow{\text{dry ether}} \text{intermediate}$ $\xrightarrow{H_3O^+} CH_3CH_2OH + Mg(Br)(OH)$
A
एसिटिक अम्ल
B
एसिटाल्डिहाइड
C
फॉर्मल्डिहाइड
D
एसिटोन

Solution

(C) ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(CH_3MgBr)$ की फॉर्मल्डिहाइड $(HCHO)$ के साथ अभिक्रिया और उसके बाद अम्लीय जल-अपघटन $(H_3O^+)$ करने पर प्राथमिक अल्कोहल $(CH_3CH_2OH)$ प्राप्त होता है।
अभिक्रिया की क्रियाविधि इस प्रकार है:
$HCHO + CH_3MgBr \rightarrow CH_3CH_2OMgBr$
$CH_3CH_2OMgBr + H_2O \rightarrow CH_3CH_2OH + Mg(OH)Br$
अतः,यौगिक $A$ फॉर्मल्डिहाइड $(HCHO)$ है।
1321
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले उत्पाद की पहचान कीजिए: $CH_3-CH=CH-CH_2-CHO \xrightarrow[(ii) \ H_3O^{+}]{(i) \ LiAlH_4} \text{Product}$
A
$CH_3-CH=CH-CH_2-CH_2-OH$
B
$CH_3-CH_2-CH_2-CH_2-CH_2-OH$
C
$CH_3-CH=CH-CH_2-CHO$
D
$CH_3-CH_2-CH=CH-CH_2-OH$

Solution

(A) $LiAlH_4$ एक प्रबल अपचायक है जो एल्डिहाइड को प्राथमिक अल्कोहल में अपचयित करता है।
यह कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध $(C=C)$ को अपचयित नहीं करता है।
इसलिए,एल्डिहाइड समूह $(-CHO)$ प्राथमिक अल्कोहल समूह $(-CH_2OH)$ में अपचयित हो जाता है जबकि द्वि-आबंध अपरिवर्तित रहता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है:
$CH_3-CH=CH-CH_2-CHO \xrightarrow[(ii) \ H_3O^{+}]{(i) \ LiAlH_4} CH_3-CH=CH-CH_2-CH_2-OH$
अतः,सही उत्पाद $CH_3-CH=CH-CH_2-CH_2-OH$ है।
1322
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया और उसके बाद जल-अपघटन करने पर द्वितीयक अल्कोहल बनाता है?
A
$CH_3CHO$
B
$HCHO$
C
$CH_3CH_2COCH_3$
D
$CH_3COCH_3$

Solution

(A) फॉर्मेल्डिहाइड $(HCHO)$ के अलावा अन्य एल्डिहाइड ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(RMgX)$ के साथ अभिक्रिया करके अम्लीय जल-अपघटन के बाद द्वितीयक अल्कोहल बनाते हैं।
$CH_3CHO + RMgX$ $\rightarrow CH_3CH(OMgX)R$ $\xrightarrow{H_3O^+} CH_3CH(OH)R$ (द्वितीयक अल्कोहल)।
फॉर्मेल्डिहाइड $(HCHO)$ प्राथमिक अल्कोहल बनाता है,जबकि कीटोन तृतीयक अल्कोहल बनाते हैं।
अतः,$CH_3CHO$ सही उत्तर है।
1323
MediumMCQ
एसिटाल्डिहाइड से $3-$मिथाइल ब्यूटेन$-2-$ओल प्राप्त करने के लिए,उपयोग किया जाने वाला ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक है
A
$CH_3MgBr$
B
$CH_3CH_2CH_2MgBr$
C
$CH_3CH_2MgBr$
D
$(CH_3)_2CHMgBr$

Solution

(D) एसिटाल्डिहाइड $(CH_3CHO)$ की ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(RMgBr)$ के साथ अभिक्रिया और उसके बाद अम्लीय जल-अपघटन $(H_3O^+)$ करने पर द्वितीयक अल्कोहल प्राप्त होता है।
$3-$मिथाइल ब्यूटेन$-2-$ओल $(CH_3-CH(OH)-CH(CH_3)_2)$ प्राप्त करने के लिए,ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक को आइसोप्रोपिल समूह $(CH(CH_3)_2)$ प्रदान करना चाहिए।
अभिक्रिया इस प्रकार है:
$CH_3-CH=O + (CH_3)_2CHMgBr \rightarrow CH_3-CH(OMgBr)-CH(CH_3)_2$
$CH_3-CH(OMgBr)-CH(CH_3)_2 + H_2O/H^+ \rightarrow CH_3-CH(OH)-CH(CH_3)_2 + Mg(OH)Br$
अतः,आवश्यक ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक आइसोप्रोपिल मैग्नीशियम ब्रोमाइड है,जो $(CH_3)_2CHMgBr$ है।
1324
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया से यौगिक $A$ की पहचान कीजिए:
$A + C_2H_5MgBr$ $\xrightarrow[ether]{dry} B$ $\xrightarrow{H_3O^{+}} 3-\text{methylpentan}-3-\text{ol}$
A
ब्यूटेनैल
B
प्रोपेनोन
C
प्रोपेनैल
D
ब्यूटेनोन

Solution

(D) ग्रिगनार्ड अभिकर्मक $(C_2H_5MgBr)$ की कार्बोनिल यौगिक $(A)$ के साथ अभिक्रिया और उसके बाद अम्लीय जल-अपघटन $(H_3O^{+})$ से अल्कोहल प्राप्त होता है।
अंतिम उत्पाद $3-\text{methylpentan}-3-\text{ol}$ में,हाइड्रॉक्सिल समूह वाला कार्बन परमाणु दो एथिल समूह $(C_2H_5-)$ और एक मिथाइल समूह $(CH_3-)$ से जुड़ा होता है।
चूंकि एक एथिल समूह ग्रिगनार्ड अभिकर्मक $(C_2H_5MgBr)$ से आता है,इसलिए कार्बोनिल यौगिक $(A)$ ब्यूटेनोन $(CH_3-CO-CH_2-CH_3)$ होना चाहिए।
1325
MediumMCQ
$1-$फेनिलएथेनॉल प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित में से किसकी अभिक्रिया बेंजैल्डिहाइड के साथ कराई जाती है?
A
$C_{6}H_{5}MgBr$
B
$C_{6}H_{5}CH_{2}MgBr$
C
$CH_{3}MgBr$
D
$CH_{3}CH_{2}MgBr$

Solution

(C) बेंजैल्डिहाइड $(C_{6}H_{5}CHO)$ की ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(RMgX)$ के साथ अभिक्रिया के बाद अम्लीय जलअपघटन करने पर द्वितीयक अल्कोहल प्राप्त होता है।
$1-$फेनिलएथेनॉल $(C_{6}H_{5}CH(OH)CH_{3})$ प्राप्त करने के लिए,ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक को मिथाइल समूह $(CH_{3})$ प्रदान करना चाहिए।
अतः,अभिक्रिया इस प्रकार है:
$C_{6}H_{5}CHO + CH_{3}MgBr \rightarrow [C_{6}H_{5}CH(CH_{3})OMgBr]$
$[C_{6}H_{5}CH(CH_{3})OMgBr] + H_{2}O/H^{+} \rightarrow C_{6}H_{5}CH(OH)CH_{3} + Mg(OH)Br$
इस प्रकार,बेंजैल्डिहाइड $CH_{3}MgBr$ के साथ अभिक्रिया करके $1-$फेनिलएथेनॉल बनाता है।
1326
EasyMCQ
निम्नलिखित रूपांतरण के लिए किस अभिकर्मक का उपयोग किया जाता है?
$CH_3-CH=CH-CHO \longrightarrow CH_3-CH=CH-CH_2OH$
A
$H_3O^{+}$
B
$Zn-Hg / HCl$
C
$H_2 / Ni$
D
$LiAlH_4$

Solution

(D) $LiAlH_4$ (लिथियम एल्युमिनियम हाइड्राइड) एक चयनात्मक अपचायक है जो कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध $(C=C)$ को प्रभावित किए बिना एल्डिहाइड समूह $(-CHO)$ को प्राथमिक अल्कोहल $(-CH_2OH)$ में अपचयित करता है।
इसलिए,$LiAlH_4$ का उपयोग करके $CH_3-CH=CH-CHO$ को $CH_3-CH=CH-CH_2OH$ में परिवर्तित किया जाता है।
1327
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक हेलोफॉर्म अभिक्रिया नहीं देता है?
A
$CH_3-CH(OH)-CH_3$
B
$CH_3-CO-CH_3$
C
$C_2H_5-CH(OH)-C_2H_5$
D
$CH_3-CO-C_2H_5$

Solution

(C) हेलोफॉर्म अभिक्रिया उन यौगिकों द्वारा दी जाती है जिनमें $CH_3CO-$ समूह या $CH_3CH(OH)-$ समूह होता है।
$(A)$ $CH_3-CH(OH)-CH_3$ में $CH_3CH(OH)-$ समूह होता है,इसलिए यह हेलोफॉर्म अभिक्रिया देता है।
$(B)$ $CH_3-CO-CH_3$ में $CH_3CO-$ समूह होता है,इसलिए यह हेलोफॉर्म अभिक्रिया देता है।
$(C)$ $C_2H_5-CH(OH)-C_2H_5$ (पेंटेन$-3-$ऑल) में $CH_3CH(OH)-$ समूह नहीं होता है,इसलिए यह हेलोफॉर्म अभिक्रिया नहीं देता है।
$(D)$ $CH_3-CO-C_2H_5$ (ब्यूटेन$-2-$ओन) में $CH_3CO-$ समूह होता है,इसलिए यह हेलोफॉर्म अभिक्रिया देता है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
1328
DifficultMCQ
जब एल्डिहाइड को अधिक मात्रा में मोनोहाइड्रिक अल्कोहल के साथ उपचारित किया जाता है,तो क्या बनता है?
A
हेमीएसीटल
B
ऑक्सिम
C
इमाइन
D
एसीटल

Solution

(D) जब एल्डिहाइड शुष्क $HCl$ गैस की उपस्थिति में एक मोल मोनोहाइड्रिक अल्कोहल के साथ अभिक्रिया करता है,तो यह हेमीएसीटल बनाता है।
हालाँकि,जब एल्डिहाइड को अधिक मात्रा में मोनोहाइड्रिक अल्कोहल के साथ उपचारित किया जाता है,तो हेमीएसीटल आगे अभिक्रिया करके एसीटल बनाता है।
अभिक्रिया: $R-CHO + 2R'-OH \xrightarrow{dry \ HCl} R-CH(OR')_2 + H_2O$.
अतः,अंतिम उत्पाद एसीटल है।
1329
EasyMCQ
जब ऑक्साइम को ट्राइफ्लुओरोपेरॉक्सीएसेटिक एसिड के साथ उपचारित किया जाता है,तो क्या प्राप्त होता है?
A
$1^{\circ}$ नाइट्रोऐल्केन
B
$2^{\circ}$ नाइट्रोऐल्केन
C
$1^{\circ}$ एमीन
D
$2^{\circ}$ एमीन

Solution

(B) ट्राइफ्लुओरोपेरॉक्सीएसेटिक एसिड $(CF_3COOOH)$ के साथ ऑक्साइम का ऑक्सीकरण करने पर नाइट्रो यौगिक प्राप्त होता है।
उदाहरण के लिए,एसीटोन ऑक्साइम $(CH_3-C(=N-OH)-CH_3)$ का ऑक्सीकरण $2-$नाइट्रोप्रोपेन $(CH_3-CH(NO_2)-CH_3)$ देता है।
सामान्यतः,एल्डॉक्सिम $1^{\circ}$ नाइट्रोऐल्केन देते हैं,जबकि कीटॉक्सिम $2^{\circ}$ नाइट्रोऐल्केन देते हैं।
1330
MediumMCQ
अभिक्रियाओं के अनुक्रम $A$ $\xrightarrow{C_2H_5MgI} B$ $\xrightarrow{H_2O / H^{+}} \text{tert-pentyl alcohol}$ के लिए,अनुक्रम में यौगिक $A$ क्या है?
A
$2-$ब्यूटेनोन
B
एसिटाल्डिहाइड
C
एसिटोन
D
प्रोपेनल

Solution

(C) ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(RMgX)$ की कार्बोनिल यौगिक के साथ अभिक्रिया और उसके बाद जल-अपघटन करने पर अल्कोहल प्राप्त होता है।
$\text{tert-pentyl alcohol}$ $(CH_3CH_2C(CH_3)_2OH)$ प्राप्त करने के लिए,हमें कीटोन की ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया करानी होगी।
यहाँ,ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $C_2H_5MgI$ (एथिल मैग्नीशियम आयोडाइड) है।
जब $C_2H_5MgI$ की अभिक्रिया $A$ (एसिटोन,$CH_3COCH_3$) के साथ होती है,तो न्यूक्लियोफिलिक एथिल समूह एसिटोन के कार्बोनिल कार्बन पर आक्रमण करता है।
$CH_3COCH_3 + C_2H_5MgI \rightarrow CH_3C(OMgI)(CH_3)(C_2H_5)$.
$H_2O/H^+$ के साथ जल-अपघटन करने पर,यह $CH_3C(OH)(CH_3)(C_2H_5)$ बनाता है,जो $2-$मिथाइलब्यूटेन$-2-$ऑल है,जिसे सामान्यतः $\text{tert-pentyl alcohol}$ के रूप में जाना जाता है।
अतः,यौगिक $A$ एसिटोन है।
1331
MediumMCQ
एल्डोल संघनन अभिक्रिया है
A
इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन
B
नाभिकरागी प्रतिस्थापन
C
इलेक्ट्रॉनरागी योग-विलोपन अभिक्रिया
D
नाभिकरागी योग-विलोपन अभिक्रिया

Solution

(D) एल्डोल संघनन में एक एनोलेट आयन (एक नाभिकरागी) का दूसरे एल्डिहाइड या कीटोन अणु के कार्बोनिल कार्बन पर आक्रमण शामिल होता है।
यह प्रक्रिया एक नाभिकरागी योग अभिक्रिया है,जिसके बाद $\alpha,\beta$-असंतृप्त कार्बोनिल यौगिक बनाने के लिए पानी के अणु का विलोपन (निर्जलीकरण) होता है।
इसलिए,पूरी प्रक्रिया को नाभिकरागी योग-विलोपन अभिक्रिया के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
1332
MediumMCQ
जब इथेनल और प्रोपेनल के मिश्रण को गर्म करने के बाद जलीय $NaOH$ के साथ अभिक्रिया कराई जाती है,तो बनने वाले विभिन्न उत्पादों की संख्या क्या है?
A
$4$
B
$2$
C
$1$
D
$3$

Solution

(A) जब दो अलग-अलग एल्डिहाइड (इथेनल और प्रोपेनल) का मिश्रण,जिनमें से दोनों में कम से कम एक $\alpha$-हाइड्रोजन हो,जलीय $NaOH$ के साथ गर्म किया जाता है,तो यह क्रॉस-एल्डोल संघनन अभिक्रिया करता है।
प्रत्येक एल्डिहाइड स्वयं-एल्डोल संघनन से गुजर सकता है,और वे एक-दूसरे के साथ क्रॉस-एल्डोल संघनन भी कर सकते हैं।
$1$. इथेनल का स्वयं-एल्डोल: $CH_3CHO + CH_3CHO \rightarrow CH_3CH=CHCHO$ (निर्जलीकरण के बाद)।
$2$. प्रोपेनल का स्वयं-एल्डोल: $CH_3CH_2CHO + CH_3CH_2CHO \rightarrow CH_3CH_2CH=C(CH_3)CHO$ (निर्जलीकरण के बाद)।
$3$. क्रॉस-एल्डोल (इथेनल दाता के रूप में,प्रोपेनल स्वीकर्ता के रूप में): $CH_3CHO + CH_3CH_2CHO \rightarrow CH_3CH=C(CH_3)CHO$ (निर्जलीकरण के बाद)।
$4$. क्रॉस-एल्डोल (प्रोपेनल दाता के रूप में,इथेनल स्वीकर्ता के रूप में): $CH_3CH_2CHO + CH_3CHO \rightarrow CH_3CH_2CH=CHCHO$ (निर्जलीकरण के बाद)।
इस प्रकार,कुल $4$ विभिन्न एल्डोल संघनन उत्पाद बनते हैं।
1333
MediumMCQ
एसीटोन का एल्डोल संघनन उत्पाद निर्जलीकरण पर क्या देता है?
A
ब्यूट$-2-$इनल
B
$2-$मिथाइलपेंट$-3-$ईन$-4-$ओन
C
$4-$हाइड्रॉक्सी$-4-$मिथाइलपेंटेन$-2-$ओन
D
$4-$मिथाइलपेंट$-3-$ईन$-2-$ओन

Solution

(D) एसीटोन $(CH_3COCH_3)$ $Ba(OH)_2$ जैसे क्षार की उपस्थिति में एल्डोल संघनन अभिक्रिया करके $4-$हाइड्रॉक्सी$-4-$मिथाइलपेंटेन$-2-$ओन (डाईएसीटोन अल्कोहल) बनाता है।
$2CH_3COCH_3 \xrightarrow{Ba(OH)_2} (CH_3)_2C(OH)CH_2COCH_3$
निर्जलीकरण (अम्ल के साथ गर्म करने) पर,$4-$हाइड्रॉक्सी$-4-$मिथाइलपेंटेन$-2-$ओन पानी का एक अणु खोकर $4-$मिथाइलपेंट$-3-$ईन$-2-$ओन (मेसिटिल ऑक्साइड) बनाता है।
$(CH_3)_2C(OH)CH_2COCH_3 \xrightarrow{\Delta, H^+} (CH_3)_2C=CHCOCH_3 + H_2O$
अतः,अंतिम उत्पाद $4-$मिथाइलपेंट$-3-$ईन$-2-$ओन है।
1334
MediumMCQ
बेंज़ल्डिहाइड अमोनिया के साथ अभिक्रिया करके क्या बनाता है?
A
बेंज़ल्डिहाइड अमोनिया
B
यूरोट्रोपिन
C
हाइड्रोबेंज़ामाइड
D
अमोनियम क्लोराइड

Solution

(C) बेंज़ल्डिहाइड की अमोनिया के साथ अभिक्रिया एक संघनन अभिक्रिया है। बेंज़ल्डिहाइड के तीन अणु $(3C_6H_5CHO)$ अमोनिया के दो अणुओं $(2NH_3)$ के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोबेंज़ामाइड $((C_6H_5CH)_3N_2)$ और पानी के तीन अणु $(3H_2O)$ बनाते हैं।
संतुलित रासायनिक समीकरण इस प्रकार है:
$3C_6H_5CHO + 2NH_3 \rightarrow (C_6H_5CH)_3N_2 + 3H_2O$
1335
EasyMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया का अंतिम उत्पाद/उत्पाद हैं:
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) फिनोल की $CHCl_3$ और $KOH$ के साथ अभिक्रिया राइमर-टीमैन अभिक्रिया है,जो मध्यवर्ती $X$ के रूप में सैलिसिलैल्डिहाइड ($2$-हाइड्रॉक्सीबेन्ज़ैल्डिहाइड) देती है।
सैलिसिलैल्डिहाइड में एक एल्डिहाइड समूह होता है लेकिन इसमें कोई $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु नहीं होता है।
जब इसे $50 \%$ $KOH$ विलयन के साथ उपचारित किया जाता है,तो यह कैनिज़ारो अभिक्रिया (विषमानुपातन अभिक्रिया) से गुजरती है।
सैलिसिलैल्डिहाइड का एक अणु संबंधित अल्कोहल ($2$-हाइड्रॉक्सीबेन्जिल अल्कोहल) में अपचयित हो जाता है और दूसरा अणु संबंधित कार्बोक्सिलिक एसिड लवण (पोटेशियम $2$-हाइड्रॉक्सीबेन्जोएट) में ऑक्सीकृत हो जाता है।
1336
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन फेलिंग विलयन के साथ अभिक्रिया नहीं करता है?
A
$CH_{3}CHO$
B
$C_{6}H_{5}CHO$
C
$C_{6}H_{12}O_{6}$
D
$HCOOH$

Solution

(B) फेलिंग विलयन एक हल्का ऑक्सीकारक है जिसका उपयोग एलिफैटिक एल्डिहाइड को एरोमैटिक एल्डिहाइड और कीटोन से अलग करने के लिए किया जाता है।
$CH_{3}CHO$ जैसे एलिफैटिक एल्डिहाइड और $C_{6}H_{12}O_{6}$ जैसी अपचायक शर्कराएं फेलिंग विलयन के साथ अभिक्रिया करके $Cu_{2}O$ का लाल अवक्षेप देती हैं।
फॉर्मिक अम्ल $(HCOOH)$ में भी एल्डिहाइड समूह की उपस्थिति के कारण यह फेलिंग विलयन के साथ धनात्मक परीक्षण देता है।
$C_{6}H_{5}CHO$ जैसे एरोमैटिक एल्डिहाइड फेलिंग विलयन के साथ अभिक्रिया नहीं करते हैं क्योंकि बेंजीन वलय के अनुनाद स्थायित्व के कारण कार्बोनिल कार्बन का ऑक्सीकरण करना कठिन होता है।
1337
MediumMCQ
$CH_{3}CHO$ के एल्डोल संघनन के परिणामस्वरूप किसका निर्माण होता है?
A
$CH_{3}CH(OH)CH_{2}CHO$
B
$CH_{3}CH_{2}CH(OH)CHO$
C
$CH_{3}CH_{2}CH_{2}OH$
D
$CH_{3}CH(OH)CH_{3}$

Solution

(A) तनु क्षार $(OH^-)$ की उपस्थिति में एसिटाल्डिहाइड $(CH_{3}CHO)$ के दो अणुओं का एल्डोल संघनन $3$-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनैल देता है,जिसे सामान्यतः एल्डोल कहा जाता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है:
$2CH_{3}CHO \xrightarrow{OH^-} CH_{3}CH(OH)CH_{2}CHO$ (एल्डोल)
1338
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक अमोनियाकल सिल्वर नाइट्रेट विलयन के साथ अभिक्रिया करने पर सिल्वर का अवक्षेप बनाता है?
A
एथेनल
B
एथेनोइक अम्ल
C
एथेनॉल
D
एथॉक्सी एथेन

Solution

(A) सिल्वर मिरर परीक्षण,जिसे टॉलेन परीक्षण के रूप में भी जाना जाता है,केवल एल्डिहाइड द्वारा दिया जाता है।
एथेनल $(CH_3CHO)$ एक एल्डिहाइड है,इसलिए यह अमोनियाकल सिल्वर नाइट्रेट $([Ag(NH_3)_2]^+)$ के साथ अभिक्रिया करके सिल्वर मिरर (सिल्वर का अवक्षेप) बनाता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है: $CH_3CHO + 2[Ag(NH_3)_2]^+ + 3OH^- \rightarrow CH_3COO^- + 2Ag(s) + 4NH_3 + 2H_2O$.
1339
DifficultMCQ
जब किसी कार्बनिक यौगिक के अल्कोहलिक विलयन में शिफ अभिकर्मक (Schiff's reagent) की कुछ बूंदें मिलाई जाती हैं,तो गुलाबी रंग दिखाई देता है। यह किस समूह की उपस्थिति की पुष्टि करता है?
A
$-COOH$
B
$-CHO$
C
$-C=O$
D
$-CH_2OH$

Solution

(B) शिफ अभिकर्मक (Schiff's reagent) का उपयोग एल्डिहाइड समूह $(-CHO)$ की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है।
जब एक एल्डिहाइड शिफ अभिकर्मक के साथ प्रतिक्रिया करता है,तो यह अभिकर्मक के गुलाबी रंग को बहाल कर देता है,जो $-CHO$ समूह की उपस्थिति की पुष्टि करता है।
1340
MediumMCQ
आयोडोफॉर्म परीक्षण किसके द्वारा नहीं दिया जाता है?
A
$2-$पेंटेनोन
B
एथेनॉल
C
एथेनल
D
$3-$पेंटेनोन

Solution

(D) आयोडोफॉर्म परीक्षण उन यौगिकों द्वारा दिया जाता है जिनमें $CH_{3}CO-$ समूह या $CH_{3}CH(OH)-$ समूह होता है।
$2-$पेंटेनोन $(CH_{3}COCH_{2}CH_{2}CH_{3})$ में $CH_{3}CO-$ समूह होता है।
एथेनल $(CH_{3}CHO)$ में $CH_{3}CO-$ समूह होता है।
एथेनॉल $(CH_{3}CH_{2}OH)$ में $CH_{3}CH(OH)-$ समूह होता है।
हालाँकि,$3-$पेंटेनोन $(CH_{3}CH_{2}COCH_{2}CH_{3})$ में इनमें से कोई भी समूह नहीं होता है,इसलिए यह आयोडोफॉर्म परीक्षण नहीं देता है।
1341
MediumMCQ
$C_9H_{10}O_2$ आण्विक सूत्र वाले एक एस्टर $(A)$ को $CH_3MgBr$ की अधिकता के साथ उपचारित किया गया और इस प्रकार बने कॉम्प्लेक्स को $H_2SO_4$ के साथ उपचारित करने पर एक ओलेफिन $(B)$ प्राप्त हुआ। $(B)$ के ओजोनोलिसिस से $C_8H_8O$ आण्विक सूत्र वाला एक कीटोन प्राप्त हुआ जो धनात्मक आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है। $(A)$ की संरचना क्या है?
A
$C_6H_5COOC_2H_5$
B
$C_6H_5COOC_6H_5$
C
$C_6H_5COOCH_3$
D
$p-CH_3O-C_6H_4-COCH_3$

Solution

(A) $1$. एस्टर $(A)$,$C_6H_5COOC_2H_5$ (एथिल बेंजोएट) है।
$2$. $CH_3MgBr$ की अधिकता के साथ अभिक्रिया और उसके बाद एसिड वर्कअप से एक तृतीयक अल्कोहल $C_6H_5C(OH)(CH_3)_2$ प्राप्त होता है।
$3$. $H_2SO_4$ के साथ इस अल्कोहल के निर्जलीकरण से ओलेफिन $(B)$ प्राप्त होता है,जो $C_6H_5-C(CH_3)=CH_2$ ($2$-फेनिलप्रोपीन) है।
$4$. $(B)$ $(C_6H_5-C(CH_3)=CH_2)$ के ओजोनोलिसिस से एसीटोफेनोन $(C_6H_5COCH_3)$ प्राप्त होता है,जिसका सूत्र $C_8H_8O$ है।
$5$. एसीटोफेनोन में एक मिथाइल कीटोन समूह $(-COCH_3)$ होता है,जो धनात्मक आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है।
$6$. अतः,एस्टर $(A)$,$C_6H_5COOC_2H_5$ है।
1342
EasyMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया के उत्पाद की पहचान करें: $CH_3-CH=CH-CH_2-C \equiv N \xrightarrow[H_3O^{+}]{\text{DIBAL-H}} \text{Product}$
A
पेंट$-3-$इनोइक अम्ल
B
पेंटेनल
C
पेंट$-3-$इनल
D
पेंटेनोइक अम्ल

Solution

(C) $DIBAL-H$ (डाईआइसोब्यूटिल एल्युमिनियम हाइड्राइड) एक चयनात्मक अपचायक है जो नाइट्राइल्स $(-CN)$ को इमाइन्स में अपचयित करता है,जो अम्लीय जल-अपघटन $(H_3O^{+})$ पर एल्डिहाइड देते हैं।
यह कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध $(C=C)$ को प्रभावित नहीं करता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है:
$CH_3-CH=CH-CH_2-C \equiv N \xrightarrow[H_3O^{+}]{\text{DIBAL-H}} CH_3-CH=CH-CH_2-CHO$
प्राप्त उत्पाद $Pent-3-enal$ है।
1343
MediumMCQ
निम्नलिखित रूपांतरण में प्रयुक्त अभिकर्मक की पहचान करें।
Question diagram
A
$CO, HCl / AlCl_3$
B
$CrO_2 Cl_2 \cdot H_3 O^{+}$
C
$AlH(i-Bu)_2, H_3 O^{+}$
D
$CrO_3, (CH_3 CO)_2 O$

Solution

(C) दी गई अभिक्रिया एक एस्टर (मिथाइल $4$-नाइट्रोबेंजोएट) का एल्डिहाइड ($4$-नाइट्रोबेंजाल्डिहाइड) में अपचयन है।
$DIBAL-H$ (डाईआइसोब्यूटिल एल्युमिनियम हाइड्राइड),जिसे $AlH(i-Bu)_2$ के रूप में दर्शाया जाता है,एक चयनात्मक अपचायक है जो कम तापमान पर एस्टर को एल्डिहाइड में अपचयित करता है,जिसके बाद अम्लीय वर्कअप $(H_3 O^{+})$ किया जाता है।
अतः,सही अभिकर्मक $AlH(i-Bu)_2, H_3 O^{+}$ है।
1344
DifficultMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में '$B$' को पहचानें:
$C_6H_5CN + C_6H_5MgBr$ $\xrightarrow{\text{ether}} A$ $\xrightarrow{H_3O^+} B + Mg(Br)(OH)$
A
बेंज़ोफेनोन
B
बेंज़ेल्डिहाइड
C
एनिलिन
D
डाइफेनिल

Solution

(A) शुष्क ईथर की उपस्थिति में बेंज़ोनाइट्राइल $(C_6H_5CN)$ की फेनिल मैग्नीशियम ब्रोमाइड $(C_6H_5MgBr)$ के साथ अभिक्रिया से एक मध्यवर्ती इमाइन संकुल $(A)$ बनता है।
इस इमाइन संकुल का $H_3O^+$ द्वारा जल-अपघटन करने पर अंतिम उत्पाद '$B$' के रूप में बेंज़ोफेनोन $(C_6H_5COC_6H_5)$ प्राप्त होता है।
अभिक्रिया: $C_6H_5CN + C_6H_5MgBr$ $\rightarrow C_6H_5C(NMgBr)C_6H_5$ $\xrightarrow{H_3O^+} C_6H_5COC_6H_5 + NH_3 + Mg(Br)(OH)$.
1345
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया के उत्पाद की पहचान करें: $Formaldehyde + Benzaldehyde \xrightarrow[H_3O^{+}]{conc. NaOH} \text{product}$
A
फेनिल मेथेनॉल और मेथेनॉल
B
मेथेनॉल और बेंजोइक एसिड
C
मेथेनोइक एसिड और फेनिल मेथेनॉल
D
मेथेनोइक एसिड और बेंजोइक एसिड

Solution

(C) $Formaldehyde$ $(HCHO)$ और $Benzaldehyde$ $(C_6H_5CHO)$ के बीच की अभिक्रिया सांद्र $NaOH$ की उपस्थिति में $Cross-Cannizzaro$ अभिक्रिया है।
$Formaldehyde$ में कोई $\alpha$-हाइड्रोजन नहीं होता है,इसलिए यह $OH^-$ द्वारा न्यूक्लियोफिलिक हमले के प्रति अधिक संवेदनशील होता है।
$Formaldehyde$ का ऑक्सीकरण होकर $Methanoic$ $acid$ (क्षारीय माध्यम में $Sodium$ $formate$ के रूप में) बनता है और $Benzaldehyde$ का अपचयन होकर $Phenyl$ $methanol$ ($Benzyl$ $alcohol$) बनता है।
$H_3O^+$ के साथ अम्लीकरण करने पर,$Sodium$ $formate$ का रूपांतरण $Methanoic$ $acid$ $(HCOOH)$ में हो जाता है।
अतः,उत्पाद $Methanoic$ $acid$ और $Phenyl$ $methanol$ हैं।
1346
EasyMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में प्रयुक्त अभिकर्मक $R$ की पहचान करें:
$\text{Ketone} \xrightarrow{R} \text{Semicarbazone}$
A
$NH_2OH$
B
$NH_2NHCONH_2$
C
$NH_2NHC_6H_5$
D
$NH_2-NH_2$

Solution

(B) एक कीटोन की दुर्बल अम्लीय माध्यम में सेमीकार्बेजाइड $(NH_2NHCONH_2)$ के साथ अभिक्रिया करने पर सेमीकार्बेजोन का निर्माण होता है।
सामान्य अभिक्रिया इस प्रकार है: $R_2C=O + NH_2NHCONH_2 \rightarrow R_2C=NNHCONH_2 + H_2O$.
अतः,अभिकर्मक $R$ सेमीकार्बेजाइड है,जो $NH_2NHCONH_2$ है।
1347
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किस यौगिक का क्वथनांक (boiling point) सबसे अधिक है?
A
एसिटाल्डिहाइड
B
प्रोपियोनाल्डिहाइड
C
ब्यूटिराल्डिहाइड
D
वैलेराल्डिहाइड

Solution

(D) वान डेर वाल्स आकर्षण बलों के परिमाण में वृद्धि के कारण आणविक द्रव्यमान बढ़ने के साथ एल्डिहाइड का क्वथनांक बढ़ता है।
$Acetaldehyde$ $(CH_3CHO)$ में $2$ कार्बन,$Propionaldehyde$ $(CH_3CH_2CHO)$ में $3$ कार्बन,$Butyraldehyde$ $(CH_3CH_2CH_2CHO)$ में $4$ कार्बन और $Valeraldehyde$ $(CH_3CH_2CH_2CH_2CHO)$ में $5$ कार्बन होते हैं।
चूंकि दिए गए विकल्पों में $Valeraldehyde$ का आणविक द्रव्यमान सबसे अधिक है,इसलिए यह सबसे मजबूत वान डेर वाल्स बल प्रदर्शित करता है और इसका क्वथनांक सबसे अधिक होता है।
1348
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में उत्पाद '$B$' की पहचान कीजिए:
एथेनल $\xrightarrow{\text{dil. } NaOH} A$ $\xrightarrow[-\text{H}_2\text{O}]{\Delta} B$
A
$3-$हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल
B
$4-$हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल
C
ब्यूट$-2-$ईनल
D
ब्यूट$-3-$ईनल

Solution

(C) दी गई अभिक्रिया एल्डोल संघनन और उसके बाद निर्जलीकरण है।
चरण $1$: एथेनल $(CH_3CHO)$ के दो अणु तनु $NaOH$ की उपस्थिति में अभिक्रिया करके $3-$हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल $(A)$ बनाते हैं।
$2CH_3CHO \xrightarrow{\text{dil. } NaOH} CH_3CH(OH)CH_2CHO$ $(A)$.
चरण $2$: गर्म करने पर,$3-$हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल निर्जलीकरण (जल के अणु का निकलना) के माध्यम से एक $\alpha, \beta-$असंतृप्त एल्डिहाइड बनाता है,जो ब्यूट$-2-$ईनल $(B)$ है।
$CH_3CH(OH)CH_2CHO \xrightarrow[-\text{H}_2\text{O}]{\Delta} CH_3CH=CHCHO$ $(B)$.
अतः,उत्पाद '$B$' ब्यूट$-2-$ईनल है।
1349
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किस यौगिक का क्वथनांक (boiling point) सबसे अधिक है?
A
प्रोपेनल
B
एथेनल
C
पेंटेनल
D
हेक्सेनल

Solution

(D) एल्डिहाइड और कीटोन का क्वथनांक आणविक द्रव्यमान और अंतर-आणविक बलों की शक्ति पर निर्भर करता है।
जैसे-जैसे कार्बन श्रृंखला की लंबाई बढ़ती है,आणविक द्रव्यमान बढ़ता है,जिससे वैन डेर वाल्स आकर्षण बलों की तीव्रता में वृद्धि होती है।
दिए गए विकल्पों में,$Hexanal$ $(C_6H_{12}O)$ की कार्बन श्रृंखला सबसे लंबी है और इसका आणविक द्रव्यमान $Propanal$ $(C_3H_6O)$,$Ethanal$ $(C_2H_4O)$,और $Pentanal$ $(C_5H_{10}O)$ की तुलना में सबसे अधिक है।
इसलिए,$Hexanal$ का क्वथनांक सबसे अधिक है।

8-1.Aldehydes and Ketones — Properties · Frequently Asked Questions

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