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Population Interactions Questions in Hindi

Class 12 Biology · Organisms and Populations · Population Interactions

365+

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Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 365 questions in Hindi

101
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसे परजीवी के रूप में सही ढंग से वर्गीकृत किया गया है?
A
मादा एनोफिलीज मच्छर काटती है और मनुष्य से रक्त चूसती है।
B
मानव भ्रूण जो गर्भाशय में विकसित होता है और माता से पोषण प्राप्त करता है।
C
सिर की जूँ मानव खोपड़ी पर रहती है और मानव बालों में अंडे देती है।
D
कोयल कौवे के घोंसले में अंडे देती है।

Solution

(C) परजीविता एक जैविक अंतःक्रिया है जिसमें एक जीव (परजीवी) दूसरे जीव (मेजबान) पर या उसके अंदर रहता है और मेजबान की कीमत पर पोषक तत्व प्राप्त करता है।
$A$. मादा एनोफिलीज मच्छर एक वाहक है,परजीवी नहीं,क्योंकि यह मेजबान पर स्थायी रूप से नहीं रहती है।
$B$. मानव भ्रूण परजीवी नहीं है; यह एक विकसित होती संतान है जो प्लेसेंटा के माध्यम से पोषण प्राप्त करती है।
$C$. सिर की जूँ ($Pediculus$ $humanus$ $capitis$) एक बाह्य परजीवी है जो मानव खोपड़ी पर रहती है और रक्त पर भोजन करती है,जिससे मेजबान को नुकसान होता है।
$D$. कोयल का कौवे के घोंसले में अंडे देना 'ब्रूड पैरासिटिज्म' का उदाहरण है,लेकिन यहाँ सिर की जूँ बाह्य परजीवी का सबसे सटीक उदाहरण है।
102
MediumMCQ
हर्मिट केकड़े के कवच पर रहने वाले समुद्री एनीमोन (sea anemone) के सहसंबंध को क्या कहा जाता है?
A
अमेंसेलिज्म
B
बाह्यपरजीविता
C
सहभोजिता
D
सहजीवन

Solution

(D) समुद्री एनीमोन (sea anemone) और हर्मिट केकड़े के बीच का संबंध $Mutualism$ (सहजीवन) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस संबंध में, समुद्री एनीमोन को हर्मिट केकड़े द्वारा भोजन के कणों और गतिशीलता का लाभ मिलता है, जबकि हर्मिट केकड़े को समुद्री एनीमोन के डंक मारने वाले टेंटेकल्स (स्पर्शक) के कारण शिकारियों से सुरक्षा मिलती है।
चूंकि इस परस्पर क्रिया से दोनों जीवों को लाभ होता है, इसलिए इसे $Mutualism$ (सहजीवन) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
103
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किन अंतःक्रियाओं में दोनों जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है?
A
सहपरोपकारिता (Mutualism)
B
स्पर्धा (Competition)
C
परभक्षण (Predation)
D
परजीविता (Parasitism)

Solution

(B) जैविक अंतःक्रियाओं में,जीवों के बीच विभिन्न प्रकार के संबंध मौजूद होते हैं।
$1$. सहपरोपकारिता $(+, +)$: दोनों प्रजातियों को लाभ होता है।
$2$. स्पर्धा $(-, -)$: दोनों प्रजातियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है क्योंकि वे समान सीमित संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं।
$3$. परभक्षण $(+, -)$: परभक्षी को लाभ होता है,जबकि शिकार को नुकसान होता है।
$4$. परजीविता $(+, -)$: परजीवी को लाभ होता है,जबकि परपोषी (host) को नुकसान होता है।
अतः,स्पर्धा में दोनों जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
104
MediumMCQ
यदि '$+$' चिह्न का उपयोग लाभकारी पारस्परिक क्रिया के लिए,'$-$' चिह्न का हानिकारक पारस्परिक क्रिया के लिए और '$0$' चिह्न का तटस्थ पारस्परिक क्रिया के लिए किया जाता है,तो '$+$' और '$-$' द्वारा कौन सी जनसंख्या पारस्परिक क्रिया प्रदर्शित होती है?
A
सहभोजिता
B
परजीविता
C
सहुपकारिता
D
असहभोजिता

Solution

(B) जनसंख्या पारस्परिक क्रियाओं में,'$+$' और '$-$' पारस्परिक क्रिया यह दर्शाती है कि एक प्रजाति को लाभ होता है जबकि दूसरी प्रजाति को हानि होती है।
इस विशिष्ट पारस्परिक क्रिया को परजीविता (Parasitism) या परभक्षण (Predation) के रूप में जाना जाता है।
दिए गए विकल्पों में से,परजीविता $(+,-)$ इस विवरण के साथ मेल खाती है।
सहभोजिता $(+,0)$ है,सहुपकारिता $(+,+)$ है,और असहभोजिता $(-,0)$ है।
105
EasyMCQ
स्पर्धात्मक अपवर्जन सिद्धांत (Competitive Exclusion Principle) किसने प्रस्तावित किया था?
A
मैक आर्थर
B
वेरहुल्स्ट और पर्ल
C
सी. डार्विन
D
जी. एफ. गॉज़

Solution

(D) स्पर्धात्मक अपवर्जन सिद्धांत,जिसे 'गॉज़ का नियम' (Gause's Law) के रूप में भी जाना जाता है,रूसी पारिस्थितिकीविद् जी. एफ. गॉज़ द्वारा प्रस्तावित किया गया था।
यह सिद्धांत बताता है कि दो प्रजातियां जो एक ही सीमित संसाधन के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं,वे स्थिर जनसंख्या मूल्यों पर एक साथ नहीं रह सकती हैं।
जब दो प्रजातियां बिल्कुल समान संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं,तो एक प्रजाति अंततः दूसरी प्रजाति को पछाड़ देती है,जिससे कम प्रतिस्पर्धी प्रजाति का विलुप्त होना या विकासवादी बदलाव होना निश्चित हो जाता है।
106
MediumMCQ
गॉस का प्रतिस्पर्धात्मक अपवर्जन सिद्धांत क्या बताता है?
A
समान संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा,अलग भोजन प्राथमिकता वाली प्रजातियों को समाप्त कर देती है।
B
समान सीमित संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली दो प्रजातियां,स्थिर जनसंख्या मूल्यों पर सह-अस्तित्व में नहीं रह सकती हैं।
C
प्रतिस्पर्धा के माध्यम से बड़े जीव,छोटे जीवों को बाहर कर देते हैं।
D
अधिक प्रचुरता वाली प्रजातियां,प्रतिस्पर्धा के माध्यम से कम प्रचुरता वाली प्रजातियों को बाहर कर देती हैं।

Solution

(B) गॉस का प्रतिस्पर्धात्मक अपवर्जन सिद्धांत बताता है कि यदि अन्य पारिस्थितिक कारक स्थिर हैं,तो समान सीमित संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली दो प्रजातियां अनिश्चित काल तक सह-अस्तित्व में नहीं रह सकती हैं।
यदि दो प्रजातियां एक ही निकेत (niche) पर कब्जा करती हैं और समान संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं,तो अधिक कुशल प्रजाति अंततः दूसरी प्रजाति को उस आवास से समाप्त कर देगी।
इसलिए,सही कथन यह है कि समान सीमित संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली दो प्रजातियां स्थिर जनसंख्या मूल्यों पर सह-अस्तित्व में नहीं रह सकती हैं।
107
EasyMCQ
माइकोराइजा (कवक मूल) निम्नलिखित में से किसका उदाहरण है?
A
फंगिस्टेसिस
B
असहभोजिता (Amensalism)
C
प्रतिजैविक (Antibiosis)
D
सहपरोपकारिता (Mutualism)

Solution

(D) माइकोराइजा एक कवक और उच्च पादपों की जड़ों के बीच का सहजीवी संबंध है।
इस संबंध में,कवक पौधे को मिट्टी से फास्फोरस जैसे आवश्यक पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है,जबकि पौधा कवक को कार्बोहाइड्रेट (भोजन) प्रदान करता है।
चूंकि इस परस्पर क्रिया में दोनों जीवों को लाभ होता है,इसलिए इसे $Mutualism$ (सहपरोपकारिता) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
108
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस जनसंख्या पारस्परिक क्रिया का उपयोग चिकित्सा विज्ञान में एंटीबायोटिक्स के उत्पादन के लिए व्यापक रूप से किया जाता है?
A
परजीविता
B
सहभोजिता
C
असहभोजिता (एमेंसलिज्म)
D
सहजीवन

Solution

(C) असहभोजिता (Amensalism) जनसंख्या पारस्परिक क्रिया का एक प्रकार है जिसमें एक प्रजाति को नुकसान होता है जबकि दूसरी अप्रभावित रहती है।
एंटीबायोटिक्स कुछ सूक्ष्मजीवों (जैसे कवक या बैक्टीरिया) द्वारा उत्पादित रासायनिक पदार्थ हैं जो अन्य सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकते हैं या उन्हें मार देते हैं।
उदाहरण के लिए,$Penicillium$ नामक कवक पेनिसिलिन का उत्पादन करता है,जो बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है।
इस पारस्परिक क्रिया में,बैक्टीरिया को नुकसान होता है,जबकि $Penicillium$ कवक बैक्टीरिया की उपस्थिति से विशेष रूप से प्रभावित नहीं होता है,जो इसे असहभोजिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनाता है।
109
MediumMCQ
दीमक की आंत में कशाभिक (flagellated) प्रोटोजोआ की उपस्थिति किसका उदाहरण है?
A
सहजीविता (Symbiosis)
B
परजीविता (Parasitism)
C
एंटीबायोसिस (Antibiosis)
D
सहभोजिता (Commensalism)

Solution

(A) दीमक की आंत में कशाभिक प्रोटोजोआ की उपस्थिति सहजीविता (म्यूचुअलिज्म) का एक उदाहरण है।
इस प्रकार के संबंध में,दोनों भागीदारों को एक-दूसरे से पारस्परिक लाभ होता है।
दीमक अपने भोजन में मौजूद सेलुलोज के पाचन के लिए प्रोटोजोआ पर निर्भर होते हैं,जबकि प्रोटोजोआ को दीमक के शरीर में आवास और पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।
110
DifficultMCQ
कथन : जंतु प्रतिकूल वातावरण में जीवित रहने के लिए विभिन्न रणनीतियाँ अपनाते हैं।
कारण : प्रेइंग मैंटिस हरे रंग का होता है जो पौधों की पत्तियों के साथ मिल जाता है।
A
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
B
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
C
यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
D
यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

Solution

(A) जंतु अक्सर प्रतिकूल वातावरण में जीवित रहने के लिए विभिन्न रणनीतियाँ अपनाते हैं,जैसे कि छद्मावरण (camouflage),मिमिक्री,या चेतावनी देने वाले रंग।
छद्मावरण एक ऐसी रणनीति है जिसमें जीव अपने परिवेश के साथ मिल जाता है ताकि वह शिकारियों या शिकार की नजर में न आए।
प्रेइंग मैंटिस हरे रंग का होता है,जो इसे पौधों की पत्तियों के साथ घुलने-मिलने (छद्मावरण) में मदद करता है,जिससे यह शिकारियों से सुरक्षित रहता है और शिकार करने में भी मदद मिलती है।
चूंकि प्रेइंग मैंटिस का हरा रंग प्रतिकूल वातावरण में जीवित रहने के लिए अपनाई गई रणनीति का एक विशिष्ट उदाहरण है,इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
111
MediumMCQ
नीचे दिया गया ग्राफ घास के मैदान में शाकाहारी जीवों की दो आबादी में हुए परिवर्तनों को दर्शाता है। इन परिवर्तनों का एक संभावित कारण यह है कि
Question diagram
A
इस आवास में सभी पौधों की आबादी कम हो गई।
B
आबादी $B$ ने आबादी $A$ की तुलना में भोजन के लिए अधिक सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा की।
C
आबादी $A$ ने आबादी $B$ की तुलना में अधिक संतानों का उत्पादन किया।
D
आबादी $A$ ने आबादी $B$ के सदस्यों का उपभोग किया।

Solution

(B) यह ग्राफ प्रतिस्पर्धी अपवर्जन (competitive exclusion) का एक उत्कृष्ट उदाहरण दर्शाता है। जैसे-जैसे समय बीतता है,आबादी $B$ बढ़ती है और आबादी $A$ घटती है। यह इंगित करता है कि दोनों आबादी एक ही सीमित संसाधन (जैसे,घास) के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। चूंकि आबादी $B$ इस संसाधन का उपयोग करने में अधिक अनुकूलित या कुशल है,इसलिए यह आबादी $A$ से बेहतर प्रतिस्पर्धा करती है,जिसके परिणामस्वरूप आबादी $A$ के सदस्यों की संख्या में गिरावट आती है।
112
MediumMCQ
एक बिच्छू एक मकड़ी का पीछा करता है,उसे मारता है और फिर खा जाता है। उसके व्यवहार के आधार पर,कौन से पारिस्थितिक शब्द बिच्छू का वर्णन करते हैं?
A
उत्पादक,शाकाहारी,अपघटक
B
उत्पादक,मांसाहारी,परपोषी
C
परभक्षी,मांसाहारी,उपभोक्ता
D
परभक्षी,स्वपोषी,शाकाहारी

Solution

(C) बिच्छू एक $predator$ (परभक्षी) है क्योंकि यह अपने शिकार का पीछा करता है,उसे मारता है और खाता है।
चूंकि यह एक मकड़ी (दूसरे जानवर) को खाता है,इसलिए इसे $carnivore$ (मांसाहारी) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
क्योंकि यह कार्बनिक भोजन का सेवन करता है और स्वयं उत्पादन नहीं करता है,इसलिए यह एक $consumer$ (उपभोक्ता) है।
इसके विपरीत,$producer$ (उत्पादक) एक $autotroph$ (स्वपोषी) है जो अकार्बनिक पदार्थों से अपना भोजन बनाता है,$decomposer$ (अपघटक) मृत कार्बनिक पदार्थों को तोड़ता है,और $herbivore$ (शाकाहारी) केवल पौधों पर निर्भर रहता है।
113
MediumMCQ
मांसाहारी जानवर - शेर और तेंदुए, एक ही निकेत (niche) पर कब्जा करते हैं, लेकिन शेर मुख्य रूप से बड़े जानवरों का शिकार करते हैं और तेंदुए छोटे जानवरों का। प्रतिस्पर्धा के इस तंत्र को क्या कहा जाता है?
A
लक्षण विस्थापन (Character displacement)
B
परोपकार (Altruism)
C
संसाधन विभाजन (Resource partitioning)
D
प्रतिस्पर्धी अपवर्जन (Competitive exclusion)

Solution

(C) वर्णित घटना को $Resource \text{ } partitioning$ (संसाधन विभाजन) के रूप में जाना जाता है।
जब दो प्रजातियां एक ही संसाधन के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं, तो वे सीधी प्रतिस्पर्धा से बचने और सह-अस्तित्व के लिए तंत्र विकसित कर सकती हैं।
शिकार के विभिन्न आकारों का भोजन के रूप में उपयोग करके, शेर और तेंदुए भोजन के लिए प्रतिस्पर्धा को कम करते हैं, जिससे वे एक ही आवास में रह सकते हैं।
प्रतिस्पर्धा को कम करने के लिए संसाधनों को विभाजित करने की यह रणनीति $Resource \text{ } partitioning$ का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
114
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किनके बीच का संबंध सहभोजिता (commensalism) का उदाहरण नहीं है?
A
ऑर्किड और वह पेड़ जिस पर वह उगता है
B
बगुला और चरते हुए मवेशी
C
सी एनीमोन और क्लाउन मछली
D
मादा ततैया और अंजीर की प्रजाति

Solution

(D) सहभोजिता एक ऐसी पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक प्रजाति को लाभ होता है और दूसरी को न तो कोई हानि होती है और न ही कोई लाभ।
$A$. ऑर्किड और पेड़: यह सहभोजिता का उदाहरण है जहाँ ऑर्किड (अधिपादप) को सहारा मिलता है,जबकि पेड़ अप्रभावित रहता है।
$B$. बगुला और चरते हुए मवेशी: यह सहभोजिता का उदाहरण है जहाँ बगुले को मवेशियों द्वारा उड़ाए गए कीड़े भोजन के रूप में मिलते हैं,जबकि मवेशी अप्रभावित रहते हैं।
$C$. सी एनीमोन और क्लाउन मछली: यह सहभोजिता का उदाहरण है जहाँ क्लाउन मछली सी एनीमोन के डंक मारने वाले स्पर्शकों के बीच रहकर शिकारियों से सुरक्षा प्राप्त करती है,जबकि एनीमोन अप्रभावित रहता है।
$D$. मादा ततैया और अंजीर की प्रजाति: यह सहोपकारिता (mutualism) का उदाहरण है,सहभोजिता का नहीं। ततैया अंजीर का परागण करती है,और अंजीर ततैया को अंडे देने के लिए जगह और विकसित हो रहे लार्वा के लिए भोजन प्रदान करता है।
115
Medium
पादपों में शाकाहारिता (herbivory) के विरुद्ध महत्वपूर्ण रक्षा तंत्रों के नाम बताइए।

Solution

(N/A) पादपों ने शाकाहारिता से स्वयं को बचाने के लिए विभिन्न आकारिकीय और रासायनिक तंत्र विकसित किए हैं।
आकारिकीय रक्षा तंत्र:
$1$. $Opuntia$ (नागफनी) की पत्तियाँ तीखे कांटों में रूपांतरित हो जाती हैं जो शाकाहारियों को दूर रखती हैं।
$2$. $Acacia$ (बबूल) के पौधों में तीखे कांटे होते हैं जो शाकाहारियों को खाने से रोकते हैं।
$3$. कुछ पौधों में पत्तियों के किनारे कांटेदार या धारदार होते हैं जो शाकाहारिता को रोकते हैं।
रासायनिक रक्षा तंत्र:
$1$. $Calotropis$ (आक) के सभी भागों में जहरीले कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स होते हैं,जो शाकाहारियों द्वारा खाए जाने पर घातक साबित हो सकते हैं।
$2$. पौधे अपनी आत्मरक्षा के लिए निकोटीन,कैफीन,कुनैन और अफीम जैसे रासायनिक पदार्थ उत्पन्न करते हैं।
116
EasyMCQ
एक आर्किड का पौधा आम के पेड़ की शाखा पर उग रहा है। आप आर्किड और आम के पेड़ के बीच की इस पारस्परिक क्रिया का वर्णन कैसे करेंगे?
A
सहजीविता (Mutualism)
B
सहभोजिता (Commensalism)
C
परजीविता (Parasitism)
D
स्पर्धा (Competition)

Solution

(B) आम के पेड़ की शाखा पर उगने वाला आर्किड एक अधिपादप (epiphyte) है।
अधिपादप वे पौधे हैं जो अन्य पौधों पर उगते हैं लेकिन उनसे पोषण प्राप्त नहीं करते हैं।
इसलिए,आम के पेड़ और आर्किड के बीच का संबंध सहभोजिता का एक उदाहरण है,जहाँ एक प्रजाति को लाभ होता है जबकि दूसरी अप्रभावित रहती है।
इस पारस्परिक क्रिया में,आर्किड को सहारा मिलने से लाभ होता है,जबकि आम का पेड़ अप्रभावित रहता है।
117
Easy
निम्नलिखित शब्दों को परिभाषित कीजिए और प्रत्येक के लिए एक उदाहरण दीजिए:
$(a)$ सहभोजिता (Commensalism)
$(b)$ परजीविता (Parasitism)
$(c)$ छद्मावरण (Camouflage)
$(d)$ सहोपकारिता (Mutualism)
$(e)$ अंतरजातीय प्रतिस्पर्धा (Interspecific competition)

Solution

(N/A) सहभोजिता: सहभोजिता दो प्रजातियों के बीच की एक ऐसी पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक प्रजाति को लाभ होता है जबकि दूसरी प्रजाति अप्रभावित रहती है। आम के पेड़ की शाखाओं पर उगने वाला आर्किड और व्हेल के शरीर से जुड़े बार्नेकल इसके उदाहरण हैं।
$(b)$ परजीविता: यह दो प्रजातियों के बीच की एक ऐसी पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक प्रजाति (आमतौर पर छोटी) सकारात्मक रूप से प्रभावित होती है,जबकि दूसरी प्रजाति (आमतौर पर बड़ी) नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है। इसका एक उदाहरण लिवर फ्लूक है। लिवर फ्लूक एक परजीवी है जो मेजबान शरीर के यकृत के अंदर रहता है और उससे पोषण प्राप्त करता है। अतः,परजीवी को पोषण मिलने से लाभ होता है,जबकि मेजबान नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है क्योंकि परजीवी मेजबान की फिटनेस को कम कर देता है।
$(c)$ छद्मावरण: यह शिकार बनने वाली प्रजातियों द्वारा अपने शिकारियों से बचने के लिए अपनाई गई एक रणनीति है। जीवों के रंग ऐसे होते हैं कि वे आसानी से अपने परिवेश में घुल-मिल जाते हैं और अपने शिकारियों से बच जाते हैं। मेंढकों और कीड़ों की कई प्रजातियां अपने शिकारियों से बचने के लिए अपने परिवेश में छद्मावरण करती हैं।
$(d)$ सहोपकारिता: यह दो प्रजातियों के बीच की एक ऐसी पारस्परिक क्रिया है जिसमें शामिल दोनों प्रजातियों को लाभ होता है। उदाहरण के लिए,लाइकेन कवक और नील-हरित शैवाल के बीच एक पारस्परिक सहजीवी संबंध दिखाते हैं,जहाँ दोनों एक-दूसरे से समान रूप से लाभान्वित होते हैं।
$(e)$ अंतरजातीय प्रतिस्पर्धा: यह विभिन्न प्रजातियों के व्यक्तियों के बीच की एक ऐसी पारस्परिक क्रिया है जिसमें दोनों प्रजातियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उदाहरण के लिए,दक्षिण अमेरिकी झीलों में फ्लेमिंगो और स्थानीय मछलियों के बीच सामान्य खाद्य संसाधनों,यानी ज़ूप्लैंकटन के लिए होने वाली प्रतिस्पर्धा।
118
EasyMCQ
उस कथन का चयन करें जो परजीविता (parasitism) को सबसे अच्छी तरह समझाता है।
A
एक जीव को लाभ होता है।
B
दोनों जीवों को लाभ होता है।
C
एक जीव को लाभ होता है,दूसरे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
D
एक जीव को लाभ होता है,दूसरे को हानि होती है।

Solution

(D) सही उत्तर $D$ है। परजीविता दो प्रजातियों के बीच की एक अंतःक्रिया है जिसमें एक प्रजाति (परजीवी) लाभ प्राप्त करती है जबकि दूसरी प्रजाति (परपोषी/होस्ट) को हानि होती है।
इस अंतःक्रिया में,परजीवी परपोषी से पोषण और आश्रय प्राप्त करता है,जो सीधे तौर पर परपोषी की फिटनेस को कम करता है और उसे नुकसान पहुँचाता है।
उदाहरण के लिए,मानव शरीर पर मौजूद किलनी (ticks) और जूँ (lice) ऐसे परजीवी हैं जो मानव रक्त से पोषण प्राप्त करके लाभान्वित होते हैं,जबकि इस अंतःक्रिया से मानव परपोषी को हानि होती है।
119
Easy
जनसंख्या अंतःक्रियाओं के बारे में सामान्य जानकारी दें और विभिन्न अंतःक्रियाओं के कारण दो अलग-अलग प्रजातियों के बीच देखे जाने वाले परिणामों का वर्णन करें।

Solution

(N/A) प्रकृति में ऐसा कोई आवास नहीं है जो पूरी तरह से अलग-थलग हो; इसलिए ऐसी स्थिति अकल्पनीय है। किसी भी प्रजाति के लिए, न्यूनतम आवश्यकता कम से कम एक अन्य प्रजाति की होती है जिसे वह भोजन के रूप में उपयोग कर सके। पौधे भी, जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, अकेले जीवित नहीं रह सकते; उन्हें मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों को तोड़ने और अकार्बनिक पोषक तत्वों को वापस अवशोषण के लिए उपलब्ध कराने हेतु मृदा सूक्ष्मजीवों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, जंतुओं के बिना पौधे परागण की व्यवस्था कैसे करेंगे?
यह स्पष्ट है कि प्रकृति में जंतु, पौधे और सूक्ष्मजीव अलग-थलग नहीं रह सकते, बल्कि एक जैविक समुदाय बनाने के लिए विभिन्न तरीकों से अंतःक्रिया करते हैं। न्यूनतम समुदायों में भी, कई परस्पर संबंध होते हैं, हालांकि सभी संबंध आसानी से दिखाई नहीं देते हैं।
अंतरजातीय अंतःक्रियाएं दो अलग-अलग प्रजातियों की आबादी की अंतःक्रिया से उत्पन्न होती हैं। ये क्रियाएं एक या दोनों प्रजातियों के लिए लाभकारी, हानिकारक या तटस्थ (न लाभकारी न हानिकारक) हो सकती हैं। लाभकारी अंतःक्रियाओं को '$+$' चिह्न, हानिकारक को '$-$' चिह्न और तटस्थ को '$0$' चिह्न द्वारा दर्शाया गया है। आइए अंतरजातीय अंतःक्रियाओं के सभी संभावित परिणामों पर एक नज़र डालें (तालिका)।
प्रजाति $A$ प्रजाति $B$ अंतःक्रिया का नाम
$+$$+$सहपरोपकारिता (Mutualism)
$-$$-$स्पर्धा (Competition)
$+$$-$परभक्षण (Predation)
$+$$-$परजीविता (Parasitism)
$+$$0$सहभोजिता (Commensalism)
$-$$0$अमंसलिज्म (Amensalism)

इन अंतःक्रियाओं में, सहपरोपकारिता में दोनों प्रजातियों को लाभ होता है और स्पर्धा में दोनों को नुकसान होता है। परजीविता और परभक्षण दोनों में केवल एक प्रजाति को लाभ होता है (क्रमशः परजीवी और परभक्षी को), जबकि यह अंतःक्रिया दूसरी प्रजाति (क्रमशः परपोषी और शिकार) के लिए हानिकारक होती है। ऐसी अंतःक्रिया जहाँ एक प्रजाति को लाभ होता है और दूसरी को न तो लाभ होता है और न ही हानि, उसे सहभोजिता कहते हैं। दूसरी ओर, अमंसलिज्म में एक प्रजाति को हानि होती है जबकि दूसरी प्रजाति अप्रभावित रहती है।
120
Easy
परभक्षण (predation) को उपयुक्त उदाहरण सहित समझाइए।

Solution

(N/A) परभक्षण को प्रकृति में पौधों द्वारा स्थिर की गई ऊर्जा को उच्च पोषण स्तरों तक स्थानांतरित करने के एक माध्यम के रूप में देखा जा सकता है। जब हम परभक्षी और शिकार के बारे में सोचते हैं,तो बाघ और हिरण का उदाहरण सामान्य है,लेकिन बीज खाने वाली गौरैया भी एक परभक्षी ही है।
यद्यपि पौधों को खाने वाले जानवरों को शाकाहारी के रूप में अलग से वर्गीकृत किया जाता है,लेकिन व्यापक पारिस्थितिक संदर्भ में वे परभक्षियों से अलग नहीं हैं।
परभक्षी पोषण स्तरों के बीच ऊर्जा के प्रवाह के अलावा शिकार की आबादी को नियंत्रित रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। परभक्षियों की अनुपस्थिति में शिकार प्रजातियों की आबादी बहुत अधिक बढ़ जाती है,जिससे पारिस्थितिकी तंत्र में अस्थिरता आ जाती है। जब किसी भौगोलिक क्षेत्र में विदेशी प्रजातियां (exotic species) लाई जाती हैं,तो वे आक्रामक हो जाती हैं क्योंकि वहां उनके प्राकृतिक परभक्षी नहीं होते। $1920$ के दशक में ऑस्ट्रेलिया में लाया गया नागफनी (prickly pear cactus) लाखों हेक्टेयर भूमि में फैल गया था। अंततः,इसके प्राकृतिक परभक्षी (एक प्रकार का कीट) को लाने के बाद ही इसे नियंत्रित किया जा सका। कृषि में जैविक नियंत्रण विधियां परभक्षी की इसी क्षमता पर आधारित हैं।
परभक्षी प्रतिस्पर्धा करने वाली शिकार प्रजातियों के बीच प्रतिस्पर्धा को कम करके समुदाय में प्रजाति विविधता बनाए रखने में मदद करते हैं। अमेरिका के प्रशांत महासागर के तट पर स्टारफिश $(Pisaster)$ एक महत्वपूर्ण परभक्षी है। एक प्रयोग में,जब उस क्षेत्र से सभी स्टारफिश हटा दी गईं,तो अंतरजातीय प्रतिस्पर्धा के कारण एक वर्ष के भीतर ही $10$ से अधिक अकशेरुकी प्रजातियां विलुप्त हो गईं।
यदि कोई परभक्षी बहुत अधिक कुशल है और अपने शिकार का अत्यधिक दोहन करता है,तो शिकार विलुप्त हो सकता है और परिणामस्वरूप भोजन की कमी के कारण परभक्षी भी विलुप्त हो सकता है। यही कारण है कि प्रकृति में परभक्षी 'समझदार' (prudent) होते हैं।
शिकार प्रजातियों ने परभक्षण के प्रभाव को कम करने के लिए विभिन्न रक्षात्मक अनुकूलन विकसित किए हैं। कीटों और मेंढकों की कुछ प्रजातियां छद्मावरण (camouflaged) होती हैं ताकि वे परभक्षी से बच सकें। कुछ प्रजातियां जहरीली होती हैं,जिससे परभक्षी उन्हें खाने से बचते हैं।
121
Easy
स्पर्धा (Competition) का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) जब $Darwin$ ने प्रकृति में अस्तित्व के संघर्ष और योग्यतम की उत्तरजीविता के बारे में बात की,तो उन्हें विश्वास था कि अंतरजातीय प्रतिस्पर्धा (interspecific competition) जैविक विकास में एक शक्तिशाली बल है। आमतौर पर यह माना जाता है कि प्रतिस्पर्धा तब होती है जब निकट संबंधी प्रजातियां समान सीमित संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं,लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। सबसे पहले,पूरी तरह से असंबंधित प्रजातियां भी एक ही संसाधन के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं।
उदाहरण के लिए,दक्षिण अमेरिका की कुछ उथली झीलों में,आने वाले फ्लेमिंगो और वहां रहने वाली मछलियां अपने सामान्य भोजन,झील में मौजूद ज़ूप्लैंकटन के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं। दूसरा,प्रतिस्पर्धा होने के लिए संसाधनों का सीमित होना आवश्यक नहीं है; हस्तक्षेप प्रतिस्पर्धा (interference competition) में,एक प्रजाति की भोजन लेने की दक्षता दूसरी प्रजाति की उपस्थिति के कारण कम हो सकती है,भले ही संसाधन (भोजन और स्थान) प्रचुर मात्रा में हों।
इसलिए,प्रतिस्पर्धा को सबसे अच्छी तरह से एक ऐसी प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया गया है जिसमें एक प्रजाति की फिटनेस (जिसे उसके '$r$' यानी वृद्धि की आंतरिक दर के संदर्भ में मापा जाता है) दूसरी प्रजाति की उपस्थिति में काफी कम हो जाती है।
प्रयोगशाला के प्रयोगों में इसे प्रदर्शित करना अपेक्षाकृत आसान है,जैसा कि $Gause$ और अन्य प्रयोगात्मक पारिस्थितिकीविदों ने किया था,कि जब संसाधन सीमित होते हैं,तो प्रतिस्पर्धात्मक रूप से बेहतर प्रजाति अंततः दूसरी प्रजाति को समाप्त कर देगी,लेकिन प्रकृति में ऐसी प्रतिस्पर्धात्मक अपवर्जन (competitive exclusion) के प्रमाण हमेशा निर्णायक नहीं होते हैं। हालांकि,कुछ मामलों में मजबूत और प्रेरक परिस्थितिजन्य प्रमाण मौजूद हैं।
$Galapagos$ द्वीप समूह पर $Abingdon$ कछुआ,द्वीप पर बकरियों के आने के एक दशक के भीतर विलुप्त हो गया,जिसका स्पष्ट कारण बकरियों की चरने की अधिक दक्षता थी। प्रकृति में प्रतिस्पर्धा की घटना का एक और प्रमाण 'प्रतिस्पर्धात्मक मुक्ति' (competitive release) से आता है।
एक प्रजाति जिसका वितरण प्रतिस्पर्धात्मक रूप से बेहतर प्रजाति की उपस्थिति के कारण एक छोटे भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित है,वह तब अपने वितरण की सीमा का नाटकीय रूप से विस्तार करती है जब प्रतिस्पर्धी प्रजाति को प्रयोगात्मक रूप से हटा दिया जाता है।
$Connell$ के शानदार क्षेत्रीय प्रयोगों ने दिखाया कि $Scotland$ के चट्टानी समुद्र तटों पर,बड़े और प्रतिस्पर्धात्मक रूप से बेहतर बार्नेकल $Balanus$ अंतर-ज्वारीय क्षेत्र पर हावी रहते हैं और छोटे बार्नेकल $Chthamalus$ को उस क्षेत्र से बाहर कर देते हैं। सामान्य तौर पर,शाकाहारी और पौधे मांसाहारी जानवरों की तुलना में प्रतिस्पर्धा से अधिक प्रतिकूल रूप से प्रभावित होते हैं।
$Gause$ का 'प्रतिस्पर्धात्मक अपवर्जन सिद्धांत' (Competitive Exclusion Principle) बताता है कि समान संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली दो निकट संबंधी प्रजातियां अनिश्चित काल तक सह-अस्तित्व में नहीं रह सकती हैं और प्रतिस्पर्धात्मक रूप से कमजोर प्रजाति अंततः समाप्त हो जाएगी। यदि संसाधन सीमित हैं तो यह सच हो सकता है,लेकिन अन्यथा नहीं।
122
Medium
विभिन्न उदाहरणों के साथ परजीविता (parasitism) की अवधारणा को समझाइए।

Solution

(N/A) परजीविता जीवन का एक ऐसा तरीका है जो मुफ्त आवास और भोजन सुनिश्चित करता है,इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि परजीविता पौधों से लेकर उच्च कशेरुकियों तक कई वर्गीकरण समूहों में विकसित हुई है।
कई परजीवी विशिष्ट मेजबान (host-specific) प्रजातियों के अनुसार विकसित हुए हैं। ऐसे मामलों में,मेजबान और परजीवी दोनों साथ-साथ विकसित (co-evolve) होते हैं; यानी,यदि मेजबान परजीवी को अस्वीकार करने या उसका विरोध करने के लिए विशेष तंत्र विकसित करता है,तो परजीवी को उसी मेजबान प्रजाति के साथ सफल होने के लिए उन्हें विफल करने और बेअसर करने के लिए तंत्र विकसित करना पड़ता है।
अपनी जीवन शैली के अनुसार,परजीवियों ने विशेष अनुकूलन विकसित किए हैं,जैसे अनावश्यक संवेदी अंगों का नुकसान,मेजबान से चिपके रहने के लिए चिपकने वाले अंगों या चूसकों की उपस्थिति,पाचन तंत्र का नुकसान और उच्च प्रजनन क्षमता। परजीवियों के जीवन चक्र अक्सर जटिल होते हैं,जिसमें उनके प्राथमिक मेजबान के परजीवीकरण को सुविधाजनक बनाने के लिए एक या दो मध्यवर्ती मेजबान या वाहक शामिल होते हैं।
उदाहरण के लिए,मानव लिवर फ्लूक (एक ट्रेमेटोड परजीवी) अपने जीवन चक्र को पूरा करने के लिए दो मध्यवर्ती मेजबानों (एक घोंघा और एक मछली) पर निर्भर करता है। मलेरिया परजीवी को अन्य मेजबानों में फैलने के लिए एक वाहक (मच्छर) की आवश्यकता होती है। अधिकांश परजीवी मेजबान को नुकसान पहुँचाते हैं; वे मेजबान के अस्तित्व,विकास और प्रजनन को कम कर सकते हैं और उसकी जनसंख्या घनत्व को कम कर सकते हैं।
वे मेजबान को शारीरिक रूप से कमजोर बना सकते हैं,जिससे वे शिकार के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। क्या आप मानते हैं कि एक आदर्श परजीवी को मेजबान को नुकसान पहुँचाए बिना जीवित रहने में सक्षम होना चाहिए?
जो परजीवी मेजबान जीव की बाहरी सतह पर भोजन प्राप्त करते हैं,उन्हें बाह्य परजीवी (ectoparasites) कहा जाता है। सबसे परिचित उदाहरण मनुष्यों पर जूँ और कुत्तों पर किलनी (ticks) हैं। कई समुद्री मछलियाँ बाह्य परजीवी कोपेपोड्स से प्रभावित होती हैं। अमरबेल (Cuscuta),एक परजीवी पौधा जो आमतौर पर बाड़ के पौधों पर उगता है,ने विकास के दौरान अपना क्लोरोफिल और पत्तियाँ खो दी हैं। यह उस मेजबान पौधे से अपना पोषण प्राप्त करता है जिस पर यह परजीवी है। मादा मच्छरों को परजीवी नहीं माना जाता है,हालांकि उन्हें प्रजनन के लिए हमारे रक्त की आवश्यकता होती है।
इसके विपरीत,अंतःपरजीवी (endoparasites) वे हैं जो मेजबान के शरीर के अंदर विभिन्न स्थानों (लिवर,किडनी,फेफड़े,लाल रक्त कोशिकाएं,आदि) पर रहते हैं। अंतःपरजीवियों के जीवन चक्र उनके अत्यधिक विशेषज्ञता के कारण अधिक जटिल होते हैं। उनकी रूपात्मक और शारीरिक विशेषताएं बहुत सरल होती हैं,जबकि उनकी प्रजनन क्षमता पर अधिक जोर दिया जाता है।
पक्षियों में ब्रूड परजीविता (brood parasitism) परजीविता का एक दिलचस्प उदाहरण है,जिसमें परजीवी पक्षी अपने अंडे अपने मेजबान के घोंसले में देता है और मेजबान को उन्हें सेने देता है। विकास के दौरान,परजीवी पक्षी के अंडे आकार और रंग में मेजबान के अंडों के समान विकसित हो गए हैं ताकि मेजबान पक्षी विदेशी अंडों का पता न लगा सके और उन्हें घोंसले से बाहर न निकाल सके। प्रजनन के मौसम (वसंत से गर्मी) के दौरान अपने बगीचे में कोयल का निरीक्षण करें और ब्रूड परजीविता की प्रक्रिया को देखें।
123
Easy
सहभोजिता (Commensalism) का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) सहभोजिता दो प्रजातियों के बीच जनसंख्या अंतःक्रिया का एक प्रकार है जिसमें एक प्रजाति को लाभ होता है और दूसरी प्रजाति को न तो कोई हानि होती है और न ही कोई लाभ होता है।
इस अंतःक्रिया में,जिस प्रजाति को लाभ होता है उसे सहभोजी (commensal) कहा जाता है,जबकि दूसरी प्रजाति अप्रभावित रहती है।
उदाहरण:
$1$. आम की शाखा पर अधिपादप (epiphyte) के रूप में उगने वाला आर्किड,जहाँ आर्किड को आधार और सूर्य का प्रकाश मिलता है,जबकि आम के पेड़ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
$2$. व्हेल की पीठ पर उगने वाले बार्नेकल,जिन्हें रहने के लिए जगह और भोजन के लिए बहते पानी की सुविधा मिलती है,जबकि व्हेल को न तो कोई नुकसान होता है और न ही कोई फायदा।
124
Easy
सहपरोपकारिता (Mutualism) को विभिन्न उदाहरणों के साथ समझाइए।

Solution

(N/A) सहपरोपकारिता जनसंख्या अंतःक्रिया का एक प्रकार है जिसमें दोनों प्रजातियों को एक-दूसरे से लाभ होता है।
$1$. लाइकेन (Lichens): यह कवक और शैवाल या साइनोबैक्टीरिया के बीच का सहजीवी संबंध है। कवक सुरक्षा और खनिज प्रदान करता है,जबकि शैवाल प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से भोजन प्रदान करता है।
$2$. माइकोराइजा (Mycorrhizae): यह कवक और उच्च पादपों की जड़ों के बीच का संबंध है। कवक पौधे को पानी और पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है,जबकि पौधा कवक को कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है।
$3$. पादप-परागकण अंतःक्रिया: पौधे परागकों (कीटों,पक्षियों,चमगादड़ों) को भोजन के रूप में मकरंद और पराग प्रदान करते हैं,और बदले में,परागकण पौधों के लिए पर-परागण की सुविधा प्रदान करते हैं।
$4$. अंजीर और ततैया (Fig and Wasp): अंजीर की प्रजाति का परागण केवल उसकी भागीदार ततैया प्रजाति द्वारा ही होता है। ततैया अंजीर के फल का उपयोग अंडे देने के लिए करती है और कुछ विकसित हो रहे बीजों को खाती है,जबकि इस प्रक्रिया में अंजीर का परागण हो जाता है।
125
MediumMCQ
दो प्रजातियों के बीच होने वाली पारस्परिक क्रिया को क्या कहा जाता है?
A
अंतःजातीय पारस्परिक क्रिया (Intraspecific interaction)
B
अंतरजातीय पारस्परिक क्रिया (Interspecific interaction)
C
सहभोजिता (Commensalism)
D
सहजीवन (Mutualism)

Solution

(B) दो अलग-अलग प्रजातियों के बीच होने वाली पारस्परिक क्रिया को $Interspecific$ $interaction$ (अंतरजातीय पारस्परिक क्रिया) कहा जाता है।
ये पारस्परिक क्रियाएं दो अलग-अलग प्रजातियों की आबादी के बीच होने वाली क्रियाओं से उत्पन्न होती हैं। ये क्रियाएं दोनों प्रजातियों के लिए या उनमें से किसी एक के लिए लाभकारी,हानिकारक या तटस्थ हो सकती हैं।
126
Easy
सहभोजिता (Commensalism) क्या है?

Solution

सहभोजिता जनसंख्या अंतःक्रिया का एक प्रकार है जिसमें एक प्रजाति को लाभ होता है और दूसरी प्रजाति को न तो कोई नुकसान होता है और न ही कोई लाभ होता है।
इस अंतःक्रिया में,जिस प्रजाति को लाभ होता है उसे सहभोजी कहा जाता है,जबकि दूसरी प्रजाति अप्रभावित रहती है।
उदाहरण के लिए,आम के पेड़ की शाखाओं पर अधिपादप (epiphyte) के रूप में उगने वाला ऑर्किड आधार और प्रकाश प्राप्त करके लाभान्वित होता है,जबकि आम के पेड़ को ऑर्किड की उपस्थिति से न तो कोई नुकसान होता है और न ही कोई लाभ।
Solution diagram
127
EasyMCQ
उस पारस्परिक क्रिया का नाम बताइए जिसमें एक प्रजाति जहरीला पदार्थ उत्पन्न करती है या पर्यावरणीय स्थितियों में ऐसा परिवर्तन करती है जो दूसरी प्रजाति के लिए हानिकारक होता है।
A
एमेंसलिज्म (Amensalism)
B
कोमेंसलिज्म (Commensalism)
C
म्यूचुअलिज्म (Mutualism)
D
पैरासिटिज्म (Parasitism)

Solution

(A) इस पारस्परिक क्रिया को $Amensalism$ (एमेंसलिज्म) के रूप में जाना जाता है। इसे $Antibiosis$ (एंटीबायोसिस) भी कहा जाता है।
इस क्रिया में,एक प्रजाति ऐसा रासायनिक पदार्थ उत्पन्न करती है या पर्यावरणीय स्थितियों में ऐसा बदलाव लाती है जो दूसरी प्रजाति के लिए हानिकारक होता है,जबकि पहली प्रजाति अप्रभावित रहती है।
उदाहरण के लिए,$Penicillium$ $notatum$ (नीली फफूंद) $Penicillin$ नामक एंटीबायोटिक का स्राव करती है जो बैक्टीरिया को मार देता है।
प्रतिकूल रूप से प्रभावित प्रजाति को $amensal$ कहा जाता है,जबकि नुकसान पहुँचाने वाली प्रजाति को $inhibitor$ कहा जाता है।
$Penicillium$ और बैक्टीरिया के मामले में,बैक्टीरिया को नुकसान होता है,जबकि फफूंद अप्रभावित रहती है। फफूंद बैक्टीरिया की उपस्थिति या अनुपस्थिति में जीवित रह सकती है।
128
EasyMCQ
जो जीव पादप रस और पादप के अन्य भागों पर भोजन के रूप में निर्भर रहते हैं,उन्हें क्या कहा जाता है?
A
मांसाहारी (Carnivores)
B
पादपभक्षी (Phytophagous)
C
मृतोपजीवी (Detritivores)
D
सर्वाहारी (Omnivores)

Solution

(B) जो जीव पादप रस और पादप के अन्य भागों पर भोजन के रूप में निर्भर रहते हैं,उन्हें $Phytophagous$ (पादपभक्षी) जीव कहा जाता है।
ये जीव अपना पोषण सीधे पादप ऊतकों या तरल पदार्थों से प्राप्त करते हैं।
उदाहरण के लिए,एफिड्स जो पादप रस पर निर्भर होते हैं,और विभिन्न कीट जो पत्तियों या तनों को खाते हैं।
129
Medium
सहभोजिता (Commensalism) के लिए एक उपयुक्त उदाहरण दीजिए।

Solution

(N/A) सहभोजिता जनसंख्या अंतःक्रिया का एक प्रकार है जिसमें एक प्रजाति को लाभ होता है और दूसरी प्रजाति को न तो कोई हानि होती है और न ही कोई लाभ होता है।
सहभोजिता का एक उदाहरण मवेशी बगुले (Cattle egret) और चरने वाले मवेशियों के बीच का संबंध है।
मवेशी बगुले हमेशा वहां भोजन की तलाश करते हैं जहां मवेशी चर रहे होते हैं क्योंकि मवेशी जैसे-जैसे चलते हैं,वे वनस्पति से कीड़ों को बाहर निकाल देते हैं,जिन्हें पकड़ना बगुलों के लिए अन्यथा कठिन हो सकता है।
इस अंतःक्रिया में,मवेशी बगुले को भोजन प्राप्त करने का लाभ मिलता है,जबकि मवेशियों को न तो कोई नुकसान होता है और न ही कोई लाभ।
130
Easy
बाह्य परजीवी (ectoparasite) और अंतःपरजीवी (endoparasite) को परिभाषित कीजिए और उपयुक्त उदाहरण दीजिए।

Solution

(N/A) बाह्य परजीवी वे जीव हैं जो मेजबान (host) जीव की बाहरी सतह पर रहते हैं और उससे पोषण प्राप्त करते हैं।
बाह्य परजीवियों के सामान्य उदाहरणों में मनुष्यों पर पाए जाने वाले जूँ और कुत्तों पर पाए जाने वाले किलनी (ticks) शामिल हैं।
अंतःपरजीवी वे जीव हैं जो मेजबान के शरीर के अंदर विभिन्न स्थानों जैसे कि यकृत,वृक्क,फेफड़े या लाल रक्त कोशिकाओं के भीतर रहते हैं।
अंतःपरजीवी का एक उदाहरण मानव लिवर फ्लूक (एक ट्रेमेटोड परजीवी) है।
131
Easy
ब्रूड परजीविता (Brood parasitism) क्या है? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।

Solution

(N/A) ब्रूड परजीविता परजीविता का एक प्रकार है जिसमें एक परजीवी पक्षी अपने अंडे एक मेजबान (host) पक्षी के घोंसले में देता है,जिससे मेजबान पक्षी उन अंडों को सेता है और परजीवी के बच्चों का पालन-पोषण करता है।
$\Rightarrow$ उदाहरण: कोयल ($Cuculus$ $canorus$) ब्रूड परजीविता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह कौवे ($Corvus$ $splendens$) के घोंसले में अपने अंडे देती है।
$\Rightarrow$ विकास के दौरान,परजीवी पक्षी के अंडे आकार और रंग में मेजबान पक्षी के अंडों के समान विकसित हो गए हैं। यह अनुकूलन मेजबान पक्षी द्वारा विदेशी अंडों को पहचानने और उन्हें घोंसले से बाहर निकालने की संभावना को कम कर देता है।
132
EasyMCQ
दो जंतु प्रजातियों के एक संघ में,एक दीमक है जो लकड़ी पर भोजन करती है और दूसरी दीमक की आंत में मौजूद प्रोटोजोआ $Trichonympha$ है। वे किस प्रकार का संबंध स्थापित करते हैं?
A
सहभोजिता (Commensalism)
B
सहजीविता (Mutualism)
C
परजीविता (Parasitism)
D
अमेंसलिज्म (Amensalism)

Solution

(B) दीमक और प्रोटोजोआ $Trichonympha$ के बीच का संबंध सहजीविता का एक उदाहरण है।
$Trichonympha$ (एक कशाभी प्रोटोजोआ) दीमक की आंत में रहता है,जहाँ उसे एक सुरक्षित वातावरण और भोजन की निरंतर आपूर्ति प्राप्त होती है।
बदले में,$Trichonympha$ एंजाइम (सेल्युलेज) का स्राव करता है जो दीमक को उसके द्वारा खाई गई लकड़ी में मौजूद सेलुलोज को पचाने में मदद करता है।
चूंकि इस परस्पर क्रिया से दोनों प्रजातियों को लाभ होता है,इसलिए इसे सहजीविता के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
133
Easy
लियाना (Lianas) जमीन में जड़ें जमाने वाले संवहनी पौधे हैं और वे आधार के लिए अन्य पेड़ों का उपयोग करके अपने तने को सीधा रखते हैं। वे उन पेड़ों के साथ कोई सीधा शारीरिक संबंध नहीं रखते हैं। लियाना और पेड़ों के बीच के इस प्रकार के संबंध की चर्चा करें।

Solution

(N/A) लियाना और जिन पेड़ों का वे आधार के रूप में उपयोग करते हैं,उनके बीच के संबंध को $Commensalism$ (सहभोजिता) कहा जाता है।
इस प्रकार की परस्पर क्रिया में,एक प्रजाति को लाभ होता है जबकि दूसरी प्रजाति अप्रभावित रहती है।
लियाना को सूर्य के प्रकाश तक पहुँचने के लिए संरचनात्मक आधार प्राप्त करने का लाभ मिलता है,जो उनके विकास और प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है।
मेजबान पेड़ों को लियाना की उपस्थिति से न तो कोई नुकसान होता है और न ही कोई लाभ,क्योंकि लियाना मेजबान पेड़ों से पोषक तत्व या पानी प्राप्त नहीं करते हैं।
134
Medium
निम्नलिखित प्रत्येक प्रकार के लिए एक उदाहरण दीजिए:
$(a)$ प्रवासी जंतु
$(b)$ छद्मावरण (Camouflaged) जंतु
$(c)$ शिकारी जंतु
$(d)$ जैविक नियंत्रण कारक
$(e)$ पादपभक्षी (Phytophagous) जंतु
$(f)$ रासायनिक रक्षा कारक

Solution

(N/A) प्रवासी जंतु: साइबेरियन क्रेन।
$(b)$ छद्मावरण जंतु: गिरगिट (Chameleon)।
$(c)$ शिकारी जंतु: बाघ।
$(d)$ जैविक नियंत्रण कारक: गैम्बुसिया मछली (मच्छर के लार्वा को नियंत्रित करने के लिए)।
$(e)$ पादपभक्षी जंतु: टिड्डा (Locust)।
$(f)$ रासायनिक रक्षा कारक: कैलोट्रोपिस द्वारा उत्पादित कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स।
135
Medium
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
जाति $A$ जाति $B$ पारस्परिक क्रिया का प्रकार उदाहरण
$+$ $-$ $(a)$ $(b)$
$+$ $+$ $(c)$ $(d)$
$+$ $(e)$ सहभोजिता $(f)$

Solution

(A) परजीविता: इस पारस्परिक क्रिया में,एक जाति को लाभ $(+)$ होता है जबकि दूसरी जाति को हानि $(-)$ होती है।
$(b)$ अमरबेल $(Cuscuta)$: यह एक परजीवी पौधा है जो परपोषी पौधे से पोषण प्राप्त करता है।
$(c)$ सहोपकारिता (Mutualism): इस पारस्परिक क्रिया में,दोनों जातियों को लाभ $(+)$ होता है।
$(d)$ लाइकेन: यह शैवाल और कवक के बीच सहोपकारिता का संबंध दर्शाता है।
$(e)$ $0$: सहभोजिता में,एक जाति को लाभ $(+)$ होता है और दूसरी जाति को न तो हानि होती है और न ही लाभ $(0)$।
$(f)$ आम की शाखा पर आर्किड: आर्किड (अधिपादप) को आधार मिलता है,जबकि आम के पेड़ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
136
Easy
$4$ चित्रों $A$,$B$,$C$ और $D$ के समूह का अवलोकन करें और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें:
$(i)$ कौन सा चित्र सहोपकारिता (mutualism) को दर्शाता है?
$(ii)$ $D$ में किस प्रकार का संबंध दर्शाया गया है?
$(iii)$ $C$ में जीवों और उनके संबंध का नाम बताइए।
$(iv)$ $B$ में कीट क्या भूमिका निभा रहा है?
Question diagram

Solution

(N/A) $(i)$ चित्र $A$ सहोपकारिता (mutualism) को दर्शाता है (पादप और परागण करने वाला कीट)।
$(ii)$ चित्र $D$ परभक्षण (predation) को दर्शाता है (तेंदुआ हिरण का शिकार कर उसे खा रहा है)।
$(iii)$ चित्र $C$ सहभोजिता (commensalism) को दर्शाता है (बगुला और चरते हुए मवेशी)।
$(iv)$ चित्र $B$ में,कीट फाइटोफैगी (phytophagy) यानी पादप रस/मकरंद को चूसने की भूमिका निभा रहा है।
137
Easy
जातियों के बीच विभिन्न प्रकार की धनात्मक पारस्परिक क्रियाओं की चर्चा कीजिए।

Solution

(N/A) धनात्मक पारस्परिक क्रियाएं वे हैं जिनमें कम से कम एक जाति को लाभ होता है और किसी को भी हानि नहीं होती है। इन्हें मुख्य रूप से दो प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
$1$. सहोपकारिता (Mutualism): इस पारस्परिक क्रिया में,दोनों भाग लेने वाली जातियों को एक-दूसरे से लाभ होता है।
उदाहरण:
- लाइकेन: शैवाल और कवक के बीच का सहजीवी संबंध।
- माइकोराइजा: कवक और उच्च पादपों की जड़ों (जैसे,$Pinus$ की जड़ें) के बीच का सहजीवी संबंध।
$2$. सहभोजिता (Commensalism): यह एक ऐसी पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक जाति को लाभ होता है,जबकि दूसरी जाति को न तो लाभ होता है और न ही हानि।
उदाहरण:
- पेड़ की शाखा पर अधिपादप (epiphyte) के रूप में उगने वाला ऑर्किड।
- व्हेल की पीठ पर उगने वाले बार्नेकल।
धनात्मक समष्टि पारस्परिक क्रियाओं का सारांश:
जाति $A$जाति $B$पारस्परिक क्रिया की प्रकृति
$+$$+$सहोपकारिता
$+$$0$सहभोजिता
138
Medium
एक एक्वेरियम में,मछली की दो शाकाहारी प्रजातियां एक साथ रह रही हैं और फाइटोप्लांकटन (पादप प्लवक) पर भोजन कर रही हैं। गॉस के सिद्धांत के अनुसार,समय के साथ एक प्रजाति को समाप्त हो जाना चाहिए,लेकिन दोनों एक्वेरियम में अच्छी तरह से जीवित हैं। इसके संभावित कारण बताइए।

Solution

(N/A) गॉस के प्रतिस्पर्धी अपवर्जन सिद्धांत (Competitive Exclusion Principle) के अनुसार,समान संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली दो निकट संबंधी प्रजातियां अनिश्चित काल तक एक साथ नहीं रह सकती हैं,और प्रतिस्पर्धा में कमजोर प्रजाति अंततः समाप्त हो जाएगी।
हालाँकि,दी गई स्थिति में,दोनों प्रजातियां जीवित हैं। इसके संभावित कारण निम्नलिखित हैं:
$1$. संसाधन विभाजन (Resource Partitioning): प्रजातियों ने दिन के अलग-अलग समय पर या एक्वेरियम की अलग-अलग गहराई पर भोजन करने की क्रियाविधि विकसित की हो सकती है,जिससे सीधी प्रतिस्पर्धा कम हो जाती है।
$2$. संसाधनों की प्रचुरता: यदि फाइटोप्लांकटन की आपूर्ति प्रचुर मात्रा में है और दोनों मछलियों की आबादी की संयुक्त मांग से अधिक है,तो प्रतिस्पर्धा न्यूनतम हो जाती है,जिससे सह-अस्तित्व संभव होता है।
$3$. निक विभेदन (Niche Differentiation): प्रत्येक प्रजाति थोड़ी अलग पारिस्थितिक निक (niche) पर कब्जा कर सकती है,भले ही वे एक ही भोजन स्रोत साझा करती हों,जो पूर्ण प्रतिस्पर्धी अपवर्जन को रोकता है।
139
Medium
परपोषी प्रजातियों में और उन पर रहते हुए, जंतु परजीवियों ने कुछ अनुकूलन विकसित किए हैं। उदाहरणों के साथ इन अनुकूलनों का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) अपनी जीवनशैली के अनुसार, परजीवियों ने अपने परपोषी (host) के भीतर या उस पर जीवित रहने के लिए विशेष अनुकूलन विकसित किए हैं।
$1$. अनावश्यक संवेदी अंगों का लोप: चूंकि परजीवी परपोषी के भीतर एक स्थिर वातावरण में रहते हैं, इसलिए वे अक्सर उन जटिल संवेदी अंगों को खो देते हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता नहीं होती है।
$2$. आसंजक अंगों या चूषकों की उपस्थिति: ये संरचनाएं परजीवी को परपोषी से मजबूती से चिपके रहने में मदद करती हैं। उदाहरण के लिए, $Taenia$ (\text{फीताकृमि}) में जुड़ने के लिए चूषक और हुक होते हैं।
$3$. पाचन तंत्र का लोप: कई अंतःपरजीवी, जैसे \text{फीताकृमि}, सीधे अपनी शरीर की सतह के माध्यम से परपोषी के शरीर से पोषक तत्वों को अवशोषित करते हैं, जिससे एक जटिल पाचन तंत्र का ह्रास या लोप हो जाता है।
$4$. उच्च प्रजनन क्षमता: संतानों की उच्च मृत्यु दर के बावजूद प्रजाति के अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए, परजीवी अक्सर अत्यधिक उच्च प्रजनन क्षमता प्रदर्शित करते हैं। उदाहरण के लिए, $Ascaris$ (\text{गोलकृमि}) बड़ी संख्या में अंडे उत्पन्न करता है।
$5$. जटिल जीवन चक्र: कई परजीवियों के जीवन चक्र जटिल होते हैं, जिसमें अक्सर प्राथमिक परपोषी के संक्रमण को सुविधाजनक बनाने के लिए एक या दो मध्यवर्ती परपोषी या वाहक शामिल होते हैं।
140
EasyMCQ
बगुले और मवेशियों के उदाहरण द्वारा सहभोजिता (Commensalism) को समझाइए।
A
सहभोजिता एक प्रकार की पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक प्रजाति को लाभ होता है और दूसरी को हानि होती है।
B
सहभोजिता एक प्रकार की पारस्परिक क्रिया है जिसमें दोनों प्रजातियों को लाभ होता है।
C
सहभोजिता एक प्रकार की पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक प्रजाति को लाभ होता है और दूसरी को न तो लाभ होता है और न ही हानि।
D
सहभोजिता एक प्रकार की पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक प्रजाति को हानि होती है और दूसरी को न तो लाभ होता है और न ही हानि।

Solution

(C) सहभोजिता दो प्रजातियों के बीच की ऐसी पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक प्रजाति को लाभ होता है और दूसरी अप्रभावित रहती है (न तो उसे कोई हानि होती है और न ही कोई लाभ)।
मवेशियों और बगुले के मामले में,बगुले को लाभ होता है क्योंकि जब मवेशी चरते हैं,तो वे वनस्पति से कीड़ों को बाहर निकाल देते हैं,जिन्हें बगुले आसानी से पकड़ लेते हैं।
मवेशियों पर बगुले की उपस्थिति का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता है,इसलिए यह सहभोजिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
141
MediumMCQ
मथ (moth) और $Yucca$ पादप एक-दूसरे के बिना अपना जीवन चक्र पूरा क्यों नहीं कर सकते?
A
वे एक पारस्परिक संबंध साझा करते हैं जहाँ मथ परागण प्रदान करता है और पादप अंडे देने के लिए स्थान प्रदान करता है।
B
मथ $Yucca$ पादप का एकमात्र शिकारी है।
C
$Yucca$ पादप वयस्क मथ को सीधे पोषक तत्व प्रदान करता है।
D
मथ $Yucca$ पादप की पत्तियों पर भोजन करता है।

Solution

(A) मथ और $Yucca$ पादप के बीच एक विशिष्ट पारस्परिक संबंध पाया जाता है,जहाँ दोनों प्रजातियाँ एक-दूसरे के बिना अपना जीवन चक्र पूरा नहीं कर सकती हैं।
मथ अपने अंडे $Yucca$ पुष्प के अंडाशय के कोष्ठ (locule) में देता है और बदले में,पुष्प का परागण मथ द्वारा होता है।
मथ के डिंभ (larvae) अंडों से तभी बाहर आते हैं जब बीज विकसित होने लगते हैं।
142
MediumMCQ
$Yucca$ (युक्का) और शलभ (moth) के बीच के संबंध के लिए उपयुक्त विकल्प चुनें।
A
परजीविता
B
सहजीविता
C
सहभोजिता
D
स्वतंत्र जीवन चक्र

Solution

(B) $Yucca$ (युक्का) पादप और उसके परागणकर्ता शलभ (moth) के बीच का संबंध $Mutualism$ (सहजीविता) का एक उदाहरण है।
इस संबंध में,शलभ अपने अंडे $Yucca$ के अंडाशय के कोष्ठ (locule) में देता है और बदले में,शलभ $Yucca$ के पुष्प का परागण करता है।
न तो पादप और न ही शलभ एक-दूसरे के बिना अपना जीवन चक्र पूरा कर सकते हैं,क्योंकि शलभ के लार्वा विकसित हो रहे बीजों को खाते हैं जबकि पादप परागण के लिए शलभ पर निर्भर रहता है।
143
MediumMCQ
ऑर्किड और आम के पेड़ के बीच की पारस्परिक क्रिया निम्नलिखित में से क्या दर्शाती है?
A
सहभोजिता
B
सहपरोपकारिता
C
परजीविता
D
सहजीवन

Solution

(A) ऑर्किड (एक अधिपादप) और आम के पेड़ के बीच की पारस्परिक क्रिया $\text{सहभोजिता}$ (Commensalism) का एक उदाहरण है।
इस क्रिया में, ऑर्किड सूर्य के प्रकाश और नमी तक बेहतर पहुँच प्राप्त करने के लिए आम के पेड़ की शाखाओं पर उगता है।
ऑर्किड को इस जुड़ाव से सहारा मिलता है, जबकि आम के पेड़ को न तो कोई नुकसान होता है और न ही कोई लाभ।
इसलिए, यह एक $+/0$ प्रकार की पारस्परिक क्रिया है, जिसे $\text{सहभोजिता}$ के रूप में परिभाषित किया गया है।
144
MediumMCQ
जाति $A$ और जाति $B$ के बीच $(-, +)$ संबंध द्वारा निम्नलिखित में से कौन सी पारस्परिक क्रिया दर्शाई जाती है?
A
सहजीविता (Mutualism)
B
परभक्षण (Predation)
C
सहभोजिता (Commensalism)
D
असहभोजिता (Amensalism)

Solution

(B) पारिस्थितिक पारस्परिक क्रियाओं में, $(-, +)$ संबंध यह दर्शाता है कि जाति $A$ को हानि $(-)$ होती है और जाति $B$ को लाभ $(+)$ होता है।
इस विशिष्ट पारस्परिक क्रिया को $\text{परभक्षण}$ (Predation) या $\text{परजीविता}$ (Parasitism) के रूप में जाना जाता है।
$\text{परभक्षण}$ में, परभक्षी को लाभ $(+)$ होता है जबकि शिकार को हानि $(-)$ होती है।
$\text{परजीविता}$ में, परजीवी को लाभ $(+)$ होता है जबकि पोषी (host) को हानि $(-)$ होती है।
दिए गए विकल्पों में से, $\text{परभक्षण}$ $(-, +)$ पारस्परिक क्रिया मॉडल के लिए सही है।
145
MediumMCQ
जैविक अंतःक्रियाओं में,$(+, 0)$ प्रकार की अंतःक्रिया क्या दर्शाती है?
A
सहुपकारिता
B
असहभोजिता
C
सहभोजिता
D
परभक्षण

Solution

(C) जनसंख्या अंतःक्रियाओं में,$(+, 0)$ प्रतीक यह दर्शाता है कि एक प्रजाति को लाभ होता है $(+)$ जबकि दूसरी प्रजाति को न तो कोई नुकसान होता है और न ही कोई लाभ $(0)$। इस प्रकार की अंतःक्रिया को सहभोजिता (Commensalism) कहा जाता है। इस संबंध में,एक जीव लाभ प्राप्त करता है,जबकि दूसरा अप्रभावित रहता है।
146
MediumMCQ
अमेन्सलिज्म (Amensalism) निम्नलिखित में से किस पारस्परिक क्रिया को दर्शाता है?
A
$(+,+)$
B
$(-,-)$
C
$(+,0)$
D
$(-,0)$

Solution

(D) अमेन्सलिज्म दो प्रजातियों के बीच की एक ऐसी पारस्परिक क्रिया है जिसमें एक प्रजाति को हानि होती है $((-))$ और दूसरी प्रजाति अप्रभावित रहती है $((0))$।
अतः,इस क्रिया को $(- , 0)$ द्वारा दर्शाया जाता है।
147
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस पारस्परिक क्रिया में दोनों प्रजातियों को नुकसान होता है?
A
सहपरोपकारिता
B
स्पर्धा
C
परभक्षण
D
परजीविता

Solution

(B) जीवों के बीच जनसंख्या पारस्परिक क्रियाओं में,लाभ के लिए '+' चिह्न,हानि के लिए '-' चिह्न और कोई प्रभाव न होने पर '$0$' चिह्न का उपयोग किया जाता है।
$1$. सहपरोपकारिता $(+, +)$: दोनों प्रजातियों को लाभ होता है।
$2$. स्पर्धा $(-, -)$: दोनों प्रजातियों को नुकसान होता है क्योंकि वे समान सीमित संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं।
$3$. परभक्षण $(+, -)$: परभक्षी को लाभ होता है,जबकि शिकार को नुकसान होता है।
$4$. परजीविता $(+, -)$: परजीवी को लाभ होता है,जबकि परपोषी (host) को नुकसान होता है।
अतः,स्पर्धा वह पारस्परिक क्रिया है जिसमें दोनों प्रजातियों को नकारात्मक प्रभाव (हानि) का सामना करना पड़ता है।
148
DifficultMCQ
शाकाहारी,जो पारिस्थितिकी तंत्र की खाद्य श्रृंखला का एक अभिन्न अंग हैं,उन्हें पारिस्थितिक रूप से क्या माना जा सकता है?
A
सहजीविता दर्शाने वाले जीव
B
परभक्षी
C
प्रतिस्पर्धा दर्शाने वाले जीव
D
वर्गीकृत नहीं किया जा सकता

Solution

(B) पारिस्थितिकी में,एक परभक्षी (predator) को ऐसे जीव के रूप में परिभाषित किया जाता है जो ऊर्जा प्राप्त करने के लिए किसी अन्य जीवित जीव (शिकार) का उपभोग करता है। चूंकि शाकाहारी ऊर्जा प्राप्त करने के लिए पौधों (जो जीवित जीव हैं) का उपभोग करते हैं,इसलिए उन्हें पारिस्थितिक रूप से परभक्षी के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक शाकाहारी और एक पौधे के बीच की परस्पर क्रिया परभक्षण का ही एक रूप है,जहाँ शाकाहारी परभक्षी के रूप में और पौधा शिकार के रूप में कार्य करता है।
149
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसे सबसे अधिक परभक्षी के रूप में उद्धृत किया जाता है?
A
ऑस्ट्रेलियन बबूल
B
नागफनी (प्रिकली पियर कैक्टस)
C
पाइसेस्टर स्टारफिश
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) पारिस्थितिक अध्ययनों में,$Pisaster$ स्टारफिश एक उत्कृष्ट उदाहरण है जिसका उपयोग प्रजातियों की विविधता को बनाए रखने में परभक्षण के महत्व को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है। अमेरिकी प्रशांत तट के चट्टानी अंतर-ज्वारीय समुदायों में,$Pisaster$ स्टारफिश एक प्रमुख परभक्षी (keystone predator) के रूप में कार्य करती है। जब इसे प्रयोगात्मक रूप से एक बंद अंतर-ज्वारीय क्षेत्र से हटा दिया गया,तो अंतर-विशिष्ट प्रतिस्पर्धा के कारण एक वर्ष के भीतर $10$ से अधिक अकशेरुकी प्रजातियां विलुप्त हो गईं। इस प्रकार,इसे सबसे अधिक परभक्षी के रूप में उद्धृत किया जाता है जो शिकार की आबादी को नियंत्रित करता है और समुदाय की संरचना को बनाए रखता है।
150
MediumMCQ
पारिस्थितिक तंत्र में परभक्षियों की मुख्य भूमिका क्या है?
A
पारिस्थितिक तंत्र में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना।
B
शिकार प्रजातियों के बीच प्रतिस्पर्धा को कम करके जैव विविधता बनाए रखना।
C
अंतरजातीय प्रतिस्पर्धा की तीव्रता को बढ़ाना।
D
अत्यधिक परभक्षण द्वारा स्थानीय प्रजातियों के विकास को बढ़ावा देना।

Solution

(B) परभक्षी पारिस्थितिक तंत्र में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे पोषण स्तरों के बीच ऊर्जा के स्थानांतरण के लिए माध्यम के रूप में कार्य करते हैं। इसके अलावा,वे प्रतिस्पर्धी शिकार प्रजातियों के बीच प्रतिस्पर्धा की तीव्रता को कम करके समुदाय में प्रजातियों की विविधता बनाए रखने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए,अमेरिकी प्रशांत तट के चट्टानी अंतराज्वारीय क्षेत्रों में,स्टारफिश $Pisaster$ एक महत्वपूर्ण परभक्षी है। एक क्षेत्र प्रयोग में,जब सभी स्टारफिश को एक बंद अंतराज्वारीय क्षेत्र से हटा दिया गया,तो एक वर्ष के भीतर अंतरजातीय प्रतिस्पर्धा के कारण $10$ से अधिक अकशेरुकी प्रजातियां विलुप्त हो गईं।

Organisms and Populations — Population Interactions · Frequently Asked Questions

1Are these Organisms and Populations questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

Yes. Use the language tabs in the hero section or the sidebar to view the same questions and solutions in English, Hindi or Gujarati.

3How do I generate a question paper from this subtopic?

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