(N/A) सहपरोपकारिता जनसंख्या अंतःक्रिया का एक प्रकार है जिसमें दोनों प्रजातियों को एक-दूसरे से लाभ होता है।
$1$. लाइकेन (Lichens): यह कवक और शैवाल या साइनोबैक्टीरिया के बीच का सहजीवी संबंध है। कवक सुरक्षा और खनिज प्रदान करता है,जबकि शैवाल प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से भोजन प्रदान करता है।
$2$. माइकोराइजा (Mycorrhizae): यह कवक और उच्च पादपों की जड़ों के बीच का संबंध है। कवक पौधे को पानी और पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है,जबकि पौधा कवक को कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है।
$3$. पादप-परागकण अंतःक्रिया: पौधे परागकों (कीटों,पक्षियों,चमगादड़ों) को भोजन के रूप में मकरंद और पराग प्रदान करते हैं,और बदले में,परागकण पौधों के लिए पर-परागण की सुविधा प्रदान करते हैं।
$4$. अंजीर और ततैया (Fig and Wasp): अंजीर की प्रजाति का परागण केवल उसकी भागीदार ततैया प्रजाति द्वारा ही होता है। ततैया अंजीर के फल का उपयोग अंडे देने के लिए करती है और कुछ विकसित हो रहे बीजों को खाती है,जबकि इस प्रक्रिया में अंजीर का परागण हो जाता है।