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Meiosis Questions in Hindi

Class 11 Biology · Cell Cycle and Cell Division · Meiosis

492+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 492 questions in Hindi

101
EasyMCQ
अर्धसूत्री विभाजन की किस अवस्था में रिकॉम्बिनेज एंजाइम भाग लेता है?
A
पैकीटीन
B
डिप्लोटीन
C
डायकाइनेसिस
D
जायगोटीन

Solution

(A) रिकॉम्बिनेज $(Recombinase)$ एंजाइम अर्धसूत्री विभाजन के दौरान जीन विनिमय (crossing over) की प्रक्रिया में शामिल होता है।
जीन विनिमय समजात गुणसूत्रों के गैर-सहोदर अर्धगुणसूत्रों (non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री का आदान-प्रदान है।
यह प्रक्रिया विशेष रूप से अर्धसूत्री विभाजन-$I$ की प्रोफेज-$I$ की पैकीटीन $(Pachytene)$ अवस्था के दौरान होती है।
अतः,सही विकल्प $A$ है।
102
EasyMCQ
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) में गुणसूत्रों की संख्या .....
A
जनक गुणसूत्र संख्या की आधी हो जाती है
B
जनक गुणसूत्र संख्या के समान रहती है
C
जनक गुणसूत्र संख्या की एक-चौथाई हो जाती है
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) अर्धसूत्री विभाजन कोशिका विभाजन का एक प्रकार है जो जनक कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है और चार युग्मक (gamete) कोशिकाएं उत्पन्न करता है। लैंगिक प्रजनन के लिए अंडाणु और शुक्राणु कोशिकाओं के उत्पादन हेतु यह प्रक्रिया आवश्यक है। अर्धसूत्री विभाजन के दौरान,कोशिका दो क्रमिक विभाजनों (अर्धसूत्री-$I$ और अर्धसूत्री-$II$) से गुजरती है,लेकिन $DNA$ का प्रतिकृतियन केवल एक बार होता है। परिणामस्वरूप,बनने वाली संतति कोशिकाओं में जनक कोशिका की तुलना में गुणसूत्रों की संख्या आधी होती है। अतः,सही विकल्प $A$ है।
103
EasyMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन (Meiosis) के बाद बनने वाली चार संतति कोशिकाएं......
A
आनुवंशिक रूप से समान होती हैं।
B
आनुवंशिक रूप से भिन्न होती हैं।
C
अकोशिकीय होती हैं।
D
बहुकेंद्रकीय होती हैं।

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन कोशिका विभाजन का एक प्रकार है जो गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है,जिसके परिणामस्वरूप चार अगुणित $(n)$ संतति कोशिकाएं बनती हैं।
अर्धसूत्रीविभाजन की प्रोफेज-$I$ $(Prophase-I)$ अवस्था के दौरान,समजात गुणसूत्रों के नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच क्रॉसिंग ओवर (crossing over) नामक प्रक्रिया होती है।
यह प्रक्रिया आनुवंशिक पदार्थ के आदान-प्रदान की ओर ले जाती है,जिसके परिणामस्वरूप आनुवंशिक पुनर्संयोजन (genetic recombination) होता है।
परिणामस्वरूप,अर्धसूत्रीविभाजन के अंत में उत्पन्न होने वाली चार संतति कोशिकाएं एक-दूसरे से और जनक कोशिका से आनुवंशिक रूप से भिन्न होती हैं।
104
MediumMCQ
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) ........ में परिणत होता है।
A
गुणसूत्रों की संख्या आधी होना
B
गुणसूत्रों की संख्या समान रहना
C
गुणसूत्रों की संख्या दोगुनी होना
D
$1/4$ गुणसूत्र

Solution

(A) अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) कोशिका विभाजन का एक विशेष प्रकार है जो गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है,जिसके परिणामस्वरूप अगुणित (haploid) संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है।
अर्धसूत्री विभाजन-$I$ के दौरान,समजात गुणसूत्र अलग हो जाते हैं,जिससे गुणसूत्रों की संख्या द्विगुणित $(2n)$ से घटकर अगुणित $(n)$ हो जाती है।
इसलिए,अर्धसूत्री विभाजन के परिणामस्वरूप जनक कोशिका की तुलना में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।
105
EasyMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) की किस अवस्था में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है?
A
पश्चावस्था-$I$
B
पश्चावस्था-$II$
C
अंत्यावस्था-$I$
D
अंत्यावस्था-$II$

Solution

(A) अर्धसूत्रीविभाजन एक न्यूनकारी विभाजन है जिसमें गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।
पश्चावस्था-$I$ (Anaphase-$I$) के दौरान,समजात गुणसूत्र अलग हो जाते हैं और विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं,जबकि सिस्टर क्रोमैटिड्स अपने सेंट्रोमियर पर जुड़े रहते हैं।
परिणामस्वरूप,अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ के अंत तक प्रत्येक संतति कोशिका में जनक कोशिका की तुलना में आधे गुणसूत्र ही प्राप्त होते हैं।
इसलिए,गुणसूत्रों की संख्या में कमी पश्चावस्था-$I$ के दौरान होती है।
106
MediumMCQ
समजात गुणसूत्रों का युग्मन ...... कहलाता है।
A
वियोजन
B
सूत्रयुग्मन
C
विसंयोजन
D
पॉलिटीनी

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन $(Meiosis)$ की $Prophase-I$ (पूर्वावस्था-$I$) की $Zygotene$ (जायगोटीन) अवस्था के दौरान,समजात गुणसूत्र एक-दूसरे के साथ युग्मित होने लगते हैं। युग्मन की इस प्रक्रिया को $Synapsis$ (सूत्रयुग्मन) कहा जाता है। युग्मित गुणसूत्रों को बाइवैलेंट (द्विसंयोजक) या टेट्राड (चतुष्क) कहा जाता है।
107
MediumMCQ
किस प्रकार का विभाजन पॉलीप्लोइडी (बहुगुणिता) में परिणत होता है?
A
क्रिप्टोमाइटोसिस
B
अर्धसूत्रीविभाजन
C
एंडोमाइटोसिस
D
असूत्रीविभाजन

Solution

(C) पॉलीप्लोइडी वह स्थिति है जिसमें एक जीव में गुणसूत्रों के दो से अधिक पूर्ण सेट होते हैं।
एंडोमाइटोसिस केंद्रक विभाजन (कैरियोकाइनेसिस) या कोशिका द्रव्य विभाजन (साइटोकाइनेसिस) के बिना गुणसूत्र प्रतिकृति की एक प्रक्रिया है।
यह एक ही केंद्रक के भीतर गुणसूत्रों की संख्या में वृद्धि की ओर ले जाता है,जिसके परिणामस्वरूप पॉलीप्लोइडी होती है।
इसलिए,एंडोमाइटोसिस वह सही प्रक्रिया है जो पॉलीप्लोइडी का कारण बनती है।
108
EasyMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन ........ कोशिकाओं में होता है।
A
प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं
B
अगुणित (Haploid) कोशिकाएं
C
द्विकेंद्रकी (Dikaryotic) कोशिकाएं
D
द्विगुणित (Diploid) कोशिकाएं

Solution

(D) अर्धसूत्रीविभाजन कोशिका विभाजन का एक विशेष प्रकार है जो गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है,जिसके परिणामस्वरूप अगुणित $(n)$ संतति कोशिकाएं उत्पन्न होती हैं।
यह केवल द्विगुणित $(2n)$ जनन कोशिकाओं में युग्मकों के निर्माण (युग्मकजनन) के दौरान होता है।
प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं द्विविभाजन (binary fission) द्वारा विभाजित होती हैं,और अगुणित कोशिकाएं अर्धसूत्रीविभाजन नहीं कर सकती हैं क्योंकि उनके गुणसूत्रों की संख्या को और अधिक आधा नहीं किया जा सकता है।
109
MediumMCQ
स्तंभ-$I$ को स्तंभ-$II$ के साथ सुमेलित करें और सही विकल्प चुनें।
स्तंभ-$I$ | स्तंभ-$II$
$(a)$ पैकीटीन | $(i)$ साइनीसिस (Synizesis)
$(b)$ जाइगोटीन | $(ii)$ काएज्मेटा (Chiasmata)
$(c)$ डिप्लोटीन | $(iii)$ उपांतीभवन (Terminalization)
$(d)$ लेप्टोटीन | $(iv)$ जीन विनिमय (Crossing over)
$(e)$ डाइकाइनेसिस | $(v)$ सूत्रयुग्मन (Synapsis)
A
$a-i, b-ii, c-iii, d-iv, e-v$
B
$a-iv, b-v, c-ii, d-i, e-iii$
C
$a-iii, b-iv, c-v, d-ii, e-i$
D
$a-ii, b-iii, c-iv, d-i, e-v$

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन की प्रोफेज-$I$ की अवस्थाओं का मिलान इस प्रकार है:
$(a)$ पैकीटीन: इसमें जीन विनिमय (Crossing over) की प्रक्रिया होती है $(iv)$।
$(b)$ जाइगोटीन: इसमें समजात गुणसूत्रों का युग्मन होता है,जिसे सूत्रयुग्मन (Synapsis) कहते हैं $(v)$।
$(c)$ डिप्लोटीन: इसमें काएज्मेटा (Chiasmata) नामक $X$-आकार की संरचनाएं दिखाई देती हैं $(ii)$।
$(d)$ लेप्टोटीन: इसमें गुणसूत्रों का संघनन होता है,जिसे कभी-कभी साइनीसिस $(i)$ के रूप में देखा जाता है।
$(e)$ डाइकाइनेसिस: इसमें काएज्मेटा का उपांतीभवन (Terminalization) होता है $(iii)$।
अतः,सही मिलान $a-iv, b-v, c-ii, d-i, e-iii$ है।
110
MediumMCQ
सिनैप्टोनीमल कॉम्प्लेक्स (synaptonemal complex) सबसे पहले ......... में दिखाई देता है।
A
लेप्टोटीन
B
पैकीटीन
C
जायगोटीन
D
डिप्लोटीन

Solution

(C) अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ $(Meiosis-I)$ की प्रोफेज-$I$ $(Prophase-I)$ के जायगोटीन चरण के दौरान,समजात गुणसूत्र एक साथ युग्मित होने लगते हैं,इस प्रक्रिया को सिनैप्सिस कहा जाता है।
यह युग्मन एक जटिल संरचना के निर्माण के साथ होता है जिसे सिनैप्टोनीमल कॉम्प्लेक्स कहा जाता है।
इसलिए,सिनैप्टोनीमल कॉम्प्लेक्स सबसे पहले जायगोटीन चरण में दिखाई देता है।
111
EasyMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन की ....... अवस्था में सूत्रयुग्मन (Synapsis) होता है।
A
जायगोटीन
B
डिप्लोटीन
C
पैकीटीन
D
लेप्टोटीन

Solution

(A) अर्धसूत्रीविभाजन की $Prophase-I$ (पूर्वावस्था-$I$) के दौरान,$Zygotene$ (जायगोटीन) अवस्था समजात गुणसूत्रों के युग्मन द्वारा पहचानी जाती है। इस युग्मन की प्रक्रिया को $Synapsis$ (सूत्रयुग्मन) कहा जाता है। युग्मित गुणसूत्रों को $bivalent$ (बाइवैलेंट) या $tetrad$ (टेट्राड) गुणसूत्र कहा जाता है। अतः,सूत्रयुग्मन के लिए सही अवस्था $Zygotene$ है।
112
MediumMCQ
समजात गुणसूत्रों का पृथक्करण ......... में होता है।
A
जायगोटीन
B
लेप्टोटीन
C
डिप्लोटीन
D
पैकीटीन

Solution

(C) समजात गुणसूत्रों का पृथक्करण $Meiosis-I$ (अर्धसूत्रीविभाजन-$I$) के $Anaphase-I$ (पश्चावस्था-$I$) चरण की एक मुख्य विशेषता है।
$Prophase-I$ (पूर्वावस्था-$I$) के $Diplotene$ (द्विपट्ट अवस्था) चरण के दौरान,सिनेप्टोनेमल कॉम्प्लेक्स का विघटन हो जाता है और समजात गुणसूत्र एक-दूसरे से अलग होने लगते हैं,सिवाय उन स्थानों के जहाँ क्रॉसिंग-ओवर हुआ है,जिन्हें $chiasmata$ (कायज्मेटा) कहा जाता है।
यद्यपि अंतिम पृथक्करण $Anaphase-I$ में होता है,लेकिन पृथक्करण प्रक्रिया की शुरुआत (desynapsis) $Diplotene$ चरण की मुख्य घटना है।
दिए गए विकल्पों में से,$Diplotene$ वह सही चरण है जहाँ समजात गुणसूत्रों के पृथक्करण की प्रक्रिया शुरू होती है।
113
EasyMCQ
सूत्रयुग्मन (Synapsis) $.......$ के बीच होता है।
A
असमजात गुणसूत्र
B
समजात गुणसूत्र
C
असमजात और समजात गुणसूत्र
D
अर्धगुणसूत्र (Chromatids)

Solution

(B) सूत्रयुग्मन (Synapsis) दो समजात गुणसूत्रों का युग्मन है जो अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ (Meiosis-$I$) की पूर्वावस्था-$I$ (Prophase-$I$) के $Zygotene$ चरण के दौरान होता है।
इस प्रक्रिया के दौरान,समजात गुणसूत्र एक-दूसरे के साथ संरेखित होकर $Synaptonemal$ सम्मिश्र (complex) बनाते हैं।
यह युग्मन आनुवंशिक पुनर्संयोजन और अर्धसूत्रीविभाजन के दौरान गुणसूत्रों के पृथक्करण के लिए आवश्यक है।
114
EasyMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन की पैकीटीन (स्थूलसूत्रावस्था) अवस्था निम्नलिखित में से किसमें होती है?
A
लेप्टोटीन
B
जायगोटीन
C
पैकीटीन
D
डिप्लोटीन

Solution

(C) अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ की प्रक्रिया कई चरणों में विभाजित है: लेप्टोटीन,जायगोटीन,पैकीटीन,डिप्लोटीन और डाइकाइनेसिस।
$1$. लेप्टोटीन चरण में गुणसूत्र दिखाई देने लगते हैं।
$2$. जायगोटीन चरण में समजात गुणसूत्र युग्मित होकर सिनेप्सिस बनाते हैं।
$3$. पैकीटीन चरण में समजात गुणसूत्रों के गैर-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच क्रॉसिंग ओवर (विनिमय) होता है।
$4$. इसलिए,पैकीटीन पूर्वावस्था-$I$ का एक विशिष्ट चरण है जहाँ आनुवंशिक पुनर्संयोजन होता है।
115
EasyMCQ
पूर्वावस्था-$I$ की किस उप-अवस्था में "Bouquet stage" (पुष्पगुच्छ अवस्था) होती है?
A
लेप्टोटीन
B
जायगोटीन
C
पैकीटीन
D
डिप्लोटीन

Solution

(A) "Bouquet stage" (पुष्पगुच्छ अवस्था) अर्धसूत्रीविभाजन की पूर्वावस्था-$I$ की लेप्टोटीन उप-अवस्था की एक विशेषता है।
इस अवस्था के दौरान, गुणसूत्रों के टेलोमियर केंद्रक आवरण से जुड़ जाते हैं, जिससे गुणसूत्र केंद्रक के एक तरफ एकत्रित हो जाते हैं, जो फूलों के गुलदस्ते (bouquet) के समान दिखाई देते हैं।
अतः, सही विकल्प $A$ है।
116
MediumMCQ
समजात गुणसूत्रों का युग्मन .......... में होता है।
A
पैकीटीन
B
जायगोटीन
C
डिप्लोटीन
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन की $Prophase-I$ (पूर्वावस्था-$I$) के दौरान,$Zygotene$ (जायगोटीन) अवस्था समजात गुणसूत्रों के युग्मन द्वारा पहचानी जाती है।
युग्मन की इस प्रक्रिया को $Synapsis$ (सूत्रयुग्मन) कहा जाता है।
युग्मित गुणसूत्रों को $Bivalents$ (द्विसंयोजक) या $Tetrads$ (चतुष्क) कहा जाता है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
117
MediumMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन $-I$ $(Meiosis-I)$ के बाद,एक गुणसूत्र के दो अर्धगुणसूत्र (sister chromatids) कैसे होते हैं?
A
आनुवंशिक रूप से समान होते हैं।
B
आनुवंशिक रूप से भिन्न होते हैं।
C
प्रत्येक गुणसूत्र में केवल एक अर्धगुणसूत्र होता है।
D
उपरोक्त में से कोई नहीं।

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन $-I$ की पूर्वावस्था $-I$ $(Prophase-I)$ के दौरान,समजात गुणसूत्रों के गैर-अर्धगुणसूत्रों के बीच जीन विनिमय (crossing over) होता है।
इस प्रक्रिया में आनुवंशिक सामग्री का आदान-प्रदान होता है,जिसके परिणामस्वरूप एलील्स का पुनर्संयोजन होता है।
परिणामस्वरूप,जीन विनिमय की घटना के कारण अर्धसूत्रीविभाजन $-I$ के बाद एक गुणसूत्र के दो अर्धगुणसूत्र आनुवंशिक रूप से समान नहीं रह जाते हैं क्योंकि उनमें एलील्स के अलग-अलग संयोजन होते हैं।
118
MediumMCQ
जीन विनिमय (Crossing over) किसके बीच होता है?
A
$2$ सिस्टर अर्धगुणसूत्र
B
$2$ नॉन-सिस्टर अर्धगुणसूत्र
C
$3$ समजात गुणसूत्र
D
$4$ असमजात गुणसूत्र

Solution

(B) जीन विनिमय (Crossing over) अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) की प्रोफेज-$I$ (prophase-$I$) की पैकीटीन (pachytene) अवस्था के दौरान समजात गुणसूत्रों के नॉन-सिस्टर अर्धगुणसूत्रों (non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री का आदान-प्रदान है।
यह प्रक्रिया आनुवंशिक पुनर्संयोजन (genetic recombination) की ओर ले जाती है,जो लैंगिक रूप से प्रजनन करने वाले जीवों में विविधता के लिए आवश्यक है।
इसलिए,सही उत्तर $2$ नॉन-सिस्टर अर्धगुणसूत्र है।
119
MediumMCQ
अर्धसूत्री विभाजन $-I$ की किस अवस्था में इंटरज़ोनल फाइबर (interzonal fibers) देखे जाते हैं?
A
पूर्वावस्था $-I$
B
मध्यावस्था $-I$
C
पश्चावस्था $-I$
D
अंत्यावस्था $-I$

Solution

(C) इंटरज़ोनल फाइबर वे तर्कु तंतु (spindle fibers) होते हैं जो कोशिका विभाजन के दौरान अलग हो रहे समजात गुणसूत्रों के बीच फैले होते हैं।
अर्धसूत्री विभाजन $-I$ में,समजात गुणसूत्र पश्चावस्था $-I$ $(Anaphase-I)$ के दौरान अलग होते हैं।
जैसे-जैसे ये गुणसूत्र विपरीत ध्रुवों की ओर बढ़ते हैं,अलग हो रहे गुणसूत्रों के बीच स्थित तर्कु तंतुओं को इंटरज़ोनल फाइबर कहा जाता है।
इसलिए,ये तंतु पश्चावस्था $-I$ के दौरान देखे जाते हैं।
120
MediumMCQ
इंटरकाइनेसिस (Interkinesis) के दौरान क्या होता है?
A
$DNA$ का प्रतिकृति (Replication)
B
गुणसूत्र का दोहराव (Chromosome duplication)
C
अर्धसूत्रीविभाजन-$II$ (Meiosis-$II$) के लिए तैयारी
D
शांत अवस्था (Quiescent stage)

Solution

(C) इंटरकाइनेसिस,अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ (Meiosis-$I$) और अर्धसूत्रीविभाजन-$II$ (Meiosis-$II$) के बीच की एक छोटी अवस्था है।
इस चरण के दौरान $DNA$ का प्रतिकृति (Replication) नहीं होता है।
यह मुख्य रूप से अर्धसूत्रीविभाजन-$II$ के लिए तैयारी का चरण है,जिसमें कोशिकांगों का संश्लेषण और प्रोटीन का निर्माण होता है ताकि कोशिका दूसरे विभाजन के लिए तैयार हो सके।
121
MediumMCQ
यदि $G_1$ चरण में द्विगुणित संख्या $8$ है,तो अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ और अर्धसूत्रीविभाजन-$II$ के बाद संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या क्रमशः क्या होनी चाहिए?
A
$8$ और $4$
B
$4$ और $4$
C
$8$ और $8$
D
$16$ और $8$

Solution

(B) $G_1$ चरण में,द्विगुणित संख्या $(2n)$ $8$ है।
अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ (ह्रास विभाजन) के दौरान,समजात गुणसूत्र अलग हो जाते हैं,जिसके परिणामस्वरूप दो संतति कोशिकाएं बनती हैं,जिनमें से प्रत्येक में अगुणित संख्या में गुणसूत्र $(n)$ होते हैं।
इसलिए,अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ के बाद,प्रत्येक संतति कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या $n = 8/2 = 4$ होती है।
अर्धसूत्रीविभाजन-$II$ समसूत्री विभाजन के समान एक समीकरण विभाजन है,जिसमें गुणसूत्रों की संख्या इस चरण में प्रवेश करने वाली कोशिकाओं के समान ही रहती है।
इस प्रकार,अर्धसूत्रीविभाजन-$II$ के बाद,प्रत्येक संतति कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या $4$ ही रहती है।
122
MediumMCQ
कायज्मेटा (Chiasmata) किसके परिणामस्वरूप बनते हैं?
A
समजात गुणसूत्रों के भागों के आदान-प्रदान के कारण
B
असमजात गुणसूत्रों के भागों के आदान-प्रदान के कारण
C
समजात गुणसूत्रों के भागों के द्विगुणन के कारण
D
समजात गुणसूत्रों के भागों के खोने के कारण

Solution

(A) कायज्मेटा (Chiasmata) $X$-आकार की संरचनाएं हैं जो अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) के दौरान युग्मित समजात गुणसूत्रों के बीच बनती हैं।
ये उन स्थानों का प्रतिनिधित्व करते हैं जहाँ क्रॉसिंग ओवर होता है,जो समजात गुणसूत्रों के नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री का भौतिक आदान-प्रदान है।
यह प्रक्रिया आनुवंशिक पुनर्संयोजन के लिए आवश्यक है और अर्धसूत्रीविभाजन की प्रोफेज-$I$ (prophase-$I$) की डिप्लोटीन अवस्था के दौरान होती है।
इसलिए,सही उत्तर समजात गुणसूत्रों के भागों का आदान-प्रदान है।
123
MediumMCQ
पादपों में अर्धसूत्री विभाजन ......... में देखा जाता है।
A
मूल शीर्ष
B
पर्ण आद्यक
C
बीजाणुधानी
D
बीजाणु

Solution

(C) अर्धसूत्री विभाजन कोशिका विभाजन का एक प्रकार है जो गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है,जिसके परिणामस्वरूप अगुणित कोशिकाओं का निर्माण होता है। पादपों में,अर्धसूत्री विभाजन बीजाणुधानी के भीतर (विशेष रूप से बीजाणु मातृ कोशिकाओं में) बीजाणुओं के निर्माण के दौरान होता है। मूल शीर्ष और पर्ण आद्यक वृद्धि और विकास के लिए समसूत्री विभाजन करते हैं,जबकि बीजाणु अर्धसूत्री विभाजन के उत्पाद हैं।
124
MediumMCQ
यदि एक पादप कोशिका में $N = 16$ है,तो अर्धसूत्रीविभाजन की मध्यावस्था-$I$ में इसे कैसे दर्शाया जाता है?
A
$32$ द्विसंयोजक
B
$16$ चतुःसंयोजक
C
$16$ द्विसंयोजक
D
$32$ चतुःसंयोजक

Solution

(C) अर्धसूत्रीविभाजन में,एक द्विगुणित कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या $2N$ होती है। यहाँ $N = 16$ दिया गया है,इसलिए द्विगुणित संख्या $2N = 32$ है।
अर्धसूत्रीविभाजन की पूर्वावस्था-$I$ और मध्यावस्था-$I$ के दौरान,समजात गुणसूत्र युग्मित होकर द्विसंयोजक (जिन्हें टेट्राड भी कहा जाता है) बनाते हैं।
बनने वाले द्विसंयोजकों की संख्या गुणसूत्रों की अगुणित संख्या $N$ के बराबर होती है।
चूंकि $N = 16$ है,इसलिए मध्यावस्था-$I$ में $16$ द्विसंयोजक बनेंगे।
125
MediumMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) के दौरान किस अवस्था में गुणसूत्र युग्मित होते हैं और एक-दूसरे से अलग होना शुरू करते हैं?
A
पैकीटीन
B
डिप्लोटीन
C
जायगोटीन
D
डायकाइनेसिस

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ में, पूर्वावस्था-$I$ (prophase-$I$) को पाँच उप-अवस्थाओं में विभाजित किया गया है: लेप्टोटीन, जायगोटीन, पैकीटीन, डिप्लोटीन और डायकाइनेसिस।
$1$. $Zygotene$ के दौरान, समजात गुणसूत्र युग्मित होते हैं, इस प्रक्रिया को सिनेप्सिस कहा जाता है।
$2$. $Pachytene$ के दौरान, समजात गुणसूत्रों के गैर-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच क्रॉसिंग ओवर होता है।
$3$. $Diplotene$ के दौरान, सिनेप्टोनेमल कॉम्प्लेक्स विघटित हो जाता है और समजात गुणसूत्र एक-दूसरे से अलग होना शुरू कर देते हैं, सिवाय क्रॉसिंग ओवर के स्थानों पर, जिन्हें कायाज़्मेटा कहा जाता है।
अतः, वह अवस्था जिसमें गुणसूत्र अलग होना शुरू करते हैं, वह $Diplotene$ है।
126
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा सही सुमेलित है?
A
लेप्टोटीन - बाइवैलेंट का निर्माण
B
डिप्लोटीन - काएज्मेटा का निर्माण
C
पैकीटीन - काएज्मेटा का टर्मिनलाइजेशन
D
जायगोटीन - गुलदस्ते जैसी संरचनाओं का निर्माण

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ की प्रक्रिया कई चरणों में विभाजित है:
$1$. लेप्टोटीन: गुणसूत्र संघनित और दृश्यमान हो जाते हैं।
$2$. जायगोटीन: समजात गुणसूत्रों का युग्मन होता है,जिसे सिनेप्सिस कहा जाता है।
$3$. पैकीटीन: समजात गुणसूत्रों के नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच क्रॉसिंग ओवर होता है।
$4$. डिप्लोटीन: सिनेप्टोनेमल कॉम्प्लेक्स का विघटन होता है और समजात गुणसूत्र क्रॉसिंग ओवर के स्थानों को छोड़कर अलग हो जाते हैं,जिससे $X$ के आकार की संरचनाएं बनती हैं जिन्हें काएज्मेटा कहा जाता है।
$5$. डायकाइनेसिस: काएज्मेटा का टर्मिनलाइजेशन होता है।
अतः,सही मिलान 'डिप्लोटीन - काएज्मेटा का निर्माण' है।
127
MediumMCQ
सूत्रयुग्मन (Synapsis) किनके बीच होता है?
A
दो समजात गुणसूत्र
B
नर और मादा युग्मक
C
$mRNA$ और राइबोसोम
D
तर्कु तंतु और सेंट्रोमियर

Solution

(A) सूत्रयुग्मन (Synapsis) दो समजात गुणसूत्रों का युग्मन है जो अर्धसूत्रीविभाजन $(Meiosis)$ की $Prophase-I$ अवस्था के $Zygotene$ चरण के दौरान होता है। इस प्रक्रिया के दौरान,समजात गुणसूत्र एक-दूसरे के साथ संरेखित होकर $Synaptonemal$ कॉम्प्लेक्स नामक एक जटिल संरचना बनाते हैं।
128
EasyMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ और अर्धसूत्रीविभाजन-$II$ के बीच की अवधि को ...... कहा जाता है।
A
अंतरावस्था (Interphase)
B
इंटरकाइनेसिस
C
डायकाइनेसिस
D
मेटाकाइनेसिस

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ और अर्धसूत्रीविभाजन-$II$ के बीच की अवधि को इंटरकाइनेसिस कहा जाता है।
इंटरकाइनेसिस एक अल्पकालिक विश्राम अवस्था है जो टेलोफेज-$I$ के बाद और प्रोफेज-$II$ से पहले होती है।
इस चरण के दौरान $DNA$ का प्रतिकृतियन नहीं होता है क्योंकि गुणसूत्र पहले से ही द्विगुणित अवस्था में होते हैं।
यह उस अंतरावस्था (Interphase) से भिन्न है जो अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ शुरू होने से पहले होती है।
129
EasyMCQ
लेप्टोटीन अवस्था के दौरान गुणसूत्रों का दानेदार स्वरूप किसकी उपस्थिति के कारण होता है?
A
गुणसूत्रबिंदु (Centromere)
B
गुणसूत्रकणिकाएं (Chromomeres)
C
तारककेंद्र (Centriole)
D
परिसूत्रबिंदु (Pericentriole)

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन की प्रोफेज-$I$ की लेप्टोटीन अवस्था के दौरान,गुणसूत्र प्रकाश सूक्ष्मदर्शी के नीचे धीरे-धीरे दिखाई देने लगते हैं।
गुणसूत्र लंबी,पतली और धागे जैसी संरचनाओं के रूप में दिखाई देते हैं।
इन गुणसूत्रों की लंबाई के साथ मनके जैसी संरचनाएं मौजूद होती हैं,जिन्हें गुणसूत्रकणिकाएं (Chromomeres) कहा जाता है।
ये गुणसूत्रकणिकाएं गुणसूत्रों को दानेदार या मनके जैसा स्वरूप प्रदान करती हैं।
130
DifficultMCQ
यदि एक द्विगुणित कोशिका में,$S$ अवस्था के बाद,$DNA$ की मात्रा $20 \text{ pg}$ (पीकोग्राम) है,तो पश्चावस्था-$II$ (Anaphase-$II$) के बाद प्रत्येक संतति केंद्रक में क्या स्थिति होगी?
A
द्विगुणित,$10 \text{ pg } DNA$
B
अगुणित,$10 \text{ pg } DNA$
C
अगुणित,$5 \text{ pg } DNA$
D
द्विगुणित,$5 \text{ pg } DNA$

Solution

(C) $1$. $S$ अवस्था में $DNA$ का प्रतिकृतियन (replication) होता है,जिससे कोशिका में $DNA$ की मात्रा दोगुनी हो जाती है।
$2$. $S$ अवस्था के बाद,कोशिका में $20 \text{ pg } DNA$ होता है और वह द्विगुणित $(2n)$ होती है।
$3$. अर्धसूत्री विभाजन-$I$ गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है,जिसके परिणामस्वरूप दो अगुणित कोशिकाएं बनती हैं,जिनमें से प्रत्येक में $10 \text{ pg } DNA$ होता है (क्योंकि प्रत्येक गुणसूत्र अभी भी दो सिस्टर क्रोमैटिड्स से बना होता है)।
$4$. पश्चावस्था-$II$ के दौरान,सिस्टर क्रोमैटिड्स अलग हो जाते हैं और विपरीत ध्रुवों की ओर चले जाते हैं।
$5$. अर्धसूत्री विभाजन-$II$ के पूरा होने के बाद,प्रत्येक संतति केंद्रक को गुणसूत्रों का एक सेट (अगुणित) प्राप्त होता है और अर्धसूत्री विभाजन-$I$ के अंत में कोशिका में मौजूद $DNA$ की आधी मात्रा प्राप्त होती है।
$6$. इसलिए,प्रत्येक संतति केंद्रक अगुणित $(n)$ होगा और उसमें $5 \text{ pg } DNA$ होगा।
131
MediumMCQ
$Anaphase-I$ में प्रत्येक गुणसूत्र ...... अर्धगुणसूत्रों (chromatids) से बना होता है।
A
एक
B
दो
C
चार
D
अनेक

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ $(Meiosis-I)$ के दौरान,समजात गुणसूत्र अलग हो जाते हैं,लेकिन सिस्टर क्रोमैटिड्स अपने सेंट्रोमियर पर जुड़े रहते हैं।
$Anaphase-I$ में,पूरा गुणसूत्र (जो सेंट्रोमियर पर जुड़े दो सिस्टर क्रोमैटिड्स से बना होता है) विपरीत ध्रुवों की ओर गति करता है।
इसलिए,$Anaphase-I$ में प्रत्येक गुणसूत्र $2$ क्रोमैटिड्स से बना होता है।
132
MediumMCQ
यदि एक कायिक कोशिका में $40$ गुणसूत्र मौजूद हैं,तो उस जीव के युग्मकों में गुणसूत्रों की संख्या क्या होनी चाहिए?
A
$10$
B
$20$
C
$30$
D
$40$

Solution

(B) कायिक कोशिकाएं स्वभाव से द्विगुणित $(2n)$ होती हैं,जिसका अर्थ है कि उनमें गुणसूत्रों के दो सेट होते हैं।
इस मामले में,$2n = 40$ है।
युग्मक अर्धसूत्रीविभाजन की प्रक्रिया के माध्यम से उत्पन्न अगुणित $(n)$ कोशिकाएं होती हैं।
युग्मक में गुणसूत्रों की संख्या कायिक कोशिका में मौजूद गुणसूत्रों की संख्या की आधी होती है।
इसलिए,युग्मकों में गुणसूत्रों की संख्या = $n = 40 / 2 = 20$।
133
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसमें अर्धसूत्रीविभाजन (Meiosis) होता है?
A
शीर्षस्थ विभज्योतक
B
अंतर्वेशी विभज्योतक
C
प्रजनन कोशिकाएं
D
वर्धी कोशिकाएं

Solution

(C) अर्धसूत्रीविभाजन कोशिका विभाजन का एक विशेष प्रकार है जो गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है,जिसके परिणामस्वरूप अगुणित (haploid) संतति कोशिकाएं उत्पन्न होती हैं।
यह विशेष रूप से युग्मकों के निर्माण (युग्मकजनन) के दौरान प्रजनन कोशिकाओं (जनन कोशिकाओं) में होता है।
जंतुओं में,यह जननांगों (वृषण और अंडाशय) में होता है,जबकि पौधों में,यह बीजाणु उत्पन्न करने के लिए बीजाणुधानी में होता है।
शीर्षस्थ विभज्योतक,अंतर्वेशी विभज्योतक और वर्धी कोशिकाएं वृद्धि और विकास के लिए समसूत्रीविभाजन (Mitosis) करती हैं,अर्धसूत्रीविभाजन नहीं।
134
EasyMCQ
जीन विनिमय (crossing over) की प्रक्रिया किस अवस्था में होती है?
A
जायगोटीन
B
पैकीटीन
C
डिप्लोटीन
D
डायकाइनेसिस

Solution

(B) जीन विनिमय (crossing over) समजात गुणसूत्रों के गैर-सहोदर अर्धगुणसूत्रों (non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री का आदान-प्रदान है।
यह प्रक्रिया अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ (Meiosis-$I$) की पूर्वावस्था-$I$ (Prophase-$I$) की $\text{पैकीटीन}$ अवस्था के दौरान होती है。
$\text{जायगोटीन}$ के दौरान, सिनेप्सिस (समजात गुणसूत्रों का युग्मन) होता है。
$\text{डिप्लोटीन}$ के दौरान, सिनेप्टोनेमल कॉम्प्लेक्स का विघटन होता है और समजात गुणसूत्र अलग होने लगते हैं, सिवाय उन स्थानों के जहाँ जीन विनिमय हुआ है (कायज्मेटा)।
$\text{डायकाइनेसिस}$ के दौरान, जो पूर्वावस्था-$I$ की अंतिम अवस्था है, गुणसूत्र पूरी तरह से संघनित हो जाते हैं और कायज्मेटा का समापन (terminalization) हो जाता है।
135
MediumMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन की पश्चावस्था-$II$ (Anaphase-$II$) में प्रत्येक गुणसूत्र में ........ $DNA$ होता है। ($- DNA$ में)
A
$4$
B
$3$
C
$2$
D
$1$

Solution

(D) अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ के दौरान,समजात गुणसूत्र अलग हो जाते हैं,लेकिन सिस्टर क्रोमैटिड्स सेंट्रोमियर पर जुड़े रहते हैं।
पश्चावस्था-$II$ में,प्रत्येक गुणसूत्र का सेंट्रोमियर विभाजित हो जाता है,जिससे सिस्टर क्रोमैटिड्स अलग हो जाते हैं।
एक बार सेंट्रोमियर विभाजित हो जाने के बाद,प्रत्येक क्रोमैटिड को एक स्वतंत्र गुणसूत्र माना जाता है।
इसलिए,पश्चावस्था-$II$ में,प्रत्येक गुणसूत्र एक ही क्रोमैटिड से बना होता है,जिसमें $1$ $DNA$ अणु होता है।
136
EasyMCQ
जीन विनिमय (Crossing over) . . . . . . में होता है।
A
जायगोटीन
B
डयाकाइनेसिस
C
पैकीटीन
D
डिप्लोटीन

Solution

(C) जीन विनिमय (Crossing over) समजात गुणसूत्रों के गैर-सहोदर अर्धगुणसूत्रों (non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री का आदान-प्रदान है।
यह अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ $(Meiosis-I)$ की पूर्वावस्था-$I$ $(Prophase-I)$ के पैकीटीन चरण की एक प्रमुख विशेषता है।
इस चरण के दौरान,$Recombinase$ एंजाइम पुनर्संयोजन की प्रक्रिया को सुगम बनाता है।
137
MediumMCQ
सिनैप्टोनीमल कॉम्प्लेक्स (Synaptonemal complex) किसका लक्षण है?
A
समसूत्री गुणसूत्र
B
लेप्टोटीन गुणसूत्र
C
युग्मित अर्धसूत्री गुणसूत्र
D
मध्यावस्था

Solution

(C) सिनैप्टोनीमल कॉम्प्लेक्स एक प्रोटीन संरचना है जो अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) के दौरान समजात गुणसूत्रों के बीच बनती है।
यह सिनैप्सिस (synapsis) की प्रक्रिया को सुगम बनाती है,जो समजात गुणसूत्रों के युग्मन की प्रक्रिया है।
यह संरचना विशेष रूप से अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ की प्रोफेज-$I$ के जाइगोटीन (zygotene) चरण के दौरान देखी जाती है।
इसलिए,यह युग्मित अर्धसूत्री गुणसूत्रों की एक विशिष्ट विशेषता है।
138
MediumMCQ
जब गुणसूत्रों में सूत्रयुग्मन (Synapsis) पूर्ण हो जाता है,तो कोशिका किस अवस्था में प्रवेश करती है?
A
जायगोटीन
B
पैकीटीन
C
डिप्लोटीन
D
डायकाइनेसिस

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन की $Prophase-I$ (पूर्वावस्था-$I$) के दौरान,$Zygotene$ (जायगोटीन) अवस्था में समजात गुणसूत्रों का युग्मन होता है,जिसे $Synapsis$ (सूत्रयुग्मन) कहा जाता है। जब यह $Synapsis$ गुणसूत्रों की पूरी लंबाई में पूर्ण हो जाता है,तो बाइवेलेंट या टेट्राड संरचना पूरी तरह से बन जाती है। $Zygotene$ अवस्था में $Synapsis$ के पूर्ण होने के बाद,कोशिका अगली अवस्था में प्रवेश करती है जिसे $Pachytene$ (पैकीटीन) कहा जाता है,जहाँ समजात गुणसूत्रों के गैर-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच क्रॉसिंग ओवर (व्यतिकरण) होता है।
139
EasyMCQ
$Meiosis$ (अर्धसूत्रीविभाजन) शब्द किसके द्वारा दिया गया था?
A
$W. Flemming$
B
$A. Flemming$
C
$Farmer$ और $Moore$
D
$Boveri$

Solution

(C) $Meiosis$ (अर्धसूत्रीविभाजन) शब्द $J.B. Farmer$ और $J.E.S. Moore$ द्वारा $1905$ में दिया गया था।
यह कोशिका विभाजन की उस प्रक्रिया का वर्णन करता है जिसके परिणामस्वरूप चार संतति कोशिकाएं उत्पन्न होती हैं,जिनमें से प्रत्येक में जनक कोशिका की तुलना में आधे गुणसूत्र होते हैं।
140
MediumMCQ
सिनैप्टोनीमल कॉम्प्लेक्स (synaptonemal complex) निम्नलिखित में से किसमें देखा जाता है?
A
समजात गुणसूत्रों के बीच
B
जायगोटीन अवस्था के दौरान
C
$DNA$ और प्रोटीन से बना
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) सिनैप्टोनीमल कॉम्प्लेक्स एक प्रोटीन संरचना है जो अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ के दौरान समजात गुणसूत्रों के बीच बनती है।
यह विशेष रूप से प्रोफेज-$I$ की जायगोटीन अवस्था के दौरान देखी जाती है,जहाँ समजात गुणसूत्रों का युग्मन (synapsis) होता है।
यह कॉम्प्लेक्स $DNA$ और विशिष्ट प्रोटीन से बना होता है जो युग्मन और पुनर्संयोजन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाता है।
इसलिए,सिनैप्टोनीमल कॉम्प्लेक्स के संबंध में दिए गए सभी कथन सही हैं।
141
MediumMCQ
अर्धसूत्री विभाजन $.....$ में होता है।
A
कायिक कोशिकाएं
B
गुरुबीजाणु
C
लघुबीजाणु छिद्र
D
बीजाणु मातृ कोशिकाएं

Solution

(D) अर्धसूत्री विभाजन कोशिका विभाजन का एक प्रकार है जो गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है, जिसके परिणामस्वरूप एक द्विगुणित जनक कोशिका से अगुणित कोशिकाएं बनती हैं।
पुष्पी पादपों में, अर्धसूत्री विभाजन $\text{बीजाणु } \text{मातृ } \text{कोशिकाएं}$ (विशेष रूप से लघुबीजाणु मातृ कोशिकाएं और गुरुबीजाणु मातृ कोशिकाएं) में होता है ताकि क्रमशः अगुणित लघुबीजाणु और गुरुबीजाणु उत्पन्न हो सकें।
कायिक कोशिकाएं वृद्धि और विकास के लिए समसूत्री विभाजन करती हैं।
अतः, सही विकल्प $D$ है।
142
EasyMCQ
कोशिका विभाजन के दौरान केंद्रक में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
A
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis)
B
समसूत्री विभाजन (Mitosis)
C
समीकरण विभाजन (Equational division)
D
कायिक कोशिका विभाजन (Somatic cell division)

Solution

(A) अर्धसूत्री विभाजन कोशिका विभाजन का एक विशेष प्रकार है जिसमें गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है,जिसके परिणामस्वरूप अगुणित (haploid) संतति कोशिकाएं उत्पन्न होती हैं। यह प्रक्रिया लैंगिक प्रजनन के लिए आवश्यक है ताकि पीढ़ियों में गुणसूत्रों की संख्या स्थिर बनी रहे। दूसरी ओर,समसूत्री विभाजन को समीकरण विभाजन कहा जाता है क्योंकि इसमें संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है।
143
MediumMCQ
केंद्रक विभाजन की वह प्रक्रिया क्या कहलाती है जिसके दौरान गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है?
A
अर्धसूत्री विभाजन
B
समसूत्री विभाजन
C
समीकरण विभाजन
D
अंतरावस्था

Solution

(A) अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) कोशिका विभाजन का एक विशेष प्रकार है जो गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है,जिसके परिणामस्वरूप अगुणित (haploid) संतति कोशिकाएं उत्पन्न होती हैं। यह प्रक्रिया लैंगिक प्रजनन के लिए आवश्यक है ताकि पीढ़ियों तक गुणसूत्रों की संख्या स्थिर बनी रहे। दूसरी ओर,समसूत्री विभाजन (Mitosis) एक समीकरण विभाजन है जिसमें गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है।
144
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया केवल अर्धसूत्रीविभाजन (Meiosis) से संबंधित है?
A
$DNA$ प्रतिकृति के लिए एंजाइमों का संश्लेषण
B
गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के समान बनी रहती है
C
गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका की तुलना में आधी हो जाती है
D
संतति अर्धगुणसूत्रों (sister chromatids) का अलग होना

Solution

(C) अर्धसूत्रीविभाजन कोशिका विभाजन का एक विशेष प्रकार है जो गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है,जिसके परिणामस्वरूप अगुणित $(n)$ संतति कोशिकाएं उत्पन्न होती हैं।
अर्धसूत्रीविभाजन में,जनक कोशिका (द्विगुणित,$2n$) दो क्रमिक केंद्रक विभाजनों से गुजरती है,लेकिन $DNA$ प्रतिकृति केवल एक बार होती है।
परिणामस्वरूप,जनक कोशिका की तुलना में संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या आधी $(n)$ हो जाती है।
विकल्प $A$ समसूत्री और अर्धसूत्रीविभाजन दोनों में होता है ($S$-चरण)।
विकल्प $B$ समसूत्री विभाजन की विशेषता है।
विकल्प $D$ समसूत्री और अर्धसूत्रीविभाजन-$II$ दोनों में होता है।
145
EasyMCQ
निम्नलिखित कॉलम $I$ और कॉलम $II$ का मिलान करें:
कॉलम $I$ कॉलम $II$
$(A)$ पूर्वावस्था-$I$ $(i)$ गुणसूत्र सेंट्रोमियर के साथ ध्रुवों की ओर गति करते हैं
$(B)$ मध्यावस्था-$I$ $(ii)$ गुणसूत्रों की संख्या आधी देखी जाती है
$(C)$ पश्चावस्था-$I$ $(iii)$ अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ की सबसे लंबी अवस्था
$(D)$ अंत्यावस्था-$I$ $(iv)$ दो केंद्रक देखे जाते हैं
A
$(A-i), (B-ii), (C-iii), (D-iv)$
B
$(A-iii), (B-ii), (C-i), (D-iv)$
C
$(A-ii), (B-iii), (C-iv), (D-i)$
D
$(A-iv), (B-i), (C-ii), (D-iii)$

Solution

(B) सही मिलान इस प्रकार है:
$1$. पूर्वावस्था-$I$ $(A)$ अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ की सबसे लंबी अवस्था है क्योंकि इसमें जटिल उप-अवस्थाएं (लेप्टोटीन,जाइगोटीन,पैकीटीन,डिप्लोटीन और डायकाइनेसिस) होती हैं। अतः,$(A-iii)$.
$2$. मध्यावस्था-$I$ $(B)$ में समजात गुणसूत्रों के जोड़े विषुवतीय पट्टिका पर संरेखित होते हैं,जिसके परिणामस्वरूप जनक कोशिका की तुलना में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है। अतः,$(B-ii)$.
$3$. पश्चावस्था-$I$ $(C)$ में समजात गुणसूत्र अलग हो जाते हैं,जहाँ वे सेंट्रोमियर के साथ विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं। अतः,$(C-i)$.
$4$. अंत्यावस्था-$I$ $(D)$ के परिणामस्वरूप दो संतति केंद्रकों का निर्माण होता है,जिससे केंद्रक विभाजन पूर्ण होता है। अतः,$(D-iv)$.
अतः,सही क्रम $(A-iii), (B-ii), (C-i), (D-iv)$ है।
146
EasyMCQ
प्रोफेज-$I$ (पूर्वावस्था-$I$) की किस अवस्था में गुणसूत्र संघनित होते हैं और पतले,धागे जैसी संरचनाओं के रूप में दिखाई देते हैं?
A
जायगोटीन
B
पैकीटीन
C
लेप्टोटीन
D
डाइकाइनेसिस

Solution

(C) प्रोफेज-$I$ की $Leptotene$ (लेप्टोटीन) अवस्था के दौरान,गुणसूत्र प्रकाश सूक्ष्मदर्शी के नीचे धीरे-धीरे दिखाई देने लगते हैं। इस अवस्था के दौरान गुणसूत्रों का संघनन जारी रहता है,जिससे वे पतले,धागे जैसी संरचनाओं के रूप में दिखाई देते हैं। अतः,सही विकल्प $C$ है।
147
MediumMCQ
पैकीटीन (Pachytene) अवस्था की विशेषता क्या है?
A
समजात गुणसूत्रों के जोड़ों का निर्माण
B
पुनर्संयोजन ग्रंथिकाओं (recombination nodules) का दिखाई देना
C
कियास्मेटा (chiasmata) का गायब होना
D
द्विध्रुवीय तर्कु (bipolar spindle) का निर्माण

Solution

(B) पैकीटीन अवस्था अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) की $Prophase-I$ की तीसरी अवस्था है।
इस अवस्था के दौरान,बाइवेलेंट गुणसूत्र स्पष्ट रूप से टेट्राड (चतुष्क) के रूप में दिखाई देते हैं।
इसकी मुख्य विशेषता पुनर्संयोजन ग्रंथिकाओं (recombination nodules) का दिखाई देना है,जो वे स्थान हैं जहाँ समजात गुणसूत्रों के नॉन-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच क्रॉसिंग ओवर (विनिमय) होता है।
क्रॉसिंग ओवर दो समजात गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक सामग्री का आदान-प्रदान है,जो आनुवंशिक पुनर्संयोजन की ओर ले जाता है।
148
EasyMCQ
अर्धसूत्रीविभाजन $-I$ को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
A
समसूत्री विभाजन
B
समीकरण विभाजन
C
न्यूनकारी विभाजन
D
कायिक विभाजन

Solution

(C) अर्धसूत्रीविभाजन $-I$ को $\text{न्यूनकारी}$ $\text{विभाजन}$ (Reductional division) के रूप में जाना जाता है क्योंकि इसमें जनक कोशिका की तुलना में संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है। इसके विपरीत, अर्धसूत्रीविभाजन $-II$ को $\text{समीकरण}$ $\text{विभाजन}$ (Equational division) कहा जाता है क्योंकि इसमें गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के समान ही बनी रहती है।
149
MediumMCQ
किस अवस्था में गुणसूत्रों की अर्धगुणसूत्रिकाएं (chromatids) एक-दूसरे के चारों ओर लिपटी होती हैं?
A
जायगोटीन
B
लेप्टोटीन
C
पैकीटीन
D
डाइकाइनेसिस

Solution

(A) $Meiosis-I$ की $Zygotene$ अवस्था के दौरान,समजात गुणसूत्र एक-दूसरे के साथ युग्म बनाते हैं,जिसे $Synapsis$ कहा जाता है।
जैसे ही ये गुणसूत्र युग्मित होते हैं,उनकी अर्धगुणसूत्रिकाएं (chromatids) एक-दूसरे के चारों ओर लिपटने लगती हैं।
यह कुंडलित होना $Zygotene$ अवस्था की एक प्रमुख विशेषता है,जो बाद में $Pachytene$ अवस्था में होने वाली जीन विनिमय (crossing over) की प्रक्रिया को सुगम बनाती है।
150
MediumMCQ
ज़ायगोटीन अवस्था के दौरान,समजात गुणसूत्रों का प्रत्येक जोड़ा वास्तव में कितने अर्धगुणसूत्र (chromatids) रखता है?
A
तीन
B
चार
C
एक
D
दो

Solution

(B) अर्धसूत्रीविभाजन-$I$ $(Meiosis-I)$ की ज़ायगोटीन अवस्था के दौरान,समजात गुणसूत्र एक प्रक्रिया में युग्मित होते हैं जिसे $Synapsis$ कहा जाता है।
समजात जोड़े के प्रत्येक गुणसूत्र में दो सिस्टर क्रोमैटिड्स होते हैं।
चूंकि एक समजात जोड़े में दो गुणसूत्र होते हैं,इसलिए मौजूद कुल क्रोमैटिड्स की संख्या $2 + 2 = 4$ होती है।
इस संरचना को अक्सर $Tetrad$ या $Bivalent$ के रूप में जाना जाता है।

Cell Cycle and Cell Division — Meiosis · Frequently Asked Questions

1Are these Cell Cycle and Cell Division questions useful for JEE and NEET?

Yes. All questions in this section are mapped to JEE Main and NEET exam patterns. Previous year questions from JEE Main, NEET, GUJCET and state-level exams are included with full solutions.

2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

Yes. Use the language tabs in the hero section or the sidebar to view the same questions and solutions in English, Hindi or Gujarati.

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