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Internal structure of leaf Questions in Hindi

Class 11 Biology · Anatomy of Flowering Plants · Internal structure of leaf

84+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 84 questions in Hindi

1
MediumMCQ
$Pinus$ (पाइन) की सुई में,संवहनी बंडल होते हैं:
A
बाइकोलेटरल (द्वि-पार्श्वस्थ)
B
कोलेटरल और बंद
C
कोलेटरल और खुले
D
केंद्री

Solution

(C) $Pinus$ की सुई में,संवहनी बंडल कोलेटरल और खुले प्रकार के होते हैं।
कोलेटरल का अर्थ है कि जाइलम और फ्लोएम एक ही त्रिज्या पर व्यवस्थित होते हैं,जिसमें जाइलम अंदर की ओर (adaxial) और फ्लोएम बाहर की ओर (abaxial) स्थित होता है।
खुले प्रकार का अर्थ है कि संवहनी बंडल में जाइलम और फ्लोएम के बीच कैम्बियम मौजूद होता है,जो द्वितीयक वृद्धि की अनुमति देता है।
2
MediumMCQ
समद्विपार्श्व (Isobilateral) पत्ती किसमें पाई जाती है?
A
द्विबीजपत्री
B
एकबीजपत्री
C
जलोद्भिद
D
मरुद्भिद

Solution

(B) समद्विपार्श्व पत्ती में,अधियक्ष (adaxial) और अपाक्ष (abaxial) दोनों सतहें रंग में समान होती हैं और समान आंतरिक संरचना प्रदर्शित करती हैं।
दोनों सतहों पर समान मात्रा में प्रकाश पड़ता है। इस प्रकार की पत्ती एकबीजपत्री पौधों की विशेषता है,जैसे कि $Maize$ (मक्का)।
3
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा मरुद्भिद (xerophytic) पौधों का लक्षण नहीं है?
A
मोटी क्यूटिकल
B
विकसित जड़ प्रणाली
C
वायुतक (Aerenchyma)
D
धंसे हुए रंध्र (Sunken stomata)

Solution

(C) $Aerenchyma$ (वायुतक) जलोद्भिद (hydrophytes) पौधों की एक विशेषता है,जो उन्हें तैरने और गैसों के आदान-प्रदान में मदद करती है। मरुद्भिद पौधे (शुष्क वातावरण के अनुकूल पौधे) आमतौर पर पानी की हानि को कम करने के लिए मोटी क्यूटिकल,सुविकसित जड़ प्रणाली और धंसे हुए रंध्र जैसे लक्षण रखते हैं।
4
MediumMCQ
स्टार्च मुख्य रूप से किसके द्वारा निर्मित होता है?
A
पैलिसेड पैरेन्काइमा (Palisade parenchyma)
B
स्पंजी पैरेन्काइमा (Spongy parenchyma)
C
रक्षक कोशिकाएं (Guard cells)
D
संवहन बंडल (Vascular bundle)

Solution

(A) स्टार्च मुख्य रूप से $Palisade$ $parenchyma$ (खंभ मृदूतक) द्वारा निर्मित होता है।
ये लंबी,स्तंभाकार कोशिकाएं होती हैं जिनमें अंतरकोशिकीय स्थान नहीं होते हैं।
इनमें हरितलवक (chloroplasts) की उच्च सघनता होती है,जो प्रकाश संश्लेषण के मुख्य स्थल हैं,जिससे स्टार्च का उत्पादन होता है।
ये आमतौर पर पृष्ठाधर पत्तियों में ऊपरी बाह्यत्वचा के नीचे एक या दो परतों में व्यवस्थित होते हैं।
5
EasyMCQ
पृष्ठधारी (Dorsiventral) पत्ती में होता है:
A
दोनों तरफ रंध्र
B
निचली सतह पर रंध्र
C
ऊपरी सतह पर रंध्र
D
कोई रंध्र नहीं

Solution

(B) सही उत्तर $B$ है।
पृष्ठधारी पत्तियाँ द्विबीजपत्री पौधों में पाई जाती हैं।
इन पत्तियों में,दो सतहें (ऊपरी और निचली) आकारिकी रूप से भिन्न होती हैं।
वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से पानी की हानि को कम करने के लिए रंध्र मुख्य रूप से निचली बाह्यत्वचा (epidermis) पर मौजूद होते हैं।
6
MediumMCQ
किन समीपस्थ कोशिकाओं के बीच मध्य पटलिका (middle lamella) अनुपस्थित होती है?
A
दो रक्षक कोशिकाओं के बीच
B
दो सहायक कोशिकाओं के बीच
C
रक्षक कोशिकाओं और सहायक कोशिकाओं के बीच
D
सभी बाह्यत्वचीय कोशिकाओं के बीच

Solution

(A) मध्य पटलिका पेक्टिन की एक परत है जो आसन्न पादप कोशिकाओं की कोशिका भित्तियों को एक साथ जोड़ती है।
हालाँकि,रंध्र तंत्र के मामले में,रक्षक कोशिकाएं विशिष्ट कोशिकाएं होती हैं जिन्हें रंध्र को खोलने और बंद करने के लिए अपना आकार बदलना पड़ता है।
इस गति को सुविधाजनक बनाने के लिए,रक्षक कोशिकाओं के बीच मध्य पटलिका अनुपस्थित होती है,जिससे वे अलग हो सकते हैं और रंध्र छिद्र बना सकते हैं।
इसलिए,सही उत्तर दो रक्षक कोशिकाओं के बीच है।
7
MediumMCQ
पत्ती की पृष्ठीय और अधर सतह पर बहुस्तरीय बाह्यत्वचा (Multiple epidermis) किसमें पाई जाती है?
A
ज़िया मेज़ (Zea mays)
B
फिकस बेंघालेन्सिस (Ficus benghalensis)
C
मैन्गीफेरा इंडिका (Mangifera indica)
D
नेरियम ओलियंडर (Nerium oleander)

Solution

(D) $Nerium \ oleander$ एक मरुद्भिद (xerophytic) पौधा है। इस पौधे में पत्ती की पृष्ठीय और अधर दोनों सतहों पर बहुस्तरीय बाह्यत्वचा (multiple epidermis) उपस्थित होती है। यह संरचनात्मक अनुकूलन वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करने और पत्तियों से पानी की अत्यधिक हानि को रोकने में मदद करता है।
8
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किसमें धंसे हुए (sunken) रंध्र पाए जाते हैं?
A
Nerium
B
Mangifera
C
Hydrilla
D
Zea mays

Solution

(A) धंसे हुए रंध्र (sunken stomata) मरुद्भिद (xerophytic) पौधों में पाए जाते हैं। यह वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करने के लिए एक शारीरिक अनुकूलन है,जो रंध्र के गड्ढे के भीतर एक आर्द्र सूक्ष्म वातावरण बनाकर जल की हानि को रोकता है। दिए गए विकल्पों में से,$Nerium$ मरुद्भिद पौधे का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जिसमें धंसे हुए रंध्र पाए जाते हैं।
9
MediumMCQ
एकबीजपत्री (monocot) पत्ती में:
A
अधिचर्म (epidermis) से बुलिफॉर्म कोशिकाएं अनुपस्थित होती हैं
B
शिराएं एक जाल बनाती हैं
C
पर्णमध्योतक (mesophyll) इन भागों में अच्छी तरह से विभेदित होता है
D
पर्णमध्योतक खंभ (palisade) और स्पंजी मृदूतक में विभेदित नहीं होता है

Solution

(D) एकबीजपत्री पत्ती में,ऊपरी और निचली अधिचर्म के बीच स्थित पर्णमध्योतक ऊतक खंभ (palisade) और स्पंजी मृदूतक में विभेदित नहीं होता है। इसके बजाय,सभी पर्णमध्योतक कोशिकाएं संरचना और कार्य में समान होती हैं।
10
MediumMCQ
आइसोबायलेटरल (isobilateral) घास की पत्ती में मेसोफिल की सही स्थिति किसके द्वारा दर्शाई जाती है?
A
अडाक्सियल सतह की ओर पैलिसेड
B
अबेक्सियल सतह की ओर पैलिसेड
C
अविभेदित मेसोफिल
D
दोनों सतहों पर पैलिसेड

Solution

(C) आइसोबायलेटरल पत्ती में,जैसे कि घास जैसे एकबीजपत्री पौधों में पाया जाता है,मेसोफिल ऊतक पैलिसेड और स्पंजी पैरेन्काइमा में विभेदित नहीं होता है।
इसके बजाय,मेसोफिल अविभेदित,पतली भित्ति वाली और क्लोरोप्लास्ट युक्त कोशिकाओं से बना होता है।
इसलिए,सही स्थिति यह है कि मेसोफिल अविभेदित होता है।
11
MediumMCQ
एक पृष्ठाधर (dorsiventral) पत्ती के ऊर्ध्वाधर खंड में,इसके मध्यशिरा बंडल (midrib bundle) में आदिदारु (protoxylem) किस ओर होता है?
A
पत्ती के पृष्ठीय बाह्यत्वचा (dorsal epidermis) की ओर
B
पत्ती के अधर बाह्यत्वचा (ventral epidermis) की ओर
C
स्पष्ट नहीं होता है
D
अनुदारु (metaxylem) से घिरा होता है

Solution

(A) एक पृष्ठाधर पत्ती में (जो आमतौर पर द्विबीजपत्री पौधों में पाई जाती है),संवहनी बंडल संपार्श्विक (collateral) होते हैं। मध्यशिरा बंडल में,जाइलम (xylem) ऊपरी सतह (पृष्ठीय सतह) की ओर स्थित होता है,जबकि फ्लोएम (phloem) निचली सतह (अधर सतह) की ओर स्थित होता है। जाइलम के भीतर,आदिदारु (protoxylem) के तत्व पृष्ठीय बाह्यत्वचा (ऊपरी सतह) की ओर स्थित होते हैं,और अनुदारु (metaxylem) के तत्व अधर सतह की ओर स्थित होते हैं। इसलिए,आदिदारु पृष्ठीय बाह्यत्वचा की ओर उन्मुख होता है।
12
MediumMCQ
पत्तियों में,आदिदारु (protoxylem) तत्व:
A
अपाक्ष (abaxial) सतह की ओर होते हैं
B
अक्षाक्ष (adaxial) सतह की ओर होते हैं
C
अनुदारु (metaxylem) तत्वों से घिरे होते हैं
D
संवहन बंडल में बिखरे होते हैं

Solution

(B) द्विबीजपत्री पौधों की पत्तियों में,संवहन बंडल संयुक्त और बंद प्रकार के होते हैं।
इन बंडलों में,जाइलम अक्षाक्ष (ऊपरी) सतह की ओर स्थित होता है,जबकि फ्लोएम अपाक्ष (निचली) सतह की ओर स्थित होता है।
जाइलम के भीतर,आदिदारु (protoxylem) तत्व अक्षाक्ष सतह की ओर निर्देशित होते हैं,जो पत्तियों में अंतःदारुक (endarch) स्थिति की विशेषता है।
13
MediumMCQ
पेलिसेड ऊतक पत्ती के दोनों तरफ किसमें उपस्थित होता है?
A
Helianthus
B
Nerium
C
Wheat
D
Maize

Solution

(B) $Nerium$ (कनेर) की पत्ती में पर्णमध्योतक (mesophyll) ऊतक का वितरण इस प्रकार होता है कि पेलिसेड पैरेन्काइमा पत्ती की ऊपरी और निचली दोनों सतहों पर मौजूद होता है। इसे आइसोलेटरल या इक्विफेशियल पत्ती कहा जाता है। यह मरुद्भिद (xerophytic) परिस्थितियों में जल की हानि को कम करने के लिए एक अनुकूलन है।
14
MediumMCQ
पृष्ठधारी (dorsiventral) पत्ती में,पैलिसेड ऊतक और फ्लोएम की स्थिति क्रमशः क्या होती है?
A
अपाक्ष (abaxial) और अपाक्ष (abaxial)
B
अधियक्ष (adaxial) और अपाक्ष (abaxial)
C
अधियक्ष (adaxial) और अधियक्ष (adaxial)
D
अपाक्ष (abaxial) और अधियक्ष (adaxial)

Solution

(B) पृष्ठधारी पत्ती (जो द्विबीजपत्री पौधों में सामान्य है) में,आंतरिक संरचना दो सतहों में विभेदित होती है: ऊपरी सतह (अधियक्ष - adaxial) और निचली सतह (अपाक्ष - abaxial)।
$1$. पैलिसेड पैरेन्काइमा (पैलिसेड ऊतक) प्रकाश संश्लेषण के लिए प्रकाश के अधिकतम अवशोषण हेतु ऊपरी सतह यानी अधियक्ष पक्ष की ओर स्थित होता है।
$2$. पत्ती के संवहनी बंडलों में,जाइलम अधियक्ष पक्ष (ऊपरी तरफ) की ओर स्थित होता है,जबकि फ्लोएम अपाक्ष पक्ष (निचली तरफ) की ओर स्थित होता है।
अतः,पैलिसेड ऊतक अधियक्ष है और फ्लोएम अपाक्ष है।
15
MediumMCQ
समद्विपार्श्विक (isobilateral) पत्ती में अधिक लवक (plastids) कहाँ पाए जाते हैं?
A
ऊपरी बाह्यत्वचा
B
निचली बाह्यत्वचा
C
पर्णमध्योतक कोशिकाएं
D
परिरंभ

Solution

(C) समद्विपार्श्विक पत्ती में (जो आमतौर पर एकबीजपत्री पौधों में पाई जाती है),पर्णमध्योतक (mesophyll) का खंभ ऊतक (palisade) और स्पंजी पैरेन्काइमा में विभेदन नहीं होता है। पर्णमध्योतक कोशिकाएं प्रकाश संश्लेषण का मुख्य स्थल होती हैं और इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए इनमें प्रचुर मात्रा में हरितलवक (लवक) पाए जाते हैं।
16
EasyMCQ
हरितलवक (chloroplast) की सबसे बड़ी संख्या किसमें पाई जाती है?
A
खंभ ऊतक (Palisade tissue)
B
स्पंजी ऊतक (Spongy tissue)
C
ट्रांसफ्यूजन ऊतक (Transfusion tissue)
D
पुल आच्छद कोशिकाएं (Bundle sheath cells)

Solution

(A) खंभ ऊतक ($Palisade$ tissue) लंबी,स्तंभकार कोशिकाओं से बना होता है जो बिना किसी अंतरकोशिकीय स्थान के व्यवस्थित होती हैं। इन कोशिकाओं में हरितलवकों की सांद्रता सबसे अधिक होती है ताकि प्रकाश संश्लेषण के लिए प्रकाश का अधिकतम अवशोषण हो सके। इसलिए,ये प्रकाश संश्लेषण के प्राथमिक स्थल हैं।
17
MediumMCQ
बुलिफॉर्म कोशिकाओं का कार्य क्या है?
A
पर्ण की बाह्यत्वचा पर पानी को अवशोषित करना
B
प्रकाश संश्लेषण के लिए विभिन्न एंजाइम रखना
C
वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करना
D
जहाँ वे उपस्थित हैं वहां बाह्यत्वचा कोशिकाओं को सहारा देना

Solution

(C) बुलिफॉर्म कोशिकाएं बड़ी,बुलबुले के आकार की बाह्यत्वचा कोशिकाएं होती हैं जो घास जैसे कई एकबीजपत्री पौधों की पत्तियों की ऊपरी सतह पर समूहों में पाई जाती हैं।
पानी की कमी या सूखे की अवधि के दौरान,ये कोशिकाएं पानी खो देती हैं और शिथिल (flaccid) हो जाती हैं।
स्फीति दाब (turgor pressure) में इस कमी के कारण पत्तियां अंदर की ओर मुड़ जाती हैं,जिससे वातावरण के संपर्क में आने वाला सतह क्षेत्र कम हो जाता है।
पत्तियों को मोड़कर,पौधा प्रभावी रूप से वाष्पोत्सर्जन की दर को कम कर देता है,जिससे पानी का संरक्षण होता है।
अतः,सही विकल्प $(c)$ है।
18
MediumMCQ
अवशेषी (vestigial) रंध्र किसमें उपस्थित होते हैं?
A
प्लवी जलोद्भिद
B
निमग्न जलोद्भिद
C
$(a)$ और $(b)$ दोनों
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(B) निमग्न जलोद्भिद (submerged hydrophytes) में रंध्र या तो पूरी तरह से अनुपस्थित होते हैं या यदि उपस्थित होते हैं,तो वे अक्रियाशील और अवशेषी होते हैं।
इसका कारण यह है कि निमग्न पौधे पानी और गैसों का अवशोषण सीधे अपनी सतह के माध्यम से करते हैं,जिससे गैस विनिमय या वाष्पोत्सर्जन के लिए रंध्रों की आवश्यकता नहीं होती है।
अतः,सही उत्तर $(b)$ है।
19
EasyMCQ
$Potamogeton$ में होते हैं:
A
कार्यशील रंध्र
B
अधिक कार्यशील रंध्र
C
अकार्यशील रंध्र
D
ओट प्रकार के रंध्र

Solution

(C) $Potamogeton$ एक जलमग्न जलीय पौधा है। जलमग्न जलोद्भिदों में रंध्र या तो पूरी तरह से अनुपस्थित होते हैं या यदि उपस्थित होते हैं,तो वे अकार्यशील (अवशेषी) होते हैं। इसलिए,$Potamogeton$ में अकार्यशील रंध्र पाए जाते हैं।
20
MediumMCQ
$Vallisneria$ में,रंध्र (stomata) होते हैं
A
पत्ती की ऊपरी बाह्यत्वचा पर उपस्थित
B
पत्ती की निचली बाह्यत्वचा पर उपस्थित
C
पत्ती की दोनों बाह्यत्वचा पर उपस्थित
D
अनुपस्थित

Solution

(D) $Vallisneria$ एक निमग्न जलीय पौधा है। निमग्न जलोद्भिद पौधों में,पूरा पौधा शरीर पानी के नीचे रहता है। चूंकि पौधा सीधे पानी के संपर्क में होता है,इसलिए गैसों का आदान-प्रदान विसरण द्वारा शरीर की सतह से होता है। इसलिए,$Vallisneria$ में रंध्र अनुपस्थित होते हैं क्योंकि वाष्पोत्सर्जन या गैसीय विनिमय के लिए उनकी आवश्यकता नहीं होती है।
21
EasyMCQ
धंसे हुए रंध्र (Sunken stomata) किस श्रेणी के पौधों का अनुकूलन हैं?
A
जलोद्भिद (Hydrophytes)
B
छायाप्रिय (Sciophytes)
C
मरुद्भिद (Xerophytes)
D
लवणोद्भिद (Halophytes)

Solution

(C) धंसे हुए रंध्र (Sunken stomata) एक विशेष शारीरिक अनुकूलन है जो रंध्रीय वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करने में मदद करता है।
जब रंध्र गहरे गड्ढों या खांचों (grooves) में स्थित होते हैं और कभी-कभी बाह्यत्वचीय रोमों (hairs) द्वारा सुरक्षित होते हैं,तो वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से पानी की हानि की दर काफी कम हो जाती है।
यह अनुकूलन पानी की कमी वाले वातावरण में रहने वाले पौधों के लिए नमी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
इसलिए,इस प्रकार के अनुकूलन $Xerophytes$ (मरुद्भिद) पौधों में पाए जाते हैं।
22
MediumMCQ
घास की पत्तियों में बुलीफॉर्म कोशिकाएं क्या दर्शाती हैं?
A
वृद्धि गति
B
अनुवर्तन गति
C
नस्टिक गति
D
स्फीति गति

Solution

(D) बुलीफॉर्म कोशिकाएं घास की पत्तियों की ऊपरी बाह्यत्वचा में मौजूद बड़ी,बुलबुले के आकार की बाह्यत्वचीय कोशिकाएं होती हैं।
ये कोशिकाएं पतली भित्ति वाली होती हैं और इनमें एक बड़ी रसधानी होती है।
जब पानी प्रचुर मात्रा में होता है,तो वे स्फीत (turgid) हो जाती हैं,जिससे पत्ती खुल जाती है।
जब पानी की कमी होती है,तो वे पानी खो देती हैं और शिथिल (flaccid) हो जाती हैं,जिससे पत्ती अंदर की ओर मुड़ जाती है ताकि सतह का क्षेत्रफल कम हो सके और वाष्पोसर्जन न्यूनतम हो सके।
स्फीति दाब (turgor pressure) में परिवर्तन के कारण आकार में होने वाले इस प्रतिवर्ती परिवर्तन को स्फीति गति (turgor movement) कहा जाता है।
23
MediumMCQ
घास की कई प्रकार की पत्तियों में मुड़ने या खुलने की क्षमता होती है,क्योंकि उनमें .....
A
बहुत पतली होती हैं
B
समद्विपार्श्विक (isobilateral) होती हैं
C
विशेष प्रकार की मोटर कोशिकाएं होती हैं
D
समानांतर संवहनी बंडल होते हैं

Solution

(C) घास में,शिराओं के साथ स्थित कुछ ऊपरी बाह्यत्वचीय (adaxial epidermal) कोशिकाएं विशेष प्रकार की बड़ी,खाली और रंगहीन कोशिकाओं में रूपांतरित हो जाती हैं,जिन्हें बुलिफॉर्म कोशिकाएं या मोटर कोशिकाएं कहा जाता है। जब पत्तियों में ये कोशिकाएं पानी सोखकर स्फीत (turgid) हो जाती हैं,तो वे पत्ती की सतह को फैला देती हैं। जब जल के तनाव के कारण ये कोशिकाएं श्लथ (flaccid) हो जाती हैं,तो वे पत्तियों को अंदर की ओर मोड़ देती हैं ताकि जल की हानि को कम किया जा सके।
24
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसमें पर्णमध्योतक (mesophyll) खंभ मृदूतक (palisade) और स्पंजी मृदूतक (spongy parenchyma) में विभेदित होता है?
A
समद्विपार्श्व पर्ण
B
पृष्ठाधर पर्ण
C
दोनों
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) पृष्ठाधर पर्ण (आमतौर पर द्विबीजपत्री पौधों में पाया जाता है) में पर्णमध्योतक दो प्रकार की कोशिकाओं में विभेदित होता है: खंभ मृदूतक और स्पंजी मृदूतक।
खंभ मृदूतक ऊपरी सतह (adaxial) की ओर स्थित होता है और इसमें लंबवत रूप से व्यवस्थित लंबी कोशिकाएं होती हैं।
स्पंजी मृदूतक निचली सतह (abaxial) की ओर स्थित होता है और इसमें अंडाकार या गोल कोशिकाएं होती हैं जिनमें बड़े अंतरकोशिकीय स्थान होते हैं।
इसके विपरीत,समद्विपार्श्व पर्ण (आमतौर पर एकबीजपत्री पौधों में पाया जाता है) में यह विभेदन नहीं दिखाई देता है,क्योंकि इसमें पर्णमध्योतक की कोशिकाएं समान होती हैं।
25
MediumMCQ
बुलिफॉर्म कोशिकाएं ....... होती हैं।
A
पत्ती की खाली,रंगहीन बाह्यत्वचीय कोशिकाएं
B
प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं
C
तने की यूकेरियोटिक कोशिकाएं
D
जड़ की बल्ब जैसी मृदूतकीय कोशिकाएं

Solution

(A) बुलिफॉर्म कोशिकाएं,जिन्हें मोटर कोशिकाओं के रूप में भी जाना जाता है,घास जैसे कई एकबीजपत्री पौधों की पत्तियों की ऊपरी सतह पर समूहों में पाई जाने वाली बड़ी,बुलबुले के आकार की बाह्यत्वचीय कोशिकाएं हैं।
ये कोशिकाएं खाली और रंगहीन होती हैं क्योंकि इनमें क्लोरोप्लास्ट का अभाव होता है।
जब ये कोशिकाएं पानी सोखती हैं और स्फीत (turgid) हो जाती हैं,तो पत्ती की सतह फैल जाती है।
जब तनाव (जैसे सूखा) के कारण ये पानी खो देती हैं,तो ये शिथिल हो जाती हैं,जिससे वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से पानी की हानि को कम करने के लिए पत्ती अंदर की ओर मुड़ जाती है।
26
DifficultMCQ
पत्तियों में आदिदारु (Protoxylem) और आदिपोषवाह (Protophloem) की स्थिति क्रमशः क्या है?
A
अपाक्ष और अभ्यक्ष
B
अभ्यक्ष और अपाक्ष
C
दोनों अभ्यक्ष
D
दोनों अपाक्ष

Solution

(B) पत्ती के संवहन बंडलों में जाइलम और फ्लोएम एक विशिष्ट विन्यास में व्यवस्थित होते हैं।
$1$. जाइलम ऊतक पत्ती की अभ्यक्ष (ऊपरी) सतह की ओर स्थित होता है।
$2$. फ्लोएम ऊतक पत्ती की अपाक्ष (निचली) सतह की ओर स्थित होता है।
$3$. जाइलम के भीतर,आदिदारु (सबसे पहले बनने वाला जाइलम) अभ्यक्ष पक्ष की ओर उन्मुख होता है।
$4$. फ्लोएम के भीतर,आदिपोषवाह (सबसे पहले बनने वाला फ्लोएम) अपाक्ष पक्ष की ओर उन्मुख होता है।
अतः,आदिदारु अभ्यक्ष और आदिपोषवाह अपाक्ष स्थिति में होते हैं।
27
DifficultMCQ
पत्ती में आदिदारु (protoxylem) की स्थिति क्या होती है?
A
अध्याक्ष (Adaxial)
B
अपाक्ष (Abaxial)
C
अनुदारु के चारों ओर
D
पार्श्वीय

Solution

(A) द्विबीजपत्री पत्ती के संवहनी बंडलों में,जाइलम (xylem) अध्याक्ष (ऊपरी) सतह की ओर स्थित होता है,जबकि फ्लोएम (phloem) अपाक्ष (निचली) सतह की ओर स्थित होता है। जाइलम के भीतर,आदिदारु (protoxylem) के तत्व अध्याक्ष पक्ष की ओर स्थित होते हैं,और अनुदारु (metaxylem) के तत्व अपाक्ष पक्ष की ओर स्थित होते हैं। इसलिए,आदिदारु की सही स्थिति अध्याक्ष होती है।
28
MediumMCQ
पत्तियों में किस प्रकार के संवहनी बंडल पाए जाते हैं?
A
उभयपार्श्व और वर्धमान
B
संयुक्त और वर्धमान
C
संयुक्त और अवर्धमान
D
अरीय और बाह्यादिदारुक

Solution

(C) पत्तियों में संवहनी बंडल $\text{संयुक्त}$ (conjoint), $\text{पार्श्वस्थ}$ (collateral) और $\text{अवर्धमान}$ (closed) प्रकार के होते हैं।
$\text{संयुक्त}$ का अर्थ है कि जाइलम और फ्लोएम एक ही त्रिज्या पर स्थित होते हैं।
$\text{अवर्धमान}$ का अर्थ है कि जाइलम और फ्लोएम के बीच एधा (cambium) अनुपस्थित होती है, जिससे द्वितीयक वृद्धि नहीं होती है।
अतः, सही विकल्प $C$ है।
29
MediumMCQ
किस पौधे में खंभ ऊतक (palisade tissue) पत्ती के दोनों तरफ मौजूद होता है?
A
नेरियम
B
यूकेलिप्टस
C
$(A)$ और $(B)$ दोनों
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) अधिकांश द्विबीजपत्री पत्तियों में,पर्णमध्योतक (mesophyll) खंभ ऊतक (palisade parenchyma) और स्पंजी ऊतक (spongy parenchyma) में विभेदित होता है,जिसे पृष्ठाधर (dorsiventral) पत्ती की शारीरिक संरचना कहा जाता है।
हालाँकि,नेरियम $(Nerium)$ और यूकेलिप्टस $(Eucalyptus)$ जैसे कुछ पौधों में,पत्तियाँ समद्विपार्श्विक (isobilateral) होती हैं या मरुद्भिद (xerophytic) परिस्थितियों के अनुकूल होती हैं,जहाँ प्रकाश संश्लेषण की दक्षता को अधिकतम करने और पानी की हानि को कम करने के लिए पत्ती की ऊपरी और निचली दोनों सतहों पर खंभ ऊतक मौजूद होते हैं।
इसलिए,नेरियम और यूकेलिप्टस दोनों ही यह विशेषता प्रदर्शित करते हैं।
30
EasyMCQ
बुलिफॉर्म (आर्द्रताग्राही) कोशिकाएं ..... में पाई जाती हैं।
A
सूरजमुखी के बीज
B
गेहूं की पत्तियां
C
मटर की फली
D
आलू के कंद

Solution

(B) बुलिफॉर्म कोशिकाएं,जिन्हें मोटर कोशिकाओं के रूप में भी जाना जाता है,बड़ी,बुलबुले के आकार की बाह्यत्वचीय कोशिकाएं होती हैं जो कई एकबीजपत्री पौधों जैसे घास (उदाहरण के लिए,गेहूं,मक्का,चावल) की पत्तियों की ऊपरी सतह पर समूहों में पाई जाती हैं।
ये कोशिकाएं पतली भित्ति वाली होती हैं और इनमें पानी से भरी बड़ी रिक्तिकाएं होती हैं।
जब पानी की उपलब्धता कम होती है,तो ये कोशिकाएं पानी खो देती हैं और शिथिल हो जाती हैं,जिससे वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से पानी की हानि को कम करने के लिए पत्तियां अंदर की ओर मुड़ जाती हैं।
इसलिए,ये गेहूं की पत्तियों में पाई जाती हैं।
31
MediumMCQ
कई घासों में,पत्तियों के ऊपरी बाह्यत्वचा (epidermis) में बुलीफॉर्म कोशिकाओं (bulliform cells) की उपस्थिति का क्या महत्व है?
A
पत्ती के पृष्ठीय क्षेत्रफल को बढ़ाने के लिए
B
बड़ी मात्रा में पानी का भंडारण करने के लिए
C
पत्ती के पृष्ठीय क्षेत्रफल को कम करके वाष्पोत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए
D
एककोशिकीय रोम (trichomes) रखने के लिए

Solution

(C) घास जैसे कई एकबीजपत्री पौधों में,शिराओं के साथ स्थित ऊपरी (adaxial) बाह्यत्वचा की कोशिकाएं बड़ी,खाली और रंगहीन कोशिकाओं में रूपांतरित हो जाती हैं,जिन्हें बुलीफॉर्म कोशिकाएं कहा जाता है।
जब ये कोशिकाएं पानी सोखती हैं और स्फीत (turgid) हो जाती हैं,तो पत्ती की सतह खुल जाती है।
हालांकि,जब पानी की कमी के कारण ये कोशिकाएं श्लथ (flaccid) हो जाती हैं,तो ये पत्तियों को अंदर की ओर मोड़ देती हैं ताकि वातावरण के संपर्क में आने वाली पत्ती की सतह का क्षेत्रफल कम हो जाए।
यह तंत्र वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करने में मदद करता है,जिससे शुष्क परिस्थितियों में पानी का संरक्षण होता है।
32
MediumMCQ
स्तंभ मृदूतक (Palisade parenchyma) ..... की पत्तियों में अनुपस्थित होता है।
A
चना
B
सोरघम (ज्वार)
C
सरसों
D
सोयाबीन

Solution

(B) स्तंभ मृदूतक द्विबीजपत्री पौधों की पत्तियों में पाया जाने वाला पर्णमध्योतक (mesophyll) ऊतक का एक प्रकार है। इसमें ऊपरी बाह्यत्वचा के नीचे लंबवत व्यवस्थित लंबी कोशिकाएं होती हैं। एकबीजपत्री पौधे,जैसे कि $Sorghum$ (ज्वार - एक प्रकार की घास),में आमतौर पर समद्विपार्श्व पत्तियां होती हैं,जिनमें पर्णमध्योतक का स्तंभ मृदूतक और स्पंजी मृदूतक में विभेदन नहीं होता है। इसलिए,$Sorghum$ की पत्तियों में स्तंभ मृदूतक अनुपस्थित होता है।
33
MediumMCQ
पत्ती में फ्लोएम (अन्नवाह) किस ओर स्थित होता है?
A
अध्याक्ष (Adaxial)
B
अपाक्ष (Abaxial)
C
पार्श्व (Lateral)
D
अध्याक्ष और अपाक्ष दोनों

Solution

(B) पृष्ठधारी पत्ती (जैसे द्विबीजपत्री पत्ती) के संवहनी बंडलों में,जाइलम सामान्यतः अध्याक्ष (ऊपरी) सतह की ओर स्थित होता है,जबकि फ्लोएम अपाक्ष (निचली) सतह की ओर स्थित होता है। यह व्यवस्था पत्ती के ऊतकों के भीतर जल और पोषक तत्वों के कुशल परिवहन को सुनिश्चित करती है।
34
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस पौधे की पत्तियों में पैलिसेड पैरेन्काइमा (खंभ मृदूतक) अनुपस्थित होता है?
A
सरसों
B
सोयाबीन
C
चना
D
ज्वार

Solution

(D) : ज्वार $(Sorghum)$ की पत्तियों में पैलिसेड पैरेन्काइमा अनुपस्थित होता है।
ज्वार एक एकबीजपत्री (monocot) पौधा है।
एकबीजपत्री पत्तियों (समद्विपार्श्व पत्तियां) में,पर्णमध्योतक (mesophyll) ऊतक पैलिसेड और स्पंजी पैरेन्काइमा में विभेदित नहीं होते हैं,जो द्विबीजपत्री पत्तियों (पृष्ठाधर पत्तियां) से भिन्न है,जहाँ ये दोनों परतें स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।
35
EasyMCQ
सामान्यतः एक $...$ पत्ती की निचली सतह पर रंध्रों (stomata) की संख्या अधिक होती है, जबकि एक $...$ पत्ती में वे दोनों सतहों पर लगभग समान होते हैं।
A
एकबीजपत्री,द्विबीजपत्री
B
द्विबीजपत्री,एकबीजपत्री
C
अनावृतबीजी,एकबीजपत्री
D
उपरोक्त में से कोई नहीं

Solution

(B) $\text{द्विबीजपत्री}$ (पृष्ठाधर) पत्तियों में, जल की हानि को कम करने के लिए रंध्र सामान्यतः ऊपरी सतह की तुलना में निचली सतह (abaxial surface) पर अधिक संख्या में होते हैं।
$\text{एकबीजपत्री}$ (समद्विपार्श्व) पत्तियों में, रंध्र दोनों सतहों पर लगभग समान संख्या में उपस्थित होते हैं।
अतः, सही क्रम $\text{द्विबीजपत्री}$ और $\text{एकबीजपत्री}$ है।
36
EasyMCQ
बुलिफॉर्म कोशिकाएं (Bulliform cells) किसमें उपस्थित होती हैं?
A
द्विबीजपत्री पत्ती
B
एकबीजपत्री पत्ती
C
एकबीजपत्री जड़
D
एकबीजपत्री तना

Solution

(B) बुलिफॉर्म कोशिकाएं,जिन्हें मोटर कोशिकाओं के रूप में भी जाना जाता है,बड़ी,बुलबुले के आकार की बाह्यत्वचीय कोशिकाएं होती हैं जो घास जैसे कई एकबीजपत्री पौधों की पत्तियों की ऊपरी सतह पर समूहों में मौजूद होती हैं।
ये कोशिकाएं पतली भित्ति वाली होती हैं और इनमें पानी से भरी बड़ी रिक्तिकाएं होती हैं।
जब पानी की उपलब्धता कम होती है,तो ये कोशिकाएं अपनी स्फीति (turgidity) खो देती हैं,जिससे वाष्पोसर्जन के माध्यम से पानी के नुकसान को कम करने के लिए पत्तियां अंदर की ओर मुड़ जाती हैं।
इसलिए,बुलिफॉर्म कोशिकाएं एकबीजपत्री पत्तियों की एक विशिष्ट विशेषता हैं।
37
MediumMCQ
द्विबीजपत्री (dicot) पत्ती में:
A
अधोमुख (abaxial) बाह्यत्वचा पर सामान्यतः अधिक रंध्र होते हैं।
B
उपरिमख (adaxial) बाह्यत्वचा पर अधिक रंध्र होते हैं।
C
दोनों बाह्यत्वचा में रंध्रों की संख्या समान होती है।
D
दोनों बाह्यत्वचा में रंध्र अनुपस्थित होते हैं।

Solution

(A) एक सामान्य द्विबीजपत्री (dicot) पत्ती पृष्ठाधर (dorsiventral) होती है,जिसका अर्थ है कि इसकी ऊपरी (adaxial) और निचली (abaxial) सतहें अलग-अलग होती हैं।
सामान्यतः,ऊपरी सतह (adaxial) की तुलना में निचली सतह (abaxial) पर रंध्रों की संख्या अधिक होती है।
यह अनुकूलन रंध्रों को सीधी धूप से दूर रखकर वाष्पोत्सर्जन की दर को कम करने में मदद करता है।
38
MediumMCQ
पत्ती के अनुप्रस्थ काट के दिए गए चित्र से $a, b, c, d$ की पहचान करें:
Question diagram
A
रंध्र - वायु कोटर - रंध्र के नीचे की गुहा - खंभ मृदूतक
B
रंध्र - फ्लोएम - रंध्र के नीचे की गुहा - पर्णमध्योतक
C
अधस्त्वचा - फ्लोएम - रंध्र के नीचे की गुहा - स्पंजी पर्णमध्योतक
D
रंध्र के नीचे की गुहा - जाइलम - अधस्त्वचा - पर्णमध्योतक

Solution

(D) पृष्ठाधर पत्ती की आंतरिक संरचना के आधार पर:
$a$ रंध्र के नीचे की गुहा (substomatal cavity) को इंगित करता है।
$b$ संवहन बंडल के भीतर जाइलम वाहिकाओं को इंगित करता है।
$c$ अधस्त्वचा (abaxial epidermis) को इंगित करता है।
$d$ स्पंजी पर्णमध्योतक (spongy mesophyll) ऊतक को इंगित करता है।
अतः,दिए गए विकल्पों में से विकल्प $D$ सही उत्तर है।
39
MediumMCQ
एकबीजपत्री पत्तियों में:
A
पर्णमध्योतक (Mesophyll) खंभ ऊतक (palisade) और स्पंजी मृदूतक (spongy parenchyma) में विभेदित नहीं होता है।
B
पर्णमध्योतक खंभ ऊतक और स्पंजी मृदूतक में विभेदित होता है।
C
रंध्र केवल एक ही सतह पर उपस्थित होते हैं।
D
बुलिफॉर्म कोशिकाएं अनुपस्थित होती हैं।

Solution

(A) एकबीजपत्री (समद्विपार्श्व) पत्तियों में,पर्णमध्योतक ऊतक खंभ ऊतक और स्पंजी मृदूतक में विभेदित नहीं होता है। दोनों प्रकार की कोशिकाएं संरचना और कार्य में समान होती हैं। इसके विपरीत,द्विबीजपत्री (पृष्ठाधर) पत्तियों में पर्णमध्योतक का खंभ ऊतक और स्पंजी मृदूतक में स्पष्ट विभेदन दिखाई देता है। इसलिए,विकल्प $A$ सही कथन है।
40
MediumMCQ
द्विबीजपत्री पत्ती में,संवहन बंडल किसके द्वारा घिरे होते हैं?
A
वायु गुहाएं
B
पुल आच्छद कोशिकाएं
C
क्यूटिकल
D
बुलिफॉर्म कोशिकाएं

Solution

(B) द्विबीजपत्री पत्ती में,संवहन बंडल पर्णमध्योतक (mesophyll) ऊतक में स्थित होते हैं।
प्रत्येक संवहन बंडल मोटी भित्ति वाली मृदूतकीय कोशिकाओं की एक परत से घिरा होता है,जिसे पुल आच्छद कोशिकाएं (Bundle sheath cells) कहा जाता है।
ये कोशिकाएं संरचनात्मक आधार प्रदान करती हैं और संवहन ऊतक तथा पर्णमध्योतक कोशिकाओं के बीच पदार्थों के परिवहन में शामिल होती हैं।
41
MediumMCQ
एकबीजपत्री पत्ती में निम्नलिखित में से क्या अनुपस्थित होता है?
A
खंभ ऊतक (Palisade mesophyll)
B
संवहन ऊतक
C
बाह्यत्वचा (Epidermis)
D
हरितलवक (Chloroplast)

Solution

(A) एकबीजपत्री पत्ती (समद्विपार्श्व पत्ती) में,पर्णमध्योतक (mesophyll) खंभ ऊतक (palisade) और स्पंजी मृदूतक (spongy parenchyma) में विभेदित नहीं होता है। पत्ती के दोनों तरफ समान पर्णमध्योतक कोशिकाएं होती हैं। इसके विपरीत,द्विबीजपत्री पत्ती (पृष्ठाधारी पत्ती) में पर्णमध्योतक का खंभ ऊतक और स्पंजी मृदूतक में स्पष्ट विभेदन दिखाई देता है। इसलिए,एकबीजपत्री पत्ती में खंभ ऊतक अनुपस्थित होता है।
42
MediumMCQ
एकबीजपत्री (monocot) पत्ती के लिए निम्नलिखित में से क्या सत्य है?
A
जालिकावत शिराविन्यास
B
अधिचर्म में बुलिफॉर्म कोशिकाओं की अनुपस्थिति
C
पर्णमध्योतक (mesophyll) खंभ ऊतक और स्पंजी ऊतक में विभेदित नहीं होता है
D
सुविभेदित पर्णमध्योतक

Solution

(C) एकबीजपत्री पत्तियों में,पर्णमध्योतक (mesophyll) खंभ ऊतक (palisade) और स्पंजी ऊतक (spongy parenchyma) में विभेदित नहीं होता है। इसके बजाय,यह अविभेदित मृदूतक कोशिकाओं से बना होता है। इसके अतिरिक्त,एकबीजपत्री पत्तियों के ऊपरी अधिचर्म में अक्सर बुलिफॉर्म कोशिकाएं (मोटर कोशिकाएं) मौजूद होती हैं,जो जल तनाव के दौरान पत्ती को मुड़ने में मदद करती हैं। जालिकावत शिराविन्यास द्विबीजपत्री पत्तियों की विशेषता है,जबकि एकबीजपत्री पत्तियों में आमतौर पर समानांतर शिराविन्यास पाया जाता है।
43
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किन पत्तियों में खंभ मृदूतक (palisade parenchyma) अनुपस्थित होता है?
A
सरसों
B
सोयाबीन
C
चना
D
गन्ना

Solution

(D) द्विबीजपत्री पौधों की पत्तियां आमतौर पर पृष्ठाधर (dorsiventral) शारीरिक संरचना प्रदर्शित करती हैं,जहाँ पर्णमध्योतक (mesophyll) खंभ मृदूतक और स्पंजी मृदूतक में विभेदित होता है।
सरसों,सोयाबीन और चना सभी द्विबीजपत्री पौधे हैं,इसलिए उनकी पत्तियों में खंभ मृदूतक मौजूद होता है।
गन्ना एक एकबीजपत्री पौधा है।
एकबीजपत्री पत्तियां समद्विपार्श्विक (isobilateral) होती हैं,जिसका अर्थ है कि पर्णमध्योतक खंभ और स्पंजी मृदूतक में विभेदित नहीं होता है; इसके बजाय,यह अविभेदित मृदूतक कोशिकाओं से बना होता है।
इसलिए,गन्ने की पत्तियों में खंभ मृदूतक अनुपस्थित होता है।
44
MediumMCQ
घास की पत्तियों के कई प्रकारों में मुड़ने या खुलने की क्षमता होती है क्योंकि उनमें ........ होते हैं।
A
बहुत पतली होती हैं।
B
आइसोबायलैटरल (isobilateral) होती हैं।
C
विशिष्ट बुलिफॉर्म कोशिकाएं (bulliform cells) होती हैं।
D
समानांतर संवहनी बंडल (vascular bundles) होते हैं।

Solution

(C) घास में,शिराओं के साथ स्थित कुछ बाह्यत्वचीय (epidermal) कोशिकाएं विशिष्ट,बड़ी,खाली और रंगहीन कोशिकाओं में परिवर्तित हो जाती हैं,जिन्हें $ \text{bulliform cells} $ (बुलिफॉर्म कोशिकाएं) कहा जाता है।
जब ये कोशिकाएं पानी सोखने के कारण स्फीत (turgid) हो जाती हैं,तो पत्ती खुल जाती है।
जब पानी की कमी होती है,तो ये कोशिकाएं पानी खो देती हैं और शिथिल (flaccid) हो जाती हैं,जिससे पत्ती अंदर की ओर मुड़ जाती है। यह प्रक्रिया वाष्पोत्सर्जन द्वारा होने वाले जल के नुकसान को कम करने में मदद करती है।
45
MediumMCQ
कथन: बुलीफॉर्म कोशिकाएं पत्ती के खुलने (unrolling) में उपयोगी होती हैं।
कारण: बुलीफॉर्म कोशिकाएं पानी का भंडारण करती हैं।
A
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
B
यदि कथन और कारण दोनों सही हैं लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
C
यदि कथन सही है लेकिन कारण गलत है।
D
यदि कथन और कारण दोनों गलत हैं।

Solution

(A) समद्विपार्श्व (isobilateral) पत्तियों में,ऊपरी बाह्यत्वचा (epidermis) में विशेष कोशिकाएं होती हैं जिन्हें बुलीफॉर्म या मोटर कोशिकाएं कहा जाता है।
ये कोशिकाएं बड़ी,खाली और रंगहीन होती हैं,और इनमें पानी जमा करने की क्षमता होती है।
जब पौधे में पर्याप्त पानी होता है,तो ये कोशिकाएं स्फीत (turgid) हो जाती हैं,जो पत्ती को खोलने में मदद करती हैं।
इसके विपरीत,जल तनाव के दौरान,ये कोशिकाएं पानी खो देती हैं और शिथिल (flaccid) हो जाती हैं,जिससे पानी की हानि को कम करने के लिए पत्ती अंदर की ओर मुड़ जाती है।
अतः,कथन और कारण दोनों सही हैं,और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
46
Difficult
नामांकित चित्रों की सहायता से एक पृष्ठाधर (dorsiventral) पत्ती की आंतरिक संरचना का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) पृष्ठाधर पत्तियाँ आमतौर पर द्विबीजपत्री पौधों में पाई जाती हैं। एक पृष्ठाधर पत्ती का अनुप्रस्थ काट ($T$.$S$.) तीन अलग-अलग भागों को दर्शाता है:
$[1]$ बाह्यत्वचा (Epidermis):
यह ऊपरी सतह (अधियक्ष बाह्यत्वचा) और निचली सतह (अपाक्ष बाह्यत्वचा) दोनों पर मौजूद होती है। बाहर की ओर की बाह्यत्वचा एक मोटी उपत्वचा (cuticle) से ढकी होती है। अपाक्ष बाह्यत्वचा पर आमतौर पर अधियक्ष बाह्यत्वचा की तुलना में अधिक रंध्र (stomata) होते हैं।
$[2]$ पर्णमध्योतक (Mesophyll):
पर्णमध्योतक वह ऊतक है जो अधियक्ष और अपाक्ष बाह्यत्वचा के बीच मौजूद होता है। यह दो प्रकार के मृदूतक (parenchyma) में विभेदित होता है:
$(a)$ खंभ मृदूतक (Palisade parenchyma): लंबे,लंबवत रूप से विस्तारित और सघन रूप से व्यवस्थित कोशिकाओं से बना होता है।
$(b)$ स्पंजी मृदूतक (Spongy parenchyma): अंडाकार या गोल,ढीले ढंग से व्यवस्थित कोशिकाओं से बना होता है,जिसमें बड़े अंतरकोशिकीय स्थान और वायु गुहाएं होती हैं।
पर्णमध्योतक में क्लोरोप्लास्ट होते हैं,जो प्रकाश संश्लेषण का कार्य करते हैं।
$[3]$ संवहनी तंत्र (Vascular system):
पत्तियों में मौजूद संवहनी बंडल संयुक्त,संपार्श्विक और बंद (closed) होते हैं। वे बंडल-शीथ कोशिकाओं की मोटी परतों से घिरे होते हैं।
Solution diagram
47
Easy
पृष्ठधारी (द्विबीजपत्री) पत्ती की आंतरिक संरचना का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) पृष्ठधारी पत्ती (जैसे,सूरजमुखी की पत्ती) की आंतरिक संरचना तीन मुख्य भागों से बनी होती है: $(1)$ बाह्यत्वचा (Epidermis),$(2)$ पर्णमध्योतक (Mesophyll tissue),और $(3)$ संवहन बंडल (Vascular bundles)।
$(1)$ बाह्यत्वचा: पत्ती में दो स्तर की बाह्यत्वचा होती है:
$(i)$ ऊपरी (Adaxial) बाह्यत्वचा: यह मृदूतकीय कोशिकाओं की एक परत है,जिसके बाहर उपत्वचा (cuticle) का आवरण होता है। इसमें आमतौर पर रंध्र कम होते हैं।
$(ii)$ निचली (Abaxial) बाह्यत्वचा: यह भी मृदूतकीय कोशिकाओं की एक परत है। इसमें गैसीय विनिमय के लिए बड़ी संख्या में रंध्र (stomata) पाए जाते हैं।
$(2)$ पर्णमध्योतक: ऊपरी और निचली बाह्यत्वचा के बीच के ऊतक को पर्णमध्योतक कहते हैं,जो प्रकाश संश्लेषण का कार्य करता है। यह दो प्रकार का होता है:
$(i)$ खंभ ऊतक (Palisade parenchyma): यह ऊपरी सतह की ओर स्थित लंबी कोशिकाओं से बना होता है,जो एक-दूसरे के समानांतर व्यवस्थित होती हैं। इनमें हरितलवक (chloroplasts) की संख्या अधिक होती है।
$(ii)$ स्पंजी ऊतक (Spongy parenchyma): यह खंभ ऊतक के नीचे स्थित होता है। ये कोशिकाएं गोल या अंडाकार होती हैं और इनके बीच बड़े अंतःकोशिकीय अवकाश और वायु कोष्ठक होते हैं।
$(3)$ संवहन बंडल: पत्ती के संवहन बंडल संयुक्त,समपार्श्विक और बंद (closed) होते हैं। ये बंडल आच्छद कोशिकाओं से घिरे होते हैं। संवहन बंडल में जाइलम ऊपरी सतह (Adaxial) की ओर और फ्लोएम निचली सतह (Abaxial) की ओर स्थित होता है। संवहन बंडल का आकार शिराओं के आकार पर निर्भर करता है।
48
Easy
सूरजमुखी की पत्ती की आंतरिक संरचना का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) सूरजमुखी की पत्ती एक पृष्ठाधर (dorsiventral) पत्ती है,जिसका अर्थ है कि इसकी ऊपरी और निचली सतहें अलग-अलग होती हैं। इसकी आंतरिक संरचना तीन मुख्य भागों से बनी होती है:
$1$. बाह्यत्वचा (Epidermis): यह ऊपरी (adaxial) और निचली (abaxial) दोनों सतहों को ढंकती है। यह एक मोमी उपत्वचा (cuticle) द्वारा ढकी होती है। निचली सतह पर रंध्र (stomata) अधिक संख्या में पाए जाते हैं।
$2$. पर्णमध्योतक (Mesophyll): यह ऊतक ऊपरी और निचली बाह्यत्वचा के बीच स्थित होता है और दो प्रकार की मृदूतक (parenchyma) कोशिकाओं में विभेदित होता है:
$(a)$ खंभ मृदूतक (Palisade parenchyma): ऊपरी बाह्यत्वचा के नीचे स्थित,ये लंबी,लंबवत व्यवस्थित कोशिकाएं होती हैं जो प्रकाश संश्लेषण के लिए हरितलवक (chloroplasts) से भरपूर होती हैं।
$(b)$ स्पंजी मृदूतक (Spongy parenchyma): खंभ कोशिकाओं के नीचे स्थित,ये अंडाकार या गोल कोशिकाएं होती हैं जिनमें गैसीय विनिमय के लिए बड़ी अंतरकोशिकीय स्थान होते हैं।
$3$. संवहनी तंत्र (Vascular System): यह शिराओं और मध्यशिरा में पाए जाने वाले संवहनी बंडलों से बना होता है। प्रत्येक बंडल मोटी दीवार वाली बंडल आच्छद (bundle sheath) कोशिकाओं की एक परत से घिरा होता है। जाइलम ऊपरी तरफ और फ्लोएम निचली तरफ स्थित होता है।
49
Medium
समद्विपार्श्व (एकबीजपत्री) पत्ती की आंतरिक संरचना का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) $\rightarrow$ मक्का की पत्ती चपटी और लंबी होती है। मध्य पत्ती में उत्पन्न कोशिकाएं एक ही प्रकार की होती हैं। इसलिए संरचनात्मक रूप से मक्का की पत्ती को समद्विपार्श्व (Isobilateral) पत्ती कहा जाता है।
$\rightarrow$ मक्का की पत्ती के एक पतले खंड को सैफ्रिनिन से अभिरंजित करके सूक्ष्मदर्शी के नीचे देखने पर निम्नलिखित परतें दिखाई देती हैं: $(1)$ बाह्यत्वचा (Epidermis),$(2)$ पर्णमध्योतक (Mesophyll tissue),$(3)$ संवहनी बंडल (Vascular bundles)।
$(1)$ बाह्यत्वचा: पत्ती में दो बाह्यत्वचा दिखाई देती हैं।
$\rightarrow$ ऊपरी बाह्यत्वचा: यह सबसे ऊपरी परत या एडैक्सियल (adaxial) परत बनाती है। यह मृदूतकीय कोशिकाओं से बनी एक स्तरीय ऊतक है। इसकी बाहरी सतह क्यूटिकल की सुरक्षात्मक परत से ढकी होती है।
$\rightarrow$ एडैक्सियल परत में,कुछ निश्चित दूरी पर बुलीफॉर्म कोशिकाएं लंबी पंक्तियों में व्यवस्थित होती हैं। ये कोशिकाएं $5$ से $7$ के समूह में होती हैं।
$\rightarrow$ ये कोशिकाएं अन्य बाह्यत्वचा कोशिकाओं की तुलना में अपेक्षाकृत बड़ी होती हैं। इनकी बाहरी दीवार पर सुरक्षात्मक क्यूटिकल नहीं होता और यह बहुत पतली होती है। सामान्यतः इन कोशिकाओं के दोनों ओर एककोशिकीय तिरछे छोटे रोम (trichomes) स्थित होते हैं। ये रोम वायुमंडल से नमी सोखने में मदद करते हैं।
$\rightarrow$ बुलीफॉर्म कोशिकाओं की उपस्थिति एडैक्सियल परत को एबैक्सियल (abaxial) परत से अलग करती है। आर्द्र वातावरण में,बुलीफॉर्म कोशिकाएं पानी सोखकर फूल जाती हैं और पत्ती की सतह को खोल देती हैं। शुष्क वातावरण में,पानी की कमी के कारण वे पिचक जाती हैं,जिससे पत्तियां अंदर की ओर मुड़ जाती हैं ताकि पानी का नुकसान कम हो सके। इसलिए इन्हें मोटर कोशिकाएं भी कहा जाता है।
$(2)$ पर्णमध्योतक ऊतक: चूंकि पत्ती में समद्विपार्श्व संरचना होती है,इसलिए पर्णमध्योतक ऊतक में खंभ ऊतक (palisade) और स्पंजी ऊतक का कोई विभेदन नहीं होता है।
$\rightarrow$ सभी कोशिकाएं समान होती हैं और उनमें समान मात्रा में क्लोरोप्लास्ट होता है।
$\rightarrow$ पर्णमध्योतक में गोल या अंडाकार कोशिकाएं होती हैं जिनमें अंतरकोशिकीय स्थान होता है। रंध्रों के नीचे हवा से भरी थैलियां स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं,जिन्हें श्वसन गुहा कहा जाता है।
$(3)$ संवहनी बंडल: मक्का एक एकबीजपत्री पौधा है जिसमें समानांतर शिरा विन्यास होता है; इसलिए संवहनी बंडल लंबवत कटे होते हैं और एक-दूसरे से समान दूरी पर स्थित होते हैं।
$\rightarrow$ संवहनी बंडल संयुक्त,संपार्श्विक और बंद (closed) प्रकार के होते हैं।
$\rightarrow$ संवहनी बंडल बड़े और छोटे दोनों प्रकार के होते हैं। जाइलम एडैक्सियल परत की ओर और फ्लोएम एबैक्सियल परत की ओर स्थित होता है।
$\rightarrow$ प्रत्येक संवहनी बंडल दृढ़ोतक (sclerenchymatous) बंडल म्यान से घिरा होता है। यह बंडल म्यान एडैक्सियल और एबैक्सियल दोनों परतों तक फैली होती है,जो पत्तियों को यांत्रिक मजबूती प्रदान करती है।
50
Easy
मक्का की पत्ती की आंतरिक संरचना का वर्णन कीजिए।

Solution

(N/A) $\rightarrow$ मक्का की पत्ती चपटी और लंबी होती है। मध्य पत्ती में उत्पन्न कोशिकाएं एक ही प्रकार की होती हैं। इसलिए संरचनात्मक रूप से मक्का की पत्ती को समद्विपार्श्व (Isobilateral) पत्ती कहा जाता है।
$\rightarrow$ मक्का की पत्ती के पतले खंड को सैफ्रानिन से अभिरंजित करके सूक्ष्मदर्शी के नीचे देखने पर निम्नलिखित परतें दिखाई देती हैं: $(1)$ बाह्यत्वचा (Epidermis),$(2)$ पर्णमध्योतक (Mesophyll tissue),$(3)$ संवहन बंडल (Vascular bundles)।
$(1)$ बाह्यत्वचा: पत्ती में दो बाह्यत्वचा दिखाई देती हैं।
$\rightarrow$ ऊपरी बाह्यत्वचा: यह सबसे ऊपरी परत या अक्षीय (adaxial) परत बनाती है। यह मृदूतकीय कोशिकाओं से बनी एक स्तरीय ऊतक है। इसकी बाहरी सतह क्यूटिकल की सुरक्षात्मक परत से ढकी होती है।
$\rightarrow$ अक्षीय परत में कुछ दूरी पर बुलीफॉर्म कोशिकाएं लंबी पंक्तियों में व्यवस्थित होती हैं। ये कोशिकाएं $5$ से $7$ के समूह में होती हैं।
$\rightarrow$ ये कोशिकाएं बाह्यत्वचा की अन्य कोशिकाओं की तुलना में अपेक्षाकृत बड़ी होती हैं। उनकी बाहरी दीवार पर सुरक्षात्मक क्यूटिकल नहीं होता है और यह बहुत पतली होती है। आमतौर पर इन कोशिकाओं के दोनों ओर एककोशिकीय तिरछे छोटे रोम (trichomes) स्थित होते हैं। ये रोम वातावरण से नमी को निर्देशित करते हैं,इसलिए इन्हें नमी-अवशोषक रोम कहा जाता है।
$\rightarrow$ बुलीफॉर्म कोशिकाओं की उपस्थिति अक्षीय परत को पराक्षीय (abaxial) परत से अलग करती है। आर्द्र वातावरण में बुलीफॉर्म कोशिकाएं पानी सोखकर स्फीत (turgid) हो जाती हैं और पत्ती की सतह खुल जाती है। शुष्क वातावरण में पानी की कमी के कारण वे श्लथ (flaccid) हो जाती हैं,जिससे पत्तियां पानी के नुकसान को कम करने के लिए अंदर की ओर मुड़ जाती हैं। इस प्रकार,ये कोशिकाएं पत्ती को मोड़ने का कार्य करती हैं,इसलिए इन्हें मोटर कोशिकाएं भी कहा जाता है। नमी अवशोषक या बुलीफॉर्म कोशिकाएं गोल और बुलबुले जैसी होती हैं,इसलिए इन्हें बुलीफॉर्म कोशिकाएं कहा जाता है।
$(2)$ पर्णमध्योतक ऊतक: पत्ती समद्विपार्श्व संरचना रखती है,इसलिए पर्णमध्योतक ऊतक में खंभ ऊतक (palisade) और स्पंजी ऊतक जैसा कोई विभेदन नहीं होता है।
$\rightarrow$ सभी कोशिकाएं एक समान होती हैं और उनमें समान मात्रा में क्लोरोप्लास्ट होते हैं।
$\rightarrow$ मक्का की पत्ती में दोनों बाह्यत्वचा के बीच केवल खंभ ऊतक जैसी कोशिकाएं स्थित होती हैं। ये कोशिकाएं गोल या अंडाकार होती हैं। कोशिकाओं के बीच अंतरकोशिकीय स्थान होता है। रंध्रों के नीचे हवा से भरी थैलियां स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं,जिन्हें श्वसन गुहा कहा जाता है।
$(3)$ संवहन बंडल: मक्का एक एकबीजपत्री पौधा है,जिसकी पत्ती में समानांतर शिराविन्यास होता है; इसलिए संवहन बंडल लंबवत कटे हुए दिखाई देते हैं। वे एक-दूसरे से समान दूरी पर स्थित होते हैं।
$\rightarrow$ संवहन बंडल संयुक्त,संपार्श्विक (collateral) और बंद प्रकार के होते हैं।
$\rightarrow$ संवहन बंडल बड़े और छोटे दोनों प्रकार के होते हैं। संवहन बंडल में जाइलम अक्षीय परत की ओर और फ्लोएम ऊतक पराक्षीय परत की ओर स्थित होता है।
$\rightarrow$ संवहन बंडल दृढ़ोतक (sclerenchymatous) बंडल आच्छद से घिरा होता है। यह बंडल आच्छद अक्षीय और पराक्षीय परत तक विकसित होता है,जिससे संवहन बंडल पत्तियों को मजबूती प्रदान करते हैं।

Anatomy of Flowering Plants — Internal structure of leaf · Frequently Asked Questions

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