(N/A) पृष्ठधारी पत्ती (जैसे,सूरजमुखी की पत्ती) की आंतरिक संरचना तीन मुख्य भागों से बनी होती है: $(1)$ बाह्यत्वचा (Epidermis),$(2)$ पर्णमध्योतक (Mesophyll tissue),और $(3)$ संवहन बंडल (Vascular bundles)।
$(1)$ बाह्यत्वचा: पत्ती में दो स्तर की बाह्यत्वचा होती है:
$(i)$ ऊपरी (Adaxial) बाह्यत्वचा: यह मृदूतकीय कोशिकाओं की एक परत है,जिसके बाहर उपत्वचा (cuticle) का आवरण होता है। इसमें आमतौर पर रंध्र कम होते हैं।
$(ii)$ निचली (Abaxial) बाह्यत्वचा: यह भी मृदूतकीय कोशिकाओं की एक परत है। इसमें गैसीय विनिमय के लिए बड़ी संख्या में रंध्र (stomata) पाए जाते हैं।
$(2)$ पर्णमध्योतक: ऊपरी और निचली बाह्यत्वचा के बीच के ऊतक को पर्णमध्योतक कहते हैं,जो प्रकाश संश्लेषण का कार्य करता है। यह दो प्रकार का होता है:
$(i)$ खंभ ऊतक (Palisade parenchyma): यह ऊपरी सतह की ओर स्थित लंबी कोशिकाओं से बना होता है,जो एक-दूसरे के समानांतर व्यवस्थित होती हैं। इनमें हरितलवक (chloroplasts) की संख्या अधिक होती है।
$(ii)$ स्पंजी ऊतक (Spongy parenchyma): यह खंभ ऊतक के नीचे स्थित होता है। ये कोशिकाएं गोल या अंडाकार होती हैं और इनके बीच बड़े अंतःकोशिकीय अवकाश और वायु कोष्ठक होते हैं।
$(3)$ संवहन बंडल: पत्ती के संवहन बंडल संयुक्त,समपार्श्विक और बंद (closed) होते हैं। ये बंडल आच्छद कोशिकाओं से घिरे होते हैं। संवहन बंडल में जाइलम ऊपरी सतह (Adaxial) की ओर और फ्लोएम निचली सतह (Abaxial) की ओर स्थित होता है। संवहन बंडल का आकार शिराओं के आकार पर निर्भर करता है।