(N/A) पृष्ठाधर पत्तियाँ आमतौर पर द्विबीजपत्री पौधों में पाई जाती हैं। एक पृष्ठाधर पत्ती का अनुप्रस्थ काट ($T$.$S$.) तीन अलग-अलग भागों को दर्शाता है:
$[1]$ बाह्यत्वचा (Epidermis):
यह ऊपरी सतह (अधियक्ष बाह्यत्वचा) और निचली सतह (अपाक्ष बाह्यत्वचा) दोनों पर मौजूद होती है। बाहर की ओर की बाह्यत्वचा एक मोटी उपत्वचा (cuticle) से ढकी होती है। अपाक्ष बाह्यत्वचा पर आमतौर पर अधियक्ष बाह्यत्वचा की तुलना में अधिक रंध्र (stomata) होते हैं।
$[2]$ पर्णमध्योतक (Mesophyll):
पर्णमध्योतक वह ऊतक है जो अधियक्ष और अपाक्ष बाह्यत्वचा के बीच मौजूद होता है। यह दो प्रकार के मृदूतक (parenchyma) में विभेदित होता है:
$(a)$ खंभ मृदूतक (Palisade parenchyma): लंबे,लंबवत रूप से विस्तारित और सघन रूप से व्यवस्थित कोशिकाओं से बना होता है।
$(b)$ स्पंजी मृदूतक (Spongy parenchyma): अंडाकार या गोल,ढीले ढंग से व्यवस्थित कोशिकाओं से बना होता है,जिसमें बड़े अंतरकोशिकीय स्थान और वायु गुहाएं होती हैं।
पर्णमध्योतक में क्लोरोप्लास्ट होते हैं,जो प्रकाश संश्लेषण का कार्य करते हैं।
$[3]$ संवहनी तंत्र (Vascular system):
पत्तियों में मौजूद संवहनी बंडल संयुक्त,संपार्श्विक और बंद (closed) होते हैं। वे बंडल-शीथ कोशिकाओं की मोटी परतों से घिरे होते हैं।