(N/A) मान लीजिए,ऊष्मीय ऊर्जा $H \propto I^{a} R^{b} t^{c}$.
$\therefore H = k I^{a} R^{b} t^{c} \dots (i)$ (जहाँ $k$ एक विमाहीन स्थिरांक है)।
अब,दोनों पक्षों पर विमीय सूत्र लिखने पर:
$[H] = M^{1} L^{2} T^{-2}$
$[I] = A^{1}$
$[R] = M^{1} L^{2} T^{-3} A^{-2}$
$[t] = T^{1}$
समीकरण $(i)$ में विमाओं को प्रतिस्थापित करने पर:
$M^{1} L^{2} T^{-2} = (A^{1})^{a} (M^{1} L^{2} T^{-3} A^{-2})^{b} (T^{1})^{c}$
$M^{1} L^{2} T^{-2} = M^{b} L^{2b} T^{-3b+c} A^{a-2b}$
दोनों पक्षों पर $M, L, T$ और $A$ के घातांकों की तुलना करने पर:
$M$ के लिए: $b = 1$
$L$ के लिए: $2b = 2 \implies b = 1$
$A$ के लिए: $a - 2b = 0 \implies a - 2(1) = 0 \implies a = 2$
$T$ के लिए: $-3b + c = -2 \implies -3(1) + c = -2 \implies c = 1$
अतः,$a = 2, b = 1, c = 1$ है।
इन मानों को समीकरण $(i)$ में रखने पर,हमें प्राप्त होता है:
$H = k I^{2} R t$
प्रायोगिक रूप से,$k = 1$,इसलिए $H = I^{2} R t$.