एक वर्ग की प्रत्येक भुजा की लम्बाई $'a'$ है, इसके चारों कोनों पर $4$ समान $Q$ आवेशों को रखा जाता है। उसके केन्द्र से अनन्त तक

$-Q$ आवेश को हटाने में किया गया कार्य है

  • [AIIMS 1995]
  • A

    $0$

  • B

    $\frac{{\sqrt 2 {Q^2}}}{{4\pi {\varepsilon _0}a}}$

  • C

    $\frac{{\sqrt 2 {Q^2}}}{{\pi {\varepsilon _0}a}}$

  • D

    $\frac{{{Q^2}}}{{2\pi {\varepsilon _0}a}}$

Similar Questions

नीचे दिए गए चित्र में एक आवेश विन्यास जिसे विध्यूत चतुर्ध्रुवी कहा जाता है, दर्शाया गया है। चतुर्ध्रुवी के अक्ष पर स्थित किसी बिंदु के लिए $r$ पर विभव की निर्भरता प्राप्त कीजिए जहाँ $r / a>>1$ । अपने परिणाम की तुलना एक विध्यूत द्विध्रुव व विध्यूत एकल ध्रुव (अर्थात् किसी एकल आवेश ) के लिए प्राप्त परिणामों से कीजिए।

निम्न चित्र में एक इलेक्ट्रॉन को $A$ से $B$ के अनुदिश चलाने में विद्युत क्षेत्र के द्वारा किया गया कार्य $6.4 \times {10^{ - 19}}J$ है। यदि ${\phi _1}\;$ एवं ${\phi _2}$ समविभवी सतह हैं, तब विभवान्तर $({V_C} - {V_A})$ ......$V$ होगा

दो आवेश ${q_1}$ तथा ${q_2}$, $30\,\,cm$ दूरी पर चित्रानुसार स्थित हैं। एक तीसरे आवेश ${q_3}$ को $40\,cm$ त्रिज्या के वृत्त के चाप के अनुदिश $C$ से $D$ तक चलाया जाता है। निकाय की स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन $\frac{{{q_3}}}{{4\pi {\varepsilon _0}}}k$ है, यहाँ $k$ का मान है

  • [AIPMT 2005]

चित्र में $Q$ आवेश वृत्त के केन्द्र पर है। किसी अन्य आवेश को बिन्दु $P$ से ले जाने में किया गया कार्य अधिकतम होगा जब उसे ले जाया जाये $P$ से

दो समान पतले वलय, जिनमें से प्रत्येक की त्रिज्या $R$ मीटर है, एक-दूसरे से $R$ मीटर की दूरी पर समाक्षत: रख दिए जाते हैं। यदि $Q_1$ कूलॉम और $Q_2$ कूलॉम आवेश उन वलयों पर समान रूप से फैला दिए जाते हें तो एक आवेश $q$ को एक वलय के केन्द्र से दूसरे वलय के केन्द्र तक ले जाने में किया गया कार्य होगा