(D) चित्र $(a)$ से,$(x, t)$ ग्राफ मूल बिंदु से गुजरने वाली एक सीधी रेखा है,जो $x$-दिशा में एकसमान वेग को दर्शाती है।
$v_x = \frac{\Delta x}{\Delta t} = \frac{2 - 0}{2 - 0} = 1 \, m/s$.
चूंकि वेग स्थिर है,इसलिए $x$-दिशा में त्वरण $a_x = 0$ है।
चित्र $(b)$ से,$(y, t)$ ग्राफ मूल बिंदु से गुजरने वाला एक परवलय है,जो $y = kt^2$ संबंध का पालन करता है। $t = 2 \, s$ पर,$y = 4 \, m$ है,इसलिए $4 = k(2)^2$,जिससे $k = 1$ प्राप्त होता है। अतः,$y = t^2$ है।
$y$-दिशा में वेग $v_y = \frac{dy}{dt} = 2t$ है।
$y$-दिशा में त्वरण $a_y = \frac{dv_y}{dt} = 2 \, m/s^2$ है।
कण का द्रव्यमान $m = 500 \, g = 0.5 \, kg$ है।
बल के घटक हैं:
$F_x = m a_x = 0.5 \times 0 = 0 \, N$.
$F_y = m a_y = 0.5 \times 2 = 1 \, N$.
परिणामी बल का परिमाण $F = \sqrt{F_x^2 + F_y^2} = \sqrt{0^2 + 1^2} = 1 \, N$ है।
बल की दिशा धनात्मक $y$-अक्ष की ओर है।