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Properties of Haloalkanes Questions in Hindi

Class 12 Chemistry · Haloalkanes and Haloarenes · Properties of Haloalkanes

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Showing 49 of 1196 questions in Hindi

951
EasyMCQ
जब $tert$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड को सिल्वर फ्लोराइड के साथ गर्म किया जाता है,तो मुख्य उत्पाद क्या प्राप्त होता है?
A
$1$-फ्लोरो-$2$-मिथाइलप्रोपेन
B
$2$-फ्लोरो-$2$-मिथाइलप्रोपेन
C
$1$-फ्लोरोब्यूटेन
D
$2$-फ्लोरोब्यूटेन

Solution

(B) $tert$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड $((CH_3)_3CBr)$ की सिल्वर फ्लोराइड $(AgF)$ के साथ अभिक्रिया स्वार्ट्स अभिक्रिया है,जिसका उपयोग अल्काइल फ्लोराइड के संश्लेषण के लिए किया जाता है।
हालाँकि,$tert$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड एक तृतीयक अल्काइल हैलाइड है। जब इसे $AgF$ के साथ गर्म किया जाता है,तो यह नाभिकरागी प्रतिस्थापन ($S_N1$ या $S_N2$) के बजाय $E1$ विलोपन अभिक्रिया करता है क्योंकि तृतीयक कार्बोनियम आयन अत्यधिक स्थिर होता है और फ्लोराइड आयन एक क्षार के रूप में कार्य करता है।
परिणामस्वरूप,$HBr$ के विलोपन के कारण मुख्य उत्पाद के रूप में $2$-मिथाइलप्रोपीन (आइसोब्यूटिलीन) प्राप्त होता है।
952
EasyMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले उत्पाद '$X$' की पहचान करें: सोडियम एथॉक्साइड + आइसोप्रोपिल क्लोराइड $\longrightarrow X$ + एथेनॉल + सोडियम क्लोराइड
A
$1-$एथॉक्सीप्रोपेन
B
$2-$एथॉक्सीप्रोपेन
C
प्रोपीन
D
प्रोपेन

Solution

(C) सोडियम एथॉक्साइड $(CH_3CH_2ONa)$ और आइसोप्रोपिल क्लोराइड $((CH_3)_2CHCl)$ के बीच की अभिक्रिया एक क्षार-प्रेरित विलोपन अभिक्रिया है।
चूंकि सोडियम एथॉक्साइड एक प्रबल क्षार है और आइसोप्रोपिल क्लोराइड एक द्वितीयक एल्किल हैलाइड है,इसलिए $S_N2$ प्रतिस्थापन अभिक्रिया की तुलना में $E2$ विलोपन अभिक्रिया प्रमुखता से होती है।
क्षार आइसोप्रोपिल क्लोराइड से $\beta$-हाइड्रोजन को हटाता है,जिससे प्रोपीन $(CH_3-CH=CH_2)$,एथेनॉल $(CH_3CH_2OH)$ और सोडियम क्लोराइड $(NaCl)$ का निर्माण होता है।
अतः,उत्पाद '$X$' प्रोपीन है।
953
MediumMCQ
निम्नलिखित में से यौगिकों का कौन सा युग्म गर्म करने पर ब्यूटेननाइट्राइल देता है?
A
प्रोपेनॉल और अल्कोहलिक $KCN$
B
ब्यूटेनॉल और अल्कोहलिक $KCN$
C
$n-$ब्यूटाइल क्लोराइड और अल्कोहलिक $KCN$
D
$n-$प्रोपाइल क्लोराइड और अल्कोहलिक $KCN$

Solution

(D) अल्काइल हैलाइड की अल्कोहलिक $KCN$ के साथ अभिक्रिया एक न्यूक्लियोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया ($S_N2$ तंत्र) है जो अल्काइल साइनाइड (नाइट्राइल) उत्पन्न करती है।
ब्यूटेननाइट्राइल $(CH_3CH_2CH_2CN)$ प्राप्त करने के लिए,जिसमें कुल $4$ कार्बन परमाणु होते हैं,हमें $3$ कार्बन वाले अल्काइल हैलाइड की आवश्यकता होती है।
$n-$प्रोपाइल क्लोराइड $(CH_3CH_2CH_2Cl)$ में $3$ कार्बन होते हैं,इसलिए यह $KCN$ के साथ अभिक्रिया करके ब्यूटेननाइट्राइल $(CH_3CH_2CH_2CN)$ बनाता है।
अभिक्रिया: $CH_3CH_2CH_2Cl + KCN \text{ (alc.)} ightarrow CH_3CH_2CH_2CN + KCl$.
954
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसकी $S_N2$ अभिक्रियाओं के लिए उच्चतम अभिक्रियाशीलता है?
A
$n$-ब्यूटाइल आयोडाइड
B
$sec$-ब्यूटाइल आयोडाइड
C
आइसोब्यूटाइल आयोडाइड
D
$tert$-ब्यूटाइल आयोडाइड

Solution

(A) $S_N2$ अभिक्रियाओं के प्रति एल्काइल हैलाइड्स की अभिक्रियाशीलता का क्रम: $Primary > Secondary > Tertiary$ होता है।
यह त्रिविम बाधा (steric hindrance) के कारण है,जो प्राथमिक से तृतीयक एल्काइल हैलाइड्स की ओर बढ़ती है।
दिए गए विकल्पों में:
$(A)$ $n$-ब्यूटाइल आयोडाइड एक प्राथमिक $(1^{\circ})$ एल्काइल हैलाइड है।
$(B)$ $sec$-ब्यूटाइल आयोडाइड एक द्वितीयक $(2^{\circ})$ एल्काइल हैलाइड है।
$(C)$ आइसोब्यूटाइल आयोडाइड एक प्राथमिक $(1^{\circ})$ एल्काइल हैलाइड है,लेकिन इसमें $\beta$-कार्बन पर त्रिविम बाधा होती है।
$(D)$ $tert$-ब्यूटाइल आयोडाइड एक तृतीयक $(3^{\circ})$ एल्काइल हैलाइड है।
अतः,$n$-ब्यूटाइल आयोडाइड सबसे अधिक अभिक्रियाशीलता दर्शाता है।
955
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन $SN^1$ क्रियाविधि द्वारा क्षारीय जल-अपघटन के दौरान रेसमीकरण (racemization) से गुजरने की संभावना रखता है?
A
$CH_3-CH(Cl)-CH_3$
B
$CH_3-CH_2-CH(Cl)-CH_3$
C
$CH_3-CH_2-CH(Cl)-CH_2-CH_3$
D
$(CH_3)_3C-CH_2-Cl$

Solution

(B) $SN^1$ अभिक्रियाओं में रेसमीकरण तब होता है जब सबस्ट्रेट एक स्थिर,समतलीय कार्बोनियम आयन मध्यवर्ती बनाता है जो कायरल होता है।
दिए गए विकल्पों में से,$CH_3-CH_2-CH(Cl)-CH_3$ ($2$-क्लोरोब्यूटेन) एक द्वितीयक अल्काइल हैलाइड है जो क्लोराइड आयन के हटने पर एक समतलीय कार्बोनियम आयन $(CH_3-CH_2-CH^+-CH_3)$ बना सकता है।
यह कार्बोनियम आयन प्रोकायरल होता है और इस पर न्यूक्लियोफाइल द्वारा दोनों तरफ से आक्रमण किया जा सकता है,जिससे रेसमिक मिश्रण प्राप्त होता है।
$CH_3-CH(Cl)-CH_3$ (आइसोप्रोपिल क्लोराइड) कम स्थिर द्वितीयक कार्बोनियम आयन बनाता है और $2-$क्लोरोब्यूटेन की तुलना में $SN^1$ के प्रति कम प्रवृत्त होता है।
$CH_3-CH_2-CH(Cl)-CH_2-CH_3$ ($3$-क्लोरोपेंटेन) एक ऐसा कार्बोनियम आयन बनाता है जो सममिति के कारण अकायरल होता है,इसलिए यह रेसमिक मिश्रण नहीं देता है।
$(CH_3)_3C-CH_2-Cl$ एक प्राथमिक अल्काइल हैलाइड है और आमतौर पर $SN^2$ अभिक्रियाओं से गुजरता है।
956
MediumMCQ
जब $2-$ब्रोमोब्यूटेन को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के जलीय घोल के साथ गर्म किया जाता है,तो बनने वाले उत्पाद की पहचान करें।
A
ब्यूट$-1-$ईन
B
ब्यूट$-2-$ईन
C
ब्यूटेन$-1-$ऑल
D
ब्यूटेन$-2-$ऑल

Solution

(D) जब $2-$ब्रोमोब्यूटेन $(CH_3CH(Br)CH_2CH_3)$ को सोडियम हाइड्रॉक्साइड $(NaOH)$ के जलीय घोल के साथ उपचारित किया जाता है,तो यह न्यूक्लियोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया से गुजरता है।
हाइड्रॉक्साइड आयन $(OH^-)$ एक न्यूक्लियोफाइल के रूप में कार्य करता है और ब्रोमाइड आयन $(Br^-)$ को प्रतिस्थापित करता है।
अभिक्रिया: $CH_3CH(Br)CH_2CH_3 + NaOH_{(aq)} \rightarrow CH_3CH(OH)CH_2CH_3 + NaBr$.
बनने वाला उत्पाद ब्यूटेन$-2-$ऑल है।
957
MediumMCQ
निम्नलिखित में से यौगिकों के क्वथनांक का सही घटता क्रम चुनिए।
A
$CH_3Cl > CH_3Br > CH_2Br_2 > CHBr_3$
B
$CH_3Br > CH_2Br_2 > CHBr_3 > CH_3Cl$
C
$CH_2Br_2 > CHBr_3 > CH_3Br > CH_3Cl$
D
$CHBr_3 > CH_2Br_2 > CH_3Br > CH_3Cl$

Solution

(D) हेलोऐल्केन का क्वथनांक आणविक द्रव्यमान और अणु में उपस्थित हैलोजन परमाणुओं की संख्या में वृद्धि के साथ बढ़ता है।
इसका कारण यह है कि हैलोजन परमाणुओं का आकार और संख्या बढ़ने पर वान डर वाल्स बलों का परिमाण बढ़ जाता है।
दिए गए यौगिकों की तुलना करने पर: $CHBr_3$ का आणविक द्रव्यमान सबसे अधिक है,उसके बाद $CH_2Br_2$,$CH_3Br$ और सबसे कम आणविक द्रव्यमान $CH_3Cl$ का है।
अतः,सही घटता क्रम $CHBr_3 > CH_2Br_2 > CH_3Br > CH_3Cl$ है।
958
EasyMCQ
अमोनिया के साथ एल्किल हैलाइड की अभिक्रियाशीलता का क्रम क्या है?
A
$R-Cl > R-Br > R-I$
B
$R-Br > R-I > R-Cl$
C
$R-I > R-Br > R-Cl$
D
$R-Cl > R-I > R-Br$

Solution

(C) अमोनिया के साथ एल्किल हैलाइड की अभिक्रिया एक नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया $(S_N2)$ है।
इस अभिक्रिया में,हैलाइड आयन $(X^-)$ एक लिविंग ग्रुप के रूप में कार्य करता है।
एल्किल हैलाइड की अभिक्रियाशीलता $C-X$ बंध की मजबूती पर निर्भर करती है।
हैलोजन परमाणु का आकार बढ़ने के साथ बंध वियोजन ऊर्जा घटती है,जिससे $C-I$ बंध सबसे कमजोर और $C-Cl$ बंध सबसे मजबूत हो जाता है।
इसलिए,लिविंग ग्रुप की क्षमता का क्रम $I^- > Br^- > Cl^-$ है।
अतः,अमोनिया के साथ एल्किल हैलाइड की अभिक्रियाशीलता का क्रम $R-I > R-Br > R-Cl$ है।
959
EasyMCQ
हेलोऐल्केन से नाइट्रोऐल्केन के निर्माण में निम्नलिखित में से किस अभिकर्मक का उपयोग किया जाता है?
A
पोटेशियम साइनाइड
B
सोडियम नाइट्राइट
C
पोटेशियम नाइट्राइट
D
सिल्वर नाइट्राइट

Solution

(D) हेलोऐल्केन $(R-X)$ की सिल्वर नाइट्राइट $(AgNO_2)$ के साथ अभिक्रिया से मुख्य उत्पाद के रूप में नाइट्रोऐल्केन $(R-NO_2)$ प्राप्त होता है।
इसका कारण यह है कि $AgNO_2$ एक सहसंयोजक यौगिक है,और नाइट्रोजन परमाणु ऑक्सीजन परमाणु की तुलना में अधिक न्यूक्लियोफिलिक होता है।
इसके विपरीत,$KNO_2$ या $NaNO_2$ जैसे आयनिक नाइट्राइट मुख्य रूप से ऐल्किल नाइट्राइट $(R-ONO)$ देते हैं क्योंकि इन आयनिक प्रजातियों में ऑक्सीजन परमाणु अधिक न्यूक्लियोफिलिक होता है।
960
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस एल्किल हैलाइड का क्वथनांक (boiling point) सबसे अधिक है?
A
$CH_3F$
B
$CH_3Cl$
C
$CH_3Br$
D
$CH_3I$

Solution

(D) एक दिए गए एल्किल समूह के लिए,हैलोजन परमाणु का आकार और द्रव्यमान बढ़ने के साथ एल्किल हैलाइड का क्वथनांक बढ़ता है।
यह हैलोजन के आकार और द्रव्यमान में वृद्धि के साथ वैन डेर वाल्स बलों के परिमाण में वृद्धि के कारण होता है।
इस प्रकार,क्वथनांक का क्रम: $CH_3I > CH_3Br > CH_3Cl > CH_3F$ है।
अतः,$CH_3I$ का क्वथनांक सबसे अधिक है।
961
MediumMCQ
एल्किल हैलाइड्स के विहाइड्रोहैलोजनीकरण (dehydrohalogenation) की सुगमता का क्रम क्या है?
A
$3^{\circ} > 2^{\circ} > 1^{\circ}$
B
$2^{\circ} > 1^{\circ} > 3^{\circ}$
C
$3^{\circ} > 1^{\circ} > 2^{\circ}$
D
$1^{\circ} > 2^{\circ} > 3^{\circ}$

Solution

(A) एल्किल हैलाइड्स का विहाइड्रोहैलोजनीकरण $E2$ क्रियाविधि का पालन करता है,जहाँ दर बनने वाले एल्कीन की स्थिरता पर निर्भर करती है।
सैटजेफ (Saytzeff) नियम के अनुसार,अधिक प्रतिस्थापित एल्कीन अधिक स्थिर होते हैं।
एल्कीन की स्थिरता का क्रम: $R_2C=CR_2 > R_2C=CHR > R_2C=CH_2 > RCH=CH_2$ है।
चूंकि $3^{\circ}$ एल्किल हैलाइड $2^{\circ}$ और $1^{\circ}$ एल्किल हैलाइड की तुलना में अधिक प्रतिस्थापित (स्थिर) एल्कीन बनाते हैं,इसलिए विहाइड्रोहैलोजनीकरण की सुगमता का क्रम $3^{\circ} > 2^{\circ} > 1^{\circ}$ है।
962
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किसका क्वथनांक सबसे कम है?
A
क्लोरोमीथेन
B
ब्रोमोमीथेन
C
डाइब्रोमोमीथेन
D
ट्राइब्रोमोमीथेन

Solution

(A) हेलोऐल्केन का क्वथनांक आण्विक द्रव्यमान में वृद्धि के साथ बढ़ता है क्योंकि वैन डर वाल्स आकर्षण बलों का परिमाण बढ़ जाता है।
दिए गए यौगिकों की तुलना करने पर:
$CH_3Cl$ $(50.5 \ g/mol)$
$CH_3Br$ $(95.0 \ g/mol)$
$CH_2Br_2$ $(173.8 \ g/mol)$
$CHBr_3$ $(252.7 \ g/mol)$
चूंकि $CH_3Cl$ का आण्विक द्रव्यमान सबसे कम है,इसलिए इसका क्वथनांक सबसे कम है।
963
EasyMCQ
किस एल्किल हैलाइड में $C-X$ बंध की बंध एन्थैल्पी सबसे अधिक होती है?
A
$CH_3-Cl$
B
$CH_3-F$
C
$CH_3-Br$
D
$CH_3-I$

Solution

(B) $C-X$ बंध की बंध एन्थैल्पी बंध लंबाई पर निर्भर करती है। जैसे-जैसे हैलोजन परमाणु का आकार $F$ से $I$ तक बढ़ता है,$C-X$ बंध की लंबाई बढ़ती जाती है।
बंध लंबाई और बंध की मजबूती के बीच व्युत्क्रमानुपाती संबंध के अनुसार,जैसे-जैसे बंध लंबाई बढ़ती है,बंध की मजबूती कम होती जाती है।
चूंकि $F$ सबसे छोटा हैलोजन है,इसलिए $C-F$ बंध सबसे छोटा और सबसे मजबूत होता है,जिसे तोड़ने के लिए सबसे अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
अतः,दिए गए एल्किल हैलाइडों में $CH_3-F$ की बंध एन्थैल्पी सबसे अधिक है।
964
EasyMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में प्राप्त उत्पाद की पहचान करें: $CH_3CH_2Br + CH_3COOAg \xrightarrow{\Delta} x + AgBr$
A
$CH_3CH_2COOCH_3$
B
$CH_3COOCH_2CH_3$
C
$CH_3COOCH_3$
D
$CH_3CH_2COOCH_2CH_3$

Solution

(B) एल्किल हैलाइड $(CH_3CH_2Br)$ और कार्बोक्सिलिक एसिड के सिल्वर लवण $(CH_3COOAg)$ के बीच की अभिक्रिया एक नाभिकरागी प्रतिस्थापन (nucleophilic substitution) अभिक्रिया है।
इस अभिक्रिया में,एसीटेट आयन $(CH_3COO^-)$ एक नाभिकरागी (nucleophile) के रूप में कार्य करता है और एथिल समूह पर आक्रमण करता है,जिससे ब्रोमाइड आयन $(Br^-)$ विस्थापित हो जाता है।
सिल्वर आयन $(Ag^+)$ ब्रोमाइड आयन $(Br^-)$ के साथ अभिक्रिया करके सिल्वर ब्रोमाइड $(AgBr)$ का अवक्षेप बनाता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है: $CH_3CH_2Br + CH_3COOAg \xrightarrow{\Delta} CH_3COOCH_2CH_3 + AgBr$.
प्राप्त उत्पाद एथिल एसीटेट $(CH_3COOCH_2CH_3)$ है।
965
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा $S_{N}2$ क्रियाविधि की विशेषता नहीं है?
A
एक-चरणीय क्रियाविधि।
B
न्यूक्लियोफाइल का पीछे से आक्रमण।
C
समतलीय कार्बोकेशन मध्यवर्ती का निर्माण।
D
इसमें बंध टूटना और बंध बनना एक साथ होता है।

Solution

(C) $S_{N}2$ क्रियाविधि एक संक्रमण अवस्था के माध्यम से आगे बढ़ती है जहाँ न्यूक्लियोफाइल और लिविंग ग्रुप दोनों केंद्रीय कार्बन परमाणु से आंशिक रूप से जुड़े होते हैं।
कार्बोकेशन मध्यवर्ती का निर्माण नहीं होता है; यह $S_{N}1$ क्रियाविधि की विशेषता है।
966
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसका क्वथनांक सबसे कम है?
A
क्लोरोमेथेन
B
फ्लोरोमेथेन
C
ब्रोमोमेथेन
D
आयोडोमेथेन

Solution

(B) हेलोऐल्केन का क्वथनांक $(B.P.)$ वैन डर वाल्स बलों के परिमाण पर निर्भर करता है,जो हैलोजन परमाणु के आकार और द्रव्यमान के साथ बढ़ता है।
चूंकि सभी दिए गए यौगिकों में एक कार्बन परमाणु $(CH_3X)$ है,इसलिए क्वथनांक हैलोजन परमाणु $(X)$ के आकार पर निर्भर करता है।
हैलोजन परमाणुओं के आकार का क्रम इस प्रकार है: $F < Cl < Br < I$।
इसलिए,क्वथनांक का क्रम इस प्रकार बढ़ता है: $CH_3F < CH_3Cl < CH_3Br < CH_3I$।
अतः,फ्लोरोमेथेन $(CH_3F)$ का क्वथनांक सबसे कम है।
967
MediumMCQ
$tert-$ब्यूटाइल ब्रोमाइड को सिल्वर फ्लोराइड के साथ गर्म करने पर मुख्य उत्पाद क्या प्राप्त होता है?
A
$1-$फ्लोरो$-2-$मिथाइलप्रोपेन
B
$2-$फ्लोरो$-2-$मिथाइलप्रोपेन
C
$1-$फ्लोरोब्यूटेन
D
$2-$फ्लोरोब्यूटेन

Solution

(B) $tert-$ब्यूटाइल ब्रोमाइड की सिल्वर फ्लोराइड $(AgF)$ के साथ अभिक्रिया स्वार्ट्स अभिक्रिया है,जिसका उपयोग अल्काइल फ्लोराइड के संश्लेषण के लिए किया जाता है।
इस अभिक्रिया में,$tert-$ब्यूटाइल ब्रोमाइड में ब्रोमीन परमाणु को फ्लोरीन परमाणु द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है,जिससे $2-$फ्लोरो$-2-$मिथाइलप्रोपेन प्राप्त होता है।
रासायनिक समीकरण: $(CH_3)_3CBr + AgF \xrightarrow{\Delta} (CH_3)_3CF + AgBr$.
968
EasyMCQ
निम्नलिखित रूपांतरण में अभिकर्मक $A$ की पहचान कीजिए।
एल्किल हैलाइड $\xrightarrow{A}$ एल्किल नाइट्राइट
A
$KNO_3$
B
$NaNO_3$
C
$AgNO_2$
D
$KNO_2$

Solution

(D) एल्किल हैलाइड $(R-X)$ जब $KNO_2$ के साथ अभिक्रिया करते हैं,तो मुख्य उत्पाद के रूप में एल्किल नाइट्राइट $(R-O-N=O)$ बनाते हैं,क्योंकि ऑक्सीजन परमाणु नाइट्रोजन की तुलना में अधिक न्यूक्लियोफिलिक होता है।
इसके विपरीत,$AgNO_2$ के साथ अभिक्रिया आमतौर पर नाइट्रोएल्केन $(R-NO_2)$ देती है।
969
EasyMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में यौगिक $Y$ की पहचान कीजिए।
$C_2H_5Cl + Y \xrightarrow{\Delta} C_2H_5CN$
A
$NH_3$
B
$HNO_3$
C
$KCN$ (alc.)
D
$AgCN$ (alc.)

Solution

(C) एल्किल हैलाइड $(C_2H_5Cl)$ की अल्कोहलिक $KCN$ के साथ अभिक्रिया एक नाभिकरागी प्रतिस्थापन (nucleophilic substitution) अभिक्रिया है।
$KCN$ एक आयनिक यौगिक है जो विलयन में $CN^-$ आयन प्रदान करता है,जो एक उभयदंती नाभिकरागी (ambident nucleophile) के रूप में कार्य करता है और एल्किल साइनाइड $(C_2H_5CN)$ बनाने के लिए एल्किल हैलाइड पर आक्रमण करता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है: $C_2H_5Cl + KCN \text{ (alc.)} \xrightarrow{\Delta} C_2H_5CN + KCl$.
अतः,यौगिक $Y$,$KCN$ (alc.) है।
970
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी $S_N1$ क्रियाविधि की विशेषता है?
A
एक-चरणीय क्रियाविधि
B
न्यूक्लियोफाइल का केवल पीछे से आक्रमण
C
संक्रमण अवस्था में पेंटाकोऑर्डिनेट कार्बन होता है
D
समतलीय कार्बोनियम आयन (कार्बोकेशन) मध्यवर्ती का निर्माण

Solution

(D) $S_N1$ क्रियाविधि में,पहले चरण में सबस्ट्रेट का आयनीकरण होता है जिससे एक समतलीय कार्बोनियम आयन (कार्बोकेशन) मध्यवर्ती बनता है। यह मध्यवर्ती $sp^2$ संकरित होता है।
971
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य उत्पाद की पहचान करें: $3-$ब्रोमो$-2-$मिथाइलपेंटेन $\xrightarrow{Alc. KOH, \Delta}$ मुख्य उत्पाद
A
$2-$मिथाइलपेंट$-2-$ईन
B
$2-$मिथाइलपेंट$-3-$ईन
C
$4-$मिथाइलपेंट$-2-$ईन
D
$3-$मिथाइलपेंट$-2-$ईन

Solution

(A) $3-$ब्रोमो$-2-$मिथाइलपेंटेन की अल्कोहलिक $KOH$ के साथ अभिक्रिया एक विहाइड्रोहैलोजनीकरण अभिक्रिया ($E2$ क्रियाविधि) है।
ज़ेटसेफ (Saytzeff) के नियम के अनुसार,अधिक प्रतिस्थापित एल्कीन मुख्य उत्पाद होता है।
प्रारंभिक पदार्थ $CH_3-CH(CH_3)-CH(Br)-CH_2-CH_3$ है।
$C-2$ से $H$ हटने पर $CH_3-C(CH_3)=CH-CH_2-CH_3$ ($2-$मिथाइलपेंट$-2-$ईन) प्राप्त होता है।
$C-4$ से $H$ हटने पर $CH_3-CH(CH_3)-CH=CH-CH_3$ ($4-$मिथाइलपेंट$-2-$ईन) प्राप्त होता है।
$2-$मिथाइलपेंट$-2-$ईन,$4-$मिथाइलपेंट$-2-$ईन की तुलना में अधिक प्रतिस्थापित (ट्राई-सब्स्टीट्यूटेड) है,इसलिए यह मुख्य उत्पाद है।
972
DifficultMCQ
$S_N1$ अभिक्रिया क्रियाविधि के बारे में निम्नलिखित में से गलत कथन चुनिए।
A
अभिक्रिया के दौरान बनने वाला मध्यवर्ती एक कार्बोनियम आयन (कार्बोकेशन) है।
B
यह एक एकल-चरणीय क्रियाविधि है।
C
न्यूक्लियोफाइल की सांद्रता अभिक्रिया की दर को प्रभावित नहीं करती है।
D
यदि अभिक्रिया एक ऑप्टिकली सक्रिय पदार्थ में कायरल कार्बन पर की जाती है,तो रेसमीकरण होता है।

Solution

(B) $S_N1$ (Substitution Nucleophilic Unimolecular) अभिक्रिया क्रियाविधि के बारे में गलत कथन है: $(B)$ यह एक एकल-चरणीय क्रियाविधि है।
$S_N1$ अभिक्रिया क्रियाविधि एक द्वि-चरणीय प्रक्रिया है। पहले चरण में,लिविंग ग्रुप बाहर निकलता है और एक कार्बोनियम आयन मध्यवर्ती बनाता है। दूसरे चरण में,न्यूक्लियोफाइल कार्बोनियम आयन पर हमला करता है,जिससे प्रतिस्थापन उत्पाद का निर्माण होता है।
973
EasyMCQ
उस यौगिक की पहचान करें जो $S_{N}1$ क्रियाविधि सबसे तेजी से प्रदर्शित करता है।
A
$2$-क्लोरो-$3$-मिथाइलपेंटेन
B
$3$-क्लोरो-$3$-मिथाइलहेक्सेन
C
$2$-क्लोरो-$3$-मिथाइलहेक्सेन
D
$3$-क्लोरोपेंटेन

Solution

(B) $S_{N}1$ अभिक्रिया की दर लिविंग ग्रुप के निकलने के बाद बनने वाले कार्बोनियम आयन (कार्बोकेशन) मध्यवर्ती के स्थायित्व पर निर्भर करती है।
अधिक स्थिर कार्बोकेशन $S_{N}1$ अभिक्रिया को तेज करते हैं।
कार्बोकेशन के स्थायित्व का क्रम है: $3^{\circ} > 2^{\circ} > 1^{\circ}$।
विकल्प $B$ में,यौगिक $3$-क्लोरो-$3$-मिथाइलहेक्सेन है। क्लोराइड आयन के निकलने पर,यह एक तृतीयक $(3^{\circ})$ कार्बोकेशन बनाता है,जो दिए गए विकल्पों में सबसे अधिक स्थिर है।
इसलिए,यह $S_{N}1$ क्रियाविधि सबसे तेजी से प्रदर्शित करता है।
974
MediumMCQ
$SN^2$ अभिक्रिया क्रियाविधि के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
A
न्यूक्लियोफाइल हैलोजन के विपरीत दिशा से परमाणु पर आक्रमण करता है।
B
अभिक्रिया की दर न्यूक्लियोफाइल की सांद्रता पर निर्भर करती है।
C
बंध का निर्माण और बंध का टूटना एक साथ होता है।
D
$SN^2$ क्रियाविधि तृतीयक एल्काइल हैलाइड में देखी जाती है।

Solution

(D) $SN^2$ क्रियाविधि एक ही चरण में होने वाली प्रक्रिया है।
यह प्राथमिक एल्काइल हैलाइड में कम त्रिविम बाधा (steric hindrance) के कारण अनुकूल होती है।
तृतीयक एल्काइल हैलाइड में त्रिविम बाधा बहुत अधिक होती है,जो न्यूक्लियोफाइल को कार्बन परमाणु पर आक्रमण करने से रोकती है।
इसलिए,यह कथन कि $SN^2$ क्रियाविधि तृतीयक एल्काइल हैलाइड में देखी जाती है,गलत है।
975
EasyMCQ
निम्नलिखित यौगिकों में से किसका क्वथनांक (boiling point) सबसे अधिक है?
A
$CH_3-CH_2-CH_2-Cl$
B
$CH_3-CH_2-Cl$
C
$CH_3-CH(Cl)-CH_2-CH_3$
D
$CH_3-Cl$

Solution

(C) हेलोऐल्केन का क्वथनांक आणविक द्रव्यमान और सतह क्षेत्र में वृद्धि के साथ बढ़ता है।
दिए गए यौगिकों की तुलना करने पर:
$A$: $CH_3-CH_2-CH_2-Cl$ $(M.W. \approx 78.5 \ g/mol)$
$B$: $CH_3-CH_2-Cl$ $(M.W. \approx 64.5 \ g/mol)$
$C$: $CH_3-CH(Cl)-CH_2-CH_3$ $(M.W. \approx 92.5 \ g/mol)$
$D$: $CH_3-Cl$ $(M.W. \approx 50.5 \ g/mol)$
चूंकि $CH_3-CH(Cl)-CH_2-CH_3$ का आणविक द्रव्यमान सबसे अधिक है,इसलिए इसका क्वथनांक सबसे अधिक है।
976
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक एल्किल हैलाइड को नाइट्रो एल्केन में परिवर्तित करता है?
A
सिल्वर नाइट्राइट
B
alc. पोटेशियम साइनाइड
C
alc. सिल्वर साइनाइड
D
पोटेशियम नाइट्राइट

Solution

(A) एल्किल हैलाइड $(R-X)$ की सिल्वर नाइट्राइट $(AgNO_2)$ के साथ अभिक्रिया मुख्य उत्पाद के रूप में नाइट्रो एल्केन $(R-NO_2)$ देती है।
$AgNO_2$ एक सहसंयोजक यौगिक है,और नाइट्रोजन परमाणु न्यूक्लियोफिलिक साइट है,जो $C-N$ बंध के निर्माण की ओर ले जाता है।
इसके विपरीत,पोटेशियम नाइट्राइट $(KNO_2)$ एक आयनिक यौगिक है,जो नाइट्राइट आयन $(NO_2^-)$ प्रदान करता है जहाँ ऑक्सीजन न्यूक्लियोफिलिक साइट है,जिसके परिणामस्वरूप एल्किल नाइट्राइट $(R-ONO)$ का निर्माण होता है।
977
EasyMCQ
जब एल्किल हैलाइड शुष्क ईथर की उपस्थिति में धात्विक सोडियम के साथ अभिक्रिया करते हैं,तो कौन सा उत्पाद प्राप्त होता है?
A
एल्किल हैलाइड के समान कार्बन परमाणुओं वाले एल्कीन।
B
एल्किल हैलाइड के समान कार्बन परमाणुओं वाले एल्काइन।
C
एल्किल हैलाइड के समान कार्बन परमाणुओं वाले एल्केन।
D
एल्किल हैलाइड से दोगुने कार्बन परमाणुओं वाले एल्केन।

Solution

(D) इस अभिक्रिया को $Wurtz$ अभिक्रिया के रूप में जाना जाता है।
इसमें धात्विक $Na$ और शुष्क ईथर की उपस्थिति में एल्किल हैलाइड के दो अणुओं का युग्मन होता है।
सामान्य अभिक्रिया: $2R-X + 2Na \xrightarrow{\text{dry ether}} R-R + 2NaX$.
जैसा कि दिखाया गया है,प्राप्त एल्केन $(R-R)$ में मूल एल्किल हैलाइड $(R-X)$ की तुलना में दोगुने कार्बन परमाणु होते हैं।
978
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक $SN^2$ अभिक्रिया सबसे तेजी से देता है?
A
$CH_3CH_2CH_2CH_2Br$
B
$CH_3CH_2CH_2CH_2Cl$
C
$CH_3CH_2CH(Cl)CH_3$
D
$CH_3CH_2CH_2CH_2I$

Solution

(D) $SN^2$ अभिक्रिया की दर दो मुख्य कारकों पर निर्भर करती है:
$1$. त्रिविम बाधा (Steric hindrance): $SN^2$ अभिक्रिया की दर इलेक्ट्रोफिलिक कार्बन के चारों ओर त्रिविम बाधा के व्युत्क्रमानुपाती होती है। अभिक्रियाशीलता का क्रम $CH_3-X > 1^{\circ} > 2^{\circ} > 3^{\circ}$ एल्किल हैलाइड है।
$2$. लीविंग ग्रुप की क्षमता: यदि एल्किल समूह समान है,तो $SN^2$ अभिक्रिया की दर लीविंग ग्रुप की क्षमता के सीधे समानुपाती होती है। लीविंग ग्रुप की क्षमता का क्रम $I^- > Br^- > Cl^- > F^-$ है।
दिए गए विकल्पों की तुलना करने पर:
- विकल्प $A$,$B$,और $D$ प्राथमिक $(1^{\circ})$ एल्किल हैलाइड हैं।
- विकल्प $C$ द्वितीयक $(2^{\circ})$ एल्किल हैलाइड है,जो अधिक त्रिविम बाधा के कारण प्राथमिक हैलाइड की तुलना में धीमी गति से अभिक्रिया करता है।
- प्राथमिक हैलाइड्स ($A$,$B$,और $D$) में,लीविंग ग्रुप की क्षमता दर निर्धारित करती है। चूंकि $Cl^-$,$Br^-$,और $I^-$ में $I^-$ सबसे अच्छा लीविंग ग्रुप है,इसलिए $CH_3CH_2CH_2CH_2I$ सबसे तेजी से $SN^2$ अभिक्रिया देता है।
979
EasyMCQ
उस एल्किल हैलाइड की पहचान करें जो $SN^2$ अभिक्रिया सबसे तेजी से करता है।
A
$2-$ब्रोमोहेक्सेन
B
$2-$क्लोरोहेक्सेन
C
$1-$ब्रोमो$-3-$मिथाइलपेंटेन
D
$1-$क्लोरो$-3-$मिथाइलपेंटेन

Solution

(C) $SN^2$ अभिक्रिया की दर त्रिविम बाधा (steric hindrance) और लिविंग ग्रुप की प्रकृति पर निर्भर करती है।
$1$. त्रिविम बाधा: $SN^2$ अभिक्रियाएं प्राथमिक $(1^{\circ})$ एल्किल हैलाइड के लिए द्वितीयक $(2^{\circ})$ या तृतीयक $(3^{\circ})$ एल्किल हैलाइड की तुलना में सबसे तेज होती हैं।
$2$. लिविंग ग्रुप: समान एल्किल समूह के लिए,$SN^2$ अभिक्रिया की दर एक बेहतर लिविंग ग्रुप के साथ तेज होती है। ब्रोमाइड $(Br^-)$ क्लोराइड $(Cl^-)$ की तुलना में एक बेहतर लिविंग ग्रुप है।
विकल्पों की तुलना करने पर:
- विकल्प $A$ और $B$ द्वितीयक $(2^{\circ})$ एल्किल हैलाइड हैं।
- विकल्प $C$ और $D$ प्राथमिक $(1^{\circ})$ एल्किल हैलाइड हैं।
चूंकि प्राथमिक एल्किल हैलाइड में त्रिविम बाधा कम होती है,इसलिए वे द्वितीयक की तुलना में तेजी से प्रतिक्रिया करते हैं।
$C$ और $D$ के बीच,$C$ में ब्रोमाइड लिविंग ग्रुप है,जो $D$ में मौजूद क्लोराइड से बेहतर है।
इसलिए,$1$-ब्रोमो$-3-$मिथाइलपेंटेन $SN^2$ अभिक्रिया सबसे तेजी से करता है।
980
DifficultMCQ
$S_{N}1$ अभिक्रिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही $NOT$ है?
A
एक अधिक शक्तिशाली न्यूक्लियोफाइल $S_{N}1$ तंत्र का पक्ष लेता है।
B
$S_{N}1$ अभिक्रिया कार्बोकेशन मध्यवर्ती के निर्माण के माध्यम से आगे बढ़ती है।
C
$S_{N}1$ अभिक्रिया ध्रुवीय प्रोटिक विलायक में अधिक तेजी से आगे बढ़ती है।
D
$S_{N}1$ तंत्र की दर न्यूक्लियोफाइल की प्रकृति से स्वतंत्र होती है।

Solution

(A) $S_{N}1$ अभिक्रिया एक एक-आणविक न्यूक्लियोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया है जिसमें दर-निर्धारक चरण कार्बोकेशन मध्यवर्ती का निर्माण होता है।
चूंकि न्यूक्लियोफाइल केवल कार्बोकेशन के निर्माण के बाद हमला करता है,इसलिए $S_{N}1$ अभिक्रिया की दर न्यूक्लियोफाइल की सांद्रता और शक्ति से स्वतंत्र होती है।
एक अधिक शक्तिशाली न्यूक्लियोफाइल वास्तव में $S_{N}2$ तंत्र का पक्ष लेता है,जहां न्यूक्लियोफाइल लिविंग ग्रुप के निकलने के साथ ही सबस्ट्रेट पर हमला करता है।
इसलिए,यह कथन कि एक अधिक शक्तिशाली न्यूक्लियोफाइल $S_{N}1$ का पक्ष लेता है,गलत है।
981
EasyMCQ
जब $tert$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड को सिल्वर फ्लोराइड के साथ गर्म किया जाता है,तो प्राप्त मुख्य उत्पाद है
A
$1$-फ्लोरोब्यूटेन
B
$2$-फ्लोरो-$2$-मिथाइलप्रोपेन
C
$2$-फ्लोरो-$2$-मिथाइलप्रोपीन
D
$2$-फ्लोरोब्यूटेन

Solution

(B) एल्किल हैलाइड की $AgF$ जैसे धात्विक फ्लोराइड के साथ अभिक्रिया को स्वार्ट्स अभिक्रिया के रूप में जाना जाता है।
इस अभिक्रिया में,हैलोजन परमाणु (इस मामले में $Br$) को फ्लोरीन परमाणु द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है।
$tert$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड $(CH_3)_3C-Br$ है।
जब यह $AgF$ के साथ अभिक्रिया करता है,तो $Br$ परमाणु $F$ द्वारा प्रतिस्थापित होकर $2$-फ्लोरो-$2$-मिथाइलप्रोपेन $(CH_3)_3C-F$ बनाता है।
982
DifficultMCQ
निम्नलिखित रूपांतरण में प्रयुक्त अभिकर्मक की पहचान करें:
$CH_3CH_2Cl \xrightarrow{A} CH_3CH_2NO_2$ (नाइट्रोएथेन)
A
सोडियम नाइट्राइट
B
सिल्वर नाइट्राइट
C
पोटेशियम नाइट्राइट
D
पोटेशियम साइनाइड

Solution

(B) हेलोऐल्केन की $AgNO_2$ (सिल्वर नाइट्राइट) के साथ अभिक्रिया मुख्य उत्पाद के रूप में नाइट्रोऐल्केन देती है क्योंकि $AgNO_2$ एक सहसंयोजक यौगिक है,और नाइट्रोजन परमाणु न्यूक्लियोफिलिक केंद्र के रूप में कार्य करता है।
इसके विपरीत,$NaNO_2$ या $KNO_2$ जैसे आयनिक नाइट्राइट मुख्य रूप से ऐल्किल नाइट्राइट $(R-ONO)$ देते हैं क्योंकि इन आयनिक प्रजातियों में ऑक्सीजन परमाणु अधिक न्यूक्लियोफिलिक होता है।
इसलिए,क्लोरोएथेन $(CH_3CH_2Cl)$ का नाइट्रोएथेन $(CH_3CH_2NO_2)$ में रूपांतरण के लिए,अभिकर्मक $A$ सिल्वर नाइट्राइट $(AgNO_2)$ है।
983
MediumMCQ
जब $2-$क्लोरोब्यूटेन को $KOH$ के सांद्र अल्कोहलिक विलयन के साथ उबाला जाता है,तो मुख्य उत्पाद क्या बनता है?
A
$But-1-ene$
B
$But-2-ene$
C
$Butan-2-ol$
D
$Butan-1-ol$

Solution

(B) $2-$क्लोरोब्यूटेन की अल्कोहलिक $KOH$ के साथ अभिक्रिया एक विहाइड्रोहैलोजनीकरण अभिक्रिया (एक विलोपन अभिक्रिया,विशेष रूप से $E2$) है।
$\text{सेत्ज़ेफ}$ नियम के अनुसार,मुख्य उत्पाद अधिक प्रतिस्थापित एल्कीन होता है।
$CH_3-CH_2-CHCl-CH_3 \xrightarrow{Alc. KOH} CH_3-CH=CH-CH_3$ ($But-2-ene$,मुख्य उत्पाद) $+ CH_3-CH_2-CH=CH_2$ ($But-1-ene$,गौण उत्पाद)।
अतः,$But-2-ene$ मुख्य उत्पाद है।
984
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा $S_N1$ तंत्र की विशेषता नहीं है?
A
इसमें केवल न्यूक्लियोफाइल का पीछे से आक्रमण शामिल है।
B
एक प्रकाशिक सक्रिय सबस्ट्रेट में प्राप्त उत्पाद रेसमिक होता है।
C
दो चरणीय तंत्र।
D
$C-X$ बंध का विषम विदलन कार्बोकेशन मध्यवर्ती बनाता है।

Solution

(A) $S_N1$ तंत्र एक समतलीय कार्बोकेशन मध्यवर्ती के निर्माण के माध्यम से आगे बढ़ता है।
चूंकि कार्बोकेशन समतलीय होता है,इसलिए न्यूक्लियोफाइल सामने या पीछे दोनों तरफ से आक्रमण कर सकता है।
इसके परिणामस्वरूप विन्यास का प्रतिपन्न (inversion) और धारण (retention) दोनों होते हैं,जिससे यदि सबस्ट्रेट कायरल है तो रेसमिक मिश्रण प्राप्त होता है।
पीछे से आक्रमण (backside attack) $S_N2$ तंत्र की विशेषता है,$S_N1$ की नहीं।
अतः,विकल्प $A$ $S_N1$ तंत्र की विशेषता नहीं है।
985
EasyMCQ
जब $t$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड को अल्कोहलिक अमोनिया के साथ उपचारित किया जाता है,तो निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक प्राप्त होता है?
A
$CH_3-C(CH_3)_2-NHBr$
B
$CH_3-C(CH_3)(Br)-CH_2-NH_2$
C
$CH_3-C(CH_3)=CH_2$
D
$CH_3-C(CH_3)_2-NH_2$

Solution

(C) जब $t$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड को अल्कोहलिक अमोनिया के साथ उपचारित किया जाता है,तो यह नाभिकरागी प्रतिस्थापन के बजाय विलोपन (elimination) अभिक्रिया से गुजरता है,क्योंकि $t$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड एक तृतीयक एल्काइल हैलाइड है और अमोनिया एक क्षार के रूप में कार्य करता है।
अभिक्रिया इस प्रकार है:
$(CH_3)_3C-Br + NH_3 \rightarrow CH_3-C(CH_3)=CH_2 + NH_4Br$
प्राप्त उत्पाद आइसोब्यूटिलीन ($2$-मिथाइलप्रोपीन) है।
986
EasyMCQ
$(CH_{3})_{2}CHBr$ के लिए $S_{N}1$ अभिक्रिया की सापेक्ष दर क्या है?
A
$10^{6}$
B
$10^{-4}$ से कम
C
$0.02$
D
$1$

Solution

(C) $S_{N}1$ अभिक्रिया की दर बनने वाले कार्बोनियम आयन मध्यवर्ती के स्थायित्व पर निर्भर करती है।
$(CH_{3})_{2}CHBr$ (आइसोप्रोपिल ब्रोमाइड) के लिए,$2^{\circ}$ कार्बोनियम आयन बनता है।
$S_{N}1$ अभिक्रियाओं के लिए सापेक्ष दरें सामान्यतः इस प्रकार हैं: $CH_{3}Br (1) < CH_{3}CH_{2}Br (1) < (CH_{3})_{2}CHBr (0.02) < (CH_{3})_{3}CBr (10^{6})$।
अतः,$(CH_{3})_{2}CHBr$ के लिए सापेक्ष दर $0.02$ है।
987
DifficultMCQ
अभिक्रियाओं की निम्नलिखित श्रृंखला में $Z$ की पहचान करें:
Question diagram
A
$CH_{3}CH_{2}CH_{2}CN$
B
$CH_{3}CH_{2}CH_{2}Br$
C
$CH_{3}CH(CN)CH_{3}$
D
$CH_{3}CH=CH_{2}$

Solution

(A) चरण $1$: अल्कोहलिक $KOH$ के साथ $1$-आयोडोप्रोपेन का विहाइड्रोहैलोजनीकरण प्रोपीन $(X)$ देता है:
$CH_{3}CH_{2}CH_{2}I + KOH(alc.) \xrightarrow{\Delta} CH_{3}CH=CH_{2} (X) + KI + H_{2}O$
चरण $2$: पेरोक्साइड की उपस्थिति में प्रोपीन में $HBr$ का एंटी-मार्कोवनिकोव योग $1$-ब्रोमोप्रोपेन $(Y)$ देता है:
$CH_{3}CH=CH_{2} + HBr \xrightarrow{\text{peroxide}} CH_{3}CH_{2}CH_{2}Br (Y)$
चरण $3$: $KCN$ के साथ $1$-ब्रोमोप्रोपेन का नाभिकरागी प्रतिस्थापन ब्यूटेन नाइट्राइल $(Z)$ देता है:
$CH_{3}CH_{2}CH_{2}Br + KCN \xrightarrow{\text{alcohol}, \Delta} CH_{3}CH_{2}CH_{2}CN (Z) + KBr$
अतः,$Z$,$CH_{3}CH_{2}CH_{2}CN$ है।
988
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में प्रयुक्त उत्प्रेरक $X$ की पहचान करें: $CH_{3}CH_{2}Br + 2[H] \stackrel{X}{\longrightarrow} CH_{3}CH_{3} + HBr$
A
$CaO, \Delta$
B
अल्कोहल में $Zn-Cu$ कपल
C
$KMnO_{4}$
D
$K_{2}Cr_{2}O_{7}$

Solution

(B) अभिक्रिया $CH_{3}CH_{2}Br + 2[H] \xrightarrow[\text{Alcohol}]{Zn-Cu(X)} CH_{3}CH_{3} + HBr$ एक एल्काइल हैलाइड का एल्केन में अपचयन (reduction) दर्शाती है।
इस अभिक्रिया में,$Zn-Cu$ कपल अल्कोहल की उपस्थिति में अपचायक के रूप में कार्य करता है।
एथिल ब्रोमाइड $(CH_{3}CH_{2}Br)$ का $Zn-Cu$ कपल द्वारा एथेन $(CH_{3}CH_{3})$ में अपचयन होता है,जहाँ अल्कोहल अभिक्रिया के लिए आवश्यक प्रोटॉन प्रदान करता है।
989
EasyMCQ
$CH_{3}X$ में $C-X$ आबंध सामर्थ्य का सही क्रम क्या है?
A
$CH_{3}F > CH_{3}Cl > CH_{3}Br > CH_{3}I$
B
$CH_{3}F > CH_{3}Br > CH_{3}Cl > CH_{3}I$
C
$CH_{3}Cl > CH_{3}Br > CH_{3}I > CH_{3}F$
D
$CH_{3}I > CH_{3}Br > CH_{3}Cl > CH_{3}F$

Solution

(A) $(A)$
जैसे-जैसे हैलोजन परमाणु का आकार $F$ से $I$ तक बढ़ता है, $C-X$ आबंध लंबाई बढ़ती है।
चूंकि आबंध सामर्थ्य, आबंध लंबाई के व्युत्क्रमानुपाती होता है, इसलिए हैलोजन का आकार बढ़ने पर आबंध सामर्थ्य घटता है।
अतः, $C-X$ आबंध सामर्थ्य का सही क्रम $CH_{3}F > CH_{3}Cl > CH_{3}Br > CH_{3}I$ है।
990
MediumMCQ
$SN^{1}$ अभिक्रियाओं के प्रति निम्नलिखित में से कौन सबसे कम अभिक्रियाशील है?
A
$CH_{3}CH_{2}Br$
B
$CH_{3}CH(Br)CH_{3}$
C
$(CH_{3})_{3}CBr$
D
$CH_{3}Br$

Solution

(D)
$SN^{1}$ अभिक्रियाओं के प्रति एल्किल हैलाइड की अभिक्रियाशीलता निर्मित कार्बोनियम आयन मध्यवर्ती के स्थायित्व पर निर्भर करती है।
कार्बोनियम आयन के स्थायित्व का क्रम है: $3^{\circ} > 2^{\circ} > 1^{\circ} > \text{methyl}$.
अतः,$SN^{1}$ अभिक्रियाशीलता का क्रम है: $(CH_{3})_{3}CBr > CH_{3}CH(Br)CH_{3} > CH_{3}CH_{2}Br > CH_{3}Br$.
इस प्रकार,$CH_{3}Br$ (मिथाइल ब्रोमाइड) सबसे कम अभिक्रियाशील है।
991
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसका क्वथनांक (boiling point) सबसे अधिक है?
A
tert-ब्यूटाइल ब्रोमाइड
B
isobutyl ब्रोमाइड
C
$n$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड
D
sec-ब्यूटाइल ब्रोमाइड

Solution

(C) समावयवी (isomeric) हैलोऐल्केन के लिए,शाखाओं (branching) में वृद्धि के साथ क्वथनांक कम हो जाता है।
$n$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड एक सीधी श्रृंखला वाला अणु है जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल सबसे अधिक होता है,जिससे इसमें वैन डर वाल्स बल सबसे मजबूत होते हैं।
जैसे-जैसे शाखाएं बढ़ती हैं,पृष्ठीय क्षेत्रफल कम हो जाता है,जिसके परिणामस्वरूप अंतर-आणविक बल कमजोर हो जाते हैं और क्वथनांक कम हो जाता है।
इसलिए,क्वथनांक का क्रम है: $n$-ब्यूटाइल ब्रोमाइड > isobutyl ब्रोमाइड > sec-ब्यूटाइल ब्रोमाइड > tert-ब्यूटाइल ब्रोमाइड।
992
MediumMCQ
अमोनिया के साथ एल्किल हैलाइड की अभिक्रियाशीलता का सही घटता क्रम पहचानें।
A
$R-I > R-Br > R-Cl$
B
$R-Br > R-Cl > R-I$
C
$R-I > R-Cl > R-Br$
D
$R-Cl > R-Br > R-I$

Solution

(A) अमोनिया जैसे न्यूक्लियोफाइल के प्रति एल्किल हैलाइड की अभिक्रियाशीलता $C-X$ बंध की मजबूती पर निर्भर करती है।
जैसे-जैसे हैलोजन परमाणु का आकार बढ़ता है,बंध की लंबाई बढ़ती है और बंध वियोजन ऊर्जा कम हो जाती है।
$C-X$ बंध की मजबूती का घटता क्रम $C-Cl > C-Br > C-I$ है।
इसलिए,बंध को तोड़ने की सुगमता का क्रम $C-I > C-Br > C-Cl$ है।
अतः,अमोनिया के साथ एल्किल हैलाइड की अभिक्रियाशीलता का सही घटता क्रम $R-I > R-Br > R-Cl$ है।
993
MediumMCQ
एल्किल हैलाइड्स के क्वथनांक का सही क्रम क्या है?
A
$RI > RBr > RCl > RF$
B
$RI > RCl > RBr > RF$
C
$RF > RCl > RBr > RI$
D
$RCl > RBr > RI > RF$

Solution

(A) एल्किल हैलाइड्स का क्वथनांक वैन डर वाल्स बलों के परिमाण पर निर्भर करता है।
जैसे-जैसे हैलोजन परमाणु का आकार और द्रव्यमान $F$ से $I$ तक बढ़ता है,ध्रुवीयता और वैन डर वाल्स बलों का परिमाण बढ़ता है।
इसलिए,क्वथनांक का सही क्रम: $RF < RCl < RBr < RI$ या $RI > RBr > RCl > RF$ है।
994
EasyMCQ
एल्किल क्लोराइड में हैलोजन को आयोडाइड द्वारा प्रतिस्थापित करने के लिए कौन सी अभिक्रिया उपयोगी है?
A
वुर्ट्ज़ अभिक्रिया
B
फिंकेलस्टीन अभिक्रिया
C
राइमर-टीमैन अभिक्रिया
D
विलियमसन संश्लेषण

Solution

(B) एल्किल क्लोराइड में हैलोजन को आयोडाइड द्वारा प्रतिस्थापित करने के लिए $Finkelstein$ अभिक्रिया उपयोगी है।
इस अभिक्रिया का उपयोग शुष्क एसीटोन में $NaI$ के साथ एल्किल क्लोराइड या एल्किल ब्रोमाइड की अभिक्रिया द्वारा एल्किल आयोडाइड तैयार करने में किया जाता है।
$CH_3-CH_2-Cl + NaI \xrightarrow{\text{dry acetone}} CH_3-CH_2-I + NaCl$
995
EasyMCQ
सोडियम आयोडाइड और शुष्क एसीटोन का उपयोग करके एथिल ब्रोमाइड का एथिल आयोडाइड में रूपांतरण किस अभिक्रिया के रूप में जाना जाता है?
A
स्वार्ट्स अभिक्रिया
B
फिंकेलस्टीन अभिक्रिया
C
सैंडमेयर अभिक्रिया
D
स्टीफन अभिक्रिया

Solution

(B) शुष्क एसीटोन की उपस्थिति में सोडियम आयोडाइड $(NaI)$ के साथ एल्किल हैलाइड्स (जैसे एथिल ब्रोमाइड) की अभिक्रिया द्वारा एल्किल आयोडाइड्स (जैसे एथिल आयोडाइड) बनाने की प्रक्रिया को फिंकेलस्टीन अभिक्रिया कहा जाता है।
अभिक्रिया: $C_2H_5Br + NaI \xrightarrow{\text{dry acetone}} C_2H_5I + NaBr$.
996
MediumMCQ
इथेनॉलिक $KOH$ देता है
A
डीहैलोजनीकरण अभिक्रियाएं
B
डीहाइड्रोजनीकरण अभिक्रियाएं
C
डीहाइड्रोहैलोजनीकरण अभिक्रियाएं
D
प्रतिस्थापन अभिक्रियाएं

Solution

(C) इथेनॉलिक $KOH$ एक प्रबल क्षार के रूप में कार्य करता है और हैलोऐल्केन से हाइड्रोजन परमाणु और हैलोजन परमाणु के निष्कासन को बढ़ावा देता है।
इस प्रक्रिया को डीहाइड्रोहैलोजनीकरण कहा जाता है,जिसके परिणामस्वरूप ऐल्कीन का निर्माण होता है।
997
MediumMCQ
क्लोरोफॉर्म का जिंक डस्ट और पानी के साथ अपचयन (reduction) करने पर क्या प्राप्त होता है?
A
मिथाइल क्लोराइड
B
डाइक्लोरो मीथेन
C
क्लोरो मीथेन
D
मीथेन

Solution

(D) क्लोरोफॉर्म $(CHCl_{3})$ का जिंक डस्ट और पानी $(Zn / H_{2}O)$ के साथ अपचयन करने पर मीथेन $(CH_{4})$ प्राप्त होता है।
रासायनिक अभिक्रिया: $CHCl_{3} + 6[H] \xrightarrow{Zn / H_{2}O} CH_{4} + 3HCl$.
अतः,सही उत्तर मीथेन है।
998
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया का उपयोग एल्किल क्लोराइड को एल्किल आयोडाइड में बदलने के लिए किया जाता है?
A
फिटिंग अभिक्रिया
B
फ्रीडल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया
C
फिंकेलस्टीन अभिक्रिया
D
स्वार्ट्स अभिक्रिया

Solution

(C) एल्किल क्लोराइड या एल्किल ब्रोमाइड का एल्किल आयोडाइड में रूपांतरण $Finkelstein$ अभिक्रिया कहलाता है।
इस अभिक्रिया में,एल्किल हैलाइड को शुष्क एसीटोन की उपस्थिति में सोडियम आयोडाइड $(NaI)$ के साथ उपचारित किया जाता है।
अभिक्रिया है: $R-X + NaI \xrightarrow{\text{dry acetone}} R-I + NaX$ (जहाँ $X = Cl, Br$)।
999
EasyMCQ
निम्नलिखित में से फिंकेलस्टीन अभिक्रिया की पहचान करें।
A
$C_2H_5Cl + AgF \xrightarrow{\Delta} C_2H_5F + AgCl$
B
$C_2H_5Cl + NaI \xrightarrow{\text{acetone}} C_2H_5I + NaCl$
C
$C_2H_5Cl + NaOH \rightarrow C_2H_5OH + NaCl$
D
$C_2H_5Cl + KCN \text{ (alc)} \xrightarrow{\Delta} C_2H_5CN + KCl$

Solution

(B) फिंकेलस्टीन अभिक्रिया हैलोजन विनिमय अभिक्रिया का एक प्रकार है जिसमें एसीटोन की उपस्थिति में सोडियम आयोडाइड $(NaI)$ का उपयोग करके अल्काइल क्लोराइड या ब्रोमाइड को अल्काइल आयोडाइड में परिवर्तित किया जाता है।
अभिक्रिया है: $C_2H_5Cl + NaI \xrightarrow{\text{acetone}} C_2H_5I + NaCl$।
विकल्प $B$ इस अभिक्रिया को दर्शाता है।

Haloalkanes and Haloarenes — Properties of Haloalkanes · Frequently Asked Questions

1Are these Haloalkanes and Haloarenes questions useful for JEE and NEET?

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2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

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