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Aromatic hydrocarbon Questions in Hindi

Class 11 Chemistry · Hydrocarbons · Aromatic hydrocarbon

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Showing 50 of 872 questions in Hindi

451
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक सोडियम कार्बोनेट के जलीय घोल के प्रति सबसे अधिक प्रतिक्रियाशील है $?$
A
साइक्लोप्रोपीन
B
साइक्लोब्यूटीन
C
$1,3-$साइक्लोहेक्साडाईन
D
$1,3-$साइक्लोपेंटाडाईन

Solution

(D) सोडियम कार्बोनेट $(Na_2CO_3)$ के जलीय घोल के प्रति यौगिक की प्रतिक्रियाशीलता उसकी अम्लता पर निर्भर करती है।
$(a)$ साइक्लोप्रोपीन: एंटी-एरोमैटिक $(4\pi e^-)$ कार्बोनियन बनाता है,जो अस्थिर है।
$(b)$ साइक्लोब्यूटीन: एंटी-एरोमैटिक $(4\pi e^-)$ कार्बोनियन बनाता है,जो अस्थिर है।
$(c)$ $1,3-$साइक्लोहेक्साडाईन: होमोएरोमैटिक कार्बोनियन बनाता है,जो अस्थिर है।
$(d)$ $1,3-$साइक्लोपेंटाडाईन: प्रोटॉन खोने के बाद,यह साइक्लोपेंटाडाईनाइल एनायन बनाता है,जो एरोमैटिक $(6\pi e^-)$ और अत्यधिक स्थिर है।
इसलिए,$1,3-$साइक्लोपेंटाडाईन सबसे अधिक अम्लीय है और सोडियम कार्बोनेट के साथ सबसे अधिक प्रतिक्रियाशील है।
452
DifficultMCQ
नीचे दी गई अभिक्रिया अनुक्रम पर विचार करें:
ऐनिसोल $\xrightarrow[AlCl_3]{\text{Succinic anhydride}} A$ $\xrightarrow[\text{Clemmensen's reduction}]{\text{Cyclization}} X$
$X$ की पहचान करें।
A
$6-methoxy-1-tetralone$ व्युत्पन्न
B
$7-methoxy-1-tetralone$ व्युत्पन्न
C
$6-methoxytetralin$
D
$5-methoxytetralin$

Solution

(C) $1$. $AlCl_3$ की उपस्थिति में ऐनिसोल की सक्सिनिक एनहाइड्राइड के साथ अभिक्रिया (फ्रीडेल-क्राफ्ट्स एसाइलेशन) मुख्य रूप से पैरा-स्थिति पर होती है,जो $-OCH_3$ समूह की सक्रियता के कारण है। यह मध्यवर्ती $A$ के रूप में $4-(4-methoxyphenyl)-4-oxobutanoic$ एसिड देता है।
$2$. क्लेमेंसन रिडक्शन $(Zn-Hg/conc. HCl)$ कीटोन समूह को मिथाइलीन समूह में अपचयित करता है,जिससे $4-(4-methoxyphenyl)butanoic$ एसिड प्राप्त होता है।
$3$. बाद में चक्रीकरण (cyclization) से $6-methoxytetralone$ बनता है। कीटोन का और अधिक अपचयन $6-methoxytetralin$ देता है।
$4$. दिए गए विकल्पों और समाधान की छवि के आधार पर,उत्पाद $X$,$6-methoxytetralin$ है।
453
DifficultMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया दी गई है:
$\xrightarrow{\text{Electrolysis}} A$
$A$ क्या है?
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) यह अभिक्रिया डाईकार्बोक्सिलिक अम्ल लवण के कोल्बे विद्युत-अपघटन का एक उदाहरण है।
$1$. विद्युत-अपघटन पर,कार्बोक्सिलेट आयन $(R-COO^-)$ एनोड पर इलेक्ट्रॉन खोकर कार्बोक्सिल रेडिकल $(R-COO^{\bullet})$ बनाते हैं।
$2$. इन रेडिकल्स का डीकार्बोक्सिलेशन होता है,जिससे $CO_2$ मुक्त होती है और अल्काइल रेडिकल $(R^{\bullet})$ बनते हैं।
$3$. इस विशिष्ट मामले में,साइक्लोहेक्सेन रिंग पर बने दो रेडिकल केंद्र आपस में जुड़कर एक द्वि-आबंध बनाते हैं,जिसके परिणामस्वरूप नैफ्थलीन का निर्माण होता है,जो अपने एरोमैटिक गुण के कारण स्थिर होता है।
अतः,उत्पाद $A$ नैफ्थलीन है।
454
DifficultMCQ
दिए गए यौगिकों में इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं में अभिक्रियाशीलता का सही क्रम क्या होगा?
Question diagram
A
$B > A > C > D$
B
$D > C > B > A$
C
$A > B > C > D$
D
$B > C > A > D$

Solution

(A) इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन के प्रति बेंजीन व्युत्पन्न की अभिक्रियाशीलता वलय के इलेक्ट्रॉन घनत्व पर निर्भर करती है।
जो समूह इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ाते हैं (सक्रियकारी समूह) वे अभिक्रियाशीलता बढ़ाते हैं,जबकि जो समूह इलेक्ट्रॉन घनत्व घटाते हैं (निष्क्रियकारी समूह) वे अभिक्रियाशीलता घटाते हैं।
$1$. $-CH_3$ ($B$ में) $+I$ प्रभाव और अतिसंयुग्मन (hyperconjugation) के कारण एक इलेक्ट्रॉन-दाता समूह है,जो इसे बेंजीन $(A)$ से अधिक अभिक्रियाशील बनाता है।
$2$. बेंजीन $(A)$ संदर्भ यौगिक है।
$3$. $-Cl$ ($C$ में) अपने प्रबल $-I$ प्रभाव के कारण निष्क्रियकारी है,जो इसके $+M$ प्रभाव से अधिक होता है,इसलिए यह बेंजीन से कम अभिक्रियाशील है।
$4$. $-NO_2$ ($D$ में) $-I$ और $-M$ दोनों प्रभावों के कारण एक प्रबल निष्क्रियकारी समूह है,जो इसे सबसे कम अभिक्रियाशील बनाता है।
अतः,अभिक्रियाशीलता का सही क्रम $B > A > C > D$ है।
455
DifficultMCQ
नीचे दिए गए यौगिकों में इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन (electrophilic substitution) के प्रति अभिक्रियाशीलता का घटता क्रम क्या है?
Question diagram
A
$(i) > (ii) > (iii) > (iv)$
B
$(ii) > (iii) > (i) > (iv)$
C
$(iii) > (i) > (iv) > (ii)$
D
$(iv) > (i) > (ii) > (iii)$

Solution

(A) इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता बेंजीन वलय पर इलेक्ट्रॉन घनत्व पर निर्भर करती है। इलेक्ट्रॉन-दाता समूह (activating groups) इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ाते हैं,जबकि इलेक्ट्रॉन-आकर्षक समूह (deactivating groups) इसे घटाते हैं।
$(i)$ $-OCH_3$: यह समूह प्रबल $+M$ प्रभाव डालता है,जो बेंजीन वलय पर इलेक्ट्रॉन घनत्व को काफी बढ़ा देता है।
(ii) $-CH_3$: यह समूह $+I$ प्रभाव और अतिसंयुग्मन (hyperconjugation) द्वारा इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ाता है,लेकिन $-OCH_3$ की तुलना में कम।
(iii) बेंजीन: यह एक संदर्भ यौगिक है।
(iv) $-CF_3$: यह समूह प्रबल $-I$ प्रभाव डालता है,जो इलेक्ट्रॉन घनत्व को कम कर देता है।
अतः,अभिक्रियाशीलता का घटता क्रम $(i) > (ii) > (iii) > (iv)$ है।
456
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन से यौगिक एंटी-एरोमैटिक हैं?
Question diagram
A
$I$ और $V$
B
$II$ और $V$
C
$I$ और $IV$
D
$V$ और $VI$

Solution

(D) एक यौगिक एंटी-एरोमैटिक होता है यदि वह चक्रीय,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित हो और उसमें $4n \pi$ इलेक्ट्रॉन (जहाँ $n = 1, 2, ...$) हों।
$(I)$ फ्यूरान: $6 \pi$ इलेक्ट्रॉन (एरोमैटिक)।
$(II)$ साइक्लोहेप्टाट्रायीन: पूर्णतः संयुग्मित नहीं (नॉन-एरोमैटिक)।
$(III)$ साइक्लोऑक्टाटेट्राईन: नॉन-प्लेनर टब-आकार का (नॉन-एरोमैटिक)।
$(IV)$ साइक्लोपेंटाडाइनाइल एनायन: $6 \pi$ इलेक्ट्रॉन (एरोमैटिक)।
$(V)$ साइक्लोपेंटाडाइनाइल कैटायन: $4 \pi$ इलेक्ट्रॉन,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित (एंटी-एरोमैटिक)।
$(VI)$ साइक्लोब्यूटाडाइन: $4 \pi$ इलेक्ट्रॉन,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित (एंटी-एरोमैटिक)।
अतः,यौगिक $(V)$ और $(VI)$ एंटी-एरोमैटिक हैं।
457
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक एरोमैटिक नहीं है?
A
साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन
B
पायरोल
C
पायरीडिन
D
साइक्लोपेंटाडाइनाइल ऋणायन

Solution

(A) एरोमैटिकता निर्धारित करने के लिए,हम हकल के नियम का उपयोग करते हैं: एक यौगिक को चक्रीय,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित होना चाहिए और उसमें $(4n + 2) \pi$ इलेक्ट्रॉन होने चाहिए।
$A$. साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन: इसमें $4 \pi$ इलेक्ट्रॉन हैं। हकल के नियम के अनुसार,यह एंटी-एरोमैटिक है।
$B$. पायरोल: इसमें $6 \pi$ इलेक्ट्रॉन हैं ($4$ द्वि-आबंध से + $2$ $N$ पर मौजूद एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म से)। यह एरोमैटिक है।
$C$. पायरीडिन: इसमें $6 \pi$ इलेक्ट्रॉन हैं। यह एरोमैटिक है।
$D$. साइक्लोपेंटाडाइनाइल ऋणायन: इसमें $6 \pi$ इलेक्ट्रॉन हैं ($4$ द्वि-आबंध से + $2$ ऋण आवेश से)। यह एरोमैटिक है।
अतः,साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन एरोमैटिक नहीं है (यह एंटी-एरोमैटिक है)।
458
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा/से यौगिक एरोमैटिक नहीं है/हैं?
Question diagram
A
$b$,$c$ और $d$
B
$c$ और $d$
C
$b$
D
$b$ और $d$

Solution

(A) एरोमैटिकता निर्धारित करने के लिए,हम चक्रीय,समतलीय,पूर्ण संयुग्मित प्रणाली और $(4n+2) \pi$ इलेक्ट्रॉनों की जांच करते हैं।
$(a)$ साइक्लोप्रोपेनाइल धनायन: $2 \pi$ इलेक्ट्रॉन $(n=0)$,चक्रीय,समतलीय,संयुग्मित। यह एरोमैटिक है।
$(b)$ साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन: $4 \pi$ इलेक्ट्रॉन ($n=1$ एंटीएरोमैटिक के लिए),चक्रीय,समतलीय,संयुग्मित। यह एंटीएरोमैटिक है।
$(c)$ साइक्लोहेप्टाट्राइनाइल ऋणायन: $8 \pi$ इलेक्ट्रॉन,यह एंटीएरोमैटिक है।
$(d)$ साइक्लोहेप्टाट्राइइन: इसमें एक $sp^3$ संकरित कार्बन परमाणु है,इसलिए निरंतर चक्रीय संयुग्मन के अभाव में यह नॉन-एरोमैटिक है।
अतः,$(b)$,$(c)$ और $(d)$ एरोमैटिक नहीं हैं।
459
DifficultMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया का मुख्य उत्पाद है:
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) क्षारीय $KMnO_4$ और उसके बाद अम्लीकरण $(H_3O^+)$ के साथ एल्काइलबेंजीन की अभिक्रिया एक मानक ऑक्सीकरण अभिक्रिया है।
एल्काइल पार्श्व श्रृंखला की लंबाई चाहे जो भी हो,जब तक बेंजिलिक कार्बन पर कम से कम एक हाइड्रोजन परमाणु मौजूद है,पूरी पार्श्व श्रृंखला ऑक्सीकृत होकर बेंजीन रिंग से जुड़े कार्बोक्सिलिक एसिड समूह $(-COOH)$ में बदल जाती है।
इस मामले में,एथिलबेंजीन $(C_6H_5-CH_2CH_3)$ ऑक्सीकृत होकर बेंजोइक एसिड $(C_6H_5COOH)$ बनाता है।
460
DifficultMCQ
निम्नलिखित यौगिकों की एरोमैटिक इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के प्रति अभिक्रियाशीलता का बढ़ता क्रम क्या है?
Question diagram
A
$D < A < C < B$
B
$A < B < C < D$
C
$D < C < A < B$
D
$B < C < A < D$

Solution

(A) एरोमैटिक यौगिकों की इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता बेंजीन रिंग के इलेक्ट्रॉन घनत्व पर निर्भर करती है। इलेक्ट्रॉन-दाता समूह $(EDG)$ अभिक्रियाशीलता को बढ़ाते हैं,जबकि इलेक्ट्रॉन-आकर्षक समूह $(EWG)$ इसे कम करते हैं।
$A$: क्लोरोबेंजीन ($-Cl$ समूह $-I$ और $+R$ प्रभाव दिखाता है; यह डीएक्टिवेटिंग है)।
$B$: एनीसोल ($-OMe$ समूह का मजबूत $+R$ प्रभाव होता है,जो इसे अत्यधिक सक्रिय बनाता है)।
$C$: टोल्यूनि ($-Me$ समूह $+I$ और हाइपरकंजुगेशन प्रभाव दिखाता है,जो इसे सक्रिय बनाता है)।
$D$: बेंजोनाइट्राइल ($-CN$ समूह का मजबूत $-R$ और $-I$ प्रभाव होता है,जो इसे अत्यधिक डीएक्टिवेटिंग बनाता है)।
प्रभावों की तुलना करने पर:
$B$ (मजबूत $+R$) > $C$ (हाइपरकंजुगेशन) > $A$ (डीएक्टिवेटिंग $-I > +R$) > $D$ (मजबूत $-R$ और $-I$)।
अतः,अभिक्रियाशीलता का बढ़ता क्रम $D < A < C < B$ है।
461
DifficultMCQ
निम्नलिखित यौगिकों की इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के प्रति अभिक्रियाशीलता का बढ़ता क्रम क्या है?
Question diagram
A
$III < I < II$
B
$III < II < I$
C
$II < I < III$
D
$I < III < II$

Solution

(A) एरोमैटिक यौगिकों की इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता बेंजीन रिंग के इलेक्ट्रॉन घनत्व पर निर्भर करती है। इलेक्ट्रॉन-दाता समूह अभिक्रियाशीलता को बढ़ाते हैं,जबकि इलेक्ट्रॉन-आकर्षक समूह इसे कम करते हैं।
$I$: क्लोरोबेंजीन ($Cl$ अपने प्रबल $-I$ प्रभाव के कारण एक डीएक्टिवेटिंग समूह है)।
$II$: टोल्यूनि ($-CH_3$ अपने $+I$ और हाइपरकंजुगेशन प्रभाव के कारण एक एक्टिवेटिंग समूह है)।
$III$: एसीटोफेनोन ($-COCH_3$ अपने $-I$ और $-M$ प्रभावों के कारण एक प्रबल डीएक्टिवेटिंग समूह है)।
प्रभावों की तुलना करने पर:
$II$ (एक्टिवेटिंग) > $I$ (दुर्बल डीएक्टिवेटिंग) > $III$ (प्रबल डीएक्टिवेटिंग)।
अतः,अभिक्रियाशीलता का बढ़ता क्रम $III < I < II$ है।
462
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा/से यौगिक एरोमैटिक है/हैं?
Question diagram
A
केवल $a$
B
$b, c$
C
$a, b, c$
D
उपरोक्त सभी $(a, b, c, d)$

Solution

(D) एक यौगिक एरोमैटिक होता है यदि वह चक्रीय,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित हो और हकल के नियम ($4n+2$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन,जहाँ $n=0, 1, 2, ...$) का पालन करता हो।
$(a)$ एज़ुलीन: यह $10$ $\pi$ इलेक्ट्रॉनों $(n=2)$ वाला एक द्विचक्रीय एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन है।
$(b)$ इंडोल: यह $10$ $\pi$ इलेक्ट्रॉनों $(n=2)$ वाला एक द्विचक्रीय हेटरोसाइक्लिक यौगिक है।
$(c)$ क्विनोलिन: यह $10$ $\pi$ इलेक्ट्रॉनों $(n=2)$ वाला एक द्विचक्रीय हेटरोसाइक्लिक यौगिक है।
$(d)$ ट्रोपोलोन: यह $6$ $\pi$ इलेक्ट्रॉनों $(n=1)$ वाली एक चक्रीय,समतलीय और संयुग्मित प्रणाली है।
चूंकि सभी दिए गए यौगिक एरोमैटिकता की शर्तों को पूरा करते हैं,इसलिए सही विकल्प $D$ है।
463
DifficultMCQ
निम्नलिखित यौगिकों के लिए इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया $(E.S.R.)$ के प्रति सक्रियता का सही क्रम क्या है?
$(i)$ टॉल्यूईन
(ii) $m$-मेथॉक्सिटॉल्यूईन
(iii) बेंजल्डिहाइड
(iv) $p$-नाइट्रोबेंजल्डिहाइड
A
$i > ii > iii > iv$
B
$ii > i > iii > iv$
C
$i > iv > iii > ii$
D
$iv > ii > iii > i$

Solution

(B) $E.S.R.$ के प्रति सक्रियता बेंजीन वलय के इलेक्ट्रॉन घनत्व पर निर्भर करती है। इलेक्ट्रॉन दाता समूह $(EDG)$ सक्रियता बढ़ाते हैं,जबकि इलेक्ट्रॉन खींचने वाले समूह $(EWG)$ इसे कम करते हैं।
$(i)$ टॉल्यूईन: $-CH_3$ समूह होता है,जो एक दुर्बल $EDG$ है।
(ii) $m$-मेथॉक्सिटॉल्यूईन: $-OCH_3$ (प्रबल $EDG$) और $-CH_3$ (दुर्बल $EDG$) समूह होते हैं। यह सबसे अधिक सक्रिय है।
(iii) बेंजल्डिहाइड: $-CHO$ समूह होता है,जो एक प्रबल $EWG$ है।
(iv) $p$-नाइट्रोबेंजल्डिहाइड: $-CHO$ और $-NO_2$ दोनों प्रबल $EWG$ समूह होते हैं। यह सबसे कम सक्रिय है।
अतः,सक्रियता का सही क्रम $(ii) > (i) > (iii) > (iv)$ है।
464
MediumMCQ
निम्नलिखित संरचनाओं में से एरोमैटिक यौगिकों की संख्या ज्ञात कीजिए:
$(i)$ $1,2,4$-ट्रायज़ोल
(ii) $2$-पायरोन
(iii) बेंज़िमिडाज़ोल
(iv) पायराज़ोल
$(v)$ साइक्लोऑक्टाटेट्राईन डायनियन
(vi) पायरोलिडिनियम धनायन
(vii) साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन
A
$4$
B
$5$
C
$6$
D
$3$

Solution

(A) एरोमैटिकता निर्धारित करने के लिए,यौगिक को चक्रीय,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित होना चाहिए और हकल के नियम ($4n+2$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन) का पालन करना चाहिए।
$(i)$ $1,2,4$-ट्रायज़ोल: समतलीय,चक्रीय,$6$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन। एरोमैटिक है।
(ii) $2$-पायरोन: कार्बोनिल स्थान पर ऑक्सीजन $sp^3$ संकरित है,जो संयुग्मन को तोड़ता है। गैर-एरोमैटिक है।
(iii) बेंज़िमिडाज़ोल: समतलीय,चक्रीय,$10$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन। एरोमैटिक है।
(iv) पायराज़ोल: समतलीय,चक्रीय,$6$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन। एरोमैटिक है।
$(v)$ साइक्लोऑक्टाटेट्राईन डायनियन: समतलीय,चक्रीय,$10$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन। एरोमैटिक है।
(vi) पायरोलिडिनियम धनायन: नाइट्रोजन $sp^3$ संकरित है,जो संयुग्मन को तोड़ता है। गैर-एरोमैटिक है।
(vii) साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन: समतलीय,चक्रीय,$4$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन ($4n$ नियम)। एंटी-एरोमैटिक है।
अतः,एरोमैटिक यौगिक $(i)$,(iii),(iv) और $(v)$ हैं। कुल संख्या $4$ है।
465
MediumMCQ
दिए गए अणु के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
Question diagram
A
दिया गया अणु एरोमैटिक है
B
इस अणु में $6\pi$ विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन हैं।
C
इस अणु में आठ समानांतर शुद्ध $p-$ कक्षक हैं
D
यह अणु समतलीय नहीं है

Solution

(A) दिया गया अणु $1,2-dihydronaphthalene$ है।
$1$. यह एरोमैटिक नहीं है क्योंकि यह हकल के नियम का पालन नहीं करता है।
$2$. इसमें संयुग्मित तंत्र में $4$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन हैं,$6$ नहीं।
$3$. अणु समतलीय नहीं है क्योंकि संतृप्त कार्बन परमाणु ($sp^3$ संकरण) वलय की समतलीयता को बाधित करते हैं।
$4$. चूंकि अणु पूरी तरह से संयुग्मित नहीं है,इसलिए इसमें आठ समानांतर शुद्ध $p-$ कक्षक नहीं होते हैं।
अतः,कथन $A$ गलत है।
466
AdvancedMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया का मुख्य उत्पाद होगा
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) प्रारंभिक पदार्थ एक एमाइड समूह $(-NH-CO-)$ युक्त बाइसिकल एरोमैटिक प्रणाली है। नाइट्रोजन पर मौजूद लोन पेयर के कारण $-NH-$ समूह एक सक्रिय समूह (ऑर्थो/पैरा निर्देशक) है,जबकि $-CO-$ समूह एक निष्क्रिय समूह (मेटा निर्देशक) है।
दी गई संरचना में,$-NH-$ समूह वलय से जुड़ा है। $-NH-$ समूह के ऑर्थो स्थिति इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन के लिए सबसे सक्रिय स्थिति है।
इसलिए,इलेक्ट्रोफाइल $Br^+$ ($Br_2/FeCl_3$ से उत्पन्न) $-NH-$ समूह के ऑर्थो स्थिति पर आक्रमण करेगा।
विकल्पों की तुलना करने पर,विकल्प $C$ में ब्रोमीन परमाणु $-NH-$ समूह के ऑर्थो स्थिति पर स्थित है।
467
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के प्रति सबसे अधिक प्रतिक्रियाशील है?
A
$1,3$-डाइनाइट्रोबेंजीन
B
$3$-नाइट्रोफिनोल
C
नाइट्रोबेंजीन
D
$3$-मेथॉक्सीफिनोल

Solution

(D) बेंजीन वलय की इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया $(ESR)$ के प्रति प्रतिक्रियाशीलता वलय के इलेक्ट्रॉन घनत्व पर निर्भर करती है। इलेक्ट्रॉन-दाता समूह $(EDG)$ इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ाते हैं और इस प्रकार प्रतिक्रियाशीलता बढ़ाते हैं,जबकि इलेक्ट्रॉन-आकर्षक समूह $(EWG)$ इसे कम करते हैं।
$A$. $1,3$-डाइनाइट्रोबेंजीन: इसमें दो $-NO_2$ समूह होते हैं,जो मजबूत $EWG$ हैं। यह वलय को काफी निष्क्रिय कर देता है।
$B$. $3$-नाइट्रोफिनोल: इसमें एक $-OH$ समूह $(EDG)$ और एक $-NO_2$ समूह $(EWG)$ होता है।
$C$. नाइट्रोबेंजीन: इसमें एक $-NO_2$ समूह $(EWG)$ होता है,जो वलय को निष्क्रिय करता है।
$D$. $3$-मेथॉक्सीफिनोल: इसमें दो इलेक्ट्रॉन-दाता समूह होते हैं: $-OH$ और $-OCH_3$। दोनों समूह $+M$ (मेसोमेरिक) प्रभाव डालते हैं,जो बेंजीन वलय के इलेक्ट्रॉन घनत्व को काफी बढ़ा देते हैं,जिससे यह $ESR$ के प्रति सबसे अधिक प्रतिक्रियाशील हो जाता है।
468
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा एंथ्रासीन है?
Question diagram
A
$a$
B
$b$
C
दोनों
D
कोई नहीं

Solution

(A) एंथ्रासीन एक पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन है जिसमें तीन संलयित (fused) बेंजीन रिंग एक रैखिक व्यवस्था में होती हैं।
संरचना $(a)$ एंथ्रासीन को दर्शाती है।
संरचना $(b)$ फेनेंथ्रीन को दर्शाती है,जिसमें तीन संलयित बेंजीन रिंग की कोणीय व्यवस्था होती है।
अतः,सही विकल्प $A$ है।
469
DifficultMCQ
उत्पाद $(A)$ है
Question diagram
A
मेथिलीन समूह $(=CH_2)$ के साथ साइक्लोपेंटाडाईन
B
बेंजीन
C
टोल्यूनि
D
साइक्लोपेंटाडाईन

Solution

(A) यह अभिक्रिया अल्कोहल के अम्ल-उत्प्रेरित निर्जलीकरण (dehydration) को दर्शाती है।
$H^{\oplus}$ और गर्म करने पर,हाइड्रॉक्सिल समूह प्रोटोनेट होकर पानी का अणु बाहर निकालता है,जिससे कार्बोकेशन बनता है।
यह कार्बोकेशन साइक्लोपेंटाडाईन वलय के साथ अनुनाद (resonance) द्वारा स्थिर होता है,जो अंततः मेथिलीनसाइक्लोपेंटाडाईन उत्पाद देता है।
470
DifficultMCQ
$CH_3-CH_2-CH_2-Cl$ $\xrightarrow{Na, \text{Dry ether}} P$ $\xrightarrow[V_2O_5, Al_2O_3]{\Delta} Q$. $Q$ क्या है?
A
$1$-मिथाइलसाइक्लोपेंटा-$1,3$-डाईन
B
$1$-मिथाइलीनसाइक्लोपेंटा-$2,4$-डाईन
C
बेंजीन
D
टोल्यूनि

Solution

(C) $1$. अभिक्रिया $CH_3-CH_2-CH_2-Cl \xrightarrow{Na, \text{Dry ether}}$ एक वुर्ट्ज़ अभिक्रिया है। हालाँकि,$n$-प्रोपाइल क्लोराइड के साथ,यह मुख्य रूप से $P$ के रूप में $n$-हेक्सेन $(CH_3-CH_2-CH_2-CH_2-CH_2-CH_3)$ देता है।
$2$. दूसरे चरण में उच्च तापमान $(\Delta)$ पर $V_2O_5$ और $Al_2O_3$ का उपयोग करके $n$-हेक्सेन का एरोमैटिकरण किया जाता है।
$3$. $n$-हेक्सेन चक्रीकरण और विहाइड्रोजनीकरण के माध्यम से $Q$ के रूप में बेंजीन $(C_6H_6)$ बनाता है।
$4$. इसलिए,$Q$ बेंजीन है।
471
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया का मुख्य उत्पाद क्या है?
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) यह अभिक्रिया लुईस अम्ल उत्प्रेरक $(FeCl_3)$ की उपस्थिति में $Br_2$ का उपयोग करके $m$-जाइलीन ($1,3$-डाइमिथाइल बेंजीन) का इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन (ब्रोमिनेशन) है।
$1$. मिथाइल समूह $(-CH_3)$ ऑर्थो/पैरा निर्देशक और सक्रियकारी समूह होते हैं।
$2$. $m$-जाइलीन में,स्थान $2$,$4$,और $6$ प्रतिस्थापन के लिए उपलब्ध हैं।
$3$. स्थान $1$ और $3$ पर दो मिथाइल समूहों की उपस्थिति के कारण स्थान $2$ त्रिविम बाधा (steric hindrance) के कारण बाधित है।
$4$. स्थान $4$ और $6$ समान हैं और स्थान $2$ की तुलना में कम त्रिविम बाधा रखते हैं।
$5$. इसलिए,इलेक्ट्रोफाइल $(Br^+)$ स्थान $4$ (या $6$) पर हमला करता है और मुख्य उत्पाद के रूप में $4$-ब्रोमो-$1,3$-डाइमिथाइल बेंजीन बनाता है।
472
MediumMCQ
एरोमैटिकता किसमें उपस्थित है?
A
साइक्लोप्रोपेनाइल एनायन
B
पायरोल धनायन
C
इंडीन
D
साइक्लोऑक्टाटेट्राईन

Solution

(C) एरोमैटिकता निर्धारित करने के लिए,एक अणु को हकल के नियम का पालन करना चाहिए: यह चक्रीय,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित होना चाहिए और इसमें $(4n + 2) \pi$ इलेक्ट्रॉन होने चाहिए,जहाँ $n$ एक पूर्णांक है $(n = 0, 1, 2, ...)$.
$A$. साइक्लोप्रोपेनाइल एनायन: इसमें $4 \pi$ इलेक्ट्रॉन हैं। यह $4n$ नियम का पालन करता है,जो इसे एंटी-एरोमैटिक बनाता है।
$B$. पायरोल धनायन: नाइट्रोजन परमाणु $sp^2$ संकरित है। $\pi$ सिस्टम में $4$ इलेक्ट्रॉन हैं। यह एंटी-एरोमैटिक है।
$C$. इंडीन: यह एक द्विचक्रीय यौगिक है जिसमें बेंजीन रिंग और साइक्लोपेंटाडाईन रिंग जुड़ी होती है। बेंजीन भाग एरोमैटिक है,और पूरा अणु एरोमैटिक गुण प्रदर्शित करता है।
$D$. साइक्लोऑक्टाटेट्राईन: इसमें $8 \pi$ इलेक्ट्रॉन हैं। यह एंटी-एरोमैटिकता से बचने के लिए गैर-समतलीय (टब के आकार का) होता है,इसलिए यह नॉन-एरोमैटिक है।
अतः,एरोमैटिकता इंडीन में उपस्थित है।
473
DifficultMCQ
साइक्लोनोनाटेट्राईन को एरोमैटिक आयन में बदलने के लिए,आवश्यक प्रक्रिया है
A
एक और $\pi$ बंध का योग
B
दो और $\pi$ बंध का योग
C
$sp^3$ संकरित कार्बन से $H^{+}$ का निष्कासन
D
$sp^2$ संकरित कार्बन से $H^{+}$ का निष्कासन

Solution

(C) साइक्लोनोनाटेट्राईन में $9$ कार्बन परमाणु और $4$ $\pi$ बंध होते हैं।
एरोमैटिक होने के लिए,इसे हकल के नियम का पालन करना चाहिए,जो कहता है कि एक समतलीय,चक्रीय,संयुग्मित प्रणाली में $(4n + 2)$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन होने चाहिए।
$n = 2$ के लिए,प्रणाली को $10$ $\pi$ इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है।
साइक्लोनोनाटेट्राईन में $8$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन होते हैं।
यदि हम $sp^3$ संकरित कार्बन (मेथिलीन ब्रिज) से एक प्रोटॉन $(H^+)$ हटाते हैं,तो कार्बन $sp^2$ संकरित हो जाता है और उस पर ऋण आवेश (एक एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म) आ जाता है।
यह एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म $\pi$ प्रणाली में $2$ इलेक्ट्रॉनों का योगदान देता है,जिसके परिणामस्वरूप कुल $8 + 2 = 10$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन हो जाते हैं।
इस प्रकार,साइक्लोनोनाटेट्राईनिल आयन एरोमैटिक होता है।
474
MediumMCQ
$FeBr_3$ की उपस्थिति में ब्रोमीन के साथ $EAS$ के प्रति अभिक्रिया की दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें।
Question diagram
A
$B < A < C$
B
$B < C < A$
C
$A < B < C$
D
$A < C < B$

Solution

(A) इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन $(EAS)$ की दर बेंजीन रिंग के इलेक्ट्रॉन घनत्व पर निर्भर करती है। इलेक्ट्रॉन-दाता समूह $(EDG)$ रिंग को सक्रिय करते हैं,जबकि इलेक्ट्रॉन-आकर्षक समूह $(EWG)$ इसे निष्क्रिय करते हैं।
संरचना $(C)$ में,ऑक्सीजन परमाणु सीधे बेंजीन रिंग से जुड़ा है और अनुनाद (resonance) के माध्यम से एक मजबूत $EDG$ के रूप में कार्य करता है,जिससे रिंग अत्यधिक सक्रिय हो जाती है।
संरचना $(A)$ में,ऑक्सीजन परमाणु रिंग से जुड़ा है,लेकिन कार्बोनिल समूह $(C=O)$ भी मौजूद है,जो इलेक्ट्रॉन-आकर्षक प्रभाव डालता है,जिससे यह $(C)$ की तुलना में कम सक्रिय हो जाती है।
संरचना $(B)$ में,कार्बोनिल समूह सीधे बेंजीन रिंग से जुड़ा है,जो एक मजबूत $EWG$ है,जिससे रिंग तीनों में सबसे अधिक निष्क्रिय हो जाती है।
अतः,अभिक्रिया की दर का बढ़ता क्रम $B < A < C$ है।
475
DifficultMCQ
उत्पाद $(A)$ है
Question diagram
A
$1,2$-डाइमिथाइल बेंजीन
B
$1,2$-डाइमिथाइल साइक्लोहेक्सिन
C
$1,2$-डाइमिथाइल बेंजीन (o-जाइलीन)
D
$1,4$-डाइमिथाइल बेंजीन

Solution

(C) प्रारंभिक पदार्थ $1,2$-डाइमिथाइल साइक्लोहेक्स-$3$-ईन-$1,2$-डायोल है।
$H^+$ और गर्म करने पर,डायोल अम्ल-उत्प्रेरित निर्जलीकरण और उसके बाद पुनर्विन्यास (rearrangement) से गुजरकर एक सुगंधित (aromatic) यौगिक बनाता है।
इस अभिक्रिया में पानी के दो अणु बाहर निकलते हैं और एरोमैटिकता प्राप्त करने के लिए द्वि-आबंधों का स्थानांतरण होता है,जिसके परिणामस्वरूप $1,2$-डाइमिथाइल बेंजीन (o-जाइलीन) का निर्माण होता है।
476
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया का मुख्य उत्पाद क्या है?
$1,4-dichlorocyclohexa-1,4-diene \xrightarrow{Na, \text{dry ether}} ?$
A
बेंजीन
B
साइक्लोहेक्सा$-1,3-$डाईन
C
साइक्लोहेक्सा$-1,4-$डाईन
D
साइक्लोहेक्सेन

Solution

(A) $1,4-dichlorocyclohexa-1,4-diene$ की $Na$ और शुष्क ईथर के साथ अभिक्रिया एक अंतःआणविक $Wurtz$ अभिक्रिया है।
दोनों क्लोरीन परमाणु हट जाते हैं और $C-1$ तथा $C-4$ स्थितियों के बीच एक नया $C-C$ बंध बनता है।
इसके परिणामस्वरूप अंतिम एरोमैटिक उत्पाद के रूप में बेंजीन प्राप्त होता है,क्योंकि यह अत्यधिक स्थिर है।
477
DifficultMCQ
$n-hexane$ $\xrightarrow{\text{catalyst}}$ benzene
उत्प्रेरक है:
A
$AlCl_3$
B
$SiO_2-Al_2O_3$
C
$Cr_2O_3-Al_2O_3$
D
$MnO_2$

Solution

(C) इस अभिक्रिया को एरोमैटाइजेशन या डीहाइड्रोसाइक्लाइजेशन के रूप में जाना जाता है।
इसमें उच्च तापमान और दबाव पर $Al_2O_3$ पर समर्थित $Cr, Mo$ या $V$ के ऑक्साइड की उपस्थिति में $n-hexane$ का बेंजीन में रूपांतरण होता है।
अतः,सही उत्प्रेरक $Cr_2O_3-Al_2O_3$ है।
478
DifficultMCQ
बेंजीन के सल्फोनेशन की दर के लिए सही क्रम कौन सा है?
A
$K_{C_6H_6} > K_{C_6D_6} > K_{C_6T_6}$
B
$K_{C_6H_6} < K_{C_6D_6} < K_{C_6T_6}$
C
$K_{C_6H_6} = K_{C_6D_6} = K_{C_6T_6}$
D
$K_{C_6H_6} > K_{C_6D_6} < K_{C_6T_6}$

Solution

(A) बेंजीन का सल्फोनेशन एक उत्क्रमणीय अभिक्रिया है जिसमें दर-निर्धारक चरण में $C-H$ (या $C-D$ या $C-T$) बंध का टूटना शामिल है।
प्राथमिक गतिज समस्थानिक प्रभाव (kinetic isotope effect) के कारण,$C-H$ बंध को तोड़ना $C-D$ बंध की तुलना में आसान है,और $C-D$ बंध को तोड़ना $C-T$ बंध की तुलना में आसान है।
चूंकि $C-H$ बंध सबसे कमजोर है और $C-T$ बंध सबसे मजबूत है,इसलिए अभिक्रिया की दर का क्रम है: $K_{C_6H_6} > K_{C_6D_6} > K_{C_6T_6}$।
479
MediumMCQ
बेंजीन के मिश्रित अम्ल नाइट्रीकरण के दौरान,सांद्र $HNO_3$ किसके समान व्यवहार करता है?
A
अम्ल
B
क्षार
C
उत्प्रेरक
D
इलेक्ट्रॉनरागी (Electrophile)

Solution

(B) सांद्र $HNO_3$ और सांद्र $H_2SO_4$ के मिश्रण का उपयोग करके बेंजीन के नाइट्रीकरण में,सल्फ्यूरिक अम्ल एक प्रबल अम्ल के रूप में कार्य करता है और नाइट्रिक अम्ल का प्रोटोनीकरण करता है। अभिक्रिया इस प्रकार है: $HNO_3 + H_2SO_4$ $\rightarrow H_2NO_3^+ + HSO_4^-$ $\rightarrow H_2O + NO_2^+ + HSO_4^-$. इस प्रक्रिया में,$HNO_3$,$H_2SO_4$ से एक प्रोटॉन $(H^+)$ स्वीकार करता है,और ब्रोंस्टेड-लॉरी सिद्धांत के अनुसार,जो पदार्थ प्रोटॉन स्वीकार करता है वह क्षार के रूप में कार्य करता है।
480
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया सही है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
उपरोक्त सभी।

Solution

(C) प्रत्येक अभिक्रिया का विश्लेषण करते हैं:
$1$. स्टाइरीन $(C_6H_5CH=CH_2)$ $Br_2/CCl_4$ के साथ द्वि-आबंध पर इलेक्ट्रोफिलिक योगात्मक अभिक्रिया देता है,न कि इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन। अतः,विकल्प $A$ गलत है।
$2$. एनिलिन अत्यधिक सक्रिय है। $CS_2$ जैसे अध्रुवीय विलायक में कम तापमान पर $Br_2$ के साथ अभिक्रिया मोनो-प्रतिस्थापन देती है,न कि ट्राइब्रोमो। अतः,विकल्प $B$ गलत है।
$3$. फिनोल सांद्र $HNO_3$ और सांद्र $H_2SO_4$ के साथ अभिक्रिया करके $2,4,6-$ट्राइनाइट्रोफिनोल (पिक्रिक एसिड) बनाता है। यह अभिक्रिया सही है।
481
DifficultMCQ
$X$ को निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया द्वारा नहीं बनाया जा सकता है?
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
$CH_3-C \equiv CH \xrightarrow[Red \ hot]{Fe \ tube}$

Solution

(D) दी गई अभिक्रियाओं में उत्पाद $X$ टोल्यूनि $(C_6H_5CH_3)$ है।
$A$: $2$-मिथाइलबेन्जोइक एसिड का सोडालाइम $(NaOH + CaO)$ के साथ विकार्बोक्सिलीकरण टोल्यूनि देता है।
$B$: क्लोरोबेन्जीन और मिथाइल क्लोराइड $(CH_3Cl)$ की $Na$ और शुष्क ईथर की उपस्थिति में वुर्ट्ज़-फिटिंग अभिक्रिया टोल्यूनि देती है।
$C$: $o$-क्रेसोल ($2$-मिथाइलफिनोल) का $Zn$ डस्ट के साथ अपचयन टोल्यूनि देता है।
$D$: प्रोपाइन $(CH_3-C \equiv CH)$ का लाल गर्म $Fe$ ट्यूब पर त्रिलकीकरण करने से $1,3,5$-ट्राइमिथाइलबेन्जीन (मेसिटिलीन) प्राप्त होता है,टोल्यूनि नहीं।
अतः,$X$ को अभिक्रिया $D$ द्वारा नहीं बनाया जा सकता है।
482
DifficultMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया योजना में उत्पादों $A$ और $B$ की पहचान करें:
अभिक्रिया $1$: बेंजीन + $Cl_2$ (आधिक्य) $\xrightarrow{FeCl_3}$ $A$
अभिक्रिया $2$: बेंजीन + $Cl_2$ (आधिक्य) $\xrightarrow{h\nu}$ $B$
A
$BHC$ और $HCB$
B
$HCB$ और $BHC$
C
$HCB$ और $HCB$
D
$BHC$ और $BHC$

Solution

(B) $1$. $FeCl_3$ जैसे लुईस अम्ल की उपस्थिति में,बेंजीन आधिक्य $Cl_2$ के साथ इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया करके हेक्साक्लोरोबेंजीन $(C_6Cl_6)$ बनाता है। अतः,$A$ $HCB$ (हेक्साक्लोरोबेंजीन) है।
$2$. पराबैंगनी प्रकाश $(h\nu)$ की उपस्थिति में,बेंजीन आधिक्य $Cl_2$ के साथ मुक्त-मूलक योगात्मक अभिक्रिया करके बेंजीन हेक्साक्लोराइड $(C_6H_6Cl_6)$ बनाता है,जिसे सामान्यतः $BHC$ के रूप में जाना जाता है। अतः,$B$ $BHC$ (बेंजीन हेक्साक्लोराइड) है।
$3$. इसलिए,$A$ $HCB$ है और $B$ $BHC$ है।
483
MediumMCQ
$n$-heptane $\xrightarrow[600\ {}^oC]{Cr_2O_3/V_2O_5}$ ?
A
बेंजीन
B
टोल्यूनि
C
एथिलबेंजीन
D
o-जाइलीन

Solution

(B) $600\ {}^oC$ पर $Cr_2O_3/V_2O_5$ के साथ $n$-heptane की अभिक्रिया एरोमैटाइजेशन (या उत्प्रेरकीय सुधार) का एक उदाहरण है।
इस प्रक्रिया में,$6$ या अधिक कार्बन परमाणुओं वाले एल्केन का चक्रीकरण होता है और उसके बाद डिहाइड्रोजनीकरण द्वारा एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन बनता है।
$n$-heptane $(CH_3-CH_2-CH_2-CH_2-CH_2-CH_2-CH_3)$ के लिए,चक्रीकरण से मिथाइलसाइक्लोहेक्सेन बनता है,जो बाद में $3$ अणु $H_2$ खोकर टोल्यूनि $(C_6H_5CH_3)$ बनाता है।
484
MediumMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया में उत्पाद $X$ की पहचान करें:
$\text{Benzene} + Cl_{2(\text{excess})} \xrightarrow{AlCl_3, \Delta} X$
A
हेक्साक्लोरोबेंजीन
B
हेक्साक्लोरोसाइक्लोहेक्सेन
C
$1,3-$डाइक्लोरोबेंजीन
D
$1,4-$डाइक्लोरोबेंजीन

Solution

(A) $AlCl_3$ जैसे लुईस अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में और ऊष्मा के साथ बेंजीन की क्लोरीन के साथ अभिक्रिया एक इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया है।
चूंकि $Cl_2$ आधिक्य (excess) में है,इसलिए बेंजीन वलय पर मौजूद सभी हाइड्रोजन परमाणु क्लोरीन परमाणुओं द्वारा प्रतिस्थापित हो जाते हैं।
इसके परिणामस्वरूप हेक्साक्लोरोबेंजीन $(C_6Cl_6)$ का निर्माण होता है।
485
EasyMCQ
बेंजीन में $sp^2-s$ सिग्मा बंधों की संख्या है
A
$3$
B
$6$
C
$12$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) बेंजीन का आणविक सूत्र $C_6H_6$ है।
बेंजीन में,प्रत्येक कार्बन परमाणु $sp^2$ संकरित होता है।
प्रत्येक कार्बन परमाणु एक हाइड्रोजन परमाणु के साथ एक $sp^2-s$ सिग्मा बंध बनाता है।
चूंकि बेंजीन वलय में $6$ कार्बन परमाणु होते हैं,इसलिए इसमें $6$ $sp^2-s$ सिग्मा बंध होते हैं।
486
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी अभिक्रिया योगात्मक (addition) अभिक्रिया का उदाहरण नहीं है?
A
बेंजीन + $3H_2 \xrightarrow{Ni/\Delta}$ साइक्लोहेक्सेन
B
बेंजीन + $Cl_2$ (आधिक्य) $\xrightarrow{AlCl_3, \text{अंधेरा}}$ हेक्साक्लोरोबेंजीन
C
बेंजीन + $3O_2 \rightarrow$ बेंजीन ट्राइओजोनाइड
D
बेंजीन + $3Cl_2 \xrightarrow{h\nu/\Delta}$ बेंजीन हेक्साक्लोराइड $(BHC)$

Solution

(B) योगात्मक अभिक्रिया में दो या दो से अधिक अणु मिलकर एक बड़ा अणु बनाते हैं,जिसमें कोई भी परमाणु बाहर नहीं निकलता है।
$A$. बेंजीन का हाइड्रोजनीकरण एक योगात्मक अभिक्रिया है जिसमें $3$ मोल $H_2$ बेंजीन रिंग में जुड़ते हैं।
$B$. अंधेरे में $AlCl_3$ जैसे लुईस एसिड उत्प्रेरक की उपस्थिति में बेंजीन की $Cl_2$ के साथ अभिक्रिया एक इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया है,न कि योगात्मक अभिक्रिया। इस प्रक्रिया में बेंजीन रिंग पर मौजूद हाइड्रोजन परमाणु क्लोरीन परमाणुओं द्वारा प्रतिस्थापित हो जाते हैं।
$C$. बेंजीन का ओजोनोलिसिस एक योगात्मक अभिक्रिया है।
$D$. सूर्य के प्रकाश $(h\nu)$ की उपस्थिति में बेंजीन का क्लोरीनीकरण एक मुक्त-मूलक योगात्मक अभिक्रिया है।
अतः,विकल्प $B$ योगात्मक अभिक्रिया नहीं है।
487
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के प्रति सबसे अधिक सक्रिय है?
A
m-डाइनाइट्रोबेंजीन
B
p-डाइनाइट्रोबेंजीन
C
o-डाइनाइट्रोबेंजीन
D
सभी समान रूप से सक्रिय हैं

Solution

(D) इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन अभिक्रियाएं इलेक्ट्रॉन-दाता समूहों $(EDG)$ द्वारा सुगम होती हैं और इलेक्ट्रॉन-आकर्षक समूहों $(EWG)$ द्वारा बाधित होती हैं।
$NO_2$ अपने $-I$ और $-M$ प्रभावों के कारण एक मजबूत इलेक्ट्रॉन-आकर्षक समूह है।
तीनों आइसोमर्स ($m-$,$p-$,और $o-$ डाइनाइट्रोबेंजीन) में,बेंजीन रिंग से दो $NO_2$ समूह जुड़े होते हैं,जो रिंग को इलेक्ट्रोफिलिक हमले के प्रति काफी निष्क्रिय कर देते हैं।
चूंकि तीनों यौगिक दो मजबूत $EWG$ द्वारा अत्यधिक निष्क्रिय हो जाते हैं,इसलिए वे इलेक्ट्रोफिलिक प्रतिस्थापन के प्रति समान रूप से अत्यधिक अक्रिय हैं।
488
MediumMCQ
बेंजीन + $CH_3-CH_2-CH_2-Cl$ $\xrightarrow{AlCl_3}$ उत्पाद है:
A
क्लोरोबेंजीन
B
प्रोपाइल-बेंजीन
C
आइसोप्रोपाइल-बेंजीन
D
$1$-एथिल-$4$-मिथाइल-बेंजीन

Solution

(C) निर्जल $AlCl_3$ की उपस्थिति में बेंजीन और $n$-प्रोपाइल क्लोराइड के बीच की अभिक्रिया एक फ्रीडल-क्राफ्ट्स एल्काइलेशन अभिक्रिया है।
इस अभिक्रिया में,प्रारंभ में बनने वाला प्राथमिक कार्बोकेशन $(CH_3-CH_2-CH_2^+)$ अस्थिर होता है और अधिक स्थिर द्वितीयक कार्बोकेशन $(CH_3-CH^+-CH_3)$ बनाने के लिए $1,2$-हाइड्राइड शिफ्ट से गुजरता है।
यह द्वितीयक कार्बोकेशन फिर बेंजीन वलय पर आक्रमण करके मुख्य उत्पाद के रूप में आइसोप्रोपाइल-बेंजीन (क्यूमीन) बनाता है।
अतः,सही विकल्प $C$ है।
489
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा एरोमैटिक है?
A
साइक्लोप्रोपेनाइल एनायन
B
साइक्लोपेंटाडाइनाइल केटायन
C
पिरिडीन
D
पाइरिलियम केटायन

Solution

(D) एक यौगिक एरोमैटिक होता है यदि वह चक्रीय,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित हो और हकल के नियम ($4n+2$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन) का पालन करता हो।
$A$. साइक्लोप्रोपेनाइल एनायन में $4$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन होते हैं,जो एंटी-एरोमैटिक है।
$B$. साइक्लोपेंटाडाइनाइल केटायन में $4$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन होते हैं,जो एंटी-एरोमैटिक है।
$C$. पिरिडीन $6$ $\pi$ इलेक्ट्रॉनों वाला एक विषमचक्रीय एरोमैटिक यौगिक है।
$D$. पाइरिलियम केटायन $6$ $\pi$ इलेक्ट्रॉनों वाला एक विषमचक्रीय एरोमैटिक यौगिक है।
$C$ और $D$ दोनों एरोमैटिक हैं। हालाँकि,दिए गए समाधान चित्र के अनुसार,प्रश्न विशेष रूप से पाइरिलियम केटायन संरचना पर जोर देता है।
490
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक फ्रीडल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया देता है?
A
नाइट्रोबेंजीन
B
बेंज़ल्डिहाइड
C
एनिलिन
D
क्लोरोबेंजीन

Solution

(D) फ्रीडल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया एक इलेक्ट्रोफिलिक एरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया है,जिसके लिए इलेक्ट्रॉन-समृद्ध बेंजीन वलय की आवश्यकता होती है।
$1$. नाइट्रोबेंजीन $(-NO_2)$ और बेंज़ल्डिहाइड $(-CHO)$ इलेक्ट्रॉन-आकर्षक समूह हैं,जो बेंजीन वलय को इलेक्ट्रॉन-न्यून बना देते हैं,इसलिए ये फ्रीडल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया नहीं देते हैं।
$2$. एनिलिन $(-NH_2)$ लुईस एसिड उत्प्रेरक (जैसे $AlCl_3$) के साथ एक संकुल बनाता है,जिससे नाइट्रोजन पर धनात्मक आवेश आ जाता है $(-NH_2-AlCl_3^+)$,जो वलय को निष्क्रिय कर देता है।
$3$. क्लोरोबेंजीन $(-Cl)$ एक दुर्बल निष्क्रियकारी समूह होने के बावजूद,फ्रीडल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया दे सकता है।
491
MediumMCQ
निम्नलिखित यौगिकों को इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया के प्रति उनकी अभिक्रियाशीलता के सही क्रम में व्यवस्थित करें:
Question diagram
A
$IV > III > II > I$
B
$III > I > II > IV$
C
$III > IV > II > I$
D
$III > II > I > IV$

Solution

(B) बेंजीन व्युत्पन्नों की इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता बेंजीन वलय से जुड़े प्रतिस्थापी समूह की प्रकृति पर निर्भर करती है।
जो समूह वलय को इलेक्ट्रॉन घनत्व प्रदान करते हैं ($+M$ या $+H$ प्रभाव के माध्यम से) वे अभिक्रियाशीलता बढ़ाते हैं,जबकि जो समूह इलेक्ट्रॉन घनत्व खींचते हैं ($-I$ या $-M$ प्रभाव के माध्यम से) वे अभिक्रियाशीलता कम करते हैं।
$III$ $(OCH_3)$: मेथॉक्सी समूह एक प्रबल $+M$ प्रभाव डालता है,जो वलय के इलेक्ट्रॉन घनत्व को काफी बढ़ा देता है,जिससे यह सबसे अधिक अभिक्रियाशील हो जाता है।
$I$ $(CH_3)$ और $II$ $(CH_2CH_3)$: दोनों एल्किल समूह हैं जो $+H$ (अतिसंयुग्मन) प्रभाव के माध्यम से इलेक्ट्रॉन घनत्व प्रदान करते हैं। अतिसंयुग्मन के लिए उपलब्ध $\alpha$-हाइड्रोजन की संख्या के कारण $CH_3$ में $+H$ प्रभाव $CH_2CH_3$ की तुलना में अधिक प्रबल होता है ($CH_3$ में $3$ और $CH_2CH_3$ में $2$)। अतः,$I > II$।
$IV$ $(Cl)$: क्लोरीन परमाणु एक प्रबल $-I$ प्रभाव डालता है,जो वलय से इलेक्ट्रॉन घनत्व खींचता है,जिससे यह दिए गए यौगिकों में सबसे कम अभिक्रियाशील हो जाता है।
अतः,अभिक्रियाशीलता का सही क्रम $III > I > II > IV$ है।
492
MediumMCQ
$ClCH_2-CH_2Cl$ $\xrightarrow[(ii) NaNH_2]{(i) Alc. KOH}$ $A$ $\xrightarrow{\text{Red hot Fe tube}}$ $B$
उपरोक्त अभिक्रिया अनुक्रम में उत्पाद $B$ की पहचान करें।
A
$HC \equiv CH$
B
बेंजीन
C
$CH_3-CH_3$
Option C
D
$CH_2=CH_2$
Option D

Solution

(B) $1$. प्रारंभिक पदार्थ $ClCH_2-CH_2Cl$ ($1$,$2$-डाइक्लोरोइथेन) अल्कोहलिक $KOH$ और उसके बाद $NaNH_2$ के साथ विहाइड्रोहैलोजनीकरण करके $A$ बनाता है,जो कि एथाइन $(HC \equiv CH)$ है।
$2$. जब एथाइन को लाल तप्त लोहे की नली से गुजारा जाता है,तो यह चक्रीय बहुलकीकरण (cyclic polymerization) द्वारा $B$ बनाता है,जो कि बेंजीन $(C_6H_6)$ है।
493
MediumMCQ
सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में $Benzene$ का क्लोरीनीकरण करने पर क्या प्राप्त होता है?
A
हेक्साक्लोरोबेंजीन
B
बेंजीन हेक्साक्लोराइड
C
क्लोरोबेंजीन
D
$1, 3, 5-$ट्राइक्लोरोसाइक्लोहेक्सेन

Solution

(B) जब $Benzene$,सूर्य के प्रकाश $(hv)$ की उपस्थिति में $Cl_2$ के साथ अभिक्रिया करता है,तो यह प्रतिस्थापन के बजाय योगात्मक अभिक्रिया देता है।
इस अभिक्रिया के परिणामस्वरूप $Benzene \ Hexachloride$ $(C_6H_6Cl_6)$ का निर्माण होता है,जिसे $BHC$ या $Gammaxene$ या $Lindane$ के रूप में भी जाना जाता है।
494
MediumMCQ
चित्र में दिखाई गई अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
Question diagram
A
उत्पाद $P$ को बेंजीन हेक्साक्लोराइड के रूप में जाना जाता है।
B
उत्पाद $P$ एरोमैटिक है।
C
उत्पाद $P$ का उपयोग कीटनाशक के रूप में किया जाता है।
D
उपरोक्त अभिक्रिया मुक्त मूलक योगात्मक अभिक्रिया का एक उदाहरण है।

Solution

(B) पराबैंगनी प्रकाश $(h\nu)$ की उपस्थिति में बेंजीन की $Cl_2$ के साथ अभिक्रिया एक मुक्त मूलक योगात्मक अभिक्रिया है,जिसके परिणामस्वरूप $1,2,3,4,5,6$-हेक्साक्लोरोसाइक्लोहेक्सेन $(C_6H_6Cl_6)$ का निर्माण होता है,जिसे सामान्यतः बेंजीन हेक्साक्लोराइड $(BHC)$ या गैमेक्सीन के रूप में जाना जाता है।
$1$. $BHC$ को बेंजीन हेक्साक्लोराइड के रूप में जाना जाता है।
$2$. उत्पाद $P$ $(C_6H_6Cl_6)$ एक संतृप्त चक्रीय यौगिक (साइक्लोहेक्सेन व्युत्पन्न) है और यह गैर-एरोमैटिक है,क्योंकि इसमें बेंजीन में मौजूद $\pi$-इलेक्ट्रॉन प्रणाली का अभाव होता है।
$3$. $BHC$ का उपयोग कीटनाशक के रूप में किया जाता है।
$4$. इस अभिक्रिया में मुक्त मूलक क्रियाविधि द्वारा बेंजीन के द्वि-आबंधों पर $Cl_2$ का योग होता है।
अतः,यह कथन कि $P$ एरोमैटिक है,गलत है।
495
DifficultMCQ
बेंजीन के हाइड्रोजनीकरण की एन्थैल्पी $\Delta H_1$ है और साइक्लोहेक्सिन के लिए $\Delta H_2$ है। तो बेंजीन की अनुनाद ऊर्जा (resonance energy) क्या है?
A
$3\Delta H_2 - \Delta H_1$
B
$\Delta H_1 - 3\Delta H_2$
C
$3\Delta H_1 + \Delta H_2$
D
$\Delta H_1 - 2\Delta H_2$

Solution

(A) साइक्लोहेक्सिन के हाइड्रोजनीकरण की एन्थैल्पी $\Delta H_2$ है।
चूंकि बेंजीन में तीन द्वि-आबंध होते हैं,इसलिए एक काल्पनिक $1,3,5$-साइक्लोहेक्साट्रायीन (अनुनाद के बिना) के लिए अपेक्षित हाइड्रोजनीकरण एन्थैल्पी $3 \times \Delta H_2$ होगी।
बेंजीन की वास्तविक हाइड्रोजनीकरण एन्थैल्पी $\Delta H_1$ दी गई है।
अनुनाद ऊर्जा को अपेक्षित हाइड्रोजनीकरण एन्थैल्पी और वास्तविक हाइड्रोजनीकरण एन्थैल्पी के बीच के अंतर के रूप में परिभाषित किया जाता है:
$\text{Resonance Energy} = \text{Expected } \Delta H - \text{Actual } \Delta H$
$\text{Resonance Energy} = 3\Delta H_2 - \Delta H_1$.
496
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी स्पीशीज एरोमैटिक नहीं है?
A
साइक्लोपेंटाडाइनाइल एनायन $(C_5H_5^-)$
B
साइक्लोपेंटाडाइनाइल कैटायन $(C_5H_5^+)$
C
साइक्लोप्रोपेनाइल कैटायन $(C_3H_3^+)$
D
ट्रोपिलियम कैटायन $(C_7H_7^+)$

Solution

(B) यह निर्धारित करने के लिए कि कोई स्पीशीज एरोमैटिक है या नहीं,उसे हकल के नियम का पालन करना चाहिए: यह चक्रीय,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित होनी चाहिए और इसमें $(4n + 2) \pi$ इलेक्ट्रॉन होने चाहिए,जहाँ $n = 0, 1, 2, ...$ है।
$A$. साइक्लोपेंटाडाइनाइल एनायन $(C_5H_5^-)$: इसमें $6 \pi$ इलेक्ट्रॉन हैं ($4$ द्वि-आबंध से + $2$ एकाकी युग्म से),जो $n = 1$ के साथ $(4n + 2)$ का पालन करते हैं। यह एरोमैटिक है।
$B$. साइक्लोपेंटाडाइनाइल कैटायन $(C_5H_5^+)$: इसमें $4 \pi$ इलेक्ट्रॉन हैं। हकल के नियम के अनुसार,$4n \pi$ इलेक्ट्रॉन वाली स्पीशीज एंटी-एरोमैटिक होती हैं। अतः,यह एरोमैटिक नहीं है।
$C$. साइक्लोप्रोपेनाइल कैटायन $(C_3H_3^+)$: इसमें $2 \pi$ इलेक्ट्रॉन हैं,जो $n = 0$ के साथ $(4n + 2)$ का पालन करते हैं। यह एरोमैटिक है।
$D$. ट्रोपिलियम कैटायन $(C_7H_7^+)$: इसमें $6 \pi$ इलेक्ट्रॉन हैं,जो $n = 1$ के साथ $(4n + 2)$ का पालन करते हैं। यह एरोमैटिक है।
इसलिए,साइक्लोपेंटाडाइनाइल कैटायन एरोमैटिक नहीं है।
497
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी स्पीशीज एरोमैटिक नहीं है?
A
$A. \text{ साइक्लोपेंटाडाइनाइल एनायन}$
B
$B. \text{ साइक्लोपेंटाडाइनाइल कैटायन}$
C
$C. \text{ साइक्लोपेंटाडाइनाइल रेडिकल}$
D
$D. \text{ बेंजीन}$

Solution

(B) एरोमैटिकता निर्धारित करने के लिए,एक स्पीशीज को चक्रीय,समतलीय,पूर्णतः संयुग्मित होना चाहिए और हकल के नियम ($4n+2$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन) का पालन करना चाहिए।
$A.$ साइक्लोपेंटाडाइनाइल एनायन में $6$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन $(n=1)$ होते हैं,जो हकल के नियम का पालन करते हैं और यह एरोमैटिक है।
$B.$ साइक्लोपेंटाडाइनाइल कैटायन में $4$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन $(n=1)$ होते हैं,जो $4n$ नियम का पालन करते हैं और यह एंटी-एरोमैटिक है।
$C.$ साइक्लोपेंटाडाइनाइल रेडिकल में $5$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन होते हैं,जो नॉन-एरोमैटिक है क्योंकि यह पूर्णतः संयुग्मित नहीं है।
$D.$ बेंजीन में $6$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन $(n=1)$ होते हैं और यह एरोमैटिक है।
दिए गए विकल्पों में,$B$ एंटी-एरोमैटिक है और $C$ नॉन-एरोमैटिक है। हालांकि,इस प्रश्न के लिए $B$ को सही उत्तर माना जाता है।
498
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से किस यौगिक में $C-H$ बंध सबसे कम बंध वियोजन ऊर्जा प्रदर्शित करता है?
A
टोल्यूनि
B
बेंजीन
C
$n-$पेंटेन
D
$2,2-$डाइमिथाइल प्रोपेन

Solution

(A) $C-H$ बंध की बंध वियोजन ऊर्जा बंध के समांगी विखंडन (homolytic cleavage) के बाद बनने वाले रेडिकल की स्थिरता पर निर्भर करती है।
परिणामी रेडिकल की स्थिरता जितनी अधिक होगी,बंध वियोजन ऊर्जा उतनी ही कम होगी।
टोल्यूनि $(C_6H_5CH_3)$ में,मिथाइल समूह से $C-H$ बंध का विखंडन एक बेंजाइल रेडिकल $(C_6H_5CH_2^{\bullet})$ उत्पन्न करता है,जो बेंजीन वलय के साथ अनुनाद (resonance) द्वारा अत्यधिक स्थिर होता है।
बेंजीन में,$C-H$ बंध $sp^2$ संकरित होता है और रेडिकल कम स्थिर होता है।
$n-$पेंटेन और $2,2-$डाइमिथाइल प्रोपेन में,बनने वाले रेडिकल अल्काइल रेडिकल होते हैं,जो अनुनाद-स्थिर बेंजाइल रेडिकल की तुलना में कम स्थिर होते हैं।
इसलिए,टोल्यूनि के मिथाइल समूह में $C-H$ बंध की बंध वियोजन ऊर्जा सबसे कम होती है।
499
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन बेयर अभिकर्मक (Bayer's reagent) के साथ अभिक्रिया नहीं कर सकता है?
A
बेंजीन
B
एलाइल क्लोराइड
C
एसिटिलीन
D
$A$ और $B$ दोनों

Solution

(A) बेयर अभिकर्मक $KMnO_4$ का ठंडा,तनु,क्षारीय विलयन होता है,जिसका उपयोग असंतृप्ति (एल्कीन और एल्काइन) के परीक्षण के लिए किया जाता है।
$1$. बेंजीन एक एरोमैटिक यौगिक है और अपनी अनुनाद स्थिरता के कारण सामान्य परिस्थितियों में बेयर अभिकर्मक के साथ योगात्मक अभिक्रिया नहीं करता है।
$2$. एलाइल क्लोराइड $(CH_2=CH-CH_2Cl)$ में कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध होता है,इसलिए यह बेयर अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया करता है।
$3$. एसिटिलीन $(HC \equiv CH)$ एक एल्काइन है और यह ऑक्जेलिक एसिड बनाने के लिए बेयर अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया करता है।
अतः,केवल बेंजीन ही बेयर अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया नहीं करता है।
500
MediumMCQ
$C_6H_3Cl_3$ आण्विक सूत्र वाले बेंजीन व्युत्पन्नों की कुल संख्या कितनी है?
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$5$

Solution

(B) $C_6H_3Cl_3$ आण्विक सूत्र ट्राइक्लोरोबेंजीन आइसोमर्स के अनुरूप है।
इस सूत्र के लिए $3$ संभावित आइसोमर्स हैं:
$1$. $1,2,3$-ट्राइक्लोरोबेंजीन (विसिनल आइसोमर)
$2$. $1,2,4$-ट्राइक्लोरोबेंजीन (असममित आइसोमर)
$3$. $1,3,5$-ट्राइक्लोरोबेंजीन (सममित आइसोमर)
अतः,बेंजीन व्युत्पन्नों की कुल संख्या $3$ है।

Hydrocarbons — Aromatic hydrocarbon · Frequently Asked Questions

1Are these Hydrocarbons questions useful for JEE and NEET?

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2Can I switch to Hindi or Gujarati for these questions?

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