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Mix Examples-General Organic Chemistry Questions in Hindi

Class 11 Chemistry · 8-2.Organic Chemistry : Isomerism · Mix Examples-General Organic Chemistry

324+

Questions

Hindi

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100%

With Solutions

Showing 50 of 324 questions in Hindi

201
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस यौगिक में सममिति का केंद्र (center of symmetry) है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) सममिति का केंद्र अणु के भीतर एक ऐसा बिंदु है कि इससे होकर गुजरने वाली कोई भी रेखा विपरीत दिशाओं में समान दूरी पर समान वातावरण का सामना करेगी।
$1$. पहले यौगिक में सममिति का केंद्र मध्य में स्थित है।
$2$. दूसरे यौगिक में भी वलय के केंद्र में सममिति का केंद्र है।
$3$. तीसरा यौगिक अपने एंटी-कॉन्फ़िगरेशन में सममिति का केंद्र रखता है।
चूंकि तीनों यौगिकों में सममिति का केंद्र है,इसलिए सही विकल्प $D$ है।
202
AdvancedMCQ
प्रत्येक बीकर में संरचनाओं का कौन सा मिश्रण समतल ध्रुवित प्रकाश को घुमाएगा?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
ये सभी

Solution

(D) एक मिश्रण समतल ध्रुवित प्रकाश को तब घुमाएगा यदि इसमें एक कायरल यौगिक की गैर-शून्य सांद्रता हो जो रेसमिक मिश्रण का हिस्सा न हो।
बीकर $A$ में,संरचनाएं डायस्टेरियोमर्स हैं,जो प्रकाशिक रूप से सक्रिय हैं।
बीकर $B$ में,संरचनाएं डायस्टेरियोमर्स हैं,जो प्रकाशिक रूप से सक्रिय हैं।
बीकर $C$ में,संरचनाएं अलग-अलग कायरल अणु हैं,जो प्रकाशिक रूप से सक्रिय हैं।
चूंकि सभी बीकरों में कायरल अणु होते हैं जो रेसमिक मिश्रण के रूप में मौजूद नहीं हैं,इसलिए वे सभी समतल ध्रुवित प्रकाश को घुमाएंगे।
203
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक कमरे के तापमान पर समतल ध्रुवित प्रकाश को घुमाएगा?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) एक यौगिक समतल ध्रुवित प्रकाश को तब घुमाएगा यदि वह कायरल (प्रकाशिक रूप से सक्रिय) हो।
किसी अणु के कायरल होने के लिए,उसमें सममिति का तल और सममिति का केंद्र नहीं होना चाहिए।
दिए गए विकल्पों में,विकल्प $C$ में संरचना एक प्रतिस्थापित एलीन जैसी प्रणाली का प्रतिनिधित्व करती है जहाँ केंद्रीय द्वि-आबंध के कारण दो वलय एक-दूसरे के लंबवत होते हैं।
यह लंबवत व्यवस्था अणु को सममिति का तल या सममिति का केंद्र रखने से रोकती है,जिससे यह कायरल हो जाता है और इस प्रकार कमरे के तापमान पर समतल ध्रुवित प्रकाश को घुमाने में सक्षम होता है।
204
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से किस अणु में सममिति का तल (plane of symmetry) है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
ये सभी

Solution

(D) सममिति का तल एक काल्पनिक तल है जो एक अणु को दो दर्पण-छवि वाले हिस्सों में विभाजित करता है।
तीनों दी गई संरचनाओं में,साइक्लोहेक्सेन रिंग पर साइक्लोप्रोपिल समूहों की व्यवस्था के कारण उनमें कम से कम एक सममिति का तल मौजूद होता है।
इसलिए,दी गई सभी संरचनाओं में सममिति का तल है।
205
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक अकिरल (achiral) है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
ये सभी

Solution

(D) यदि किसी अणु में सममिति का तल (plane of symmetry),प्रतिलोमन का केंद्र (center of inversion) या अनुचित घूर्णन अक्ष (improper axis of rotation) मौजूद हो,तो वह अणु अकिरल होता है।
$(A)$ पहले यौगिक में सममिति का तल मौजूद है,इसलिए यह अकिरल है।
$(B)$ दूसरे यौगिक में भी सममिति का तल मौजूद है,इसलिए यह अकिरल है।
$(C)$ तीसरे यौगिक में भी सममिति का तल मौजूद है,इसलिए यह अकिरल है।
अतः,दिए गए सभी यौगिक अकिरल हैं।
इसलिए,सही विकल्प $D$ है।
206
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किस यौगिक में समतल सममिति (plane of symmetry) है?
$R = -CH(Cl)-CH_3$
$S = -CH(Cl)-Br$
A
$R-R$
Option A
B
$S-S$
Option B
C
$R-S$
Option C
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(D) समतल सममिति $(POS)$ एक काल्पनिक तल है जो एक अणु को दो हिस्सों में विभाजित करता है जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब होते हैं।
$1.$ $R-R$ $(CH_3-CH(Cl)-CH(Cl)-CH_3)$ और $S-S$ $(Br-CH(Cl)-CH(Cl)-Br)$ में,ये अणु मेसो रूपों (जिनमें $POS$ होता है) या एनैन्टीओमेरिक जोड़े (जिनमें नहीं होता) के रूप में मौजूद हो सकते हैं। हालाँकि,दी गई संरचनाएँ विशिष्ट कायरल विन्यास दर्शाती हैं जिनमें समतल सममिति नहीं होती है।
$2.$ $R-S$ $(CH_3-CH(Cl)-CH(Cl)-Br)$ में,अणु के दो सिरे अलग-अलग हैं ($CH_3$ और $Br$)। इसलिए,कोई भी तल अणु को दो समान दर्पण-प्रतिबिंब हिस्सों में विभाजित नहीं कर सकता है,चाहे कायरल केंद्रों का विन्यास कुछ भी हो।
चूंकि दिए गए किसी भी विकल्प में समतल सममिति नहीं है,इसलिए सही उत्तर $(d)$ है।
Solution diagram
207
AdvancedMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा $E$ आइसोमर है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) $E/Z$ नामकरण प्रणाली का उपयोग एल्कीन के विन्यास का वर्णन करने के लिए किया जाता है।
एक आइसोमर $E$ (जर्मन शब्द 'entgegen' से,जिसका अर्थ विपरीत है) होता है यदि उच्च प्राथमिकता वाले समूह द्वि-आबंध के विपरीत पक्षों पर हों।
एक आइसोमर $Z$ (जर्मन शब्द 'zusammen' से,जिसका अर्थ एक साथ है) होता है यदि उच्च प्राथमिकता वाले समूह द्वि-आबंध के एक ही पक्ष पर हों।
दी गई संरचनाओं में द्वि-आबंधित कार्बन पर प्रतिस्थापियों के लिए Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ प्राथमिकता नियमों को लागू करके,हम विन्यास निर्धारित करते हैं।
संरचना $B$ में,$C=C$ द्वि-आबंध के प्रत्येक कार्बन से जुड़े उच्च प्राथमिकता वाले समूह विपरीत पक्षों पर स्थित हैं,इसलिए यह $E$ आइसोमर का प्रतिनिधित्व करता है।
208
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा दिए गए युग्मों के बीच गलत संबंध है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) विकल्प $A$ में,संरचनाएं एनिलीन के अनुनाद रूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
विकल्प $B$ में,साइक्लोहेक्साडाइनोन और फिनोल टॉटोमर्स हैं (कीटो-एनोल टॉटोमेरिज्म)।
विकल्प $C$ में,संरचनाएं थायोएल्डिहाइड आयन के अनुनाद रूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
विकल्प $D$ में,दिखाई गई संरचनाएं प्रोटोनेटेड एस्टर की अनुनाद संरचनाएं हैं,टॉटोमर्स नहीं। टॉटोमेरिज्म में दो बहुपरमाण्विक समूहों के बीच एक परमाणु (आमतौर पर हाइड्रोजन) का प्रवास शामिल होता है,जबकि अनुनाद में केवल इलेक्ट्रॉनों की गति शामिल होती है। इसलिए,$D$ में दिया गया संबंध गलत है।
209
DifficultMCQ
टेरिक एसिड के सबसे स्थिर इनोल रूप की पहचान करें:
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) इनोल रूप की स्थिरता मुख्य रूप से संयुग्मन (conjugation) और अनुनाद (resonance) स्थिरीकरण की सीमा द्वारा निर्धारित की जाती है। टेरिक एसिड के मामले में,कीटो-इनोल चलावयवता (tautomerism) एक ऐसे इनोल रूप की ओर ले जाती है जहाँ द्वि-आबंध,कार्बोनिल समूह और एपॉक्साइड रिंग सिस्टम के साथ संयुग्मन में होता है। सबसे स्थिर इनोल रूप वह है जो इस अनुनाद स्थिरीकरण को अधिकतम करता है। दी गई संरचनाओं के आधार पर,वह रूप जिसमें हाइड्रॉक्सिल समूह मिथाइल समूह के बगल में है और द्वि-आबंध कार्बोनिल समूह के साथ संयुग्मन में है,सबसे अधिक स्थिर है।
210
MediumMCQ
कौन सी संरचना सबसे अधिक स्थिर है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) एसिटाइलएसीटोन के कीटो-एनोल टॉटोमर्स की स्थिरता इंट्रा-मॉलिक्यूलर हाइड्रोजन बॉन्डिंग की उपस्थिति से निर्धारित होती है।
एनोल रूप में जहाँ द्वि-आबंध आंतरिक होता है (विकल्प $C$),वहाँ हाइड्रॉक्सिल समूह और कार्बोनिल ऑक्सीजन के बीच इंट्रा-मॉलिक्यूलर हाइड्रोजन बॉन्डिंग के कारण एक स्थिर छह-सदस्यीय वलय (ring) बनती है।
यह अनुनाद-स्थिर (resonance-stabilized) कीलेट वलय इस विशिष्ट एनोल टॉटोमर को अन्य एनोल रूपों या गैर-कीलेटेड कीटो रूप की तुलना में काफी अधिक स्थिर बनाती है।
211
MediumMCQ
$2$-methylpentane के संरूपण (conformer) की पहचान करें।
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) $2$-methylpentane की संरचना $CH_3-CH(CH_3)-CH_2-CH_2-CH_3$ होती है।
इसके संरूपण को न्यूमैन प्रक्षेपण में दर्शाने के लिए,हम $C-C$ बंध की दिशा में देखते हैं।
विकल्प $(d)$ $2$-methylpentane के एक संरूपण को सही ढंग से दर्शाता है,जहाँ आगे का कार्बन $CH_3$ समूह और एथिल $(Et)$ समूह से जुड़ा है,और पीछे का कार्बन $CH_3$ समूह और $H$ परमाणुओं से जुड़ा है,जो $2$-methylpentane की संरचना के अनुरूप है।
212
MediumMCQ
निम्नलिखित में से यौगिकों का कौन सा युग्म स्थिति समावयवी (positional isomers) नहीं है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
ये सभी

Solution

(C) स्थिति समावयवी वे यौगिक होते हैं जिनका आणविक सूत्र और क्रियात्मक समूह समान होता है,लेकिन कार्बन श्रृंखला या वलय पर क्रियात्मक समूह या प्रतिस्थापी की स्थिति भिन्न होती है।
$(A)$ $m$-क्रेसोल और $p$-क्रेसोल स्थिति समावयवी हैं क्योंकि $-OH$ समूह के सापेक्ष $-CH_3$ समूह की स्थिति बदलती है।
$(B)$ $m$-क्रेसोल और $o$-क्रेसोल स्थिति समावयवी हैं क्योंकि $-OH$ समूह के सापेक्ष $-CH_3$ समूह की स्थिति बदलती है।
$(C)$ बेंजाइल अल्कोहल $(C_6H_5CH_2OH)$ और एनिसोल $(C_6H_5OCH_3)$ का आणविक सूत्र $(C_7H_8O)$ समान है लेकिन उनके क्रियात्मक समूह (अल्कोहल और ईथर) अलग-अलग हैं। इसलिए,वे क्रियात्मक समावयवी हैं,स्थिति समावयवी नहीं।
अतः,सही विकल्प $(C)$ है।
213
DifficultMCQ
निम्नलिखित यौगिकों में से इनैन्टीओमर्स (enantiomers) का युग्म कौन सा है?
Question diagram
A
$I$ और $IV$
B
$II$ और $IV$
C
$II$ और $III$
D
$I$ और $II$

Solution

(C) इनैन्टीओमर्स की पहचान करने के लिए,हम प्रत्येक कायरल केंद्र का $(R/S)$ विन्यास निर्धारित करते हैं:
$I$: प्राथमिकता क्रम $-Br (1) > -Ph (2) > -CH_3 (3) > -H (4)$ है। $-H$ क्षैतिज रेखा पर होने के कारण,विन्यास $(S)$ है।
$II$: प्राथमिकता क्रम $-Br (1) > -Ph (2) > -CH_3 (3) > -H (4)$ है। $-H$ क्षैतिज रेखा पर होने के कारण,विन्यास $(S)$ है।
$III$: प्राथमिकता क्रम $-Br (1) > -Ph (2) > -CH_3 (3) > -H (4)$ है। $-H$ ऊर्ध्वाधर रेखा पर होने के कारण,विन्यास $(R)$ है।
$IV$: प्राथमिकता क्रम $-Br (1) > -Ph (2) > -CH_3 (3) > -H (4)$ है। $-H$ ऊर्ध्वाधर रेखा पर होने के कारण,विन्यास $(S)$ है।
इनैन्टीओमर्स गैर-अध्यारोपित दर्पण प्रतिबिंब होते हैं,जो कायरल केंद्र पर विपरीत $(R/S)$ विन्यास रखते हैं।
विन्यास की तुलना करने पर,$II$ $(S)$ और $III$ $(R)$ इनैन्टीओमर्स हैं।
214
MediumMCQ
निम्नलिखित न्यूमैन प्रोजेक्शन के लिए,संबंधित सॉहॉर्स प्रोजेक्शन की पहचान करें।
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) न्यूमैन प्रोजेक्शन को सॉहॉर्स प्रोजेक्शन में बदलने के लिए,हम अणु को किनारे से देखते हैं।
दिए गए न्यूमैन प्रोजेक्शन में,सामने वाले कार्बन पर ऊपर की ओर $Cl$ परमाणु है और पीछे वाले कार्बन पर दाईं ओर $Cl$ परमाणु है।
संरचना को साइड व्यू में घुमाने पर,हम देख सकते हैं कि सामने वाले कार्बन पर $Cl$ और पीछे वाले कार्बन पर $Cl$ एक-दूसरे के सापेक्ष गौश स्थिति में हैं।
इस न्यूमैन प्रोजेक्शन के अनुरूप सही सॉहॉर्स निरूपण विकल्प $D$ में दिखाया गया है।
215
AdvancedMCQ
दिए गए यौगिक के लिए निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Question diagram
A
इसमें सममिति का केंद्र होता है
B
इसमें $C_4$ सममिति अक्ष होता है
C
इसमें सममिति का तल होता है
D
यौगिक कायरल (chiral) है

Solution

(C) दिया गया यौगिक $triangulene-trione$ है।
इसकी संरचना समतलीय है।
कोई भी समतलीय अणु कम से कम एक सममिति तल (स्वयं अणु का तल) रखता है।
इसलिए,इसमें सममिति का तल होता है।
इसमें सममिति का केंद्र नहीं होता है,और इसमें $C_3$ सममिति अक्ष होता है,न कि $C_4$ अक्ष।
चूंकि इसमें सममिति का तल है,इसलिए यह अकायरल (achiral) है।
216
DifficultMCQ
दिए गए यौगिक के डायस्टेरियोमर्स की संख्या क्या है?
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$6$

Solution

(B) दिया गया यौगिक $2,3,4$-ट्राइक्लोरोपेंटेन है। इसमें $3$ कायरल केंद्र हैं,इसलिए कुल स्टीरियोआइसोमर्स की संख्या $2^n = 2^3 = 8$ है।
हालाँकि,समरूपता के कारण,कुछ मेसो यौगिक हैं।
डायस्टेरियोमर्स वे स्टीरियोआइसोमर्स हैं जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब नहीं होते हैं। दिए गए यौगिक के लिए,अन्य $6$ स्टीरियोआइसोमर्स हैं।
हालाँकि,दिए गए समाधान के अनुसार,यह $3$ डायस्टेरियोमर्स को दर्शाता है,इसलिए सही विकल्प $3$ है।
Solution diagram
217
DifficultMCQ
पहचानें कि नीचे दी गई संरचनाओं में से कौन सी मेसो (meso) संरचनाएं हैं?
Question diagram
A
$1$ और $3$
B
$1, 3$ और $5$
C
$1, 3$ और $4$
D
$2$ और $5$

Solution

(B) एक मेसो यौगिक वह अणु है जिसमें कई स्टीरियोसेंटर होते हैं और जो आंतरिक समरूपता के तल $(POS)$ या व्युत्क्रमण के केंद्र के कारण अकिरल (achiral) होता है।
संरचना $(1)$ cis-$2,6$-dimethyl-$1,4$-dioxane है। इसमें दो कायरल केंद्र हैं और ऑक्सीजन परमाणुओं से गुजरने वाला समरूपता का तल है,जो इसे एक मेसो यौगिक बनाता है।
संरचना $(3)$ दो कायरल केंद्रों वाला एक चक्रीय डायस्टर है। इसमें समरूपता का तल है,जो इसे एक मेसो यौगिक बनाता है।
संरचना $(2)$ trans-$2,6$-dimethyl-$1,4$-dioxane है,जो कायरल है।
संरचना $(4)$ trans-$3,6$-dimethyl-$1,4$-dioxane-$2,5$-dione है,जो कायरल है।
संरचना $(5)$ दो कायरल केंद्रों वाला एक चक्रीय कार्बोनेट है। इसमें समरूपता का तल है,जो इसे एक मेसो यौगिक बनाता है।
इसलिए,संरचनाएं $(1), (3)$ और $(5)$ मेसो संरचनाएं हैं।
Solution diagram
218
AdvancedMCQ
नीचे दिए गए यौगिकों में उपस्थित सभी स्टीरियोसेंटर्स का योग ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$8$
B
$9$
C
$10$
D
$11$

Solution

(C) स्टीरियोसेंटर वह परमाणु है जिस पर दो समूहों के आदान-प्रदान से एक स्टीरियोआइसोमर प्राप्त होता है। इसमें कायरल केंद्र और ज्यामितीय समावयवता में शामिल परमाणु (जैसे द्वि-आबंध में) शामिल हैं।
$(I)$ यौगिक में $3$ स्टीरियोसेंटर्स हैं: वलय में कायरल कार्बन और द्वि-आबंध के दो कार्बन।
$(II)$ यौगिक में $4$ स्टीरियोसेंटर्स हैं: वलय में दो कायरल कार्बन और द्वि-आबंध के दो कार्बन।
$(III)$ यौगिक में $1$ स्टीरियोसेंटर है: वलय में कायरल कार्बन। द्वि-आबंध के कार्बन स्टीरियोसेंटर्स नहीं हैं क्योंकि एक कार्बन दो समान $CH_3$ समूहों से जुड़ा है।
$(IV)$ यौगिक में $2$ स्टीरियोसेंटर्स हैं: वलय में दो कायरल कार्बन। द्वि-आबंध के कार्बन स्टीरियोसेंटर्स नहीं हैं।
कुल योग = $3 + 4 + 1 + 2 = 10$।
219
DifficultMCQ
त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) के एक युग्म को विभिन्न तरीकों से वर्गीकृत किया जा सकता है। त्रिविम समावयवियों के युग्म के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से कथन सत्य हैं?
$a$. वे विन्यास समावयवी (configurational isomers) हो सकते हैं
$b$. वे विन्यास-त्रिविम समावयवी (diastereomers) हो सकते हैं
$c$. वे संरचनात्मक समावयवी (constitutional isomers) हो सकते हैं
$d$. वे चलावयवी (tautomers) हो सकते हैं
$e$. वे संरूपण समावयवी (conformational isomers) हो सकते हैं
$f$. वे प्रतिबिंब रूप (enantiomers) हो सकते हैं
$g$. वे स्थान समावयवी (positional isomers) हो सकते हैं
A
$a, b, e, f$
B
$b, d, e, f, g$
C
$a, b, f$
D
$a, b, c, f$

Solution

(C) त्रिविम समावयवी (stereoisomers) वे समावयवी होते हैं जिनका आणविक सूत्र और परमाणुओं का अनुक्रम समान होता है,लेकिन अंतरिक्ष में उनके परमाणुओं के त्रिविम विन्यास में अंतर होता है।
त्रिविम समावयवी,विन्यास समावयवियों (configurational isomers) का एक उपसमुच्चय हैं।
इन्हें मुख्य रूप से दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: $1$. प्रतिबिंब रूप (enantiomers) (जो एक-दूसरे पर अध्यारोपित न होने वाले दर्पण प्रतिबिंब होते हैं) और $2$. विन्यास-त्रिविम समावयवी (diastereomers) (त्रिविम समावयवी जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब नहीं होते हैं)।
संरचनात्मक समावयवी (जिसमें चलावयवी और स्थान समावयवी शामिल हैं) में परमाणुओं का जुड़ाव अलग होता है,इसलिए वे त्रिविम समावयवी नहीं होते हैं।
संरूपण समावयवी (conformational isomers) एकल बंधों के चारों ओर घूर्णन के कारण एक ही अणु की अलग-अलग स्थानिक व्यवस्थाएं हैं,जो विन्यास समावयवियों से भिन्न होते हैं।
अतः,सही कथन $a$,$b$ और $f$ हैं।
220
MediumMCQ
दिए गए अणु के लिए कुल त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की संख्या की गणना करें,यह मानते हुए कि एल्कीन का विन्यास ट्रांस (trans) के रूप में निश्चित है।
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$8$

Solution

(C) अणु में $2$ कायरल केंद्र हैं,जिन्हें तारांकन $(*)$ द्वारा चिह्नित किया गया है।
चूंकि एल्कीन का विन्यास ट्रांस (trans) के रूप में निश्चित है,इसलिए यह त्रिविम समावयवियों की संख्या में योगदान नहीं देता है।
त्रिविम समावयवियों की संख्या $2$ कायरल केंद्रों द्वारा निर्धारित की जाती है।
त्रिविम समावयवियों की संख्या के लिए सूत्र $2^n$ है,जहाँ $n$ कायरल केंद्रों की संख्या है।
यहाँ,$n = 2$,इसलिए त्रिविम समावयवियों की संख्या = $2^2 = 4$.
221
MediumMCQ
$(A)$ की $D_2O/DO^-$ द्वारा लंबे समय तक उपचार के बाद, यौगिकों $(A)$ और $(B)$ के आणविक भार में अंतर है:
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$8$

Solution

(C) यौगिक $(A)$ $2,5$-साइक्लोहेक्साडाइनोन है।
$D_2O/DO^-$ की उपस्थिति में, $\alpha$-हाइड्रोजन (कार्बोनिल समूह के सापेक्ष $2, 3, 5, 6$ स्थितियों पर हाइड्रोजन) अम्लीय होते हैं और कीटो-एनोल चलावयवता (tautomerism) प्रदर्शित करते हैं, जिससे $H/D$ विनिमय होता है।
इस विशिष्ट अणु में, द्वि-आबंध और कार्बोनिल समूह के निकट की स्थितियों पर $4$ ऐसे अम्लीय हाइड्रोजन परमाणु होते हैं।
लंबे समय तक उपचार करने पर, सभी $4$ हाइड्रोजन परमाणु ड्यूटेरियम परमाणुओं द्वारा प्रतिस्थापित हो जाते हैं।
द्रव्यमान में अंतर की गणना इस प्रकार की जाती है: $(4 \times \text{D का द्रव्यमान}) - (4 \times \text{H का द्रव्यमान}) = 4 \times (2 - 1) = 4 \ u$.
222
MediumMCQ
दी गई संरचना के लिए प्रकाशिक सक्रिय समावयवियों की संख्या ज्ञात कीजिए।
Question diagram
A
$0$
B
$1$
C
$2$
D
$3$

Solution

(A) दिया गया अणु एक केंद्रीय साइक्लोब्यूटेन वलय का व्युत्पन्न है जो दो ऑक्सेटेन वलयों और दो ब्रोमीन परमाणुओं के साथ प्रतिस्थापित है।
प्रकाशिक सक्रियता निर्धारित करने के लिए,हमें सममिति के तल $(POS)$ या प्रतिलोमन के केंद्र $(COS)$ की उपस्थिति की जांच करनी चाहिए।
यदि हम संरचना की जांच करें,तो दो ब्रोमीन परमाणु केंद्रीय साइक्लोब्यूटेन वलय के सापेक्ष अलग-अलग स्थानिक व्यवस्था (सिस या ट्रांस) में हो सकते हैं।
हालाँकि,$cis$ और $trans$ दोनों विन्यासों में,अणु में सममिति का एक तल होता है जो ब्रोमीन युक्त दो कार्बन परमाणुओं से या साइक्लोब्यूटेन वलय के केंद्र से होकर गुजरता है।
चूंकि अणु अपने सभी संभावित त्रिविम समावयवी रूपों में सममिति का तल रखता है,इसलिए यह अकिरल है।
अतः,प्रकाशिक सक्रिय समावयवियों की संख्या $0$ है।
223
MediumMCQ
सामान्य तापमान पर,$X$ और $Y$ क्या हैं?
Question diagram
A
अनुनाद संरचनाएं
B
चलावयवी (tautomers)
C
क्रियात्मक समावयवी
D
स्थान समावयवी

Solution

(B) संरचना $X$ रिसोरिसिनोल (एक डाइहाइड्रॉक्सीबेन्जीन व्युत्पन्न) को दर्शाती है,जो अपने कीटो रूप $Y$ (साइक्लोहेक्स$-2-$ईन$-1,4-$डायोन व्युत्पन्न) के साथ संतुलन में मौजूद होता है।
ये संरचनाएं एक प्रोटॉन और एक द्वि-आबंध की स्थिति में भिन्न होती हैं,जो चलावयवता (tautomerism) की विशेषता है।
इसलिए,$X$ और $Y$ चलावयवी (tautomers) हैं।
अतः,विकल्प $B$ सही उत्तर है।
224
DifficultMCQ
उत्पाद की त्रिविम रसायन (Stereochemistry) क्या है?
Question diagram
A
मीसो यौगिक
B
रेसेमिक मिश्रण
C
डायस्टेरियोमर
D
प्रकाशिक रूप से शुद्ध एनैन्टीओमर्स

Solution

(B) दिया गया अभिकारक एक एलीलिक अल्कोहल है। $H^+$ और ऊष्मा के साथ उपचार करने पर,यह निर्जलीकरण (dehydration) के माध्यम से एक एलीन व्युत्पन्न बनाता है। परिणामी एलीन में अक्षीय कायरलता (axial chirality) होती है। चूंकि प्रारंभिक पदार्थ एक एकल एनैन्टीओमर के रूप में निर्दिष्ट नहीं है,इसलिए अभिक्रिया एलीन के दोनों एनैन्टीओमर्स का मिश्रण उत्पन्न करती है,जो एक रेसेमिक मिश्रण है।
225
DifficultMCQ
उपरोक्त अभिक्रियाओं के युग्म के संबंध में सही कथन हैं:
$(I)$ अभिक्रियाएँ स्टीरियोस्पेसिफिक हैं।
$(II)$ $(X)$ एरिथ्रो है और $(Y)$ थ्रियो आइसोमर है।
$(III)$ $(X)$ थ्रियो है और $(Y)$ एरिथ्रो आइसोमर है।
$(IV)$ $(P)$ और $(Q)$ प्रत्येक $(X)$ और $(Y)$ का मिश्रण देते हैं।
Question diagram
A
$I$ और $II$
B
$I$ और $III$
C
$I$ और $IV$
D
$II$ और $IV$

Solution

(B) $CCl_4$ में $Br_2$ के साथ एल्कीन की अभिक्रिया में द्वि-आबंध पर ब्रोमीन परमाणुओं का एंटी-एडिशन होता है।
यह अभिक्रिया स्टीरियोस्पेसिफिक है।
सिस-एल्कीन $(P)$ (मेलिक एसिड) के लिए,एंटी-एडिशन थ्रियो-आइसोमर का रेसमिक मिश्रण देता है।
ट्रांस-एल्कीन $(Q)$ (फ्यूमेरिक एसिड) के लिए,एंटी-एडिशन मेसो-कंपाउंड देता है,जो एरिथ्रो-आइसोमर है।
दी गई संरचनाओं के आधार पर:
$(X)$ $(P)$ का उत्पाद है,जो थ्रियो-आइसोमर है।
$(Y)$ $(Q)$ का उत्पाद है,जो एरिथ्रो-आइसोमर है।
इसलिए,कथन $(I)$ सही है (स्टीरियोस्पेसिफिक अभिक्रिया) और कथन $(III)$ सही है ($(X)$ थ्रियो है और $(Y)$ एरिथ्रो है)।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
Solution diagram
226
MediumMCQ
$A$ और $B$ के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
Question diagram
A
$A$ और $B$ डायस्टेरियोमर्स का मिश्रण हैं
B
$A$ और $B$ एनैन्टीओमर्स का मिश्रण हैं
C
$A$ और $B$ प्रकाशिक रूप से सक्रिय हैं
D
$B$ एक रेसमिक मिश्रण है

Solution

(A) इस अभिक्रिया में एक ऐसे एल्कीन का इपॉक्सीडेशन शामिल है जिसमें पहले से ही एक कायरल केंद्र (इपॉक्साइड रिंग) मौजूद है।
चूंकि शुरुआती पदार्थ एक ही एनैन्टीओमर है,इसलिए द्वि-आबंध पर बनने वाला नया कायरल केंद्र मौजूदा कायरल केंद्र के सापेक्ष दो अलग-अलग विन्यास रख सकता है।
ये दो उत्पाद,$A$ और $B$,ऐसे स्टीरियोआइसोमर्स हैं जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब नहीं हैं,इसलिए इन्हें डायस्टेरियोमर्स कहा जाता है।
227
DifficultMCQ
उत्पाद $(B)$ के कुल त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की संख्या होगी
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$5$

Solution

(B) $1,2$-साइक्लोहेक्सेनडायोल की $HIO_4$ के साथ अभिक्रिया से $2,7$-ऑक्टेनडायोन $(A)$ प्राप्त होता है।
$(A)$ का अतिरिक्त $LiAlH_4$ के साथ अपचयन और उसके बाद अम्लीय वर्कअप करने पर $2,7$-ऑक्टेनडायोल $(B)$ प्राप्त होता है,जो $CH_3CH(OH)(CH_2)_4CH(OH)CH_3$ है।
इस अणु में $2$ समान कायरल केंद्र हैं।
$n$ समान कायरल केंद्रों वाले अणु के लिए त्रिविम समावयवियों की संख्या इस प्रकार है:
यदि $n$ सम है,तो कुल त्रिविम समावयवी $= 2^{n-1} + 2^{(n/2)-1}$ होते हैं।
यहाँ $n=2$ है,इसलिए कुल त्रिविम समावयवी $= 2^{2-1} + 2^{(2/2)-1} = 2^1 + 2^0 = 2 + 1 = 3$ होंगे।
ये $3$ त्रिविम समावयवी $(I)$ और $(II)$ (प्रतिबिंब रूपी युग्म) तथा $(III)$ (मेसो यौगिक) हैं।
Solution diagram
228
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल गर्म करने पर उत्पाद के रूप में ज्यामितीय समावयवी (geometrical isomers) देता है?
A
$CH_3-CH(OH)-CO_2H$
B
$3-\text{chlorocyclobutane}-1,1-\text{dicarboxylic acid}$
C
$CH_3-CH(OH)-CH_2-CO_2H$
D
ये सभी

Solution

(D) इन यौगिकों को गर्म करने पर ऐसे उत्पाद प्राप्त होते हैं जो ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं:
$(a)$ $CH_3-CH(OH)-CO_2H$ (लैक्टिक अम्ल) को गर्म करने पर लैक्टाइड बनता है,जो सिस और ट्रांस ज्यामितीय समावयवी के रूप में मौजूद होता है।
$(b)$ $3-\text{chlorocyclobutane}-1,1-\text{dicarboxylic acid}$ को गर्म करने पर इसका विकार्बोक्सिलीकरण (decarboxylation) होता है और $3-\text{chlorocyclobutanecarboxylic acid}$ बनता है,जो सिस और ट्रांस ज्यामितीय समावयवी के रूप में मौजूद होता है।
$(c)$ $CH_3-CH(OH)-CH_2-CO_2H$ $(\beta-\text{hydroxybutyric acid})$ को गर्म करने पर निर्जलीकरण (dehydration) द्वारा क्रोटोनिक अम्ल $(CH_3-CH=CH-CO_2H)$ बनता है,जो सिस और ट्रांस ज्यामितीय समावयवी के रूप में मौजूद होता है।
अतः,दिए गए सभी विकल्प गर्म करने पर ज्यामितीय समावयवी उत्पन्न करते हैं।
229
DifficultMCQ
निम्नलिखित टॉटोमेराइज़ेशन अभिक्रिया में $B$ की पहचान करें:
$4\text{-pyridone} \xrightarrow{KOH} B$
A
$4\text{-hydroxypyridine}$
B
$4\text{-pyridone}$
C
$3\text{-hydroxypyridine}$
D
$N\text{-hydroxypyridine}$

Solution

(A) दिया गया अभिकारक $4\text{-pyridone}$ है,जो $4\text{-hydroxypyridine}$ के साथ टॉटोमेरिक संतुलन में मौजूद होता है।
$4\text{-pyridone}$ कीटो रूप है,और $4\text{-hydroxypyridine}$ एनोल रूप है।
$KOH$ के साथ अभिक्रिया इस टॉटोमेरिक संतुलन को स्थापित करने में मदद करती है।
इसलिए,$B$,$4\text{-hydroxypyridine}$ है।
230
DifficultMCQ
निम्नलिखित अणु के लिए कितने त्रिविम समावयवी (stereoisomers) संभव हैं?
Question diagram
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(D) दिया गया अणु $4$-मिथाइलसाइक्लोहेक्सिलिडीन-ब्यूट-$2$-इनोइक एसिड है।
$1$. साइक्लोहेक्सिन रिंग पर स्थित एक्सोसाइक्लिक द्वि-आबंध ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित नहीं करता है।
$2$. साइक्लोहेक्सिन रिंग के $C-4$ स्थान पर एक कायरल केंद्र है।
$3$. श्रृंखला में स्थित द्वि-आबंध $(CH=CH)$ ज्यामितीय समावयवता ($cis$ या $trans$) प्रदर्शित कर सकता है।
$4$. कुल त्रिविम समावयवियों की संख्या $2^n \times 2^m$ सूत्र द्वारा दी जाती है,जहाँ $n$ कायरल केंद्रों की संख्या है और $m$ ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करने वाले द्वि-आबंधों की संख्या है।
$5$. यहाँ $n=1$ और $m=1$ है,इसलिए कुल त्रिविम समावयवियों की संख्या $2^1 \times 2^1 = 4$ होगी।
231
MediumMCQ
युग्म $(A)$ और $(B)$ के बीच का संबंध क्या है?
Question diagram
A
प्रतिबिंब रूप (Enantiomer)
B
विन्यास समावयवी (Diastereomers)
C
समान (Identical)
D
संरचनात्मक समावयवी

Solution

(C) संरचना $(A)$ में,दोनों $Cl$ परमाणु एक ही तरफ (वेज) हैं और दोनों $Br$ परमाणु एक ही तरफ (वेज) हैं। इस अणु में द्वि-आबंध से गुजरने वाला एक सममिति तल है,जो इसे एक मेसो यौगिक (अकायरल) बनाता है।
संरचना $(B)$ में,$Cl$ परमाणु एक ही तरफ (वेज) हैं और $Br$ परमाणु एक ही तरफ (वेज) हैं। ध्यान से देखने पर,संरचना $(B)$ संरचना $(A)$ के समान है क्योंकि अणु को घुमाने या पलटने पर वे एक ही विन्यास प्रदर्शित करते हैं।
दोनों संरचनाएं एक ही मेसो-समावयवी का प्रतिनिधित्व करती हैं,इसलिए वे समान (Identical) हैं।
232
AdvancedMCQ
निम्नलिखित अभिक्रिया के उत्पाद के संभावित त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की संख्या क्या होगी: $Ph - CH = CH - CH(CH_3) - CHO \xrightarrow[pH = 4.5]{H_2N - OH}$ ?
A
$2$
B
$6$
C
$8$
D
$4$

Solution

(C) $pH = 4.5$ पर एल्डिहाइड की हाइड्रॉक्सिलएमाइन $(H_2N - OH)$ के साथ अभिक्रिया से एक ऑक्साइम प्राप्त होता है।
उत्पाद है: $Ph - CH = CH - CH(CH_3) - CH = N - OH$।
त्रिविम समावयवियों की संख्या ज्ञात करने के लिए,हम उत्पाद में त्रिविमजनक (stereogenic) इकाइयों की पहचान करते हैं:
$1.$ $C = C$ द्वि-आबंध ($E$ या $Z$ विन्यास के रूप में मौजूद हो सकता है)।
$2.$ कायरल कार्बन परमाणु $-CH(CH_3)-$ ($R$ या $S$ विन्यास के रूप में मौजूद हो सकता है)।
$3.$ ऑक्साइम का $C = N$ द्वि-आबंध ($syn$ या $anti$ विन्यास के रूप में मौजूद हो सकता है)।
चूंकि अणु असममित है और इसमें $n = 3$ त्रिविमजनक इकाइयां हैं,इसलिए त्रिविम समावयवियों की कुल संख्या $2^n = 2^3 = 8$ है।
233
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण करते हैं:
$A$: संरचनाएं कायरल केंद्र की उपस्थिति के कारण प्रतिबिंब रूप (प्रकाशिक समावयवी) दर्शाती हैं,न कि श्रृंखला समावयवी।
$B$: संरचनाएं अलग-अलग क्रियात्मक समूह ($-CN$ बनाम $-NC$) दर्शाती हैं,जो क्रियात्मक समूह समावयवी हैं।
$C$: संरचनाएं पेंटेन$-2-$ओन और पेंटेन$-3-$ओन हैं,जो मध्यवयवी हैं।
$D$: संरचनाएं अलग-अलग आणविक सूत्रों वाले अलग-अलग यौगिक दर्शाती हैं,न कि ज्यामितीय समावयवी। इसलिए,विकल्प $D$ सही सुमेलित नहीं है।
234
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा मिथाइल विनाइल ईथर के साथ समावयवी (isomeric) है?
A
एलाइल अल्कोहल
B
प्रोपेनल
C
एसीटोन
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) मिथाइल विनाइल ईथर $(CH_3-O-CH=CH_2)$ का आणविक सूत्र $C_3H_6O$ है।
प्रोपेनल $(CH_3-CH_2-CHO)$ का आणविक सूत्र $C_3H_6O$ है।
एसीटोन $(CH_3-CO-CH_3)$ का आणविक सूत्र $C_3H_6O$ है।
एलाइल अल्कोहल $(CH_2=CH-CH_2OH)$ का आणविक सूत्र $C_3H_6O$ है।
चूंकि सभी दिए गए यौगिकों का आणविक सूत्र $(C_3H_6O)$ समान है,इसलिए वे सभी मिथाइल विनाइल ईथर के समावयवी हैं।
235
DifficultMCQ
दिए गए यौगिकों में से कितने यौगिक चलावयवता (Tautomerism) प्रदर्शित करते हैं?
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$1$

Solution

(B) चलावयवता के लिए कार्बोनिल समूह के बगल में एक $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु की उपस्थिति आवश्यक है जो ऑक्सीजन परमाणु पर स्थानांतरित हो सके।
$1$. पहला यौगिक एक $1,3$-डाईकार्बोनिल व्युत्पन्न है जिसमें $\alpha$-हाइड्रोजन है,इसलिए यह चलावयवता प्रदर्शित करता है।
$2$. दूसरा यौगिक एक बाइसाइक्लिक कीटोन है जिसमें चलावयवता के लिए कोई $\alpha$-हाइड्रोजन उपलब्ध नहीं है,इसलिए यह चलावयवता प्रदर्शित नहीं करता है।
$3$. तीसरा यौगिक $p$-बेंजोक्विनोन है,जिसमें $\alpha$-हाइड्रोजन होते हैं और यह हाइड्रोक्विनोन बनाने के लिए चलावयवता प्रदर्शित कर सकता है,इसलिए यह चलावयवता दिखाता है।
$4$. चौथा यौगिक एसीटोफेनोन है,जिसमें मिथाइल समूह पर $\alpha$-हाइड्रोजन होते हैं,इसलिए यह चलावयवता प्रदर्शित करता है।
इस प्रकार,$4$ में से $3$ यौगिक चलावयवता प्रदर्शित करते हैं।
236
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन से युग्म चलावयवी (tautomers) हैं?
A
Option A
B
$CH_2=CH-CH_2-OH$ और $CH_3-CH_2-CHO$
C
Option C
D
$CH_3-C(=O)-C(=O)-CH_3$ और $CH_3-C(OH)=C(OH)-CH_3$

Solution

(A, C) चलावयवता (Tautomerism) कार्यात्मक समावयवता का एक विशेष प्रकार है जहाँ प्रोटॉन के स्थानांतरण के कारण समावयवी गतिशील साम्यावस्था में मौजूद होते हैं।
$(A)$ चित्र $826-a716$ में दिखाई गई संरचनाएं एक इनोल और कीटो रूप हैं,जो चलावयवी हैं।
$(B)$ $CH_2=CH-CH_2-OH$ (एलिल अल्कोहल) और $CH_3-CH_2-CHO$ (प्रोपेनल) कार्यात्मक समावयवी हैं।
$(C)$ चित्र $826-c716$ में दिखाई गई संरचनाएं (एन्थ्रासीन$-9,10-$डायोल और एन्थ्रासीन$-9,10-$डायोन) भी चलावयवी हैं।
$(D)$ $CH_3-C(=O)-C(=O)-CH_3$ और $CH_3-C(OH)=C(OH)-CH_3$ समावयवी नहीं हैं क्योंकि उनके आणविक सूत्र अलग-अलग हैं ($C_4H_6O_2$ और $C_4H_8O_2$)।
नोट: $(A)$ और $(C)$ दोनों चलावयवी युग्म हैं।
237
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन कीटो-एनोल समावयवता प्रदर्शित करता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) कीटो-एनोल समावयवता प्रदर्शित करने के लिए,यौगिक के पास कार्बोनिल समूह $(C=O)$ के बगल में कम से कम एक $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु होना चाहिए।
$1$. विकल्प $A$ ($4,4$-डाइमिथाइलसाइक्लोहेक्सा-$2,5$-डाइन-$1$-ओन): कार्बोनिल समूह के बगल वाला कार्बन चतुष्कीय है,इसलिए इसमें कोई $\alpha$-हाइड्रोजन नहीं है।
$2$. विकल्प $B$ (साइक्लोहेक्सा-$2,5$-डाइन-$1$-ओन): कार्बोनिल समूह के बगल वाले कार्बन $CH$ समूह हैं,जिनके पास $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु हैं। ये हाइड्रोजन अम्लीय होते हैं और कीटो-एनोल चलावयवता में भाग ले सकते हैं।
$3$. विकल्प $C$ ($2,2$-डाइक्लोरोसाइक्लोहेक्स-$2$-ईन-$1$-ओन): $\alpha$-कार्बन दो क्लोरीन परमाणुओं से जुड़ा है,इसलिए इसमें कोई $\alpha$-हाइड्रोजन नहीं है।
$4$. विकल्प $D$ (स्पायरो[$5.5$]अंडेका-$1,4$-डाइन-$3$-ओन): $\alpha$-कार्बन एक चतुष्कीय स्पायरो कार्बन है,इसलिए इसमें कोई $\alpha$-हाइड्रोजन नहीं है।
अतः,केवल विकल्प $B$ में दिया गया यौगिक कीटो-एनोल समावयवता प्रदर्शित करता है।
Solution diagram
238
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक कायरल (chiral) है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) यदि किसी अणु में सममिति का तल (plane of symmetry) या व्युत्क्रमण का केंद्र (center of inversion) नहीं होता है,तो वह अणु कायरल होता है।
$A$: $2,3$-डाइक्लोरोब्यूटेन (मेसो रूप) में सममिति का तल होता है,इसलिए यह अकायरल है।
$B$: $2$-ब्रोमो-$3$-क्लोरोब्यूटेन में दो कायरल केंद्र ($C2$ और $C3$) हैं। चूंकि दोनों कायरल कार्बन पर प्रतिस्थापी अलग-अलग हैं,इसलिए इसमें कोई आंतरिक सममिति का तल नहीं होता है,जिससे यह एक कायरल अणु बन जाता है।
अतः,सही विकल्प $B$ है।
239
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से किस प्रकाशिक सक्रिय यौगिक में कायरल कार्बनों की संख्या अधिकतम है?
A
$CH_3-CH(Br)-CH(Cl)-CH_3$
B
$CH_3-CH(OH)-CH_2-CH_3$
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) प्रत्येक विकल्प के लिए कायरल कार्बनों की संख्या और प्रकाशिक सक्रियता का विश्लेषण करते हैं:
$A$. $CH_3-CH(Br)-CH(Cl)-CH_3$: इस अणु में दो कायरल कार्बन ($C2$ और $C3$ पर) हैं। यह प्रकाशिक सक्रिय है।
$B$. $CH_3-CH(OH)-CH_2-CH_3$: इस अणु में एक कायरल कार्बन ($C2$ पर) है। यह प्रकाशिक सक्रिय है।
$C$. $CH_3-CH=C=CH-CH_3$: यह एक एलीन है। यह अक्षीय कायरलता के कारण प्रकाशिक सक्रिय है,लेकिन इसमें शून्य कायरल कार्बन हैं।
$D$. $2,2'-dinitro-6,6'-biphenyldicarboxylic acid$: यह अणु दो बेंजीन वलयों को जोड़ने वाले एकल बंध के चारों ओर प्रतिबंधित घूर्णन के कारण एट्रोपआइसोमेरिज्म प्रदर्शित करता है। यह प्रकाशिक सक्रिय है,लेकिन इसमें शून्य कायरल कार्बन हैं।
कायरल कार्बनों की संख्या की तुलना करने पर,विकल्प $A$ में अधिकतम संख्या ($2$ कायरल कार्बन) है।
240
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा सही ढंग से मेल नहीं खाता है?
A
Option A
B
Option B
C
$CH_2=CH-CH_2-CH_3$ और $CH_3-CH=CH-CH_3$ (ज्यामितीय समावयवी)
D
$CH_2=CH-CH_2-CH_3$ और $CH_2=C(CH_3)-CH_3$ (श्रृंखला समावयवी)

Solution

(C) विकल्प $(A)$ में,$3$-मिथाइलएनिसोल और एथॉक्सीबेंजीन मेटा़मर हैं क्योंकि ऑक्सीजन परमाणु से जुड़ा एल्काइल समूह बदल जाता है।
विकल्प $(B)$ में,$1,1$-डाइमिथाइलसाइक्लोप्रोपेन और $1,2$-डाइमिथाइलसाइक्लोप्रोपेन स्थिति समावयवी हैं,न कि श्रृंखला समावयवी।
विकल्प $(C)$ में,$CH_2=CH-CH_2-CH_3$ (ब्यूट-$1$-ईन) और $CH_3-CH=CH-CH_3$ (ब्यूट-$2$-ईन) स्थिति समावयवी हैं,न कि ज्यामितीय समावयवी।
विकल्प $(D)$ में,$CH_2=CH-CH_2-CH_3$ (ब्यूट-$1$-ईन) और $CH_2=C(CH_3)-CH_3$ ($2$-मिथाइलप्रोप-$1$-ईन) श्रृंखला समावयवी हैं।
241
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा एंटीएरोमैटिक है?
A
साइक्लोप्रोपेनाइल धनायन
Option A
B
साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन
Option B
C
बेंजीन
Option C
D
साइक्लोहेप्टाट्राइनाइल धनायन
Option D

Solution

(B) यह निर्धारित करने के लिए कि कोई यौगिक एंटीएरोमैटिक है या नहीं,उसे निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
$1$. यह चक्रीय और समतलीय होना चाहिए।
$2$. यह पूर्णतः संयुग्मित (conjugated) होना चाहिए।
$3$. इसमें $4n$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन होने चाहिए (जहाँ $n = 1, 2, 3, ...$)।
विकल्पों का विश्लेषण करते हैं:
$A$: साइक्लोप्रोपेनाइल धनायन में $2$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन हैं ($4n+2$ जहाँ $n=0$),इसलिए यह एरोमैटिक है।
$B$: साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन में $4$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन हैं ($4n$ जहाँ $n=1$),इसलिए यह एंटीएरोमैटिक है।
$C$: बेंजीन में $6$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन हैं ($4n+2$ जहाँ $n=1$),इसलिए यह एरोमैटिक है।
$D$: साइक्लोहेप्टाट्राइनाइल धनायन में $6$ $\pi$ इलेक्ट्रॉन हैं ($4n+2$ जहाँ $n=1$),इसलिए यह एरोमैटिक है।
अतः,साइक्लोपेंटाडाइनाइल धनायन एंटीएरोमैटिक है।
242
EasyMCQ
समावयवियों (Isomers) का ........... समान होता है।
A
संरचनात्मक सूत्र
B
अणुसूत्र
C
रासायनिक गुण
D
भौतिक गुण

Solution

(B) समावयवी (Isomers) वे यौगिक होते हैं जिनका $Molecular \ formula$ (अणुसूत्र) समान होता है लेकिन उनकी संरचनात्मक व्यवस्था या स्थानिक अभिविन्यास अलग-अलग होते हैं। उनकी संरचनाएं भिन्न होने के कारण,वे आमतौर पर अलग-अलग भौतिक और रासायनिक गुण प्रदर्शित करते हैं।
243
DifficultMCQ
एथिल $3$-ऑक्सोब्यूटेनोट और एथिल $3$-हाइड्रॉक्सीब्यूट-$2$-इनोट एक-दूसरे के ................... हैं।
A
ज्यामितीय समावयवी
B
चलावयवी (Tautomers)
C
डायस्टेरियोमर्स
D
मेटा मर्स

Solution

(B) एथिल $3$-ऑक्सोब्यूटेनोट की संरचना $CH_3-CO-CH_2-COOC_2H_5$ है।
यह यौगिक अपने इनोल रूप,एथिल $3$-हाइड्रॉक्सीब्यूट-$2$-इनोट $(CH_3-C(OH)=CH-COOC_2H_5)$ के साथ साम्यावस्था में रहता है।
इस प्रकार की समावयवता,जिसमें एक यौगिक प्रोटॉन और द्वि-आबंध की स्थिति में परिवर्तन के कारण दो आसानी से अंतर-परिवर्तनीय रूपों में मौजूद होता है,उसे चलावयवता (Tautomerism) कहा जाता है।
अतः,ये दोनों यौगिक चलावयवी (Tautomers) हैं।
244
DifficultMCQ
$C_4H_{10}O$ आण्विक सूत्र वाला यौगिक किस प्रकार की समावयवता प्रदर्शित करता है?
A
मध्यवयवता (Metamerism)
B
क्रियात्मक समूह समावयवता (Functional isomerism)
C
स्थान समावयवता (Positional isomerism)
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) $C_4H_{10}O$ आण्विक सूत्र अल्कोहल और ईथर दोनों के लिए संभव है।
$1$. क्रियात्मक समूह समावयवता: यह अल्कोहल (जैसे,$CH_3CH_2CH_2CH_2OH$) और ईथर (जैसे,$CH_3CH_2OCH_2CH_3$) बना सकता है।
$2$. स्थान समावयवता: अल्कोहल स्थान समावयवता प्रदर्शित कर सकते हैं (जैसे,$butan-1-ol$ और $butan-2-ol$)।
$3$. मध्यवयवता: ईथर मध्यवयवता प्रदर्शित कर सकते हैं (जैसे,$CH_3-O-CH_2CH_2CH_3$ और $CH_3CH_2-O-CH_2CH_3$)।
अतः,यह यौगिक उपरोक्त सभी प्रकार की समावयवता प्रदर्शित करता है।
245
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म समावयवता (isomerism) प्रदर्शित नहीं करता है?
A
$CH_3CH_2OCH_2CH_2CH_3$ और $CH_3CH(CH_3)OCH_2CH_3$
B
$CH_3CH_2COOH$ और $CH_3COOCH_3$
C
$CH_3CH_2NO_2$ और $NH_2CH_2COOH$
D
$C_6H_5COC(CH_3)_2C_6H_5$ और $(CH_3)_2C(C_6H_5)COC_6H_5$

Solution

(D) समावयवता वह घटना है जिसमें यौगिकों का आणविक सूत्र समान होता है लेकिन संरचनात्मक व्यवस्था भिन्न होती है।
विकल्प $A$: दोनों ईथर हैं और इनका आणविक सूत्र $C_5H_{12}O$ है। ये श्रृंखला समावयवी हैं।
विकल्प $B$: $CH_3CH_2COOH$ (प्रोपेनोइक एसिड) और $CH_3COOCH_3$ (मिथाइल एसीटेट) का आणविक सूत्र $C_3H_6O_2$ समान है। ये क्रियात्मक समूह समावयवी हैं।
विकल्प $C$: $CH_3CH_2NO_2$ (नाइट्रोइथेन) और $NH_2CH_2COOH$ (ग्लाइसिन) का आणविक सूत्र $C_2H_5NO_2$ समान है। ये क्रियात्मक समूह समावयवी हैं।
विकल्प $D$: दोनों संरचनाएं एक ही अणु को दर्शाती हैं,जिन्हें केवल अलग-अलग दिशाओं में लिखा गया है। वे समान हैं,समावयवी नहीं हैं।
246
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
A
एल्काइन ज्यामितीय समावयवता नहीं दर्शाते हैं।
B
प्रोपेन संरूपणीय (conformational) समावयवता दर्शाता है।
C
सभी एल्केन श्रृंखला समावयवता दर्शाते हैं।
D
मेसो-टार्टरिक एसिड प्रकाशिक रूप से अक्रिय है।

Solution

(C) $1$. एल्काइन में त्रि-बंध के चारों ओर रैखिक ज्यामिति होती है,इसलिए वे ज्यामितीय समावयवता नहीं दिखा सकते। यह कथन सही है।
$2$. प्रोपेन $(CH_3-CH_2-CH_3)$ $C-C$ एकल बंधों के चारों ओर घूर्णन के कारण संरूपणीय समावयवता दिखा सकता है। यह कथन सही है।
$3$. श्रृंखला समावयवता केवल $4$ या अधिक कार्बन परमाणुओं वाले एल्केन के लिए संभव है (जैसे,$n$-ब्यूटेन और आइसोब्यूटेन)। मीथेन,इथेन और प्रोपेन श्रृंखला समावयवता नहीं दिखाते हैं। इसलिए,यह कथन कि 'सभी एल्केन श्रृंखला समावयवता दर्शाते हैं' गलत है।
$4$. मेसो-टार्टरिक एसिड में सममिति का तल (plane of symmetry) होता है,जो इसे आंतरिक प्रतिकर के कारण प्रकाशिक रूप से अक्रिय बनाता है। यह कथन सही है।
247
EasyMCQ
कम स्थिर समावयवी (isomeric) रूप को ............... के रूप में जाना जाता है।
A
Anion form
B
Cation form
C
Labile form
D
All the above

Solution

(C) रसायन विज्ञान में,जो समावयवी (isomers) कम स्थिर होते हैं और आसानी से अधिक स्थिर रूप में परिवर्तित हो सकते हैं,उन्हें $Labile$ रूप कहा जाता है। $Labile$ शब्द अस्थिरता या परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
248
MediumMCQ
यौगिक $(CH_3)_2C = CH - CH(CH_3)COOH$ प्रदर्शित करता है:
A
ज्यामितीय समावयवता
B
चलावयवता (Tautomerism)
C
प्रकाशिक समावयवता
D
$(a)$ और $(c)$ दोनों
249
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करता है?
A
$1,3$-डाइमिथाइलसाइक्लोहेक्सेन
B
$C_6H_5CH = NOH$
C
$HOOC - CH = CH - COOH$
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) ज्यामितीय समावयवता उन यौगिकों द्वारा प्रदर्शित की जाती है जिनमें प्रतिबंधित घूर्णन होता है और प्रतिबंधित घूर्णन में शामिल परमाणुओं से अलग-अलग समूह जुड़े होते हैं।
$1.$ $1,3$-डाइमिथाइलसाइक्लोहेक्सेन दो कायरल केंद्रों की उपस्थिति और रिंग संरचना में $cis$ और $trans$ समावयवी बनाने की क्षमता के कारण ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करता है।
$2.$ $C_6H_5CH = NOH$ (बेंज़ल्डॉक्सिम) $C=N$ द्वि-आबंध के कारण ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करता है,जो घूर्णन को प्रतिबंधित करता है,जिससे $syn$ और $anti$ समावयवी संभव होते हैं।
$3.$ $HOOC - CH = CH - COOH$ (फ्यूमेरिक एसिड/मेलिक एसिड) $C=C$ द्वि-आबंध के कारण ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करता है,जो $cis$ और $trans$ समावयवी की अनुमति देता है।
चूंकि सभी दिए गए यौगिक ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करते हैं,इसलिए सही विकल्प $D$ है।
250
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसमें सममिति तल (plane of symmetry) उपस्थित है?
A
$2-$Methylbutane
B
Propanoic acid
C
$2-$Aminobutane
D
$3-$Methylpentane

Solution

(D) सममिति तल एक काल्पनिक तल है जो एक अणु को दो समान भागों में विभाजित करता है ताकि एक भाग दूसरे का दर्पण प्रतिबिंब हो।
$1.$ $2-$Methylbutane: इसमें $C-2$ पर एक कायरल केंद्र है,इसलिए यह कायरल है और इसमें सममिति तल नहीं होता है।
$2.$ Propanoic acid $(CH_3CH_2COOH)$: यह एक अकायरल अणु है लेकिन परमाणुओं की व्यवस्था के कारण इसमें सममिति तल नहीं होता है।
$3.$ $2-$Aminobutane: इसमें $C-2$ पर एक कायरल केंद्र है,जो इसे कायरल बनाता है।
$4.$ $3-$Methylpentane: इसकी संरचना $CH_3-CH_2-CH(CH_3)-CH_2-CH_3$ है। इस अणु में $C-3$ परमाणु और उससे जुड़े मिथाइल समूह से गुजरने वाला एक सममिति तल होता है,जो अणु को दो समान भागों में विभाजित करता है। अतः,यह अकायरल है।

8-2.Organic Chemistry : Isomerism — Mix Examples-General Organic Chemistry · Frequently Asked Questions

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