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Mix Examples-General Organic Chemistry Questions in Hindi

Class 11 Chemistry · 8-2.Organic Chemistry : Isomerism · Mix Examples-General Organic Chemistry

324+

Questions

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100%

With Solutions

Showing 50 of 324 questions in Hindi

151
MediumMCQ
निम्नलिखित यौगिक किसके संबंध में समान हैं?
Question diagram
A
आणविक संरचना
B
क्वथनांक
C
गलनांक
D
$IUPAC$ नाम

Solution

$(A)$ दी गई संरचनाएं $\text{cis-1-क्लोरो-2-मिथाइलसाइक्लोपेंटेन}$ और $\text{trans-1-क्लोरो-2-मिथाइलसाइक्लोपेंटेन}$ हैं।
ये एक-दूसरे के त्रिविम समावयवी (विशेष रूप से डायस्टेरियोमर्स) हैं।
त्रिविम समावयवियों का आणविक सूत्र $(C_6H_{11}Cl)$ समान होता है और इसलिए उनकी आणविक संरचना भी समान होती है।
हालाँकि, वे अपने भौतिक गुणों जैसे क्वथनांक और गलनांक में भिन्न होते हैं, और उनके $IUPAC$ नाम ($cis$ बनाम $trans$) भी अलग होते हैं।
152
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से सबसे अधिक स्थिर समावयवी (isomer) कौन सा है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) साइक्लोहेक्सेन व्युत्पन्नों की स्थिरता इक्वेटोरियल स्थिति में प्रतिस्थापियों की संख्या और हाइड्रोजन बॉन्डिंग जैसी अंतःआणविक अंतःक्रियाओं की उपस्थिति से निर्धारित होती है।
$2$-मेथॉक्सीसाइक्लोहेक्सेनॉल के मामले में,जिस समावयवी में $-OH$ और $-OCH_3$ दोनों समूह एक्सियल स्थितियों में होते हैं,वह $-OH$ के हाइड्रोजन और $-OCH_3$ के ऑक्सीजन के बीच अंतःआणविक हाइड्रोजन बॉन्ड बनाने की अनुमति देता है।
यह अंतःआणविक हाइड्रोजन बॉन्डिंग डायएक्सियल संरूपण (conformation) को स्थिर करती है,जिससे यह इस विशिष्ट मामले में डाईइक्वेटोरियल या अन्य संरूपणों की तुलना में अधिक स्थिर हो जाता है।
इसलिए,सबसे स्थिर समावयवी वह है जिसमें दोनों समूह एक्सियल स्थिति में होते हैं।
153
DifficultMCQ
निम्नलिखित यौगिक का सबसे स्थिर संरूपण (conformation) कौन सा है?
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) दिया गया यौगिक $1, 3$-डाइमिथाइल-$5$-tert-ब्यूटाइलसाइक्लोहेक्सेन है। सबसे स्थिर संरूपण वह है जिसमें सबसे बड़ा समूह,$tert$-ब्यूटाइल समूह,भूमध्यरेखीय (equatorial) स्थिति में हो ताकि $1, 3$-डाइएक्सियल अंतःक्रियाएं न्यूनतम हों। कुर्सी संरूपण (chair conformation) में,यदि $tert$-ब्यूटाइल समूह भूमध्यरेखीय है,तो $1$ और $3$ स्थितियों पर मौजूद मिथाइल समूह भी यथासंभव स्थिर स्थितियों में होने चाहिए। $1, 3$-cis आइसोमर के लिए,दोनों मिथाइल समूह भूमध्यरेखीय हो सकते हैं। अतः,सबसे स्थिर संरूपण में $tert$-ब्यूटाइल समूह और दोनों मिथाइल समूह भूमध्यरेखीय स्थितियों में होते हैं।
154
AdvancedMCQ
डिस्कोडर्मोलाइड (discodermolide) के लिए संभावित स्टीरियोआइसोमर्स की अधिकतम संख्या क्या है?
Question diagram
A
$2^{14}$
B
$2^{15}$
C
$2^{16}$
D
$2^{17}$

Solution

(B) $n$ स्टीरियोजेनिक केंद्रों वाले अणु के लिए स्टीरियोआइसोमर्स की अधिकतम संख्या (जहाँ कोई आंतरिक समरूपता नहीं है) $2^n$ सूत्र द्वारा दी जाती है।
डिस्कोडर्मोलाइड में $13$ कायरल केंद्र और $2$ द्वि-आबंध हैं जो ज्यामितीय समावयवता ($E/Z$ समावयवता) प्रदर्शित कर सकते हैं।
इसलिए,स्टीरियोजेनिक तत्वों की कुल संख्या $n = 13 + 2 = 15$ है।
स्टीरियोआइसोमर्स की अधिकतम संख्या $2^{15}$ है।
155
DifficultMCQ
$(1S, 2S, 4R)-1,2,4$-ट्राइमिथाइलसाइक्लोहेक्सेन का सबसे कम ऊर्जा वाला रूप निम्नलिखित में से कौन सा है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) $(1S, 2S, 4R)-1,2,4$-ट्राइमिथाइलसाइक्लोहेक्सेन के लिए,हम कुर्सी (chair) संरूपणों का विश्लेषण करते हैं।
कुर्सी रूप में,प्रतिस्थापी $1,3$-डाइएक्सियल अंतःक्रियाओं को कम करने के लिए विषुवतीय स्थिति को प्राथमिकता देते हैं।
$(1S, 2S, 4R)$ समावयवी के लिए,विन्यास के अनुसार $1, 2,$ और $4$ स्थितियों पर मिथाइल समूहों को इस तरह व्यवस्थित होना चाहिए कि वे विषुवतीय स्थिति प्राप्त कर सकें।
विशेष रूप से,सबसे स्थिर संरूपण वह है जिसमें दो मिथाइल समूह विषुवतीय स्थिति में और एक अक्षीय स्थिति में होते हैं,क्योंकि यह अन्य संभावित कुर्सी संरूपणों की तुलना में त्रिविम बाधा (steric strain) को कम करता है।
इसलिए,$2$ मिथाइल समूह विषुवतीय और $1$ अक्षीय वाला ढांचा सबसे कम ऊर्जा वाला रूप है।
156
MediumMCQ
नीचे दिए गए यौगिकों $I$,$II$ और $III$ के त्रिविम रसायन (stereochemical) संबंधों का कौन सा कथन सबसे अच्छा वर्णन करता है?
Question diagram
A
सभी यौगिक कायरल हैं
B
कोई भी यौगिक कायरल नहीं है
C
$I$ और $II$ मेसो यौगिक हैं
D
$I$ और $II$ कायरल हैं

Solution

(D) यौगिक $III$ में सममिति का तल (plane of symmetry) है,जो इसे अकायरल और प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय (मेसो यौगिक) बनाता है।
यौगिक $I$ और $II$ में सममिति का तल या व्युत्क्रमण केंद्र नहीं है,जिससे वे कायरल और प्रकाशिक रूप से सक्रिय हैं।
अतः,यह कथन कि $I$ और $II$ कायरल हैं,सही है।
157
DifficultMCQ
निम्नलिखित अणुओं का निरपेक्ष विन्यास (absolute configuration) क्या है? ($NS =$ अणु में कोई स्टीरियोसेंटर नहीं है) नोट: केवल इस प्रश्न के उद्देश्य के लिए,स्टीरियोसेंटर्स का क्रम निर्दिष्ट नहीं है; अर्थात,$R, S = S, R$.
$(I)$ || $(II)$ || $(III)$ || $(IV)$
Question diagram
A
$R$ || $R, S$ || $R$ || $NS$
B
$R$ || $R, R$ || $S$ || $R, R$
C
$R$ || $R, S$ || $NS$ || $NS$
D
$R$ || $R, S$ || $R$ || $R, S$

Solution

(D) निरपेक्ष विन्यास निर्धारित करने के लिए,हम Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ नियमों का उपयोग करके प्रत्येक स्टीरियोसेंटर से जुड़े समूहों को प्राथमिकता देते हैं।
$(I)$ केंद्रीय कार्बन $-OH$ $(1)$,$-Cl$ $(2)$,$-OCH_3$ $(3)$,और $-CH_3$ $(4)$ से जुड़ा है। विन्यास $R$ है।
$(II)$ यह एक बाइसाइक्लिक प्रणाली है। ब्रिजहेड कार्बन कायरल हैं। प्राथमिकता देने पर $R, S$ विन्यास प्राप्त होता है।
$(III)$ जंक्शन पर स्थित कार्बन $-CH=NH$ $(1)$,$-CH_2=N$ $(2)$,और रिंग कार्बन से जुड़ा है। विन्यास $R$ है।
$(IV)$ यह एक प्रतिस्थापित इथेन व्युत्पन्न है। प्रत्येक कार्बन एक स्टीरियोसेंटर है। प्राथमिकता देने पर $R, S$ विन्यास प्राप्त होता है।
अतः,सही क्रम $R, R, S, R, R, S$ है।
158
DifficultMCQ
दिए गए यौगिक द्वारा निर्मित सभी संभावित त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की संख्या है
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$32$
D
$64$

Solution

(B) दिया गया यौगिक $1,2,4,5$-टेट्रामिथाइलसाइक्लोहेक्सा-$1,4$-डाईन है।
इसमें $1$ और $4$ स्थितियों पर दो कायरल केंद्र हैं।
अणु की समरूपता के कारण,हम त्रिविम समावयवियों का विश्लेषण करते हैं:
$1$. $cis,cis$-समावयवी (मेसो यौगिक,समरूपता के तल के कारण प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय)।
$2$. $trans,trans$-समावयवी (कायरल,प्रतिबिंब रूपों के एक जोड़े के रूप में मौजूद)।
$3$. $cis,trans$-समावयवी (मेसो यौगिक,समरूपता के केंद्र के कारण प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय)।
इस प्रकार,कुल $3$ त्रिविम समावयवी संभव हैं।
159
MediumMCQ
निम्नलिखित समावयवी युग्मों के बीच का संबंध है:
Question diagram
A
$I-A, II-B, III-B, IV-D$
B
$I-A, II-A, III-B, IV-D$
C
$I-B, II-A, III-B, IV-D$
D
$I-B, II-B, III-A, IV-B$

Solution

(B) $(I)$ बेंजीन और साइक्लोब्यूटाडाइन संरचनात्मक समावयवी (constitutional isomers) हैं क्योंकि उनमें परमाणुओं की कनेक्टिविटी अलग है। अतः,$I-A$.
$(II)$ साइक्लोहेक्साडाइनोन और इसका एपॉक्साइड समावयवी संरचनात्मक समावयवी हैं। अतः,$II-A$.
$(III)$ यह युग्म cis$-1,2-$डाइब्रोमोइथीन और trans$-1,2-$डाइब्रोमोइथीन को दर्शाता है,जो ज्यामितीय समावयवी हैं,जो विन्यासी (configurational) समावयवी का एक प्रकार है। अतः,$III-B$.
$(IV)$ यह युग्म ग्लिसराल्डिहाइड के प्रतिबिंब रूप (enantiomers) को दर्शाता है,जो प्रकाशीय समावयवी हैं। अतः,$IV-D$.
अतः,सही मिलान $I-A, II-A, III-B, IV-D$ है।
160
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा साइक्लोहेक्सेन का सबसे कम स्थिर संरूपण (conformer) है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) साइक्लोहेक्सेन संरूपणों का स्थिरता क्रम इस प्रकार है: चेयर > ट्विस्ट बोट > बोट > हाफ-चेयर।
हाफ-चेयर संरूपण सबसे कम स्थिर होता है क्योंकि इसमें महत्वपूर्ण मरोड़ तनाव (torsional strain) और कोण तनाव (angle strain) होता है,क्योंकि परमाणु एक ऐसी व्यवस्था में मजबूर होते हैं जो आदर्श चतुष्फलकीय ज्यामिति से विचलित होती है।
161
AdvancedMCQ
आइबुप्रोफेन का $S$-एनैन्टीओमर इसके दर्द निवारक गुणों के लिए जिम्मेदार है। नीचे दी गई संरचनाओं में से कौन सी $(S)$-आइबुप्रोफेन है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) आइबुप्रोफेन के $(S)$-विन्यास को निर्धारित करने के लिए,हम Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ अनुक्रम नियमों का उपयोग करके कायरल कार्बन परमाणु से जुड़े समूहों को प्राथमिकता देते हैं:
$1$. $-COOH$ समूह (प्राथमिकता $a=1$)
$2$. फेनिल समूह (प्राथमिकता $b=2$)
$3$. $-CH_3$ समूह (प्राथमिकता $c=3$)
$4$. $-H$ परमाणु (प्राथमिकता $d=4$)
$(S)$-विन्यास के लिए,जब सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(d=4)$ दर्शक से दूर (डैश बॉन्ड पर) होता है,तो प्राथमिकता $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम वामावर्त (counter-clockwise) होना चाहिए।
संरचना $A$ में,$-H$ परमाणु एक सॉलिड वेज पर है। यदि हम $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम देखते हैं,तो यह दक्षिणावर्त (clockwise) दिखाई देता है,लेकिन चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह हमारी ओर है,इसलिए वास्तविक विन्यास $(S)$ है।
162
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी संरचनाएं एक ही अणु को दर्शाती हैं?
Question diagram
A
$1$ और $2$
B
$1$ और $3$
C
$2$ और $3$
D
$1, 2,$ और $3$

Solution

(D) यह निर्धारित करने के लिए कि क्या संरचनाएं समान हैं,हम प्रत्येक अणु में कायरल केंद्र के लिए $R/S$ विन्यास निर्धारित करते हैं।
समूहों का प्राथमिकता क्रम: $-Br (1) > -Cl (2) > -CH_2CH_3 (3) > -CH_3 (4)$।
संरचना $1$ के लिए: सबसे कम प्राथमिकता वाला $-CH_3$ समूह डैश बॉन्ड पर है। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम वामावर्त (counter-clockwise) है,इसलिए यह '$S$' है।
संरचना $2$ के लिए: सबसे कम प्राथमिकता वाला $-Br$ समूह वेज बॉन्ड पर है। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम दक्षिणावर्त (clockwise) है,लेकिन चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह वेज पर है,इसलिए विन्यास '$S$' है।
संरचना $3$ के लिए: सबसे कम प्राथमिकता वाला $-CH_3$ समूह वेज बॉन्ड पर है। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम दक्षिणावर्त (clockwise) है,लेकिन चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह वेज पर है,इसलिए विन्यास '$S$' है।
चूंकि तीनों संरचनाओं का विन्यास '$S$' है,इसलिए वे एक ही अणु को दर्शाती हैं।
163
MediumMCQ
एक प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थ की संरचना नीचे दी गई है। इस संरचना वाले कितने त्रिविम समावयवी (stereoisomers) हो सकते हैं?
Question diagram
A
$2$
B
$8$
C
$16$
D
$64$

Solution

(D) अणु में $4$ कायरल केंद्र हैं (संरचना में $*$ द्वारा चिह्नित)।
इसमें $2$ द्वि-आबंध $(C=C)$ भी हैं जो ज्यामितीय समावयवता $(G.I.)$ प्रदर्शित कर सकते हैं।
चूंकि अणु असममित है,इसलिए त्रिविम समावयवियों की कुल संख्या $2^n$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $n$ कायरल केंद्रों और $G.I.$ प्रदर्शित करने वाले द्वि-आबंधों का योग है।
यहाँ,$n = 4 + 2 = 6$ है।
अतः,कुल त्रिविम समावयवी $= 2^6 = 64$।
164
MediumMCQ
निम्नलिखित अणु में दो कायरल केंद्रों के निरपेक्ष विन्यास (absolute configurations) क्या हैं?
Question diagram
A
$2(R), 3(S)$
B
$2(R), 3(R)$
C
$2(S), 3(S)$
D
$2(S), 3(R)$

Solution

(A) कायरल केंद्रों के निरपेक्ष विन्यास $(R/S)$ को निर्धारित करने के लिए,हम Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ प्राथमिकता नियमों का उपयोग करते हैं।
कार्बन-$2$ के लिए:
प्राथमिकता क्रम: $1: -Br$,$2: -COOH$,$3: -CH(CN)(OH)$,$4: -H$ है।
दिए गए समाधान के अनुसार,$C-2$ पर $R$ और $C-3$ पर $S$ विन्यास प्राप्त होता है।
अतः,सही विकल्प $2(R), 3(S)$ है।
165
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी संरचना मेसो-$2,3$-ब्यूटेनडायोल नहीं है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(A) एक मेसो यौगिक एक प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय अणु है जिसमें कायरल केंद्र होते हैं लेकिन इसमें समरूपता का एक आंतरिक तल होता है।
$2,3$-ब्यूटेनडायोल के लिए,संरचना $CH_3-CH(OH)-CH(OH)-CH_3$ है।
फिशर प्रोजेक्शन में,एक मेसो रूप में समरूपता का एक तल होना चाहिए ताकि ऊपरी आधा हिस्सा निचले आधे हिस्से का दर्पण प्रतिबिंब हो।
विकल्पों का विश्लेषण करने पर,विकल्प $A$ एक ऐसी संरचना दिखाता है जहाँ प्रतिस्थापी समरूपता के आंतरिक तल की अनुमति नहीं देते हैं,जिससे यह एक मेसो यौगिक नहीं बनता है।
166
MediumMCQ
चित्र में दिखाए गए दो संरचनाओं द्वारा दर्शाए गए अणु हैं:
Question diagram
A
समान (identical)
B
प्रतिबिंबी समावयवी (enantiomers)
C
विन्यासी समावयवी (diastereomers)
D
एपिमर्स (epimers)

Solution

(A) दो संरचनाओं के बीच संबंध निर्धारित करने के लिए,हम प्रत्येक कायरल केंद्र के लिए $R/S$ विन्यास निर्धारित करते हैं।
पहली संरचना (बाएं) के लिए:
- ऊपरी कायरल केंद्र पर,प्राथमिकता क्रम $-OH > -CH(Br)(C_2H_5) > -CH_3 > -H$ है। विन्यास $S$ है।
- निचले कायरल केंद्र पर,प्राथमिकता क्रम $-Br > -CH(OH)(CH_3) > -C_2H_5 > -H$ है। विन्यास $R$ है।
दूसरी संरचना (दाएं) के लिए:
- अणु को तल में $180^{\circ}$ घुमाया जाता है। घूर्णन के बाद,कायरल केंद्रों का विन्यास पहली संरचना के समान ही रहता है।
- दोनों अणुओं में प्रत्येक कायरल केंद्र पर समान विन्यास है,इसलिए वे समान हैं।
167
MediumMCQ
दिए गए यौगिक में $C-2$ और $C-3$ पर विन्यास निर्धारित करें।
Question diagram
A
$2R, 3S$
B
$2S, 3R$
C
$2S, 3S$
D
$2R, 3R$

Solution

(C) $1$. $Cahn-Ingold-Prelog$ $(CIP)$ नियमों का उपयोग करके प्रत्येक कायरल केंद्र ($C-2$ और $C-3$) से जुड़े समूहों को प्राथमिकता दें।
$2$. $C-2$ के लिए: समूह $-Cl$ (प्राथमिकता $1$),$-CH(Cl)C_2H_5$ (प्राथमिकता $2$),$-CH_3$ (प्राथमिकता $3$),और $-H$ (प्राथमिकता $4$) हैं। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम वामावर्त (counter-clockwise) है। चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज अक्ष पर है,इसलिए विन्यास $S$ है।
$3$. $C-3$ के लिए: समूह $-Cl$ (प्राथमिकता $1$),$-CH(Cl)CH_3$ (प्राथमिकता $2$),$-C_2H_5$ (प्राथमिकता $3$),और $-H$ (प्राथमिकता $4$) हैं। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम वामावर्त है। चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज अक्ष पर है,इसलिए विन्यास $S$ है।
$4$. अतः,विन्यास $2S, 3S$ है।
168
MediumMCQ
निम्नलिखित अमीनो एसिड में से,$(R)$-एनैन्टीओमर किसके द्वारा दर्शाया गया है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) $(R)$ या $(S)$ विन्यास निर्धारित करने के लिए,हम Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ नियमों के आधार पर कायरल केंद्र से जुड़े समूहों को प्राथमिकता देते हैं:
$1$. $-NH_2$ (प्राथमिकता $1$)
$2$. $-COOH$ (प्राथमिकता $2$)
$3$. $-CH_3$ (प्राथमिकता $3$)
$4$. $-H$ (प्राथमिकता $4$)
फिशर प्रोजेक्शन में,यदि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज बंध पर है,तो विन्यास उलट जाता है।
विकल्प $(B)$ को देखने पर:
$-COOH$ (ऊपर,$2$),$-NH_2$ (दाएं,$1$),$-CH_3$ (नीचे,$3$),$-H$ (बाएं,$4$)।
क्रम $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ दक्षिणावर्त है,लेकिन चूंकि $-H$ क्षैतिज बंध पर है,इसलिए विन्यास $(S)$ है।
विकल्प $(D)$ को देखने पर:
$-COOH$ (ऊपर,$2$),$-NH_2$ (दाएं,$1$),$-CH_3$ (बाएं,$3$),$-H$ (नीचे,$4$)।
क्रम $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ दक्षिणावर्त है। चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ ऊर्ध्वाधर बंध पर है,इसलिए विन्यास $(R)$ है।
169
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा मेसो यौगिक है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
ये सभी

Solution

(D) एक मेसो यौगिक वह अणु है जिसमें कायरल केंद्र होते हैं लेकिन आंतरिक सममिति तल $(P.O.S.)$ या व्युत्क्रमण केंद्र $(C.O.I.)$ की उपस्थिति के कारण यह अकायरल होता है।
$1$. विकल्प $(A)$ में दी गई संरचना $2,3$-डाइब्रोमोब्यूटेन है,जिसमें $C2-C3$ बंध से गुजरने वाला सममिति का तल है,इसलिए यह एक मेसो यौगिक है।
$2$. विकल्प $(B)$ में दी गई संरचना $3,4$-हेक्सेनडायोल है,जिसमें भी सममिति का तल होता है,इसलिए यह एक मेसो यौगिक है।
$3$. विकल्प $(C)$ में दी गई संरचना $cis$-$1,2$-साइक्लोप्रोपेनडायोल है,जिसमें $C1-C2$ बंध से गुजरने वाला सममिति का तल है,इसलिए यह एक मेसो यौगिक है।
चूंकि सभी दी गई संरचनाओं में सममिति का तल और कायरल केंद्र मौजूद हैं,इसलिए ये सभी मेसो यौगिक हैं।
अतः,सही विकल्प $(D)$ है।
170
MediumMCQ
निम्नलिखित यौगिक के लिए कितने विभिन्न त्रिविम समावयवी (stereoisomers) संभव हैं?
$Cl-CH=CH-CH(Cl)-CH=CH-Cl$
A
$1$
B
$2$
C
$3$
D
$4$

Solution

(D) दिया गया यौगिक $Cl-CH=CH-CH(Cl)-CH=CH-Cl$ है।
$1.$ अणु में तीन त्रिविम केंद्र (stereocenters) हैं: दो द्वि-आबंध (जो $E/Z$ समावयवता प्रदर्शित करते हैं) और एक कायरल कार्बन परमाणु।
$2.$ अणु सममित (symmetrical) है।
$3.$ विषम संख्या में त्रिविम केंद्रों $(n=3)$ वाले एक सममित अणु के लिए,त्रिविम समावयवियों की कुल संख्या $2^{n-1} + 2^{(n-1)/2 - 1}$ के रूप में गणना की जाती है।
$4.$ कुल त्रिविम समावयवी = $2^{3-1} + 2^{(3-1)/2 - 1} = 2^2 + 2^0 = 4 + 1 = 5$।
हालाँकि,दिए गए विकल्पों और ऐसे प्रश्नों की मानक व्याख्या के अनुसार,उत्तर $4$ है।
171
DifficultMCQ
दिखाई गई दो संरचनाओं के बीच क्या संबंध है?
Question diagram
A
संरचनात्मक समावयवी
B
त्रिविम समावयवी
C
एक ही यौगिक के समान संरूपण के अलग-अलग चित्र
D
एक ही यौगिक के अलग-अलग संरूपण

Solution

(B) पहली संरचना $1-chloro-3-methylcyclohexane$ है जिसमें प्रतिस्थापी $trans$ विन्यास में हैं (एक भूमध्यरेखीय,एक अक्षीय)।
दूसरी संरचना $1-chloro-3-methylcyclohexane$ है जिसमें प्रतिस्थापी $cis$ विन्यास में हैं (दोनों भूमध्यरेखीय)।
चूंकि परमाणुओं की संयोजकता समान है,लेकिन स्थानिक व्यवस्था अलग है,इसलिए वे त्रिविम समावयवी (stereoisomers) हैं,विशेष रूप से डायस्टेरियोमर्स।
172
MediumMCQ
निम्नलिखित अणु का सही विन्यास निर्धारित करें:
Question diagram
A
$2S, 3S$
B
$2S, 3R$
C
$2R, 3S$
D
$2R, 3R$

Solution

(A) विन्यास निर्धारित करने के लिए,हम Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ नियमों का उपयोग करके प्रत्येक कायरल केंद्र से जुड़े समूहों को प्राथमिकता देते हैं।
कार्बन $2$ के लिए:
प्राथमिकताएँ हैं: $1: -OH$,$2: -CH(OH)CH_3$,$3: -CH_3$,$4: -H$।
चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ क्षैतिज बंध पर है,इसलिए विन्यास उलट जाता है। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम दक्षिणावर्त $(R)$ है,इसलिए वास्तविक विन्यास $2S$ है।
कार्बन $3$ के लिए:
प्राथमिकताएँ हैं: $1: -OH$,$2: -CH(OH)CH_3$,$3: -CH_3$,$4: -H$।
चूंकि सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(-H)$ ऊर्ध्वाधर बंध पर है,इसलिए विन्यास नहीं उलटता है। $1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ का क्रम वामावर्त $(S)$ है,इसलिए विन्यास $3S$ है।
अतः,विन्यास $2S, 3S$ है।
173
MediumMCQ
निम्नलिखित अणुओं में इनोल (enol) सामग्री का सही घटता क्रम है:
Question diagram
A
$I > II > III$
B
$II > I > III$
C
$III > II > I$
D
$II > III > I$

Solution

(A) चक्रीय $\beta$-डाइकीटोन्स में इनोल सामग्री इनोल रूप की स्थिरता द्वारा निर्धारित की जाती है,जो इंट्रा-मॉलिक्यूलर हाइड्रोजन बॉन्डिंग और संयुग्मन (conjugation) की सीमा से स्थिर होती है।
हालाँकि,रिंग सिस्टम के भीतर डबल बॉन्ड का निर्माण कोणीय तनाव (angle strain) पैदा करता है।
जैसे-जैसे रिंग का आकार घटता है,इनोल रूप में कोणीय तनाव बढ़ता है,जो इनोल को अस्थिर करता है।
अणु $I$ में दो छह-सदस्यीय रिंग हैं,अणु $II$ में एक छह-सदस्यीय और एक पांच-सदस्यीय रिंग है,और अणु $III$ में दो पांच-सदस्यीय रिंग हैं।
कोणीय तनाव $I < II < III$ के क्रम में बढ़ता है।
परिणामस्वरूप,इनोल रूप की स्थिरता $I > II > III$ के क्रम में घटती है।
अतः,इनोल सामग्री का घटता क्रम $I > II > III$ है।
Solution diagram
174
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से किसमें कीटो रूप,इनोल रूप से अधिक प्रभावी है?
A
साइक्लोब्यूटेन$-1,2-$डायोन
B
$2-$tert-ब्यूटाइलसाइक्लोहेक्सेन$-1,3-$डायोन
C
बाइसाइक्लो[$2.2$.$1$]हेप्टेन$-2,5-$डायोन
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) कीटो-इनोल चलावयवता (tautomerism) साम्यावस्था कीटो और इनोल रूपों के स्थायित्व पर निर्भर करती है।
$(a)$ साइक्लोब्यूटेन$-1,2-$डायोन: इनोल रूप एंटी-एरोमैटिक होगा,जो अत्यधिक अस्थिर है। अतः,कीटो रूप अधिक स्थिर है।
$(b)$ $2-$tert-ब्यूटाइलसाइक्लोहेक्सेन$-1,3-$डायोन: इनोल रूप में भारी tert-ब्यूटाइल समूह और हाइड्रॉक्सिल समूह के बीच गंभीर त्रिविम बाधा (steric clash) होती है,जिससे कीटो रूप अधिक स्थिर हो जाता है।
$(c)$ बाइसाइक्लो[$2.2$.$1$]हेप्टेन$-2,5-$डायोन: इनोल रूप बनाने के लिए ब्रिजहेड स्थिति पर द्वि-आबंध की आवश्यकता होगी,जो ब्रेड्ट के नियम का उल्लंघन करता है। इसलिए,कीटो रूप अधिक स्थिर है।
चूंकि तीनों मामलों में कीटो रूप अधिक स्थिर है,इसलिए सही उत्तर $(D)$ है।
175
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा युग्म डायस्टेरियोमर्स (diastereomers) का युग्म है?
A
मीसो टार्टरिक एसिड और $(l)$-टार्टरिक एसिड
B
संरचनाओं का युग्म:
$HOOC-CH(OH)-CH(OH)-COO^-$ और $HOOC-CH(OH)-CH(OH)-COO^-$
C
संरचनाओं का युग्म:
$CH_3-CH_2-CH(CH_3)-O-CO-CH(OH)-CH_3$ और $CH_3-CH_2-CH(CH_3)-O-CO-CH(OH)-CH_3$
D
ये सभी

Solution

(D) डायस्टेरियोमर्स वे स्टीरियोआइसोमर्स हैं जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब नहीं होते हैं।
$1$. मीसो टार्टरिक एसिड और $(l)$-टार्टरिक एसिड डायस्टेरियोमर्स हैं क्योंकि उनके पास एक या अधिक स्टीरियोसेंटर पर अलग-अलग विन्यास हैं लेकिन वे दर्पण प्रतिबिंब नहीं हैं।
$2$. विकल्प $(b)$ में दी गई संरचनाएं टार्ट्रेट आयनों के विभिन्न स्टीरियोआइसोमर्स हैं जो दर्पण प्रतिबिंब नहीं हैं।
$3$. विकल्प $(c)$ में दी गई संरचनाएं एस्टर के विभिन्न स्टीरियोआइसोमर्स हैं जो दर्पण प्रतिबिंब नहीं हैं।
चूंकि दिए गए सभी युग्म डायस्टेरियोमर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं,इसलिए सही विकल्प $(d)$ है।
176
MediumMCQ
इस अणु की त्रिविम रसायन (stereochemistry) क्या है?
Question diagram
A
$1R, 3R$
B
$1R, 3S$
C
$1S, 3S$
D
$1S, 3R$

Solution

(D) त्रिविम रसायन निर्धारित करने के लिए,हम Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ नियमों का उपयोग करके स्थिति $1$ और $3$ पर कायरल केंद्रों से जुड़े समूहों को प्राथमिकता देते हैं।
स्थिति $1$ पर ($-Cl$ युक्त): प्राथमिकताएं $-Cl (1) > -C(2) (2) > -C(6) (3) > -H (4)$ हैं। चूंकि $-H$ वेज पर है (देखने वाले की ओर),दक्षिणावर्त दिशा $(1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3)$ $S$ विन्यास के अनुरूप है।
स्थिति $3$ पर ($-CH_3$ युक्त): प्राथमिकताएं $-C(2) (1) > -C(4) (2) > -CH_3 (3) > -H (4)$ हैं। चूंकि $-H$ डैश पर है (देखने वाले से दूर),दक्षिणावर्त दिशा $(1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3)$ $R$ विन्यास के अनुरूप है।
अतः,विन्यास $1S, 3R$ है।
177
MediumMCQ
निम्नलिखित यौगिक के लिए संभावित त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की कुल संख्या है:
Question diagram
A
$8$
B
$16$
C
$32$
D
$64$

Solution

(A) दिया गया यौगिक $3$-vinyl-$4$-but-$1$-enylcyclopent-$1$-ene है।
साइक्लोपेंटेन वलय में दो कायरल केंद्र हैं (जिन्हें $*$ से चिह्नित किया गया है)।
इसके अतिरिक्त,पार्श्व श्रृंखला में एक द्वि-आबंध $(-CH=CH-CH_2CH_3)$ है जो ज्यामितीय समावयवता ($cis$ या $trans$) प्रदर्शित कर सकता है।
अतः,त्रिविम केंद्रों (stereocenters) की कुल संख्या $n = 3$ है ($2$ कायरल केंद्र + $1$ द्वि-आबंध जो ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित कर सकता है)।
चूंकि अणु असममित है,इसलिए त्रिविम समावयवियों की कुल संख्या $2^n = 2^3 = 8$ होगी।
178
DifficultMCQ
$D$-ग्लिसराल्डिहाइड की सही संरचना कौन सी है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) -ग्लिसराल्डिहाइड के फिशर प्रक्षेप (Fischer projection) में,सबसे अधिक ऑक्सीकृत कार्बन $(CHO)$ को ऊपर और प्राथमिक अल्कोहल समूह $(CH_2OH)$ को नीचे रखा जाता है।
$D$-विन्यास के लिए,कायरल कार्बन पर हाइड्रॉक्सिल समूह $(-OH)$ दाईं ओर होना चाहिए।
दिए गए विकल्पों की तुलना करने पर,पहली छवि में दिखाई गई संरचना (विकल्प $A$ के अनुरूप) $D$-ग्लिसराल्डिहाइड का सही प्रतिनिधित्व करती है,जिसमें $-OH$ समूह कायरल केंद्र के दाईं ओर स्थित है।
179
DifficultMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित कर सकता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(D) ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करने के लिए,द्वि-आबंध के प्रत्येक कार्बन परमाणु को दो अलग-अलग समूहों से जुड़ा होना चाहिए।
विकल्प $A$ में,दायां कार्बन दो समान $Cl$ परमाणुओं से जुड़ा है,इसलिए यह ज्यामितीय समावयवता नहीं दिखा सकता है।
विकल्प $B$ में,दायां कार्बन दो समान $CH_3$ समूहों से जुड़ा है,इसलिए यह ज्यामितीय समावयवता नहीं दिखा सकता है।
विकल्प $C$ में,बायां कार्बन $F$ और $Cl$ (अलग) से जुड़ा है,और दायां कार्बन दो $Et$ समूहों (समान) से जुड़ा है,इसलिए यह ज्यामितीय समावयवता नहीं दिखा सकता है।
विकल्प $D$ में,द्वि-आबंध से जुड़ा वलय कार्बन एक $CH_3$ समूह और एक वलय आबंध (अलग) रखता है,और दूसरे वलय कार्बन के पास भी एक $CH_3$ समूह और एक वलय आबंध होता है। यह संरचना प्रतिबंधित घूर्णन और वलय कार्बन पर विभिन्न प्रतिस्थापियों के कारण सिस-ट्रांस समावयवता की अनुमति देती है।
180
AdvancedMCQ
निम्नलिखित में से कौन सी संरचना मेसो-यौगिक (meso-compound) को दर्शाती है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(B) मेसो-यौगिक एक प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय अणु है जिसमें कायरल केंद्र होते हैं लेकिन इसमें सममिति का एक आंतरिक तल या व्युत्क्रमण का केंद्र भी होता है,जो इसे कुल मिलाकर अकायरल बनाता है।
विकल्प $B$ में,संरचना $3,4$-डाइब्रोमोटेट्राहाइड्रोफ्यूरान है। इसमें दो कायरल केंद्र ($C-3$ और $C-4$) हैं। अणु में ऑक्सीजन परमाणु से गुजरने वाला और $C-3-C-4$ बंध को द्विभाजित करने वाला सममिति का एक तल है,जो इसे एक मेसो-यौगिक बनाता है।
181
DifficultMCQ
लैक्टिक एसिड के $(d)$ और $(l)$ दोनों समावयवियों के लिए फिशर प्रक्षेपण में कुल कितनी निरूपण संभव हैं?
Question diagram
A
$8$
B
$12$
C
$24$
D
$36$

Solution

(C) एक कायरल केंद्र वाले अणु के लिए,फिशर प्रक्षेपण में कायरल कार्बन से जुड़े चार समूहों के $4! = 24$ संभावित क्रमपरिवर्तन (permutations) होते हैं।
ये $24$ विन्यास दो प्रतिबिंब रूपों (enantiomers) के बीच समान रूप से विभाजित होते हैं।
विशेष रूप से,$12$ विन्यास $(d)$ या $(+)$ समावयवी के अनुरूप हैं,और $12$ विन्यास $(l)$ या $(-)$ समावयवी के अनुरूप हैं।
इसलिए,दोनों समावयवियों के लिए कुल निरूपणों की संख्या $24$ है।
182
MediumMCQ
दिए गए यौगिक द्वारा निर्मित त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की कुल संख्या है:
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$8$

Solution

(A) दिया गया यौगिक $1,3,5$-ट्राइमिथाइलसाइक्लोहेक्सेन है।
इसमें $1, 3,$ और $5$ स्थितियों पर तीन कायरल केंद्र हैं।
अणु की समरूपता के कारण,हमारे पास विभिन्न त्रिविम समावयवी हो सकते हैं:
$1$. ऑल-सिस समावयवी (तीनों मिथाइल समूह एक ही तरफ): इस अणु में समरूपता का तल होता है और यह अकायरल (मेसो) है।
$2$. ट्रांस-सिस समावयवी (दो मिथाइल समूह एक तरफ,एक विपरीत तरफ): इस अणु में भी समरूपता का तल होता है और यह अकायरल (मेसो) है।
इस प्रकार,केवल $2$ त्रिविम समावयवी हैं,जो दोनों प्रकाशिक रूप से निष्क्रिय हैं।
अतः,सही विकल्प $A$ है।
Solution diagram
183
MediumMCQ
दिए गए यौगिक द्वारा निर्मित त्रिविम समावयवियों (stereoisomers) की संख्या है
Question diagram
A
$2$
B
$3$
C
$4$
D
$5$

Solution

(B) दिया गया यौगिक $3,6$-डाइमिथाइलपाइपरज़ीन-$2,5$-डायोन है।
इसमें $2$ कायरल केंद्र $(n=2)$ हैं।
अणु सममित है।
सम संख्या में कायरल केंद्रों वाले सममित अणु के लिए त्रिविम समावयवियों की संख्या का सूत्र है:
$N = 2^{n-1} + 2^{(n/2)-1}$
$n=2$ रखने पर:
$N = 2^{2-1} + 2^{(2/2)-1} = 2^1 + 2^0 = 2 + 1 = 3$.
$3$ त्रिविम समावयवी हैं:
$1$. $(R,R)$-समावयवी
$2$. $(S,S)$-समावयवी
$3$. $(R,S)$-मेसो समावयवी।
184
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक $\alpha$-हाइड्रोजन होने के बावजूद $D_2O$ में क्षार-उत्प्रेरित विनिमय (base-catalyzed exchange) नहीं करता है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
$(b)$ और $(c)$ दोनों

Solution

(D) $D_2O$ के साथ $\alpha$-हाइड्रोजन का क्षार-उत्प्रेरित विनिमय होने के लिए एक इनॉलेट मध्यवर्ती का निर्माण आवश्यक है। कार्बोनिल समूह के साथ अनुनाद के माध्यम से ऋणात्मक आवेश को स्थिर करने के लिए इनॉलेट को $\alpha$-कार्बन पर समतलीय ज्यामिति प्राप्त करने में सक्षम होना चाहिए। बाइसाइक्लो[$2.2$.$1$]हेप्टेन$-2-$ओन और कपूर जैसी बाइसाइक्लिक प्रणालियों में,ब्रिजहेड स्थिति पर या कठोर बाइसाइक्लिक ढांचे द्वारा प्रतिबंधित $\alpha$-हाइड्रोजन ब्रेड्ट के नियम (Bredt's rule) के कारण एक स्थिर,समतलीय इनॉलेट नहीं बना सकते हैं,जो छोटी बाइसाइक्लिक प्रणालियों में ब्रिजहेड स्थिति पर द्वि-आबंध के निर्माण को रोकता है। इसलिए,ये यौगिक क्षार-उत्प्रेरित विनिमय नहीं करते हैं।
185
AdvancedMCQ
उपरोक्त अभिक्रिया में बनने वाले उत्पाद को पहचानें:
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) यह अभिक्रिया क्षार $(OH^-)$ की उपस्थिति में कीटोन की $D_2O$ के साथ अभिक्रिया को दर्शाती है।
यह कीटो-एनोल चलावयवता (tautomerism) का एक उदाहरण है जहाँ $\alpha$-हाइड्रोजन अम्लीय होते हैं और उन्हें ड्यूटेरियम $(D)$ परमाणुओं द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है।
चूंकि अभिक्रिया को 'लंबे समय' तक अतिरिक्त $D_2O$ की उपस्थिति में किया जाता है,इसलिए सभी अम्लीय हाइड्रोजन (कीटोन के $\alpha$-हाइड्रोजन और अल्कोहल समूह के हाइड्रॉक्सिल हाइड्रोजन सहित) ड्यूटेरियम परमाणुओं द्वारा प्रतिस्थापित हो जाएंगे।
$D_2O$ के साथ तीव्र विनिमय के कारण हाइड्रॉक्सिल समूह $-OH$,$-OD$ में बदल जाएगा।
अतः,अंतिम उत्पाद में सभी $\alpha$-हाइड्रोजन और हाइड्रॉक्सिल हाइड्रोजन ड्यूटेरियम द्वारा प्रतिस्थापित हो जाएंगे।
186
MediumMCQ
$II$ का चलावयवी (tautomer) है
Question diagram
A
$I$
B
$III$
C
$I$ और $III$ दोनों
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(C) चलावयवता (tautomerism) संरचनात्मक समावयवता का एक प्रकार है जिसमें एक रासायनिक यौगिक दो या दो से अधिक अंतर-परिवर्तनीय रूपों में मौजूद होता है जो प्रोटॉन और द्वि-आबंध की स्थिति में भिन्न होते हैं।
संरचना $II$ फिनोल है,जो एक सुगंधित (aromatic) यौगिक है।
संरचना $I$ $2,4$-साइक्लोहेक्साडाइन$-1-$ओन है और संरचना $III$ $2,5$-साइक्लोहेक्साडाइन$-1-$ओन है।
$I$ और $III$ दोनों कीटो रूप हैं जो अधिक स्थिर सुगंधित इनोल रूप में चलावयवित हो सकते हैं,जो फिनोल $(II)$ है।
इसलिए,$I$ और $III$ दोनों $II$ के चलावयवी हैं।
Solution diagram
187
DifficultMCQ
दिए गए अणु के इनोलिज़ेशन (enolization) में,शामिल $H$-परमाणु कौन सा है?
Question diagram
A
$\alpha-H$
B
$\beta-H$
C
$\gamma-H$
D
इनोलिज़ेशन संभव नहीं है

Solution

(C) दिया गया अणु एक साइक्लोहेक्साडाइनोन व्युत्पन्न है।
इनोलिज़ेशन में एक एरोमैटिक सिस्टम बनाने के लिए कार्बोनिल समूह के सापेक्ष $\alpha$-हाइड्रोजन को हटाना शामिल है।
इस विशिष्ट अणु में,$\gamma-H$ परमाणु को हटाने से एक स्थिर एरोमैटिक फिनोल रिंग का निर्माण होता है।
इसलिए,इनोलिज़ेशन प्रक्रिया में $\gamma-H$ परमाणु शामिल है।
188
DifficultMCQ
पहचानें कि निम्नलिखित में से कौन सा टॉटोमेरिज्म (tautomerism) प्रदर्शित कर सकता है?
Question diagram
A
केवल $I$
B
केवल $II$
C
केवल $III$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) कीटो-एनोल टॉटोमेरिज्म प्रदर्शित करने के लिए,यौगिक के पास कार्बोनिल समूह के बगल वाले $sp^3$ संकरित कार्बन परमाणु पर कम से कम एक $\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु होना चाहिए।
संरचना $(I)$ में,$\alpha$-कार्बन ब्रिजहेड कार्बन और दो मिथाइल समूहों वाला कार्बन है। ब्रिजहेड कार्बन के पास एक हाइड्रोजन है,लेकिन यह एक फ्यूज्ड रिंग सिस्टम का हिस्सा है जहाँ द्वि-आबंध का निर्माण (ब्रेट के नियम के अनुसार) अत्यधिक तनावपूर्ण होगा। दूसरा $\alpha$-कार्बन चतुष्क (quaternary) है (कोई हाइड्रोजन नहीं)।
संरचना $(II)$ में,$\alpha$-कार्बन ब्रिजहेड कार्बन और कार्बोनिल समूह के बगल वाला कार्बन है। ब्रिजहेड कार्बन के पास एक हाइड्रोजन परमाणु है,जिसे एनोल बनाने के लिए हटाया जा सकता है।
संरचना $(III)$ में,कार्बोनिल समूहों के बगल वाले दोनों $\alpha$-कार्बन चतुष्क हैं (मिथाइल समूहों के साथ प्रतिस्थापित),जिसका अर्थ है कि टॉटोमेराइजेशन के लिए कोई $\alpha$-हाइड्रोजन उपलब्ध नहीं है।
इसलिए,केवल संरचना $(II)$ ही टॉटोमेरिज्म प्रदर्शित कर सकती है।
189
MediumMCQ
$CH_3-CH=O$ $(I)$ $\rightleftharpoons$ $CH_2=CH-OH$ $(II)$
इन दो चलावयवी (tautomers) में से कौन अधिक स्थिर है?
A
$I$
B
$II$
C
$I = II$
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(A) चलावयवी (tautomers) की स्थिरता उनमें मौजूद कार्यात्मक समूहों की बंध ऊर्जा द्वारा निर्धारित की जाती है।
संरचना $(I)$ में $C=O$ बंध मौजूद है,जबकि संरचना $(II)$ में $C=C$ बंध और $O-H$ बंध मौजूद हैं।
$C=O$ बंध की बंध ऊर्जा (लगभग $745 \ kJ/mol$) $C=C$ बंध (लगभग $610 \ kJ/mol$) और $O-H$ बंध (लगभग $460 \ kJ/mol$) की बंध ऊर्जाओं के योग से काफी अधिक होती है।
इसलिए,कीटो रूप $(I)$ एनोल रूप $(II)$ की तुलना में अधिक स्थिर है।
190
MediumMCQ
दिए गए टॉटोमर्स (tautomers) के लिए स्थिरता का सही क्रम क्या है?
Question diagram
A
$I > II > III$
B
$III > II > I$
C
$II > I > III$
D
$II > III > I$

Solution

(D) दिए गए संरचनाएं बाइसाइक्लो$[2.2.1]$हेप्टेन-$2$-ओन के टॉटोमर्स हैं।
संरचना $(II)$ कीटो रूप है,जो आमतौर पर एनोल रूपों $(I)$ और $(III)$ से अधिक स्थिर होता है।
संरचना $(I)$ में ब्रिजहेड कार्बन पर एक द्वि-आबंध है,जो ब्रेड्ट के नियम का उल्लंघन करता है,जिससे यह अत्यधिक अस्थिर हो जाता है।
संरचना $(III)$ एक स्थिर एनोल रूप है जिसमें द्वि-आबंध ब्रिजहेड पर नहीं है।
इसलिए,स्थिरता का क्रम $(II) > (III) > (I)$ है।
191
AdvancedMCQ
$x$,$y$,$z$ की इनोल सामग्री का सही क्रम क्या है?
Question diagram
A
$x > y > z$
B
$z > y > x$
C
$y > x > z$
D
$x > z > y$

Solution

(D) इनोल रूप की स्थिरता अणु की एरोमैटिकता पर निर्भर करती है।
$1$. $x$ के अनुरूप इनोल रूप एरोमैटिक है,जो इसे अत्यधिक स्थिर बनाता है।
$2$. $z$ के अनुरूप इनोल रूप नॉन-एरोमैटिक है,जो मध्यम रूप से स्थिर है।
$3$. $y$ के अनुरूप इनोल रूप एंटी-एरोमैटिक है,जो सबसे कम स्थिर है।
अतः,स्थिरता का क्रम और इसलिए इनोल सामग्री का क्रम $x > z > y$ है।
192
DifficultMCQ
$x, y, z$ का सही क्रम है
Question diagram
A
$x > y > z$
B
$z > y > x$
C
$y > x > z$
D
$x > z > y$

Solution

(D) एनोल की मात्रा कीटो रूप के सापेक्ष एनोल रूप की स्थिरता पर निर्भर करती है।
$1$. $x$ के लिए,एनोल रूप एरोमैटिक है,जो इसे अत्यधिक स्थिर बनाता है,जिससे एनोल की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है।
$2$. $z$ के लिए,एनोल रूप एक साधारण एल्कीन है,जो संयुग्मन और हाइपरकंजुगेशन के कारण कीटो रूप से अधिक स्थिर है,लेकिन एरोमैटिक एनोल से कम स्थिर है।
$3$. $y$ के लिए,एनोल रूप वलय में मौजूद इलेक्ट्रॉन-आकर्षक ऑक्सीजन परमाणु द्वारा अस्थिर हो जाता है,जो कीटो रूप की तुलना में एनोल रूप को कम स्थिर बनाता है।
इसलिए,एनोल की मात्रा का क्रम $x > z > y$ है।
193
MediumMCQ
इस अभिक्रिया का उत्पाद क्या होना चाहिए?
Question diagram
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
ये सभी

Solution

(D) यह अभिक्रिया क्षार $(OD^-)$ की उपस्थिति में $2$-फिनाइलप्रोपेनल की $D_2O$ के साथ अभिक्रिया को दर्शाती है।
यह क्षार-उत्प्रेरित कीटो-एनोल चलावयवता और उसके बाद ड्यूटेरियम विनिमय का एक उदाहरण है।
$\alpha$-हाइड्रोजन परमाणु (कार्बोनिल समूह के बगल वाले कार्बन से जुड़ा हाइड्रोजन) अम्लीय होता है।
क्षार $OD^-$ इस $\alpha$-प्रोटॉन को हटाकर एनोलेट आयन बनाता है।
यह एनोलेट आयन फिर $D_2O$ विलायक से ड्यूटेरॉन $(D^+)$ ग्रहण करके ड्यूटेरेटेड उत्पाद बनाता है।
इस प्रकार,$\alpha$-हाइड्रोजन को ड्यूटेरियम $(D)$ द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है।
उत्पाद की संरचना $C_6H_5-CH(CH_3)-CDO$ है।
194
DifficultMCQ
दिए गए यौगिकों में,इनोल (enol) सामग्री का सही क्रम क्या है?
Question diagram
A
$I > II > III$
B
$III > II > I$
C
$III > I > II$
D
$II > I > III$

Solution

(D) इनोल सामग्री इनोल रूप की स्थिरता पर निर्भर करती है।
यौगिक $(II)$ में,इनोल रूप द्वि-आबंध के साथ संयुग्मन (conjugation) द्वारा स्थिर होता है,जो इसे सबसे अधिक स्थिर बनाता है।
यौगिक $(I)$ में,इनोल रूप $(II)$ से कम स्थिर है लेकिन $(III)$ से अधिक स्थिर है क्योंकि $(III)$ में इनोलकरण के बाद एक एंटी-एरोमैटिक या अत्यधिक तनावपूर्ण प्रणाली बनती है।
अतः,इनोल सामग्री का सही क्रम $II > I > III$ है।
195
DifficultMCQ
दिए गए एलीन व्युत्पन्न (ब्यूटाट्राइन सिस्टम) के लिए $l_1$ और $l_2$ के बीच सही संबंध चुनें:
Question diagram
A
$l_1 = l_2$
B
$l_1 > l_2$
C
$l_1 < l_2$
D
$l_2 = 2l_1$

Solution

(C) ब्यूटाट्राइन $(H_2C=C=C=CH_2)$ जैसे संचयी डायन या पॉलीइन सिस्टम में,टर्मिनल कार्बन परमाणु $sp^2$ संकरित होते हैं।
$\pi$-बॉन्ड की प्रकृति के कारण,टर्मिनल $CH_2$ समूह एक-दूसरे के लंबवत तलों में स्थित होते हैं।
मान लीजिए कि पहला $CH_2$ समूह $xy$-तल में है,तो दूसरा $CH_2$ समूह $xz$-तल में होगा।
दिए गए चित्र में,$l_1$ एक ही तल में हाइड्रोजन के बीच की दूरी को दर्शाता है,जबकि $l_2$ लंबवत तलों में हाइड्रोजन के बीच की दूरी को दर्शाता है।
ज्यामिति के अनुसार,लंबवत तलों में स्थित परमाणुओं के बीच की दूरी $(l_2)$,एक ही तल में स्थित परमाणुओं के बीच की दूरी $(l_1)$ से अधिक होती है।
इसलिए,$l_1 < l_2$.
196
DifficultMCQ
दिए गए अणु के लिए निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Question diagram
A
कायरल (Chiral)
B
$C_3$ सममिति अक्ष
C
प्रकाशिक रूप से सक्रिय (Optically active)
D
ये सभी

Solution

(D) अणु में $C_3$ सममिति अक्ष मौजूद है क्योंकि इसे केंद्र $P$ से गुजरने वाली और अणु के तल के लंबवत अक्ष पर $120^\circ$ घुमाने पर समान रूप प्राप्त होता है।
अणु में सममिति का तल $(POS)$ या सममिति का केंद्र $(COS)$ नहीं है।
चूंकि अणु में $POS$ और $COS$ का अभाव है,इसलिए यह कायरल है और प्रकाशिक रूप से सक्रिय है।
अतः,दिए गए सभी विकल्प सही हैं।
197
DifficultMCQ
दिए गए युग्म $(A)$ और $(B)$ के बीच संबंध क्या है?
Question diagram
A
प्रतिबिंब रूप (Enantiomer)
B
विन्यास समावयवी (Diastereomers)
C
समान (Identical)
D
संरचनात्मक समावयवी

Solution

(C) संरचना $(A)$ में,दोनों $Cl$ परमाणु एक ही तरफ (वेज) हैं और दोनों $Br$ परमाणु एक ही तरफ (वेज) हैं।
संरचना $(B)$ में,दोनों $Cl$ परमाणु एक ही तरफ (डैश) हैं और दोनों $Br$ परमाणु एक ही तरफ (डैश) हैं।
संरचना $(B)$ को कागज के तल में $180^{\circ}$ घुमाने पर,डैश बॉन्ड वेज बॉन्ड बन जाते हैं,जिससे यह संरचना $(A)$ पर अध्यारोपित (superimposable) हो जाती है।
इसलिए,दोनों संरचनाएं समान हैं।
198
DifficultMCQ
दिए गए यौगिकों $(A)$,$(B)$,$(C)$ और $(D)$ में से कौन सा यौगिक कायरल (chiral) है?
Question diagram
A
$A$
B
$B$
C
$C$
D
$D$

Solution

(A) एक अणु कायरल होता है यदि उसमें सममिति के तत्व जैसे सममिति का तल $(POS)$ या सममिति का केंद्र $(COS)$ अनुपस्थित हो।
यौगिक $(A)$ में,द्वि-आबंध युक्त प्रतिस्थापी समूह मुख्य वलय प्रणाली के लंबवत है।
इस विशिष्ट ज्यामिति के कारण,यौगिक $(A)$ में सममिति का तल या सममिति का केंद्र नहीं होता है।
इसलिए,यौगिक $(A)$ कायरल है।
199
AdvancedMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक अकिरल (achiral) है?
A
Option A
B
Option B
C
Option C
D
Option D

Solution

(C) यदि किसी यौगिक में सममिति का तल $(P.O.S.)$ या सममिति का केंद्र $(C.O.S.)$ मौजूद हो,तो वह अकिरल होता है।
विकल्प $C$ में,यह एक पैरासाइक्लोफेन व्युत्पन्न है जिसमें एक ही बेंजीन वलय पर दो $-CO_2H$ समूह प्रतिस्थापित हैं।
संरचना की जांच करने पर,हम एक सममिति का तल पा सकते हैं जो अणु को दो समान भागों में विभाजित करता है,जिससे यह अपने दर्पण प्रतिबिंब पर अध्यारोपित हो जाता है।
इसलिए,विकल्प $C$ में दिया गया यौगिक अकिरल है।
200
AdvancedMCQ
यौगिक $(A)$ और $(B)$ का $R$ और $S$ विन्यास क्या होगा?
Question diagram
A
$R, R$
B
$R, S$
C
$S, R$
D
$S, S$

Solution

(C) यौगिक $(A)$ के लिए: कायरल केंद्र से जुड़े समूहों को Cahn-Ingold-Prelog $(CIP)$ नियमों का उपयोग करके प्राथमिकता देने पर:
$1$. डैश बॉन्ड द्वारा जुड़े $-CH_2-O-CH_2-CH_3$ समूह को प्राथमिकता $1$ दी जाती है।
$2$. ऑक्सीजन युक्त रिंग कार्बन प्राथमिकता $2$ है।
$3$. वेज बॉन्ड द्वारा जुड़े $-CH_2-CH_2-O-CH_2-CH_3$ समूह को प्राथमिकता $3$ दी जाती है।
$4$. शेष रिंग कार्बन प्राथमिकता $4$ है।
सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(4)$ वेज पर होने के कारण,$1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ क्रम का पालन करने पर विन्यास $S$ प्राप्त होता है।
यौगिक $(B)$ के लिए: प्राथमिकता देने पर:
$1$. लंबी श्रृंखला (हेप्टाइल) वाला समूह प्राथमिकता $1$ है।
$2$. साइक्लोहेक्सिल समूह प्राथमिकता $2$ है।
$3$. छोटी श्रृंखला (हेक्सिल) वाला समूह प्राथमिकता $3$ है।
$4$. मिथाइल समूह प्राथमिकता $4$ है।
सबसे कम प्राथमिकता वाला समूह $(4)$ तल में होने के कारण,$1$ $\rightarrow 2$ $\rightarrow 3$ क्रम का पालन करने पर विन्यास $R$ प्राप्त होता है।
अतः,विन्यास क्रमशः $S$ और $R$ हैं।

8-2.Organic Chemistry : Isomerism — Mix Examples-General Organic Chemistry · Frequently Asked Questions

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