अभिक्रिया $1$ के लिए: $2 N_2O_5 \rightarrow 4 NO_2 + O_2$
अवकलनीय वेग व्यंजक है: $Rate = -\frac{1}{2} \frac{d[N_2O_5]}{dt} = \frac{1}{4} \frac{d[NO_2]}{dt} = \frac{d[O_2]}{dt}$.
यह $N_2O_5$ के सापेक्ष प्रथम कोटि की अभिक्रिया है,अतः अभिक्रिया की कुल कोटि $1$ है।
अभिक्रिया $2$ के लिए: $C_4H_9Cl + OH^- \rightarrow C_4H_9OH + Cl^-$
अवकलनीय वेग व्यंजक है: $Rate = -\frac{d[C_4H_9Cl]}{dt} = -\frac{d[OH^-]}{dt} = \frac{d[C_4H_9OH]}{dt} = \frac{d[Cl^-]}{dt}$.
यह एक नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया ($S_N2$ क्रियाविधि) है,जो द्वितीय कोटि की अभिक्रिया है ($C_4H_9Cl$ और $OH^-$ दोनों के सापेक्ष प्रथम कोटि),अतः अभिक्रिया की कुल कोटि $2$ है।