दो समान त्रिज्याओं तथा क्रमश: $ + 10\,\mu C$ व $ - 20\,\mu C$ आवेश वाले दो छोटे गोलीय चालक एक दूसरे से $R$ दूरी पर रखे जाने पर ${F_1}$ बल अनुभव करते हैं। यदि उनके सम्पर्क में लाकर पुन: उसी दूरी तक पृथक कर देते हैं तो वे ${F_2}$ बल अनुभव करते हैं। ${F_1}$ का ${F_2}$ से अनुपात होगा
$1:8$
$-8:1$
$1:2$
$-2:1$
लम्बाई $l$ की दो द्रव्यमानहीन डोरियो द्वारा एक उभयनिष्ठ बिन्दु से दो एकसमान आवेशित गोले लटकाये गये है, जों कि प्रारम्भ में दूरी $d(d$ $ < < l)$ पर अपनें अन्योन्य विकषर्ण के कारण है। दोंनों गोलों से आवेश एक स्थिर दर से लीक होना प्रारम्भ करता है। इसके परिणाम स्वरूप आवेश एक दूसरे की ओर $v$ वेग से गति करना प्रारम्भ करते है। तब दोनों के बीच दूरी $x$ के फलन के रूप में
$4\,\mu\,C$ के किसी आवेश को, दो आवेशों में विभाजित किया जाता है। विभाजित आवेशों के बीच की दूरी नियत है। यदि उनके बीच में अधिकतम बल लग रहा है, तो विभाजित आवेशों का परिमाण होगा :
तीन बिन्दु आवेश $q,-2 q$ तथा $2 q, x$-अक्ष पर मूलबिन्दु से क्रमशः $x=0, x=\frac{3}{4} R$ तथा $x=R$ दूरी पर चित्रानुसार रखे हुये है। यदि $\mathrm{q}=2 \times 10^{-6} \mathrm{C}$ तथा $\mathrm{R}=2 \mathrm{~cm}$ हो तो आवेश $-2 \mathrm{q}$ पर लगने वाले कुल बल का परिमाण है।
$20$ कूलॉम्ब और $Q\;$ कूलॉम्ब के दो धन आवेश एक-दूसरे से $60$ सेमी की दूरी पर स्थित हैं। उनके बीच उदासीन बिन्दु $20$ कूलॉम्ब वाले आवेश से $20$ सेमी पर है, तो $Q$ का मान .......$C$ है
दो आवेश $+1\,\mu C$ एवं $+5\,\mu C$ एक दूसरे से कुछ दूरी पर स्थित हैं। उन पर लगने वाले बलों का अनुपात होगा