(N/A) माना बेलन की त्रिज्या $r$ और ऊँचाई $h$ है।
बेलन का पृष्ठीय क्षेत्रफल $S = 2\pi r^2 + 2\pi rh$ द्वारा दिया जाता है।
इससे,हम $h$ को $r$ और $S$ के पदों में व्यक्त कर सकते हैं:
$h = \frac{S - 2\pi r^2}{2\pi r} = \frac{S}{2\pi r} - r$.
बेलन का आयतन $V = \pi r^2 h$ है।
$h$ का मान प्रतिस्थापित करने पर:
$V = \pi r^2 \left( \frac{S}{2\pi r} - r \right) = \frac{Sr}{2} - \pi r^3$.
अधिकतम आयतन ज्ञात करने के लिए,हम $V$ का $r$ के सापेक्ष अवकलन करते हैं:
$\frac{dV}{dr} = \frac{S}{2} - 3\pi r^2$.
$\frac{dV}{dr} = 0$ रखने पर,$\frac{S}{2} = 3\pi r^2$,अतः $S = 6\pi r^2$.
अब,अधिकतम मान की जाँच करने के लिए द्वितीय अवकलज ज्ञात करते हैं:
$\frac{d^2V}{dr^2} = -6\pi r$.
चूँकि $r > 0$,इसलिए $\frac{d^2V}{dr^2} < 0$,जो यह पुष्टि करता है कि $S = 6\pi r^2$ पर आयतन अधिकतम है।
$h$ के समीकरण में $S = 6\pi r^2$ रखने पर:
$h = \frac{6\pi r^2 - 2\pi r^2}{2\pi r} = \frac{4\pi r^2}{2\pi r} = 2r$.
चूँकि $2r$ आधार का व्यास है,इसलिए बेलन की ऊँचाई उसके व्यास के बराबर है।