(N/A) माना $ABCD$ एक चतुर्भुज है जो $O$ केंद्र वाले वृत्त के परिगत है और वृत्त को $P, Q, R, S$ बिंदुओं पर स्पर्श करता है। आइए चतुर्भुज $ABCD$ के शीर्षों को वृत्त के केंद्र से जोड़ें।
$\triangle OAP$ और $\triangle OAS$ पर विचार करें:
$AP = AS$ (एक ही बिंदु से खींची गई स्पर्श रेखाएँ)
$OP = OS$ (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
$OA = OA$ (उभयनिष्ठ भुजा)
इसलिए,$\triangle OAP \cong \triangle OAS$ ($SSS$ सर्वांगसमता कसौटी)।
अतः,$\angle POA = \angle AOS$,जिसका अर्थ है $\angle 1 = \angle 8$।
इसी प्रकार,हम दिखा सकते हैं कि:
$\angle 2 = \angle 3$
$\angle 4 = \angle 5$
$\angle 6 = \angle 7$
चूंकि केंद्र के चारों ओर के कोणों का योग $360^{\circ}$ होता है:
$\angle 1 + \angle 2 + \angle 3 + \angle 4 + \angle 5 + \angle 6 + \angle 7 + \angle 8 = 360^{\circ}$
समान कोणों को प्रतिस्थापित करने पर:
$(\angle 1 + \angle 8) + (\angle 2 + \angle 3) + (\angle 4 + \angle 5) + (\angle 6 + \angle 7) = 360^{\circ}$
$2\angle 1 + 2\angle 2 + 2\angle 5 + 2\angle 6 = 360^{\circ}$
$2(\angle 1 + \angle 2) + 2(\angle 5 + \angle 6) = 360^{\circ}$
$(\angle 1 + \angle 2) + (\angle 5 + \angle 6) = 180^{\circ}$
अतः,$\angle AOB + \angle COD = 180^{\circ}$।
इसी प्रकार,हम सिद्ध कर सकते हैं कि $\angle BOC + \angle DOA = 180^{\circ}$।
अतः,एक वृत्त के परिगत बने चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ केंद्र पर संपूरक कोण अंतरित करती हैं।