यदि किसी स्थिर-विद्युत क्षेत्र में $E$ विद्युत क्षेत्र की तीव्रता हो तो स्थिर विद्युत ऊर्जा घनत्व समानुपाती होगा
$E$
${E^2}$
$1/{E^2}$
${E^3}$
किसी समांतर पट्टिका संधारित्र की प्रत्येक पट्टिका का क्षेत्रफल $90\, cm ^{2}$ है और उनके बीच पृथकन $2.5\, mm$ है। $400\, V$ संभरण से संधारित्र को आवेशित किया गया है।
$(a)$ संधारित्र कितना स्थिरवैध्यूत ऊर्जा संचित करता है?
$(b)$ इस ऊर्जा को पट्टिकाओं के बीच स्थिरवैध्यूत क्षेत्र में संचित समझकर प्रति एकांक आयतन ऊर्जा $u$ ज्ञात कीजिए। इस प्रकार, पट्टिकाओं के बीच विध्यूत क्षेत्र $E$ के परिमाण और $u$ में संबंध स्थापित कीजिए।
$6\,\mu F$ के संधारित्र को $10$ वोल्ट से $20$ वोल्ट के लिये आवेशित किया गया है, तो ऊर्जा वृद्धि होगी
एक संधारित्र की क्षमता $4 \times {10^{ - 6}}$ फैराड है और इसका विभव $100$ वोल्ट है। इसे पूर्ण अनावेशित करने पर व्यय ऊर्जा ........जूल होगी
${C_0}$ धारिता के समान्तर प्लेट संधारित्र को ${V_0}$ वोल्ट तक आवेशित किया गया है
$(i)$ बैटरी हटा कर प्ले$\frac{{{q^2}}}{{2C}}$टों के बीच दूरी दुगनी करने पर संचित ऊर्जा ${E_1}$ है।
$(ii)$ बैटरी बिना हटाये प्लेटों के बीच दूरी दुगनी करने पर संचित ऊर्जा ${E_2}$ है। तो ${E_1}/{E_2}$ का मान है
एक संधारित्र पर आवेश $Q$ विभव $V$ के साथ परिवर्तित होता है, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, जहाँ $Q$, $X$-अक्ष के अनुदिश एवं $V$, $Y$-अक्ष के अनुदिश है। त्रिभुज $OAB$ प्रदर्शित करता है