(N/A) $1$. परिभाषा: गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा $(U)$ वह ऊर्जा है जो किसी पिंड में गुरुत्वीय क्षेत्र में उसकी स्थिति के कारण होती है। गुरुत्वीय विभव $(V)$ को एकांक द्रव्यमान को अनंत से गुरुत्वीय क्षेत्र के किसी बिंदु तक लाने में किए गए कार्य के रूप में परिभाषित किया जाता है।
$2$. सूत्र: $M$ द्रव्यमान के बिंदु द्रव्यमान के लिए,$r$ दूरी पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा $U = -GMm/r$ है। $r$ दूरी पर गुरुत्वीय विभव $V = -GM/r$ है।
$3$. मात्रक: गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का $SI$ मात्रक जूल $(J)$ है। गुरुत्वीय विभव का $SI$ मात्रक जूल प्रति किलोग्राम ($J/kg$ या $m^2/s^2$) है।
$4$. निर्भरता: गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा उस बिंदु पर रखे गए वस्तु के द्रव्यमान $(m)$ पर निर्भर करती है। गुरुत्वीय विभव उस बिंदु पर रखे गए वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है; यह केवल स्रोत द्रव्यमान $(M)$ और स्थिति $(r)$ पर निर्भर करता है।