(N/A) चुंबकीय क्षेत्र $\overrightarrow{B}$ में $\vec{v}$ वेग से गतिमान $q$ आवेश पर लगने वाला चुंबकीय बल $\overrightarrow{F_{m}}$ इस प्रकार दिया जाता है:
$\overrightarrow{F_{m}} = q(\vec{v} \times \overrightarrow{B})$
$\therefore F_{m} = q v B \sin \theta$,जहाँ $\theta$ वेग $\vec{v}$ और चुंबकीय क्षेत्र $\overrightarrow{B}$ के बीच का कोण है।
विशेषताएं:
$(i)$ यह बल आवेश $q$,वेग $\vec{v}$ और चुंबकीय क्षेत्र $\overrightarrow{B}$ पर निर्भर करता है। ऋणात्मक आवेश पर लगने वाला बल धनात्मक आवेश पर लगने वाले बल की विपरीत दिशा में होता है।
$(ii)$ यह बल वेग और चुंबकीय क्षेत्र का सदिश गुणनफल है। यदि $\theta = 0^{\circ}$ या $\theta = 180^{\circ}$ है,तो $F_{m} = q v B \sin(0^{\circ}) = 0$ या $F_{m} = q v B \sin(180^{\circ}) = 0$ होता है। बल की दिशा वेग और चुंबकीय क्षेत्र दोनों के लंबवत होती है,जिसे दाएं हाथ के नियम द्वारा निर्धारित किया जाता है।
$(iii)$ यदि आवेश स्थिर है $(v = 0)$,तो चुंबकीय बल शून्य होता है। अतः,केवल गतिमान आवेश ही चुंबकीय बल का अनुभव करता है।