(N/A) विद्युत क्षेत्र की परिभाषा: किसी विद्युत आवेश के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें कोई अन्य आवेश उसके प्रभाव का अनुभव कर सके,उस आवेश का विद्युत क्षेत्र कहलाता है।
बिंदु आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र:
मान लीजिए कि मुक्त आकाश में मूल बिंदु $O$ पर एक बिंदु आवेश $Q$ स्थित है। यदि $r$ दूरी पर स्थित बिंदु $P$ पर एक अन्य आवेश $q$ रखा जाए (जहाँ $OP = r$),तो कूलॉम के नियम के अनुसार $q$ पर लगने वाला बल:
$\overrightarrow{F} = \frac{1}{4 \pi \epsilon_{0}} \cdot \frac{Q q}{r^{2}} \hat{r}$
किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र $\overrightarrow{E}$ को उस बिंदु पर रखे गए एकांक धनात्मक परीक्षण आवेश पर लगने वाले बल के रूप में परिभाषित किया जाता है:
$\overrightarrow{E} = \frac{\overrightarrow{F}}{q}$
बल का व्यंजक प्रतिस्थापित करने पर:
$\overrightarrow{E} = \frac{1}{4 \pi \epsilon_{0}} \cdot \frac{Q}{r^{2}} \hat{r}$ या $E = \frac{k Q}{r^{2}}$
मुख्य गुण:
$1$. विद्युत क्षेत्र $\overrightarrow{E}$ को विद्युत क्षेत्र की तीव्रता भी कहा जाता है।
$2$. स्थिति सदिश $\vec{r}$ पर स्थित आवेश $q$ पर लगने वाला बल $\overrightarrow{F}(\vec{r}) = q \overrightarrow{E}(\vec{r})$ है।
$3$. विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का $SI$ मात्रक $N C^{-1}$ या $V m^{-1}$ है।
$4$. इसका विमीय सूत्र $[M^{1} L^{1} T^{-3} A^{-1}]$ है।